CBSE Class 12 Hindi Elective Question Paper 2025 Solved Code 29-1-1

Official CBSE Exam Papers for Class 12 Hindi Elective

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Solved Previous Year Papers for Hindi Elective

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SECTION A / खंड - क (अपठित बोध)

 

1. निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए: [10 Marks]

सौरमंडल में पृथ्वी ही एकमात्र ऐसा ग्रह है, जिस पर जीवन संभव है। पृथ्वी और इसके पर्यावरण को बचाने के संकल्प के साथ 'पृथ्वी दिवस' हर साल 22 अप्रैल को दुनिया भर में मनाया जाता है। इसे मनाने की शुरुआत 1970 से हुई जब अमेरिका समेत कई देशों ने बिगड़ते पर्यावरण के मुद्दे की गंभीरता को समझा और पृथ्वी बचाने के लिए एक अभियान की शुरुआत हुई। उस कार्यक्रम में हरेक समाज, वर्ग और क्षेत्र के लोगों ने हिस्सा लिया था। इस वर्ष का 'पृथ्वी दिवस' पर्यावरण के आगे प्लास्टिक से उत्पन्न खतरे पर केंद्रित है, जिसमें एकल उपयोग वाले प्लास्टिक को समाप्त करने और उसका विकल्प खोजने का आह्वान किया गया है।
पृथ्वी पर जैसे-जैसे आबादी बढ़ती जा रही है, प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन की गति भी बढ़ती जा रही है। बढ़ते असंतुलन के कारण वह दिन बहुत दूर नहीं, जब पृथ्वी रहने लायक नहीं बचेगी। इसलिए ज़रूरी है कि सभी लोग जाग जाएँ, अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को समझें और पृथ्वी के प्रति अपने कर्तव्य निभाएँ। गांधीजी का मानना था कि पृथ्वी, वायु, जल और भूमि हमारे पूर्वजों की संपत्ति नहीं हैं, बल्कि वे हमारे बच्चों और आने वाली पीढ़ियों की अमानत हैं। हमें अपनी भावी पीढ़ियों को साफ-सुथरा पर्यावरण सौंपना होगा। गांधीजी का मानना था कि पृथ्वी के पास लोगों की ज़रूरतें पूरी करने के लिए तो पर्याप्त संसाधन हैं, लोभ की पूर्ति लायक नहीं।
हमारी पारंपरिक मान्यता है कि पृथ्वी एक माँ की तरह है, जो मनुष्य, वनस्पति, जीव-जंतु समेत सभी प्राणियों को अपनी गोद में पालती है। मनुष्य भौतिक सुख भोगने के लिए प्राकृतिक संसाधनों का अविवेकपूर्ण दोहन करता जा रहा है जिससे इसकी जैव विविधता को भारी नुकसान पहुँच रहा है। धरती पर जीवन बनाए रखने के लिए धरती और पर्यावरण को बचाना बहुत ज़रूरी है। हमें गैर-नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग करने की बजाय नवीकरणीय संसाधनों जैसे सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जल-विद्युत आदि पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। प्रकृति के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करना और उसकी सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाना आवश्यक है।

 

(i) वर्ष 2024 का 'पृथ्वी दिवस' केंद्रित है - [1 Mark]
(A) पर्यावरण
(B) प्लास्टिक
(C) जलवायु
(D) प्रदूषण

Answer: (B) प्लास्टिक

Teacher's Note:
a) गद्यांश की पहली अनुच्छेद में स्पष्ट संकेत मिलता है।
b) मुख्य शब्द 'एकल उपयोग वाले प्लास्टिक' को ध्यान से पढ़ें।

 

(ii) गद्यांश में प्रयुक्त 'सभी लोग जाग जाएँ' का आशय है - [1 Mark]
(A) पृथ्वी की रक्षा के प्रति सचेत हो जाएँ।
(B) समय पर अपने कर्तव्य की पूर्ति करें।
(C) अपने सामाजिक उत्तरदायित्व का पालन करें।
(D) पारंपरिक अंधविश्वासों से मुक्त हो जाएँ।

Answer: (A) पृथ्वी की रक्षा के प्रति सचेत हो जाएँ।

Teacher's Note:
a) संदर्भ वाक्य से पहले और बाद की पंक्तियाँ ध्यान से पढ़ें।
b) उत्तर सीधे गद्यांश के भाव से जुड़ा होना चाहिए।

 

(iii) पृथ्वी की माँ से तुलना का आधार है - [1 Mark]
(A) पालन-पोषण का गुण
(B) रक्षा करने का गुण
(C) जन्म देने का गुण
(D) सहन करने का गुण

Answer: (A) पालन-पोषण का गुण

Teacher's Note:
a) 'गोद में पालती है' वाक्यांश पर ध्यान दें।
b) माँ का सबसे प्रमुख गुण पालन-पोषण ही होता है।

 

(iv) प्रकृति के प्रति गांधीजी का क्या दृष्टिकोण था ? [2 Marks]

Answer:
1. गांधीजी के अनुसार प्राकृतिक सम्पदा आने वाली पीढ़ियों की अमानत है।
2. भावी पीढ़ियों को साफ-सुथरा पर्यावरण देना वर्तमान पीढ़ी का दायित्व है, इसलिए प्रकृति का अंधाधुंध दोहन नहीं बल्कि संरक्षण करना चाहिए और प्रकृति से केवल जरूरत भर ही लेना चाहिए।

Teacher's Note:
a) 'अमानत' और 'संपत्ति नहीं' शब्दों का अंतर स्पष्ट करें।
b) दोनों बिंदु देने से पूरे अंक मिलेंगे।

 

(v) बढ़ती हुई आबादी के कौन-कौन से दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं ? [2 Marks]

Answer:
1. पृथ्वी का वातावरण दिन-प्रतिदिन दूषित हो रहा है।
2. प्राकृतिक संसाधनों के अविवेकपूर्ण दोहन से जैव विविधता को भारी नुकसान पहुँच रहा है।

Teacher's Note:
a) गद्यांश के दूसरे और तीसरे अनुच्छेद से बिंदु लें।
b) दो अलग-अलग परिणाम स्पष्ट रूप से लिखें।

 

(vi) गैर-नवीकरणीय ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा के बीच के अंतर को उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए। [2 Marks]

Answer:
1. गैर-नवीकरणीय ऊर्जा सीमित संसाधन होती है, जैसे कोयला, तेल, प्राकृतिक गैस आदि।
2. नवीकरणीय ऊर्जा प्राकृतिक और असीमित संसाधन होती है, जैसे सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जल-विद्युत आदि।

Teacher's Note:
a) दोनों प्रकार की ऊर्जा के उदाहरण अवश्य दें।
b) अंतर स्पष्ट रूप से दो भागों में लिखें।

 

(vii) प्रकृति की रक्षा प्रत्येक मनुष्य के लिए क्यों आवश्यक है ? [1 Mark]

Answer: धरती पर जीवन बनाए रखने के लिए प्रकृति की रक्षा प्रत्येक मनुष्य के लिए आवश्यक है।

Teacher's Note:
a) उत्तर संक्षिप्त और सीधा होना चाहिए।
b) गद्यांश के अंतिम अनुच्छेद से यह बिंदु लिया गया है।

 

2. निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए: [8 Marks]

जहाँ भूमि पर पड़ा कि
सोना धँसता, चाँदी धँसती
धँसती ही जाती पृथ्वी में
बड़ों-बड़ों की हस्ती।
शक्तिहीन जो हुआ कि
बैठा भू पर आसन मारे
खा जाते हैं उसको
मिट्टी के ढेले हत्यारे
मातृभूमि है उसकी, जिसको
उठके जीना होता है,
दहन-भूमि है उसकी, जो
क्षण-क्षण गिरता जाता है,
भूमि खींचती है मुझको भी
नीचे धीरे-धीरे
किंतु लहराता हूँ मैं नभ पर
शीतल-मंद-समीरे।
काला बादल आता है
गुरु गर्जन स्वर भरता है
विद्रोही-मस्तक पर वह
अभिषेक किया करता है।
विद्रोही हैं हमीं, हमारे
फूलों से फल आते हैं
और हमारी कुर्बानी पर
जड़ भी जीवन पाते हैं।

 

(i) 'धँसती ही जाती पृथ्वी में बड़ों-बड़ों की हस्ती' - पंक्ति का आशय है - [1 Mark]
(A) पृथ्वी पर सब कुछ नश्वर है।
(B) पृथ्वी में बड़े-बड़े समा जाते हैं।
(C) शक्तिशालियों का जीवन क्षणभंगुर है।
(D) शक्तिशालियों का अधः पतन निश्चित है।

Answer: (A) पृथ्वी पर सब कुछ नश्वर है।

Teacher's Note:
a) पंक्ति का व्यापक भाव समझें, शाब्दिक अर्थ न लें।
b) 'बड़ों-बड़ों की हस्ती' संपत्ति-सत्ता के नश्वर होने का प्रतीक है।

 

(ii) शक्तिहीन का क्या हश्र होता है ? [1 Mark]
(A) थक-हार कर बैठ जाता है।
(B) लोग उनको पनपने नहीं देते।
(C) लक्ष्य तक नहीं पहुँच पाते।
(D) अस्तित्व नष्ट हो जाता है।

Answer: (D) अस्तित्व नष्ट हो जाता है।

Teacher's Note:
a) 'खा जाते हैं उसको मिट्टी के ढेले हत्यारे' पंक्ति पर ध्यान दें।
b) यह पूर्ण विनाश का संकेत देती है, केवल असफलता का नहीं।

 

(iii) कविता के केंद्रीय भाव को दर्शाने वाले कथन है/हैं [1 Mark]
(I) संसार में जीने के लिए शक्तिशाली बनना पड़ेगा।
(II) हार मानने वालों के लिए मातृभूमि मरण-भूमि के समान है।
(III) यहाँ सब एक-दूसरे के विरोधी हैं।
(A) केवल (I)
(B) केवल (II)
(C) (I) और (II) दोनों ही
(D) (I) और (III) दोनों ही

Answer: (C) (I) और (II) दोनों ही

Teacher's Note:
a) कविता का मूल भाव शक्ति और संघर्ष की महत्ता है।
b) तीसरा कथन कविता के भाव के विपरीत है।

 

(iv) अपने को विद्रोही कौन और क्यों मानते हैं ? [2 Marks]

Answer:
1. पेड़ स्वयं को विद्रोही मानते हैं।
2. क्योंकि वे विपरीत परिस्थितियों को भी अपने अनुकूल बना लेते हैं और उनसे लड़ते हुए जीवित रहते हैं।

Teacher's Note:
a) 'विद्रोही हैं हमीं' पंक्ति से उत्तर स्पष्ट होता है।
b) कारण के साथ 'कौन' का उत्तर देना अनिवार्य है।

 

(v) इस काव्यांश के माध्यम से क्या सीख दी गई है ? [2 Marks]

Answer:
1. सत्ता, शक्ति और धन आदि सब नश्वर हैं, इसलिए शक्तिहीन का नष्ट होना निश्चित है।
2. हमें प्रतिकूल परिस्थितियों में भी अडिग बने रहना चाहिए, इससे भावी पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है।

Teacher's Note:
a) दो स्पष्ट बिंदु देना आवश्यक है।
b) उत्तर में संघर्ष और प्रेरणा दोनों भाव आने चाहिए।

 

(vi) गुरु गर्जना करने वाले बादलों का, वृक्षों के मस्तक पर अभिषेक करना क्या दर्शाता है ? [1 Mark]

Answer: यह पुरुषार्थी और संघर्षशील व्यक्तियों का, शक्तिशाली विरोधियों द्वारा भी सम्मान किए जाने को दर्शाता है।

Teacher's Note:
a) अभिषेक शब्द सम्मान और स्वीकृति का प्रतीक है।
b) 'विद्रोही-मस्तक पर अभिषेक' का लाक्षणिक अर्थ समझें।

 

SECTION B / खंड - ख (अभिव्यक्ति और माध्यम पुस्तक पर आधारित)

 

3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए: [5 Marks]

(क) पत्रकारिता की भाषा में मुखड़ा किसे कहते हैं ? इसका क्या महत्त्व है ? (शब्द सीमा - लगभग 20 शब्द) [1 Mark]

Answer: मुखड़ा (इंट्रो) समाचार का सबसे पहला और महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका महत्त्व यह है कि यह कम शब्दों में घटना की आकर्षक जानकारी देता है।

Teacher's Note:
a) 'इंट्रो' शब्द का उल्लेख अवश्य करें।
b) उत्तर निर्धारित शब्द सीमा में ही लिखें।

(ख) "जनसंचार के माध्यम आपस में प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि एक-दूसरे के पूरक और सहयोगी हैं।" सिद्ध कीजिए। (शब्द सीमा - लगभग 40 शब्द) [2 Marks]

Answer:
1. जनसंचार के विभिन्न माध्यमों - प्रिंट, रेडियो, टेलीविज़न, इंटरनेट - की अपनी-अपनी खूबियाँ और कमियाँ हैं।
2. सबका लक्ष्य एक ही है - लोगों को नवीनतम, अद्यतन और सटीक जानकारी शीघ्र उपलब्ध कराना, इसलिए ये प्रतिद्वंद्वी नहीं बल्कि पूरक और सहयोगी हैं।

Teacher's Note:
a) कम से कम दो माध्यमों का नाम अवश्य लें।
b) 'पूरक' शब्द के भाव को स्पष्ट करें।

(ग) बीट किसे कहते हैं ? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए। (शब्द सीमा - लगभग 40 शब्द) [2 Marks]

Answer:
1. संवाददाताओं के बीच उनकी रुचि और ज्ञान को ध्यान में रखकर किए गए काम के बँटवारे को बीट कहते हैं।
2. उदाहरण - खेल क्षेत्र में रुचि रखने वाला संवाददाता अपने शहर की खेल-गतिविधियों की रिपोर्टिंग के लिए जिम्मेदार होता है।

Teacher's Note:
a) परिभाषा के बाद उदाहरण देना अनिवार्य है।
b) अन्य उपयुक्त उदाहरण भी स्वीकार्य हैं।

 

4. निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए: [2×3=6 Marks]
(क) समाचार पत्र-पत्रिकाओं में विभिन्न विषयों और क्षेत्रों से संबंधित जानकारी को क्यों शामिल किया जाता है ? स्पष्ट कीजिए।
(ख) दृश्य-श्रव्य माध्यमों की तुलना में मुद्रित माध्यम के पाठकों को कौन-कौन सी सुविधाएँ उपलब्ध हैं ?
(ग) 'खोजी रिपोर्ट' और 'इन डेप्थ रिपोर्ट' के अंतर को स्पष्ट कीजिए।

Answer:
(क) 1. समाचार पत्र-पत्रिकाओं में संपूर्णता और विविधता लाने के लिए विभिन्न विषयों की जानकारी दी जाती है।
2. पाठकों की अलग-अलग रुचियों को ध्यान में रखते हुए यह किया जाता है।
3. इससे पाठकों को विभिन्न विषयों की निरंतर और पर्याप्त जानकारी मिलती रहती है।
(ख) 1. मुद्रित माध्यम में स्थायित्व होता है, समाचार को सुरक्षित रखा जा सकता है।
2. इसमें समय और रुचि के अनुसार पढ़ने की सुविधा मिलती है।
3. इसे लंबे समय तक संदर्भ की तरह इस्तेमाल करने तथा चिंतन-मनन व विश्लेषण करने की सुविधा भी मिलती है।

Teacher's Note:
a) प्रश्न में से केवल दो का ही उत्तर दें, तीनों का नहीं।
b) प्रत्येक उत्तर में तीन स्पष्ट बिंदु दें।

 

5. निम्नलिखित तीन विषयों में से किसी एक विषय पर लगभग 100 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए: [1×5=5 Marks]
(क) नाटक प्रतियोगिता में जब मैंने महिला पात्र का अभिनय किया
(ख) खेलों से प्रतिस्पर्धा की सच्ची भावना
(ग) वरिष्ठ व्यक्तियों के प्रति हमारे कर्तव्य

Answer:
(ग) वरिष्ठ व्यक्तियों के प्रति हमारे कर्तव्य - वरिष्ठ नागरिक हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने जीवन भर परिवार और समाज की सेवा की है। बुढ़ापे में उन्हें प्रेम, सम्मान और सहारे की आवश्यकता होती है। हमारा कर्तव्य है कि हम उनकी बातें ध्यान से सुनें, उनके अनुभवों से सीखें और उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखें। उन्हें अकेलापन महसूस न होने दें और उनके स्वास्थ्य की नियमित देखभाल करें। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अक्सर वरिष्ठ व्यक्ति उपेक्षित हो जाते हैं, जो अनुचित है। हमें उनके साथ समय बिताना चाहिए और उन्हें परिवार का महत्वपूर्ण हिस्सा मानना चाहिए। जो समाज अपने वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान करता है, वही सभ्य और संस्कारी समाज कहलाता है। अतः हमें अपने कर्तव्य का पालन करते हुए उन्हें सम्मानजनक जीवन प्रदान करना चाहिए।

Teacher's Note:
a) लेख शब्द सीमा में हो और विषय-वस्तु स्पष्ट हो।
b) भाषा और प्रस्तुति पर भी अंक दिए जाते हैं।
c) किसी भी एक विषय पर पूर्ण उत्तर देना पर्याप्त है।

 

6. निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए: [2×3=6 Marks]
(क) चित्रकला, संगीतकला या नृत्यकला की तरह कविता लेखन की कला सिखाई क्यों नहीं जा सकती ? स्पष्ट कीजिए।
(ख) नाटक के मंच-निर्देश हमेशा वर्तमान काल में ही क्यों लिखे जाते हैं ? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
(ग) कहानी में पात्रों के चरित्र-चित्रण का सबसे अधिक प्रभावशाली तरीका कौन सा है ? उदाहरण सहित लिखिए।

Answer:
(क) 1. कविता अनुभूतिजन्य नैसर्गिक अभिव्यक्ति है।
2. अन्य कलाओं की तरह कविता लेखन में बाह्य उपकरणों (रंग, कूची, कैनवास, वाद्ययंत्र आदि) की आवश्यकता नहीं होती।
3. कविता लेखन के लिए देखने की नवीन दृष्टि और प्रस्तुत करने की प्रतिभा प्रकृति प्रदत्त होती है, जिसे केवल अभ्यास से निखारा जा सकता है, सिखाया नहीं जा सकता।
(ख) 1. नाटक में दर्शक का वर्तमान में ही उपस्थित होना आवश्यक है।
2. दर्शक को घटना से अवगत कराना होता है।
3. इसलिए भूतकाल अथवा भविष्यकाल की घटनाओं को नाटक में वर्तमान काल में ही मंचित किया जाता है, जैसे ऐतिहासिक कहानियों को वर्तमान काल में प्रस्तुत करना।

Teacher's Note:
a) प्रश्न में से केवल दो का उत्तर दें।
b) उदाहरण देने से उत्तर अधिक प्रभावी बनता है।

 

SECTION C / खंड - ग (पाठ्य पुस्तकों अंतरा, अंतराल पर आधारित)

 

7. निम्नलिखित पठित काव्यांश को पढ़कर प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्पों का चयन कर लिखिए: [5×1=5 Marks]

पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाढ़े।।
कहब मोर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहौं मैं काहा।।
मैं जानउँ निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ।।
मो पर कृपा सनेहु बिसेखी। खेलत खुनिस न कबहूँ देखी।।
सिसुपन तें परिहरेउँ न संगू। कबहुँ न कीन्ह मोर मन भंगू।।
मैं प्रभु कृपा रीति जियँ जोही। हारेहूँ खेल जितावहिं मोही।।
महूँ सनेह सकोच बस सनमुख कही न बैन।
दरसन तृपित न आजु लगि पेम पिआसे नैन।।

 

(i) 'कबहुँ न कीन्ह मोर मन भंगू' पंक्ति के माध्यम से राम के प्रति भरत के किस विश्वास का परिचय मिलता है ?
(I) राम उनके आग्रह पर अयोध्या लौट चलेंगे।
(II) राम भरत से बहुत प्रेम करते हैं।
(III) राम उनका मन नहीं तोड़ेंगे।
(IV) राम उन्हें क्षमा कर देंगे।
विकल्प:
(A) केवल (I)
(B) केवल (III)
(C) (I) और (III) दोनों
(D) (II) और (IV) दोनों

Answer: (C) (I) और (III) दोनों

Teacher's Note:
a) भरत के मन में राम के लौटने और मन न तोड़ने का दोहरा विश्वास है।
b) पंक्ति का अर्थ ध्यान से समझें।

 

(ii) राम की किस प्रकृति का वर्णन यहाँ किया गया है ?
(A) कृपापूर्ण
(B) क्षमापूर्ण
(C) दयापूर्ण
(D) प्रेमपूर्ण

Answer: (A) कृपापूर्ण

Teacher's Note:
a) 'मैं प्रभु कृपा रीति जियँ जोही' पंक्ति उत्तर की पुष्टि करती है।
b) दया और कृपा में अंतर समझें।

 

(iii) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा उत्तर के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए:
कथन: भरत ने राम के सम्मुख कभी मुँह नहीं खोला।
कारण: शिष्टाचार की परंपरा रही है कि बड़ों के सामने विनम्रता का व्यवहार किया जाता है।

(A) कथन गलत है किंतु कारण सही है।
(B) कथन और कारण दोनों गलत हैं।
(C) कथन सही है किंतु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
(D) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।

Answer: (D) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।

Teacher's Note:
a) पंक्ति 'महुँ सनेह सकोच बस सनमुख कही न बैन' कथन की पुष्टि करती है।
b) कारण और कथन का तार्किक संबंध जाँचें।

 

(iv) भरत ने राम के स्वभाव की किस विशेषता का उल्लेख किया है ?
(A) दूसरों पर दया करने की
(B) शत्रु को क्षमा करने की
(C) अपराधी पर भी क्रोध न करने की
(D) शरणागत पर कृपा करने की

Answer: (C) अपराधी पर भी क्रोध न करने की

Teacher's Note:
a) 'अपराधिहु पर कोह न काऊ' पंक्ति से उत्तर स्पष्ट है।
b) विकल्पों में शब्दों के सूक्ष्म अंतर पर ध्यान दें।

 

(v) 'पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े' - पंक्ति के माध्यम से किसकी मनोदशा का वर्णन किया गया है ?
(A) भरत
(B) राम
(C) लक्ष्मण
(D) कैकेयी

Answer: (A) भरत

Teacher's Note:
a) संपूर्ण काव्यांश भरत के मनोभावों का वर्णन है।
b) प्रसंग को याद रखें - यह भरत का राम के प्रति कथन है।

 

8. काव्य खंड पर आधारित निम्नलिखित तीन प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में दीजिए: [2×2=4 Marks]
(क) 'देवसेना का गीत' कविता के आधार पर लिखिए कि देवसेना के जीवन की विडंबना किसे कहा गया है और क्यों ?
(ख) ''तोड़ो'' कविता का कवि सृजन का आकांक्षी है, विध्वंस का नहीं।' सिद्ध कीजिए।
(ग) 'जो है वह सुगबुगाता है। जो नहीं है वह फेंकने लगता है पचखियाँ' पंक्ति के संदर्भ में 'सुगबुगाने' और 'पचखियाँ फेंकने' का आशय स्पष्ट कीजिए।

Answer:
(क) देवसेना के जीवन की विडंबना यह है कि वह उचित समय पर स्कंदगुप्त के प्रेम को प्राप्त नहीं कर पाई और जीवनभर संघर्ष करती रही, क्योंकि वह न तो स्कंदगुप्त को पा सकी और न ही राष्ट्रसेवा के व्रत को पूर्ण कर सकी।
(ग) 'सुगबुगाना' जागृति और चेतना के संचार, नई उमंग व संकल्प से भर उठने का प्रतीक है। 'पचखियाँ फेंकना' नीरसता और जड़ता का त्याग करने तथा अप्रस्तुत में भी अंकुरण की अभिलाषा का सूचक है।

Teacher's Note:
a) प्रश्न में से केवल दो का उत्तर दें।
b) पंक्ति के शब्दों का लाक्षणिक अर्थ स्पष्ट करें।

 

9. निम्नलिखित काव्यांशों में से किसी एक की सप्रसंग व्याख्या कीजिए: [6 Marks]

(क) अगहन देवस घटा निसि बाढ़े। दूभर, दुख सो जाइ किमि काढ़े।।
अब धनि देवस बिरह भा राती। जरै बिरह ज्यों दीपक बाती।।
काँपा हिया जनावा सीऊ। तौ पै जाइ होइ सँग पीऊ।।
घर घर चीर रचा सब काहूँ। मोर रूप रँग लै गा नाहू।।

Answer:
संदर्भ - प्रस्तुत पंक्तियाँ मलिक मुहम्मद जायसी द्वारा रचित 'बारहमासा' कविता से ली गई हैं।
प्रसंग - यहाँ नागमती के विरह का वर्णन है, जो अगहन मास में अपने प्रिय के वियोग में व्याकुल है।
व्याख्या - अगहन मास में रातें लंबी होने लगी हैं, दुख को सहन करना कठिन हो गया है। रातें विरह की आग में जलती हुई दीपक की बाती के समान प्रतीत होती हैं। हृदय काँपता है कि किस प्रकार प्रिय तक अपना संदेश पहुँचाकर उसके साथ हो सके। हर घर में स्त्रियाँ श्रृंगार करती हैं, परंतु नागमती अपने प्रिय के बिना अपने रूप-रंग को व्यर्थ मानती है।
विशेष - विरह-वेदना की मार्मिक अभिव्यक्ति हुई है और बारहमासा शैली का सुंदर प्रयोग किया गया है।

Teacher's Note:
a) संदर्भ में कवि और कविता दोनों का नाम अवश्य लिखें।
b) व्याख्या में विरह भाव को स्पष्ट करना आवश्यक है।

अथवा

(ख) यह जन है - गाता गीत जिन्हें फिर और कौन गाएगा ?
पनडुब्बा - ये मोती सच्चे फिर कौन कृती लाएगा ?
यह समिधा - ऐसी आग हठीला बिरला सुलगाएगा।
यह अद्वितीय - यह मेरा - यह मैं स्वयं विसर्जित -
यह दीप, अकेला, स्नेह भरा
है गर्व भरा मदमाता, पर इसको भी पंक्ति को दे दो।

Answer:
संदर्भ - यह पंक्तियाँ सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' द्वारा रचित कविता 'यह दीप अकेला' से ली गई हैं।
प्रसंग - कवि यहाँ अकेले व्यक्ति (दीप) के महत्त्व और उसकी विशिष्टता का वर्णन कर रहे हैं।
व्याख्या - कवि कहता है कि यह व्यक्ति ऐसे गीत गाता है, जिन्हें उसके बाद कोई और नहीं गा सकेगा। यह मोती जैसा अनमोल है, जिसे कोई दूसरा फिर नहीं ला सकेगा। यह समिधा है - ऐसी आग जिसे कोई हठीला विरला ही जला सकेगा। यह अद्वितीय, स्वयं में पूर्ण और स्वयं को समर्पित करने वाला दीप है, जो स्नेह और गर्व से भरा हुआ है, फिर भी इसे समूह (पंक्ति) को समर्पित करने की बात कही गई है।
विशेष - व्यक्ति और समाज के संबंध को प्रतीकात्मक शैली में दर्शाया गया है।

Teacher's Note:
a) 'दीप' और 'पंक्ति' के प्रतीकार्थ को समझाना आवश्यक है।
b) व्यक्ति और समाज के संबंध पर विशेष टिप्पणी दें।

 

10. निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर दिए गए बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर के लिए उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए: [5×1=5 Marks]

मेरे पिताजी फ़ारसी के अच्छे ज्ञाता और पुरानी हिंदी कविता के बड़े प्रेमी थे। फ़ारसी कवियों की उक्तियों को हिंदी कवियों की उक्तियों के साथ मिलाने में उन्हें बड़ा आनंद आता था। वे रात को प्रायः रामचरितमानस और रामचंद्रिका, घर के सब लोगों को एकत्र करके बड़े चित्ताकर्षक ढंग से पढ़ा करते थे। आधुनिक हिंदी-साहित्य में भारतेंदु जी के नाटक उन्हें बहुत प्रिय थे। उन्हें भी वे कभी-कभी सुनाया करते थे। जब उनकी बदली हमीरपुर ज़िले की राठ तहसील से मिर्जापुर हुई तब मेरी अवस्था आठ वर्ष की थी। उसके पहले ही से भारतेंदु के संबंध में एक अपूर्व मधुर भावना मेरे मन में जगी रहती थी। 'सत्य हरिश्चंद्र' नाटक के नायक राजा हरिश्चंद्र और कवि हरिश्चंद्र में मेरी बाल-बुद्धि कोई भेद नहीं कर पाती थी।

 

(i) लेखक के पिता की किसमें रुचि थी ?
(A) फ़ारसी और हिंदी भाषा मिलाने में
(B) फ़ारसी और हिंदी गद्य मिलाने में
(C) नाटक और कविता मिलाकर पढ़ने में
(D) हिंदी-फ़ारसी भाषा की उक्तियाँ मिलाने में

Answer: (D) हिंदी-फ़ारसी भाषा की उक्तियाँ मिलाने में

Teacher's Note:
a) गद्यांश की पहली पंक्ति ही उत्तर स्पष्ट करती है।
b) 'उक्तियों को मिलाने में' शब्द पर ध्यान दें।

 

(ii) गद्यांश में रामचरितमानस और रामचन्द्रिका का उल्लेख क्यों किया गया है ?
(A) हिंदी साहित्य के विराट रूप का परिचय देने के लिए।
(B) घर के धार्मिक वातावरण का उल्लेख करने के लिए।
(C) लेखक के पिता की भक्ति भावना का उल्लेख करने के लिए।
(D) घर के साहित्यिक परिवेश से परिपूर्ण वातावरण का उल्लेख करने के लिए।

Answer: (D) घर के साहित्यिक परिवेश से परिपूर्ण वातावरण का उल्लेख करने के लिए।

Teacher's Note:
a) यह उल्लेख घर के साहित्यिक माहौल को दर्शाता है, धार्मिक नहीं।
b) पूरे गद्यांश के भाव को ध्यान में रखें।

 

(iii) लेखक के मन में भारतेंदु के संबंध में मधुर भावना जागने का कारण था -
(A) पिता द्वारा चित्ताकर्षक ढंग से उनके नाटकों का सुनाया जाना।
(B) हिंदी साहित्य जगत के प्रसिद्ध कवि और नाटककार होना।
(C) बचपन में सत्य हरिश्चंद्र नाटकों का मंचन करना।
(D) बचपन में सत्य हरिश्चंद्र के नाटकों का मंचन देखना।

Answer: (A) पिता द्वारा चित्ताकर्षक ढंग से उनके नाटकों का सुनाया जाना।

Teacher's Note:
a) गद्यांश में स्पष्ट लिखा है कि पिता सुनाया करते थे।
b) अन्य विकल्प गद्यांश में उल्लिखित नहीं हैं।

 

(iv) गद्यांश में प्रयुक्त 'अवस्था' शब्द का अर्थ है -
(A) हालत
(B) दशा
(C) आयु
(D) स्थिति

Answer: (C) आयु

Teacher's Note:
a) संदर्भ में 'आठ वर्ष की अवस्था' का अर्थ आयु है।
b) शब्द के प्रसंगानुसार अर्थ पर ध्यान दें।

 

(v) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उचित विकल्प का चयन कर लिखिए:
कथन: बचपन में लेखक राजा हरिश्चंद्र और कवि हरिश्चंद्र में कोई अंतर नहीं कर पाता था।
कारण: लेखक की बाल-बुद्धि नाम की समानता के कारण दोनों को एक ही समझती थी।

(A) कथन तथा कारण दोनों गलत हैं।
(B) कारण सही है लेकिन कथन गलत है।
(C) कथन सही है लेकिन कारण गलत है।
(D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।

Answer: (D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।

Teacher's Note:
a) गद्यांश की अंतिम पंक्ति इस कथन-कारण की पुष्टि करती है।
b) दोनों के तार्किक संबंध की जाँच अवश्य करें।

 

11. गद्य खंड पर आधारित किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में दीजिए: [2×2=4 Marks]
(क) 'परिवेश का व्यक्तित्व निर्माण पर प्रभाव पड़ता है' - आचार्य रामचंद्र शुक्ल के व्यक्तित्व के आधार पर इस कथन की पुष्टि कीजिए।
(ख) हरगोबिन संवदिया था, उसके द्वारा बड़ी बहुरिया के संवाद को न पहुँचाने को आप कहाँ तक उचित मानते हैं ? तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए।
(ग) विस्थापन के विरोध में पेड़ों का सूखना क्या दर्शाता है ? 'जहाँ कोई वापसी नहीं' पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

Answer:
(क) परिवेश व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण घटक है। परिवेश से ही व्यवहार, सोच और भावनाओं को आकार मिलता है। घर के साहित्यिक परिवेश के कारण ही आचार्य शुक्ल का हिंदी साहित्य, हिंदी भाषा और साहित्यकारों के प्रति गहरा झुकाव हुआ।
(ग) प्रकृति मनुष्य की सहचरी है और उसके सुख-दुख की साझीदार है। मनुष्य के अपने गाँव से उजड़ने पर पेड़ों को भी अकेलेपन का भय और उदासी होती है, यह उनके सूखने के माध्यम से दर्शाया गया है।

Teacher's Note:
a) प्रश्न में से केवल दो का उत्तर दें।
b) पाठ का नाम और प्रसंग जोड़कर उत्तर लिखें।

 

12. निम्नलिखित पठित गद्यांशों में से किसी एक की सप्रसंग व्याख्या कीजिए: [6 Marks]

(क) "हरगोबिन भाई, तुमको एक संवाद ले जाना है। आज ही। बोलो, जाओगे न ?"
"कहाँ ?"
"मेरी माँ के पास।"
हरगोबिन बड़ी बहुरिया की छलछलाई आँखों में डूब गया, "कहिए, क्या संवाद है ?"
संवाद सुनाते समय बड़ी बहुरिया सिसकने लगी। हरगोबिन की आँखें भी भर आईं।... बड़ी हवेली की लक्ष्मी को पहली बार इस तरह सिसकते देखा है हरगोबिन ने। वह बोला, "बड़ी बहुरिया, दिल को कड़ा कीजिए।"
"और कितना कड़ा करूँ दिल ?... माँ से कहना, मैं भाई-भाभियों की नौकरी करके पेट पालूँगी। बच्चों की जूठन खाकर एक कोने में पड़ी रहूँगी, लेकिन यहाँ अब नहीं...अब नहीं रह सकूँगी।..... कहना, यदि माँ मुझे यहाँ से नहीं ले जाएगी तो मैं किसी दिन गले में घड़ा बाँधकर पोखरे में डूब मरूँगी।.... बथुआ-साग खाकर कब तक जीऊँ ? किसलिए....किसके लिए ?"

Answer:
संदर्भ - प्रस्तुत गद्यांश फणीश्वरनाथ 'रेणु' द्वारा रचित पाठ 'संवदिया' से लिया गया है।
प्रसंग - यहाँ हरगोबिन बड़ी हवेली की बड़ी बहुरिया से मिलकर उसका संवाद उसकी माँ तक पहुँचाने के लिए आया है।
व्याख्या - हरगोबिन बड़ी बहुरिया से संवाद पूछता है। बड़ी बहुरिया अपनी माँ के पास जाने का संदेश देते हुए सिसकने लगती है, जिसे देखकर हरगोबिन की आँखें भी भर आती हैं क्योंकि उसने बड़ी हवेली की लक्ष्मी मानी जाने वाली बड़ी बहुरिया को पहली बार इस तरह रोते देखा है। बड़ी बहुरिया कहती है कि वह माँ के पास जाकर भाई-भाभियों की नौकरी करके पेट पालेगी, बच्चों की जूठन खाकर भी रहेगी, परंतु अब यहाँ नहीं रह सकेगी। वह चेतावनी देती है कि यदि माँ उसे नहीं ले गई तो वह डूब मरेगी।
विशेष - बड़ी बहुरिया की पीड़ा और असहायता का मार्मिक चित्रण हुआ है तथा हरगोबिन की संवेदनशीलता भी उभरकर सामने आती है।

Teacher's Note:
a) पात्रों के मनोभावों को स्पष्ट रूप से लिखें।
b) संदर्भ में पाठ और लेखक का नाम अवश्य दें।

अथवा

(ख) कहते हैं, पर्वत शोभा-निकेतन होते हैं। फिर हिमालय का तो कहना ही क्या ! पूर्व और अपर समुद्र-महोदधि और रत्नाकर - दोनों को दोनों भुजाओं से थाहता हुआ हिमालय 'पृथ्वी का मानदंड' कहा जाए तो गलत क्या है ? कालिदास ने ऐसा ही कहा था। इसी के पाद-देश में यह शृंखला दूर तक लोटी हुई है, लोग इसे शिवालिक शृंखला कहते हैं। 'शिवालिक' का क्या अर्थ है ? 'शिवालिक' या शिव के जटाजूट का निचला हिस्सा तो नहीं है ? लगता तो ऐसा ही है। शिव की लटियायी जटा ही इतनी सूखी, नीरस और कठोर हो सकती है। वैसे, अलकनंदा का स्रोत यहाँ से काफ़ी दूरी पर है, लेकिन शिव का अलक तो दूर-दूर तक छितराया ही रहता होगा। संपूर्ण हिमालय को देखकर ही किसी के मन में समाधिस्थ महादेव की मूर्ति स्पष्ट हुई होगी।

Answer:
संदर्भ - प्रस्तुत गद्यांश हजारीप्रसाद द्विवेदी द्वारा रचित निबंध 'कुटज' से लिया गया है।
प्रसंग - लेखक यहाँ हिमालय पर्वत की महिमा और शिवालिक श्रृंखला के नामकरण पर विचार कर रहे हैं।
व्याख्या - लेखक कहते हैं कि पर्वत शोभा के निकेतन होते हैं, परंतु हिमालय का तो कहना ही क्या ! पूर्वी और पश्चिमी समुद्र दोनों को अपनी भुजाओं से थामे हुए हिमालय को कालिदास ने सही ही 'पृथ्वी का मानदंड' कहा है। इसी हिमालय के पाद-देश में शिवालिक श्रृंखला दूर तक फैली है। लेखक सोचते हैं कि 'शिवालिक' शायद शिव की जटाओं का ही निचला भाग है, क्योंकि शिव की जटा ही इतनी सूखी और कठोर हो सकती है। संपूर्ण हिमालय को देखकर ही समाधिस्थ महादेव की मूर्ति की कल्पना स्पष्ट हुई होगी।
विशेष - लेखक की भाषा में हिमालय के प्रति श्रद्धा और कल्पनाशीलता झलकती है तथा पौराणिक संदर्भों का सुंदर प्रयोग हुआ है।

Teacher's Note:
a) 'शिवालिक' शब्द की व्युत्पत्ति पर लेखक की कल्पना को समझाएँ।
b) संदर्भ, प्रसंग, व्याख्या और विशेष सभी बिंदु शामिल करें।

 

13. निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 100 शब्दों में लिखिए: [2×5=10 Marks]
(क) 'सूरदास की झोंपड़ी' पाठ के संदर्भ में सच्चे खिलाड़ी की पहचान बताते हुए उदाहरण सहित सिद्ध कीजिए कि सूरदास जीवन रूपी संग्राम का सच्चा खिलाड़ी था।
(ख) 'बिस्कोहर की माटी' पाठ में वर्णित ग्रामीण जीवन की झाँकी प्रस्तुत कीजिए।
(ग) 'डग-डग रोटी पग-पग नीर' वाले मालवा की वर्तमान स्थिति 'अपना मालवा खाऊ-उजाडू सभ्यता में' पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए। स्थिति के कारणों को स्पष्ट करते हुए यह भी लिखिए कि इसे कैसे सुधारा जा सकता है ?

Answer:
(क) 1. सच्चे खिलाड़ी की पहचान है - हार-जीत से विचलित न होना और हार-जीत के प्रति समभाव रखना।
2. सच्चा खिलाड़ी जीत के लिए बार-बार पुनः प्रयास करता है।
3. सूरदास अपनी झोपड़ी के नष्ट हो जाने पर निराश नहीं होता, बल्कि पुनः बनाने का संकल्प लेता है - "सौ लाख बार बनाऊँगा"।
4. पोटली न मिलने पर भी वह हार नहीं मानता और पुनः पैसे कमाने का निश्चय करता है - "मैंने ही कमाए थे, फिर नहीं कमा सकता"।
5. वह दोनों हाथों से झोपड़ी की राख उड़ाते हुए विजय-गर्व से भर उठता है, इसलिए वह जीवन रूपी संग्राम का सच्चा खिलाड़ी सिद्ध होता है।
(ग) 1. वर्तमान स्थिति - मालवा में अतिवृष्टि या अनावृष्टि की समस्या बढ़ गई है।
2. नदी-नाले सूख गए हैं और अत्यधिक प्रदूषित हो गए हैं, जिससे पैदावार में कमी आई है।
3. कारण - तेजी से बढ़ता औद्योगीकरण, भूजल का अत्यधिक दोहन, प्राकृतिक सम्पदा को क्षति पहुँचाना और पर्यावरणीय असंतुलन इसके प्रमुख कारण हैं।
4. सुधार हेतु सुझाव - जल के परंपरागत संसाधनों का आधुनिकीकरण और संरक्षण किया जाना चाहिए।
5. मनुष्य और प्रकृति के बीच संतुलन बनाकर तथा प्रकृति से प्रेम व सम्मान करके ही मालवा की समृद्धि लौट सकती है।

Teacher's Note:
a) प्रश्न में से केवल दो का ही उत्तर दें।
b) पाँच स्पष्ट क्रमांकित बिंदुओं में उत्तर लिखें।
c) उदाहरण और पाठ के संदर्भ अवश्य जोड़ें।

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