CBSE Class 12 Hindi Core Question Paper 2025 Solved Code 2-1-3

Official CBSE Exam Papers for Class 12 Hindi Core

Review targeted exam resources with the CBSE Class 12 Hindi Core Question Paper 2025 Solved Code 2-1-3. Built according to official CBSE standards for the 2026-27 academic year, these downloadable Class 12 Hindi Core question papers support effective revision and performance tracking.

Solved Previous Year Papers for Hindi Core

Access the complete question paper PDF for Class 12 Hindi Core below. Regular practice with these targeted exam papers builds familiarity with standard question patterns and helps secure higher marks in final evaluations.

खंड - क

(अपठित बोध)

 

1. निम्नलिखित गद्यांश पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए : [10 Marks]

प्रकृति के कई रंग हैं और उन रंगों में कोई होड़ नहीं है । रंगों की इस विशाल दुनिया में हम भी तो एक रंग ही हैं । पर हमारे साथ दिक्कत है । एक तो हमें अपने रंगों का पता नहीं है । दूसरा, हम दूसरों के रंगों से डरते हैं । हम भूल जाते हैं कि जीवन बहुरंगी है । दूसरे के जैसा होने की या उन्हें अपने जैसा करने की हमारी कोशिशों का कोई बहुत अर्थ भी नहीं है । कारण जबर्दस्ती चढ़ाए गए रंग देर तक टिकते ही नहीं है । सबको एक ही रंग में रंगने की कोशिश से बेहतर है कि हम एक-दूसरे को अपना सहयोग दें । दो रंग जुड़ते हैं तो एक नया ही रंग बन जाता है । इसी तरह आपस के साथ से हम भी कुछ नए रंग जिंदगी में जोड़ सकते हैं ।
सुख सतरंगी है तो दुख के भी कई रंग हैं । फिर, सफेद और काले रंग के भी कई प्रतिरूप होते हैं । गायिका एमी ग्रांट कहती हैं, 'काले रंग के बिना किसी भी रंग को गहराई नहीं मिलती ।' बात केवल परछाईं की नहीं है, पूर्णता की है । ज्यादातर लोग निराशा, अकेलापन, चुनौती, डर और उदासी के रंगों से दूर भागते हैं । वे जीवन में मुश्किल समय आते ही बेचैन हो उठते हैं जबकि मनुष्य की विकास यात्रा यही कहती है कि दुख, दर्द, कड़ी मेहनत, धैर्य और चुनौतियों के रंगों से मिलकर ही हमें जीत की चमक मिलती है । लेखक रे विलियम्स का मानना है कि बड़ी बारीकी से हम अपने दिमाग की नकारात्मक घेराबंदी करते चले जाते हैं, जो है उसके बारे में ध्यान नहीं देते, अभावों के विषय में सोचते चले जाते हैं और जीवन को जटिल बना लेते हैं ।
प्रकृति हर दिन होली खेलती है, एक ही दिन में कई रंग बदलती है । दुख-दर्द का कोई रंग स्थायी नहीं होता । हमारी दुनिया रंगीन हो जाती है जब हम अपने रंगों से संतुष्ट हो जाते हैं और दूसरों का देखकर खुश होते हैं ।

 

(i) 'हमें अपने रंगों का पता नहीं है' - से अभिप्राय है - [1 Mark]
(A) अपने स्वभाव का ज्ञान नहीं है ।
(B) जीवन की विविधता का ज्ञान नहीं है ।
(C) अपनी विशेषताओं का ज्ञान नहीं है ।
(D) अपनी परंपराओं का ज्ञान नहीं है ।

Answer: (C) अपनी विशेषताओं का ज्ञान नहीं है ।

Teacher's Note:
a) यहाँ 'रंग' शब्द व्यक्ति की अपनी विशेषताओं और क्षमताओं का प्रतीक है।
b) प्रतीकात्मक शब्दों का अर्थ संदर्भ के अनुसार समझें, शाब्दिक अर्थ न लें।

 

(ii) 'हम भूल जाते हैं कि जीवन बहुरंगी है' - पंक्ति में जीवन के बहुरंगी होने का अर्थ है - [1 Mark]
(A) जीवन का रंग-बिरंगा होना
(B) जीवन में दुख-तकलीफ का होना
(C) जीवन में सुख-दुख का होना
(D) जीवन का बहुत विशाल होना

Answer: (C) जीवन में सुख-दुख का होना

Teacher's Note:
a) गद्यांश में सुख और दुख दोनों के कई रंग बताए गए हैं।
b) केवल दुख या केवल रंग-बिरंगा होना अधूरा उत्तर है।

 

(iii) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए । [1 Mark]
कथन : प्रकृति के कई रंग हैं और रंगों में कोई होड़ नहीं है ।
कारण : प्रकृति सहज ही एक दिन में कई रंग बदलती है ।

(A) कारण सही है किंतु कथन गलत है ।
(B) कथन तथा कारण दोनों गलत हैं ।
(C) कथन तथा कारण दोनों सही हैं किंतु कारण कथन की गलत व्याख्या करता है ।
(D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है ।

Answer: (C) कथन तथा कारण दोनों सही हैं किंतु कारण कथन की गलत व्याख्या करता है ।

Teacher's Note:
a) दोनों बातें गद्यांश में हैं, पर रंग बदलना 'होड़ न होने' का कारण नहीं है।
b) कथन-कारण प्रश्न में पहले दोनों की सत्यता, फिर उनका संबंध जाँचें।

 

(iv) प्रकृति के माध्यम से लेखक हमें क्या संदेश देना चाहता है ? [1 Mark]

Answer: लेखक संदेश देना चाहता है कि हम सुख-दुख से भरे जीवन से संतुष्ट रहें और दूसरों को देखकर खुश हों।

Teacher's Note:
a) 'संतुष्ट रहना' और 'दूसरों को देखकर खुश होना' दोनों अंश लिखें।
b) उत्तर गद्यांश के अंतिम अनुच्छेद से लें।

 

(v) रे विलियम्स के अनुसार जीवन की जटिलता का क्या कारण है ? [2 Marks]

Answer: रे विलियम्स के अनुसार हम अपने मन में नकारात्मक भावों को स्थान देते चले जाते हैं। जीवन में जो कुछ हमारे पास उपलब्ध है, उस पर ध्यान न देकर हम केवल अभावों के विषय में सोचते रहते हैं। इसी से जीवन जटिल बन जाता है।

Teacher's Note:
a) 'नकारात्मक भाव' और 'अभावों पर ध्यान' - ये दोनों बिंदु अंक दिलाते हैं।
b) गद्यांश की पंक्ति को अपने शब्दों में लिखें।

 

(vi) 'दो रंग जुड़ते हैं तो एक नया ही रंग बन जाता है' - पंक्ति का क्या आशय है ? [2 Marks]

Answer: इसका आशय है कि जब भिन्न-भिन्न स्वभाव और प्रकृति वाले दो व्यक्ति आपस में मिलकर काम करते हैं, तो उनकी रचनात्मक ऊर्जा जीवन को एक नया आयाम देती है। इसलिए दूसरों पर अपने विचार थोपने के बजाय हमें परस्पर सहयोग की भावना रखनी चाहिए।

Teacher's Note:
a) 'रंग' को व्यक्ति के स्वभाव के प्रतीक के रूप में समझाएँ।
b) 'सहयोग की भावना' शब्द उत्तर में अवश्य लिखें।

 

(vii) 'प्रकृति हर दिन होली खेलती है' - से क्या अभिप्राय है ? इसके माध्यम से क्या संदेश दिया गया है ? [2 Marks]

Answer:
अभिप्राय : प्रकृति पल-पल बदलती रहती है और एक ही दिन में कई रंग बदलती है।
संदेश : गतिशील जीवन में दुख-दर्द स्थायी नहीं होता, वह भी समय के साथ बदल जाता है।

Teacher's Note:
a) प्रश्न के दोनों भागों - अभिप्राय और संदेश - का अलग-अलग उत्तर दें।
b) प्रत्येक भाग के लिए 1 अंक निर्धारित है।

 

2. निम्नलिखित पद्यांश पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए : [8 Marks]

है दीप एक पर मोल सूर्य से भी भारी
है व्यक्ति एक वर्तिका, दीप धरती सारी
देखो न दुखी हो व्यक्ति, उठे इंसानी लौ,
वनखंड जलाती सिर्फ एक ही चिनगारी ।
है झंझापथ, पद आहत, दीपक मद्धिम है
संघर्ष, रातकाली, मंजिल पर रिमझिम है
लेकिन पुकारता आ पहुँचा युग इंसानी
दो कदम रह गया स्वर्ग चढ़ाई अन्तिम है ।
दीपक, तेरे नीचे घिर रहा अँधेरा है
सोने की चमक तले अनीति का डेरा है
तू इंसानी जीवन की रात मिटा, वरना
इंसान स्वयं बनकर आ रहा सवेरा है ।

 

(i) 'है दीप एक ....... सूर्य से भी भारी' - पंक्ति का आशय है - [1 Mark]
(A) एक अकेला शोषित व्यक्ति, संपूर्ण शोषक वर्ग से शक्तिशाली है ।
(B) अकेला दीपक सूर्य के प्रकाश से अधिक प्रकाश प्रदान करने में सक्षम है ।
(C) एक अकेला प्रकाश का स्रोत सूर्य से अधिक मूल्यवान है ।
(D) दीपक सूर्य की ऊर्जा से अधिक ऊर्जा अपने भीतर रखता है ।

Answer: (A) एक अकेला शोषित व्यक्ति, संपूर्ण शोषक वर्ग से शक्तिशाली है ।

Teacher's Note:
a) 'दीप' शोषित व्यक्ति का और 'सूर्य' शक्तिशाली शोषक वर्ग का प्रतीक है।
b) कविता में प्रतीकों का अर्थ पहचानकर ही विकल्प चुनें।

 

(ii) 'इंसानी जीवन की रात मिटा' - से क्या अभिप्राय है ? [1 Mark]
(A) शोषित वर्ग के जीवन से रात्रि को दूर करना
(B) शोषित वर्ग के घरों को प्रकाशित करना
(C) इंसानों के जीवन से अंधकार को दूर करना
(D) शोषित वर्ग के अभावों को दूर कर, उन्हें अधिकार देना

Answer: (D) शोषित वर्ग के अभावों को दूर कर, उन्हें अधिकार देना

Teacher's Note:
a) यहाँ 'रात' शोषित वर्ग के अभावों और कष्टों का प्रतीक है।
b) शाब्दिक अर्थ वाले विकल्पों (A, B) से बचें।

 

(iii) कॉलम-1 को कॉलम-2 से सुमेलित कीजिए और सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए : [1 Mark]
कॉलम-1 | कॉलम-2
(क) मद्धिम दीपक | (1) लक्ष्य प्राप्ति के सीमित साधन
(ख) झंझापथ | (2) विपरीत परिस्थितियाँ
(ग) आहत पद | (3) घायल अंग

(A) क-2, ख-3, ग-1
(B) क-1, ख-2, ग-3
(C) क-3, ख-1, ग-2
(D) क-1, ख-3, ग-2

Answer: (B) क-1, ख-2, ग-3

Teacher's Note:
a) 'झंझा' का अर्थ आँधी है, अतः झंझापथ विपरीत परिस्थितियों का सूचक है।
b) 'आहत' का अर्थ घायल है - इससे मिलान सरल हो जाता है।

 

(iv) 'इंसान स्वयं सवेरे का रूप धारण कर आ रहा है' - पंक्ति के माध्यम से किसे क्या चेतावनी दी गई है ? [1 Mark]

Answer: यह चेतावनी शोषक वर्ग को दी गई है कि यदि उसने अत्याचार बंद नहीं किया, तो अत्याचार रूपी अंधकार का अंत करने के लिए शोषित व्यक्ति स्वयं शक्ति रूपी सवेरा बनकर आएगा।

Teacher's Note:
a) 'किसे' और 'क्या चेतावनी' - दोनों भाग लिखें, प्रत्येक के लिए आधा अंक है।
b) 'शोषक वर्ग' शब्द का प्रयोग अवश्य करें।

 

(v) 'वनखंड जलाती है एक चिनगारी' - पंक्ति से क्या अभिप्राय है ? [2 Marks]

Answer: इसका अभिप्राय है कि शोषित व्यक्ति की शक्ति और सामर्थ्य को कम नहीं आँकना चाहिए। जैसे एक छोटी-सी चिनगारी पूरे वन-प्रदेश को जला सकती है, वैसे ही विरोध का पहला स्वर शोषण के अंत की शुरुआत बन जाता है।

Teacher's Note:
a) 'चिनगारी' को विरोध के पहले स्वर के प्रतीक के रूप में समझाएँ।
b) उदाहरण और भाव दोनों लिखने पर पूरे अंक मिलते हैं।

 

(vi) 'इंसानी युग आने और स्वर्ग के दो कदम दूर रह जाने' - से क्या आशय है ? [2 Marks]

Answer: इसका आशय है कि मानव का शोषण अब समाप्त होने के बहुत निकट है। जीवन की कठिनाइयों का अंत करके हम एक आदर्श समाज की स्थापना के बिल्कुल करीब पहुँच गए हैं।

Teacher's Note:
a) 'स्वर्ग' को आदर्श समाज का प्रतीक बताएँ।
b) 'शोषण का अंत निकट' - यह मुख्य बिंदु अवश्य लिखें।

 

खंड - ख

(अभिव्यक्ति और माध्यम पुस्तक पर आधारित प्रश्न)

 

3. निम्नलिखित दिए गए विषयों में से किसी एक विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए : [6 Marks]

 

(i) राजमार्ग (हाईवे) पर पिताजी की गाड़ी का अचानक बंद हो जाना

Answer: पिछली गर्मियों में हम परिवार सहित नानी के घर जा रहे थे। दोपहर का समय था और राजमार्ग पर गाड़ियाँ तेज़ी से दौड़ रही थीं। अचानक पिताजी की गाड़ी झटके के साथ रुक गई और दोबारा चालू ही नहीं हुई। आस-पास न कोई गाँव था, न कोई दुकान। तपती धूप में माँ और छोटी बहन घबरा गईं। पिताजी ने धैर्य से गाड़ी को सड़क के किनारे लगाया, चेतावनी बत्तियाँ जलाईं और हाईवे हेल्पलाइन पर फ़ोन किया। मैंने सबको पानी पिलाया और बहन का मन बहलाने के लिए उससे बातें करता रहा। लगभग एक घंटे बाद एक मैकेनिक आया। उसने बताया कि इंजन गर्म होने से गाड़ी बंद हुई थी। गाड़ी ठीक होने पर हमने राहत की साँस ली। इस घटना ने मुझे सिखाया कि यात्रा से पहले गाड़ी की जाँच करवानी चाहिए और संकट में घबराने के बजाय धैर्य से काम लेना चाहिए।

Teacher's Note:
a) आरंभ, विषय-वस्तु, भाषा और प्रस्तुति - चारों पर अंक मिलते हैं।
b) घटना को क्रमबद्ध रूप में लिखें और अंत में सीख अवश्य दें।

अथवा

(ii) बड़े भाई / बहन की शादी में मेरी भूमिका

Answer: पिछले वर्ष मेरी बड़ी बहन का विवाह हुआ। घर में कई दिन पहले से ही उत्सव का माहौल था। माता-पिता ने मुझे मेहमानों के स्वागत और उनके ठहरने की व्यवस्था की ज़िम्मेदारी सौंपी। मैंने निमंत्रण-पत्रों की सूची बनाई और रिश्तेदारों को फ़ोन करके आमंत्रित किया। विवाह से पहले मैंने सजावट वालों और हलवाई के साथ मिलकर तैयारियों पर नज़र रखी। मेहंदी और संगीत की रस्मों में मैंने अपने चचेरे भाई-बहनों के साथ नृत्य प्रस्तुत किया। विवाह के दिन बारात का स्वागत करने, भोजन की व्यवस्था देखने और बुज़ुर्ग मेहमानों की देखभाल करने में मैं पूरे समय लगा रहा। विदाई के समय बहन को गले लगाकर मेरी आँखें भर आईं। इस अवसर ने मुझे ज़िम्मेदारी निभाना, समय का प्रबंधन करना और परिवार के साथ मिलकर काम करना सिखाया। वह दिन मेरे जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बन गया।

Teacher's Note:
a) 'मेरी भूमिका' पर केंद्रित रहें, केवल विवाह का वर्णन न करें।
b) भावनात्मक अनुभव और सीख जोड़ने से लेख प्रभावी बनता है।

अथवा

(iii) जीव-जंतुओं का घटता संसार

Answer: धरती पर जीवन की सुंदरता जीव-जंतुओं की विविधता से ही है, परंतु आज उनका संसार तेज़ी से सिमट रहा है। गौरैया, गिद्ध, बाघ और अनेक तितलियाँ अब पहले की तरह दिखाई नहीं देतीं। इसका मुख्य कारण मनुष्य का स्वार्थ है। जंगलों की अंधाधुंध कटाई, शहरों का फैलाव, प्रदूषण, कीटनाशकों का प्रयोग और अवैध शिकार ने जीवों के प्राकृतिक आवास छीन लिए हैं। जलवायु परिवर्तन ने भी उनके जीवन को संकट में डाल दिया है। जीव-जंतु प्रकृति के संतुलन की महत्त्वपूर्ण कड़ी हैं। किसी एक प्रजाति के लुप्त होने से पूरी खाद्य-शृंखला प्रभावित होती है। इस संकट से निपटने के लिए वनों का संरक्षण, अभयारण्यों का विस्तार और शिकार पर कठोर प्रतिबंध आवश्यक है। हमें भी पेड़ लगाने, पक्षियों के लिए दाना-पानी रखने और प्लास्टिक का प्रयोग घटाने जैसे छोटे कदम उठाने चाहिए। तभी यह धरती सभी प्राणियों के लिए सुरक्षित घर बनी रहेगी।

Teacher's Note:
a) कारण, प्रभाव और समाधान - तीनों पक्षों को शामिल करें।
b) लुप्त होते जीवों के उदाहरण देने से लेख विश्वसनीय बनता है।

 

4. निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं चार प्रश्नों के लगभग 40 शब्दों में उत्तर दीजिए : [4 × 2 = 8]

 

(i) 'लेखन दो खंभों के बीच बँधी रस्सी की तरह नहीं होता, उसमें खुले मैदान में दौड़ने, कूदने और कुलाँचे भरने की छूट होती है ।' सिद्ध कीजिए । [2 Marks]

Answer: लेखन का कोई निश्चित फ़ार्मूला नहीं होता। विषय और लिखने वाले व्यक्ति की प्रकृति के अनुसार लेखन में विविधता आती है। एक ही विषय पर अनेक कोणों से विचार करके लिखा जा सकता है। इसलिए लेखक को खुले मैदान की तरह अभिव्यक्ति की पूरी स्वतंत्रता होती है।

Teacher's Note:
a) 'निश्चित फ़ार्मूला न होना' - यह मुख्य बिंदु अवश्य लिखें।
b) कोई दो बिंदु स्पष्ट लिखने पर पूरे अंक मिलते हैं।

 

(ii) फिल्म की तरह रेडियो नाटक में एक्शन प्रधान कथा के लिए गुंजाइश क्यों नहीं होती ? [2 Marks]

Answer: रेडियो श्रव्य माध्यम है, इसलिए उसमें एक्शन को केवल संवादों और ध्वनियों के द्वारा प्रस्तुत करना बहुत कठिन होता है। इसके अतिरिक्त, बहुत ज़्यादा एक्शन को केवल सुनना श्रोताओं के लिए उबाऊ हो जाता है।

Teacher's Note:
a) 'श्रव्य माध्यम' शब्द का प्रयोग अवश्य करें।
b) रेडियो नाटक की सीमित अवधि भी एक स्वीकार्य कारण है।

 

(iii) कहानी में वर्णित पात्रों के मनोभावों और द्वंद्व को नाटक में किस प्रकार प्रस्तुत किया जा सकता है ? [2 Marks]

Answer: कहानी में वर्णित पात्रों के मनोभावों और मानसिक द्वंद्व को नाटक में वायस ओवर की सहायता से प्रस्तुत किया जा सकता है, जिसमें नेपथ्य से पात्र के मन की बात सुनाई देती है। इसके अलावा स्वगत कथन के द्वारा पात्र मंच पर अपने मन के भाव स्वयं से कहता हुआ प्रकट कर सकता है।

Teacher's Note:
a) 'वायस ओवर' और 'स्वगत कथन' - दोनों उपाय लिखें।
b) प्रत्येक उपाय को एक पंक्ति में स्पष्ट करें।

 

(iv) पत्रकारिता की भाषा में 'बीट' से क्या अभिप्राय है ? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए । [2 Marks]

Answer: पत्रकारिता में संवाददाताओं के बीच उनकी रुचि और ज्ञान को ध्यान में रखकर काम का जो बँटवारा किया जाता है, उसे 'बीट' कहते हैं। उदाहरण - खेल, राजनीति, अर्थ-व्यापार, अपराध, फ़िल्म, कृषि, विज्ञान आदि अलग-अलग बीट होती हैं।

Teacher's Note:
a) परिभाषा और उदाहरण - दोनों भागों पर एक-एक अंक है।
b) कम से कम दो-तीन बीट के उदाहरण दें।

 

(v) खोजी रिपोर्ट से आप क्या समझते हैं ? पत्रकारिता के क्षेत्र में इसका क्या महत्त्व है ? [2 Marks]

Answer: खोजी रिपोर्ट वह रिपोर्ट है जिसमें पत्रकार मौलिक शोध और छानबीन के द्वारा किसी घटना, समस्या या मुद्दे से जुड़ी ऐसी सूचनाएँ या तथ्य सामने लाता है, जो पहले से उपलब्ध नहीं होते। इसका महत्त्व यह है कि यह सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में चल रही अनियमितताओं और गड़बड़ियों को उजागर करने में सक्षम होती है।

Teacher's Note:
a) 'मौलिक शोध और छानबीन' - परिभाषा के मुख्य शब्द हैं।
b) महत्त्व में 'भ्रष्टाचार या अनियमितताओं को उजागर करना' अवश्य लिखें।

 

5. निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 80 शब्दों में लिखिए : [2 × 4 = 8]

 

(i) व्यक्तिचित्र फीचर को रोचक, पठनीय और प्रभावशाली रूप में किस प्रकार तैयार किया जा सकता है ? [4 Marks]

Answer:
1. फीचर का आरंभ व्यक्ति विशेष के जीवन की दिशा बदलने वाली किसी घटना से करना चाहिए, या उसकी ताज़ा उपलब्धि के ब्योरे से शुरू करके पिछले जीवन के संघर्षों की ओर मुड़ना चाहिए।
2. व्यक्ति, उसके नज़दीकी लोगों और उसकी उपलब्धियों से परिचित विशेषज्ञों के दिलचस्प और खास वक्तव्यों को उद्धृत करना चाहिए।
3. जीवन के अहम क्षणों पर रोशनी डालने वाली एक-दो घटनाओं को उन्हीं के शब्दों में प्रस्तुत करना चाहिए।
4. फीचर के आखिरी हिस्से में उनकी भविष्य की योजनाओं, चुनौतियों और उनसे निपटने की तैयारी का उल्लेख करना चाहिए।

Teacher's Note:
a) कोई चार बिंदु अपेक्षित हैं, प्रत्येक पर एक अंक है।
b) आरंभ, उद्धरण, घटनाएँ और अंत - इस क्रम में लिखना आसान रहता है।

 

(ii) संवाददाता और विशेष संवाददाता के बीच के अंतर को उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए । [4 Marks]

Answer:
1. संवाददाता सामान्य घटनाओं अथवा अपनी बीट से जुड़े समाचारों को कवर करता है और तथ्य एकत्र करके रिपोर्ट तैयार करता है।
2. विशेष संवाददाता किसी विशिष्ट क्षेत्र या विषय की गहन जानकारी रखता है और विश्लेषण के साथ विशेषीकृत रिपोर्टिंग करता है।
3. उदाहरण - शेयर बाज़ार में भारी गिरावट आने पर संवाददाता सभी ज़रूरी सूचनाएँ एकत्र करके एक तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार करेगा।
4. वहीं विशेष संवाददाता इस गिरावट के कारणों और आम निवेशकों पर पड़ने वाले प्रभाव का भी विश्लेषण करेगा।

Teacher's Note:
a) अंतर के लिए 2 और उदाहरण के लिए 2 अंक निर्धारित हैं।
b) 'विश्लेषण' और 'विशेषज्ञता' विशेष संवाददाता के मुख्य शब्द हैं।

 

(iii) कहानी के पात्रों का नाट्य रूपांतरण किस प्रकार किया जा सकता है ? [4 Marks]

Answer:
1. कहानी की दृश्यात्मकता को नाटक के पात्रों से मेल कराकर पात्रों को मंच के अनुकूल बनाया जाता है।
2. पात्रों की भाव-भंगिमाओं और उनके तौर-तरीकों से प्रभाव उत्पन्न किया जाता है।
3. पात्रों के मनोभावों को स्वगत कथन या वायस ओवर के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है।
4. कहानी के लंबे संवादों को छोटा किया जाता है तथा वस्त्र-सज्जा, मंच-सज्जा, ध्वनि और प्रकाश के माध्यम से पात्रों के चरित्र को उभारा जाता है।

Teacher's Note:
a) कोई चार बिंदु अपेक्षित हैं, प्रत्येक पर एक अंक है।
b) 'स्वगत कथन', 'वायस ओवर' और 'संवादों को छोटा करना' जैसे पारिभाषिक शब्द प्रयोग करें।

 

खंड - ग

(पाठ्यपुस्तक आरोह तथा वितान पर आधारित प्रश्न)

 

6. निम्नलिखित पठित काव्यांश पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : [5 × 1 = 5]

धूत कहौ, अवधूत कहौ, रजपूतु कहौ, जोलहा कहौ कोऊ ।
काहूकी बेटी सो बेटा न ब्याहब, काहूकी जाति बिगार न सोऊ ।।
तुलसी सरनाम गुलामु है राम को, जाको रुचै सो कहै कछु ओऊ ।।
माँगि कै खैबौ, मसीत को सोइबो, लैबोको एकु न दैबको दोऊ ।

 

(i) काव्यांश का वर्ण्य विषय है - [1 Mark]
(A) समाज की आर्थिक स्थिति का वर्णन
(B) जाति-पाँतिगत भेदभाव का वर्णन
(C) समाज में विद्यमान भेदभाव का वर्णन
(D) धर्म के नाम पर हो रहे आडंबरों का वर्णन

Answer: (B) जाति-पाँतिगत भेदभाव का वर्णन (अंक-योजना में विकल्प (C) समाज में विद्यमान भेदभाव का वर्णन भी स्वीकार्य है)

Teacher's Note:
a) कवित्त में तुलसी जाति के नाम पर होने वाले भेदभाव का उत्तर देते हैं।
b) 'जाति बिगार न सोऊ' जैसी पंक्तियाँ वर्ण्य विषय का संकेत देती हैं।

 

(ii) 'काहूकी बेटी सो बेटा न ब्याहब' - पंक्ति के माध्यम से कटाक्ष किया गया है - [1 Mark]
(A) समाज में व्याप्त जाति व्यवस्था पर
(B) जाति आधारित वैवाहिक प्रथा पर
(C) पुरुष प्रधान समाज की मानसिकता पर
(D) समाज की विघटनकारी व्यवस्था पर

Answer: (B) जाति आधारित वैवाहिक प्रथा पर

Teacher's Note:
a) पंक्ति में विवाह का प्रसंग है, इसलिए 'वैवाहिक प्रथा' वाला विकल्प सटीक है।
b) सामान्य विकल्पों की तुलना में विशिष्ट विकल्प को प्राथमिकता दें।

 

(iii) तुलसीदास स्वयं को किसका दास मानते हैं ? [1 Mark]
(A) नियमों का
(B) परिस्थितियों का
(C) स्वयं का
(D) राम का

Answer: (D) राम का

Teacher's Note:
a) 'तुलसी सरनाम गुलामु है राम को' पंक्ति में उत्तर स्पष्ट है।
b) 'सरनाम' का अर्थ है प्रसिद्ध।

 

(iv) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए : [1 Mark]
कथन : परंपरावादी एवं रूढ़िग्रस्त समाज में रहते हुए भी तुलसी निर्विकार जीवन व्यतीत कर रहे थे ।
कारण : वे सामाजिक उत्तरदायित्वों से मुक्त थे ।

(A) कथन तथा कारण दोनों गलत हैं ।
(B) कारण सही है लेकिन कथन गलत है ।
(C) कथन सही है लेकिन कारण कथन की गलत व्याख्या करता है ।
(D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है ।

Answer: (C) कथन सही है लेकिन कारण कथन की गलत व्याख्या करता है ।

Teacher's Note:
a) तुलसी का निर्विकार जीवन राम-भक्ति और संतोष के कारण था, उत्तरदायित्वों से मुक्ति के कारण नहीं।
b) कारण की जाँच कविता के भाव के आधार पर करें।

 

(v) 'लैबोको एकु न दैबको दोऊ' - से आशय है - [1 Mark]
(A) न लेना एक न देना दो
(B) किसी से कोई बुरी बात न कहना
(C) किसी से कोई संबंध न रखना
(D) बिना वजह की मुसीबत होना

Answer: (C) किसी से कोई संबंध न रखना

Teacher's Note:
a) यह एक मुहावरेदार प्रयोग है, इसका शाब्दिक अर्थ (A) न चुनें।
b) मुहावरे का भावार्थ ही पूछा गया है।

 

7. निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के लगभग 60 शब्दों में उत्तर दीजिए : [2 × 3 = 6]

 

(i) 'आत्मपरिचय' कविता के शीर्षक की सार्थकता सिद्ध कीजिए । [3 Marks]

Answer:
1. 'आत्मपरिचय' कविता में कवि हरिवंशराय बच्चन ने स्वयं अपनी अस्मिता और पहचान की अभिव्यक्ति की है।
2. कवि ने संसार से अपने खट्टे-मीठे, द्विधात्मक और द्वंद्वात्मक संबंधों को स्पष्ट किया है - वह जग-जीवन का भार लिए फिरता है, फिर भी जग से अलग है।
3. कवि सांसारिक मोह-माया से निर्लिप्त रहते हुए विषम परिस्थितियों में भी सहज आनंद में रहता है। इस प्रकार कविता कवि का ही परिचय देती है, अतः शीर्षक पूर्णतः सार्थक है।

Teacher's Note:
a) 'अस्मिता', 'द्विधात्मक-द्वंद्वात्मक संबंध' जैसे मुख्य शब्द अवश्य लिखें।
b) अंत में शीर्षक की सार्थकता का निष्कर्ष एक वाक्य में दें।

 

(ii) 'बात सीधी थी पर' कविता से उद्धृत पंक्ति 'भाषा के चक्कर में जरा टेढ़ी फँस गई' का आशय स्पष्ट कीजिए । [3 Marks]

Answer:
1. कवि कुँवर नारायण कहते हैं कि उनकी बात तो सीधी और सरल थी, पर उसे प्रभावशाली बनाने के लिए पांडित्य-प्रदर्शन और जबरन प्रयोग किए गए शब्दों से रचना का प्रभाव कम हो गया।
2. पेचीदे शब्द-जाल में फँसकर भाषा प्रभावहीन हो गई और बात और उलझ गई।
3. जटिल शब्दों का प्रयोग भावों और विचारों की सहज एवं स्पष्ट अभिव्यक्ति में बाधक बन जाता है, इसलिए बात को सहज भाषा में कहना चाहिए।

Teacher's Note:
a) 'पांडित्य-प्रदर्शन' और 'शब्द-जाल' - ये दोनों शब्द उत्तर में लिखें।
b) अंत में सहज भाषा के महत्त्व का संदेश दें।

 

(iii) 'उषा' कविता में कवि ने भोर के नभ की पवित्रता, निर्मलता और उज्ज्वलता को किन रूपों में प्रस्तुत किया है ? स्पष्ट कीजिए । [3 Marks]

Answer:
1. पवित्रता - भोर का नभ राख से लीपे हुए गीले चौके के समान पवित्र लगता है।
2. निर्मलता - भोर का नभ नीले जल में झिलमिलाती किसी गौर देह के समान निर्मल दिखाई देता है।
3. उज्ज्वलता - भोर का नभ ऐसा लगता है मानो काली सिल को जरा-से लाल केसर से धो दिया गया हो।

Teacher's Note:
a) तीनों गुणों के लिए अलग-अलग उपमान लिखें, प्रत्येक पर एक अंक है।
b) शमशेर बहादुर सिंह के ग्रामीण जीवन से लिए गए उपमानों पर ध्यान दें।

 

8. निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के लगभग 40 शब्दों में उत्तर दीजिए : [2 × 2 = 4]

 

(i) 'सदा पंक पर ही होता, जल विप्लव प्लावन' - पंक्ति में प्रयुक्त 'पंक' और 'विप्लव' शब्द की प्रतीकात्मकता स्पष्ट कीजिए । [2 Marks]

Answer: 'पंक' शोषक वर्ग अर्थात पूँजीपति और साधन-संपन्न लोगों का प्रतीक है, जबकि 'विप्लव' क्रांति का प्रतीक है। जैसे जल-प्लावन हमेशा कीचड़ पर ही होता है, वैसे ही क्रांति से सदा शोषक वर्ग का ही पतन होता है।

Teacher's Note:
a) प्रतीक बताने और स्पष्टीकरण देने पर एक-एक अंक है।
b) यह पंक्ति निराला की कविता 'बादल राग' से है।

 

(ii) 'कैमरे में बंद अपाहिज' कविता में 'यह अवसर खो देंगे' - पंक्ति में कौन से अवसर को खोने की बात कही जा रही है ? इससे मीडियाकर्मी के किस व्यवहार का पता लगता है ? [2 Marks]

Answer: यहाँ शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्ति द्वारा अपनी पीड़ा और तकलीफ़ को समाज तक पहुँचाने के अवसर को खोने की बात कही गई है। इससे मीडियाकर्मी की संवेदनहीनता और कोरी व्यावसायिकता का पता चलता है।

Teacher's Note:
a) प्रश्न के दोनों भागों का उत्तर अलग-अलग दें।
b) 'संवेदनहीनता' और 'व्यावसायिकता' मुख्य शब्द हैं।

 

(iii) 'पतंग' कविता से उद्धृत पंक्ति - 'डाल की तरह लचीले वेग से' का आशय स्पष्ट कीजिए । [2 Marks]

Answer: इस पंक्ति का आशय है कि पतंग उड़ाते बच्चे भी लचीली डाल की तरह गतिशील और फुर्तीले होते हैं। वे पतंग के पीछे निडर होकर किसी भी दिशा में तेज़ी से भागते और मुड़ते रहते हैं।

Teacher's Note:
a) 'गतिशीलता' और 'निडरता' - दोनों बिंदु लिखें।
b) उपमा के माध्यम से बच्चों की चंचलता को स्पष्ट करें।

 

9. निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्पों को चुनकर लिखिए : [5 × 1 = 5]

भक्तिन अच्छी है, यह कहना कठिन होगा, क्योंकि उसमें दुर्गुणों का अभाव नहीं । वह सत्यवादी हरिश्चंद्र नहीं बन सकती; पर 'नरो वा कुंजरो वा' कहने में भी विश्वास नहीं करती । मेरे इधर-उधर पड़े पैसे-रुपये, भंडार-घर की किसी मटकी में कैसे अंतरहित हो जाते हैं, यह रहस्य भी भक्तिन जानती है । पर, उस संबंध में किसी के संकेत करते ही वह उसे शास्त्रार्थ के लिए चुनौती दे डालती है, जिसको स्वीकार कर लेना किसी तर्क-शिरोमणि के लिए संभव नहीं । यह उसका अपना घर ठहरा, पैसा-रुपया जो इधर-उधर पड़ा देखा, सँभालकर रख लिया । यह क्या चोरी है ! उसके जीवन का परम कर्तव्य मुझे प्रसन्न रखना है - जिस बात से मुझे क्रोध आ सकता है, उसे बदलकर इधर-उधर करके बताना, क्या झूठ है । इतनी चोरी और इतना झूठ तो धर्मराज महाराज में भी होगा, नहीं तो भगवान जी कैसे प्रसन्न रख सकते और संसार को कैसे चला सकते !

 

(i) गद्यांश में 'नरो वा कुंजरो वा' का उल्लेख किस संदर्भ में किया गया है ? [1 Mark]
(A) महाभारत के प्रसंग से अवगत कराने के लिए
(B) भक्तिन को युधिष्ठिर के समकक्ष रखने के लिए
(C) भक्तिन की चारित्रिक विशेषता स्पष्ट करने के लिए
(D) भक्तिन को युधिष्ठिर से श्रेष्ठ सिद्ध करने के लिए

Answer: (C) भक्तिन की चारित्रिक विशेषता स्पष्ट करने के लिए

Teacher's Note:
a) लेखिका इस उक्ति से भक्तिन के सच-झूठ संबंधी स्वभाव को बताती हैं।
b) संदर्भ वाले प्रश्नों में लेखक का उद्देश्य पहचानें।

 

(ii) भक्तिन घर में पड़े पैसों को मटकी में छिपाकर किस उद्देश्य से रखती थी ? [1 Mark]
(A) पैसों को सँभालकर रखने
(B) अन्य सेवकों की दृष्टि से बचाने
(C) आपातकाल में काम आने
(D) स्वयं को दूसरे से श्रेष्ठ समझने

Answer: (A) पैसों को सँभालकर रखने

Teacher's Note:
a) 'पैसा-रुपया जो इधर-उधर पड़ा देखा, सँभालकर रख लिया' - यह पंक्ति उत्तर का आधार है।
b) उत्तर सीधे गद्यांश के शब्दों से मिलाएँ।

 

(iii) 'थोड़ा बहुत झूठ बोलना' के समर्थन में भक्तिन अपना आदर्श किसे मानती थी ? [1 Mark]
(A) हरिश्चंद्र
(B) यमराज
(C) युधिष्ठिर
(D) महादेवी

Answer: (B) यमराज

Teacher's Note:
a) गद्यांश में 'धर्मराज महाराज' का उल्लेख है, जो यमराज का ही नाम है।
b) धर्मराज को युधिष्ठिर समझने की भूल न करें।

 

(iv) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए : [1 Mark]
कथन : भक्तिन अच्छी है, यह कहना कठिन होगा ।
कारण : समय और परिस्थिति के अनुसार मूल तथ्यों में जोड़-घटाव करती थी ।

(A) कथन तथा कारण दोनों गलत हैं ।
(B) कारण सही है किंतु कथन गलत है ।
(C) कथन सही है किंतु कारण कथन की गलत व्याख्या करता है ।
(D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है ।

Answer: (D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है ।

Teacher's Note:
a) बातों को बदलकर बताना ही भक्तिन का वह दुर्गुण है जिसके कारण उसे 'अच्छा' कहना कठिन है।
b) कारण कथन को सिद्ध करता है या नहीं, यह अवश्य जाँचें।

 

(v) महादेवी जी के क्रोध से बचने के लिए भक्तिन क्या करती थी ? [1 Mark]
(A) खूब मन लगाकर काम करती थी
(B) बातों को ढालकर बताती थी
(C) उनके सामने नहीं आती थी
(D) बातों को स्पष्ट रूप से बताती थी

Answer: (B) बातों को ढालकर बताती थी

Teacher's Note:
a) 'उसे बदलकर इधर-उधर करके बताना' पंक्ति से उत्तर मिलता है।
b) गद्यांश के शब्दों का समानार्थी विकल्प चुनें।

 

10. निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के लगभग 40 शब्दों में उत्तर दीजिए : [2 × 2 = 4]

 

(i) वैश्वीकरण के इस दौर में क्या भगत जी का चरित्र बाज़ार को सार्थकता और समाज में शांति स्थापित कर सकता है ? 'बाज़ार दर्शन' पाठ के आधार पर लिखिए । [2 Marks]

Answer: हाँ, भगत जी का चरित्र आज भी बाज़ार को सार्थकता दे सकता है। वे बाज़ार के आकर्षण में नहीं बँधते और केवल आवश्यकता के अनुसार ही वस्तु खरीदते हैं। उनकी संतोषी प्रवृत्ति से समाज में शांति स्थापित हो सकती है।

Teacher's Note:
a) पहले 'हाँ' लिखकर स्पष्ट मत दें, फिर कोई दो कारण लिखें।
b) 'आवश्यकता के अनुसार खरीदारी' और 'संतोष' मुख्य बिंदु हैं।

 

(ii) 'शिरीष के फूल' पाठ में कबीर को शिरीष की भाँति क्यों बताया गया है ? [2 Marks]

Answer: शिरीष के समान ही कबीर में भी मस्ती, फक्कड़पन, बेपरवाही और सरसता थी। जैसे शिरीष भीषण गर्मी में भी खिला रहता है, वैसे ही कबीर भी संघर्षों का सामना करते हुए सदा मस्त और बेपरवाह बने रहे।

Teacher's Note:
a) 'फक्कड़पन' और 'मस्ती' - दोनों की समानता के मुख्य शब्द हैं।
b) शिरीष और कबीर की तुलना एक-एक वाक्य में करें।

 

(iii) 'श्रम विभाजन और जाति प्रथा' पाठ से उद्धृत कथन 'दासता केवल कानूनी पराधीनता ही नहीं है' - का आशय स्पष्ट कीजिए । [2 Marks]

Answer: डॉ. आंबेडकर के अनुसार दासता केवल कानूनी गुलामी नहीं है। जब कुछ व्यक्तियों को दूसरे लोगों द्वारा निर्धारित व्यवहार और कर्तव्यों का पालन करने के लिए विवश होना पड़ता है और अपनी इच्छा के विरुद्ध पेशा अपनाना पड़ता है, तो वह भी दासता ही है।

Teacher's Note:
a) 'दूसरों द्वारा निर्धारित व्यवहार' और 'इच्छा के विरुद्ध पेशा' - दोनों बिंदु लिखें।
b) लेखक का नाम लिखने से उत्तर प्रभावी बनता है।

 

11. निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के लगभग 60 शब्दों में उत्तर दीजिए : [2 × 3 = 6]

 

(i) 'लू में जाना हो तो पानी पीकर जाना चाहिए' - 'बाजार दर्शन' पाठ में यह वाक्य क्यों और किस संदर्भ में कहा गया ? [3 Marks]

Answer:
क्यों : जैसे लू के प्रभाव से बचने के लिए शरीर में पानी (तरलता) होना आवश्यक है, उसी प्रकार बाज़ार की चकाचौंध से बचने के लिए मन का लक्ष्य से भरा होना आवश्यक है।
संदर्भ : यह वाक्य बाज़ार जाने से पहले मन को भरा रखने के संदर्भ में कहा गया है। लक्ष्य से भरे मन पर बाज़ार का प्रभाव नहीं पड़ता और उस पर बाज़ारूपन का असर नहीं होता। ऐसा व्यक्ति ही बाज़ार को कृतार्थता और सार्थकता देता है।

Teacher's Note:
a) 'क्यों' के लिए 1 और 'संदर्भ' के लिए 2 अंक हैं।
b) लू और बाज़ार की तुलना को स्पष्ट रूप से लिखें।

 

(ii) अनावृष्टि दूर करने के लिए गाँव के बच्चों और गाँव वालों द्वारा किए गए उपायों को आप कितना उचित मानते हैं ? 'काले मेघा पानी दे' पाठ के संदर्भ में तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए । [3 Marks]

Answer: अनावृष्टि दूर करने के लिए गाँव के बच्चे 'इंदर सेना' बनाकर घर-घर जाते थे और लोग पानी की कमी के बावजूद उन पर बाल्टी भर-भरकर पानी डालते थे। मेरे विचार से यह उपाय वैज्ञानिक दृष्टि से उचित नहीं है, क्योंकि सूखे के समय इस प्रकार पानी बहाना उसकी बर्बादी है और इससे वर्षा नहीं होती। फिर भी इसके पीछे छिपी त्याग और दान की भावना तथा लोगों की सामूहिक आस्था सराहनीय है। आज के समय में वर्षा-जल संचयन, वृक्षारोपण और जल-संरक्षण जैसे उपाय अधिक उचित और कारगर हैं।

Teacher's Note:
a) अंक-योजना में उचित और तर्कपूर्ण मुक्त उत्तर स्वीकार्य है, पर मत के साथ तर्क अवश्य दें।
b) लोक-आस्था और वैज्ञानिक दृष्टि - दोनों पक्षों का संतुलन रखें।

 

(iii) शिरीष के माध्यम से लेखक ने, 'कालजयी अवधूत की भाँति विपरीत परिस्थितियों में भी अविचल खड़े रहने की प्रेरणा दी है ।' पुष्टि कीजिए । [3 Marks]

Answer:
1. शिरीष ग्रीष्म ऋतु में भी, जब धरती लू से जल रही होती है, अविचल होकर हरा-भरा रहता है और छाया प्रदान करता है।
2. वह अवधूत की भाँति संसार से विरक्त होकर सुख-दुख में समभाव रखता है।
3. इस प्रकार लेखक शिरीष के माध्यम से हमें विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए अपना लक्ष्य प्राप्त करने की प्रेरणा देता है।

Teacher's Note:
a) 'अवधूत' का अर्थ है संसार से विरक्त संन्यासी - यह उत्तर में स्पष्ट करें।
b) शिरीष की विशेषता और उससे मिलने वाली प्रेरणा दोनों लिखें।

 

12. निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के लगभग 100 शब्दों में उत्तर दीजिए : [2 × 5 = 10]

 

(i) 'सिल्वर वैडिंग' कहानी में यशोधर बाबू और उनके बच्चों के बीच वैचारिक मतभेद दिखाया गया है । इस प्रकार का मतभेद आपको भी अपने घर और आस-पड़ोस में दिखाई देता होगा । इस मतभेद के क्या कारण हैं, इन्हें कैसे कम किया जा सकता है ? तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए । [5 Marks]

Answer:
1. कारण - पीढ़ियों का अंतर : बुज़ुर्ग पारंपरिक रीति-रिवाज़ों और मूल्यों में विश्वास रखते हैं, जबकि युवा पीढ़ी आधुनिक जीवन-शैली अपनाना चाहती है।
2. कारण - सोच और परिवेश का अंतर : यशोधर बाबू की तरह पुरानी पीढ़ी सादगी को महत्त्व देती है, जबकि बच्चे दिखावे, आधुनिक सुविधाओं और आर्थिक प्रगति को महत्त्व देते हैं। संवाद की कमी से यह दूरी और बढ़ जाती है।
3. समाधान - आपसी संवाद : परिवार के सदस्यों को एक-दूसरे की बात धैर्य से सुननी और समझनी चाहिए।
4. समाधान - परस्पर सम्मान : बड़ों को नए विचारों को उदारता से स्वीकार करना चाहिए और युवाओं को बड़ों के अनुभव तथा भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।
5. समाधान - संतुलन : परंपरा के अच्छे मूल्यों और आधुनिकता की उपयोगी बातों में संतुलन बनाकर ही यह मतभेद कम किया जा सकता है।

Teacher's Note:
a) अंक-योजना में तर्कपूर्ण मुक्त उत्तर स्वीकार्य है, पर कारण और समाधान दोनों अवश्य लिखें।
b) कहानी के उदाहरण (यशोधर बाबू, किशनदा के आदर्श) जोड़ने से उत्तर प्रभावी बनता है।

 

(ii) 'जूझ' कहानी के आधार पर सिद्ध कीजिए कि प्रोत्साहन के शब्द व्यक्ति के जीवन की दशा और दिशा को बदलने में महत्त्वपूर्ण योगदान देते हैं । [5 Marks]

Answer:
1. दत्ता जी राव ने लेखक आनंदा को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया और उसके पिता को मनाकर उसे पाठशाला भिजवाया।
2. गणित के मास्टर के अपनेपन भरे व्यवहार और उनकी शाबाशी से लेखक में पढ़ने का आत्मविश्वास बढ़ा।
3. मराठी के मास्टर सौंदलगेकर ने लेखक की कविताओं को पढ़कर उसके काव्य-लेखन में सुधार किया।
4. सौंदलगेकर द्वारा कविताओं की पुस्तकें देने से लेखक में भावी साहित्यकार का बीजारोपण हुआ।
5. मराठी मास्टर के प्रोत्साहन से लेखक खेतों में काम करते हुए भी कविता लिखने लगा। इस प्रकार प्रोत्साहन के शब्दों ने एक किसान के बेटे को प्रसिद्ध साहित्यकार बना दिया।

Teacher's Note:
a) दत्ता जी राव, गणित मास्टर और सौंदलगेकर - तीनों की भूमिका का उल्लेख करें।
b) अंत में निष्कर्ष लिखें कि प्रोत्साहन से जीवन की दिशा कैसे बदली।

 

(iii) 'सिंधु घाटी सभ्यता मूलतः खेतिहर और पशुपालन सभ्यता थी ।' उदाहरण सहित सिद्ध कीजिए । [5 Marks]

Answer:
1. सिंधु घाटी के लोग उन्नत खेती करते थे। खुदाई के दौरान गेहूँ, कपास, चने और सरसों की खेती के प्रमाण मिले हैं।
2. ज्वार, बाजरा और रागी की खेती के प्रमाण भी प्राप्त हुए हैं।
3. खजूर, अंगूर, खरबूजे और बेर के साक्ष्य मिले हैं, जो फलों की खेती को दर्शाते हैं।
4. अन्न भंडारण के लिए विशाल कोठार मिला है तथा खेती के लिए प्रयुक्त ताँबे और पत्थर के औज़ार भी मिले हैं।
5. बैलगाड़ी के उपयोग के साक्ष्य मिले हैं, जिससे पता चलता है कि लोग पशुपालन करते थे और पशुओं का उपयोग खेती व परिवहन में करते थे।

Teacher's Note:
a) कोई पाँच प्रमाण लिखें, प्रत्येक पर एक अंक है।
b) फसलों के नाम और 'कोठार' जैसे पुरातात्विक साक्ष्य अवश्य लिखें।

Please click the link below to download pdf file of CBSE Class 12 Hindi Core Question Paper 2025 Solved Code 2-1-3

Download CBSE Question Papers: Class 12 Hindi Core

Understanding Exam Patterns with CBSE Class 12 Hindi Core Question Paper 2025 Solved Code 2-1-3

Access structured past examination sets for Class 12 Hindi Core. Solving the CBSE Class 12 Hindi Core Question Paper 2025 Solved Code 2-1-3 provided above helps students understand actual exam difficulty levels, question formats, and topic distributions for both descriptive and objective sections.

Why Practice Class 12 Hindi Core Question Papers?

Reviewing official papers clarifies the exact marking scheme and structural layout established by the CBSE, enabling students to structure answers for maximum score potential.

Additional Study Resources for Class 12 Hindi Core

Wrap up your exam preparation by reviewing detailed answer keys and tackling additional practice sets. All resources on our platform are free to access.

FAQs

Where can I download the official PDF for CBSE Class 12 Hindi Core Question Paper 2025 Solved Code 2-1-3?

The CBSE Class 12 Hindi Core Question Paper 2025 Solved Code 2-1-3 is available for download on StudiesToday.com. It includes complete set with all sections so that Class 12 students can practice with the exact same paper that came in the CBSE exams.

Are the solutions for CBSE Class 12 Hindi Core Question Paper 2025 Solved Code 2-1-3 based on the official CBSE marking scheme?

Yes, the solutions for CBSE Class 12 Hindi Core Question Paper 2025 Solved Code 2-1-3 are prepared by subject matter experts as per official marking scheme. Class 12 students will understand the structure of answers and 'step-marks' methodology Hindi Core.

How does solving CBSE Class 12 Hindi Core Question Paper 2025 Solved Code 2-1-3 help in preparing for the 2026 exams?

Solving previous year papers like CBSE Class 12 Hindi Core Question Paper 2025 Solved Code 2-1-3 is important to understand repeat themes and question difficulty levels of Hindi Core. It helps Class 12 students to test their time management skills too.

Can I access CBSE Class 12 Hindi Core Question Paper 2025 Solved Code 2-1-3 in different languages?

Yes, where applicable, CBSE Class 12 Hindi Core Question Paper 2025 Solved Code 2-1-3 is available in both English and Hindi mediums. All students from Class 12 can access Hindi Core study material in their preferred language.

Is there a charge to download the CBSE Class 12 Hindi Core solved papers?

No, all previous year question papers on StudiesToday, including CBSE Class 12 Hindi Core Question Paper 2025 Solved Code 2-1-3, are provided free of charge in mobile-friendly PDF.