Official CBSE Exam Papers for Class 12 Hindi Elective
Explore authentic exam materials through the CBSE Class 12 Hindi Elective Question Paper 2026 Solved Code 29-1-2. Tailored for Class 12 learners, utilizing these Hindi Elective previous year papers ensures thorough preparation and strengthens time management skills before final CBSE evaluations.
Solved Previous Year Papers for Hindi Elective
Access the complete question paper PDF for Class 12 Hindi Elective below. Regular practice with these targeted exam papers builds familiarity with standard question patterns and helps secure higher marks in final evaluations.
खंड - क
(अपठित बोध)
1. निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : [8 Marks]
हरी बिछली घास ।
दोलती कलगी छरहरे बाजरे की ।
अगर मैं तुम को ललाती साँझ के नभ की अकेली तारिका
अब नहीं कहता,
या शरद के भोर की नीहार-न्हायी कुंई,
टटकी कली चम्पे की, वगैरह, तो
नहीं कारण कि मेरा हृदय उथला या कि सूना है
या कि मेरा प्यार मैला है ।
बल्कि केवल यही : ये उपमान मैले हो गये हैं ।
देवता इन प्रतीकों के कर गये हैं कूच ।
आज हम शहरातियों को
पालतु मालेच पर सँवरी जूही के फूल से
सृष्टि के विस्तार का - ऐश्वर्य का - औदार्य का -
कहीं सच्चा, कहीं प्यारा एक प्रतीक बिछली घास है,
या शरद की साँझ के सूने गगन की पीठिका पर दोलती कलगी
अकेली
बाजरे की ।
और सचमुच, इन्हें जब-जब देखता हूँ
यह खुला वीरान संसृति का घना हो सिमट आता है -
और मैं एकान्त होता हूँ समर्पित
शब्द जादू हैं -
मगर क्या समर्पण कुछ नहीं है ?
(i) 'उपमान मैले हो गए हैं' से अभिप्राय है - [1 Mark]
(A) उपमानों का प्राचीन होना
(B) उपमानों का समझ न आना
(C) संप्रेषण-शक्ति का अभाव होना
(D) आकर्षण शक्ति का अभाव होना
Answer: (C) संप्रेषण-शक्ति का अभाव होना
Teacher's Note:
a) 'उपमान मैले होना' का अर्थ यह है कि पुराने प्रतीक अब भाव को ठीक से नहीं पहुँचा पाते।
b) विकल्पों को ध्यान से पढ़कर सटीक शब्द चुनें।
(ii) काव्यांश के मूल भाव को व्यक्त करने वाला कथन नहीं है [1 Mark]
(A) प्रकृति के प्रति प्रेम भाव
(B) कवि की गहन सौंदर्य-चेतना
(C) ग्रामीण संस्कृति का वर्णन
(D) पुराने प्रतीकों का खंडन
Answer: (C) ग्रामीण संस्कृति का वर्णन
Teacher's Note:
a) कविता प्रकृति-प्रेम और नए प्रतीकों की बात करती है, ग्रामीण संस्कृति का वर्णन नहीं।
b) 'नहीं' शब्द पर ध्यान देकर गलत विकल्प चुनें।
(iii) काव्यांश में नायिका के सौंदर्य की तुलना की गई है [1 Mark]
(A) नभ की तारिका से
(B) बाजरे की कलगी से
(C) चम्पे की कली से
(D) ओस से भीगी कुमुदिनी से
Answer: (B) बाजरे की कलगी से
Teacher's Note:
a) कवि पुराने उपमानों को त्यागकर बाजरे की कलगी जैसे नए प्रतीक का प्रयोग करता है।
b) पंक्ति 'दोलती कलगी अकेली बाजरे की' पर ध्यान दें।
(iv) कवि अपनी प्रेमिका से क्या प्रश्न करता है ? [1 Mark]
Answer: कवि पूछता है - 'शब्द जादू हैं, मगर क्या समर्पण (मौन की अभिव्यंजना) कुछ नहीं है ?'
Teacher's Note:
a) उत्तर में कविता की अंतिम पंक्तियाँ ही आधार हैं।
b) प्रश्न को ज्यों का त्यों उद्धृत करना उचित है।
(v) कवि परंपरागत उपमानों से प्रेयसी के सौंदर्य की तुलना क्यों नहीं करता ? [2 Marks]
Answer:
1. परंपरागत उपमान कवि के प्रेमभाव को संप्रेषित करने में अक्षम हो गए हैं।
2. उनमें अब नवीनता और आकर्षण का अभाव है, इसलिए कवि नए प्रतीक अपनाता है।
Teacher's Note:
a) दोनों बिंदु 'पुरानापन' और 'अक्षमता' पर केंद्रित रखें।
b) उदाहरण के तौर पर तारिका, कुंई, चम्पे की कली का उल्लेख कर सकते हैं।
(vi) 'शब्द जादू है'
क्या यह समर्पण कुछ नहीं है ?' - पंक्तियों के आधार पर कवि के मनोभावों को व्यक्त कीजिए । [2 Marks]
Answer:
1. कवि मानता है कि शब्दों में आकर्षित करने की अद्भुत शक्ति होती है।
2. किंतु मौन समर्पण, मुखर शब्दाभिव्यक्ति से भी अधिक मूल्यवान और गहरा होता है।
Teacher's Note:
a) 'मौन बनाम वाणी' के द्वंद्व को स्पष्ट करना जरूरी है।
b) कवि की आत्म-जिज्ञासा को रेखांकित करें।
2. निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : [10 Marks]
मोटापा भारत समेत दुनिया के विभिन्न देशों में बढ़ती हुई एक स्वास्थ्य समस्या का विषय है । यह सभी आयु, वर्ग और पृष्ठभूमि के व्यक्तियों को प्रभावित करता है । इसे शरीर में अतिरिक्त चर्बी के रूप में परिभाषित किया जाता है और आमतौर पर इसे 'बॉडी मास इंडेक्स' द्वारा मापा जाता है । मोटापा और अधिक वजन की समस्या समय के साथ बढ़ती जाती है । इसका खतरा सिर्फ़ इसी बात से तय नहीं होता कि कितना खाया जा रहा है, बल्कि किस तरह के खाद्य या पेय पदार्थों का सेवन किया जा रहा है, कितनी और किस तरह की शारीरिक गतिविधियाँ की जा रही हैं, रात में कितनी अच्छी नींद ली जा रही है, इन सबसे भी यह निर्धारित होता है ।
मोटापे का सामाजिक माहौल और विभिन्न तनावों से भी गहरा रिश्ता है । संक्षेप में कहें तो व्यवहार और जीवन-शैली, आसपास का माहौल, पारिवारिक इतिहास और अंदरूनी शारीरिक बदलाव मोटापे के कारण हैं । अधिक वजन और मोटापा टाइप-2 मधुमेह, हृदय संबंधी रोग, कई तरह के कैंसर और अन्य समस्याओं को जन्म दे सकता है । ऐसे में, इस समस्या से पार पाने के लिए 'सार्वजनिक स्वास्थ्य' में संजीदगी दिखानी होगी ।
आमतौर पर खान-पान की आदतों में बदलाव करके, अपनी शारीरिक गतिविधियों को बढ़ाकर और सुस्त जीवन-शैली से दूरी बनाकर हम मोटापे को काफी हद तक रोक सकते हैं । डिब्बाबंद या पैकेट बंद खाद्य पदार्थों का सेवन बंद करके, पोषक तत्त्वों की जानकारी देखकर, पैकेट बंद खाद्य पदार्थों की खरीददारी करके, खाद्य पदार्थों के विज्ञापनों के प्रलोभनों से बचकर इस समस्या से बचाव की शुरुआत की जा सकती है । नौजवानों और वयस्कों को पार्कों और उन स्थानों पर समय बिताना चाहिए, जहाँ उनकी शारीरिक गतिविधियाँ हो सकें या उनमें चलने की आदत विकसित हो सके । छोटे-छोटे कदम बढ़ाकर ही इस समस्या को हराया जा सकता है ।
(i) 'मोटापा सभी आयु, वर्ग और पृष्ठभूमि के व्यक्तियों को प्रभावित करता है ।' - कथन में 'पृष्ठभूमि' से क्या अभिप्राय है ? [1 Mark]
(A) पीछे की भूमि
(B) आसपास का वातावरण
(C) शहरी-ग्रामीण क्षेत्र
(D) पीछे का संदर्भ
Answer: (C) शहरी-ग्रामीण क्षेत्र
Teacher's Note:
a) 'पृष्ठभूमि' का अर्थ यहाँ व्यक्ति के रहन-सहन के परिवेश से है।
b) संदर्भ को ध्यान में रखकर विकल्प चुनें।
(ii) गद्यांश के संदर्भ में आधुनिक जीवन-शैली का कौन सा घटक मोटापे की समस्या का कारक नहीं है ? [1 Mark]
(A) विश्राम की मानसिकता
(B) अत्यधिक सक्रियता
(C) पैकेट बंद खाद्य पदार्थों का सेवन
(D) शारीरिक गतिविधियों में कमी
Answer: (B) अत्यधिक सक्रियता
Teacher's Note:
a) अत्यधिक सक्रियता मोटापे को नहीं बढ़ाती, बल्कि उसे रोकती है।
b) 'नहीं' शब्द पर विशेष ध्यान दें।
(iii) 'पारिवारिक इतिहास' से आशय है - [1 Mark]
(A) आनुवंशिक प्रवृत्ति
(B) पारिवारिक परंपरा
(C) पारिवारिक समृद्धि
(D) वंशानुगत पृष्ठभूमि
Answer: (D) वंशानुगत पृष्ठभूमि
Teacher's Note:
a) पारिवारिक इतिहास का अर्थ पीढ़ियों से चली आ रही शारीरिक प्रवृत्तियों से है।
b) विकल्पों के सूक्ष्म अंतर को समझें।
(iv) मोटापे से क्या आशय है ? [1 Mark]
Answer: मोटापा एक स्वास्थ्य समस्या है, जो शरीर में जमा अतिरिक्त वसा/चर्बी से उत्पन्न होती है और इसे 'बॉडी मास इंडेक्स' द्वारा मापा जाता है।
Teacher's Note:
a) गद्यांश की परिभाषा को ही संक्षेप में लिखें।
b) 'बॉडी मास इंडेक्स' शब्द अवश्य लिखें।
(v) मोटापे की समस्या को किस प्रकार नियंत्रित किया जा सकता है ? [2 Marks]
Answer:
1. खान-पान की आदतों में बदलाव करके तथा शारीरिक गतिविधियों को बढ़ाकर।
2. सुस्त जीवन-शैली और डिब्बाबंद/पैकेट बंद खाद्य पदार्थों से दूरी बनाकर।
Teacher's Note:
a) गद्यांश के तीसरे अनुच्छेद से बिंदु चुनें।
b) कोई भी दो स्पष्ट उपाय पर्याप्त हैं।
(vi) सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वास्थ्य के बीच का अंतर स्पष्ट कीजिए । [2 Marks]
Answer:
1. सार्वजनिक स्वास्थ्य - संपूर्ण जनसमुदाय के स्वास्थ्य और उसकी रक्षा से संबंधित है।
2. स्वास्थ्य - व्यक्तिगत रूप से शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होने की स्थिति है।
Teacher's Note:
a) दोनों शब्दों को 'सामूहिक' और 'व्यक्तिगत' के आधार पर अलग करें।
b) उदाहरण देकर स्पष्ट करना अच्छा रहेगा।
(vii) मोटापे को एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या क्यों माना गया है ? [2 Marks]
Answer: मोटापा अनेक प्रकार की शारीरिक और मानसिक बीमारियों का कारण बनता है, जैसे मधुमेह, हृदय संबंधी रोग, कैंसर, अवसाद और तनाव आदि। इसीलिए इसे एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या माना गया है।
Teacher's Note:
a) कम से कम दो-तीन बीमारियों के नाम अवश्य लिखें।
b) 'शारीरिक और मानसिक दोनों' पहलुओं का उल्लेख करें।
खंड - ख
(अभिव्यक्ति और माध्यम पुस्तक के आधार पर)
3. निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए : [3 Marks each]
(i) रेडियो पत्रकारों को अपने श्रोताओं का पूरा ध्यान रखना चाहिए, क्यों ? [3 Marks]
Answer:
1. रेडियो एक एकरेखीय श्रव्य माध्यम है जो ध्वनि, स्वर और शब्दों द्वारा संचरित होता है।
2. यह पूर्णतः श्रोताओं से संचालित माध्यम है, जिनके पास खबरों को इच्छानुसार सुनने, रुककर सोचने या पीछे लौटकर सुनने की सुविधा नहीं होती।
3. यदि प्रस्तुति अरुचिकर लगे तो श्रोता तुरंत रेडियो बंद कर देता है, इसलिए पत्रकार को उनका ध्यान बनाए रखना आवश्यक है।
Teacher's Note:
a) 'एकरेखीय श्रव्य माध्यम' शब्द अवश्य प्रयोग करें।
b) श्रोता की सीमाओं का उल्लेख अंकों के लिए महत्त्वपूर्ण है।
(ii) पत्रकारीय लेखन को क्या जल्दी में लिखा गया साहित्यिक लेखन माना जा सकता है ? तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए । [3 Marks]
Answer:
1. नहीं, पत्रकारीय लेखन का संबंध समसामयिक घटनाओं, समस्याओं और मुद्दों से होता है।
2. साहित्य की तरह इसमें कल्पना का स्थान नहीं, यह तथ्यों पर आधारित और सपाट भाषा में लिखा जाता है।
3. पत्रकारीय लेखन आम बोलचाल की भाषा में तात्कालिकता व पाठकों की रुचि को प्रमुखता देता है, जबकि साहित्यिक लेखन संस्कृतनिष्ठ आलंकारिक भाषा का प्रयोग करता है।
Teacher's Note:
a) उत्तर की शुरुआत 'नहीं' शब्द से करें।
b) भाषा और शैली के अंतर को स्पष्ट रूप से बताएँ।
(iii) आर्थिक मामलों की पत्रकारिता सामान्य पत्रकारिता की तुलना में जटिल कैसे है ? [3 Marks]
Answer:
1. आर्थिक पत्रकारिता के विषय सामान्य पत्रकारिता की अपेक्षा अधिक कठिन एवं चुनौतीपूर्ण होते हैं।
2. अर्थव्यवस्था, बाज़ार और शेयर मार्किट की शब्दावली को समझना तथा सामान्य वर्ग तक पहुँचाना जटिल प्रक्रिया है।
3. इसके लिए पत्रकार को गहन शोध और विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है, क्योंकि पाठक इस तकनीकी शब्दावली से परिचित नहीं होते।
Teacher's Note:
a) 'शब्दावली की जटिलता' मुख्य बिंदु है।
b) 'विशेषज्ञता' शब्द का प्रयोग अवश्य करें।
4. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
(i) इंटरनेट से आप क्या समझते हैं ? (शब्द सीमा - लगभग 20 शब्द) [1 Mark]
Answer: इंटरनेट सूचना, मनोरंजन, ज्ञान तथा व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक संवादों के आदान-प्रदान के लिए प्रयुक्त जनसंचार का सशक्त माध्यम/औज़ार है।
Teacher's Note:
a) संक्षिप्त परिभाषा ही पर्याप्त है।
b) 'जनसंचार का माध्यम' शब्द का प्रयोग करें।
(ii) लोकतांत्रिक समाज में अखबारों की भूमिका स्पष्ट कीजिए । (शब्द सीमा - लगभग 40 शब्द) [2 Marks]
Answer:
1. अखबार सूचना देते हैं तथा नागरिकों को जागरूक और शिक्षित करते हैं।
2. वे एक पहरेदार और शिक्षक की भूमिका निभाते हुए जनमत निर्माण करते हैं।
Teacher's Note:
a) 'पहरेदार' शब्द अंकों के लिए महत्त्वपूर्ण है।
b) 'जनमत निर्माण' का उल्लेख अवश्य करें।
(iii) मुद्रित और इलैक्ट्रॉनिक माध्यमों में सामान्य समाचारों के अतिरिक्त अन्य क्षेत्रों या विषयों की जानकारी भी क्यों दी जाती है ? (शब्द सीमा - लगभग 40 शब्द) [2 Marks]
Answer:
1. पाठकों, श्रोताओं और दर्शकों की विविधतापूर्ण रुचि और आवश्यकता को पूरा करने हेतु।
2. विषयों की विविधता एवं व्यापकता बनाए रखने के लिए ऐसा किया जाता है।
Teacher's Note:
a) 'विविधता' शब्द दोनों बिंदुओं में महत्त्वपूर्ण है।
b) श्रोता/दर्शक/पाठक तीनों का उल्लेख करें।
5. निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए : [3 Marks each]
(i) एक सशक्त नाटक को कमजोर नाटक से अलग करने वाले तत्त्व को उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए । [3 Marks]
Answer:
1. सशक्त नाटक के महत्त्वपूर्ण तत्त्व हैं - शब्द, कथानक, कथोपकथन या संवाद, पात्र एवं चरित्र-चित्रण, द्वंद्व, रंगमंचीयता, ध्वनि एवं प्रकाश, समय का बंधन तथा उद्देश्य।
2. इनमें से किसी भी तत्त्व का कमज़ोर होना नाटक को सशक्त बनाने में बाधक बनता है।
3. उदाहरणस्वरूप, यदि संवाद प्रभावशाली न हों तो सबसे रोचक कथानक भी दर्शकों पर प्रभाव नहीं छोड़ पाता।
Teacher's Note:
a) कम से कम तीन-चार तत्त्वों के नाम अवश्य लिखें।
b) कोई भी उपयुक्त उदाहरण स्वीकार्य है।
(ii) सुमित्रानंदन पंत ने कविता के लिए चित्रभाषा की आवश्यकता पर बल क्यों दिया है ? उदाहरण सहित लिखिए । [3 Marks]
Answer:
1. चित्रों या बिंबों का मन पर शब्दों की अपेक्षा अधिक गहरा प्रभाव पड़ता है।
2. दृश्य बिंब अधिक बोधगम्य, प्रभावशाली तथा इंद्रियों द्वारा ग्राह्य और स्थायी होते हैं।
3. उदाहरण के रूप में पंत की कविता 'संध्या के बाद' की पंक्ति 'तट पर बगुलों-सी वृद्धाएँ...' पढ़ते ही स्मृति में बगुले का आकार, सफेदी और वृद्धा विधवाओं के घुटे सिर एकाकार हो उठते हैं।
Teacher's Note:
a) दिया गया उदाहरण याद रखें, अन्य उपयुक्त उदाहरण भी स्वीकार्य है।
b) 'दृश्य बिंब' शब्द अंकों के लिए आवश्यक है।
(iii) 'संवदिया' कहानी में लेखक ने चरित्र-चित्रण के किन-किन तरीकों का इस्तेमाल किया है ? 'कैसे लिखें कहानी' पाठ के संदर्भ में लिखिए । [3 Marks]
Answer:
1. पात्रों के आत्मकथन, संवाद और अंतर्द्वंद्व के माध्यम से।
2. पात्रों के व्यवहार और क्रियाकलापों, घटनाक्रम व दृश्यों के द्वारा।
3. अन्य पात्रों के कथन/संवाद तथा लेखक के स्वगत कथन के माध्यम से चरित्र-चित्रण किया गया है।
Teacher's Note:
a) किन्हीं तीन विधियों का विस्तार से उल्लेख करें।
b) 'कैसे लिखें कहानी' पाठ के बिंदुओं से जोड़कर लिखें।
6. निम्नलिखित तीन विषयों में से किसी एक विषय पर लगभग 100 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए : [5 Marks]
(i) स्वचित्र (सेल्फी) की बढ़ती प्रवृत्ति [5 Marks]
Answer: आजकल सेल्फी लेने का प्रचलन तेज़ी से बढ़ रहा है। स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के प्रसार ने इस प्रवृत्ति को और बढ़ावा दिया है। लोग हर अवसर पर, यहाँ तक कि खतरनाक स्थानों पर भी सेल्फी लेने से नहीं चूकते। यह प्रवृत्ति आत्ममुग्धता और दिखावे की मानसिकता को दर्शाती है। कई बार सेल्फी लेने के चक्कर में लोग अपनी जान भी गँवा बैठते हैं। हालाँकि सेल्फी यादों को संजोने का एक सुंदर माध्यम भी है, परंतु इसका अति प्रयोग हानिकारक है। हमें विवेकपूर्ण ढंग से इसका प्रयोग करना चाहिए ताकि यह आनंद का साधन बने, न कि खतरे का कारण।
Teacher's Note:
a) विषयवस्तु, भाषा और प्रस्तुति तीनों पर अंक मिलते हैं।
b) समसामयिक उदाहरण देने से लेख प्रभावी बनता है।
(ii) क्यों नहीं बंद हो रहा प्लास्टिक प्रयोग [5 Marks]
Answer: प्लास्टिक का प्रयोग आज भी बंद नहीं हो पा रहा है, क्योंकि यह सस्ता, हल्का और उपयोग में सुविधाजनक है। बाज़ार में प्लास्टिक की थैलियाँ और वस्तुएँ आसानी से उपलब्ध हैं, जिससे लोग विकल्पों के बारे में सोचते ही नहीं। सरकार द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद कड़ाई से पालन न होना भी एक बड़ा कारण है। लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता की कमी भी इसे बढ़ावा देती है। प्लास्टिक कचरा मिट्टी और जल को प्रदूषित करता है तथा जीव-जंतुओं के लिए घातक सिद्ध होता है। हमें कपड़े और जूट के थैलों जैसे विकल्प अपनाकर इस समस्या का समाधान करना होगा।
Teacher's Note:
a) कारण और समाधान दोनों का उल्लेख करें।
b) पर्यावरणीय प्रभाव का उल्लेख अंकों के लिए महत्त्वपूर्ण है।
(iii) जब पिताजी की पदोन्नति हुई [5 Marks]
Answer: पिछले महीने जब पिताजी की पदोन्नति की खबर आई, तो पूरे घर में खुशी की लहर दौड़ गई। वर्षों की मेहनत और लगन का यह फल था। माँ ने मिठाई बनाकर पड़ोसियों में बाँटी और शाम को सभी रिश्तेदारों को बुलाकर छोटी सी पार्टी रखी गई। पिताजी की आँखों में गर्व और संतोष झलक रहा था। उन्होंने हमें सिखाया कि परिश्रम और ईमानदारी से किया गया कार्य कभी व्यर्थ नहीं जाता। इस घटना ने हम सबको यह प्रेरणा दी कि जीवन में कड़ी मेहनत करते रहना चाहिए, सफलता अवश्य मिलती है। यह दिन हमारे परिवार के लिए यादगार बन गया।
Teacher's Note:
a) संस्मरणात्मक शैली में लिखना उचित रहेगा।
b) भावनाओं की सहज अभिव्यक्ति पर विशेष ध्यान दें।
खंड - ग
(पाठ्यपुस्तकों अंतरा, अंतराल के आधार पर)
7. काव्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए : [2 Marks each]
(i) जीवन की संध्या-बेला में देवसेना किसे और क्यों याद कर रही है ? 'देवसेना का गीत' के संदर्भ में लिखिए । [2 Marks]
Answer:
1. देवसेना स्कंदगुप्त को तथा अपने अपूर्ण प्रेम की पीड़ा को याद कर रही है।
2. स्कंदगुप्त का साथ न मिलने से उसके जीवन की दिशा बदल गई, इसलिए वह अतीत के संघर्षों और युवावस्था की स्मृतियों में खो जाती है।
Teacher's Note:
a) 'स्कंदगुप्त' नाम अवश्य लिखें।
b) 'अपूर्ण प्रेम' शब्द अंकों के लिए महत्त्वपूर्ण है।
(ii) 'यह दीप अकेला' कविता में 'पनडुब्बा' कहकर लघु मानव की किस विशेषता का वर्णन किया गया है ? [2 Marks]
Answer:
1. साहस और पुरुषार्थ की विशेषता का वर्णन किया गया है।
2. यह जीवन के संघर्षों और अवरोधों का डटकर सामना करने तथा लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।
Teacher's Note:
a) 'साहस' और 'दृढ़ संकल्प' दोनों शब्द लिखें।
b) कोई भी दो बिंदु पर्याप्त हैं।
(iii) 'वसंत आया' कविता में कविताएँ पढ़कर ऋतु परिवर्तन की जानकारी प्राप्त होने में निहित व्यंग्य को स्पष्ट कीजिए । [2 Marks]
Answer:
1. आधुनिक जीवन-शैली के कारण मनुष्य का प्रकृति से नाता टूट गया है।
2. लोग अब नैसर्गिक सौंदर्य और प्रकृति-परिवर्तन को स्वयं अनुभव करने के बजाय कैलेंडर और पुस्तकों से जानते हैं, यही इस पंक्ति का व्यंग्य है।
Teacher's Note:
a) 'प्रकृति से दूरी' मुख्य बिंदु है।
b) 'कैलेंडर से जानना' उदाहरण अवश्य लिखें।
8. निम्नलिखित काव्यांशों में से किसी एक की सप्रसंग व्याख्या लगभग 100 शब्दों में कीजिए : [6 Marks]
(i) तोड़ो तोड़ो तोड़ो
ये ऊसर बंजर तोड़ो
ये चरती परती तोड़ो
सब खेत बनाकर छोड़ो
मिट्टी में रस होगा ही जब वह पोसेगी बीज को
हम इसको क्या कर डालें इस अपने मन की खीज को ?
गोड़ो गोड़ो गोड़ो [6 Marks]
Answer:
संदर्भ - प्रस्तुत पंक्तियाँ रघुवीर सहाय द्वारा रचित कविता 'तोड़ो' से ली गई हैं।
प्रसंग - कवि इन पंक्तियों में परिश्रम और सृजन के माध्यम से बंजर भूमि को उपजाऊ बनाने का आह्वान करता है।
व्याख्या - कवि आह्वान करता है कि इस बंजर और परती भूमि को तोड़कर खेती योग्य बनाया जाए। जब मिट्टी में परिश्रम और रस मिलेगा, तभी वह बीज को पोषित कर पाएगी अर्थात मेहनत से ही उत्पादन संभव है। कवि अपने मन की छटपटाहट और खीज को कर्म में बदलने की प्रेरणा देता है - निष्क्रिय बैठकर कुढ़ने के बजाय भूमि को गोड़कर उसे उपजाऊ बनाना चाहिए। यह पंक्तियाँ श्रम की महत्ता और सृजनशीलता का संदेश देती हैं।
विशेष - सरल, ओजपूर्ण भाषा तथा आदेशात्मक शैली का प्रयोग कर श्रम की प्रेरणा दी गई है।
Teacher's Note:
a) संदर्भ, प्रसंग, व्याख्या और विशेष चारों अंश अवश्य लिखें।
b) भावार्थ स्पष्ट करने पर ही पूरे अंक मिलते हैं।
(ii) राधौ ! एक बार फिर आवौ ।
ए बर बाजि बिलोकि आपने बहुरो बनहिं सिधावौ ।।
जे पय प्याइ पोखि कर-पंकज वार वार चुचुकारे ।
क्यों जीविहं, मेरे राम लाडिले ! ते अब निपट बिसारे ।।
भरत सौगुनि सार करत हैं अति प्रिय जानि तिहारे ।
तदपि दिनहिं दिन होत झाँवरे मनहुँ कमल हिममारे ।।
सुनहु पथिक ! जो राम मिलहिं बन कहियो मातु संदेसो ।
तुलसी मोहिं और सबहिन तें इन्हको बड़ो अंदेसो ।। [6 Marks]
Answer:
संदर्भ - प्रस्तुत पद तुलसीदास द्वारा रचित है।
प्रसंग - यह पद वन में गए राम की माता के विरह और वात्सल्य भाव को व्यक्त करता है।
व्याख्या - माता राम को एक बार फिर लौट आने के लिए पुकारती हैं। जिसे उन्होंने अपने हाथों से दूध पिलाकर पाला-पोसा और बार-बार दुलार किया, वह अब उन्हें भुलाकर वन चला गया है, तो वे कैसे जीवित रहें। भरत उस वस्तु को अत्यंत प्रिय जानकर उसकी पूरी देखभाल करते हैं, फिर भी वह दिन-प्रतिदिन उसी प्रकार मुरझाती जा रही है जैसे पाले से कमल कुम्हला जाता है। माता किसी पथिक से कहती हैं कि यदि वन में राम मिलें तो उनसे यह संदेश कह देना। तुलसीदास कहते हैं कि माता को सबसे अधिक चिंता राम की सुरक्षा को लेकर है।
विशेष - पद में वात्सल्य और विरह भाव की मार्मिक अभिव्यक्ति हुई है तथा ब्रजभाषा का सहज प्रयोग है।
Teacher's Note:
a) 'तुलसीदास' कवि नाम अवश्य लिखें।
b) वात्सल्य और विरह दोनों भावों का उल्लेख करें।
9. पठित काव्यांश को पढ़कर प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कर लिखिए : [5 Marks]
पूस जाड़ थरथर तन काँपा । सुरुज जड़ाइ लंक दिसि तापा ।।
बिरह बाढ़ि भा दारुन सीऊ । कँपि कँपि मरौं लेहि हरि जीऊ ।।
कंत कहाँ हौं लागौं हियरै । पंथ अपार सूझ नहिं नियरैं ।।
सौर सुपेती आवै जूड़ी । जानहुँ सेज हिवंचल बूढ़ी ।।
चकई निसि बिछुरैं दिन मिला । हौं निसि बासर बिरह कोकिला ।।
रैनि अकेलि साथ नहिं सखी । कैसें जिऔं बिछोही पँखी ।।
बिरह सचान भँवै तन चाँड़ा । जीयत खाइ मुएँ नहिं छाँड़ा ।।
रकत ढरा माँसू गरु, हाड़ भए सब संख ।
धनि सारस होइ ररि मुई, आइ समेटहु पंख ।।
(i) रानी नागमती का शरीर थर-थर क्यों काँप रहा था ? [1 Mark]
(A) पौष मास की हड्डियाँ कँपा देने वाली सर्दी के कारण
(B) पौष मास में राजा रत्नसेन की अनुपस्थिति के कारण
(C) सखी-सहेलियों की अनुपस्थिति के कारण
(D) सेज के हिवंचल में डूब जाने के कारण
Answer: (B) पौष मास में राजा रत्नसेन की अनुपस्थिति के कारण
Teacher's Note:
a) यह कँपकँपी सर्दी से नहीं, विरह वेदना से है।
b) 'बिरह बाढ़ि' पंक्ति पर ध्यान दें।
(ii) 'कैसें जिऔं बिछोही पँखी' - पंक्ति में 'बिछोही पँखी' प्रयुक्त हुआ है - [1 Mark]
(A) चकवी के लिए
(B) नागमती के लिए
(C) कोकिला के लिए
(D) पद्मावती के लिए
Answer: (B) नागमती के लिए
Teacher's Note:
a) नागमती स्वयं की तुलना बिछड़े पक्षी से करती है।
b) संदर्भ पूरे पद से जोड़कर देखें।
(iii) चकवी पक्षी का उल्लेख यहाँ किस उद्देश्य से किया गया है ? [1 Mark]
(A) चकवा-चकवी कथा के कवि-सत्य से परिचित कराने हेतु
(B) रानी नागमती की विरह व्यथा का उल्लेख करने हेतु
(C) नागमती की विरह वेदना को चकवी के समान बताने हेतु
(D) नागमती की स्थिति को चकवी से हीन बताने हेतु
Answer: (D) नागमती की स्थिति को चकवी से हीन बताने हेतु
Teacher's Note:
a) चकवी रात को ही बिछड़ती है, नागमती दिन-रात दोनों विरह में है।
b) तुलना के अंतर को समझकर विकल्प चुनें।
(iv) उपरोक्त काव्यांश में प्रधान रूप से किस रस की प्रधानता है ? [1 Mark]
(A) शृंगार रस
(B) करुण रस
(C) वीभत्स रस
(D) शांत रस
Answer: (A) शृंगार रस
Teacher's Note:
a) वियोग शृंगार रस का ही एक रूप है।
b) यह विरह-वर्णन शृंगार रस के अंतर्गत आता है।
(v) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उचित विकल्प का चयन कीजिए : [1 Mark]
कथन : राजा रत्नसेन की अनुपस्थिति में रानी नागमती मरणासन्न स्थिति में पहुँच गई है ।
कारण : विरहिणी नायिका को प्रिय तक पहुँचने का मार्ग नहीं मालूम ।
(A) कथन तथा कारण दोनों गलत हैं ।
(B) कारण सही है, लेकिन कथन गलत है ।
(C) कथन सही है, लेकिन कारण कथन की गलत व्याख्या करता है ।
(D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है ।
Answer: (C) कथन सही है, लेकिन कारण कथन की गलत व्याख्या करता है ।
Teacher's Note:
a) कथन को सत्य मानते हुए कारण की सत्यता जाँचें।
b) यहाँ कारण वास्तविक विरह-वेदना को स्पष्ट नहीं करता।
10. गद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित तीन प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए : [2 Marks each]
(i) 'प्रेमघन की छाया स्मृति' पाठ के आधार पर शुक्लजी की भाषा-शैली की विशेषताएँ लिखिए । [2 Marks]
Answer:
1. सहज, सजीव और भावानुकूल भाषा तथा अत्यंत सटीक शब्द-चयन शुक्लजी की भाषा-शैली की विशेषता है।
2. तत्सम, तद्भव, देशज शब्दों के साथ उर्दू शब्दों का प्रयोग तथा व्यंग्य-विनोदपूर्ण विवेचनात्मक शैली भी उनकी भाषा की विशेषता है।
Teacher's Note:
a) चार विशेषताओं में से कोई दो अवश्य लिखें।
b) 'व्यंग्य-विनोद' शब्द उल्लेखनीय है।
(ii) 'वह लड्डू की पुकार जीवित वृक्ष का हरे पत्तों का मधुर मर्मर था' - कथन का आशय स्पष्ट करते हुए लिखिए कि पाठ में यह कथन किस संदर्भ में कहा गया ? [2 Marks]
Answer:
आशय - बालक में बालपन का जीवित रहना, बालक के अंतर्मन की स्वाभाविक पुकार को दर्शाता है।
संदर्भ - वार्षिकोत्सव के दौरान बच्चे द्वारा इनाम माँगने के प्रसंग में यह कथन कहा गया है।
Teacher's Note:
a) आशय और संदर्भ दोनों अलग-अलग स्पष्ट करें।
b) 'बालपन की स्वाभाविकता' मुख्य भाव है।
(iii) 'आदमी उजड़ेगा, तो पेड़ जीवित रहकर क्या करेंगे ?' - कथन के संदर्भ में मनुष्य और प्रकृति के बीच के संबंध को पाठ के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए । [2 Marks]
Answer:
1. प्रकृति और मनुष्य परस्पर पूरक हैं, एक-दूसरे के बिना उनका अस्तित्व अधूरा है।
2. मनुष्य के सुख-दुख से प्रकृति भी प्रभावित होती है, और उसके न रहने पर प्रकृति को भी अकेलेपन का बोध और उदासी घेर लेती है।
Teacher's Note:
a) 'परस्पर पूरक' शब्द अंकों के लिए महत्त्वपूर्ण है।
b) मनुष्य-प्रकृति के अन्योन्याश्रय संबंध को स्पष्ट करें।
11. निम्नलिखित गद्यांशों में से किसी एक की सप्रसंग व्याख्या लगभग 100 शब्दों में कीजिए : [6 Marks]
(i) हरगोबिन होश में आया । ........ बड़ी बहुरिया का पैर पकड़ लिया, "बड़ी बहुरिया! ........ मुझे माफ़ करो । मैं तुम्हारा संवाद नहीं कह सका । ........ तुम गाँव छोड़कर मत जाओ । तुमको कोई कष्ट नहीं होने दूँगा । मैं तुम्हारा बेटा ! बड़ी बहुरिया, तुम मेरी माँ, सारे गाँव की माँ हो ! मैं अब निठल्ला बैठा नहीं रहूँगा । तुम्हारा सब काम करूँगा । ........ बोलो, बड़ी माँ, तुम ........ तुम छोड़कर चली तो नहीं जाओगी ?"
बड़ी बहुरिया गरम दूध में एक मुट्ठी बासमती चूड़ा डालकर मसकने लगी । ........ संवाद भेजने के बाद से ही वह अपनी गलती पर पछता रही थी । [6 Marks]
Answer:
संदर्भ - यह गद्यांश फणीश्वरनाथ 'रेणु' द्वारा रचित पाठ 'संवदिया' से लिया गया है।
प्रसंग - यह प्रसंग हरगोबिन के पश्चाताप और बड़ी बहुरिया के प्रति उसके स्नेह व अपराधबोध को दर्शाता है।
व्याख्या - होश में आने पर हरगोबिन बड़ी बहुरिया के चरण पकड़कर क्षमा माँगता है, क्योंकि वह उनका संदेश ठीक से पहुँचा नहीं सका था, जिसके कारण गलतफहमी उत्पन्न हुई। वह गाँव न छोड़ने की विनती करता है और वचन देता है कि अब वह आलसी बनकर नहीं बैठेगा, बल्कि उनकी हर तरह से सेवा करेगा। वह उन्हें अपनी माँ और पूरे गाँव की माँ कहकर संबोधित करता है, जिससे उसका गहरा आदर और स्नेह प्रकट होता है। बड़ी बहुरिया भी उसकी बातें सुनकर द्रवित होती हैं और उसे दूध-चूड़ा खिलाने लगती हैं, जबकि भीतर ही भीतर अपने भेजे संदेश पर पछता रही थीं।
विशेष - इस अंश में ग्रामीण जीवन के आत्मीय संबंधों और पछतावे के भाव को सहज भाषा में व्यक्त किया गया है।
Teacher's Note:
a) पाठ और लेखक का नाम अवश्य लिखें।
b) आत्मीयता और पश्चाताप दोनों भावों का उल्लेख करें।
(ii) जो समझता है कि वह दूसरों का उपकार कर रहा है वह अबोध है, जो समझता है कि दूसरे उसका अपकार कर रहे हैं वह भी बुद्धिहीन है । कौन किसका उपकार करता है, कौन किसका अपकार कर रहा है ? मनुष्य जी रहा है, केवल जी रहा है; अपनी इच्छा से नहीं, इतिहास-विधाता की योजना के अनुसार । किसी को उससे सुख मिल जाए, बहुत अच्छी बात है; नहीं मिल सका, कोई बात नहीं, परंतु उसे अभिमान नहीं होना चाहिए । सुख पहुँचाने का अभिमान यदि गलत है तो दुख पहुँचाने का अभिमान तो नितरां गलत है । [6 Marks]
Answer:
संदर्भ - यह गद्यांश हजारी प्रसाद द्विवेदी द्वारा रचित निबंध 'कुटज' से लिया गया है।
प्रसंग - लेखक इस अंश में उपकार और अपकार के अभिमान की निरर्थकता पर विचार व्यक्त करते हैं।
व्याख्या - लेखक कहते हैं कि जो व्यक्ति यह समझता है कि वह दूसरों पर उपकार कर रहा है, वह वास्तव में अज्ञानी है, और जो यह मानता है कि दूसरे उसके साथ अन्याय कर रहे हैं, वह भी नासमझ है, क्योंकि मनुष्य अपनी इच्छा से नहीं बल्कि प्रकृति और इतिहास की व्यापक योजना के अनुसार जीवन जीता है। यदि किसी को हमारे कारण सुख मिल जाए तो यह अच्छी बात है, न मिले तो भी कोई दोष नहीं, परंतु इसका अभिमान नहीं करना चाहिए। लेखक स्पष्ट करते हैं कि सुख पहुँचाने का अभिमान भी उचित नहीं, परंतु दुख पहुँचाने का अभिमान तो और भी अधिक गलत है।
विशेष - इस अंश में लेखक की गहन दार्शनिक चिंतनशैली तथा तर्कसंगत विवेचन शैली स्पष्ट झलकती है।
Teacher's Note:
a) पाठ और लेखक का नाम 'कुटज' और 'हजारी प्रसाद द्विवेदी' अवश्य लिखें।
b) दार्शनिक चिंतन शैली का उल्लेख विशेष अंक में सहायक है।
12. निम्नलिखित पठित गद्यांश के आधार पर दिए गए बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए : [5 Marks]
भीड़ लड़के ने दिल्ली में भी देखी थी, बल्कि रोज देखता था । दफ़्तर जाती भीड़, खरीद फरोख्त करती भीड़, तमाशा देखती भीड़, सड़क क्रॉस करती भीड़ । लेकिन इस भीड़ का अंदाज़ निराला था । इस भीड़ में एकसूत्रता थी । न यहाँ जाति का महत्त्व था, न भाषा का; महत्त्व उद्देश्य का था और वह सबका समान था; जीवन के प्रति कल्याण की कामना । इस भीड़ में दौड़ नहीं थी, अतिक्रमण नहीं था और अनोखी बात यह थी कि कोई भी स्नानार्थी किसी सैलानी आनंद में डुबकी नहीं लगा रहा था । बल्कि स्नान से ज्यादा समय ध्यान ले रहा था । दूर जलधारा के बीच एक आदमी सूर्य की ओर उन्मुख हाथ जोड़े खड़ा था । उसके चेहरे पर इतना विभोर, विनीत भाव था मानो उसने अपना सारा अहम त्याग दिया है, उसके अंदर 'स्व' से जनित कुंठा शेष नहीं है, वह शुद्ध रूप से चेतन स्वरूप, आत्माराम और निर्मलानंद है ।
(i) हरिद्वार की भीड़ की विशेषता को प्रकट करने वाला विकल्प है [1 Mark]
i. एकसूत्रता
ii. समान उद्देश्य
iii. भाषायी भिन्नता
iv. आर्थिक समानता
(A) i और ii दोनों
(B) i और iii दोनों
(C) i, ii और iii
(D) ii, iii और iv
Answer: (A) i और ii दोनों
Teacher's Note:
a) गद्यांश में 'भाषायी भिन्नता' का कोई महत्त्व नहीं बताया गया है।
b) 'एकसूत्रता' और 'समान उद्देश्य' दोनों गद्यांश में स्पष्ट हैं।
(ii) 'कोई भी स्नानार्थी किसी सैलानी आनंद में डुबकी नहीं लगा रहा था ।' - का आशय है [1 Mark]
(A) लोग आत्म-कल्याण की भावना से स्नान कर रहे थे, मनोरंजन के लिए नहीं ।
(B) पर्यटकों को गंगा में स्नान कर आनंद की अनुभूति हो रही थी ।
(C) गंगा में लोग सैलानियों की तरह स्नान नहीं कर रहे थे ।
(D) गंगा में भक्त बिना किसी भय के डुबकी लगा रहे थे ।
Answer: (A) लोग आत्म-कल्याण की भावना से स्नान कर रहे थे, मनोरंजन के लिए नहीं ।
Teacher's Note:
a) 'सैलानी आनंद' और 'आत्म-कल्याण' के अंतर को समझें।
b) गद्यांश में स्नान का उद्देश्य भक्ति है, मनोरंजन नहीं।
(iii) हर की पौड़ी पर स्नान करने वाले भक्त गंगा में ________ डुबकी लगा रहे थे । [1 Mark]
(A) सैलानियों की तरह
(B) भक्ति भाव से
(C) आनंद से
(D) अहं भाव से
Answer: (B) भक्ति भाव से
Teacher's Note:
a) गद्यांश में स्नानार्थियों की श्रद्धा-भावना का वर्णन है।
b) 'भक्ति भाव' शब्द ही सही उत्तर की कुंजी है।
(iv) गंगा में स्नान से ज्यादा समय लोग ध्यान पर क्यों लगा रहे थे ? [1 Mark]
(A) जन कल्याण हेतु
(B) पापों से मुक्ति हेतु
(C) आत्म कल्याण हेतु
(D) मोक्ष प्राप्ति हेतु
Answer: (C) आत्म कल्याण हेतु
Teacher's Note:
a) गद्यांश में 'कल्याण की कामना' शब्द पर ध्यान दें।
b) 'आत्म कल्याण' ही मूल भाव है, मोक्ष का उल्लेख गद्यांश में नहीं है।
(v) जलधारा के बीच सूर्य नमस्कार करते व्यक्ति के चेहरे पर लड़के को कौन सा भाव नहीं दिखाई दिया ? [1 Mark]
(A) विनम्रता का
(B) संतुष्टि का
(C) आनंद का
(D) कुंठा का
Answer: (D) कुंठा का
Teacher's Note:
a) गद्यांश में स्पष्ट कहा गया है कि उसमें 'कुंठा शेष नहीं है'।
b) 'नहीं' शब्द को ध्यान से पढ़ें।
13. निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 100 शब्दों में लिखिए : [5 Marks each]
(i) 'सूरदास की झोंपड़ी' पाठ में रुपयों की जिस थैली को सूरदास गर्म राख में पागलों की तरह ढूँढ रहा था, उसका पता लगने पर भी वह शांत क्यों था ? आपकी दृष्टि में क्या उसका शांत रहना उचित था ? [5 Marks]
Answer:
1. सूरदास के लिए भिखारी होते हुए भी धन-संचय करना लज्जा की बात थी, इसलिए धन मिलने पर भी वह शांत रहा।
2. उसे लोक-निंदा का भय भी था, कि लोग उसे धनी भिखारी न समझें।
3. सूरदास प्रतिशोध की भावना से पूर्णतः रहित था, इसलिए उसने जिसने उसका नुकसान किया उससे भी बदला लेने की नहीं सोची।
4. उसकी सहनशीलता और उदारता उसके चरित्र की महानता को दर्शाती है।
5. मेरी दृष्टि में उसका शांत रहना उचित था, क्योंकि यह उसकी सहज, निश्छल और उदार प्रकृति का परिचायक है, जो प्रतिशोध के बजाय क्षमा और संतोष को महत्त्व देती है।
Teacher's Note:
a) 'लज्जा' और 'लोक-निंदा का भय' दोनों कारण अवश्य लिखें।
b) अपनी स्वतंत्र और तर्कपूर्ण राय भी अवश्य दें, इस पर अंक मिलते हैं।
(ii) 'बिस्कोहर की माटी' पाठ में लेखक ने एक ओर ग्रामीण प्राकृतिक सुषमा और संपदा को दिखाया है तो दूसरी ओर वहाँ की कठिनाइयों का भी वर्णन किया है । उदाहरण सहित इस कथन की पुष्टि कीजिए । [5 Marks]
Answer:
1. ग्रामीण प्राकृतिक सुषमा और संपदा - ताल-तलैया, खेत-खलिहान, तरह-तरह के फूल और उनकी सुगंध का सुंदर वर्णन मिलता है।
2. वनस्पतियों के औषधीय प्रयोग तथा बारिश के विभिन्न रूपों, जाड़े की धूप और चैत की चाँदनी का भी सजीव चित्रण किया गया है।
3. दूसरी ओर, प्राकृतिक विपदाएँ जैसे बाढ़, आँधी और तूफ़ान से गाँव की स्थिति बदहाल हो जाती है।
4. बारिश के बाद कीचड़ और बदबू की भरमार तथा जलावन की समस्या भी वर्णित है।
5. अकाल के समय कमल ककड़ी खाने की विवशता तथा साँप-बिच्छुओं का भय भी ग्रामीण जीवन की कठिनाइयों को दर्शाता है।
Teacher's Note:
a) सुषमा और कठिनाइयाँ दोनों पक्षों को अलग-अलग उदाहरण सहित लिखें।
b) कम से कम दो-दो उदाहरण अवश्य दें।
(iii) अपनी सुख-समृद्धि एवं सम्पन्नता के लिए विख्यात मालवा की वर्तमान स्थिति का वर्णन पाठ के आधार पर कीजिए । मालवा की इस स्थिति के लिए कौन जिम्मेदार है ? तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए । [5 Marks]
Answer:
1. वर्तमान स्थिति - मालवा में अब वर्षा कम होती है और सूखे की समस्या बढ़ गई है।
2. वहाँ की सदानीरा नदियाँ अब औद्योगिक अपशिष्ट और गंदा पानी ढोने का साधन बन गई हैं।
3. पर्यावरण प्रदूषण और विषाक्त गैसों का उत्सर्जन भी वहाँ की समस्या को गंभीर बना रहा है।
4. इस स्थिति के लिए शहरीकरण, औद्योगीकरण और प्रकृति का अंधाधुंध दोहन जिम्मेदार है।
5. पश्चिमी देशों की खाऊ-उजाड़ू सभ्यता का अंधानुकरण तथा भौतिकतावादी संस्कृति भी इस स्थिति के लिए उत्तरदायी है।
Teacher's Note:
a) वर्तमान स्थिति और जिम्मेदार कारण दोनों भाग स्पष्ट अलग करके लिखें।
b) तर्कपूर्ण और स्वतंत्र विचार व्यक्त करने पर अतिरिक्त अंक मिलते हैं।
Please click the link below to download pdf file of CBSE Class 12 Hindi Elective Question Paper 2026 Solved Code 29-1-2
Download CBSE Question Papers: Class 12 Hindi Elective
Understanding Exam Patterns with CBSE Class 12 Hindi Elective Question Paper 2026 Solved Code 29-1-2
Explore downloadable past papers for Class 12 Hindi Elective. Utilizing the CBSE Class 12 Hindi Elective Question Paper 2026 Solved Code 29-1-2 ensures complete preparedness by offering clear insights into historical question styles and marking expectations.
Why Practice Class 12 Hindi Elective Question Papers?
Regular simulation of exam environments using past question documents builds crucial pacing abilities and eliminates last-minute test anxiety during Class 12 Hindi Elective assessments.
Additional Study Resources for Class 12 Hindi Elective
Pair your past paper revision with our official Class 12 Hindi Elective sample papers and online practice modules to achieve total curriculum mastery.
FAQs
The CBSE Class 12 Hindi Elective Question Paper 2026 Solved Code 29-1-2 is available for download on StudiesToday.com. It includes complete set with all sections so that Class 12 students can practice with the exact same paper that came in the CBSE exams.
Yes, the solutions for CBSE Class 12 Hindi Elective Question Paper 2026 Solved Code 29-1-2 are prepared by subject matter experts as per official marking scheme. Class 12 students will understand the structure of answers and 'step-marks' methodology Hindi Elective.
Solving previous year papers like CBSE Class 12 Hindi Elective Question Paper 2026 Solved Code 29-1-2 is important to understand repeat themes and question difficulty levels of Hindi Elective. It helps Class 12 students to test their time management skills too.
Yes, where applicable, CBSE Class 12 Hindi Elective Question Paper 2026 Solved Code 29-1-2 is available in both English and Hindi mediums. All students from Class 12 can access Hindi Elective study material in their preferred language.
No, all previous year question papers on StudiesToday, including CBSE Class 12 Hindi Elective Question Paper 2026 Solved Code 29-1-2, are provided free of charge in mobile-friendly PDF.