CBSE Class 12 Hindi Core Question Paper 2025 Solved Code 2-1-2

Previous Year Question Papers for Class 12 Hindi Core

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Practice Class 12 Hindi Core Exam Papers

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खंड - क

(अपठित बोध)

 

1. निम्नलिखित पद्यांश पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए : [8 Marks]

है दीप एक पर मोल सूर्य से भी भारी
है व्यक्ति एक वर्तिका, दीप धरती सारी
देखो न दुखी हो व्यक्ति, उठे इंसानी लौ,
वनखंड जलाती सिर्फ एक ही चिनगारी ।
है झंझापथ, पद आहत, दीपक मद्धिम है
संघर्ष, रातकाली, मंजिल पर रिमझिम है
लेकिन पुकारता आ पहुँचा युग इंसानी
दो कदम रह गया स्वर्ग चढ़ाई अन्तिम है ।
दीपक, तेरे नीचे घिर रहा अँधेरा है
सोने की चमक तले अनीति का डेरा है
तू इंसानी जीवन की रात मिटा, वरना
इंसान स्वयं बनकर आ रहा सवेरा है ।

 

(i) 'है दीप एक ....... सूर्य से भी भारी' - पंक्ति का आशय है - [1 Mark]
(A) एक अकेला शोषित व्यक्ति, संपूर्ण शोषक वर्ग से शक्तिशाली है ।
(B) अकेला दीपक सूर्य के प्रकाश से अधिक प्रकाश प्रदान करने में सक्षम है ।
(C) एक अकेला प्रकाश का स्रोत सूर्य से अधिक मूल्यवान है ।
(D) दीपक सूर्य की ऊर्जा से अधिक ऊर्जा अपने भीतर रखता है ।

Answer: (A) एक अकेला शोषित व्यक्ति, संपूर्ण शोषक वर्ग से शक्तिशाली है ।

Teacher's Note:
a) कविता में 'दीप' शोषित व्यक्ति का और 'सूर्य' शक्तिशाली शोषक वर्ग का प्रतीक है।
b) शब्दों के शाब्दिक अर्थ वाले विकल्पों (B, D) से बचें, प्रतीकार्थ पहचानें।

 

(ii) 'इंसानी जीवन की रात मिटा' - से क्या अभिप्राय है ? [1 Mark]
(A) शोषित वर्ग के जीवन से रात्रि को दूर करना
(B) शोषित वर्ग के घरों को प्रकाशित करना
(C) इंसानों के जीवन से अंधकार को दूर करना
(D) शोषित वर्ग के अभावों को दूर कर, उन्हें अधिकार देना

Answer: (D) शोषित वर्ग के अभावों को दूर कर, उन्हें अधिकार देना

Teacher's Note:
a) यहाँ 'रात' अभाव, अन्याय और शोषण का प्रतीक है।
b) केवल अंधकार या प्रकाश वाले शाब्दिक विकल्प सही भाव नहीं बताते।

 

(iii) कॉलम-1 को कॉलम-2 से सुमेलित कीजिए और सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए : [1 Mark]
कॉलम-1 | कॉलम-2
(क) मद्धिम दीपक | (1) लक्ष्य प्राप्ति के सीमित साधन
(ख) झंझापथ | (2) विपरीत परिस्थितियाँ
(ग) आहत पद | (3) घायल अंग
विकल्प :

(A) क-2, ख-3, ग-1
(B) क-1, ख-2, ग-3
(C) क-3, ख-1, ग-2
(D) क-1, ख-3, ग-2

Answer: (B) क-1, ख-2, ग-3

Teacher's Note:
a) 'झंझा' का अर्थ है आँधी-तूफ़ान, अतः 'झंझापथ' विपरीत परिस्थितियों का सूचक है।
b) 'आहत' का अर्थ घायल और 'पद' का अर्थ पैर (अंग) है।

 

(iv) 'इंसान स्वयं सवेरे का रूप धारण कर आ रहा है' - पंक्ति के माध्यम से किसे क्या चेतावनी दी गई है ? [1 Mark]

Answer: यह चेतावनी शोषक वर्ग को दी गई है कि यदि उसने अत्याचार रूपी अंधकार को समाप्त नहीं किया, तो शोषित व्यक्ति स्वयं शक्ति रूपी सवेरा बनकर आएगा और अत्याचार का अंत कर देगा।

Teacher's Note:
a) उत्तर में दो अंश आवश्यक हैं - किसे (शोषक वर्ग को) और क्या चेतावनी।
b) 'सवेरा' को शोषितों की जागृत शक्ति के प्रतीक के रूप में समझाएँ।

 

(v) 'वनखंड जलाती है एक चिनगारी' - पंक्ति से क्या अभिप्राय है ? [2 Marks]

Answer:
1. शोषित व्यक्ति की शक्ति और सामर्थ्य को कभी कम नहीं आँकना चाहिए।
2. विरोध का पहला स्वर ही शोषण के अंत की शुरुआत होता है, जैसे एक छोटी-सी चिनगारी पूरे वन-प्रदेश को जलाने में सक्षम होती है।

Teacher's Note:
a) 'चिनगारी' को एक व्यक्ति के विरोध या क्रांति के प्रतीक के रूप में स्पष्ट करें।
b) दो अलग-अलग बिंदु लिखने पर ही पूरे अंक मिलते हैं।

 

(vi) 'इंसानी युग आने और स्वर्ग के दो कदम दूर रह जाने' - से क्या आशय है ? [2 Marks]

Answer:
1. मानव का शोषण अब अपने अंत के बहुत निकट है, क्योंकि मानवता का युग आ पहुँचा है।
2. जीवन की कठिनाइयों का अंत करके आदर्श समाज (स्वर्ग) की स्थापना का लक्ष्य अब बहुत करीब है।

Teacher's Note:
a) 'स्वर्ग' को शोषण-मुक्त आदर्श समाज के रूप में समझाएँ।
b) 'दो कदम' से लक्ष्य की निकटता का भाव अवश्य लिखें।

 

2. निम्नलिखित गद्यांश पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए : [10 Marks]

प्रकृति के कई रंग हैं और उन रंगों में कोई होड़ नहीं है । रंगों की इस विशाल दुनिया में हम भी तो एक रंग ही हैं । पर हमारे साथ दिक्कत है । एक तो हमें अपने रंगों का पता नहीं है । दूसरा, हम दूसरों के रंगों से डरते हैं । हम भूल जाते हैं कि जीवन बहुरंगी है । दूसरे के जैसा होने की या उन्हें अपने जैसा करने की हमारी कोशिशों का कोई बहुत अर्थ भी नहीं है । कारण जबर्दस्ती चढ़ाए गए रंग देर तक टिकते ही नहीं है । सबको एक ही रंग में रंगने की कोशिश से बेहतर है कि हम एक-दूसरे को अपना सहयोग दें । दो रंग जुड़ते हैं तो एक नया ही रंग बन जाता है । इसी तरह आपस के साथ से हम भी कुछ नए रंग जिंदगी में जोड़ सकते हैं ।
सुख सतरंगी है तो दुख के भी कई रंग हैं । फिर, सफेद और काले रंग के भी कई प्रतिरूप होते हैं । गायिका एमी ग्रांट कहती हैं, 'काले रंग के बिना किसी भी रंग को गहराई नहीं मिलती ।' बात केवल परछाईं की नहीं है, पूर्णता की है । ज्यादातर लोग निराशा, अकेलापन, चुनौती, डर और उदासी के रंगों से दूर भागते हैं । वे जीवन में मुश्किल समय आते ही बेचैन हो उठते हैं जबकि मनुष्य की विकास यात्रा यही कहती है कि दुख, दर्द, कड़ी मेहनत, धैर्य और चुनौतियों के रंगों से मिलकर ही हमें जीत की चमक मिलती है । लेखक रे विलियम्स का मानना है कि बड़ी बारीकी से हम अपने दिमाग की नकारात्मक घेराबंदी करते चले जाते हैं, जो है उसके बारे में ध्यान नहीं देते, अभावों के विषय में सोचते चले जाते हैं और जीवन को जटिल बना लेते हैं ।
प्रकृति हर दिन होली खेलती है, एक ही दिन में कई रंग बदलती है । दुख-दर्द का कोई रंग स्थायी नहीं होता । हमारी दुनिया रंगीन हो जाती है जब हम अपने रंगों से संतुष्ट हो जाते हैं और दूसरों का देखकर खुश होते हैं ।

 

(i) 'हमें अपने रंगों का पता नहीं है' - से अभिप्राय है - [1 Mark]
(A) अपने स्वभाव का ज्ञान नहीं है ।
(B) जीवन की विविधता का ज्ञान नहीं है ।
(C) अपनी विशेषताओं का ज्ञान नहीं है ।
(D) अपनी परंपराओं का ज्ञान नहीं है ।

Answer: (C) अपनी विशेषताओं का ज्ञान नहीं है ।

Teacher's Note:
a) यहाँ 'रंग' व्यक्ति की अपनी विशेषताओं और गुणों का प्रतीक है।
b) 'स्वभाव' और 'विशेषता' में अंतर समझकर विकल्प चुनें।

 

(ii) 'हम भूल जाते हैं कि जीवन बहुरंगी है' - पंक्ति में जीवन के बहुरंगी होने का अर्थ है - [1 Mark]
(A) जीवन का रंग-बिरंगा होना
(B) जीवन में दुख-तकलीफ का होना
(C) जीवन में सुख-दुख का होना
(D) जीवन का बहुत विशाल होना

Answer: (C) जीवन में सुख-दुख का होना

Teacher's Note:
a) गद्यांश में सुख और दुख दोनों के कई रंग बताए गए हैं।
b) केवल दुख वाला विकल्प (B) अधूरा है, दोनों पक्षों वाला विकल्प चुनें।

 

(iii) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए । [1 Mark]
कथन : प्रकृति के कई रंग हैं और रंगों में कोई होड़ नहीं है ।
कारण : प्रकृति सहज ही एक दिन में कई रंग बदलती है ।

(A) कारण सही है किंतु कथन गलत है ।
(B) कथन तथा कारण दोनों गलत हैं ।
(C) कथन तथा कारण दोनों सही हैं किंतु कारण कथन की गलत व्याख्या करता है ।
(D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है ।

Answer: (C) कथन तथा कारण दोनों सही हैं किंतु कारण कथन की गलत व्याख्या करता है ।

Teacher's Note:
a) दोनों बातें गद्यांश में हैं, पर रंग बदलना 'होड़ न होने' का कारण नहीं है।
b) कथन-कारण प्रश्न में पहले दोनों की सत्यता जाँचें, फिर उनका संबंध देखें।

 

(iv) प्रकृति के माध्यम से लेखक हमें क्या संदेश देना चाहता है ? [1 Mark]

Answer: लेखक संदेश देना चाहता है कि हमें सुख-दुख से भरे अपने जीवन से संतुष्ट रहना चाहिए और दूसरों को देखकर खुश होना चाहिए।

Teacher's Note:
a) गद्यांश की अंतिम पंक्ति में ही यह संदेश छिपा है।
b) 'संतुष्ट होना' और 'दूसरों को देखकर खुश होना' दोनों अंश लिखें।

 

(v) रे विलियम्स के अनुसार जीवन की जटिलता का क्या कारण है ? [2 Marks]

Answer:
1. हम बड़ी बारीकी से अपने दिमाग में नकारात्मक भावों को स्थान देते जाते हैं।
2. जीवन में जो उपलब्ध है, उस पर ध्यान न देकर हम अभावों के विषय में ही सोचते रहते हैं, जिससे जीवन जटिल हो जाता है।

Teacher's Note:
a) 'नकारात्मक घेराबंदी' और 'अभावों पर ध्यान' दोनों बिंदु आवश्यक हैं।
b) उत्तर गद्यांश के शब्दों पर आधारित रखें, अपनी ओर से बात न बढ़ाएँ।

 

(vi) 'दो रंग जुड़ते हैं तो एक नया ही रंग बन जाता है' - पंक्ति का क्या आशय है ? [2 Marks]

Answer:
1. जब भिन्न-भिन्न स्वभाव और प्रकृति वाले दो व्यक्ति परस्पर मिलते हैं, तो वे अपनी रचनात्मक ऊर्जा से जीवन को एक नया आयाम देते हैं।
2. इसलिए दूसरों पर अपने विचार थोपने के बजाय हमें परस्पर सहयोग की भावना रखनी चाहिए।

Teacher's Note:
a) 'रंग' को व्यक्ति के स्वभाव और गुणों के प्रतीक के रूप में स्पष्ट करें।
b) 'सहयोग की भावना' वाला बिंदु अवश्य लिखें।

 

(vii) 'प्रकृति हर दिन होली खेलती है' - से क्या अभिप्राय है ? इसके माध्यम से क्या संदेश दिया गया है ? [2 Marks]

Answer:
1. अभिप्राय : प्रकृति पल-पल परिवर्तित होती रहती है और एक ही दिन में कई रंग बदलती है।
2. संदेश : गतिशील जीवन में दुख-दर्द स्थायी नहीं होता, अतः हमें कठिन समय में धैर्य रखना चाहिए।

Teacher's Note:
a) प्रश्न के दो भाग हैं - अभिप्राय और संदेश, दोनों के लिए 1-1 अंक है।
b) 'दुख-दर्द का कोई रंग स्थायी नहीं होता' पंक्ति का प्रयोग करें।

 

खंड - ख

(अभिव्यक्ति और माध्यम पुस्तक पर आधारित प्रश्न)

 

3. निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं चार प्रश्नों के लगभग 40 शब्दों में उत्तर दीजिए : [4 × 2 = 8]

 

(i) विचार करने और उन्हें व्यक्त करने की प्रक्रिया निबंध लेखन के चिरपरिचित विषयों के साथ क्यों नहीं हो पाती ? [2 Marks]

Answer: चिरपरिचित विषयों पर तैयारशुदा सामग्री प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होती है। विद्यार्थी नया सोचने और अपने शब्दों में लिखने की कोशिश करने के स्थान पर इसी उपलब्ध सामग्री पर निर्भर हो जाते हैं। इसलिए उनमें स्वयं विचार करने और उसे व्यक्त करने की प्रक्रिया विकसित नहीं हो पाती।

Teacher's Note:
a) 'तैयारशुदा सामग्री' और 'उस पर निर्भरता' - ये दो मुख्य शब्द अवश्य लिखें।
b) उत्तर लगभग 40 शब्दों तक ही सीमित रखें।

 

(ii) नाट्यालेख और फिल्म-पटकथा से रेडियो नाट्यलेखन किस प्रकार भिन्न है ? स्पष्ट कीजिए । [2 Marks]

Answer:
1. रेडियो नाट्यलेखन में विजुअल्स अर्थात् दृश्य नहीं होते, जबकि नाट्यालेख और फ़िल्म-पटकथा में दृश्य होते हैं।
2. रेडियो नाटक में ध्वनि प्रभावों और संवादों के माध्यम से ही दृश्यों का निर्माण किया जाता है, जबकि नाटक और फ़िल्म में ध्वनि और संवादों के साथ-साथ दृश्यांकन भी होता है।

Teacher's Note:
a) मुख्य अंतर 'दृश्य का अभाव' है, इसे सबसे पहले लिखें।
b) रेडियो को श्रव्य माध्यम और नाटक-फ़िल्म को दृश्य-श्रव्य माध्यम कहें।

 

(iii) 'वायस ओवर' क्या है ? नाटक में इसका क्या महत्त्व है ? [2 Marks]

Answer:
1. वायस ओवर : नेपथ्य से आने वाली वह ध्वनि जो दर्शकों को सुनाई देती है, परंतु मंच पर कोई पात्र उसे बोलता हुआ दिखाई नहीं देता।
2. महत्त्व : इसके द्वारा पात्रों के मनोभावों, विवरण के रूप में व्यक्त प्रसंगों और मानसिक द्वंद्व के दृश्यों की नाटकीय प्रस्तुति की जाती है।

Teacher's Note:
a) प्रश्न के दोनों भागों - परिभाषा और महत्त्व - के लिए 1-1 अंक है।
b) 'नेपथ्य से आने वाली ध्वनि' शब्द परिभाषा में अवश्य लिखें।

 

(iv) समाचार-पत्र में विभिन्न विषयों और क्षेत्रों से संबंधित जानकारी का होना क्यों आवश्यक है ? [2 Marks]

Answer:
1. समाचार-पत्र के पाठक अलग-अलग रुचि के होते हैं, विभिन्न विषयों की जानकारी से सभी पाठकों को संतुष्ट किया जा सकता है।
2. इससे समाचार-पत्र की व्यापकता और लोकप्रियता बढ़ती है तथा पाठक विभिन्न विचारों और दृष्टिकोणों से अवगत होते हैं।

Teacher's Note:
a) 'अलग-अलग रुचि के पाठक' और 'लोकप्रियता' - ये दो बिंदु प्रमुख हैं।
b) व्यावसायिक लाभ को भी एक बिंदु के रूप में लिखा जा सकता है।

 

(v) संचार का कौन सा माध्यम आपको सर्वाधिक पसंद है और क्यों ? कारण सहित उत्तर लिखिए । [2 Marks]

Answer: मुझे संचार माध्यमों में समाचार-पत्र सर्वाधिक पसंद है। इसमें छपी सामग्री स्थायी और प्रामाणिक होती है, जिसे कभी भी, कहीं भी पढ़ा जा सकता है। यह सस्ता और सहजता से उपलब्ध है तथा इसमें ख़बरों पर रुककर चिंतन, विचार और विश्लेषण करने की सुविधा भी मिलती है।

Teacher's Note:
a) यह मुक्त उत्तर वाला प्रश्न है, कोई भी माध्यम चुना जा सकता है।
b) माध्यम का नाम (1 अंक) और उचित तर्कपूर्ण कारण (1 अंक) दोनों लिखें।

 

4. निम्नलिखित दिए गए विषयों में से किसी एक विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए : [6 Marks]

 

(i) राजमार्ग (हाईवे) पर पिताजी की गाड़ी का अचानक बंद हो जाना

Answer:
राजमार्ग पर एक अविस्मरणीय अनुभव
पिछली गर्मियों की छुट्टियों में हम पिताजी के साथ गाड़ी से नानी के घर जा रहे थे। राजमार्ग पर गाड़ी तेज़ी से दौड़ रही थी कि अचानक इंजन से अजीब-सी आवाज़ आई और गाड़ी रुक गई। दोपहर की तेज़ धूप थी और दूर-दूर तक कोई गाँव या दुकान दिखाई नहीं दे रही थी। पिताजी ने सावधानी से गाड़ी सड़क के किनारे लगाई और चेतावनी संकेत जला दिए। माँ और मैं थोड़ा घबरा गए, पर पिताजी ने धैर्य बनाए रखा। उन्होंने राजमार्ग की हेल्पलाइन पर फ़ोन किया। लगभग एक घंटे बाद सहायता वाहन आया और मैकेनिक ने गाड़ी ठीक कर दी। इस घटना से मैंने सीखा कि संकट में घबराने के बजाय धैर्य और समझदारी से काम लेना चाहिए तथा यात्रा से पहले गाड़ी की जाँच अवश्य करवानी चाहिए।

Teacher's Note:
a) आरंभ, विषय-वस्तु, भाषा और प्रस्तुति - चारों पर अंक मिलते हैं, इसलिए लेख को क्रमबद्ध रखें।
b) अनुभव के अंत में उससे मिली सीख अवश्य लिखें।

अथवा

(ii) बड़े भाई / बहन की शादी में मेरी भूमिका

Answer:
दीदी की शादी और मेरी ज़िम्मेदारियाँ
पिछले वर्ष मेरी बड़ी बहन की शादी हुई। घर में महीनों पहले से तैयारियाँ शुरू हो गई थीं और मुझे भी कई ज़िम्मेदारियाँ सौंपी गईं। मैंने निमंत्रण-पत्रों की सूची बनाने और उन्हें रिश्तेदारों तक पहुँचाने में पिताजी की सहायता की। मेहंदी और संगीत के कार्यक्रम की सजावट की ज़िम्मेदारी मेरी थी, जिसे मैंने अपने मित्रों के साथ मिलकर पूरा किया। शादी वाले दिन मैं बारात के स्वागत और मेहमानों के भोजन की व्यवस्था देखता रहा। बुज़ुर्ग रिश्तेदारों का ध्यान रखना भी मेरे ही जिम्मे था। विदाई के समय मन भारी हो गया, पर यह संतोष था कि सब कुछ अच्छी तरह संपन्न हुआ। इस अवसर ने मुझे ज़िम्मेदारी, समय-प्रबंधन और मिलजुलकर काम करने का महत्त्व सिखाया।

Teacher's Note:
a) रचनात्मक लेख में व्यक्तिगत अनुभव और भावनाएँ जोड़ने से लेख प्रभावी बनता है।
b) शब्द-सीमा (लगभग 120 शब्द) का ध्यान रखें और उपयुक्त शीर्षक दें।

अथवा

(iii) जीव-जंतुओं का घटता संसार

Answer:
जीव-जंतुओं का घटता संसार
पृथ्वी पर जीवन की सुंदरता जीव-जंतुओं की विविधता से ही है, परंतु आज यह संसार तेज़ी से सिमट रहा है। गौरैया जैसी चिड़िया, जो कभी हर आँगन में चहचहाती थी, अब कम दिखाई देती है। बाघ, गिद्ध और कई अन्य प्रजातियाँ विलुप्ति के कगार पर हैं। इसके मुख्य कारण हैं - वनों की अंधाधुंध कटाई, बढ़ता शहरीकरण, प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और अवैध शिकार। जीव-जंतुओं के घटने से प्रकृति का संतुलन बिगड़ता है, क्योंकि हर प्राणी खाद्य-श्रृंखला की एक महत्त्वपूर्ण कड़ी है। इस संकट से बचने के लिए वनों का संरक्षण, वन्य-जीव अभयारण्यों का विस्तार और शिकार पर कठोर रोक आवश्यक है। हमें भी पेड़ लगाने और पक्षियों के लिए दाना-पानी रखने जैसे छोटे प्रयास करने चाहिए, तभी यह संसार फिर से जीवंत रहेगा।

Teacher's Note:
a) लेख में समस्या, कारण, परिणाम और समाधान - चारों पक्ष शामिल करें।
b) उदाहरण (गौरैया, बाघ, गिद्ध) देने से लेख प्रामाणिक और रोचक बनता है।

 

5. निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 80 शब्दों में लिखिए : [2 × 4 = 8]

 

(i) व्यक्तिचित्र फीचर को रोचक, पठनीय और प्रभावशाली रूप में किस प्रकार तैयार किया जा सकता है ? [4 Marks]

Answer:
1. फ़ीचर का आरंभ व्यक्ति विशेष की जीवन-दिशा को बदलने वाली किसी घटना से करना चाहिए, या उसकी ताज़ा उपलब्धि के ब्योरे से शुरुआत करके उसके पिछले जीवन के संघर्षों की ओर मुड़ना चाहिए।
2. व्यक्ति विशेष, उसके नज़दीकी लोगों और उसकी उपलब्धियों से परिचित विशेषज्ञों के दिलचस्प और खास वक्तव्यों को उद्धृत करना चाहिए।
3. जीवन के अहम क्षणों पर रोशनी डालने वाली एक-दो घटनाओं को उन्हीं के शब्दों में प्रस्तुत करना चाहिए।
4. फ़ीचर के अंतिम हिस्से में उनकी भविष्य की योजनाओं, चुनौतियों और उनसे निपटने की तैयारी का उल्लेख करना चाहिए।

Teacher's Note:
a) चार अलग-अलग बिंदु लिखें, प्रत्येक बिंदु पर 1 अंक है।
b) बिंदुओं को फ़ीचर के क्रम (आरंभ, मध्य, अंत) में लिखना उत्तम रहता है।

 

(ii) संवाददाता और विशेष संवाददाता के बीच के अंतर को उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए । [4 Marks]

Answer:
1. संवाददाता : वह पत्रकार जो सामान्य घटनाओं अथवा अपनी बीट से जुड़े समाचारों को कवर करता है और तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार करता है।
2. विशेष संवाददाता : वह पत्रकार जो किसी विशिष्ट क्षेत्र या विषय पर गहन जानकारी और विश्लेषण के साथ विशेषीकृत रिपोर्टिंग करता है।
3. उदाहरण : शेयर बाज़ार में भारी गिरावट आने पर संवाददाता सभी ज़रूरी सूचनाएँ एकत्र करके एक तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार करता है।
4. जबकि विशेष संवाददाता इस गिरावट के कारणों और आम निवेशकों पर पड़ने वाले प्रभाव का भी विश्लेषण प्रस्तुत करता है।

Teacher's Note:
a) अंतर (2 अंक) और उदाहरण (2 अंक) - दोनों भाग अवश्य लिखें।
b) 'विश्लेषण' और 'विशेषज्ञता' शब्द विशेष संवाददाता की पहचान हैं।

 

(iii) कहानी के पात्रों का नाट्य रूपांतरण किस प्रकार किया जा सकता है ? [4 Marks]

Answer:
1. कहानी में वर्णित दृश्यात्मकता को नाटक के पात्रों से मेल कराकर उनका चरित्र गढ़ा जाता है।
2. पात्रों की भाव-भंगिमाओं और उनके तौर-तरीकों से मंच पर प्रभाव उत्पन्न किया जाता है।
3. पात्रों के मनोभावों को स्वगत कथन या वायस ओवर के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है तथा कहानी के लंबे संवादों को छोटा किया जाता है।
4. वस्त्र-सज्जा, मंच-सज्जा, ध्वनि और प्रकाश के माध्यम से परिस्थिति, परिवेश और कथानक के अनुसार पात्रों के चरित्र का रूपांतरण किया जाता है।

Teacher's Note:
a) कोई चार बिंदु अपेक्षित हैं, प्रत्येक बिंदु स्पष्ट और अलग लिखें।
b) 'स्वगत कथन', 'वायस ओवर' और 'मंच-सज्जा' जैसे पारिभाषिक शब्दों का प्रयोग करें।

 

खंड - ग

(पाठ्यपुस्तक आरोह तथा वितान पर आधारित प्रश्न)

 

6. निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के लगभग 60 शब्दों में उत्तर दीजिए : [2 × 3 = 6]

 

(i) 'आत्मपरिचय' कविता से उद्धृत पंक्ति 'मैं कभी न जग का ध्यान किया करता हूँ' के संदर्भ में लिखिए कि संसार के प्रति कवि की इस विरक्ति का क्या कारण है ? [3 Marks]

Answer:
1. कवि के अनुसार संसार अपूर्ण है, स्वार्थी है और सदैव अपना ही हित साधने में लगा रहता है।
2. संसार झूठा गुणगान करने वालों को ही महत्त्व देता है, इसलिए कवि को उसकी परवाह नहीं है।
3. कवि को सांसारिक मोह-माया और धन-वैभव से विरक्ति है। वह दिखावे की दुनिया से अलग स्नेह की सुरा का पान करके अपनी प्रिया की यादों में खोया रहता है।

Teacher's Note:
a) कोई तीन कारण अलग-अलग बिंदुओं में लिखें, प्रत्येक पर 1 अंक है।
b) 'स्नेह-सुरा' और 'अपूर्ण जग' जैसे कविता के शब्दों का प्रयोग उत्तर को प्रभावी बनाता है।

 

(ii) 'लेखन के लिए आपकी दृष्टि में कथ्य (भाव) अधिक महत्त्वपूर्ण है या माध्यम' - 'बात सीधी थी पर' कविता के संदर्भ में तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए । [3 Marks]

Answer: मेरी दृष्टि में लेखन के लिए कथ्य (भाव) अधिक महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि भाषा तो हमारे भावों और विचारों को अभिव्यक्त करने का साधन मात्र है। जब भावों और विचारों को सहज, सरल भाषा में प्रस्तुत किया जाता है, तो अभिव्यक्ति स्पष्ट होती है। 'बात सीधी थी पर' कविता में कवि बताता है कि पांडित्य-प्रदर्शन के लिए जबरन प्रयोग किए गए शब्दों के कारण उसकी सीधी-सी बात भाषा के चक्कर में टेढ़ी फँस गई और रचना प्रभावहीन हो गई।

Teacher's Note:
a) पहले अपना मत (1 अंक) स्पष्ट लिखें, फिर कविता के आधार पर तर्क (2 अंक) दें।
b) तर्कपूर्ण उपयुक्त उत्तर स्वीकार्य है, पर कविता का संदर्भ अवश्य जोड़ें।

 

(iii) ''उषा' कविता भोर की आसमानी गति को धरती की जीवन भरी हलचल से जोड़ने वाली कविता है ।' पुष्टि कीजिए । [3 Marks]

Answer: शमशेर बहादुर सिंह ने भोर के आकाश के बदलते रंगों को गाँव के घरेलू जीवन के बिंबों से जोड़ा है।
1. भोर का नभ राख से लीपे गए गीले चौके के समान लगता है।
2. आकाश ऐसा प्रतीत होता है मानो काली सिल को ज़रा-से लाल केसर से धो दिया गया हो।
3. वह स्लेट पर लाल खड़िया चाक मल देने जैसा लगता है और सूर्योदय से पहले का दृश्य नीले जल में किसी की गौर झिलमिल देह के हिलने जैसा प्रतीत होता है।

Teacher's Note:
a) कविता के कोई तीन बिंब लिखें, प्रत्येक बिंब पर 1 अंक है।
b) प्रत्येक बिंब को ग्रामीण जीवन की हलचल से जोड़कर स्पष्ट करें।

 

7. निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के लगभग 40 शब्दों में उत्तर दीजिए : [2 × 2 = 4]

 

(i) 'सदा पंक पर ही होता, जल विप्लव प्लावन' - पंक्ति में प्रयुक्त 'पंक' और 'विप्लव' शब्द की प्रतीकात्मकता स्पष्ट कीजिए । [2 Marks]

Answer:
1. प्रतीक : 'पंक' शोषक वर्ग (पूँजीपति, साधन-संपन्न लोग) का और 'विप्लव' क्रांति का प्रतीक है।
2. स्पष्टीकरण : जैसे जल-प्लावन सदा पंक पर ही होता है, वैसे ही क्रांति से सदा शोषक वर्ग का ही पतन होता है।

Teacher's Note:
a) दोनों शब्दों का प्रतीकार्थ (1 अंक) और पंक्ति का स्पष्टीकरण (1 अंक) लिखें।
b) यह पंक्ति निराला की कविता 'बादल राग' से है, यह ध्यान रखें।

 

(ii) 'कैमरे में बंद अपाहिज' कविता में 'यह अवसर खो देंगे' - पंक्ति में कौन से अवसर को खोने की बात कही जा रही है ? इससे मीडियाकर्मी के किस व्यवहार का पता लगता है ? [2 Marks]

Answer:
1. अवसर : शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्ति द्वारा अपनी पीड़ा और तकलीफ़ को समाज तक पहुँचाने के अवसर को खोने की बात कही गई है।
2. व्यवहार : इससे मीडियाकर्मी की संवेदनहीनता और कोरी व्यावसायिकता का पता चलता है।

Teacher's Note:
a) प्रश्न के दोनों भागों का उत्तर अलग-अलग लिखें।
b) 'संवेदनहीनता' और 'व्यावसायिकता' - ये दोनों शब्द अवश्य लिखें।

 

(iii) 'पतंग' कविता से उद्धृत पंक्ति - 'डाल की तरह लचीले वेग से' का आशय स्पष्ट कीजिए । [2 Marks]

Answer: पतंग उड़ाते बच्चे भी लचीली डाल की तरह गतिशील और फुर्तीले होते हैं। वे पतंग के पीछे बिना डरे किसी भी दिशा में लचीले वेग से भागते-दौड़ते रहते हैं, मानो उनके शरीर में डाल जैसी लचक हो।

Teacher's Note:
a) 'लचीली डाल' और 'बच्चों की गतिशीलता' की तुलना स्पष्ट करें।
b) बच्चों के निडर होकर भागने का बिंदु अवश्य लिखें।

 

8. निम्नलिखित पठित काव्यांश पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : [5 × 1 = 5]

धूत कहौ, अवधूत कहौ, रजपूतु कहौ, जोलहा कहौ कोऊ ।
काहूकी बेटी सो बेटा न ब्याहब, काहूकी जाति बिगार न सोऊ ।।
तुलसी सरनाम गुलामु है राम को, जाको रुचै सो कहै कछु ओऊ ।।
माँगि कै खैबौ, मसीत को सोइबो, लैबोको एकु न दैबको दोऊ ।

 

(i) काव्यांश का वर्ण्य विषय है - [1 Mark]
(A) समाज की आर्थिक स्थिति का वर्णन
(B) जाति-पाँतिगत भेदभाव का वर्णन
(C) समाज में विद्यमान भेदभाव का वर्णन
(D) धर्म के नाम पर हो रहे आडंबरों का वर्णन

Answer: (B) जाति-पाँतिगत भेदभाव का वर्णन (अंक-योजना में विकल्प (C) समाज में विद्यमान भेदभाव का वर्णन भी स्वीकार्य है)

Teacher's Note:
a) काव्यांश में धूत, अवधूत, रजपूत, जोलहा जैसे जातिगत संबोधनों का उल्लेख है।
b) तुलसी जाति-पाँति के भेदभाव से ऊपर उठकर स्वयं को राम का दास बताते हैं।

 

(ii) 'काहूकी बेटी सो बेटा न ब्याहब' - पंक्ति के माध्यम से कटाक्ष किया गया है - [1 Mark]
(A) समाज में व्याप्त जाति व्यवस्था पर
(B) जाति आधारित वैवाहिक प्रथा पर
(C) पुरुष प्रधान समाज की मानसिकता पर
(D) समाज की विघटनकारी व्यवस्था पर

Answer: (B) जाति आधारित वैवाहिक प्रथा पर

Teacher's Note:
a) पंक्ति में 'ब्याहब' (विवाह) शब्द से वैवाहिक प्रथा का संकेत मिलता है।
b) तुलसी कहते हैं कि उन्हें किसी की बेटी से अपने बेटे का विवाह नहीं करना, अतः जाति बिगड़ने का डर नहीं।

 

(iii) तुलसीदास स्वयं को किसका दास मानते हैं ? [1 Mark]
(A) नियमों का
(B) परिस्थितियों का
(C) स्वयं का
(D) राम का

Answer: (D) राम का

Teacher's Note:
a) 'तुलसी सरनाम गुलामु है राम को' पंक्ति में सीधा उत्तर है।
b) 'गुलामु' का अर्थ दास या सेवक है।

 

(iv) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए : [1 Mark]
कथन : परंपरावादी एवं रूढ़िग्रस्त समाज में रहते हुए भी तुलसी निर्विकार जीवन व्यतीत कर रहे थे ।
कारण : वे सामाजिक उत्तरदायित्वों से मुक्त थे ।

(A) कथन तथा कारण दोनों गलत हैं ।
(B) कारण सही है लेकिन कथन गलत है ।
(C) कथन सही है लेकिन कारण कथन की गलत व्याख्या करता है ।
(D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है ।

Answer: (C) कथन सही है लेकिन कारण कथन की गलत व्याख्या करता है ।

Teacher's Note:
a) तुलसी का निर्विकार जीवन राम-भक्ति और आत्मसंतोष के कारण था, उत्तरदायित्वों से मुक्ति के कारण नहीं।
b) कथन-कारण प्रश्न में कारण की सत्यता और संबंध दोनों जाँचें।

 

(v) 'लैबोको एकु न दैबको दोऊ' - से आशय है - [1 Mark]
(A) न लेना एक न देना दो
(B) किसी से कोई बुरी बात न कहना
(C) किसी से कोई संबंध न रखना
(D) बिना वजह की मुसीबत होना

Answer: (C) किसी से कोई संबंध न रखना

Teacher's Note:
a) यह एक मुहावरेदार प्रयोग है, इसका शाब्दिक अर्थ (विकल्प A) नहीं लेना है।
b) तुलसी कहते हैं कि उनका किसी से कोई लेना-देना (संबंध) नहीं है।

 

9. निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के लगभग 40 शब्दों में उत्तर दीजिए : [2 × 2 = 4]

 

(i) वैश्वीकरण के इस दौर में क्या भगत जी का चरित्र बाज़ार को सार्थकता और समाज में शांति स्थापित कर सकता है ? 'बाज़ार दर्शन' पाठ के आधार पर लिखिए । [2 Marks]

Answer: हाँ, भगत जी का चरित्र आज भी बाज़ार को सार्थकता दे सकता है। वे बाज़ार के आकर्षण में नहीं बँधते और केवल आवश्यकता के अनुसार ही वस्तु ख़रीदते हैं। उनकी संतोषी प्रवृत्ति से समाज में शांति स्थापित होती है और बाज़ारूपन, छल-कपट तथा दिखावे की प्रवृत्ति पर विराम लगता है।

Teacher's Note:
a) उत्तर 'हाँ' से आरंभ करें और कोई दो कारण दें।
b) 'संतोषी प्रवृत्ति' और 'आवश्यकता के अनुसार ख़रीदारी' मुख्य बिंदु हैं।

 

(ii) 'शिरीष के फूल' पाठ में कबीर को शिरीष की भाँति क्यों बताया गया है ? [2 Marks]

Answer: शिरीष के समान ही कबीर में भी मस्ती, फक्कड़पन, बेपरवाही और सरसता थी। जैसे शिरीष भीषण गर्मी और लू में भी खिला रहता है, वैसे ही कबीर भी जीवन के संघर्षों का सामना करते हुए मस्त और बेपरवाह बने रहे।

Teacher's Note:
a) दोनों की समान विशेषताएँ - मस्ती, फक्कड़पन, सरसता - अवश्य लिखें।
b) 'संघर्ष में भी मस्त रहना' वाला बिंदु तुलना को पूरा करता है।

 

(iii) 'श्रम विभाजन और जाति प्रथा' पाठ से उद्धृत कथन 'दासता केवल कानूनी पराधीनता ही नहीं है' - का आशय स्पष्ट कीजिए । [2 Marks]

Answer: लेखक के अनुसार दासता केवल कानूनी रूप से पराधीन होना नहीं है। जब कुछ व्यक्तियों को दूसरे लोगों द्वारा निर्धारित व्यवहार और कर्तव्यों का पालन करने के लिए विवश होना पड़ता है, या अपनी इच्छा के विरुद्ध पेशा अपनाना पड़ता है, तो वह भी दासता ही है।

Teacher's Note:
a) 'दूसरों द्वारा निर्धारित कर्तव्य' और 'इच्छा के विरुद्ध पेशा' - दोनों बिंदु लिखें।
b) यह डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों पर आधारित है, इसका ध्यान रखें।

 

10. निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के लगभग 60 शब्दों में उत्तर दीजिए : [2 × 3 = 6]

 

(i) 'लू में जाना हो तो पानी पीकर जाना चाहिए' - 'बाजार दर्शन' पाठ में यह वाक्य क्यों और किस संदर्भ में कहा गया ? [3 Marks]

Answer:
1. क्यों : जिस प्रकार लू के प्रभाव से बचने के लिए शरीर में तरलता आवश्यक है, उसी प्रकार बाज़ार की चकाचौंध से बचने के लिए मन का लक्ष्य से भरा होना आवश्यक है।
2. संदर्भ : लक्ष्य से भरे मन पर बाज़ार का प्रभाव नहीं पड़ता और उस पर बाज़ारूपन का असर नहीं होता।
3. ऐसा व्यक्ति ज़रूरत की वस्तु ख़रीदकर बाज़ार को कृतार्थता और सार्थकता देता है।

Teacher's Note:
a) 'क्यों' (1 अंक) और 'संदर्भ' (2 अंक) - दोनों भाग अलग-अलग लिखें।
b) 'लू' को बाज़ार के आकर्षण और 'पानी' को मन के लक्ष्य के प्रतीक के रूप में समझाएँ।

 

(ii) अनावृष्टि दूर करने के लिए गाँव के बच्चों और गाँव वालों द्वारा किए गए उपायों को आप कितना उचित मानते हैं ? 'काले मेघा पानी दे' पाठ के संदर्भ में तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए । [3 Marks]

Answer: 'काले मेघा पानी दे' पाठ में गाँव के बच्चे इंदर सेना बनाकर घर-घर जाते थे और लोग सूखे के बावजूद उन पर बाल्टी भर पानी डालते थे। मेरी दृष्टि में ये उपाय पूरी तरह उचित नहीं हैं, क्योंकि पानी के घोर संकट के समय पानी फेंकना उसकी बर्बादी है और वर्षा का वैज्ञानिक आधार कुछ और है। फिर भी इन उपायों के पीछे की लोक-आस्था, सामूहिकता और त्याग की भावना सराहनीय है, क्योंकि जीजी के अनुसार जो त्याग करते हैं, उन्हें ही फल मिलता है।

Teacher's Note:
a) यह मुक्त उत्तर वाला प्रश्न है, उचित तर्क के साथ कोई भी पक्ष लिया जा सकता है।
b) पाठ के प्रसंग (इंदर सेना, जीजी के तर्क) का उल्लेख अवश्य करें।

 

(iii) शिरीष के माध्यम से लेखक ने, 'कालजयी अवधूत की भाँति विपरीत परिस्थितियों में भी अविचल खड़े रहने की प्रेरणा दी है ।' पुष्टि कीजिए । [3 Marks]

Answer:
1. शिरीष ग्रीष्म ऋतु में लू से जलती धरती पर भी अविचल होकर हरा-भरा रहता है, फूलता है और छाया प्रदान करता है।
2. इसके माध्यम से लेखक विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए अपना लक्ष्य प्राप्त करने की प्रेरणा देते हैं।
3. शिरीष अवधूत की भाँति संसार से विरक्त होकर सुख-दुख में समभाव रखना सिखाता है।

Teacher's Note:
a) तीन बिंदु लिखें - शिरीष की विशेषता, प्रेरणा और समभाव।
b) 'अवधूत' का अर्थ (संसार से विरक्त संन्यासी) स्पष्ट करें।

 

11. निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्पों को चुनकर लिखिए : [5 × 1 = 5]

भक्तिन अच्छी है, यह कहना कठिन होगा, क्योंकि उसमें दुर्गुणों का अभाव नहीं । वह सत्यवादी हरिश्चंद्र नहीं बन सकती; पर 'नरो वा कुंजरो वा' कहने में भी विश्वास नहीं करती । मेरे इधर-उधर पड़े पैसे-रुपये, भंडार-घर की किसी मटकी में कैसे अंतरहित हो जाते हैं, यह रहस्य भी भक्तिन जानती है । पर, उस संबंध में किसी के संकेत करते ही वह उसे शास्त्रार्थ के लिए चुनौती दे डालती है, जिसको स्वीकार कर लेना किसी तर्क-शिरोमणि के लिए संभव नहीं । यह उसका अपना घर ठहरा, पैसा-रुपया जो इधर-उधर पड़ा देखा, सँभालकर रख लिया । यह क्या चोरी है ! उसके जीवन का परम कर्तव्य मुझे प्रसन्न रखना है - जिस बात से मुझे क्रोध आ सकता है, उसे बदलकर इधर-उधर करके बताना, क्या झूठ है । इतनी चोरी और इतना झूठ तो धर्मराज महाराज में भी होगा, नहीं तो भगवान जी कैसे प्रसन्न रख सकते और संसार को कैसे चला सकते !

 

(i) गद्यांश में 'नरो वा कुंजरो वा' का उल्लेख किस संदर्भ में किया गया है ? [1 Mark]
(A) महाभारत के प्रसंग से अवगत कराने के लिए
(B) भक्तिन को युधिष्ठिर के समकक्ष रखने के लिए
(C) भक्तिन की चारित्रिक विशेषता स्पष्ट करने के लिए
(D) भक्तिन को युधिष्ठिर से श्रेष्ठ सिद्ध करने के लिए

Answer: (C) भक्तिन की चारित्रिक विशेषता स्पष्ट करने के लिए

Teacher's Note:
a) लेखिका इस उक्ति से बताती हैं कि भक्तिन गोलमोल झूठ में विश्वास नहीं करती।
b) प्रसंग का उद्देश्य भक्तिन का चरित्र-चित्रण है, महाभारत की कथा बताना नहीं।

 

(ii) भक्तिन घर में पड़े पैसों को मटकी में छिपाकर किस उद्देश्य से रखती थी ? [1 Mark]
(A) पैसों को सँभालकर रखने
(B) अन्य सेवकों की दृष्टि से बचाने
(C) आपातकाल में काम आने
(D) स्वयं को दूसरे से श्रेष्ठ समझने

Answer: (A) पैसों को सँभालकर रखने

Teacher's Note:
a) गद्यांश में लिखा है - 'पैसा-रुपया जो इधर-उधर पड़ा देखा, सँभालकर रख लिया'।
b) भक्तिन इसे चोरी नहीं, अपने घर की देखभाल मानती थी।

 

(iii) 'थोड़ा बहुत झूठ बोलना' के समर्थन में भक्तिन अपना आदर्श किसे मानती थी ? [1 Mark]
(A) हरिश्चंद्र
(B) यमराज
(C) युधिष्ठिर
(D) महादेवी

Answer: (B) यमराज

Teacher's Note:
a) गद्यांश में 'धर्मराज महाराज' का उल्लेख है, जो यमराज का ही एक नाम है।
b) धर्मराज (यमराज) और युधिष्ठिर (धर्मराज) में भ्रमित न हों, अंक-योजना के अनुसार उत्तर यमराज है।

 

(iv) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए : [1 Mark]
कथन : भक्तिन अच्छी है, यह कहना कठिन होगा ।
कारण : समय और परिस्थिति के अनुसार मूल तथ्यों में जोड़-घटाव करती थी ।

(A) कथन तथा कारण दोनों गलत हैं ।
(B) कारण सही है किंतु कथन गलत है ।
(C) कथन सही है किंतु कारण कथन की गलत व्याख्या करता है ।
(D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है ।

Answer: (D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है ।

Teacher's Note:
a) भक्तिन बातों को बदलकर बताती थी, इसीलिए उसे पूरी तरह अच्छा कहना कठिन है।
b) कारण कथन का सीधा आधार है, इसलिए सही व्याख्या वाला विकल्प चुनें।

 

(v) महादेवी जी के क्रोध से बचने के लिए भक्तिन क्या करती थी ? [1 Mark]
(A) खूब मन लगाकर काम करती थी
(B) बातों को ढालकर बताती थी
(C) उनके सामने नहीं आती थी
(D) बातों को स्पष्ट रूप से बताती थी

Answer: (B) बातों को ढालकर बताती थी

Teacher's Note:
a) गद्यांश में लिखा है - 'उसे बदलकर इधर-उधर करके बताना'।
b) 'ढालकर बताना' का अर्थ है बात को बदलकर प्रस्तुत करना।

 

12. निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के लगभग 100 शब्दों में उत्तर दीजिए : [2 × 5 = 10]

 

(i) अपनी ही शादी की पार्टी में से यशोधर बाबू पूजा के बहाने क्यों उठकर चले गए ? उनका मेहमानों के बीच से इस तरह उठकर चले जाना, आपकी दृष्टि में कहाँ तक उचित है ? 'सिल्वर वैडिंग' कहानी के संदर्भ में तर्क-सम्मत उत्तर दीजिए । [5 Marks]

Answer:
क्यों :
1. यशोधर बाबू आधुनिक जीवन-शैली और उसके मूल्यों को व्यर्थ मानते थे। उन्हें केक काटना, विलायती ढंग की पार्टी और दिखावा पसंद नहीं था।
2. बच्चों के बुलाए अपरिचित मेहमानों के बीच वे स्वयं को असहज महसूस कर रहे थे, इसलिए पूजा का बहाना बनाकर उठ गए।
उचित-अनुचित (तर्क) :
3. मेरी दृष्टि में उनका इस तरह उठकर जाना उचित नहीं था, क्योंकि पार्टी उन्हीं के सम्मान में थी और मेहमानों का आदर करना मेज़बान का कर्तव्य है।
4. इससे बच्चों और मेहमानों को बुरा लगा और परिवार में दूरी बढ़ी।
5. उन्हें अपनी परंपराओं का पालन करते हुए भी नई पीढ़ी की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए था और समय के साथ थोड़ा समझौता करना चाहिए था।

Teacher's Note:
a) 'क्यों' भाग के लिए 2 अंक और 'तर्क' भाग के लिए 3 अंक हैं।
b) तर्कपूर्ण उपयुक्त मुक्त उत्तर स्वीकार्य है, पर अपने मत के पक्ष में कहानी से उदाहरण दें।

 

(ii) 'जूझ' निम्न-मध्यवर्गीय ग्रामीण समाज और जीवन से लड़ते-जूझते किसानों-मज़दूरों के संघर्ष की कहानी है । सोदाहरण इस कथन की पुष्टि कीजिए । [5 Marks]

Answer:
1. 'जूझ' कठिन परिस्थितियों से हार न मानकर संघर्ष करते हुए अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की कथा है।
2. लेखक आनंद यादव ने इसमें ग्रामीण जीवन के संघर्ष की जीवंत प्रस्तुति की है।
3. आनंदा और उसके परिवार के माध्यम से जीवन की जद्दोजहद में लगे गरीब किसानों और खेतिहर मज़दूरों का वर्णन किया गया है।
उदाहरण :
4. आनंदा के पिता पढ़ाई से अधिक खेती को महत्त्व देते हैं और उसे पाठशाला भेजने के बजाय खेत के काम में लगाए रखते हैं।
5. गुड़ की अच्छी-खासी कीमत पाने के लिए वे कोल्हू को सबसे पहले चलाते हैं, ताकि बाज़ार में गुड़ ज़्यादा आने से पहले ही अच्छे दाम मिल जाएँ।

Teacher's Note:
a) कथन की पुष्टि (3 अंक) और उदाहरण (2 अंक) - दोनों भाग आवश्यक हैं।
b) कोल्हू, खेती और पढ़ाई से जुड़े कहानी के प्रसंग उदाहरण के रूप में दें।

 

(iii) 'अतीत में दबे पाँव' पाठ के आधार पर सिंधु घाटी सभ्यता की विशेषताओं का वर्णन कीजिए । [5 Marks]

Answer:
1. सिंधु घाटी सभ्यता एक साधन-संपन्न, खेतिहर और पशुपालक सभ्यता थी।
2. यहाँ के नगर सुनियोजित थे, जो आज की सेक्टर-मार्का कॉलोनियों से भी अधिक व्यवस्थित थे। पानी का उचित प्रबंध और पानी-निकासी की उत्तम व्यवस्था थी।
3. यह सभ्यता आडंबरों और दिखावे से दूर थी तथा लघुता में भी महत्ता अनुभव करने वाली संस्कृति थी।
4. यह राजपोषित या धर्मपोषित न होकर समाजपोषित सभ्यता थी, जिसकी सामाजिक व्यवस्था में एकरूपता थी और जो स्वयं अनुशासित थी।
5. यह उन्नत वास्तुकला का नमूना थी और यहाँ के लोग सुरुचि और कला को महत्त्व देते थे।

Teacher's Note:
a) कोई पाँच विशेषताएँ अलग-अलग बिंदुओं में लिखें, प्रत्येक पर 1 अंक है।
b) 'समाजपोषित सभ्यता' और 'सुनियोजित नगर' जैसे पाठ के मुख्य शब्द अवश्य लिखें।

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