Step-by-Step Textbook Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 06 हैलोएल्केन तथा हैलोएरीन
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Question 6.1: निम्नलिखित यौगिकों की संरचनाएँ लिखिए–
(i) 2-क्लोरो-3-मेथिलपेन्टेन
(ii) 1-क्लोरो-4-एथिलसाइक्लोहेक्सेन
(iii) 4-तृतीयक-ब्यूटिल-3-आयोडोहेप्टेन
(iv) 1,4-डाइब्रोमोबूट-2-ईन
(v) 1-ब्रोमो-4-द्वितीयक-ब्यूटिल-2-मेथिलबेन्जीन
Answer:
दिए गए IUPAC नाम के आधार पर यौगिकों की संरचनाएँ निम्नलिखित हैं:
(i) मुख्य जनक श्रृंखला 5 कार्बन की (पेन्टेन) है। दूसरे कार्बन पर क्लोरो समूह (\( -\text{Cl} \)) और तीसरे कार्बन पर मेथिल समूह (\( -\text{CH}_3 \)) जुड़ा है:
\( \text{CH}_3-\text{CH}(\text{Cl})-\text{CH}(\text{CH}_3)-\text{CH}_2-\text{CH}_3 \)
(ii) साइक्लोहेक्सेन वलय के प्रथम कार्बन पर क्लोरो (\( -\text{Cl} \)) तथा चौथे कार्बन पर एथिल (\( -\text{C}_2\text{H}_5 \)) समूह जुड़ा है।
(iii) 7 कार्बन की श्रृंखला (हेप्टेन) में तीसरे कार्बन पर आयोडीन और चौथे कार्बन पर तृतीयक-ब्यूटिल समूह जुड़ा है:
\( \text{CH}_3-\text{CH}_2-\text{CH}(\text{I})-\text{CH}(\text{C}(\text{CH}_3)_3)-\text{CH}_2-\text{CH}_2-\text{CH}_3 \)
(iv) 4 कार्बन की श्रृंखला जिसमें दूसरे और तीसरे कार्बन के बीच द्विआबंध (\( \text{C}=\text{C} \)) तथा पहले व चौथे कार्बन पर ब्रोमीन जुड़ा है:
\( \text{Br}-\text{CH}_2-\text{CH}=\text{CH}-\text{CH}_2-\text{Br} \)
(v) बेन्जीन वलय पर स्थिति 1 पर ब्रोमो, स्थिति 2 पर मेथिल तथा स्थिति 4 पर द्वितीयक-ब्यूटिल समूह जुड़ा है।
मुख्य बिंदु:
• सबसे पहले मुख्य कार्बन श्रृंखला (जनक हाइड्रोकार्बन) की पहचान करते हैं।
• नाम में दिए गए अंकों (लोकेन्ट) के अनुसार प्रतिस्थापि समूहों को उचित स्थिति पर रखते हैं।
• बहुआबंधों (द्विबंध/त्रिविबंध) को प्राथमिकता देते हुए अंकन किया जाता है।
आम गलतियाँ:
• मुख्य श्रृंखला में कार्बन परमाणुओं की संख्या की गिनती गलत करना।
• प्रतिस्थापित समूहों (जैसे तृतीयक-ब्यूटिल, द्वितीयक-ब्यूटिल) की संरचना को गलत लिखना।
• लोकेन्ट अंकों की स्थिति दाईं या बाईं ओर से गलत चुनना।
Exam Tips:
a) संरचना सूत्र बनाते समय हमेशा जनक हाइड्रोकार्बन से शुरुआत करें।
b) कार्बन की संयोजकता 4 को हमेशा संतुष्ट करें।
c) संरचनाओं में प्रतिस्थापियों की सही स्थिति दर्शाने के लिए संख्यांकन स्पष्ट रखें।
Question 6.2: ऐल्कोहॉल तथा KI की अभिक्रिया में सल्फ्यूरिक अम्ल का उपयोग क्यों नहीं करते?
Answer:
ऐल्कोहॉल की क्रिया KI के साथ ऐल्किल iodide बनाने के लिए की जाती है। इस अभिक्रिया में HI की आवश्यकता होती है जो KI और \( \text{H}_2\text{SO}_4 \) की अभिक्रिया से उत्पन्न होता है:
\( 2\text{KI} + \text{H}_2\text{SO}_4 \rightarrow 2\text{KHSO}_4 + 2\text{HI} \)
चूँकि \( \text{H}_2\text{SO}_4 \) एक प्रबल ऑक्सीकारक है, यह उत्पन्न हुए HI को आयोडीन (\( \text{I}_2 \)) में ऑक्सीकृत कर देता है:
\( 2\text{HI} + \text{H}_2\text{SO}_4 \rightarrow \text{I}_2 + \text{SO}_2 + 2\text{H}_2\text{O} \)
परिणामस्वरूप, ऐल्कोहॉल और HI के बीच अभिक्रिया नहीं हो पाती। इसलिए, HI के निर्माण के लिए \( \text{H}_2\text{SO}_4 \) का उपयोग नहीं किया जाता, बल्कि इसके स्थान पर एक गैर-ऑक्सीकारक अम्ल जैसे \( \text{H}_3\text{PO}_4 \) का उपयोग किया जाता है।
मुख्य बिंदु:
• \( \text{H}_2\text{SO}_4 \) एक ऑक्सीकारक अभिकर्मक है।
• यह मध्यवर्ती HI को \( \text{I}_2 \) गैस में ऑक्सीकृत कर देता है।
• गैर-ऑक्सीकारक अम्ल \( \text{H}_3\text{PO}_4 \) का उपयोग करके इस समस्या से बचा जाता है।
आम गलतियाँ:
• \( \text{H}_2\text{SO}_4 \) के अम्लीय गुण और ऑक्सीकारक गुण में अंतर न समझ पाना।
• समीकरण संतुलन में त्रुटि करना।
Exam Tips:
• कारण स्पष्ट करते समय ऑक्सीकरण अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण अवश्य लिखें।
• \( \text{H}_3\text{PO}_4 \) का विकल्प के रूप में उल्लेख करना न भूलें।
Question 6.3: प्रोपेन के विभिन्न डाइहैलोलोजन व्युत्पन्न की संरचना लिखिए।
Answer:
प्रोपेन (\( \text{CH}_3-\text{CH}_2-\text{CH}_3 \)) के चार अलग-अलग डाइहैलोलोजन व्युत्पन्न संभव हैं (जहाँ X = हैलोजन, उदाहरणार्थ Br):
(i) 1,1-डाइब्रोमोप्रोपेन: \( \text{Br}_2\text{CH}-\text{CH}_2-\text{CH}_3 \)
(ii) 2,2-डाइब्रोमोप्रोपेन: \( \text{CH}_3-\text{C}(\text{Br})_2-\text{CH}_3 \)
(iii) 1,2-डाइब्रोमोप्रोपेन: \( \text{BrCH}_2-\text{CH}(\text{Br})-\text{CH}_3 \)
(iv) 1,3-डाइब्रोमोप्रोपेन: \( \text{BrCH}_2-\text{CH}_2-\text{CH}_2\text{Br} \)
मुख्य बिंदु:
• डाइहैलो व्युत्पन्न वे यौगिक हैं जिनमें दो हैलोजन परमाणु जुड़े होते हैं।
• ये जेमिनल (एक ही कार्बन पर) या विसिनल (आसपास के कार्बन पर) हो सकते हैं।
आम गलतियाँ:
• सभी संभव समावयवी संरचनाओं को न लिख पाना।
• कार्बन की संयोजकता को गलत संतुलित करना।
Exam Tips:
• संरचनाओं के IUPAC नाम लिखकर उनकी पुष्टि करें।
• जेमिनल और विसिनल हैलाइड्स का अंतर स्पष्ट रखें।
Question 6.4: \( \text{C}_5\text{H}_{12} \) अणुसूत्र वाले समावयवी ऐल्केन में से उसको पहचानिए जो प्रकाशरासायनिक क्लोरीनीकरण पर देता है–
(i) केवल एक monochloride
(ii) तीन समावयवी monochloride
(iii) चार समावयवी monochloride
Answer:
(i) केवल एक monochloride देने वाला ऐल्केन नियोपेन्टेन (\( 2,2 \)-डाइमेथिलप्रोपेन) है, क्योंकि इसमें सभी 12 हाइड्रोजन समतुल्य हैं:
\( (\text{CH}_3)_4\text{C} \)
(ii) तीन समावयवी monochloride देने वाला ऐल्केन \( n \)-पेन्टेन है, क्योंकि इसमें तीन अलग-अलग प्रकार के H परमाणु होते हैं:
\( \text{CH}_3-\text{CH}_2-\text{CH}_2-\text{CH}_2-\text{CH}_3 \)
(iii) चार समावयवी monochloride देने वाला ऐल्केन 2-मेथिलब्यूटेन (आसोपेन्टेन) है, क्योंकि इसमें चार अलग-अलग प्रकार के H परमाणु होते हैं:
\( \text{CH}_3-\text{CH}(\text{CH}_3)-\text{CH}_2-\text{CH}_3 \)
मुख्य बिंदु:
• समतुल्य (equivalent) हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या monochloride उत्पादों की संख्या तय करती है।
• नियोपेन्टेन में 1 प्रकार का, \( n \)-पेन्टेन में 3 प्रकार के और आइसोपेन्टेन में 4 प्रकार के H परमाणु होते हैं।
आम गलतियाँ:
• हाइड्रोजन के प्रकारों (equivalence) की पहचान करने में गलती करना।
• \( \text{C}_5\text{H}_{12} \) के केवल तीन ही संरचनात्मक समावयवी होते हैं (नियो, नॉर्मल और आइसो)।
Exam Tips:
a) संरचना बनाकर सभी H परमाणुओं को चिह्नित करें।
b) प्रत्येक भिन्न स्थिति के H को अलग वर्ण (\( a, b, c \)) से दर्शाएँ।
c) प्रश्न को ध्यान से पढ़कर प्रत्येक भाग के लिए सही समावयवी चुनें।
Question 6.5: निम्नलिखित प्रत्येक अभिक्रिया के मुख्य मोनोहैलो उत्पाद की संरचना बनाइए–
(i) साइक्लोहेक्सावॉल + \( \text{SOCl}_2 \rightarrow \)
(ii) 4-नाइट्रोटोलुकीन + \( \text{Br}_2 / \text{Heat} \rightarrow \)
(iii) 4-हाइड्रॉक्सीमिथाइलफिनॉल + \( \text{HCl} \rightarrow \)
(iv) 1-मेथिलसाइक्लोहेक्सीन + \( \text{HI} \rightarrow \)
(v) \( \text{CH}_3\text{CH}_2\text{Br} + \text{NaI} \rightarrow \)
(vi) साइक्लोहेक्सीन + \( \text{Br}_2 / \text{UV light} \rightarrow \)
Answer:
(i) \( \text{C}_6\text{H}_{11}\text{OH} + \text{SOCl}_2 \rightarrow \text{C}_6\text{H}_{11}\text{Cl} + \text{SO}_2 + \text{HCl} \) (साइक्लोहेक्साइल क्लोराइड)
(ii) मुक्त मूलक ब्रोमीनीकरण द्वारा पार्श्व श्रृंखला (side chain) पर ब्रोमीन जुड़ती है: 1-(ब्रॉमोमिथाइल)-4-नाइट्रोबेन्जीन
(iii) \( -\text{OH} \) समूह का प्रतिस्थापन \( -\text{Cl} \) द्वारा: 4-क्लोरोमिथाइलफिनॉल
(iv) मार्कोनीकॉफ नियम के अनुसार HI का योग: 1-आयोडो-1-मेथिलसाइक्लोहेक्सेन
(v) फिंकेलस्टाइन अभिक्रिया: \( \text{CH}_3\text{CH}_2\text{I} + \text{NaBr} \)
(vi) ऐलीलिय प्रतिस्थापन: 3-ब्रोमोसाइक्लोहेक्सीन
मुख्य बिंदु:
• \( \text{SOCl}_2 \) ऐल्कोहॉल को क्लोराइड में बदलता है।
• मार्कोनीकॉफ नियम से असममित ऐल्कीन पर योगात्मक अभिक्रिया होती है।
• प्रकाश की उपस्थिति में ऐेलिलिक प्रतिस्थापन होता है।
आम गलतियाँ:
• वलय और पार्श्व श्रृंखला (side chain) की अभिक्रियाओं में भ्रमित होना।
• मार्कोनीकॉफ नियम के विपरीत उत्पाद बनाना।
Exam Tips:
a) अभिकर्मकों की प्रकृति (जैसे \( \text{SOCl}_2 \), \( \text{UV} \) प्रकाश) को पहचानें।
b) नाम वाली अभिक्रियाओं (जैसे फिंकेलस्टाइन) के उत्पाद याद रखें।
c) स्टीरियोकैमिस्ट्री और मार्कोनीकॉफ नियम का ध्यान रखें।
Question 6.6: निम्नलिखित यौगिकों को क्वथनांकों के बढ़ते हुए क्रम में व्यवस्थित कीजिए–
(i) ब्रोमोमेथेन, ब्रोमोफॉर्म, क्लोरोमेथेन, डाइजैब्रोमेथेन
(ii) 1-क्लोरोप्रोपेन, आइसोप्रोपिल क्लोराइड, 1-क्लोरोबूट्रेन
Answer:
(i) क्वथनांक का बढ़ता क्रम:
क्लोरोमेथेन < ब्रोमोमेथेन < डाइजैब्रोमेथेन < ब्रोमोफॉर्म
कारण: अणुभार और हैलोजन परमाणुओं की संख्या बढ़ने के साथ वांडरवाल्स बल मजबूत होते हैं।
(ii) क्वथनांक का बढ़ता क्रम:
आसोप्रोपिल क्लोराइड < 1-क्लोरोप्रोपेन < 1-क्लोरोबूट्रेन
कारण: शाखाओं (branching) में वृद्धि से पृष्ठीय क्षेत्रफल घटता है, जिससे क्वथनांक कम होता है।
मुख्य बिंदु:
• आण्विक द्रव्यमान बढ़ने पर क्वथनांक बढ़ता है।
• शाखन (branching) बढ़ने पर क्वथनांक घटता है।
आम गलतियाँ:
• अणुभार और शाखाओं के प्रभाव को आपस में मिला देना।
Exam Tips:
a) पहले आण्विक द्रव्यमान की तुलना करें।
b) यदि अणुभार समान हो, तो शाखन (branching) देखें।
Question 6.7: निम्नलिखित युगलों में से आप कौन से ऐल्किल हैलाइड द्वारा \( \text{S}_\text{N}2 \) अभिक्रिया से अधिक तीव्रता से अभिक्रिया करने की अपेक्षा करते हैं? अपने उत्तर को समझाइये।
(i) \( \text{CH}_3\text{CH}_2\text{CH}_2\text{CH}_2\text{Br} \) अथवा \( \text{CH}_3\text{CH}_2\text{CH}(\text{Br})\text{CH}_3 \)
(ii) \( \text{CH}_3\text{CH}_2\text{CH}(\text{Br})\text{CH}_3 \) अथवा \( (\text{CH}_3)_3\text{C}-\text{Br} \)
(iii) \( \text{CH}_3\text{CH}(\text{CH}_3)\text{CH}_2\text{CH}_2\text{Br} \) अथवा \( \text{CH}_3\text{CH}_2-\text{CH}(\text{CH}_3)-\text{CH}_2\text{Br} \)
Answer:
(i) \( \text{CH}_3\text{CH}_2\text{CH}_2\text{CH}_2\text{Br} \) (1°-ब्रोमोब्यूटेन), क्योंकि \( 1° \) हैलाइड में त्रिण्व बाधा (steric hindrance) कम होती है जो \( \text{S}_\text{N}2 \) के लिए अनुकूल है।
(ii) \( \text{CH}_3\text{CH}_2\text{CH}(\text{Br})\text{CH}_3 \) (2°-ब्रोमोब्यूटेन), क्योंकि \( 3° \) हैलाइड (\( (\text{CH}_3)_3\text{C}-\text{Br} \)) में अत्यधिक त्रिविम बाधा होती है।
(iii) \( \text{CH}_3\text{CH}_2\text{CH}(\text{CH}_3)\text{CH}_2\text{Br} \), क्योंकि इसमें \( -\text{Br} \) से जुड़े कार्बन के पास वाले कार्बन पर शाखा की दूरी अधिक है, जिससे कम त्रिविम बाधा उत्पन्न होती है।
मुख्य बिंदु:
• \( \text{S}_\text{N}2 \) अभिक्रिया के लिए प्रति reactivity क्रम: \( 1° > 2° > 3° \) होता है।
• त्रिण्व बाधा (Steric hindrance) \( \text{S}_\text{N}2 \) गति को धीमा करती है।
आम गलतियाँ:
• \( \text{S}_\text{N}1 \) और \( \text{S}_\text{N}2 \) के रिएक्टिविटी क्रम को विपरीत समझ लेना।
Exam Tips:
a) अभिक्रिया का प्रकार (\( \text{S}_\text{N}2 \)) पहचानें।
b) त्रिविम बाधा (Steric hindrance) के आधार पर उत्तर दें।
Question 6.8: हैलोजन यौगिकों के निम्नलिखित युगलों में से कौन सा यौगिक तीव्रता से \( \text{S}_\text{N}1 \) अभिक्रिया करेगा?
(i) 2-क्लोरो-2-मेथिलप्रोपेन अथवा 3-क्लोरोपेन्टेन
(ii) 2-क्लोरोहेप्टेन अथवा 1-क्लोरोहेप्टेन
Answer:
(i) 2-क्लोरो-2-मेथिलप्रोपेन (\( 3° \)), क्योंकि यह अत्यधिक स्थायी तृतीयक कार्बोकैटायन बनाता है।
(ii) 2-क्लोरोहेप्टेन (\( 2° \)), क्योंकि यह द्वितीयक कार्बोकैटायन बनाता है जो \( 1° \) (1-क्लोरोहेप्टेन) की तुलना में अधिक स्थायी होता है।
मुख्य बिंदु:
• \( \text{S}_\text{N}1 \) अभिक्रिया कार्बोकैटायन के स्थायित्व पर निर्भर करती है।
• कार्बोकैटायन का स्थायित्व क्रम: \( 3° > 2° > 1° \) होता है।
आम गलतियाँ:
• \( \text{S}_\text{N}1 \) और \( \text{S}_\text{N}2 \) के कारकों को आपस में मिला देना।
Exam Tips:
a) बनने वाले कार्बोकैटायन की संरचना बनाकर उसका स्थायित्व जाँचें।
b) प्रेरणिक प्रभाव और हाइपरकंज्युगेशन का ध्यान रखें।
Question 6.9: निम्नलिखित में \( \text{A, B, C, D, E, R} \) तथा \( \text{R}^1 \) को पहिचानिए–
\( \text{R}-\text{Br} + \text{Mg} \xrightarrow{\text{शुष्क ईथर}} \text{A} \xrightarrow{\text{H}_2\text{O}} \text{B} \)
\( \text{R}-\text{Br} + \text{Mg} \xrightarrow{\text{शुष्क ईथर}} \text{C} \xrightarrow{\text{D}_2\text{O}} \text{CH}_3\text{CHCH}_3 \) (D is attached to C)
\( \text{R}-\text{Br} \xrightarrow{\text{Na}/\text{ईथर}} \text{R}^1-\text{X} \xrightarrow{\text{Mg}} \text{D} \xrightarrow{\text{H}_2\text{O}} \text{E} \)
Answer:
दी गई अभिक्रियाओं के अनुसार यौगिक निम्नलिखित हैं:
• \( \text{R}-\text{Br} \) = 2-ब्रोमोप्रोपेन (\( \text{CH}_3\text{CH(Br)CH}_3 \))
• \( \text{A} \) = आइसोप्रोपिलमैग्नीशियम ब्रोमाइड (\( \text{CH}_3\text{CH(MgBr)CH}_3 \))
• \( \text{B} \) = प्रोपेन (\( \text{CH}_3\text{CH}_2\text{CH}_3 \))
• \( \text{C} \) = आइसोप्रोपिलमैग्नीशियम ब्रोमाइड
• \( \text{D} \) = 2-ड्यूटरियोप्रोपेन
• \( \text{R}^1-\text{X} \) = तृतीयक-ब्यूटिल हैलाइड
• \( \text{D} \) (दूसरी श्रृंखला में) = तृतीयक-ब्यूटिलमैग्नीशियम ब्रोमाइड
• \( \text{E} \) = 2-मेथिलप्रोपेन
मुख्य बिंदु:
• ग्रिगनार्ड अभिकर्मक (\( \text{RMgX} \)) का निर्माण शुष्क ईथर में होता है।
• ग्रिगनार्ड अभिकर्मक जल या भारी जल के साथ क्रिया करके ऐल्केन बनाते हैं।
• वुर्ट्ज अभिक्रिया द्वारा उच्च ऐल्केन बनते हैं।
आम गलतियाँ:
• अभिकर्मकों (जैसे जल या \( \text{D}_2\text{O} \) ) के साथ ग्रिगनार्ड की प्रतिक्रिया में उत्पाद का सही चयन न करना।
Exam Tips:
a) चरण-दर-चरण रासायनिक समीकरणों को हल करें।
b) अभिकर्मकों की भूमिका (\(\text{Mg}\), \(\text{H}_2\text{O}\), \(\text{D}_2\text{O}\)) को स्पष्ट रूप से समझें।
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