CBSE Class 12 Hindi Elective Question Paper 2025 Solved Code 29-1-3

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खंड - क

(अपठित बोध)

 

1. निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : [10 Marks]

सौरमंडल में पृथ्वी ही एकमात्र ऐसा ग्रह है, जिस पर जीवन संभव है। पृथ्वी और इसके पर्यावरण को बचाने के संकल्प के साथ 'पृथ्वी दिवस' हर साल 22 अप्रैल को दुनिया भर में मनाया जाता है। इसे मनाने की शुरुआत 1970 से हुई जब अमेरिका समेत कई देशों ने बिगड़ते पर्यावरण के मुद्दे की गंभीरता को समझा और पृथ्वी बचाने के लिए एक अभियान की शुरुआत हुई। उस कार्यक्रम में हरेक समाज, वर्ग और क्षेत्र के लोगों ने हिस्सा लिया था। इस वर्ष का 'पृथ्वी दिवस' पर्यावरण के आगे प्लास्टिक से उत्पन्न खतरे पर केंद्रित है, जिसमें एकल उपयोग वाले प्लास्टिक को समाप्त करने और उसका विकल्प खोजने का आह्वान किया गया है।
पृथ्वी पर जैसे-जैसे आबादी बढ़ती जा रही है, प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन की गति भी बढ़ती जा रही है। बढ़ते असंतुलन के कारण वह दिन बहुत दूर नहीं, जब पृथ्वी रहने लायक नहीं बचेगी। इसलिए ज़रूरी है कि सभी लोग जाग जाएँ, अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को समझें और पृथ्वी के प्रति अपने कर्तव्य निभाएँ। गांधीजी का मानना था कि पृथ्वी, वायु, जल और भूमि हमारे पूर्वजों की संपत्ति नहीं हैं, बल्कि वे हमारे बच्चों और आने वाली पीढ़ियों की अमानत हैं। हमें अपनी भावी पीढ़ियों को साफ-सुथरा पर्यावरण सौंपना होगा। गांधीजी का मानना था कि पृथ्वी के पास लोगों की ज़रूरतें पूरी करने के लिए तो पर्याप्त संसाधन हैं, लोभ की पूर्ति लायक नहीं।
हमारी पारंपरिक मान्यता है कि पृथ्वी एक माँ की तरह है, जो मनुष्य, वनस्पति, जीव-जंतु समेत सभी प्राणियों को अपनी गोद में पालती है। मनुष्य भौतिक सुख भोगने के लिए प्राकृतिक संसाधनों का अविवेकपूर्ण दोहन करता जा रहा है जिससे इसकी जैव विविधता को भारी नुकसान पहुँच रहा है। धरती पर जीवन बनाए रखने के लिए धरती और पर्यावरण को बचाना बहुत ज़रूरी है। हमें गैर-नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग करने की बजाय नवीकरणीय संसाधनों जैसे सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जल-विद्युत आदि पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। प्रकृति के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करना और उसकी सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाना आवश्यक है।

 

(i) वर्ष 2024 का 'पृथ्वी दिवस' केंद्रित है - [1 Mark]
(A) पर्यावरण
(B) प्लास्टिक
(C) जलवायु
(D) प्रदूषण

Answer: (B) प्लास्टिक

Teacher's Note:
a) गद्यांश की पहली अनुच्छेद की अंतिम पंक्ति में सीधा संकेत मिलता है।
b) 'एकल उपयोग वाले प्लास्टिक' शब्द-समूह पर ध्यान दें।

 

(ii) गद्यांश में प्रयुक्त 'सभी लोग जाग जाएँ' का आशय है - [1 Mark]
(A) पृथ्वी की रक्षा के प्रति सचेत हो जाएँ।
(B) समय पर अपने कर्तव्य की पूर्ति करें।
(C) अपने सामाजिक उत्तरदायित्व का पालन करें।
(D) पारंपरिक अंधविश्वासों से मुक्त हो जाएँ।

Answer: (A) पृथ्वी की रक्षा के प्रति सचेत हो जाएँ।

Teacher's Note:
a) वाक्य के तुरंत बाद आने वाली पंक्ति 'जिम्मेदारियों को समझें और कर्तव्य निभाएँ' संदर्भ स्पष्ट करती है।
b) प्रसंग से हटकर उत्तर न चुनें।

 

(iii) पृथ्वी की माँ से तुलना का आधार है - [1 Mark]
(A) पालन-पोषण का गुण
(B) रक्षा करने का गुण
(C) जन्म देने का गुण
(D) सहन करने का गुण

Answer: (A) पालन-पोषण का गुण

Teacher's Note:
a) 'सभी प्राणियों को अपनी गोद में पालती है' पंक्ति उत्तर की कुंजी है।
b) 'पालना' शब्द ही सही विकल्प का संकेत देता है।

 

(iv) प्रकृति के प्रति गांधीजी का क्या दृष्टिकोण था? [2 Marks]

Answer:
1. गांधीजी मानते थे कि प्राकृतिक संपदा हमारे पूर्वजों की नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों की अमानत है, इसलिए भावी पीढ़ी को साफ-सुथरा पर्यावरण सौंपना वर्तमान पीढ़ी का दायित्व है।
2. उनका मानना था कि प्रकृति का अंधाधुंध दोहन नहीं बल्कि उसका संरक्षण करना चाहिए और उससे केवल आवश्यकता भर लेना चाहिए, लोभवश नहीं।

Teacher's Note:
a) 'अमानत' और 'संरक्षण' शब्द अवश्य लिखें।
b) गांधीजी के दो अलग-अलग विचार बिंदुओं के रूप में लिखें।

 

(v) बढ़ती हुई आबादी के कौन-कौन से दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं? [2 Marks]

Answer:
1. पृथ्वी का वातावरण दिन-प्रतिदिन दूषित होता जा रहा है।
2. प्राकृतिक संसाधनों के अविवेकपूर्ण दोहन से जैव विविधता को भारी नुकसान पहुँच रहा है।

Teacher's Note:
a) दोनों बिंदु गद्यांश की दूसरी और तीसरी अनुच्छेद से लें।
b) उत्तर को कारण-परिणाम की भाषा में लिखें।

 

(vi) गैर-नवीकरणीय ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा के बीच के अंतर को उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए। [2 Marks]

Answer:
1. गैर-नवीकरणीय ऊर्जा सीमित संसाधनों से प्राप्त होती है, जैसे कोयला, तेल, प्राकृतिक गैस आदि, जो एक बार समाप्त होने पर पुनः प्राप्त नहीं हो सकते।
2. नवीकरणीय ऊर्जा प्राकृतिक और पुनः प्राप्त होने वाले संसाधनों से मिलती है, जैसे सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जल-विद्युत आदि।

Teacher's Note:
a) दोनों प्रकार के कम-से-कम दो उदाहरण अवश्य दें।
b) 'सीमित' और 'पुनः प्राप्त होने वाले' शब्दों से अंतर स्पष्ट करें।

 

(vii) प्रकृति की रक्षा प्रत्येक मनुष्य के लिए क्यों आवश्यक है? [1 Mark]

Answer: धरती पर जीवन बनाए रखने के लिए प्रकृति और पर्यावरण को बचाना आवश्यक है।

Teacher's Note:
a) एक-पंक्ति का सीधा उत्तर दें, विस्तार न करें।
b) गद्यांश की अंतिम पंक्तियों से भाव लें।

 

2. निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : [8 Marks]

जहाँ भूमि पर पड़ा कि
सोना धँसता, चाँदी धँसती
धँसती ही जाती पृथ्वी में
बड़ों-बड़ों की हस्ती।
शक्तिहीन जो हुआ कि
बैठा भू पर आसन मारे
खा जाते हैं उसको
मिट्टी के ढेले हत्यारे
मातृभूमि है उसकी, जिसको
उठके जीना होता है,
दहन-भूमि है उसकी, जो
क्षण-क्षण गिरता जाता है,
भूमि खींचती है मुझको भी
नीचे धीरे-धीरे
किंतु लहराता हूँ मैं नभ पर
शीतल-मंद-समीरे।
काला बादल आता है
गुरु गर्जन स्वर भरता है
विद्रोही-मस्तक पर वह
अभिषेक किया करता है।
विद्रोही हैं हमीं, हमारे
फूलों से फल आते हैं
और हमारी कुर्बानी पर
जड़ भी जीवन पाते हैं।

 

(i) 'धँसती ही जाती पृथ्वी में बड़ों-बड़ों की हस्ती' - पंक्ति का आशय है - [1 Mark]
(A) पृथ्वी पर सब कुछ नश्वर है।
(B) पृथ्वी में बड़े-बड़े समा जाते हैं।
(C) शक्तिशालियों का जीवन क्षणभंगुर है।
(D) शक्तिशालियों का अधः पतन निश्चित है।

Answer: (A) पृथ्वी पर सब कुछ नश्वर है।

Teacher's Note:
a) 'हस्ती' शब्द का अर्थ अस्तित्व/शान से है, जो नष्ट हो जाती है।
b) पंक्ति का सामान्यीकृत भाव पकड़ें, केवल शाब्दिक अर्थ न लें।

 

(ii) शक्तिहीन का क्या हश्र होता है? [1 Mark]
(A) थक-हार कर बैठ जाता है।
(B) लोग उनको पनपने नहीं देते।
(C) लक्ष्य तक नहीं पहुँच पाते।
(D) अस्तित्व नष्ट हो जाता है।

Answer: (D) अस्तित्व नष्ट हो जाता है।

Teacher's Note:
a) 'मिट्टी के ढेले हत्यारे' पंक्ति में शक्तिहीन के विनाश का भाव है।
b) 'खा जाते हैं उसको' से स्पष्ट होता है कि अस्तित्व समाप्त हो जाता है।

 

(iii) कविता के केंद्रीय भाव को दर्शाने वाले कथन है/हैं - [1 Mark]
(I) संसार में जीने के लिए शक्तिशाली बनना पड़ेगा।
(II) हार मानने वालों के लिए मातृभूमि मरण-भूमि के समान है।
(III) यहाँ सब एक-दूसरे के विरोधी हैं।
(A) केवल (I)
(B) केवल (II)
(C) (I) और (II) दोनों ही
(D) (I) और (III) दोनों ही

Answer: (C) (I) और (II) दोनों ही

Teacher's Note:
a) कथन (III) कविता के भाव से मेल नहीं खाता, अतः निरस्त करें।
b) 'दहन-भूमि' और 'मातृभूमि' की तुलना ध्यान से पढ़ें।

 

(iv) अपने को विद्रोही कौन और क्यों मानते हैं? [2 Marks]

Answer:
1. कविता में पेड़ स्वयं को विद्रोही मानते हैं।
2. क्योंकि वे विपरीत परिस्थितियों को भी अपने अनुकूल बना लेते हैं और संघर्ष करते हुए फल-फूल देते हैं।

Teacher's Note:
a) 'विद्रोही हैं हमीं' पंक्ति से उत्तर सीधे मिलता है।
b) 'फूलों से फल आते हैं' पंक्ति उदाहरण के रूप में उपयोग करें।

 

(v) इस काव्यांश के माध्यम से क्या सीख दी गई है? [2 Marks]

Answer:
1. सत्ता, शक्ति और धन आदि सब नश्वर हैं तथा शक्तिहीन का नष्ट होना तय है।
2. प्रतिकूल परिस्थितियों में भी अडिग बने रहकर भावी पीढ़ी को अपने जीवन से प्रेरणा देनी चाहिए।

Teacher's Note:
a) किन्हीं दो मूल्यपरक बिंदुओं को स्पष्ट रूप से लिखें।
b) कविता के प्रतीकात्मक अर्थ (पेड़-मनुष्य) को समझाएँ।

 

(vi) गुरु गर्जना करने वाले बादलों का, वृक्षों के मस्तक पर अभिषेक करना क्या दर्शाता है? [1 Mark]

Answer: यह दर्शाता है कि पुरुषार्थी और संघर्षशील व्यक्तियों का सम्मान शक्तिशाली/विरोधी तत्त्वों द्वारा भी किया जाता है।

Teacher's Note:
a) 'अभिषेक' शब्द सम्मान/राजतिलक का प्रतीक है।
b) बादल और वृक्ष के प्रतीकात्मक संबंध को स्पष्ट करें।

 

खंड - ख

(अभिव्यक्ति और माध्यम पुस्तक पर आधारित)

 

3. निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए : [2 x 3 = 6]

 

(क) चित्रकला, संगीतकला या नृत्यकला की तरह कविता लेखन की कला सिखाई क्यों नहीं जा सकती? स्पष्ट कीजिए। [3 Marks]

Answer:
1. कविता अनुभूतिजन्य नैसर्गिक अभिव्यक्ति है, जो हृदय से स्वतः फूटती है।
2. अन्य कलाओं की तरह इसमें रंग, कूची, कैनवास या वाद्ययंत्र जैसे बाह्य उपकरणों की आवश्यकता नहीं होती।
3. कविता लेखन के लिए आवश्यक नवीन दृष्टि, पहचानने और प्रस्तुत करने की प्रतिभा प्रकृति-प्रदत्त होती है, जिसे केवल अभ्यास से निखारा जा सकता है, सिखाया नहीं जा सकता।

Teacher's Note:
a) 'नैसर्गिक अभिव्यक्ति' और 'प्रकृति प्रदत्त प्रतिभा' शब्द अवश्य लिखें।
b) अन्य कलाओं से तुलना करके उत्तर को स्पष्ट करें।

(ख) नाटक के मंच-निर्देश हमेशा वर्तमान काल में ही क्यों लिखे जाते हैं? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए। [3 Marks]

Answer:
1. दर्शक/प्रेक्षक नाटक देखते समय वर्तमान में ही उपस्थित होता है, इसलिए उसे घटना से उसी काल में अवगत कराना आवश्यक होता है।
2. भूतकाल या भविष्यकाल की घटनाओं को भी मंच पर वर्तमान काल में ही मंचित/अभिनीत किया जाता है।
3. उदाहरण के लिए ऐतिहासिक या पौराणिक घटनाओं से जुड़ी कहानियों को नाटक के माध्यम से वर्तमान काल में ही प्रस्तुत किया जाता है।

Teacher's Note:
a) एक ठोस उदाहरण देना अनिवार्य है, अंक इसी पर निर्भर करते हैं।
b) 'दर्शक की वर्तमान उपस्थिति' मुख्य तर्क है।

(ग) कहानी में पात्रों के चरित्र-चित्रण का सबसे अधिक प्रभावशाली तरीका कौन सा है? उदाहरण सहित लिखिए। [3 Marks]

Answer:
1. पात्रों के आपसी संवाद और उनके क्रियाकलापों के माध्यम से चरित्र-चित्रण सबसे प्रभावशाली तरीका माना जाता है।
2. जैसे 'कफ़न' कहानी में घीसू और माधव के संवाद से उनका स्वभाव उजागर होता है।
3. इसी प्रकार सर्दी से ठिठुरते व्यक्ति को देखकर किसी पात्र का उसे कंबल देना या चाय पिलाना भी उसके चरित्र को उजागर करता है।

Teacher's Note:
a) संवाद और क्रियाकलाप दोनों बिंदु अवश्य लिखें।
b) पाठ्यपुस्तक से कोई भी उपयुक्त उदाहरण स्वीकार्य है।

 

4. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए : [5 Marks]

 

(क) पत्रकारिता की भाषा में मुखड़ा किसे कहते हैं? इसका क्या महत्त्व है? (शब्द सीमा - लगभग 20 शब्द) [1 Mark]

Answer: समाचार का सबसे पहला और महत्त्वपूर्ण हिस्सा, जिसे इंट्रो भी कहते हैं, मुखड़ा कहलाता है। यह कम शब्दों में घटना की आकर्षक जानकारी देता है।

Teacher's Note:
a) 'इंट्रो' शब्द का उल्लेख अवश्य करें।
b) उत्तर 20 शब्दों की सीमा में ही दें।

(ख) "जनसंचार के माध्यम आपस में प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि एक-दूसरे के पूरक और सहयोगी हैं।" सिद्ध कीजिए। (शब्द सीमा - लगभग 40 शब्द) [2 Marks]

Answer:
1. जनसंचार के विभिन्न माध्यम - प्रिंट, रेडियो, टेलीविज़न, इंटरनेट - की अपनी-अपनी खूबियाँ और कमियाँ हैं।
2. फिर भी इन सबका लक्ष्य एक ही है - लोगों को नवीनतम, अद्यतन और सटीक जानकारी शीघ्र उपलब्ध कराना, इसलिए ये प्रतिद्वंद्वी न होकर परस्पर पूरक हैं।

Teacher's Note:
a) सभी माध्यमों के नाम गिनाना अनिवार्य है।
b) 'सामान्य लक्ष्य' बिंदु से पुष्टि सशक्त होती है।

(ग) बीट किसे कहते हैं? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए। (शब्द सीमा - लगभग 40 शब्द) [2 Marks]

Answer:
1. संवाददाताओं के बीच उनकी रुचि और ज्ञान को ध्यान में रखकर किए गए काम के बँटवारे को बीट कहते हैं।
2. उदाहरण के लिए, खेल में रुचि रखने वाला संवाददाता अपने शहर की खेल-गतिविधियों की रिपोर्टिंग के लिए ज़िम्मेदार होता है।

Teacher's Note:
a) परिभाषा के बाद उदाहरण देना अनिवार्य है।
b) अन्य उपयुक्त उदाहरण (राजनीति, अपराध बीट आदि) भी स्वीकार्य हैं।

 

5. निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए : [2 x 3 = 6]

 

(क) समाचार पत्र-पत्रिकाओं में विभिन्न विषयों और क्षेत्रों से संबंधित जानकारी को क्यों शामिल किया जाता है? स्पष्ट कीजिए। [3 Marks]

Answer:
1. समाचार पत्र-पत्रिकाओं में संपूर्णता लाने के लिए विविध जानकारियाँ दी जाती हैं।
2. इससे पत्रिका को विविधता और व्यापक कलेवर प्राप्त होता है।
3. पाठकों की अलग-अलग रुचियों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विषयों की निरंतर और पर्याप्त जानकारी देने के लिए यह आवश्यक है।

Teacher's Note:
a) 'पाठकों की भिन्न रुचि' मुख्य बिंदु है, इसे अवश्य लिखें।
b) संपूर्णता और विविधता दोनों शब्दों का प्रयोग करें।

(ख) दृश्य-श्रव्य माध्यमों की तुलना में मुद्रित माध्यम के पाठकों को कौन-कौन सी सुविधाएँ उपलब्ध हैं? [3 Marks]

Answer:
1. मुद्रित माध्यम में स्थायित्व होता है, जिसे समय और रुचि के अनुसार पढ़ा जा सकता है।
2. इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है और संदर्भ की तरह प्रयोग किया जा सकता है।
3. यह चिंतन-मनन और विश्लेषण करने की सुविधा भी देता है, जो दृश्य-श्रव्य माध्यमों में संभव नहीं।

Teacher's Note:
a) 'स्थायित्व' शब्द अवश्य लिखें, यह कुंजी-शब्द है।
b) कम-से-कम तीन सुविधाओं का उल्लेख करें।

(ग) 'खोजी रिपोर्ट' और 'इन डेप्थ रिपोर्ट' के अंतर को स्पष्ट कीजिए। [3 Marks]

Answer:
1. खोजी रिपोर्ट मौलिक शोध और छानबीन के द्वारा सार्वजनिक तौर पर अनुपलब्ध सूचनाओं और तथ्यों को प्रकाश में लाती है, जैसे भ्रष्टाचार या गड़बड़ियों को उजागर करने वाली खबरें।
2. इन डेप्थ रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सूचनाओं की गहरी छानबीन कर किसी घटना या मुद्दे के महत्त्वपूर्ण पहलुओं को प्रकाश में लाती है।
3. इस प्रकार खोजी रिपोर्ट अनुपलब्ध तथ्यों पर आधारित होती है जबकि इन डेप्थ रिपोर्ट उपलब्ध तथ्यों के विश्लेषण पर।

Teacher's Note:
a) दोनों की परिभाषा अलग-अलग स्पष्ट करें, इसी पर अंक निर्भर हैं।
b) एक-एक उदाहरण देने से उत्तर सशक्त होता है।

 

6. निम्नलिखित तीन विषयों में से किसी एक विषय पर लगभग 100 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए : [1 x 5 = 5]

(क) नाटक प्रतियोगिता में जब मैंने महिला पात्र का अभिनय किया
(ख) खेलों से प्रतिस्पर्धा की सच्ची भावना
(ग) वरिष्ठ व्यक्तियों के प्रति हमारे कर्तव्य

Answer (विषय ग पर आधारित मॉडल उत्तर):
वरिष्ठ व्यक्ति हमारे परिवार और समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव और ज्ञान से हमें जीवन में सही दिशा मिलती है। आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में अक्सर लोग अपने बुज़ुर्गों की उपेक्षा कर देते हैं, जो अनुचित है। हमारा कर्तव्य है कि हम उन्हें सम्मान दें, उनकी बातें ध्यान से सुनें और उनकी शारीरिक व मानसिक ज़रूरतों का ख्याल रखें। उनके साथ समय बिताना, उनकी सेहत की देखभाल करना और उन्हें अकेलापन महसूस न होने देना हमारी नैतिक ज़िम्मेदारी है। जिस प्रकार उन्होंने हमारा बचपन में पालन-पोषण किया, उसी प्रकार अब हमें उनका सहारा बनना चाहिए। एक सभ्य समाज की पहचान इसी बात से होती है कि वह अपने वरिष्ठजनों का कितना आदर करता है।

Teacher's Note:
a) विषय-वस्तु (3 अंक), भाषा (1 अंक) और प्रस्तुति (1 अंक) के आधार पर मूल्यांकन होता है।
b) परीक्षार्थी को तीनों में से केवल एक ही विषय चुनकर लिखना है।
c) लगभग 100 शब्द-सीमा का पालन अवश्य करें।

 

खंड-ग

(पाठ्य पुस्तकों अंतरा, अंतराल पर आधारित)

 

7. निम्नलिखित काव्यांशों में से किसी एक की सप्रसंग व्याख्या लिखिए : [6 Marks]

(क) लागेउ माँह परै अब पाला। बिरहा काल भएउ जड़ काला।।
पहल पहल तन रुई जो झाँपे। हहलि हहलि अधिकौ हिय काँपे।।
आई सूर होइ तपु रे नाहाँ। तेहि बिनु जाड़ न छूटै माहाँ।।
एहि मास उपजै रस मूलू। तूँ सो भँवर मोर जोबन फूलू।।

Answer:
संदर्भ - प्रस्तुत काव्यांश मलिक मुहम्मद जायसी द्वारा रचित कविता 'बारहमासा' से लिया गया है।
प्रसंग - इसमें नागमती के विरह का वर्णन माघ मास के संदर्भ में किया गया है।
व्याख्या - नागमती कहती है कि अब माघ का महीना लगा है और पाला पड़ रहा है, विरह का समय जड़ बर्फ के समान कठोर हो गया है। शरीर को बार-बार रुई से ढकने पर भी काँपना बढ़ता जाता है और हृदय अधिक काँपता है। वह अपने नाथ से कहती है कि तुम सूर्य के समान ताप बनकर आओ, तुम्हारे बिना यह जाड़ा दूर नहीं होगा। इस महीने में पेड़-पौधों में नया रस उत्पन्न होता है, इसी प्रकार तुम भँवर हो और मेरा यौवन फूल है, अर्थात् वह अपने प्रिय से मिलन की कामना व्यक्त करती है।
विशेष - विरहिणी नायिका की वेदना और प्रकृति-चित्रण का सुंदर सामंजस्य इस पद की विशेषता है।

Teacher's Note:
a) संदर्भ में कवि व कविता का नाम अवश्य लिखें, 1 अंक इसी के लिए है।
b) व्याख्या में माघ मास और विरह भाव दोनों जोड़ें।
c) अंत में विशेष टिप्पणी लिखना न भूलें।

अथवा

(ख) यह वह विश्वास, नहीं जो अपनी लघुता में भी काँपा,
वह पीड़ा, जिस की गहराई को स्वयं उसी ने नापा;
कुत्सा, अपमान, अवज्ञा के धुँधआते कड़ुवे तम में
यह सदा-द्रवित, चिर-जागरूक, अनुरक्त-नेत्र,
उल्लंब-बाहु, यह चिर-अखंड अपनापा।
जिज्ञासु, प्रबुद्ध, सदाश्रद्धामय, इसको भक्ति को दे दो -
यह दीप, अकेला, स्नेह भरा
है गर्व भरा मदमाता, पर इसको भी पंक्ति को दे दो।

Answer:
संदर्भ - प्रस्तुत काव्यांश सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' द्वारा रचित कविता 'यह दीप अकेला' से लिया गया है।
प्रसंग - इसमें कवि आत्मविश्वास और स्वाभिमान से भरे व्यक्तित्व की विशेषताएँ बताते हुए उसे समाज में उचित स्थान देने की बात करते हैं।
व्याख्या - कवि कहते हैं कि यह वह विश्वास है जो अपनी लघुता में भी कभी नहीं काँपा, यह वह पीड़ा है जिसकी गहराई को स्वयं उसी ने मापा है। निंदा, अपमान और उपेक्षा के धुँधले अंधकार में भी यह सदा द्रवित, सदा जागरूक और प्रेम से भरी आँखों वाला, उठी हुई भुजाओं वाला अखंड स्वाभिमान है। यह जिज्ञासु, प्रबुद्ध और श्रद्धामय व्यक्तित्व भक्ति के योग्य है। यह अकेला दीपक स्नेह से भरा, गर्व और मस्ती से युक्त है, फिर भी कवि कहते हैं कि इसे भी समाज की पंक्ति में उचित स्थान दिया जाए।
विशेष - व्यक्ति के आत्मसम्मान और सामाजिक स्वीकृति की आवश्यकता को कविता में बड़ी संवेदनशीलता से व्यक्त किया गया है।

Teacher's Note:
a) 'दीप' शब्द अकेलेपन और आत्मसम्मान का प्रतीक है, इसे अवश्य समझाएँ।
b) संदर्भ में कवि और कविता का नाम लिखना अनिवार्य है।
c) व्याख्या में मूल भाव को अपने शब्दों में स्पष्ट करें।

 

8. निम्नलिखित पठित काव्यांश को पढ़कर प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्पों का चयन कर लिखिए : [5 x 1 = 5]

पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाढ़े।।
कहब मोर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहौं मैं काहा।।
मैं जानउँ निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ।।
मो पर कृपा सनेह बिसेखी। खेलत खुनिस न कबहूँ देखी।।
सिसुपन तें परिहरेउँ न संगू। कबहुँ न कीन्ह मोर मन भंगू।।
मैं प्रभु कृपा रीति जियँ जोही। हारेहूँ खेल जितावहिं मोही।।
महूँ सनेह सकोच बस सनमुख कही न बैन।
दरसन तृपित न आजु लगि पेम पिआसे नैन।।

 

(i) 'कबहुँ न कीन्ह मोर मन भंगू' पंक्ति के माध्यम से राम के प्रति भरत के किस विश्वास का परिचय मिलता है? [1 Mark]
(I) राम उनके आग्रह पर अयोध्या लौट चलेंगे।
(II) राम भरत से बहुत प्रेम करते हैं।
(III) राम उनका मन नहीं तोड़ेंगे।
(IV) राम उन्हें क्षमा कर देंगे।
विकल्प :
(A) केवल (I)
(B) केवल (III)
(C) (I) और (III) दोनों
(D) (II) और (IV) दोनों

Answer: (C) (I) और (III) दोनों

Teacher's Note:
a) पंक्ति में 'मन भंगू न करने' का भाव दोनों कथनों से मेल खाता है।
b) प्रसंग में भरत की राम-वापसी की आकांक्षा को याद रखें।

 

(ii) राम की किस प्रकृति का वर्णन यहाँ किया गया है? [1 Mark]
(A) कृपापूर्ण
(B) क्षमापूर्ण
(C) दयापूर्ण
(D) प्रेमपूर्ण

Answer: (A) कृपापूर्ण

Teacher's Note:
a) 'कृपा सनेह बिसेखी' पंक्ति सीधा संकेत देती है।
b) अन्य विकल्प भाव में करीब हैं पर पद में शब्द 'कृपा' ही है।

 

(iii) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा उत्तर के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए :
कथन : भरत ने राम के सम्मुख कभी मुँह नहीं खोला।
कारण : शिष्टाचार की परंपरा रही है कि बड़ों के सामने विनम्रता का व्यवहार किया जाता है। [1 Mark]

(A) कथन गलत है किंतु कारण सही है।
(B) कथन और कारण दोनों गलत हैं।
(C) कथन सही है किंतु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
(D) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।

Answer: (D) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।

Teacher's Note:
a) 'सनेह सकोच बस सनमुख कही न बैन' पंक्ति कथन की पुष्टि करती है।
b) कारण को भाव के अनुरूप जाँचें, तभी सही विकल्प मिलेगा।

 

(iv) भरत ने राम के स्वभाव की किस विशेषता का उल्लेख किया है? [1 Mark]
(A) दूसरों पर दया करने की
(B) शत्रु को क्षमा करने की
(C) अपराधी पर भी क्रोध न करने की
(D) शरणागत पर कृपा करने की

Answer: (C) अपराधी पर भी क्रोध न करने की

Teacher's Note:
a) 'अपराधिहु पर कोह न काऊ' पंक्ति से उत्तर सीधे मिलता है।
b) शब्द 'कोह' (क्रोध) पर ध्यान दें।

 

(v) 'पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े' - पंक्ति के माध्यम से किसकी मनोदशा का वर्णन किया गया है? [1 Mark]
(A) भरत
(B) राम
(C) लक्ष्मण
(D) कैकेयी

Answer: (A) भरत

Teacher's Note:
a) पूरा पद भरत के भावों की अभिव्यक्ति है।
b) संदर्भ के अनुसार वक्ता की पहचान करें।

 

9. काव्य खंड पर आधारित निम्नलिखित तीन प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में दीजिए : [2 x 2 = 4]

 

(क) 'देवसेना का गीत' से उद्धृत 'मेरी करुणा हा-हा खाती' पंक्ति के संदर्भ में देवसेना की विरह वेदना को स्पष्ट कीजिए। [2 Marks]

Answer:
1. देवसेना उचित समय पर स्कंदगुप्त के प्रेम को प्राप्त नहीं कर पाई, जिससे उसका जीवन भर संघर्ष चलता रहा।
2. स्कंदगुप्त को न पाने और राष्ट्रसेवा के व्रत को पूर्ण न कर पाने की पीड़ा से उसकी करुणा दुखदायी बन गई है।

Teacher's Note:
a) 'विडंबना' शब्द का प्रयोग करके उत्तर आरंभ करें।
b) दोनों कारण (प्रेम व राष्ट्रसेवा) अवश्य लिखें।

(ख) 'बनारस' कविता में प्रयुक्त 'धीरे-धीरे' विशेषण बनारस शहर की किस विशेषता को प्रकट करता है? [2 Marks]

Answer:
1. यह विशेषण बनारस की उस विशेषता को प्रकट करता है जहाँ जागृति व चेतना धीरे-धीरे संचरित होती है, नई उमंग और संकल्प धीमी गति से भरते हैं।
2. निरर्थकता और जड़ता को त्यागकर अप्रस्तुत में भी नए अंकुरण की अभिलाषा इसी धीमी लय में जन्म लेती है।

Teacher's Note:
a) 'धीरे-धीरे' को शहर की सामूहिक जीवन-लय से जोड़ें।
b) उत्तर में बनारस की विशिष्ट जीवन-शैली का उल्लेख करें।

(ग) 'तोड़ो' कविता के संदर्भ में लिखिए कि 'जोड़ने' से पूर्व 'तोड़ने' की प्रक्रिया क्यों आवश्यक है? [2 Marks]

Answer:
1. 'तोड़ो' के मूल में भी सृजन छिपा है, तोड़ने की क्रिया के माध्यम से ही नवनिर्माण की प्रेरणा मिलती है।
2. मन की बंजर प्रकृति यानी ऊब और खीझ को तोड़ना आवश्यक है, क्योंकि यह सृजन में बाधक होती है।

Teacher's Note:
a) 'तोड़ना' को नकारात्मक न मानकर सृजनात्मक प्रक्रिया के रूप में समझाएँ।
b) 'बंजर मन' और 'सृजन' शब्दों का प्रयोग करें।

 

10. निम्नलिखित पठित गद्यांशों में से किसी एक की सप्रसंग व्याख्या कीजिए : [6 Marks]

(क) बड़ी हवेली अब नाममात्र को ही बड़ी हवेली है। जहाँ दिनरात नौकर-नौकरानियों और जन-मज़दूरों की भीड़ लगी रहती थी, वहाँ आज हवेली की बड़ी बहुरिया अपने हाथ से सूपा में अनाज लेकर फटक रही है। इन हाथों में सिर्फ मेहँदी लगाकर ही गाँव नाइन परिवार पालती थी। कहाँ गए वे दिन? हरगोबिन ने लंबी साँस ली।

Answer:
संदर्भ - प्रस्तुत गद्यांश फणीश्वरनाथ 'रेणु' द्वारा रचित पाठ 'संवदिया' से लिया गया है।
प्रसंग - इसमें संवदिया हरगोबिन बड़ी हवेली के वर्तमान पतनोन्मुख स्वरूप को याद करते हुए उसके गौरवशाली अतीत की तुलना कर रहा है।
व्याख्या - लेखक बताते हैं कि बड़ी हवेली अब केवल नाम की ही बड़ी रह गई है। कभी जहाँ दिन-रात नौकर-नौकरानियों और मज़दूरों की भीड़ लगी रहती थी, अब वहाँ हवेली की बड़ी बहुरिया को स्वयं अपने हाथ से अनाज फटकना पड़ रहा है। पहले जिन हाथों में केवल मेहँदी लगाकर गाँव की नाइन का परिवार पल जाता था, आज उन्हीं हाथों को श्रम करना पड़ रहा है। यह देखकर हरगोबिन को अतीत की याद आती है और वह लंबी साँस लेता है।
विशेष - संयुक्त परिवार के विघटन और सामंती वैभव के पतन का मार्मिक चित्रण इस अंश में हुआ है।

Teacher's Note:
a) 'नाममात्र' और 'बड़ी बहुरिया' शब्दों से पतन का भाव स्पष्ट करें।
b) संदर्भ में पाठ व लेखक का नाम अवश्य लिखें।

अथवा

(ख) शिवालिक की सूखी नीरस पहाड़ियों पर मुसकुराते हुए ये वृक्ष द्वंद्वातीत हैं, अलमस्त हैं। मैं किसी का नाम नहीं जानता, कुल नहीं जानता, शील नहीं जानता पर लगता है, ये जैसे मुझे अनादि काल से जानते हैं। इन्हीं में से एक छोटा-सा, बहुत ही ठिगना पेड़ है, पत्ते चौड़े भी हैं, बड़े भी हैं।

Answer:
संदर्भ - प्रस्तुत गद्यांश हजारीप्रसाद द्विवेदी द्वारा रचित निबंध 'कुटज' से लिया गया है।
प्रसंग - इसमें लेखक शिवालिक की पहाड़ियों में कुटज वृक्ष को देखकर उसके प्रति अपनी आत्मीयता व्यक्त कर रहे हैं।
व्याख्या - लेखक कहते हैं कि शिवालिक की सूखी और नीरस पहाड़ियों पर मुसकुराते हुए ये वृक्ष हर द्वंद्व से परे, अलमस्त और स्वतंत्र भाव से खड़े हैं। लेखक न इनका नाम जानते हैं, न कुल, न स्वभाव, फिर भी उन्हें लगता है कि ये वृक्ष उन्हें अनादि काल से पहचानते हैं। इन्हीं में एक छोटा, ठिगना कुटज का पेड़ है, जिसके पत्ते चौड़े भी हैं और बड़े भी, तथा जो फूलों से लदा हुआ मुसकुराता प्रतीत होता है।
विशेष - प्रकृति और मनुष्य के बीच के गहरे आत्मीय संबंध तथा स्मृति-विस्मृति के दार्शनिक चिंतन का सुंदर चित्रण इस अंश में हुआ है।

Teacher's Note:
a) 'द्वंद्वातीत' और 'अलमस्त' शब्दों के भाव अवश्य स्पष्ट करें।
b) कुटज वृक्ष को प्रतिकूल परिस्थितियों में अडिग रहने के प्रतीक रूप में समझाएँ।

 

11. निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर दिए गए बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर के लिए उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए : [5 x 1 = 5]

मेरे पिताजी फ़ारसी के अच्छे ज्ञाता और पुरानी हिंदी कविता के बड़े प्रेमी थे। फ़ारसी कवियों की उक्तियों को हिंदी कवियों की उक्तियों के साथ मिलाने में उन्हें बड़ा आनंद आता था। वे रात को प्रायः रामचरितमानस और रामचंद्रिका, घर के सब लोगों को एकत्र करके बड़े चित्ताकर्षक ढंग से पढ़ा करते थे। आधुनिक हिंदी-साहित्य में भारतेंदु जी के नाटक उन्हें बहुत प्रिय थे। उन्हें भी वे कभी-कभी सुनाया करते थे। जब उनकी बदली हमीरपुर ज़िले की राठ तहसील से मिर्ज़ापुर हुई तब मेरी अवस्था आठ वर्ष की थी। उसके पहले ही से भारतेंदु के संबंध में एक अपूर्व मधुर भावना मेरे मन में जगी रहती थी। 'सत्य हरिश्चंद्र' नाटक के नायक राजा हरिश्चंद्र और कवि हरिश्चंद्र में मेरी बाल-बुद्धि कोई भेद नहीं कर पाती थी।

 

(i) लेखक के पिता की किसमें रुचि थी? [1 Mark]
(A) फ़ारसी और हिंदी भाषा मिलाने में
(B) फ़ारसी और हिंदी गद्य मिलाने में
(C) नाटक और कविता मिलाकर पढ़ने में
(D) हिंदी-फ़ारसी भाषा की उक्तियाँ मिलाने में

Answer: (D) हिंदी-फ़ारसी भाषा की उक्तियाँ मिलाने में

Teacher's Note:
a) 'उक्तियों को मिलाने में आनंद' पंक्ति सीधा संकेत देती है।
b) 'भाषा' और 'उक्तियाँ' शब्दों के अंतर पर ध्यान दें।

 

(ii) गद्यांश में रामचरितमानस और रामचन्द्रिका का उल्लेख क्यों किया गया है? [1 Mark]
(A) हिंदी साहित्य के विराट रूप का परिचय देने के लिए।
(B) घर के धार्मिक वातावरण का उल्लेख करने के लिए।
(C) लेखक के पिता की भक्ति भावना का उल्लेख करने के लिए।
(D) घर के साहित्यिक परिवेश से परिपूर्ण वातावरण का उल्लेख करने के लिए।

Answer: (D) घर के साहित्यिक परिवेश से परिपूर्ण वातावरण का उल्लेख करने के लिए।

Teacher's Note:
a) संदर्भ पूरे अनुच्छेद के भाव से जोड़कर देखें, केवल एक पंक्ति से नहीं।
b) 'साहित्यिक परिवेश' कुंजी-शब्द है।

 

(iii) लेखक के मन में भारतेंदु के संबंध में मधुर भावना जागने का कारण था - [1 Mark]
(A) पिता द्वारा चित्ताकर्षक ढंग से उनके नाटकों का सुनाया जाना।
(B) हिंदी साहित्य जगत के प्रसिद्ध कवि और नाटककार होना।
(C) बचपन में सत्य हरिश्चंद्र नाटकों का मंचन करना।
(D) बचपन में सत्य हरिश्चंद्र के नाटकों का मंचन देखना।

Answer: (A) पिता द्वारा चित्ताकर्षक ढंग से उनके नाटकों का सुनाया जाना।

Teacher's Note:
a) 'चित्ताकर्षक ढंग से सुनाना' पंक्ति उत्तर की कुंजी है।
b) विकल्प (C) और (D) गद्यांश में उल्लिखित नहीं हैं, अतः निरस्त करें।

 

(iv) गद्यांश में प्रयुक्त 'अवस्था' शब्द का अर्थ है - [1 Mark]
(A) हालत
(B) दशा
(C) आयु
(D) स्थिति

Answer: (C) आयु

Teacher's Note:
a) 'मेरी अवस्था आठ वर्ष की थी' वाक्य में यह स्पष्ट है।
b) प्रसंग के अनुसार शब्दार्थ चुनें, शब्दकोश अर्थ नहीं।

 

(v) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उचित विकल्प का चयन कर लिखिए :
कथन : बचपन में लेखक राजा हरिश्चंद्र और कवि हरिश्चंद्र में कोई अंतर नहीं कर पाता था।
कारण : लेखक की बाल-बुद्धि नाम की समानता के कारण दोनों को एक ही समझती थी। [1 Mark]

(A) कथन तथा कारण दोनों गलत हैं।
(B) कारण सही है लेकिन कथन गलत है।
(C) कथन सही है लेकिन कारण गलत है।
(D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।

Answer: (D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।

Teacher's Note:
a) अंतिम पंक्ति 'मेरी बाल-बुद्धि कोई भेद नहीं कर पाती थी' कथन की पुष्टि करती है।
b) नाम-समानता ही कारण है, इसे ध्यान से जोड़ें।

 

12. गद्य खंड पर आधारित तीन प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में दीजिए : [2 x 2 = 4]

 

(क) 'उपाध्याय बदरीनारायण चौधरी 'प्रेमघन' जी के बातचीत करने में एक विलक्षण वक्रता थी।' उदाहरण सहित इस कथन की पुष्टि कीजिए। [2 Marks]

Answer:
1. चौधरी साहब बातचीत की कला में अत्यंत प्रवीण थे और उनके मुँह से निकली हर बात का ढंग निराला होता था।
2. उदाहरण के लिए, नौकर से या पंडित जी से उनका संवाद हास्य और वक्रता से भरा होता था।

Teacher's Note:
a) 'वक्रता' का अर्थ चतुराईपूर्ण व्यंग्य-भरी शैली से समझाएँ।
b) एक ठोस उदाहरण देना अनिवार्य है।

(ख) 'बड़े भैया के मरने के बाद ही जैसे सब खेल खत्म हो गया।' 'संवदिया' पाठ से उद्धृत इस कथन में किस खेल के खत्म होने की बात हो रही है? स्पष्ट कीजिए। [2 Marks]

Answer:
1. यहाँ बड़ी हवेली की संपन्नता, प्रतिष्ठा और उसके वैभव के खत्म होने की बात हो रही है।
2. साथ ही घर के सभी सदस्यों के एकजुट होकर रहने तथा छोटे-बड़े के परस्पर आदर-सम्मान का भी अंत हो गया।

Teacher's Note:
a) 'खेल' का अर्थ हवेली के वैभव और पारिवारिक एकता से जोड़ें।
b) दोनों बिंदु (वैभव व एकता) अवश्य लिखें।

(ग) औद्योगीकरण के नाम पर अपने घर और गाँव से विस्थापित लोगों की स्थिति का वर्णन 'जहाँ कोई वापसी नहीं' पाठ के संदर्भ में कीजिए। [2 Marks]

Answer:
1. विस्थापित लोग अपनी संस्कृति और अपने परिवेश से हमेशा के लिए अलग हो जाते हैं तथा साफ-सुथरे गाँव को छोड़कर शहरों की गंदी बस्तियों में जीवन-यापन को मजबूर होते हैं।
2. वे जीवन की मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसते हैं और बेरोज़गारी की पीड़ा झेलते हैं।

Teacher's Note:
a) 'विस्थापन' के सामाजिक व आर्थिक दोनों पहलू लिखें।
b) 'गंदी बस्तियाँ' और 'बेरोज़गारी' शब्द अवश्य प्रयोग करें।

 

13. निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 100 शब्दों में लिखिए : [2 x 5 = 10]

 

(क) 'सूरदास की झोंपड़ी' से उद्धृत कथन 'हम सौ लाख बार घर बनाएँगे' के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए सकारात्मक सोच का होना क्यों अनिवार्य है? [5 Marks]

Answer:
1. जीवन में आगे बढ़ने के लिए सूरदास की तरह सकारात्मक सोच का होना अत्यंत अनिवार्य है।
2. सकारात्मक सोच से मन में नई ऊर्जा का संचार होता है, जो हर विपत्ति से लड़ने की शक्ति देती है।
3. यह व्यक्ति को स्वयं आशान्वित बनाए रखती है और दूसरों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
4. सकारात्मक सोच के कारण ही व्यक्ति में कठिनाइयों से लड़ने का साहस और पुनर्निर्माण का उत्साह बना रहता है।
5. इससे आत्मविश्वास में निरंतर वृद्धि होती है, जो जीवन में सफलता की कुंजी है, ठीक जैसे सूरदास अपनी झोंपड़ी के नष्ट होने पर भी बार-बार बनाने का संकल्प लेता है।

Teacher's Note:
a) 'सौ लाख बार घर बनाऊँगा' पंक्ति को उदाहरण के रूप में अवश्य उद्धृत करें।
b) पाँचों बिंदुओं को क्रमांकित करके स्पष्टता से लिखें।

(ख) 'बिस्कोहर की माटी' पाठ में वर्णित ग्रामीण जीवन की झाँकी प्रस्तुत कीजिए। [5 Marks]

Answer:
1. गाँवों का जीवन शहरों जैसी सुविधाओं से युक्त न होकर प्रकृति पर अधिक निर्भर होता है।
2. गाँव में प्रकृति के कोमल और कठोर दोनों रूप देखने को मिलते हैं - एक ओर मनोहारी चाँदनी रात, रंग-बिरंगे फूल और वर्षा का सौंदर्य है।
3. दूसरी ओर बाढ़, सूखा, कीड़े-मकोड़े और साँप-बिच्छुओं का भय भी वहाँ व्याप्त रहता है।
4. बीमारी होने पर भी ग्रामीण चिकित्सा के लिए प्रकृति और परंपरागत उपायों पर ही निर्भर रहते हैं।
5. इसके बावजूद गाँव के लोगों के बीच गहरा पारस्परिक लगाव और आत्मीयता देखने को मिलती है, जो ग्रामीण जीवन की सबसे बड़ी विशेषता है।

Teacher's Note:
a) प्रकृति के दोनों रूपों (कोमल-कठोर) का उल्लेख अनिवार्य है।
b) अंत में पारस्परिक लगाव का बिंदु जोड़ना न भूलें।

(ग) 'डग-डग रोटी पग-पग नीर' वाले मालवा की वर्तमान स्थिति 'अपना मालवा खाऊ-उजाड़ सभ्यता में' पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए। स्थिति के कारणों को स्पष्ट करते हुए यह भी लिखिए कि इसे कैसे सुधारा जा सकता है। [5 Marks]

Answer:
वर्तमान स्थिति -
1. मालवा में अब अतिवृष्टि या अनावृष्टि होने लगी है तथा नदी-नाले सूखकर अत्यधिक प्रदूषित हो गए हैं, जिससे पैदावार में भारी कमी आई है।
कारण -
2. तेज़ी से बढ़ता औद्योगीकरण और भूजल का अत्यधिक दोहन इसका मुख्य कारण है।
3. प्राकृतिक संपदा को पहुँचाई गई क्षति और पर्यावरणीय असंतुलन भी इसके लिए उत्तरदायी हैं।
सुधार हेतु सुझाव -
4. जल के परंपरागत संसाधनों का आधुनिकीकरण और संरक्षण किया जाना चाहिए।
5. मनुष्य और प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित कर, प्रकृति से प्रेम और उसका सम्मान करना आवश्यक है।

Teacher's Note:
a) उत्तर को वर्तमान स्थिति, कारण और सुझाव - तीन भागों में बाँटकर लिखें।
b) 'औद्योगीकरण' और 'भूजल दोहन' कुंजी-शब्द हैं, इन्हें अवश्य लिखें।

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