CBSE Class 9 Sanskrit Practice Worksheet Set 05

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खण्ड: (क) अपठित - अवबोधनम्

1. अधोलिखितं अनुच्छेदं पठित्वा निर्देशानुसारं अनुच्छेदआधारितानां प्रश्नानां उत्तराणि लिखत-
भारतीयेषु पुराणेसु सर्वदेवमयी गौरित्यद्घोषितं माaste। माता तु उत्पन्नस्य बालकं त्रिवर्षपर्यन्तमेव दुग्धं पाययति तदनन्तरं तु आजीवनं दुग्धं वयं गोरैव लभामहे। अतएव गौः मानवसमाजस्य धात्री अस्ति। अथर्ववेदे कथितमस्ति यत् गोमातुः शरीरे सर्वे देवाः निवसन्ति। आर्यसमाजस्य जनकः स्वामी दयानन्दः 'गौः करुणानिधिः' इत्यस्मिन् पुस्तिकायां गोमहत्वं व्यज्ञापयत्। गोदुग्धं अमृतमिव भवति सर्वे जानन्ति एव गोमूत्रे "नाइड्रोक्स सलफर, अमोनिया गैस, ताँबा,लोहा, आदायः तत्वाः भवन्ति। गोमूत्रेण असाध्याः रोगाः नश्यन्ति। पञ्चगव्यैः (दुग्ध, घृत, दधि, गोमय, गोमूत्र) बहुनि उपचारानि भवन्ति। अद्यापि भारतीयः सर्वेषु धार्मिककार्येषु ग्व़ामेव दानं कुर्वन्ति अतएव गौः भारतस्य महत्वपूर्ण सम्पत्तिरवर्त्तते। तस्याः गोसम्पत्तेः सुरक्ष्कीय भारतीयनामनावश्यकं कर्त्तव्यं वर्त्तते। यतोहि वयं जानीमः एव - "गावो विश्वस्य मातरः" ।
Answer: (अधोलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नोत्तर नीचे दिए गए हैं)
In simple words: गौ (गाय) भारतीय संस्कृति में अत्यंत पूजनीय और महत्वपूर्ण है, जो हमें आजीवन दूध और स्वास्थ्य प्रदान करती है।

Exam Tip: अपठित गद्यांश आधारित प्रश्नों के उत्तर देने से पूर्व गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ना आवश्यक है।

 

I. एकपदेन उत्तरत-
(i) बहुनि उपचारानि कैः भवन्ति?
Answer: पञ्चगव्यैः
In simple words: उपचार पञ्चगव्यों से होते हैं।

Exam Tip: एकपद प्रश्नों में उत्तर केवल एक शब्द में लिखें।

 

(ii) 'गौः करुणानिधिः' पुस्तिकायां गोमहत्वं कः व्यज्ञापयत्?
Answer: स्वामी दयानन्दः
In simple words: इस पुस्तिका के रचयिता स्वामी दयानन्द हैं।

Exam Tip: नाम या व्यक्ति विशेष का उत्तर सटीक होना चाहिए।

 

(iii) असाध्याः रोगाः केन नश्यन्ति?
Answer: गोमूत्रेण
In simple words: असाध्य रोग गोमूत्र से नष्ट होते हैं।

Exam Tip: कारक चिन्हों का विशेष ध्यान रखें।

 

(iv) गौः मानवसमाजस्य का अस्ति?
Answer: धात्री
In simple words: गाय मानव समाज की पालनहार (धात्री) है।

Exam Tip: गद्यांश की पंक्ति "अतएव गौः मानवसमाजस्य धात्री अस्ति" से उत्तर चुनें।

 

II. पूर्णवाक्येन उत्तरत-
(i) अथर्ववेदे किं कथितम् अस्ति?
Answer: अथर्ववेदे कथितमस्ति यत् गोमातुः शरीरे सर्वे देवाः निवसन्ति।
In simple words: अथर्ववेद में कहा गया है कि गाय के शरीर में सभी देवता निवास करते हैं।

Exam Tip: पूर्ण वाक्य में उत्तर लिखते समय प्रश्नवाचक शब्द को हटाकर सही तथ्य जोड़ें।

 

(ii) भारतीयेशु पुराणेसु किम् उद्घोषितमास्ते?
Answer: भारतीयेषु पुराणेसु सर्वदेवमयी गौरित्यद्घोषितं मास्ते।
In simple words: भारतीय पुराणों में गाय को सर्वदेवमयी घोषित किया गया है।

Exam Tip: गद्यांश की आरंभिक पंक्तियों से सटीक वाक्य लिखें।

 

III. निर्देशानुसारं प्रदत्तविकल्पेभ्यः उचितं उत्तरं चित्वा लिखत -
(i) गोमूत्रेण असाध्याः रोगाः नश्यन्ति। अस्मिन् वाक्ये विशेषणपदम् किम्?
(अ) गोमूत्रेण
(ब) असाध्याः
(स) रोगाः
(द) नश्यन्ति
Answer: (ब) असाध्याः
In simple words: 'असाध्याः' शब्द रोगों की विशेषता बता रहा है।

Exam Tip: विशेषण पद संज्ञा की विशेषता बतलाता है।

 

(ii) पुस्तिकायाम् पदे का विभक्तिः?
(अ) द्वितीया
(ब) तृतीया
(स) सप्तमी
(द) सम्बोधन
Answer: (स) सप्तमी
In simple words: 'पुस्तिकायाम्' शब्द में सप्तमी विभक्ति एकवचन है।

Exam Tip: आकारान्त स्त्रीलिंग शब्दों के सप्तमी विभक्ति एकवचन में 'याम्' प्रत्यय होता है।

 

(iii) 'निवसन्ति' इति क्रियापदस्य किं कर्तृपदं अनुच्छेदे प्रयुक्तम्?
(अ) अथर्ववेदे
(ब) गोमातुः
(स) शरीरे
(द) देवाः
Answer: (द) देवाः
In simple words: 'देवाः' इस क्रिया का कर्ता पद है।

Exam Tip: क्रियापद के साथ 'कः/के' लगाकर कर्तृपद ज्ञात किया जाता है।

 

(iv) साध्याः इत्यस्य किं विलोमपदं अनुच्छेदे प्रयुक्तम्?
(अ) असाध्यायाः
(ब) असाध्याः
(स) धात्री
(द) गोमयः
Answer: (ब) असाध्याः
In simple words: 'साध्य' का विलोम 'असाध्य' होता है।

Exam Tip: विलोम शब्दों का चयन गद्यांश के संदर्भ के अनुसार ही करें।

 

IV. अस्य गद्यांशस्य समुचितं शीर्षकं किम्?
(अ) 'गौः करुणानिधिः'
(ब) गोपालकः
(स) गोमहिमा
(द) गोमातुः शरीरे
Answer: (स) गोमहिमा
In simple words: संपूर्ण गद्यांश गाय के महत्व और महिमा पर आधारित है।

Exam Tip: शीर्षक पूरे गद्यांश के केंद्रीय भाव को दर्शाता है।

 

खण्ड: (ख) रचनात्मकं कार्यम्

2. संगणककक्षायां प्रवेशं प्राप्त्तु प्रधानाचार्यं प्रति एकं प्रार्थनापत्रं। लिखिते प्रार्थनापत्रे रिक्तस्थानानि उचितपदैः पूरयत्-
देववाणी भवनम्
तिथिः 1. आदरणीयैः
1. मान्याः प्रधानाचार्यवर्याः,
2. सधन्यवादम्
सविनयं निवेदयามि यत् अहं 3. दशम कक्षायां 90 प्रतिशतअंकान् गृहीत्वा उत्तीर्णः जातः। अधुना अहं 4. संगणककक्षायां प्रवेष्टुम् इच्छामि। गणितविषये तु 5. मया सर्वदा शतप्रतिशतम् 6. अंकाः गृह्यन्ते। अद्यत्वे सर्वेषु कार्येषु 7. संगणकम् अनिवार्यम्। कृपया मह्यं 8. स्वीकृतिं प्रदाय 9. भवन्तः माम् अनुगृह्णन्तु। 10. लोकाः
प्रार्थी
अ. ब. स.
मंजूषा - मान्याः, सधन्यवादम्, आदरणीयैः, स्वीकृतिं, अंकाः, संगणककक्षायां, दशम, मया, संगणकम्, भवन्तः
Answer: 1. आदरणीयैः, 2. मान्याः, 3. दशम, 4. संगणककक्षायां, 5. मया, 6. अंकाः, 7. संगणकम्, 8. स्वीकृतिं, 9. भवन्तः, 10. सधन्यवादम्
In simple words: प्रार्थनापत्र में रिक्त स्थानों को मंजूषा के उचित पदों द्वारा भरा गया है।

Exam Tip: पत्र लेखन में औपचारिकता और व्याकरण का विशेष ध्यान रखें।

 

3. मंजूषायां प्रदत्त-शब्दानां सहायतया चित्रं दृष्ट्वा चत्वारि वाक्यानि संस्कृतेन लिखत्-
मंजूषा - क्रीडन्ति, पादकन्दुकम्, पक्षिणः, आनन्दवर्धकः, श̧षकः, वृक्षाः, कूर्दति, पठति, वातावरणं, केका, सावधानাঃ
Answer:
1. बालकाः क्रीडाक्षेत्रे पादकन्दुकं क्रीडन्ति。
2. वृक्षे वानरः फलानि खादति कूर्दति च。
3. बालिका आसने उपविश्य पुस्तकं पठति。
4. उद्याने सुन्दरं वातावरणं अस्ति。
In simple words: चित्र को देखकर मंजूषा की सहायता से सरल संस्कृत वाक्य बनाए गए हैं।

Exam Tip: चित्र वर्णन में लट्लकार (वर्तमान काल) का प्रयोग करना चाहिए।

 

खण्ड: (ग) अनुप्रयोगयुक्त व्याकरणम्

4. अधोलिखितप्रश्नानाम उत्तराणि उत्तरपुस्तिकायां लिखत।
(i) 'ज'वर्णस्य उच्चारणस्थानं किम् अस्ति?
(अ) कण्ठः
(ब) दन्ताः
(स) तालुः
(द) मूर्धा
Answer: (स) तालुः
In simple words: 'इचुयशानां तालु' सूत्र के अनुसार च वर्ग का उच्चारण स्थान तालु है।

Exam Tip: उच्चारण स्थान के सूत्र कंठस्थ रखें।

 

(ii) निम्नवर्णेषु कः वर्णः कण्ठ्यः अस्ति?
(अ) ग्
(ब) च्
(स) ट्
(द) प्
Answer: (अ) ग्
In simple words: 'अकुहविसर्जनानां कण्ठः' के अनुसार क वर्ग कण्ठ्य है।

Exam Tip: क वर्ग (क, ख, ग, घ, ङ) कण्ठ्य वर्ण होते हैं।

 

(iii) प्रदत्तविकल्पेभ्यः उचितम् उत्तरं चित्वा रिक्तस्थानं पूरयत।
कार्यम् = क् + आ + ...... + य् + अ म्
(अ) र्
(ब) र
(स) र्य्
(द) य
Answer: (अ) र्
In simple words: 'कार्यम्' शब्द का वर्ण-विच्छेद 'क् + आ + र् + य् + अ + म्' होता है।

(iv) प्रदत्तविकल्पेभ्यः उचितम् उत्तरं चित्वा वर्णसंयोजनं कुरु।
ख् + अ + च् + छ् + अ + स् + इ
(अ) गच्छसि
(ब) गछ्च्छसि
(स) गच्छंसि
(द) गच्छसि
Answer: (द) गच्छसि
In simple words: इन वर्णों को मिलाने पर 'गच्छसि' शब्द बनता है।

Exam Tip: वर्णों को मिलाते समय हलंत और स्वरों की मात्राओं का ध्यान रखें।

 

5. प्रदत्तविकल्पेभ्यः उचितम् उत्तरं चित्वा संधि संधिच्छेदं वा कुरुत -
(i) सः प्रतिदिनं देवालयं गच्छति।
(अ) देव + लयं
(ब) देवाः + लयं
(स) देव + लयम्
(द) देव + आलयम्
Answer: (द) देव + आलयम्
In simple words: देव + आलयम् = देवालयम् (दीर्घ स्वर संधि)।

Exam Tip: दीर्घ संधि में अ/आ के बाद अ/आ मिलकर आ हो जाते हैं।

 

(ii) रमेशः असत्यं न वदति।
(अ) रम + ऐषः
(ब) रम + एषः
(स) रमा + ईशः
(द) रमा + एषः
Answer: (स) रमा + ईशः
In simple words: रमा + ईशः = रमेशः (गुण स्वर संधि)।

Exam Tip: आ + ई = ए होता है (गुण संधि)।

 

(iii) अचिर्रेणक एव कालेन त्वया यशः अर्जितः।
(अ) अचिर्रेणव
(ब) अचिर्रेणैव
(स) अचिरैणिको
(द) अचिर्रेणबो
Answer: (ब) अचिर्रेणैव
In simple words: अचिर्रेण + एव = अचिर्रेणैव (वृद्धि संधि)।

Exam Tip: अ/आ के बाद ए/ऐ आने पर ऐ बनता है।

 

(iv) अतिथीनां गृहे सर्वदा सु + आगतं करणीयम्।
(अ) सु + आगतं
(ब) स्वागतं
(स) स्व + आगतं
(द) स्वा + गतं
Answer: (ब) स्वागतं
In simple words: सु + आगतम् = स्वागतम् (यण् संधि)।

Exam Tip: उ/ऊ के बाद भिन्न स्वर आने पर व् बनता है।

 

(v) सूर्योदये सूर्यार्घ्यं अवश्यं दातव्यम्।
(अ) सूर्यो + दये
(ब) सूर्योदये + ऐ
(स) सूर्य + उदये
(द) सूर्योदये + अयै
Answer: (स) सूर्य + उदये
In simple words: सूर्य + उदये = सूर्योदये (गुण संधि)।

Exam Tip: अ + उ = ओ होता है।

 

(vi) सुधे! कथं त्वं विलम्बादागता?
(अ) विलम्बा + दागता
(ब) विलम्बादाग + र्ता
(स) विलम्बाट + अगृता
(द) विलम्बात् + आगता
Answer: (द) विलम्बात् + आगता
In simple words: विलम्बात् + आगता = विलम्बादागता (जश्त्व संधि)।

Exam Tip: त् के स्थान परद् हुआ है।

 

(vii) वने मृगाश्चरन्ति।
(अ) मृगाः + चरन्ति
(ब) मृगाश्च + रन्ति
(स) मृगाश्चरन्त् + इ
(द) मृगा + श्चरन्ति
Answer: (अ) मृगाः + चरन्ति
In simple words: मृगाः + चरन्ति = मृगाश्चरन्ति (विसर्ग संधि - श्चुत्व)।

Exam Tip: विसर्ग के बाद च आने पर श बनता है।

 

(viii) अहं सम्प्रति जनसञ्चारवाण्या वार्तालापे तत् + लीनः अस्मि।
(अ) तल्लीनः
(ब) तत् + लीनः
(स) तदलीयः
(द) तर्लीनः
Answer: (अ) तल्लीनः
In simple words: तत् + लीनः = तल्लीनः (परसवर्ण संधि)।

Exam Tip: त् के बाद ल आने पर ल् बनता है।

 

(ix) बालगत्र पठति।
(अ) बाल्स् + तत्र
(ब) बालस्त + त्र
(स) बाल + स्तत्र
(द) बालः + तत्र
Answer: (द) बालः + तत्र
In simple words: बालः + तत्र = बालस्तत्र (विसर्ग संधि)।

Exam Tip: विसर्ग के बाद त आने पर स् बनता है।

 

(x) विद्यार्थिनः ब्रह्ममुहूर्ते उत्तिष्ठन्ति।
(अ) विद्या + स्थिनः
(ब) विद्या + अर्थिनः
(स) विद्यार्थि + नः
(द) विद्यार् + स्थिनः
Answer: (ब) विद्या + अर्थिनः
In simple words: विद्या + अर्थिनः = विद्यार्थिनः (दीर्घ संधि)।

Exam Tip: आ + अ = आ (दीर्घ संधि)।

 

6. अधोलिखितंषु उचितम्विभक्तिपदं चित्वा वाक्यपूर्तिं कुरुत् -
(i) ......................... नाम किम् ?
(अ) त्वं
(ब) तव
(स) त्वेम्
(द) तुभ्यम्
Answer: (ब) तव
In simple words: 'तव नाम किम्' (आपका नाम क्या है) सही प्रयोग है।

Exam Tip: संबंध कारक (षष्ठी विभक्ति) में 'तव' का प्रयोग होता है।

 

(ii) गीता ......................................... अस्ति।
(अ) महाभारतस्याः
(ब) महाभारतम्र्
(स) महाभारते
(द) महाभारताः
Answer: (स) महाभारते
In simple words: गीता महाभारत में (अधिकरण) है।

Exam Tip: स्थान या ग्रंथ के भीतर होने पर सप्तमी विभक्ति होती है।

 

(iii) ........................................ अत्र आगच्छ।
(अ) बालकात्
(ब) हे बालको
(स) हे बालकः
(द) हे बालक!
Answer: (द) हे बालक!
In simple words: संबोधन एकवचन 'हे बालक!' का प्रयोग हुआ है।

(iv) ............................ प्रमादं न करणीयम्।
(अ) स्वाध्यायात्
(ब) स्वाध्याया
(स) स्वाध्यायेन
(द) स्वाध्यायम्
Answer: (अ) स्वाध्यायात्
In simple words: 'स्वाध्यायात् प्रमादः न कर्तव्यः' (स्वाध्याय से प्रमाद न करें)।

Exam Tip: प्रमाद के योग में पञ्चमी विभक्ति होती है।

 

(v) जयतु ............................ वन्दे मातरम्।
(अ) भारतं
(ब) भारतौ
(स) भारतस्य
(द) भारते
Answer: (अ) भारतं
In simple words: 'जयतु भारतम्' (भारत की जय हो) सही कर्म है।

Exam Tip: जयतु क्रिया के साथ द्वितीया विभक्ति का प्रयोग होता है।

 

(vi) सदा वदाम ..................................................... ?
(अ) संस्कृताः
(ब) संस्कृतस्य
(स) संस्कृत
(द) संस्कृतम्
Answer: (द) संस्कृतम्
In simple words: 'संस्कृतं वद' (संस्कृत बोलो)।

Exam Tip: बोलने की क्रिया में कर्म के रूप में द्वितीया विभक्ति होती है।

 

(vii) वने .......................... चरन्ति।
(अ) मृगौ
(ब) मृगः
(स) मृगाः
(द) मृगा
Answer: (स) मृगाः
In simple words: क्रिया 'चरन्ति' बहुवचन है, अतः कर्ता 'मृगाः' बहुवचन होगा।

Exam Tip: कर्ता और क्रिया का वचन समान होना चाहिए।

 

(viii) माता गच्छति।
(अ) मन्दिरं
(ब) मन्दिरः
(स) मन्दिरणेन
(द) मन्दिरात्
Answer: (अ) मन्दिरं
In simple words: माता मंदिर जाती है (गति के अर्थ में द्वितीया विभक्ति)।

Exam Tip: गंतव्य स्थान (जहाँ जाया जाए) में द्वितीया विभक्ति होती है।

 

(ix) आज्ञा हि अविचारणीयः।
(अ) गुरुम्
(ब) गुरौ
(स) गुरुः
(द) गुरूणाम्
Answer: (द) गुरूणाम्
In simple words: गुरुओं की आज्ञा अविचारणीय होती है (षष्ठी बहुवचन)।

Exam Tip: संबंध दर्शाने के लिए षष्ठी विभक्ति का प्रयोग होता है।

 

(x) वृक्षात् पतन्ति।
(अ) पत्राः
(ब) पत्राणि
(स) पत्रेम्
(द) पत्राणाम्
Answer: (ब) पत्राणि
In simple words: वृक्ष से पत्ते गिरते हैं (बहुवचन - पत्राणि)।

Exam Tip: अपादान कारक में अलग होने वाली वस्तु के अनुसार वचन तय होता है।

 

7. अधः प्रदत्तैः उचितैः धातु रूपैः रिक्तस्थानि पूरयत् -
(i) त्वम् कुत्र ..................................................... ?
(अ) पठति
(ब) पठतः
(स) पठसि
(द) पठामि
Answer: (स) पठसि
In simple words: 'त्वम्' मध्यम पुरुष एकवचन है, अतः 'पठसि' आएगा।

Exam Tip: सर्वनाम 'त्वम्' के साथ हमेशा मध्यम पुरुष एकवचन की क्रिया आती है।

 

(ii) ते गुरुजनान् ........................................।
(अ) पूजयतु
(ब) पूजयते
(स) पूज्यते
(द) पूजयन्ति
Answer: (द) पूजयन्ति
In simple words: 'ते' प्रथम पुरुष बहुवचन है, अतः 'पूजयन्ति' सही है।

Exam Tip: बहुवचन कर्ता के साथ बहुवचन क्रिया का प्रयोग करें।

 

(iii) बालकः तत्र ......................................................।
(अ) गच्छति
(ब) गच्छतः
(स) गच्छन्ति
(द) गच्छसि
Answer: (अ) गच्छति
In simple words: 'बालकः' एकवचन है, अतः 'गच्छति' आएगा।

Exam Tip: एकवचन संज्ञा के साथ 'ति' प्रत्यययुक्त क्रिया लगती है।

 

(iv) अमृतः प्रतिदिनं आचार्यप्रणाम्।
(अ) कुर्वन्ति
(ब) कुरुथ
(स) कुर्मः
(द) करोति
Answer: (द) करोति
In simple words: अमृतः एकवचन है, अतः 'करोति' क्रिया होगी।

Exam Tip: कृ धातु के रूप लट्लकार में 'करोति, कुरुतः, कुर्वन्ति' चलते हैं।

 

(v) पिता पुत्राय ..............................................।
(अ) कुप्यति
(ब) कुप्यसि
(स) कुप्यन्ति
(द) कुप्यतः
Answer: (अ) कुप्यति
In simple words: पिता पुत्र पर क्रोध करता है (कुप्यति)।

Exam Tip: कुप्यति धातु के योग में चतुर्थी विभक्ति (पुत्राय) होती है।

 

(vi) अद्य अहं परीक्षां ............................................?
(अ) दास्यामि
(ब) दास्यावः
(स) दास्यामः
(द) दास्या
Answer: (अ) दास्यामि
In simple words: 'अहम्' उत्तम पुरुष एकवचन है, अतः 'दास्यामि' (लृट्लकार) आएगा।

Exam Tip: भविष्यत्काल (लृट्लकार) में उत्तम पुरुष एकवचन में 'स्यामि' प्रत्यय होता है।

 

(vii) वने रामसीतालक्ष्मणाः ...................................................।
(अ) अवसत्
(ब) अवसताम्
(स) अवसन्
(द) अवसम्
Answer: (स) अवसन्
In simple words: 'रामसीतालक्ष्मणाः' बहुवचन है, अतः भूतकाल (लङ् लकार) में 'अवसन्' आएगा।

Exam Tip: बहुवचन भूतकाल क्रिया में 'न्' हलन्त प्रत्यय होता है।

 

(viii) माता जनकेन सह मन्दिरं ........................................।
(अ) अगच्छ
(ब) अगच्छन्
(स) अगच्छताम्
(द) अगच्छत्
Answer: (द) अगच्छत्
In simple words: 'माता' एकवचन है, अतः 'अगच्छत्' (गई) सही है।

Exam Tip: भूतकाल प्रथम पुरुष एकवचन में 'त्' हलन्त आता है।

 

(ix) पाचकः भोजनं ....................................................।
(अ) पक्ष्यति
(ब) पक्ष्यति
(स) पक्ष्यामि
(द) पक्ष्यन्ति
Answer: (ब) पक्ष्यति
In simple words: पाचकः (रसोइया) भोजन पकाएगा (पक्ष्यति - लृट्लकार)।

Exam Tip: पच् धातु का भविष्यत्काल रूप 'पक्ष्यति' बनता है।

 

(x) रामलक्ष्मणौ वने ......................................................।
(अ) अभ्रमत्
(ब) अभ्रमन्
(स) अभ्रमृताम्
(द) अभ्रमन्ति
Answer: (स) अभ्रमताम्
In simple words: 'रामलक्ष्मणौ' द्विवचन है, अतः भूतकाल द्विवचन 'अभ्रमताम्' आएगा।

Exam Tip: द्विवचन भूतकाल प्रथम पुरुष में 'ताम्' प्रत्यय होता है।

 

8. प्रदत्तविकल्पेभ्यः उचितं पदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत -
(vi) बालकाः .............................................................. परितः क्रीडन्ति?
(अ) वृक्षः
(ब) वृक्षम्
(स) वृक्षस्य
(द) वृक्षे
Answer: (ब) वृक्षम्
In simple words: 'परितः' (चारों ओर) के योग में द्वितीया विभक्ति होती है।

Exam Tip: 'अभितः, परितः, समया, निकषा' के योग में द्वितीया विभक्ति होती है।

 

(vii) बालकः ...........................................सह विद्यालयं गच्छति।
(अ) मित्रस्य
(ब) मित्रम्
(स) मित्रात्
(द) मित्रेण
Answer: (द) मित्रेण
In simple words: 'सह' (साथ) के योग में तृतीया विभक्ति होती है।

Exam Tip: 'सह साकं सहर्धम् समम्' के साथ तृतीया विभक्ति का प्रयोग होता है।

 

(viii) ओ३म् ..................................................... स्वाहा।
(अ) इन्द्रेण
(ब) इन्द्राभिः
(स) इन्द्रस्य
(द) इन्द्राय
Answer: (द) इन्द्राय
In simple words: 'स्वाहा' के योग में चतुर्थी विभक्ति होती है।

Exam Tip: 'नमः स्वस्ति स्वाहा स्वधा अलम् वषट्' योगे चतुर्थी।

 

(ix) मूषकः .....................................................बिभेति।
(अ) विडालात्
(ब) विडालेन
(स) विडालस्य
(द) विडाले
Answer: (अ) विडालात्
In simple words: डरने के अर्थ (भी धातु) में पञ्चमी विभक्ति होती है।

Exam Tip: 'भीत्रार्थानां भयत्राणम्' सूत्र से भय के कारण में पञ्चमी होती है।

 

(x) तस्मै श्री ...................................................नमः।
(अ) गुरुम्
(ब) गुरुवे
(स) गुरुस
(द) गुरवे
Answer: (द) गुरवे
In simple words: 'नमः' के योग में चतुर्थी विभक्ति (गुरवे) होती है।

Exam Tip: गुरु शब्द के चतुर्थी एकवचन में 'गुरवे' बनता है।

 

9. प्रदत्तविकल्पेभ्यः उचितं पदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत -
क. छात्राः जन्तुशालां गम् + तुमुन् इच्छन्ति।
(अ) गच्छतुम्
(ब) गच्छितुम्
(स) गमितुम्
(द) गन्तुम्
Answer: (द) गन्तुम्
In simple words: गम् धातु में तुमुन् प्रत्यय लगने पर 'गन्तुम्' बनता है।

Exam Tip: तुमुन् प्रत्यय में 'तुम्' शेष रहता है।

 

ख. छात्रः नत्वा गुरुं प्रणमति।
(अ) नम् + क्त्वा
(ब) नम् + ल्यप्
(स) नम् + शतृ
(द) नम् + क्त
Answer: (अ) नम् + क्त्वा
In simple words: 'नत्वा' पद में नम् धातु और क्त्वा प्रत्यय है।

Exam Tip: क्त्वा प्रत्यय का 'त्वा' शेष रहता है।

 

ग. सज्जनाः विचार्य एव कार्यं कुर्वन्ति।
(अ) वि + चर् + यः
(ब) वि + चर् + य
(स) वि + चार् + ल्यप्
(द) वि + चर् + ल्यप्
Answer: (द) वि + चर् + ल्यप्
In simple words: उपसर्गयुक्त धातु में 'ल्यप्' प्रत्यय होता है।

Exam Tip: ल्यप् प्रत्यय का 'य' शेष रहता है और आगे उपसर्ग होता है।

 

घ. अर्जुनः योद्धुम् उद्यतः अस्ति।
(अ) युध् + तुमुन्
(ब) युध् + उम्
(स) युध् + शतृ
(द) युध् + शानच्
Answer: (अ) युध् + तुमुन्
In simple words: 'योद्धुम्' में युध् धातु और तुमुन् प्रत्यय है।

ङ. प्रणवः गम् + क्त्वा फलानि आनयति।
(अ) गच्छितुम्
(ब) गत्वा
(स) गच्छित्वा
(द) गन्तुम्
Answer: (ब) गत्वा
In simple words: गम् + क्त्वा = गत्वा।

Exam Tip: गम् धातु का क्त्वा प्रत्ययान्त रूप 'गत्वा' होता है।

 

च. सर्पः उप + सृ + ल्यप् बालकं पश्यति।
(अ) उपसृत्य
(ब) उपसृत्यैप
(स) उपसृत्क
(द) उपसृत्य
Answer: (अ) उपसृत्य
In simple words: उप + सृ + ल्यप् = उपसृत्य (पास जाकर)।

Exam Tip: धातु से पूर्व उपसर्ग होने पर क्त्वा के स्थान पर ल्यप् होता है।

 

खण्ड: (घ) पठित-अवबोधनम्

10. अधोलिखितं गद्यांश पद्यांश नाट्यáशं च पठित्वा प्रदत्तप्रश्नानाम् उत्तराणि संस्कृतेन लिखत।
(अ) गद्यांशः:
महर्षेः आरुणेः पुत्रः श्वेतकेतुः आसीत्। द्वादशवर्षीयं तं पुत्रं पिता आरुणिः उवाच- हे श्वेतकेतु! गुरुं प्रति गच्छ अध्ययनार्थं सौम्य! अस्मत्कुलीनः अनधीत्य न भवति इति। सः पुत्रः आचार्यम् उपेत्य यावत् चतुर्विंशतिवर्षः अभवत् तावत् सः सर्वान् वेदान् सार्थान् अधीत्य पितुः सकाशम् आगच्छत। सः च 'सर्वश्रेष्ठः अहम्' इति मन्यमानः उद्धतस्वभावः अभवत्。
Answer: (गद्यांश पर आधारित प्रश्नोत्तर नीचे दिए गए हैं)
In simple words: यह गद्यांश श्वेतकेतु की शिक्षा और उसके अहंकारी स्वभाव का वर्णन करता है।

Exam Tip: गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर ही प्रश्नों के उत्तर दें।

 

I. एकपदेन उत्तरत।
(i) श्वेतकेतुः आचार्यम् उपेत्य किम् अधीतवान्?
Answer: सर्वान् वेदान्
In simple words: श्वेतकेतु ने सभी वेदों का अध्ययन किया।

Exam Tip: एकपद उत्तर में मुख्य तथ्य लिखें।

 

(ii) अध्ययनं कृत्वा कः उद्धतस्वभावः अभवत्?
Answer: श्वेतकेतुः
In simple words: अध्ययन के बाद श्वेतकेतु उद्धत (अहंकारी) हो गया था।

Exam Tip: कर्ता का नाम सीधे शब्दों में लिखें।

 

II. पूर्णवाक्येन उत्तरत।
(i) श्वेतकेतुः कतिवर्षीयः भूत्वा पितुः सकाशाम् आगच्छत्?
Answer: श्वेतकेतुः चतुर्विंशतिवर्षीयः भूत्वा पितुः सकाशाम् आगच्छत्।
In simple words: श्वेतकेतु चौबीस वर्ष की आयु में पिता के पास आया।

Exam Tip: पूर्ण वाक्य में उत्तर गद्यांश से ही ढूंढकर लिखें।

 

III. उचितम् उत्तरं चित्वा लिखत-
(i) 'अधीत्य' इति पदस्य किम् विलोमपदं गद्यांशे प्रयुक्तम्?
(अ) सार्थान्
(ब) अनधीत्य
(स) उपेत्य
(द) उद्धतः
Answer: (ब) अनधीत्य
In simple words: 'अधीत्य' (पड़कर) का विलोम 'अनधीत्य' (बिना पढ़े) है।

Exam Tip: उपसर्ग 'अन्' जोड़कर विलोम बनाया गया है।

 

(ii) सार्थान् इति पदस्य अनुच्छेदे विशेष्यपदं किम्?
(अ) ग्रन्थान्
(ब) आचार्यान्
(स) सर्वान्
(द) वेदान्
Answer: (द) वेदान्
In simple words: 'वेदान्' विशेष्य पद है जिसकी विशेषता 'सार्थान्' बताता है।

Exam Tip: विशेषण-विशेष्य की विभक्ति समान होती है।

 

(आ) पद्यांशः:
काष्ठाद्ग्निर्जायते मध्यमानाद्
भूमिस्तोयं खन्यमाना ददाति।
सोत्साहानां नास्त्यसाध्यं नराणां
मार्गारब्धाः सर्वयत्नाः फलन्ति।।
Answer: (पद्यांश आधारित प्रश्नोत्तर)
In simple words: परिश्रम करने वालों के लिए संसार में कुछ भी असाध्य नहीं है।

I. एकपदेन उत्तरत।
(i) कीदृशां नराणां कृते किमपि असाध्यं नास्ति?
Answer: सोत्साहानाम्
In simple words: उत्साही लोगों के लिए कुछ भी असाध्य नहीं है।

Exam Tip: पद्यांश की तीसरी पंक्ति से उत्तर प्राप्त होता है।

 

(ii) कीदृशाः यत्नाः फलन्ति।
Answer: मार्गारब्धाः
In simple words: सही मार्ग पर आरंभ किए गए प्रयत्न सफल होते हैं।

Exam Tip: विशेषण पद 'मार्गारब्धाः' यहाँ उत्तर है।

 

II. पूर्णवाक्येन उत्तरत।
अग्निः कीदृशात् काष्ठात् जायते?
Answer: अग्निः मध्यमानात् काष्ठात् जायते।
In simple words: मथने योग्य (रगड़ने योग्य) लकड़ी से अग्नि उत्पन्न होती है।

Exam Tip: श्लोक की पहली पंक्ति से उत्तर पूर्ण वाक्य में लिखें।

 

III. उचितम् उत्तरं चित्वा लिखत-
(i) 'फलन्ति' इति क्रियापदस्य कर्तृपदं किम्?
(अ) अग्निः
(ब) भूमिः
(स) मार्गारब्धाः
(द) सर्वयत्नाः
Answer: (द) सर्वयत्नाः
In simple words: 'फलन्ति' क्रिया का कर्ता 'सर्वयत्नाः' है।

Exam Tip: क्रिया और कर्ता का वचन बहुवचन है।

 

(ii) 'जलम्' इति पदस्य पर्यायपद्म पद्यांशे किम् अस्ति?
(अ) तोयम्
(ब) वारि
(स) अम्बुदम्
(द) सलिलम्
Answer: (अ) तोयम्
In simple words: पद्यांश में 'तोयं' शब्द का प्रयोग जल के अर्थ में हुआ है।

(इ) नाट्यांशः:
रामः- मे शापितो न परिरक्षसि चेत् स्वराज्यम्।
भरतः- हन्त! अनुत्तरम् अभिहितम्। भवतु, समयतः ते राज्यं परिपालयामि।
रामः- वत्स! कः समयः?
भरतः- मम হস্তে निक्षिप्तं तव राज्यं चतुर्दशवर्षान्ते प्रतिग्रहीतुम् इच्छामि।
रामः- एवमस्तु।
भरतः- आर्य! अन्यमपि वरं हर्तुम इच्छामि।
रामः- वत्स! किमिच्छसि? किमंहं ददामि?
भरतः- पादोपभुकते तव पाडुके मे एते प्रयच्छ।
Answer: (नाट्यांश आधारित प्रश्नोत्तर)
In simple words: यह संवाद राम और भरत के बीच का है जहाँ भरत राम की पादुकाएं मांगते हैं।

Exam Tip: संवाद को ध्यान से पढ़कर पात्रों और उनके कथनों को समझें।

 

I. एकपदेन उत्तरत।
(i) कः अन्यम् अपि वरं हर्तुम् इच्छति?
Answer: भरतः
In simple words: भरत दूसरा वर भी मांगना चाहते हैं।

(ii) रामः भरतं किम् परिरक्षितुम् कथयति?
Answer: स्वराज्यम्
In simple words: राम स्वराज्य की रक्षा करने के लिए कहते हैं।

Exam Tip: नाट्यांश की पहली पंक्ति से उत्तर लें।

 

II. पूर्णवाक्येन उत्तरत।
भरतः रामं किं दातुं प्रार्थितवान्?
Answer: भरतः रामं पादोपभुक्ते तव पाडुके मे एते प्रयच्छ इति दातुं प्रार्थितवान्।
In simple words: भरत ने राम से उनकी चरण पादुकाएं देने की प्रार्थना की।

III. उचितम् उत्तरं चित्वा लिखत-
(i) 'ग्रहीतुम्' इति पदस्य किम् विलोमपदम् अत्र अस्ति?
(अ) निक्षिप्तम्
(ब) अभिहितम्
(स) प्रतिग्रहीतुम्
(द) हर्तुम्
Answer: (द) हर्तुम् / (स) प्रतिग्रहीतुम्
In simple words: 'ग्रहीतुम्' (ग्रहण करना) का विलोम यहाँ त्यागना या अन्य रूप में प्रयुक्त है।

Exam Tip: विकल्पों के अनुसार सटीक विलोम चुनें।

 

(ii) अस्मिन् नाट्यांशे 'वत्स!' इति सम्बोधनपदम् कस्मै प्रयुक्तम्?
(अ) सीतायै
(ब) भरताय
(स) रामाय
(द) सुमन्त्राय
Answer: (ब) भरताय
In simple words: राम ने भरत को 'वत्स' कहकर संबोधित किया है।

Exam Tip: संदर्भ के अनुसार सही पात्र का चयन करें।

 

11. अधोलिखितश्लोकयोः भावार्थं मञ्जूषातः उचितपदानि चित्वा पूरयत।
(क) स जातो येन जातेन याति वंशः समुन्नतिम्।
परिवर्तिनि संसारी मृतः को वा न जायते।।
भावार्थ:- अयम् संसारः (i) परिवर्तनशीलः अस्ति। अत्र प्रतिदिनम् अनेके जनाः जायन्ते (ii) जमना च, परम् यस्य नरस्य (iii) सार्थकम् वंशस्य गौरव वर्धते, तस्य जन्म एव (iv) श्रेष्टः भवति।
(ख) वरमेको गुणी पुत्रो न च मूर्छशतैान्यति।
एकश्चन्द्रस्तमो हन्ति न च तारागणैरपि।।
भावार्थ:- गुणवान् पुत्रः एकः एव सर्वेषु पुत्रेषु (v) प्रियन्ते भवति शतानि अपि (vi) मूर्खाः पुत्राः ना यथा एकः एव चन्द्रमा (vii) अन्धकारम् नाशयति न तु (viii) अनेकेषाम् ताराणाम् समूहः।
मञ्जूषा - अन्धकारम्, परिवर्तनशीलः, मूर्खाः, जमना, सार्थकम्, श्रेष्ठः, प्रियन्ते, अनेकैषाम्
Answer: (i) परिवर्तनशीलः, (ii) जमना, (iii) सार्थकम्, (iv) श्रेष्ठः, (v) प्रियन्ते, (vi) मूर्खाः, (vii) अन्धकारम्, (viii) अनेकैषाम्
In simple words: श्लोकों के भावार्थ को मंजूषा के उचित शब्दों से पूरा किया गया है।

Exam Tip: भावार्थ रिक्त स्थान भरते समय श्लोक के अर्थ का संदर्भ अवश्य ध्यान रखें।

 

12. (क) निम्नलिखित श्लोकयोः अन्वयं मञ्जूषातः समुचितं पदं चित्वा पूरयत।
सुचिरेणापि कालेन यशः किञ्चिन्मयार्जितम्।
अचिरेणैव कालेन भरतेनाद्य सञ्चितम्।।
अन्वय:- मया (i) सुचिरेणापि कालेन अपि किञ्चित् (ii) यशः अर्जितम्, भरतेन (तु) (iii) अचिरेणैव अचिरेण कालेन एव (यशः) (iv) सञ्चितम्।
(ख) गच्छन् पिपीलको याति योजनानां शतान्यपि।
अगतच्छन् वैनतेयोऽपि पदमेकं न गच्छति।।
अन्वय:- पिपीलकः अपि (v) गच्छन् योजनानां शतानि (vi) याति। अगतच्छन् वैनतेयः (vii) अपि पदम् अपि (viii) न गच्छति।
Answer: (i) सुचिरेणापि, (ii) यशः, (iii) अचिरेणैव, (iv) सञ्चितम्, (v) गच्छन्, (vi) याति, (vii) अपि, (viii) न
In simple words: श्लोकों के पदों को क्रमबद्ध कर अन्वय पूरा किया गया है।

Exam Tip: अन्वय में शब्दों का क्रम कर्ता-कर्म-क्रिया के अनुसार व्यवस्थित होता है।

 

13. रेखांकितानि पदानि आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत-
(i) वयं पर्युषितम् अन्नम् न खादेम।
Answer: वयं किम् अन्नम् न खादेम?
In simple words: रेखांकित पद 'पर्युषितम्' के स्थान पर 'किम्' का प्रयोग हुआ है।

Exam Tip: प्रश्ननिर्माण करते समय विभक्ति और लिंग का विशेष ध्यान रखें।

 

(ii) नरः अतिथिनां पूजकः स्यात्।
Answer: नरः केषां पूजकः स्यात्?
In simple words: 'अतिथिनां' (षष्ठी बहुवचन) के स्थान पर 'केषाम्' आया है।

Exam Tip: षष्ठी बहुवचन पुल्लिंग/स्त्रीलिंग के लिए 'केषाम् / कासाम्' का प्रयोग होता है।

 

(iii) भागीरथीतीरे पाटलिपुत्रनामधेयं नगरम् आसीत्।
Answer: कुत्र पाटलिपुत्रनामधेयं नगरम् आसीत्?
In simple words: स्थानसूचक पद 'भागीरथीतीरे' के स्थान पर 'कुत्र' (कहाँ) आया है।

Exam Tip: स्थान के लिए 'कुत्र' और समय के लिए 'कदा' का प्रयोग होता है।

 

(iv) महान् भवितुम् सत्संगतिः अपेक्षिता।
Answer: कीदृशं भवितुम् सत्संगतिः अपेक्षिता?
In simple words: 'महान्' के स्थान पर 'कीदृशम्' का प्रयोग किया गया है।

14. अधोलिखितवाक्यानि कथाक्रमेण संयोज्य लिखत।
(i) बालस्य रक्षायै नियुक्तः नकुलः बालकम् उपसर्न्तम् एकं सर्पम् अपश्यत्।
(ii) एकदा राजा श्राद्धार्थं तं ब्राह्मणम् निमंत्रितम् अकरोत्।
(iii) श्राद्धकार्यात् प्रतिनिवृत्तैः ब्राह्मणः रक्तविलिप्तम् नकुलम् अपश्यत्।
(iv) उज्जियिन्याम् माधवः नाम विप्रः वसति स्म।
(v) गमनात् पूर्वम् ब्राह्मणः स्वपालितम् नकुलम् एकाकिनः बाल्स्य रक्षार्थम् नियुक्तम् अकरोत्।
(vi) रक्तविलिप्तम् नकुलं दृष्ट्वा ब्राह्मणः "अनेन मे बालकः खादितः!" इति मत्वा तम् अमारयत्।
(vii) गृहस्य अन्तः गत्वा, बालकम् स्वस्थम् सर्पम् च हतं दृष्ट्वा सः अतीव दुःखी अभवत्।
(viii) सर्प मारयन् नकुलः तस्य रक्तेन विलिप्तमुखः जातः!
Answer:
सही कथाक्रम:
1. (iv) उज्जियिन्याम् माधवः नाम विप्रः वसति स्म।
2. (ii) एकदा राजा श्राद्धार्थं तं ब्राह्मणम् निमंत्रितम् अकरोत्।
3. (v) गमनात् पूर्वम् ब्राह्मणः स्वपालितम् नकुलम् एकाकिनः बाल्स्य रक्षार्थम् नियुक्तम् अकरोत्।
4. (i) बालस्य रक्षायै नियुक्तः नकुलः बालकम् उपसर्न्तम् एकं सर्पम् अपश्यत्।
5. (viii) सर्प मारयन् नकुलः तस्य रक्तेन विलिप्तमुखः जातः!
6. (iii) श्राद्धकार्यात् प्रतिनिवृत्तैः ब्राह्मणः रक्तविलिप्तम् नकुलम् अपश्यत्।
7. (vi) रक्तविलिप्तम् नकुलं दृष्ट्वा ब्राह्मणः "अनेन मे बालकः खादितः!" इति मत्वा तम् अमारयत्।
8. (vii) गृहस्य अन्तः गत्वा, बालकम् स्वस्थम् सर्पम् च हतं दृष्ट्वा सः अतीव दुःखी अभवत्。
In simple words: कथा की घटनाओं को क्रमानुसार व्यवस्थित किया गया है।

Exam Tip: कथाक्रम के प्रश्नों में कहानी की घटनाओं की तार्किक श्रृंखला को पहचानें।

 

15. प्रसङ्गानुसारम् रेखाङ्कितपदानां उचितम् अर्थं चित्वा लिखत-
(i) यदि सत्त्वरम् न गच्छामि तदा अन्यः कश्चित् श्राद्धार्थं वृतः भवेत्।
(अ) शीघ्रम्
(ब) शनैः
(स) सततम्
(द) सदैव
Answer: (अ) शीघ्रम्
In simple words: 'सत्त्वरम्' का अर्थ 'शीघ्र' होता है।

Exam Tip: संदर्भ के अनुसार उचित समानार्थी शब्द चुनें।

 

(ii) नक्तम् दधि न भुञ्जीत।
(अ) प्रभाते
(ब) सायंकाले
(स) मध्याह्ने
(द) रात्रौ
Answer: (द) रात्रौ
In simple words: 'नक्तम्' का अर्थ 'रात में' होता है।

Exam Tip: अव्यय शब्दों के अर्थ अच्छी प्रकार याद रखें।

 

(iii) पञ्चेन्द्रियद्रव्याणि खं वायुः ज्योतिः आपो भूः इति।
(अ) इन्द्रियम्
(ब) सुखम्
(स) आकाशः
(द) 'ख' इति वर्णः
Answer: (स) आकाशः
In simple words: यहाँ 'खम्' शब्द का अर्थ 'आकाश' है।

Exam Tip: प्राचीन वैज्ञानिक या संस्कृत शब्दावली के अर्थ समझें।

 

(iv) न दुष्टयानानि आरोहेत्।
(अ) विकृतानि वाहनानि
(ब) दुर्जनानाम् वाहनानि
(स) दूषितानि स्थानानि
(द) दुष्टैः सह यानानि
Answer: (ब) दुर्जनानाम् वाहनानि
In simple words: 'दुष्टयानानि' का तात्पर्य दुष्टों के वाहनों से है।

Exam Tip: सामासिक पदों का विग्रह करके उनका सटीक अर्थ निकालें।

 

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