Official NCERT Solutions for Class 12 Chemistry: Chapter 02 वैद्युतरसायन
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Chapter-wise Solutions for Chemistry: Chapter 02 वैद्युतरसायन
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Question 2.1: निकाय \( \text{Mg}^{2+}|\text{Mg} \) का मानक इलेक्ट्रोड विभव आप किस प्रकार ज्ञात करेंगे?
Answer:
निकाय \( \text{Mg}^{2+}|\text{Mg} \) का मानक इलेक्ट्रोड विभव मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड (SHE) के सापेक्ष मापा जा सकता है, जिसे \( \text{Pt(s)}, \text{H}_2\text{(g)}(1\text{ atm})|\text{H}^+_{\text{(aq)}}(1\text{ M}) \) के रूप में प्रदर्शित किया जाता है।
एक सेल, जिसमें \( \text{Mg} \mid \text{MgSO}_4\text{(aq 1M)} \) एनोड के रूप में और मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड कैथोड के रूप में स्थापित किया जाता है, उसे इस प्रकार प्रदर्शित किया जाता है:
\( \text{Mg} \mid \text{Mg}^{2+}\text{(aq. 1M)} \parallel \text{H}^+\text{(aq), 1 M} \mid \text{H}_2\text{(g, 1 bar), Pt(s)} \)
फिर, सेल के \( \text{emf} \) को मापा जाता है और मापा गया \( \text{emf} \) मैग्नीशियम इलेक्ट्रोड का मानक इलेक्ट्रोड विभव होता है क्योंकि मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड का विभव शून्य होता है।
\( E^\circ_{\text{सेल}} = E^\circ_{\text{कैथोड}} - E^\circ_{\text{एनोड}} \)
\( E^\circ_{\text{सेल}} = 0 - E^\circ_{\text{Mg}^{2+}/\text{Mg}} = -E^\circ_{\text{Mg}^{2+}/\text{Mg}} \)
मुख्य बिंदु:
• मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड (SHE) का मानक इलेक्ट्रोड विभव शून्य माना जाता है।
• मैग्नीशियम इलेक्ट्रोड को एनोड के रूप में उपयोग किया जाता है।
• सेल का \( \text{emf} \) मापने के लिए वोल्टमीटर का उपयोग किया जाता है।
आम गलतियाँ:
• मानक परिस्थितियों (1 M सांद्रता और 1 bar दाब) को ध्यान में न रखना।
• एनोड और कैथोड के सही क्रम को उल्टा लिख देना।
• \( E^\circ \) के चिह्न में गलती करना।
Exam Tips:
a) सेल आरेख (Cell diagram) को हमेशा मानक परंपरा के अनुसार लिखें।
b) मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड का संदर्भ देना अनिवार्य है।
c) सूत्र में मान रखते समय संकेतों का विशेष ध्यान रखें।
Question 2.2: क्या आप एक जिंक के पात्र में कॉपर सल्फेट का विलयन रख सकते हैं?
Answer:
जिंक, कॉपर की तुलना में अधिक प्रतिक्रियाशील है। इस कारण से, जिंक कॉपर को उसके घोल से विस्थापित कर सकता है।
यदि कॉपर सल्फेट के घोल को जिंक के बर्तन में रखा जाए, तो जिंक, कॉपर को कॉपर सल्फेट के घोल से विस्थापित करके जिंक साल्ट में बदल जाता है:
\( \text{Zn} + \text{CuSO}_4 \rightarrow \text{ZnSO}_4 + \text{Cu} \)
इसलिए, कॉपर सल्फेट के घोल को जिंक के बर्तन में नहीं रखा जा सकता है।
मुख्य बिंदु:
• जिंक की अपचयन क्षमता कॉपर से अधिक ऋणात्मक होती है।
• अधिक सक्रिय धातु कम सक्रिय धातु को उसके लवण विलयन से विस्थापित कर देती है।
• यह एक रेडॉक्स विस्थापन अभिक्रिया है।
आम गलतियाँ:
• सक्रियता श्रेणी को ठीक से न समझना।
• यह मान लेना कि कोई भी बर्तन किसी भी विलयन को रख सकता है।
• रासायनिक समीकरण में संतुलन की गलती करना।
Exam Tips:
a) सक्रियता श्रेणी के तत्वों का क्रम याद रखें।
b) कारण स्पष्ट करते समय विस्थापन अभिक्रिया का समीकरण अवश्य लिखें।
c) उत्तर को 'हाँ' या 'ना' से शुरू करके उचित कारण दें।
Question 2.3: मानक इलेक्ट्रोड विभव की तालिका का निरीक्षण कर तीन ऐसे पदार्थ बताइए जो अनुकूल परिस्थितियों में फेरस आयनों को ऑक्सीकृत कर सकते हैं?
Answer:
पदार्थ जो फेरस आयनों की तुलना में मजबूत ऑक्सीकरण एजेंट होते हैं, वे फेरस आयनों का ऑक्सीकरण कर सकते हैं।
\( \text{Fe}^{2+} \rightarrow \text{Fe}^{3+} + \text{e}^-; E^\circ = -0.77\text{ V} \)
इसका तात्पर्य यह है कि \( +0.77\text{ V} \) से अधिक अपचयन विभव वाले पदार्थ फेरस आयनों को फेरिक आयनों में ऑक्सीकृत कर सकते हैं। ऐसा करने वाले तीन पदार्थ \( \text{F}_2, \text{Cl}_2, \text{O}_2 \) आदि हैं।
मुख्य बिंदु:
• उच्च मानक अपचयन विभव वाले पदार्थ प्रबल ऑक्सीकारक होते हैं।
• फेरस आयन \( (\text{Fe}^{2+}) \) का \( \text{Fe}^{3+} \) में ऑक्सीकरण होता है।
• मानक तालिका से \( E^\circ \) मानों की तुलना की जाती है।
आम गलतियाँ:
• ऑक्सीकरण और अपचयन विभव में भ्रमित होना।
• गलत मानक इलेक्ट्रोड विभव के मान चुनना।
• केवल एक पदार्थ का नाम लिखकर छोड़ देना जबकि तीन पूछे गए हैं।
Exam Tips:
a) हमेशा उच्च धनात्मक \( E^\circ \) मान वाले पदार्थों को ऑक्सीकारक के रूप में चुनें।
b) उत्तर में रासायनिक समीकरण या \( E^\circ \) मान का संदर्भ दें।
c) प्रश्न में पूछे गए पदार्थों की संख्या का विशेष ध्यान रखें।
Question 2.4: \( \text{pH} = 10 \) के विलयन के संपर्क वाले हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड के विभव का परिकलन कीजिए।
Answer:
हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड के लिए, \( \text{H}^+ + \text{e}^- \rightarrow \frac{1}{2}\text{H}_2 \text{यहाँ दिया गया है कि } \text{pH} = 10 \)
\( \therefore [\text{H}^+] = 10^{-10}\text{ M} \)
अब, नर्स्ट समीकरण से,
\( E_{\text{H}^+/\frac{1}{2}\text{H}_2} = E^\circ_{\text{H}^+/\frac{1}{2}\text{H}_2} - \frac{RT}{nF} \ln \frac{1}{[\text{H}^+]} \)
\( = 0 - 0.0591 \log \frac{1}{10^{-10}} \)
\( = -0.0591 \log 10^{10} = -0.591\text{ V} \)
मुख्य बिंदु:
• \( \text{pH} \) और \( [\text{H}^+] \) के बीच का संबंध \( [\text{H}^+] = 10^{-\text{pH}} \) होता है।
• मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड का \( E^\circ \) मान \( 0 \) होता है।
• नर्स्ट समीकरण का उपयोग सांद्रता पर इलेक्ट्रोड विभव ज्ञात करने के लिए किया जाता है।
आम गलतियाँ:
• \( \log \) के गुणों को हल करने में गणना की त्रुटि।
• \( \text{pH} \) से \( [\text{H}^+] \) निकालते समय ऋणात्मक चिह्न छोड़ देना।
• मात्रक \( (\text{V}) \) लिखना भूल जाना।
Exam Tips:
a) नर्स्ट समीकरण को स्पष्ट रूप से लिखें।
b) गणना के चरणों को अलग-अलग पंक्तियों में दिखाएं।
c) अंतिम उत्तर के साथ उचित मात्रक \( (\text{V}) \) अवश्य लिखें।
Question 2.5: एक सेल के \( \text{emf} \) का परिकलन कीजिए जिसमें निम्नलिखित अभिक्रिया होती है। दिया गया है: \( E^\circ_{(\text{सेल})} = 1.05\text{ V} \)
\( \text{Ni(s)} + 2\text{Ag}^+(0.002\text{ M}) \rightarrow \text{Ni}^{2+}(0.160\text{ M}) + 2\text{Ag(s)} \)
Answer:
नर्स्ट समीकरण से,
\( E_{(\text{सेल})} = E^\circ_{(\text{सेल})} - \frac{0.0591}{2} \log \frac{[\text{Ni}^{2+}]}{[\text{Ag}^+]^2} \)
\( E_{(\text{सेल})} = 1.05 - \frac{0.0591}{2} \log \frac{(0.160)}{(0.002)^2} \)
\( = 1.05 - 0.02955 \log \frac{0.160}{0.000004} \)
\( = 1.05 - 0.02955 \log 4 \times 10^4 \)
\( = 1.05 - 0.02955 (\log 10000 + \log 4) \)
\( = 1.05 - 0.02955 (4 + 0.6021) = 0.914\text{ V} \)
मुख्य बिंदु:
• नर्स्ट समीकरण में इलेक्ट्रॉनों की संख्या \( n = 2 \) है।
• उत्पाद और अभिकारक की सांद्रता का अनुपात लिखा जाता है।
• लघुगणक (Logarithm) के नियमों का सही उपयोग करना आवश्यक है।
आम गलतियाँ:
• अभिकारकों की सांद्रता के गुणांक को घात के रूप में न लिखना।
• \( n \) के मान में गलती करना।
• लघुगणक की गणना में त्रुटि करना।
Exam Tips:
a) अभिक्रिया से \( n \) का मान सावधानी से पहचानें।
b) लघुगणक के मानों को सही ढंग से प्रतिस्थापित करें।
c) प्रत्येक चरण को अलग लाइन में हल करें ताकि स्पष्टता बनी रहे।
Question 2.6: एक सेल जिसमें निम्नलिखित अभिक्रिया होती है: \( 2\text{Fe}^{3+}(\text{aq}) + 2\text{I}^-(\text{aq}) \rightarrow 2\text{Fe}^{2+}(\text{aq}) + \text{I}_2(\text{s}) \) का \( 298\text{K} \) ताप पर \( E^\circ_{(\text{सेल})} = 0.236\text{ V} \) है। सेल अभिक्रिया की मानक गिब्ज़ ऊर्जा एवं साम्य स्थिरांक का परिकलन कीजिए।
Answer:
यहाँ, \( n = 2, E^\circ_{(\text{सेल})} = 0.236\text{ V}, T = 298\text{ K} \)
हम जानते हैं कि: मानक गिब्ज़ ऊर्जा \( \Delta_rG^\circ = -nFE^\circ_{(\text{सेल})} \)
\( \Delta_rG^\circ = -2 \times 96487 \times 0.236 \)
\( = -45.54\text{ kJ mol}^{-1} \)
पुनः, \( \Delta_rG^\circ = -2.303RT \log K_c \)
\( \Rightarrow \log K_c = -\frac{\Delta_rG^\circ}{2.303RT} = \frac{-45.54 \times 10^3}{2.303 \times 8.314 \times 298} = 7.981 \)
\( \therefore K_c = \text{antilog } (7.981) = 9.57 \times 10^7 \)
मुख्य बिंदु:
• गिब्ज़ ऊर्जा और सेल विभव का संबंध \( \Delta G^\circ = -nFE^\circ \) है।
• साम्य स्थिरांक और गिब्ज़ ऊर्जा का संबंध \( \Delta G^\circ = -2.303RT \log K_c \) होता है।
• \( F \) का मान \( 96487\text{ C mol}^{-1} \) उपयोग किया जाता है।
आम गलतियाँ:
• मात्रकों को जूल और किलोजूल में बदलते समय घात की गलती करना।
• \( n \) का मान गलत लेना।
• एंटीलॉग निकालते समय दशमलव के बाद के अंकों का सही प्रयोग न करना।
Exam Tips:
a) दोनों सूत्रों को स्पष्ट रूप से लिखें।
b) गणना करते समय तापमान \( 298\text{ K} \) और गैस स्थिरांक \( R \) का सही मान रखें।
c) अंतिम उत्तर में उपयुक्त मात्रक अवश्य दर्शाएं।
Question 2.7: किसी विलयन की चालकता तनुता के साथ क्यों घटती है?
Answer:
किसी विलयन की चालकता विलयन के एकांक आयतन में उपस्थित आयनों की चालकता है। विलयन को तनुकृत करने पर आयनों की संख्या (विद्युत प्रवाह के लिए उत्तरदायी) घट जाती है। परिणामस्वरूप, तनुकरण के साथ विलयन की चालकता कम हो जाती है।
मुख्य बिंदु:
• चालकता प्रति एकांक आयतन में उपस्थित आयनों की संख्या पर निर्भर करती है।
• तनुता बढ़ाने पर आयनों की संख्या प्रति इकाई आयतन कम हो जाती है।
• यद्यपि मोलर चालकता बढ़ती है, लेकिन विशिष्ट चालकता (या केवल चालकता) घटती है।
आम गलतियाँ:
• चालकता और मोलर चालकता को एक ही मान लेना।
• यह सोचना कि तनुता बढ़ाने से कुल आयन कम हो जाते हैं (जबकि प्रति इकाई आयतन कम होते हैं)।
• परिभाषा को स्पष्ट रूप से न लिखना।
Exam Tips:
a) चालकता की परिभाषा (एकांक आयतन) को उत्तर में अवश्य शामिल करें।
b) मोलर चालकता और विशिष्ट चालकता के अंतर को समझकर उत्तर दें।
c) संक्षिप्त और सटीक वैज्ञानिक भाषा का प्रयोग करें।
Question 2.8: जल की \( \Lambda^\circ_m \) ज्ञात करने का एक तरीका बताइए।
Answer:
आयनों के स्वतंत्र प्रवासन के कोलराउस के नियम को लागू करते हुए, पानी का \( \Lambda^\circ_m \) मान निम्नलिखित अनुसार निर्धारित किया सकता है:
\( \Lambda^\circ_{m(\text{H}_2\text{O})} = \lambda^\circ_{\text{H}^+} + \lambda^\circ_{\text{OH}^-} \Rightarrow (\lambda^\circ_{\text{H}^+} + \lambda^\circ_{\text{Cl}^-}) + (\lambda^\circ_{\text{Na}^+} + \lambda^\circ_{\text{OH}^-}) - (\lambda^\circ_{\text{Na}^+} + \lambda^\circ_{\text{Cl}^-}) \)
\( \Rightarrow \Lambda^\circ_{m(\text{HCl})} + \Lambda^\circ_{m(\text{NaOH})} - \Lambda^\circ_{m(\text{NaCl})} \)
मुख्य बिंदु:
• कोलराउस का नियम दुर्बल विद्युत अपघट्यों की अनंत तनुता पर molar conductivity ज्ञात करने में मदद करता है।
• प्रबल विद्युत अपघट्यों \( (\text{HCl, NaOH, NaCl}) \) के मानों का संयोजन किया जाता है।
• आयनिक चालकताओं का बीजगणितीय योग किया जाता है।
आम गलतियाँ:
• प्रबल और दुर्बल विद्युत अपघट्यों के पदों को गलत जोड़ना या घटाना।
• कोलराउस नियम के कथन का सही उपयोग न करना।
• संकेतों \( (\Lambda^\circ_m \text{ और } \lambda^\circ) \) में अंतर न समझना।
Exam Tips:
a) कोलराउस के नियम का समीकरण स्पष्ट रूप से लिखें।
b) उपयुक्त प्रबल विद्युत अपघट्यों का चयन सावधानी से करें।
c) चरणों को समीकरण के रूप में क्रमिक रूप से प्रदर्शित करें।
Question 2.9: \( 0.025\text{ mol L}^{-1} \) मेथेनोइक अम्ल की चालकता \( 46.1\text{ S cm}^2\text{ mol}^{-1} \) है। इसकी वियोजन की मात्रा एवं वियोजन स्थिरांक का परिकलन कीजिए। दिया गया है कि \( \lambda^\circ(\text{H}^+) = 349.6\text{ S cm}^2\text{ mol}^{-1} \) एवं \( \lambda^\circ(\text{HCOO}^-) = 54.6\text{ S cm}^2\text{ mol}^{-1} \)
Answer:
\( C = 0.025\text{ mol L}^{-1} \)
\( \Lambda_m = 46.1\text{ S cm}^2\text{ mol}^{-1} \)
\( \lambda^\circ_{\text{H}^+} = 349.6\text{ S cm}^2\text{ mol}^{-1} \)
\( \lambda^\circ_{\text{HCOO}^-} = 54.6\text{ S cm}^2\text{ mol}^{-1} \)
\( \Lambda^\circ_{m(\text{HCOOH})} = \lambda^\circ_{\text{H}^+} + \lambda^\circ_{\text{HCOO}^-} = 349.6 + 54.6 = 404.2\text{ S cm}^2\text{ mol}^{-1} \)
अब, वियोजन की डिग्री:
\( \alpha = \frac{\Lambda_m}{\Lambda^\circ_m(\text{HCOOH})} = \frac{46.1}{404.2} = 0.114 \) (लगभग)
इस प्रकार, वियोजन स्थिरांक:
\( K = \frac{c\alpha^2}{(1 - \alpha)} = \frac{(0.025\text{ mol L}^{-1})(0.114)^2}{(1 - 0.114)} = 3.67 \times 10^{-4}\text{ mol L}^{-1} \)
मुख्य बिंदु:
• पहले अनंत तनुता पर मोलर चालकता \( \Lambda^\circ_m \) ज्ञात की जाती है।
• वियोजन की मात्रा \( \alpha = \frac{\Lambda_m}{\Lambda^\circ_m} \) होती है。
• वियोजन स्थिरांक का सूत्र \( K = \frac{c\alpha^2}{1-\alpha} \) है।
आम गलतियाँ:
• आयनिक चालकताओं को जोड़ते समय गणितीय त्रुटि करना।
• \( (1-\alpha) \) को लगभग 1 मान लेना जहाँ वह न माना जा सके।
• मात्रकों को सही रूप में न रखना।
Exam Tips:
a) सभी मानों को सूत्र में रखने से पहले उनकी इकाइयाँ जांच लें।
b) प्रत्येक चरण की गणना अलग-थलग और स्पष्ट रखें।
c) \( \alpha \) और \( K \) दोनों के लिए सही सूत्र लिखें।
Question 2.10: यदि एक धात्विक तार में \( 0.5 \) ऐम्पियर की धारा \( 2 \) घंटों के लिए प्रवाहित होती है तो तार में से कितने इलेक्ट्रॉन प्रवाहित होंगे?
Answer:
\( I = 0.5\text{ A}; t = 2\text{ घंटे} = 7200\text{ s} \)
इस प्रकार, \( Q = It = 0.5\text{ A} \times 7200\text{ s} = 3600\text{ C} \)
हम जानते हैं कि \( 96487\text{ C} \) में इलेक्ट्रॉनों की संख्या \( = 6.023 \times 10^{23} \)
इसलिए, \( 3600\text{ C} \) में इलेक्ट्रॉनों की संख्या \( = \frac{6.023 \times 10^{23} \times 3600}{96487} = 2.25 \times 10^{22} \)
अतः, \( 2.25 \times 10^{22} \) इलेक्ट्रॉन तार से प्रवाहित होंगे।
मुख्य बिंदु:
• आवेश का सूत्र \( Q = It \) होता है।
• समय को हमेशा सेकंड में बदलना आवश्यक है।
• फैराडे स्थिरांक \( (96487\text{ C}) \) एक मोल इलेक्ट्रॉनों का आवेश होता है।
आम गलतियाँ:
• समय को घंटों से सेकंड में बदलना भूल जाना।
• फैराडे स्थिरांक के मान में गलती करना।
• अंतिम गणना में घात की त्रुटि करना।
Exam Tips:
a) समय को हमेशा SI मात्रक (सेकंड) में परिवर्तित करें।
b) इकाई रूपांतरण के चरणों को स्पष्ट रूप से दर्शाएं।
c) उत्तर को वैज्ञानिक संकेतन (Scientific notation) में लिखें।
Question 2.11: उन धातुओं की एक सूची बनाइए जिनका विद्युत अपघटनी निष्कर्षण होता है।
Answer:
सोडियम, पोटैशियम, कैल्शियम्, लिथियम, मैग्नीशियम, एल्युमीनियम जैसी धातुएं जिनकी प्रतिक्रियाशीलता श्रृंखला के शीर्ष पर होती हैं। इन धातुओं का विद्युत अपघटनी निष्कर्षण होता है।
मुख्य बिंदु:
• अत्यधिक प्रतिक्रियाशील धातुएं कार्बन द्वारा अपचयित नहीं की जा सकतीं।
• इनका निष्कर्षण इनके गलित लवणों के विद्युत अपघटन द्वारा किया जाता है。
• ये धातुएं सक्रियता श्रेणी में सबसे ऊपर आती हैं।
आम गलतियाँ:
• कम या मध्यम प्रतिक्रियाशील धातुओं को इस सूची में शामिल करना।
• विद्युत अपघटनी reducción और तापीय अपचयन में अंतर न समझना।
Exam Tips:
a) सक्रियता श्रेणी के शीर्ष की धातुओं के नाम याद रखें।
b) मुख्य धातुओं जैसे सोडियम और एल्युमीनियम के उदाहरण अवश्य दें।
c) उत्तर बिंदुवार या स्पष्ट सूची के रूप में लिखें।
Question 2.12: निम्नलिखित अभिक्रिया में \( \text{Cr}_2\text{O}_7^{2-} \) आयनों के एक मोल के अपचयन के लिए कूलॉम में विद्युत की कितनी मात्रा की आवश्यकता होगी?
\( \text{Cr}_2\text{O}_7^{2-} + 14\text{H}^+ + 6\text{e}^- \rightarrow 2\text{Cr}^{3+} + 7\text{H}_2\text{O} \)
Answer:
दी गई अभिक्रिया इस प्रकार है:
\( \text{Cr}_2\text{O}_7^{2-} + 14\text{H}^+ + 6\text{e}^- \rightarrow 2\text{Cr}^{3+} + 7\text{H}_2\text{O} \)
\( 1 \) मोल \( \text{Cr}_2\text{O}_7^{2-} \) को की आवश्यकता होती है \( 6\text{F} \)
\( = 6 \times 96487\text{ C} \)
\( = 578922\text{ C} \)
मुख्य बिंदु:
• संतुलित आयनिक समीकरण में इलेक्ट्रॉनों की संख्या ही आवश्यक फैराडे की संख्या है।
• \( 1\text{ F} \) का मान लगभग \( 96487\text{ C} \) होता है।
• stoichiometry का उपयोग करके आवेश की गणना की जाती है।
आम गलतियाँ:
• समीकरण को संतुलित किए बिना इलेक्ट्रॉनों की संख्या लेना।
• फैराडे को कूलॉम में बदलना भूल जाना।
• गुणा करने में सामान्य गणितीय त्रुटि करना।
Exam Tips:
a) अभिक्रिया में स्थानांतरित कुल इलेक्ट्रॉनों की संख्या \( (n) \) को ध्यान से देखें।
b) फैराडे को कूलॉम में बदलने के लिए \( 96487 \) से गुणा करें।
c) गणना के अंतिम परिणाम को सही मात्रक के साथ लिखें।
Question 2.13: चार्जिंग के दौरान प्रयुक्त पदार्थों का विशेष उल्लेख करते हुए लेड संचायक सेल की चार्जिंग क्रियाविधि का वर्णन रासायनिक अभिक्रियाओं की सहायता से कीजिए।
Answer:
एक लेड संचायक बैटरी में लेड का एनोड, लेड के ग्रिड का कैथोड होता है जिसमें लेड डाइऑक्साइड \( (\text{PbO}_2) \) और \( 38\% \ \text{H}_2\text{SO}_4 \) का घोल विद्युतअपघट्य के रूप में भरा होता है।
जब बैटरी उपयोग में होती है, तो निम्न अभिक्रिया होती है:
एनोड: \( \text{Pb(s)} + \text{SO}_4^{2-}\text{(aq)} \rightarrow \text{PbSO}_4\text{(s)} + 2\text{e}^- \)
कैथोड: \( \text{PbO}_2\text{(s)} + \text{SO}_4^{2-}\text{(aq)} + 4\text{H}^+(\text{aq}) + 2\text{e}^- \rightarrow \text{PbSO}_4\text{(s)} + 2\text{H}_2\text{O(l)} \)
समग्र अभिक्रिया: \( \text{Pb(s)} + \text{PbO}_2\text{(s)} + 2\text{H}_2\text{SO}_4\text{(aq)} \rightarrow 2\text{PbSO}_4\text{(s)} + 2\text{H}_2\text{O(l)} \)
जब बैटरी चार्ज की जाती है, तो विपरीत अभिक्रिया होती है, अर्थात, इलेक्ट्रोड पर जमा \( \text{PbSO}_4 \) वापस \( \text{Pb \) में बदल जाता है और \( \text{PbO}_2 \) और \( \text{H}_2\text{SO}_4 \) पुनः उत्पन्न हो जाते हैं।
मुख्य बिंदु:
• चार्जिंग के दौरान डिस्चार्ज की प्रक्रिया की विपरीत अभिक्रिया होती है।
• \( \text{PbSO}_4 \) एनोड और कैथोड दोनों पर से पुनः मूल पदार्थों में परिवर्तित होता है।
• बाह्य विद्युत स्रोत से विद्युत ऊर्जा दी जाती है।
आम गलतियाँ:
• चार्जिंग और डिस्चार्जिंग की अभिक्रियाओं को आपस में मिला देना।
• एनोड और कैथोड पर होने वाली प्रतिक्रियाओं को गलत लिखना।
• समीकरणों को संतुलित न करना।
Exam Tips:
a) एनोड और कैथोड की दोनों अवस्थाओं (चार्जिंग व डिस्चार्जिंग) को स्पष्ट रूप से याद रखें।
b) समग्र अभिक्रिया को सही रासायनिक समीकरण के साथ लिखें।
c) विद्युतअपघट्य की भूमिका का उल्लेख करना न भूलें।
Question 2.14: हाइड्रोजन को छोड़कर ईंधन सेलों में प्रयुक्त किए जा सकने वाले दो अन्य पदार्थ सुझाइए।
Answer:
ईंधन सेलों में ईंधन के रूप में मीथेन और मेथेनॉल का उपयोग किया जा सकता है।
मुख्य बिंदु:
• हाइड्रोजन के अतिरिक्त अन्य कार्बनिक यौगिक भी अच्छे ईंधन हो सकते हैं।
• मीथेन और मेथेनॉल आसानी से ऑक्सीकृत होकर विद्युत ऊर्जा उत्पन्न कर सकते हैं।
• ईंधन सेल उच्च दक्षता वाले उपकरण होते हैं।
आम गलतियाँ:
• अकार्बनिक या अनुचित पदार्थों के नाम लिख देना।
• केवल एक पदार्थ का नाम लिखना जबकि दो पूछे गए हैं।
Exam Tips:
a) सामान्य और स्वीकृत ईंधन (जैसे मेथेनॉल, मीथेन) के नाम ही लिखें।
b) उत्तर को सीधा और संक्षिप्त रखें।
c) स्पेलिंग की त्रुटियों से बचें।
Question 2.15: समझाइए कि कैसे लोहे पर जंग लगने का कारण एक विद्युतरासायनिक सेल बनना माना जाता है?
Answer:
जंग की प्रक्रिया में, हवा और नमी की उपस्थिति के कारण, लोहे से बनी वस्तु के एक विशेष स्थान पर ऑक्सीजन होता है। वह स्थान एनोड के रूप में व्यवहार करता है। एनोड पर अभिक्रिया द्वारा दी जाती है,
\( \text{Fe(s)} \rightarrow \text{Fe}^{2+}(\text{aq}) + 2\text{e}^- \)
एनोडिक स्थान पर छोड़े गए इलेक्ट्रॉन धात्विक वस्तु से होकर गुजरते हैं और वस्तु के दूसरे स्थान पर चले जाते हैं। वहाँ \( \text{H}^+ \) आयनों की उपस्थिति में, इलेक्ट्रॉन ऑक्सीजन का अपचयन करते हैं। यह स्थान कैथोड की तरह व्यवहार करता है। ये \( \text{H}^+ \) आयन या तो \( \text{H}_2\text{CO}_3 \) से आते हैं, जो हवा से पानी में कार्बन डाइऑक्साइड के घुलने या पानी में वातावरण से अन्य अम्लीय ऑक्साइड के घुलने से बनते हैं।
कैथोड पर संगत अभिक्रिया निम्न प्रकार दी जाती है:
\( \text{O}_{2\text{(g)}} + 4\text{H}^+_{\text{(aq)}} + 4\text{e}^- \rightarrow 2\text{H}_2\text{O(l)} \)
समग्र अभिक्रिया है:
\( 2\text{Fe(s)} + \text{O}_{2\text{(g)}} + 4\text{H}^+_{\text{(aq)}} \rightarrow 2\text{Fe}^{2+}(\text{aq}) + 2\text{H}_2\text{O(l)} \)
इसके अतिरिक्त, फेरस आयनों को पुनः फेरिक आयनों में वायुमंडल ऑक्सीजन द्वारा ऑक्सीकृत किया जाता है। ये फेरिक आयन आसपास के वातावरण में मौजूद नमी के साथ मिलकर हाइड्रेटेड फेरिक ऑक्साइड बनाते हैं (\( \text{Fe}_2\text{O}_3 \cdot x\text{H}_2\text{O} \)) अर्थात जंग।
इसलिए, लोहे में जंग लगने की परिकल्पना विद्युतरासायनिक सेल की स्थापना के रूप में की गई है।
मुख्य बिंदु:
• लोहे की सतह पर एनोड और कैथोड क्षेत्र बनते हैं।
• एनोड पर लोहे का ऑक्सीकरण होता है जबकि कैथोड पर ऑक्सीजन का अपचयन होता है।
• बनने वाला अंतिम उत्पाद हाइड्रेटेड फेरिक ऑक्साइड होता है।
आम गलतियाँ:
• एनोड और कैथोड की अभिक्रियाओं को गलत लिख देना।
• जल और ऑक्सीजन की भूमिका को स्पष्ट न करना।
• जंग के रासायनिक सूत्र को गलत लिखना।
Exam Tips:
a) एनोडिक और कैथोडिक प्रतिक्रियाओं को अलग-अलग लिखकर समझाएं।
b) समग्र सेल अभिक्रिया को स्पष्ट रूप से दर्शाएं।
c) जंग के निर्माण के अंतिम चरण (हाइड्रेटेड फेरिक ऑक्साइड) का उल्लेख अवश्य करें।
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