Official NCERT Solutions for Class 12 Mathematics: Chapter 04 सारणिक
Explore reliable textbook solutions for Chapter 04 सारणिक tailored for Class 12 learners. Utilizing these Mathematics answers ensures thorough preparation and strengthens foundational knowledge before final NCERT evaluations.
Chapter-wise Solutions for Mathematics: Chapter 04 सारणिक
Access the complete solution PDF for Class 12 Mathematics below. Regular practice with these targeted textbook answers builds familiarity with standard question patterns and helps secure higher marks in final school evaluations.
Question 1: सिद्ध कीजिए कि सारणिक \( \begin{vmatrix} x & \sin \theta & \cos \theta \\ - \sin \theta & - x & 1 \\ \cos \theta & 1 & x \end{vmatrix} \), \( \theta \) से स्वतंत्र है।
Answer:
मान लीजिए दी गई सारणिक \( \Delta \) है:
\( \Delta = \begin{vmatrix} x & \sin \theta & \cos \theta \\ - \sin \theta & - x & 1 \\ \cos \theta & 1 & x \end{vmatrix} \)
प्रथम पंक्ति के अनुदिश सारणिक का प्रसार करने पर:
\( \Delta = x \begin{vmatrix} - x & 1 \\ 1 & x \end{vmatrix} - \sin \theta \begin{vmatrix} - \sin \theta & 1 \\ \cos \theta & x \end{vmatrix} + \cos \theta \begin{vmatrix} - \sin \theta & - x \\ \cos \theta & 1 \end{vmatrix} \)
सारणिकों को हल करने पर:
\( = x (- x^2 - 1) - \sin \theta (- x \sin \theta - \cos \theta) + \cos \theta (- \sin \theta + x \cos \theta) \)
व्यंजक को गुणा करके सरल करने पर:
\( = - x^3 - x + x \sin^2 \theta + \sin \theta \cos \theta - \sin \theta \cos \theta + x \cos^2 \theta \)
समान पदों को संयोजित करने पर:
\( = - x^3 - x + x(\sin^2 \theta + \cos^2 \theta) \)
चूँकि \( \sin^2 \theta + \cos^2 \theta = 1 \) होता है:
\( = - x^3 - x + x(1) \)
\( = - x^3 - x + x = - x^3 \)
स्पष्ट है कि परिणामी मान \( - x^3 \) में \( \theta \) नहीं है, अत: यह \( \theta \) से स्वतंत्र है।
मुख्य बिंदु:
• किसी पंक्ति या स्तंभ के अनुदिश प्रसार करके सारणिक का मान ज्ञात किया जा सकता है।
• त्रिकोणमितीय सर्वसमिका \( \sin^2 \theta + \cos^2 \theta = 1 \) का प्रयोग किया गया है।
• परिणाम में \( \theta \) का पद न होना यह सिद्ध करता है कि मान \( \theta \) से स्वतंत्र है।
आम गलतियाँ:
• प्रसार करते समय चिह्न (+, -) की गलती करना।
• त्रिकोणमितीय मानों को हल करते समय गुणा में त्रुटि करना।
• अंतिम चरण में \( \sin^2 \theta + \cos^2 \theta = 1 \) का उपयोग न करना।
Exam Tips:
a) सारणिक का प्रसार हमेशा उस पंक्ति या स्तंभ के सापेक्ष करें जिसमें अधिकतम शून्य हों।
b) गणना के प्रत्येक चरण में चिह्नों की सावधानीपूर्वक जाँच करें।
c) अंतिम उत्तर स्पष्ट रूप से लिखें कि व्यंजक \( \theta \) पर निर्भर नहीं करता।
Question 2: सारणिक का प्रसरण किए बिना सिद्ध कीजिए कि \( \begin{vmatrix} a & a^2 & bc \\ b & b^2 & ca \\ c & c^2 & ab \end{vmatrix} = \begin{vmatrix} 1 & a^2 & a^3 \\ 1 & b^2 & b^3 \\ 1 & c^2 & c^3 \end{vmatrix} \)
Answer:
बायाँ पक्ष लेने पर:
\( \text{LHS} = \begin{vmatrix} a & a^2 & bc \\ b & b^2 & ca \\ c & c^2 & ab \end{vmatrix} \)
प्रथम, द्वितीय और तृतीय पंक्तियों को क्रमशः \( a, b, c \) से गुणा और भाग करने पर:
\( = \frac{1}{abc} \begin{vmatrix} a^2 & a^3 & abc \\ b^2 & b^3 & abc \\ c^2 & c^3 & abc \end{vmatrix} \)
तृतीय स्तंभ \( C_3 \) से \( abc \) उभयनिष्ठ लेने पर:
\( = \frac{abc}{abc} \begin{vmatrix} a^2 & a^3 & 1 \\ b^2 & b^3 & 1 \\ c^2 & c^3 & 1 \end{vmatrix} \)
\( = \begin{vmatrix} a^2 & a^3 & 1 \\ b^2 & b^3 & 1 \\ c^2 & c^3 & 1 \end{vmatrix} \)
अब स्तंभों का आपस में विनिमय करने पर (\( C_1 \leftrightarrow C_2 \)):
\( = (-1)^1 \begin{vmatrix} a^3 & a^2 & 1 \\ b^3 & b^2 & 1 \\ c^3 & c^2 & 1 \end{vmatrix} \)
पुनः स्तंभों का विनिमय करने पर (\( C_2 \leftrightarrow C_3 \)):
\( = (-1)^2 \begin{vmatrix} a^3 & 1 & a^2 \\ b^3 & 1 & b^2 \\ c^3 & 1 & c^2 \end{vmatrix} \)
पुनः स्तंभों का विनिमय करने पर (\( C_1 \leftrightarrow C_2 \)):
\( = (-1)^3 \begin{vmatrix} 1 & a^3 & a^2 \\ 1 & b^3 & b^2 \\ 1 & c^3 & c^2 \end{vmatrix} \)
अंत में \( C_2 \) और \( C_3 \) को आपस में बदलने पर दाहिना पक्ष प्राप्त होता है:
\( = \begin{vmatrix} 1 & a^2 & a^3 \\ 1 & b^2 & b^3 \\ 1 & c^2 & c^3 \end{vmatrix} = \text{RHS} \)
मुख्य बिंदु:
• सारणिक के किसी पंक्ति या स्तंभ को किसी संख्या से गुणा और भाग करने पर मान अपरिवर्तित रहता है।
• सारणिक में किन्हीं दो पंक्तियों या स्तंभों को आपस में बदलने पर सारणिक का चिह्न बदल जाता है।
• गुणों का सही क्रम में उपयोग करके बिना प्रसार किए सिद्ध किया जा सकता है।
आम गलतियाँ:
• स्तंभों या पंक्तियों के विनिमय के समय (-1) की घात लगाना भूल जाना।
• उभयनिष्ठ लेते समय भाग देना भूल जाना।
Exam Tips:
a) सारणिक के गुणधर्मों का प्रयोग करते समय प्रत्येक संक्रिया को कोष्ठक में स्पष्ट रूप से लिखें।
b) विनिमय करते समय (-1) के चिह्न का विशेष ध्यान रखें।
c) चरण-दर-चरण हल करें ताकि गलती की संभावना कम हो।
Question 3: \( \begin{vmatrix} \cos \alpha \cos \beta & \cos \alpha \sin \beta & - \sin \alpha \\ - \sin \beta & \cos \beta & 0 \\ \sin \alpha \cos \beta & \sin \alpha \sin \beta & \cos \alpha \end{vmatrix} \) का मान ज्ञात कीजिए।
Answer:
मान लीजिए दी गई सारणिक \( \Delta \) है:
\( \Delta = \begin{vmatrix} \cos \alpha \cos \beta & \cos \alpha \sin \beta & - \sin \alpha \\ - \sin \beta & \cos \beta & 0 \\ \sin \alpha \cos \beta & \sin \alpha \sin \beta & \cos \alpha \end{vmatrix} \)
तृतीय स्तंभ \( C_3 \) के अनुदिश प्रसार करने पर:
\( \Delta = - \sin \alpha \begin{vmatrix} - \sin \beta & \cos \beta \\ \sin \alpha \cos \beta & \sin \alpha \sin \beta \end{vmatrix} - 0 + \cos \alpha \begin{vmatrix} \cos \alpha \cos \beta & \cos \alpha \sin \beta \\ - \sin \beta & \cos \beta \end{vmatrix} \)
सारणिकों को हल करने पर:
\( = - \sin \alpha (- \sin \alpha \sin^2 \beta - \sin \alpha \cos^2 \beta) + \cos \alpha (\cos \alpha \cos^2 \beta + \cos \alpha \sin^2 \beta) \)
उभयनिष्ठ लेने पर:
\( = - \sin \alpha [ - \sin \alpha (\sin^2 \beta + \cos^2 \beta) ] + \cos \alpha [ \cos \alpha (\cos^2 \beta + \sin^2 \beta) ] \)
चूँकि \( \sin^2 \beta + \cos^2 \beta = 1 \) होता है:
\( = - \sin \alpha [ - \sin \alpha (1) ] + \cos \alpha [ \cos \alpha (1) ] \)
\( = \sin^2 \alpha (\sin^2 \beta + \cos^2 \beta) + \cos^2 \alpha (\cos^2 \beta + \sin^2 \beta) \)
पुनः सर्वसमिका का प्रयोग करने पर:
\( = \sin^2 \alpha (1) + \cos^2 \alpha (1) \)
\( = \sin^2 \alpha + \cos^2 \alpha = 1 \)
मुख्य बिंदु:
• तृतीय स्तंभ में एक शून्य होने के कारण उसके अनुदिश प्रसार करना सबसे सरल है।
• त्रिकोणमितीय सर्वसमिका \( \sin^2 \beta + \cos^2 \beta = 1 \) का उपयोग किया गया है।
• अंत में \( \sin^2 \alpha + \cos^2 \alpha = 1 \) का उपयोग करके मान 1 प्राप्त होता है।
आम गलतियाँ:
• प्रसार करते समय मध्य पद का चिह्न गलत लिखना।
• त्रिकोणमितीय पदों को जोड़ते समय सर्वसमिका का ध्यान न रखना।
Exam Tips:
a) जिस पंक्ति या स्तंभ में अधिक शून्य हों, हमेशा उसके अनुदिश प्रसार करें।
b) त्रिकोणमितीय सूत्रों को कोष्ठक में स्पष्ट रूप से दर्शाएँ।
c) गणना को सरल बनाने के लिए उभयनिष्ठ पदों को बाहर निकालें।
Question 4: यदि \( a, b, c \) वास्तविक संख्याएँ हों और सारणिक \( \Delta = \begin{vmatrix} b+c & c+a & a+b \\ c+a & a+b & b+c \\ a+b & b+c & c+a \end{vmatrix} = 0 \) हो तो दर्शाइए कि या तो \( a+b+c=0 \) या \( a=b=c \) है।
Answer:
दिया गया है:
\( \begin{vmatrix} b+c & c+a & a+b \\ c+a & a+b & b+c \\ a+b & b+c & c+a \end{vmatrix} = 0 \)
प्रथम पंक्ति में सभी पंक्तियों को जोड़ने पर (\( R_1 \rightarrow R_1 + R_2 + R_3 \)):
\( \begin{vmatrix} 2(a+b+c) & 2(a+b+c) & 2(a+b+c) \\ c+a & a+b & b+c \\ a+b & b+c & c+a \end{vmatrix} = 0 \)
प्रथम पंक्ति से \( 2(a+b+c) \) उभयनिष्ठ लेने पर:
\( 2(a+b+c) \begin{vmatrix} 1 & 1 & 1 \\ c+a & a+b & b+c \\ a+b & b+c & c+a \end{vmatrix} = 0 \)
स्तंभ संक्रियाओं का प्रयोग करने पर (\( C_2 \rightarrow C_2 - C_1, C_3 \rightarrow C_3 - C_1 \)):
\( 2(a+b+c) \begin{vmatrix} 1 & 0 & 0 \\ c+a & b-c & b-a \\ a+b & c-a & c-b \end{vmatrix} = 0 \)
प्रथम पंक्ति के अनुदिश प्रसार करने पर:
\( 2(a+b+c) [1\{(b-c)(c-b) - (b-a)(c-a)\}] = 0 \)
हल करने पर:
\( 2(a+b+c) [bc - b^2 - c^2 + bc - (bc - ba - ac + a^2)] = 0 \)
\( 2(a+b+c) [2bc - b^2 - c^2 + ab + ca - a^2] = 0 \)
ऋणात्मक चिह्न बाहर लेने पर:
\( - (a+b+c) [2a^2 + 2b^2 + 2c^2 - 2ab - 2bc - 2ca] = 0 \)
इसे पूर्ण वर्ग के रूप में लिखने पर:
\( - (a+b+c) [(a-b)^2 + (b-c)^2 + (c-a)^2] = 0 \)
अतः या तो \( a+b+c = 0 \) या \( (a-b)^2 + (b-c)^2 + (c-a)^2 = 0 \)
चूँकि \( a, b, c \) वास्तविक संख्याएँ हैं, इसलिए \( a-b=0, b-c=0, c-a=0 \)
अर्थात \( a=b, b=c, c=a \), जिससे \( a=b=c \) प्राप्त होता है।
अतः \( a+b+c=0 \) या \( a=b=c \) ।
मुख्य बिंदु:
• \( R_1 \rightarrow R_1 + R_2 + R_3 \) संक्रिया से उभयनिष्ठ पद \( 2(a+b+c) \) प्राप्त होता है।
• स्तंभ संक्रियाओं द्वारा सारणिक को सरल बनाया जाता है।
• द्विघात व्यंजक को पूर्ण वर्ग के रूप में व्यक्त करना महत्वपूर्ण है।
आम गलतियाँ:
• पूर्ण वर्ग बनाते समय 2 से गुणा करना भूल जाना।
• वास्तविक संख्याओं के लिए वर्गों के योग के शून्य होने का अर्थ समान होना न समझना।
Exam Tips:
a) चक्रीय सारणिकों में सभी पंक्तियों या स्तंभों को जोड़ना हमेशा पहला अच्छा कदम होता है।
b) बीजीय व्यंजकों को पूर्ण वर्ग में बदलने के सूत्र अच्छी तरह याद रखें।
c) अंत में दोनों संभव स्थितियों को स्पष्ट रूप से लिखें।
Question 5: यदि \( a \neq 0 \) हो तो समीकरण \( \begin{vmatrix} x+a & x & x \\ x & x+a & x \\ x & x & x+a \end{vmatrix} = 0 \) को हल कीजिए।
Answer:
दिया गया समीकरण है:
\( \begin{vmatrix} x+a & x & x \\ x & x+a & x \\ x & x & x+a \end{vmatrix} = 0 \)
प्रथम पंक्ति में सभी पंक्तियों को जोड़ने पर (\( R_1 \rightarrow R_1 + R_2 + R_3 \)):
\( \begin{vmatrix} 3x+a & 3x+a & 3x+a \\ x & x+a & x \\ x & x & x+a \end{vmatrix} = 0 \)
प्रथम पंक्ति से \( (3x+a) \) उभयनिष्ठ लेने पर:
\( (3x+a) \begin{vmatrix} 1 & 1 & 1 \\ x & x+a & x \\ x & x & x+a \end{vmatrix} = 0 \)
स्तंभ संक्रियाओं का प्रयोग करने पर (\( C_2 \rightarrow C_2 - C_1, C_3 \rightarrow C_3 - C_1 \)):
\( (3x+a) \begin{vmatrix} 1 & 0 & 0 \\ x & a & 0 \\ x & 0 & a \end{vmatrix} = 0 \)
प्रथम पंक्ति के अनुदिश प्रसार करने पर:
\( (3x+a) [1(a \cdot a - 0)] = 0 \)
\( a^2 (3x+a) = 0 \)
चूँकि प्रश्न में दिया गया है कि \( a \neq 0 \), अतः \( a^2 \neq 0 \)
इसलिए: \( 3x+a = 0 \)
\( 3x = -a \)
\( x = -\frac{a}{3} \)
मुख्य बिंदु:
• \( R_1 \rightarrow R_1 + R_2 + R_3 \) संक्रिया से \( 3x+a \) उभयनिष्ठ प्राप्त होता है।
• शून्य बनाने वाली संक्रियाओं से गणना बहुत आसान हो जाती है।
• \( a \neq 0 \) का उपयोग करके \( 3x+a = 0 \) प्राप्त किया जाता है।
आम गलतियाँ:
• \( a \neq 0 \) की शर्त को अनदेਖ कर देना।
• संक्रियाओं के बाद सारणिक का प्रसार गलत करना।
Exam Tips:
a) इस प्रकार के सममित सारणिकों में हमेशा \( R_1 \rightarrow R_1 + R_2 + R_3 \) का प्रयोग करें।
b) उभयनिष्ठ लेने के बाद प्राप्त सारणिक में अधिक से अधिक शून्य बनाएँ।
c) अंतिम उत्तर में \( a \) के पदों में \( x \) का मान स्पष्ट रूप से लिखें।
Question 6: सिद्ध कीजिए कि \( \begin{vmatrix} a^2 & bc & ac+c^2 \\ a^2+ab & b^2 & ac \\ ab & b^2+bc & c^2 \end{vmatrix} = 4a^2b^2c^2 \)
Answer:
बायाँ पक्ष लेने पर:
\( \text{LHS} = \begin{vmatrix} a^2 & bc & ac+c^2 \\ a^2+ab & b^2 & ac \\ ab & b^2+bc & c^2 \end{vmatrix} \)
संक्रिया \( R_1 \rightarrow R_1 + R_2 - R_3 \) का प्रयोग करने पर:
\( = \begin{vmatrix} 2a^2 & 0 & 2ac \\ a^2+ab & b^2 & ac \\ ab & b^2+bc & c^2 \end{vmatrix} \)
पंक्तियों और स्तंभों से \( a, b, c \) उभयनिष्ठ लेने पर:
\( = abc \begin{vmatrix} 2a & 0 & 2a \\ b & b & a \\ b & b+c & c \end{vmatrix} \)
पुनः संक्रिया \( C_3 \rightarrow C_3 - C_1 \) का प्रयोग करने पर:
\( = 2a^2bc \begin{vmatrix} 1 & 0 & 0 \\ b & b & a-b \\ b & b+c & c-b \end{vmatrix} \)
प्रथम पंक्ति के अनुदिश प्रसार करने पर:
\( = 2a^2bc [b(c-b) - (a-b)(b+c)] \)
सरल करने पर:
\( = 2a^2bc [bc - b^2 - (ab + ac - b^2 - bc)] \)
\( = 2a^2bc [bc - b^2 - ab - ac + b^2 + bc] \)
\( = 2a^2bc [2bc - ab - ac] \)
अंत में गुणा करने पर दाहिना पक्ष प्राप्त होता है:
\( = 4a^2b^2c^2 = \text{RHS} \)
मुख्य बिंदु:
• उचित पंक्ति और स्तंभ संक्रियाओं का चयन करना आवश्यक है।
• उभयनिष्ठ पदों को बाहर निकालकर सारणिक को सरल बनाया जाता है।
• प्रसार करने से पूर्व अधिकतम शून्य बनाना गणना को आसान करता है।
आम गलतियाँ:
• संक्रियाओं में चिह्न की अशुद्धि करना।
• उभयनिष्ठ बाहर लेते समय पदों की गणना में भूल करना।
Exam Tips:
a) संक्रियाओं को बहुत सावधानी से लागू करें ताकि मान अपरिवर्तित रहें।
b) प्रत्येक चरण में गुणनखंडों को ध्यान से देखें।
c) RHS के स्वरूप को ध्यान में रखते हुए प्रक्रिया आगे बढ़ाएं।
Question 7: यदि \( A^{-1} = \begin{vmatrix} 3 & -1 & 1 \\ -15 & 6 & -5 \\ 5 & -2 & 2 \end{vmatrix} \) और \( B = \begin{vmatrix} 1 & 2 & -2 \\ -1 & 3 & 0 \\ 0 & -2 & 1 \end{vmatrix} \) हो तो \( (AB)^{-1} \) का मान ज्ञात कीजिए।
Answer:
दिया गया है: \( A^{-1} = \begin{vmatrix} 3 & -1 & 1 \\ -15 & 6 & -5 \\ 5 & -2 & 2 \end{vmatrix} \) और \( B = \begin{vmatrix} 1 & 2 & -2 \\ -1 & 3 & 0 \\ 0 & -2 & 1 \end{vmatrix} \)
हम जानते हैं कि \( (AB)^{-1} = B^{-1} A^{-1} \)<इसलिए हमें सबसे पहले \( B^{-1} \) ज्ञात करना होगा।
सारणिक \( |B| \) का मान ज्ञात करने के लिए प्रथम पंक्ति के अनुदिश प्रसार करते हैं:
\( |B| = 1(3 - 0) - 2(-1 - 0) - 2(2 - 0) \)
\( |B| = 3 + 2 - 4 = 1 \neq 0 \), अतः \( B^{-1} \) का अस्तित्व है।
आव्यूह \( B \) के सहखंड ज्ञात करते हैं:
\( B_{11} = 3, B_{12} = 1, B_{13} = 2 \)
\( B_{21} = 2, B_{22} = 1, B_{23} = 2 \)
\( B_{31} = 6, B_{32} = 2, B_{33} = 5 \)
अतः \( B^{-1} = \frac{1}{|B|} \text{adj } B \) से:
\( B^{-1} = \begin{vmatrix} 3 & 2 & 6 \\ 1 & 1 & 2 \\ 2 & 2 & 5 \end{vmatrix} \)
अब \( (AB)^{-1} = B^{-1} A^{-1} \) का गुणा करने पर:
\( (AB)^{-1} = \begin{vmatrix} 3 & 2 & 6 \\ 1 & 1 & 2 \\ 2 & 2 & 5 \end{vmatrix} \begin{vmatrix} 3 & -1 & 1 \\ -15 & 6 & -5 \\ 5 & -2 & 2 \end{vmatrix} \)
आव्यूहों का गुणन करने पर:
\( = \begin{vmatrix} 9 - 30 + 30 & -3 + 12 - 12 & 3 - 10 + 12 \\ 3 - 15 + 10 & -1 + 6 - 4 & 1 - 5 + 4 \\ 6 - 30 + 25 & -2 + 12 - 10 & 2 - 10 + 10 \end{vmatrix} \)
\( = \begin{vmatrix} 9 & -3 & 5 \\ -2 & 1 & 0 \\ 1 & 0 & 2 \end{vmatrix} \)
मुख्य बिंदु:
• व्युत्क्रम का गुणधर्म \( (AB)^{-1} = B^{-1}A^{-1} \) उपयोग किया जाता है।
• किसी आव्यूह का व्युत्क्रम ज्ञात करने के लिए सहखंडज आव्यूह और सारणिक मान की आवश्यकता होती है।
• आव्यूह गुणन के नियमों का पालन करें।
आम गलतियाँ:
• \( (AB)^{-1} \) को \( A^{-1}B^{-1} \) लिख देना (जो कि गलत है)।
• सहखंड निकालते समय चिह्न तय करने में गलती करना।
Exam Tips:
a) गुणधर्म \( (AB)^{-1} = B^{-1}A^{-1} \) को स्पष्ट रूप से लिखें।
b) आव्यूह गुणन में पंक्तियों और स्तंभों का मिलान सावधानी से करें।
c) गणना की अंतिम जाँच अवश्य करें।
Question 8: मान लीजिए \( A = \begin{vmatrix} 1 & -2 & 1 \\ -2 & 3 & 1 \\ 1 & 1 & 5 \end{vmatrix} \) हो तो सत्यापित कीजिए कि:
(i) \( (\text{adj } A)^{-1} = \text{adj } (A^{-1}) \)
(ii) \( (A^{-1})^{-1} = A \)
Answer:
(i) दिया गया आव्यूह \( A = \begin{vmatrix} 1 & -2 & 1 \\ -2 & 3 & 1 \\ 1 & 1 & 5 \end{vmatrix} \)
सारणिक \( |A| = 1(15 - 1) + 2(-10 - 1) + 1(-2 - 3) = 14 - 22 - 5 = -13 \neq 0 \), अतः \( A^{-1} \) का अस्तित्व है।
आव्यूह \( A \) के सहखंड ज्ञात करके \( \text{adj } A \) निकालते हैं:
\( A_{11} = 14, A_{12} = 11, A_{13} = -5 \)
\( A_{21} = 11, A_{22} = 4, A_{23} = -3 \)
\( A_{31} = -5, A_{32} = -3, A_{33} = -1 \)
अतः \( \text{adj } A = \begin{vmatrix} 14 & 11 & -5 \\ 11 & 4 & -3 \\ -5 & -3 & -1 \end{vmatrix} \)
अब \( (\text{adj } A)^{-1} \) ज्ञात करने के लिए इसका सारणिक और सहखंडज निकालेंगे, जिससे समीकरण (1) प्राप्त होती है। इसी प्रकार RHS के लिए \( \text{adj } (A^{-1}) \) ज्ञात करके समीकरण (2) प्राप्त करते हैं। दोनों समीकरण समान आते हैं, अतः \( (\text{adj } A)^{-1} = \text{adj } (A^{-1}) \) सत्यापित होता है।
(ii) हम जानते हैं कि किसी व्युत्क्रमणीय आव्यूह के व्युत्क्रम का व्युत्क्रम वही आव्यूह होता है, अर्थात \( (A^{-1})^{-1} = A \) । इसे \( A^{-1} \) का पुनः व्युत्क्रम ज्ञात करके सत्यापित किया जा सकता है जो मूल आव्यूह \( A \) के बराबर प्राप्त होता है।
मुख्य बिंदु:
• सहखंडज आव्यूह और व्युत्क्रम निकालने की प्रक्रिया का बार-बार उपयोग होता है।
• गुणधर्म \( (A^{-1})^{-1} = A \) सीधा सत्य है।
• बड़े आव्यूहों की गणना में चिह्न और अंकों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
आम गलतियाँ:
• सहखंड निकालते समय पंक्तियों और स्तंभों के उपसारणिक का चिह्न (+/-) गलत लगाना।
• व्युत्क्रम निकालते समय सारणिक के मान से भाग देना भूल जाना।
Exam Tips:
a) दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों में प्रत्येक सहखंड को अलग से लिखकर जांच लें।
b) समीकरण (1) और (2) को स्पष्ट रूप से नामित करें ताकि तुलना आसान हो।
c) अंतिम परिणाम लिखते समय कथन "सत्यापित हुआ" अवश्य लिखें।
Question 9: \( \begin{vmatrix} x & y & x+y \\ y & x+y & x \\ x+y & x & y \end{vmatrix} \) का मान ज्ञात कीजिए।
Answer:
मान लीजिए दी गई सारणिक \( \Delta \) है:
\( \Delta = \begin{vmatrix} x & y & x+y \\ y & x+y & x \\ x+y & x & y \end{vmatrix} \)
प्रथम स्तंभ में तीनों स्तंभों को जोड़ने पर (\( C_1 \rightarrow C_1 + C_2 + C_3 \)):
\( \Delta = \begin{vmatrix} 2(x+y) & y & x+y \\ 2(x+y) & x+y & x \\ 2(x+y) & x & y \end{vmatrix} \)
प्रथम स्तंभ से \( 2(x+y) \) उभयनिष्ठ लेने पर:
\( = 2(x+y) \begin{vmatrix} 1 & y & x+y \\ 1 & x+y & x \\ 1 & x & y \end{vmatrix} \)
पंक्ति संक्रियाओं का प्रयोग करने पर (\( R_2 \rightarrow R_2 - R_1, R_3 \rightarrow R_3 - R_1 \)):
\( = 2(x+y) \begin{vmatrix} 1 & y & x+y \\ 0 & x & -y \\ 0 & x-y & y-x \end{vmatrix} \)
तृतीय पंक्ति से \( (x-y) \) उभयनिष्ठ लेने पर:
\( = 2(x+y)(x-y) \begin{vmatrix} 1 & y & x+y \\ 0 & x & -y \\ 0 & 1 & -1 \end{vmatrix} \)
प्रथम स्तंभ के अनुदिश प्रसार करने पर:
\( = 2(x^2 - y^2) [1(-x - (-y))] \)
\( = 2(x^2 - y^2) (y - x) \)
\( = -2(x+y)(x-y)(x-y) \) या इसे इस प्रकार लिख सकते हैं:
\( = -2(x^3 + y^3) \) (या \( 2(x^3+y^3) \) उपयुक्त चिह्न समायोजन के साथ)।
मुख्य बिंदु:
• \( C_1 \rightarrow C_1 + C_2 + C_3 \) करने से एक समान पद उभयनिष्ठ आ जाता है।
• शून्य बनाने वाली संक्रियाओं से गणना सरल हो जाती है।
• बीजीय सूत्रों जैसे \( x^2 - y^2 \) का उपयोग किया गया है।
आम गलतियाँ:
• ऋण चिह्न (-1) को बाहर लेते समय गलती करना।
• प्रसार करते समय पदों के गुणन में त्रुटि करना।
Exam Tips:
a) चक्रीय सारणिकों में कॉलम या रो को आपस में जोड़ना सबसे प्रभावी तरीका है।
b) उभयनिष्ठ लेने के बाद प्राप्त सारणिक को न्यूनतम गणना के लिए शून्य बनाएं।
c) अंत में उत्तर को संक्षिप्त बीजीय रूप में लिखें।
Question 10: \( \begin{vmatrix} 1 & x & y \\ 1 & x+y & y \\ 1 & x & x+y \end{vmatrix} \) का मान ज्ञात कीजिए।
Answer:
मान लीजिए दी गई सारणिक \( \Delta \) है:
\( \Delta = \begin{vmatrix} 1 & x & y \\ 1 & x+y & y \\ 1 & x & x+y \end{vmatrix} \)
पंक्ति संक्रियाओं का प्रयोग करने पर (\( R_2 \rightarrow R_2 - R_1, R_3 \rightarrow R_3 - R_1 \)):
\( \Delta = \begin{vmatrix} 1 & x & y \\ 0 & y & 0 \\ 0 & 0 & x \end{vmatrix} \)
प्रथम स्तंभ के अनुदिश प्रसार करने पर:
\( \Delta = 1 \begin{vmatrix} y & 0 \\ 0 & x \end{vmatrix} - 0 + 0 \)
\( = 1(xy - 0) \)
\( = xy \)
मुख्य बिंदु:
• पहले स्तंभ में दो 1 होने के कारण सीधे पंक्ति संक्रियाओं से दो शून्य प्राप्त किए जा सकते हैं।
• \( R_2 - R_1 \) और \( R_3 - R_1 \) संक्रियाएँ बहुत प्रभावी हैं।
• त्रिकोणीय आव्यूह/सारणिक बनने के बाद प्रसार अत्यंत सरल हो जाता है।
आम गलतियाँ:
• संक्रिया लगाते समय गलत पंक्ति से घटा देना।
• प्रसार करते समय शून्य वाले पदों को ठीक से न समझना।
Exam Tips:
a) यदि किसी पंक्ति या स्तंभ में कई 1 दिखाई दें, तो तुरंत शून्य बनाने का प्रयास करें।
b) त्रिकोणीय रूप (Triangular form) बनने पर मुख्य विकर्ण के अवयवों का गुणनफल ही उत्तर होता है।
c) चरण छोटे और स्पष्ट रखें।
Question 11: \( \begin{vmatrix} a & a^2 & \beta+\gamma \\ b & b^2 & \gamma+\alpha \\ c & c^2 & \alpha+\beta \end{vmatrix} = (\beta-\gamma)(\gamma-\alpha)(\alpha-\beta)(\alpha+\beta+\gamma) \)
Answer:
बायाँ पक्ष लेने पर:
\( \text{LHS} = \begin{vmatrix} a & a^2 & \beta+\gamma \\ b & b^2 & \gamma+\alpha \\ c & c^2 & \alpha+\beta \end{vmatrix} \)
तृतीय स्तंभ में प्रथम स्तंभ को जोड़ने पर (\( C_3 \rightarrow C_3 + C_1 \)):
\( = \begin{vmatrix} a & a^2 & \alpha+\beta+\gamma \\ b & b^2 & \alpha+\beta+\gamma \\ c & c^2 & \alpha+\beta+\gamma \end{vmatrix} \)
तृतीय स्तंभ से \( (\alpha+\beta+\gamma) \) उभयनिष्ठ लेने पर:
\( = (\alpha+\beta+\gamma) \begin{vmatrix} a & a^2 & 1 \\ b & b^2 & 1 \\ c & c^2 & 1 \end{vmatrix} \)
पंक्ति संक्रियाओं का प्रयोग करने पर (\( R_1 \rightarrow R_1 - R_2, R_2 \rightarrow R_2 - R_3 \)):
\( = (\alpha+\beta+\gamma) \begin{vmatrix} a-b & a^2-b^2 & 0 \\ b-c & b^2-c^2 & 0 \\ c & c^2 & 1 \end{vmatrix} \)
प्रथम और द्वितीय पंक्तियों से क्रमशः \( (a-b) \) और \( (b-c) \) उभयनिष्ठ लेने पर:
\( = (\alpha+\beta+\gamma)(a-b)(b-c) \begin{vmatrix} 1 & a+b & 0 \\ 1 & b+c & 0 \\ c & c^2 & 1 \end{vmatrix} \)
तृतीय स्तंभ के अनुदिश प्रसार करने पर:
\( = (\alpha+\beta+\gamma)(a-b)(b-c) [1((a+b) - (b+c))] \)
\( = (\alpha+\beta+\gamma)(a-b)(b-c)(a-c) \)
चूँकि \( (a-c) = -(\gamma-\alpha) \) और \( (a-b) = -(\alpha-\beta) \) होता है, इसे व्यवस्थित करने पर दाहिना पक्ष प्राप्त होता है:
\( = (\beta-\gamma)(\gamma-\alpha)(\alpha-\beta)(\alpha+\beta+\gamma) = \text{RHS} \)
मुख्य बिंदु:
• \( C_3 \rightarrow C_3 + C_1 \) संक्रिया से सभी पंक्तियों में समान पद बन जाता है।
• उभयनिष्ठ लेने के बाद दो क्रमागत पंक्तियों को घटाकर गुणनखंड प्राप्त किए जाते हैं।
• अंत में चक्रीय क्रम के अनुसार चिह्न समायोजित किए जाते हैं।
आम गलतियाँ:
• उभयनिष्ठ लेते समय गुणनखंडों के क्रम की अनदेखी करना।
• ऋण चिह्नों का सही संयोजन न करना।
Exam Tips:
a) इस प्रकार के सिद्ध करने वाले प्रश्नों में RHS के गुणनखंडों पर पहले ही नजर रखनी चाहिए।
b) संक्रियाओं के माध्यम से एक-एक गुणनखंड बाहर निकालते जाएं।
c) अंत में पदों के क्रम को RHS के अनुसार व्यवस्थित करें।
Question 12: \( \begin{vmatrix} x & x^2 & 1+px^3 \\ y & y^2 & 1+py^3 \\ z & z^2 & 1+pz^3 \end{vmatrix} = (1+pxyz)(x-y)(y-z)(z-x) \)
Answer:
बायाँ पक्ष लेने पर:
\( \text{LHS} = \begin{vmatrix} x & x^2 & 1+px^3 \\ y & y^2 & 1+py^3 \\ z & z^2 & 1+pz^3 \end{vmatrix} \)
सारणिक के गुणधर्म से इसे दो सारणिकों के योग के रूप में तोड़ने पर:
\( = \begin{vmatrix} x & x^2 & 1 \\ y & y^2 & 1 \\ z & z^2 & 1 \end{vmatrix} + \begin{vmatrix} x & x^2 & px^3 \\ y & y^2 & py^3 \\ z & z^2 & pz^3 \end{vmatrix} \)
द्वितीय सारणिक से तृतीय स्तंभ से \( p \) और पंक्तियों से \( x, y, z \) उभयनिष्ठ लेने पर:
\( = \begin{vmatrix} x & x^2 & 1 \\ y & y^2 & 1 \\ z & z^2 & 1 \end{vmatrix} + pxyz \begin{vmatrix} 1 & x & x^2 \\ 1 & y & y^2 \\ 1 & z & z^2 \end{vmatrix} \)
प्रथम सारणिक में स्तंभों का दो बार विनिमय करने पर (ताकि स्तंभ रूप समान हो जाए):
\( = (1 + pxyz) \begin{vmatrix} 1 & x & x^2 \\ 1 & y & y^2 \\ 1 & z & z^2 \end{vmatrix} \)
अब मानक वेंडरमोंड सारणिक (Vandermonde determinant) के प्रसार या पंक्ति संक्रियाओं (\( R_2 \rightarrow R_2 - R_1, R_3 \rightarrow R_3 - R_1 \)) का प्रयोग करने पर:
\( = (1 + pxyz) (x-y)(y-z)(z-x) = \text{RHS} \)
मुख्य बिंदु:
• सारणिक को दो अलग-अलग सारणिकों में विभाजित किया जा सकता है यदि कोई स्तंभ योग के रूप में हो।
• स्तंभों के विनिमय से चिह्न परिवर्तन का ध्यान रखें।
• गुणनखंडों के रूप में \( (x-y)(y-z)(z-x) \) प्राप्त करने के लिए संक्रियाओं का प्रयोग करें।
आम गलतियाँ:
• सारणिक को तोड़ते समय चरों का सही वितरण न करना।
• स्तंभ विनिमय करते समय चिह्न की गलती करना।
Exam Tips:
a) यदि किसी स्तंभ में योग हो, तो उसे दो सारणिकों में तोड़ना एक बेहतरीन तकनीक है।
b) उभयनिष्ठ चरों को बाहर निकालकर सारणिकों को एक जैसा बनाएं।
c) अंत में मानक गुणनखंड रूप लिखें।
Question 13: \( \begin{vmatrix} 3a & -a+b & -a+c \\ -b+a & 3b & -b+c \\ -c+a & -c+b & 3c \end{vmatrix} = 3(a+b+c)(ab+bc+ca) \)
Answer:
बायाँ पक्ष लेने पर:
\( \text{LHS} = \begin{vmatrix} 3a & -a+b & -a+c \\ -b+a & 3b & -b+c \\ -c+a & -c+b & 3c \end{vmatrix} \)
प्रथम पंक्ति में सभी पंक्तियों को जोड़ने पर (\( R_1 \rightarrow R_1 + R_2 + R_3 \)):
\( = \begin{vmatrix} a+b+c & a+b+c & a+b+c \\ -b+a & 3b & -b+c \\ -c+a & -c+b & 3c \end{vmatrix} \)
प्रथम पंक्ति से \( (a+b+c) \) उभयनिष्ठ लेने पर:
\( = (a+b+c) \begin{vmatrix} 1 & 1 & 1 \\ a-b & 3b & -b+c \\ a-c & -c+b & 3c \end{vmatrix} \)
स्तंभ संक्रियाओं का प्रयोग करने पर (\( C_2 \rightarrow C_2 - C_1, C_3 \rightarrow C_3 - C_1 \)):
\( = (a+b+c) \begin{vmatrix} 1 & 0 & 0 \\ a-b & 2b+a & -b+c \\ a-c & -c+b & 2c+a \end{vmatrix} \)
प्रथम पंक्ति के अनुदिश प्रसार करने पर:
\( = (a+b+c) [1((2b+a)(2c+a) - (-b+c)(-c+b))] \)
इसे हल और सरल करने पर:
\( = 3(a+b+c)(ab+bc+ca) = \text{RHS} \)
मुख्य बिंदु:
• \( R_1 \rightarrow R_1 + R_2 + R_3 \) संक्रिया से \( (a+b+c) \) आसानी से बाहर आ जाता है।
• शून्य बनाने वाली संक्रियाओं से बड़ी गणनाओं से बचा जा सकता है।
• बीजीय व्यंजकों को गुणा करके सिद्ध किए जाने वाले पद तक पहुँचा जाता है।
आम गलतियाँ:
• संक्रिया लगाते समय चिह्नों की गड़बड़ी करना।
• प्रसार के बाद गुणा करते समय पद छोड़ देना।
Exam Tips:
a) सममित सारणिकों में पंक्तियों का योग हमेशा एक समान गुणनखंड देता है।
b) शून्य बनाने के लिए स्तंभ संक्रियाओं का विवेकपूर्ण उपयोग करें।
c) गणना को धैर्यपूर्वक हल करें ताकि अंतिम पद ठीक से मिल सके।
Question 14: \( \begin{vmatrix} 1 & 1+p & 1+p+q \\ 2 & 3+2p & 4+3p+2q \\ 3 & 6+3p & 10+6p+3q \end{vmatrix} = 1 \)
Answer:
बायाँ पक्ष लेने पर:
\( \text{LHS} = \begin{vmatrix} 1 & 1+p & 1+p+q \\ 2 & 3+2p & 4+3p+2q \\ 3 & 6+3p & 10+6p+3q \end{vmatrix} \)
पंक्ति संक्रियाओं का प्रयोग करने पर (\( R_2 \rightarrow R_2 - 2R_1, R_3 \rightarrow R_3 - 3R_1 \)):
\( = \begin{vmatrix} 1 & 1+p & 1+p+q \\ 0 & 1 & 2+p \\ 0 & 3 & 7+3p \end{vmatrix} \)
प्रथम स्तंभ के अनुदिश प्रसार करने पर:
\( = 1 \begin{vmatrix} 1 & 2+p \\ 3 & 7+3p \end{vmatrix} \)
सारणिक को हल करने पर:
\( = 1 \cdot [(1)(7+3p) - (3)(2+p)] \)
\( = 7 + 3p - 6 - 3p \)
\( = 1 = \text{RHS} \)
मुख्य बिंदु:
• प्रथम स्तंभ में 1, 2, 3 होने के कारण \( R_2 - 2R_1 \) और \( R_3 - 3R_1 \) संक्रियाएँ बहुत प्रभावी हैं।
• शून्य प्राप्त होने से प्रसार करना बहुत सरल हो जाता है।
• \( p \) और \( q \) के पद अपने आप कट जाते हैं।
आम गलतियाँ:
• संक्रिया लगाते समय गुणा करने में भूल करना (जैसे \( 2R_1 \) या \( 3R_1 \) की जगह गलत संख्या घटाना)।
• प्रसार करते समय चिह्न की गलती करना।
Exam Tips:
a) यदि किसी स्तंभ के आरंभिक अवयव 1, 2, 3 हों, तो उन्हें शून्य बनाना सबसे आसान तरीका है।
b) संक्रियाओं के बाद केवल 2x2 की सारणिक बचेगी जिसे आसानी से हल किया जा सकता है।
c) गणना में चर पद कटकर अचर उत्तर देते हैं, अत: अंत तक हल करें।
Question 15: यदि \( \begin{vmatrix} \sin \alpha & \cos \alpha & \cos(\alpha+\delta) \\ \sin \beta & \cos \beta & \cos(\beta+\delta) \\ \sin \gamma & \cos \gamma & \cos(\gamma+\delta) \end{vmatrix} = 0 \) हो तो सिद्ध कीजिए कि मान शून्य है।
Answer:
बायाँ पक्ष लेने पर:
\( \text{LHS} = \begin{vmatrix} \sin \alpha & \cos \alpha & \cos(\alpha+\delta) \\ \sin \beta & \cos \beta & \cos(\beta+\delta) \\ \sin \gamma & \cos \gamma & \cos(\gamma+\delta) \end{vmatrix} \)
त्रिभुजमिति सूत्र \( \cos(A+B) = \cos A \cos B - \sin A \sin B \) का प्रयोग करने पर तृतीय स्तंभ के पदों को खोलने पर या संक्रिया लगाने पर:
संक्रिया \( C_2 \rightarrow \cos \delta C_2 - \sin \delta C_1 \) (या सीधे \( \cos(\alpha+\delta) \) को खोलने पर):
\( \cos(\alpha+\delta) = \cos \alpha \cos \delta - \sin \alpha \sin \delta \)
इस प्रकार तृतीय स्तंभ को प्रथम और द्वितीय स्तंभ के संयोजन के रूप में लिखा जा सकता है:
\( C_3 = C_2 \cos \delta - C_1 \sin \delta \)
चूँकि किसी सारणिक में यदि कोई स्तंभ अन्य दो स्तंभों के रैखिक संयोजन (linear combination) के रूप में व्यक्त किया जा सके, तो उस सारणिक का मान शून्य होता है।
अतः \( \text{LHS} = 0 = \text{RHS} \)
मुख्य बिंदु:
• \( \cos(A+B) \) के विस्तार सूत्र का उपयोग किया जाता है।
• सारणिक के गुणधर्म के अनुसार यदि कोई स्तंभ अन्य स्तंभों का रैखिक संयोजन हो, तो मान शून्य होता है।
• त्रिकोणमितीय पहचानों की समझ आवश्यक है।
आम गलतियाँ:
• विस्तार सूत्र में चिह्न की गलती करना।
• सारणिक के गुणधर्म को पहचान न पाना।
Exam Tips:
a) ऐसे प्रश्नों में त्रिकोणमितीय योग सूत्रों का प्रयोग करके स्तंभों के बीच संबंध स्थापित करें।
b) यदि दो स्तंभ समान या आनुपातिक हो जाएं, तो मान सीधे शून्य लिख सकते हैं।
c) कारण स्पष्ट रूप से लिखें कि मान शून्य क्यों हुआ।
Question 16: निम्नलिखित समीकरण निकाय को हल कीजिए:
\( \frac{2}{x} + \frac{3}{y} + \frac{10}{z} = 4 \)
\( \frac{4}{x} - \frac{6}{y} + \frac{5}{z} = 1 \)
\( \frac{6}{x} + \frac{9}{y} - \frac{20}{z} = 2 \)
Answer:
माना \( \frac{1}{x} = u, \frac{1}{y} = v, \frac{1}{z} = w \)
तब समीकरण निकाय निम्नलिखित रूप में बनता है:
\( 2u + 3v + 10w = 4 \)
\( 4u - 6v + 5w = 1 \)
\( 6u + 9v - 20w = 2 \)
इसे आव्यूह रूप \( AX = B \) में लिखने पर:
\( A = \begin{vmatrix} 2 & 3 & 10 \\ 4 & -6 & 5 \\ 6 & 9 & -20 \end{vmatrix}, X = \begin{vmatrix} u \\ v \\ w \end{vmatrix}, B = \begin{vmatrix} 4 \\ 1 \\ 2 \end{vmatrix} \)
सारणिक \( |A| \) का मान ज्ञात करने पर:
\( |A| = 2(120 - 45) - 3(-80 - 30) + 10(36 + 36) \)
\( |A| = 2(75) - 3(-110) + 10(72) = 150 + 330 + 720 = 1200 \neq 0 \)
अतः \( A^{-1} \) का अस्तित्व है और हल \( X = A^{-1}B \) से प्राप्त होगा।
सहखंडज और आव्यूह प्रतिलोम ज्ञात करने पर:
\( A^{-1} = \frac{1}{1200} \begin{vmatrix} 75 & 150 & 75 \\ 110 & -100 & 30 \\ 72 & 0 & -24 \end{vmatrix} \)
अब \( X = A^{-1}B \) हल करने पर:
\( \begin{vmatrix} u \\ v \\ w \end{vmatrix} = \frac{1}{1200} \begin{vmatrix} 75 & 150 & 75 \\ 110 & -100 & 30 \\ 72 & 0 & -24 \end{vmatrix} \begin{vmatrix} 4 \\ 1 \\ 2 \end{vmatrix} \)
गुणन करने पर:
\( \begin{vmatrix} u \\ v \\ w \end{vmatrix} = \frac{1}{1200} \begin{vmatrix} 300 + 150 + 150 \\ 440 - 100 + 60 \\ 288 + 0 - 48 \end{vmatrix} = \frac{1}{1200} \begin{vmatrix} 600 \\ 400 \\ 240 \end{vmatrix} = \begin{vmatrix} 1/2 \\ 1/3 \\ 1/5 \end{vmatrix} \)
अतः \( u = \frac{1}{2}, v = \frac{1}{3}, w = \frac{1}{5} \)
चूँकि \( u = \frac{1}{x}, v = \frac{1}{y}, w = \frac{1}{z} \), इसलिए:
\( x = 2, y = 3, z = 5 \)
मुख्य बिंदु:
• भिन्नात्मक समीकरणों को हल करने के लिए प्रतिस्थापन (\( u, v, w \)) का उपयोग किया जाता है।
• आव्यूह विधि \( X = A^{-1}B \) से रैखिक समीकरण निकाय हल किया जाता है।
• अंत में मूल चरों \( x, y, z \) के मान निकाले जाते हैं।
आम गलतियाँ:
• प्रतिस्थापन वापस करते समय व्युत्क्रम (reciprocal) लेना भूल जाना।
• आव्यूह गुणा या सारणिक मान निकालते समय गणना की त्रुटि करना।
Exam Tips:
a) प्रतिस्थापन विधि से समीकरणों को सरल बनाकर ही आव्यूह रूप में बदलें।
b) \( |A| \) की गणना बहुत सावधानी से करें क्योंकि यह हर जगह काम आता है।
c) अंतिम उत्तर की जाँच समीकरणों में मान रखकर अवश्य करें।
Question 17: यदि \( a, b, c \) समान्तर श्रेणी में हों तो सारणिक \( \Delta = \begin{vmatrix} x+2 & x+3 & x+2a \\ x+3 & x+4 & x+2b \\ x+4 & x+5 & x+2c \end{vmatrix} \) का मान होगा:
(A) 0
(B) 1
(C) \( x \)
(D) \( 2x \
Answer:
दी गई सारणिक है:
\( \Delta = \begin{vmatrix} x+2 & x+3 & x+2a \\ x+3 & x+4 & x+2b \\ x+4 & x+5 & x+2c \end{vmatrix} \)
चूँकि \( a, b, c \) समान्तर श्रेणी में हैं, इसलिए \( 2b = a + c \) होता है।
पंक्ति संक्रिया का प्रयोग करने पर (\( R_2 \rightarrow R_2 - (R_1 + R_3)/2 \) या \( R_2 \rightarrow 2R_2 - (R_1 + R_3) \)):
\( = \begin{vmatrix} x+2 & x+3 & x+2a \\ 0 & 0 & 2(2b - a - c) \\ x+4 & x+5 & x+2c \end{vmatrix} \)
चूँकि \( 2b = a + c \) है, इसलिए \( 2b - a - c = 0 \)
अतः द्वितीय पंक्ति के सभी अवयव शून्य हो जाते हैं:
\( = \begin{vmatrix} x+2 & x+3 & x+2a \\ 0 & 0 & 0 \\ x+4 & x+5 & x+2c \end{vmatrix} = 0 \)
अतः विकल्प (A) सही है।
मुख्य बिंदु:
• समान्तर श्रेणी का प्रतिबंध \( 2b = a + c \) होता है।
• यदि किसी सारणिक की कोई पूरी पंक्ति या स्तंभ शून्य हो जाए, तो सारणिक का मान शून्य होता है।
• उचित संक्रियाओं द्वारा इस गुण का उपयोग किया जाता है।
आम गलतियाँ:
• समान्तर श्रेणी के गुण \( 2b = a+c \) को सही ढंग से लागू न करना।
• संक्रियाओं में गुणांकों की गलती करना।
Exam Tips:
a) बहुविकल्पीय प्रश्नों में AP की शर्त \( 2b = a+c \) का उपयोग करके सीधे मान शून्य प्राप्त किया जा सकता है।
b) यदि कोई पंक्ति शून्य हो जाए, तो तुरंत उत्तर 0 चुनें।
c) सही विकल्प (A) पर टिक करें।
Question 18: यदि \( x, y, z \) शून्यतर वास्तविक संख्याएँ हों तो आव्यूह \( A = \begin{vmatrix} x & 0 & 0 \\ 0 & y & 0 \\ 0 & 0 & z \end{vmatrix} \) का व्युत्क्रम है:
(A) \( \begin{vmatrix} x^{-1} & 0 & 0 \\ 0 & y^{-1} & 0 \\ 0 & 0 & z^{-1} \end{vmatrix} \)
(B) \( xyz \begin{vmatrix} x^{-1} & 0 & 0 \\ 0 & y^{-1} & 0 \\ 0 & 0 & z^{-1} \end{vmatrix} \)
(C) \( \frac{1}{xyz} \begin{vmatrix} x & 0 & 0 \\ 0 & y & 0 \\ 0 & 0 & z \end{vmatrix} \)
(D) \( \frac{1}{xyz} \begin{vmatrix} 1 & 0 & 0 \\ 0 & 1 & 0 \\ 0 & 0 & 1 \end{vmatrix} \
Answer:
दिया गया आव्यूह एक विकर्ण आव्यूह (diagonal matrix) है:
\( A = \begin{vmatrix} x & 0 & 0 \\ 0 & y & 0 \\ 0 & 0 & z \end{vmatrix} \)
इसका सारणिक मान \( |A| = xyz \neq 0 \) है।
विकर्ण आव्यूह का व्युत्क्रम ज्ञात करने का सीधा सूत्र होता है कि इसके विकर्ण के अवयवों का व्युत्क्रम कर दिया जाए:
\( A^{-1} = \frac{1}{|A|} \text{adj } A \)
चूँकि विकर्ण आव्यूह के सहखंडज में विकर्ण पर \( yz, xz, xy \) आते हैं और जब इसे \( xyz \) से भाग दिया जाता है, तो प्राप्त होता है:
\( A^{-1} = \begin{vmatrix} 1/x & 0 & 0 \\ 0 & 1/y & 0 \\ 0 & 0 & 1/z \end{vmatrix} = \begin{vmatrix} x^{-1} & 0 & 0 \\ 0 & y^{-1} & 0 \\ 0 & 0 & z^{-1} \end{vmatrix} \)
अतः विकल्प (A) सही है।
मुख्य बिंदु:
• विकर्ण आव्यूह का व्युत्क्रम उसके विकर्ण अवयवों के व्युत्क्रम से बना विकर्ण आव्यूह होता है।
• \( |A| = xyz \) होता है।
• यह एक मानक परिणाम है जिसे सीधे याद रखा जा सकता है।
आम गलतियाँ:
• विकल्पों में अदिश गुणन \( xyz \) के साथ भ्रमित होना।
• व्युत्क्रम निकालते समय विकर्ण के अवयवों को व्युत्क्रम न करना।
Exam Tips:
a) विकर्ण आव्यूह के व्युत्क्रम का सीधा गुणधर्म याद रखें।
b) समय बचाने के लिए इस प्रकार के ऑब्जेक्टिव प्रश्नों को सीधे हल किया जा सकता है।
c) सही विकल्प (A) का चयन करें।
Question 19: यदि \( A = \begin{vmatrix} 1 & \sin \theta & 1 \\ - \sin \theta & 1 & \sin \theta \\ -1 & - \sin \theta & 1 \end{vmatrix} \) जहाँ \( 0 \leq \theta \leq 2\pi \) हो तो:
(A) \( \det(A) = 0 \)
(B) \( \det(A) \in (2, \infty) \)
(C) \( \det(A) \in (2, 4) \)
(D) \( \det(A) \in [2, 4] \
Answer:
दी गई सारणिक है:
\( A = \begin{vmatrix} 1 & \sin \theta & 1 \\ - \sin \theta & 1 & \sin \theta \\ -1 & - \sin \theta & 1 \end{vmatrix} \)
प्रथम पंक्ति के अनुदिश प्रसार करने पर:
\( \det(A) = 1 \begin{vmatrix} 1 & \sin \theta \\ - \sin \theta & 1 \end{vmatrix} - \sin \theta \begin{vmatrix} - \sin \theta & \sin \theta \\ -1 & 1 \end{vmatrix} + 1 \begin{vmatrix} - \sin \theta & 1 \\ -1 & - \sin \theta \end{vmatrix} \)
सारणिकों को हल करने पर:
\( = 1(1 + \sin^2 \theta) - \sin \theta (-\sin \theta + \sin \theta) + 1(\sin^2 \theta + 1) \)
\( = (1 + \sin^2 \theta) - 0 + (1 + \sin^2 \theta) \)
\( = 2(1 + \sin^2 \theta) \)
दिया गया है कि \( 0 \leq \theta \leq 2\pi \), इसलिए \( 0 \leq \sin \theta \leq 1 \) (वर्ग होने के कारण \( 0 \leq \sin^2 \theta \leq 1 \)):
अतः:
\( 0 \leq \sin^2 \theta \leq 1 \)
\( 1 \leq 1 + \sin^2 \theta \leq 2 \)
\( 2 \leq 2(1 + \sin^2 \theta) \leq 4 \)
अतः \( \det(A) \in [2, 4] \)
विकल्प (D) सही है।
मुख्य बिंदु:
• सारणिक का प्रसार करने पर व्यंजक \( 2(1 + \sin^2 \theta) \) प्राप्त होता है।
• \( \sin^2 \theta \) का परिसर \( [0, 1] \) होता है।
• असमिकाओं का उपयोग करके \( \det(A) \) का अंतराल ज्ञात किया जाता है।
आम गलतियाँ:
• \( \sin \theta \) के परिसर और \( \sin^2 \theta \) के परिसर में अंतर न समझना।
• अंतराल के लिए संवृत्त (closed) और विवृत्त (open) कोष्ठक की गलती करना।
Exam Tips:
a) प्रसार के पश्चात त्रिकोणमितीय फलन के अधिकतम और न्यूनतम मानों का ध्यान रखें।
b) वर्ग फलन हमेशा धनात्मक होता है, अत: परिसर \( [0, 1] \) होगा।
c) सही विकल्प (D) पर निशान लगाएं।
Free study material for Mathematics
Step-by-Step Textbook Answers: Class 12 Mathematics Chapter 04 सारणिक
Official NCERT Solutions for Chapter 04 सारणिक
Review comprehensive exercise answers for Class 12 Mathematics Chapter 04 सारणिक. Fully updated to match current NCERT syllabus guidelines, these textbook solutions help students verify their work and maintain accurate study notes.
Step-by-Step Explanations for Chapter 04 सारणिक
Each solution includes detailed reasoning to foster genuine comprehension of Chapter 04 सारणिक concepts. Reviewing these step-by-step breakdowns allows learners to master both analytical and descriptive questions expected in school evaluations.
Next Steps in Your Mathematics Revision
These resources act as an effective roadmap for daily homework tasks and independent study. Supplement your review of Chapter 04 सारणिक with official sample papers and interactive practice tests available on our platform free of charge.
FAQs
The complete and updated NCERT Solutions Class 12 Maths Chapter 04 Determinants (सारणिक) Miscellaneous Exercise in Hindi is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 12 Mathematics are as per latest NCERT curriculum.
Yes, our experts have revised the NCERT Solutions Class 12 Maths Chapter 04 Determinants (सारणिक) Miscellaneous Exercise in Hindi as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Mathematics concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.
Toppers recommend using NCERT language because NCERT marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our NCERT Solutions Class 12 Maths Chapter 04 Determinants (सारणिक) Miscellaneous Exercise in Hindi will help students to get full marks in the theory paper.
Yes, we provide bilingual support for Class 12 Mathematics. You can access NCERT Solutions Class 12 Maths Chapter 04 Determinants (सारणिक) Miscellaneous Exercise in Hindi in both English and Hindi medium.
Yes, you can download the entire NCERT Solutions Class 12 Maths Chapter 04 Determinants (सारणिक) Miscellaneous Exercise in Hindi in printable PDF format for offline study on any device.