NCERT Solutions Class 12 Chemistry Chapter 01 Solutions (विलयन) Intext Questions in Hindi

Download NCERT Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 01 विलयन

Review structured textbook solutions for Class 12 Chemistry Chapter 01 विलयन. Built according to NCERT guidelines for the 2026-27 academic year, these downloadable answers support daily revision and problem-solving accuracy.

Access NCERT Solutions and Answers

Navigate directly to the solved Chemistry textbook exercises using the digital viewer below. Each solution includes detailed step-by-step explanations, allowing students to instantly cross-check their work and identify areas requiring further revision.

Question 1.1: यदि \( 22\text{ g} \) बेंजीन में \( 22\text{ g} \) कार्बनटेट्राक्लोराइड घुली हो तो बेंजीन एवं कार्बन टेट्राक्लोराइड के द्रव्यमान प्रतिशत की गणना कीजिए।

Answer:

दिया गया है:
बेंजीन (\( \text{C}_6\text{H}_6 \)) का द्रव्यमान \( = 22\text{ g} \)
कार्बन टेट्राक्लोराइड (\( \text{CCl}_4 \)) का द्रव्यमान \( = 22\text{ g} \)
विलयन का कुल द्रव्यमान \( = 22 + 22 = 44\text{ g} \)
बेंजीन का द्रव्यमान प्रतिशत \( = \frac{\text{बेंजीन का द्रव्यमान}}{\text{विलयन का कुल द्रव्यमान}} \times 100 \)
\( = \frac{22}{44} \times 100 = 50\% \)
कार्बन टेट्राक्लोराइड का द्रव्यमान प्रतिशत \( = \frac{\text{CCl}_4 \text{ का द्रव्यमान}}{\text{विलयन का कुल द्रव्यमान}} \times 100 \)
\( = \frac{22}{44} \times 100 = 50\% \)

मुख्य बिंदु:

• द्रव्यमान प्रतिशत का सूत्र विलयन के कुल द्रव्यमान पर आधारित होता है।
• घटक का द्रव्यमान प्रतिशत = (घटक का द्रव्यमान / विलयन का कुल द्रव्यमान) × 100
• यहाँ दोनों घटकों की मात्रा समान होने के कारण प्रतिशत मान भी समान हैं।

आम गलतियाँ:

• विलयन के कुल द्रव्यमान में केवल एक घटक का भार जोड़ना।
• इकाई (\( \% \)) लिखना भूल जाना।
• गणना में दशमलव की गलती करना।

Exam Tips:

a) हमेशा पहले दोनों घटकों के द्रव्यमान को जोड़कर कुल विलयन का द्रव्यमान निकालें।
b) सूत्र स्पष्ट रूप से लिखें ताकि स्टेप मार्किंग का पूरा लाभ मिले।
c) उत्तर के अंत में उपयुक्त मात्रक या प्रतिशत का चिह्न अवश्य लगाएं।

 

Question 1.2: एक विलयन में बेंजीन का \( 30\% \) द्रव्यमान \( \% \) कार्बनटेट्राक्लोराइड में घुला हुआ हो तो बेंजीन के मोल-अंश की गणना कीजिए।

Answer:

माना विलयन का कुल द्रव्यमान \( 100\text{ g} \) है और बेंजीन का द्रव्यमान \( 30\text{ g} \) है।
कार्बन टेट्राक्लोराइड का द्रव्यमान \( = 100 - 30 = 70\text{ g} \)
बेंजीन (\( \text{C}_6\text{H}_6 \)) का मोलर द्रव्यमान \( = (6 \times 12 + 6 \times 1)\text{ g mol}^{-1} = 78\text{ g mol}^{-1} \)
\( \text{C}_6\text{H}_6 \) के मोलों की संख्या \( = \frac{30}{78} = 0.3846\text{ mol} \)
कार्बन टेट्राक्लोराइड (\( \text{CCl}_4 \)) का मोलर द्रव्यमान \( = 1 \times 12 + 4 \times 35.5 = 154\text{ g mol}^{-1} \)
\( \text{CCl}_4 \) के मोलों की संख्या \( = \frac{70}{154} = 0.4545\text{ mol} \)
बेंजीन का मोल अंश \( = \frac{\text{बेंजीन के मोलों की संख्या}}{\text{बेंजीन के मोलों की संख्या} + \text{CCl}_4 \text{ के मोलों की संख्या}} \)
\( = \frac{0.3846}{0.3846 + 0.4545} = \frac{0.3846}{0.8391} = 0.458 \)

मुख्य बिंदु:

• मोल-अंश एक मात्रकहीन राशि है।
• कुल मोल-अंश का योग हमेशा \( 1 \) के बराबर होता है।
• मोल निकालने के लिए दिए गए द्रव्यमान को मोलर द्रव्यमान से भाग देते हैं।

आम गलतियाँ:

• मोलर द्रव्यमान की गणना में परमाणु द्रव्यमान गलत रखना।
• कुल मोलों की संख्या निकालते समय मानों को गलत जोड़ना।
• मोल अंश के हर में केवल विलेय के मोल लिखना।

Exam Tips:

a) \( 30\% \) द्रव्यमान का अर्थ है कि \( 100\text{ g} \) विलयन में \( 30\text{ g} \) विलेय उपस्थित है।
b) दशमलव के कम से कम तीन स्थानों तक गणना करें ताकि उत्तर सटीक आए।
c) मोल-अंश निकालते समय सूत्र में मान ध्यान से रखें।

 

Question 1.3: निम्नलिखित प्रत्येक विलयन की मोलरता की गणना कीजिए—
(क) \( 30\text{ g, Co(NO}_3)_2 \cdot 6\text{H}_2\text{O} \) \( 4.3 \) लीटर विलयन में घुला हुआ हो।
(ख) \( 30\text{ mL} \) \( 0.5\text{ M H}_2\text{SO}_4 \) को \( 500\text{ mL} \) तनु करने पर।

Answer:

(क) मोलरता \( = \frac{\text{विलेय के मोल}}{\text{विलयन का आयतन लीटर में}} \)
\( \text{Co(NO}_3)_2 \cdot 6\text{H}_2\text{O} \) का मोलर द्रव्यमान \( = 59 + 2(14 + 3 \times 16) + 6 \times 18 = 291\text{ g mol}^{-1} \)
\( \text{Co(NO}_3)_2 \cdot 6\text{H}_2\text{O} \) के मोलों की संख्या \( = \frac{30}{291} = 0.103\text{ mol} \)
इसलिए, मोलरता \( = \frac{0.103\text{ mol}}{4.3\text{ L}} = 0.023\text{ M} \)

(ख) \( 0.5\text{ M H}_2\text{SO}_4 \) के \( 1000\text{ mL} \) में उपस्थित मोलों की संख्या \( = 0.5\text{ mol} \)
\( 0.5\text{ M H}_2\text{SO}_4 \) के \( 30\text{ mL} \) में मौजूद मोलों की संख्या \( = \frac{0.5 \times 30}{1000} = 0.015\text{ mol} \)
इसलिए, मोलरता \( = \frac{0.015\text{ mol}}{0.5\text{ L}} = 0.03\text{ M} \)

मुख्य बिंदु:

• मोलरता का मात्रक \( \text{mol L}^{-1} \) या \( \text{M} \) होता है।
• तनुकरण के सूत्र \( M_1V_1 = M_2V_2 \) का उपयोग किया जा सकता है।
• आयतन हमेशा लीटर में होना चाहिए।

आम गलतियाँ:

• आयतन को मिलीलीटर में ही सूत्र में रख देना।
• क्रिस्टलन जल के अणुओं को मोलर द्रव्यमान में शामिल न करना।
• तनुकरण के बाद कुल आयतन को गलत लेना।

Exam Tips:

a) क्रिस्टलन जल वाले यौगिकों का मोलर द्रव्यमान निकालते समय \( \text{H}_2\text{O} \) का द्रव्यमान जोड़ना न भूलें।
b) मिलीलीटर को लीटर में बदलने के लिए \( 1000 \) से भाग दें।
c) प्रत्येक उप-प्रश्न को स्पष्ट रूप से अलग हल करें।

 

Question 1.4: यूरिया (\( \text{NH}_2\text{CONH}_2 \)) के \( 0.25 \) मोलर, \( 2.5\text{ kg} \) जलीय विलयन को बनाने के लिए आवश्यक यूरिया के द्रव्यमान की गणना कीजिए।

Answer:

यूरिया (\( \text{NH}_2\text{CONH}_2 \)) का मोलर द्रव्यमान \( = (2 \times 14 + 4 \times 1) + 1 \times 12 + 1 \times 16 = 60\text{ g mol}^{-1} \)
यूरिया के \( 0.25 \) मोलर जलीय घोल का अर्थ है—
\( 1000\text{ g} \) पानी में \( 0.25\text{ mol} = (0.25 \times 60)\text{ g} = 15\text{ g} \) यूरिया
अर्थात, \( (1000 + 15)\text{ g} \) ग्राम घोल में \( 15\text{ g} \) यूरिया होता है।
इसलिए, \( 2.5\text{ किग्रा } (2500\text{ g}) \) घोल में यूरिया का द्रव्यमान \( = \frac{15 \times 2500}{1000 + 15}\text{ g} = \frac{37500}{1015}\text{ g} = 36.95\text{ g} \approx 37\text{ g} \) (लगभग)
अतः आवश्यक यूरिया का द्रव्यमान \( = 37\text{ g} \)

मुख्य बिंदु:

• मोललता का अर्थ प्रति किलोग्राम विलायक में विलेय के मोलों की संख्या है।
• विलयन का कुल द्रव्यमान = विलायक का द्रव्यमान + विलेय का द्रव्यमान।
• किलोग्राम को ग्राम में बदलकर गणना को सरल बनाया जाता है।

आम गलतियाँ:

• मोलरता और मोललता में अंतर न समझना।
• कुल द्रव्यमान निकालते समय यूरिया के द्रव्यमान को न जोड़ना।
• मोलर द्रव्यमान की गणना में गलती करना।

Exam Tips:

a) मोललता वाले प्रश्नों में विलायक के द्रव्यमान का ध्यान रखें।
b) गणना के अंत में निकटतम पूर्णांक या दो दशमलव स्थानों तक मान लिखें।
c) इकाई स्पष्ट रूप से दर्शाएं।

 

Question 1.5: \( 20\% \) (\( \text{w/w} \)) जलीय KI का घनत्व \( 1.202\text{ g mL}^{-1} \) हो तो KI विलयन की (क) मोललता, (ख) मोलरता, (ग) मोल-अंश की गणना कीजिए।

Answer:

(क) KI का मोलर द्रव्यमान \( = 39 + 127 = 166\text{ g mol}^{-1} \)
KI के \( 20\% \) (द्रव्यमान/द्रव्यमान) जलीय घोल का अर्थ है कि KI का \( 20\text{ gram} \) \( 100\text{ gram} \) घोल में मौजूद है।
अर्थात, \( 20\text{ gram} \) KI \((100 - 20)\) ग्राम पानी \( = 80\text{ gram} \) पानी में मौजूद है।
अतः, विलयन की मोललता \( = \frac{\text{KI के मोल}}{\text{पानी का द्रव्यमान किग्रा में}} = \frac{\frac{20}{166}}{0.08} \)
\( = 1.506\text{ मोलर} = 1.51\text{ मीटर} \) (लगभग)

(ख) यह दिया गया है कि विलयन का घनत्व \( d = 1.202\text{ g mL}^{-1} \)
\( \therefore 100\text{ gram} \) घोल का आयतन \( = \frac{\text{द्रव्यमान}}{\text{घनत्व}} = \frac{100\text{ gram}}{1.202\text{ g mL}^{-1}} = 83.19\text{ mL} = 83.19 \times 10^{-3}\text{ L} \)
अतः, विलयन की मोलरता \( = \frac{\frac{20}{166}\text{ मोल}}{83.19 \times 10^{-3}\text{ L}} = 1.45\text{ M} \)

(ग) KI के मोल \( = \frac{20}{166} = 0.12\text{ मोल} \)
पानी के मोल \( = \frac{80}{18} = 4.44\text{ मोल} \)
इसलिए, KI का मोल अंश \( = \frac{\text{KI का मोल}}{\text{KI का मोल} + \text{पानी का मोल}} = \frac{0.12}{0.12 + 4.44} = 0.0263 \)

मुख्य बिंदु:

• \( 20\% \) \( \text{w/w} \) का अर्थ है \( 100\text{ g} \) विलयन में \( 20\text{ g} \) विलेय।
• घनत्व की मदद से द्रव्यमान को आयतन में बदला जाता है।
• मोल-अंश के लिए विलेय और विलायक दोनों के मोल निकालने होते हैं।

आम गलतियाँ:

• पानी के द्रव्यमान के स्थान पर विलयन के कुल द्रव्यमान को मोललता के सूत्र में रख देना।
• आयतन निकालते समय घनत्व से गुणा करने के बजाय भाग देने में भ्रम होना।
• मोल-अंश निकालते समय कुल मोलों से भाग न देना।

Exam Tips:

a) एक ही डेटा से मोललता, मोलरता और मोल-अंश तीनों निकालने के लिए चरणबद्ध तरीके से हल करें।
b) घनत्व वाले सूत्र में मात्रकों का विशेष ध्यान रखें।
c) प्रत्येक भाग (क, ख, ग) को अलग-अलग शीर्षक देकर हल करें।

 

Question 1.6: सड़े हुए अंडे जैसी गंध वाली विषैली गैस \( \text{H}_2\text{S} \) गुणात्मक विश्लेषण में उपयोग की जाती है। यदि \( \text{H}_2\text{S} \) गैस की जल में \( \text{STP} \) पर विलेयता \( 0.195\text{ M} \) हो तो हेनरी स्थिरांक की गणना कीजिए।

Answer:

यह दिया गया है कि \( \text{STP} \) पर पानी में \( \text{H}_2\text{S} \) की घुलनशीलता \( 0.195\text{ M} \) है, अर्थात \( 1000\text{ g} \) पानी में \( \text{H}_2\text{S} \) का \( 0.195\text{ मोल} \) घोला जाता है।
पानी के मोलों की संख्या \( = \frac{1000\text{ g}}{18\text{ g mol}^{-1}} = 55.56\text{ मोल} \)
\( \text{H}_2\text{S} \) का मोल अंश, \( x = \frac{\text{H}_2\text{S} \text{ के मोल}}{\text{H}_2\text{S} \text{ के मोल} + \text{पानी के मोल}} = \frac{0.195}{0.195 + 55.56} = 0.0035 \)
\( \text{STP} \) पर, दाब \( (p) = 0.987\text{ bar} \) हेनरी के नियम के अनुसार: \( p = K_H x \)
\( \Rightarrow K_H = \frac{p}{x} = \frac{0.987}{0.0035}\text{ bar} = 282\text{ bar} \)

मुख्य बिंदु:

• हेनरी का नियम है: \( p = K_H \cdot x \)
• \( \text{STP} \) पर मानक दाब \( 1\text{ atm} \) या \( 0.987\text{ bar} \) लिया जाता है।
• \( 1\text{ L} \) जल का द्रव्यमान \( 1000\text{ g} \) माना जाता है जिससे पानी के मोल \( 55.56 \) आते हैं।

आम गलतियाँ:

• मोल-अंश निकालते समय विलेय के मोलों को हर में न जोड़ना।
• \( \text{STP} \) दाब का मान गलत रखना।
• \( K_H \) की इकाई लिखना भूल जाना।

Exam Tips:

a) हेनरी के नियम से संबंधित प्रश्नों में दाब और मोल-अंश के संबंध को स्पष्ट लिखें।
b) \( K_H \) का मात्रक दाब के मात्रक के समान (\( \text{bar} \) या \( \text{atm} \)) होता है।
c) गणना को दो दशमलव स्थानों तक सही रखें।

 

Question 1.7: \( 298\text{ K} \) पर \( \text{CO}_2 \) गैस की जल में विलेयता के लिए हेनरी स्थिरांक का मान \( 1.67 \times 10^8\text{ Pa} \) है। \( 500\text{ mL} \) सोडा जल \( 2.5\text{ atm} \) दाब पर बंद किया गया। \( 298\text{ K} \) ताप पर घुली हुई \( \text{CO}_2 \) की मात्रा की गणना कीजिए।

Answer:

दिया गया है कि: \( K_H = 1.67 \times 10^8\text{ Pa} \)
\( p_{\text{CO}_2} = 2.5\text{ atm} = 2.5 \times 1.01325 \times 10^5\text{ Pa} = 2.533125 \times 10^5\text{ Pa} \)
हेनरी के नियम के अनुसार:
\( p_{\text{CO}_2} = K_H x \)
\( \Rightarrow x = \frac{p_{\text{CO}_2}}{K_H} = \frac{2.533125 \times 10^5}{1.67 \times 10^8} = 0.00152 \)
हम लिख सकते हैं कि, \( x = \frac{n_{\text{CO}_2}}{n_{\text{CO}_2} + n_{\text{H}_2\text{O}}} \)
चूँकि, \( n_{\text{H}_2\text{O}} \) की तुलना में \( n_{\text{CO}_2} \) नगण्य है।
\( 500\text{ mL} \) सोडा वाटर में, पानी का आयतन \( = 500\text{ mL} \) (मौजूदा सोडा की उपेक्षा की गई है)
हम लिख सकते हैं:
\( 500\text{ mL} \text{ पानी} = 500\text{ g पानी} = \frac{500}{18}\text{ मोल पानी} = 27.78\text{ मोल पानी} \)
अब, \( x = \frac{n_{\text{CO}_2}}{n_{\text{H}_2\text{O}}} \)
\( \Rightarrow 0.00152 = \frac{n_{\text{CO}_2}}{27.78} \)
\( \Rightarrow n_{\text{CO}_2} = 0.00152 \times 27.78 = 0.042\text{ मोल} \)
अतः, \( 500\text{ mL} \) सोडा वाटर में \( \text{CO}_2 \) की मात्रा \( = (0.042 \times 44)\text{ g} = 1.848\text{ g} \)

मुख्य बिंदु:

• \( 1\text{ atm} = 1.01325 \times 10^5\text{ Pa} \)
• तनु विलयनों में विलेय के मोलों को विलायक के मोलों की तुलना में नगण्य मान लिया जाता है।
• मोल को ग्राम में बदलने के लिए उसके मोलर द्रव्यमान से गुणा करते हैं।

आम गलतियाँ:

• दाब के मात्रक \( \text{atm} \) को \( \text{Pa} \) में बदलना भूल जाना।
• नगण्य सन्निकटन (approximation) का उपयोग न करके लंबी द्विघात समीकरण बनाना।
• मोल संख्या को द्रव्यमान में बदलना भूल जाना।

Exam Tips:

a) दाब की इकाइयों को एकरूप (SI मात्रक पास्कल) में बदलें।
b) सन्निकटन विधि का उल्लेख उत्तर में स्पष्ट रूप से करें।
c) अंतिम उत्तर में मात्रक (\( \text{g} \)) अवश्य लिखें।

 

Question 1.8: \( 350\text{ K} \) पर शुद्ध द्रवों A एवं B के वाष्प दाब क्रमशः \( 450\text{ mm Hg} \) और \( 750\text{ mm Hg} \) हैं। यदि कुल वाष्पदाब \( 600\text{ mm Hg} \) हो तो द्रव मिश्रण का संघटन ज्ञात कीजिए। साथ ही वाष्प प्रावस्था का संघटन भी ज्ञात कीजिए।

Answer:

दिया गया है कि:
\( P_A^\circ = 450\text{ mm Hg} \)
\( P_B^\circ = 750\text{ mm Hg} \)
\( P_{\text{कुल}} = 600\text{ mm Hg} \)
राउल्ट के नियम से,
\( P_A = P_A^\circ x_A \) और \( P_B = P_B^\circ x_B = P_B^\circ(1 - x_A) \)
इसलिए, कुल दाब, \( p_{\text{कुल}} = P_A + P_B \)
\( \Rightarrow p_{\text{कुल}} = P_A^\circ x_A + P_B^\circ(1 - x_A) \)
\( \Rightarrow p_{\text{कुल}} = P_A^\circ x_A + P_B^\circ - P_B^\circ x_A \)
\( \Rightarrow p_{\text{कुल}} = (P_A^\circ - P_B^\circ)x_A + P_B^\circ \)
\( \Rightarrow 600 = (450 - 750)x_A + 750 \)
\( \Rightarrow -100 = -250x_A \)
\( \Rightarrow x_A = 0.4 \)
इसलिए, \( x_B = 1 - x_A = 1 - 0.4 = 0.6 \)
अब, \( P_A = P_A^\circ x_A = 450 \times 0.4 = 180\text{ mm Hg} \) और \( P_B = P_B^\circ x_B = 750 \times 0.6 = 420\text{ mm Hg} \)
अतः, वाष्प अवस्था में: तरल का मोल अंश \( A = \frac{P_A}{P_A + P_B} = \frac{180}{180 + 420} = \frac{180}{600} = 0.3 \)
और, द्रव का मोल अंश \( B = 1 - 0.30 = 0.70 \)

मुख्य बिंदु:

• राउल्ट का नियम कुल वाष्प दाब को घटकों के आंशिक वाष्प दाबों के योग के रूप में परिभाषित करता है।
• वाष्प प्रावस्था में संघटन डाल्टन के आंशिक दाब के नियम से निकाला जाता है।
• किसी मिश्रण में सभी घटकों के मोल अंश का योग \( 1 \) होता है।

आम गलतियाँ:

• द्रव प्रावस्था और वाष्प प्रावस्था के मोल अंश को एक ही समझ लेना।
• समीकरण हल करते समय चिह्न की गलती करना।
• सूत्र में \( P^\circ \) के स्थान पर आंशिक दाब रख देना।

Exam Tips:

a) दोनों भागों (द्रव मिश्रण और वाष्प प्रावस्था का संघटन) को अलग-अलग स्पष्ट दिखाएं।
b) गणना के प्रत्येक चरण को नई पंक्ति में लिखें ताकि गलती न हो।
c) मोल अंश की कोई इकाई नहीं होती, अतः मात्रक न लिखें।

 

Question 1.9: \( 298\text{ K} \) पर शुद्ध जल का वाष्प दाब \( 23.8\text{ mm Hg} \) है। \( 850\text{ g} \) जल में \( 50\text{ g} \) यूरिया (\( \text{NH}_2\text{CONH}_2 \)) घोला जाता है। इस विलयन के लिए जल के वाष्प दाब एवं इसके आपेक्षिक अवनमन का परिकलन कीजिए।

Answer:

यह दिया गया है कि पानी का वाष्प दाब, \( P_1^\circ = 23.8\text{ mm Hg} \)
लिए गए पानी का वजन, \( w_1 = 850\text{ g} \)
लिया गया यूरिया का वजन, \( w_2 = 50\text{ g} \)
पानी का आणविक भार, \( M_1 = 18\text{ g mol}^{-1} \)
यूरिया का आणविक भार, \( M_2 = 60\text{ g mol}^{-1} \)
अब हमें विलयन में जल के वाष्प दाब की गणना करनी है। हम वाष्प दाब को \( p_1 \) के रूप में लेते हैं।
अब, राउल्ट के नियम से,
\( \frac{P_1^\circ - p_1}{P_1^\circ} = \frac{n_2}{n_1 + n_2} \Rightarrow \frac{P_1^\circ - p_1}{P_1^\circ} = \frac{\frac{w_2}{M_2}}{\frac{w_1}{M_1} + \frac{w_2}{M_2}} \)
\( \Rightarrow \frac{23.8 - p_1}{23.8} = \frac{\frac{50}{60}}{\frac{850}{18} + \frac{50}{60}} \)
\( \Rightarrow \frac{23.8 - p_1}{23.8} = \frac{0.83}{47.22 + 0.83} \)
\( \Rightarrow \frac{23.8 - p_1}{23.8} = \frac{0.83}{48.05} = 0.0173 \Rightarrow p_1 = 23.4\text{ mm Hg} \)
अतः, दिए गए विलयन में पानी का वाष्प दाब \( 23.4\text{ mm Hg} \) है और इसकी आपेक्षिक कमी \( 0.0173 \) है।

मुख्य बिंदु:

• वाष्प दाब का आपेक्षिक अवनमन विलेय के मोल-अंश के बराबर होता है।
• \( P_1^\circ \) शुद्ध विलायक का वाष्प दाब है और \( p_1 \) विलयन में विलायक का वाष्प दाब है।
• यह अणुसंख्यक गुणधर्म (colligative property) का एक उदाहरण है।

आम गलतियाँ:

• आपेक्षिक अवनमन और वाष्प दाब में अंतर न समझना।
• मोल निकालते समय भार और अणुभार को उल्टा रख देना।
• हर में \( n_1 + n_2 \) के स्थान पर केवल \( n_1 \) लिखना (तनु विलयन न होने पर)।

Exam Tips:

a) राउल्ट के नियम का सूत्र सबसे पहले लिखें।
b) सभी दिए गए मानों (भार और अणुभार) को एक साथ सूचीबद्ध करें।
c) गणना को ध्यान से हल करें और अंतिम उत्तर में मात्रक (\( \text{mm Hg} \)) लिखें।

 

Question 1.10: \( 750\text{ mm Hg} \) दाब पर जल का क्वथनांक \( 99.63^\circ\text{C} \) है। \( 500\text{ g} \) जल में कितना सुक्रोज मिलाया जाए कि इसका \( 100^\circ\text{C} \) पर क्वथन हो जाए।

Answer:

यहाँ, क्वथनांक \( \Delta T_b \) का उन्नयन \( = (100 + 273) - 99.63 + 273 = 0.37\text{ K} \)
पानी का द्रव्यमान, \( w_1 = 500\text{ g} \)
सुक्रोज का मोलर द्रव्यमान \((\text{C}_{12}\text{H}_{22}\text{O}_{11})\), \( M_2 = 11 \times 12 + 22 \times 1 + 11 \times 16 = 342\text{ g mol}^{-1} \)
मोलल उन्नयन स्थिरांक, \( K_b = 0.52\text{ K kg mol}^{-1} \)
हम जानते हैं कि:
\( \Delta T_b = \frac{K_b \times 1000 \times w_2}{M_2 \times w_1} \)
\( \Rightarrow w_2 = \frac{\Delta T_b \times M_2 \times w_1}{K_b \times 1000} = \frac{0.37 \times 342 \times 500}{0.52 \times 1000} = 121.67\text{ g} \) (लगभग)
अतः, \( 121.67\text{ g} \) सुक्रोज मिलाना है।

मुख्य बिंदु:

• क्वथनांक में उन्नयन \( \Delta T_b = T_b - T_b^\circ \)
• \( K_b \) मोलल उन्नयन स्थिरांक है जो विलायक की प्रकृति पर निर्भर करता है।
• सुक्रोज का रासायनिक सूत्र \( \text{C}_{12}\text{H}_{22}\text{O}_{11} \) होता है।

आम गलतियाँ:

• \( \Delta T_b \) निकालते समय तापमान को केल्विन में न बदलना (हालांकि अंतर °C और K में समान होता है)।
• सूत्र में \( 1000 \) से गुणा करना भूल जाना।
• सुक्रोज का मोलर द्रव्यमान गलत निकालना।

Exam Tips:

a) क्वथनांक उन्नयन का सूत्र \( \Delta T_b = K_b \cdot m \) याद रखें।
b) विलेय के द्रव्यमान (\( w_2 \)) के लिए सूत्र को पहले ही पुनर्व्यवस्थित (rearrange) कर लें।
c) अंतिम उत्तर के साथ मात्रक (\( \text{g} \)) अवश्य लिखें।

 

Question 1.11: एस्कॉर्बिक अम्ल (विटामिन \( \text{C}, \text{C}_6\text{H}_8\text{O}_6 \)) के उस द्रव्यमान का परिकलन कीजिए, जिसे \( 75\text{ g} \) ऐसिटिक अम्ल में घोलने पर उसके हिमांक में \( 1.5^\circ\text{C} \) की कमी हो जाए। \( K_f = 3.9\text{ K kg mol}^{-1} \)。

Answer:

ऐसिटिक अम्ल का द्रव्यमान, \( w_1 = 75\text{ g} \)
एस्कॉर्बिक अम्ल का मोलर द्रव्यमान \( (\text{C}_6\text{H}_8\text{O}_6) \), \( M_2 = 6 \times 12 + 8 \times 1 + 6 \times 16 = 176\text{ g mol}^{-1} \)
गलनांक का कम होना, \( \Delta T_f = 1.5\text{ K} \)
हम जानते हैं कि:
\( \Delta T_f = \frac{K_f \times 1000 \times w_2}{M_2 \times w_1} \)
\( \Rightarrow w_2 = \frac{\Delta T_f \times M_2 \times w_1}{K_f \times 1000} = \frac{1.5 \times 276 \times 75}{3.9 \times 1000} = 5.08\text{ g} \) (लगभग)
इसलिए, \( 5.08 \) ग्राम एस्कॉर्बिक अम्ल को घोलने की आवश्यकता है।

मुख्य बिंदु:

• हिमांक में अवनमन \( \Delta T_f \) का सूत्र क्वथनांक उन्नयन के समान ही होता है।
• यहाँ विलायक ऐसिटिक अम्ल है, जिसका \( K_f \) मान दिया गया है।
• विलेय का द्रव्यमान निकालने के लिए सूत्र का सही पक्षांतर करें।

आम गलतियाँ:

• विलायक के द्रव्यमान \( w_1 \) और विलेय के मोलर द्रव्यमान \( M_2 \) के मान आपस में बदल देना।
• \( K_f \) के स्थान पर \( K_b \) का मान उपयोग करना।
• गणना में छोटी संख्या की भूल करना।

Exam Tips:

a) हिमांक अवनमन से जुड़े प्रश्नों में तापमान का अंतर \( \Delta T_f \) सीधा प्रयोग किया जाता है।
b) सूत्र लिखकर सभी मानों को स्पष्ट रूप से दर्शाएं।
c) उत्तर को उचित सार्थक अंकों में लिखें।

 

Question 1.12: \( 185,000 \) मोलर द्रव्यमान वाले एक बहुलक के \( 1.0\text{ g} \) को \( 37^\circ\text{C} \) पर \( 450\text{ mL} \) जल में घोलने से उत्पन्न विलयन के परासरण दाब का पास्कल में परिकलन कीजिए।

Answer:

यह दिया जाता है कि: पानी का आयतन, \( V = 450\text{ mL} = 0.45\text{ L} \)
तापमान, \( T = (37 + 273)\text{ K} = 310\text{ K} \)
बहुलक के मोलों की संख्या, \( n = \frac{1}{185000}\text{ mol} \)
हम जानते हैं कि: \( \pi = \frac{n}{V} RT \)
परासरण दाब, \( \pi = \frac{1}{185000}\text{ mol} \times \frac{1}{0.45\text{ L}} \times 8.314 \times 10^3\text{ Pa L K}^{-1}\text{ mol}^{-1} \times 310\text{ K} \)
\( = 30.98\text{ Pa} = 31\text{ Pa} \) (लगभग)

मुख्य बिंदु:

• परासरण दाब का सूत्र \( \pi = CRT \) या \( \pi = \frac{n}{V}RT \) होता है।
• तापमान हमेशा केल्विन में \( (T^\circ\text{C} + 273) \) होना चाहिए।
• गैस स्थिरांक \( R \) का मान पास्कल में \( 8.314 \times 10^3\text{ Pa L K}^{-1}\text{ mol}^{-1} \) उपयोग किया जाता है।

आम गलतियाँ:

• तापमान को सेल्सियस में ही सूत्र में रख देना।
• आयतन को लीटर में न बदलकर मिलीलीटर में रखना।
• गैस स्थिरांक \( R \) की इकाई और मान का गलत चयन करना।

Exam Tips:

a) परासरण दाब के प्रश्नों में आयतन लीटर में और तापमान केल्विन में होना अनिवार्य है।
b) बहुलक जैसे बड़े अणुओं के लिए मोल सीधे \( \text{भार} / \text{अणुभार} \) से निकाले जाते हैं।
c) पास्कल में मान निकालने के लिए \( R \) का उपयुक्त मान चुनें।

 

NCERT Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 01 विलयन

Textbook Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 01 विलयन

Access structured NCERT textbook solutions for Chapter 01 विलयन. Designed in alignment with the latest academic curriculum for Class 12 Chemistry, these answers cover all end-of-chapter exercises to support daily learning and homework completion.

Mastering Theoretical and Practical Questions

Each solution includes detailed reasoning to foster genuine comprehension of Chapter 01 विलयन concepts. Reviewing these step-by-step breakdowns allows learners to master both analytical and descriptive questions expected in school evaluations.

Effective Self-Study and Homework Assistance

Consistent practice with these solution guides cultivates faster problem-solving habits and clearer logical structuring. For a complete preparation experience, pair these textbook answers with our dedicated revision notes and sample papers for Class 12 Chemistry.

FAQs

Where can I find the latest NCERT Solutions Class 12 Chemistry Chapter 01 Solutions (विलयन) Intext Questions in Hindi for the 2026-27 session?

The complete and updated NCERT Solutions Class 12 Chemistry Chapter 01 Solutions (विलयन) Intext Questions in Hindi is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 12 Chemistry are as per latest NCERT curriculum.

Are the Chemistry NCERT solutions for Class 12 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the NCERT Solutions Class 12 Chemistry Chapter 01 Solutions (विलयन) Intext Questions in Hindi as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Chemistry concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 12 NCERT solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using NCERT language because NCERT marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our NCERT Solutions Class 12 Chemistry Chapter 01 Solutions (विलयन) Intext Questions in Hindi will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer NCERT Solutions Class 12 Chemistry Chapter 01 Solutions (विलयन) Intext Questions in Hindi in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 12 Chemistry. You can access NCERT Solutions Class 12 Chemistry Chapter 01 Solutions (विलयन) Intext Questions in Hindi in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Chemistry NCERT solutions for Class 12 as a PDF?

Yes, you can download the entire NCERT Solutions Class 12 Chemistry Chapter 01 Solutions (विलयन) Intext Questions in Hindi in printable PDF format for offline study on any device.