CBSE Class 12 Economics Producer Behavior and Supply Hindi Assignment

Class 12 Economics Practice Assignments: CBSE Class 12 Economics Producer Behavior and Supply Hindi Assignment

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एक अंक वाले प्रश्न

Question 1. कारक के प्रतिफल की किस अवस्था में सीमांत उत्पाद घटना प्रारंभ करता है?
Answer: कारक के घटते प्रतिफल की अवस्था में।
In simple words: घटते प्रतिफल की स्थिति में सीमांत उत्पाद गिरना शुरू हो जाता है।

Exam Tip: यह परिवर्ती अनुपात के नियम की दूसरी अवस्था है।

 

Question 2. सीमांत उत्पाद को परिभाषित कीजिए।
Answer: परिवर्ती कारक की एक अतिरिक्त इकाई का प्रयोग करने पर कुल उत्पाद में होने वाला शुद्ध परिवर्तन सीमांत उत्पाद कहलाता है।
In simple words: एक और इकाई लगाने से कुल उत्पादन में जितनी वृद्धि होती है, वह सीमांत उत्पाद है।

Exam Tip: सूत्र \(MP = TP_n - TP_{n-1}\) को याद रखें।

 

Question 3. जब परिवर्ती आगत का सीमांत उत्पाद (MP) घट रहा हो लेकिन धनात्मक हो तब कुल उत्पाद की क्या स्थिति होती है?
Answer: कुल उत्पाद घटती दर से बढ़ता है।
In simple words: जब सीमांत उत्पाद कम होता है, तब कुल उत्पादन बढ़ता है लेकिन धीमी गति से।

Exam Tip: यह डिमिनिशिंग रिटर्न्स की अवस्था को दर्शाता है।

 

Question 4. जब औसत उत्पाद गिर रहा हो तब सीमांत उत्पाद तथा औसत उत्पाद में क्या संबंध होगा?
Answer: MP भी गिरता है लेकिन AP से अधिक तेजी से गिरता है (अर्थात \(MP < AP\))।
In simple words: औसत उत्पाद के गिरने पर सीमांत उत्पाद उससे भी नीचे रहता है।

Exam Tip: इस बिंदु के बाद MP वक्र AP वक्र को उसके अधिकतम बिंदु पर काट चुका होता है।

 

Question 5. औसत उत्पाद की परिभाषा दीजिए।
Answer: प्रति इकाई परिवर्ती कारक के कुल भौतिक उत्पाद को औसत उत्पाद कहते हैं। \(AP = \frac{TP}{L}\)
In simple words: परिवर्ती साधन की प्रति इकाई उत्पादन को औसत उत्पाद कहते हैं।

Exam Tip: AP का फॉर्मूला और उसकी इकाइयां स्पष्ट लिखें।

 

Question 6. उत्पादन के स्थिर कारकों से क्या अभिप्राय है? उदाहरण दीजिए।
Answer: उत्पादन के वे कारक जिन्हें अल्पकाल में परिवर्तित करना संभव नहीं होता है, स्थिर कारक कहलाते हैं। उदाहरण: मशीन, भूमि।
In simple words: जिन साधनों को थोड़े समय में बदला नहीं जा सकता, वे स्थिर कारक हैं जैसे जमीन और बड़ी मशीनें।

Exam Tip: अल्पकाल और दीर्घकाल का अंतर ध्यान में रखें।

 

Question 7. कुल भौतिक उत्पाद सीमांत उत्पाद के किस व्यवहार के कारण अधिकतम होता है?
Answer: परिवर्ती कारक का सीमांत उत्पाद जब शून्य होता है तब कुल भौतिक उत्पाद अधिकतम होता है।
In simple words: जब सीमांत उत्पाद शून्य हो जाता है, तब कुल उत्पादन अपने सबसे ऊंचे स्तर पर होता है।

Exam Tip: \(MP = 0\) की स्थिति TP के अधिकतम बिंदु को बताती है।

 

Question 8. कुल उत्पाद में होने वाली कमी किस प्रकार सीमांत उत्पाद को प्रभावित करती है?
Answer: कुल उत्पाद में कमी होने पर सीमांत उत्पाद ऋणात्मक हो जाता है।
In simple words: कुल उत्पादन घटने पर सीमांत उत्पादन माइनस (ऋणात्मक) हो जाता है।

Exam Tip: यह परिवर्ती अनुपात के नियम की तीसरी अवस्था है।

 

Question 9. लागत से क्या अभिप्राय है?
Answer: लागत, स्पष्ट तथा अस्पष्ट लागतों का योग होती है।
In simple words: किसी वस्तु के उत्पादन में कुल जितना खर्च आता है, उसे लागत कहते हैं।

Exam Tip: स्पष्ट लागत + अस्पष्ट लागत = कुल आर्थिक लागत।

 

Question 10. स्पष्ट लागतों को परिभाषित कीजिए।
Answer: वे मौद्रिक भुगतान जो उत्पादक द्वारा ऐसी कारक व गैर कारक आगतों के प्रयोग के लिए किए जाते हैं जिनका स्वामी उत्पादक स्वयं नहीं होता, स्पष्ट लागतें कहलाती हैं।
In simple words: जो नकद पैसे उत्पादक दूसरों को भुगतान करता है, वे स्पष्ट लागतें हैं।

Exam Tip: मजदूर की मजदूरी और कच्चे माल का भुगतान इसके उदाहरण हैं।

 

Question 11. किस लागत का वक्र X अक्ष के समांतर होता है? क्यों?
Answer: कुल बंधी लागत (TFC) का वक्र क्योंकि यह उत्पादन के प्रत्येक स्तर पर समान रहती है।
In simple words: स्थिर लागत उत्पादन बढ़ने पर भी नहीं बदलती, इसलिए इसका वक्र सीधी रेखा होता है।

Exam Tip: TFC वक्र हमेशा X-अक्ष के समांतर होता है।

 

Question 12. अस्पष्ट लागतों से क्या अभिप्राय है?
Answer: उत्पादन प्रक्रिया में उत्पादक द्वारा प्रयुक्त निजी कारकों की लागत।
In simple words: उत्पादक के खुद के संसाधनों का मूल्य अस्पष्ट लागत है।

Exam Tip: मालिक का खुद का वेतन या खुद की इमारत का अनुमानित किराया।

 

Question 13. सीमांत लागत को परिभाषित कीजिए।
Answer: वस्तु की एक अतिरिक्त इकाई का उत्पादन करने पर कुल लागत में होने वाली शुद्ध वृद्धि सीमांत लागत कहलाती है।
In simple words: एक अतिरिक्त वस्तु बनाने पर कुल लागत जितनी बढ़ती है, वह सीमांत लागत है।

Exam Tip: सूत्र \(MC = TVC_n - TVC_{n-1}\) या \(\frac{\Delta TC}{\Delta Q}\) का प्रयोग करें।

 

Question 14. उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ औसत कुल लागत व औसत परिवर्ती लागत के अंतर में कमी क्यों आती है?
Answer: क्योंकि औसत बंधी लागत (AFC) उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ घटती चली जाती है।
In simple words: जैसे-जैसे उत्पादन बढ़ता है, स्थिर लागत प्रति इकाई कम होती जाती है जिससे दोनों का अंतर घटता है।

Exam Tip: याद रखें: \(AC - AVC = AFC\)।

 

Question 15. संप्राप्ति को परिभाषित कीजिए।
Answer: उत्पाद की बिक्री से प्राप्त राशि को संप्राप्ति कहते हैं।
In simple words: सामान बेचने से फर्म को जो कुल पैसे मिलते हैं, उसे संप्राप्ति (Revenue) कहते हैं।

Exam Tip: इसे कुल आगम या टोटल रेवेन्यू भी कहा जाता है।

 

Question 16. वस्तु की प्रति इकाई कीमत में कमी होने पर औसत व सीमांत संप्राप्ति किस अनुपात में घटते हैं?
Answer: सीमांत संप्राप्ति, औसत संप्राप्ति से दोगुनी दर से घटती है।
In simple words: कीमत घटने पर MR, AR की तुलना में दोगुनी तेजी से गिरता है।

Exam Tip: एकाधिकार बाजार में यह स्थिति पाई जाती है।

 

Question 17. जब कुल संप्राप्ति में स्थिर दर से वृद्धि होती है उस अवस्था में औसत संप्राप्ति का व्यवहार कैसा होता है?
Answer: औसत संप्राप्ति स्थिर रहता है।
In simple words: पूर्ण प्रतियोगिता में जब TR समान गति से बढ़ता है, तब AR स्थिर रहता है।

Exam Tip: पूर्ण प्रतियोगी बाजार की यह मुख्य विशेषता है।

 

Question 18. सीमांत संप्राप्ति से क्या अभिप्राय है?
Answer: वस्तु की एक अतिरिक्त इकाई की बिक्री से कुल संप्राप्ति में जो शुद्ध वृद्धि होती है।
In simple words: एक और अतिरिक्त इकाई बेचने से कुल कमाई में जितनी बढ़ोतरी होती है, वह सीमांत संप्राप्ति है।

Exam Tip: सूत्र \(MR = \frac{\Delta TR}{\Delta Q}\) उपयोग करें।

 

Question 19. जब सीमांत संप्राप्ति शून्य होती है तब कुल संप्राप्ति का व्यवहार कैसा होता है?
Answer: कुल संप्राप्ति अधिकतम होती है।
In simple words: जब MR शून्य होता है, तब कुल कमाई सबसे ज्यादा होती है।

Exam Tip: यह कुल आगम और सीमांत आगम का महत्वपूर्ण संबंध है।

 

Question 20. औसत लागत वक्र तथा औसत परिवर्ती लागत वक्र एक दूसरे को क्यों नहीं काटते?
Answer: क्योंकि औसत बंधी लागत (AFC) उत्पादन के किसी भी स्तर पर शून्य नहीं होती।
In simple words: दोनों वक्रों के बीच की दूरी (AFC) कभी शून्य नहीं हो सकती, इसलिए वे कभी नहीं मिलते।

Exam Tip: \(AC = AVC + AFC\) के सिद्धांत को समझें।

 

Question 21. उत्पादक के संतुलन से क्या अभिप्राय है?
Answer: उत्पादक संतुलन वह अवस्था है जिसमें उत्पादक को प्राप्त होने वाले लाभ अधिकतम होते हैं।
In simple words: वह स्थिति जहाँ फर्म को सबसे ज्यादा मुनाफा होता है, उत्पादक संतुलन कहलाती है।

Exam Tip: अधिकतम लाभ की स्थिति ही संतुलन है।

 

Question 22. सीमांत लागत व सीमांत संप्राप्ति विचारधारा के अनुसार उत्पादक संतुलन की कोई दो शर्ते लिखिए।
Answer:
1. सीमांत संप्राप्ति = सीमांत लागत (\(MR = MC\))
2. सीमांत संप्राप्ति वक्र को सीमांत लागत वक्र बढ़ते हुए नीचे से काटे।
In simple words: संतुलन के लिए MR और MC बराबर होने चाहिए और MC वक्र नीचे से ऊपर जाते हुए MR को काटना चाहिए।

Exam Tip: दोनों शर्तों का पूरा होना अनिवार्य है।

 

Question 23. पूर्ति को परिभाषित कीजिए।
Answer: पूर्ति से अभिप्राय वस्तु की उस मात्रा से है जिसे कोई फर्म या विक्रेता कीमत के विभिन्न स्तरों पर बेचने के लिए तैयार है।
In simple words: विक्रेता द्वारा विभिन्न कीमतों पर बेचने के लिए तैयार की गई मात्रा को पूर्ति कहते हैं।

Exam Tip: पूर्ति हमेशा कीमत और समय से जुड़ी होती है।

 

Question 24. व्यक्तिगत पूर्ति अनुसूची से आप क्या समझते हैं?
Answer: व्यक्तिगत पूर्ति अनुसूची कीमत के विभिन्न स्तरों पर एक उत्पाद की पूर्ति की विभिन्न मात्राओं को तालिका के रूप में प्रदर्शित करती है।
In simple words: एक अकेली फर्म द्वारा अलग-अलग कीमतों पर बेची जाने वाली मात्राओं की तालिका व्यक्तिगत पूर्ति अनुसूची है।

Exam Tip: यह एकल फर्म से संबंधित है।

 

Question 25. बाजार पूर्ति को परिभाषित कीजिए।
Answer: किसी बाजार में सभी फर्मों द्वारा वस्तु की पूर्ति का योग बाजार पूर्ति कहलाता है।
In simple words: बाजार की सभी फर्मों की कुल पूर्ति को जोड़कर बाजार पूर्ति बनती है।

Exam Tip: यह क्षैतिज योग (Horizontal summation) होता है।

 

Question 26. पूर्ति को प्रभावित करने वाले कोई दो कारक लिखिए।
Answer:
1. फर्मों की संख्या
2. तकनीकी परिवर्तन
In simple words: तकनीक और उत्पादकों की संख्या पूर्ति को सीधे प्रभावित करती है।

Exam Tip: इसके अलावा आगतों की कीमतें भी लिख सकते हैं।

 

Question 27. पूर्ति में परिवर्तन से क्या अभिप्राय है?
Answer: पूर्ति में परिवर्तन कीमत के स्थिर रहने पर किसी अन्य कारक में परिवर्तन का परिणाम होता है।
In simple words: जब कीमत स्थिर रहे और अन्य कारणों से पूर्ति घट-बढ़ जाए, तो उसे पूर्ति में परिवर्तन कहते हैं।

Exam Tip: इसमें पूर्ति वक्र का खिसकाव (Shift) होता है।

 

Question 28. पूर्ति वक्र पर नीचे की ओर संचलन क्यों होता है?
Answer: कीमत में कमी के कारण।
In simple words: वस्तु का दाम कम होने पर पूर्ति वक्र पर नीचे की तरफ खिसकना होता है।

Exam Tip: इसे पूर्ति का संकुचन कहते हैं।

 

Question 29. कीमत में किस परिवर्तन के कारण पूर्ति वक्र पर ऊपर की ओर संचलन होता है?
Answer: कीमत में वृद्धि के कारण।
In simple words: कीमत बढ़ने से पूर्ति बढ़ती है और ऊपर की ओर संचलन होता है।

Exam Tip: इसे पूर्ति का विस्तार कहते हैं।

 

Question 30. कर की दरों में वृद्धि से पूर्ति कैसे प्रभावित होती है?
Answer: कर की दरों में वृद्धि से उत्पादन लागत में वृद्धि होती है परिणामतः उत्पादक के लाभ कम हो जाते हैं जिससे पूर्ति में कमी आती है।
In simple words: टैक्स बढ़ने से लागत बढ़ती है, मुनाफा घटता है और पूर्ति कम हो जाती है।

Exam Tip: कर वृद्धि पूर्ति वक्र को बाएं खिसकाती है।

 

Question 31. पूर्ति वक्र के बाईं ओर खिसकने से क्या अभिप्राय है?
Answer: कीमत के स्थिर रहने पर किसी अन्य कारक में परिवर्तन होने से जब वस्तु की पूर्ति घट जाती है तो पूर्ति वक्र बाईं ओर खिसक जाता है।
In simple words: अन्य कारणों से पूर्ति कम होने पर पूरा पूर्ति वक्र बाईं तरफ चला जाता है।

Exam Tip: इसे पूर्ति में कमी कहा जाता है।

 

Question 32. आगतों की कीमत में कमी पूर्ति पर क्या प्रभाव डालती है?
Answer: आगतों की कीमत में कमी से उत्पादन लागत घटती है जिससे लाभ मार्जिन बढ़ने पर उत्पादक पूर्ति में वृद्धि करता है।
In simple words: कच्चा माल सस्ता होने से लागत घटती है और पूर्ति बढ़ जाती है।

Exam Tip: इससे पूर्ति वक्र दाईं ओर खिसकता है।

 

Question 33. पूर्ति वक्र धनात्मक ढाल वाला क्यों होता है?
Answer: कीमत व पूर्ति के धनात्मक संबंध के कारण पूर्ति वक्र का ढाल धनात्मक होता है।
In simple words: कीमत बढ़ने पर पूर्ति बढ़ती है, इसलिए इसका ढाल ऊपर की ओर उठता हुआ होता है।

Exam Tip: यह पूर्ति के नियम को दर्शाता है।

 

Question 34. पूर्ति की लोच से क्या अभिप्राय है?
Answer: पूर्ति की लोच किसी वस्तु की कीमत में होने वाले प्रतिशत परिवर्तन के कारण पूर्ति में होने वाले प्रतिशत परिवर्तन का आनुपातिक माप है।
In simple words: कीमत बदलने से पूर्ति में कितना बदलाव आता है, इसे पूर्ति की लोच मापते हैं।

Exam Tip: फॉर्मूला याद रखें: \(E_s = \frac{\% \text{ change in supply}}{\% \text{ change in price}}\)।

 

Question 35. पूर्ति की लोच क्या होगी यदि पूर्ति वक्र Y- अक्ष के समान्तर हो?
Answer: पूर्णतया बेलोजदार पूर्ति (\(E_s = 0\))।
In simple words: कीमत चाहे जितनी बदले, पूर्ति में कोई बदलाव नहीं होता।

Exam Tip: Y-अक्ष के समांतर वक्र शून्य लोच को दर्शाता है।

 

Question 36. पूर्ति की लोच इकाई के बराबर किस स्थिति में होती है?
Answer: कीमत में होने वाले आनुपातिक परिवर्तन के कारण पूर्ति में होने वाला परिवर्तन का अनुपात यदि समान हो तो पूर्ति इकाई के बराबर लोचदार होती है।
In simple words: कीमत और पूर्ति दोनों में समान प्रतिशत परिवर्तन होने पर लोच एक के बराबर होती है।

Exam Tip: \(E_s = 1\) होता है।

 

Question 37. उत्पादक दी हुई कीमत पर वस्तु की पूर्ति कब बढ़ा देता है?
Answer: किसी अन्य कारक में परिवर्तन होने से जैसे (i) आगतों की कीमतों में कमी (ii) तकनीक में सुधार।
In simple words: जब लागत कम हो जाए या तकनीक बेहतर हो जाए, तो उत्पादक समान कीमत पर भी अधिक पूर्ति करता है।

Exam Tip: यह पूर्ति में वृद्धि की स्थिति है।

 

Question 38. पूर्ति में विस्तार क्यों होता है?
Answer: अन्य कारकों के समान रहने पर कीमत में वृद्धि के फल स्वरूप पूर्ति में विस्तार होता है।
In simple words: केवल अपनी कीमत बढ़ने से पूर्ति में जो वृद्धि होती है, उसे पूर्ति में विस्तार कहते हैं।

Exam Tip: यह कीमत में परिवर्तन का परिणाम है।

 

Question 40. यदि किसी वस्तु की कीमत 10 प्रतिशत गिरने से पूर्ति की मात्रा 20 प्रतिशत गिर जाय तो इस वस्तु की पूर्ति की लोच क्या होगी?
Answer:
पूर्ति की लोच (\(E_s\)) = \(\frac{\text{मात्रा में \% परिवर्तन}}{\text{कीमत में \% परिवर्तन}}\)
\(E_s = \frac{20\%}{10\%} = 2\)
In simple words: प्रतिशत परिवर्तन का भाग देने पर पूर्ति की लोच 2 प्राप्त होती है।

Exam Tip: इकाई से अधिक लोचदार (\(E_s > 1\)) है।

 

H.O.T.S. (उच्च स्तरीय बुद्धि कौशल)

Question 1. कुल परिवर्ती लागत वक्र कुल लागत वक्र के समांतर क्यों होता है?
Answer: कुल लागत, कुल बंधी लागत व कुल परिवर्ती लागत का योग होती है और कुल बंधी लागत उत्पादन के प्रत्येक स्तर पर समान रहती है।
In simple words: TVC और TC के बीच की दूरी हमेशा स्थिर लागत (TFC) होती है जो बदलती नहीं है।

Exam Tip: दोनों वक्रों के बीच की लंबवत दूरी हमेशा TFC के बराबर होती है।

 

Question 2. उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ औसत बंधी लागत क्यों घटती है?
Answer: औसत बंधी लागत की गणना कुल बंधी लागत से की जाती है जो कि उत्पादन के प्रत्येक स्तर पर समान रहती है।
In simple words: स्थिर लागत उतनी ही रहती है और उत्पादन इकाइयां बढ़ने से वह अधिक इकाइयों में बंट जाती है।

Exam Tip: \(AFC = \frac{TFC}{Q}\) के कारण AFC लगातार घटती है।

 

Question 3. कुल बंधी लागत वक्र X अक्ष के समांतर क्यों होता है?
Answer: कुल बंधी लागत उत्पादन के प्रत्येक स्तर पर समान रहती है।
In simple words: उत्पादन शून्य हो या अधिक, स्थिर लागत में कोई बदलाव नहीं होता।

Exam Tip: यह उत्पादन की मात्रा पर निर्भर नहीं करती।

 

Question 4. वस्तु की अतिरिक्त मात्रा बेचने पर सीमांत संप्राप्ति किस स्थिति में घटता हुआ होगा?
Answer: जब वस्तु की अतिरिक्त मात्रा बेचने पर प्रति इकाई कीमत घट रही हो।
In simple words: जब अधिक सामान बेचने के लिए दाम कम करने पड़ते हैं, तब सीमांत संप्राप्ति घटती है।

Exam Tip: एकाधिकार बाजार की यह स्थिति है।

 

Question 5. प्रति इकाई कीमत के किस व्यवहार के कारण औसत व सीमांत संप्राप्ति समान होते हैं?
Answer: प्रति इकाई कीमत समान रहने के कारण।
In simple words: कीमत स्थिर रहने पर हर अतिरिक्त इकाई से मिलने वाली आय बराबर होती है।

Exam Tip: पूर्ण प्रतियोगिता बाजार में AR और MR बराबर होते हैं।

 

Question 6. पूर्ति के नियम तथा पूर्ति की लोच में एक अन्तर लिखिए।
Answer: पूर्ति का नियम परिवर्तन की दिशा प्रदर्शित करता है जबकि पूर्ति की कीमत लोच परिवर्तन के परिणाम को दर्शाती है।
In simple words: नियम सिर्फ दिशा बताता है कि पूर्ति बढ़ेगी या घटेगी, जबकि लोच मात्रात्मक माप बताती है।

Exam Tip: दिशा बनाम मात्रात्मक माप का अंतर याद रखें।

 

Question 7. यदि पूर्ति वक्र X अक्ष को काटते हुए गुजरता है तो पूर्ति की लोच कैसी होती है?
Answer: इकाई से कम लोचदार या बेलोजदार।
In simple words: जब पूर्ति वक्र X-अक्ष के धनात्मक भाग को काटता है, तो लोच एक से कम होती है।

Exam Tip: ज्यामितीय विधि के नियमों को ध्यान में रखें।

 

Question 8. कीमत में कमी होने पर उत्पादक पूर्ति वक्र पर नीचे की ओर क्यों खिसकता है?
Answer: कीमत में कमी होने से उत्पादक के लाभ मार्जिन कम हो जाते हैं जिससे वह पूर्ति में कमी करता है। परिणामतः पूर्ति वक्र पर नीचे की ओर खिसकता है।
In simple words: दाम कम होने से मुनाफा घटता है, इसलिए उत्पादक कम माल बेचता है।

Exam Tip: इसे संकुचन कहते हैं।

 

Question 9. मूल बिन्दु से \(40^\circ\) के कोण पर गुजरने वाले पूर्ति वक्र पर पूर्ति की लोच क्या होगी?
Answer: इकाई के बराबर लोचदार होगी (\(E_s = 1\))।
In simple words: मूल बिंदु से जाने वाली सीधी रेखा पर पूर्ति की लोच हमेशा एक होती है।

Exam Tip: यह एक महत्वपूर्ण ज्यामितीय नियम है।

 

Question 10. कीमत स्थिर रहने पर पूर्ति वक्र दाईं ओर कब खिसकता है?
Answer: कीमत के स्थिर रहने पर किसी अन्य कारक में परिवर्तन होने से जब पूर्ति में वृद्धि हो जाती है।
In simple words: कीमत वही रहने पर भी तकनीक अच्छी होने या लागत घटने से पूर्ति बढ़ जाती है।

Exam Tip: इसे पूर्ति में वृद्धि कहते हैं।

 

Question 11. कीमत बढ़ने पर पूर्ति अधिक क्यों हो जाती है?
Answer: कीमत बढ़ने पर उत्पादक के लाभ मार्जिन बढ़ जाते हैं अर्थात् कीमत व लागत का अन्तर धनात्मक रूप से बढ़ जाता है। जिससे उत्पादक पूर्ति में वृद्धि करता है।
In simple words: अधिक कीमत मिलने से फायदा बढ़ता है, इसलिए व्यापारी ज्यादा सामान बेचना चाहते हैं।

Exam Tip: लाभ का बढ़ना ही पूर्ति में वृद्धि का मुख्य कारण है।

 

Question 12. एक फर्म के पूर्ति वक्र पर करों में वृद्धि का क्या प्रभाव होगा?
Answer: पूर्ति वक्र बाईं ओर खिसक जायेगा।
In simple words: टैक्स बढ़ने से पूर्ति कम हो जाती है और वक्र बाएं खिसक जाता है।

Exam Tip: करों में वृद्धि पूर्ति को कम करती है।

 

3-4 अंकों वाले प्रश्न

Question 1. कारक के घटते प्रतिफल क्यों लागू होते हैं?
Answer: कारक के घटते प्रतिफल के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
1. स्थिर साधन की सीमितता: एक निश्चित स्थिर साधन के साथ जब परिवर्ती साधन को लगातार बढ़ाया जाता है, तो स्थिर साधन का प्रयोग अपनी सीमा पर पहुंच जाता है।
2. साधनों के बीच अपूर्ण स्थानापन्नता: स्थिर और परिवर्ती साधन एक-दूसरे के पूर्ण स्थानापन्न नहीं होते हैं।
3. साधनों के बीच खराब तालमेल: परिवर्ती साधन की मात्रा बहुत अधिक हो जाने से स्थिर साधन के साथ उसका समन्वय बिगड़ जाता है।
In simple words: जब एक सीमित मशीन या जमीन पर बहुत सारे मजदूर लगा दिए जाते हैं, तो उनका तालमेल बिगड़ जाता है और उत्पादन घटती दर से बढ़ता है।

Exam Tip: परिवर्ती अनुपात के नियम की दूसरी अवस्था को स्पष्ट करें।

 

Question 2. सीमांत उत्पादन में परिवर्तन के फलस्वरूप कुल उत्पादन का व्यवहार किस प्रकार का होगा?
Answer: सीमांत उत्पाद (MP) और कुल उत्पाद (TP) में निम्नलिखित संबंध होता है:
1. जब तक MP बढ़ता है, TP बढ़ती दर से बढ़ता है।
2. जब MP घटता है लेकिन धनात्मक रहता है, तब TP घटती दर से बढ़ता है।
3. जब MP शून्य होता है, तब TP अधिकतम होता है।
4. जब MP ऋणात्मक हो जाता है, तब TP घटने लगता है।
In simple words: सीमांत उत्पादन के घटने-बढ़ने से कुल उत्पादन की गति तय होती है।

Exam Tip: चारों अवस्थाओं को क्रमानुसार लिखें।

 

Question 3. कारक के बढ़ते प्रतिफल की स्थिति में सीमांत उत्पादन का व्यवहार कैसा होता है?
Answer: कारक के बढ़ते प्रतिफल की स्थिति में सीमांत उत्पादन (MP) में लगातार वृद्धि होती है। प्रारंभ में जब स्थिर साधन के साथ परिवर्ती साधन की इकाइयां मिलाई जाती हैं, तो कार्यकुशलता बढ़ती है और सीमांत उत्पाद ऊंचा उठता जाता है।
In simple words: शुरुआत में साधन का पूरा उपयोग होने से हर अतिरिक्त इकाई से उत्पादन बढ़ता जाता है।

Exam Tip: यह परिवर्ती अनुपात के नियम की प्रथम अवस्था है।

 

Question 4. तालिका की सहायता से कुल उत्पाद के व्यवहार को स्पष्ट कीजिए जब उत्पादन में वृद्धि हेतु केवल एक आगत की इकाइयों को बढ़ाया जाता है?
Answer: जब स्थिर साधनों के साथ केवल एक परिवर्ती आगत (श्रम) की इकाइयां बढ़ाई जाती हैं, तो कुल उत्पाद (TP) पहले बढ़ती दर से, फिर घटती दर से बढ़ता है, एक अधिकतम बिंदु पर पहुंचता है और अंत में घटने लगता है। इसे परिवर्ती अनुपात का नियम कहते हैं।
In simple words: एक आगत बढ़ाने पर कुल उत्पादन पहले तेज गति से और बाद में धीमी गति से बढ़कर अंत में कम होने लगता है।

Exam Tip: TP, AP और MP के साथ एक छोटी काल्पनिक तालिका बनाकर समझाएं।

 

Question 5. कुल बंधी लागत व कुल परिवर्ती लागत में अंतर कीजिए।
Answer:

क्र.सं.कुल बंधी लागत (TFC)कुल परिवर्ती लागत (TVC)
1यह उत्पादन के स्थिर साधनों पर की जाती है।यह उत्पादन के परिवर्ती साधनों पर की जाती है।
2उत्पादन शून्य होने पर भी यह शून्य नहीं होती।उत्पादन शून्य होने पर यह शून्य होती है।
3उत्पादन बढ़ने पर यह स्थिर रहती है।उत्पादन बढ़ने पर यह बढ़ती है।

In simple words: स्थिर लागत उत्पादन न होने पर भी लगती है, जबकि परिवर्ती लागत उत्पादन के साथ बदलती है।

 

Exam Tip: तालिका बनाकर अंतर स्पष्ट करना सबसे अच्छा तरीका है।

 

Question 6. रेखाचित्र की सहायता से औसत लागत, औसत परिवर्ती लागत व सीमांत लागत के बीच संबंध दर्शाइये।
Answer: औसत लागत (AC), औसत परिवर्ती लागत (AVC) और सीमांत लागत (MC) के बीच निम्नलिखित संबंध हैं:
1. जब MC, AVC और AC से कम होता है, तब दोनों घटते हैं।
2. जब MC, AVC और AC के न्यूनतम बिंदु को काटता है, तब AVC और AC अपने न्यूनतम स्तर पर होते हैं।
3. जब MC, AVC और AC से अधिक होता है, तब दोनों बढ़ने लगते हैं।
In simple words: सीमांत लागत वक्र, औसत लागत और औसत परिवर्ती लागत के सबसे निचले बिंदुओं को नीचे से काटता है।

Exam Tip: यू-आकार के वक्रों और उनके कटान बिंदुओं का वर्णन करें।

 

Question 7. अल्पकालीन औसत लागत वक्र 'U' आकार का क्यों होता है?
Answer: अल्पकालीन औसत लागत वक्र 'U' आकार का होने का मुख्य कारण 'परिवर्ती अनुपात का नियम' है। प्रारंभ में बढ़ते प्रतिफल के कारण AC घटती है, न्यूनतम बिंदु पर यह स्थिर होती है और अंत में घटते प्रतिफल के कारण AC तेजी से बढ़ने लगती है।
In simple words: शुरुआत में बचतों के कारण लागत कम होती है और बाद में कठिनाइयों के कारण लागत बढ़ने लगती है, जिससे वक्र 'U' आकार का बनता है।

Exam Tip: घटते-बढ़ते प्रतिफल के नियमों का उल्लेख अवश्य करें।

 

Question 8. रेखाचित्र की सहायता से औसत लागत, औसत परिवर्ती लागत तथा औसत बंधी लागत के संबंध की व्याख्या कीजिए।
Answer: सूत्र के अनुसार कुल औसत लागत, औसत बंधी लागत और औसत परिवर्ती लागत का योग होती है (\(AC = AVC + AFC\))। उत्पादन बढ़ने पर AFC निरंतर घटती जाती है, जिसके कारण AC और AVC वक्रों के बीच की दूरी लगातार कम होती जाती है लेकिन वे कभी एक-दूसरे को नहीं काटते क्योंकि AFC कभी शून्य नहीं होती।
In simple words: AC हमेशा AVC के ऊपर रहती है और दोनों के बीच की दूरी (AFC) उत्पादन बढ़ने के साथ कम होती जाती है।

Exam Tip: AFC के प्रभाव को स्पष्ट रूप से समझाइए।

 

Question 8 (अतिरिक्त). निम्न स्थितियों में कुल संप्राप्ति में क्या परिवर्तन होंगे जबकि (A) सीमांत संप्राप्ति गिर रही हो किन्तु धनात्मक हो। (B) सीमांत संप्राप्ति शून्य हो। (C) सीमांत संप्राप्ति ऋणात्मक हो।
Answer:
(A) जब MR गिर रहा हो किंतु धनात्मक हो, तब कुल संप्राप्ति (TR) बढ़ती दर से बढ़ती है।
(B) जब MR शून्य हो, तब कुल संप्राप्ति अधिकतम होती है।
(C) जब MR ऋणात्मक हो, तब कुल संप्राप्ति घटने लगती है।
In simple words: सीमांत आय के घटने, शून्य होने या माइनस होने का असर कुल आय पर क्रमशः वृद्धि, अधिकतम और कमी के रूप में पड़ता है।

Exam Tip: TR और MR के इस संबंध को परीक्षा में जरूर बनाएं।

 

Question 9. सीमांत संप्राप्ति को परिभाषित कीजिए। उत्पादन के सभी स्तरों पर कीमत के स्थिर रहने पर औसत व सीमांत संप्राप्ति के संबंध की व्याख्या कीजिए।
Answer: वस्तु की एक अतिरिक्त इकाई की बिक्री से कुल संप्राप्ति में होने वाली शुद्ध वृद्धि सीमांत संप्राप्ति है। जब बाजार में कीमत स्थिर रहती है (पूर्ण प्रतियोगिता), तब प्रत्येक अतिरिक्त इकाई बेचने पर मिलने वाली आय (AR) और सीमांत आय (MR) बराबर होती है। इसलिए AR और MR वक्र X-अक्ष के समांतर एक ही सीधी रेखा होते हैं।
In simple words: कीमत स्थिर रहने पर औसत और सीमांत आय दोनों समान रहते हैं और उनका वक्र सीधा होता है।

Exam Tip: पूर्ण प्रतियोगिता बाजार का संदर्भ दें।

 

Question 10. जब बिक्री बढ़ाने के लिए कीमत घटानी पड़ती है तब सीमांत संप्राप्ति, कुल संप्राप्ति को किस प्रकार प्रभावित करती है? तालिका की सहायता से समझाइए।
Answer: जब अधिक वस्तुएं बेचने के लिए कीमत घटानी पड़ती है, तब MR, AR से नीचे रहता है। जब तक MR धनात्मक रहता है, TR बढ़ता है; जब MR शून्य होता है, TR अधिकतम होता है; और जब MR ऋणात्मक होता है, TR घटने लगता है।
In simple words: दाम घटाने पर सीमांत आय गिरती है, जिससे कुल आय पहले बढ़ती है, फिर अधिकतम होती है और फिर घटने लगती है।

Exam Tip: तालिका (Q, P, TR, MR) बनाकर उत्तर को पुख्ता करें।

 

Question 11. सीमांत लागत व सीमांत संप्राप्ति विचारधारा का प्रयोग करते हुए उत्पादक संतुलन की व्याख्या कीजिए।
Answer: उत्पादक संतुलन की दो शर्तें हैं:
1. \(MC = MR\)
2. MC वक्र नीचे से MR वक्र को काटे (अर्थात संतुलन बिंदु के बाद MC, MR से अधिक होनी चाहिए)।
जब तक \(MR > MC\), उत्पादक उत्पादन बढ़ाता जाता है क्योंकि उसका लाभ बढ़ता है। जहाँ \(MC = MR\) हो जाता है, वहां लाभ अधिकतम होता है।
In simple words: जहाँ सीमांत लागत और सीमांत आय बराबर हो जाएं और लागत बढ़ रही हो, वही उत्पादक का संतुलन बिंदु होता है।

Exam Tip: दोनों शर्तों को रेखाचित्र के साथ समझाएं।

 

Question 12. निम्नलिखित तालिका को पूरा कीजिए:

उत्पादन (इकाइयां)कुल लागत (रु.)औसत परिवर्ती लागत (रु.)सीमांत लागत (रु.)
1906030
21442754
31712727
4180309

Answer:
गणना इस प्रकार है:
- इकाई 1 पर: TC = 90, MC = 30, अतः TFC = 90 - 30 = 60. AVC = (TC - TFC) / 1 = (90 - 60) / 1 = 60.
- इकाई 2 पर: AVC = 27, अतः TVC = 2 * 27 = 54. TC = TFC + TVC = 60 + 54 = 114 (लेकिन तालिका अनुसार TC गणना: यदि MC 54 है तो TC = 90 + 54 = 144. तब TVC = 144 - 60 = 84, AVC = 84/2 = 42 या दी गई तालिका अनुसार भरें)।
- पूर्ण हल के साथ तालिका मान: 2 पर TC = 144, MC = 54; 3 पर TC = 171, AVC = 27.
In simple words: सूत्र \(TC = TFC + TVC\) और \(MC = \Delta TC\) का प्रयोग करके खाली खाने भरे गए हैं।

Exam Tip: लागत के सभी सूत्रों को अच्छी तरह याद रखें।

 

Question 13. एक फर्म की लागत अनुसूची नीचे दी गई है। 3 इकाइयों का उत्पादन करने पर इसकी औसत बंधी लागत 20 रु. है।
उत्पादन (इकाइयां): 1, 2, 3
औसत परिवर्ती लागत (रु.): 30, 28, 32
उत्पादन के दिए हुए प्रत्येक स्तर पर सीमांत लागत और औसत कुल लागत का परिकलन कीजिए।
Answer:
3 इकाइयों पर AFC = 20 रु., अतः TFC = AFC * Q = 20 * 3 = 60 रु. (स्थिर लागत सभी स्तरों पर 60 रहेगी)।
- इकाई 1: TVC = 1 * 30 = 30, TC = 60 + 30 = 90, AC = 90/1 = 90, MC = TC_1 - TC_0 = 90 - 60 = 30.
- इकाई 2: TVC = 2 * 28 = 56, TC = 60 + 56 = 116, AC = 116/2 = 58, MC = 116 - 90 = 26.
- इकाई 3: TVC = 3 * 32 = 96, TC = 60 + 96 = 156, AC = 156/3 = 52, MC = 156 - 116 = 40.
In simple words: स्थिर लागत ज्ञात करके कुल लागत, औसत लागत और सीमांत लागत की गणना की गई है।

Exam Tip: TFC हमेशा स्थिर रहती है, इस तथ्य का प्रयोग करें।

 

Question 14. निम्नलिखित तालिका को पूरा कीजिए:

उत्पादन (इकाइयां)औसत परिवर्ती लागत (रु.)कुल लागत (रु.)सीमांत लागत (रु.)
1406020
2189636
32011418
4201206
52213010

Answer:
इकाई 1 पर TC = 60 और MC = 20, अतः TFC = 60 - 20 = 40. इसी प्रकार अन्य मान निकाले गए हैं।
In simple words: सूत्र और दी गई संख्याओं की मदद से सभी रिक्त स्थान भर दिए गए हैं।

Exam Tip: लागत के आपसी संबंधों का ध्यान रखें।

 

Question 15. बाजार पूर्ति से क्या अभिप्राय है? इसके दो निर्धारकों की व्याख्या कीजिए।
Answer: बाजार पूर्ति से अभिप्राय किसी वस्तु की उस कुल मात्रा से है जिसे बाजार की सभी फर्में विभिन्न कीमतों पर बेचने के लिए तैयार होती हैं।
दो निर्धारक:
1. फर्मों की संख्या: बाजार में फर्मों की संख्या बढ़ने पर बाजार पूर्ति बढ़ जाती है।
2. तकनीक में सुधार: अच्छी तकनीक आने से उत्पादन लागत घटती है और पूर्ति बढ़ जाती है।
In simple words: बाजार के सभी विक्रेताओं की कुल पूर्ति बाजार पूर्ति है, जो फर्मों की संख्या और तकनीक पर निर्भर करती है।

Exam Tip: व्यक्तिगत और बाजार पूर्ति का अंतर स्पष्ट रखें।

 

Question 16. पूर्ति में परिवर्तन तथा पूर्ति की मात्रा में परिवर्तन में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
Answer:
1. पूर्ति में परिवर्तन (Shift in Supply): यह वस्तु की अपनी कीमत के स्थिर रहने पर अन्य कारकों (जैसे तकनीक, कर आदि) में परिवर्तन के कारण होता है। इसमें पूरा पूर्ति वक्र खिसक जाता है।
2. पूर्ति की मात्रा में परिवर्तन (Movement along Supply Curve): यह अन्य कारकों के स्थिर रहने पर केवल वस्तु की अपनी कीमत में परिवर्तन के कारण होता है। इसमें एक ही पूर्ति वक्र पर ऊपर या नीचे संचलन होता है।
In simple words: अन्य कारणों से पूर्ति बदलना 'पूर्ति में परिवर्तन' है और केवल कीमत बदलने से पूर्ति बदलना 'पूर्ति की मात्रा में परिवर्तन' है।

Exam Tip: खिसकाव (Shift) बनाम संचलन (Movement) का अंतर मुख्य है।

 

Question 17. पूर्ति में वृद्धि के कारक लिख कर किन्हीं दो की व्याख्या कीजिए।
Answer: पूर्ति में वृद्धि के कारक: आगतों की कीमत में कमी, तकनीक में सुधार, फर्मों की संख्या में वृद्धि आदि।
व्याख्या:
1. तकनीक में सुधार: बेहतर तकनीक से उत्पादन लागत कम हो जाती है जिससे उत्पादक अधिक पूर्ति करता है।
2. आगतों की कीमत में कमी: कच्चे माल सस्ते होने से लाभ बढ़ता है और पूर्ति बढ़ जाती है।
In simple words: लागत घटने और तकनीक अच्छी होने से पूर्ति में वृद्धि होती है।

Exam Tip: किन्हीं दो कारकों को विस्तार से समझाएं।

 

Question 18. पूर्ति में संकुचन तथा पूर्ति में कमी में अन्तर कीजिए।
Answer:
1. पूर्ति में संकुचन: यह वस्तु की अपनी कीमत में कमी के कारण होता है। इसमें पूर्ति वक्र पर नीचे की ओर संचलन होता है।
2. पूर्ति में कमी: यह कीमत के स्थिर रहने पर अन्य कारकों (जैसे कर बढ़ना, आगत महंगे होना) के कारण होता है। इसमें पूर्ति वक्र बाईं ओर खिसक जाता है।
In simple words: कीमत घटने से पूर्ति घटना संकुचन है, और अन्य कारणों से पूर्ति घटना 'कमी' है।

Exam Tip: कीमत का प्रभाव बनाम अन्य कारकों का प्रभाव स्पष्ट करें।

 

Question 19. आगतों की कीमतों में परिवर्तन वस्तु की पूर्ति को किस प्रकार प्रभावित करता है?
Answer: आगतों (कच्चे माल) की कीमत बढ़ने से उत्पादन लागत बढ़ जाती है, जिससे उत्पादक का लाभ कम होता है और वह पूर्ति घटा देता है। इसके विपरीत, आगतों की कीमत घटने से लागत कम होती है और पूर्ति बढ़ जाती है।
In simple words: कच्चा माल महंगा होने पर पूर्ति घटती है और सस्ता होने पर पूर्ति बढ़ती है।

Exam Tip: लागत और पूर्ति का विपरीत संबंध होता है।

 

Question 20. पूर्ति की लोच से क्या अभिप्राय है? निम्न परिस्थितियों में पूर्ति की लोच क्या होगी:
(क) पूर्ति की मात्रा में प्रतिशत परिवर्तन, कीमत में प्रतिशत परिवर्तन से अधिक हो,
(ख) कीमत के बढ़ने या घटने पर भी पूर्ति स्थिर रहे।

Answer: पूर्ति की लोच कीमत में प्रतिशत परिवर्तन के कारण पूर्ति में होने वाले प्रतिशत परिवर्तन का माप है।
(क) इकाई से अधिक लोचदार (\(E_s > 1\))
(ख) पूर्णतया बेलोजदार पूर्ति (\(E_s = 0\))
In simple words: अधिक परिवर्तन होने पर लोच इकाई से अधिक और कोई परिवर्तन न होने पर लोच शून्य होती है।

Exam Tip: लोच की विभिन्न श्रेणियों को याद रखें।

 

Question 21. A और B वस्तुओं की पूर्ति की लोच का अनुपात \(1:1.5\) है। A की कीमत 20 प्रतिशत घटने से उसकी पूर्ति 40 प्रतिशत घटती है। यदि B की कीमत 10 रु. प्रति इकाई से बढ़कर 11 रु. प्रति इकाई होती है तो उसकी पूर्ति में होने वाली प्रतिशत वृद्धि का परिकलन कीजिए।
Exam Tip: इस प्रकार के आंकिक प्रश्नों में सूत्र स्टेप-बाय-स्टेप लिखें।

 

Question 22. संबंधित वस्तुओं की कीमत में परिवर्तन वस्तु की पूर्ति पर क्या प्रभाव डालता है? व्याख्या कीजिए।
Answer: संबंधित वस्तुओं (प्रतिस्थापन वस्तुएं) की कीमत में परिवर्तन का वस्तु की पूर्ति पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। यदि किसी स्थानापन्न वस्तु (जैसे चाय) की कीमत बढ़ जाती है, तो उत्पादक उस वस्तु का उत्पादन छोड़कर चाय का उत्पादन बढ़ाने लगते हैं, जिससे मूल वस्तु (कॉफी) की पूर्ति घट जाती है।
In simple words: एक वस्तु के महंगे होने पर उत्पादक दूसरी वस्तु का उत्पादन कम कर देते हैं।

Exam Tip: प्रतिस्थापन वस्तुओं के उदाहरण से स्पष्ट करें।

 

(उच्च स्तरीय बुद्धि कौशल) H.O.T.S.

Question 1. स्पष्ट कीजिए कि किन कारणों से परिवर्ती कारक के वर्धमान प्रतिफल हासमान प्रतिफल में बदल जाते हैं?
Answer: प्रारंभ में स्थिर साधन का पूर्ण उपयोग न होने और कार्यकुशलता बढ़ने के कारण वर्धमान प्रतिफल लागू होते हैं। लेकिन एक निश्चित बिंदु के बाद जब स्थिर साधन की क्षमता पूरी हो जाती है और साधनों का समन्वय बिगड़ जाता है, तब वर्धमान प्रतिफल हासमान (घटते) प्रतिफल में बदल जाते हैं।
In simple words: शुरुआत में अच्छे तालमेल से फायदा होता है, लेकिन क्षमता पूरी होने के बाद अति-प्रयोग से उत्पादन घटने लगता है।

Exam Tip: परिवर्ती अनुपात के नियम की कार्यप्रणाली बताएं।

 

Question 2. जब कुल संप्राप्ति वक्र मूल बिंदु से होता हुआ धनात्मक ढलान होता है तब औसत संप्राप्ति वक्र का आकार कैसा होगा? तालिका व रेखाचित्र द्वारा समझाइए।
Answer: जब TR वक्र मूल बिंदु से शुरू होने वाली सीधी रेखा होती है, तब औसत संप्राप्ति (AR) और सीमांत संप्राप्ति (MR) दोनों स्थिर और बराबर होते हैं (\(AR = MR\))। इस स्थिति में AR वक्र X-अक्ष के समांतर एक क्षैतिज रेखा होता है।
In simple words: पूर्ण प्रतियोगिता में जब कुल आय समान गति से बढ़ती है, तब औसत आय वक्र एकदम सीधा (क्षैतिज) होता है।

Exam Tip: पूर्ण प्रतियोगी बाजार की विशेषताओं का उल्लेख करें।

 

Question 3. पूर्ति तालिका क्या है? प्रौद्योगिकी में परिवर्तन का किसी वस्तु की पूर्ति पर क्या प्रभाव पड़ता है? समझाइए।
Answer: पूर्ति तालिका वह तालिका है जो किसी वस्तु की कीमत और उसकी पूर्ति की मात्रा के बीच के धनात्मक संबंध को दर्शाती है। प्रौद्योगिकी में सुधार होने से उत्पादन लागत कम हो जाती है, जिससे उत्पादक अधिक मात्रा में पूर्ति करता है और पूर्ति वक्र दाईं ओर खिसक जाता है।
In simple words: कीमत और पूर्ति को दिखाने वाली सारणी पूर्ति तालिका है। अच्छी तकनीक आने से पूर्ति बढ़ जाती है।

Exam Tip: तकनीक का पूर्ति पर अनुकूल प्रभाव पड़ता है।

 

Question 4. निम्न कथन सही है या गलत - कारण बताइए:
(A) उत्पादक संतुलन की अवस्था में सीमांत लागत घटती हुई होगी।
(B) AR वक्र MR वक्र के सदैव ऊपर रहता है।

Answer:
(A) असत्य - संतुलन की अवस्था में सीमांत लागत बढ़ रही होनी चाहिए या नीचे से MR को काटनी चाहिए।
(B) असत्य - पूर्ण प्रतियोगिता में AR और MR बराबर होते हैं, जबकि एकाधिकार में AR, MR के ऊपर रहता है (सदैव ऊपर नहीं)।
In simple words: संतुलन पर MC बढ़ रही होती है और पूर्ण प्रतियोगिता में AR व MR एक ही होते हैं।

Exam Tip: संतुलन की दूसरी शर्त को ध्यान में रखें।

 

Question 5. निम्न कथन सही है या गलत, कारण दीजिए:
(A) सीमांत संप्रप्ति घटते समय औसत संप्रप्ति से दुगुनी दर से घटती है।
(B) औसत लागत तभी बढ़ती है जब सीमांत लागत उसे बढ़ते हुए काटती है।

Answer:
(A) सत्य - एकाधिकार बाजार में MR, AR की तुलना में दोगुनी तेजी से गिरता है।
(B) सत्य - जब MC, AC के न्यूनतम बिंदु को नीचे से काटती है, उसके बाद AC बढ़ने लगती है।
In simple words: दोनों कथन आर्थिक सिद्धांतों के अनुसार सत्य हैं।

Exam Tip: लागत और संप्राप्ति के वक्रों के संबंध को स्पष्ट करें।

 

Question 6. निम्न कथन सत्य है या असत्य, कारण सहित समझाइए:
(A) कारक के घटते प्रतिफल तब लागू होते हैं जब औसत उत्पाद घटना प्रारम्भ कर देता है।
(B) AC तथा AVC वक्र एक दूसरे को कभी नहीं काटते।

Answer:
(A) सत्य - जब AP घटना शुरू होता है, तब घटते प्रतिफल की अवस्था शुरू हो जाती है।
(B) सत्य - AC और AVC के बीच की दूरी AFC होती है जो कभी शून्य नहीं होती, इसलिए वे कभी नहीं काटते।
In simple words: दोनों कथन सही हैं क्योंकि स्थिर लागत कभी शून्य नहीं होती और AP घटने पर घटते प्रतिफल आते हैं।

Exam Tip: तार्किक कारणों को संक्षेप में लिखें।

 

Question 7. पूर्ति वक्र का बाईं ओर खिसकाव तथा पूर्ति वक्र पर नीचे की ओर संचलन में क्या अन्तर है?
Answer: पूर्ति वक्र का बाईं ओर खिसकाव (पूर्ति में कमी) अन्य कारकों में प्रतिकूल परिवर्तन के कारण होता है जबकि कीमत स्थिर रहती है। इसके विपरीत, पूर्ति वक्र पर नीचे की ओर संचलन (पूर्ति का संकुचन) वस्तु की अपनी कीमत में कमी के कारण होता है।
In simple words: खिसकाव अन्य कारणों से होता है और संचलन केवल अपनी कीमत घटने से होता है।

Exam Tip: शिफ्ट बनाम मूवमेंट का अंतर लिखें।

 

Question 8. व्याख्या कीजिए कि पूर्ति की मात्रा में परिवर्तन पूर्ति के नियम का स्पष्टीकरण है।
Answer: पूर्ति की मात्रा में परिवर्तन यह बताता है कि अन्य बातें समान रहने पर (Ceteris Paribus) वस्तु की कीमत बढ़ने पर पूर्ति बढ़ती है और कीमत घटने पर पूर्ति घटती है, जो कि पूर्ति के नियम की धनात्मक प्रकृति को सिद्ध करता है।
In simple words: कीमत के बदलने से पूर्ति का बदलना ही पूर्ति के नियम की पुष्टि करता है।

Exam Tip: पूर्ति के नियम के अन्य बातें समान रहने के प्रतिबंध को बताएं।

 

Question 9. निम्न कथन सही है अथवा गलत, कारण सहित बताइये:
(क) कर की दरों में परिवर्तन का वस्तु की पूर्ति पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।
(ख) भविष्य में कीमत वृद्धि की संभावना वर्तमान में बाजार पूर्ति में वृद्धि कर देती है।

Answer:
(क) सत्य - कर बढ़ने से लागत बढ़ती है और पूर्ति घटती है।
(ख) असत्य - भविष्य में कीमत बढ़ने की संभावना होने पर उत्पादक वर्तमान में पूर्ति घटा देते हैं ताकि भविष्य में अधिक लाभ कमा सकें।
In simple words: कर बढ़ने से पूर्ति कम होती है, और भविष्य में दाम बढ़ने की उम्मीद पर विक्रेता अभी माल रोक लेते हैं।

 


Question 10. पूर्ति की लोच को मापने की ज्यामितीय विधि की व्याख्या रेखा चित्र की सहायता से कीजिए।
Answer: ज्यामितीय विधि के अनुसार सरल रेखीय पूर्ति वक्र के किसी भी बिंदु पर पूर्ति की लोच इस बात पर निर्भर करती है कि वह X-अक्ष को कहाँ काटता है:
1. यदि पूर्ति वक्र का विस्तार X-अक्ष के ऋणात्मक खंड को काटे, तो लोच इकाई से अधिक होती है (\(E_s > 1\))。
2. यदि यह मूल बिंदु से गुजरे, तो लोच इकाई के बराबर होती है (\(E_s = 1\))。
3. यदि यह X-अक्ष के धनात्मक खंड को काटे, तो लोच इकाई से कम होती है (\(E_s < 1\))。
In simple words: पूर्ति वक्र जहां X-अक्ष को काटता है, उसी आधार पर लोच एक से अधिक, कम या एक के बराबर होती है।

Exam Tip: तीनों स्थितियों को रेखाचित्र बनाकर स्पष्ट करें।

 

6 अंक वाले प्रश्न

Question 1. जब केवल एक आगत (कारक) में वृद्धि की जाती है तथा शेष आगत स्थिर रहते हैं तब कुल उत्पाद पर क्या प्रभाव पड़ता है? रेखाचित्र की सहायता से व्याख्या कीजिए।
Answer: जब स्थिर साधनों के साथ केवल एक परिवर्ती साधन की इकाइयां बढ़ाई जाती हैं, तो परिवर्ती अनुपात का नियम लागू होता है। इसके तीन चरण होते हैं:
1. प्रथम चरण (वर्धमान प्रतिफल): कुल उत्पाद (TP) बढ़ती दर से बढ़ता है क्योंकि सीमांत उत्पाद (MP) बढ़ता है।
2. द्वितीय चरण (हासमान प्रतिफल): TP घटती दर से बढ़ता है क्योंकि MP घटने लगता है लेकिन धनात्मक रहता है।
3. तृतीय चरण (ऋणात्मक प्रतिफल): MP ऋणात्मक हो जाता है और TP घटने लगता है।
In simple words: एक साधन बढ़ाने से कुल उत्पादन पहले तेजी से, फिर धीमी गति से बढ़ता है और अंत में गिरने लगता है।

Exam Tip: TP और MP के वक्रों को स्पष्ट रूप से बनाकर तीनों अवस्थाएं दर्शाएं।

 

Question 2. उत्पादक के संतुलन से क्या अभिप्राय है? 'सीमांत लागत और सीमांत संप्राप्ति' दृष्टिकोण से उत्पादक के संतुलन की शर्ते समझाइए। रेखाचित्र का प्रयोग कीजिए।
Answer: उत्पादक संतुलन वह स्थिति है जहाँ फर्म को अधिकतम लाभ प्राप्त होता है।
शर्ते:
1. \(MC = MR\): सीमांत लागत और सीमांत संप्राप्ति बराबर होने चाहिए।
2. MC वक्र नीचे से MR को काटे: संतुलन बिंदु के बाद MC, MR से अधिक होनी चाहिए।
रेखाचित्र मेंजहाँ ये दोनों शर्तें पूरी होती हैं, वही संतुलन का बिंदु होता है।
In simple words: अधिकतम लाभ की स्थिति ही संतुलन है, जहाँ MC और MR बराबर होते हैं और MC ऊपर की ओर जा रही होती है।

Exam Tip: संतुलन की दोनों शर्तों की व्याख्या रेखाचित्र सहित करें।

 

Question 3. निम्न कथन सत्य हैं या असत्य, कारण सहित व्याख्या कीजिए:
(न) सीमांत उत्पाद वक्र के अन्तर्गत आने वाला क्षेत्र कुल उत्पाद होता है।
(र) जब सीमांत उत्पाद घटता है तब औसत उत्पाद सदैव घटता है।
(ल) उत्पादन की पहली इकाई की सीमांत लागत \(MC = AVC\) (औसत परिवर्ती लागत)।

Answer:
(न) सत्य - सीमांत उत्पाद वक्र के नीचे का कुल क्षेत्रफल कुल उत्पाद (TP) को दर्शाता है।
(र) असत्य - जब MP घटता है लेकिन AP से अधिक रहता है, तब AP बढ़ भी सकता है।
(स) सत्य - पहली इकाई पर कुल परिवर्ती लागत और सीमांत लागत बराबर होती है।
In simple words: पहला और तीसरा कथन सत्य है, जबकि दूसरा असत्य है क्योंकि MP के घटने पर भी AP बढ़ सकता है जब तक \(MP > AP\) हो।

Exam Tip: तार्किक कारणों को स्पष्ट रूप से लिखें।

 

Question 4. अपने उत्तर के लिए कारण देते हुए बताइए कि निम्नलिखित कथन सही हैं या गलत:
(क) जब सीमांत संप्राप्ति स्थिर होती है और शून्यर नहीं होती तो कुल संप्राप्ति भी स्थिर होगी।
(ख) जैसे ही सीमांत लागत बढ़ने लगती है औसत परिवर्ती लागत भी बढ़ने लगती है।
(ग) चाहे कारक के हासमान प्रतिफल हों या वर्धमान प्रतिफल कुल उत्पाद हमेशा बढ़ता है।

Answer:
(क) असत्य - स्थिर और धनात्मक MR होने पर TR बढ़ती दर से बढ़ती है, स्थिर नहीं होती।
(स) असत्य - MC के बढ़ने पर भी AVC तब तक घटती है जब तक MC, AVC के बराबर नहीं हो जाती।
(ग) असत्य - हासमान प्रतिफल की अंतिम अवस्था (ऋणात्मक प्रतिफल) में कुल उत्पाद घटने लगता है।
In simple words: दिए गए तीनों कथन गलत हैं क्योंकि इनके आर्थिक नियम भिन्न हैं।

Exam Tip: प्रत्येक कथन का कारण सटीक दें।

 

Question 5. कारण देते हुए बताइए कि निम्नलिखित कथन सही हैं या गलत:
(अ) जब कुल संप्राप्ति स्थिर होती है तो औसत संप्राप्ति भी स्थिर होगी।
(ब) सीमांत लागत के बढ़ते हुए होने पर भी औसत परिवर्ती लागत घट सकती है।
(स) जब सीमांत mRत्pad घटता है तो औसत उत्पाद भी घटेगा।

Answer:
(अ) असत्य - TR स्थिर होने पर AR घटती है।
(ब) सत्य - जब तक MC, AVC से कम होती है, AVC घटती है भले ही MC खुद बढ़ रही हो।
(स) असत्य - MP के घटने पर भी AP तब तक बढ़ सकता है जब तक MP, AP से अधिक हो।
In simple words: केवल दूसरा कथन सत्य है, बाकी दोनों असत्य हैं।

Exam Tip: औसत और सीमांत के संबंधों का पुनः अभ्यास करें।

 

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