NCERT Solutions Class 12 Geography Fundamentals of Human Geography Chapter 04 Primary Activities (प्राथमिक क्रियाएँ) in Hindi

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Question 1: नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए:
(i) निम्न में से कौन-सी रोपण फसल नहीं है?
(क) कॉफ़ी
(ख) गत्रा
(ग) गेहूँ
(घ) रबड़

Answer:

(ग) गेहूँ

मुख्य बिंदु:

• रोपण कृषि के अंतर्गत चाय, कॉफ़ी, कोको, रबड़, कपास, गन्ना, केला और अनन्नास जैसी फसलें उगाई जाती हैं।
• गेहूँ एक व्यापक वाणिज्यिक अनाज कृषि की फसल है, न कि रोपण कृषि।
• रोपण कृषि उष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों में की जाती है और इसमें बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश की आवश्यकता होती है।

आम गलतियाँ:

• विद्यार्थियों द्वारा रोपण और वाणिज्यिक फसलों के बीच अंतर न समझ पाना।
• गन्ने को रोपण फसल न मानना।
• विकल्पों को बिना पढ़े जल्दबाजी में उत्तर देना।

Exam Tips:

a) बहुविकल्पीय प्रश्नों को हल करते समय सभी विकल्पों को ध्यान से पढ़ें।
b) रोपण फसलों के प्रमुख उदाहरणों की सूची याद रखें।
c) कृषि के विभिन्न प्रकारों की विशेषताओं को स्पष्ट रूप से समझें।

 

Question 1 (cont.):
(ii) निम्न देशों में से किस देश में सहकारिता कृषि का सफल परीक्षण किया गया है?
(क) रूस
(ख) डेनमार्क
(ग) भारत
(घ) नीदरलैंड

Answer:

(ख) डेनमार्क

मुख्य बिंदु:

• सहकारिता आंदोलन की शुरुआत डेनमार्क में हुई थी।
• यहाँ इस कृषि का सबसे सफल परीक्षण किया गया, जहाँ प्रत्येक कृषक इसका सदस्य होता है।
• सहकारी कृषि किसानों के एक समूह द्वारा बनाई जाती है जो कृषि कार्यों में अधिक लाभ के लिए स्वेच्छा से सहयोग करते हैं।

आम गलतियाँ:

• रूस या भारत को सहकारिता कृषि का सफल परीक्षण स्थल समझना।
• सामूहिक कृषि और सहकारिता कृषि में भ्रमित होना।

Exam Tips:

a) सहकारिता कृषि से संबंधित देश डेनमार्क को विशेष रूप से याद रखें।
b) सामूहिक कृषि (колхоз - कोलखोज़) और सहकारी कृषि का अंतर समझें।
c) बोर्ड परीक्षाओं में इस प्रकार के तथ्यात्मक प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।

 

Question 1 (cont.):
(iii) फूलों की कृषि कहलाती है:
(क) ट्रक फार्मिंग
(ख) कारखाना कृषि
(ग) मिश्रित कृषि
(घ) पुष्पोत्पादन

Answer:

(घ) पुष्पोत्पादन

मुख्य बिंदु:

• पुष्पोत्पादन (Horticulture/Floriculture) के अंतर्गत विशिष्ट रूप से फूलों की कृषि की जाती है।
• इन फूलों की माँग नगरीय क्षेत्रों में उच्च आय वाले उपभोक्ताओं के लिए होती है।
• यह कृषि उच्च तकनीक और परिवहन साधनों पर निर्भर करती है।

आम गलतियाँ:

• पुष्पोत्पादन और ट्रक फार्मिंग को एक ही समझ लेना।
• कारखाना कृषि को पुष्पोत्पादन से जोड़ देना।

Exam Tips:

a) विभिन्न प्रकार की कृषियों के वैज्ञानिक या विशेष नामों (जैसे विटिकल्चर, सेरीकल्चर आदि) का अध्ययन करें।
b) पुष्पोत्पादन की परिभाषा और उसकी मुख्य विशेषताओं को याद रखें।
c) उत्तर लिखते समय सही विकल्प का क्रमांक और नाम दोनों लिखें।

 

Question 1 (cont.):
(iv) निम्न में से कौन-सी कृषि के प्रकार का विकास यूरोपीय उपनिवेशिक समूहों द्वारा किया गया था?
(क) कोलखोज़
(ख) अंगरोत्पादन
(ग) मिश्रित कृषि
(घ) रोपण कृषि

Answer:

(घ) रोपण कृषि

मुख्य बिंदु:

• रोपण कृषि का विकास यूरोपीय उपनिवेशवादियों द्वारा दुनिया के उष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों में किया गया था।
• ब्रिटिशों ने भारत और श्रीलंका में चाय के बागान, फ्रांसीसियों ने पश्चिमी अफ्रीका में कॉफी और कोको के बागान विकसित किए।
• इस कृषि में सस्ते श्रमिक और बड़े पैमाने पर प्रचुर पूँजी की आवश्यकता होती है।

आम गलतियाँ:

• मिश्रित कृषि को औपनिवेशिक काल की देन समझना।
• कोलखोज़ को यूरोपीय उपनिवेशों से जोड़ना।

Exam Tips:

a) उपनिवेशवाद और रोपण कृषि के ऐतिहासिक संबंध को याद रखें।
b) विश्व मानचित्र पर रोपण कृषि के क्षेत्रों को पहचानना सीखें।
c) बहुविकल्पीय प्रश्नों में सटीक उत्तर का चयन करें।

 

Question 1 (cont.):
(v) निम्न प्रदेशों में से किसमें विस्तृत वाणिज्य अनाज कृषि नहीं की जाती है?
(क) अमेरिका एवं कनाडा के प्रेरी क्षेत्र
(ख) अर्जेंटीना के पंपास क्षेत्र
(ग) यूरोपीय स्टेपीज क्षेत्र
(घ) अमेज़न बेसिन

Answer:

(घ) अमेज़न बेसिन

मुख्य बिंदु:

• अमेज़न बेसिन एक विषुवत्तीय और उष्ण कटिबंधीय वर्षा वन क्षेत्र है, जहाँ आदिमकालीन निर्वाह कृषि की जाती है।
• विस्तृत वाणिज्य अनाज कृषि मुख्य रूप से मध्यम अक्षांशों के अर्ध-शुष्क आंतरिक क्षेत्रों (जैसे प्रेरी, पंपास, स्टेपीज, वेल्ड्स) में की जाती है।
• यहाँ कृषि का मुख्य उद्देश्य बड़े पैमाने पर व्यावसायिक लाभ कमाना होता है और कृषि कार्य यंत्रों द्वारा किए जाते हैं।

आम गलतियाँ:

• स्टेपीज या पंपास को वाणिज्य अनाज कृषि का क्षेत्र न मानना।
• भौगोलिक क्षेत्रों की जलवायु और कृषि के प्रकार में संबंध न समझ पाना।

Exam Tips:

a) शीतोष्ण घास के मैदानों (प्रेरी, पंपास, स्टेपीज, डाउन्स) के नाम और वहाँ की प्रमुख कृषि को याद रखें।
b) अमेज़न बेसिन जैसी कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्रों की कृषि पद्धतियों को समझें।
c) नकारात्मक प्रश्नों (जैसे 'नहीं की जाती है') को हल करते समय विशेष सावधानी बरतें।

 

Question 1 (cont.):
(vi) निम्न में से किस प्रकार की कृषि में खट्टे रसदार फलों की कृषि की जाती है?
(क) बाजारीय सब्जी कृषि
(ख) भूमध्यसागरीय कृषि
(ग) रोपण कृषि
(घ) सहकारी कृषि

Answer:

(ख) भूमध्यसागरीय कृषि

मुख्य बिंदु:

• भूमध्यसागरीय कृषि अपनी उच्च मूल्य वाले खट्टे रसदार फलों (जैसे अंगूर, संतरा, जैतून, अंजीर) के लिए प्रसिद्ध है।
• यह कृषि भूमध्य सागर के समीपवर्ती क्षेत्रों के साथ-साथ कैलिफोर्निया, मध्य चिली और दक्षिण अफ्रीका के दक्षिण-पश्चिमी भाग में की जाती है।
• यहाँ अंगूर की कृषि से उच्च कोटि की मदिरा (वाइन) का उत्पादन किया जाता है।

आम गलतियाँ:

• खट्टे फलों की कृषि को सामान्य फल उत्पादन या रोपण कृषि मान लेना।
• भूमध्यसागरीय क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति में भ्रमित होना।

Exam Tips:

a) भूमध्यसागरीय कृषि की प्रमुख फसलों की सूची अपने उत्तर में शामिल करें।
b) विश्व के मानचित्र में भूमध्यसागरीय क्षेत्रों की स्थिति का अभ्यास करें।
c) परीक्षा में इस प्रश्न को प्रत्यक्ष रूप से पूछा जा सकता है।

 

Question 1 (cont.):
(vii) निम्न के प्रकारों में से कौन-सा प्रकार कर्तन्-दहन कृषि का प्रकार है?
(क) विस्तृत जीवन निर्वाह कृषि
(ख) आदिकालीन निर्वाह कृषि
(ग) विस्तृत वाणिज्य अनाज कृषि
(घ) मिश्रित कृषि

Answer:

(ख) आदिकालीन निर्वाह कृषि

मुख्य बिंदु:

• आदिकालीन निर्वाह कृषि के अंतर्गत कर्तन् एवं दहन (Slash and Burn) कृषि आती है, जिसे भारत में 'झूम' कृषि भी कहा जाता है।
• इस पद्धति में किसान वनों को काटकर और जलाकर भूमि को साफ करते हैं तथा राख की उर्वरता समाप्त होने पर दूसरी जगह चले जाते हैं।
• इसे विश्व के अलग-अलग हिस्सों में विभिन्न नामों से जाना जाता है (जैसे मिलपा, लदांग आदि)।

आम गलतियाँ:

• कर्तन्-दहन कृषि को वाणिज्यिक कृषि का भाग समझना।
• निर्वाह कृषि और वाणिज्य कृषि के मूल अंतर को भूल जाना।

Exam Tips:

a) कर्तन् एवं दहन कृषि के विभिन्न स्थानीय नामों (जैसे मिलपा, लदांग, झूम) को अच्छी तरह याद रखें।
b) आदिकालीन निर्वाह कृषि की हानियों और विशेषताओं को समझें।
c) एक-नंबर के प्रश्नों के लिए यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण बिंदु है।

 

Question 1 (cont.):
(viii) निम्न में से कौन-सी एकल कृषि नहीं है?
(क) डेरी कृषि
(ख) मिश्रित कृषि
(ग) रोपण कृषि
(घ) वाणिज्य अनाज कृषि

Answer:

(ख) मिश्रित कृषि

मुख्य बिंदु:

• मिश्रित कृषि में फसल उत्पादन और पशुपालन दोनों को समान महत्व दिया जाता है, इसलिए यह एकल कृषि नहीं है।
• रोपण कृषि, डेरी कृषि और वाणिज्य अनाज कृषि में सामान्यतः एक ही प्रकार की फसल या गतिविधि पर मुख्य ध्यान दिया जाता है, जो इन्हें एकल कृषि बनाता है।
• मिश्रित कृषि में खेतों का आकार मध्यम होता है और इसमें बोई जाने वाली फसलें चारा फसलें भी होती हैं।

आम गलतियाँ:

• डेरी कृषि को मिश्रित कृषि समझ लेना।
• 'एकल कृषि' शब्द के अर्थ को स्पष्ट न समझ पाना।

Exam Tips:

a) मिश्रित कृषि की मुख्य विशेषताओं (फसल उत्पादन + पशुपालन) को हमेशा ध्यान में रखें।
b) एकल कृषि और विवधीकृत कृषि के अंतर को समझें।
c) नकारात्मक प्रश्नों को हल करते समय विकल्पों का उन्मूलन (elimination method) करें।

 

Question 2: निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर तीस शब्दों में दीजिए:
स्थानांतरى कृषि का भविष्य अच्छा नहीं है। विवेचना कीजिए।

Answer:

स्थानांतरित कृषि, जिसे आदिकालीन निर्वाह कृषि भी कहा जाता है, का भविष्य अच्छा नहीं है क्योंकि इससे पर्यावरण और वन संपदा को भारी नुकसान होता है। भूमि की उर्वरता समाप्त होने पर वनों को काटा और जलाया जाता है, जिससे वनों का विनाश होता है और मृदा अपरदन बढ़ता है। आधुनिक समय में पर्यावरणीय जागरूकता और वनों के संरक्षण के कारण इस प्रथा पर रोक लगाई जा रही है।

मुख्य बिंदु:

• वनों की अंधाधुंध कटाई और पर्यावरण को भारी क्षति।
• भूमि की उर्वरता में तेजी से गिरावट आना।
• सरकार द्वारा वनों के संरक्षण और वैकल्पिक रोजगार देने के कारण इस पर प्रतिबंध।

आम गलतियाँ:

• केवल कृषि की प्रक्रिया लिखकर छोड़ देना, पर्यावरणीय प्रभाव का उल्लेख न करना।
• उत्तर को 30 शब्दों की सीमा से बहुत अधिक बड़ा लिख देना।

Exam Tips:

a) उत्तर को संक्षिप्त और सटीक रखें (लगभग 30-40 शब्द)।
b) 'पर्यावरण को नुकसान' और 'वनों का विनाश' जैसे मुख्य कीवर्ड्स का प्रयोग करें.
c) नकारात्मक भविष्य के कारणों को बिंदुओं में या स्पष्ट वाक्यों में प्रस्तुत करें।

 

Question 2 (cont.):
बाजारीय सब्जी कृषि नगरीय क्षेत्रों के समीप ही क्यों की जाती है?

Answer:

बाजारीय सब्जी कृषि नगरीय क्षेत्रों के समीप इसलिए की जाती है क्योंकि इसमें उगाई जाने वाली फसलें (जैसे हरी सब्जियाँ, फल और फूल) अत्यधिक नाशवान होती हैं। नगरीय क्षेत्रों में इन उत्पादों की उच्च माँग होती है। उत्तम परिवहन साधनों के कारण ताजे उत्पाद कम समय में आसानी से और बिना खराब हुए उपभोक्ताओं तक पहुँचाए जा सकते हैं।

मुख्य बिंदु:

• उत्पादों (सब्जियों और फूलों) का नाशवान होना।
• नगरीय क्षेत्रों में उच्च आय वाले उपभोक्ताओं की भारी माँग।
• द्रुत गति से चलने वाले परिवहन साधनों की उपलब्धता।

आम गलतियाँ:

• केवल परिवहन का उल्लेख करना, उपभोक्ता की माँग को छोड़ देना।
• 'नाशवान' शब्द का सही प्रयोग न करना।

Exam Tips:

a) 'ट्रक फार्मिंग' और 'नगरीय सब्जी कृषि' के बीच के संबंध को स्पष्ट करें।
b) समय और दूरी के महत्व को उत्तर में दर्शाएं।
c) बोर्ड परीक्षा में परिभाषा आधारित तार्किक उत्तर दें।

 

Question 2 (cont.):
विस्तृत पैमाने पर डेरी कृषि का विकास यातायात के साधनों एवं प्रशीतन के विकास के बाद ही क्यों संभव हो सका है?

Answer:

विस्तृत पैमाने पर डेरी कृषि का विकास यातायात के तीव्र साधनों और प्रशीतन (refrigeration) तकनीकों के बिना संभव नहीं था क्योंकि दूध और दुग्ध उत्पाद अत्यधिक नाशवान होते हैं। प्रशीतन की सुविधा से दूध को अधिक समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है और त्वरित परिवहन के माध्यम से इसे दूर-दराज के शहरी बाजारों तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक ताजा अवस्था में पहुँचाया जा सकता है।

मुख्य बिंदु:

• दूध और दुग्ध उत्पादों का शीघ्र खराब होना।
• प्रशीतन और पाश्चरीकरण तकनीकों द्वारा उत्पादों की जीवन अवधि बढ़ाना।
• द्रुतगामी परिवहन साधनों द्वारा दूरस्थ बाजारों तक पहुँच।

आम गलतियाँ:

• प्रशीतन (Refrigeration) के महत्व को भूल जाना।
• केवल पशुपालन का वर्णन करना, विपणन तकनीक को छोड़ देना।

Exam Tips:

a) 'प्रशीतन' और 'पाश्चरीकरण' जैसे तकनीकी शब्दों का उत्तर में अवश्य प्रयोग करें।
b) कारण और प्रभाव के संबंध को स्पष्ट रूप से लिखें।
c) उत्तर को भूगोल के व्यावहारिक पहलुओं से जोड़ें।

 

Question 3: निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर 150 शब्दों में दीजिए:
चलवासी पशुचारण और वाणिज्य पशुधन पालन में अंतर कीजिए।

Answer:

चलवासी पशुचारण और वाणिज्य पशुधन पालन दोनों ही प्राथमिक क्रियाएँ हैं, लेकिन दोनों में निम्नलिखित मूलभूत अंतर हैं:
1. प्रकृति: चलवासी पशुचारण एक आदिकालीन निर्वाह गतिविधि है जिसमें पशु अपने भोजन और पानी के लिए प्राकृतिक वनस्पतियों और जलवायु पर निर्भर रहते हैं। इसके विपरीत, वाणिज्य पशुधन पालन अधिक व्यवस्थित, वैज्ञानिक और पूँजी प्रधान होता है।
2. गतिशीलता: चलवासी पशुचारण में पशुचायक अपने पशुओं के साथ चारे और पानी की तलाश में एक स्थान से दूसरे स्थान (ऋतुप्रवास) पर घूमते रहते हैं। जबकि वाणिज्य पशुधन पालन एक निश्चित और स्थायी बाड़े में किया जाता है।
3. क्षेत्र और बाजार: चलवासी पशुचारण मुख्य रूप से अर्ध-शुष्क और मरुस्थलीय क्षेत्रों में स्थानीय आवश्यकताओं (भोजन, वस्त्र, शरण) के लिए किया जाता है। इसके विपरीत, वाणिज्य पशुधन पालन पश्चिमी संस्कृति से प्रभावित है और इसका मुख्य उद्देश्य मांस, ऊँ और चमड़े का उत्पादन कर अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बेचना होता है।
4. प्रबंधन: वाणिज्य पशुधन पालन में वैज्ञानिक तरीकों, आनुवंशिक सुधार और चरागाहों के प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जो चलवासी पशुचारण में नहीं होता है।

मुख्य बिंदु:

• चलवासी पशुचारण में घुमक्कड़ जीवन और प्रकृति पर निर्भरता होती है।
• वाणिज्य पशुधन पालन स्थायी, वैज्ञानिक और पूँजी प्रधान होता है।
• दोनों के उद्देश्य भिन्न होते हैं - एक निर्वाह के लिए और दूसरा वैश्विक बाजार के लिए।

आम गलतियाँ:

• दोनों में अंतर स्पष्ट किए बिना केवल दोनों की अलग-अलग परिभाषा लिख देना।
• परीक्षा में शब्द सीमा (150 शब्द) का ध्यान न रखना।

Exam Tips:

a) अंतर स्पष्ट करने के लिए हमेशा बिंदुओं (Points) का प्रयोग करें।
b) तुलना के आधार (जैसे उद्देश्य, प्रबंधन, क्षेत्र) स्पष्ट रूप से लिखें।
c) उत्तर को आकर्षक बनाने के लिए मुख्य बिंदुओं को रेखांकित (underline) करें।

 

Question 3 (cont.):
रोपण कृषि की मुख्य विशेषताएँ बतलाइए एवं भिन्न-भिन्न देशों में उगाई जाने वाली कुछ प्रमुख रोपण फसलों के नाम बतलाइए।

Answer:

रोपण कृषि वाणिज्यिक कृषि का एक रूप है जिसे यूरोपीय उपनिवेशवादियों द्वारा दुनिया के उष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों में विकसित किया गया था। इसकी मुख्य विशेषताएँ और प्रमुख फसलें निम्नलिखित हैं:
रोपण कृषि की विशेषताएँ:
1. विशाल आकार: इस कृषि के अंतर्गत बहुत बड़े-बड़े फार्म या बागान होते हैं।
2. भारी पूँजी निवेश: इसमें अत्यधिक पूँजी, कुशल प्रबन्धन, तकनीकी आधार और वैज्ञानिक विधियों की आवश्यकता होती है।
3. एकल कृषि (Monoculture): इस कृषि में किसी एक ही फसल के उत्पादन पर पूरा ध्यान दिया जाता है (जैसे केवल चाय या केवल रबड़)।
4. सस्ते श्रमिक: इसमें बड़ी संख्या में सस्ते और कुशल श्रमिकों की आवश्यकता होती है।
5. परिवहन और बाजार से जुड़ाव: बागान बाजार और परिवहन के साधनों (सड़क व रेल) से अच्छी तरह जुड़े होते हैं ताकि उत्पाद तुरंत बाहर भेजे जा सकें।
प्रमुख रोपण फसलें और देश:
• भारत और श्रीलंका में चाय。
• मलेशिया में रबड़。
• ब्राजील में कहवा (कॉफ़ी)।
• फिलीपींस में केला और अनन्नास。
• पश्चिमी अफ्रीका में कोको और तेल ताड़ (ऑयल पैम)।

मुख्य बिंदु:

• रोपण कृषि बड़े आकार के बागानों और भारी पूँजी निवेश पर आधारित होती है।
• इसमें एकल फसल प्रणाली और सस्ते श्रमिकों का उपयोग किया जाता है।
• यह उपनिवेशवाद की देन है और इसका अधिकांश उत्पादन निर्यात किया जाता है।

आम गलतियाँ:

• विशेषताओं के साथ देशों और फसलों के नाम का उल्लेख न करना।
• सामान्य कृषि और रोपण कृषि के अंतर को स्पष्ट न कर पाना।

Exam Tips:

a) दीर्घ उत्तरीय प्रश्न में पहले परिचय, फिर विशेषताएँ और अंत में उदाहरण दें।
b) हेडिंग्स (Headings) का उपयोग करें ताकि परीक्षक को उत्तर जाँचने में आसानी हो।
c) देशों और फसलों का सही मिलान याद रखें।

 

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