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Detailed पाठ 17 कारतूस NCERT Solutions for Class 10 Hindi
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Class 10 Hindi पाठ 17 कारतूस NCERT Solutions PDF
NCERT Solutions for Class 10 Hindi for Sparsh पाठ 17 कारतूस
पाठ की रूपरेखा
प्रस्तुत एकांकी में नाटककार ने एक जाँबाज़ देशभक्त वज़ीर अली के अदम्य साहस और पराक्रम की कहानी को प्रस्तुत किया है, जिसका एकमात्र ध्येय ईस्ट इंडिया कंपनी के अंग्रेज़ों को भारत से खदेड़ना था। यह घटना वर्ष 1799 की है, जिसमें गोरखपुर के जंगलों में कर्नल कालिंज अपनी बड़ी फ़ौज के साथ डेरा डाले हुए है। वह लेफ्टिनेंट के साथ वज़ीर अली की बहादुरी और उसके रोबिन हुड जैसे कारनामों पर चर्चा कर रहा है। इसी बातचीत के बीच स्वयं वज़ीर अली भेस बदलकर कर्नल के तंबू में प्रवेश करता है, अंग्रेज़ों को चुनौती देकर उनसे कारतूस हासिल करता है और अत्यंत बहादुरी से वहाँ से सकुशल निकल जाता है।
पाठ का सार
अवध के नवाब आसिफ़उद्दौला की कोई संतान न होने के कारण उनके भाई साआदत अली को अवध के सिंहासन का उत्तराधिकारी माना जा रहा था। परंतु नवाब के घर वज़ीर अली के जन्म लेते ही साआदत अली का नवाब बनने का सपना टूट गया, जिससे वह वज़ीर अली से घृणा करने लगा। साआदत अली ने अंग्रेज़ों के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा और नवाब बनकर वज़ीर अली को बनारस भेज दिया। बनारस में अंग्रेज़ी कंपनी के वकील द्वारा अपमानित किए जाने पर स्वाभिमानी वज़ीर अली ने वकील की हत्या कर दी और आज़मगढ़ के वनों में शरण ले ली। वह अंग्रेज़ सरकार के चंगुल से बचकर नेपाल पहुँचना चाहता था ताकि अफ़गानिस्तान के सहयोग से भारत पर हमला करके अंग्रेज़ों को देश से बाहर कर सके। कर्नल और लेफ्टिनेंट उसे पकड़ने के लिए कई हफ्तों से वनों में छावनी डाले बैठे थे, पर वे उसकी बहादुरी के कायल थे। अपनी असीम निडरता का परिचय देते हुए वज़ीर अली स्वयं कर्नल के शिविर में एक घुड़सवार के रूप में जाता है, उसे भयभीत करके दस कारतूस लेता है और अपना वास्तविक नाम बताकर वहाँ से शान से चला जाता है। कर्नल उसकी इस बेमिसाल दिलेरी को देखकर हक्का - बक्का रह जाता है और मन ही मन उसकी बहादुरी का प्रशंसक बन जाता है।
I. बहुविकल्पीय प्रश्न
Question 1. किसे जंगल की ज़िंदगी खतरनाक लगती है?
(a) कर्नल
(b) लेफ्टिनेंट
(c) सआदत अली
(d) आसिफ़उद्दौला
Answer: (a) कर्नल
In simple words: कर्नल को जंगलों में छावनी डालकर रहना बेहद खतरनाक और कष्टदायक लग रहा था, क्योंकि वहाँ वज़ीर अली का डर हमेशा बना रहता था।
Exam Tip: पाठ के शुरुआती संवादों को ध्यान से पढ़ें, जहाँ कर्नल अपनी इस परेशानी को लेफ्टिनेंट के सामने ज़ाहिर करता है।
Question 2. कर्नल कालिंज के खेमे के सिपाही क्यों तंग आ गए हैं?
(a) जंगल की खतरनाक ज़िंदगी के कारण
(b) वज़ीर अली के नहीं पकड़े जाने के कारण
(c) अस्वस्थ होने के कारण
(d) (i) तथा (ii) दोनों
Answer: (d) (i) तथा (ii) दोनों
In simple words: सिपाही कई हफ्तों से जंगलों में डेरा डाले हुए थे और वज़ीर अली का कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था, जिससे वे इस कठिन जीवन से आजिज़ आ चुके थे।
Exam Tip: अंग्रेज़ सिपाहियों की हताशा के दोनों प्रमुख कारणों (कठिन जीवन और वज़ीर अली की धरपकड़ में विफलता) को ध्यान में रखें।
Question 3. वज़ीर अली के अफ़साने सुनकर किसके कारनामे याद आ जाते हैं?
(a) सआदत अली
(b) आसिफ़उद्दौला
(c) रॉबिनहुड
(d) इनमें से कोई नहीं
Answer: (c) रॉबिनहुड
In simple words: वज़ीर अली की जाँबाज़ी और अंग्रेज़ों के छक्के छुड़ाने की कहानियाँ सुनकर कर्नल को लोकप्रसिद्ध नायक रॉबिनहुड की याद आ जाती थी।
Exam Tip: "वज़ीर अली" और "रॉबिनहुड" के कारनामों के बीच के साहसिक साम्य को इस प्रश्न का मुख्य आधार मानें।
Question 4. अवध में वज़ीर अली ने कितने महीने हुकूमत की?
(a) चार
(b) पाँच
(c) छह
(d) सात
Answer: (b) पाँच
In simple words: नवाब बनने के बाद वज़ीर अली को केवल पाँच महीने ही शासन करने का मौका मिला, लेकिन इस छोटे से कार्यकाल में भी उसने अंग्रेज़ों के प्रभाव को रोक दिया था।
Exam Tip: शासनकाल के महीनों की सही संख्या (पाँच महीने) याद रखना अंकों के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
Question 5. वज़ीर अली की पैदाइश को किसने अपनी मौत समझा?
(a) आसिफ़उद्दौला
(b) सआदत अली
(c) कर्नल कालिंज
(d) रॉबिनहुड
Answer: (b) सआदत अली
In simple words: सआदत अली अवध का उत्तराधिकारी बनने का ख्वाब देख रहा था, परंतु वज़ीर अली के जन्म के बाद उसका यह सपना हमेशा के लिए चकनाचूर हो गया।
Exam Tip: सआदत अली की ईर्ष्या और नवाब बनने की महत्वाकांक्षा को इस प्रश्न का मुख्य उत्तर मानें।
Question 6. सआदत अली को अवध के तख़्त पर क्यों बैठाया गया?
(a) अंग्रेज़ों का दोस्त होने के कारण
(b) ऐश-पसंद आदमी होने के कारण
(c) अवध की धन-संपत्ति पर कब्ज़े के लिए
(d) उपर्युक्त सभी
Answer: (d) उपर्युक्त सभी
In simple words: अंग्रेज़ों को अवध का धन हड़पने के लिए एक ऐसे कमज़ोर और विलासी शासक की आवश्यकता थी, जो साआदत अली के रूप में उन्हें आसानी से मिल गया।
Exam Tip: साआदत अली के अवध के तख़्त पर बैठने के पीछे अंग्रेज़ों के राजनीतिक और आर्थिक स्वार्थों का ध्यान रखें।
Question 7. सआदत अली ने स्वयं को अवध के तख़्त पर बैठाने के एवज में अंग्रेज़ों को क्या दिया?
(a) अपनी आधी जायदाद
(b) दस लाख रुपये नकद
(c) (i) तथा (ii) दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं
Answer: (c) (i) तथा (ii) दोनों
In simple words: सआदत अली ने अपनी विलासिता के लिए अवध की आधी रियासत और दस लाख रुपये की बड़ी नकद राशि अंग्रेज़ों को उपहार स्वरूप सौंप दी थी।
Exam Tip: "आधी जायदाद" और "दस लाख रुपये" दोनों प्रमुख समझौतों को याद रखें।
Question 8. अफ़गानिस्तान के बादशाह शाहे-ज़मा को हिंदुस्तान पर हमला करने की दावत सबसे पहले किसने दी?
(a) वज़ीर अली
(b) शमसुद्दौला
(c) टीपू सुल्तान
(d) आसिफ़उद्दौला
Answer: (c) टीपू सुल्तान
In simple words: मैसूर के प्रतापी शासक टीपू सुल्तान ने अंग्रेज़ों के विरुद्ध संयुक्त मोर्चा बनाने के लिए सर्वप्रथम शाहे - ज़मा को भारत आमंत्रित किया था।
Exam Tip: शाहे - ज़मा को आमंत्रण देने वाले शासकों के क्रम में टीपू सुल्तान का नाम पहले स्थान पर आता है, इसे याद रखें।
Question 9. अफ़गानिस्तान को हिंदुस्तान पर हमले का आमंत्रण किसने दिया?
(a) वज़ीर अली
(b) शमसुद्दौला
(c) टीपू सुल्तान
(d) उपर्युक्त सभी
Answer: (d) उपर्युक्त सभी
In simple words: अंग्रेज़ों को परास्त करने के लिए टीपू सुल्तान, नवाब शमसुद्दौला और वज़ीर अली - इन तीनों ने ही अफ़गान शासक को भारत पर आक्रमण करने का न्योता भेजा था।
Exam Tip: अंग्रेज़ विरोधी इस ऐतिहासिक गठबंधन में शामिल तीनों प्रमुख भारतीय देशभक्तों के नामों को ध्यान में रखें।
Question 10. शमसुद्दौला कौन है?
(a) आसिफ़उद्दौला का भाई
(b) बंगाल के नवाब का रिश्ते का भाई
(c) सआदत अली का भाई
(d) इनमें से कोई नहीं
Answer: (b) बंगाल के नवाब का रिश्ते का भाई
In simple words: शमसुद्दौला बंगाल के नवाब का सगा या रिश्तेदार भाई था, जिसने अंग्रेज़ों के विरुद्ध स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
Exam Tip: शमसुद्दौला के पारिवारिक परिचय और बंगाल के नवाब के साथ उसके संबंध को सटीक रूप से याद रखें।
Question 11. कंपनी के खिलाफ हिंदुस्तान के किस भाग में लहर दौड़ गई?
(a) उत्तरी भाग में
(b) दक्षिणी भाग में
(c) मध्य भाग में
(d) हर भाग में
Answer: (d) हर भाग में
In simple words: वज़ीर अली के साहसिक विद्रोह के बाद पूरे देश में अंग्रेज़ी शासन और ईस्ट इंडिया कंपनी के विरुद्ध राष्ट्रव्यापी असंतोष और विद्रोह की आग भड़क उठी थी।
Exam Tip: "लहर दौड़ जाना" देश के सभी हिस्सों में फैले भारी जन - आक्रोश का सूचक है।
Question 12. अंग्रेज़ों ने बक्सर और प्लासी की लड़ाई किसके नेतृत्व में जीती थी?
(a) लॉर्ड वेल्ज़ली
(b) लॉर्ड क्लाइव
(c) लॉर्ड कॉर्नवालिस
(d) इनमें से कोई नहीं
Answer: (b) लॉर्ड क्लाइव
In simple words: ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रसिद्ध सैन्य कमांडर रॉबर्ट क्लाइव के कुशल और रणनीतिक नेतृत्व में अंग्रेज़ों ने बक्सर और प्लासी जैसी ऐतिहासिक लड़ाइयों में जीत हासिल की थी।
Exam Tip: इतिहास के इन निर्णायक युद्धों और रॉबर्ट क्लाइव की सैन्य भूमिका को हमेशा याद रखें।
Question 13. लेफ्टिनेंट के अनुसार किसकी आज़ादी बहुत खतरनाक है?
(a) टीपू सुल्तान की
(b) वज़ीर अली की
(c) शमसुद्दौला की
(d) उपर्युक्त सभी
Answer: (b) वज़ीर अली की
In simple words: लेफ्टिनेंट का मानना था कि यदि वज़ीर अली स्वतंत्र घूमता रहा, तो वह देश के अन्य अंग्रेज़ विरोधी तत्वों को एकजुट करके ब्रिटिश साम्राज्य के लिए बहुत बड़ा खतरा बन जाएगा।
Exam Tip: वज़ीर अली की स्वतंत्रता अंग्रेज़ों के लिए सबसे बड़ा सैन्य और रणनीतिक संकट थी।
Question 14. कौन कर्नल की आँखों में बरसों से धूल झोंककर जंगलों में फिर रहा है?
(a) आसिफ़उद्दौला
(b) सआदत अली
(c) वज़ीर अली
(d) इनमें से कोई नहीं
Answer: (c) वज़ीर अली
In simple words: वज़ीर अली अंग्रेज़ों की भारी सेना और जासूसों की चौकसी के बावजूद बरसों से गोरखपुर के जंगलों में आज़ाद घूम रहा था और अंग्रेज़ों के हाथ नहीं आ रहा था।
Exam Tip: "आँखों में धूल झोंकना" वज़ीर अली की चालाकी और अंग्रेज़ सेना को लगातार चकमा देने की क्षमता को दर्शाता है।
Question 15. वज़ीर अली के साथ जंगलों में कितने आदमी थे?
(a) मुट्ठी भर
(b) एक-दो
(c) पाँच सौ
(d) इनमें से कोई नहीं
Answer: (a) मुट्ठी भर
In simple words: वज़ीर अली के पास कोई बड़ी सेना नहीं थी, बल्कि उसके साथ केवल मुट्ठी भर अत्यंत वफादार और जाँबाज़ साथी थे, जिनकी मदद से वह अंग्रेज़ों को चुनौती दे रहा था।
Exam Tip: "मुट्ठी भर जाँबाज़" शब्द कम संख्या में भी अत्यंत प्रभावी सैन्य क्षमता का सूचक हैं।
Question 16. वज़ीर अली ज़ाती तौर पर कैसा आदमी था?
(a) कायर
(b) बहादुर
(c) खुशामद पसंद
(d) स्वाभिमानी
Answer: (b) बहादुर
In simple words: व्यक्तिगत रूप से वज़ीर अली एक निडर, असाधारण रूप से साहसी और अदम्य इच्छाशक्ति वाला वीर योद्धा था, जो मौत के डर से परे था।
Exam Tip: "ज़ाती तौर पर" का अर्थ उसके व्यक्तिगत चारित्रिक गुणों (बहादुरी और दिलेरी) से है।
Question 17. अंग्रेज़ों ने वज़ीर अली को उसके पद से हटाने के बाद उसे कहाँ पहुँचा दिया था?
(a) लखनऊ
(b) बक्सर
(c) बनारस
(d) मेरठ
Answer: (c) बनारस
In simple words: अवध की नवाबी से बेदखल करने के बाद अंग्रेज़ सरकार ने वज़ीर अली को बनारस निर्वासित कर दिया था ताकि वह लखनऊ की राजनीति से दूर रहे।
Exam Tip: बनारस निर्वासन के इस महत्वपूर्ण भौगोलिक बदलाव को उत्तर के रूप में याद रखें।
Question 18. अंग्रेज़ों ने वज़ीर अली के लिए सालाना कितना वज़ीफ़ा मुक़र्रर किया था?
(a) दो लाख
(b) तीन लाख
(c) चार लाख
(d) पाँच लाख
Answer: (b) तीन लाख
In simple words: वज़ीर अली के बनारस निर्वासन के समय अंग्रेज़ों ने उसके भरण - पोषण के लिए तीन लाख रुपये की वार्षिक पेंशन (वज़ीफ़ा) निर्धारित की थी।
Exam Tip: "तीन लाख रुपये सालाना वज़ीफ़ा" परीक्षा के दृष्टिकोण से एक बेहद महत्वपूर्ण सांख्यिकीय तथ्य है।
Question 19. किसने वज़ीर अली को कलकत्ता तलब किया था?
(a) कंपनी के वकील ने
(b) गवर्नर जनरल ने
(c) बंगाल के नवाब ने
(d) इनमें से कोई नहीं
Answer: (b) गवर्नर जनरल ने
In simple words: बनारस निर्वासन के कुछ महीनों के बाद ही ब्रिटिश गवर्नर जनरल ने राजनीतिक कारणों से वज़ीर अली को तुरंत कलकत्ता आने का हुक्म दिया था।
Exam Tip: कलकत्ता बुलाने का आदेश गवर्नर जनरल द्वारा जारी किया गया था, न कि कंपनी के स्थानीय वकील द्वारा।
Question 20. वज़ीर अली ने कंपनी के वकील का क्यों काम तमाम कर दिया?
(a) अपनी शिकायत की परवाह नहीं करने के कारण
(b) बुरा-भला कहने के कारण
(c) अंग्रेज़ों के खिलाफ नफ़रत होने के कारण
(d) उपर्युक्त सभी
Answer: (d) उपर्युक्त सभी
In simple words: जब वज़ीर अली कलकत्ता तलब किए जाने की शिकायत लेकर कंपनी के वकील के पास गया, तो वकील ने उसकी मदद करने के बजाय उसका अपमान किया, जिससे क्रोधित होकर उसने वकील की हत्या कर दी।
Exam Tip: वकील की हत्या के पीछे वकील की उपेक्षा, अपशब्द और वज़ीर अली के मन में पहले से भरी अंग्रेज़ विरोधी नफ़रत - ये तीनों ही महत्वपूर्ण कारण थे।
II. लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)
Question 1. वज़ीर अली को नेपाल पहुँचने में क्या दिक्कतें थीं?
Answer: वज़ीर अली को नेपाल जाने के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा यह थी कि अंग्रेज़ सेना और नवाब सआदत अली के सैनिक लगातार उसका पीछा कर रहे थे। वह अपनी जान बचाने के लिए घने जंगलों में शरण लिए हुए था, जिससे कड़े पहरे और घेराबंदी के बीच उसके लिए नेपाल की सीमा पार करना अत्यंत कठिन हो गया था।
In simple words: वज़ीर अली के पीछे अंग्रेज़ों और सआदत अली के सिपाही लगे हुए थे, जिसके कारण जंगलों में छिपे होने पर भी उसका नेपाल पहुँचना बेहद मुश्किल था।
Exam Tip: "अंग्रेज़ी सेना" और "सआदत अली के सैनिकों" की संयुक्त घेराबंदी का उत्तर में उल्लेख करें।
Question 2. वज़ीर अली से सिपाही क्यों तंग आ चुके थे?
Answer: अंग्रेज़ सैनिक कर्नल के नेतृत्व में कई महीनों से गोरखपुर के बीहड़ जंगलों में डेरा डाले हुए थे। वज़ीर अली अपनी अद्भुत चालाकी और युद्धकौशल से लगातार अंग्रेज़ों को छका रहा था और उनकी गिरफ़्त में नहीं आ रहा था, जिससे हताश होकर सैनिक इस कठिन जीवन से पूरी तरह परेशान हो चुके थे।
In simple words: वज़ीर अली कई सालों से अंग्रेज़ों को चकमा दे रहा था और जंगलों में रहने के बावजूद पकड़ा नहीं जा रहा था, जिससे परेशान होकर ब्रिटिश सैनिक बुरी तरह थक चुके थे।
Exam Tip: "नाक में दम करना" और "पकड़े न जाने की हताशा" जैसे स्थितियों को स्पष्ट करें।
Question 3. कर्नल ने सवार पर नज़र रखने के लिए क्यों कहा?
Answer: कर्नल ने अपने सैनिकों को उस तेज़ी से आते हुए घुड़सवार की गतिविधियों की निगरानी करने का आदेश दिया ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह सवार किस मार्ग से आया है और किस दिशा में जा रहा है। कर्नल का मानना था कि इससे उन्हें वज़ीर अली के छिपे होने के ठिकाने या उसकी भावी योजनाओं का सुराग मिल सकता है।
In simple words: कर्नल ने घुड़सवार पर नज़र रखने को इसलिए कहा ताकि वे देख सकें कि वह कहाँ जा रहा है और वज़ीर अली के बारे में कोई नया सुराग मिल सके।
Exam Tip: सवार की "दिशा का ज्ञान" और "वज़ीर अली से संबंधित गुप्त सूचना" को नज़र रखने का मुख्य कारण बताएं।
Question 4. सवार ने क्यों कहा कि वज़ीर अली की गिरफ़्तारी बहुत मुश्किल है?
Answer: कर्नल के खेमे में निडरता से प्रवेश करने वाला वह अज्ञात घुड़सवार वास्तव में स्वयं वज़ीर अली ही था। वह अपनी अद्भुत बहादुरी, चतुराई और युद्धकौशल के कारण यह भली - भांति जानता था कि अंग्रेज़ों में उसे पहचानने या पकड़ने का सामर्थ्य नहीं है, इसलिए उसने व्यंग्यपूर्वक कर्नल से कहा कि वज़ीर अली को बंदी बनाना लगभग असंभव कार्य है।
In simple words: वह घुड़सवार खुद वज़ीर अली था। वह बहुत बहादुर था और भेस बदलने में माहिर था, इसलिए उसने कर्नल के सामने ही कह दिया कि उसे पकड़ना नामुमकिन है।
Exam Tip: "सवार का स्वयं वज़ीर अली होना" और "अंग्रेज़ों की पहचान न कर पाने की अक्षमता" को उत्तर का मुख्य आधार बनाएं।
Question 5. वज़ीर अली के अफ़साने सुनकर कर्नल को रॉबिनहुड की याद क्यों आ जाती थी?
Answer: प्रसिद्ध लोकनायक रॉबिनहुड अपनी साहसिक कारनामों, बहादुरी और ग़रीबों की सहायता करने की प्रवृत्ति के लिए जाना जाता था, जिसे पकड़ने में तत्कालीन सत्ता हमेशा विफल रही। वज़ीर अली के भीतर भी रॉबिनहुड जैसी ही अदम्य बहादुरी, अंग्रेज़ों के प्रति अटूट नफ़रत और अद्भुत सूझबूझ थी। वह लगातार ब्रिटिश फ़ौज को चकमा देकर वनों में आज़ाद घूम रहा था, जिससे उसके साहसिक और रोमांचकारी किस्से सुनकर कर्नल को रॉबिनहुड के कारनामों का स्मरण हो आता था।
In simple words: रॉबिनहुड की तरह ही वज़ीर अली भी बहुत बहादुर, साहसी और चालाक था जिसे पकड़ना बेहद मुश्किल था। अंग्रेज़ों के खिलाफ उसकी जाँबाज़ी की कहानियाँ सुनकर कर्नल को रॉबिनहुड की याद आती थी।
Exam Tip: रॉबिनहुड और वज़ीर अली के बीच की चारित्रिक समानताओं (साहस, चालाकी, और पकड़ में न आना) का उल्लेख करें।
Question 6. 'कारतूस' पाठ के आधार पर सिद्ध कीजिए कि वज़ीर अली एक नीतिकुशल योद्धा था।
Answer: वज़ीर अली की युद्धनीति और कूटनीति दोनों ही असाधारण थीं, जो उसे एक उत्कृष्ट योद्धा बनाती हैं। अंग्रेज़ों की एक विशाल सुसज्जित सेना उसे पकड़ने के लिए वनों में घेराबंदी करके बैठी थी, परंतु वह अपने मुट्ठी भर निष्ठावान साथियों के साथ इस प्रकार व्यूह रचना करता था कि अंग्रेज़ उसके पास तक नहीं पहुँच पाते थे। उसकी नीतिकुशला का सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि वह स्वयं अकेले शत्रु के मुख्य शिविर में घुस जाता है, कर्नल को विश्वास दिलाता है कि वह वज़ीर अली का विरोधी है और बड़ी चतुराई से उससे कारतूस लेकर सुरक्षित वापस निकल जाता है।
In simple words: वज़ीर अली बहुत समझदार और चालाक योद्धा था। उसने अंग्रेज़ों की बड़ी सेना के बीच अपने मुट्ठी भर साथियों को सुरक्षित रखा और खुद कर्नल के तंबू में जाकर बिना डरे कारतूस ले आया, जिसे देखकर कर्नल भी हैरान रह गया।
Exam Tip: "कर्नल के शिविर में प्रवेश" और "कारतूस प्राप्त करने की चतुर रणनीति" को नीतिकुशलता के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत करें।
Question 7. सआदत अली को अवध के तख़्त पर बिठाने के पीछे कर्नल का क्या मकसद था?
Answer: ईस्ट इंडिया कंपनी का मुख्य ध्येय अवध रियासत की विशाल धन - संपदा और सामरिक स्थिति पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करना था। साआदत अली एक अत्यंत विलासी, ऐश - पसंद और कमज़ोर इच्छाशक्ति वाला व्यक्ति था जो अंग्रेज़ों का वफादार पिट्ठू बनने को तैयार था। अंग्रेज़ों ने उसके साथ समझौता करके अवध का आधा राज्य और दस लाख रुपये की बड़ी नकद राशि हथिया ली, जिससे बिना किसी सैन्य संघर्ष के अवध पर अप्रत्यक्ष रूप से ब्रिटिश हुकूमत कायम हो गई।
In simple words: अंग्रेज़ चाहते थे कि अवध की अपार दौलत पर उनका कब्ज़ा हो जाए। साआदत अली ऐश - पसंद इंसान था, जिसने नवाब बनने के बदले अपनी आधी संपत्ति और दस लाख रुपये अंग्रेज़ों को दे दिए, जिससे कर्नल का मकसद पूरा हो गया।
Exam Tip: "अवध की संपत्ति का दोहन" और "साआदत अली की विलासिता व अंग्रेज़ों के प्रति वफादारी" को मुख्य कारणों में दर्शाएं।
Question 8. सआदत अली कौन था? उसने वज़ीर अली की पैदाइश को अपनी मौत क्यों समझा?
Answer: सआदत अली अवध के भूतपूर्व नवाब आसिफ़उद्दौला का छोटा भाई था। जब तक नवाब आसिफ़उद्दौला निसंतान थे, तब तक सआदत अली का नवाब बनने का मार्ग पूरी तरह निष्कंटक था। परंतु वज़ीर अली के जन्म लेते ही सआदत अली के उत्तराधिकार के दावों को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया, जिससे उसका अवध का शासक बनने का सपना टूट गया। इसी कारण उसने वज़ीर अली के जन्म को अपनी राजनैतिक मृत्यु (मौत) के समान माना।
In simple words: सआदत अली नवाब आसिफ़उद्दौला का भाई था। उसे उम्मीद थी कि भाई के बाद वह नवाब बनेगा, लेकिन वज़ीर अली के पैदा होते ही उसका यह सपना टूट गया, इसलिए उसने इस जन्म को अपनी मौत माना।
Exam Tip: "उत्तराधिकार का छिन जाना" और "नवाब बनने के सपने का टूटना" इस ईर्ष्या का मुख्य कारण था।
Question 9. कंपनी के वकील का कत्ल करने के बाद वज़ीर अली ने अपनी हिफ़ाज़त कैसे की?
Answer: ईस्ट इंडिया कंपनी के वकील की हत्या करने के पश्चात वज़ीर अली तुरंत अपने वफादार साथियों के साथ आज़मगढ़ के जंगलों की ओर भाग गया। वहाँ के स्थानीय शासक (नवाब) ने उसकी देशभक्ति का सम्मान करते हुए उसे सुरक्षित घाघरा नदी के पार पहुँचाने में सहायता की। तब से वह गोरखपुर के बीहड़ जंगलों में छिपकर अपनी गुप्त सैन्य शक्ति को बढ़ाने में लगा हुआ था।
In simple words: वकील को मारने के बाद वज़ीर अली आज़मगढ़ चला गया। वहाँ के नवाब की मदद से वह सुरक्षित घाघरा पहुँचा और फिर जंगलों में रहकर अपनी फौज और ताकत बढ़ाने लगा।
Exam Tip: वकील की हत्या के बाद उसके पलायन के मार्ग (आज़मगढ़ और घाघरा) का भौगोलिक संदर्भ स्पष्ट रूप से दें।
Question 10. वज़ीर अली ने कंपनी के वकील का कत्ल क्यों किया?
Answer: वज़ीर अली को अवध के सिंहासन से हटाने के बाद अंग्रेज़ों ने बनारस निर्वासित कर दिया था। जब ब्रिटिश गवर्नर जनरल ने उसे अचानक कलकत्ता (कोलकाता) आने का आदेश दिया, तो वज़ीर अली अपनी आपत्ति दर्ज कराने बनारस में तैनात ईस्ट इंडिया कंपनी के वकील के पास गया। वकील ने उसकी उचित शिकायत पर ध्यान देने के बजाय उसे अत्यंत अपमानित किया और अपशब्द कहे। स्वाभिमानी वज़ीर अली इस घोर अपमान को सहन नहीं कर सका और उसने तलवार से वकील की हत्या कर दी।
In simple words: अंग्रेज़ों ने वज़ीर अली को गद्दी से हटाकर बनारस भेज दिया था और फिर कलकत्ता बुलाया। जब वह इसकी शिकायत करने अंग्रेज़ वकील के पास गया, तो वकील ने उसकी मदद करने के बजाय उसे डांटा और अपमानित किया, जिससे गुस्सा होकर वज़ीर अली ने उसे मार डाला।
Exam Tip: "गवर्नर जनरल का कलकत्ता बुलाने का आदेश" और "वकील द्वारा किया गया घोर अपमान" इस हत्या के मुख्य कारण थे।
Question 11. सवार ने कर्नल से कारतूस कैसे हासिल किए?
Answer: वह साहसी घुड़सवार, जो वास्तव में वज़ीर अली ही था, एकाकी अंग्रेज़ी छावनी में बिना किसी भय के प्रवेश कर गया। उसने कर्नल के समक्ष स्वयं को वज़ीर अली का कट्टर शत्रु और उसे पकड़ने में अंग्रेज़ों की सहायता करने वाला एक मददगार दर्शाया। कर्नल उसकी इस बनावटी योजना और आत्मविश्वास से प्रभावित हो गया और उसने वज़ीर अली को पकड़ने के अभियान में सहायता हेतु उसे दस कारतूस सौंप दिए। इस प्रकार उसने चालाकी से अपना काम पूरा कर लिया।
In simple words: वज़ीर अली ने अपनी पहचान छिपाकर कर्नल को विश्वास दिलाया कि वह वज़ीर अली को पकड़ने में अंग्रेज़ों की मदद करना चाहता है। कर्नल उसकी बातों में आ गया और उसने उसे खुशी - खुशी दस कारतूस दे दिए।
Exam Tip: वज़ीर अली की "कूटनीतिक चतुराई" और कर्नल के सामने बिछाए गए "झांसे के जाल" को विस्तार से समझाएं।
Question 12. एकांकी 'कारतूस' के अनुसार वज़ीर अली एक जाँबाज़ सिपाही कैसे था?
Answer: 'कारतूस' एकांकी में वज़ीर अली का संपूर्ण चरित्र एक सच्चे और जाँबाज़ सैनिक के रूप में उभरता है। उसमें अदम्य साहस और निर्भयता थी, जिसका प्रमाण उसका अकेले अंग्रेज़ी सेना के मुख्य शिविर में घुसकर कर्नल की आँखों में धूल झोंकना और उससे कारतूस हासिल करना है। अपने आत्मसम्मान की रक्षा के लिए कंपनी के वकील को उसके ही घर में मार गिराना और देश की स्वतंत्रता के लिए सदैव अपने प्राणों की बाज़ी लगाने को तत्पर रहना उसकी इसी असाधारण दिलेरी को प्रमाणित करता है।
In simple words: वज़ीर अली का अकेले अंग्रेज़ों के तंबू में जाकर कारतूस माँगना, अपना अपमान करने वाले वकील को उसी के घर में मार डालना और देश को आज़ाद कराने के लिए हमेशा जान की बाज़ी लगाने को तैयार रहना साबित करता है कि वह एक जाँबाज़ सिपाही था।
Exam Tip: "खेमे में अकेले जाना", "वकील की हत्या" और "देश की आज़ादी के प्रति समर्पण" को बुलेट पॉइंट्स या तार्किक वाक्यों में स्पष्ट करें।
Question 13. सवार के जाने के बाद कर्नल हक्का-बक्का क्यों रह गया?
Answer: जब वह अज्ञात घुड़सवार कर्नल से दस कारतूस सफलतापूर्वक प्राप्त कर लेता है, तो विदा होने से ठीक पहले वह निडरता से अपना वास्तविक नाम 'वज़ीर अली' बताता है। यह सुनकर कर्नल स्तब्ध और हक्का - बक्का रह जाता है। कर्नल इस बात की कल्पना भी नहीं कर सकता था कि जिस जाँबाज़ क्रांतिकारी को पकड़ने के लिए वह अपनी विशाल सेना के साथ हफ़्तों से जंगलों की खाक छान रहा था, वही वज़ीर अली इतनी निडरता से अकेले उसके सामने खड़ा था और उसे चकमा देकर कारतूस भी ले गया। उसकी इस अद्भुत जाँबाज़ी ने कर्नल को भीतर तक प्रभावित कर दिया।
In simple words: कर्नल इसलिए हैरान रह गया क्योंकि जिस वज़ीर अली को पकड़ने के लिए वह पूरी सेना के साथ जंगल में भटक रहा था, वही वज़ीर अली अकेले उसके तंबू में आया, उसे चकमा देकर कारतूस ले गया और जाते - जाते अपना नाम भी बता गया।
Exam Tip: "शत्रु के दुस्साहस" और कर्नल की "सैन्य विफलता व चारित्रिक स्तब्धता" का मार्मिक वर्णन करें।
III. उच्च चिंतन क्षमता एवं अभिव्यक्ति आधारित प्रश्न (4 अंक)
Question 1. साहस और बुद्धि से विपरीत परिस्थितियों पर भी विजय पाई जा सकती है। इसे वज़ीर अली ने कैसे सिद्ध किया? 'कारतूस' पाठ के आधार पर लिखिए।
Answer: 'कारतूस' एकांकी में वज़ीर अली का चरित्र इस बात का जीवंत उदाहरण है कि यदि मनुष्य के पास अदम्य साहस और तीव्र तीक्ष्ण बुद्धि हो, तो वह कठिन से कठिन और विपरीत परिस्थितियों को भी अपने अनुकूल बना सकता है। जब कर्नल कालिंज अपनी पूरी बटालियन के साथ गोरखपुर के घने जंगलों में वज़ीर अली को बंदी बनाने के लिए कड़ा पहरा लगाए बैठा था, तब वज़ीर अली ने अत्यधिक सूझबूझ का परिचय दिया। वह किसी सैन्य टकराव के बजाय सीधे भेस बदलकर अकेले कर्नल के मुख्य तंबू में प्रवेश कर गया। वहाँ उसने अत्यंत संयम और चतुराई से बातचीत करते हुए कर्नल को यह विश्वास दिलाया कि वह वज़ीर अली का जानी दुश्मन है और उसे पकड़वाने में अंग्रेज़ों की मदद कर सकता है। इस कूटनीतिक चाल से उसने न केवल कर्नल से दस महत्वपूर्ण कारतूस हासिल कर लिए, बल्कि अंत में अपना असली नाम उजागर करके और कर्नल को निहत्था पाकर उसकी जान बख्शने की बात कहकर आदरपूर्वक वहाँ से निकल गया। उसने दिखा दिया कि बुद्धिबल और आत्मबल सबसे बड़े हथियार हैं।
In simple words: वज़ीर अली ने साबित किया कि हिम्मत और दिमाग से बड़ी से बड़ी मुश्किल को हल किया जा सकता है। जब अंग्रेज़ उसे पकड़ने के लिए जंगलों में डेरा डाले बैठे थे, तो वह निडर होकर अकेले कर्नल के तंबू में गया, कर्नल को अपनी बातों में फंसाया, उससे कारतूस लिए और जाते - जाते अपना असली नाम बताकर शान से निकल गया। कर्नल चाहकर भी उसका कुछ नहीं बिगाड़ पाया।
Exam Tip: 4 अंक के प्रश्नों में वज़ीर अली के "मनोवैज्ञानिक प्रभाव" और उसके "बुद्धिबल" के संतुलन को तार्किक रूप से स्पष्ट करें।
Question 2. वज़ीर अली ने अपने स्वाभिमानी और देशप्रेम का परिचय किस तरह दिया? 'कारतूस' पाठ के आधार पर लिखिए।
Answer: वज़ीर अली अवध की स्वतंत्रता और अपनी मातृभूमि के सम्मान के प्रति अत्यंत संवेदनशील और समर्पित देशभक्त था। जब अंग्रेज़ों ने कूटनीति के बल पर उसे अवध के सिंहासन से हटा दिया और उसके स्वाभिमान को ठेस पहुँचाने के लिए उसे बनारस भेज दिया, तो वह शांत नहीं बैठा। गवर्नर जनरल द्वारा अपमानजनक ढंग से कलकत्ता तलब किए जाने पर जब वह कंपनी के वकील के पास गया और वकील ने उसके प्रति असम्मानजनक व्यवहार किया, तो स्वाभिमानी वज़ीर अली ने तत्क्षण अपनी तलवार से उसकी हत्या कर दी। यह कृत्य उसके आत्मसम्मान की पराकाष्ठा को दर्शाता है। इसके अतिरिक्त, उसका एकमात्र राष्ट्रीय उद्देश्य ईस्ट इंडिया कंपनी को भारत से पूर्णतः निष्कासित करना था। इसके लिए उसने जंगलों की कठिन परिस्थितियों को सहर्ष स्वीकार किया, अफ़गानिस्तान के शासक से संधि करने का प्रयास किया और अपने सीमित साधनों के बावजूद ब्रिटिश सेना को कड़ी चुनौती देकर अपने अनूठे देशप्रेम और स्वाभिमान का ऐतिहासिक प्रमाण प्रस्तुत किया।
In simple words: वज़ीर अली अवध का पूर्व नवाब था, जिसमें बहुत स्वाभिमान था। अंग्रेज़ों ने जब उसे नवाबी से हटाया, तो उसने हार नहीं मानी। उसका अपमान करने वाले कंपनी के अंग्रेज़ वकील को उसने सबक सिखाने के लिए मार डाला। वह अंग्रेज़ों को देश से बाहर निकालना चाहता था और इसके लिए उसने महलों का सुख छोड़कर जंगलों में रहना स्वीकार किया, जो उसके देशप्रेम को दिखाता है।
Exam Tip: "वकील की हत्या के पीछे का स्वाभिमान" और "देश को अंग्रेज़ों से मुक्त कराने की दीर्घकालिक योजना" को मुख्य बिंदुओं के रूप में लिखें।
Question 3. अंग्रेज़ी शासन से छुटकारा पाने के लिए देश के तत्कालीन नवाबों ने किस तरह संघर्ष किया? इससे आपको क्या प्रेरणा मिलती है?
Answer: अठारहवीं शताब्दी के अंत में जब ईस्ट इंडिया कंपनी फूट डालो और राज करो की साम्राज्यवादी नीतियों से भारतीय रियासतों को अपने नियंत्रण में ले रही थी, तब देश के कई स्वाभिमानी नवाबों और शासकों ने इस विदेशी दासता के विरुद्ध कड़ा संघर्ष किया। वज़ीर अली ने अवध की नवाबी छीने जाने के बाद अंग्रेज़ों द्वारा दी जाने वाली पेंशन (वज़ीफ़े) को ठुकरा दिया और उनके विरुद्ध एक विशाल सशस्त्र विद्रोह की योजना बनाई। उसने न केवल मैसूर के वीर शासक टीपू सुल्तान और बंगाल के नवाब शमसुद्दौला के साथ मिलकर एक राष्ट्रीय गठबंधन बनाने का प्रयास किया, बल्कि विदेशी सहायता के लिए अफ़गान शासक शाहे - ज़मा को भी आमंत्रित किया।
इन वीर शासकों के संघर्ष से हमें यह अमूल्य प्रेरणा मिलती है कि अपनी मातृभूमि की स्वतंत्रता और स्वाभिमान की रक्षा करना हर नागरिक का परम धर्म है। इसके लिए हमें किसी भी प्रकार के व्यक्तिगत सुख - सुविधाओं का त्याग करने और कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी घुटने न टेकने की सीख मिलती है। राष्ट्रीय एकता और अखंडता की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयास करना ही सच्ची देशभक्ति है।
In simple words: अंग्रेज़ जब चालाकी से भारत को गुलाम बना रहे थे, तब वज़ीर अली, टीपू सुल्तान और बंगाल के नवाब जैसे शासकों ने उनके खिलाफ मिलकर आवाज़ उठाई। वज़ीर अली ने अंग्रेज़ों के पैसे ठुकराए और जंगलों में रहकर उनसे लड़ाई जारी रखी। इससे हमें यह प्रेरणा मिलती है कि देश की आज़ादी और सम्मान को बचाने के लिए हमें अपना सब कुछ न्योछावर करने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।
Exam Tip: तत्कालीन शासकों (टीपू सुल्तान, वज़ीर अली, शमसुद्दौला) के "संयुक्त संघर्ष" का उल्लेख करते हुए प्राप्त होने वाली "देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता" की प्रेरणा को विस्तार से समझाएं।
Question 4. आपसी फूट सदैव हानिकारक होती है। इससे आप कितना सहमत हैं? 'कारतूस' पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
Answer: यह ऐतिहासिक रूप से पूरी तरह सिद्ध है कि आपसी मतभेद और घरेलू फूट हमेशा विनाशकारी और हानिकारक साबित होती है, और हम इस विचार से पूर्णतः सहमत हैं। ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में अपने साम्राज्य का विस्तार मुख्य रूप से भारतीय शासकों की इसी आपसी फूट और व्यक्तिगत ईर्ष्या का लाभ उठाकर किया था, जिसका जीवंत प्रमाण हमें 'कारतूस' पाठ में देखने को मिलता है।
अवध के देशभक्त नवाब वज़ीर अली अंग्रेज़ों के बढ़ते वर्चस्व के धुर विरोधी थे और उन्हें देश से बाहर निकालना चाहते थे। परंतु उनके अपने सगे चाचा, सआदत अली, केवल सत्ता की लालसा में अपने ही भतीजे के विरुद्ध विद्रोह कर अंग्रेज़ों के साथ मिल गए। अंग्रेज़ों ने साआदत अली की इस गद्दारी और स्वार्थी प्रवृत्ति का भरपूर फायदा उठाया। उन्होंने वज़ीर अली को नवाबी से बेदखल कर साआदत अली को अवध की गद्दी पर बैठा दिया, और बदले में अवध का आधा राज्य और दस लाख रुपये की असीम संपत्ति हड़प ली। इस प्रकार, घर की फूट के कारण अवध की स्वतंत्रता और अपार संपत्ति अंग्रेज़ों के नियंत्रण में चली गई।
In simple words: हम इस बात से पूरी तरह सहमत हैं कि आपस की लड़ाई हमेशा नुकसानदेह होती है। अवध के देशभक्त नवाब वज़ीर अली अंग्रेज़ों के खिलाफ थे, लेकिन उनके चाचा सआदत अली गद्दी के लालच में अंग्रेज़ों से मिल गए। अंग्रेज़ों ने साआदत अली को नवाब बनाकर अवध की आधी दौलत और ज़मीन हड़प ली। अगर दोनों आपस में न लड़ते, तो अंग्रेज़ कभी अवध पर कब्ज़ा नहीं कर पाते।
Exam Tip: "साआदत अली की गद्दारी" और "अंग्रेज़ों द्वारा अवध की आधी संपत्ति व दस लाख हड़पने" की घटना का विशेष रूप से उल्लेख कर आपसी फूट के नुकसान को स्पष्ट करें।
अभ्यास प्रश्न पत्र
1. निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में दीजिए।
Question 1(क). सिपाहियों द्वारा जंगल में खेमा डालने का क्या मकसद था?
Answer: अंग्रेज़ सिपाहियों और कर्नल कालिंज द्वारा गोरखपुर के घने जंगलों में खेमा डालने का एकमात्र उद्देश्य अवध के बर्खास्त और विद्रोही नवाब वज़ीर अली को जीवित या मृत बंदी बनाना था, जो अंग्रेज़ों की आँखों में धूल झोंककर बरसों से इन्हीं जंगलों में छिपा हुआ था।
In simple words: अंग्रेज़ सिपाहियों ने जंगल में टेंट (खेमा) इसलिए लगाया था ताकि वे देशभक्त वज़ीर अली को ढूँढ सकें और उसे बंदी बना सकें, क्योंकि वह काफ़ी समय से अंग्रेज़ों के हाथ नहीं आ रहा था।
Exam Tip: कर्नल की छावनी का मुख्य ध्येय "वज़ीर अली की गिरफ़्तारी" था, इसे स्पष्ट रूप से उत्तर में दर्ज करें।
Question 1(ख). पाठ में आए 'कंपनी' शब्द से किस कंपनी का बोध होता है? इसने कहाँ-कहाँ कामयाबी हासिल की?
Answer: पाठ में आए 'कंपनी' शब्द से ब्रिटिश 'ईस्ट इंडिया कंपनी' का बोध होता है, जिसने व्यापार के बहाने भारत में पैर पसारे थे। इस कंपनी ने भारत के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों, विशेषकर बंगाल, कर्नाटक, बक्सर और प्लासी जैसी निर्णायक लड़ाइयों में कूटनीति और सैन्य बल से बड़ी सफलताएँ (कामयाबी) हासिल की थीं।
In simple words: यहाँ 'कंपनी' का मतलब ब्रिटिश 'ईस्ट इंडिया कंपनी' से है। इस कंपनी ने चालाकी और धोखे से बंगाल, बक्सर और प्लासी जैसी जगहों पर लड़ाइयाँ जीतकर कामयाबी हासिल की थी।
Exam Tip: 'ईस्ट इंडिया कंपनी' का नाम लिखते हुए बक्सर और प्लासी के ऐतिहासिक युद्धों का उल्लेख अवश्य करें।
Question 1(ग). वज़ीर अली की पैदाइश से सआदत अली के कौन-से सपने टूट गए थे?
Answer: सआदत अली अवध का उत्तराधिकारी और नवाब बनने का सुनहरा सपना देख रहा था क्योंकि तत्कालीन नवाब आसिफ़उद्दौला की कोई संतान नहीं थी। परंतु वज़ीर अली के जन्म लेते ही सआदत अली का नवाब बनने और अवध के सिंहासन पर बैठने का यह सपना हमेशा के लिए टूट गया।
In simple words: सआदत अली सोचता था कि अपने भाई आसिफ़उद्दौला के बाद वही अवध का नवाब बनेगा। लेकिन जैसे ही वज़ीर अली का जन्म हुआ, उसका नवाब बनने का यह सपना हमेशा के लिए टूट गया।
Exam Tip: "उत्तराधिकार का छिन जाना" और "नवाबी की उम्मीदों का समाप्त होना" मुख्य कारण थे।
2. निम्नलिखित में से किसी एक प्रश्न का उत्तर 60-70 शब्दों में दीजिए।
Question 2(क). सवार कर्नल से अकेले में क्यों मिलना चाहता था? इस मुलाकात का कर्नल पर क्या प्रभाव पड़ा?
Answer: वह सवार, जो वास्तव में स्वयं वज़ीर अली था, कर्नल से अकेले में इसलिए मिलना चाहता था ताकि वह बिना किसी सैन्य बाधा या खतरे के कर्नल के तंबू में प्रवेश कर सके, अंग्रेज़ी सुरक्षा व्यवस्था की कमियों को देख सके और कर्नल को निहत्था पाकर उससे आसानी से कारतूस हासिल कर सके।
इस अप्रत्याशित मुलाकात का कर्नल पर गहरा प्रभाव पड़ा। जब विदा होते समय सवार ने अपना असली नाम 'वज़ीर अली' बताया, तो कर्नल हक्का - बक्का और स्तब्ध रह गया। वह वज़ीर अली की इस असीम बहादुरी, निडरता और सूझबूझ से इतना अधिक प्रभावित हुआ कि उसके मुँह से वज़ीर अली के लिए एक "जाँबाज़ सिपाही" होने की तारीफ स्वतः ही निकल पड़ी।
In simple words: वह घुड़सवार खुद वज़ीर अली था और कर्नल के तंबू में बिना किसी शोर - शराबे या पकड़े जाने के डर के अकेले जाकर अपनी योजना पूरी करना चाहता था। इस मुलाकात के बाद कर्नल पूरी तरह हैरान रह गया और वज़ीर अली की बहादुरी का मन ही मन कायल हो गया।
Exam Tip: सवार की "चतुर रणनीति" और कर्नल की "मानसिक स्तब्धता व बहादुरी के प्रति सम्मान" - इन दोनों पक्षों को ६० - ७० शब्दों के इस उत्तर में अच्छे से समझाएं।
Question 2(ख). अफ़गानिस्तान के शासक को हिंदुस्तान पर हमले की दावत क्यों दी गई होगी? अपने विचार रखिए।
Answer: तत्कालीन परिस्थितियों को देखते हुए अफ़गानिस्तान के शासक शाहे - ज़मा को भारत पर आक्रमण करने का निमंत्रण (दावत) मुख्य रूप से देश में पैर पसार रही ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की औपनिवेशिक सत्ता को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए दिया गया था। मैसूर के टीपू सुल्तान, बंगाल के शमसुद्दौला और अवध के वज़ीर अली जैसे देशभक्त शासक भली - भांति जानते थे कि अंग्रेज़ कूटनीति और आधुनिक सैन्य साधनों में बहुत शक्तिशाली हो चुके हैं। भारत की रियासतें आपसी फूट के कारण कमज़ोर थीं, इसलिए अंग्रेज़ों को सामूहिक सैन्य चुनौती देने और देश से बाहर खदेड़ने के लिए एक बाहरी और मज़बूत सैन्य सहायता (अफ़गान सेना) प्राप्त करना उस समय रणनीतिक रूप से बेहद आवश्यक समझा गया होगा।
In simple words: उस समय अंग्रेज़ कूटनीति और हथियारों के मामले में बहुत ताकतवर हो गए थे। भारतीय राजा आपस में लड़ रहे थे, इसलिए वज़ीर अली और टीपू सुल्तान जैसे शासकों ने सोचा कि यदि अफ़गानिस्तान का राजा भारत पर हमला करेगा, तो उसकी मदद से अंग्रेज़ों को देश से आसानी से बाहर निकाला जा सकेगा।
Exam Tip: "ब्रिटिश सत्ता का दमन", "भारतीय शासकों की आपसी कमज़ोरी" और "बाहरी सुदृढ़ सैन्य सहायता की आवश्यकता" जैसी रणनीतिक विवशताओं पर प्रकाश डालते हुए अपने तार्किक विचार रखें।
प्रश्न अभ्यास
1. कर्नल कालिंज का खेमा जंगल में क्यों लगा हुआ था?
उत्तर
कर्नल कांलिज ने वज़ीर अली को गिरफ़्तार करने के लिए जंगल में खेमा लगाये हुए था।
वज़ीर अली ने कई वर्षों से अंग्रेज़ों की आँख में धूल झोंककर उनकी नाक में दम कर रखा था। इसलिए वे वज़ीर अली से तंग आ चुके थे।
3. कर्नल ने सवार पर नज़र रखने के लिए क्यों कहा?
उत्तर
कर्नल ने सवार पर नज़र रखने के लिए इसलिए कहा क्योंकि धूल के उड़ने से उसने अंदाज लगाया कि लोग ज़्यादा हैं और वज़ीर को ढूंढ़ रहे हैं।
4. सवार ने क्यों कहा कि वज़ीर अली की गिरफ़्तारी बहुत मुश्किल है?
उत्तर
सवार खुद वज़ीर अली था जो कि बहुत बहादुर था और शत्रुओं को ललकार रहा था।
लिखित
(क) निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
1. वज़ीर अली के अफ़साने सुनकर कर्नल को रॉबिनहुड की याद क्यों आ जाती थी?
उत्तर
वज़ीर अली रॉबिनहुड की तरह साहसी, हिम्मतवाला और बहादुर था। वह भी रॉबिनहुड की तरह किसी को भी चकमा देकर भाग जाता था। वह अंग्रेज़ी सरकार की पकड़ में नहीं आ रहा था। कम्पनी के वकील को उसने मार डाला था। उसकी बहादुरी के अफ़साने सुनकर ही कर्नल को रॉबिनहुड की याद आती थी।
सआदत अली वज़ीर अली का चाचा और नवाब आसिफउदौला का भाई था। जब तक आसिफउदौला के कोई सन्तान नहीं थी,सआदत अली की नवाब बनने की पूरी सम्भावना थी। इसलिए उसे वज़ीर अली की पैदाइश उसकी मौत लगी।
3. सआदत अली को अवध के तख्त पर बिठाने के पीछे कर्नल का क्या मकसद था?
उत्तर
सआदत अली आराम पसंद अंग्रेज़ों का पिट्ठू था। अंग्रेज़ कर्नल को उसे तख्त पर बिठाने का मकसद अवध की धन सम्पत्ति पर अधिकार करना था। उसने अंग्रेज़ों को आधी सम्पत्ति और दस लाख रूपये दिए। इस तरह सआदत अली को गद्दी पर बैठने से उन्हें लाभ ही लाभ था।
4. कंपनी के वकील का कत्ल करने के बाद वज़ीर अली ने अपनी हिफ़ाज़त कैसे की?
उत्तर
कंपनी के वकील की हत्या करने के बाद वज़ीर अली आजमगढ़ भाग गया और वहाँ के नवाब ने उसकी सहायता की और उसे सुरक्षित घागरा पहुँचा दिया। तब से वह वहाँ के जंगलों में रहने लगा।
5. सवार के जाने के बाद कर्नल क्यों हक्का-बक्का रह गया?
उत्तर
बड़ी चतुराई से वजीर अली कारतूस लेने कर्नल के खेमे में सवार बनकर आया था। जाते समय कर्नल ने नाम पूछा तो उसने वज़ीर अली बताया। उसे सामने देखकर कर्नल हक्का-बक्का रह गया।
लेफ़्टीनेंट को जब कर्नल ने बताया कि कंपनी के खिलाफ़ केवल वज़ीर अली ही नहीं बल्कि दक्षिण में टीपू सुल्तान, बंगाल में नवाब का भाई शमसुद्दौला भी है। इन्होंने अफ़गानिस्तान के बादशाह शाहेज़मा को आक्रमण के लिए निमत्रंण दिया है। यह सब देखकर लेफ़्टीनेंट को आभास हुआ कि कंपनी के खिलाफ़ पूरे हिन्दूस्तान में लहर दौड़ गई है।
2. वज़ीर अली ने कंपनी के वकील का कत्ल क्यों किया?
उत्तर
वज़ीर अली को उसके नवाबी पद से हटा दिया गया और बनारस भेज दिया गया। फिर कलकत्ता बुलाया तो वज़ीर अली ने कंपनी के वकील, जोकि बनारस में रहता था, उससे शिकायत की परन्तु उसने शिकायत सुनने की जगह खरीखोटी सुनाई। इस पर वज़ीर अली को गुस्सा आ गया और उसने वकील का कत्ल कर दिया।
3. सवार ने कर्नल से कारतूस कैसे हासिल किए?
उत्तर
सवार वज़ीर अली अकेला ही घोड़े पर सवार होकर अंग्रेज़ों के खेमे में पहुँच गया और कर्नल को दिखाया कि वह भी वज़ीर अली के खिलाफ़ है। उसने कर्नल से अकेले में मिलने के लिए कहा। कर्नल मान गया और वज़ीर अली के दस कारतूस माँगने पर उसने दे दिए। इस तरह सवार ने कर्नल से कारतूस हासिल किए।
4. वज़ीर अली एक जाँबाज़ सिपाही था, कैसे? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर
वज़ीर अली को अंग्रेज़ों ने अवध के तख्ते से हटा दिया पर उसने हिम्मत नहीं हारी। वज़ीफे की रकम में मुश्किल डालने वाले कंपनी के वकील की भी हत्या कर दी। अंग्रेज़ों को महीनों दौड़ाता रहा परन्तु फिर भी हाथ नहीं आया। अंग्रेज़ों के खेमे में अकेले ही पहुँच गया,कारतूस भी ले आया और अपना सही नाम भी बता गया। इस तरह वह एक जाँबाज़ सिपाही था।
(ग) निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
1. मुट्ठीभर आदमी और इतना दमखम।
उत्तर
इस पंक्ति में वज़ीर अली के साहस और वीरता का परिचय है। वह थोड़े से सैनिकों के साथ जंगल में रह रहा था। अंग्रेज़ों की पूरी फ़ौज उसका पीछा कर रही थी फिर भी उसे पकड़ नहीं पा रही थी।
2. गर्द तो ऐसे उड़ रही है जैसे कि पूरा एक काफ़िला चला आ रहा हो मगर मुझे तो एक ही सवार नज़र आता है।
उत्तर
यह कथन लेफ़्टीनेंट का है। जब वज़ीर अली अंग्रेज़ों के खेमे में अकेला ही आ रहा था परन्तु इतनी तेज़ी से आ रहा था, इतनी धूल उड़ रही थी कि मानों कई सैनिक आ रहे हो, पूरा एक काफ़िला आ रहा हो। लेफ़्टीनेंट कहता है सैनिक तो एक ही नज़र आ रहा है।
भाषा अध्यन
1. निम्नलिखित शब्दों का एक-एक पर्याय लिखिए −
खिलाफ़, पाक, उम्मीद, हासिल, कामयाब, वजीफ़ा, नफ़रत, हमला, इंतेज़ार, मुमकिन।
उत्तर
| खिलाफ़ | - | विरूद्ध |
| पाक | - | पवित्र |
| उम्मीद | - | आशा |
| हासिल | - | प्राप्त |
| कामयाब | - | सफल |
| वजीफ़ा | - | छात्रवृति |
| नफ़रत | - | घृणा |
| हमला | - | आक्रमण |
| इंतेज़ार | - | प्रतीक्षा |
| मुमकिन | - | संभव |
2. निम्नलिखित मुहावरों का अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए −
आँखों में धूल झोंकना, कूट-कूट कर भरना, काम तमाम कर देना, जान बख्श देना, हक्का बक्का रह जाना।
उत्तर
(क) आँखों में धूल झोंकना −चोर ने पुलिस के आँखों में धूल झोंककर चोरी कर ली।
(ख) कूट-कूट कर भरना − झाँसी की रानी में देशभक्ति कूट-कूट कर भरी थी।
(ग) काम तमाम कर देना − बिल्ली ने चूहे का काम तमाम कर दिया।
(घ) जान बख्श देना − देश के दुशमनों की जान नहीं बख्शनी चाहिए।
(ङ) हक्का-बक्का रह जाना − अचानक चाचाजी को सामने देखकर सब हक्के-बक्के रह गए।
(क) जंगल की ज़िंदगी बड़ी खतरनाक होती है।
(ख) कंपनी के खिलाफ़ सारे हिंदुस्तान में एक लहर दौड़ गई।
(ग) वज़ीर को उसके पद से हटा दिया गया।
(घ) फ़ौज के लिए कारतूस की आवश्यकता थी।
(ङ) सिपाही घोड़े पर सवार था।
उत्तर
(क) जंगल की ज़िंदगी बड़ी खतरनाक होती है।
संबंध कारक
(ख) कंपनी के खिलाफ़ सारे हिन्दुस्तान में एक लहर दौड़ गई।
संबंध कारक, अधिकरण कारक
(ग) वज़ीर को उसके पद से हटा दिया गया।
कर्म कारक, अपादान कारक
(घ) फ़ौज के लिए कारतूस की आवश्यकता थी।
सप्रंदान कारक, संबंध कारक
(ङ) सिपाही घोड़े पर सवार था।
अधिकरण कारक
4. नीचे दिए गए वाक्यों में 'ने' लगाकर उन्हें दुबारा लिखिए −
(क) घोड़ा पानी पी रहा था।
(ख) बच्चे दशहरे का मेला देखने गए।
(ग) रॉबिनहुड गरीबों की मदद करता था।
(घ) देशभर के लोग उसकी प्रशंसा कर रहे थे।
उत्तर
(क) घोड़े ने पानी पिया।
(ख) बच्चों ने दशहरे का मेला देखा।
(ग) रॉबिनहुड ने गरीबों की मद्द की।
(घ) देशभर के लोगों ने उसकी प्रशंसा की।
5. निम्नलिखित वाक्यों में उचित विराम-चिह्न लगाइए −
(क) कर्नल ने कहा सिपाहियों इस पर नज़र रखो ये किस तरफ़ जा रहा है
(ख) सवार ने पूछा आपने इस मकाम पर क्यों खेमा डाला है इतने लावलश्कर की क्या ज़रूरत है
(ग) खेमे के अंदर दो व्यक्ति बैठे बाते कर रहे थे चाँदनी छिटकी हुई थी और बाहर सिपाही पहरा दे रहे थे एक व्यक्ति कह रहा था दुशमन कभी भी हमला कर सकता है
उत्तर
(क) कर्नल ने कहा, "सिपाहियों इस पर नज़र रखो ये किस तरफ़ जा रहा है?"
(ख) सवार ने पूछा, "आपने इस मकाम पर क्यों खेमा डाला है? इतने लावलशकर की क्या ज़रूरत है?"
(ग) खेमे के अंदर दो व्यक्ति बैठे बातें कर रहे थे। चाँदनी छिटकी हुई थी और बाहर सिपाही पहरा दे रहे थे। एक व्यक्ति कह रहा था, "दुश्मन कभी भी हमला कर सकता है।"
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