NCERT Solutions Class 10 Hindi Kshitiz पाठ 4 आत्मकथ्य जयशंकर प्रसाद

Get the most accurate NCERT Solutions for Class 10 Hindi पाठ 4 आत्मकथ्य जयशंकर प्रसाद here. Updated for the 2025-26 academic session, these solutions are based on the latest NCERT textbooks for Class 10 Hindi. Our expert-created answers for Class 10 Hindi are available for free download in PDF format.

Detailed पाठ 4 आत्मकथ्य जयशंकर प्रसाद NCERT Solutions for Class 10 Hindi

For Class 10 students, solving NCERT textbook questions is the most effective way to build a strong conceptual foundation. Our Class 10 Hindi solutions follow a detailed, step-by-step approach to ensure you understand the logic behind every answer. Practicing these पाठ 4 आत्मकथ्य जयशंकर प्रसाद solutions will improve your exam performance.

Class 10 Hindi पाठ 4 आत्मकथ्य जयशंकर प्रसाद NCERT Solutions PDF

 

NCERT Solutions for Class 10 Hindi for Kshitiz पाठ 4 आत्मकथ्य जयशंकर प्रसाद

प्रश्न अभ्यास 
 
1. कवि आत्मकथा लिखने से क्यों बचना चाहते हैं ?

उत्तर

कवि आत्मकथा लिखने से इसलिए बचना चाहते हैं क्योंकि उनका जीवन दुखदायी घटनाओं से भरा पड़ा है। अपनी सरलता के कारण उन्होंने कई बार धोखा भी खाया है। वे मज़ाक का कारण नहीं बनाना चाहते| उन्हें लगता है की उनकी आत्मकथा में कुछ रोचक और प्रेरक नहीं है|

2.  आत्मकथा सुनाने के संदर्भ में 'अभी समय भी नहीं' कवि ऐसा क्यों कहता है ? 
 
उत्तर 

कवि के अनुसार उन्हें कोई बड़ी उपलब्धि प्राप्त नहीं है| उनका जीवन संघर्षों से भरा पड़ा है| वह अपने अभावग्रस्त जीवन के दुःखों को खुद तक सिमित रखना चाहते हैं| इसलिए कवि कहते हैं उनके आत्मकथा लिखने का अभी समय नहीं हुआ है|

3. स्मृति को 'पाथेय' बनाने से कवि का क्या आशय है?

उत्तर

स्मृति को 'पाथेय' बनाने से कवि का आशय जीवनमार्ग के प्रेरणा से है। कवि ने जो सुख का स्वप्न देखा था, वह उसे कभी प्राप्त नहीं हुआ। इसलिए कवि स्वयं को जीवन-यात्रा से थका हुआ मानता है। जिस प्रकार 'पाथेय' यात्रा में यात्री को सहारा देता है, आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है ठीक उसी प्रकार स्वप्न में उसके द्वारा देखे हुए सुख की स्मृति भी कवि को जीवन-मार्ग में आगे बढ़ने का सहारा देती हैं।

4. भाव स्पष्ट कीजिए -

(क) मिला कहाँ वह सुख जिसका मैं स्वप्न देखकर जाग गया।
       आलिंगन में आते-आते मुसक्या कर जो भाग गया।

उत्तर

कवि कहना चाहता है कि जिस प्रेम के कवि सपने देख रहे थे वो उन्हें कभी प्राप्त नहीं हुआ। उनका जीवन हमेशा उस सुख से वंचित ही रहा। सुख उसके बेहद करीब आते-आते उससे दूर चला गया|

(ख) जिसके अरुण कपोलों की मतवाली सुंदर छाया में।
       अनुरागिनी उषा लेती थी निज सुहाग मधुमाया में।

उत्तर

इन पंक्तियों में कवि ने अपनी प्रेयसी के सौंदर्य का वर्णन किया है| वे कहते हैं कि उनके प्रेयसी के गालों की लालिमा इतनी अधिक है की उषा की लालिमा भी उसके सामने फीकी हैं|

5. 'उज्ज्वल गाथा कैसे गाऊँ, मधुर चाँदनी रातों की' - कथन के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है?

उत्तर

अपने प्रेयसी के साथ बिताये निजी प्रेम के मधुर और सुख भरे क्षणों को कवि किसी के सामने प्रकट करना नहीं चाहते| चाँदनी रातों में बिताए गए वे सुखदायक क्षण किसी उज्ज्वल गाथा की तरह हैं| इन स्मृतियों को वह औरों को बताकर अपना मज़ाक नहीं उड़ाना चाहते हैं| उन स्मृतियों को वह निजी सम्पत्ति की तरह अपने तक रखना चाहते हैं|

6. 'आत्मकथ्य' कविता की काव्यभाषा की विशेषताएँ उदाहरण सहित लिखिए।

उत्तर

'जयशंकर प्रसाद' द्वारा रचित कविता 'आत्मकथ्य' की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं -
• कवि ने खड़ी बोली में कोमल शब्दों का प्रयोग किया है| जिसके अरुण-कपोलों की मतवाली सुन्दर छाया में|
• मानवीकरण शैली जो छायावाद की प्रमुख विशेषता है, का प्रयोग किया गया है| अरी सरलते तेरी हंसी उड़ाउँ मैं|
• तत्सम शब्दों का प्रयोग प्रमुखता से किया गया है| इस गंभीर अनंत-नीलिमा में अंसख्य जीवन-इतिहास
• गीत में गेय और छंदबद्ध है| उसकी स्मृति पाथेय बनी है थके पथिक की पंथा की|

7. कवि ने जो सुख का स्वप्न देखा था उसे कविता में किस रूप में अभिव्यक्त किया है ?

उत्तर

कवि के सुखद स्वप्न में उन्हें अपने प्रेयसी के साथ कुछ क्षण बिताने का मौका मिला| आलिंगन में लेने से पूर्व उनकी प्रेयसी उनसे दूर चली गयी| चाँदनी रात में प्रेयसी के साथ हुई बातें सदा के लिए दुःख में तब्दील हो गयीं|

रचना और अभिव्यक्ति
 
8. इस कविता के माध्यम से प्रसाद जी के व्यक्त्तित्व की जो झलक मिलती है, उसे अपने शब्दों में लिखिए।

उत्तर

जयशंकर प्रसाद जी छायावादी काव्य के परवर्तक हैं| उनका जीवन सादगी भरा रहा| उन्होंने अभावग्रस्त जीवन जीया| वे विनम्र स्वभाव के थे| दिखावे नाम की कोई चीज़ उनके जीवन में नहीं रही| उन्होंने धोखे खाये परन्तु अपनी सरलता और भोलापन नहीं छोड़ा| अपनी कमज़ोरियों को वो सबके सामने लाने में वे हिचकते थे चूँकि उन्हें पता था कि ऐसा कर वे उपहास का पात्र बन जाएँगें| वे अपने दुःखों को खुद तक सीमित रखना चाहते थे|

Kritika पाठ 2 जॉर्ज पंचम की नाक
NCERT Solutions Class 10 Hindi Kritika पाठ 2 जॉर्ज पंचम की नाक
Kritika पाठ 3 साना साना हाथ जोड़ि
NCERT Solutions Class 10 Hindi Kritika पाठ 3 साना साना हाथ जोड़ि
Kritika पाठ 4 एही ठैयाँ झुलनी हेरानी हो रामा!
NCERT Solutions Class 10 Hindi Kritika पाठ 4 एही ठैयाँ झुलनी हेरानी हो रामा!
Kritika पाठ 5 मैं क्यों लिखता हूँ?
NCERT Solutions Class 10 Hindi Kritika पाठ 5 मैं क्यों लिखता हूँ
Kshitiz पाठ 10 नेताजी का चश्मा स्वयं प्रकाश
NCERT Solutions Class 10 Hindi Kshitiz पाठ 10 नेताजी का चश्मा स्वयं प्रकाश
Kshitiz पाठ 11 बालगोबिन भगत रामवृक्ष बेनीपुरी
NCERT Solutions Class 10 Hindi Kshitiz पाठ 11 बालगोबिन भगत रामवृक्ष बेनीपुरी
Kshitiz पाठ 12 लखनवी अंदाज़ यशपाल
NCERT Solutions Class 10 Hindi Kshitiz पाठ 12 लखनवी अंदाज़ यशपाल
Kshitiz पाठ 13 मानवीय करुणा की दिव्या चमक सर्वेश्वर दयाल सक्सेना
NCERT Solutions Class 10 Hindi Kshitiz पाठ 13 मानवीय करुणा की दिव्या चमक सर्वेश्वर दयाल सक्सेना
Kshitiz पाठ 14 एक कहानी यह भी मन्नू भंडारी
NCERT Solutions Class 10 Hindi Kshitiz पाठ 14 एक कहानी यह भी मन्नू भंडारी
Kshitiz पाठ 15 स्त्री शिक्षा के विरोधी कुतर्कों का खंडन महावीरप्रसाद द्विवेदी
NCERT Solutions Class 10 Hindi Kshitiz पाठ 15 स्त्री शिक्षा के विरोधी कुतर्कों का खंडन महावीरप्रसाद द्विवेदी
Kshitiz पाठ 16 नौबतखाने में इबादत यतींद्र मिश्र
NCERT Solutions Class 10 Hindi Kshitiz पाठ 16 नौबतखाने में इबादत यतींद्र मिश्र
Kshitiz पाठ 17 संस्कृति भदंत आनंद कौसल्यायन
NCERT Solutions Class 10 Hindi Kshitiz पाठ 17 संस्कृति भदंत आनंद कौसल्यायन
Kshitiz पाठ 2 राम लक्ष्मण परशुराम संवाद तुलसीदास
NCERT Solutions Class 10 Hindi Kshitiz पाठ 2 राम लक्ष्मण परशुराम संवाद तुलसीदास
Kshitiz पाठ 3 सवैया और कवित्त देव
NCERT Solutions Class 10 Hindi Kshitiz पाठ 3 सवैया और कवित्त देव
Kshitiz पाठ 4 आत्मकथ्य जयशंकर प्रसाद
NCERT Solutions Class 10 Hindi Kshitiz पाठ 4 आत्मकथ्य जयशंकर प्रसाद
Kshitiz पाठ 5 उत्साह और अट नहीं रही सूर्यकांत त्रिपाठी निराला
NCERT Solutions Class 10 Hindi Kshitiz पाठ 5 उत्साह और अट नहीं रही सूर्यकांत त्रिपाठी निराला
Kshitiz पाठ 6 यह दंतुरहित मुस्कान और फसल नागार्जुन
NCERT Solutions Class 10 Hindi Kshitiz पाठ 6 यह दंतुरहित मुस्कान और फसल नागार्जुन
Kshitiz पाठ 7 छाया मत छूना गिरिजाकुमार माथुर
NCERT Solutions Class 10 Hindi Kshitiz पाठ 7 छाया मत छूना गिरिजाकुमार माथुर
Kshitiz पाठ 8 कन्यादान ऋतुराज
NCERT Solutions Class 10 Hindi Kshitiz पाठ 8 कन्यादान ऋतुराज
Kshitiz पाठ 9 संगतकार मंगलेश डबराल
NCERT Solutions Class 10 Hindi Kshitiz पाठ 9 संगतकार मंगलेश डबराल
Sanchyan पाठ 2 सपनों के-से दिन
NCERT Solutions Class 10 Hindi Sanchyan पाठ 2 सपनों केसे दिन
Sparsh पाठ 11 डायरी का एक पन्ना
NCERT Solutions Class 10 Hindi Sparsh पाठ 11 डायरी का एक पन्ना
Sparsh पाठ 12 तताँरावामीरो कथा
NCERT Solutions Class 10 Hindi Sparsh पाठ 12 तताँरावामीरो कथा
Sparsh पाठ 13 तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र
NCERT Solutions Class 10 Hindi Sparsh पाठ 13 तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र
Sparsh पाठ 15 अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
NCERT Solutions Class 10 Hindi Sparsh पाठ 15 अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
Sparsh पाठ 16 पतझर में टूटी पत्तियाँ
NCERT Solutions Class 10 Hindi Sparsh पाठ 16 पतझर में टूटी पत्तियाँ
Sparsh पाठ 5 पर्वत प्रदेश में पावस
NCERT Solutions Class 10 Hindi Sparsh पाठ 5 पर्वत प्रदेश में पावस
Sparsh पाठ 6 मधुर-मधुर मेरे दीपक जल
NCERT Solutions Class 10 Hindi Sparsh पाठ 6 मधुरमधुर मेरे दीपक जल

NCERT Solutions Class 10 Hindi पाठ 4 आत्मकथ्य जयशंकर प्रसाद

Students can now access the NCERT Solutions for पाठ 4 आत्मकथ्य जयशंकर प्रसाद prepared by teachers on our website. These solutions cover all questions in exercise in your Class 10 Hindi textbook. Each answer is updated based on the current academic session as per the latest NCERT syllabus.

Detailed Explanations for पाठ 4 आत्मकथ्य जयशंकर प्रसाद

Our expert teachers have provided step-by-step explanations for all the difficult questions in the Class 10 Hindi chapter. Along with the final answers, we have also explained the concept behind it to help you build stronger understanding of each topic. This will be really helpful for Class 10 students who want to understand both theoretical and practical questions. By studying these NCERT Questions and Answers your basic concepts will improve a lot.

Benefits of using Hindi Class 10 Solved Papers

Using our Hindi solutions regularly students will be able to improve their logical thinking and problem-solving speed. These Class 10 solutions are a guide for self-study and homework assistance. Along with the chapter-wise solutions, you should also refer to our Revision Notes and Sample Papers for पाठ 4 आत्मकथ्य जयशंकर प्रसाद to get a complete preparation experience.

Where can I find the latest [current-page:node:field_title] for the 2025-26 session?

The complete and updated is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 10 Hindi are as per latest NCERT curriculum.

Are the Hindi NCERT solutions for Class 10 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Hindi concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 10 NCERT solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using NCERT language because NCERT marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer [current-page:node:field_title] in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 10 Hindi. You can access in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Hindi NCERT solutions for Class 10 as a PDF?

Yes, you can download the entire in printable PDF format for offline study on any device.