Class 12 Hindi Core Solved Question Papers: CBSE Class 12 Hindi Core Question Paper 2026 Solved Code 2-1-1
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SECTION A / खंड - क (अपठित बोध)
1. निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए: [10 Marks]
संस्कृति और सभ्यता - ये दोनों दो शब्द हैं और उनके अर्थ भी अलग-अलग हैं। सभ्यता मनुष्य का वह गुण है जिससे वह अपनी बाहरी उन्नति करता है। संस्कृति मनुष्य का वह गुण है जिससे वह अपनी भीतरी उन्नति करता है, दया, ममता और परोपकार आदि सीखता है, गीत-नाद, कविता, चित्र और मूर्ति से आनन्द लेने की योग्यता हासिल करता है। एक वह भी समय था जब आदमी को घर बनाना नहीं आता था, जब वह पेड़ की छाया या पहाड़ की खोह में वास करता था; जब खेती करना भी नहीं आता था और वह कन्द-मूल खाकर गुजारा करता था; जब उसे कपड़ा बुनना भी नहीं आता था और वह या तो निर्वस्त्र रहता था या पेड़ों की छाल या जानवरों की खाल पहनकर रहता था। इस हालत को मनुष्य की असभ्यता की हालत कहते हैं। लेकिन, इस हालत से निकलकर आदमी ज्यों-ज्यों आगे बढ़ा, त्यों-त्यों वह सभ्य होता गया। यानी जब आदमी खेती करके अनाज उपजाने लगा, अनाज को आग से पकाकर खाने लगा, घर बनाकर रहने और कपड़े बुनकर उन्हें पहनने लगा, तब वह असभ्यता से निकलकर सभ्यता की ओर आने लगा। आज भी रेलगाड़ी, मोटर और हवाई जहाज, लंबी-चौड़ी सड़कें और बड़े-बड़े मकान, अच्छा भोजन और अच्छी पोशाक, ये सभ्यता की पहचान हैं और जिस देश में इनकी जितनी ही अधिकता है उस देश को हम उतना ही सभ्य मानते हैं। मगर, संस्कृति इन सबसे भिन्न है। वह मोटर नहीं, मोटर बनाने की कला है; मकान नहीं, मकान बनाने की रुचि है। भोजन की सामग्री हम सभ्यता के जरिये पैदा करते हैं, लेकिन जिस ढंग से हम भोजन तैयार करते हैं और जिस कला से हम उसे खाते हैं वह हमारी संस्कृति कहलाती है।
(i) संस्कृति सभ्यता से भिन्न है क्योंकि संस्कृति - [1 Mark]
(A) सभ्यता की अपेक्षा स्थूल और विशद होती है
(B) सभ्यता की अपेक्षा अत्यंत सूक्ष्म होती है
(C) समन्वयमूलक है और सभ्यता सूक्ष्म होती है
(D) आदर्शमूलक है और सभ्यता यथार्थ होती है
Answer: (B) सभ्यता की अपेक्षा अत्यंत सूक्ष्म होती है
Teacher's Note:
a) गद्यांश में स्पष्ट किया गया है कि संस्कृति भीतरी और सूक्ष्म गुण है।
b) सभ्यता को स्थूल भौतिक उन्नति से जोड़कर पहचानें।
(ii) गद्यांश के अनुसार 'सभ्यता' का अभिप्राय क्या है ? [1 Mark]
(A) मानव को कलाकार बना देने की विशेषता
(B) मानव के स्वाधीन चिंतन की गाथा
(C) मनुष्य की ऐश्वर्यपूर्ण कहानी
(D) मनुष्य के भौतिक विकास का क्रम
Answer: (D) मनुष्य के भौतिक विकास का क्रम
Teacher's Note:
a) गद्यांश में सभ्यता को घर, खेती, वस्त्र आदि भौतिक विकास से जोड़ा गया है।
b) संस्कृति और सभ्यता के अंतर को भ्रमित न करें।
(iii) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यान से पढ़िए और सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कर लिखिए: [1 Mark]
कथन: संस्कृति से मनुष्य दया, ममता, परोपकार आदि गुण और कला का रसास्वादन करना सीखता है।
कारण: संस्कृति मनुष्य के मानवीय मूल्यों और कौशल का विकास करती है।
(A) कथन सही है, कारण गलत है।
(B) कथन गलत है, कारण सही है।
(C) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
(D) कथन और कारण दोनों गलत हैं।
Answer: (C) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
Teacher's Note:
a) कथन और कारण दोनों को अलग-अलग जाँचकर संबंध देखें।
b) संस्कृति मानवीय मूल्यों के विकास से जुड़ी है, यह मूल बिंदु याद रखें।
(iv) 'सभ्यता' और 'संस्कृति' के अंतर को उचित उदाहरण द्वारा स्पष्ट कीजिए। [1 Mark]
Answer: सभ्यता मनुष्य की बाहरी उन्नति है जैसे मोटर या मकान, जबकि संस्कृति भीतरी उन्नति है जैसे मोटर बनाने की कला या मकान बनाने की रुचि।
Teacher's Note:
a) उदाहरण देना अनिवार्य है, बिना उदाहरण अंक नहीं मिलेगा।
b) 'वस्तु' और 'कला/रुचि' के अंतर को स्पष्ट करें।
(v) 'सभ्यता और संस्कृति दोनों साथ-साथ चलते हैं' - कैसे ? उदाहरण देकर इस कथन की पुष्टि कीजिए। [2 Marks]
Answer:
1. सभ्यता और संस्कृति एक-दूसरे की पूरक हैं, आवश्यक वस्तुओं का निर्माण सभ्यता है तथा उनके उपयोग का ढंग संस्कृति है।
2. जैसे भोजन की सामग्री पैदा करना सभ्यता है, परन्तु उसे तैयार करने और खाने की कला संस्कृति कहलाती है।
Teacher's Note:
a) दोनों बिंदुओं के लिए स्पष्ट उदाहरण देना जरूरी है।
b) 'साथ-साथ चलना' को पूरक संबंध के रूप में समझाएँ।
(vi) "संस्कृति असल में शरीर का नहीं आत्मा का गुण है।" इस कथन को गद्यांश के आधार पर स्पष्ट कीजिए। [2 Marks]
Answer:
1. संस्कृति मनुष्य की भीतरी उन्नति का गुण है, जिससे वह दया, ममता, परोपकार आदि सीखता है।
2. इससे मनुष्य गीत, नाद, कविता, चित्र और मूर्ति से आनंद लेने की योग्यता प्राप्त करता है, जो आत्मिक विकास है।
Teacher's Note:
a) 'आत्मा का गुण' का अर्थ आंतरिक/मानसिक उन्नति से जोड़ें।
b) गद्यांश से सीधे उदाहरण उद्धृत करना अंक दिलाता है।
(vii) सभ्यता के विकास से पूर्व मनुष्य की क्या स्थिति थी ? सभ्यता के विकास के क्या परिणाम हुए ? [2 Marks]
Answer:
1. पूर्व स्थिति: मनुष्य पेड़ की छाया या पहाड़ की खोह में रहता था, कंद-मूल खाकर गुजारा करता था और निर्वस्त्र या खाल पहनकर रहता था।
2. परिणाम: मनुष्य ने खेती करके अनाज उपजाना, पकाकर खाना, घर बनाकर रहना और कपड़े बुनकर पहनना सीखा, जिससे वह सभ्यता की ओर बढ़ा।
Teacher's Note:
a) दोनों भागों (पूर्व स्थिति और परिणाम) के लिए अलग-अलग अंक दिए जाते हैं।
b) गद्यांश के क्रम में उत्तर देना बेहतर होता है।
2. निम्नलिखित पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए: [8 Marks]
धूप चमकती है चाँदी की साड़ी पहने
मैके में आई बेटी की तरह मगन है
फूली सरसों से आके लिपट गई है
जैसे दो हमजोली सखियाँ गले मिली हैं
सारंगी बजती है खेतों की गोदी में
दल-के-दल पक्षी उड़ते हैं मीठे स्वर के
अनावरण यह प्राकृत छवि की अमर भारती
रंग-बिरंगी पंखुरियों की खोल चेतना
सौरभ से मह-मह महकाता है दिगंत को
मानव-मन को भर देता है दिव्य दीप्ति से
शिव के नंदी-सा पानी पीता नदिका में
निर्मल नभ अवनी के ऊपर बिसुध खड़ा है
काल काग की तरह ठूँठ पर गुमसुम बैठा
सोई आँखों देख रहा है दिवावसान को।
(i) काव्यांश में धूप को किस रूप में चित्रित किया गया है ? [1 Mark]
(A) चाँदी की साड़ी के रूप में
(B) फूली सरसों के रूप में
(C) मैके में आई बेटी के रूप में
(D) हमजोली सखी के रूप में
Answer: (C) मैके में आई बेटी के रूप में
Teacher's Note:
a) कवि ने धूप की प्रसन्नता की तुलना मैके में आई बेटी के हर्ष से की है।
b) प्रतीकों को ध्यान से पढ़कर उपमा पहचानें।
(ii) फूली हुई सरसों से आकर कौन लिपट गई ? [1 Mark]
(A) धूप
(B) हवा
(C) बेटी
(D) चाँदनी
Answer: (A) धूप
Teacher's Note:
a) पंक्ति में स्पष्ट है कि धूप सरसों से लिपटती है।
b) कर्ता को पहचानने के लिए पूरी पंक्ति पढ़ें।
(iii) खेतों की गोदी में सारंगी बजती है - [1 Mark]
(A) खेतों के बीच से गुजरती हवा की ध्वनि की
(B) खेतों के ऊपर उड़ते पक्षियों के मीठे स्वरों की
(C) पक्षियों को उड़ाने के लिए किसान की बाँसुरी की
(D) पक्षियों को बुलाने के लिए छोटे बच्चों की
Answer: (B) खेतों के ऊपर उड़ते पक्षियों के मीठे स्वरों की
Teacher's Note:
a) 'दल-के-दल पक्षी उड़ते हैं मीठे स्वर के' पंक्ति इसका आधार है।
b) सारंगी की ध्वनि को पक्षियों के कलरव से जोड़ें।
(iv) ठूँठ पर बैठे काल की तुलना किससे और किस आधार पर की गई है ? [1 Mark]
Answer: काल की तुलना काग (कौवे) से की गई है, वर्ण (रंग) की समानता के आधार पर।
Teacher's Note:
a) तुलना और आधार दोनों बताना जरूरी है।
b) काले रंग की समानता ही उपमा का आधार है।
(v) नदी में पड़ते आकाश के प्रतिबिंब के बारे में कवि ने क्या कल्पना की है ? स्पष्ट कीजिए। [2 Marks]
Answer:
1. कवि ने कल्पना की है कि आकाश शिव के नंदी के समान रूप धारण कर नदी में पानी पी रहा है।
2. वह सुध-बुध खोकर धरती के ऊपर बेसुध खड़ा दिखाई देता है।
Teacher's Note:
a) दोनों बिंदुओं (नंदी रूप और बेसुध खड़ा होना) को शामिल करें।
b) कल्पना को कवि की सृजनात्मकता से जोड़कर समझाएँ।
(vi) काव्यांश के आधार पर ग्रामीण प्रकृति के सौंदर्य का वर्णन कीजिए। [2 Marks]
Answer:
1. खेतों में लहलहाती सरसों पर चाँदी-सी चमकती धूप और खेतों पर उड़ते पक्षियों का मधुर कलरव प्रकृति को जीवंत बनाता है।
2. रंग-बिरंगे फूलों की सुगंध से महकती दिशाएँ और कल-कल बहती नदी ग्रामीण सौंदर्य को और निखारती हैं।
Teacher's Note:
a) दो अलग-अलग प्राकृतिक बिंब देना अनिवार्य है।
b) काव्यांश की पंक्तियों को आधार बनाकर वर्णन करें।
SECTION B / खंड - ख (अभिव्यक्ति और माध्यम पुस्तक पर आधारित प्रश्न)
3. निम्नलिखित दिए गए विषयों में से किसी एक विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए: [6 Marks]
(i) जंक फूड का बढ़ता चलन
(ii) महानगरों का बढ़ता आकर्षण
(iii) बाज़ारों का बदलता स्वरूप
Answer:
जंक फूड का बढ़ता चलन
आज के दौर में जंक फूड का चलन तेजी से बढ़ रहा है। बदलती जीवन-शैली, समय की कमी और विज्ञापनों के आकर्षण ने बच्चों और युवाओं को पिज्जा, बर्गर, चाऊमीन जैसे खाद्य पदार्थों की ओर आकर्षित किया है। ये खाद्य पदार्थ स्वादिष्ट होते हैं परंतु पौष्टिकता की दृष्टि से हानिकारक हैं। इनमें अधिक मात्रा में तेल, नमक और चीनी होती है, जिससे मोटापा, मधुमेह और हृदय संबंधी बीमारियाँ बढ़ रही हैं। घर के बने भोजन की जगह बाजार के भोजन ने ले ली है, जिससे पारिवारिक भोजन की परंपरा भी कमजोर हो रही है। हमें चाहिए कि हम संतुलित आहार को अपनाएँ, बच्चों को पौष्टिक भोजन के महत्व के बारे में जागरूक करें और जंक फूड के सेवन को सीमित करें। स्कूलों और परिवारों को मिलकर इस दिशा में जागरूकता फैलानी चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ी स्वस्थ रह सके।
Teacher's Note:
a) विषय-वस्तु के 4 अंक, भाषा का 1 अंक और प्रस्तुति का 1 अंक निर्धारित है।
b) शब्द-सीमा (लगभग 120 शब्द) का पालन करें।
c) विषय पर सुसंगत तर्क और सुझाव देना आवश्यक है।
4. निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए: [4 x 2 = 8 Marks]
(i) 'रेडियो मूलत: एकरेखीय (लीनियर) माध्यम है।' - कैसे ? [2 Marks]
Answer:
1. रेडियो का प्रसारण क्रमिक होता है, श्रोता अपनी इच्छानुसार उसमें परिवर्तन नहीं कर सकता।
2. कार्यक्रम का समय और अवधि निश्चित होती है तथा सुनने-सुनाने वाले में तत्काल संवाद की गुंजाइश नहीं होती।
Teacher's Note:
a) 'एकरेखीय' शब्द का अर्थ क्रमबद्धता से जोड़ें।
b) फीडबैक की कमी को उदाहरण सहित समझाएँ।
(ii) एंकर-बाइट से क्या तात्पर्य है ? [2 Marks]
Answer:
1. टी.वी. पर प्रसारित खबरों का एक चरण जिसमें घटना के प्रत्यक्षदर्शियों के कथन दिखाकर खबर की पुष्टि की जाती है।
2. इससे खबर से संबंधित व्यक्तियों के कथन (बाइट) दिखाकर समाचार को प्रामाणिकता प्रदान की जाती है।
Teacher's Note:
a) 'बाइट' शब्द को कथन/साक्षात्कार अंश के रूप में स्पष्ट करें।
b) प्रामाणिकता बढ़ाने का उद्देश्य अवश्य लिखें।
(iii) विशेष लेखन की भाषा-शैली सामान्य लेखन से किस प्रकार भिन्न है ? स्पष्ट कीजिए। [2 Marks]
Answer:
1. सामान्य लेखन की भाषा बोधगम्य, सरस और भावात्मक होती है जबकि विशेष लेखन की भाषा औपचारिक, सुस्पष्ट और विषय-केंद्रित होती है।
2. सामान्य लेखन में बोलचाल के शब्दों का प्रयोग होता है, जबकि विशेष लेखन में विशिष्ट तकनीकी शब्दावली का प्रयोग होता है।
Teacher's Note:
a) दोनों शैलियों के दो-दो स्पष्ट अंतर देना अनिवार्य है।
b) उदाहरण देने से उत्तर और सुदृढ़ बनता है।
(iv) समाचार और फीचर में क्या अंतर है ? उल्लेख कीजिए। [2 Marks]
Answer:
1. समाचार तात्कालिक घटनाओं से संबंधित होता है और उलटा पिरामिड शैली में लिखा जाता है, जबकि फीचर सृजनात्मक और आत्मनिष्ठ लेखन है जिसकी शैली निश्चित नहीं होती।
2. समाचार में पत्रकार की अपनी राय का कोई स्थान नहीं होता, जबकि फीचर में लेखक अपनी राय व्यक्त कर सकता है।
Teacher's Note:
a) 'उलटा पिरामिड' शैली शब्द का प्रयोग अंक दिलाता है।
b) समाचार और फीचर के उद्देश्य में अंतर स्पष्ट करें।
(v) विश्लेषणात्मक रिपोर्ट किसे कहते हैं ? [2 Marks]
Answer:
1. यह विशेष रिपोर्ट का एक प्रकार है जिसमें सार्वजनिक रूप से उपलब्ध तथ्यों, सूचनाओं और आँकड़ों की गहन छानबीन कर किसी मुद्दे के अहम पहलुओं को सामने लाया जाता है।
2. इसमें घटना, मुद्दे या विषय की विस्तृत और व्यापक जानकारी प्रदान की जाती है।
Teacher's Note:
a) 'गहन छानबीन' और 'विस्तृत जानकारी' शब्द अवश्य प्रयोग करें।
b) सामान्य रिपोर्ट से इसका अंतर याद रखें।
5. निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 80 शब्दों में लिखिए: [2 x 4 = 8 Marks]
(i) 'अप्रत्याशित विषयों पर लिखने से लेखन पर पकड़ मजबूत होती है।' - कैसे ? स्पष्ट कीजिए। [4 Marks]
Answer:
1. अप्रत्याशित विषयों पर लिखने से सृजनात्मक शक्ति विकसित होती है।
2. इससे मौलिक अभिव्यक्ति का अवसर मिलता है और तर्क, विचार व उदाहरणों द्वारा मंतव्य को पुष्ट करने की क्षमता आती है।
3. भाषा पर अच्छी पकड़ बनती है क्योंकि विद्यार्थी को कम समय में अपने विचारों को संकलित कर प्रस्तुत करना पड़ता है।
4. इस प्रकार लिखित अभिव्यक्ति की क्षमता भी बढ़ती है।
Teacher's Note:
a) चार अलग-अलग बिंदु देना आवश्यक है।
b) 'सृजनात्मक शक्ति' और 'मौलिक अभिव्यक्ति' शब्दों का प्रयोग करें।
(ii) कहानी के पात्रों के नाट्य रूपांतरण में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ? स्पष्ट कीजिए। [4 Marks]
Answer:
1. कहानी के पात्रों की दृश्यात्मकता का नाटक के पात्रों से मेल खाना आवश्यक है।
2. पात्रों की भाव-भंगिमाओं और उनके तौर-तरीकों का उचित ध्यान रखना चाहिए।
3. पात्रों का अभिनय और रंगमंच के अनुरूप होना चाहिए।
4. ध्वनि, प्रकाश, स्वगत कथन और वायस ओवर द्वारा पात्रों के मानसिक द्वंद्व को अभिव्यक्ति देनी चाहिए।
Teacher's Note:
a) चारों तकनीकी तत्वों (ध्वनि, प्रकाश आदि) का उल्लेख अंक दिलाता है।
b) रंगमंचीयता को केंद्र में रखकर उत्तर लिखें।
(iii) रेडियो नाटक के लिए कहानी का चयन करते समय किन महत्त्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना आवश्यक है और क्यों ? [4 Marks]
Answer:
1. कहानी केवल घटना-प्रधान नहीं होनी चाहिए और उसकी अवधि बहुत लंबी नहीं होनी चाहिए।
2. पात्रों की संख्या सीमित होनी चाहिए ताकि श्रोता भ्रमित न हों।
3. ऐसा इसलिए आवश्यक है कि श्रोताओं की रुचि बनी रहे और वे अधिक लंबी अवधि तक जुड़े रहें।
4. ध्वनि के माध्यम से पात्रों को पहचानने में आसानी हो, इसलिए सीमित पात्र होना जरूरी है।
Teacher's Note:
a) 'बातें' और 'क्यों' दोनों भागों के लिए अलग-अलग अंक हैं।
b) श्रोता-केंद्रित तर्क देना उत्तर को सशक्त बनाता है।
SECTION C / खंड - ग (पाठ्यपुस्तक आरोह तथा वितान पर आधारित प्रश्न)
6. निम्नलिखित पठित काव्यांश पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए: [5 x 1 = 5 Marks]
भोर का नभ
राख से लीपा हुआ चौका
(अभी गीला पड़ा है)
बहुत काली सिल जरा से लाल केसर से
कि जैसे धुल गई हो
स्लेट पर या लाल खड़िया चाक
मल दी हो किसी ने
नील जल में या किसी की
गौर झिलमिल देह
जैसे हिल रही हो।
(i) काव्यांश में 'काली सिल' उपमान किसके लिए प्रयुक्त किया गया है ? [1 Mark]
(A) अंधकार से युक्त प्रकृति
(B) अँधेरे से युक्त आसमान
(C) अंधकार से युक्त पृथ्वी
(D) रात्रि का अंधकार
Answer: (B) अँधेरे से युक्त आसमान
Teacher's Note:
a) 'काली सिल' भोर से पहले के अंधकारमय आकाश का प्रतीक है।
b) उपमानों को उनके संदर्भ में ही समझें।
(ii) 'बहुत काली सिल जरा से लाल केसर से' - पंक्ति का सही अर्थ है - [1 Mark]
(A) भोर का आकाश लालिमा से युक्त है।
(B) भोर का आकाश काला है।
(C) भोर में केसर को धोया गया है।
(D) भोर में काली सिल को धोया गया है।
Answer: (A) भोर का आकाश लालिमा से युक्त है।
Teacher's Note:
a) केसर लालिमा का प्रतीक है, इसे ध्यान में रखें।
b) पूरी पंक्ति के बिंब को समग्रता से समझें।
(iii) इस काव्यांश में कवि ने उषा का कौन-सा चित्र प्रस्तुत किया है ? [1 Mark]
(A) छायाचित्र
(B) रेखाचित्र
(C) शब्दचित्र
(D) भित्तिचित्र
Answer: (C) शब्दचित्र
Teacher's Note:
a) कवि ने शब्दों के माध्यम से उषा का बिंब खींचा है।
b) 'शब्दचित्र' शब्द को कविता की बिंब-योजना से जोड़ें।
(iv) कवि द्वारा भोर को 'राख से लीपा हुआ चौका' कहना प्रतिपादित करता है कि भोर का नभ: [1 Mark]
(A) अपनी आभा से चमत्कृत कर रहा है।
(B) प्राकृतिक सुंदरता को बढ़ा रहा है।
(C) सफेद व नीले वर्णों का अद्भुत मिश्रण है।
(D) नए परिवर्तनों व आयामों का प्रतीक है।
Answer: (C) सफेद व नीले वर्णों का अद्भुत मिश्रण है।
Teacher's Note:
a) 'राख से लीपा चौका' रंगों के मिश्रण का बिंब है।
b) प्रकृति-चित्रण की बारीकियों को ध्यान से पढ़ें।
(v) 'नील जल में या किसी की गौर झिलमिल देह' - का वर्णन किस अनुभूति से संबंधित है ? [1 Mark]
(A) निर्मलता और उज्ज्वलता
(B) कृत्रिमता और पवित्रता
(C) कोमलता और सुंदरता
(D) विस्मय और रहस्य
Answer: (A) निर्मलता और उज्ज्वलता
Teacher's Note:
a) 'गौर झिलमिल देह' का बिंब निर्मलता दर्शाता है।
b) रंगों और आभा के बिंबों को ध्यान से जोड़ें।
7. निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए: [2 x 3 = 6 Marks]
(i) "सब घर एक कर देना" - पंक्ति का बच्चों और कविता के संदर्भ में क्या औचित्य है ? 'कविता के बहाने' कविता के आधार पर लिखिए। [3 Marks]
Answer:
1. बच्चे भेदभाव नहीं समझते, वे सब घरों को अपना मानकर एकता के सूत्र में बाँधते हैं, ठीक वैसे ही कविता भी समाज को एकता में बाँधती है।
2. बच्चे सरल हृदय होते हैं और कविता भी अनुभूतिजन्य तथा कोमल उद्गारों की अभिव्यक्ति होती है।
3. बच्चों के खेल में समय-सीमा का कोई स्थान नहीं होता, वैसे ही कविता भी देश-काल और जड़-चेतन की सीमा से परे होती है।
Teacher's Note:
a) तीन बिंदु स्पष्ट रूप से अलग-अलग लिखें।
b) 'बच्चे' और 'कविता' की समानता को केंद्र में रखें।
(ii) 'कैमरे में बंद अपाहिज' कविता को आप करुणा की कविता मानते हैं या क्रूरता की ? तर्क सहित उत्तर लिखिए। [3 Marks]
Answer:
1. करुणा की दृष्टि से - अपाहिज की विवशता और उसकी पीड़ा को अभिव्यक्त न कर पाने की मनःस्थिति करुणा से ओत-प्रोत है।
2. क्रूरता की दृष्टि से - मीडियाकर्मी की संवेदनहीनता से संवेदनहीन प्रश्न पूछकर अपाहिज की पीड़ा को कुरेदा जाता है।
3. दर्शकों की भावुकता से व्यावसायिक लाभ कमाने का प्रयास कोरी व्यावसायिकता का प्रतीक है, अतः यह क्रूरता की कविता अधिक प्रतीत होती है।
Teacher's Note:
a) दोनों पक्षों (करुणा/क्रूरता) में से किसी एक तर्क सहित उत्तर देना पर्याप्त है।
b) व्यावसायिकता और संवेदनहीनता जैसे शब्द अंक दिलाते हैं।
(iii) 'तुलसीदास का युग बेरोज़गारी से त्रस्त था' - 'कवितावली' के संदर्भ में इस कथन को सिद्ध कीजिए। [3 Marks]
Answer:
1. तत्कालीन शासक वर्ग की प्रजा के प्रति उदासीनता स्पष्ट दिखती है।
2. जीविका के साधनों का अभाव था, यहाँ तक कि भिखारियों को भी भीख नहीं मिलती थी।
3. भूख से बेहाल लोग नैतिक-अनैतिक कार्य करने और यहाँ तक कि संतान बेचने को विवश थे।
Teacher's Note:
a) 'कवितावली' के संदर्भ अवश्य उद्धृत करें।
b) तीन ठोस उदाहरण देने से पूर्ण अंक मिलते हैं।
8. निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए: [2 x 2 = 4 Marks]
(i) 'पतंग' कविता में कवि ने भादो के समाप्त होने के बाद प्रकृति में आए परिवर्तनों को कैसे अभिव्यक्त किया है ? स्पष्ट कीजिए। [2 Marks]
Answer:
1. जीवंत बिंबों के माध्यम से लालिमा का छाना (खरगोश से तुलना) और आसमान से बादलों के साम्राज्य का समाप्त होना दिखाया गया है।
2. दिशाओं का उज्ज्वल होना और वातावरण का उमंग, उल्लास और खुशियों से भर जाना दर्शाया गया है।
Teacher's Note:
a) 'खरगोश' जैसी उपमा का उल्लेख अंक दिलाता है।
b) बिंब-चित्रण को स्पष्ट शब्दों में लिखें।
(ii) 'बादल राग' कविता में 'जीवन का पारावार' किसे कहा गया है और क्यों ? [2 Marks]
Answer:
1. 'जीवन का पारावार' बादलों को कहा गया है।
2. क्योंकि वे गरमी से तपती धरती पर वर्षा कर हरियाली के रूप में फसलों को नव-जीवन प्रदान करते हैं और सर्वहारा वर्ग में नई आशा का संचार करते हैं।
Teacher's Note:
a) 'किसे' और 'क्यों' दोनों का उत्तर देना आवश्यक है।
b) 'सर्वहारा वर्ग' शब्द का प्रयोग अंक दिलाता है।
(iii) 'बात सीधी थी पर' कविता के संदर्भ में 'भाषा में पेंच कसना' के आशय को स्पष्ट कीजिए। [2 Marks]
Answer:
1. भाषा को चामत्कारिक बनाने के लिए अनावश्यक रूप से विभिन्न अलंकरणों का प्रयोग करना।
2. अनावश्यक अलंकारों, बिंबों और मुहावरों के प्रयोग से भाषा को जटिल और दुर्बोध बना देना।
Teacher's Note:
a) 'पेंच कसना' मुहावरे का सही अर्थ स्पष्ट करें।
b) भाषा की सरलता के महत्व को रेखांकित करें।
9. निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्पों को चुनकर लिखिए: [5 x 1 = 5 Marks]
अँधेरी रात चुपचाप आँसू बहा रही थी। निस्तब्धता करुण सिसकियों और आहों को बलपूर्वक अपने हृदय में ही दबाने की चेष्टा कर रही थी। आकाश में तारे चमक रहे थे। पृथ्वी पर कहीं प्रकाश का नाम नहीं। आकाश से टूटकर यदि कोई भावुक तारा पृथ्वी पर जाना भी चाहता तो उसकी ज्योति और शक्ति रास्ते में ही शेष हो जाती थी। अन्य तारे उसकी भावुकता अथवा असफलता पर खिलखिलाकर हँस पड़ते थे।
सियारों का क्रंदन और पेचक की डरावनी आवाज़ कभी-कभी निस्तब्धता को अवश्य भंग कर देती थी। गाँव की झोंपड़ियों से कराहने और कै करने की आवाज़, 'हरे राम! हे भगवान!' की टेर अवश्य सुनाई पड़ती थी। बच्चे भी कभी-कभी निर्बल कंठों से 'माँ-माँ' पुकारकर रो पड़ते थे। पर इससे रात्रि की निस्तब्धता में विशेष बाधा नहीं पड़ती थी।
कुत्तों में परिस्थिति को ताड़ने की एक विशेष बुद्धि होती है। वे दिन-भर राख के घूरों पर, गठरी की तरह सिकुड़कर, मन मारकर पड़े रहते थे। संध्या या गंभीर रात्रि को सब मिलकर रोते थे।
(i) अँधेरी रात चुपचाप आँसू क्यों बहा रही थी ? [1 Mark]
(A) जंगली पशुओं की डरावनी आवाज के कारण
(B) प्रकृति की असमर्थता व विवशता के कारण
(C) महामारी के कारण गाँव वालों की असहाय स्थिति से दुखी होने के कारण
(D) रात में व्याप्त अंधकार और सन्नाटे के डर के कारण
Answer: (C) महामारी के कारण गाँव वालों की असहाय स्थिति से दुखी होने के कारण
Teacher's Note:
a) गद्यांश महामारी की पृष्ठभूमि में लिखा गया है, यह ध्यान रखें।
b) प्रतीकात्मक अर्थ को समझकर उत्तर चुनें।
(ii) स्तंभ-I को स्तंभ-II से सुमेलित कीजिए और सही विकल्प चुनकर लिखिए: [1 Mark]
स्तंभ-I: क. प्रकाश का नाम नहीं | ख. तारे की ज्योति और शक्ति का शेष होना | ग. चित न होना
स्तंभ-II: (i) हार न मानना | (ii) आशा और जिजीविषा का अभाव | (iii) पीड़ित गाँव वालों की मदद न कर पाना
(A) क-(iii), ख-(i), ग-(ii)
(B) क-(ii), ख-(iii), ग-(i)
(C) क-(i), ख-(ii), ग-(iii)
(D) क-(i), ख-(iii), ग-(ii)
Answer: (B) क-(ii), ख-(iii), ग-(i)
Teacher's Note:
a) प्रत्येक स्तंभ के अर्थ को अलग-अलग जोड़कर मिलान करें।
b) प्रतीकात्मक अर्थों को ध्यान में रखते हुए सुमेल करें।
(iii) रात्रि के भयावहपन का उल्लेख किस प्रभाव को दर्शाने के लिए किया गया है ? [1 Mark]
(A) महामारी की भयानकता और दुष्प्रभाव का उल्लेख करने हेतु
(B) निस्तब्धता में मानवीय पीड़ा की झलक दिखाने हेतु
(C) रात्रि में भी गाँव में हलकी चहल-पहल बताने हेतु
(D) रात में बच्चों के उत्साह व निडरता का प्रदर्शन करने हेतु
Answer: (A) महामारी की भयानकता और दुष्प्रभाव का उल्लेख करने हेतु
Teacher's Note:
a) गद्यांश की समग्र पृष्ठभूमि महामारी है, इसे ध्यान में रखें।
b) रात्रि का वर्णन प्रतीकात्मक है, शाब्दिक अर्थ में न लें।
(iv) गद्यांश में इनमें से किसका उल्लेख नहीं मिलता है ? [1 Mark]
(A) रात्रि की निस्तब्धता
(B) तारों की भावुकता
(C) उत्तेजना युक्त उत्साह
(D) आहों का हृदय में दबना
Answer: (C) उत्तेजना युक्त उत्साह
Teacher's Note:
a) गद्यांश में केवल पीड़ा और दुख का वर्णन है, उत्साह का नहीं।
b) प्रत्येक विकल्प को गद्यांश से मिलाकर जाँचें।
(v) 'पेचक की डरावनी आवाज़' का प्रतीकार्थ है - [1 Mark]
(A) जीव-जंतुओं की सक्रियता
(B) मृत्यु या अनिष्ट की आहट
(C) पक्षियों की स्वाभाविक ध्वनि
(D) ग्रामीण परिवेश की सजीवता
Answer: (B) मृत्यु या अनिष्ट की आहट
Teacher's Note:
a) पेचक (उल्लू) की आवाज़ को अपशकुन के प्रतीक के रूप में जाना जाता है।
b) महामारी के संदर्भ में इसका अर्थ स्पष्ट करें।
10. निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए: [2 x 3 = 6 Marks]
(i) महादेवी वर्मा ने भक्तिन के साथ अपने संबंध को किस रूप में महसूस किया ? 'भक्तिन' पाठ के आधार पर लिखिए। [3 Marks]
Answer:
1. भक्तिन सेविका होते हुए भी लेखिका पर अपना अधिकार भाव रखती थी।
2. वह जीवन-भ्रमण की एकांत साथिन और व्यक्तित्व का जरूरी अंश बन गई थी।
3. महादेवी वर्मा उसे परिवार की आत्मीय सदस्या और स्नेहपूर्ण हितैषी के रूप में महसूस करती थीं।
Teacher's Note:
a) तीन अलग-अलग भावनात्मक पहलू लिखना आवश्यक है।
b) 'अधिकार भाव' और 'आत्मीयता' शब्द अवश्य प्रयोग करें।
(ii) 'काले मेघा पानी दे' पाठ में लोक-प्रचलित विश्वास और विज्ञान के द्वंद्व का चित्रण किस प्रकार किया गया है ? [3 Marks]
Answer:
1. वर्षा के लिए इंद्र देवता को प्रसन्न करने हेतु 'इंदर-सेना' द्वारा पानी माँगा जाता है।
2. त्याग और दान समझकर सहेजकर रखा हुआ जल अर्घ्य के रूप में 'इंदर-सेना' पर डाला जाता है, जिसे लेखक पानी की निर्मम बर्बादी मानता है।
3. वैज्ञानिक दृष्टिकोण रखने के बावजूद सामाजिक-सांस्कृतिक दबावों के कारण लेखक को पारंपरिक मान्यताओं को स्वीकार करने के लिए विवश होना पड़ता है।
Teacher's Note:
a) विश्वास और विज्ञान दोनों पक्षों को अलग-अलग स्पष्ट करें।
b) 'द्वंद्व' शब्द का सही प्रयोग अंक दिलाता है।
(iii) श्रम विभाजन किसे कहते हैं ? सभ्य समाज के लिए इसकी क्या आवश्यकता है ? [3 Marks]
Answer:
1. श्रम विभाजन: मानवोपयोगी कार्यों का रुचि, योग्यता और दक्षता के आधार पर वर्गीकरण करना श्रम विभाजन कहलाता है।
2. आवश्यकता: यह कार्य-कुशलता तथा कार्य-क्षमता और उत्पादकता को बढ़ाने के लिए आवश्यक है।
3. यह आर्थिक पहलू से समृद्धि लाने में भी सहायक होता है।
Teacher's Note:
a) परिभाषा और आवश्यकता दोनों भाग स्पष्ट रूप से लिखें।
b) उदाहरण देकर उत्तर को और सशक्त बना सकते हैं।
11. निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए: [2 x 2 = 4 Marks]
(i) 'बाज़ार दर्शन' पाठ के आधार पर भगत जी के चरित्र की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए। [2 Marks]
Answer:
1. भगत जी संयमी थे और संग्रह, तृष्णा, लोभ तथा धन-संचय जैसी भावनाओं से परे थे।
2. वे बाज़ार के आकर्षणों से मुक्त थे और आवश्यकतानुसार, लक्ष्य-केंद्रित खरीददारी करते थे।
Teacher's Note:
a) दो स्पष्ट गुण लिखना पर्याप्त है।
b) 'संयम' शब्द भगत जी के चरित्र की मुख्य पहचान है।
(ii) 'शिरीष के फूल' निबंध के आधार पर लिखिए कि पाठ में शिरीष के फूल की तुलना किससे और क्यों की गई है ? [2 Marks]
Answer:
1. शिरीष के फूल की तुलना कालजयी अवधूत से की गई है।
2. क्योंकि दोनों भीषण गर्मी के ताप में भी हरे-भरे और अपनी ही धुन में मस्त तथा बेपरवाह बने रहते हैं, कभी हार नहीं मानते।
Teacher's Note:
a) 'किससे' और 'क्यों' दोनों का उत्तर देना आवश्यक है।
b) 'कालजयी अवधूत' शब्द याद रखें।
(iii) " 'दासता' केवल कानूनी पराधीनता को ही नहीं कहा जा सकता।" इस कथन के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि डॉ. भीमराव आंबेडकर ने 'मेरी कल्पना का आदर्श समाज' में 'दासता' को किन व्यापक अर्थों में परिभाषित किया है ? [2 Marks]
Answer:
1. दासता का अर्थ दूसरों द्वारा निर्धारित व्यवहार और कर्तव्यों का पालन करने की विवशता से है।
2. यह मनुष्य की शक्ति के सक्षम एवं प्रभावशाली प्रयोग की स्वतंत्रता न होने तथा इच्छानुसार कार्य चुनने की स्वतंत्रता न होने से भी संबंधित है।
Teacher's Note:
a) 'कानूनी पराधीनता' से आगे के व्यापक अर्थ को समझाएँ।
b) स्वतंत्रता की कमी को केंद्रीय विचार बनाएँ।
12. निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 100 शब्दों में लिखिए: [2 x 5 = 10 Marks]
(i) " 'सिल्वर वैडिंग' कहानी वर्तमान युग में बदलते हुए जीवन मूल्यों की कहानी है।" स्पष्ट कीजिए कि ये जीवन मूल्य कौन-से हैं और क्यों बदल रहे हैं। [5 Marks]
Answer:
1. आधुनिक दिखावटी जीवन-शैली और पारंपरिक संस्कार व मूल्यों में टकराव स्पष्ट दिखाई देता है।
2. मानवीय मूल्य हाशिए पर जा रहे हैं और पाश्चात्य संस्कृति का प्रभुत्व बढ़ रहा है।
3. पारंपरिक व नैतिक मूल्यों का ह्रास हो रहा है और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को अधिक महत्व दिया जाने लगा है, जिससे रिश्तों में अलगाव आ रहा है।
4. ये परिवर्तन व्यक्तिवादी सोच, वैचारिक मतभेद और औद्योगीकरण-शहरीकरण के कारण हो रहे हैं।
5. पाश्चात्य संस्कृति के प्रति बढ़ता आकर्षण और पीढ़ी-अंतराल भी इसका प्रमुख कारण है।
Teacher's Note:
a) जीवन-मूल्य और कारण दोनों भागों को अलग-अलग स्पष्ट करें।
b) कहानी के पात्रों के उदाहरण देने से उत्तर सुदृढ़ बनता है।
(ii) "यह खेती हमें गड्ढे में धकेल रही है। पढ़ जाऊँगा तो नौकरी लग जाएगी, चार पैसे हाथ में रहेंगे।" - 'जूझ' पाठ से उद्धृत इस कथन के संदर्भ में ग्रामीण युवाओं की मानसिक स्थिति का वर्णन कीजिए। [5 Marks]
Answer:
1. कृषि कर्म में युवाओं की रुचि कम हो रही है क्योंकि इससे आर्थिक संपन्नता के सपने पूरे नहीं हो पाते।
2. वे जीवन-स्तर को बेहतर करना चाहते हैं और शिक्षित होकर नौकरी के माध्यम से उत्तम जीवन जीने की लालसा रखते हैं।
3. शहरी आकर्षण भी उन्हें खेती से दूर कर रहा है।
4. कृषि-कार्य श्रमसाध्य होने और अपेक्षित आय न मिलने के कारण पलायनवादी सोच बढ़ रही है।
5. कठोर शारीरिक परिश्रम के स्थान पर मानसिक श्रम से जीवन-स्तर बदलने की इच्छा युवाओं में प्रबल हो रही है।
Teacher's Note:
a) पाँच स्पष्ट कारण अलग-अलग बिंदुओं में लिखें।
b) 'जूझ' पाठ के संदर्भ से जोड़कर उत्तर लिखें।
(iii) लेखक ने सिंधु घाटी सभ्यता के सबसे बड़े नगर मुअनजो-दड़ो की नगर-योजना की तुलना आज के नगरों से किस प्रकार की है ? 'अतीत में दबे पाँव' पाठ के आधार पर विवेचना कीजिए। [5 Marks]
Answer:
1. मुअनजो-दड़ो नगर-नियोजन की अनूठी मिसाल था, जबकि आज के शहरों में नियोजन के नाम पर अराजकता दिखाई देती है।
2. यह ग्रिड प्लान पर आधारित था, जबकि आज के बड़े शहरों की बसावट में स्वतः विकसित होने का कोई अवकाश नहीं रहता।
3. इमारतें भले ही खंडहरों में बदल चुकी हों, परंतु सड़कों और गलियों का विस्तार स्पष्ट है, जबकि आज की सेक्टर-मार्का कॉलोनियों में नियोजन तो है पर रहन-सहन नीरस है।
4. वहाँ जल की उपलब्धता और निकासी की समुचित व्यवस्था थी, जबकि आज जल-प्रबंधन और निकासी की समुचित व्यवस्था का अभाव है।
5. वहाँ मकानों के दरवाजे सड़क की ओर न खुलकर पीछे की तरफ खुलते थे जिससे दुर्घटनाएँ कम होती थीं, जबकि आज अधिकांश मकानों के दरवाजे मुख्य सड़क की ओर खुलने से दुर्घटनाएँ बढ़ी हैं।
Teacher's Note:
a) पाँच तुलनात्मक बिंदु स्पष्ट रूप से लिखें।
b) 'ग्रिड प्लान' जैसे तकनीकी शब्द का प्रयोग अंक दिलाता है।
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