Step-by-Step Textbook Solutions for Class 12 Biology Chapter 03 जनन स्वास्थ्य
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Question 1: समाज में जनन स्वास्थ्य के महत्त्व के बारे में अपने विचार प्रकट कीजिए।
Answer:
समाज में जनन स्वास्थ्य का अर्थ स्वस्थ जनन अंगों व उनकी सामान्य कार्यप्रणाली से है। अतः जनन स्वास्थ्य का मतलब ऐसे समाज से है जिसके व्यक्तियों के जननअंग शारीरिक व क्रियात्मक रूप से पूर्णरूपेण स्वस्थ हों। लोगों को यौन शिक्षा के द्वारा उचित जानकारी मिलती है जिससे समाज में यौन संबंधों के प्रति फैली कुरीतियाँ व भ्रांतियाँ खत्म होती हैं। जनन स्वास्थ्य के अंतर्गत लोगों को विभिन्न प्रकार के यौन-संचारी रोगों, परिवार नियोजन के उपायों, छोटे परिवार के लाभ, सुरक्षित यौन संबंध आदि के विषय में जागरूक किया जाता है। गर्भावस्था के दौरान माता की देखभाल, प्रसवोत्तर माता व शिशु की देखभाल, शिशु के लिए स्तनपान का महत्त्व जैसे महत्त्वपूर्ण जानकारियों के आधार पर स्वस्थ व जागरूक परिवार बनेंगे। विद्यालय व शिक्षण संस्थानों में प्रदान की जाने वाली स्वास्थ्य तथा यौन शिक्षा से आने वाली पीढ़ी सुलझी विचारधारा वाली होगी जिससे हमारा समाज व देश सशक्त होगा।
मुख्य बिंदु:
• जनन स्वास्थ्य का अर्थ शारीरिक और क्रियात्मक रूप से स्वस्थ जनन अंग हैं।
• यौन शिक्षा से समाज में फैली भ्रांतियाँ और कुरीतियाँ दूर होती हैं।
• सुरक्षित यौन संबंध और परिवार नियोजन के बारे में जागरूकता बढ़ती है।
आम गलतियाँ:
• छात्र जनन स्वास्थ्य को केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित मान लेते हैं।
• यौन शिक्षा के सामाजिक महत्त्व को स्पष्ट करना भूल जाते हैं।
• मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल के बिंदुओं को छोड़ देते हैं।
Exam Tips:
a) उत्तर में 'शारीरिक', 'क्रियात्मक' और 'मानसिक' स्वास्थ्य तीनों का उल्लेख करें।
b) समाज पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभाव को बिंदुओं में स्पष्ट लिखें।
c) भाषा को मानक और वैज्ञानिक बनाए रखें।
Question 2: जनन स्वास्थ्य के उन पहलुओं को सुझाइए, जिन पर आज के परिदृश्य में विशेष ध्यान देने की जरूरत है?
Answer:
जनन स्वास्थ्य के प्रमुख पहलू, जिन पर आज के परिदृश्य में विशेष ध्यान देने की जरूरत है, इस प्रकार हैं:
• सुरक्षित व संतोषजनक जननक स्वास्थ्य।
• जनता को जनन संबंधी पहलुओं के प्रति जागरूक करना।
• विद्यालयों में यौन-शिक्षा प्रदान करना।
• लोगों को यौन संचारित रोगों, किशोरावस्था संबंधी बदलावों व समस्याओं के बारे में जानकारी देना।
• जनसंख्या विस्फोट के दुष्परिणामों से अवगत कराना।
• गर्भपात, गर्भ निरोधक, आर्तव चक्र, बाँध्यापन संबंधी समस्याएँ।
• मादा भ्रूण हत्या के लिए उल्बवेधन का दुरुपयोग आदि।
मुख्य बिंदु:
• यौन संचारित रोगों और किशोरावस्था की समस्याओं पर ध्यान देना आवश्यक है।
• जनसंख्या नियंत्रण और गर्भनिरोधक उपायों की जानकारी जरूरी है।
• मादा भ्रूण हत्या और उल्बवेधन के दुरुपयोग को रोकना मुख्य प्राथमिकता है।
आम गलतियाँ:
• केवल जनसंख्या वृद्धि को ही एकमात्र समस्या मान लेना।
• किशोरावस्था के शारीरिक और मानसिक बदलावों की उपेक्षा करना।
• उल्बवेधन के दुरुपयोग जैसे गंभीर बिंदु को छोड़ देना।
Exam Tips:
a) सभी बिंदुओं को बुलेट पॉइंट्स में स्पष्ट रूप से लिखें।
b) वर्तमान सामाजिक समस्याओं जैसे भ्रूण हत्या को जरूर शामिल करें।
c) उत्तर को सटीक और बिंदुवार प्रस्तुत करें।
Question 3: क्या विद्यालयों में यौन शिक्षा आवश्यक है? यदि हाँ तो क्यों?
Answer:
विद्याल्यों में यौन शिक्षा अति आवश्यक है क्योंकि इससे छात्रों को किशोरावस्था संबंधी परिवर्तनों व समस्याओं के निदान की सही जानकारी मिलेगी। यौन शिक्षा से उन्हें यौन संबंध के प्रति भ्रांतियों व मिथ्या धारणाओं को खत्म करने में सहायता मिलेगी; इसके साथ-साथ उन्हें सुरक्षित यौन संबंध, गर्भ निरोधकों का प्रयोग, यौन संचारित रोगों, उनसे बचाव व निदान की जानकारी प्राप्त होगी। इसके परिणामस्वरूप आने वाली पीढ़ी यौननात्मक व मानसिक रूप से समृद्ध होगी।
मुख्य बिंदु:
• किशोरावस्था के परिवर्तनों की सही जानकारी मिलती है।
• यौन संबंधी भ्रांतियाँ और मिथ्या धारणाएँ दूर होती हैं।
• सुरक्षित यौन आचरण और यौन रोगों से बचाव की जानकारी मिलती है।
आम गलतियाँ:
• यौन शिक्षा को अनावश्यक या वर्जित विषय मान लेना।
• इसके लाभों को केवल शारीरिक स्तर तक सीमित रखना।
• तर्कों को स्पष्ट रूप से न लिखना।
Exam Tips:
a) 'हाँ' कहकर अपने उत्तर की शुरुआत स्पष्ट रूप से करें।
b) इसके शैक्षणिक और सामाजिक लाभों को तार्किक रूप से समझाएँ।
c) विद्यार्थियों के दृष्टिकोण से उत्तर को उपयोगी दर्शाएँ।
Question 4: क्या आप मानते हैं कि पिछले 50 वर्षों के दौरान हमारे देश के जनन स्वास्थ्य में सुधार हुआ है? यदि हाँ, तो इस प्रकार के सुधार वाले कुछ क्षेत्रों का वर्णन कीजिए।
Answer:
पिछले 50 वर्षों के दौरान निश्चित ही हमारे देश के जनन स्वास्थ्य में सुधार हुआ है। इस प्रकार के सुधार वाले कुछ क्षेत्र निम्न हैं:
• शिशु व मातृ मृत्यु दर घटी है।
• यौन संचारित रोगों की शीघ्र पहचान व उनका समुचित उपचार।
• बंध्य दंपतियों को विभिन्न तकनीकों द्वारा संतान लाभ।
• बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ व जीवन स्तर।
• विभिन्न प्रकार के गर्भ निरोधकों की खोज व उपलब्धता।
• चिकित्सीय सहायता युक्त सुरक्षित प्रसव।
• लघु परिवारों के लिए प्राथमिकता।
• यौन संबंधी मुद्दों पर बढ़ती जागरूकता।
• बढ़ती जनसंख्या के नियन्त्रण हेतु प्रयासरत सरकार व आम जनता।
मुख्य बिंदु:
• मातृ और शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है।
• बंध्य दंपतियों के लिए ART जैसी तकनीकें उपलब्ध हैं।
• गर्भनिरोधक और चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार हुआ है।
आम गलतियाँ:
• सुधार के क्षेत्रों को सामान्य स्वास्थ्य तक सीमित कर देना।
• आधुनिक तकनीकों (जैसे IVF) का उल्लेख न करना।
• बिंदुओं को क्रमबद्ध न लिखना।
Exam Tips:
a) प्रश्न के दोनों भागों (क्या सुधार हुआ है और क्षेत्र) का उत्तर दें।
b) चिकित्सा और सामाजिक दोनों प्रकार के सुधारों को शामिल करें।
c) बुलेट पॉइंट्स का उपयोग करके उत्तर को आकर्षक बनाएँ।
Question 5: जनसंख्या विस्फोट के कौन से कारण हैं?
Answer:
जनसंख्या विस्फोट: विश्व की आबादी 2 व्यक्ति प्रति सेकण्ड या 2,00,000 व्यक्ति प्रतिदिन या 60 लाख व्यक्ति प्रतिमाह या लगभग 7 करोड़ प्रतिवर्ष की दर से बढ़ रही है। आबादी में इस तीव्रगति से वृद्धि को जनसंख्या विस्फोट कहते हैं। यह मृत्युदर में कमी और जन्मदर में वांछित कमी न आने के कारण होता है।
जनसंख्या में वृद्धि एवं इसके कारण:
किसी भी क्षेत्र में एक निश्चित समय में बढ़ी हुई आबादी ya जनसंख्या को जनसंख्या वृद्धि कहते हैं। जनसंख्या वृद्धि के निम्नलिखित कारण हैं:
• स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण शिशु मृत्युदर (इन्फेंट मोर्टेलिटी रेट) एवं मातृ मृत्युदर में कमी आई है।
• जनन योग्य व्यक्तियों की संख्या में वृद्धि का होना।
• अच्छी स्वास्थ्य सेवाओं के कारण जीवन स्तर में सुधार होना।
• अशिक्षा के कारण व्यक्तियों को परिवार नियोजन के साधनों का ज्ञान न होना और परिवार नियोजन के तरीकों को पूर्ण रूप से न अपनाया जाना।
• वैज्ञानिक एवं तकनीकी प्रगति के कारण खाद्यानों के उत्पादन में वृद्धि।
• सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों द्वारा अनेक महामारियों का समूल रूप से निवारण होना।
• निम्न सामाजिक स्तर के कारण अधिकांश निर्धन व्यक्ति यह विश्वास करता है कि जितने अधिक बच्चे होंगे, वे काम करके अधिक धनोपार्जन करेंगे।
• सामाजिक रीति-रिवाजों के कारण पुत्र प्राप्ति की चाह में दंपत्ति संतान उत्पन्न करते रहते हैं।
मुख्य बिंदु:
• मृत्यु दर में कमी और जन्म दर का उच्च रहना जनसंख्या विस्फोट का मुख्य कारण है।
• अशिक्षा और परिवार नियोजन के साधनों की जानकारी का अभाव।
• सामाजिक मान्यताएँ जैसे पुत्र प्राप्ति की इच्छा और अधिक बच्चों को आय का साधन मानना।
आम गलतियाँ:
• केवल एक कारण (जैसे गरीबी) को ही उत्तर मान लेना।
• वैज्ञानिक और चिकित्सागत कारणों की उपेक्षा करना।
• परिभाषा और कारणों को स्पष्ट रूप से अलग न करना।
Exam Tips:
a) पहले जनसंख्या विस्फोट की संक्षिप्त परिभाषा दें।
b) कारणों को सामाजिक, आर्थिक और चिकित्सात्मक श्रेणियों में बाँटकर लिखें।
c) सभी प्रमुख बिंदुओं को शामिल करने का प्रयास करें।
Question 6: क्या गर्भनिरोधकों का उपयोग न्यायोचित है? कारण बताएँ।
Answer:
विश्व की बढ़ती जनसंख्या को रोकने के लिए विभिन्न प्रकार के गर्भनिरोधकों का प्रयोग किया जाता है। कंडोम जैसे गर्भनिरोधक से न सिर्फ गर्भता से बचा जा सकता है बल्कि यह अनेक यौन संचारित रोगों व संक्रमणों से भी बचाव करता है। गर्भनिरोधक के प्रयोग द्वारा किसी भी प्रकार के अवांछनीय परिणाम से बचा जा सकता है या उसे रोका जा सकता है। विश्व के अधिकांश दंपती गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करते हैं। गर्भनिरोधकों के इन सभी महत्यों के आधार पर यह कहा जा सकता है कि इनका उपयोग न्यायोचित है।
मुख्य बिंदु:
• गर्भनिरोधक जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करने में सहायक हैं।
• ये अवांछित गर्भधारण और यौन संचारित रोगों (STIs) से सुरक्षा प्रदान करते हैं।
• इनका उपयोग व्यक्तिगत स्वास्थ्य और परिवार कल्याण के लिए पूरी तरह न्यायसंगत है।
आम गलतियाँ:
• केवल जनसंख्या नियंत्रण तक उत्तर सीमित रखना और रोगों से बचाव का जिक्र न करना।
• न्यायोचित होने का उचित तार्किक कारण न देना।
Exam Tips:
a) प्रश्न के पक्ष में स्पष्ट 'हाँ' या न्यायोचित होने का समर्थन करें।
b) रोगों से बचाव और परिवार नियोजन दोनों लाभों का उल्लेख करें।
c) भाषा को संयमित और वैज्ञानिक रखें।
Question 7: जनन ग्रंथि को हटाना गर्भ निरोधकों का विकल्प नहीं माना जा सकता है? क्यों?
Answer:
गर्भ निरोधक के अंतर्गत वे सभी युक्तियाँ आती हैं जिनके द्वारा अवांछनीय गर्भ को रोका जा सकता है। गर्भ निरोधक पूर्ण रूप से ऐच्छिक व उत्क्रमणीय होते हैं, व्यक्ति अपनी इच्छानुसार इनका प्रयोग बन्द करके, गर्भधारण कर सकता है। इसके विपरीत जनन ग्रंथि को हटाने पर शुक्राणु व अंडाणुओं का निर्माण स्थायी रूप से खत्म हो जाता है अर्थात् ये उत्क्रमणीय नहीं होते हैं। एक बार जनन ग्रंथि के हटाने पर पुनः गर्भधारण करना असंभव होता है।
मुख्य बिंदु:
• गर्भनिरोधक उत्क्रमणीय (reversible) होते हैं, जबकि जनन ग्रंथि हटाना स्थायी (permanent) है।
• गर्भनिरोधक का उपयोग ऐच्छिक होता है और बाद में गर्भधारण संभव है।
• जनन ग्रंथि हटने से युग्मक निर्माण हमेशा के लिए बंद हो जाता है।
आम गलतियाँ:
• उत्क्रमणीयता (Reversibility) के मुख्य अंतर को न समझाना।
• जनन ग्रंथि हटाने की प्रक्रिया को गर्भनिरोधक विधि समझ लेना।
Exam Tips:
a) 'उत्क्रमणीय' (Reversible) शब्द का सही प्रयोग करें।
b) दोनों के बीच का मुख्य अंतर स्पष्ट रूप से तुलना करके बताएँ।
Question 8: उल्बवेधन एक घातक लिंग निर्धारण (जाँच) प्रक्रिया है, जो हमारे देश में निषेध है? क्या यह आवश्यक होना चाहिए? टिप्पणी कीजिए।
Answer:
उल्बवेधन एक ऐसी तकनीक है जिसके अंतर्गत माता के गर्भ में से एम्रिओटिक द्रव का कुछ भाग सिरिंज द्वारा बाहर निकाला जाता है। इस द्रव में फीटस की कोशिकाएँ होती हैं जिनके गुणसूत्रों का विश्लेषण करके भ्रूण की लिंग जाँच, आनुवंशिक संरचना, आनुवंशिक विकार व उपापचय विकारों का पता लगाया जा सकता है। अतः इस जाँच प्रक्रिया का प्रमुख उद्देश्य होने वाली संतान में किसी भी संभावित विकलांगता अथवा विकार का पता लगाना है जिससे माता को गर्भपात कराने का आधार मिल सके।
किंतु आजकल इस तकनीक का दुरुपयोग भ्रूण लिंग ज्ञात करके, मादा भ्रूण हत्या के लिए हो रहा है। इसके फलस्वरूप हमारे देश का लिंगानुपात असंतुलित होता जा रहा है। मादा भ्रूण के सामान्य होने पर भी गर्भपात कर दिया जाता है क्योंकि अभी भी हमारे समाज में पुत्र जन्म को प्राथमिकता दी जाती है। ऐसा गर्भपात एक बच्चे की हत्या के समतुल्य है, अतः उल्बवेधन पर कानूनी प्रतिबंध लगाना अति आवश्यक है।
मुख्य बिंदु:
• उल्बवेधन आनुवंशिक विकारों का पता लगाने की एक उपयोगी चिकित्सीय तकनीक है।
• इसका दुरुपयोग भ्रूण लिंग परीक्षण और मादा भ्रूण हत्या के लिए किया जा रहा है।
• लिंगानुपात असंतुलन रोकने के लिए इस पर कानूनी प्रतिबंध आवश्यक है।
आम गलतियाँ:
• तकनीक के चिकित्सीय लाभों का उल्लेख किए बिना केवल बुराई करना।
• दुरुपयोग और सही उपयोग के बीच का अंतर स्पष्ट न करना।
Exam Tips:
a) पहले तकनीक की परिभाषा और वास्तविक उद्देश्य स्पष्ट करें।
b) इसके दुरुपयोग और समाज पर पड़ने वाले प्रभाव का वर्णन करें।
c) अंत में प्रतिबंध की आवश्यकता का तार्किक समर्थन दें।
Question 9: बंध्य दंपतियों को संतान पाने हेतु सहायता देने वाली कुछ विधियाँ बताइए।
Answer:
बंध्य दंपतियों को संतान प्राप्ति हेतु सहायता देने के लिए निम्न विधियाँ हैं:
• परखनली शिशु: इसके अन्तर्गत शुक्राणु व अंडाणुओं को इन विट्रो निषेचन कराया जाता है। तत्पश्चात् भ्रूण को सामान्य स्त्री के गर्भाशय में प्रवरोपित कर दिया जाता है। स्त्री के गर्भ में गर्भकाल की अवधि पूर्ण होने पर सामान्य रूप से शिशु का जन्म होता है।
• युग्मक अन्तः फैलोपियन स्थानान्तरण: इस विधि का प्रयोग उन महिलाओं पर किया जाता है, जो लम्بے समय से बंध्य हैं। इसके अन्तर्गत लेप्रोस्कोप की सहायता से फैलोपियन नलिका के एम्पुला में शुक्राणु व अंडाणुओं का निषेचन कराया जाता है।
• अन्तः कोशिकाद्रव्यीय शुक्राणु वेधन: इसके अन्तर्गत शुक्राणुओं को प्रयोगशाला में संबंधित माध्यम में रखकर प्रत्यक्ष ही अण्डाणु में बेध दिया जाता है। तत्पश्चात् भ्रूण या युग्मनज को स्त्री के गर्भाशय में स्थापित कर दिया जाता है।
• कृत्रिम गर्भाधान: इसका प्रयोग उन पुरुषों पर किया जाता है जिनमें शुक्राणुओं की कमी होती है। इस विधि में पुरुष के वीर्य को एकत्रित करके स्त्री की योनि में स्थापित कर दिया जाता है।
इसके अतिरिक्त निसंतान दम्पति, अनाथ व आश्रयीत बच्चों को कानूनी रूप से गोद ले सकते हैं।
मुख्य बिंदु:
• इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) और एम्ब्रियो ट्रांसफर (ET) प्रमुख तकनीकें हैं।
• GIFT (युग्मक अंतः फैलोपियन स्थानांतरण) और ICSI जैसी उन्नत तकनीकें उपलब्ध हैं।
• कृत्रिम गर्भाधान (AI) और कानूनी रूप से बच्चा गोद लेना (Adoption) भी विकल्प हैं।
आम गलतियाँ:
• तकनीकों के संक्षिप्त नाम (जैसे IVF, GIFT) का पूरा रूप या सही अर्थ न लिखना।
• सभी विधियों को एक ही प्रक्रिया मान लेना।
Exam Tips:
a) सभी सहायक जनन तकनीक (ART) के नाम स्पष्ट रूप से लिखें।
b) प्रत्येक विधि को छोटे और सरल बिंदुओं में समझाएँ।
c) दत्तक ग्रहण (Adoption) को भी एक वैध विकल्प के रूप में जरूर लिखें।
Question 10: किसी व्यक्ति को यौन संचारित रोगों के संपर्क में आने से बचने के लिए कौन-سی उपाय अपनाने चाहिए?
Answer:
यौन संचारित रोग यौन संबंधों के द्वारा संचरित व अति संक्रामक होते हैं। इन रोगों से बचने के लिए निम्न उपाय अपनाने चाहिए:
• सहवास के दौरान कंडोम का प्रयोग करें।
• समलैंगिकता से दूर रहें।
• पराममी व्यक्ति से यौन संबंध न बनाएँ।
• वैश्यावृत्ति से दूर रहें।
• किसी भी प्रकार की यौन समस्या होने पर कुशल चिकित्सक से परामर्श लें।
• अनजान व्यक्ति से यौन संबंध न बनाएँ।
मुख्य बिंदु:
• यौन संबंधों के दौरान हमेशा बैरियर (कंडोम) का प्रयोग करना चाहिए।
• अनजान व्यक्तियों या बहु-साथियों (multiple partners) से संबंध बनाने से बचना चाहिए।
• संक्रमण के लक्षण दिखने पर तुरंत योग्य चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
आम गलतियाँ:
• केवल कंडोम के प्रयोग को ही एकमात्र उपाय बता देना।
• चिकित्सक की सलाह और शुरुआती जाँच के महत्त्व को न लिखना।
Exam Tips:
a) निवारक उपायों को बिंदुओं में स्पष्ट रूप से लिखें।
b) चिकित्सीय परामर्श के बिंदु को अनिवार्य रूप से शामिल करें।
Question 11: निम्नलिखित वाक्य सही हैं या गलत, व्याख्या सहित बताएँ:
(क) गर्भपात स्वतः भी हो सकता है। (सही/गलत)
(ख) बंध्यता को जीवनक्षम संतति न पैदा कर पाने की योग्यता के रूप में परिभाषित किया गया है और यह सदैव स्त्री की असमान्यता/दोषों के कारण होती है। (सही/गलत)
(ग) एक प्राकृतिक गर्भ निरोधक उपाय के रूप में शिशु को पूर्ण रूप से स्तनपान कराना सहायक होता है। (सही/गलत)
(घ) लोगों के जनन स्वास्थ्य के सुधार हेतु यौन संबंधित पहलुओं के बारे में जागरूकता पैदा करना एक प्रभावी उपाय है। (सही/गलत)
Answer:
(क) सही, सामान्य परिस्थितियों में गर्भपात स्वतः नहीं होता है। गर्भपात का अर्थ है स्वेच्छा से या किसी दुर्घटनावश गर्भ का नष्ट होना।
(ख) गलत, बंध्यता स्त्री या पुरुष दोनों के दोषों या विकारों के कारण होती है।
(ग) सही, प्रसव के उपरांत शिशु को भरपूर स्तनपान कराने से अंडोत्सर्ग नहीं होता है। अतः आर्तव चक्र के प्रारम्भ न होने से गर्भ ठहरने की संभावना भी नहीं रहती है। किन्तु यह प्रसव के पश्चात् 4-6 महीने तक ही प्रभावी होता है।
(घ) सही, जनन स्वास्थ्य के लिए लोगों को यौन संबंधी समस्याओं, भ्रान्तियों व अवधारणाओं के बारे में सही जानकारी देना जरूरी है। सुरक्षित यौन संबंध, गर्भ निरोधचन, यौन रोगों से बचाव आदि महत्त्वपूर्ण जानकारियाँ, लोगों को जनन स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाती हैं।
मुख्य बिंदु:
• स्वतः गर्भपात प्राकृतिक कारणों से हो सकता है।
• बंध्यता पुरुष और स्त्री दोनों में हो सकती है, केवल स्त्री में नहीं।
• स्तनपान अनार्तव (Lactational amenorrhea) गर्भधारण रोकने का प्राकृतिक उपाय है।
आम गलतियाँ:
• (ख) में बंध्यता को केवल स्त्री की कमी मान लेना।
• (ग) में स्तनपान आधारित प्राकृतिक विधि की समय-सीमा (4-6 महीने) का ध्यान न रखना।
Exam Tips:
a) प्रत्येक उप-प्रश्न में पहले 'सही' या 'गलत' स्पष्ट लिखें।
b) नीचे उसकी संक्षिप्त और सटीक व्याख्या अवश्य दें।
Question 12: निम्न कथनों को सही करें:
(क) गर्भ निरोध के शल्य क्रियात्मक उपाय युग्मक बनने को रोकते हैं।
(ख) सभी प्रकार के यौन संचारित रोग पूरी तरह से उपचार योग्य हैं।
(ग) ग्रामीण महिलाओं के बीच गर्भनिरोधक के रूप में गोलियाँ (पिल्स) बहुत अधिक लोकप्रिय हैं।
(घ) ई० टी० तकनीक में भ्रूण को सदैव गर्भाशय में स्थानांतरित किया जाता है।
Answer:
(क) गर्भ निरोध के शल्य क्रियात्मक उपाय युग्मक परिवहन अथवा युग्मक संचार को रोकते हैं।
(b) जेनिटल हर्पिज़, HIV संक्रमण, यकृत शोथ-B के अतिरिक्त शेष सभी प्रकार के यौन संचारित रोग पूरी तरह से उपचार के योग्य हैं, यदि इन्हें सही समय पर पहचान कर इलाज कराया जाये।
(ग) गर्भ निरोधक गोलियाँ (पिल्स) सभी महिलाओं के बीच लोकप्रिय हैं।
(घ) ई० टी० तकनीक में भ्रूण को हमेशा गर्भाशय में स्थानांतरित किया जाता है। (या 8 ब्लास्टोमीयर से अधिक भ्रूण को गर्भाशय में स्थानांतरित किया जाता है)
मुख्य बिंदु:
• शल्य क्रियात्मक उपाय (जैसे वासेक्टॉमी और ट्यूबेक्टॉमी) युग्मक परिवहन को रोकते हैं।
• AIDS, हेपेटाइटिस-B और हर्पीज पूर्णतः साध्य नहीं हैं।
• एम्ब्रियो ट्रांसफर में 8-ब्लास्टोमीयर तक का भ्रूण फैलोपियन ट्यूब में भी स्थापित किया जा सकता है (ZIFT)।
आम गलतियाँ:
• शल्य क्रिया में युग्मक बनने (उत्पादन) और परिवहन (transport) में भ्रमित होना।
• सभी यौन रोगों को पूरी तरह असाध्य या पूरी तरह साध्य मान लेना।
Exam Tips:
a) अशुद्ध शब्द को पहचान कर उसके स्थान पर सही वैज्ञानिक शब्द लिखें।
b) प्रत्येक कथन को पूरी तरह से संशोधित करके पुनः लिखें।
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