NCERT Solutions Class 12 Maths Chapter 03 Matrices (आव्यूह) Miscellaneous Exercise in Hindi

Step-by-Step Textbook Solutions for Class 12 Mathematics Chapter 03 आव्यूह

Access comprehensive textbook solutions for Chapter 03 आव्यूह using the official curriculum guides for Class 12 Mathematics. Designed to align with the 2026-27 NCERT standards, these detailed answers help students reinforce core academic concepts.

Download Chapter 03 आव्यूह Textbook Solutions PDF

View or download the dedicated Chapter 03 आव्यूह solution resource below. Engaging with these textbook answers under focused study conditions ensures continuous academic progress and mastery of the 2026-27 curriculum for Mathematics.

Question 1: यदि A तथा B सममित आव्यूह हैं तो सिद्ध कीजिए कि \( AB - BA \) एक विषम सममित आव्यूह है।

Answer:

मान लीजिए कि हमें दिया गया है कि आव्यूह A और B सममित आव्यूह हैं।
अतः परिभाषा के अनुसार, \( A' = A \) तथा \( B' = B \)
अब हमें \( AB - BA \) को विषम सममित सिद्ध करना है, जिसके लिए हमें इसका परिवर्तन (transpose) ज्ञात करना होगा:
\( (AB - BA)' = (AB)' - (BA)' \)
परिवर्तन आव्यूह के गुणधर्म \( (XY)' = Y'X' \) का प्रयोग करने पर:
\( = B'A' - A'B' \)
चूँकि A और B सममित हैं, इसलिए \( A' = A \) और \( B' = B \) रखने पर:
\( = BA - AB \)
अब इसमें से ऋण चिन्ह उभयनिष्ठ (common) लेने पर:
\( = -(AB - BA) \)
चूँकि \( (AB - BA)' = -(AB - BA) \) प्राप्त हुआ है, इसलिए परिभाषा के अनुसार \( AB - BA \) एक विषम सममित आव्यूह है।

मुख्य बिंदु:

• सममित आव्यूह के लिए \( A' = A \) होता है।
• विषम सममित आव्यूह के लिए \( X' = -X \) होना आवश्यक है।
• आव्यूह गुणन के परिवर्तन का गुणधर्म \( (AB)' = B'A' \) उपयोग किया जाता है।

आम गलतियाँ:

• आव्यूह गुणन के परिवर्तन के नियम में क्रम बदलना भूल जाना।
• ऋण चिन्ह को बाहर लेते समय अंदर के पदों के चिन्ह गलत करना।
• सममित और विषम सममित की परिभाषा में भ्रमित होना।

Exam Tips:

a) हमेशा आव्यूह के परिवर्तन के गुणों को स्पष्ट रूप से लिखें।
b) अंतिम चरण में परिभाषा लिखकर उत्तर की पुष्टि अवश्य करें।
c) चरणों को क्रमिक रूप से नए लाइन पर हल करें ताकि स्पष्टता बनी रहे।

 

Question 2: सिद्ध कीजिए कि आव्यूह \( B'AB \) सममित अथवा विषम सममित है यदि A सममित अथवा विषम सममित है।

Answer:

स्थिति 1: जब A एक सममित आव्यूह है।
चूँकि A सममित है, इसलिए \( A' = A \)
अब आव्यूह \( B'AB \) का परिवर्तन ज्ञात करने पर:
\( (B'AB)' = ((B'A)B)' \)
\( = B'(B'A)' \)
\( = B'(A'(B')') \)
\( = B'(AB) \)
\( = B'AB \)
चूँकि \( (B'AB)' = B'AB \) है, अतः इस स्थिति में \( B'AB \) एक सममित आव्यूह है।
स्थिति 2: जब A एक विषम सममित आव्यूह है।
चूँकि A विषम सममित है, इसलिए \( A' = -A \)
अब आव्यूह \( B'AB \) का परिवर्तन ज्ञात करने पर:
\( (B'AB)' = B'(A'(B')') \)
\( = B'(A'B) \)
चूँकि \( A' = -A \) है, मान रखने पर:
\( = B'(-AB) \)
\( = -B'AB \)
चूँकि \( (B'AB)' = -B'AB \) है, अतः इस स्थिति में \( B'AB \) एक विषम सममित आव्यूह है।

मुख्य बिंदु:

• इस प्रश्न में दो अलग-अलग स्थितियों को हल करना होता है।
• आव्यूह परिवर्तन के सहचर्य नियम \( (XY)' = Y'X' \) का बार-बार प्रयोग होता है।
• किसी आव्यूह का परिवर्तन स्वयं वही आव्यूह आने पर वह सममित होता है।

आम गलतियाँ:

• दोनों स्थितियों को एक ही में मिलाने की गलती करना।
• परिवर्तन खोलते समय क्रम उलटा न लिखना।
• विषम सममित की स्थिति में ऋण चिन्ह को गलत जगह लगाना।

Exam Tips:

a) दोनों केस (स्थिति 1 और स्थिति 2) को अलग-अलग headings डालकर हल करें।
b) प्रत्येक चरण में प्रयुक्त होने वाले गुणधर्म को ब्रैकेट में साइड में जरूर दर्शाएं।
c) अंतिम निष्कर्ष दोनों भागों के लिए अलग से लिखें।

 

Question 3: \( x, y \) तथा \( z \) के मानों को ज्ञात कीजिए, यदि आव्यूह \( A = \begin{bmatrix} 0 & 2y & z \\ x & y & -z \\ x & -y & z \end{bmatrix \) समीकरण \( A'A = I \) को संतुष्ट करता है।

Answer:

दिया गया आव्यूह है: \( A = \begin{bmatrix} 0 & 2y & z \\ x & y & -z \\ x & -y & z \end{bmatrix \)
सबसे पहले आव्यूह A का परिवर्तन \( A' \) ज्ञात करते हैं:
\( A' = \begin{bmatrix} 0 & x & x \\ 2y & y & -y \\ z & -z & z \end{bmatrix \)
दिया गया समीकरण है: \( A'A = I \)
मान रखने पर:
\( \begin{bmatrix} 0 & x & x \\ 2y & y & -y \\ z & -z & z \end{bmatrix} \begin{bmatrix} 0 & 2y & z \\ x & y & -z \\ x & -y & z \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} 1 & 0 & 0 \\ 0 & 1 & 0 \\ 0 & 0 & 1 \end{bmatrix \)
दोनों आव्यूहों का गुणा करने पर बायां पक्ष प्राप्त होता है:
\( \begin{bmatrix} 0+x^2+x^2 & 0+2y^2-y^2 & 0-2y^2+z^2 \\ 0+2y^2-z^2 & 4y^2+y^2+y^2 & 2yz-yz-yz \\ 0-2y^2+z^2 & 2yz-yz-yz & z^2+z^2+z^2 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} 1 & 0 & 0 \\ 0 & 1 & 0 \\ 0 & 0 & 1 \end{bmatrix \)
सरल करने पर:
\( \begin{bmatrix} 2x^2 & y^2 & -2y^2+z^2 \\ 2y^2-z^2 & 6y^2 & 0 \\ -2y^2+z^2 & 0 & 3z^2 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} 1 & 0 & 0 \\ 0 & 1 & 0 \\ 0 & 0 & 1 \end{bmatrix \)
संगत अवयवों की तुलना करने पर:
\( 2x^2 = 1 \Rightarrow x^2 = \frac{1}{2} \Rightarrow x = \pm \frac{1}{\sqrt{2}} \)
\( 6y^2 = 1 \Rightarrow y^2 = \frac{1}{6} \Rightarrow y = \pm \frac{1}{\sqrt{6}} \)
\( 3z^2 = 1 \Rightarrow z^2 = \frac{1}{3} \Rightarrow z = \pm \frac{1}{\sqrt{3}} \)
तथा समीकरण \( 2y^2 - z^2 = 0 \) से जाँच करने पर मान संतुष्ट होते हैं। अतः \( x = \pm \frac{1}{\sqrt{2}}, y = \pm \frac{1}{\sqrt{6}}, z = \pm \frac{1}{\sqrt{3}} \)

मुख्य बिंदु:

• किसी आव्यूह का परिवर्तन निकालने के लिए पंक्तियों और स्तंभों को आपस में बदला जाता है।
• आव्यूह गुणन के बाद संगत अवयवों की तुलना की जाती है।
• वर्गमूल लेते समय धनात्मक और ऋणात्मक दोनों चिन्हों का ध्यान रखना आवश्यक है।

आम गलतियाँ:

• आव्यूह गुणन में पंक्ति और स्तंभ की गुणा करते समय गणना में गलती करना।
• केवल धनात्मक मान लिखकर ऋणात्मक मान छोड़ देना।
• समीकरणों की संगतता की जाँच न करना।

Exam Tips:

a) गुणनफल आव्यूह के प्रत्येक अवयव को सावधानीपूर्वक हल करें।
b) तुलना करने के बाद सभी चरों के मान अलग से स्पष्ट रूप से लिखें।
c) यदि कोई अतिरिक्त समीकरण बने, तो उसमें मान रखकर संतुष्टि की जाँच जरूर करें।

 

Question 4: x के किस मान के लिए \( \begin{bmatrix} 1 & 2 & 1 \end{bmatrix} \begin{bmatrix} 1 & 2 & 0 \\ 2 & 0 & 1 \\ 1 & 0 & 2 \end{bmatrix} \begin{bmatrix} 0 \\ 2 \\ x \end{bmatrix} = 0 \) है?

Answer:

दिया गया समीकरण है:
\( \begin{bmatrix} 1 & 2 & 1 \end{bmatrix} \begin{bmatrix} 1 & 2 & 0 \\ 2 & 0 & 1 \\ 1 & 0 & 2 \end{bmatrix} \begin{bmatrix} 0 \\ 2 \\ x \end{bmatrix} = 0 \)
सबसे पहले पहले दो आव्यूहों का गुणा करते हैं:
\( = \begin{bmatrix} (1 \times 1 + 2 \times 2 + 1 \times 1) & (1 \times 2 + 2 \times 0 + 1 \times 0) & (1 \times 0 + 2 \times 1 + 1 \times 2) \end{bmatrix} \begin{bmatrix} 0 \\ 2 \\ x \end{bmatrix} \)
\( = \begin{bmatrix} (1 + 4 + 1) & (2 + 0 + 0) & (0 + 2 + 2) \end{bmatrix} \begin{bmatrix} 0 \\ 2 \\ x \end{bmatrix} \)
\( = \begin{bmatrix} 6 & 2 & 4 \end{bmatrix} \begin{bmatrix} 0 \\ 2 \\ x \end{bmatrix} = 0 \)
अब इस परिणामी पंक्ति आव्यूह और स्तंभ आव्यूह का गुणा करते हैं:
\( [6 \times 0 + 2 \times 2 + 4 \times x] = [0] \)
\( [0 + 4 + 4x] = [0] \)
\( 4 + 4x = 0 \)
\( 4x = -4 \)
\( x = -1 \)

मुख्य बिंदु:

• तीन आव्यूहों के गुणन में सहचर्य नियम लागू होता है, अतः पहले किसी भी दो को गुणा कर सकते हैं।
• \( 1 \times 3 \), \( 3 \times 3 \) और \( 3 \times 1 \) कोटि के आव्यूह का गुणनफल एक \( 1 \times 1 \) आव्यूह देता है।
• साधारण रैखिक समीकरण को हल करके x का मान निकाला जाता है।

आम गलतियाँ:

• तीनों आव्यूहों को एक साथ गुणा करने का प्रयास करना जिससे त्रुटि हो सकती है।
• गुणनफल के जोड़-घटाव में चिन्ह की गलती करना।
• अंत में आव्यूह रूप को साधारण संख्या के रूप में हल न करना।

Exam Tips:

हमेशा पहले दो आव्यूहों का गुणन करके एक सरल आव्यूह प्राप्त करें।
गणना के चरणों को स्पष्ट रूप से दिखाएं ताकि अंकीय त्रुटि न हो।
उत्तर प्राप्त होने के बाद उसे समीकरण में रखकर सत्यापित कर सकते हैं।

 

Question 5: यदि \( A = \begin{bmatrix} 3 & 1 \\ -1 & 2 \end{bmatrix} \) हो तो सिद्ध कीजिए कि \( A^2 - 5A + 7I = 0 \) है।

Answer:

दिया गया आव्यूह है: \( A = \begin{bmatrix} 3 & 1 \\ -1 & 2 \end{bmatrix} \)
सबसे पहले \( A^2 \) ज्ञात करते हैं:
\( A^2 = A \times A = \begin{bmatrix} 3 & 1 \\ -1 & 2 \end{bmatrix} \begin{bmatrix} 3 & 1 \\ -1 & 2 \end{bmatrix} \)
\( = \begin{bmatrix} (3 \times 3 + 1 \times -1) & (3 \times 1 + 1 \times 2) \\ (-1 \times 3 + 2 \times -1) & (-1 \times 1 + 2 \times 2) \end{bmatrix} \)
\( = \begin{bmatrix} (9 - 1) & (3 + 2) \\ (-3 - 2) & (-1 + 4) \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} 8 & 5 \\ -5 & 3 \end{bmatrix} \)
अब बायां पक्ष (LHS) लेते हैं: \( L.H.S. = A^2 - 5A + 7I \)
मान रखने पर:
\( L.H.S. = \begin{bmatrix} 8 & 5 \\ -5 & 3 \end{bmatrix} - 5 \begin{bmatrix} 3 & 1 \\ -1 & 2 \end{bmatrix} + 7 \begin{bmatrix} 1 & 0 \\ 0 & 1 \end{bmatrix} \)
अदिश गुणन (scalar multiplication) करने पर:
\( = \begin{bmatrix} 8 & 5 \\ -5 & 3 \end{bmatrix} - \begin{bmatrix} 15 & 5 \\ -5 & 10 \end{bmatrix} + \begin{bmatrix} 7 & 0 \\ 0 & 7 \end{bmatrix} \)
संगत अवयवों को जोड़ने और घटाने पर:
\( = \begin{bmatrix} 8 - 15 + 7 & 5 - 5 + 0 \\ -5 - (-5) + 0 & 3 - 10 + 7 \end{bmatrix} \)
\( = \begin{bmatrix} 0 & 0 \\ 0 & 0 \end{bmatrix} = 0 = R.H.S. \)
अतः सिद्ध हुआ कि \( A^2 - 5A + 7I = 0 \)

मुख्य बिंदु:

• \( A^2 \) का अर्थ \( A \times A \) होता है, न कि आव्यूह के प्रत्येक अवयव का वर्ग।
• I द्वितीय कोटि का तत्समक आव्यूह \( \begin{bmatrix} 1 & 0 \\ 0 & 1 \end{bmatrix} \) है।
• अदिश गुणा से प्रत्येक अवयव गुना होता है।

आम गलतियाँ:

• \( A^2 \) निकालते समय अवयवों का सीधा वर्ग कर देना।
• 5A और 7I घटाते/जोड़ते समय चिन्ह की गलती करना।
• I के स्थान पर शून्य आव्यूह या कोई अन्य आव्यूह लिख देना।

Exam Tips:

a) \( A^2 \) को अलग से पहले ही गणना करके निकाल लें।
b) सभी पदों को एक साथ एलएचएस में रखकर संगत अवयवों की संक्रिया करें।
c) अंत में शून्य आव्यूह प्राप्त होने पर उसे शून्य लिखकर आरएचएस के बराबर दिखाएं।

 

Question 6: यदि \( \begin{bmatrix} x & -5 & -1 \end{bmatrix} \begin{bmatrix} 1 & 0 & 2 \\ 0 & 2 & 1 \\ 2 & 0 & 3 \end{bmatrix} \begin{bmatrix} x \\ 4 \\ 1 \end{bmatrix} = 0 \) हो तो x का मान ज्ञात कीजिए।

Answer:

दिया गया समीकरण है:
\( \begin{bmatrix} x & -5 & -1 \end{bmatrix} \begin{bmatrix} 1 & 0 & 2 \\ 0 & 2 & 1 \\ 2 & 0 & 3 \end{bmatrix} \begin{bmatrix} x \\ 4 \\ 1 \end{bmatrix} = 0 \)
पहले पहले दो आव्यूहों का गुणा करते हैं:
\( = \begin{bmatrix} (x \times 1 - 5 \times 0 - 1 \times 2) & (x \times 0 - 5 \times 2 - 1 \times 0) & (x \times 2 - 5 \times 1 - 1 \times 3) \end{bmatrix} \begin{bmatrix} x \\ 4 \\ 1 \end{bmatrix} = 0 \)
\( = \begin{bmatrix} (x - 2) & (-10) & (2x - 8) \end{bmatrix} \begin{bmatrix} x \\ 4 \\ 1 \end{bmatrix} = 0 \)
अब इस परिणामी आव्यूह को तीसरे स्तंभ आव्यूह से गुणा करते हैं:
\( [(x - 2)x + (-10) \times 4 + (2x - 8) \times 1] = 0 \)
\( [x^2 - 2x - 40 + 2x - 8] = 0 \)
\( x^2 - 48 = 0 \)
\( x^2 = 48 \)
\( x = \pm \sqrt{48} = \pm 4\sqrt{3} \)

मुख्य बिंदु:

• तीन आव्यूहों के गुणन में भी कोटि का मिलान होना आवश्यक है।
• गुणन के पश्चात प्राप्त पदों को सावधानी से जोड़ें और घटाएं।
• वर्ग समीकरण बनने पर दोनों संभव हल (धनात्मक और ऋणात्मक) लिखें।

आम गलतियाँ:

• गुणा करते समय ऋणात्मक चिन्हों का ध्यान न रखना।
• समान पदों को काटते समय गलती करना।
• \( x = 4\sqrt{3} \) लिखकर \( -4\sqrt{3} \) छोड़ देना।

Exam Tips:

a) प्रत्येक पंक्ति और स्तंभ के अवयवों की गुणा करते समय रफ़ कार्य का प्रयोग करें।
b) बीजगणितीय समीकरण को सरलतम रूप में लाकर हल करें।
c) करणी (surd) को सरल रूप में व्यक्त करें (जैसे \( \sqrt{48} = 4\sqrt{3} \))।

 

Question 7: एक निर्माता तीन प्रकार की वस्तुएँ x, y तथा z का उत्पादन करता है जिनका वह दो बाजारों में विक्रय करता है। वस्तुओं की वार्षिक बिक्री नीचे सूचित (निदर्शित) है: बाजार I: x = 10,000, y = 2,000, z = 18,000 बाजार II: x = 6,000, y = 20,000, z = 8,000 (a) यदि x, y तथा z की प्रत्येक इकाई का विक्रय मूल्य क्रमशः ₹ 2.50, ₹ 1.50 तथा ₹ 1.00 है तो प्रत्येक बाजार में कुल आय (Revenue) आव्यूह बीजगणित की सहायता से ज्ञात कीजिए। (b) यदि उपर्युक्त तीन वस्तुओं की प्रत्येक इकाई की लागत (Cost) क्रमशः ₹ 2.00, ₹ 1.00 तथा 50 पैसे है तो कुल लाभ (Gross profit) ज्ञात कीजिए।

Answer:

(a) विक्रय मूल्य आव्यूह को इस प्रकार निरूपित किया जा सकता है:
\( S = \begin{bmatrix} 2.50 \\ 1.50 \\ 1.00 \end{bmatrix} \)
वार्षिक बिक्री का आव्यूह (A):
\( A = \begin{bmatrix} 10000 & 2000 & 18000 \\ 6000 & 20000 & 8000 \end{bmatrix} \)
प्रत्येक बाजार में कुल आय ज्ञात करने के लिए आव्यूह A को विक्रय मूल्य आव्यूह S से गुणा करते हैं:
\( AS = \begin{bmatrix} 10000 & 2000 & 18000 \\ 6000 & 20000 & 8000 \end{bmatrix} \begin{bmatrix} 2.50 \\ 1.50 \\ 1.00 \end{bmatrix} \)
\( = \begin{bmatrix} 10000 \times 2.50 + 2000 \times 1.50 + 18000 \times 1.00 \\ 6000 \times 2.50 + 20000 \times 1.50 + 8000 \times 1.00 \end{bmatrix} \)
\( = \begin{bmatrix} 25000 + 3000 + 18000 \\ 15000 + 30000 + 8000 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} 46000 \\ 53000 \end{bmatrix} \)
अतः बाजार I में कुल आय ₹ 46000 तथा बाजार II में कुल आय ₹ 53000 है।
(b) लागत मूल्य आव्यूह (C):
\( C = \begin{bmatrix} 2.00 \\ 1.00 \\ 0.50 \end{bmatrix} \)
प्रत्येक बाजार में कुल लागत:
\( AC = \begin{bmatrix} 10000 & 2000 & 18000 \\ 6000 & 20000 & 8000 \end{bmatrix} \begin{bmatrix} 2.00 \\ 1.00 \\ 0.50 \end{bmatrix} \)
\( = \begin{bmatrix} 10000 \times 2.00 + 2000 \times 1.00 + 18000 \times 0.50 \\ 6000 \times 2.00 + 20000 \times 1.00 + 8000 \times 0.50 \end{bmatrix} \)
\( = \begin{bmatrix} 20000 + 2000 + 9000 \\ 12000 + 20000 + 4000 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} 31000 \\ 36000 \end{bmatrix} \)
कुल लाभ = (कुल आय) - (कुल लागत)
बाजार I में कुल लाभ = ₹ 46000 - ₹ 31000 = ₹ 15000
बाजार II में कुल लाभ = ₹ 53000 - ₹ 36000 = ₹ 17000

मुख्य बिंदु:

• व्यावहारिक समस्याओं में आव्यूह गुणन का उपयोग करने के लिए उचित कोटि के आव्यूह बनाने पड़ते हैं।
• कुल आय = (बिक्री मात्रा) × (विक्रय मूल्य)।
• कुल लाभ = (कुल आय) - (कुल लागत)।

आम गलतियाँ:

• आव्यूहों की कोटि गलत चुनना जिससे गुणन संभव न हो सके।
• दशमलव संख्याओं के गुणा में शून्य की गणना में गलती करना।
• लागत और विक्रय मूल्य के आव्यूह को आपस में मिला देना।

Exam Tips:

a) दी गई सूचना को स्पष्ट रूप से पंक्ति और स्तंभ आव्यूह के रूप में लिखें।
b) गुणनफल निकालते समय दशमलव स्थानों का विशेष ध्यान रखें।
c) अंत में दोनों बाजारों के उत्तर अलग-अलग स्पष्ट शब्दों में लिखें।

 

Question 8: आव्यूह X ज्ञात कीजिए, यदि \( X \begin{bmatrix} 1 & 2 & 3 \\ 4 & 5 & 6 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} -7 & -8 & -9 \\ 2 & 4 & 6 \end{bmatrix} \) है।

Answer:

मान लीजिए कि आव्यूह X की कोटि \( m \times n \) है।
दिए गए समीकरण में: \( X_{m \times n} \begin{bmatrix} 1 & 2 & 3 \\ 4 & 5 & 6 \end{bmatrix}_{2 \times 3} = \begin{bmatrix} -7 & -8 & -9 \\ 2 & 4 & 6 \end{bmatrix}_{2 \times 3} \)
आव्यूह गुणन के नियम से, X की पंक्तियों की संख्या 2 होनी चाहिए और स्तंभों की संख्या भी 2 होनी चाहिए ताकि परिणामी आव्यूह \( 2 \times 3 \) हो सके। अतः X एक \( 2 \times 2 \) कोटि का आव्यूह है।
माना \( X = \begin{bmatrix} a & b \\ c & d \end{bmatrix} \)
मान समीकरण में रखने पर:
\( \begin{bmatrix} a & b \\ c & d \end{bmatrix} \begin{bmatrix} 1 & 2 & 3 \\ 4 & 5 & 6 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} -7 & -8 & -9 \\ 2 & 4 & 6 \end{bmatrix} \)
गुणा करने पर:
\( \begin{bmatrix} a + 4b & 2a + 5b & 3a + 6b \\ c + 4d & 2c + 5d & 3c + 6d \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} -7 & -8 & -9 \\ 2 & 4 & 6 \end{bmatrix} \)
संगत अवयवों की तुलना करने पर रैखिक समीकरण युग्म प्राप्त होते हैं:
\( a + 4b = -7 \)     (1)
\( 2a + 5b = -8 \)     (2)
तथा
\( c + 4d = 2 \)     (3)
\( 2c + 5d = 4 \)     (4)
समीकरण (1) को 2 से गुणा करके (2) में से घटाने पर:
\( 2a + 8b = -14 \)
\( 2a + 5b = -8 \)
घटाने पर: \( 3b = -6 \Rightarrow b = -2 \)
b का मान (1) में रखने पर: \( a + 4(-2) = -7 \Rightarrow a - 8 = -7 \Rightarrow a = 1 \)
अब समीकरण (3) को 2 से गुणा करके (4) में से घटाने पर:
\( 2c + 8d = 4 \)
\( 2c + 5d = 4 \)
घटाने पर: \( 3d = 0 \Rightarrow d = 0 \)
d का मान (3) में रखने पर: \( c + 4(0) = 2 \Rightarrow c = 2 \)
अतः अभीष्ट आव्यूह है: \( X = \begin{bmatrix} 1 & -2 \\ 2 & 0 \end{bmatrix} \)

मुख्य बिंदु:

• किसी अज्ञात आव्यूह को ज्ञात करने के लिए सबसे पहले उसकी उचित कोटि का निर्धारण करना आवश्यक है।
• समीकरणों की तुलना करके युगपत रैखिक समीकरण (Simultaneous linear equations) बनाए जाते हैं।
• विलोपन विधि (Elimination method) से चरों के मान आसानी से निकाले जा सकते हैं।

आम गलतियाँ:

• आव्यूह X की कोटि गलत मान लेना।
• समीकरणों को हल करते समय चिन्ह की त्रुटि करना।
• प्राप्त मानों को वापस X में रखकर संपुष्टि न करना।

Exam Tips:

a) हमेशा आव्यूह की कोटि की जाँच कोटि के नियमों के आधार पर करें।
b) चरों (a, b, c, d) के मान निकालकर अंत में उन्हें आव्यूह के रूप में सुव्यवस्थित लिखें।
c) रफ़ कार्य में मानों को समीकरण में रखकर उत्तर की जाँच अवश्य करें।

 

Question 9: यदि \( A = \begin{bmatrix} \alpha & \beta \\ γ & -\alpha \end{bmatrix} \) इस प्रकार है कि \( A^2 = I \), तो
(A) \( 1 + \alpha^2 + \betaγ = 0 \)
(B) \( 1 - \alpha^2 + \betaγ = 0 \)
(C) \( 1 - \alpha^2 - \betaγ = 0 \)
(D) \( 1 + \alpha^2 - \betaγ = 0 \)

Answer:

दिया गया है: \( A = \begin{bmatrix} \alpha & \beta \\ γ & -\alpha \end{bmatrix} \)
तथा \( A^2 = I \)
सबसे पहले \( A^2 \) ज्ञात करते हैं:
\( A^2 = A \times A = \begin{bmatrix} \alpha & \beta \\ γ & -\alpha \end{bmatrix} \begin{bmatrix} \alpha & \beta \\ γ & -\alpha \end{bmatrix} \)
\( = \begin{bmatrix} \alpha^2 + \betaγ & \alpha\beta - \alpha\beta \\ γ\alpha - \alphaγ & γ\beta + \alpha^2 \end{bmatrix} \)
\( = \begin{bmatrix} \alpha^2 + \betaγ & 0 \\ 0 & \alpha^2 + \betaγ \end{bmatrix} \)
चूँकि \( A^2 = I \), इसलिए तत्समक आव्यूह \( \begin{bmatrix} 1 & 0 \\ 0 & 1 \end{bmatrix} \) के बराबर रखने पर:
\( \begin{bmatrix} \alpha^2 + \betaγ & 0 \\ 0 & \alpha^2 + \betaγ \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} 1 & 0 \\ 0 & 1 \end{bmatrix} \)
संगत अवयवों की तुलना करने पर:
\( \alpha^2 + \betaγ = 1 \)
इस समीकरण को इस प्रकार लिखा जा सकता है:
\( 1 - \alpha^2 - \betaγ = 0 \)
अतः विकल्प (C) सही है।

मुख्य बिंदु:

• \( A^2 = I \) का अर्थ है कि आव्यूह A का वर्ग तत्समक आव्यूह के बराबर है।
• आव्यूह गुणन के पश्चात विकर्ण अवयव समान और गैर-विकर्ण अवयव शून्य आते हैं।
• विकल्पों के अनुसार समीकरण को पक्षांतर करके सही रूप में बदला जाता है।

आम गलतियाँ:

• गुणन करते समय गामा (\( γ \)) और अल्फा (\( \alpha \)) में भ्रमित होना।
• तुलना करते समय पक्षांतर में चिन्ह की गलती करना।
• सही विकल्प चुनते समय चिन्हों पर ध्यान न देना।

Exam Tips:

a) बहुविकल्पीय प्रश्नों में भी पूरे आव्यूह गुणन के चरणों को लिखकर हल करें।
b) प्राप्त समीकरण को विकल्पों के प्रारूप से मिलाएँ।
c) सही विकल्प का चयन स्पष्ट रूप से दर्शाइए।

 

Question 10: यदि एक आव्यूह सममित तथा विषम सममित दोनों ही है तो:
(A) A एक विकर्ण आव्यूह है।
(B) A एक शून्य आव्यूह है।
(C) A एक वर्ग आव्यूह है।
(D) इनमें से कोई नहीं।

Answer:

मान लीजिए कि आव्यूह A एक सममित तथा विषम सममित दोनों आव्यूह है।
सममित आव्यूह की परिभाषा से:
\( A' = A \)     (1)
विषम सममित आव्यूह की परिभाषा से:
\( A' = -A \)     (2)
समीकरण (1) और (2) से:
\( A = -A \)
दोनों पक्षों में A जोड़ने पर:
\( A + A = 0 \)
\( 2A = 0 \)
\( A = 0 \)
अतः आव्यूह A एक शून्य आव्यूह (Zero matrix) है।
इस प्रकार विकल्प (B) सही है।

मुख्य बिंदु:

• सममित आव्यूह के लिए \( A' = A \) होता है।
• विषम सममित आव्यूह के लिए \( A' = -A \) होता है।
• यदि कोई आव्यूह दोनों शर्तों को संतुष्ट करता है, तो वह केवल शून्य आव्यूह हो सकता है।

आम गलतियाँ:

• विकर्ण आव्यूह और शून्य आव्यूह में भ्रमित होना।
• समीकरण \( A = -A \) से सीधे निष्कर्ष न निकाल पाना।
• परिभाषाओं को ठीक से न समझ पाना।

Exam Tips:

a) दोनों परिभाषाओं को लिखकर उनकी तुलना गणितीय रूप से करें।
b) तर्क को स्पष्ट रखते हुए शून्य आव्यूह तक पहुँचें।
c) सही विकल्प (B) को अपने उत्तर में अंकित करें।

 

Question 11: यदि A एक वर्ग आव्यूह इस प्रकार है कि \( A^2 = A \), तो \( (I + A)^3 - 7A \) बराबर है:
(A) A
(B) \( I - A \)
(C) I
(D) 3A

Answer:

हमें व्यंजक \( (I + A)^3 - 7A \) का मान ज्ञात करना है, जबकि \( A^2 = A \) दिया गया है।
सर्वसमिका \( (X + Y)^3 = X^3 + Y^3 + 3X^2Y + 3XY^2 \) का प्रयोग करने पर:
\( (I + A)^3 = I^3 + A^3 + 3I^2A + 3IA^2 \)
हम जानते हैं कि किसी भी तत्समक आव्यूह के लिए \( I^3 = I \), \( I^2 = I \) और \( IA = AI = A \) होता है। अतः:
\( = I + A^3 + 3IA + 3IA^2 \)
चूँकि \( A^3 = A^2 \cdot A = A \cdot A = A^2 = A \) (दिया है \( A^2 = A \)), और \( A^2 = A \):
\( = I + A + 3A + 3A \)
\( = I + 7A \)
अब मूल व्यंजक में इसका मान रखने पर:
\( (I + A)^3 - 7A = (I + 7A) - 7A \)
\( = I + 7A - 7A = I \)
अतः विकल्प (C) सही है।

मुख्य बिंदु:

• बीजगणितीय सर्वसमिका का प्रसार आव्यूह के लिए भी मान्य है बशर्ते तत्समक आव्यूह (I) और अन्य आव्यूह क्रम-विनिमय हों (यानि \( IA = AI \))।
• यदि \( A^2 = A \) है, तो उच्च घातें भी A के बराबर होती हैं (जैसे \( A^3 = A, A^4 = A \))।
• तत्समक आव्यूह की कोई भी घात तत्समक आव्यूह ही होती है।

आम गलतियाँ:

• प्रसार करते समय तत्समक आव्यूह I की उपेक्षा करना।
• \( A^3 \) को सरल करते समय नियम का पालन न करना।
• अंत में घटाव करते समय गलती करना।

Exam Tips:

a) प्रसार करते समय प्रत्येक पद को विस्तार से लिखें।
b) \( A^2 = A \) और \( I^2 = I \) के गुणों का सही स्थान पर प्रयोग करें।
c) सही विकल्प (C) का चयन करें।

 

NCERT Solutions for Class 12 Mathematics Chapter 03 आव्यूह

Accessing Chapter 03 आव्यूह Solutions

Review comprehensive exercise answers for Class 12 Mathematics Chapter 03 आव्यूह. Fully updated to match current NCERT syllabus guidelines, these textbook solutions help students verify their work and maintain accurate study notes.

Concept-Driven Answers for Class 12 Mathematics

Clear, methodical explanations accompany every challenging problem within the Class 12 Mathematics text. Engaging with these detailed answers lays a solid foundation for advanced learning and improves foundational clarity for upcoming assessments.

Maximizing Study Efficiency

Consistent practice with these solution guides cultivates faster problem-solving habits and clearer logical structuring. For a complete preparation experience, pair these textbook answers with our dedicated revision notes and sample papers for Class 12 Mathematics.

FAQs

Where can I find the latest NCERT Solutions Class 12 Maths Chapter 03 Matrices (आव्यूह) Miscellaneous Exercise in Hindi for the 2026-27 session?

The complete and updated NCERT Solutions Class 12 Maths Chapter 03 Matrices (आव्यूह) Miscellaneous Exercise in Hindi is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 12 Mathematics are as per latest NCERT curriculum.

Are the Mathematics NCERT solutions for Class 12 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the NCERT Solutions Class 12 Maths Chapter 03 Matrices (आव्यूह) Miscellaneous Exercise in Hindi as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Mathematics concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 12 NCERT solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using NCERT language because NCERT marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our NCERT Solutions Class 12 Maths Chapter 03 Matrices (आव्यूह) Miscellaneous Exercise in Hindi will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer NCERT Solutions Class 12 Maths Chapter 03 Matrices (आव्यूह) Miscellaneous Exercise in Hindi in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 12 Mathematics. You can access NCERT Solutions Class 12 Maths Chapter 03 Matrices (आव्यूह) Miscellaneous Exercise in Hindi in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Mathematics NCERT solutions for Class 12 as a PDF?

Yes, you can download the entire NCERT Solutions Class 12 Maths Chapter 03 Matrices (आव्यूह) Miscellaneous Exercise in Hindi in printable PDF format for offline study on any device.