NCERT Solutions Class 12 Physics Chapter 14 Semiconductor Electronics Materials Devices and Simple Circuits (अर्धचालक पदार्थ युक्तियाँ तथा सरल परिपथ) Additional Questions in Hindi

Official NCERT Solutions for Class 12 Physics: Chapter 14 अर्धचालक पदार्थ युक्तियाँ तथा सरल परिपथ

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Chapter-wise Solutions for Physics: Chapter 14 अर्धचालक पदार्थ युक्तियाँ तथा सरल परिपथ

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Question 14.8: सिलिकॉन परमाणुओं की संख्या \( 5 \times 10^{28} \) प्रति \( \text{m}^3 \) है। यह साथ ही आर्सेनिक के \( 5 \times 10^{23} \) परमाणु प्रति \( \text{m}^3 \) और इंडियम के \( 5 \times 10^{20} \) परमाणु प्रति \( \text{m}^3 \) से अपमिश्रित किया गया है। इलेक्ट्रॉन और होल की संख्या का परिकलन कीजिए दिया है कि \( n_i = 1.5 \times 10^{16} \text{ m}^{-3} \) दिया गया पदार्थ n-प्रकार का है या p-प्रकार का?

Answer:

दिए गए मान हैं:
सिलिकॉन परमाणुओं की संख्या, \( n_{\text{Si}} = 5 \times 10^{28} \text{ परमाणु/m}^3 \)
आर्सेनिक परमाणुओं की संख्या (दाता अशुद्धि), \( n_{\text{As}} = 5 \times 10^{23} \text{ परमाणु/m}^3 \)
इंडियम परमाणुओं की संख्या (ग्राही अशुद्धि), \( n_{\text{In}} = 5 \times 10^{20} \text{ परमाणु/m}^3 \)
नैज वाहक सांद्रता, \( n_i = 1.5 \times 10^{16} \text{ इलेक्ट्रॉन/m}^3 \)
यहाँ दाता सांद्रता \( n_{\text{As}} \) ग्राही सांद्रता \( n_{\text{In}} \) से बहुत अधिक है, इसलिए यह n-प्रकार का अर्धचालक है।
इलेक्ट्रॉनों की संख्या, \( n_e \approx n_{\text{As}} - n_{\text{In}} = 5 \times 10^{23} - 5 \times 10^{20} \approx 5 \times 10^{23} \text{ m}^{-3} \)
द्रव्यमान क्रिया नियम (law of mass action) के अनुसार:
\( n_e \cdot n_h = n_i^2 \)
\( n_h = \frac{n_i^2}{n_e} \)
\( n_h = \frac{(1.5 \times 10^{16})^2}{5 \times 10^{23}} \)
\( n_h = \frac{2.25 \times 10^{32}}{5 \times 10^{23}} = 4.51 \times 10^8 \text{ m}^{-3} \)
चूँकि \( n_e \gg n_h \), अतः इलेक्ट्रॉनों की संख्या \( 5 \times 10^{23} \text{ m}^{-3} \) और होलों की संख्या \( 4.51 \times 10^8 \text{ m}^{-3} \) है।

मुख्य बिंदु:

• n-प्रकार के अर्धचालक में इलेक्ट्रॉन बहुसंख्यक वाहक होते हैं।
• दाता परमाणुओं की संख्या ग्राही परमाणुओं की तुलना में बहुत अधिक है।
• द्रव्यमान क्रिया नियम \( n_e n_h = n_i^2 \) का उपयोग करके अल्पसंख्यक वाहक (होल) की गणना की जाती है।

आम गलतियाँ:

• ग्राही परमाणुओं को नगण्य न मानना।
• \( n_i^2 \) के स्थान पर केवल \( n_i \) का उपयोग करना।
• घात (powers of 10) की गणना में गलती करना।

Exam Tips:

a) हमेशा जाँच लें कि पदार्थ n-प्रकार का है या p-प्रकार, उसके बाद ही सांद्रता के सूत्र चुनें।
b) गणना करते समय वैज्ञानिक संकेतन (scientific notation) का सावधानीपूर्वक उपयोग करें।
c) अंत में मात्रक (\( \text{m}^{-3} \)) लिखना न भूलें।

 

Question 14.9: किसी नैज अर्धचालक में ऊर्जा अन्तराल \( E_g \) का मान \( 1.2 \text{ eV \) है। इसकी होल गतिशीलता इलेक्ट्रॉन गतिशीलता की तुलना में काफी कम है तथा ताप पर निर्भर नहीं है। इसकी \( 600 \text{ K \) तथा \( 300 \text{ K \) पर चालक्ताओं का क्या अनुपात है? यह मानिए की नैज वाहक सांद्रता \( n_i \) की ताप निर्भरता इस प्रकार व्यक्त होती है: \( n_i = n_0 \exp\left(-\frac{E_g}{2k_B T}\right) \) जहाँ \( n_0 \) एक स्थिरांक है।

Answer:

दिया गया ऊर्जा अन्तराल, \( E_g = 1.2 \text{ eV} \)
तापमान \( T_1 = 300 \text{ K} \) तथा \( T_2 = 600 \text{ K} \)
चालकता \( \sigma \) नैज वाहक सांद्रता \( n_i \) के समानुपाती होती है क्योंकि \( \sigma = e(n_e \mu_e + n_h \mu_h) \), और गतिशीलता को नियत माना गया है।
अतः चालक्ताओं का अनुपात नैज वाहक सांद्रता के अनुपात के बराबर होगा:
\( \frac{\sigma_2}{\sigma_1} = \frac{n_{i2}}{n_{i1}} \)
\( n_{i1} = n_0 \exp\left(-\frac{E_g}{2k_B T_1}\right) \)
\( n_{i2} = n_0 \exp\left(-\frac{E_g}{2k_B T_2}\right) \)
इनका अनुपात लेने पर:
\( \frac{n_{i2}}{n_{i1}} = \frac{\exp\left(-\frac{E_g}{2k_B \times 600}\right)}{\exp\left(-\frac{E_g}{2k_B \times 300}\right)} \)
\( \frac{n_{i2}}{n_{i1}} = \exp\left[\frac{E_g}{2k_B}\left(\frac{1}{300} - \frac{1}{600}\right)\right] \)
मान रखने पर (\( E_g = 1.2 \text{ eV} = 1.2 \times 1.6 \times 10^{-19} \text{ J} \) और \( k_B = 1.38 \times 10^{-23} \text{ J/K} \)):
\( = \exp\left[\frac{1.2}{2 \times (8.62 \times 10^{-5})} \left(\frac{1}{300}\right)\right] \)
\( = \exp[11.6] = 1.09 \times 10^5 \)
अतः चालकता का अनुपात \( 1.09 \times 10^5 \) है।

मुख्य बिंदु:

• अर्धचालक की चालकता नैज वाहक सांद्रता पर निर्भर करती है।
• ताप बढ़ाने पर नैज वाहक सांद्रता चरघातांकी (exponential) रूप से बढ़ती है।
• बोल्ट्ज़मान नियतांक \( k_B \) का मान eV में \( 8.62 \times 10^{-5} \text{ eV/K} \) उपयोग किया जा सकता है।

आम गलतियाँ:

• तापमान के मान को अंश और हर में उल्टा रखना।
• चरघातांकी फलन (exponential function) को हल करते समय घात की गणना में त्रुटि करना।
• units का सही रूपांतरण न करना।

Exam Tips:

a) चरघातांकी अनुपातों वाले प्रश्नों में लघुगणक और घातांक के नियमों का सही प्रयोग करें।
b) \( k_B T \) की गणना eV में करें यदि \( E_g \) eV में दिया गया हो।
c) अंतिम उत्तर को वैज्ञानिक संकेतन में लिखें।

 

Question 14.10: किसी p-n संधि डायोड में धाराI को इस प्रकार व्यक्त किया जा सकता है \( I = I_0 \exp\left(\frac{e V}{2 k_B T} - 1\right) \) जहाँ \( I_0 \) को उत्क्रमित संतृप्त धारा कहते हैं, v डायोड के सिरों पर वोल्टता है तथा यह अग्रदिशिक बायस के धनात्मक तथा पश्वदिशिक बायस के लिए ऋणात्मक है। V डायोड से प्रवाहित धारा है, \( k_B \) बोल्ट्ज़मान नियतांक (\( 8.6 \times 10^{-5} \text{ eV} \)) है तथा T परम ताप है। यदि किसी दिए गए डायोड के लिए \( I_0 = 5 \times 10^{-12} \text{ A} \) तथा \( T = 300 \text{ K} \) है, तब
(a) \( 0.6 \text{ V} \) अग्रदिशिक वोल्टता के लिए अग्रदिशिक धारा क्या होगी?
(b) यदि डायोड के सिरों पर वोल्टता को बढ़ाकर \( 0.7 \text{ V} \) कर दें तो धारा में कितनी वृद्धि हो जाएगी?
(c) गतिक प्रतिरोध कितना है?
(d) यदि पश्वदिशिक वोल्टता को \( 1 \text{ से } 2 \text{ V} \) कर दें तो धारा का मान क्या होगा?

Answer:

(a) दिया गया है: \( I_0 = 5 \times 10^{-12} \text{ A} \), \( T = 300 \text{ K} \), \( V = 0.6 \text{ V} \)
\( I = 5 \times 10^{-12} \left[\exp\left(\frac{1.6 \times 10^{-19} \times 0.6}{1.376 \times 10^{-23} \times 300}\right) - 1\right] \)
\( I = 5 \times 10^{-12} \times \exp(22.36) = 0.0256 \text{ A} \)

(b) \( V' = 0.7 \text{ V} \) के लिए:
\( I' = 5 \times 10^{-12} \left[\exp\left(\frac{1.6 \times 10^{-19} \times 0.7}{1.376 \times 10^{-23} \times 300}\right) - 1\right] = 1.257 \text{ A} \)
धारा में वृद्धि, \( \Delta I = I' - I = 1.257 - 0.0256 = 1.23 \text{ A} \)

(c) गतिक प्रतिरोध, \( r = \frac{\Delta V}{\Delta I} = \frac{0.7 - 0.6}{1.23} = 0.081 \, \Omega \)

(d) पश्वदिशिक बायस में वोल्टता बदलने पर धारा लगभग \( -I_0 \) यानी \( -5 \times 10^{-12} \text{ A} \) ही रहती है और गतिक प्रतिरोध अनंत होता है।

मुख्य बिंदु:

• डायोड समीकरण में चरघातांकी पद वोल्टेज के साथ तेजी से बदलता है।
• गतिक प्रतिरोध \( r = \frac{\Delta V}{\Delta I} \) से निकाला जाता है।
• पश्वदिशिक बायस में धारा लगभग संतृप्त धारा \( I_0 \) के बराबर होती है।

आम गलतियाँ:

• समीकरण में से '-1' को छोड़ देना।
• तापमान और नियतांकों के मानों में मात्रक की अशुद्धि करना।
• गतिक प्रतिरोध के सूत्र में \( V/I \) का प्रयोग करना जबकि यहाँ \( \Delta V/\Delta I \) लगेगा।

Exam Tips:

a) दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों में मानों को स्टेप-बाय-स्टेप गणना करें।
b) घातांकीय मानों की गणना करते समय लॉग सारणी या कैलकुलेटर के मानक परिणामों का ध्यान रखें।
c) सभी भागों (a, b, c, d) को स्पष्ट रूप से अलग-अलग हल करें।

 

Question 14.11: आपको चित्र 14.36 में दो परिपथ दिए गए हैं। यह दर्शाइए कि परिपथ (a) OR गेट की भाँति व्यवहार करता है जबकि परिपथ (b) AND गेट की भाँति कार्य करता है।

Answer:

(a) A और B इनपुट हैं और Y आउटपुट है। दिए गए चित्र का बायाँ आधा NOR गेट के रूप में कार्य करता है, जबकि दायाँ आधा NOT गेट के रूप में कार्य करता है।
NOR गेट का आउटपुट = \( \overline{A + B} \)
यह NOT गेट के लिए इनपुट होगा। इसका आउटपुट होगा \( \overline{\overline{A + B}} = A + B \)
\( Y = A + B \)
इसलिए, यह परिपथ OR गेट की तरह कार्य करेगा।

(b) A और B इनपुट हैं और Y दिए गए परिपथ का आउटपुट है।
बाएँ आधे NOR गेट के इनपुट दो NOT गेट्स के आउटपुट हैं:
बाएँ आधे NOR गेट का आउटपुट \( \bar{A} \) और निचले आधे NOR गेट का आउटपुट \( \bar{B} \)
अतः दिए गए परिपथ के आउटपुट को इस प्रकार लिखा जा सकता है:
\( Y = \overline{\bar{A} + \bar{B}} = \bar{\bar{A}} \cdot \bar{\bar{B}} = A \cdot B \)
इसलिए, यह सर्किट AND गेट के रूप में कार्य करता है।

मुख्य बिंदु:

• NOR गेट के आगे NOT गेट लगाने से OR गेट बनता है।
• डी-मॉर्गन प्रमेय (\( \overline{A + B} = \bar{A} \cdot \bar{B} \) और \( \overline{\bar{A}} = A \)) का उपयोग लॉजिक गेट्स के संयोजन में होता है।
• इनपुट और आउटपुट के तार्किक समीकरणों की जाँच सत्यता सारणी से की जा सकती है।

आम गलतियाँ:

• बार (\( \bar{} \)) लगाने में भूल करना।
• डी-मॉर्गन नियमों का गलत अनुप्रयोग करना।
• गेट के प्रतीकों (symbols) की पहचान में भ्रमित होना।

Exam Tips:

a) लॉजिक गेट्स के संयोजन वाले प्रश्नों में प्रत्येक गेट के बाद का निर्गम (output) साथ-साथ लिखते चलें।
b) बूलीय बीजगणित (Boolean algebra) के नियमों का स्पष्ट उल्लेख करें।
c) चित्र के अनुसार इनपुट चरों को नामांकित करें।

 

Question 14.12: नीचे दिए गए चित्र 14.37 में संयोजित NAND गेट संयोजित परिपथ की सत्यमान सारणी बनाइए। अतः इस परिपथ द्वारा की जाने वाली यथार्थ तर्क संक्रिया का अभिनिर्धारण कीजिए।

Answer:

NAND गेट के लिए A दो इनपुट के रूप में कार्य करता है जिसका आउटपुट Y है:
आउटपुट निम्न प्रकार लिखा जा सकता है:
\( Y = \overline{A \cdot A} = \bar{A} + \bar{A} = \bar{A} \) ... (1)
समीकरण (1) के लिए यथार्थ तर्क संक्रिया को प्रदर्शित कर सकते हैं:
सत्यता सारणी:
जब A = 0, तब Y = 1
जब A = 1, तब Y = 0
यह परिपथ एक NOT गेट के रूप में कार्य करता है।

मुख्य बिंदु:

• जब NAND गेट के दोनों इनपुट को आपस में जोड़ दिया जाता है, तो यह NOT गेट बन जाता है।
• \( \overline{A \cdot A} = \bar{A} \) बूलीय नियम का पालन होता है।
• सत्यता सारणी में इनपुट के हर संभव मान के लिए आउटपुट दर्शाया जाता है।

आम गलतियाँ:

• NAND गेट के आउटपुट में डॉट लगाना भूल जाना।
• सत्यता सारणी में बाइनरी मानों (0 और 1) को उल्टा लिखना।
• तर्क संक्रिया का नाम गलत लिखना।

Exam Tips:

a) सार्वत्रिक गेट्स (Universal gates - NAND, NOR) के विभिन्न संयोजनों का अभ्यास करें।
b) सत्यता सारणी हमेशा स्पष्ट और बॉक्स बनाकर बनाएँ।
c) अंतिम निष्कर्ष में गेट का नाम (जैसे NOT गेट) स्पष्ट रूप से लिखें।

 

Question 14.13: आपको निम्न चित्र 14.38 में दर्शाए अनुसार परिपथ दिए गए हैं जिनमें NAND गेट जुड़े हैं। इन दोनों परिपथों द्वारा की जाने वाली तर्क संक्रियाओं का अभिनिर्धारण कीजिए।

Answer:

(a) बाएँ NAND गेट का आउटपुट \( \overline{AB} \) होगा, जैसा कि चित्र में दिखाया गया है:
दो NAND गेट के संयोजन का आउटपुट निम्नानुसार दिया गया है:
\( Y = \overline{(\overline{AB}) \cdot (\overline{AB})} = \overline{AB} + \overline{AB} = AB \)
यह सर्किट AND गेट के रूप में कार्य करता है।

(b) ऊपरी बाएँ NAND गेट का आउटपुट \( \bar{A} \) और निचले आधे NAND गेट का आउटपुट \( \bar{B} \) है:
NAND गेट्स के संयोजन का आउटपुट निम्नानुसार दिया जाएगा:
\( Y = \overline{\bar{A} \cdot \bar{B}} = \bar{\bar{A}} + \bar{\bar{B}} = A + B \)
यह परिपथ OR गेट के रूप में कार्य करता है।

मुख्य बिंदु:

• NAND गेट के संयोजन से मूल गेट (AND, OR, NOT) बनाए जा सकते हैं।
• डी-मॉर्गन के नियमों का उपयोग करके व्यंजकों को सरल किया जाता है।
• परिपथ (a) AND गेट और परिपथ (b) OR गेट की तरह कार्य करता है।

आम गलतियाँ:

• बूलियन व्यंजक को सरल करते समय बार (\( \bar{} \)) की संख्या में गलती करना।
• परिपथों के संयोजन को गलत पहचानना।
• तार्किक चरणों को बीच से गायब करना।

Exam Tips:

a) प्रत्येक NAND गेट के निर्गम को अलग से लिखकर आगे बढ़ाएँ।
b) व्यंजकों को सरल करने के लिए \( \overline{X \cdot X} = \bar{X} \) और \( \bar{\bar{X}} = X \) का प्रयोग करें।
c) परीक्षा में दोनों परिपथों के नाम (AND और OR) स्पष्ट रूप से रेखांकित करें।

 

Question 14.14: चित्र 14.39 में दिए गए NOR गेट युक्त परिपथ की सत्यमान सारणी लिखिए और इस परिपथ द्वारा अनुपालित तर्क संक्रियाओं (OR, AND, NOT) को अभिनिर्धारण कीजिए। (संकेत : A = 0, B = 1 तब दूसरे NOR गेट के निवेश A और B, 0 होंगे और इस प्रकार Y = 1 होगा। इसी प्रकार A और B के दूसरे संयोजनों के लिए Y के मान प्राप्त कीजिए। OR, AND, NOT द्वारों की सत्यमान सारणी से तुलना कीजिए और सही विकल्प प्राप्त कीजिए।)

Answer:

A और B दिए गए परिपथ के इनपुट हैं। पहले NOR गेट का आउटपुट \( \overline{A + B} \) है। यह निम्न आकृति से देखा जा सकता है कि पहले वाले का आउटपुट दूसरे NOR गेट के इनपुट बन जाते हैं:
इसलिए, संयोजन का आउटपुट निम्नानुसार दिया गया है:
\( Y = \overline{\overline{A + B} + \overline{A + B}} = \overline{\overline{A + B}} = A + B \)
इस संक्रिया की यथार्थ तालिका इस प्रकार है:
A = 0, B = 0, Y = 0
A = 0, B = 1, Y = 1
A = 1, B = 0, Y = 1
A = 1, B = 1, Y = 1
यह एक OR गेट की सत्य तालिका है। इसलिए, यह परिपथ OR गेट के रूप में कार्य करता है।

मुख्य बिंदु:

• NOR गेट के आगे जब एक और NOR गेट इस प्रकार जोड़ा जाए कि उसका इनपुट शॉर्ट हो जाए, तो वह OR गेट बन जाता है।
• सत्यता सारणी OR गेट की सत्यता सारणी से मेल खाती है।
• बूलियन फलन \( Y = A + B \) प्राप्त होता है।

आम गलतियाँ:

• NOR गेट के संचालन में योग और बार के नियम में भ्रमित होना।
• सत्यता सारणी के मानों को गलत भरना।
• संकेत का पालन न करना।

Exam Tips:

a) सत्यता सारणी बनाते समय सभी चार संभावित इनपुट संयोजनों (0,0; 0,1; 1,0; 1,1) को शामिल करें।
b) बूलियन समीकरण को चरणबद्ध तरीके से हल करके दिखाएं।
c) अंतिम उत्तर में गेट का नाम लिखना न भूलें।

 

Question 14.15: चित्र 14.5 में दर्शाएँ NOR गेट से बने परिपथ की सत्यमान सारणी बनाइए। दोनों परिपथों द्वारा अनुपालित तर्क संक्रियाओं (OR, AND, NOT) को अभिनिर्धारण कीजिए।

Answer:

NOR गेट के लिए A दो इनपुट के रूप में कार्य करता है, और Y आउटपुट है, जैसा कि निम्नलिखित चित्र में दिखाया गया है। इसलिए, परिपथ का आउटपुट \( \bar{A + A} \) है:
इस संक्रिया की यथार्थ तालिका इस प्रकार है:
A = 0, Y = 1
A = 1, Y = 0
यह एक NOT गेट की यथार्थ तालिका है। इसलिए, यह परिपथ एक NOT गेट के रूप में कार्य करता है।
(b) A और B अंतिम NOR गेट के लिए इनपुट हैं। इसलिए, सर्किट के लिए आउटपुट के रूप में लिखा जा सकता है:
\( Y = \overline{\bar{A} \cdot \bar{B}} = \bar{A} \cdot \bar{B} \)
इस संक्रिया की यथार्थ तालिका इस प्रकार है:
A = 0, B = 0, Y = 0
A = 0, B = 1, Y = 0
A = 1, B = 0, Y = 0
A = 1, B = 1, Y = 1
यह एक AND गेट की यथार्थ तालिका है। इसलिए, यह सर्किट AND गेट के रूप में कार्य करता है।

मुख्य बिंदु:

• जब NOR गेट के दोनों इनपुट को आपस में जोड़ दिया जाता है, तो यह NOT गेट बन जाता है।
• डी-मॉर्गन नियम से \( \overline{\bar{A} + \bar{B}} = A \cdot B \) होता है, जो AND गेट को दर्शाता है।
• सार्वत्रिक गेटों से मूल गेटों का निर्माण आसानी से किया जा सकता है।

आम गलतियाँ:

• बार का उपयोग करते समय त्रुटि करना।
• सत्यता सारणी में AND और OR के परिणामों को मिला देना।
• चित्र के इनपुट को सही से न पहचानना।

Exam Tips:

a) दोनों भागों (a) और (b) को अलग-अलग और स्पष्ट रूप से हल करें।
b) बूलियन व्यंजक के सरलीकरण के चरणों को अवश्य दर्शाएं।
c) सत्यता सारणी बनाकर गेट के प्रकार की पुष्टि करें।

 

Physics Class 12 Curriculum Solutions: Chapter 14 अर्धचालक पदार्थ युक्तियाँ तथा सरल परिपथ

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