Chapter-wise Worksheets for Class 12 Hindi: Sure Shot Questions
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Practice Class 12 Hindi Worksheets: Sure Shot Questions
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Question 1. शीतल वाणी में आग होने का क्या अभिप्राय है?
Answer: 'शीतल वाणी में आग होने' से कवि हरिवंश राय बच्चन का तात्पर्य यह है कि यद्यपि उनकी वाणी बाह्य रूप से अत्यंत कोमल, शांत और मधुर प्रतीत होती है, परंतु उनके भीतर प्रेम की तड़प, विरह की पीड़ा और सामाजिक रूढ़ियों के प्रति आक्रोश की तीव्र आग छिपी हुई है। वे अपने शांत स्वरों के माध्यम से भी अत्यंत क्रांतिकारी और गहरे विचारों को दृढ़ता से व्यक्त करते हैं।
In simple words: इसका अर्थ है कि बाहर से शांत और मीठी दिखने वाली बातों के पीछे भी गहरी भावनाएं, जोश और बदलाव की तीव्र इच्छा छिपी होती है।
Exam Tip: उत्तर में 'बाहरी कोमलता' और 'आंतरिक विद्रोह या तीव्रता' के विरोधाभास को स्पष्ट रूप से रेखांकित करें।
Question 2. आत्म परिचय कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिये कि कवि के पैरों में शिथिलता क्यों आ गयी थी?
Answer: 'आत्मपरिचय' कविता के अनुसार, जब कवि को यह बोध होता है कि घर पर उनका इंतज़ार करने वाला कोई प्रियजन नहीं है और न ही कोई उनके आगमन के लिए व्याकुल हो रहा है, तो उनका आंतरिक उत्साह समाप्त हो जाता है। इस एकाकीपन और जीवन में किसी विशिष्ट लक्ष्य या आलंबन के अभाव के कारण उनके पैरों की गति धीमी हो जाती है और उनमें शिथिलता आ जाती है।
In simple words: घर पर किसी चाहने वाले या इंतज़ार करने वाले के न होने के कारण कवि निराश हो जाते हैं और उनके कदम धीमे पड़ जाते हैं।
Exam Tip: उत्तर में 'प्रियजन का अभाव' और 'एकाकीपन की अनुभूति' को मुख्य कारण के रूप में प्रस्तुत करें।
Question 3. ‘कविता के बहाने’ कविता के आधार पर बताइए कि कविता और बच्चे को समानांतर रखने के क्या कारण हो सकते हैं?
Answer: कवि कुँवर नारायण के अनुसार, कविता और बच्चों के खेल में गहरी समानता है। जिस प्रकार खेलते समय बच्चों के मन में सीमाओं का कोई बंधन नहीं होता और वे सारे घरों को एक करके आपसी भेदभाव भूल जाते हैं, ठीक उसी प्रकार कविता भी काल, स्थान या समाज की संकीर्ण सीमाओं से मुक्त होती है। दोनों का ही उद्देश्य बिना किसी भेदभाव के असीम आनंद की सृष्टि करना है।
In simple words: बच्चों का खेल और कविता दोनों ही किसी बंधन या भेदभाव को नहीं मानते, वे सभी को आपस में जोड़ने का काम करते हैं।
Exam Tip: 'सीमाओं का बंधन न होना' और 'भेदभाव रहित खेल' जैसे प्रमुख बिंदुओं को उत्तर में अवश्य शामिल करें।
Question 4. बात की तुलना शरारती बच्चे से क्यों की गयी है?
Answer: कविता 'बात सीधी थी पर' में बात की तुलना एक नटखट और शरारती बच्चे से इसलिए की गई है क्योंकि जिस प्रकार एक चंचल बच्चा किसी की पकड़ में आसानी से नहीं आता और बार-बार हाथ से छूट जाता है, उसी प्रकार जब कवि ने अपनी सीधी-सादी बात को कठिन और आडंबरपूर्ण शब्दों के जाल में उलझाया, तो वह बात उनके नियंत्रण से बाहर निकल गई और उसका मूल प्रभाव समाप्त हो गया।
In simple words: जब बात को कठिन शब्दों में बेवजह उलझा दिया जाता है, तो वह समझने से बाहर होकर एक शरारती बच्चे की तरह हाथ से निकल जाती है।
Exam Tip: अत्यधिक प्रदर्शनकारी भाषा के प्रयोग से कथ्य के प्रभावहीन होने की बात को उदाहरण सहित समझाएं।
Question 5. कैमरे में बंद अपाहिज कविता में निहित व्यंग्य को स्पष्ट कीजिये.
Answer: 'कैमरे में बंद अपाहिज' कविता मीडिया जगत की संवेदनहीनता और व्यावसायिक क्रूरता पर तीखा व्यंग्य करती है। इसमें दिखाया गया है कि दूरदर्शन के संचालक दुर्बलों के प्रति हमदर्दी दिखाने का केवल नाटक करते हैं, जबकि उनका वास्तविक उद्देश्य पीड़ित के दर्द को बेचकर अपनी टीआरपी बढ़ाना होता है। वे अपाहिज व्यक्ति से बेतुके और हृदयहीन प्रश्न पूछते हैं ताकि वह रो पड़े और उनका कार्यक्रम व्यावसायिक रूप से सफल हो सके।
In simple words: यह कविता दिखाती है कि मीडिया वाले अपने स्वार्थ और पैसे के लिए दूसरों के दुखों का क्रूरता से मज़ाक उड़ाते हैं।
Exam Tip: उत्तर में 'व्यावसायिक संवेदनहीनता' और 'टीआरपी की भूख' जैसे शब्दों का प्रयोग करने से पूरे अंक मिलते हैं।
Question 6. ‘सहर्ष स्वीकारा है’ कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिये कि कवि का संबोध्य कौन है ? और क्यों?
Answer: 'सहर्ष स्वीकारा है' कविता में कवि मुक्तिबोध का संबोध्य उनकी दिवंगत माँ, प्रियतमा अथवा कोई अज्ञात प्रेरक सत्ता है। कवि ने उन्हें संबोधित इसलिए किया है क्योंकि उनके जीवन के तमाम अनुभव - चाहे वे सुख-दुख हों, गरीबी हो या वैचारिक संघर्ष - उन सभी को उनके प्रिय का पूरा समर्थन और स्नेह प्राप्त था। उनके जीवन का प्रत्येक रूप उनके प्रिय को भी अत्यंत स्वीकार्य था।
In simple words: कवि अपने सबसे प्यारे व्यक्ति (जैसे माँ या प्रेमिका) को याद कर रहे हैं, क्योंकि उनके जीवन की हर अच्छी-बुरी परिस्थिति उस प्रिय के प्रेम से ही प्रेरित है।
Exam Tip: संबोध्य के रूप में माँ या प्रेमिका दोनों की संभावनाओं को संतुलित रूप से उत्तर में लिखें।
Question 7. ‘उषा’ कविता के आधार पर बताइए कि भोर के नभ को राख से लीपा हुआ चौका क्यों कहा गया है?
Answer: सुबह के समय आकाश का रंग गहरा स्लेटी और नीला दिखाई देता है। ग्रामीण क्षेत्रों में गृहणियां सुबह-सुबह अपने चूल्हे-चौके को राख से लीपती हैं, जो गीला होने पर मटमैला और नमीयुक्त दिखता है। भोर के नभ की इसी ताजगी, पवित्रता, और धुंधली मटमैली आभा को सजीव रूप देने के लिए कवि शमशेर बहादुर सिंह ने उसे 'राख से लीपा हुआ गीला चौका' कहा है।
In simple words: सुबह का आसमान स्लेटी रंग का और साफ दिखता है, जो गाँव के नए लीपे हुए चूल्हे जैसी पवित्रता और ताजगी का अहसास कराता है।
Exam Tip: इस उत्तर में 'पवित्रता', 'नमी' और 'ग्रामीण सुबह के परिवेश' का संदर्भ देना अनिवार्य है।
Question 8. ‘भाषा को सहूलियत से बरतने’ का क्या तात्पर्य है?
Answer: 'भाषा को सहूलियत से बरतने' का अर्थ है कि विचारों की अभिव्यक्ति के समय कठिन, आडंबरयुक्त और क्लिष्ट शब्दावली के प्रदर्शन से बचना चाहिए। लेखक को अपनी बात सरल, स्वाभाविक और सहज रूप से कहनी चाहिए ताकि पाठक या श्रोता उसे बिना किसी अतिरिक्त प्रयास के आसानी से समझ सकें। शब्दों का चमत्कार दिखाने के चक्कर में मूल बात का प्रभाव नष्ट नहीं होना चाहिए।
In simple words: इसका मतलब है कि अपनी बात को हमेशा आसान और सीधे शब्दों में कहना चाहिए ताकि उसे सब आसानी से समझ सकें।
Exam Tip: सहज संप्रेषणीयता और दिखावटी भाषा के नुकसान को स्पष्ट करते हुए उत्तर समाप्त करें।
Question 9. बादल-राग कविता के आधार पर बताइए कि ‘अस्थिर सुख पर दुःख की छाया’ पंक्ति में दुःख की छाया किसे बताया गया है और क्यों?
Answer: 'बादल-राग' कविता में कवि निराला ने 'दुःख की छाया' क्रांति या जन-विद्रोह की आशंका को कहा है। पूंजीपति वर्ग ने गरीबों का शोषण करके जो विलासितापूर्ण और अस्थिर सुख खड़ा किया है, वह हमेशा खतरे में रहता है। जब भी बादलों के रूप में क्रांति की गड़गड़ाहट होती है, तो इन शोषकों को अपनी सत्ता और वैभव के नष्ट होने का डर सताने लगता है, इसलिए क्रांति को उनके सुखों पर दुख की छाया माना गया है।
In simple words: यहाँ दुख की छाया आने वाली क्रांति को कहा गया है, जिससे अमीर लोग डरते हैं क्योंकि क्रांति उनके शोषण से बने सुख को खत्म कर देती है।
Exam Tip: 'पूंजीपति वर्ग का भय' और 'शोषितों के कल्याण के लिए क्रांति' के आपसी संबंध को स्पष्ट करें।
Question 10. शोकग्रस्त माहौल में हनुमान के अवतरण को करुण रस के बीच वीर रस का आविर्भाव क्यों कहा गया है?
Answer: लक्ष्मण के मूर्छित होने पर भगवान राम और समस्त वानर सेना गहरी निराशा और शोक में डूबी हुई थी, जिससे वहाँ अत्यंत करुण वातावरण व्याप्त था। ऐसे घोर निराशाजनक समय में जब हनुमान जी संजीवनी बूटी के साथ पूरा पर्वत उठाकर वीरतापूर्वक आकाश मार्ग से वहाँ पहुँचे, तो सभी के भीतर आशा और नए साहस का संचार हो गया। इस तरह, उस विलाप भरे माहौल (करुण रस) के बीच वीरता के इस दृश्य ने वीर रस की अनुभूति करा दी।
In simple words: लक्ष्मण के बेहोश होने पर सब रो रहे थे, लेकिन जब हनुमान संजीवनी पर्वत लेकर आए, तो सबकी निराशा दूर हो गई और सबमें नया जोश लौट आया।
Exam Tip: करुण रस की उदासी से वीर रस के उत्साह में बदलाव को तुलसीदास जी के काव्यात्मक संदर्भ में समझाएं।
Question 11. शायर राखी के लच्छे को बिजली की चमक की तरह कहकर क्या भाव अभिव्यंजित करना चाहता है?
Answer: फिराक गोरखपुरी सावन के बादलों में चमकने वाली बिजली से राखी के चमकीले धागों की तुलना करते हैं। इसके माध्यम से वे भाई-बहन के रिश्ते की अत्यंत पावन, उल्लासमय और उज्ज्वल प्रकृति को व्यक्त करना चाहते हैं। जिस प्रकार सावन की रिमझिम बारिश में बिजली की चमक मन को खुश कर देती है, उसी प्रकार राखी का पर्व भाई-बहन के जीवन को खुशियों और उमंग की उज्ज्वल चमक से भर देता है।
In simple words: कवि राखी के धागों को बिजली की तरह चमकीला बताकर भाई-बहन के प्रेम की सुंदर और सच्ची चमक को दिखाना चाहते हैं।
Exam Tip: सावन के महीने के प्राकृतिक सौंदर्य और रक्षाबंधन के पारंपरिक संबंधों को जोड़ते हुए उत्तर लिखें।
Question 12. छोटे चौकोने खेत को कागज़ का पन्ना कहने में क्या अर्थ निहित है?
Answer: कवि उमाशंकर जोशी ने कागज़ के पन्ने की तुलना एक छोटे चौकोर खेत से की है ताकि वे सृजन और कृषि के बीच की समानता को समझा सकें। जिस प्रकार एक किसान अपने खेत की मिट्टी में बीज बोता है, जो बाद में विकसित होकर सुंदर फसल बनती है, उसी प्रकार एक कवि अपने कागज़ रूपी पन्ने पर भावों और विचारों के बीज बोता है, जिससे एक अमर और रसमय कविता का जन्म होता है।
In simple words: जैसे किसान खेत में बीज डालकर फसल उगाता है, वैसे ही लेखक कागज़ के खाली पन्ने पर अपने विचार लिखकर सुंदर कविता बनाता है।
Exam Tip: कृषक कर्म (खेती) और कवि कर्म (लेखन) के रूपक को बहुत स्पष्टता के साथ प्रस्तुत करें।
Question 13. भक्तिन वाक् पटु है - भक्तिन पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिये.
Answer: महादेवी वर्मा द्वारा रचित संस्मरण के अनुसार, भक्तिन अत्यंत वाक्-पटु (बातें बनाने में चतुर) है। वह अपनी प्रत्येक कमी और मनमानी को शास्त्रों का झूठा या घुमावदार प्रमाण देकर सही ठहराने में निपुण है। उदाहरण के लिए, जब लेखिका उसे सिर मुंडवाने से मना करती हैं, तो वह 'तीरथ गए मुंडाए सिद्ध' जैसी बातें कहकर अपने तर्क को अकाट्य बना देती है, जिसका विरोध करना लेखिका के लिए भी कठिन हो जाता है।
In simple words: भक्तिन बात करने में बहुत तेज़ थी। वह अपनी हर बात और काम को अपनी बातों के जादू से सही साबित कर देती थी।
Exam Tip: 'तीरथ गए मुंडाए सिद्ध' वाले प्रसंग का उदाहरण देकर अपनी बात को सिद्ध करें।
Question 14. भक्तिन और लेखिका के परस्पर सम्बन्ध को स्पष्ट कीजिये.
Answer: भक्तिन और महादेवी वर्मा के बीच केवल एक मालकिन और नौकरानी का रिश्ता नहीं था, बल्कि वह आत्मीयता, अटूट विश्वास और गहरे स्नेह पर टिका हुआ था। भक्तिन लेखिका की हर सुख-सुविधा का ख्याल अपनी संतान की भांति रखती थी और कठिन परिस्थितियों में भी उनकी छाया बनकर उनके साथ खड़ी रहती थी। लेखिका भी उसे अपने परिवार का एक अभिन्न हिस्सा मानती थीं।
In simple words: उन दोनों का रिश्ता नौकर और मालिक जैसा रूखा नहीं था, बल्कि वे दोनों एक-दूसरे को परिवार की तरह बहुत प्यार और सम्मान देते थे।
Exam Tip: उत्तर में 'पारिवारिक आत्मीयता' और 'स्वामिभक्ति' जैसे महत्वपूर्ण शब्दों का प्रयोग करें।
Question 15. बाजार में भगतजी के व्यक्तित्व का कौनसा पक्ष सामने उभर कर आता है?
Answer: 'बाज़ार दर्शन' पाठ के अनुसार, बाज़ार में भगतजी (चूर्ण बेचने वाले) के व्यक्तित्व का अत्यंत संयमित, संतोषी और दृढ़ पक्ष उभरकर सामने आता है। वे बाज़ार के लुभावने आकर्षण और उपभोक्तावादी संस्कृति से पूरी तरह अप्रभावित रहते हैं। उन्हें अपनी आवश्यकता (काला नमक और जीरा) का स्पष्ट ज्ञान है, इसलिए वे सीधे अपनी पसंदीदा दुकान पर जाते हैं और बिना किसी लालच के लौट आते हैं।
In simple words: भगतजी बहुत संतोषी इंसान हैं। वे बाज़ार के फालतू दिखावे से दूर रहते हैं और केवल अपनी ज़रूरत का सामान ही शांत मन से खरीदते हैं।
Exam Tip: भगतजी के 'अपरिग्रह' (चीजों को जमा न करने की आदत) और 'मन के नियंत्रण' को मुख्य बिंदु बनाएं।
Question 16 .पानी की कमी होने पर भी लोग इन्द्र सेना पर पानी क्यों फेंकते हैं?
Answer: लेखक धर्मवीर भारती के अनुसार, पानी की भारी किल्लत के बावजूद 'इंद्र सेना' पर पानी फेंकना लोगों की अंधश्रद्धा नहीं, बल्कि उनकी गहरी लोक-आस्था और त्याग का प्रतीक है। उनका मानना है कि जब तक हम अपनी सबसे प्रिय चीज़ (पानी) का दान या अर्घ्य नहीं देंगे, तब तक इंद्र देवता खुश होकर हमें बारिश का आशीर्वाद नहीं देंगे। इसे पानी की बर्बादी नहीं बल्कि पानी की बुवाई माना जाता है।
In simple words: लोग भगवान इंद्र को खुश करने के लिए बच्चों पर पानी डालते थे ताकि वे खुश होकर गाँव में अच्छी बारिश करवाएं।
Exam Tip: 'त्याग और दान की लोक-परंपरा' के तर्क को स्पष्ट करते हुए उत्तर लिखें।
Question 17. पहलवान किसे अपना गुरु मानता था और क्यों?
Answer: लुट्टन पहलवान किसी जीवित मनुष्य को नहीं, बल्कि अखाड़े के 'ढोलक' को अपना गुरु मानता था। इसका कारण यह था कि लुट्टन ने कुश्ती के दांव-पेंच किसी उस्ताद से नहीं सीखे थे। ढोलक की आवाज़ उसके भीतर उत्साह भरती थी और अखाड़े में कुश्ती लड़ते समय ढोल की हर थाप उसे सही दांव लगाने और विरोधी को चित करने की प्रेरणा देती थी।
In simple words: लुट्टन पहलवान ढोलक को अपना गुरु मानता था क्योंकि ढोलक की आवाज़ ही उसे लड़ने की हिम्मत और सही दांव सिखाती थी।
Exam Tip: ढोलक की थापों की आवाज़ (जैसे चट-धा-गिड़-धा) और पहलवान के जोश के संबंध को स्पष्ट करें।
Question 18. पहलवान की ढोलक अर्द्धमृत प्राणों के लिए संजीवनी का कार्य कैसे करती थी?
Answer: मलेरिया और हैजे की भयावह महामारी के कारण जब पूरा गाँव मौत के आगोश में समा रहा था और चारों ओर केवल सन्नाटा और रोना-धोना फैला था, तब रात के अंधेरे में लुट्टन पहलवान की ढोलक निरंतर बजती थी। ढोलक की यह गूंजती हुई आवाज़ निराश और मरणासन्न गाँव वालों के दिलों से मौत के भय को कम करती थी और उन्हें हिम्मत के साथ अपनी अंतिम घड़ियाँ बिताने की ताकत देती थी।
In simple words: बीमारी और दुख के समय जब सब निराश थे, तब रात में बजने वाली ढोलक की आवाज़ लोगों को हिम्मत देती थी और जीने की इच्छा जगाती थी।
Exam Tip: महामारी के सन्नाटे में 'ढोलक की संजीवनी आवाज़' के महत्व को संक्षेप में स्पष्ट करें।
Question 19. चार्ली चैपलन की फिल्में भारतीय सौंदर्य - शास्त्र के विपरीत कैसे है?
Answer: भारतीय शास्त्रीय सौंदर्यशास्त्र के नियमों के अनुसार नाटकों में हास्य और करुण रसों को अलग रखा जाता है और नायक को सदैव महान तथा अभेद्य दिखाया जाता है। इसके विपरीत, चार्ली चैपलिन की फिल्में हास्य और करुणा का अनूठा मिश्रण प्रस्तुत करती हैं। चार्ली का पात्र एक बेहद कमज़ोर, सीधा-सादा और असफल आम आदमी है, जिस पर लोग हंसते भी हैं और उसके दुख पर दया भी करते हैं, जो भारतीय परंपरा से अलग है।
In simple words: भारतीय कला में हंसाने वाले और रुलाने वाले सीन अलग-अलग होते हैं, लेकिन चार्ली की फिल्मों में लोग एक साथ हंसते भी हैं और रोते भी हैं।
Exam Tip: 'हास्य और करुणा का मिश्रण' और 'परंपरागत नायक की छवि से भिन्नता' जैसे तर्कों का उल्लेख करें।
Question 20. नमक ले जाने के सम्बन्ध में साफिया के मन में क्या द्वंद्व चल रहा था?
Answer: साफ़िया के मन में यह द्वंद्व था कि वह अपनी लाहौरी सिख पड़ोसन (बीजी) के लिए नमक को चोरी-छिपे गैर-कानूनी ढंग से सीमा पार भारत ले जाए, या फिर कस्टम अधिकारियों को इसके बारे में सच-सच बताकर क़ानून का पालन करे। एक ओर उनका भावनात्मक वादा और स्नेह था, तो दूसरी ओर क़ानून के उल्लंघन का डर और चेकिंग की समस्या थी।
In simple words: साफिया परेशान थी कि वह अपनी सिख पड़ोसन के लिए नमक चोरी से छिपाकर ले जाए या कस्टम अधिकारियों को बताकर क़ानून के हिसाब से ले जाए।
Exam Tip: साफ़िया के मन में चल रहे 'कानूनी कर्तव्य' और 'मानवीय भावना' के टकराव को स्पष्ट करें।
Question 21’.मान चित्र पर लकीर खींच देने से ज़मीन और जनता बंट नहीं जाती है’- कोई दो तर्क दीजिये.
Answer: इस कथन के समर्थन में दो मुख्य तर्क निम्नलिखित हैं:
1. सीमाओं के निर्माण के बावजूद दोनों ओर के लोगों की भाषा, खान-पान, संगीत और सांझी संस्कृति आज भी वैसी ही बनी हुई है, जिसे अलग नहीं किया जा सकता।
2. विभाजन के कई दशकों बाद भी लोगों के दिलों में अपनी पुरानी मातृभूमि और यादों के प्रति अगाध प्रेम और लगाव सुरक्षित है, जैसा कि सिख बीजी और कस्टम अधिकारियों के व्यवहार से प्रकट होता है।
In simple words: 1. ज़मीन पर सीमा बनाने से लोगों का आपस का प्यार और संस्कृति नहीं बंटती। 2. अपनी पुरानी मातृभूमि के प्रति लगाव हमेशा लोगों के दिल में बना रहता है।
Exam Tip: भारत - पाकिस्तान विभाजन के संदर्भ में मानवीय रिश्तों और सांझी संस्कृति के उदाहरण दें।
Question 22. शिरीष के फूल की तुलना संन्यासी के साथ क्यों की गयी है?
Answer: लेखक हजारीप्रसाद द्विवेदी ने शिरीष के फूल की तुलना एक सच्चे संन्यासी (अवधूत) से की है क्योंकि प्रचंड गर्मी, लू और सूखे के मौसम में भी शिरीष का पेड़ शांत, हरा-भरा और फूलों से लदा रहता है। वह बाहरी विकट परिस्थितियों से अप्रभावित रहकर आनंदपूर्वक झूमता रहता है। इसी प्रकार, एक सच्चा संन्यासी भी जीवन के सुख-दुख और विकट परिस्थितियों में सदैव शांत और स्थिर रहता है।
In simple words: जैसे कोई साधु हर हाल में शांत रहता है, वैसे ही शिरीष का पेड़ तेज़ धूप और गर्मी में भी हरा-भरा और सुंदर फूलों से भरा रहता है।
Exam Tip: 'अवधूत' की समभाव रहने की विशेषता को शिरीष के पेड़ की जीवंतता से जोड़कर समझाएं।
Question 23.लेखक के अनुसार सच्चे कवि में क्या-क्या विशेषताएं होनी चाहिए? शिरीष के फूल के पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिये.
Answer: 'शिरीष के फूल' पाठ के अनुसार, एक सच्चे कवि में निम्नलिखित मुख्य विशेषताएं होनी चाहिए:
1. अनासक्ति: कवि को संसार के राग-द्वेष और मोह-माया से ऊपर उठकर पूरी तरह तटस्थ रहना चाहिए।
2. समभाव और धैर्य: विपरीत परिस्थितियों में भी उसका मन शांत रहे ताकि वह जीवन की गहराइयों को समझ सके।
3. कोमलता और संवेदनशीलता: उसका हृदय अंदर से अत्यंत कोमल होना चाहिए ताकि वह प्रकृति और मानवीय संवेदनाओं को खूबसूरती से शब्दों में ढाल सके।
In simple words: सच्चे कवि को लालच और स्वार्थ से दूर रहना चाहिए और हर हाल में खुश व शांत रहकर अपनी रचना करनी चाहिए।
Exam Tip: कालिदास और कबीर का उदाहरण देकर लेखक ने इस बात को समझाया है, इसे अवश्य लिखें।
Question 24.जाति - प्रथा के कोई दो दोष लिखए.
Answer: जाति-प्रथा के दो प्रमुख दोष निम्नलिखित हैं:
1. यह मनुष्य को उसकी इच्छा, योग्यता और रुचि के विपरीत जन्म के आधार पर एक ही पेशे में जीवनभर के लिए बांध देती है, जिससे देश में बेरोज़गारी और अकुशलता बढ़ती है।
2. यह समाज को ऊंच-नीच के अस्वाभाविक और कृत्रिम श्रेणियों में विभाजित कर देती है, जिससे सामाजिक भाईचारा और समरसता समाप्त हो जाती है।
In simple words: 1. इसके कारण लोग अपनी पसंद का काम नहीं चुन पाते। 2. यह समाज में भेदभाव और नफरत को बढ़ावा देती है।
Exam Tip: डॉ. भीमराव अंबेडकर के श्रम विभाजन और अस्वाभाविक विभाजन के विचारों को ध्यान में रखकर दोष लिखें।
Question 25.मानसिक दासता क्या है?
Answer: मानसिक दासता का अर्थ है वह सामाजिक स्थिति जिसमें किसी व्यक्ति को अपनी रुचि, इच्छा या बुद्धि के अनुसार अपना व्यवसाय या जीवन जीने का तरीका चुनने की स्वतंत्रता नहीं होती। जब व्यक्ति समाज या जाति के कठोर नियमों के दबाव में आकर किसी अरुचिकर काम को अपना भाग्य मानकर विवशतापूर्वक स्वीकार कर लेता है, तो वह मानसिक रूप से गुलाम हो जाता है।
In simple words: समाज के पुराने नियमों के दबाव में आकर अपनी मर्जी का काम न कर पाना और दूसरों के इशारों पर जीना ही मानसिक दासता है।
Exam Tip: 'स्वतंत्र निर्णय का अभाव' और 'विवशता' को मानसिक दासता का मुख्य कारण बताएं।
Question 26.यशोधर बाबू की पत्नी मॉड कैसे बन गयी थी?
Answer: यशोधर बाबू की पत्नी अपने आधुनिक विचारों वाले बच्चों के प्रभाव और बदलते समय की मांग के कारण 'मॉड' (आधुनिक) बन गई थीं। उन्होंने अपने पुराने संयुक्त परिवार के रूढ़िवादी बंधनों और ससुराल में सहे गए कष्टों के विरुद्ध विद्रोह करते हुए नए फैशन, बिना आस्तीन के ब्लाउज पहनना और बच्चों की खुशियों में खुलकर शामिल होना शुरू कर दिया था।
In simple words: यशोधर बाबू की पत्नी अपने बच्चों के कहने पर और नए ज़माने के हिसाब से रहने लगी थीं ताकि वे पुराने बंधनों से आज़ाद हो सकें।
Exam Tip: पत्नी के आधुनिक बनने के पीछे छिपे हुए भूतकाल के असंतोष वाले पहलू को स्पष्ट करें।
Question 27 यशोधर बाबू के बच्चों को अपने पिता से क्या शिकायतें थी?
Answer: यशोधर बाबू के बच्चों को अपने पिता से यह शिकायत थी कि उनके पिता बहुत पुराने ख्यालात के हैं और समय के साथ खुद को नहीं बदलते। वे बच्चों के आधुनिक रहन-सहन, तरक्की और सुख-सुविधाओं की चीज़ों को हमेशा 'सम्हॉव इंप्रॉपर' कहकर उनकी आलोचना करते हैं। बच्चों को लगता था कि उनके पिता समाज में उनके स्टेटस के हिसाब से दिखावा करना नहीं जानते।
In simple words: बच्चों को शिकायत थी कि उनके पिता पुराने ज़माने के हैं, आधुनिक तरीकों को हमेशा गलत मानते हैं और नए बदलावों को स्वीकार नहीं करते।
Exam Tip: 'पीढ़ी अंतराल' (Generation Gap) के कारण पैदा हुए मतभेदों को मुख्य बिंदु बनाएं।
Question 28.’जूझ’ कहानी के आधार पर स्पष्ट कीजिये कि लेखक का अकेलापन कैसे दूर हो गया था?
Answer: 'जूझ' कहानी में लेखक (आनंदा) का अकेलापन उनके मराठी शिक्षक सौंदलगेकर जी के संपर्क में आने के बाद दूर हुआ। शिक्षक ने लेखक को कविताएं लिखना सिखाया। इसके बाद, जब लेखक खेतों में अकेले काम करते या ढोर चराते थे, तो वे अपने आसपास की फसलों, खेतों और पशुओं पर कविताएं बनाने लगे। अब वे एकांत को वरदान मानने लगे क्योंकि अकेले में वे अपनी कविताओं को ऊंचे स्वर में गा और झूम सकते थे।
In simple words: जब लेखक ने कविता लिखना सीखा, तो वे अकेले में भी प्रकृति को देखकर खुश रहने लगे और उनका अकेलापन दूर हो गया।
Exam Tip: लेखक के मराठी शिक्षक 'सौंदलगेकर' जी द्वारा दिए गए प्रोत्साहन और मार्गदर्शन का उल्लेख अवश्य करें।
Question 29.आनंदा ने पढ़ाई के लिए अपने पिताजी की कौन सी शर्तें मान ली थी?
Answer: आनंदा को स्कूल भेजने के लिए उसके पिता (दादा) ने निम्नलिखित कड़ी शर्तें रखी थीं, जिन्हें उसने सहर्ष स्वीकार कर लिया था:
1. उसे प्रतिदिन पाठशाला जाने से पहले सुबह ग्यारह बजे तक खेत पर काम करना होगा।
2. स्कूल से छुट्टी होने के तुरंत बाद घर आकर बस्ता रखना होगा और खेतों पर ढोर (पशु) चराने जाना होगा।
3. यदि खेत पर काम अधिक होगा, तो उसे पाठशाला से छुट्टी लेनी होगी और पूरे दिन खेत का काम संभालना होगा।
In simple words: आनंदा ने शर्त मानी कि वह स्कूल जाने से पहले और बाद में खेतों में काम करेगा और ज़रूरत पड़ने पर पढ़ाई छोड़कर भी खेती संभालेगा।
Exam Tip: तीनों शर्तों को स्पष्ट रूप से अलग-अलग बिंदुओं में लिखकर उत्तर पूरा करें।
Question 30.मोहनजोदड़ो को जल-संस्कृति का नाम क्यों दिया गया?
Answer: मोहनजोदड़ो को 'जल-संस्कृति' इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस प्राचीन सभ्यता में पानी के संचयन, उपयोग और उसकी निकासी की अत्यंत उन्नत और वैज्ञानिक व्यवस्था थी। पूरे शहर में लगभग सात सौ कुएं थे, जो स्वच्छ जल की आपूर्ति करते थे। इसके अलावा, घरों में ढकी हुई नालियां थीं और वहाँ एक सुप्रसिद्ध 'महाकुंड' भी मिला है, जो उनके बेहतरीन वाटर मैनेजमेंट को दर्शाता है।
In simple words: मोहनजोदड़ो में पानी के इस्तेमाल, कुओं और नालियों की बहुत अच्छी व्यवस्था थी, इसलिए इसे जल-संस्कृति कहा गया है।
Exam Tip: 'ढकी हुई नालियां', 'सात सौ कुएं' और 'महाकुंड' इस उत्तर के आधार स्तंभ हैं।
Question 31 .सन्धु-सभ्यता साधन सम्पन्न थी -कैसे?
Answer: सिंधु घाटी सभ्यता अपनी उपयोगिता और सुनियोजित व्यवस्था के कारण साधन संपन्न थी। वहाँ चौड़ी सड़कें, पक्के मकान, अन्न भंडारण के कोठार, उन्नत जल निकासी और कलात्मक बर्तन-खिलौने प्रचुर मात्रा में थे। हालांकि, इस सभ्यता में किसी राजा के विशाल महल, भव्य मंदिर या हथियारों का प्रदर्शन नहीं मिला, जिससे सिद्ध होता है कि वे साधन संपन्न थे लेकिन किसी आडंबर या वैभव का दिखावा नहीं करते थे।
In simple words: सिंधु सभ्यता के लोगों के पास ज़रूरत की सभी चीज़ें और अच्छी तकनीक थी, पर वे दिखावे और फिजूलखर्ची से दूर रहते थे।
Exam Tip: 'भव्यता के स्थान पर उपयोगिता' के सिद्धांत को स्पष्ट करते हुए उत्तर लिखें।
Question 32.डायरी के पन्ने’-के आधार पर बताइए कि ऐन की अज्ञातवास में क्या-क्या रुचियाँ थी?
Answer: 'डायरी के पन्ने' के अनुसार, अज्ञातवास के संकटकाल में भी ऐन फ्रैंक ने अपने समय का सदुपयोग करते हुए कई रुचियाँ विकसित की थीं:
1. उसे इतिहास, विशेषकर यूनानी और रोमन पौराणिक कथाओं, तथा यूरोपीय राजघरानों की वंशावलियों का अध्ययन करने का गहरा शौक था।
2. वह नियमित रूप से अपनी डायरी लिखती थी और छोटी कहानियाँ भी रचती थी।
3. वह फ्रेंच और अंग्रेजी जैसी भाषाओं को सीखने और उनके अनुवाद कार्य में रुचि लेती थी।
In simple words: ऐन को अज्ञातवास में किताबें पढ़ने, डायरी लिखने, नई भाषाएँ सीखने और राजाओं के इतिहास के बारे में जानने का बहुत शौक था।
Exam Tip: ऐन के 'पठन-पाठन' और 'डायरी लेखन' की प्रमुख प्रवृत्तियों का उल्लेख करें।
Question 33.युद्धकाल में लोगों को कनल-कन कष्टों से गुजरना पड़ा ? ’डायरी के पन्ने’-के आधार पर बताइए.
Answer: द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान लोगों को अनेक प्रकार के अमानवीय कष्टों का सामना करना पड़ा:
1. राशन की भारी किल्लत के कारण लोगों को भुखमरी का सामना करना पड़ा और महीनों तक सड़ी हुई सब्जियां खाकर गुज़ारा करना पड़ा।
2. लगातार होने वाले हवाई हमलों, सायरनों की आवाज़ों और बमबारी के कारण हमेशा मौत का साया मंडराता रहता था।
3. यहूदियों को पकड़े जाने और यातना शिविरों में भेजे जाने का निरंतर भय था, जिसके कारण उन्हें सीलन भरे गुप्त कमरों में कैद रहना पड़ा।
In simple words: युद्ध के समय लोगों को खराब खाना खाना पड़ा, बम धमाकों से डरना पड़ा और पकड़े जाने के डर से महीनों छिपकर रहना पड़ा।
Exam Tip: भोजन की कमी, बमबारी के खौफ और यहूदियों की मानसिक विवशता को संक्षेप में स्पष्ट करें।
Question 34.हॉलैंड के प्रतिरोधी दल के सदस्य लोगों की किस प्रकार सहायता करते थे?
Answer: हॉलैंड के प्रतिरोधी दल (रेसिस्टेंस ग्रुप) के बहादुर सदस्य अपनी जान की परवाह न करते हुए छिपकर रहने वाले यहूदियों और अन्य पीड़ित लोगों की मदद करते थे। वे इन लोगों के लिए नकली पहचान-पत्र (फेक आईडी) बनाते थे, उनके छिपने के लिए सुरक्षित ठिकानों का इंतज़ार करते थे और उनके लिए राशन कार्ड व खाने-पीने की ज़रूरी चीज़ों की व्यवस्था करते थे।
In simple words: प्रतिरोधी दल के लोग छिपकर रहने वाले लोगों के लिए नकली आईडी कार्ड, छिपने की जगह और खाने का सामान जुटाकर उनकी जान बचाते थे।
Exam Tip: 'जाली पहचान-पत्र' और 'राशन की व्यवस्था' जैसे जोखिम भरे कार्यों को रेखांकित करें।
Question 35.उलटा परा मड शैली क्या है?
Answer: उल्टा पिरामिड शैली समाचार लेखन की सबसे महत्वपूर्ण और लोकप्रिय पद्धति है। इस शैली में किसी भी समाचार के सबसे महत्वपूर्ण तथ्यों को सबसे पहले लिखा जाता है (जिसे मुखड़ा या इंट्रो कहते हैं), उसके बाद घटते हुए महत्व के क्रम में अन्य विवरण दिए जाते हैं (बॉडी) और अंत में सबसे कम महत्वपूर्ण बातें दी जाती हैं (समापन)। इसमें कहानी की तरह क्लाइमेक्स अंत में नहीं, बल्कि शुरू में होता है।
In simple words: इस तरीके में सबसे ज़रूरी खबर या जानकारी सबसे पहले दी जाती है और कम ज़रूरी बातें बाद में लिखी जाती हैं।
Exam Tip: इस उत्तर के साथ एक छोटा त्रिकोणीय चित्र (उल्टा पिरामिड) बनाकर मुखड़ा, बॉडी और समापन को दर्शाने से पूरे अंक मिलते हैं।
Question 36.पीत पत्रकारिता क्या है?
Answer: पीत पत्रकारिता (येलो जर्नलिज्म) उस पत्रकारिता को कहा जाता है जिसमें निष्पक्ष और गंभीर समाचारों को छोड़कर सनसनीखेज ख़बरों, व्यक्तिगत आरोपों, अफवाहों, प्रेम-प्रसंगों और चरित्र हनन को प्रमुखता से छापा जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य पाठकों को अपनी ओर आकर्षित करके समाचार पत्र की बिक्री बढ़ाना होता है, न कि समाज को जागरूक करना।
In simple words: जब खबरों को सच दिखाने के बजाय केवल सनसनी मचाने, गपशप उड़ाने या दूसरों को बदनाम करने के लिए छापा जाता है, तो उसे पीत पत्रकारिता कहते हैं।
Exam Tip: 'सनसनीखेज' और 'व्यावसायिक बिक्री बढ़ाना' इस परिभाषा के मुख्य शब्द हैं।
Question 37.स्ट्रिंगर क्या है?
Answer: पत्रकारिता के क्षेत्र में 'स्ट्रिंगर' उस स्वतंत्र या अंशकालिक पत्रकार (फ्रीलांसर) को कहते हैं जो किसी समाचार संस्थान का परमानेंट कर्मचारी नहीं होता। वह प्रति समाचार, प्रति कॉलम या पहले से तय की गई दर के आधार पर अपनी रिपोर्ट्स या समाचार भेजने के बदले में भुगतान प्राप्त करता है।
In simple words: स्ट्रिंगर वह पत्रकार होता है जो फिक्स नौकरी नहीं करता, बल्कि जितनी खबरें लिखकर देता है, उतने ही पैसे पाता है।
Exam Tip: इसे 'अंशकालिक' या 'फ्रीलांस पत्रकार' के रूप में परिभाषित करें।
Question 38.बीट क्या है?
Answer: समाचार संस्थानों में रिपोर्टरों की रुचि, ज्ञान और विशेषज्ञता के आधार पर उनके कार्यक्षेत्र का विभाजन किया जाता है। लेखन और रिपोर्टिंग के इस विशेष क्षेत्र (जैसे खेल, अपराध, राजनीति, फिल्म, शिक्षा आदि) को पत्रकारिता की भाषा में 'बीट' कहा जाता है। संवाददाता अपनी बीट से जुड़ी सभी बड़ी खबरें लाता है।
In simple words: किसी रिपोर्टर को उसकी पसंद और जानकारी के हिसाब से दिया गया खास विषय (जैसे स्पोर्ट्स या राजनीति) ही उसकी 'बीट' कहलाता है।
Exam Tip: उत्तर को स्पष्ट करने के लिए एक छोटा उदाहरण (जैसे खेल रिपोर्टर की बीट 'खेल' होगी) अवश्य लिखें।
Question 39.इन्तरनेट पत्रकारिता क्या है?
Answer: इंटरनेट के माध्यम से समाचारों का संकलन, संपादन, प्रकाशन और पाठकों तक ऑनलाइन प्रेषण करना 'इंटरनेट पत्रकारिता' (ऑनलाइन पत्रकारिता या वेब पत्रकारिता) कहलाता है। इसमें समाचारों को तुरंत अपडेट किया जा सकता है और पाठक अपनी सुविधानुसार दुनिया के किसी भी कोने से खबरें पढ़ सकते हैं।
In simple words: इंटरनेट और मोबाइल के ज़रिए खबरें पढ़ने, देखने या ऑनलाइन न्यूज़ पोस्ट करने को इंटरनेट पत्रकारिता कहते हैं।
Exam Tip: इसके दोनों चरणों - सूचनाओं का आदान-प्रदान और वेब-साइट्स पर प्रकाशन - का उल्लेख करें।
Question 40.प्रंट-माध्यम की कोई दो विशेषताएं लिखए.
Answer: प्रिंट माध्यम (मुद्रित माध्यम) की दो प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
1. स्थायित्व: छपे हुए शब्दों में स्थायित्व होता है, जिसे पाठक अपनी इच्छानुसार कभी भी पढ़ सकता है और लंबे समय तक सुरक्षित रख सकता है।
2. गंभीर विश्लेषण: इसमें समाचारों का गहराई से विश्लेषण होता है, जिससे पाठकों को किसी घटना पर अपनी स्वतंत्र राय बनाने का मौका मिलता है।
In simple words: 1. छपी हुई खबरों को संभालकर रखा जा सकता है और बार-बार पढ़ा जा सकता है। 2. इसमें खबरों का पूरा ब्यौरा बहुत विस्तार से होता है।
Exam Tip: 'शब्दों का स्थायित्व' और 'अपनी सुविधानुसार पढ़ना' इस माध्यम की सबसे बड़ी ताकत है।
Question 41.पेज-थ्री क्या है?
Answer: 'पेज-थ्री' पत्रकारिता से तात्पर्य समाचार पत्रों के उस हिस्से से है जिसमें उच्च वर्ग (हाई सोसाइटी) की जीवनशैली, फैशन शो, पार्टियों, अमीरों की निजी ज़िंदगी और फिल्मी सितारों से जुड़ी ग्लैमरस और हल्की-फुल्की ख़बरें छापी जाती हैं। इसका मुख्य उद्देश्य मनोरंजन प्रदान करना होता है।
In simple words: अखबारों में फिल्मों, फैशन शो, पार्टियों और अमीर लोगों की लाइफस्टाइल से जुड़ी खबरों को पेज-थ्री कहा जाता है।
Exam Tip: 'ग्लैमर' और 'उच्च वर्ग की जीवनशैली' इस परिभाषा के अनिवार्य कीवर्ड हैं।
Question 42.भारत का प्रथम छापाखाना कब और कहाँ खोला गया?
Answer: भारत का पहला छापाखाना (प्रिंटिंग प्रेस) सन् 1556 में गोवा में खोला गया था। इसकी स्थापना ईसाई मिशनरियों द्वारा अपने धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए धार्मिक पुस्तकों और पुस्तिकाओं को छापने के उद्देश्य से की गई थी।
In simple words: भारत की पहली छपाई मशीन सन् 1556 में गोवा में पादरियों द्वारा अपनी किताबें छापने के लिए लगाई गई थी।
Exam Tip: वर्ष (1556) और स्थान (गोवा) को पूरी तरह स्पष्ट और शुद्ध लिखें।
Question 43.जाति-प्रथा से आर्थिक समस्याएं कैसे उत्पन्न होती हैं?
Answer: जाति-प्रथा व्यक्ति को उसकी रुचि और योग्यता के विपरीत उसके पूर्वजों के पारंपरिक व्यवसाय को अपनाने के लिए विवश करती है। जब कोई व्यक्ति किसी काम को मजबूरी में करता है, तो उत्पादन प्रभावित होता है और कार्य क्षमता घट जाती है। इसके साथ ही, जब समय के अनुसार बाज़ार में किसी पुराने पेशे की मांग कम हो जाती है, तो जातिगत बंधनों के कारण व्यक्ति दूसरा काम नहीं चुन पाता, जिससे बेरोज़गारी और गंभीर आर्थिक संकट पैदा होता है।
In simple words: जाति-प्रथा के कारण लोग मजबूरी में ऐसा काम करते हैं जिसमें उनका मन नहीं लगता, और समय बदलने पर जब वह काम बंद होता है तो वे बेरोज़गार हो जाते हैं।
Exam Tip: 'बेरोज़गारी' और 'अकार्यकुशलता' जैसे आर्थिक प्रभावों पर बल दें।
Question 44.डा.भीमराव आम्बेडकर की आदर्श समाज की कल्पना क्या है?
Answer: डॉ. भीमराव अंबेडकर के अनुसार, एक आदर्श समाज वह है जो स्वतंत्रता, समता और बंधुत्व (भाईचारे) के तीन स्तंभों पर आधारित हो। जहाँ किसी भी व्यक्ति के साथ उसकी जाति या जन्म के आधार पर भेदभाव न किया जाए, प्रत्येक सदस्य को अपनी इच्छा का पेशा चुनने की आज़ादी हो और समाज के सभी वर्गों में आपस में गहरा प्रेम और सहयोग का भाव हो।
In simple words: अंबेडकर जी के सपनों का समाज वह है जहाँ सब लोग समान हों, सबको आज़ादी मिले और सब आपस में भाईचारे के साथ रहें।
Exam Tip: 'स्वतंत्रता', 'समता' और 'बंधुत्व' (फ्रांसीसी क्रांति के ये तीन सिद्धांत) को ज़रूर रेखांकित करें।
Question 45.भक्तिन के आने से महादेवी अधिक देहाती कैसे हो गयी थी?
Answer: भक्तिन स्वभाव से अत्यंत जिद्दी थी और उसने खुद को लेखिका के शहरी तौर-तरीकों के अनुसार कभी नहीं बदला। इसके विपरीत, उसने अपनी सादगी और ग्रामीण आदतों से लेखिका को प्रभावित कर दिया। लेखिका अब भक्तिन द्वारा बनाए गए ग्रामीण व्यंजन जैसे मोटी मकई की रोटी, बाजरे का दलिया, गुड़ और मट्ठा आदि बड़े चाव से खाने लगी थीं और ग्रामीण भाषा के मुहावरों का प्रयोग भी करने लगी थीं।
In simple words: भक्तिन ने खुद को नहीं बदला, बल्कि लेखिका को ही गाँव के सीधे-सादे खाने और बोली की आदत डलवा दी, जिससे वे अधिक देहाती बन गईं।
Exam Tip: 'अपरिवर्तनीय ग्रामीण आदतों' और भोजन के उदाहरणों का स्पष्ट विवरण दें।
Question 46.लेखक ने चार्ली का भारतीयकरण कैसे कहा है और क्यों?
Answer: लेखक ने महान भारतीय अभिनेता राज कपूर द्वारा अभिनीत फिल्मों (जैसे 'आवारा' और 'श्री 420') के किरदारों को चार्ली चैपनल का 'भारतीयकरण' कहा है। राज कपूर ने चार्ली के सुप्रसिद्ध 'ट्रैम्प' (आवारा) रूप को भारतीय समाज, परिस्थितियों और भावनाओं के अनुसार ढाला। उन्होंने दिखाया कि एक गरीब और कमज़ोर भारतीय भी अपनी सादगी और मासूमियत से दर्शकों का दिल जीत सकता है।
In simple words: राज कपूर ने चार्ली के किरदार को अपनी फिल्मों में भारतीय रंग में ढालकर पेश किया, जिसे लेखक ने चार्ली का भारतीयकरण कहा है।
Exam Tip: 'राज कपूर', 'आवारा' और 'श्री 420' जैसी फिल्मों का उदाहरण देना इस उत्तर के लिए अत्यंत आवश्यक है।
Question 47.कविता को रस का अक्षय-पात्र क्यों कहा गया है?
Answer: कविता को 'रस का अक्षय-पात्र' (कभी खाली न होने वाला बर्तन) इसलिए कहा गया है क्योंकि सामान्य फसल का अनाज खाने के बाद समाप्त हो जाता है, लेकिन कविता रूपी फसल से मिलने वाला आनंद (साहित्यिक रस) कभी समाप्त नहीं होता। सदियों तक जितने भी सहृदय पाठक इसे पढ़ते हैं, उन्हें नया आनंद और प्रेरणा मिलती है। कविता का सौंदर्य और भाव हमेशा ताज़ा बने रहते हैं।
In simple words: कविता एक ऐसा बर्तन है जिसका रस (आनंद) चाहे जितने भी लोग और जितनी भी बार चखें, वह कभी खत्म नहीं होता।
Exam Tip: 'अक्षय-पात्र' के रूपक को साहित्यिक रस के अर्थ में स्पष्ट रूप से समझाएं।
Question 48.बाजार का जादू चढ़ने और उतरने पर मनुष्य पर क्या-क्या असर होता है?
Answer: 'बाज़ार दर्शन' पाठ के अनुसार, मनुष्य पर बाज़ार के प्रभाव के दो पहलू होते हैं:
1. जादू चढ़ने पर: मनुष्य बाज़ार की चकाचौंध से प्रभावित होकर बिना सोचे-समझे अनावश्यक और विलासितापूर्ण वस्तुएं खरीद लेता है। उसे लगता है कि ये चीजें उसके ऐशो-आराम को बढ़ाएंगी।
2. जादू उतरने पर: उसे यह अहसास होता है कि वे फ़ालतू वस्तुएं उसके आराम को बढ़ाने के बजाय उसकी मानसिक शांति में खलल डाल रही हैं और उसकी जेब पर अतिरिक्त बोझ बन गई हैं।
In simple words: बाज़ार का जादू चढ़ने पर लोग फालतू की चीजें खरीद लेते हैं, लेकिन जादू उतरने पर उन्हें लगता है कि ये चीजें केवल सिरदर्द और पैसों की बर्बादी हैं।
Exam Tip: 'अनावश्यक खरीदारी' और 'मानसिक अशांति' के संदर्भ में उत्तर की रूपरेखा तैयार करें।
Question 49.सम्पादकीय कैसे कहते हैं?
Answer: संपादकीय किसी भी समाचार पत्र या पत्रिका का अत्यंत महत्वपूर्ण स्तंभ होता है, जिसमें किसी समसामयिक, राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय घटना पर उस समाचार पत्र के संपादक अथवा उनके सहयोगी दल के आधिकारिक विचारों को प्रकट किया जाता है। संपादकीय को पूरे समाचार पत्र की आवाज़ और नीति का प्रतीक माना जाता है, और इस पर किसी अकेले व्यक्ति के हस्ताक्षर नहीं होते।
In simple words: अखबार के संपादक द्वारा देश-दुनिया के किसी बड़े मुद्दे पर लिखे गए अखबार के खुद के विचारों को संपादकीय कहते हैं।
Exam Tip: संपादकीय को 'अखबार की अपनी आवाज़' के रूप में परिभाषित करना बहुत प्रभावी होता है।
Question 50.भारत की कोई दो समाचार एजेंसियों के नाम लिखए.
Answer: भारत की दो प्रमुख समाचार एजेंसियों के नाम निम्नलिखित हैं:
1. पीटीआई (प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया - Press Trust of India)
2. यूएनआई (यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया - United News of India)
In simple words: भारत की दो बड़ी न्यूज़ एजेंसियां पीटीआई (PTI) और यूएनआई (UNI) हैं।
Exam Tip: इनके हिंदी समकक्ष जैसे 'भाषा' और 'यूनीवार्ता' का भी उल्लेख किया जा सकता है।
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