NCERT Solutions Class 10 Hindi Sparsh पाठ 8 कर चले हम फ़िदा

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Class 10 Hindi पाठ 8 कर चले हम फ़िदा NCERT Solutions PDF

NCERT Solutions for Class 10 Hindi for Sparsh पाठ 8 कर चले हम फ़िदा

पाठ की रूपरेखा

प्रस्तुत गीत देशभक्ति की भावना पर आधारित है, जिसे भारत - चीन युद्ध की पृष्ठभूमि पर बनी प्रसिद्ध फिल्म 'हकीकत' के लिए लिखा गया था। यह गीत युद्ध क्षेत्र में लड़ते हुए वीर सैनिकों के हृदय की आवाज़ और उनके देशवासियों से की गई मार्मिक अपेक्षाओं को व्यक्त करता है।

 

पाठ का सार

गीतकार कैफ़ी आज़मी ने युद्ध भूमि में प्राण न्योछावर करने वाले देश के जाँबाज़ सैनिकों की भावनाओं को इस गीत में सजीव रूप दिया है। सैनिक अपने देशवासियों से कहते हैं कि उन्होंने अपने जीवन का बलिदान देकर देश की सीमाओं की रक्षा की है। अब वे जा रहे हैं और इस वतन की हिफाज़त का दायित्व उनके साथियों और देशवासियों के हाथों में है। भीषण ठंड में जब सांस रुकने लगती है और नसें जम जाती हैं, तब भी वे पीछे नहीं हटे और हिमालय के गौरव को कभी कम नहीं होने दिया। सैनिक संदेश देते हैं कि देश पर कुर्बान होने के अवसर बार - बार नहीं आते, इसलिए जब भी वतन को ज़रूरत पड़े, अपनी जान की बाज़ी लगाने के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए। वे चाहते हैं कि भारत माता रूपी सीता की पवित्रता को कोई भी शत्रु रूपी रावण छू न पाए और देश का हर नागरिक राम और लक्ष्मण की तरह सीमाओं की रक्षा के लिए खड़ा रहे।

 

I. बहुविकल्पीय प्रश्न

 

Question 1. 'सर हिमालय का हमने न झुकने दिया' - पंक्ति में 'सर' किसका प्रतीक है -
(a) स्वाभिमान
(b) सिर
(c) घमंड
(d) पराक्रम
Answer: (a) स्वाभिमान
In simple words: 'सर' यहाँ भारत देश के स्वाभिमान और गर्व का प्रतीक है, जिसे सैनिकों ने अपने प्राण देकर भी झुकने नहीं दिया।

Exam Tip: परीक्षा में इस पंक्ति का प्रतीकात्मक अर्थ (स्वाभिमान) ही लिखें, न कि सामान्य अर्थ (सिर)।

 

Question 2. पद्यांश में 'बाँकपन' शब्द प्रतीक है -
(a) वक्रता
(b) अद्भुत
(c) छवि
(d) बेमिसालपन
Answer: (d) बेमिसालपन
In simple words: 'बाँकपन' का अर्थ सैनिकों की उस अनोखी बहादुरी, जोश और बेमिसालपन से है, जो वे आखिरी सांस तक बनाए रखते हैं।

Exam Tip: बाँकपन का अर्थ वीरता और अनोखे अंदाज़ से है, इसे ध्यान में रखकर सही विकल्प चुनें।

 

Question 3. धरती के दुल्हन बनने से तात्पर्य है -
(a) दुल्हन की भाँति 'शर्मा' रही है।
(b) सैनिकों के खून से नहा गई है।
(c) बलिदान से गौरवान्वित हुई है।
(d) दुल्हन की भाँति अपने प्रियतम की आस देख रही है।
Answer: (c) बलिदान से गौरवान्वित हुई है।
In simple words: सैनिकों के रक्त से सनी हुई धरती लाल जोड़े में सजी दुल्हन की तरह बहुत सुंदर और गर्व से भरी लगती है।

Exam Tip: दुल्हन की लाल पोशाक की तुलना सैनिकों के लाल रक्त और बलिदान के गौरव से की गई है।

 

Question 4. सर पर कफ़न बाँधने का अर्थ है -
(a) बलिदान के लिए तैयार होना।
(b) मरने की कोशिश करना।
(c) अपने लिए जान की बाजी लगाना।
(d) लोगों को दिखाना कि हम मरने से नहीं डरते।
Answer: (a) बलिदान के लिए तैयार होना।
In simple words: अपने सिर पर कफ़न बाँधने का अर्थ है देश की रक्षा के लिए अपनी जान कुर्बान करने को हमेशा तैयार रहना।

Exam Tip: यह एक प्रसिद्ध मुहावरा है, जिसका सीधा अर्थ देशहित में प्राण न्योछावर करने की मानसिक तैयारी से है।

 

Question 5. सैनिक किसे सजाते रहने की बात कर रहा है?
(a) दुल्हन को
(b) भारत माता को
(c) घर - आँगन को
(d) देश पर कुर्बान होने के वालों के काफिले को
Answer: (d) देश पर कुर्बान होने के वालों के काफिले को
In simple words: सैनिक कहते हैं कि हमारे शहीद होने के बाद भी देश के लिए जान देने वाले वीरों का सिलसिला (काफिला) हमेशा बना रहना चाहिए।

Exam Tip: कविता के शब्द "राह कुर्बानियों की न वीरान हो" सीधे तौर पर देशभक्तों के काफिले को सजाते रहने की बात करते हैं।

 

Question 6. कुर्बानियों की राह किससे आबाद रहनी चाहिए?
(a) युद्ध संबंधी साजो - सामान से
(b) दलों से
(c) बलिदानी देशभक्तों की टोलियों से
(d) उपर्युक्त सभी
Answer: (c) बलिदानी देशभक्तों की टोलियों से
In simple words: देश के मान - सम्मान की रक्षा करने के लिए हमेशा नए - नए देशभक्तों और वीरों की टोलियों को आगे आते रहना चाहिए।

Exam Tip: कुर्बानियों की राह आबाद रखने का अर्थ बलिदानियों का निरंतर आते रहना है।

 

Question 7. 'फ़तह का जश्न इस जश्न के बाद है' पंक्ति में इस जश्न से किसकी ओर संकेत किया गया है?
(a) वर्तमान समय में मनाए जाने वाले जश्न
(b) जीत के बाद के जश्न की तैयारी के लिए किया जाने वाला जश्न
(c) देश के मान - सम्मान की रक्षा के लिए बलिदान देने की भावना
(d) इनमें से कोई नहीं
Answer: (c) देश के मान - सम्मान की रक्षा के लिए बलिदान देने की भावना
In simple words: देश की रक्षा के लिए अपने जीवन का बलिदान देना ही सबसे बड़ा पर्व या जश्न है, जिसके बाद वास्तविक विजय मिलती है।

Exam Tip: विजय उत्सव (फ़तह) मनाने से पहले देश के लिए मर - मिटने के गौरवपूर्ण क्षण को मुख्य जश्न माना गया है।

 

Question 8. 'ज़िंदगी मौत से मिल रही है गले' का आशय है -
(a) ज़िंदगी और मौत का मिलन हो रहा है
(b) देश के लिए बलिदान देने को तत्पर लोग अपना बलिदान दे रहे हैं
(c) मौत ज़िंदगी को गले लगा रही है
(d) इनमें से कोई नहीं
Answer: (b) देश के लिए बलिदान देने को तत्पर लोग अपना बलिदान दे रहे हैं
In simple words: युद्ध के मैदान में वीर सैनिक बिना किसी डर के मुस्कुराते हुए हँसते - हँसते देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर रहे हैं।

Exam Tip: मौत को गले लगाने का अर्थ यहाँ सहर्ष बलिदान देने के उत्साह और वीरता से है।

 

Question 9. किसको इस तरफ आने से रोकने के लिए खूँ से जमीन पर लकीर खींचने की बात कही गई है?
(a) रावण जैसा दुष्ट कोई व्यक्ति
(b) देश के दुश्मन
(c) बुरी भावनाएँ
(d) उपर्युक्त सभी
Answer: (b) देश के दुश्मन
In simple words: अपने खून से ऐसी लक्ष्मण रेखा खींच देनी चाहिए जिससे कोई भी शत्रु रूपी रावण हमारी सीमाओं को लांघने की हिम्मत न करे।

Exam Tip: खूँ से लकीर खींचने का अर्थ देश के दुश्मनों को सीमा पर ही रोकने की दृढ़ प्रतिज्ञा से है।

 

Question 10. 'छू न पाए सीता का दामन कोई' का भाव है -
(a) कोई भी हमारी बहन - बेटियों का अपमान न कर सके
(b) कोई भी देश की महिलाओं के साथ अन्याय न कर सके
(c) कोई भी देश की पवित्र धरती को छू तक न सके
(d) उपर्युक्त सभी
Answer: (c) कोई भी देश की पवित्र धरती को छू तक न सके
In simple words: हमारे देश की पवित्र भूमि सीता माता के आँचल के समान पावन है, जिस पर कोई भी शत्रु आँख उठाने का साहस न कर सके।

Exam Tip: कविता में "सीता का दामन" सीधे तौर पर भारत माता की पवित्र भूमि और सीमाओं की ओर संकेत करता है।

 

Question 11. उपर्युक्त पंक्तियों में 'रावण' शब्द से किसकी ओर संकेत किया गया है?
(a) लंकापति रावण की ओर
(b) दुष्ट लोगों की ओर
(c) दुश्मन देश की ओर
(d) इनमें से कोई नहीं
Answer: (c) दुश्मन देश की ओर
In simple words: यहाँ 'रावण' शब्द देश पर आक्रमण करने वाले बाहरी दुष्ट दुश्मनों का प्रतीक माना गया है।

Exam Tip: कविता में प्रयुक्त पौराणिक संदर्भ प्रतीकात्मक हैं, जहाँ रावण शत्रु देशों का प्रतिनिधित्व करता है।

 

Question 12. कवि किस हाथ को तोड़ने की बात कर रहा है?
(a) अपनी तरफ बढ़ने वाले हाथ को
(b) देश की पवित्र धरती की ओर उठने वाले हाथ को
(c) देश की महिलाओं को अपमानित करने की सोचने वालों का
(d) इनमें से कोई नहीं
Answer: (b) देश की पवित्र धरती की ओर उठने वाले हाथ को
In simple words: यदि कोई भी शत्रु हमारे देश की सीमाओं को नुकसान पहुँचाने या भारत माता का अपमान करने के लिए हाथ उठाता है, तो उसे तुरंत नष्ट कर देना चाहिए।

Exam Tip: सीमाओं की रक्षा और देश के स्वाभिमान को सुरक्षित रखने के लिए शत्रु के दमन का संदेश यहाँ दिया गया है।

 

II. लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)

 

Question 1. क्या इस गीत की कोई ऐतिहासिक पृष्ठभूमि है?
Answer: जी हाँ, इस गीत की रचना वर्ष 1962 में हुए भारत और चीन के ऐतिहासिक युद्ध के समय की गई थी। इस युद्ध के दौरान चीनी सेना ने तिब्बत की ओर से भारत की सीमाओं पर हमला किया था, जिसका सामना हमारे बहादुर जवानों ने डटकर और अत्यंत वीरतापूर्वक किया।
In simple words: यह प्रसिद्ध गीत 1962 में भारत और चीन के बीच हुए युद्ध के समय लिखा गया था, जब चीनी हमले का हमारे सैनिकों ने बहादुरी से जवाब दिया था।

Exam Tip: उत्तर में वर्ष "1962" और "भारत - चीन युद्ध" जैसी ऐतिहासिक घटनाओं का साफ़ तौर पर उल्लेख करें।

 

Question 2. 'सर हिमालय का हमने न झुकने दिया', इस पंक्ति में हिमालय किस बात का प्रतीक है?
Answer: इस पंक्ति में हिमालय को हमारे राष्ट्र के मान, मर्यादा, गौरव और स्वाभिमान का साक्षात् प्रतीक माना गया है। हमारे जाँबाज़ सैनिकों ने अपने प्राणों की आहुति देकर भी इस गौरवशाली मुकुट को शत्रुओं के सामने कभी झुकने नहीं दिया और देश की अस्मिता की रक्षा की।
In simple words: हिमालय हमारे देश की शान और इज्ज़त का प्रतीक है। हमारे सैनिकों ने अपनी जान देकर भी देश की इस इज्ज़त को बचाए रखा।

Exam Tip: हिमालय को भारत के "गौरव और स्वाभिमान" का प्रतीक बताते हुए उत्तर लिखें।

 

Question 3. इस गीत में धरती को दुल्हन क्यों कहा गया है?
Answer: जिस प्रकार एक नवविवाहित वधू को सुंदर लाल वस्त्रों (जोड़े) से सुसज्जित किया जाता है, ठीक उसी तरह रणभूमि में अपनी जान न्योछावर करने वाले वीरों के लाल रक्त से यह पवित्र मातृभूमि लाल रंग में सराबोर हो गई है। इसी अनूठे दृश्य के कारण कवि ने धरती माता की तुलना लाल वस्त्रों में सजी दुल्हन से की है।
In simple words: जैसे शादी में दुल्हन लाल रंग के कपड़े पहनती है, वैसे ही सैनिकों के खून से यह धरती लाल रंग से सजी हुई दिखती है। इसीलिए इसे दुल्हन कहा गया है।

Exam Tip: "लाल जोड़े" और "सैनिकों के बलिदान के रक्त" के बीच की समानता को रेखांकित करें।

 

Question 4. गीत में ऐसी क्या खास बात होती है कि वे जीवन भर याद रह जाते हैं?
Answer: उत्कृष्ट गीतों में हृदय को छू लेने वाली कोमल भावनाएँ, गहरी सच्चाई, मधुर सुर, लय और संगीतात्मकता का अद्भुत मिश्रण होता है, जिसके कारण वे सीधे जनमानस के अंतर्मन में समा जाते हैं। 'कर चले हम फ़िदा' एक ऐसा ही देशभक्तिपूर्ण और मर्मस्पर्शी गीत है, जिसमें भरा हुआ वीरों का अटूट बलिदान का भाव हर भारतवासी के हृदय में राष्ट्रप्रेम जगा देता है।
In simple words: अच्छे गीतों में दिल को छूने वाले शब्द, मधुर संगीत और ताल होती है, जिससे वे हमेशा याद रहते हैं। इस गीत का देशभक्ति का भाव हर भारतीय के मन को छू लेता है।

Exam Tip: गीतों के साहित्यिक गुणों (लय, संगीत, मार्मिकता) के साथ इस विशेष गीत की "देशभक्ति और बलिदान" भावना का उल्लेख करें।

 

Question 5. कैफ़ी आज़मी ने किस काफ़िले के आगे बढ़ते रहने की बात कही है?
Answer: सुप्रसिद्ध गीतकार कैफ़ी आज़मी ने उन वीर देशभक्तों की टोलियों (काफ़िलों) को हमेशा आगे बढ़ते रहने का आह्वान किया है, जो देश के सम्मान के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग करने से पीछे नहीं हटते। काफ़िला आगे बढ़ने का यही सिलसिला निरंतर चलते रहना चाहिए, और देश की रक्षा हेतु ऐसे देशभक्तों का सतत प्रवाह आवश्यक है।
In simple words: कवि ने देश के लिए अपनी जान कुर्बान करने वाले बहादुरों के झुंड (काफ़िले) को हमेशा आगे बढ़ाने की बात कही है, ताकि देश की रक्षा लगातार होती रहे।

Exam Tip: "काफ़िले" शब्द का प्रयोग देशभक्तों की उन टोलियों के लिए किया गया है जो बारी - बारी से सीमाओं की रक्षा करती हैं।

 

Question 6. 'साँस थमती गई, नब्ज़ जमती गई' का भाव स्पष्ट कीजिए।
Answer: प्रस्तुत पंक्तियाँ भारत के वीर सैनिकों द्वारा सीमा पर झेली जाने वाली अत्यंत कठिन परिस्थितियों को दर्शाती हैं। सियाचिन और हिमालय की बर्फीली चोटियों पर भीषण ठंड के कारण साँस लेना तक मुश्किल हो जाता है और शरीर की धमनियों में बहने वाला रक्त (नब्ज़) जमने लगता है, परंतु ऐसी जानलेवा परिस्थितियों में भी हमारे वीर सैनिक पीछे हटने के बजाय दृढ़ता से शत्रु का मुकाबला करते हैं।
In simple words: इन शब्दों का अर्थ है कि सीमा पर पड़ रही कड़ाके की ठंड में जब साँस रुकने लगती है और खून तक जम जाता है, तब भी सैनिक हिम्मत नहीं हारते और देश की रक्षा करते हैं।

Exam Tip: हिमालय की "भौगोलिक कठिनाइयों" और सैनिकों के "अदम्य साहस" के बीच के संतुलन को स्पष्ट करें।

 

Question 7. 'बाँध लो अपने सर से कफ़न साथियों' कहकर कवि क्या संदेश देना चाहते हैं?
Answer: इस ओजस्वी आह्वान के माध्यम से कवि देश के समस्त युवाओं और नागरिकों को यह प्रेरित करते हैं कि वतन की आज़ादी और गरिमा की रक्षा के लिए यदि हमें अपना सर्वस्व बलिदान भी करना पड़े, तो हमें तनिक भी संकोच नहीं करना चाहिए। हमें हर समय देश की सुरक्षा के लिए प्राण न्योछावर करने को तत्पर रहना चाहिए।
In simple words: कवि कहना चाहते हैं कि देश की रक्षा के लिए अपनी जान देने से कभी पीछे नहीं हटना चाहिए और इसके लिए हरदम तैयार रहना चाहिए।

Exam Tip: "सर पर कफ़न बाँधना" एक मुहावरा है जो मृत्यु के भय को त्याग कर देश के लिए समर्पित होने को दिखाता है।

 

Question 8. बाँकपन से क्या अभिप्राय है? 'जान देने की रुत रोज़ आती नहीं' के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है?
Answer: 'बाँकपन' का तात्पर्य युवावस्था के उस अनोखे साहस, उमंग और देश के लिए प्राणों का संकट झेलने की अदम्य वीरता से है। इस उक्ति के माध्यम से कवि यह स्पष्ट करते हैं कि दैनिक जीवन जीने के अवसर तो मनुष्य को हमेशा मिलते हैं, किंतु देश की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए युद्ध के मैदान में वीरगति पाने का गौरवपूर्ण और महान क्षण जीवन में कभी - कभार ही मिलता है। इसलिए नागरिकों को इस पावन अवसर का सहर्ष स्वागत करना चाहिए।
In simple words: बाँकपन का मतलब जवानी की बहादुरी और देश के लिए लड़ने के जोश से है। कवि कहते हैं कि देश के काम आने का यह स्वर्णिम अवसर बार - बार नहीं मिलता, इसलिए इसका पूरा सम्मान करना चाहिए।

Exam Tip: "बाँकपन" का विशेष अर्थ युवावस्था के उत्साह और "जान देने की रुत" का अर्थ देश के लिए अमर होने के दुर्लभ अवसर से है।

 

Question 9. 'कर चले हम फ़िदा' शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए।
Answer: इस कविता का शीर्षक पूर्ण रूप से उपयुक्त और सार्थक है। 'फ़िदा होना' यानी न्योछावर हो जाना वीर सैनिकों के संपूर्ण समर्पण और देशप्रेम को भली - भाँति दर्शाता है। यह संपूर्ण रचना उन अमर वीर जवानों के उद्गारों को व्यक्त करती है जो अपने दायित्व को सफलतापूर्वक निभाकर देशवासियों से सीमाओं की रक्षा की उम्मीद रखते हैं।
In simple words: यह शीर्षक बिल्कुल सही है क्योंकि पूरी कविता देश पर अपनी जान न्योछावर करने वाले सैनिकों के त्याग और उनकी देशभक्ति की कहानी को बयां करती है।

Exam Tip: शीर्षक की सार्थकता सिद्ध करते समय "फ़िदा होने" (समर्पण) और सैनिकों की "अंतिम इच्छा" का संदर्भ अवश्य दें।

 

Question 10. ज़मीन पर खून से लकीर खींचने का क्या अर्थ है? दुश्मनों के लिए कवि ने क्या उपमा दी है?
Answer: मातृभूमि की सीमा पर अपने रक्त से लकीर खींचने का अर्थ शत्रुओं के प्रवेश को पूर्णतः निषेध करना और सीमा की अभेद्य रक्षा करना है। कवि ने देश की सीमाओं को नुकसान पहुँचाने वाले इन कपटी और दुष्ट शत्रुओं की तुलना लंकापति 'रावण' से की है, जिसका नाश करना हर नागरिक का कर्तव्य है।
In simple words: अपने खून से लकीर खींचने का मतलब है देश की सीमा की ऐसी मजबूत रक्षा करना जिसे कोई पार न कर सके। यहाँ दुश्मन की तुलना बुरे रावण से की गई है।

Exam Tip: "लक्ष्मण रेखा" के ऐतिहासिक संदर्भ का उल्लेख करते हुए समझाएं कि यह कैसे अभेद्य सीमा रक्षा का प्रतीक है।

 

Question 11. कवि ने 'साथियो' संबोधन का प्रयोग किसके लिए किया है?
Answer: प्रस्तुत कविता में कवि ने 'साथियो' कहकर युद्धरत अन्य सैनिक भाइयों और देश के सभी नागरिकों को संबोधित किया है। रणभूमि में अंतिम साँस ले रहे सैनिकों की यह दिली इच्छा है कि उनके शहीद होने के बाद भी सीमाओं पर देश की आन - बान - शान की रक्षा का सिलसिला कभी कमजोर न पड़े और भावी पीढ़ियाँ भी इसी तत्परता से अपनी ज़िम्मेदारी निभाएँ।
In simple words: कवि ने 'साथियो' शब्द देश के अन्य सैनिकों और हम सभी भारतवासियों के लिए इस्तेमाल किया है, ताकि उनके जाने के बाद भी हम देश की रक्षा करते रहें।

Exam Tip: 'साथियो' का प्रयोग न केवल साथी सैनिकों के लिए बल्कि आने वाली पीढ़ियों (सभी देशवासियों) के लिए भी किया गया है।

 

Question 12. इस गीत में 'सर पर कफ़न बाँधना' किस ओर संकेत करता है?
Answer: 'सर पर कफ़न बाँधने' का प्रतीकात्मक अर्थ अपने प्राणों के मोह का पूर्ण परित्याग करके देश की रक्षा के संकल्प में लग जाना है। यह मुहावरा शत्रुओं से बिना किसी भय के लोहा लेने और राष्ट्र की संप्रभुता के लिए हंसते - हंसते शहीद हो जाने की अद्भुत मानसिक तत्परता की ओर संकेत करता है।
In simple words: इसका अर्थ है मौत से डरे बिना देश के लिए अपनी जान कुर्बान करने को हमेशा तैयार रहना, ताकि देश की आज़ादी और शान बची रहे।

Exam Tip: इस मुहावरे के सैन्य संदर्भ और बलिदान की सर्वोच्च भावना को स्पष्ट करते हुए उत्तर लिखें।

 

Question 13. इस कविता का प्रतिपाद्य अपने शब्दों में लिखिए।
Answer: 'कर चले हम फ़िदा' कविता का मुख्य प्रतिपाद्य देश के प्रहरियों (सैनिकों) की अदम्य देशभक्ति, उनके असीम शौर्य और सर्वोच्च बलिदान की भावना को उजागर करना है। यह रचना स्पष्ट करती है कि एक सच्चा सैनिक अपने देश की सीमाओं और गौरव की रक्षा के लिए अपने बहुमूल्य जीवन की आहुति देने से भी पीछे नहीं हटता। साथ ही, यह गीत देशवासियों में यह अलख जगाता है कि देश की आज़ादी को अक्षुण्ण रखने का उत्तरदायित्व केवल सैनिकों का नहीं बल्कि हर नागरिक का है, और राष्ट्र की रक्षा का यह पावन सिलसिला कभी भी थमना नहीं चाहिए।
In simple words: इस कविता का मुख्य संदेश यह है कि देश की रक्षा के लिए सैनिकों की तरह हमें भी हमेशा तैयार रहना चाहिए। जब सैनिक अपनी जान देकर देश को बचाते हैं, तो उनकी उम्मीद हमसे होती है कि हम भी देश की शान पर कभी आँच न आने दें।

Exam Tip: प्रतिपाद्य लिखते समय सैनिक की "बलिदान भावना", "देशवासियों से अपेक्षा" और "राष्ट्र रक्षा की निरंतरता" के तीन मुख्य स्तंभों को उजागर करें।

 

III. उच्च चिंतन क्षमता एवं अभिव्यक्ति आधारित प्रश्न (4 अंक)

 

Question 1. 'जान देने की रुत रोज़ आती नहीं' के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है? उक्त पंक्ति में निहित संदेश अपने शब्दों में लिखिए।
Answer: इस अत्यंत प्रभावशाली पंक्ति के माध्यम से कैफ़ी आज़मी जी मानव जीवन के एक श्रेष्ठ सत्य को प्रतिपादित करते हैं। वे कहते हैं कि सामान्य दिनचर्या में जीवन जीने, खुशियाँ मनाने और पारिवारिक कर्तव्यों को निभाने के अवसर तो मनुष्य को हमेशा मिलते हैं, किंतु देश की स्वतंत्रता, संप्रभुता और मान - मर्यादा की बलिवेदी पर अपने जीवन को समर्पित करने का गौरवपूर्ण क्षण किसी विरले को ही प्राप्त होता है। यह पावन अवसर मुख्य रूप से सीमाओं की सुरक्षा में लगे जाँबाज़ सैनिकों को मिलता है, जो हँसते - हँसते मातृभूमि की बलिवेदी पर प्राण न्योछावर कर इतिहास में सदैव के लिए अमर हो जाते हैं। इस पंक्ति में निहित मुख्य संदेश यह है कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है, और जब भी देश की सीमाओं या सम्मान की रक्षा की बात आए, तो हमें अपनी व्यक्तिगत आकांक्षाओं को भूलकर नि:संकोच अपना सर्वोच्च बलिदान देने के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए।
In simple words: कवि कहना चाहते हैं कि आम जिंदगी में जीने और सुख भोगने के मौके तो रोज मिलते हैं, पर देश के लिए शहीद होने का महान अवसर किस्मत से एक ही बार मिलता है। हमें देश की रक्षा करने और उसके काम आने के ऐसे सुनहरे मौके को कभी गँवाना नहीं चाहिए।

Exam Tip: 4 अंक के प्रश्नों में संदेश की "राष्ट्रवादी विचारधारा" और व्यक्तिगत जीवन की तुलना में "राष्ट्रीय सेवा की महत्ता" को विस्तार से समझाएं।

 

Question 2. 'राम' और 'लक्ष्मण' का प्रतीक अर्थ स्पष्ट करते हुए बताइए कि घायल सैनिक उन्हें कौन - सी ज़िम्मेदारी सौंपकर शांति से मौत की गोद में चिर विश्राम करना चाहते हैं?
Answer: इस सुंदर और मर्मस्पर्शी गीत में 'राम' और 'लक्ष्मण' भारतीय समाज के उन ओजस्वी, साहसी, पराक्रमी और कर्तव्यनिष्ठ युवाओं के सशक्त प्रतीक हैं, जो सदैव मातृभूमि की सेवा में अपना सर्वस्व न्योछावर करने को तत्पर रहते हैं। युद्ध के भीषण मैदान में घायल और अंतिम साँसें ले रहे हमारे वीर सैनिक देश के इन युवा रक्षकों को अपनी पावन भारत माता (जो यहाँ सीता माता का साक्षात् रूप हैं) की सीमाओं और मान - सम्मान की रक्षा का गुरुतर दायित्व सौंपना चाहते हैं। सैनिक चाहते हैं कि जैसे प्रभु श्री राम और लक्ष्मण जी ने सीता जी की रक्षा के लिए दुष्ट रावण का संहार किया था, वैसे ही देश के युवा भी अपनी सीमाओं की चौकसी इस प्रकार करें कि कोई भी शत्रु रूपी रावण हमारी पावन धरती की ओर कुदृष्टि डालने का साहस न कर सके। इसी परम विश्वास और निश्चिंतता के साथ वे शांतिपूर्वक मृत्यु का आलिंगन कर वीरगति को प्राप्त होना चाहते हैं।
In simple words: राम और लक्ष्मण हमारे देश के निडर युवाओं के प्रतीक हैं। घायल सैनिक इन युवाओं को भारत माता रूपी सीता की सुरक्षा का ज़िम्मा सौंप रहे हैं, ताकि वे बिना किसी चिंता के सुकून से अंतिम साँस ले सकें और यह जान सकें कि उनके जाने के बाद भी देश सुरक्षित रहेगा।

Exam Tip: "राम - लक्ष्मण" को युवाओं का प्रतीक और "सीता माता" को भारत माता का प्रतीक बताते हुए पौराणिक संदर्भ की तार्किक व्याख्या करें।

 

Question 3. 'कर चले हम फ़िदा' गीत में देशवासियों के लिए निहित प्रेरणा अपने शब्दों में लिखिए।
Answer: 'कर चले हम फ़िदा' गीत का प्रत्येक शब्द हर भारतीय के अंतर्मन में गहरी देशभक्ति, अटूट राष्ट्रप्रेम और सीमाओं के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी का भाव जगाता है। इस अमर गीत में देशवासियों के लिए यह सर्वोच्च प्रेरणा निहित है कि जब भी हमारी पावन मातृभूमि पर किसी बाह्य शत्रु का संकट मँडराए या देश की अखंडता और संप्रभुता खतरे में हो, तो हमें अपने सभी व्यक्तिगत भेदों और स्वार्थों को भूलकर एकजुट हो जाना चाहिए। विपरीत से विपरीत और अत्यंत विकट परिस्थितियों में भी हमें कभी पलायन नहीं करना चाहिए, बल्कि वीरतापूर्वक सीमाओं की सुरक्षा करनी चाहिए। यह रचना हमें अपने राष्ट्र के स्वाभिमान को सर्वोच्च स्थान देने और समय आने पर अपनी जान की बाज़ी लगाकर भी भारत माता के आँचल को सुरक्षित रखने की महान प्रेरणा प्रदान करती है।
In simple words: यह गीत हमें सिखाता है कि देश की आज़ादी और इज्ज़त से बढ़कर कुछ भी नहीं है। जब भी देश पर कोई मुसीबत आए, हमें बिना डरे और बिना पीछे हटे अपनी जान देकर भी देश की रक्षा करनी चाहिए और हमेशा अपनी मातृभूमि के प्रति वफादार रहना चाहिए।

Exam Tip: "राष्ट्रप्रेम", "अखंडता", "विषम परिस्थितियों में वीरता" और "बलिदान की तत्परता" जैसे मुख्य तत्वों को अपनी व्याख्या का आधार बनाएं।

 

अभ्यास प्रश्न पत्र

1. निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर 25-30 शब्दों में दीजिए।

 

Question 1(क). युद्धरत सैनिकों को किस बात पर गर्व है और क्यों?
Answer: युद्ध के मैदान में लड़ रहे सैनिकों को इस बात पर गर्व है कि उन्होंने विषम परिस्थितियों में भी कभी हार नहीं मानी और अपने देश के मान - सम्मान का प्रतीक 'हिमालय' का सिर कभी शत्रुओं के सामने झुकने नहीं दिया। उन्हें गर्व है कि उन्होंने अपनी अंतिम साँस तक देश की सीमाओं की अभेद्य रक्षा की और देशवासियों को एक सुरक्षित राष्ट्र सौंपा।
In simple words: सैनिकों को इस बात पर बहुत गर्व है कि उन्होंने अपनी जान देकर भी देश की सीमाओं की रक्षा की और दुश्मनों को देश में घुसने नहीं दिया।

Exam Tip: "हिमालय का सिर न झुकना" और "सर्वोच्च बलिदान का गौरव" उत्तर के मुख्य बिंदु होने चाहिए।

 

Question 1(ख). कविता में किन-किन पौराणिक पात्रों का किन-किन संदर्भों में उल्लेख किया गया है?
Answer: कविता में मुख्य रूप से तीन पौराणिक पात्रों - राम, लक्ष्मण और सीता का उल्लेख किया गया है। यहाँ भारत माता की पावन भूमि की तुलना 'सीता माता' से की गई है, तथा सीमाओं पर तैनात देश के वीर और रक्षक युवाओं को 'राम और लक्ष्मण' की संज्ञा दी गई है। इसके अतिरिक्त, शत्रु देशों के लिए 'रावण' का संदर्भ प्रयुक्त किया गया है।
In simple words: कविता में राम, लक्ष्मण और सीता माता का जिक्र किया गया है। भारत माता को सीता माता कहा गया है और देश के वीर जवानों को राम - लक्ष्मण की तरह रक्षा करने वाला बताया गया है।

Exam Tip: प्रत्येक पात्र (राम, लक्ष्मण, सीता, रावण) का कविता में प्रयुक्त प्रतीकात्मक संदर्भ स्पष्ट रूप से उजागर करें।

 

Question 1(ग). कविता में शत्रु के साथ कैसा व्यवहार करने की बात कही गई है?
Answer: इस कविता में शत्रु के साथ अत्यंत कठोर और आक्रामक व्यवहार करने का संदेश दिया गया है। सैनिक कहते हैं कि यदि कोई भी शत्रु हमारे देश की पवित्र भूमि की ओर हाथ उठाता है या सीमाओं का अतिक्रमण करने का प्रयास करता है, तो उसके उन हाथों को तुरंत काट देना चाहिए और उसे समूल नष्ट कर देना चाहिए।
In simple words: कविता में कहा गया है कि अगर कोई दुश्मन हमारे देश की तरफ आँख उठाकर भी देखे या हाथ बढ़ाए, तो उसे सबक सिखाने के लिए उसके हाथ तोड़ देने चाहिए।

Exam Tip: "हाथ तोड़ना" और "रावण का विनाश" जैसे आक्रामक व सुरक्षात्मक प्रतीकों का उल्लेख करें।

2. निम्नलिखित में से किसी एक प्रश्न का उत्तर 60-70 शब्दों में दीजिए।

 

Question 2(क). समर भूमि में शत्रुओं से लड़ते समय सैनिक के मन में क्या भाव जाग्रत होते होंगे? अपनी भाषा में लिखिए।
Answer: युद्ध के मैदान (समर भूमि) में शत्रुओं का मुकाबला करते समय एक सैनिक का मन व्यक्तिगत स्वार्थों, पारिवारिक मोह और मृत्यु के भय से पूर्णतः मुक्त होता है। उसके मन में केवल अपनी मातृभूमि के सम्मान की रक्षा करने का अदम्य उत्साह और अटूट जज्बा होता है। भीषण ठंड, घायल शरीर और अंतिम साँसों के बावजूद उसके भीतर यह दृढ़ संकल्प होता है कि वह जीते - जी दुश्मन को अपनी सीमा पार नहीं करने देगा। वह अपने बलिदान को देश की आज़ादी और गौरव का उत्सव (जश्न) मानता है, और अपने साथी देशवासियों पर पूरा भरोसा रखता है कि वे उसके बाद भी वतन की सुरक्षा की इस पावन मशाल को हमेशा जलती रखेंगे।
In simple words: लड़ाई के मैदान में सैनिक के मन में घर - परिवार का मोह या मरने का डर नहीं होता। उसके मन में सिर्फ देश को बचाने का जोश होता है। वह चाहता है कि चाहे उसकी जान चली जाए, लेकिन देश की आन - बान - शान हमेशा सुरक्षित रहे।

Exam Tip: ६० - ७० शब्दों के इस प्रश्न में सैनिक के मन में उठने वाले "मृत्युभय से मुक्ति", "असीम देशभक्ति" और "भावी पीढ़ियों पर विश्वास" जैसे मनोवैज्ञानिक पहलुओं का सुंदर वर्णन करें।

 

Question 2(ख). इस कविता में गीतकार ने क्या संदेश दिया है? अपने शब्दों में बताइए।
Answer: कैफ़ी आज़मी जी ने इस गीत के माध्यम से संपूर्ण राष्ट्र को देशप्रेम और राष्ट्रीय एकता का अत्यंत गहरा संदेश दिया है। वे युवाओं और नागरिकों को सचेत करते हैं कि हमारे देश की स्वतंत्रता और अखंडता हमारे वीर सैनिकों के महान बलिदानों की देन है, इसलिए इसकी सुरक्षा करना हर नागरिक का परम कर्तव्य है। यह गीत संदेश देता है कि राष्ट्ररक्षा के लिए जब भी आह्वान किया जाए, हमें अपनी जान की बाज़ी लगाने से भी पीछे नहीं हटना चाहिए। हमें सदैव सजग और संगठित रहना चाहिए ताकि कोई भी विदेशी शत्रु हमारी पावन सीमाओं को नुकसान न पहुँचा सके, और सैनिकों द्वारा दी गई कुर्बानियों का यह पावन सिलसिला सदैव जारी रहना चाहिए।
In simple words: गीतकार ने संदेश दिया है कि देश की आज़ादी बहुत कीमती है और इसके लिए हमारे वीरों ने अपनी जान दी है। हमें भी हमेशा देश की रक्षा के लिए तैयार रहना चाहिए और सैनिकों के इस महान काम को आगे बढ़ाना चाहिए।

Exam Tip: संदेश को स्पष्ट करते समय "राष्ट्रीय सुरक्षा में जनभागीदारी", "सैनिकों के बलिदान के प्रति आदर" और "सतत देशप्रेम" जैसे गंभीर विचारों को सम्मिलित करें।

प्रश्न अभ्यास 

(क) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए -
 
1. क्या इस गीत की कोई ऐतिहासिक पृष्ठभूमि है?

उत्तर

यह गीत सन् 1962 के भारत-चीन युद्ध की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर लिखा गया है। चीन ने तिब्बत की ओर से आक्रमण किया और भारतीय वीरों ने इस आक्रमण का मुकाबला वीरता से किया।

2. 'सर हिमालय का हमने न झुकने दिया', इस पंक्ति में हिमालय किस बात का प्रतीक है?

उत्तर
 

हिमालय भारत के मान सम्मान का प्रतीक है। भारतीय सैनिकों ने अपने प्राणों का बलिदान देकर भी देश के मान-सम्मान को सुरक्षित रखा।

3. इस गीत में धरती को दुल्हन क्यों कहा गया है?

उत्तर

जिस तरह दुल्हन को लाल जोड़े में सजाया जाता है उसी तरह भारतीय सैनिकों ने अपने प्राणो की आहुति देकर धरती को खून के लाल रंग से सजा दिया इसीलिए इस गीत में धरती को दुल्हन कहा गया है।

4. गीत में ऐसी क्या खास बात होती है कि व जीवन भर याद रह जाते हैं?

उत्तर

गीतों में भावनात्मकता,मार्मिकता, सच्चाई, गेयता, संगीतात्मकता, लयबद्धता आदि गुण होते हैं'जिससे वे जीवन भर याद रह जाते हैं। कर चले हम फ़िदा' गीत में बलिदान की भावना स्पष्ट रुप से झलकती है जो हर हिन्दुस्तानी की दिमाग में रच-बस जाते हैं।

5. कवि ने 'साथियों' संबोधन का प्रयोग किसके लिए किया है?

उत्तर

कवि ने 'साथियों' शब्द का प्रयोग सैनिक साथियों व देशवासियों के लिए किया है। सैनिकों का मानना है कि इस देश की रक्षा हेतु हम बलिदान की राह पर बढ़ रहे हैं। हमारे बाद यह राह सूनी न हो जाए। आने वाले भी देश की मान-सम्मान की रक्षा के लिए प्राणों का बलिदान देने को तैयार रहें।

6. कवि ने इस कविता में किस काफ़िले को आगे बढ़ाते रहने की बात कही है?

उत्तर

कवि चाहता है कि यदि सैनिकों की टोली शहीद हो जाए, तो अन्य सैनिक युद्ध की राह पर बढ़ जाएँ। यहाँ देश की रक्षा करने वाले सैनिकों के समूह के लिए 'काफ़िले' शब्द का प्रयोग किया गया है।

7. इस गीत में 'सर पर कफ़न बाँधना' किस ओर संकेत करता है?

उत्तर

'सर पर कफ़न बाँधना' का अर्थ होता है मौत के लिए तैयार हो जाना। इस गीत यह शत्रुओं से रणभूमि में लड़ने की और संकेत करता है। सैनिक जब युद्धक्षेत्र में उतरते हैं तो वे देश की मान-सम्मान की रक्षा के लिए प्राण तक देने को तैयार रहते हैं।

8. इस कविता का प्रतिपाद्य अपने शब्दों में लिखिए?

 
उत्तर 
 
प्रस्तुत कविता देश के सैनिकों की भाषा में लिखा गया है जो की उनके देशभक्ति की भावना को दर्शाता है। सैनिक कभी अपने देश की मान-सम्मान की रक्षा के लिए पीछे नही हटेंगे चाहे इन्हे अपने प्राणों को ही अर्पित क्यों न करना पड़े। साथ ही इन्हे आने वाली पीढ़ियों से अपेक्षाएं हैं की वे भी उनके शहीद होने के बाद इस देश के दुश्मनों डट कर मुकाबला करें। वे कह रहे हैं कि उन्होंने अंतिम क्षण तक रक्षा की अब ये जिमेवारी आप पर है। देश पर जान देने के मौके बहुत कम आते हैं। ये क्रम टूटना नही चाहिए। 
 
(ख) निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिये। 
 
1. साँस थमती गई, नब्ज़ जमती गई
फिर भी बढ़ते कदम को न रुकने दिया

उत्तर

इन पंक्तियों में कवि कैफ़ी आज़मी ने भारतीय जवानों के साहस की सराहना की है। चीनी आक्रमण के समय भारतीय जवानों ने हिमालय की बर्फ़ीली चोटियों पर लड़ाई लड़ी। इस बर्फ़ीली ठंड में उनकी साँस घुटने लगी, साथ ही तापमान कम होने से नब्ज़ भी जमने लगी परन्तु वे किसी भी बात की परवाह किए बिना आगे बढ़ते रहे और हर मुश्किल का सामना किया।
 
2. खींच दो अपने खूँ से ज़मीं पर लकीर

इस तरफ़ आने पाए न रावन कोई

उत्तर

यह गीत की प्रेरणा देने वाली पंक्तियाँ हैं। कवि का भाव है कि भारतभूमि सीता की तरह पवित्र है। शत्रु रुपी रावण हरण करने के लिए उसकी तरफ़ बढ़ रहा है इसलिए उनका आग्रह है की हम आगे बढ़कर उनकी रक्षा करें तथा ऐसी लक्ष्मण रेखा खीचें की शत्रु बढ़ न पाये यानी उसे रोकने का प्रयास करें।

3. छू न पाए सीता का दामन कोई

राम भी तुम, तुम्हीं लक्ष्मण साथियों

उत्तर

कवि सैनिकों को कहना चाहता है कि भारत का सम्मान सीता की पवित्रता के समान में है। देश की रक्षा करना तुम्हारा कर्त्तव्य है। देश की पवित्रता की रक्षा राम और लक्ष्मण की तरह करना है। अत: राम तथा लक्ष्मण का कर्त्तव्य भी हमें ही निभाना है।

भाषा अध्यन

1. इस गीत में कुछ विशिष्ट प्रयोग हुए हैं। गीत संदर्भ में उनका आशय स्पष्ट करते हुए अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए।

कट गए सर, नब्ज़ जमती गई, जान देने की रुत, हाथ उठने लगे

उत्तर

1. युद्ध क्षेत्र में शत्रुओं के कट जाए सर

2. डर के मारे सबकी नब्ज़ जम गई
3. शत्रु के हमले की जानकारी मिलते ही सब जान गए कि यह जान देने की रुत है
4. स्टेज पर मंत्री के आते ही जयकारे के साथ हाथ उठने लगे

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