CBSE Class 12 Hindi Core Question Paper 2025 Solved Code 2-1-1

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SECTION A (खंड - क)

 

1. निम्नलिखित गद्यांश पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए : [10 Marks]

प्रकृति के कई रंग हैं और उन रंगों में कोई होड़ नहीं है। रंगों की इस विशाल दुनिया में हम भी तो एक रंग ही हैं। पर हमारे साथ दिक्कत है। एक तो हमें अपने रंगों का पता नहीं है। दूसरा, हम दूसरों के रंगों से डरते हैं। हम भूल जाते हैं कि जीवन बहुरंगी है। दूसरे के जैसा होने की या उन्हें अपने जैसा करने की हमारी कोशिशों का कोई बहुत अर्थ भी नहीं है। कारण जबर्दस्ती चढ़ाए गए रंग देर तक टिकते ही नहीं है। सबको एक ही रंग में रंगने की कोशिश से बेहतर है कि हम एक-दूसरे को अपना सहयोग दें। दो रंग जुड़ते हैं तो एक नया ही रंग बन जाता है। इसी तरह आपस के साथ से हम भी कुछ नए रंग जिंदगी में जोड़ सकते हैं।
सुख सतरंगी है तो दुख के भी कई रंग हैं। फिर, सफेद और काले रंग के भी कई प्रतिरूप होते हैं। गायिका एमी ग्रांट कहती हैं, 'काले रंग के बिना किसी भी रंग को गहराई नहीं मिलती।' बात केवल परछाईं की नहीं है, पूर्णता की है। ज्यादातर लोग निराशा, अकेलापन, चुनौती, डर और उदासी के रंगों से दूर भागते हैं। वे जीवन में मुश्किल समय आते ही बेचैन हो उठते हैं जबकि मनुष्य की विकास यात्रा यही कहती है कि दुख, दर्द, कड़ी मेहनत, धैर्य और चुनौतियों के रंगों से मिलकर ही हमें जीत की चमक मिलती है। लेखक रे विलियम्स का मानना है कि बड़ी बारीकी से हम अपने दिमाग की नकारात्मक घेराबंदी करते चले जाते हैं, जो है उसके बारे में ध्यान नहीं देते, अभावों के विषय में सोचते चले जाते हैं और जीवन को जटिल बना लेते हैं।
प्रकृति हर दिन होली खेलती है, एक ही दिन में कई रंग बदलती है। दुख-दर्द का कोई रंग स्थायी नहीं होता। हमारी दुनिया रंगीन हो जाती है जब हम अपने रंगों से संतुष्ट हो जाते हैं और दूसरों का देखकर खुश होते हैं।

 

(i) 'हमें अपने रंगों का पता नहीं है' - से अभिप्राय है - [1 Mark]
(A) अपने स्वभाव का ज्ञान नहीं है।
(B) जीवन की विविधता का ज्ञान नहीं है।
(C) अपनी विशेषताओं का ज्ञान नहीं है।
(D) अपनी परंपराओं का ज्ञान नहीं है।

Answer: (C) अपनी विशेषताओं का ज्ञान नहीं है।

Teacher's Note:
a) 'रंगों' शब्द का प्रतीकात्मक अर्थ 'विशेषताओं' से जोड़कर समझें।
b) गद्यांश की पहली पंक्ति को ध्यान से पढ़ें, वहीं से उत्तर मिलता है।

 

(ii) 'हम भूल जाते हैं कि जीवन बहुरंगी है' - पंक्ति में जीवन के बहुरंगी होने का अर्थ है - [1 Mark]
(A) जीवन का रंग-बिरंगा होना
(B) जीवन में दुख-तकलीफ का होना
(C) जीवन में सुख-दुख का होना
(D) जीवन का बहुत विशाल होना

Answer: (C) जीवन में सुख-दुख का होना

Teacher's Note:
a) आगे के गद्यांश में सुख-दुख के रंगों का उल्लेख इस उत्तर की पुष्टि करता है।
b) प्रसंग के अनुसार अर्थ निकालने का अभ्यास करें।

 

(iii) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए। [1 Mark]
कथन : प्रकृति के कई रंग हैं और रंगों में कोई होड़ नहीं है।
कारण : प्रकृति सहज ही एक दिन में कई रंग बदलती है।

(A) कारण सही है किंतु कथन गलत है।
(B) कथन तथा कारण दोनों गलत हैं।
(C) कथन तथा कारण दोनों सही हैं किंतु कारण कथन की गलत व्याख्या करता है।
(D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है।

Answer: (C) कथन तथा कारण दोनों सही हैं किंतु कारण कथन की गलत व्याख्या करता है।

Teacher's Note:
a) दोनों कथनों की सत्यता जाँचने के बाद उनके बीच के संबंध को परखें।
b) यह भूल न करें कि दोनों सही होने का मतलब हमेशा सही व्याख्या नहीं होता।

 

(iv) प्रकृति के माध्यम से लेखक हमें क्या संदेश देना चाहता है ? [1 Mark]

Answer: सुख-दुख से भरे जीवन से संतुष्ट होना और दूसरों को देखकर खुश होना ही जीवन का असली संदेश है।

Teacher's Note:
a) गद्यांश की अंतिम पंक्ति से सीधा उत्तर मिलता है।
b) संतोष और तुलना न करने के भाव को रेखांकित करें।

 

(v) रे विलियम्स के अनुसार जीवन की जटिलता का क्या कारण है ? [2 Marks]

Answer:
1. जीवन में नकारात्मक भावों को स्थान देना।
2. जो उपलब्ध है उसके बारे में ध्यान न देकर अभावों के विषय में सोचते रहना।

Teacher's Note:
a) 'नकारात्मक घेराबंदी' शब्द को उद्धृत करें।
b) दोनों बिंदु स्पष्ट रूप से अलग-अलग लिखें।

 

(vi) 'दो रंग जुड़ते हैं तो एक नया ही रंग बन जाता है' - पंक्ति का क्या आशय है ? [2 Marks]

Answer:
1. दो भिन्न-भिन्न स्वभाव और प्रकृति वाले व्यक्तित्व परस्पर मिलकर रचनात्मक ऊर्जा से जीवन को एक नया आयाम देते हैं।
2. दूसरों पर अपने विचारों को थोपने की अपेक्षा परस्पर सहयोग की भावना रखनी चाहिए।

Teacher's Note:
a) 'सहयोग' शब्द को केंद्र में रखकर उत्तर लिखें।
b) उदाहरण देकर उत्तर को और स्पष्ट किया जा सकता है।

 

(vii) 'प्रकृति हर दिन होली खेलती है' - से क्या अभिप्राय है ? इसके माध्यम से क्या संदेश दिया गया है ? [2 Marks]

Answer:
1. अभिप्राय - प्रकृति का पल-पल परिवर्तित होना।
2. संदेश - गतिशील जीवन में दुख-दर्द का स्थायी न होना।

Teacher's Note:
a) अभिप्राय और संदेश दोनों को अलग-अलग स्पष्ट करें।
b) 'होली खेलना' मुहावरे के प्रतीकात्मक अर्थ को समझें।

 

2. निम्नलिखित पद्यांश पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए : [8 Marks]

है दीप एक पर मोल सूर्य से भी भारी
है व्यक्ति एक वर्तिका, दीप धरती सारी
देखो न दुखी हो व्यक्ति, उठे इंसानी लौ,
वनखंड जलाती सिर्फ एक ही चिनगारी।
है झंझापथ, पद आहत, दीपक मद्धिम है
संघर्ष, रातकाली, मंजिल पर रिमझिम है
लेकिन पुकारता आ पहुँचा युग इंसानी
दो कदम रह गया स्वर्ग चढ़ाई अन्तिम है।
दीपक, तेरे नीचे घिर रहा अँधेरा है
सोने की चमक तले अनीति का डेरा है
तू इंसानी जीवन की रात मिटा, वरना
इंसान स्वयं बनकर आ रहा सवेरा है।

 

(i) 'है दीप एक ....... सूर्य से भी भारी' - पंक्ति का आशय है - [1 Mark]
(A) एक अकेला शोषित व्यक्ति, संपूर्ण शोषक वर्ग से शक्तिशाली है।
(B) अकेला दीपक सूर्य के प्रकाश से अधिक प्रकाश प्रदान करने में सक्षम है।
(C) एक अकेला प्रकाश का स्रोत सूर्य से अधिक मूल्यवान है।
(D) दीपक सूर्य की ऊर्जा से अधिक ऊर्जा अपने भीतर रखता है।

Answer: (A) एक अकेला शोषित व्यक्ति, संपूर्ण शोषक वर्ग से शक्तिशाली है।

Teacher's Note:
a) 'दीप' और 'सूर्य' के प्रतीकात्मक अर्थ - शोषित और शोषक वर्ग को समझें।
b) कविता के भाव-सार पर आधारित प्रश्न में प्रतीकों की पहचान जरूरी है।

 

(ii) 'इंसानी जीवन की रात मिटा' - से क्या अभिप्राय है ? [1 Mark]
(A) शोषित वर्ग के जीवन से रात्रि को दूर करना
(B) शोषित वर्ग के घरों को प्रकाशित करना
(C) इंसानों के जीवन से अंधकार को दूर करना
(D) शोषित वर्ग के अभावों को दूर कर, उन्हें अधिकार देना

Answer: (D) शोषित वर्ग के अभावों को दूर कर, उन्हें अधिकार देना

Teacher's Note:
a) 'रात' शब्द शोषण और अभाव का प्रतीक है, इसे न भूलें।
b) सतही अर्थ की बजाय गहरे भाव पर ध्यान दें।

 

(iii) कॉलम-1 को कॉलम-2 से सुमेलित कीजिए और सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए : [1 Mark]
कॉलम-1: (क) मद्धिम दीपक | (ख) झंझापथ | (ग) आहत पद
कॉलम-2: (1) लक्ष्य प्राप्ति के सीमित साधन | (2) विपरीत परिस्थितियाँ | (3) घायल अंग

(A) क-2, ख-3, ग-1
(B) क-1, ख-2, ग-3
(C) क-3, ख-1, ग-2
(D) क-1, ख-3, ग-2

Answer: (B) क-1, ख-2, ग-3

Teacher's Note:
a) प्रत्येक शब्द का अलग-अलग प्रतीकात्मक अर्थ समझकर मिलान करें।
b) 'झंझापथ' का अर्थ - तूफानी/विपरीत मार्ग याद रखें।

 

(iv) 'इंसान स्वयं सवेरे का रूप धारण कर आ रहा है' - पंक्ति के माध्यम से किसे क्या चेतावनी दी गई है ? [1 Mark]

Answer: किसे - शोषक वर्ग को; चेतावनी - अत्याचार रूपी अंधकार का अंत करने के लिए शोषित व्यक्ति स्वयं शक्ति रूपी सवेरा बनकर आ रहा है।

Teacher's Note:
a) 'किसे' और 'चेतावनी' दोनों भागों को अलग-अलग लिखें।
b) आधा अंक प्रत्येक भाग के लिए मिलता है, इसे ध्यान रखें।

 

(v) 'वनखंड जलाती है एक चिनगारी' - पंक्ति से क्या अभिप्राय है ? [2 Marks]

Answer:
1. शोषित व्यक्ति की शक्ति और सामर्थ्य को कम नहीं आँकना चाहिए।
2. विरोध का पहला स्वर ही शोषण के अंत की शुरुआत होता है, जैसे एक छोटी-सी चिंगारी संपूर्ण वन-प्रदेश को जलाने में सक्षम है।

Teacher's Note:
a) चिंगारी का प्रतीक - विरोध की पहली आवाज़ है।
b) उदाहरण के साथ बिंब स्पष्ट करें।

 

(vi) 'इंसानी युग आने और स्वर्ग के दो कदम दूर रह जाने' - से क्या आशय है ? [2 Marks]

Answer:
1. मानव का शोषण के अंत के बहुत निकट पहुँच जाना।
2. जीवन की कठिनाइयों का अंत कर आदर्श समाज की स्थापना के करीब पहुँचना।

Teacher's Note:
a) 'स्वर्ग' आदर्श समाज का प्रतीक है, इसे स्पष्ट करें।
b) आशा और निकटता के भाव को उत्तर में उभारें।

 

SECTION B (खंड - ख)

 

3. निम्नलिखित दिए गए विषयों में से किसी एक विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए : [6 Marks]
(i) राजमार्ग (हाईवे) पर पिताजी की गाड़ी का अचानक बंद हो जाना
(ii) बड़े भाई / बहन की शादी में मेरी भूमिका
(iii) जीव-जंतुओं का घटता संसार

Answer: (विषय i पर आधारित) पिछले रविवार हम सब परिवार सहित मामा के घर जा रहे थे। राजमार्ग पर तेज़ रफ़्तार से गाड़ी चल रही थी कि अचानक इंजन से अजीब आवाज़ आने लगी और पिताजी ने गाड़ी सड़क किनारे रोक दी। हम सब घबरा गए क्योंकि आसपास कोई मैकेनिक की दुकान नहीं थी। पिताजी ने धैर्य नहीं खोया और सड़क सुरक्षा ऐप से पास के मैकेनिक को बुलाया। तब तक हमने ट्रैफिक पुलिस को सूचित कर गाड़ी के पीछे चेतावनी त्रिकोण भी लगा दिया। लगभग एक घंटे बाद मैकेनिक पहुँचा और पता चला कि रेडिएटर में पानी खत्म हो गया था। पानी भरते ही गाड़ी फिर से चालू हो गई। इस घटना ने हमें सिखाया कि यात्रा में धैर्य और सूझबूझ से हर समस्या का समाधान संभव है।

Teacher's Note:
a) आरंभ, विषय-वस्तु, भाषा और प्रस्तुति चारों पर अलग-अलग अंक मिलते हैं, इनका ध्यान रखें।
b) शब्द-सीमा (120 शब्द) के भीतर ही उत्तर लिखें।
c) घटना का क्रमबद्ध और रोचक वर्णन करें।

 

4. निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं चार प्रश्नों के लगभग 40 शब्दों में उत्तर दीजिए : [4 x 2 = 8 Marks]
(i) "जिन विचारों को कह डालना हमारे लिए कतई कठिन नहीं होता, उन्हें लिख डालने का निमंत्रण एक चुनौती की तरह लगता है" क्यों ? स्पष्ट कीजिए।
(ii) रेडियो नाटक में संवादों की भूमिका स्पष्ट कीजिए।
(iii) उलटा पिरामिड शैली के विकास की संक्षिप्त जानकारी दीजिए।
(iv) आर्थिक मामलों की पत्रकारिता की सबसे बड़ी चुनौती क्या है ?
(v) इलैक्ट्रॉनिक माध्यमों की तुलना में मुद्रित माध्यम के पाठकों को कौन-कौन सी सुविधाएँ उपलब्ध हैं ?

Answer (i): आत्मनिर्भर होकर लिखित रूप में अभिव्यक्ति का अभ्यास न करना और तैयारशुदा सामग्री की उपलब्धता पर निर्भर रहना ही इसका कारण है।

Teacher's Note:
a) 'रटंत विद्या' शब्द का प्रयोग करें।
b) अभ्यास की कमी को मुख्य बिंदु बनाएँ।

Answer (ii): संवादों से ही कहानी का विकास संभव होता है, पात्र-परिचय, संबंध, चारित्रिक विशेषताएँ एवं भावों की प्रस्तुति संवादों से ही होती है, दृश्य और परिवेश का वर्णन भी संवादों द्वारा किया जाता है।

Teacher's Note:
a) रेडियो माध्यम में दृश्य नहीं होते, यह विशेष बिंदु है।
b) संवाद ही एकमात्र माध्यम है, इसे रेखांकित करें।

Answer (iii): उलटा पिरामिड शैली की शुरुआत 19वीं सदी के मध्य में अमेरिका में हुए गृहयुद्ध के दौरान हुई। यह लेखन और संपादन में सुविधाजनक थी क्योंकि टेलीग्राफिक सेवाएँ महँगी, अनियमित और दुर्लभ थीं।

Teacher's Note:
a) समय और स्थान (19वीं सदी, अमेरिका) अवश्य लिखें।
b) टेलीग्राफ सेवा की कमी को कारण के रूप में जोड़ें।

Answer (iv): अर्थ जगत की पारिभाषिक और तकनीकी शब्दावली की दुरूहता तथा अर्थ जगत के क्षेत्र की व्यापकता के कारण सभी क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल करना कठिन होना ही सबसे बड़ी चुनौती है।

Teacher's Note:
a) 'दुरूहता' और 'व्यापकता' दोनों शब्दों का उपयोग करें।
b) उदाहरण देकर उत्तर को और सशक्त बनाया जा सकता है।

Answer (v): मुद्रित माध्यम स्थायित्व एवं प्रामाणिकता देता है, सस्ता और सहज उपलब्ध है, कभी-भी कहीं-भी पढ़ने की सुविधा देता है तथा खबरों पर रुककर चिंतन-विश्लेषण की सुविधा प्रदान करता है।

Teacher's Note:
a) कोई भी दो सुविधाएँ स्पष्ट रूप से लिखें।
b) इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से तुलना करके उत्तर दें।

 

5. निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 80 शब्दों में लिखिए : [2 x 4 = 8 Marks]
(i) व्यक्तिचित्र फीचर को रोचक, पठनीय और प्रभावशाली रूप में किस प्रकार तैयार किया जा सकता है ?
(ii) संवाददाता और विशेष संवाददाता के बीच के अंतर को उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
(iii) कहानी के पात्रों का नाट्य रूपांतरण किस प्रकार किया जा सकता है ?

Answer (i):
1. व्यक्ति विशेष की जीवन दिशा को बदलने वाली घटना से आरंभ करना चाहिए।
2. ताज़ा उपलब्धि के ब्योरे से शुरूआत करके पिछले जीवन के संघर्षों की ओर मोड़ना चाहिए।
3. व्यक्ति से परिचित विशेषज्ञों के दिलचस्प वक्तव्यों को उद्धृत करना चाहिए।
4. जीवन के अहम क्षणों की घटनाओं को उन्हीं के शब्दों में प्रस्तुत करना चाहिए।

Teacher's Note:
a) कोई चार बिंदु स्पष्ट क्रम में लिखें।
b) फीचर लेखन की रोचकता पर विशेष ध्यान दें।

OR

Answer (ii):
1. संवाददाता सामान्य घटना अथवा समाचार (बीट) को कवर करने वाला होता है।
2. विशेष संवाददाता विशिष्ट क्षेत्र या विषय पर गहन जानकारी और विश्लेषण के साथ विशेषीकृत रिपोर्टिंग करता है।
3. उदाहरण - शेयर बाज़ार में गिरावट के लिए संवाददाता एक तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार करता है, जबकि विशेष संवाददाता उस गिरावट के कारणों और निवेशकों पर पड़ने वाले प्रभाव का विश्लेषण करता है।

Teacher's Note:
a) अंतर स्पष्ट करने के बाद उदाहरण अवश्य दें।
b) दोनों भागों के लिए अलग-अलग अंक निर्धारित हैं।

OR

Answer (iii):
1. दृश्यात्मकता का नाटक के पात्रों से मेल करना चाहिए।
2. पात्रों की भाव-भंगिमाओं और तौर-तरीकों से प्रभाव उत्पन्न करना चाहिए।
3. पात्रों के मनोभावों को स्वगत कथन या वायस ओवर के माध्यम से प्रस्तुत करना चाहिए।
4. कहानी के लंबे संवादों को छोटा करना चाहिए।

Teacher's Note:
a) रूपांतरण के तकनीकी पक्षों (स्वगत कथन, वायस ओवर) का उल्लेख करें।
b) कोई चार बिंदु पर्याप्त हैं।

 

SECTION C (खंड - ग)

 

6. निम्नलिखित पठित काव्यांश पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : [5 x 1 = 5 Marks]

धूत कहौ, अवधूत कहौ, रजपूतु कहौ, जोलहा कहौ कोऊ।
काहूकी बेटी सो बेटा न ब्याहब, काहूकी जाति बिगार न सोऊ।।
तुलसी सरनाम गुलामु है राम को, जाको रुचै सो कहै कछु ओऊ।।
माँगि कै खैबौ, मसीत को सोइबो, लैबोको एकु न दैबको दोऊ।

 

(i) काव्यांश का वर्ण्य विषय है - [1 Mark]
(A) समाज की आर्थिक स्थिति का वर्णन
(B) जाति-पाँतिगत भेदभाव का वर्णन
(C) समाज में विद्यमान भेदभाव का वर्णन
(D) धर्म के नाम पर हो रहे आडंबरों का वर्णन

Answer: (B) जाति-पाँतिगत भेदभाव का वर्णन (the marking scheme also accepts option (C) समाज में विद्यमान भेदभाव का वर्णन)

Teacher's Note:
a) पद में जाति के आधार पर होने वाले भेदभाव का उल्लेख है।
b) दोनों विकल्प एक-दूसरे के पूरक हैं, इसे समझें।

 

(ii) 'काहूकी बेटी सो बेटा न ब्याहब' - पंक्ति के माध्यम से कटाक्ष किया गया है - [1 Mark]
(A) समाज में व्याप्त जाति व्यवस्था पर
(B) जाति आधारित वैवाहिक प्रथा पर
(C) पुरुष प्रधान समाज की मानसिकता पर
(D) समाज की विघटनकारी व्यवस्था पर

Answer: (B) जाति आधारित वैवाहिक प्रथा पर

Teacher's Note:
a) विवाह प्रसंग को केंद्र में रखकर उत्तर चुनें।
b) 'ब्याहब' शब्द से विवाह का संदर्भ स्पष्ट होता है।

 

(iii) तुलसीदास स्वयं को किसका दास मानते हैं ? [1 Mark]
(A) नियमों का
(B) परिस्थितियों का
(C) स्वयं का
(D) राम का

Answer: (D) राम का

Teacher's Note:
a) 'तुलसी सरनाम गुलामु है राम को' पंक्ति से सीधा उत्तर मिलता है।
b) कवि का नाम और भक्ति-भाव पर ध्यान दें।

 

(iv) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए : [1 Mark]
कथन : परंपरावादी एवं रूढ़िग्रस्त समाज में रहते हुए भी तुलसी निर्विकार जीवन व्यतीत कर रहे थे।
कारण : वे सामाजिक उत्तरदायित्वों से मुक्त थे।

(A) कथन तथा कारण दोनों गलत हैं।
(B) कारण सही है लेकिन कथन गलत है।
(C) कथन सही है लेकिन कारण कथन की गलत व्याख्या करता है।
(D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है।

Answer: (C) कथन सही है लेकिन कारण कथन की गलत व्याख्या करता है।

Teacher's Note:
a) तुलसी भक्ति के कारण निर्विकार थे, सामाजिक उत्तरदायित्व से मुक्ति के कारण नहीं।
b) कारण का कथन से सही जुड़ाव जाँचें।

 

(v) 'लैबोको एकु न दैबको दोऊ' - से आशय है - [1 Mark]
(A) न लेना एक न देना दो
(B) किसी से कोई बुरी बात न कहना
(C) किसी से कोई संबंध न रखना
(D) बिना वजह की मुसीबत होना

Answer: (C) किसी से कोई संबंध न रखना

Teacher's Note:
a) फकीरी जीवन में किसी से लेन-देन न रखना दर्शाया गया है।
b) शब्दार्थ की बजाय भावार्थ पर ध्यान दें।

 

7. निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के लगभग 60 शब्दों में उत्तर दीजिए : [2 x 3 = 6 Marks]
(i) 'आत्मपरिचय' कविता के आधार पर लिखिए कि जग की ओर ध्यान न देने वाला कवि जग-जीवन का भार लिए क्यों फिरता है ?
(ii) 'बात सीधी थी पर' कविता से उद्धृत पंक्ति 'भाषा को सहूलियत से बरतने' का अर्थ स्पष्ट करते हुए लिखिए कि कवि ने भाषा की सहजता पर क्यों बल दिया है ?
(iii) ''उषा' कविता में प्रात:कालीन आकाश में होने वाले सूर्योदय का गतिशील चित्रण हुआ है।' पुष्टि कीजिए।

Answer (i):
1. समाज से कवि का नाता खट्टा-मीठा है, जग-जीवन से पूरी तरह निरपेक्ष रहना संभव नहीं है।
2. कवि की अपनी अस्मिता और पहचान का उत्स उसका परिवेश ही है, इसलिए वह उससे जुड़ा रहता है।
3. अपना पृथक व्यक्तित्व रखते हुए भी कवि दुनिया से अपने द्विधात्मक और द्वंद्वात्मक संबंधों का मर्म उद्घाटित करता है।

Teacher's Note:
a) 'द्विधात्मक' और 'द्वंद्वात्मक' जैसे शब्द प्रयोग करें।
b) कवि और समाज के जटिल संबंध को स्पष्ट करें।

Answer (ii):
1. अर्थ - कथ्य के भाव के अनुरूप ही शब्दों का चयन करके भाषा को सहजता से बरतने पर रचना सहज बन जाती है और भाव संप्रेषित होता है।
2. क्यों - कठिन और बोझिल भाषा से अर्थग्रहण में कठिनाई होती है।
3. भाषा की सहजता से भावाभिव्यक्ति सरल और प्रभावी बनती है।

Teacher's Note:
a) अर्थ और कारण दोनों भागों को अलग-अलग स्पष्ट करें।
b) सहज भाषा के महत्व पर बल दें।

Answer (iii):
1. राख से चौके के लीपे जाने जैसा दृश्य आकाश में दिखता है।
2. काली सिल का लाल केसर से धुलना सूर्योदय की गति को दर्शाता है।
3. स्लेट पर लाल खड़िया चाक मलने और नीले जल में गौर झिलमिल देह के हिलने के बिंब गतिशीलता दर्शाते हैं।

Teacher's Note:
a) कोई तीन बिंब अवश्य उद्धृत करें।
b) प्रत्येक बिंब का क्रमिक परिवर्तन दिखाएँ, यही 'गतिशीलता' का प्रमाण है।

 

8. निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के लगभग 40 शब्दों में उत्तर दीजिए : [2 x 2 = 4 Marks]
(i) 'सदा पंक पर ही होता, जल विप्लव प्लावन' - पंक्ति में प्रयुक्त 'पंक' और 'विप्लव' शब्द की प्रतीकात्मकता स्पष्ट कीजिए।
(ii) 'कैमरे में बंद अपाहिज' कविता में 'यह अवसर खो देंगे' - पंक्ति में कौन से अवसर को खोने की बात कही जा रही है ? इससे मीडियाकर्मी के किस व्यवहार का पता लगता है ?
(iii) 'पतंग' कविता से उद्धृत पंक्ति - 'डाल की तरह लचीले वेग से' का आशय स्पष्ट कीजिए।

Answer (i): 'पंक' शोषक वर्ग (पूँजीपति, साधन-संपन्न) का प्रतीक है और 'विप्लव' क्रांति का प्रतीक है। जल-प्लावन हमेशा पंक पर आता है, अर्थात क्रांति से शोषक वर्ग का पतन होता है।

Teacher's Note:
a) दोनों शब्दों का अलग-अलग प्रतीकार्थ लिखें।
b) उदाहरण देकर स्पष्टीकरण पूरा करें।

Answer (ii): शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्ति द्वारा अपनी पीड़ा और तकलीफ को समाज तक पहुँचाने का अवसर खोने की बात कही गई है। इससे मीडियाकर्मी की संवेदनहीनता और कोरी व्यावसायिकता का पता चलता है।

Teacher's Note:
a) 'संवेदनहीनता' शब्द अवश्य लिखें।
b) मीडिया की व्यावसायिक प्रवृत्ति पर टिप्पणी करें।

Answer (iii): लचीली डाल की तरह पतंग उड़ाते बच्चे भी गतिशील रहते हैं और निडर होकर किसी भी दिशा में दौड़ लगाते हैं।

Teacher's Note:
a) 'लचीलापन' और 'निडरता' दोनों भावों को जोड़ें।
b) बालसुलभ चंचलता का चित्रण स्पष्ट करें।

 

9. निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्पों को चुनकर लिखिए : [5 x 1 = 5 Marks]

भक्तिन अच्छी है, यह कहना कठिन होगा, क्योंकि उसमें दुर्गुणों का अभाव नहीं। वह सत्यवादी हरिश्चंद्र नहीं बन सकती; पर 'नरो वा कुंजरो वा' कहने में भी विश्वास नहीं करती। मेरे इधर-उधर पड़े पैसे-रुपये, भंडार-घर की किसी मटकी में कैसे अंतरहित हो जाते हैं, यह रहस्य भी भक्तिन जानती है। पर, उस संबंध में किसी के संकेत करते ही वह उसे शास्त्रार्थ के लिए चुनौती दे डालती है, जिसको स्वीकार कर लेना किसी तर्क-शिरोमणि के लिए संभव नहीं। यह उसका अपना घर ठहरा, पैसा-रुपया जो इधर-उधर पड़ा देखा, सँभालकर रख लिया। यह क्या चोरी है! उसके जीवन का परम कर्तव्य मुझे प्रसन्न रखना है - जिस बात से मुझे क्रोध आ सकता है, उसे बदलकर इधर-उधर करके बताना, क्या झूठ है। इतनी चोरी और इतना झूठ तो धर्मराज महाराज में भी होगा, नहीं तो भगवान जी कैसे प्रसन्न रख सकते और संसार को कैसे चला सकते!

 

(i) गद्यांश में 'नरो वा कुंजरो वा' का उल्लेख किस संदर्भ में किया गया है ? [1 Mark]
(A) महाभारत के प्रसंग से अवगत कराने के लिए
(B) भक्तिन को युधिष्ठिर के समकक्ष रखने के लिए
(C) भक्तिन की चारित्रिक विशेषता स्पष्ट करने के लिए
(D) भक्तिन को युधिष्ठिर से श्रेष्ठ सिद्ध करने के लिए

Answer: (C) भक्तिन की चारित्रिक विशेषता स्पष्ट करने के लिए

Teacher's Note:
a) भक्तिन के स्वभाव की जटिलता को स्पष्ट करने हेतु यह उल्लेख हुआ है।
b) महाभारत के प्रसंग को केवल तुलना के लिए प्रयोग किया गया है।

 

(ii) भक्तिन घर में पड़े पैसों को मटकी में छिपाकर किस उद्देश्य से रखती थी ? [1 Mark]
(A) पैसों को सँभालकर रखने
(B) अन्य सेवकों की दृष्टि से बचाने
(C) आपातकाल में काम आने
(D) स्वयं को दूसरे से श्रेष्ठ समझने

Answer: (A) पैसों को सँभालकर रखने

Teacher's Note:
a) गद्यांश की पंक्ति 'सँभालकर रख लिया' से यह उत्तर स्पष्ट होता है।
b) भक्तिन के तर्क को ध्यान से समझें।

 

(iii) 'थोड़ा बहुत झूठ बोलना' के समर्थन में भक्तिन अपना आदर्श किसे मानती थी ? [1 Mark]
(A) हरिश्चंद्र
(B) यमराज
(C) युधिष्ठिर
(D) महादेवी

Answer: (B) यमराज

Teacher's Note:
a) 'धर्मराज महाराज' शब्द से यमराज का संकेत मिलता है।
b) पाठ में इसका सीधा उल्लेख है, इसे ध्यान से पढ़ें।

 

(iv) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए : [1 Mark]
कथन : भक्तिन अच्छी है, यह कहना कठिन होगा।
कारण : समय और परिस्थिति के अनुसार मूल तथ्यों में जोड़-घटाव करती थी।

(A) कथन तथा कारण दोनों गलत हैं।
(B) कारण सही है किंतु कथन गलत है।
(C) कथन सही है किंतु कारण कथन की गलत व्याख्या करता है।
(D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है।

Answer: (D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है।

Teacher's Note:
a) दोनों कथन एक-दूसरे को सही ढंग से स्पष्ट करते हैं।
b) गद्यांश की मूल भावना से यह पुष्टि होती है।

 

(v) महादेवी जी के क्रोध से बचने के लिए भक्तिन क्या करती थी ? [1 Mark]
(A) खूब मन लगाकर काम करती थी
(B) बातों को ढालकर बताती थी
(C) उनके सामने नहीं आती थी
(D) बातों को स्पष्ट रूप से बताती थी

Answer: (B) बातों को ढालकर बताती थी

Teacher's Note:
a) 'इधर-उधर करके बताना' पंक्ति से उत्तर स्पष्ट होता है।
b) भक्तिन की चतुराई को समझें।

 

10. निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के लगभग 60 शब्दों में उत्तर दीजिए : [2 x 3 = 6 Marks]
(i) 'लू में जाना हो तो पानी पीकर जाना चाहिए' - 'बाजार दर्शन' पाठ में यह वाक्य क्यों और किस संदर्भ में कहा गया ?
(ii) अनावृष्टि दूर करने के लिए गाँव के बच्चों और गाँव वालों द्वारा किए गए उपायों को आप कितना उचित मानते हैं ? 'काले मेघा पानी दे' पाठ के संदर्भ में तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए।
(iii) शिरीष के माध्यम से लेखक ने, 'कालजयी अवधूत की भाँति विपरीत परिस्थितियों में भी अविचल खड़े रहने की प्रेरणा दी है।' पुष्टि कीजिए।

Answer (i):
1. क्यों - लू के प्रभाव से बचने के लिए शरीर में तरलता आवश्यक होती है, उसी प्रकार बाज़ार की चकाचौंध से बचने के लिए मन का लक्ष्य से भरा होना आवश्यक है।
2. संदर्भ - बाज़ार को कृतार्थता और सार्थकता देने तथा लक्ष्य से भरे मन पर बाज़ार का प्रभाव न पड़ने देने के संदर्भ में यह वाक्य कहा गया है।

Teacher's Note:
a) 'लू' और 'बाज़ार की चकाचौंध' की तुलना स्पष्ट करें।
b) मन की स्थिरता को उत्तर का केंद्र बिंदु बनाएँ।

Answer (ii):
1. बच्चों की भोली आस्था और गाँव वालों की सामूहिक श्रद्धा वर्षा के लिए किए गए उपायों में झलकती है, जो सामाजिक एकता को दर्शाती है।
2. यद्यपि वैज्ञानिक दृष्टि से ये उपाय अंधविश्वास लग सकते हैं, परंतु सामूहिक आशा और परंपरा के प्रति श्रद्धा के रूप में इन्हें उचित माना जा सकता है।
3. यह प्रकृति और मानव के गहरे जुड़ाव को भी दर्शाता है।

Teacher's Note:
a) तर्कपूर्ण मुक्त उत्तर स्वीकार्य है, अपना पक्ष स्पष्ट रखें।
b) सामूहिकता और अंधविश्वास दोनों पहलुओं को छूएँ।

Answer (iii):
1. विपरीत परिस्थितियों का सामना कर अपना लक्ष्य प्राप्त करने की प्रेरणा शिरीष से मिलती है।
2. अवधूत की भांति संसार से विरक्त होकर सुख-दुख में समभाव रखने की सीख मिलती है।
3. शिरीष ग्रीष्म ऋतु में भी लू से जलने वाली धरती पर अविचल होकर हरा-भरा रहता है और छाया प्रदान करता है।

Teacher's Note:
a) 'अविचल' और 'अवधूत' शब्दों का प्रयोग अवश्य करें।
b) शिरीष के गुणों को मानवीय प्रेरणा से जोड़ें।

 

11. निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के लगभग 40 शब्दों में उत्तर दीजिए : [2 x 2 = 4 Marks]
(i) वैश्वीकरण के इस दौर में क्या भगत जी का चरित्र बाज़ार को सार्थकता और समाज में शांति स्थापित कर सकता है ? 'बाज़ार दर्शन' पाठ के आधार पर लिखिए।
(ii) 'शिरीष के फूल' पाठ में कबीर को शिरीष की भाँति क्यों बताया गया है ?
(iii) 'श्रम विभाजन और जाति प्रथा' पाठ से उद्धृत कथन 'दासता केवल कानूनी पराधीनता ही नहीं है' - का आशय स्पष्ट कीजिए।

Answer (i): हाँ, भगत जी की तरह बाज़ार के आकर्षण में न बँधकर, केवल आवश्यकता के अनुसार वस्तु खरीदने और संतोषी प्रवृत्ति अपनाने से बाज़ारूपन, छल-कपट और दिखावे की प्रवृत्ति पर विराम लग सकता है।

Teacher's Note:
a) 'संतोषी प्रवृत्ति' शब्द का प्रयोग अवश्य करें।
b) कोई दो बिंदु स्पष्ट रूप से लिखें।

Answer (ii): शिरीष के समान ही कबीर की मस्ती, फक्कड़पन, बेपरवाही और सरसता थी। संघर्षों का सामना करते हुए भी दोनों मस्त और बेपरवाह बने रहते थे।

Teacher's Note:
a) 'फक्कड़पन' शब्द दोनों के स्वभाव को जोड़ता है।
b) तुलना स्पष्ट रूप से दो पंक्तियों में करें।

Answer (iii): कुछ व्यक्तियों का दूसरे लोगों द्वारा निर्धारित व्यवहार एवं कर्तव्यों का पालन करने के लिए विवश होना तथा अपनी इच्छा के विरुद्ध पेशा अपनाना भी एक प्रकार की दासता है।

Teacher's Note:
a) 'सामाजिक दासता' की अवधारणा को स्पष्ट करें।
b) कानूनी और सामाजिक दासता के अंतर को समझाएँ।

 

12. निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के लगभग 100 शब्दों में उत्तर दीजिए : [2 x 5 = 10 Marks]
(i) 'यशोधर बाबू की यह विवशता है वह पुराने को अच्छा समझते हैं और वर्तमान से तालमेल नहीं बिठा पाते।' क्यों ? 'सिलवर वैडिंग' कहानी के इस कथन के संबंध में तर्कपूर्ण विचार दीजिए कि क्या उनका यह व्यवहार उचित है ?
(ii) 'जूझ' कहानी आज के युवाओं के लिए प्रतिकूल परिस्थितियों से संघर्ष करने की एक प्रेरक कथा है। उदाहरण सहित सिद्ध कीजिए।
(iii) सिंधु घाटी सभ्यता को 'जल-संस्कृति' लेखक ने किस आधार पर कहा है ? वर्तमान समय में जल संरक्षण क्यों आवश्यक है ?

Answer (i):
1. यशोधर बाबू किशनदा के आदर्शों से गहराई से प्रभावित थे।
2. पारंपरिक रीति-रिवाज एवं मान्यताओं में उनका दृढ़ विश्वास था।
3. वे आधुनिक जीवन शैली और नए मूल्यों को व्यर्थ मानते थे, इसलिए उनका पारिवारिक एवं कार्यालयी व्यवहार से असंतुष्ट रहना स्वाभाविक था।
4. उनका व्यवहार पूर्णतः उचित नहीं कहा जा सकता क्योंकि समय के साथ बदलाव को स्वीकार करना भी आवश्यक होता है।
5. फिर भी अपने मूल्यों के प्रति निष्ठा रखना उनके चरित्र की सराहनीय विशेषता है।

Teacher's Note:
a) कारण और तर्कपूर्ण विचार दोनों भागों को स्पष्ट रूप से लिखें।
b) परीक्षार्थी का अपना तर्कसंगत दृष्टिकोण भी स्वीकार्य है।

OR

Answer (ii):
1. यह कहानी कठिन परिस्थितियों से हार न मानकर संघर्ष करते हुए अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की प्रेरक कथा है।
2. पाठशाला जाने के लिए कथानायक आनंदा अपनी माँ और दत्ता जी राव के सहयोग से पिता को मनाता है।
3. वह खेतों में काम करते हुए भी अपनी पढ़ाई जारी रखता है।
4. सहपाठियों द्वारा उड़ाई जाने वाली खिल्ली को सहन करते हुए भी वह हार नहीं मानता।
5. सद्व्यवहार से वह अध्यापकों एवं सहपाठियों का दिल जीत लेता है और खेतों में काम करते हुए भी कविता लेखन का शौक पूरा करता है।

Teacher's Note:
a) आनंदा के संघर्ष के कम से कम पाँच उदाहरण दें।
b) कहानी को आज के युवाओं के लिए प्रेरणा के रूप में जोड़ें।

OR

Answer (iii):
1. आधार - सिंधु घाटी सभ्यता में नदी का विशेष महत्व था और जल की समुचित व्यवस्था की गई थी।
2. वहाँ लगभग 700 कुँओं का निर्माण किया गया था तथा महाकुंड एवं स्नानागार भी बनाए गए थे।
3. क्यों - आज विश्व में जल-संकट गहराता जा रहा है और आबादी के अनुपात में जल संसाधनों की कमी हो रही है।
4. जल प्रदूषित हो रहा है, जिससे स्वच्छ जल की उपलब्धता घट रही है।
5. जलवायु परिवर्तन और बढ़ते तापमान के कारण ग्लेशियर पिघल रहे हैं, इसलिए जल संरक्षण आवश्यक है।

Teacher's Note:
a) आधार और कारण दोनों भागों को स्पष्ट रूप से अलग करें।
b) आधुनिक जल संकट को सिंधु घाटी की व्यवस्था से जोड़कर लिखें।

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