NCERT Solutions Class 12 Chemistry Chapter 03 Chemical Kinetics (रासायनिक बलगतिकी) Exercise Questions in Hindi

Solutions for Class 12 Chemistry: Chapter 03 रासायनिक बलगतिकी

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Practice Class 12 Chemistry Solutions: Chapter 03 रासायनिक बलगतिकी

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Question 3.1: निम्नलिखित अभिक्रियाओं के वेग व्यंजनों से इनकी अभिक्रिया कोटि तथा वेग स्थिरांकों की इकाइयाँ ज्ञात कीजिए -
(i) \( 3\text{NO}(g) \to \text{N}_2\text{O}(g) \)      वेग = \( k[\text{NO}]^2 \)
(ii) \( \text{H}_2\text{O}_2(aq) + 3\text{I}^-(aq) + 2\text{H}^+ \to 2\text{H}_2\text{O}(l) + \text{I}_3^- \)      वेग = \( k[\text{H}_2\text{O}_2][\text{I}^-] \)
(iii) \( \text{CH}_3\text{CHO}(g) \to \text{CH}_4(g) + \text{CO}(g) \)      वेग = \( k[\text{CH}_3\text{CHO}]^{3/2} \)
(iv) \( \text{C}_2\text{H}_5\text{Cl}(g) \to \text{C}_2\text{H}_4(g) + \text{HCl}(g) \)      वेग = \( k[\text{C}_2\text{H}_5\text{Cl}] \)

Answer:

(i) दिया गया वेग = \( k[\text{NO}]^2 \)
अतः अभिक्रिया कोटि = \( 2 \)
वेग स्थिरांक \( k \) की इकाई = \( \frac{\text{वेग}}{[\text{NO}]^2} = \frac{\text{mol L}^{-1}\text{s}^{-1}}{(\text{mol L}^{-1})^2} = \frac{\text{mol L}^{-1}\text{s}^{-1}}{\text{mol}^2\text{L}^{-2}} = \text{L mol}^{-1}\text{s}^{-1} \)
(ii) दिया गया वेग = \( k[\text{H}_2\text{O}_2][\text{I}^-] \)
अतः अभिक्रिया कोटि = \( 2 \)
वेग स्थिरांक \( k \) की इकाई = \( \frac{\text{वेग}}{[\text{H}_2\text{O}_2][\text{I}^-]} = \frac{\text{mol L}^{-1}\text{s}^{-1}}{(\text{mol L}^{-1})(\text{mol L}^{-1})} = \text{L mol}^{-1}\text{s}^{-1} \)
(iii) दिया गया वेग = \( k[\text{CH}_3\text{CHO}]^{3/2} \)
इसलिए, अभिक्रिया कोटि = \( \frac{3}{2} \)
वेग स्थिरांक \( k \) की इकाई = \( \frac{\text{वेग}}{[\text{CH}_3\text{CHO}]^{3/2}} = \frac{\text{mol L}^{-1}\text{s}^{-1}}{(\text{mol L}^{-1})^{3/2}} = \text{L}^{3/2}\text{mol}^{-1/2}\text{s}^{-1} \)
(iv) दिया गया वेग = \( k[\text{C}_2\text{H}_5\text{Cl}] \)
इसलिए, अभिक्रिया कोटि = \( 1 \)
वेग स्थिरांक \( k \) की इकाई = \( \frac{\text{वेग}}{[\text{C}_2\text{H}_5\text{Cl}]} = \frac{\text{mol L}^{-1}\text{s}^{-1}}{\text{mol L}^{-1}} = \text{s}^{-1} \)

मुख्य बिंदु:

• किसी अभिक्रिया का वेग नियम में सांद्रता पदों की घातों का योग अभिक्रिया की कोटि कहलाता है।
• शून्य कोटि अभिक्रिया के लिए वेग स्थिरांक की इकाई mol L⁻¹ s⁻¹ होती है।
• प्रथम कोटि अभिक्रिया के लिए वेग स्थिरांक की इकाई s⁻¹ होती है।

आम गलतियाँ:

• सांद्रता की इकाइयों को गलत लिखना।
• भिन्नात्मक कोटि में गणितीय गणना करते समय घातों में त्रुटि करना।
• वेग व्यंजक में उपस्थित सांद्रता पदों के स्थान पर गलत मान रखना।

Exam Tips:

a) वेग स्थिरांक की इकाई निकालने का सामान्य सूत्र याद रखें: \( (\text{mol L}^{-1})^{1-n}\text{s}^{-1} \), जहाँ \( n \) अभिक्रिया की कोटि है।
b) वेग नियम समीकरण हमेशा प्रयोग द्वारा निर्धारित होती है, न कि संतुलित रासायनिक समीकरण के रससमीकरणमितीय गुणांकों से।
c) इकाइयों के अंत में समय का मात्रक (s⁻¹) लिखना न भूलें।

 

Question 3.2: अभिक्रिया \( 2\text{A} + \text{B} \to \text{A}_2\text{B} \) के लिए वेग = \( k[\text{A}][\text{B}]^2 \) यहाँ \( k \) का मान \( 2.0 \times 10^{-6}\text{ mol}^{-2}\text{L}^2\text{s}^{-1} \) है। प्रारम्भिक वेग की गणना कीजिए; जब [A] = \( 0.1\text{ mol L}^{-1} \) एवं [B] = \( 0.2\text{ mol L}^{-1} \) हो तथा अभिक्रिया वेग की गणना कीजिए, जब [A] घटकर \( 0.06\text{ mol L}^{-1} \) रह जाए।

Answer:

अभिक्रिया का प्रारम्भिक वेग = \( k[\text{A}][\text{B}]^2 \)
\( \Rightarrow (2.0 \times 10^{-6}\text{ mol}^{-2}\text{L}^2\text{s}^{-1})(0.1\text{ mol L}^{-1})(0.2\text{ mol L}^{-1})^2 = 8.0 \times 10^{-9}\text{mol}^{-2}\text{L}^2\text{s}^{-1} \)
जब [A], \( 0.1\text{ mol L}^{-1} \) से घटकर \( 0.06\text{ mol L}^{-1} \) कर दिया जाता है,
A की सांद्रता में कमी = \( (0.1 - 0.06)\text{ mol L}^{-1} = 0.04\text{ mol L}^{-1} \)
इसलिए, B की सांद्रता में कमी = \( \frac{1}{2} \times 0.04\text{ mol L}^{-1} \)
इस प्रकार, B की उपलब्ध सांद्रता, [B] = \( (0.2 - 0.02)\text{ mol L}^{-1} = 0.18\text{ mol L}^{-1} \)
[A] को \( 0.06\text{ mol L}^{-1} \) तक कम करने के बाद, अभिक्रिया का वेग है,
वेग = \( k[\text{A}][\text{B}]^2 \Rightarrow (2.0 \times 10^{-6}\text{mol}^{-2}\text{L}^2\text{s}^{-1})(0.06\text{ mol L}^{-1})(0.18\text{ mol L}^{-1})^2 = 3.89\text{ mol L}^{-1}\text{s}^{-1} \)

मुख्य बिंदु:

• स्टैचियोमीट्री (रससमीकरणमिति) का उपयोग करके अभिकारकों की सांद्रता में परिवर्तन की गणना की जाती है।
• वेग समीकरण में सांद्रता के मान रखकर किसी भी क्षण पर वेग निकाला जा सकता है।
• द्वितीय कोटि या तृतीय कोटि के व्यंजकों में सांद्रता की घातों का सही ध्यान रखना आवश्यक है।

आम गलतियाँ:

• रससमीकरणमितीय गुणांकों (जैसे यहाँ B के लिए \( 1/2 \)) का उपयोग करना भूल जाना।
• इकाई में हुई त्रुटि को नजरअंदाज करना।
• [B] की सांद्रता में परिवर्तन को सीधे [A] के बराबर मान लेना।

Exam Tips:

a) अभिक्रिया में अभिकारकों के खपत होने के अनुपात को हमेशा संतुलित समीकरण से जांचें।
b) गणना करते समय घातों (पावर) को ध्यान से हल करें ताकि गलती न हो।
c) अंतिम उत्तर में सही मात्रक (Unit) लिखना अनिवार्य है।

 

Question 3.3: प्लेटिनम सतह पर \( \text{NH}_3 \) का अपघटन शून्य कोटि की अभिक्रिया है। \( \text{N}_2 \) एवं \( \text{H}_2 \) के उत्पादन की दर क्या होगी जब \( k \) का मान \( 2.5 \times 10^{-4}\text{ mol L}^{-1}\text{s}^{-1} \) है?

Answer:

प्लेटिनम की सतह पर \( \text{NH}_3 \) का अपघटन निम्नलिखित समीकरण है:
\( 2\text{NH}_{3}(g) \xrightarrow{\text{Pt}} \text{N}_{2}(g) + 3\text{H}_{2}(g) \)
इसलिए, वेग = \( -\frac{1}{2}\frac{\text{d}[\text{NH}_3]}{\text{dt}} = \frac{\text{d}[\text{N}_2]}{\text{dt}} = \frac{1}{3}\frac{\text{d}[\text{H}_2]}{\text{dt}} \)
दिया गया है कि अभिक्रिया शून्य कोटि की अभिक्रिया है। इसलिए,
\( -\frac{1}{2}\frac{\text{d}[\text{NH}_3]}{\text{dt}} = \frac{\text{d}[\text{N}_2]}{\text{dt}} = \frac{1}{3}\frac{\text{d}[\text{H}_2]}{\text{dt}} = 2.5 \times 10^{-4}\text{mol L}^{-1}\text{s}^{-1} \)
इसलिए, \( \text{N}_2 \) के उत्पादन की दर है:
\( \frac{\text{d}[\text{N}_2]}{\text{dt}} = 2.5 \times 10^{-4}\text{mol L}^{-1}\text{s}^{-1} \)
और, \( \text{H}_2 \) के उत्पादन की दर है,
\( \frac{\text{d}[\text{H}_2]}{\text{dt}} = 3 \times 2.5 \times 10^{-4}\text{mol L}^{-1}\text{s}^{-1} = 7.5 \times 10^{-4}\text{mol L}^{-1}\text{s}^{-1} \)

मुख्य बिंदु:

• शून्य कोटि की अभिक्रिया का वेग अभिकारक की सांद्रता पर निर्भर नहीं करता, यह वेग स्थिरांक (\( k \)) के बराबर होता है।
• रससमीकरणमितीय गुणांकों का उपयोग करके अलग-अलग प्रजातियों के लुप्त होने या बनने की दर निकाली जाती है।
• दर हमेशा सकारात्मक (positive) होती है।

आम गलतियाँ:

• शून्य कोटि में सांद्रता पद को वेग व्यंजक में शामिल कर देना।
• रससमीकरणमितीय गुणांकों से गुणा या भाग करना भूल जाना।
• इकाइयों की उपेक्षा करना।

Exam Tips:

a) शून्य कोटि अभिक्रिया के लिए वेग हमेशा वेग स्थिरांक (\( k \)) के बराबर होता है।
b) उत्पाद के बनने की दर हमेशा धनात्मक होती है।
c) संतुलित रासायनिक समीकरण लिखकर ही दर संबंध स्थापित करें।

 

Question 3.4: डाइमेथिल ईथर के अपघटन से \( \text{CH}_4 \), \( \text{H}_2 \) तथा \( \text{CO \) बनते हैं। इस अभिक्रिया का वेग निम्नलिखित समीकरण द्वारा दिया जाता है: वेग = \( k(\text{P}_{\text{CH}_3\text{OCH}_3})^{3/2} \)
अभिक्रिया के वेग का अनुगमन बन्द पात्र में बढ़ते दाब द्वारा किया जाता है, अतः वेग समीकरण को डाइमेथिल ईथर के आंशिक दाब के पद में भी दिया जा सकता है। अतः वेग = \( k(p_{\text{CH}_3\text{OCH}_3})^{3/2} \)
यदि दाब को bar में तथा समय को मिनट में मापा जाए तो अभिक्रिया के वेग एवं वेग स्थिरांक की इकाइयाँ क्या होंगी?

Answer:

यदि दाब को bar में और समय को मिनटों में मापा जाता है, तो दर की इकाई = \( \text{bar minute}^{-1} \)
वेग = \( k(p_{\text{CH}_3\text{OCH}_3})^{3/2} \)
\( \Rightarrow k = \frac{\text{वेग}}{(p_{\text{CH}_3\text{OCH}_3})^{3/2}} \)
इसलिए, वेग स्थिरांक (\( k \)) की इकाई = \( \frac{\text{bar min}^{-1}}{\text{bar}^{3/2}} = \text{bar}^{-1/2}\text{min}^{-1} \)

मुख्य बिंदु:

• गैसीय अभिक्रियाओं के लिए सांद्रता के स्थान पर आंशिक दाब का उपयोग किया जाता है।
• दाब आधारित वेग की इकाई \( \text{pressure}\times\text{time}^{-1} \) होती है।
• वेग स्थिरांक की इकाई अभिक्रिया की कुल कोटि पर निर्भर करती है।

आम गलतियाँ:

• दाब की इकाई bar के स्थान पर सांद्रता की इकाई (mol L⁻¹) का प्रयोग करना।
• भिन्नात्मक कोटि में इकाइयों की गणना करते समय घातांक में गलती करना।
• समय के मात्रक को भूल जाना।

Exam Tips:

a) गैसीय अवस्था की अभिक्रियाओं में सांद्रता की जगह दाब (\( \text{bar} \) या \( \text{atm} \)) का उपयोग किया जाता है।
b) वेग स्थिरांक की इकाई निकालने के लिए व्यंजक को \( k \) के रूप में व्यवस्थित करें।
c) मात्रक लिखते समय अंश और हर की घातों को सावधानी से घटाएं।

 

Question 3.5: रासायनिक अभिक्रिया के वेग पर प्रभाव डालने वाले कारकों का उल्लेख कीजिए।

Answer:

रासायनिक अभिक्रिया की दर को प्रभावित करने वाले कारक इस प्रकार हैं:
• अभिकारकों की सांद्रता (गैसों के मामले में दाब)
• तापमान
• उत्प्रेरक की उपस्थिति

मुख्य बिंदु:

• अभिकारकों की सांद्रता बढ़ने से अभिक्रिया का वेग बढ़ता है क्योंकि प्रभावी संघट्टों की संख्या बढ़ती है।
• तापमान में वृद्धि होने पर वेग स्थिरांक का मान बढ़ता है, जिससे अभिक्रिया तीव्र हो जाती है।
• उत्प्रेरक सक्रिय ऊर्जा को कम करके अभिक्रिया के वेग को बढ़ाता है।

आम गलतियाँ:

• केवल सांद्रता का उल्लेख करना और तापमान या उत्प्रेरक को छोड़ देना।
• कारकों के प्रभाव को संक्षिप्त रूप से स्पष्ट न करना।
• गलत वैज्ञानिक शब्दावली का प्रयोग करना।

Exam Tips:

a) परीक्षा में इन कारकों को बिंदुवार स्पष्ट headings के साथ लिखें।
b) प्रत्येक कारक के साथ उसका संक्षिप्त कारण (जैसे संघट्ट सिद्धांत) भी दें।
c) मुख्य कारकों जैसे सांद्रता, तापमान और उत्प्रेरक को कभी न भूलें।

 

Question 3.6: किसी अभिक्रिया के लिए एक अभिक्रिया द्वितीय कोटि की है। अभिक्रिया का वेग कैसे प्रभावित होगा, यदि अभिक्रयक की सांद्रता-
(i) दुगुनी कर दी जाए
(ii) आधी कर दी जाए?

Answer:

माना अभिक्रयक की सांद्रता [A] = \( a \) है।
अभिक्रिया का वेग, \( R = k[\text{A}]^2 \Rightarrow ka^2 \)
(i) यदि अभिक्रयक की सांद्रता दुगुनी कर दी जाए, अर्थात \( [\text{A}] = 2a \), तो अभिक्रिया का वेग होगा,
\( R' = k(2a)^2 \Rightarrow 4ka^2 = 4R \)
इसलिए, अभिक्रिया का वेग 4 गुना बढ़ जाएगा।
(ii) यदि अभिक्रयक की सांद्रता आधी कर दी जाए, अर्थात \( [\text{A}] = \frac{a}{2} \),
तब अभिक्रिया का वेग होगा, \( R' = k\left(\frac{a}{2}\right)^2 = \frac{1}{4}ka^2 = \frac{1}{4}R \)
इसलिए, अभिक्रिया का वेग \( \frac{1}{4} \) गुना हो जाएगा।

मुख्य बिंदु:

• द्वितीय कोटि अभिक्रिया के लिए वेग सांद्रता के वर्ग के समानुपाती होता है।
• सांद्रता परिवर्तन का प्रभाव कोटि की घात पर निर्भर करता है।
• प्रारंभिक और अंतिम वेग की तुलना करके गुना (factor) निकाला जाता है।

आम गलतियाँ:

• द्वितीय कोटि में सांद्रता के वर्ग के स्थान पर केवल सांद्रता से गुणा कर देना।
• आधी करने पर मान को आधा ही लिख देना (वर्ग करना भूल जाना)।
• अनुपात सही से न निकाल पाना।

Exam Tips:

a) प्रश्न में दी गई कोटि को देखकर सबसे पहले वेग समीकरण \( R = k[\text{A}]^n \) लिखें।
b) नए मान को प्रतिस्थापित करके पुराने वेग से तुलना करें।
c) उत्तर को स्पष्ट शब्दों में (जैसे 4 गुना बढ़ जाएगा) लिखें।

 

Question 3.7: वेग स्थिरांक पर ताप का क्या प्रभाव पड़ता है? ताप के इस प्रभाव को मात्रात्मक रूप से कैसे प्रदर्शित कर सकते हैं?

Answer:

एक रासायनिक अभिक्रिया के लिए तापमान में 10 डिग्री की वृद्धि के साथ वेग स्थिरांक लगभग दोगुना हो जाता है। वेग स्थिरांक पर तापमान प्रभाव को मात्रात्मक रूप से आरेनियस समीकरण द्वारा दर्शाया गया है:
\( k = Ae^{-\frac{E_a}{\text{RT}}} \)
जहाँ \( k \) वेग स्थिरांक है,
\( A \) आरेनियस कारक या आवृत्ति कारक है,
\( R \) गैस स्थिरांक है,
\( T \) तापमान है, और
\( E_a \) अभिक्रिया के लिए सक्रियण ऊर्जा है।

मुख्य बिंदु:

• तापमान बढ़ाने से अणुओं की गतिज ऊर्जा बढ़ती है, जिससे प्रभावी संघट्ट बढ़ते हैं।
• आरेनियस समीकरण वेग स्थिरांक और तापमान के बीच संबंध स्थापित करती है।
• सक्रियण ऊर्जा (\( E_a \)) इस समीकरण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

आम गलतियाँ:

• आरेनियस समीकरण के पदों को गलत परिभाषित करना।
• तापमान के साथ वेग स्थिरांक के दोगुने होने के नियम को भूल जाना।
• समीकरण में \( R \) और \( T \) के उचित मात्रक का ध्यान न रखना।

Exam Tips:

a) आरेनियस समीकरण को स्पष्ट रूप से लिखकर उसके सभी संकेतों (symbols) को समझाएं।
b) तापमान बढ़ाने पर वेग स्थिरांक पर पड़ने वाले सामान्य प्रभाव को जरूर लिखें।
c) सक्रियण ऊर्जा और तापमान के प्रभाव को आपस में जोड़कर उत्तर पूर्ण करें।

 

Question 3.8: एक प्रथम कोटि की अभिक्रिया के निम्नलिखित आँकड़े प्राप्त हुए-
t/s                      0            30            60            90
[A] mol L⁻¹      0.55         0.31         0.17         0.085
30 से 60 सेकण्ड के समय अन्तराल में औसत वेग की गणना कीजिए।

Answer:

\( 30 - 60 \) सेकण्ड के समय अंतराल के दौरान औसत वेग
\( = -\frac{C_2 - C_1}{t_2 - t_1} \)
\( = -\frac{0.31 - 0.17}{60 - 30} \)
\( = -\frac{0.14}{30} \)
\( = 4.6 \times 10^{-3}\text{mol L}^{-1}\text{s}^{-1} \)

मुख्य बिंदु:

• औसत वेग का सूत्र \( -\frac{\Delta[\text{A}]}{\Delta t} \) होता है।
• अभिकारकों की सांद्रता समय के साथ घटती है, इसलिए ऋणात्मक चिन्ह का प्रयोग किया जाता है ताकि वेग धनात्मक आए।
• दिए गए समय अंतराल (30s से 60s) के मानों का ही चयन करना चाहिए।

आम गलतियाँ:

• ऋणात्मक चिन्ह लगाना भूल जाना जिससे वेग ऋणात्मक आ जाए।
• गलत समय अंतराल (जैसे 0 से 60) के मान चुन लेना।
• दशमलव की गणना में त्रुटि करना।

Exam Tips:

a) औसत वेग निकालते समय हमेशा अंतिम सांद्रता में से प्रारंभिक सांद्रता को घटाएं और आगे ऋण चिन्ह लगाएं।
b) समय अंतराल लेते समय सही कॉलम के मानों को सावधानी से चुनें।
c) परिणामी मान के साथ सही मात्रक (\( \text{mol L}^{-1}\text{s}^{-1} \)) लिखना न भूलें।

 

Question 3.9: एक अभिक्रिया A के प्रति प्रथम तथा B के प्रति द्वितीय कोटि की है।
(i) अवकल वेग समीकरण लिखिए।
(ii) B की सांद्रता तीन गुनी करने से वेग पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
(iii) A तथा B दोनों की सांद्रता दुगुनी करने से वेग पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

Answer:

(i) अवकल दर समीकरण होगा, \( -\frac{\text{d}[\text{R}]}{\text{dt}} = k[\text{A}][\text{B}]^2 \)
(ii) यदि B का सांद्र्रण तीन गुना बढ़ा दिया जाए, तो
\( -\frac{\text{d}[\text{R}]}{\text{dt}} = k[\text{A}][3\text{B}]^2 = 9k[\text{A}][\text{B}]^2 \)
इसलिए, अभिक्रिया की दर 9 गुना बढ़ जाएगी।
(iii) जब A और B दोनों की सांद्रता दुगुनी कर दी जाती है,
\( -\frac{\text{d}[\text{R}]}{\text{dt}} = k[\text{A}][\text{B}]^2 = k[2\text{A}][2\text{B}]^2 = 8k[\text{A}][\text{B}]^2 \)
इसलिए, अभिक्रिया की दर 8 गुना बढ़ जाएगी।

मुख्य बिंदु:

• अवकल वेग समीकरण में वेग को सांद्रता के पदों और कोटि के साथ व्यक्त किया जाता है।
• जिस अभिकारक के प्रति कोटि जितनी होती है, सांद्रता परिवर्तन की उतनी ही घात लगती है।
• गणितीय रूप से मान रखकर नए वेग की तुलना पुराने वेग से की जाती है।

आम गलतियाँ:

• B द्वितीय कोटि का है, लेकिन सांद्रता को केवल 3 गुना ही बढ़ा देना (वर्ग करना भूल जाना)।
• दोनों की सांद्रता दुगुनी करने पर \( 2 \times 2 = 4 \) गुना लिख देना जबकि A की घात 1 और B की घात 2 होने के कारण \( 2 \times (2)^2 = 8 \) होगा।
• अवकल वेग समीकरण में ऋणात्मक चिन्ह छोड़ देना।

Exam Tips:

a) प्रश्न में दी गई कोटि के आधार पर पहले सामान्य वेग समीकरण बना लें।
b) सांद्रता परिवर्तन को कोष्ठक के अंदर रखकर उसकी घात को ध्यान से हल करें।
c) प्रत्येक भाग का उत्तर स्पष्ट रूप से "गुना बढ़ जाएगी" के रूप में दें।

 

Question 3.10: A और B के मध्य अभिक्रिया में A और B की विभिन्न प्रारम्भिक सांद्रताओ के लिए प्रारम्भिक वेग (\( r_0 \)) नीचे दिए गए हैं।
A और B के प्रति अभिक्रिया की कोटि क्या है?

Answer:

मान लीजिए कि A के संबंध में अभिक्रिया कोटि \( x \) और B के संबंध में \( y \) है।
इसलिए, \( r_0 = k[\text{A}]^x[\text{B}]^y \)
प्रश्नुसार,
\( 5.07 \times 10^{-5} = k[0.20]^x[0.30]^y \)      ...(i)
\( 5.07 \times 10^{-5} = k[0.20]^x[0.10]^y \)      ...(ii)
\( 1.43 \times 10^{-4} = k[0.40]^x[0.05]^y \)      ...(iii)
समीकरण (i) को (ii) से भाग देने पर हमें प्राप्त करते हैं:
\( \frac{5.07 \times 10^{-5}}{5.07 \times 10^{-5}} = \frac{k[0.20]^x[0.30]^y}{k[0.20]^x[0.10]^y} \Rightarrow 1 = \left(\frac{0.30}{0.10}\right)^y \left(\frac{0.30}{0.10}\right)^0 \Rightarrow y = 0 \)
समीकरण (iii) को (ii) से भाग देने पर हमें प्राप्त करते हैं:
\( \frac{1.43 \times 10^{-4}}{5.07 \times 10^{-5}} = \frac{k[0.40]^x[0.05]^y}{k[0.20]^x[0.20]^y} \Rightarrow \frac{1.43 \times 10^{-4}}{5.07 \times 10^{-5}} = \frac{k[0.40]^x[0.05]^y}{k[0.20]^x[0.20]^y} \) [y = 0]
\( \Rightarrow 2.821 = 2^x \)
अब दोनों तरफ से log लेने पर, \( \log 2.821 = x \log 2 \)
\( \Rightarrow x = \frac{\log 2.821}{\log 2} = \frac{1.496}{0.3010} \approx 1.5 \text{ (लगभग)} \)
अतः A के संबंध में अभिक्रिया कोटि 1.5 है और B के संबंध में शून्य है।

मुख्य बिंदु:

• ऐसे प्रश्नों में विभिन्न प्रयोगों के वेग समीकरणों का अनुपात लेकर कोटि (\( x \) और \( y \)) निकाली जाती है।
• लॉगरिथम (log) का उपयोग करके भिन्नात्मक कोटि की सटीक गणना की जाती है।
• जिस अभिकारक की सांद्रता बदलने पर वेग नहीं बदलता, उसके प्रति कोटि शून्य होती है।

आम गलतियाँ:

• समीकरणों को भाग देते समय गलत मानों का चयन करना।
• log की गणना में मान गलत रखना या एंटीलॉग में गलती करना।
• कोटि का मान ऋणात्मक या असंभव लिख देना।

Exam Tips:

a) सबसे पहले उन दो समीकरणों को चुनें जिनमें एक अभिकारक की सांद्रता समान हो ताकि दूसरे की कोटि आसानी से निकल सके।
b) लॉगरिथम के उपयोग वाले चरणों को साफ-साफ और स्टेप-बाय-स्टेप लिखें।
c) अंत में दोनों अभिकारकों के लिए अलग-अलग कोटि स्पष्ट रूप से घोषित करें।

 

Question 3.11: \( 2\text{A} + \text{B} \to \text{C} + \text{D} \) अभिक्रिया की बलगतिकी अध्ययन करने पर निम्नलिखित परिणाम प्राप्त हुए। अभिक्रिया के लिए वेग नियम तथा वेग स्थिरांक ज्ञात कीजिए।
[प्रयोग तालिका दी गई है जिसमें A और B की सांद्रता तथा प्रारंभिक वेग दिए गए हैं]

Answer:

मान लीजिए कि A के संबंध में अभिक्रिया कोटि \( x \) है और B के संबंध में \( y \) है।
इसलिए, अभिक्रिया का वेग = \( k[\text{A}]^x[\text{B}]^y \)
प्रश्नुसार,
\( 6.0 \times 10^{-3} = k[0.1]^x[0.1]^y \)      ...(i)
\( 7.2 \times 10^{-2} = k[0.3]^x[0.2]^y \)      ...(ii)
\( 2.88 \times 10^{-1} = k[0.3]^x[0.4]^y \)      ...(iii)
\( 2.40 \times 10^{-2} = k[0.4]^x[0.1]^y \)      ...(iv)
समीकरण (iv) को (i) से भाग देने पर हम प्राप्त करते हैं:
\( \frac{2.40 \times 10^{-2}}{6.0 \times 10^{-3}} = \frac{k[0.4]^x[0.1]^y}{k[0.1]^x[0.1]^y} \Rightarrow 4 = \left(\frac{0.4}{0.1}\right)^x \Rightarrow (4)^1 = 4^x \Rightarrow x = 1 \)
समीकरण (iii) को (ii) से भाग देने पर हम प्राप्त करते हैं:
\( \frac{2.88 \times 10^{-1}}{7.2 \times 10^{-2}} = \frac{k[0.3]^x[0.4]^y}{k[0.3]^x[0.2]^y} \Rightarrow 4 = \left(\frac{0.4}{0.2}\right)^y \Rightarrow 4 = 2^y \Rightarrow 2^2 = 2^y \Rightarrow y = 2 \)
इसलिए, वेग नियम से,
वेग = \( k[\text{A}][\text{B}]^2 \Rightarrow k = \frac{\text{दर}}{[\text{A}][\text{B}]^2} \)
प्रयोग I से, हम प्राप्त करते हैं, \( k = \frac{6.0 \times 10^{-3}\text{mol L}^{-1}\text{min}^{-1}}{(0.1\text{ mol L}^{-1})(0.1\text{ mol L}^{-1})^2} = 6.0\text{ L}^2\text{mol}^{-2}\text{min}^{-1} \)
इसी प्रकार सभी प्रयोगों से \( k \) का मान समान अर्थात् \( 6.0\text{ L}^2\text{mol}^{-2}\text{min}^{-1} \) प्राप्त होता है।

मुख्य बिंदु:

• ऐसे आंकिक प्रश्नों में पहले वेग नियम के लिए कोटि \( x \) और \( y \) निकाली जाती है।
• किसी भी एक प्रयोग के मान को वेग समीकरण में रखकर \( k \) (वेग स्थिरांक) की गणना की जाती है।
• सभी प्रयोगों से वेग स्थिरांक का मान लगभग समान आना चाहिए।

आम गलतियाँ:

• समीकरणों का अनुपात निकालते समय गलत प्रयोग संख्या चुनना।
• वेग स्थिरांक की इकाई लिखना भूल जाना।
• घातों की तुलना करते समय गणितीय गलती करना।

Exam Tips:

a) प्रयोगों के समीकरणों के नाम (i, ii, iii, iv) स्पष्ट रूप से दें।
b) \( x \) और \( y \) निकालने के बाद वेग नियम को समीकरण के रूप में अवश्य लिखें।
c) \( k \) का मात्रक निकालते समय अभिक्रिया की कुल कोटि (\( 1 + 2 = 3 \)) का ध्यान रखें।

 

Question 3.12: A तथा B के मध्य अभिक्रिया A के प्रति प्रथम तथा B के प्रति शून्य कोटि की है। निम्नलिखित तालिका में रिक्त स्थान भरिए:
[प्रयोग तालिका दी गई है जिसमें विभिन्न सांद्रता और प्रारंभिक वेग दिए गए हैं]

Answer:

दी गई अभिक्रिया A के संबंध में पहले कोटि की है और B के संबंध में शून्य कोटि की है।
इसलिए, अभिक्रिया का वेग, वेग = \( k[\text{A}]^1[\text{B}]^0 \Rightarrow \text{दर} = k[\text{A}] \)
प्रयोग I से प्राप्त वेग = \( 2.0 \times 10^{-2}\text{mol L}^{-1}\text{min}^{-1} = k(0.1\text{ mol L}^{-1}) \Rightarrow k = 0.2\text{ min}^{-1} \)
प्रयोग II से प्राप्त वेग = \( 4.0 \times 10^{-2}\text{mol L}^{-1}\text{min}^{-1} = k(0.2\text{ mol L}^{-1}) \Rightarrow [\text{A}] 0.2\text{ mol L}^{-1} \)
प्रयोग III से प्राप्त वेग = \( 0.2\text{ min}^{-1} \times 0.4\text{ mol L}^{-1} = 0.08\text{ mol L}^{-1}\text{min}^{-1} \)
प्रयोग IV से प्राप्त वेग = \( 2.0 \times 10^{-2}\text{mol L}^{-1}\text{min}^{-1} = 0.2\text{ min}^{-1} [\text{A}] \Rightarrow [\text{A}] = 0.1\text{ mol L}^{-1} \)

मुख्य बिंदु:

• शून्य कोटि के घटक की सांद्रता का वेग पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता क्योंकि उसकी घात शून्य होती है।
• वेग स्थिरांक (\( k \)) एक निश्चित तापमान पर स्थिर रहता है, अतः इसे एक प्रयोग से निकालकर दूसरे में उपयोग कर सकते हैं।
• सांद्रता और वेग का सीधा रैखिक संबंध होता है (प्रथम कोटि के लिए)।

आम गलतियाँ:

• B की सांद्रता को भी वेग समीकरण में प्रभावशील मान लेना (जबकि यह शून्य कोटि है)।
• \( k \) का मान गलत निकालना।
• रिक्त स्थानों में मात्रक न लिखना।

Exam Tips:

a) सबसे पहले दी गई कोटि के आधार पर वेग व्यंजक लिखें: वेग = \( k[\text{A}] \)。
b) पहले पूर्ण प्रयोग से \( k \) का मान ज्ञात करें।
c) रिक्त स्थानों को निकालने के लिए उसी \( k \) का प्रयोग करें।

 

Question 3.13: नीचे दी गई प्रथम कोटि की अभिक्रियाओं के वेग स्थिरांक से अर्द्ध-आयु की गणना कीजिए -
(i) \( 200\text{ s}^{-1} \)      (ii) \( 2\text{ min}^{-1} \)      (iii) \( 4\text{ year}^{-1} \)

Answer:

(i) अर्द्ध-आयु, \( t_{1/2} = \frac{0.693}{k} \)
\( = \frac{0.693}{200\text{ s}^{-1}} = 3.47\text{ s} \text{ (लगभग)} \)
(ii) अर्द्ध-आयु, \( t_{1/2} = \frac{0.693}{k} \)
\( = \frac{0.693}{2\text{ min}^{-1}} = 0.35\text{ min} \text{ (लगभग)} \)
(iii) अर्द्ध-आयु, \( t_{1/2} = \frac{0.693}{k} \)
\( = \frac{0.693}{4\text{ year}^{-1}} = 0.173\text{ years} \text{ (लगभग)} \)

मुख्य बिंदु:

• प्रथम कोटि अभिक्रिया के लिए अर्द्ध-आयु काल अभिकारक की प्रारंभिक सांद्रता पर निर्भर नहीं करता है।
• सूत्र \( t_{1/2} = \frac{0.693}{k} \) का उपयोग केवल प्रथम कोटि अभिक्रिया के लिए किया जाता है।
• समय का मात्रक \( k \) के मात्रक का व्युत्क्रम होता है।

आम गलतियाँ:

• शून्य कोटि या द्वितीय कोटि के सूत्र प्रथम कोटि में लगा देना।
• 0.693 के स्थान पर अन्य मान रख देना।
• मात्रक को गलत लिखना (जैसे सेकंड के स्थान पर मिनट लिख देना)।

Exam Tips:

a) प्रथम कोटि के लिए अर्द्ध-आयु का यह सीधा सूत्र परीक्षा में समय बचाता है।
b) गणना करते समय दशमलव के स्थानों का विशेष ध्यान रखें।
c) उत्तर में समय का सही मात्रक अवश्य दर्शाएं।

 

Question 3.14: \( ^{14}\text{C} \) के रेडियोऐक्टिव क्षय की अर्द्धआयु 5730 वर्ष है। एक पुरातत्व कलाकृति की लकड़ी में, जीवित वृक्ष की लकड़ी की तुलना में \( 80\% \) \( ^{14}\text{C} \) की मात्रा है। नमूने की आयु का परिकलन कीजिए।

Answer:

यहाँ, \( k = \frac{0.693}{t_{1/2}} = \frac{0.693}{5730}\text{ years}^{-1} \)
इसलिए, नमूने की आयु \( t = \frac{2.303}{k}\log\frac{[\text{R}]_0}{[\text{R}]} \)
\( t = \frac{2.303}{\frac{0.693}{5730}}\log\frac{100}{80} \)
\( t = \frac{2.303 \times 5730}{0.693}\log 1.25 = 1845\text{ years} \text{ (लगभग)} \)
अतः, नमूने की आयु 1845 वर्ष है।

मुख्य बिंदु:

• रेडियोऐक्टिव क्षय हमेशा प्रथम कोटि की गतिज का पालन करता है।
• \( [\text{R}]_0 \) प्रारंभिक मात्रा (100%) और \( [\text{R}] \) बची हुई मात्रा (80%) होती है।
• पहले \( k \) की गणना करके फिर समय निकाला जाता है।

आम गलतियाँ:

• प्रतिशत मानों को सीधे log में गलत तरीके से रखना।
• अर्धआयु से पहले वेग स्थिरांक \( k \) न निकालना।
• log 1.25 या log (100/80) का मान निकालने में त्रुटि करना।

Exam Tips:

a) कार्बन डेटिंग के ऐसे प्रश्नों में प्रथम कोटि के समाकलित वेग समीकरण का प्रयोग करें।
b) \( \log(100/80) = \log(5/4) = \log 5 - 2\log 2 \) का मान याद रखना मददगार होता है।
c) अंतिम उत्तर के साथ वर्ष (years) मात्रक अवश्य लिखें।

 

Question 3.15: गैस प्रावस्था में 318 K पर \( \text{N}_2\text{O}_5 \) के अपघटन की अभिक्रिया (\( 2\text{N}_2\text{O}_5 \to 4\text{NO}_2 + \text{O}_2 \)) के आँकड़े नीचे दिए गए हैं -
[सारणी दी गई है जिसमें t और \( 10^2 \times [\text{N}_2\text{O}_5] \) के मान हैं]
(i) \( [\text{N}_2\text{O}_5] \) एवं \( t \) के मध्य आलेख खींचिए।
(ii) अभिक्रिया के लिए अर्द्ध-आयु की गणना कीजिए।
(iii) \( \log[\text{N}_2\text{O}_5] \) एवं \( t \) के मध्य ग्राफ खींचिए।
(iv) अभिक्रिया के लिए वेग नियम क्या है?
(v) वेग स्थिरांक की गणना कीजिए।
(vi) \( k \) की सहायता से अर्द्ध-आयु की गणना कीजिए तथा इसकी तुलना (ii) से कीजिए।

Answer:

(i) आलेख में सांद्रता और समय के बीच वक्र प्राप्त होता है जो प्रथम कोटि को दर्शाता है।
(ii) सांद्रता \( 1.63 \times 10^{-2}\text{mol L}^{-1} = 81.5\text{ mol L}^{-1} \) के लिए दिया गया समय अर्द्ध-आयु है। ग्राफ से, अर्द्ध-आयु 1450 s प्राप्त होता है।
(iii) \( \log[\text{N}_2\text{O}_5] \) और \( t \) के बीच बनाई गई सारणी के अनुसार सीधी रेखा प्राप्त होती है।
(iv) दी गई अभिक्रिया पहले कोटि की है क्योंकि ग्राफ में \( \log[\text{N}_2\text{O}_5]\text{ v/s }t \), एक सीधी रेखा है। इसलिए, अभिक्रिया के वेग नियम के अनुसार, वेग = \( k[\text{N}_2\text{O}_5] \)
(v) ग्राफ से, \( \log[\text{N}_2\text{O}_5] \) प्रवणता = \( \frac{-2.46 - (-1.79)}{3200 - 0} = \frac{-0.67}{3200} \)
पुनः, ग्राफ में रेखा का ढलान \( \log[\text{N}_2\text{O}_5]\text{ v/t} \) के द्वारा प्रदर्शित है, \( = -\frac{k}{2.303} \)
इस प्रकार, हमें प्राप्त होता है, \( -\frac{k}{2.303} = \frac{0.67}{3200} = 4.82 \times 10^{-4}\text{s}^{-1} \)
(vi) अर्द्ध-आयु दी जाती है, \( t_{1/2} = \frac{0.639}{k} = \frac{0.693}{4.82 \times 10^{-4}\text{s}} = 1.438 \times 10^3\text{s} = 1438\text{ s} \)
यह मान, 1438 s, उस मान के बहुत करीब है जो ग्राफ से प्राप्त किया गया था।

मुख्य बिंदु:

• प्रथम कोटि अभिक्रिया के लिए \( \log[\text{R}] \) और \( t \) के बीच का ग्राफ एक सीधी रेखा होता है जिसका ढलान \( -k/2.303 \) होता है।
• अर्द्ध-आयु वह समय है जिसमें अभिकारक की सांद्रता आधी रह जाती है।
• ग्राफिकल विधि से वेग स्थिरांक और अर्द्ध-आयु दोनों निकाले जा सकते हैं।

आम गलतियाँ:

• ग्राफ बनाते समय पैमाना (scale) सही न चुनना।
• प्रवणता (slope) निकालते समय ऋणात्मक चिन्ह छोड़ देना।
• \( t_{1/2} \) के सूत्र में मान रखते समय घातों की गड़बड़ी करना।

Exam Tips:

a) ग्राफ से संबंधित प्रश्नों में ढलान (slope) के मानों को बहुत सावधानी से रखें।
b) प्रथम कोटि की पहचान के लिए \( \log \) वाला ग्राफ ही सबसे महत्वपूर्ण है।
c) दोनों विधियों (ग्राफ और सूत्र) से आए मानों की तुलना करना न भूलें।

 

Question 3.16: प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए वेग स्थिरांक \( 60\text{ s}^{-1} \) है। अभिक्रयक को अपनी प्रारम्भिक सांद्रता से \( \frac{1}{16} \) वाँ भाग रह जाने में कितना समय लगेगा?

Answer:

यह ज्ञातहैकि, \( t = \frac{2.303}{k}\log\frac{[\text{R}]_0}{[\text{R}]} \)
\( \Rightarrow t = \frac{2.303}{60\text{ s}^{-1}}\log\frac{1}{\frac{1}{16}} \)
\( \Rightarrow t = \frac{2.303}{60\text{ s}^{-1}}\log 16 = \frac{2.303}{60\text{ s}^{-1}}\log(2^4) = \frac{2.303 \times 4 \times 0.3010}{60\text{ s}^{-1}} \)
\( \Rightarrow t = \frac{2.303}{60\text{ s}^{-1}} \times 1.204 = 4.62 \times 10^{-2}\text{s} \text{ (लगभग)} \)
इसलिए, अभीष्ट समय \( 4.6 \times 10^{-2}\text{s} \) है।

मुख्य बिंदु:

• सांद्रता का अंश \( \frac{1}{16} \) होने का अर्थ है कि यदि प्रारंभिक सांद्रता 1 है तो शेष सांद्रता \( \frac{1}{16} \) है।
• प्रथम कोटि के समाकलित वेग समीकरण का उपयोग किया जाता है।
• \( \log 16 = 4\log 2 \) गुणधर्म का उपयोग करने से गणना सरल हो जाती है।

आम गलतियाँ:

• \( [\text{R}]_0 \) और \( [\text{R}] \) के मानों को उल्टा रख देना।
• log मान की गणना में त्रुटि करना।
• मात्रक सेकंड के स्थान पर कुछ और लिख देना।

Exam Tips:

a) भिونनात्मक सांद्रता वाले प्रश्नों में \( [\text{R}] = \frac{1}{n}[\text{R}]_0 \) संबंध का उपयोग करें।
b) लॉगरिथम को सरल बनाने के लिए घातांक नियम (\( \log a^n = n\log a \)) का प्रयोग करें।
c) उत्तर को वैज्ञानिक संकेतन (scientific notation) में लिखें।

 

Question 3.17: नाभिकीय विस्फोट का 28.1 वर्ष अर्द्धआयु वाला एक उत्पाद \( ^{90}\text{Sr} \) होता है। यदि कैल्सियम के स्थान पर \( 1\mu\text{g} \), \( ^{90}\text{Sr} \) नवजात शिशु की हड्डियों में अवशेषित हो जाए और उपापचय से ह्रास न हो तो इसकी 10 वर्ष एवं 60 वर्ष पश्चात कितनी मात्रा रह जाएगी?

Answer:

यहाँ, \( k = \frac{0.693}{t_{1/2}} = \frac{0.693}{28.1}\text{ y}^{-1} \)
दिया है, \( t = 10\text{ वर्ष} \)
\( t = \frac{2.303}{k}\log\frac{[\text{R}]_0}{[\text{R}]} \Rightarrow 10 = \frac{2.303}{\frac{0.693}{28.1}}\log\frac{1}{[\text{R}]} \Rightarrow 10 = \frac{2.303}{\frac{0.693}{28.1}}(-\log[\text{R}]) \)
\( \Rightarrow \log[\text{R}] = -\frac{10 \times 0.693}{2.303 \times 28.1} \Rightarrow [\text{R}] = \text{antilog}(-0.1071) \Rightarrow \text{antilog}(\bar{1}.8929) = 0.7814\mu\text{g} \)
इसलिए, \( ^{90}\text{Sr} \), 10 साल बाद \( 0.7814\mu\text{g} \) रह जाएगा।
पुनः, \( t = 60\text{ वर्ष} \)
\( 60 = \frac{2.303}{\frac{0.693}{28.1}}\log\frac{1}{[\text{R}]} \)
\( \Rightarrow \log[\text{R}] = -\frac{60 \times 0.693}{2.303 \times 28.1} \)
\( \Rightarrow [\text{R}] = \text{antilog}(-0.6425) = \text{antilog}(\bar{1}.3575) = 0.2278\mu\text{g} \)
इसलिए, \( ^{90}\text{Sr} \), 60 साल बाद \( 0.2278\mu\text{g} \) रह जाएगा।

मुख्य बिंदु:

• रेडियोऐक्टिव विघटन हमेशा प्रथम कोटि की बलगतिकी का पालन करता है।
• बची हुई सांद्रता निकालने के लिए एंटीलॉग (antilog) का प्रयोग किया जाता है।
• प्रारंभिक मात्रा \( 1\mu\text{g} \) दी गई है।

आम गलतियाँ:

• एंटीलॉग निकालते समय ऋणात्मक संख्याओं के पूर्णांक और भिन्नात्मक भाग को सही से न संभालना।
• \( k \) का मान गलत रखना।
• समय के दोनों मानों (10 और 60) के लिए अलग-अलग हल न करना।

Exam Tips:

a) ऐसे बड़े आंकिक प्रश्नों में पहले वेग स्थिरांक \( k \) की गणना अलग से कर लें।
b) ऋणात्मक लॉग मानों का एंटीलॉग निकालते समय मानक विधि (bar notation) का प्रयोग करें।
c) दोनों समय अंतरालों के उत्तर अलग-अलग स्पष्ट रूप से लिखें।

 

Question 3.18: दर्शाइए कि प्रथम कोटि की अभिक्रिया में \( 99\% \) अभिक्रिया पूर्ण होने में लगा समय \( 90\% \) अभिक्रिया पूर्ण होने में लगे समय से दुगुना होता है।

Answer:

प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए, \( 99\% \) पूर्णता के लिए आवश्यक समय:
\( t_1 = \frac{2.303}{k}\log\frac{100}{100 - 99} = \frac{2.303}{k}\log 100 = \frac{2.303}{k} \times 2 \)
प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए, \( 90\% \) पूर्णता के लिए आवश्यक समय:
\( t_2 = \frac{2.303}{k}\log\frac{100}{100 - 90} = \frac{2.303}{k}\log 10 = \frac{2.303}{k} \times 1 \)
इसप्रकार, \( t_1 = 2t_2 \)
इसलिए, प्रथम कोटि की अभिक्रिया के 99% पूरा होने के लिए आवश्यक समय 90% अभिक्रिया के पूरा होने के आवश्यक समय का दुगुना है।

मुख्य बिंदु:

• किसी निश्चित प्रतिशत को पूरा होने में लगने वाला समय प्रथम कोटि अभिक्रिया के लिए विशिष्ट होता है।
• \( 99\% \) पूर्ण होने का अर्थ है कि शेष मात्रा \( 100 - 99 = 1 \) है।
• \( 90\% \) पूर्ण होने का अर्थ है कि शेष मात्रा \( 100 - 90 = 10 \) है।

आम गलतियाँ:

• अंश में बची हुई मात्रा के स्थान पर पूर्ण हो चुकी मात्रा (99 या 90) रख देना।
• log 100 और log 10 के मानों में भ्रमित होना।
• निष्कर्ष को स्पष्ट रूप से गणितीय रूप में न दर्शाना।

Exam Tips:

a) इस प्रकार के सिद्ध करने वाले प्रश्नों में दोनों समयों (\( t_1 \) और \( t_2 \)) के व्यंजक अलग-अलग निकालें।
b) दोनों समीकरणों की तुलना करके अंतिम संबंध स्थापित करें।
c) भाषा में निष्कर्ष लिखकर उत्तर समाप्त करें।

 

Question 3.19: एक प्रथम कोटि की अभिक्रिया में \( 30\% \) वियोजन होने में 40 मिनट लगते हैं। \( t_{1/2} \) की गणना कीजिए।

Answer:

प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए, \( t = \frac{2.303}{k}\log\frac{[\text{R}]_0}{[\text{R}]} \)
\( k = \frac{2.303}{40\text{ min}}\log\frac{100}{100 - 30} = \frac{2.303}{40\text{ min}}\log\frac{10}{7} = 8.918 \times 10^{-3}\text{min}^{-1} \)
इसप्रकार, वियोजन की अभिक्रिया का \( t_{1/2} \) निम्नलिखित है:
\( t_{1/2} = \frac{0.693}{k} = \frac{0.693}{8.918 \times 10^{-3}\text{min}} = 77.7\text{ min} \text{ (लगभग)} \)

मुख्य बिंदु:

• \( 30\% \) वियोजन का अर्थ है कि बची हुई मात्रा \( 100 - 30 = 70\% \) है।
• पहले दिए गए समय और वियोजन से वेग स्थिरांक \( k \) निकाला जाता है।
• \( k \) का मान मिलने के बाद अर्द्ध-आयु सूत्र का प्रयोग करते हैं।

आम गलतियाँ:

• वियोजन प्रतिशत (30) को ही शेष मात्रा मान लेना।
• log (10/7) या log (100/70) की गणना में गलती करना।
• मात्रक लिखना भूल जाना।

Exam Tips:

a) ऐसे प्रश्नों में दो चरणों में हल करें: पहले चरण में \( k \) निकालें, दूसरे चरण में \( t_{1/2} \) निकालें।
b) \( \log(10/7) = \log 10 - \log 7 = 1 - 0.8451 = 0.1549 \) का उपयोग करें।
c) अंतिम उत्तर के साथ मिनट (min) मात्रक जरूर लिखें।

 

Question 3.20: 543 K ताप पर एणोइसोप्रोपिन के हेक्सेंन तथा नाइट्रोजन में विघटन के निम्नांकित आँकड़े प्राप्त हुए। वेग स्थिरांक की गणना कीजिए。
[सारणी दी गई है जिसमें t और P (mm Hg में) के मान हैं]

Answer:

543 K पर एणोइसोप्रोपिन का हेक्सेंन और नाइट्रोजन में विघटन निम्नलिखित समीकरण द्वारा दर्शाया गया है:
\( (\text{CH}_3)_2\text{CHN} = \text{NCH}(\text{CH}_3)_2(g) \to \text{N}_2(g) + \text{C}_6\text{H}_{14}(g) \)
यहाँ, \( t = 0 \), \( P_0 = 35\text{ mmHg} \)
समय \( t \) के पश्चात, कुल दाब, \( P_t = (P_0 - p) + p + p \Rightarrow P_t = P_0 + p \Rightarrow p = P_t - P_0 \)
इसलिए, दाब \( P_0 - p = P_0 - (P_t - P_0) = 2P_0 - P_t \)
प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए, \( k = \frac{2.303}{t}\log\frac{P_0}{P_0 - p} = \frac{2.303}{t}\log\frac{P_0}{2P_0 - P_t} \)
जब, \( t = 360\text{s}, k = \frac{2.303}{360\text{ s}}\log\frac{35.0}{2 \times 35.0 - 54.0} = 2.175 \times 10^{-3}\text{s}^{-1} \)
जब, \( t = 720\text{s}, k = \frac{2.303}{720\text{ s}}\log\frac{35.0}{2 \times 35.0 - 63.0} = 2.235 \times 10^{-3}\text{s}^{-1} \)
अतः वेग स्थिरांक का औसत मान, \( k = \frac{(2.175 \times 10^{-3}) + (2.235 \times 10^{-3})}{2} = 2.21 \times 10^{-3}\text{s}^{-1} \)

मुख्य बिंदु:

• गैसीय अभिक्रियाओं में दाब के पदों में प्रथम कोटि का समीकरण \( k = \frac{2.303}{t}\log\frac{P_0}{2P_0 - P_t} \) उपयोग किया जाता है।
• अलग-अलग समय पर \( k \) के मान निकालकर उनका औसत लिया जाता है।
• कुल दाब \( P_t \) सभी गैसों के आंशिक दाबों का योग होता है।

आम गलतियाँ:

• दाब के व्यंजक \( 2P_0 - P_t \) को गलत व्युत्पन्न करना।
• अलग-अलग समय के मानों के लिए अलग-अलग वेग स्थिरांक न निकालकर सीधे एक से ही उत्तर दे देना।
• औसत निकालते समय जोड़ या भाग में गलती करना।

Exam Tips:

a) गैसीय दाब वाले प्रथम कोटि के व्यंजक को सीधे याद रखना परीक्षा में समय बचाता है।
b) दोनों दिए गए समय अंतरालों के लिए मान निकालकर अंत में औसत अवश्य निकालें।
c) मात्रक \( \text{s}^{-1} \) लिखना न भूलें।

 

Question 3.21: स्थिर आयतन पर, \( \text{SO}_2\text{Cl}_2 \) के प्रथम कोटि के ताप अपघटन पर निम्नांकित आँकड़े प्राप्त हुए :
\( \text{SO}_2\text{Cl}_2(g) \to \text{SO}_2(g) + \text{Cl}_2(g) \)
अभिक्रिया वेग की गणना कीजिए जब कुल दाब \( 0.65\text{ atm \) हो।

Answer:

एक स्थिर आयतन पर \( \text{SO}_2\text{Cl}_2 \) का ऊष्मीय अपघटन निम्नलिखित है:
\( \text{SO}_2\text{Cl}_2(g) \to \text{SO}_2(g) + \text{Cl}_2(g) \)
\( t = 0 \) पर, \( P_0 = 0.5\text{ atm} \)
\( t = t \) पर, \( P_t = 0.65\text{ atm} \)
समय \( t \) के बाद कुल दाब, \( P_t = (P_0 - p) + p + p \)
\( \Rightarrow P_t = P_0 + p \Rightarrow p = P_t - P_0 \Rightarrow p = P_0 - (P_t - P_0) = P_0 - (P_t - P_0) \)
इसलिए, \( P_{\text{SO}_2\text{Cl}_2} = 2P_0 - P_t \)
प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए, \( k = \frac{2.303}{t}\log\frac{P_0}{P_0 - p} = \frac{2.303}{t}\log\frac{P_0}{P_0 - P_t} \)
जब, \( t = 100\text{ s} \)
\( k = \frac{2.303}{100\text{ s}}\log\frac{0.5}{2 \times 0.5 - 0.6} = 2.231 \times 10^{-3}\text{s}^{-1} \)
जब, \( P_t = 0.65\text{ atm}, P_0 + p = 0.65 \Rightarrow p = 0.65 - 0.5 = 0.15\text{ atm} \)
इस प्रकार, जब कुल दबाव \( 0.65\text{ atm \) होता है, तो \( \text{SO}_2\text{Cl}_2 \) का दबाव होता है:
\( P_{\text{SO}_2\text{Cl}_2} = P_0 - p = 0.5 - 0.15 = 0.35\text{ atm} \)
इसलिए, समीकरण करेंगे, जब कुल दबाव \( 0.65\text{ atm} \) है, निम्नलिखित है:
वेग = \( k(P_{\text{SO}_2\text{Cl}_2}) \Rightarrow (2.23 \times 10^{-3}\text{s}^{-1})(0.35\text{ atm}) = 7.8 \times 10^{-4}\text{atm s}^{-1} \)

मुख्य बिंदु:

• गैसीय दाब के आंकड़ों से पहले वेग स्थिरांक \( k \) निकाला जाता है।
• किसी विशिष्ट कुल दाब पर अभिकारक का आंशिक दाब ज्ञात करके वेग निकाला जाता है।
• अभिक्रिया प्रथम कोटि की है, अतः वेग = \( k \times P_{\text{reactant}} \)

आम गलतियाँ:

• सीधे कुल दाब को वेग समीकरण में रख देना।
• आंशिक दाब \( P_{\text{SO}_2\text{Cl}_2} \) की सही गणना न करना।
• वेग की इकाई \( \text{atm s}^{-1} \) के स्थान पर कुछ और लिख देना।

Exam Tips:

a) पहले दिए गए प्रारंभिक और किसी क्षण के दाब से \( k \) की गणना करें।
b) विशिष्ट दाब पर अभिकारक का दबाव अलग से निकालें।
c) अंत में वेग = \( k \times [\text{अंश दाब}] \) सूत्र का उपयोग करें।

 

Question 3.22: विभिन्न तापों पर \( \text{N}_2\text{O}_5 \) के अपघटन के लिए वेग स्थिरांक नीचे दिए गए हैं -
[सारणी दी गई है जिसमें T और k के विभिन्न मान हैं]
\( k \) एवं \( 1/T \) के मध्य ग्राफ खींचिए तथा \( A \) एवं \( E_a \) की गणना कीजिए। \( 30^\circ\text{C} \) तथा \( 50^\circ\text{C} \) पर वेग स्थिरांक को प्रागुक्त कीजिए।

Answer:

रेखा का झुकाव, \( \frac{y_2 - y_1}{x_2 - x_1} = -12.301\text{ K} \)
आरेनियस समीकरण के अनुसार,
रेखा का झुकाव = \( -\frac{E_a}{R} \Rightarrow E_a = -\text{Slope} \times R \Rightarrow -(-12.301\text{ K}) \times (8.314\text{ J K}^{-1}\text{mol}^{-1}) = 102.27\text{ kj mol}^{-1} \)
पुनः,
\( \ln k = \ln A - \frac{E_a}{\text{RT}} \Rightarrow \ln k = \ln A - \frac{E_a}{2.303\text{ RT}} \)
जब, \( T = 273\text{ K}, \ln k = -7.147 \)
तब, \( \ln A = -7.147 + \frac{102.27 \times 10^3}{8.314 \times 273} = 37.911 \)
इसलिए, \( A = 2.91 \times 10^6 \)
जब, \( T = 30 + 273\text{K} = 303\text{K}, \frac{1}{T} = 0.0033\text{ K} = 3.3 \times 10^{-3}\text{K} \)
तब, \( \ln k = -2.8 \), इसलिए, \( k = 6.08 \times 10^{-2}\text{s}^{-1} \)
पुनः जब, \( T = 50 + 273\text{K} = 323\text{K}, \frac{1}{T} = 0.0031\text{ K} = 3.1 \times 10^{-3}\text{K} \)
तब, \( \ln k = -0.5 \), इसलिए, \( k = 0.607\text{ s}^{-1} \)

मुख्य बिंदु:

• \( \ln k \) या \( \log k \) और \( 1/T \) के बीच ग्राफ की ढलान (slope) से सक्रियण ऊर्जा \( E_a \) निकाली जाती है।
• आरेनियस समीकरण में मान रखकर आवृत्ति कारक \( A \) की गणना की जाती है।
• सेल्सियस तापमान को केल्विन (K) में बदलना अनिवार्य है।

आम गलतियाँ:

• ढलान के मान में ऋणात्मक चिन्ह छोड़ देना जिससे \( E_a \) ऋणात्मक आ जाए (सक्रियण ऊर्जा हमेशा धनात्मक होती है)।
• तापमान को डिग्री सेल्सियस में ही समीकरण में रख देना।
• गैस स्थिरांक \( R \) का गलत मान उपयोग करना।

Exam Tips:

a) ग्राफ से संबंधित सक्रियण ऊर्जा की गणना के चरण को अच्छी तरह अभ्यास करें।
b) \( E_a \) का मात्रक आमतौर पर \( \text{kJ mol}^{-1} \) में व्यक्त किया जाता है, अतः 1000 से भाग देना न भूलें।
c) तापमान परिवर्तन वाले भागों में केल्विन परिवर्तन को सावधानी से हल करें।

 

Question 3.23: 546 K ताप पर एक हाइड्रोकार्बन के अपघटन में वेग स्थिरांक \( 2.418 \times 10^{-5}\text{s}^{-1} \) है। यदि सक्रियण ऊर्जा \( 179.9\text{ kJ mol} \) हो तो पूर्व-घातांकी गुणन का मान क्या होगा?

Answer:

\( k = 2.418 \times 10^{-5}\text{s}^{-1} \), \( T = 546\text{ K} \) तथा \( E_a = 179.9\text{ kJ mol}^{-1} = 179.9 \times 10^3\text{J mol}^{-1} \)
आरेनियस समीकरण के अनुसार, \( k = Ae^{-E_a/\text{RT}} \)
\( \Rightarrow \ln K = \ln A - \frac{E_a}{\text{RT}} \Rightarrow \log k = \log A - \frac{E_a}{2.303\text{ RT}} \Rightarrow \log A = \log k + \frac{E_a}{2.303\text{ RT}} \)
\( \Rightarrow \log(2.418 \times 10^{-5}\text{s}^{-1}) + \frac{179.9 \times 10^3\text{ J mol}^{-1}}{2.303 \times 8.314\text{ Jk}^{-1}\text{mol}^{-1} \times 546\text{ K}} = (0.3835 - 5) + 17.2082 = 12.5917 \)
इसलिए, \( A = \text{antilog}(12.5917) = 3.9 \times 10^{12}\text{s}^{-1} \text{ (लगभग)} \)

मुख्य बिंदु:

• पूर्व-घातांकी गुणन कारक \( A \) को आरेनियस समीकरण से निकाला जाता है।
• \( E_a \) को जूल (J) में बदलने के लिए \( 10^3 \) से गुणा किया जाता है।
• एंटीलॉग लेकर \( A \) का वास्तविक मान प्राप्त होता है।

आम गलतियाँ:

• \( E_a \) को किलो जूल में ही रखना और जूल में न बदलना।
• log और antilog की गणना में त्रुटि करना।
• मात्रक \( \text{s}^{-1} \) लिखना भूल जाना।

Exam Tips:

a) आरेनियस समीकरण के लघुगणकीय रूप (\( \log \) रूप) का उपयोग गणना को आसान बनाता है।
b) ऊर्जा के मात्रकों में सामंजस्य (Joules) का विशेष ध्यान रखें।
c) अंतिम उत्तर वैज्ञानिक संकेतन में दें।

 

Question 3.24: किसी अभिक्रिया \( \text{A} \to \text{उत्पाद \) के लिए \( k = 2.0 \times 10^{-2}\text{s}^{-1} \) है। यदि की प्रारंभिक सांद्रता \( 1.0\text{ mol L}^{-1} \) हो तो 100s के पश्चात इसकी सांद्रता क्या रह जाएगी?

Answer:

\( k = 2.0 \times 10^{-2}\text{s}^{-1} \); \( T = 100\text{ s} \); \( [\text{A}]_0 = 1.0\text{ mol L}^{-1} \)
चूँकि \( k \) का मात्रक \( \text{s}^{-1} \) है, दी गई अभिक्रिया प्रथम कोटि की अभिक्रिया है।
इसलिए, \( k = \frac{2.303}{t}\log\frac{[\text{A}]_0}{[\text{A}]} \Rightarrow 2.0 \times 10^{-2}\text{s}^{-1} = \frac{2.303}{100\text{ s}}\log\frac{1.0}{[\text{A}]} \)
\( \Rightarrow 2.0 \times 10^{-2} = \frac{2.303}{100}(-\log[\text{A}]) \Rightarrow -\log[\text{A}] = \frac{2.0 \times 10^{-2} \times 100}{2.303} \)
\( \Rightarrow [\text{A}] = \text{antilog}\left(-\frac{2.0 \times 10^{-2} \times 100}{2.303}\right) = 0.135\text{ mol L}^{-1} \text{ (लगभग)} \)
अतः A की शेष सांद्रता \( 0.135\text{ mol L}^{-1} \) है।

मुख्य बिंदु:

• वेग स्थिरांक की इकाई देखकर अभिक्रिया की कोटि पहचानी जाती है (\( \text{s}^{-1} \) मतलब प्रथम कोटि)।
• प्रथम कोटि के समाकलित वेग समीकरण का उपयोग करके बची हुई सांद्रता निकाली जाती है।
• एंटीलॉग विधि से सांद्रता का मान ज्ञात किया जाता है।

आम गलतियाँ:

• वेग स्थिरांक की इकाई से कोटि की पहचान न कर पाना।
• log के पक्षांतर में गलती करना।
• एंटीलॉग निकालते समय चिन्ह की गलती करना।

Exam Tips:

a) मात्रक देखकर सबसे पहले अभिक्रिया की कोटि निश्चित करें।
b) समाकलित वेग समीकरण में सभी मान सावधानी से प्रतिस्थापित करें।
c) उत्तर के साथ उचित मात्रक (\( \text{mol L}^{-1} \)) अवश्य लिखें।

 

Question 3.25: अम्लीय माध्यम में सुक्रोज का ग्लूकोज एवं फ्रक्टोज में विघटन प्रथम कोटि की अभिक्रिया है। इस अभिक्रिया की अर्द्धआयु 3.0 घंटे है। 8 घंटे बाद नमूने में सुक्रोज का कितना अंश बचेगा?

Answer:

प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए, \( k = \frac{2.303}{t}\log\frac{[\text{R}]_0}{[\text{R}]} \)
दिया है, \( t_{1/2} = 3.00\text{ घंटे} \), इसलिए, \( k = \frac{0.693}{t_{1/2}} = \frac{0.693}{3} = 0.231\text{ h}^{-1} \)
तब, \( 0.231\text{ h}^{-1} = \frac{2.303}{8\text{ h}}\log\frac{[\text{R}]_0}{[\text{R}]} \Rightarrow \log\frac{[\text{R}]_0}{[\text{R}]} = \frac{0.231\text{ h}^{-1} \times 8\text{ h}}{2.303} \)
\( \Rightarrow \frac{[\text{R}]_0}{[\text{R}]} = \text{antilog}(0.8024) \Rightarrow \frac{[\text{R}]_0}{[\text{R}]} = 6.3445 \Rightarrow \frac{[\text{R}]}{[\text{R}]_0} = 0.1576 \text{ (लगभग)} \)
अतः, सुक्रोज के नमूने का अंश जो 8 घंटे के बाद रहता है, 0.158 है।

मुख्य बिंदु:

• अर्धआयु से पहले वेग स्थिरांक \( k \) की गणना की जाती है।
• बचे हुए अंश का अनुपात \( [\text{R}]/[\text{R}]_0 \) से निकाला जाता है।
• प्रथम कोटि अभिक्रिया समय के साथ घातीय रूप से घटती है।

आम गलतियाँ:

• समय 8 घंटे के स्थान पर अर्धआयु का ही सीधे गुणा-भाग कर देना।
• अंश (\( [\text{R}]/[\text{R}]_0 \)) के स्थान पर केवल सांद्रता निकाल कर छोड़ देना।
• एंटीलॉग की गणना में त्रुटि करना।

Exam Tips:

a) पहले अर्धआयु से \( k \) निकालें, फिर दिए गए समय का उपयोग करें।
b) अंश (fraction) पूछा गया है, इसलिए अनुपात \( [\text{R}]/[\text{R}]_0 \) का मान ज्ञात करें।
c) गणना को स्पष्ट चरणों में दिखाएं।

 

Question 3.26: हाइड्रोकार्बन का विघटन निम्न समीकरण के अनुसार होता है। \( E_a \) की गणना कीजिए।
\( k = (4.5 \times 10^{11}\text{s}^{-1})e^{-28000\text{K}/T} \)

Answer:

दिया गया समीकरण है, \( k = (4.5 \times 10^{11}\text{s}^{-1})e^{-28000\text{K}/T} \)      ...(i)
आरेनियस समीकरण द्वारा, \( k = Ae^{-E_a/\text{RT}} \)      ...(ii)
समीकरण (i) और (ii) से,
\( \frac{E_a}{\text{RT}} = \frac{28000\text{K}}{T} \)
\( \Rightarrow E_a = R \times 28000\text{ K} \Rightarrow 8.314\text{ J K}^{-1}\text{mol}^{-1} \times 28000\text{ K} \)
\( \Rightarrow 232792\text{ J mol}^{-1} = 232.792\text{ kJ mol}^{-1} \)

मुख्य बिंदु:

• दी गई समीकरण की तुलना मानक आरेनियस समीकरण से की जाती है।
• दोनों समीकरणों के एक्सपोनेंशियल (exponential) भागों की तुलना करके सक्रियण ऊर्जा निकाली जाती है।
• उत्तर को जूल से किलो जूल प्रति मोल में बदला जाता है।

आम गलतियाँ:

• तुलना करते समय तापमान \( T \) को छोड़ देना।
• गैस स्थिरांक \( R \) से गुणा करना भूल जाना।
• मात्रक \( \text{kJ mol}^{-1} \) लिखना भूल जाना।

Exam Tips:

a) समीकरणों की तुलना (comparison) वाले प्रश्न बहुत सरल होते हैं, सीधे घातों की तुलना करें।
b) जूल को किलोजूल में बदलने के लिए 1000 से भाग दें।
c) अंतिम उत्तर स्पष्ट रूप से बॉक्स में या अलग से दर्शाएं।

 

Question 3.27: \( \text{H}_2\text{O}_2 \) के प्रथम कोटि के विघटन को निम्न समीकरण द्वारा लिख सकते हैं: \( \log k = 14.34 - 1.25 \times 10^4\text{ K}/T \)
इस अभिक्रिया के लिए \( E_a \) की गणना कीजिए। कितने ताप पर इस अभिक्रिया की अर्द्धआयु 256 मिनट होगी?

Answer:

आरेनियस समीकरण द्वारा दिया गया है, \( k = Ae^{-E_a/\text{RT}} \)
\( \Rightarrow \ln k = \ln A - \frac{E_a}{\text{RT}} \Rightarrow \ln k = \log A - \frac{E_a}{2.303\text{ RT}} \)      ....(i)
दिया गया समीकरण, \( \log k = 14.34 - 1.25 \times 10^4\text{ K}/T \)      ...(ii)
समीकरण (i) और (ii) से, हम प्राप्त करते हैं:
\( \frac{E_a}{2.303\text{RT}} = \frac{1.25 \times 10^4\text{ K}}{T} \)
\( \Rightarrow E_a = 1.25 \times 10^4\text{k} \times 2.303 \times R \)
\( = 1.25 \times 10^4\text{ k} \times 2.303 \times 2.303 \times R = 239339.3\text{ Jmol}^{-1} \text{ (लगभग)} \)
\( = 239.34\text{ kJ mol}^{-1} \)
साथ ही, जब \( t_{1/2} = 256\text{ मिनट} \),
\( k = \frac{0.693}{t_{1/2}} = \frac{0.693}{256} = 2.707 \times 10^{-3}\text{min}^{-1} = 4.51 \times 10^{-5}\text{s}^{-1} \)
यह भी दिया गया है कि, \( \log k = 14.34 - 1.25 \times 10^4\text{ K}/T \)
\( \Rightarrow \log(4.51 \times 10^{-5}) = 14.34 - \frac{1.25 \times 10^4\text{ K}}{T} \)
\( \Rightarrow \log(0.654 - 05) = 14.34 - \frac{1.25 \times 10^4\text{ K}}{T} \)
\( \Rightarrow \frac{1.25 \times 10^4\text{ K}}{T} = 18.686 \)
\( \Rightarrow T = \frac{1.25 \times 10^4\text{ K}}{18.686} = 668.95\text{ K} = 669\text{ K} \text{ (लगभग)} \)

मुख्य बिंदु:

• दी गई समीकरण की तुलना लघुगणकीय आरेनियस समीकरण से की जाती है।
• ढलान के माध्यम से सक्रियण ऊर्जा निकाली जाती है।
• अर्धआयु से वेग स्थिरांक निकालकर उसे समीकरण में रखकर तापमान ज्ञात किया जाता है।

आम गलतियाँ:

• मिनट को सेकंड में बदलना भूल जाना।
• log के मान रखते समय गणना में त्रुटि करना।
• तापमान निकालते समय इकाई (K) न लिखना।

Exam Tips:

a) इस तरह के बड़े प्रश्नों को भागों ((i) और (ii)) में बांटकर हल करें।
b) सक्रियण ऊर्जा निकालते समय \( R \) के सही मान का प्रयोग करें।
c) तापमान की गणना में लघुगणक के गुणों का सावधानी से प्रयोग करें।

 

Question 3.28: \( 10^\circ\text{C} \) ताप पर A के उत्पाद में विघटन के लिए \( k \) का मान \( 4.5 \times 10^{-3}\text{s}^{-1} \) तथा सक्रियण ऊर्जा \( 60\text{kJ mol}^{-1} \) है। किस ताप पर \( k \) का मान \( 1.5 \times 10^{-4}\text{s}^{-1} \) होगा?

Answer:

आरेनियस समीकरण से, आकृति:
\( \log\frac{k_2}{k_1} = \frac{E_a}{2.303\text{ R}}\left(\frac{T_2 - T_1}{T_1 T_2}\right) \)
यहाँ, \( k_1 = 4.5 \times 10^{-3}\text{s}^{-1} \)
\( T_1 = 273 + 10 = 283\text{ K} \)
\( k_2 = 1.5 \times 10^{-4}\text{s}^{-1} \)
\( E_a = 60\text{ kJ mol}^{-1} = 6.0 \times 10^4\text{ J mol}^{-1} \)
तब, \( \log\frac{1.5 \times 10^{-4}}{4.5 \times 10^{-3}} = \frac{6.0 \times 10^4\text{ J mol}^{-1}}{2.303 \times 8.314\text{ J K}^{-1}\text{mol}^{-1}}\left(\frac{T_2 - 283}{283 T_2}\right) \)
\( \Rightarrow 0.5229 = 3133.627\left(\frac{T_2 - 283}{283 T_2}\right) \)
\( \Rightarrow \frac{0.5229 \times 283 T_2}{3133.627} = T_2 - 283 \)
\( \Rightarrow 0.0472 T_2 = T_2 - 283 \)
\( \Rightarrow 0.9528 T_2 = 283 \)
\( \Rightarrow T_2 = 297.019\text{ K (लगभग)} \)
\( \Rightarrow 297\text{ K} = 24^\circ\text{C} \)
अतः, \( 24^\circ\text{C} \) पर \( k \) का मान \( 1.5 \times 10^{-4}\text{s}^{-1} \) होगा।

मुख्य बिंदु:

• दो अलग-अलग तापमानों पर वेग स्थिरांकों के लिए आरेनियस के दो-बिंदु समीकरण का उपयोग किया जाता है।
• तापमान हमेशा केल्विन (K) में होना चाहिए।
• \( E_a \) को जूल में बदलना आवश्यक है।

आम गलतियाँ:

• सेल्सियस तापमान को केल्विन में बदलना भूल जाना।
• \( k_1 \) और \( k_2 \) के मानों को आपस में बदल देना।
• समीकरण हल करते समय पक्षांतर में गलती करना।

Exam Tips:

a) दो तापमानों वाले प्रश्नों के लिए हमेशा \( \log\frac{k_2}{k_1} = \frac{E_a}{2.303R}\left(\frac{T_2 - T_1}{T_1 T_2}\right) \) सूत्र का प्रयोग करें।
b) अंतिम तापमान को केल्विन से वापस सेल्सियस में बदलना न भूलें (यदि आवश्यक हो)।
c) गणना को स्टेप-बाय-स्टेप हल करें ताकि त्रुटि न हो।

 

Question 3.29: 298 ज्ञ ताप पर प्रथम कोटि की अभिक्रिया के \( 10\% \) पूर्ण होने का समय \( 308\text{ K} \) ताप पर \( 25\% \) अभिक्रिया पूर्ण होने में लगे समय के बराबर है। यदि का मान \( 4 \times 10^{10}\text{s}^{-1} \) हो तो 318 K ताप पर \( k \) तथा \( E_a \) की गणना कीजिए।

Answer:

प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए, \( t_{10\%} = \frac{2.303}{k_{298}}\log\frac{a}{a - x} \)
298 K पर, \( t = \frac{2.303}{k}\log\frac{100}{90} = \frac{0.1054}{K} \)
308 K पर, \( t' = \frac{2.303}{k'}\log\frac{100}{75} = \frac{0.2877}{k'} \)
प्रश्न के अनुसार, \( t = t' \)
\( \Rightarrow \frac{0.1054}{k} = \frac{0.2877}{k'} \Rightarrow \frac{k'}{k} = 2.7296 \)
आरेनियस समीकरण से,
\( \log\frac{k'}{k} = \frac{E_a}{2.303 R}\left(\frac{T' - T}{TT'}\right) \)
\( \Rightarrow \log(2.7296) = \frac{E_a}{2.303 \times 8.314}\left(\frac{308 - 298}{298 \times 308}\right) \)
\( \Rightarrow E_a = \frac{2.303 \times 8.314 \times 298 \times 308 \log(2.7296)}{308 - 298} \)
\( \Rightarrow 76640.096\text{ J mol}^{-1} = 76.64\text{ kJ mol}^{-1} \)
318 K पर \( k \) की गणना करने के लिए,
दिया है: \( A = 4 \times 10^{10}\text{s}^{-1}, T = 318\text{ K} \)
पुनः, आरेनियस समीकरण से,
\( \log k = \log A - \frac{E_a}{2.303\text{ RT}} \)
\( \Rightarrow \log(4 \times 10^{10}) = \frac{76.64 \times 10^3}{2.303 \times 8.314 \times 318} \)
\( \Rightarrow (0.6021 + 10) - 12.5876 = -1.9855 \)
इसलिए, \( k = \text{Antilog}(-1.9855) = 1.034 \times 10^{-2}\text{s}^{-1} \)

मुख्य बिंदु:

• दिए गए समय की शर्तों (\( t_{10\%} = t'_{25\%} \)) से दोनों तापों पर वेग स्थिरांकों का अनुपात निकाला जाता है।
• आरेनियस समीकरण का उपयोग करके सक्रियण ऊर्जा \( E_a \) ज्ञात की जाती है।
• \( E_a \) के मान का उपयोग करके किसी अन्य ताप पर वेग स्थिरांक निकाला जाता है।

आम गलतियाँ:

• प्रतिशतता से सांद्रता का अनुपात निकालते समय अंश और हर में गलती करना।
• लॉग और एंटीलॉग की गणना में चूक होना।
• \( A \) और \( E_a \) के मानों को गलत समीकरण में रखना।

Exam Tips:

a) यह एक उच्च-स्तरीय (HOTS) प्रश्न है, इसे दो भागों में हल करें (पहले \( E_a \) फिर \( k \))।
b) लघुगणक के मानों को सावधानी से हल करें।
c) अंत में सही मात्रक लिखना न भूलें।

 

Question 3.30: ताप में \( 293\text{ K} \) से \( 313\text{ K} \) तक वृद्धि करने पर किसी अभिक्रिया का वेग चार गुना हो जाता है। इस अभिक्रिया के लिए सक्रियण ऊर्जा की गणना यह मानते हुए कीजिए कि इसका मान ताप के साथ परिवर्तित नहीं होता।

Answer:

आरेनियस समीकरण से, हम प्राप्त करते हैं,
\( \log\frac{k_2}{k_1} = \frac{E_a}{2.303\text{ R}}\left(\frac{T_2 - T_1}{T_1 T_2}\right) \)
दिया है: \( k_2 = 4k_1 \), तथा \( T_1 = 293\text{ K} \) और \( T_2 = 313\text{ K} \)
इसलिए, \( \log\frac{4k_1}{k_1} = \frac{E_a}{2.303 \times 8.314}\left(\frac{313 - 293}{293 \times 313}\right) \)
\( \Rightarrow 0.6021 = \frac{E_a}{2.303 \times 8.314 \times 293 \times 313}(20) \)
\( \Rightarrow E_a = \frac{0.6021 \times 2.303 \times 8.314 \times 293 \times 313}{20} \)
\( \Rightarrow 52863.33\text{ J mol}^{-1} = 52.86\text{ kJ mol}^{-1} \)
इसलिए, सक्रियण की आवश्यक ऊर्जा \( 52.86\text{ kJmol}^{-1} \) है।

मुख्य बिंदु:

• वेग चार गुना होने का अर्थ है कि \( \frac{k_2}{k_1} = 4 \) है।
• तापमान में वृद्धि से वेग स्थिरांक और वेग दोनों बढ़ते हैं।
• सक्रियण ऊर्जा निकालने के लिए मानक आरेनियस तापमान-अंतर समीकरण का उपयोग किया जाता है।

आम गलतियाँ:

• \( \log 4 \) का मान गलत रखना (\(\log 4 = 2\log 2 \approx 0.6021\))।
• तापमान के अंतर कोफिशिएंट में गड़बड़ी करना।
• उत्तर को जूल में रखकर छोड़ देना और किलोजूल में न बदलना।

Exam Tips:

a) वेग चार गुना होने का मतलब \( k_2/k_1 = 4 \) सीधे समीकरण में रखें।
b) \( \log 4 \) का मान \( 0.6021 \) सीधे याद रखना उपयोगी है।
c) अंतिम उत्तर \( \text{kJ mol}^{-1} \) में दें।

 

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