Step-by-Step Textbook Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 08 एल्डिहाइड कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल
Explore reliable textbook solutions for Chapter 08 एल्डिहाइड कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल tailored for Class 12 learners. Utilizing these Chemistry answers ensures thorough preparation and strengthens foundational knowledge before final NCERT evaluations.
Download Chapter 08 एल्डिहाइड कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल Textbook Solutions PDF
Access the complete solution PDF for Class 12 Chemistry below. Regular practice with these targeted textbook answers builds familiarity with standard question patterns and helps secure higher marks in final school evaluations.
Question 8.1: निम्न यौगिकाओं की संरचना लिखिए-
(i) \(\alpha\)-मेथॉक्सीप्रोपियोनएल्डिहाइड
(ii) 3-हाइड्रॉक्सीब्यूटेनल
(iii) 2-हाइड्रॉक्सीसाइक्लोपेंटेन कार्बोएल्डिहाइड
(iv) 4-ऑक्सोपेंटेनैल
(v) डाइ-द्वितीयकब्यूटिल कीटोन
(vi) 4-क्लोरोऐसीटोफीनोन
Answer:
दिए गए यौगिकों की संरचनाएँ निम्नलिखित हैं:
(i) \(\text{H}_3\text{C}-\text{CH}(\text{OCH}_3)-\text{CHO}$
\)
(ii) \(\text{H}_3\text{C}-\text{CH}(\text{OH})-\text{CH}_2-\text{CHO}$
\)
(iii) साइक्लोपेंटेन वलय के प्रथम कार्बन पर \(\text{-CHO}\) समूह तथा द्वितीय कार्बन पर \(\text{-OH}\) समूह जुड़ा होता है।
(iv) \(\text{CH}_3-\text{CO}-\text{CH}_2-\text{CH}_2-\text{CHO}$
\)
(v) \(\text{CH}_3\text{CH}_2\text{CH}(\text{CH}_3)-\text{CO}-\text{CH}(\text{CH}_3)\text{CH}_2\text{CH}_3$
\)
(vi) बेन्जीन वलय पर \(\text{-COCH}_3\) समूह और उसके सापेक्ष पैरा स्थिति पर \(\text{-Cl}\) परमाणु जुड़ा होता है।
मुख्य बिंदु:
• IUPAC नियमों और सामान्य नामकरण के आधार पर संरचना बनाना।
• क्रियात्मक समूहों (एल्डिहाइड और कीटोन) की स्थिति को प्राथमिकता देना।
• प्रतिस्थापियों जैसे मेथॉक्सी, हाइड्रॉक्सी और क्लोरो की सही स्थिति दर्शाना।
आम गलतियाँ:
• कार्बन श्रृंखला की लंबाई में गलती करना।
• क्रियात्मक समूह को मुख्य श्रृंखला में शामिल न करना।
• \(\alpha\)-कार्बन की सही पहचान न कर पाना।
Exam Tips:
a) संरचना बनाते समय हमेशा मुख्य कार्बन श्रृंखला को पहचानकर नंबरिंग करें।
b) \(\alpha\)-कार्बन वह कार्बन होता है जो सीधे क्रियात्मक समूह से जुड़ा होता है।
c) कीटोन और एल्डिहाइड के अंतर को स्पष्ट रूप से समझें।
Question 8.2: निम्न अभिक्रियाओं के उत्पादों की संरचना लिखिए-
(i) बेन्जीन + \(\text{CH}_3\text{COCl}\) (निर्जल \(\text{AlCl}_3\) की उपस्थिति में)
(ii) \((\text{C}_6\text{H}_5\text{CH}_2)_2\text{Cd} + 2\text{CH}_3\text{COCl}$
\)
(iii) \(\text{H}_3\text{C}-\text{C}\equiv\text{C}-\text{H} \xrightarrow{\text{Hg}^{2+}, \text{H}_2\text{SO}_4}$
\)
(iv) p-नाइट्रोटॉलुइन \(\xrightarrow{1. \text{CrO}_2\text{Cl}_2, 2. \text{H}_3\text{O}^+}\)
Answer:
विभिन्न रासायनिक अभिक्रियाओं के उत्पाद निम्नलिखित हैं:
(i) बेन्जीन की अभिक्रिया एसिटिल क्लोराइड के साथ निर्जल \(\text{AlCl}_3\) की उपस्थिति में कराने पर ऐसीटोफीनोन प्राप्त होता है।
(ii) डाइबेंजिलकैडमियम की अभिक्रिया एसिटिल क्लोराइड से कराने पर 1-फेनिलप्रोपैनोन प्राप्त होता है।
(iii) प्रोपाइन की जलयोजन अभिक्रिया \(\text{Hg}^{2+}\) और \(\text{H}_2\text{SO}_4\) की उपस्थिति में कराने पर प्रोपेनोन (ऐसीटोन) बनता है।
(iv) इटार्ड अभिक्रिया के अनुसार p-नाइट्रोटॉलुइन को क्रोमिल क्लोराइड (\(\text{CrO}_2\text{Cl}_2\)) द्वारा ऑक्सीकृत करने पर p-नाइट्रोबेन्जैल्डिहाइड बनता है।
मुख्य बिंदु:
• फ्रीडेल-क्राफ्ट्स ऐसीटिलीकरण अभिक्रिया का उपयोग।
• कीटोन निर्माण के लिए ऑर्गैनोकैडमियम यौगिकों की अभिक्रिया।
• ऐल्काइन का जल योजन मार्कोनीकॉव नियम के अनुसार होता है।
आम गलतियाँ:
• उत्प्रेरकों का उल्लेख न करना।
• उत्पादों के नाम या संरचना में कार्बन संख्या की गलती करना।
• इटार्ड अभिक्रिया में अभिकर्मक बदलना।
Exam Tips:
• महत्वपूर्ण नाम वाली अभिक्रियाओं (जैसे इटार्ड अभिक्रिया) के अभिकर्मक अच्छी तरह याद रखें।
• रासायनिक समीकरणों को हमेशा संतुलित रूप में लिखें।
• तीर के ऊपर आवश्यक तापमान और उत्प्रेरक अवश्य दर्शाएं।
Question 8.3: निम्नलिखित यौगिकाओं को उनके क्वथनांकों के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए-
\(\text{CH}_3\text{CHO}, \text{CH}_3\text{CH}_2\text{OH}, \text{CH}_3\text{OCH}_3, \text{CH}_3\text{CH}_2\text{CH}_3\)
Answer:
दिए गए यौगिकों का आणविक द्रव्यमान लगभग समान (44 से 46) है।
\(\text{CH}_3\text{CH}_2\text{OH}\) (ऐल्कोहॉल) में व्यापक अंतरा-आण्विक हाइड्रोजन आबंध पाया जाता है, जिसके कारण इसके अणुओं का संघनन होता है और इसका क्वथनांक उच्चतम होता है।
\(\text{CH}_3\text{CHO}\) (ऐल्डिहाइड) में ईथर की तुलना में अधिक द्विध्रुवीय-द्विध्रुवीय आकर्षण होता है।
\(\text{CH}_3\text{OCH}_3\) (ईथर) में दुर्बल द्विध्रुवीय आकर्षण होता है जबकि प्रोपेन \(\text{CH}_3\text{CH}_2\text{CH}_3\) में केवल दुर्बल वांडर वाल्स बल होते हैं।
अतः क्वथनांक का बढ़ता क्रम है:
\( \text{CH}_3\text{CH}_2\text{CH}_3 < \text{CH}_3\text{OCH}_3 < \text{CH}_3\text{CHO} < \text{CH}_3\text{CH}_2\text{OH} \)
मुख्य बिंदु:
• हाइड्रोजन आबंध क्वथनांक को सबसे अधिक प्रभावित करता है।
• द्विध्रुवीय-द्विध्रुवीय आकर्षण वांडर वाल्स बलों से मजबूत होते हैं।
• समान आणविक द्रव्यमान वाले यौगिकों में अंतरा-आण्विक बलों की तुलना की जाती है।
आम गलतियाँ:
• ईथर और ऐल्डिहाइड के क्वथनांक की तुलना में भ्रमित होना।
• हाइड्रोजन आबंध की उपस्थिति को नजरअंदाज करना।
Exam Tips:
a) क्वथनांक के क्रम के लिए हमेशा अंतरा-आण्विक बलों (हाइड्रोजन बॉन्डिंग > द्विध्रुव-द्विध्रुव > वांडर वाल्स) को प्राथमिकता दें।
b) कारण स्पष्ट रूप से लिखें कि ऐल्कोहॉल में हाइड्रोजन बॉन्ड क्यों होता है।
c) क्रम को सही तीर (\(<\) या \(>\)) के साथ दर्शाएं।
Question 8.4: निम्नलिखित यौगिकों को नाभिकरागी योग अभिक्रियाओं में उनकी बढ़ती हुई अभिक्रियाशीलता के क्रम में व्यवस्थित कीजिए-
(क) एथैनेल, प्रोपेनेल, प्रोपेनोन, ब्यूटेनोन
(ख) बेन्जैल्डिहाइड, p-टॉलूऐल्डिहाइड, p-नाइट्रोबेन्जैल्डिहाइड, ऐसीटोफीनोन
संकेत - त्रिविम प्रभाव व इलेक्ट्रॉनिक प्रभाव को ध्यान में रखें।
Answer:
(क) ऐल्किल समूह का \(+I\) प्रभाव कार्बोनिल कार्बन पर इलेक्ट्रॉन घनत्व को बढ़ाता है, जिससे नाभिकरागी के आक्रमण की संभावना कम हो जाती है। त्रिविम बाधा भी बढ़ती है।
अतः अभिक्रियाशीलता का बढ़ता क्रम है:
\( \text{ब्यूटेनोन} < \text{प्रोपेनोन} < \text{प्रोपेनेल} < \text{एथैनेल} \)
(ख) एल्डिहाइड कीटोन की तुलना में अधिक अभिक्रियाशील होते हैं। ऐसीटोफीनोन में \(+I\) प्रभाव के कारण सबसे कम अभिक्रियाशीलता होती है। p-टॉलूऐल्डिहाइड में \(-\text{CH}_3\) समूह का \(+I\) प्रभाव इलेक्ट्रॉन घनत्व बढ़ाता है जबकि p-नाइट्रोबेन्जैल्डिहाइड में \(-\text{NO}_2\) समूह का \(-I\) व \(-M\) प्रभाव इलेक्ट्रॉन घनत्व घटाता है।
अतः अभिक्रियाशीलता का बढ़ता क्रम है:
\( \text{ऐसीटोफीनोन} < p\text{-टॉलूऐल्डिहाइड} < \text{बेन्जैल्डिहाइड} < p\text{-नाइट्रोबेन्जैल्डिहाइड} \)
मुख्य बिंदु:
• कार्बोनिल कार्बन पर धनावेश जितना अधिक होगा, नाभिकरागी का आक्रमण उतना ही आसान होगा।
• \(+I\) प्रभाव अभिक्रियाशीलता को घटाता है।
• त्रिविम बाधा (Steric hindrance) कीटोन में एल्डिहाइड से अधिक होती है।
आम गलतियाँ:
• कीटोन और एल्डिहाइड की अभिक्रियाशीलता के क्रम को उल्टा लिख देना।
• \(-I\) और \(+I\) प्रभावों के प्रभाव को गलत समझना।
Exam Tips:
a) हमेशा याद रखें कि एल्डिहाइड कीटोन से अधिक क्रियाशील होते हैं।
b) इलेक्ट्रॉन-प्रदायी समूह (\(+I\)) अभिक्रियाशीलता कम करते हैं और इलेक्ट्रॉन-आकर्षक समूह अभिक्रियाशीलता बढ़ाते हैं।
c) त्रिविम कारक को भी स्पष्ट रूप से समझाएं।
Question 8.5: निम्नलिखित अभिक्रियाओं के उत्पादों को पहचानिए-
(i) \(\text{साइक्लोहेक्सेनोन} + \text{CH}_3\text{CH}_2\text{NH}_2 \xrightarrow{\text{H}^+}\)
(ii) \(\text{टॉलूऐल्डिहाइड} + \text{NH}_2-\text{NH}_2 \rightarrow$
\)
(iii) \(\text{R}-\text{CH}=\text{CH}-\text{CHO} + \text{NH}_2-\text{CO}-\text{NH}-\text{NH}_2 \xrightarrow{\text{H}^+}\)
(iv) \(\text{ऐसीटोफीनोन} + \text{CH}_3\text{CH}_2\text{NH}_2 \xrightarrow{\text{H}^+}\)
Answer:
उत्पाद निम्नलिखित हैं:
(i) साइक्लोहेक्सेनोन की अभिक्रिया एथिलऐमीन के साथ अम्ल की उपस्थिति में कराने पर N-एथिलसाइक्लोहेक्सेनऐमीन (इमीन व्युत्पन्न) बनता है।
(ii) p-नाइट्रोबेन्जैल्डिहाइड की हाइड्रैज़ीन के साथ अभिक्रिया से p-नाइट्रोबेन्जैल्डिहाइड हाइड्रैजोन बनता है।
(iii) \(\text{R}-\text{CH}=\text{CH}-\text{CHO}\) की सेमीकार्बोझाइड के साथ अभिक्रिया से सेमीकार्बोझोन बनता है।
(iv) ऐसीटोफीनोन की एथिलऐमीन के साथ संघनन अभिक्रिया से प्रतिस्थापित इमीन (शिफ़ क्षारक) बनता है।
मुख्य बिंदु:
• अमोनिया के व्युत्पन्न कार्बोनिल यौगिकों के साथ न्यूक्लियोफिलिक योग-विलोपन (संघनन) अभिक्रिया देते हैं।
• जल के अणु का निष्कासन होता है।
• इमीन, हाइड्रैजोन और सेमीकार्बोझोन का निर्माण।
आम गलतियाँ:
• जल के अणु को बाहर निकालना भूल जाना।
• द्विबंध (\(\text{C}=\text{N}\)) के स्थान पर एकल बंध बना देना।
Exam Tips:
a) अमोनिया व्युत्पन्न के साथ अभिक्रिया में हमेशा \(\text{H}_2\text{O}\) का अणु बाहर निकालें।
b) उत्पाद का सामान्य नाम (जैसे हाइड्रैजोन, सेमीकार्बोझोन) सही लिखें।
c) उत्प्रेरक \(\text{H}^+\) की भूमिका को समझें।
Question 8.6: निम्नलिखित यौगिकों के आईयूपीएसी नाम दीजिए-
(i) \(\text{PhCH}_2\text{CH}_2\text{COOH}
\)
(ii) (\text{CH}_3)_2\text{C}=\text{CHCOOH}
(iii) 1-\text{COOH} युक्त साइक्लोपेंटेन (चित्रानुसार)
(iv) 2,4,6-ट्रिनिट्रोबेन्जोइक अम्ल (चित्रानुसार)
Answer:
दिए गए यौगिकों के IUPAC नाम निम्नलिखित हैं:
(i) 3-फेनिलप्रोपैनायिक अम्ल
(ii) 3-मेथिलबूट-2-एनायिक अम्ल
(iii) साइक्लोपेंटेनकार्बोक्सिलिक अम्ल
(iv) 2,4,6-ट्रिनिट्रोबेन्जोइक अम्ल
मुख्य बिंदु:
• कार्बोक्सिलिक अम्ल समूह (\(\text{-COOH}\)) को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।
• वलय से सीधे जुड़े \(\text{-COOH}\) के लिए 'कार्बोक्सिलिक अम्ल' शब्द का प्रयोग होता है।
• द्विबंध की स्थिति को नाम में दर्शाना।
आम गलतियाँ:
• मुख्य श्रृंखला में कार्बन की गिनती में गलती करना।
• वलय वाले यौगिकों में 'कार्बोक्सिलिक अम्ल' की जगह केवल 'अम्ल' लिख देना।
Exam Tips:
a) नंबरिंग हमेशा \(\text{-COOH}\) कार्बन से शुरू करें (यदि यह खुली श्रृंखला में है)।
b) प्रतिस्थापियों के नाम वर्णमाला (alphabetical) क्रम में लिखें।
c) हाइफन (-) और अल्पविराम (,) का सही प्रयोग करें।
Question 8.7: निम्नलिखित यौगिकों को बेन्जोइक अम्ल में कैसे परिवर्तित किया जा सकता है?
(i) एथिलबेन्जीन
(ii) ऐसीटोफीनोन
(iii) ब्रोमोबेन्जीन
(iv) फेनिलएथीन (स्टाइरीन)
Answer:
परिवर्तन निम्नलिखित प्रकार से किए जाते हैं:
(i) एथिलबेन्जीन को क्षारीय \(\text{KMnO}_4\) के साथ गर्म करने पर ऑक्सीकरण द्वारा बेन्जोइक अम्ल प्राप्त होता है।
(ii) ऐसीटोफीनोन का क्षारीय \(\text{KMnO}_4\) द्वारा ऑक्सीकरण करने पर बेन्जोइक अम्ल बनता है।
(iii) ब्रोमोबेन्जीन की अभिक्रिया शुष्क ईथर की उपस्थिति में \(\text{Mg}\) के साथ कराकर ग्रिगनार्ड अभिकर्मक बनाते हैं, जिसकी अभिक्रिया ठोस \(\text{CO}_2\) (शुष्क बर्फ) और फिर जल अपघटन से बेन्जोइक अम्ल बनता है।
(iv) फेनिलएथीन (स्टाइरीन) का क्षारीय \(\text{KMnO}_4\) के साथ ऑक्सीकरण करने पर बेन्जोइक अम्ल प्राप्त होता है।
मुख्य बिंदु:
• पार्श्व श्रृंखला (side chain) का \(\text{KMnO}_4\) द्वारा ऑक्सीकरण बेन्जोइक अम्ल देता है, चाहे श्रृंखला कितनी भी लंबी क्यों न हो।
• ग्रिगनार्ड अभिकर्मक विधि कार्बन श्रृंखला में एक कार्बन बढ़ाने के काम आती है।
• एथिलबेन्जीन और स्टाइरीन दोनों का अंतिम उत्पाद बेन्जोइक अम्ल है।
आम गलतियाँ:
• ग्रिगनार्ड अभिकर्मक में शुष्क ईथर का उल्लेख न करना।
• ऑक्सीकरण के दौरान मध्यवर्ती चरणों की अनदेखी करना।
Exam Tips:
a) बेन्जीन वलय से जुड़ी किसी भी ऐल्किल श्रृंखला के ऑक्सीकरण पर हमेशा \(\text{-COOH}\) समूह ही बनता है, यह नियम याद रखें।
b) ग्रिगनार्ड अभिकर्मक की अभिक्रिया CO2 के साथ बहुत महत्वपूर्ण है, इसे अभ्यास करें।
c) अभिकर्मकों (जैसे \(\text{KMnO}_4/\text{KOH}\)) को तीर के ऊपर स्पष्ट लिखें।
Question 8.8: नीचे प्रदर्शित अम्लों के प्रत्येक युग्म में कौन सा अम्ल प्रबल है?
(i) \(\text{CH}_3\text{COOH}\) अथवा \(\text{CH}_2\text{FCOOH}$
\)
(ii) \(\text{CH}_2\text{FCO}_2\text{H}\) अथवा \(\text{CH}_2\text{ClCO}_2\text{H}$
\)
(iii) \(\text{CH}_3\text{FCH}_2\text{CH}_2\text{CO}_2\text{H}\) अथवा \(\text{CH}_3\text{CHFCH}_2\text{CO}_2\text{H}$
\)
(iv) \(\text{F}_3\text{C}-\text{COOH}\) अथवा \(\text{F}_2\text{HC}-\text{COOH}\)
Answer:
(i) \(\text{CH}_2\text{FCOOH}\) प्रबल अम्ल है क्योंकि \(\text{F}\) परमाणु का \(-I\) (इलेक्ट्रॉन-आकर्षक) प्रभाव \(\text{O}-\text{H}\) आबंध से इलेक्ट्रॉन घनत्व कम कर देता है, जिससे प्रोटॉन आसानी से निकलता है।
(ii) \(\text{CH}_2\text{FCO}_2\text{H}\) प्रबल अम्ल है क्योंकि \(\text{F}\) की विद्युत ऋणात्मकता \(\text{Cl}\) से अधिक होती है, जिससे इसका \(-I\) प्रभाव अधिक होता है।
(iii) \(\text{CH}_3\text{CHFCH}_2\text{CO}_2\text{H}\) प्रबल अम्ल है क्योंकि इसमें \(\text{F}\) परमाणु कार्बोक्सिल समूह के अधिक निकट है, अतः प्रेरणिक प्रभाव अधिक प्रभावी होता है।
(iv) \(\text{F}_3\text{C}-\text{COOH}\) प्रबल अम्ल है क्योंकि इसमें तीन \(\text{F}\) परमाणु जुड़े हैं जिनका संयुक्त \(-I\) प्रभाव \(\text{F}_2\text{HC}-\text{COOH}\) की तुलना में बहुत अधिक है।
मुख्य बिंदु:
• \(-I\) प्रभाव बढ़ाने वाले समूह अम्लीय सामर्थ्य को बढ़ाते हैं।
• दूरी बढ़ने के साथ प्रेरणिक प्रभाव (\(-I\)) कम हो जाता है।
• इलेक्ट्रॉनों को खींचने वाले समूह कार्बोक्सिलेट आयन को स्थायित्व प्रदान करते हैं।
आम गलतियाँ:
\(\text{+I}\) और \(-I\) प्रभावों के प्रभाव में भ्रमित होना।
F और Cl की विद्युत ऋणात्मकता की तुलना गलत करना।
Exam Tips:
a) अम्लीय सामर्थ्य के लिए हमेशा याद रखें: \(-I\) प्रभाव बढ़ाने वाले अम्ल प्रबल होते हैं।
b) दूरी कम होने पर प्रेरणिक प्रभाव अधिक होता है, इसे उत्तर में अवश्य बताएं।
c) ऋणात्मक आयन (\(\text{RCOO}^-\)) के स्थायित्व के आधार पर उत्तर दें।
Free study material for Chemistry
Chemistry Class 12 Curriculum Solutions: Chapter 08 एल्डिहाइड कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल
Chapter Exercise Answers for Class 12 Chemistry
Review comprehensive exercise answers for Class 12 Chemistry Chapter 08 एल्डिहाइड कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल. Fully updated to match current NCERT syllabus guidelines, these textbook solutions help students verify their work and maintain accurate study notes.
Detailed Answer Guides for Chapter 08 एल्डिहाइड कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल
Beyond providing final answers, these guides offer step-by-step breakdowns for complex queries in the Class 12 Chemistry module. This approach helps students balance theoretical depth with practical problem-solving skills required for NCERT exams.
Complete Preparation Kit for Class 12 Exams
These resources act as an effective roadmap for daily homework tasks and independent study. Supplement your review of Chapter 08 एल्डिहाइड कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल with official sample papers and interactive practice tests available on our platform free of charge.
FAQs
The complete and updated NCERT Solutions Class 12 Chemistry Chapter 08 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (एल्डिहाइड कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल) Intext Questions in Hindi is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 12 Chemistry are as per latest NCERT curriculum.
Yes, our experts have revised the NCERT Solutions Class 12 Chemistry Chapter 08 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (एल्डिहाइड कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल) Intext Questions in Hindi as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Chemistry concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.
Toppers recommend using NCERT language because NCERT marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our NCERT Solutions Class 12 Chemistry Chapter 08 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (एल्डिहाइड कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल) Intext Questions in Hindi will help students to get full marks in the theory paper.
Yes, we provide bilingual support for Class 12 Chemistry. You can access NCERT Solutions Class 12 Chemistry Chapter 08 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (एल्डिहाइड कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल) Intext Questions in Hindi in both English and Hindi medium.
Yes, you can download the entire NCERT Solutions Class 12 Chemistry Chapter 08 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (एल्डिहाइड कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल) Intext Questions in Hindi in printable PDF format for offline study on any device.