NCERT Solutions Class 12 Geography Fundamentals of Human Geography Chapter 06 Tertiary and Quaternary Activities (तृतीयक और चतुर्थ क्रियाकलाप) in Hindi

Official NCERT Solutions for Class 12 Geography: Chapter 06 तृतीयक और चतुर्थ क्रियाकलाप

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Chapter-wise Solutions for Geography: Chapter 06 तृतीयक और चतुर्थ क्रियाकलाप

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Question 1: नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए:
(i) निम्नलिखित में से कौन-सा तृतीयक क्रियाकलाप है?
(क) खेती
(ख) बुनाई
(ग) व्यापार
(घ) आखेट

Answer:

(ग) व्यापार

मुख्य बिंदु:

• व्यापार तृतीयक आर्थिक क्रियाकलाप के अंतर्गत आता है।
• खेती प्राथमिक क्रियाकलाप है।
• बुनाई द्वितीयक क्रियाकलाप है।

आम गलतियाँ:

• प्राथमिक और द्वितीयक क्रियाकलापों को तृतीयक समझ लेना।
• विकल्पों को ध्यान से न पढ़ना।
• व्यापार की श्रेणी में भ्रमित होना।

Exam Tips:

a) विभिन्न आर्थिक क्रियाओं के वर्गीकरण को याद रखें।
b) उत्तर लिखते समय सही विकल्प का क्रमांक और नाम दोनों लिखें।
c) वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का उत्तर संक्षिप्त और सटीक दें।

 

Question 1 (ii): निम्नलिखित क्रियाकलापों में से कौन-सा द्वितीयक सेक्टर का क्रियाकलाप नहीं है?
(क) इस्पात प्रगलन
(ख) वस्त्र निर्माण
(ग) मछली पकड़ना
(घ) टोकरी बुनना

Answer:

(ग) मछली पकड़ना

मुख्य बिंदु:

• मछली पकड़ना एक प्राथमिक क्रियाकलाप है।
• इस्पात प्रगलन, वस्त्र निर्माण और टोकरी बुनना द्वितीयक क्रियाकलाप हैं।
• द्वितीयक सेक्टर कच्चे माल को परिष्कृत वस्तुओं में बदलता है।

आम गलतियाँ:

• 'नहीं है' शब्द को नजरअंदाज करना।
• प्राथमिक और द्वितीयक सेक्टर के अंतर में भ्रम होना।
• टोकरी बुनने को प्राथमिक कार्य मान लेना।

Exam Tips:

a) प्रश्न में दिए गए नकारात्मक शब्दों ('नहीं है') पर विशेष ध्यान दें।
b) सभी चार विकल्पों के सेक्टर की पहचान करें।
c) परीक्षा में सही विकल्प का चयन सावधानी से करें।

 

Question 1 (iii): निम्नलिखित में से कौन-सा एक सेक्टर दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में सर्वाधिक रोजगार प्रदान करता है?
(क) प्राथमिक
(ख) द्वितीयक
(ग) पर्यटन
(घ) सेवा

Answer:

(घ) सेवा

मुख्य बिंदु:

• महानगरों में सेवा क्षेत्र (चतुर्थक और पंचम क्रियाकलाप) का आधिपत्य होता है।
• दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों में तृतीयक और चतुर्थक सेवाएँ मुख्य रोजगार का साधन हैं।
• महानगरों में प्राथमिक गतिविधियों का क्षेत्र बहुत सीमित होता है।

आम गलतियाँ:

• महानगरों की आर्थिक संरचना को न समझना।
• औद्योगिक क्षेत्र (द्वितीयक) को सर्वाधिक रोजगार दाता मान लेना।
• सेवा सेक्टर के महत्व को कम आंकना।

Exam Tips:

a) नगरीय केंद्रों की आर्थिक विशेषताओं को समझें।
b) महानगरों में सेवा क्षेत्र की प्रमुखता को ध्यान में रखें।
c) बहुविकल्पीय प्रश्नों में तार्किक सोच का प्रयोग करें।

 

Question 1 (iv): वे काम जिनमें उच्च परिमाण और स्तर वाले अन्वेषण सम्मिलित होते हैं, कहलाते हैं:
(क) द्वितीयक क्रियाकलाप
(ख) पंचम क्रियाकलाप
(ग) चतुर्थक क्रियाकलाप
(घ) प्राथमिक क्रियाकलाप

Answer:

(ग) चतुर्थक क्रियाकलाप

मुख्य बिंदु:

• चतुर्थक क्रियाकलापों में सूचना संग्रहण और उत्पादन शामिल होता है।
• इसमें उच्च स्तर के अन्वेषण और अनुसंधान कार्य आते हैं。
• यह ज्ञान-आधारित सेक्टर से संबंधित है।

आम गलतियाँ:

• चतुर्थक और पंचम क्रियाकलापों के अंतर में उलझन होना।
• अन्वेषण और अनुसंधान कार्यों की सही श्रेणी न पहचान पाना।
• उच्च परिमाण की सेवाओं को केवल तृतीयक मानना।

Exam Tips:

a) ज्ञान-आधारित उद्योगों और चतुर्थक सेवाओं की परिभाषा याद रखें।
b) अनुसंधान और अन्वेषण शब्दों को चतुर्थक क्रियाकलाप से जोड़ें।
c) उत्तर सटीक रूप से लिखें।

 

Question 1 (v): निम्नलिखित में से कौन-सा क्रियाकलाप चतुर्थ सेक्टर से संबंधित है?
(क) संगणक विनिर्माण
(ख) विश्वविद्यालयी अध्यापन
(ग) कागज और कच्ची लुगदी निर्माण
(घ) पुस्तकों का मुद्रण

Answer:

(ख) विश्वविद्यालयी अध्यापन

मुख्य बिंदु:

• विश्वविद्यालयी अध्यापन ज्ञान और सूचना आधारित सेवा है जो चतुर्थक सेक्टर में आती है।
• संगणक विनिर्माण द्वितीयक सेक्टर का कार्य है।
• कागज निर्माण और पुस्तकों का मुद्रण भी द्वितीयक सेक्टर से जुड़े हैं।

आम गलतियाँ:

• अध्यापन को साधारण नौकरी समझकर तृतीयक में गिनना (उच्च शिक्षा चतुर्थक में आती है)।
• विनिर्माण कार्यों को चतुर्थक समझ लेना।
• सेक्टरों के वर्गीकरण में भ्रमित होना।

Exam Tips:

a) उच्च बौद्धिक और शैक्षणिक कार्यों को चतुर्थक सेक्टर में रखें।
b) विनिर्माण से जुड़ी गतिविधियों को हमेशा द्वितीयक सेक्टर मानें।
c) प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण करके ही उत्तर दें।

 

Question 1 (vi): निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा एक सत्य नहीं है?
(क) बाह्यस्त्रोत दक्षकटा को बढ़ाता है और लागतों को घटाता है।
(ख) कभी-कभार अभिप्रात्रिकी और विनिर्माण कार्यों की भी बाह्यस्त्रोत की जा सकती है।
(ग) बी.पी.ओज़ के पास के.पी.ओज़ की तुलना में बेहतर व्यावसायिक अवसर होते हैं।
(घ) कामों के बाह्यस्त्रोतन करने वाले देशों में काम की तलाश करने वालों में असंतोष पाया जाता है।

Answer:

(ग) बी.पी.ओज़ के पास के.पी.ओज़ की तुलना में बेहतर व्यावसायिक अवसर होते हैं

मुख्य बिंदु:

• के.पी.ओ. (KPO) में उच्च ज्ञान और कौशल आधारित कार्य होते हैं, अतः उनके अवसर अधिक मूल्यवान होते हैं।
• बाह्यस्त्रोतन (Outsourcing) से लागत कम होती है और दक्षता बढ़ती है।
• नौकरी बाहर जाने से विकसित देशों में बेरोजगारी का असंतोष रहता है।

आम गलतियाँ:

• BPO और KPO के स्तर और अवसरों को न समझ पाना।
• बाह्यस्त्रोतन के लाभ और हानियों में भ्रम होना।
• कथन के नकारात्मक पहलू को न पहचानना।

Exam Tips:

a) BPO और KPO का अंतर स्पष्ट रूप से तैयार करें।
b) बाह्यस्त्रोतन के वैश्वििक प्रभावों को समझें।
c) असत्य कथन छांटते समय सभी विकल्पों का गहराई से अध्ययन करें।

 

Question 2: निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए:
फुटकर व्यापार सेवा को स्पष्ट कीजिए।

Answer:

फुटकर व्यापार सेवा वह व्यापारिक क्रियाकलाप है जो उपभोक्ताओं को वस्तुओं के प्रत्यक्ष विक्रय से संबंधित है। अधिकतर फुटकर व्यापार केवल विक्रय से नियत प्रतिष्ठानों तथा भंडारों में सम्पन्न होता है। रेहड़ी, फेरी, द्वार से द्वार, ट्रक, डाक आदेश, दूरभाष, स्वचालित बिक्री मशीनें और इंटरनेट फुटकर बिक्री के भंडार रहित उदाहरण हैं।

मुख्य बिंदु:

• यह उपभोक्ताओं को सीधे वस्तुएं बेचने का कार्य करता है।
• इसमें दुकान आधारित और गैर-दुकान आधारित दोनों पद्धतियां शामिल हैं।
• यह वितरण श्रृंखला की अंतिम कड़ी है।

आम गलतियाँ:

• थोक व्यापार और फुटकर व्यापार में अंतर न स्पष्ट करना।

• केवल दुकान आधारित व्यापार को ही फुटकर मानना।
• उत्तर को आवश्यकता से अधिक लंबा लिखना।

Exam Tips:

a) शब्द सीमा (लगभग 30 शब्द) का ध्यान रखें।
b) प्रत्यक्ष विक्रय और भंडार रहित फुटकर व्यापार के उदाहरण दें।
c) परिभाषा को सीधे और स्पष्ट शब्दों में लिखें।

 

Question 2 (ii): चतुर्थ सेवाओं का वर्णन कीजिए।

Answer:

चतुर्थ सेवाओं के अंतर्गत कर्मचारियों के विशिष्ट ज्ञान का उपयोग किया जाता है। दूसरे शब्दों में यह ज्ञानोन्मुख सेक्टर है। यह बहुत ही विशिष्ट और जटिल प्रकार के क्रियाकलाप हैं जिनका संबंध ज्ञान से संबंधित क्रियाकलाप से है जैसे-शिक्षा, शोध तथा विकास, सूचना। चतुर्थ सेवाओं के अंतर्गत सूचनाओं का संग्रहण, उत्पादन तथा प्रकीर्णन अथवा सूचनाओं का उत्पादन आता है।

मुख्य बिंदु:

• यह पूर्ण रूप से ज्ञान और सूचना पर आधारित सेक्टर है।
• इसमें अनुसंधान, विकास और उच्च शिक्षा शामिल हैं।
• यह आधुनिक अर्थव्यवस्था का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और बढ़ता हुआ क्षेत्र है।

आम गलतियाँ:

• तृतीयक और चतुर्थक सेवाओं के अंतर को स्पष्ट न करना।
• केवल सूचना शब्द लिखकर उत्तर अधूरा छोड़ देना।
• उदाहरणों का उल्लेख न करना।

Exam Tips:

a) 'ज्ञानोन्मुख सेक्टर' शब्दावली का प्रयोग जरूर करें।
b) शोध, विकास और शिक्षा को चतुर्थक सेवाओं के मुख्य उदाहरण के रूप में बताएं।
c) उत्तर को मानक एनसीईआरटी भाषा में लिखें।

 

Question 2 (iii): विश्व में चिकित्सा पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से उभरते हुए देशों के नाम लिखिए।

Answer:

जब लोग अपने उपचार के लिए अपने देश से बाहर किसी अन्य देश की यात्रा करते हैं तो यह चिकित्सा पर्यटन कहलाता है। विश्व में भारत पिछले कुछ वर्षों में चिकित्सा पर्यटन के क्षेत्र में अग्रणी देश बनकर उभरा है। भारत में चिकित्सा सेवा की लागत पश्चिमी देशों की तुलना में लगभग 30 प्रतिशत कम है तथा दक्षिणपूर्व एशिया में सबसे सस्ता है। इसके अतिरिक्त सिंगापुर, थाईलैंड, मलेशिया जैसे विकासशील देश भी चिकित्सा पर्यटन से लाभान्वित हो रहे हैं। भारत, स्विट्जरलैंड तथा ऑस्ट्रेलिया विशिष्ट परीक्षाओं की सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं।

मुख्य बिंदु:

• भारत चिकित्सा पर्यटन के क्षेत्र में वैश्विक रूप से अग्रणी है।
• कम लागत और उच्च गुणवत्ता मुख्य कारण हैं।
• थाईलैंड, सिंगापुर, मलेशिया और स्विट्जरलैंड अन्य प्रमुख देश हैं।

आम गलतियाँ:

• चिकित्सा पर्यटन की परिभाषा देने की बजाय केवल देशों के नाम लिखकर उत्तर समाप्त करना।

• विकासशील देशों के योगदान की उपेक्षा करना।
• लागत लाभ का उल्लेख न करना।

Exam Tips:

a) भारत के साथ-साथ एशियाई देशों (थाईलैंड, सिंगापुर) के नाम अवश्य लिखें।
b) कम लागत और उच्च तकनीक के संयोजन को स्पष्ट करें।
c) संक्षिप्त और तथ्यात्मक उत्तर दें।

 

Question 2 (iv): अंकीय विभाjak क्या है?

Answer:

देशों में आर्थिक, राजनीतिक तथा सामाजिक भिन्नताएं पाई जाती हैं। सूचना तथा संचार प्रौद्योगिकियों पर आधारित विकास से मिलने वाले अवसरों का वितरण पूरे ग्लोब पर असमान रूप से वितरित है। निर्णायक कारक यह है कि कोई देश कितनी शीघ्रता से अपने नागरिकों को सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी तक पहुंच व उसके फायदे उपलब्ध करा सकता है। विकसित देश सामान्य रूप से इस दिशा में अग्रसर हैं जबकि विकासशील देश पिछड़ गए हैं। इसी को अंकीय विभाजक कहा जाता है।

मुख्य बिंदु:

• यह सूचना और संचार तकनीक (ICT) तक पहुंच की असमानता है।
• विकसित और विकासशील देशों के बीच तकनीकी अंतर को दर्शाता है।
• वैश्विक स्तर पर अवसरों के असमान वितरण का कारण बनता है।

आम गलतियाँ:

• अंकीय विभाजक को केवल कंप्यूटर की उपलब्धता तक सीमित समझना।

• विकसित और विकासशील देशों के संदर्भ को छोड़ देना।
• परिभाषा को स्पष्ट रूप से न लिख पाना।

Exam Tips:

a) 'डिजिटल डिवाइड' या अंकीय विभाजक को सूचना तकनीकी के संदर्भ में परिभाषित करें।
b) वैश्विक असमानता को इसके मुख्य प्रभाव के रूप में बताएं।
c) सटीक शब्दावली का प्रयोग करें।

 

Question 3: निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर 150 शब्दों से अधिक में दें:
आधुनिक आर्थिक विकास में सेवा सेक्टर की सार्थकता और वृद्धि की चर्चा कीजिए।

Answer:

आधुनिक आर्थिक विकास में सेवा सेक्टर की सार्थकता और महत्व बढ़ती जा रही है। आधुनिक युग में एक विकसित अर्थव्यवस्था में अधिकांश श्रमिक तृतीयक क्रियाकलापों में रोजगार पाते हैं तथा द्वितीयक क्षेत्र में इनकी संख्या कम है।
आधुनिक आर्थिक विकास में सेवा सेक्टर की सार्थकता और वृद्धि को मुख्य रूप से परिश्रमिक तथा वेतन के रूप में मापा जाता है। विनिमय के तहत व्यापार, परिवहन तथा संचार सुविधाएं शामिल होती हैं जिनका उपयोग दूरी को निष्प्रभावी करने के लिए किया जाता है।
• सेवा सेक्टर में वाणिज्य तथा व्यापार के दो स्तर फुटकर व्यापार एवं थोक व्यापार हैं। इसमें फुटकर विक्रेता और थोक विक्रेता सभी का उद्देश्य वस्तुओं को बेचकर फायदा कमाना होता है। किसी देश में व्यापार तथा वाणिज्य में विशेष रूप से आधुनिक विनिर्मित वस्तुओं के क्रय-विक्रय में जितनी ज्यादा बढ़ोत्तरी होगी विकास उतना ही अधिक होगा।
• आधुनिक काल में आर्थिक विकास के लिए सेवाओं के महत्व में वृद्धि होती जा रही है। कुछ वर्ष पूर्व सेवाओं की अपेक्षा वस्तुओं के उत्पादन पर अधिक बल दिया जाता था लेकिन विकसित अर्थव्यवस्था में सेवाओं पर आधारित विकास में गति आई है। विकसित देशों के सेवा क्षेत्र में रोजगार के अवसरों में लगातार वृद्धि हो रही है।
• तृतीयक क्रियाकलापों में अलग-अलग तरह की सेवाएं सम्मलित हैं इसलिए इसे सेवा सेक्टर भी कहा जाता है।
• महामार्गों तथा पुलों का निर्माण, अधिग्रहण विभाग और ग्राहक सेवाएं भी महत्वपूर्ण सेवाएं हैं। विकासशील देशों में इन सेवाओं में वृद्धि होने के साथ आर्थिक विकास में भी वृद्धि हो रही है। इन सेवाओं से रोजगार के क्षेत्र में काफी वृद्धि हो रही है।
• सेवा सेक्टर के अंतर्गत परिवहन सेवाएं उद्योगों और लोगों दोनों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। परिवहन सेवाएं कच्चे माल को कारखानड़ों तक और तैयार माल को उपभोक्ता तक पहुँचाने में मदद करती है।
• मानव श्रम सेवा सेक्टर का एक अहम कार्य है क्योंकि अधिकांश तृतीयक क्रियाकलापों का निष्पादन कुशल श्रमिकों, व्यावसायिक दृष्टि से प्रशिक्षित विशेषज्ञों और परामर्श दाताओं द्वारा होता है।
• अधिक विकसित देशों में कर्मियों का अधिकतर प्रतिशत इन सेवाओं में लगा है जबकि अल्पविकसित देशों में 10 प्रतिशत से भी कम लोग इस सेवा क्षेत्र में लगे हुए हैं।

मुख्य बिंदु:

• सेवा सेक्टर आधुनिक अर्थव्यवस्थाओं में रोजगार और आय का प्रमुख स्रोत बन गया है।
• इसमें व्यापार, परिवहन, संचार और पेशेवर सेवाएं शामिल हैं।
• विकसित देशों में इस क्षेत्र का योगदान अल्पविकसित देशों की तुलना में बहुत अधिक है।

आम गलतियाँ:

• केवल व्यापार का वर्णन करके पूरे सेवा सेक्टर को समझा देना।

• विकसित और विकासशील देशों की स्थिति का तुलनात्मक अध्ययन न करना।
• उत्तर को पर्याप्त विस्तार न देना (150 शब्दों की सीमा का ध्यान न रखना)।

Exam Tips:

a) दीर्घ उत्तरीय प्रश्न में बिंदुओं (Bullet points) का प्रयोग करें ताकि उत्तर स्पष्ट दिखे।
b) परिवहन, व्यापार, संचार और पेशेवर सेवाओं को अलग-अलग हेडिंग या बिंदुओं में समझाएं।
c) आर्थिक विकास में सेवा क्षेत्र की भूमिका को आंकड़ों या तर्कों के साथ प्रस्तुत करें।

 

Question 3 (ii): परिवहन और संचार सेवाओं की सार्थकता को विस्तारपूर्वक स्पष्ट कीजिए।

Answer:

परिवहन और संचार सेवाओं का जितना अधिक विकास होगा उतनी ही ज्यादा गतिशीलता उस देश के व्यापार तथा वाणिज्य में देखने को मिलती है।
परिवहन की सार्थकता:
• परिवहन एक ऐसी सेवा है जिससे लोग, विनिर्मित तथा कच्चा माल एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जाता है।
• परिवहन में दूरी को कई तरह से मापा जाता है - माँग की लंबाई के रूप में, मार्ग में लगने वाले समय के रूप में तथा मार्ग पर यात्रा पर आने वाले खर्च के रूप में। परिवहन के साधन के रूप में अनेक विकल्प होते हैं जैसेः सड़क परिवहन, रेल परिवहन, जलमार्ग परिवहन, वायुमार्ग परिवहन और द्रव एवं गैस के लिए पाइप लाइन परिवहन। लोगों को जितने अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे, अर्थव्यवस्था के विकास के लिए उतना ही अच्छा होगा।
• परिवहन मनुष्य की गतिशीलता की मूलभूत आवश्यकता को पूरा करने के लिए निर्मित एक संगठित उद्योग है।
• परिवहन की माँग जनसंख्या के आकार से प्रभावित होती है। अधिक जनसंख्या होने पर ज्यादा परिवहन सेवाओं की माँग होगी।
संचार के साधनों की सार्थकता:
• समाचारों या विचारों का एक स्थान से दूसरे स्थान को भेजना 'संचार' कहलाता है। संचार सेवाओं में शब्दों, संदेशों, तथ्यों और विचारों का प्रेषण सम्मिलित है। मोबाइल, दूरभाषा तथा उपग्रह विकास ने संचार को परिवहन से मुक्त कर दिया है।
• संचार के अंतर्गत दूरसंचार आधुनिक समय में सबसे अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। इसमें व्यक्तिगत संचार के साथ-साथ जनसंचार की भूमिका उल्लेखनीय है।
• जनसंचार के अंतर्गत रेडियो, टीवी, पत्रिकाएँ, फिल्में, अखबार आदि महत्वपूर्ण माध्यम हैं जिनके द्वारा एक ही समय पर काफी बड़ी संख्या में लोगों तक संचार किया जा सकता है।
• संचार के क्षेत्र में भी रोजगार का सृजन हो रहा है तथा बड़ी संख्या में लोग संचार से जुड़ी हुई विभिन्न सेवाओं में लगे हुए हैं।

मुख्य बिंदु:

• परिवहन भौतिक वस्तुओं और लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाता है।
• संचार विचारों, सूचनाओं और संदेशों का आदान-प्रदान करता है।
• दोनों मिलकर देश के व्यापार, वाणिज्य और आर्थिक एकीकरण की रीढ़ बनाते हैं।

आम गलतियाँ:

• परिवहन और संचार को एक ही मान लेना।

• परिवहन की दूरियों को मापने के पैमानों (समय, लागत, दूरी) का उल्लेख न करना।
• जनसंचार और व्यक्तिगत संचार के अंतर को स्पष्ट न करना।

Exam Tips:

a) उत्तर को दो स्पष्ट भागों (परिवहन और संचार) में विभाजित करके लिखें।
b) परिवहन के विभिन्न प्रकारों और संचार के साधनों (व्यक्तिगत और जनसंचार) के उदाहरण दें।
c) आर्थिक विकास में इनकी पूरकता को रेखांकित करें।

 

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