NCERT Solutions Class 12 Political Science Contemporary World Politics Chapter 04 International Organisations (अंतर्राष्ट्रीय संगठन) in Hindi

Official NCERT Solutions for Class 12 Political Science: Chapter 04 अंतर्राष्ट्रीय संगठन

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Chapter-wise Solutions for Political Science: Chapter 04 अंतर्राष्ट्रीय संगठन

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Question 1: निषेधाधिकार (वीटो) के बारे में नीचे कुछ कथन दिए गए हैं। इनमें प्रत्येक के आगे सही या गलत का चिह्न लगाएँ:
(क) सुरक्षा परिषद के सिर्फ स्थायी सदस्यों को वीटो का अधिकार है।
(ख) यह एक तरह की नकारात्मक शक्ति है।
(ग) सुरक्षा परिषद के फैसलों से असंतुष्ट होने पर महासचिव 'वीटो' का प्रयोग करता है।
(घ) एक 'वीटो' से भी सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव नामंजूर हो सकता है।

Answer:

(क) सुरक्षा परिषद के सिर्फ स्थायी सदस्यों को वीटो का अधिकार है - सही
(ख) यह एक तरह की नकारात्मक शक्ति है - सही
(ग) सुरक्षा परिषद के फैसलों से असंतुष्ट होने पर महासचिव 'वीटो' का प्रयोग करता है - गलत
(घ) एक 'वीटो' से भी सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव नामंजूर हो सकता है - सही

मुख्य बिंदु:

• संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पाँच स्थायी सदस्यों (अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस और चीन) को ही वीटो का अधिकार प्राप्त है।
• वीटो का अर्थ नकारात्मक मत होता है, जिसके प्रयोग से कोई भी स्थायी सदस्य प्रस्ताव को रोक सकता है।
• महासचिव को वीटो का अधिकार नहीं होता है, यह केवल स्थायी सदस्यों के पास होता है।

आम गलतियाँ:

• छात्रों को लगता है कि अस्थायी सदस्यों को भी वीटो का अधिकार मिल सकता है।
• महासचिव की शक्तियों और वीटो की शक्तियों में भ्रमित होना।

Exam Tips:

a) वीटो पावर केवल स्थायी सदस्यों की विशेषाधिकार शक्ति है, इसे स्पष्ट रूप से याद रखें।
b) कथन वाले प्रश्नों को हल करते समय प्रत्येक उप-भाग को ध्यान से पढ़ें।
c) नकारात्मक शक्ति और वीटो के संबंध को संक्षिप्त में समझें।

 

Question 2: संयुक्त राष्ट्र के कार्यों के बारे में निम्न कथनों में से प्रत्येक के खिलाफ सही या गलत को चिह्नित करें:
(क) सुरक्षा और शांति से जुड़े सभी मसलों का निपटारा सुरक्षा परिषद में होता है।
(ख) मानवतावादी नीतियों का क्रियान्वयन विश्वभर में फैली मुख्य शाखाओं तथा एजेंसियों के मार्फत होता है।
(ग) सुरक्षा के किसी मसले पर पाँच स्थायी सदस्य देशों का सहमत होना उसके बारे में लिए गए फैसले के क्रियान्वयन के लिए जरूरी है।
(घ) संयुक्त राष्ट्रसंघ की महासभा के सभी सदस्य संयुक्त राष्ट्रसंघ के बाकी प्रमुख अंगों और विशेष एजेंसियों के स्वतः सदस्य हो जाते हैं।

Answer:

(क) सुरक्षा और शांति से जुड़े सभी मसलों का निपटारा सुरक्षा परिषद में होता है - सही
(ख) मानवतावादी नीतियों का क्रियान्वयन विश्वभर में फैली मुख्य शाखाओं तथा एजेंसियों के मार्फत होता है - गलत
(ग) सुरक्षा के किसी मसले पर पाँच स्थायी सदस्य देशों का सहमत होना उसके बारे में लिए गए फैसले के क्रियान्वयन के लिए जरूरी है - सही
(घ) संयुक्त राष्ट्रसंघ की महासभा के सभी सदस्य संयुक्त राष्ट्रसंघ के बाकी प्रमुख अंगों और विशेष एजेंसियों के स्वतः सदस्य हो जाते हैं - गलत

मुख्य बिंदु:

• सुरक्षा परिषद अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए मुख्य रूप से उत्तरदायी है।
• मानवतावादी कार्यों के लिए विशेष एजेंसियां और स्वतंत्र संगठन कार्य करते हैं।
• स्थायी सदस्यों की सहमति (सहमति और वीटो मुक्त निर्णय) सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के लिए आवश्यक है।

आम गलतियाँ:

• सभी सदस्यों का सभी एजेंसियों का स्वतः सदस्य होना मान लेना गलत है, क्योंकि कुछ एजेंसियों की सदस्यता अलग से लेनी पड़ती है।
• सुरक्षा परिषद के अलावा अन्य अंगों की भूमिका को नजरअंदाज करना।

Exam Tips:

a) संयुक्त राष्ट्र के अंगों के कार्यों की सूची को अच्छे से याद रखें।
b) स्थायी सदस्यों की वीटो शक्ति और उनकी सहमति के नियम को समझें।
c) विशेष एजेंसियों की स्वायत्तता को ध्यान में रखें।

 

Question 3: निम्नलिखित में से कौन-सा तथ्य सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के प्रस्ताव को ज्यादा वजनदार बनाता है?
(अ) परमाणु क्षमता
(ब) भारत संयुक्त राष्ट्रसंघ के जन्म से ही उसका सदस्य है।
(स) भारत एशिया में स्थित है।
(द) भारत की बढ़ती हुई आर्थिक ताकत और स्थिर राजनीतिक व्यवस्था

Answer:

(द) भारत की बढ़ती हुई आर्थिक ताकत और स्थिर राजनीतिक व्यवस्था

मुख्य बिंदु:

• भारत की उभरती हुई आर्थिक स्थिति और मजबूत लोकतांत्रिक राजनीतिक व्यवस्था इसे एक प्रमुख दावेदार बनाती है।
• भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और जनसंख्या के मामले में अग्रणी देश है।
• संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में भारत का योगदान बहुत बड़ा रहा है।

आम गलतियाँ:

• केवल परमाणु क्षमता को ही एकमात्र आधार मान लेना गलत है।
• भौगोलिक स्थिति को ही सर्वोपरि समझना।

Exam Tips:

a) भारत की दावेदारी के मुख्य कारणों (अर्थव्यवस्था, लोकतंत्र, शांति सेना) को बिंदुओं में याद रखें।
b) बहुविकल्पीय प्रश्नों में सबसे सटीक और व्यापक विकल्प चुनें।
c) उत्तर लिखते समय तार्किक और तथ्यात्मक रहें।

 

Question 4: परमाणु प्रौद्योगिकी के शांतिपूर्ण उपयोग और उसकी सुरक्षा और संबद्ध संयुक्त राष्ट्रसंघ की एजेंसी का नाम है?
(अ) संयुक्त राष्ट्रसंघ निरस्त्रीकरण समिति
(ब) अंतरराष्ट्रीय आणविक ऊर्जा एजेंसी
(स) संयुक्त राष्ट्रसंघ अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा समिति
(द) इनमें से कोई नहीं

Answer:

(ब) अंतरराष्ट्रीय आणविक ऊर्जा एजेंसी

मुख्य बिंदु:

• अंतरराष्ट्रीय आणविक ऊर्जा एजेंसी (IAEA) परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देती है।
• यह संस्था यह भी सुनिश्चित करती है कि इसका उपयोग सैन्य उद्देश्यों के लिए न किया जाए।
• इसकी स्थापना परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से की गई थी।

आम गलतियाँ:

• निरस्त्रीकरण समिति और आणविक ऊर्जा एजेंसी के कार्यों में भ्रमित होना।
• संयुक्त राष्ट्रसंघ की सामान्य शाखाओं को परमाणु एजेंसी मान लेना।

Exam Tips:

a) प्रमुख अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों और उनके संक्षिप्त नामों (जैसे IAEA) को याद रखें।
b) उनके मुख्य कार्यों को एक वाक्य में तैयार करें।
c) बहुविकल्पीय प्रश्नों के लिए सभी विकल्पों को ध्यान से पढ़ें।

 

Question 5: विश्व व्यापार संगठन निम्नलिखित में से किस संगठन का उत्तराधिकारी है?
(क) जनरल एग्रीमेंट ऑन ट्रेड एंड टैरिफ
(ख) जनरल एरेज़मेंट ऑन ट्रेड एंड टैरिफ
(ग) विश्व स्वास्थ्य संगठन
(घ) संयुक्त राष्ट्रसंघ विकास कार्यक्रम

Answer:

(क) जनरल एग्रीमेंट ऑन ट्रेड एंड टैरिफ

मुख्य बिंदु:

• विश्व व्यापार संगठन (WTO) की स्थापना 1995 में हुई थी।
• यह 'गैट' (GATT - General Agreement on Tariffs and Trade) का उत्तराधिकारी संगठन है।
• यह वैश्विक व्यापार के नियमों को तय करता है और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सुगम बनाता है।

आम गलतियाँ:

• GATT और WTO के पूर्ण रूप (Full Form) में वर्तनी की भूल करना।
• इसे अन्य आर्थिक संगठनों से मिला देना।

Exam Tips:

a) व्यापार संगठन के इतिहास और उसके पूर्ववर्ती संगठन का नाम याद रखें।
b) स्थापना वर्ष और मुख्यालय से जुड़े तथ्य भी ध्यान में रखें।
c) संक्षिप्त रूपों (GATT, WTO) का सही अंग्रेजी और हिंदी संदर्भ समझें।

 

Question 6: रिक्त स्थान भरें:
(क) संयुक्त राष्ट्रसंघ का मुख्य उद्देश्य ________ है।
(ख) संयुक्त राष्ट्रसंघ का सबसे जाना-पहचाना पद ________ का है।
(ग) संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद में ________ स्थायी और ________ गैर स्थायी सदस्य हैं।
(घ) ________ संयुक्त राष्ट्रसंघ के वर्तमान महासचिव हैं।
(ङ) मानवाधिकारों की रक्षा में सक्रिय दो स्वंयसेवी संगठन ________ और ________ हैं।

Answer:

(क) शांति और सुरक्षा बनाए रखना
(ख) सचिवालय
(ग) 5, 10
(घ) एंटोनियो गुटेरेस
(ङ) एम्नेस्टी इंटरनेशनल और ह्यूमन राइट्स वॉच

मुख्य बिंदु:

• संयुक्त राष्ट्र का प्राथमिक उद्देश्य वैश्विक शांति और सुरक्षा स्थापित करना है।
• सचिवालय प्रशासनिक कार्य संभालता है जिसके प्रमुख महासचिव होते हैं।
• सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य होते हैं (5 स्थायी और 10 अस्थायी)।

आम गलतियाँ:

• स्थायी और अस्थायी सदस्यों की संख्या में अदला-बदली कर देना।
• वर्तमान महासचिव का नाम गलत लिखना या पुराना नाम लिखना।

Exam Tips:

a) रिक्त स्थानों के लिए प्रमुख आँकड़े और नाम कंठस्थ रखें।
b) एनजीओ (NGOs) के नाम सही ढंग से याद करें।
c) संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख अंगों के नाम स्पष्ट लिखें।

 

Question 7: संयुक्त राष्ट्रसंघ की मुख्य शाखाओं और एजेंसियों का सुमेल उनके काम से करें:
(1) आर्थिक और सामाजिक परिषद
(2) अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय
(3) अंतर्राष्ट्रीय आष्ण्विक ऊर्जा एजेंसी
(4) सुरक्षा परिषद
(5) संयुक्त राष्ट्रसंघ शरणार्थी उच्चायोग
(6) विश्व व्यापार संगठन
(7) अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष
(8) आम सभा
(9) विश्व स्वास्थ्य संगठन
(10) सचिवालय
(अ) सचिवालय वैश्विक वित्त-व्यवस्था की देखरेख।
(ब) अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा का संरक्षण।
(स) सदस्य देशों के आर्थिक और सामाजिक कल्याण की चिंता।
(द) परमाणु प्रौद्योगिकी का शांतिपूर्ण उपयोग और सुरक्षा।
(य) सदस्य देशों के बीच मौजूद विवादों का निपटारा।
(र) आपातकाल में आश्रय तथा चिकित्सीय सहायता मुहैया कराना।
(ल) वैश्विक मामलों पर बहस-मुबाहिसा
(व) संयुक्त राष्ट्रसंघ के मामलों का समायोजन और प्रशासन
(श) सबके लिए स्वास्थ्य
(ष) सदस्य देशों के बीच मुक्त व्यापार की राह आसान बनाना।

Answer:

(1) आर्थिक और सामाजिक परिषद - (स) सदस्य देशों के आर्थिक और सामाजिक कल्याण की चिंता।
(2) अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय - (य) सदस्य देशों के बीच मौजूद विवादों का निपटारा।
(3) अंतर्राष्ट्रीय आष्ण्विक ऊर्जा एजेंसी - (द) परमाणु प्रौद्योगिकी का शांतिपूर्ण उपयोग और सुरक्षा।
(4) सुरक्षा परिषद - (ब) अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा का संरक्षण।
(5) संयुक्त राष्ट्रसंघ शरणार्थी उच्चायोग - (र) आपातकाल में आश्रय तथा चिकित्सीय सहायता मुहैया कराना।
(6) विश्व व्यापार संगठन - (ष) सदस्य देशों के बीच मुक्त व्यापार की राह आसान बनाना।
(7) अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष - (अ) सचिवालय वैश्विक वित्त-व्यवस्था की देखरेख। (नोट: सामान्यतः यह वैश्विक वित्तीय स्थिरता से जुड़ा है)
(8) आम सभा - (ल) वैश्विक मामलों पर बहस-मुबाहिसा
(9) विश्व स्वास्थ्य संगठन - (श) सबके लिए स्वास्थ्य
(10) सचिवालय - (व) संयुक्त राष्ट्रसंघ के मामलों का समायोजन और प्रशासन

मुख्य बिंदु:

• प्रत्येक एजेंसी का एक विशिष्ट कार्यक्षेत्र और उद्देश्य होता है।
• अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय न्यायिक कार्य देखता है जबकि सुरक्षा परिषद शांति और सुरक्षा संभालती है।
• स्वास्थ्य, शरणार्थी सहायता और व्यापार के लिए विशेष संगठन बनाए गए हैं।

आम गलतियाँ:

• विभिन्न एजेंसियों के मिलते-जुलते कार्यों में भ्रमित होना।
• सुमेल करते समय क्रमांक गलत मिला देना।

Exam Tips:

a) सभी प्रमुख एजेंसियों और उनके कार्यों की एक सारणी बना कर अभ्यास करें।
b) परीक्षा में मिलान करते समय लाइनों को आपस में उलझाने से बचें, तीर के निशान या सही क्रम लिखें।
c) मुख्य शब्दों (जैसे स्वास्थ्य, व्यापार, शरणार्थी) से एजेंसियों को पहचानें।

 

Question 8: सुरक्षा परिषद के कार्य क्या हैं?

Answer:

सुरक्षा परिषद के कार्य: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का गठन 1945 सुरक्षा हुआ। परिषद संयुक्त राष्ट्र की अंतर्राष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा का प्रमुख अंग माना जाता है। सुरक्षा परिषद संयुक्त राष्ट्र का सबसे शक्तिशाली निकाय है। इसमें पाँच स्थायी देश अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और चीन हैं। इसके कार्य निम्नलिखित हैं:
• सुरक्षा परिषद किसी भी मामले में जाँच के आदेश दे सकती है।
• यह युद्ध विराम के लिए भी निर्देश दे सकता है।
• नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करना तथा विश्व में शांति कायम रखना भी इसके महत्वपूर्ण कार्य है।
• चार्टर के अनुच्छेद 4 के तहत यह नए सदस्यों को महासभा सुरक्षा परिषद की सिफारिश से ही संयुक्त राष्ट्र का सदस्य बनाती है।

मुख्य बिंदु:

• अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखना इसका मुख्य दायित्व है।
• विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए कदम उठाना।
• आवश्यकता पड़ने पर सैन्य कार्रवाई या प्रतिबंध लगाने का अधिकार।

आम गलतियाँ:

• केवल वीटो पावर का उल्लेख करना और वास्तविक कार्यों को भूल जाना।
• सुरक्षा परिषद और महासभा के कार्यों को आपस में मिला देना।

Exam Tips:

a) सुरक्षा परिषद के कार्यों को बिंदुओं में लिखें ताकि उत्तर स्पष्ट लगे।
b) स्थायी सदस्यों के नाम और संस्था के महत्व का उल्लेख जरूर करें।
c) अनुच्छेद या चार्टर का संदर्भ देने से उत्तर प्रभावशाली बनता है।

 

Question 9: भारत के नागरिक के रूप में सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के पक्ष का समर्थन आप कैसे करेंगे? अपने प्रस्ताव का औचित्य सिद्ध करें।

Answer:

भारत के नागरिक के रूप में, मैं सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिए भारत की उम्मीदवारी का समर्थन करता हूँ। भारत प्रारंभ से ही संयुक्त राष्ट्र संघ का सदस्य रहा है। भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। भारत हमेशा से ही एक बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के पक्ष में रहा है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर राजनीति के मामले में भारत अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण सामरिक रूप से बेहद उपयोगी है। भारत अभी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का दो साल के लिए अस्थायी सदस्य है। भारत विश्व की उभरती हुई महाशक्ति है। वैश्विक मंच पर भारत के बढ़ते कदम भारत के दावों को और मजबूत किया है। वर्तमान समय में विश्व में भारत की अर्थव्यवस्था छठे स्थान पर है तथा सैन्य शक्ति, आर्थिक तथा व्यापार संगठन की दृष्टि से भारत का प्रभावशाल देशों में गिना जाता है।
उपरोक्त कारणों से सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिए भारत की उम्मीदवारी के पक्ष में तर्क है।

मुख्य बिंदु:

• दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और दूसरा सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश।
• तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था और मजबूत होती सैन्य क्षमता।
• संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में लगातार और सबसे बड़ा योगदान देने वाला देश।

आम गलतियाँ:

• केवल भावनाओं के आधार पर उत्तर लिखना, तथ्यात्मक तर्कों का अभाव होना।
• वैश्विक राजनीति में भारत की भूमिका को नजरअंदाज करना।

Exam Tips:

a) इस प्रश्न का उत्तर देते समय भारत की जनसंख्या, अर्थव्यवस्था और लोकतंत्र जैसे मजबूत बिंदुओं को अवश्य शामिल करें।
b) शांति सेना में योगदान का विशेष उल्लेख करें।
c) उत्तर को सकारात्मक और तार्किक रूप से प्रस्तुत करें।

 

Question 10: संयुक्त राष्ट्र के ढाँचे को बदलने के लिए सुझाए गए उपायों के क्रियान्वयन में आ रही कठिनाइयों का आलोचनात्मक मूल्यांकन करें।

Answer:

संयुक्त राष्ट्र के पुनर्निर्माण के लिए सुझाए गए सुधारों को लागू करने में निम्नलिखित कठिनाइयाँ हैं:
• मानवाधिकार एवं लोकतंत्र से संबंधित परिषद के सदस्य के रूप में प्रभावी होने की गारंटी नहीं है।
• विकासशील देशों के सदस्यों को अधिक सीटों का नहीं दिया जाना।
• एक राष्ट्र की क्षमता की जगह भूगोल को न्यासगत प्रतिनिधित्व का मुद्दा क्यों किया जाना चाहिए?
• बहस का विषय यह भी है कि यूएनएससी की सदस्यता पाने के लिए आर्थिक एवं सैन्य शक्ति कितनी बड़ी हो सकती है।
उपर्युक्त सभी मानदंड जिन्हें अपनाया गया था परंतु स्वीकार नहीं किया गया। इसी वजह से इस प्रक्रिया में बहुत सारी कठिनाइयाँ हैं।

मुख्य बिंदु:

• सुधारों पर आम सहमति न बन पाना सबसे बड़ी बाधा है।
• मौजूदा स्थायी सदस्य अपनी वीटो शक्ति छोड़ने को तैयार नहीं हैं।
• क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व (एशिया, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका) पर देशों के बीच आपसी मतभेद।

आम गलतियाँ:

• केवल समस्याओं के नाम लिखना और उनका विश्लेषण न करना।
• सुधारों के प्रस्तावों को स्पष्ट रूप से न समझ पाना।

Exam Tips:

a) आलोचनात्मक मूल्यांकन करते समय सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पक्षों को संक्षिप्त में रखें।
b) स्थायी सदस्यों के हितों के टकराव को मुख्य कारण के रूप में दर्शाएं।
c) बिंदुओं के रूप में कठिनाइयों को स्पष्ट करें।

 

Question 11: हालांकि संयुक्त राष्ट्र युद्ध और इससे उत्पन्न विपदा को रोकने में नाकामयाब रहा है लेकिन विभिन्न देश अभी भी इसे बनाए रखना चाहते हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ को एक अपरिहार्य संगठन मानने के क्या कारण हैं?
यह कथन सत्य है कि संयुक्त राष्ट्र विश्व के विभिन्न भागों में व्याप्त संघर्ष तथा युद्धों को पूरी तरह से समाप्त नहीं कर पाया है। प्रत्येक युद्ध के दुष्परिणाम से लोगों को जान-माल की हानि हुई है जिसे संयुक्त राष्ट्र नहीं रोक पाया है।
संयुक्त राष्ट्र संघ को एक अपरिहार्य संगठन मानने के निम्न कारण हैं:
• संयुक्त राष्ट्र विश्व की महाशक्तियों तथा अन्य देशों के मध्य शांतिपूर्ण वार्ता करवाने में सक्षम है।
• संयुक्त राष्ट्र संघ का उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय सहयोग, सुरक्षा, सामाजिक एवं आर्थिक विकास तथा विश्व शांति कायम रखने का है।
• संयुक्त राष्ट्र संघ को हथियारों के निर्माण तथा जैविक हथियारों के प्रयोग को रोकने में सफलता मिली। संयुक्त राष्ट्र अपने पूर्ववर्ती संगठन राष्ट्र की तरह द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद असफल नहीं रहा।
उपरोक्त कारणों से स्पष्ट है कि संयुक्त राष्ट्र को एक अपरिहार्य संगठन माना जाना चाहिए क्योंकि विश्व में शांति एवं बंधुत्व के लिए बहुत आवश्यक है।

Answer:

संयुक्त राष्ट्र आज भले ही हर युद्ध को रोकने में पूरी तरह सफल न रहा हो, फिर भी यह वैश्विक संवाद और सहयोग का एकमात्र मंच है। इसके अपरिहार्य होने के कारण निम्नलिखित हैं:
• यह महाशक्तियों को एक मंच पर लाकर गंभीर मुद्दों पर चर्चा करने का अवसर देता है।
• मानवीय संकटों, महामारियों, शरणार्थी समस्याओं और गरीबी उन्मूलन में इसकी एजेंसियां (जैसे WHO, UNICEF) बेहतरीन कार्य करती हैं।
• इसके माध्यम से तीसरा विश्व युद्ध टल सका है और कई क्षेत्रीय विवादों को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाया गया है।

मुख्य बिंदु:

• वैश्वीकृत दुनिया में वैश्विक समस्याओं के समाधान के लिए सामूहिक प्रयास अनिवार्य हैं।
• यह कूटनीति और संवाद का सबसे बड़ा मंच है।
• इसके बिना अराजकता और संघर्षों के बढ़ने की संभावना बहुत अधिक होगी।

आम गलतियाँ:

• केवल यूएन की असफलताओं को देखना और उसकी सफलताओं को नजरअंदाज करना।
• यह मान लेना कि इसे बंद कर देना चाहिए।

Exam Tips:

a) संतुलन बनाए रखते हुए उत्तर लिखें—पहले कमियों को स्वीकार करें और फिर इसके महत्व को समझाएं।
b) 'अपरिहार्य' शब्द के अर्थ (जिसके बिना काम न चल सके) को ध्यान में रखकर तर्क दें।
c) दैनिक जीवन या वैश्विक शांति के उदाहरण दें।

 

Question 12: संयुक्त राष्ट्र के सुधार का अर्थ है सुरक्षा परिषद के ढाँचे में बदलाव। इस कथन का सत्यापन करें।

Answer:

हम इस तर्क से पूर्णतः सहमत हैं। सुरक्षा परिषद, संयुक्त राष्ट्र का अतिमहत्वपूर्ण भाग है। अतः इसके ढाँचे में परिवर्तन ही संयुक्त राष्ट्र संघ में सुधार करना है।
• सुरक्षा परिषद में स्थायी तथा अस्थायी सदस्यों की श्रेणियों में सुधार लाना अति आवश्यक है।
• सुरक्षा परिषद के ढाँचे में परिवर्तन करना आवश्यक है। वर्तमान में सुरक्षा परिषद में 15 सदस्य हैं जिनमें से 10 अस्थायी तथा 5 स्थायी सदस्य हैं। विश्व की बदलती हुई परिस्थितियों में सुरक्षा परिषद में परिवर्तन होना आवश्यक है।
• सुरक्षा परिषद को स्थायी स्तर पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शांति सेना बनाए रखनी चाहिए।
• आर्थिक सहयोग के लिए संयुक्त राष्ट्र राष्ट्र कोष बनाया जाना चाहिए।
• विकासशील देशों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण तथा उन्हें प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

मुख्य बिंदु:

• सुरक्षा परिषद में सुधार ही यूएन सुधारों का सबसे संवेदनशील और केंद्रीय मुद्दा है।
• शक्ति संतुलन 1945 के दौर का है, जिसे आज की वास्तविकताओं के अनुकूल बनाना जरूरी है।
• प्रतिनिधित्व का दायरा बढ़ाने से संगठन की विश्वसनीयता बढ़ेगी।

आम गलतियाँ:

• सुधार का अर्थ केवल वित्तीय बदलाव समझ लेना।
• सुरक्षा परिषद के अलावा अन्य अंगों को ही मुख्य सुधार क्षेत्र मान लेना।

Exam Tips:

a) कथन का समर्थन करते हुए सुरक्षा परिषद के विस्तार की आवश्यकता को स्पष्ट करें।
b) स्थायी और अस्थायी सदस्यता के संतुलन पर जोर दें।
c) उत्तर को तथ्यात्मक और स्पष्ट बिंदुओं में विभाजित करें।

 

NCERT Solutions for Class 12 Political Science Chapter 04 अंतर्राष्ट्रीय संगठन

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