NCERT Solutions Class 12 Physics Chapter 10 Wave Optics (तरंग प्रकाशिकी) Exercise Questions in Hindi

Step-by-Step Textbook Solutions for Class 12 Physics Chapter 10 तरंग प्रकाशिकी

Review structured textbook solutions for Class 12 Physics Chapter 10 तरंग प्रकाशिकी. Built according to NCERT guidelines for the 2026-27 academic year, these downloadable answers support daily revision and problem-solving accuracy.

Download Chapter 10 तरंग प्रकाशिकी Textbook Solutions PDF

Access the complete solution PDF for Class 12 Physics below. Regular practice with these targeted textbook answers builds familiarity with standard question patterns and helps secure higher marks in final school evaluations.

Question 10.1: 589 nm तरंगदैर्ध्य का एकवर्णीय प्रकाश वायु से जल की सतह पर आपतित होता है। (a) परावर्तित, तथा (b) अपवर्तित प्रकाश की तरंगदैर्ध्य, आवृत्ति तथा चाल क्या होगी? जल का अपवर्तनांक 1.33 है।

Answer:

दिया गया है:
आपतित एकवर्णीय प्रकाश की तरंगदैर्ध्य \( \lambda = 589 \text{ nm} = 589 \times 10^{-9} \text{ m} \)
वायु में प्रकाश की चाल \( c = 3 \times 10^8 \text{ m/s} \)
जल का अपवर्तनांक \( \mu = 1.33 \)
(a) किरण उसी माध्यम में परावर्तित होगी जैसे कि आपतित किरण। इसलिए, परावर्तित किरण की तरंगदैर्ध्य, गति और आवृत्ति आपतित किरण की तरह ही होगी।
प्रकाश की आवृत्ति \( \nu = \frac{c}{\lambda} \)
\( \nu = \frac{3 \times 10^8}{589 \times 10^{-9}} \)
\( \nu = 5.09 \times 10^{14} \text{ Hz} \)
इसलिए, परावर्तित प्रकाश की गति, आवृत्ति और तरंग दैर्ध्य क्रमशः \( 3 \times 10^8 \text{ m/s} \), \( 5.09 \times 10^{14} \text{ Hz} \) और \( 589 \text{ nm} \) हैं।
(b) प्रकाश की आवृत्ति उस माध्यम केगुण पर निर्भर नहीं करती है जिसमें वह गमन कर रहा है। इसलिए, पानी में अपवर्तित किरण की आवृत्ति आपतित किरणकी आवृत्ति के बराबर होगी या वायु में परावर्तित प्रकाश के बराबर होगी।
अपवर्तित आवृत्ति, \( \nu = 5.09 \times 10^{14} \text{ Hz} \)
पानी में प्रकाश की गति पानी के अपवर्तक सूचकांक से संबंधित है: \( v = \frac{c}{\mu} \)
\( v = \frac{3 \times 10^8}{1.33} = 2.26 \times 10^8 \text{ m/s} \)
प्रकाश की पानी में तरंगदैर्ध्यों निम्न सम्बन्ध से प्रकट कर सकते हैं:
\( \lambda = \frac{v}{\nu} \)
\( \lambda = \frac{2.26 \times 10^8}{5.09 \times 10^{14}} = 444.007 \times 10^{-9} \)
\( \Rightarrow m = 444.01 \text{ nm} \)
इसलिए, अपवर्तित प्रकाश की गति, आवृत्ति और तरंग दैर्ध्य क्रमशः \( 2.26 \times 10^8 \text{ m/s} \), \( 444.01 \text{ nm} \) और \( 5.09 \times 10^{14} \text{ Hz} \) हैं।

मुख्य बिंदु:

• परावर्तित प्रकाश की आवृत्ति और तरंगदैर्ध्य आपतित प्रकाश के समान रहते हैं।
• माध्यम बदलने पर प्रकाश की चाल और तरंगदैर्ध्य बदल जाते हैं, लेकिन आवृत्ति अपरिवर्तित रहती है।
• अपवर्तनांक माध्यम में प्रकाश की चाल को निर्धारित करता है।

आम गलतियाँ:

• परावर्तित प्रकाश के लिए माध्यम के अपवर्तनांक का उपयोग करना।
• आवृत्ति को माध्यम बदलने पर परिवर्तित कर देना।
• इकाई रूपांतरण में घात (power) की गलती करना।

Exam Tips:

a) हमेशा याद रखें कि परावर्तन में चाल, आवृत्ति और तरंगदैर्ध्य नहीं बदलते।
b) अपवर्तन के समय आवृत्ति स्थिर रहती है जबकि चाल और तरंगदैर्ध्य \( \mu \) के गुणांक से बदलते हैं।
c) गणना करते समय मानक इकाइयों (SI units) का ही प्रयोग करें।

 

Question 10.2: निम्नलिखित दशाओं में प्रत्येक तरंगाग्र की आकृति क्या है?
(a) किसी बिन्दु स्रोत से अपसरित प्रकाश।
(b) उत्तल लेंस से निर्गम प्रकाश, जिसके फोकस बिन्दु पर कोई बिन्दु स्रोत रखा है।
(c) किसी दूरस्थ तारे से आने वाले प्रकाश की पुंशी द्वारा अवरोधित (Intercepted) भाग।

Answer:

(a) एक बिंदु स्रोत से प्रकाश सभी दिशाओं में फैलता है, इसलिए इससे निकलने वाले तरंगाग्र का आकार गोलाकार होता है।
(b) जब किसी बिन्दु स्रोत को उत्तल लेंस के फोकस पर रखा जाता है, तो लेंस से अपवर्तन के पश्चात किरणें मुख्य अक्ष के समांतर हो जाती हैं। अतः इससे बनने वाला तरंगाग्र समतल होता है।
(c) पृथ्वी से देखने पर अत्यधिक दूर स्थित तारे से आने वाले प्रकाश की तरंगाग्र अत्यंत बड़ी त्रिज्या के गोले का छोटा सा भाग होती है, जिसे प्रेक्षण क्षेत्र में समतल तरंगाग्र माना जा सकता है।

मुख्य बिंदु:

• बिंदु स्रोत से निकलने वाला तरंगाग्र गोलाकार (Spherical) होता है।
• समांतर किरणों का तरंगाग्र समतल (Planar) होता है।
• अनंत या बहुत दूर स्थित स्रोत से आने वाला तरंगाग्र समतल हो जाता है।

आम गलतियाँ:

• दूरस्थ तारे के तरंगाग्र को गोलाकार ही लिख देना जबकि वह समतल माना जाता है।
• उत्तल लेंस से निकलने वाले प्रकाश के तरंगाग्र को गोलाकार बताना।

Exam Tips:

a) स्रोतों की स्थिति (बिंदु स्रोत, फोकस, दूरस्थ स्रोत) को ध्यान से पढ़कर तरंगाग्र का प्रकार पहचानें।
b) परिभाषा के साथ संक्षिप्त कारण भी दें।
c) रेखाचित्र बनाकर उत्तर की पुष्टि करना उत्तम रहता है।

 

Question 10.3: (a) काँच का अपवर्तनांक 1.5 है। काँच में प्रकाश की चाल क्या होगी? (निर्वात में प्रकाश की चाल \( 3.0 \times 10^8 \text{ m/s} \) है।)
(b) क्या काँच में प्रकाश की चाल, प्रकाश के रंग पर निर्भर करती है? यदि हाँ, तो लाल तथा बैंगनी में से कौन-सा रंग काँच के प्रिज्म में धीमा चलता है?

Answer:

(a) दिया गया है:
काँच का अपवर्तनांक \( \mu = 1.5 \)
प्रकाश की चाल \( c = 3 \times 10^8 \text{ m/s} \)
काँच में प्रकाश की चाल \( v = \frac{c}{\mu} \)
\( v = \frac{3 \times 10^8}{1.5} = 2 \times 10^8 \text{ m/s} \)
इसलिए, काँच में प्रकाश की चाल \( 2 \times 10^8 \text{ m/s} \) है।
(b) काँच में प्रकाश की गति प्रकाश के रंग पर निर्भर करती है क्योंकि विभिन्न रंगों के लिए काँच का अपवर्तनांक भिन्न होता है (वर्ण-विक्षेपण)।
बैंगनी प्रकाश का अपवर्तनांक लाल प्रकाश की तुलना में अधिक होता है। इसलिए, काँच में लाल प्रकाश की गति की तुलना में बैंगनी प्रकाश की गति कम होती है। अतः बैंगनी प्रकाश काँच के प्रिज्म में लाल प्रकाश की तुलना में धीमी गति से गति करता है।

मुख्य बिंदु:

• माध्यम में प्रकाश की चाल \( v = c/\mu \) होती है।
• अपवर्तनांक तरंगदैर्ध्य पर निर्भर करता है (कोशी का संबंध), जिससे रंगों के अनुसार चाल बदलती है।
• बैंगनी रंग का अपवर्तनांक अधिक होने के कारण काँच में उसकी चाल सबसे कम होती है।

आम गलतियाँ:

• सभी रंगों के लिए प्रकाश की चाल समान मान लेना।
• लाल और बैंगनी रंग के अपवर्तनांक के संबंध में भ्रमित होना।

Exam Tips:

a) संख्यात्मक भाग में मात्रक \( \text{m/s} \) लिखना न भूलें।
b) वर्ण-विक्षेपण के सिद्धांत को स्पष्ट रूप से समझें।
c) स्पष्ट करें कि कम चाल का अर्थ अधिक अपवर्तनांक से है।

 

Question 10.4: यंग के द्विझिरी प्रयोग में झिरियों के बीच की दूरी \( 0.28 \text{ mm} \) तथा पर्दा \( 1.4 \text{ m} \) की दूरी पर रखा गया है। केन्द्रीय दीप्त फ्रिंज एवं चतुर्थ दीप्त फ्रिंज के बीच की दूरी \( 1.2 \text{ cm} \) मापी गई है। प्रयोग में उपयोग किए गए प्रकाश की तरंगदैर्ध्य ज्ञात कीजिए।

Answer:

झिरियों के बीच की दूरी, \( d = 0.28 \text{ mm} = 0.28 \times 10^{-3} \text{ m} \)
झिरियों तथा पर्दे के बीच की दूरी, \( D = 1.4 \text{ m} \)
केन्द्रीय फ्रिंज और चौथे (\( n = 4 \)) फ्रिंज के बीच की दूरी,
\( u = 1.2 \text{ cm} = 1.2 \times 10^{-2} \text{ m} \)
एक रचनात्मक हस्तक्षेप के मामले में, दो फ्रिंज के बीच की दूरी के रूप में संबंध है:
\( u = n\lambda\frac{D}{d} \)
जहाँ, \( n = \) फ्रिंज की श्रेणी तथा \( \lambda = \) प्रयुक्त प्रकाश की तरंगदैर्ध्य
\( \lambda = \frac{ud}{nD} = \frac{1.2 \times 10^{-2} \times 0.28 \times 10^{-3}}{4 \times 1.4} = 6 \times 10^{-7} = 600 \text{ nm} \)
इसलिए, प्रकाश की तरंगदैर्ध्य \( 600 \text{ nm} \) है।

मुख्य बिंदु:

• यंग के द्विझिरी प्रयोग में फ्रिंज चौड़ाई \( \beta = \frac{\lambda D}{d} \) होती है।
• केंद्रीय फ्रिंज से n-वीं दीप्त फ्रिंज की दूरी \( x_n = \frac{n\lambda D}{d} \) होती है।
• सभी दूरियों को मानक SI मात्रक (मीटर) में बदलना आवश्यक है।

आम गलतियाँ:

• \( \text{mm} \) और \( \text{cm} \) को मीटर में बदलते समय घात की गलती करना।
• n का मान गलत रखना (जैसे चतुर्थ फ्रिंज के लिए 4 की जगह 3 रखना)।

Exam Tips:

a) मान रखते समय सभी राशियों की इकाइयां एक ही पद्धति (मीटर) में होनी चाहिए।
b) अंतिम उत्तर को नैनोमीटर (\( \text{nm} \)) या एंगस्ट्रॉम (\( \text{\AA} \)) में व्यक्त करना अधिक सुविधाजनक होता है।
c) सूत्र स्पष्ट रूप से लिखकर मान प्रतिस्थापित करें।

 

Question 10.5: यंग के द्विझिरी प्रयोग में, \( \lambda \) तरंगदैर्ध्य का एकवर्णीय प्रकाश उपयोग करने पर, पर्दे के एक बिन्दु पर जहाँ पथांतर \( \lambda \) है, प्रकाश की तीव्रता \( K \) इकाई है। उस बिन्दु पर प्रकाश की तीव्रता कितनी होगी जहाँ पथांतर \( \lambda/3 \) है?

Answer:

माना \( I_1 \) और \( I_2 \) दो प्रकाश तरंगों की तीव्रता हैं। उनके परिणामी तीव्रता को प्राप्त कर सकते हैं:
\( I' = I_1 + I_2 + 2\sqrt{I_1I_2} \cos\phi \)
जहाँ, \( \phi = \) दो एक वर्णीय प्रकाश तरंगों के बीच कलांतर
\( I_1 = I_2 \Rightarrow I' = I_1 + I_1 + 2\sqrt{I_1I_1} \cos\phi = 2I_1 + 2I_1 \cos\phi \)
कलांतर = \( \frac{2\pi}{\lambda} \times \) पथांतर
पथांतर = \( \lambda \), इसलिए कलांतर, \( \phi = 2\pi \)
\( \Rightarrow I' = 2I_1 + 2I_1 + 4I_1 = \dots \) (1)
दिया गया है, \( I' = K \), इसलिए \( I_1 = \frac{K}{4} \)
जब पथांतर = \( \lambda/3 \), तब कलांतर, \( \phi = \frac{2\pi}{3} \)
इसलिए, परिणामी तीव्रता,
\( I'_R = I_1 + I_2 + 2\sqrt{I_1I_2} \cos\frac{2\pi}{3} = 2I_1 + 2I_1 \left(-\frac{1}{2}\right) = I_1 \)
समीकरण (1), के प्रयोग से हम लिख सकते हैं:
\( I_R = I_1 = \frac{K}{4} \)
इसलिए, एक बिंदु पर प्रकाश की तीव्रता जहाँ पथांतर \( \frac{\lambda}{3} \) है \( \frac{K}{4} \) यूनिट्स होगा।

मुख्य बिंदु:

• परिणामी तीव्रता का सूत्र \( I = I_1 + I_2 + 2\sqrt{I_1I_2}\cos\phi \) होता है।
• कलांतर (\( \phi \)) और पथांतर (\( \Delta x \)) में संबंध \( \phi = \frac{2\pi}{\lambda} \Delta x \) होता है।
• \( \cos\left(\frac{2\pi}{3}\right) \) का मान \( -\frac{1}{2} \) होता है।

आम गलतियाँ:

• पथांतर से सीधे तीव्रता निकालने की कोशिश करना, कलांतर की उपेक्षा करना।
• त्रिकोणमितीय मान (जैसे \( \cos(120^\circ) \)) रखने में चिन्ह की गलती करना।

Exam Tips:

a) पथांतर से कलांतर निकालने वाले सूत्र को चरणबद्ध तरीके से हल करें।
b) दोनों तरंगों की तीव्रता समान (\( I_0 \) या \( I_1 \)) मानकर गणना को सरल बनाएं।
c) अंतिम उत्तर को दिए गए चर \( K \) के पदों में व्यक्त करें।

 

Question 10.6: यंग के द्विझिरी प्रयोग में व्यतिकरण फ्रिंजों को प्राप्त करने के लिए \( 650 \text{ nm} \) तथा \( 520 \text{ nm} \) तरंगदैर्ध्यों के प्रकाश-पुंज का उपयोग किया गया।
(a) \( 650 \text{ nm} \) तरंगदैर्ध्य के लिए पर्दे पर तीसरे दीप्त फ्रिंज की केन्द्रीय उच्चिष्ठ की दूरी ज्ञात कीजिए।
(b) केन्द्रीय उच्चिष्ठ से उस न्यूनतम दूरी को ज्ञात कीजिए जहाँ दोनों तरंगदैर्ध्यों के कारण दीप्त फ्रिंज संपाती (coincide) होते हैं। (दिया है, \( D = 120 \text{ cm} \) तथा \( d = 2 \text{ mm} \))

Answer:

एक प्रकाश पुंज का तरंग दैर्ध्य, \( \lambda_1 = 650 \text{ nm} \)
दूसरे प्रकाश पुंज का तरंग दैर्ध्य, \( \lambda_2 = 520 \text{ nm} \)
पर्दे से झिरियों की दूरी = \( D \)
दो झिरियों के बीच की दूरी = \( d \)
(a) केंद्रीय अधिकतम से स्क्रीन पर \( n \) वीं उज्जवल फ्रिंज की दूरी निम्नलिखित द्वारा दी गई है,
\( x = n\lambda_1\left(\frac{D}{d}\right) \)
तीसरी उज्जवल फ्रिंज के लिए, \( n = 3 \)
\( x = 3 \times 650 \frac{D}{d} = 1950\left(\frac{D}{d}\right) \text{ nm} \)
(b) माना तरंग दैर्ध्य \( \lambda_2 \) के कारण \( n \) वीं दीप्त फ्रिंज और तरंग दैर्ध्य \( \lambda_1 \) के कारण \( (n-1) \)th वें दीप्त फ्रिंज को स्क्रीन पर सम्पाती करने पर।
हम दीप्त फ्रिंज के लिए स्थितियों की बराबरी कर सकते हैं: \( n\lambda_2 = (n-1)\lambda_1 \)
\( \Rightarrow 520n = 650n - 650 \)
\( \Rightarrow 650 = 130n \Rightarrow n = 5 \)
इसलिए, केंद्रीय अधिकतम से कम से कम दूरी निम्न संबंध द्वारा प्राप्त की जा सकती है:
\( x = n\lambda_2\frac{D}{d} \Rightarrow 5 \times 520\frac{D}{d} = 2600\frac{D}{d} \text{ nm} \)

मुख्य बिंदु:

• दीप्त फ्रिंज की स्थिति का सूत्र \( x_n = \frac{n\lambda D}{d} \) है।
• संपाती (coincidence) की स्थिति में दोनों तरंगों के कारण फ्रिंज की स्थिति \( x \) समान होती है।
• न्यूनतम दूरी के लिए पूर्णांक \( n \) की गणना की जाती है।

आम गलतियाँ:

• संपाती स्थिति में समीकरण बनाते समय \( n \) और \( (n-1) \) का गलत चयन करना।
• \( D \) और \( d \) के मानों को सूत्र में बिना बदले छोड़ देना जबकि आनुपातिक रूप से हल करना आसान होता है।

Exam Tips:

a) भाग (b) के लिए समीकरण \( n_1\lambda_1 = n_2\lambda_2 \) का प्रयोग सावधानी से करें।
b) यदि \( D \) और \( d \) के मान अंतिम चरण में आवश्यक हों तभी रखें, अन्यथा उन्हें प्रतीकात्मक रूप में रहने दें।
c) इकाई का विशेष ध्यान रखें।

 

Question 10.7: एक द्विझिरी प्रयोग में एक मीटर दूर रखे पर पर्दे पर एक फ्रिंज की कोणीय चौड़ाई \( 0.2^\circ \) पाई गई है। उपयोग किए गए प्रकाश की तरंगदैर्ध्य \( 600 \text{ nm} \) है। यदि पूरा प्रायोगिक उपकरण जल में डुबो दिया जाए तो फ्रिंज की कोणीय चौड़ाई क्या होगी? जल का अपवर्तनांक \( 4/3 \) लीजिए।

Answer:

प पर्दे से झिरियों की दूरी, \( D = 1 \text{ m} \)
प्रयुक्त प्रकाश की तरंग दैर्ध्य, \( \lambda_1 = 600 \text{ nm} \)
हवा में फ्रिंज की कोणीय चौड़ाई, \( \theta_1 = 0.2^\circ \)
पानी में फ्रिंज की कोणीय चौड़ाई = \( \theta_2 \)
पानी का अपवर्तनांक, \( \mu = \frac{4}{3} \)
अपवर्तनांक का कोणीय चौड़ाई से सम्बन्ध इस प्रकार है:
\( \mu = \frac{\theta_1}{\theta_2} \Rightarrow \theta_2 = \frac{\theta_1}{\mu} = \frac{3}{4} \times 0.2 = 0.15^\circ \)
इसलिए, पानी में फ्रिंज की कोणीय चौड़ाई \( 0.15^\circ \) तक कम हो जाएगी।

मुख्य बिंदु:

• फ्रिंज की कोणीय चौड़ाई \( \theta = \frac{\lambda}{d} \) होती है।
• माध्यम बदलने पर तरंगदैर्ध्य \( \lambda' = \frac{\lambda}{\mu} \) हो जाती है।
• कोणीय चौड़ाई भी उसी अनुपात में \( \frac{1}{\mu} \) गुना हो जाती है।

आम गलतियाँ:

• कोणीय चौड़ाई को रैखिक चौड़ाई समझकर \( D \) से गुणा कर देना।
• अपवर्तनांक से भाग देने के बजाय गुणा कर देना।

Exam Tips:

a) याद रखें कि कोणीय चौड़ाई पर्दे की दूरी \( D \) पर निर्भर नहीं करती है।
b) माध्यम में जाने पर तरंगदैर्ध्य और कोणीय चौड़ाई दोनों घट जाती हैं।
c) सीधे संबंध \( \theta_2 = \frac{\theta_1}{\mu} \) का उपयोग करके समय बचाएं।

 

Question 10.8: वायु से काँच में संक्रमण (transition) के लिए बूस्टर कोण क्या है? (काँच का अपवर्तनांक = 1.5)

Answer:

काँच का अपवर्तनांक, \( \mu = 1.5 \)
ब्रूस्टर कोण = \( \theta \)
ब्रूस्टर कोण और अपवर्तनांक का सम्बन्ध इस प्रकार है:
\( \tan\theta = \mu \Rightarrow \theta = \tan^{-1}(1.5) = 56.31^\circ \)
इसलिए, हवा से काँच के संक्रमण के लिए बूस्टर कोण \( 56.31^\circ \) है।

मुख्य बिंदु:

• ब्रूस्टर का नियम कहता है कि \( \tan\theta_p = \mu \), जहाँ \( \theta_p \) ब्रूस्टर कोण है।
• इस कोण पर आपतित होने पर परावर्तित प्रकाश पूरी तरह ध्रुवित (polarized) हो जाता है।
• परावर्तित और अपवर्तित किरणें परस्पर लंबवत होती हैं।

आम गलतियाँ:

• \( \sin \) या \( \cos \) का प्रयोग ब्रूस्टर नियम में कर देना।
• व्युत्क्रम स्पर्शज्या (\( \tan^{-1} \)) निकालते समय गणना में गलती करना।

Exam Tips:

a) ब्रूस्टर के नियम का सूत्र \( \mu = \tan i_p \) हमेशा याद रखें।
b) यदि मान सीधा याद न हो तो उत्तर को \( \tan^{-1}(1.5) \) के रूप में भी छोड़ा जा सकता है।
c) कोण को डिग्री में स्पष्ट रूप से लिखें।

 

Question 10.9: \( 5000 \text{ \AA} \) तरंगदैर्ध्य का प्रकाश एक समतल परावर्तक सतह पर आपतित होता है। परावर्तित प्रकाश की तरंगदैर्ध्य एवं आवृत्ति क्या है? आपतन कोण के किस मान के लिए परावर्तित किरण आपतित किरण के लम्बवत होगी?

Answer:

आपतित प्रकाश की तरंग दैर्ध्य, \( \lambda = 5000 \text{ \AA} = 5000 \times 10^{-10} \text{ m} \)
प्रकाश की चाल, \( c = 3 \times 10^8 \text{ m/s} \)
आपतित प्रकाश की आवृत्ति,
\( \nu = \frac{c}{\lambda} = \frac{3 \times 10^8}{5000 \times 10^{-10}} = 6 \times 10^{14} \text{ Hz} \)
आपतित प्रकाश की तरंग दैर्ध्य और आवृत्ति परावर्तित किरण के समान होती है। इसलिए, परावर्तित प्रकाश की तरंग दैर्ध्य \( 5000 \text{ \AA} \) है और इसकी आवृत्ति \( 6 \times 10^{14} \text{ Hz} \) है। जब परावर्तित किरण, आपतित किरण के लिए लम्बवत होती है, आपतन कोण \( i \) और परावर्तन कोण \( r \) का योग \( 90^\circ \) होता है।
परावर्तन के नियम के अनुसार, आपतन कोण हमेशा परावर्तन कोण के बराबर होता है। इसलिए, हम योग को इस प्रकार लिख सकते हैं:
\( \angle i + \angle r = 90 \Rightarrow \angle i + \angle i = 90 \Rightarrow \angle i = \frac{90}{2} = 45^\circ \)
इसलिए, दी गई स्थिति के लिए आपतन कोण \( 45^\circ \) है।

मुख्य बिंदु:

• परावर्तन के कारण प्रकाश की आवृत्ति और तरंगदैर्ध्य में कोई परिवर्तन नहीं होता।
• परावर्तन का नियम कहता है कि आपतन कोण \( i \), परावर्तन कोण \( r \) के बराबर होता है (\( i = r \)).
• यदि आपतित और परावर्तित किरणें लंबवत हों, तो \( i + r = 90^\circ \) होता है।

आम गलतियाँ:

• परावर्तन के बाद तरंगदैर्ध्य या आवृत्ति बदल देना।
• \( i + r = 90^\circ \) से \( i \) निकालते समय \( i = r \) का उपयोग न करना।

Exam Tips:

a) यह प्रश्न वैचारिक और गणनात्मक दोनों का मिलाजुला रूप है, इसलिए प्रत्येक चरण को स्पष्ट करें।
b) परावर्तन के मूल नियमों को ध्यान में रखें।
c) इकाई का सही रूपांतरण (\( \text{\AA} \) से m) करें।

 

Question 10.10: उस दूरी का आकलन कीजिए जिसके लिए किसी \( 4 \text{ mm} \) के आकार के द्वारक तथा \( 400 \text{ nm} \) तरंगदैर्ध्य के प्रकाश के लिए किरण प्रकाशिकी संनिकट रूप से लागू होती है।

Answer:

फ्रेनेल की दूरी (\( z_F \)) वह दूरी है जिसके लिए किरण प्रकाशिकी एक अच्छा संनिकटन है। इसको निम्न संबंध द्वारा दिया गया है,
\( z_F = \frac{a^2}{\lambda} \)
जहाँ, द्वारक की चौड़ाई, \( a = 4 \text{ mm} = 4 \times 10^{-3} \text{ m} \)
प्रकाश की तरंगदैर्ध्य, \( \lambda = 400 \text{ nm} = 400 \times 10^{-9} \text{ m} \)
\( z_F = \frac{(4 \times 10^{-3})^2}{400 \times 10^{-9}} = \frac{16 \times 10^{-6}}{400 \times 10^{-9}} = 40 \text{ m} \)
इसलिए, जिस दूरी के लिए किरण प्रकाशिकी एक अच्छा संनिकटन है, वह 40 मीटर है।

मुख्य बिंदु:

• फ्रेनेल दूरी (Fresnel distance) का सूत्र \( z_F = \frac{a^2}{\lambda} \) होता है।
• यह वह दूरी है जहाँ विवर्तन का प्रभाव द्वारक के आकार की तुलना में महत्वपूर्ण हो जाता है।
• इस दूरी के भीतर किरण प्रकाशिकी वैध होती है।

आम गलतियाँ:

• मिलीमीटर और नैनोमीटर को मानक मीटर में बदलना भूल जाना।
• वर्ग (\( a^2 \)) करते समय घात की गणना गलत करना।

Exam Tips:

a) फ्रेनेल दूरी का सूत्र परीक्षा के दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण है, इसे अच्छी तरह याद रखें।
b) घातों का सरलतीकरण सावधानीपूर्वक करें ताकि कैलकुलेशन में गलती न हो।
c) उत्तर के साथ उचित मात्रक (\( \text{m} \)) अवश्य लिखें।

 

Physics Class 12 Curriculum Solutions: Chapter 10 तरंग प्रकाशिकी

Textbook Solutions for Class 12 Physics Chapter 10 तरंग प्रकाशिकी

Review comprehensive exercise answers for Class 12 Physics Chapter 10 तरंग प्रकाशिकी. Fully updated to match current NCERT syllabus guidelines, these textbook solutions help students verify their work and maintain accurate study notes.

Mastering Theoretical and Practical Questions

Beyond providing final answers, these guides offer step-by-step breakdowns for complex queries in the Class 12 Physics module. This approach helps students balance theoretical depth with practical problem-solving skills required for NCERT exams.

Effective Self-Study and Homework Assistance

Consistent practice with these solution guides cultivates faster problem-solving habits and clearer logical structuring. For a complete preparation experience, pair these textbook answers with our dedicated revision notes and sample papers for Class 12 Physics.

FAQs

Where can I find the latest NCERT Solutions Class 12 Physics Chapter 10 Wave Optics (तरंग प्रकाशिकी) Exercise Questions in Hindi for the 2026-27 session?

The complete and updated NCERT Solutions Class 12 Physics Chapter 10 Wave Optics (तरंग प्रकाशिकी) Exercise Questions in Hindi is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 12 Physics are as per latest NCERT curriculum.

Are the Physics NCERT solutions for Class 12 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the NCERT Solutions Class 12 Physics Chapter 10 Wave Optics (तरंग प्रकाशिकी) Exercise Questions in Hindi as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Physics concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 12 NCERT solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using NCERT language because NCERT marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our NCERT Solutions Class 12 Physics Chapter 10 Wave Optics (तरंग प्रकाशिकी) Exercise Questions in Hindi will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer NCERT Solutions Class 12 Physics Chapter 10 Wave Optics (तरंग प्रकाशिकी) Exercise Questions in Hindi in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 12 Physics. You can access NCERT Solutions Class 12 Physics Chapter 10 Wave Optics (तरंग प्रकाशिकी) Exercise Questions in Hindi in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Physics NCERT solutions for Class 12 as a PDF?

Yes, you can download the entire NCERT Solutions Class 12 Physics Chapter 10 Wave Optics (तरंग प्रकाशिकी) Exercise Questions in Hindi in printable PDF format for offline study on any device.