Step-by-Step Textbook Solutions for Class 12 Biology Chapter 11 जीव और समष्टियाँ
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Question 1: उन गुणों को बताइए जो व्यष्टियों में तो नहीं पर समष्टियों में होते हैं।
Answer:
समष्टि में कुछ ऐसे गुण होते हैं जो व्यष्टि में नहीं पाए जाते हैं, जैसे:
1. जन्म दर और मृत्यु दर: व्यष्टि जन्म लेता है या मरता है, लेकिन समष्टि की जन्म दर और मृत्यु दर होती है।
2. लिंग अनुपात: समष्टि में नर और मादा का प्रतिशत अनुपात होता है, जबकि व्यष्टि या तो नर होता है या मादा।
3. आयु वितरण: समष्टि में विभिन्न आयु वर्ग के सदस्यों का अनुपात होता है जिसे आयु पिरामिड द्वारा दर्शाया जाता है।
4. समष्टि घनत्व: प्रति इकाई क्षेत्र में जीवों की कुल संख्या समष्टि घनत्व कहलाती है जो व्यष्टि के लिए लागू नहीं होती।
मुख्य बिंदु:
• जन्म दर और मृत्यु दर समष्टि के महत्वपूर्ण अभिलाक्षणिक गुण हैं।
• आयु पिरामिड समष्टि की स्थिति यानी बढ़ती, स्थिर या घटती हुई अवस्था को दर्शाते हैं।
• समष्टि घनत्व समय और स्थान के साथ बदलता रहता है।
आम गलतियाँ:
• व्यष्टिगत विशेषताओं को समष्टि का गुण बता देना।
• जन्म दर और मृत्यु दर की परिभाषा में समय अंतराल को स्पष्ट न करना।
• आयु पिरामिड के प्रकारों को गलत क्रम में लिखना।
Exam Tips:
a) समष्टि और व्यष्टि के अंतर को स्पष्ट बिंदुओं में लिखें।
b) जन्म दर और मृत्यु दर को प्रति हजार जीवों के संदर्भ में समझाइए।
c) आयु पिरामिड के तीनों रूपों (बढ़ती, स्थिर, घटती) का नाम अवश्य लिखें।
Question 2: अगर चरघातांकी रूप से (एक्सपोनेंशियली) बढ़ रही समष्टि 3 वर्ष दुगुने साइज की हो जाती है, तो समष्टि की वृद्धि की ईट्रिनिजक दर (\( r \)) क्या है?
Answer:
चरघातांकी वृद्धि समीकरण के अनुसार:
\( N_t = N_0 e^{rt} \)
यहाँ, 3 वर्ष में समष्टि अपने मूल आकार की दुगुनी हो जाती है, अतः \( N_t / N_0 = 2 \) और \( t = 3 \)
\( 2 = e^{3r} \)
दोनों पक्षों का प्राकृतिक लघुगणक लेने पर:
\( \ln(2) = 3r \)
\( r = \frac{\ln(2)}{3} \)
\( r = \frac{0.6931}{3} = 0.231 \text{ प्रति वर्ष} \)
मुख्य बिंदु:
• चरघातांकी वृद्धि का सूत्र \( N_t = N_0 e^{rt} \) होता है।
• यहाँ \( r \) प्राकृतिक वृद्धि की ईट्रिनिजक दर है।
• \( \ln(2) \) का मान लगभग \( 0.693 \) होता है।
आम गलतियाँ:
• प्राकृतिक लघुगणक के स्थान पर साधारण लॉग का प्रयोग करना।
• समय \( t \) का मान गलत रखना।
• अंतिम उत्तर में इकाई लिखना भूल जाना।
Exam Tips:
a) चरघातांकी वृद्धि का सूत्र लिखकर सभी चरों को परिभाषित करें।
b) लघुगणक के गुणों का सही उपयोग करें।
c) गणना को चरणों में स्पष्ट रूप से दिखाएं।
Question 3: पादपों में शाखाहारिता (हर्बीवोरो) के विरुद्ध रक्षा करने की महत्त्वपूर्ण विधियाँ बताइए।
Answer:
पादप शाकाहारियों (शाखाहारियों) से बचने के लिए कई प्रकार की रक्षात्मक विधियों और संरचनाओं का विकास करते हैं:
1. काँटे और तीखे किनारे: अनेक पौधों जैसे बबूल, कैक्टस आदि में पत्तियाँ काँटों में रूपांतरित हो जाती हैं या उनके किनारे तीखे होते हैं जो शाकाहारी पशुओं से रक्षा करते हैं।
2. रासायनिक रक्षा: पादप ऐसे रसायन उत्पन्न करते हैं जो शाकाहारियों को बीमार कर देते हैं, उनकी पाचन क्रिया में बाधा डालते हैं या उन्हें मार देते हैं। उदाहरण के लिए, केलोट्रोपिस अत्यधिक विषैला ग्लाकोसाइड उत्पन्न करता है।
3. कैफीन, निकोटीन, क्विनाइन और ओपियम जैसे रसायन पादपों द्वारा अपनी रक्षा के लिए ही उत्पादित किए जाते हैं।
मुख्य बिंदु:
• पादप अचल होते हैं इसलिए वे रासायनिक और भौतिक सुरक्षा पर निर्भर करते हैं।
• कैक्टस के काँटे रूपांतरित पत्तियाँ हैं।
• ग्लाकोसाइड जैसे रसायन पादपों को खाने से बचाते हैं।
आम गलतियाँ:
• केवल काँटों का उल्लेख करना और रासायनिक सुरक्षा को छोड़ देना।
• कैलोट्रोपिस के रसायन का सही नाम न लिखना।
• भौतिक और रासायनिक विधियों में अंतर स्पष्ट न करना.
Exam Tips:
a) उत्तर को भौतिक और रासायनिक विधियों में वर्गीकृत करके लिखें।
b) कैलोट्रोपिस का उदाहरण अवश्य दें।
c) पादपों की रक्षात्मक रणनीतियों के पीछे के विकासवादी कारणों को समझाइए।
Question 4: ऑर्किड पौधा, आम के पेड़ की शाखा पर उग रहा है। ऑर्किड और आम के पेड़ के बीच पारस्परिक क्रिया का वर्णन आप कैसे करेंगे?
Answer:
ऑर्किड और आम के पेड़ के बीच की पारस्परिक क्रिया सहभोजिता (Commensalism) कहलाती है।
इस प्रकार की पारस्परिक क्रिया में एक जाति को लाभ होता है और दूसरी जाति को न तो लाभ होता है और न ही कोई हानि होती है।
आम के पेड़ की शाखा पर उगने वाले ऑर्किड को प्रकाश और आश्रय प्राप्त होता है जिससे उसे लाभ होता है, जबकि आम के पेड़ को ऑर्किड से न तो कोई लाभ होता है और न ही किसी प्रकार की हानि पहुँचती है।
मुख्य बिंदु:
• सहभोजिता को (+, 0) अंतःक्रिया के रूप में दर्शाया जाता है।
• ऑर्किड एक अधिपादप (Epiphyte) का उदाहरण है।
• आम के पेड़ को इस संबंध से कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
आम गलतियाँ:
• इसे सहोपकारिता (Mutualism) समझ लेना जहाँ दोनों को लाभ होता है।
• ऑर्किड को परजीवी मान लेना (ऑर्किड भोजन आम के पेड़ से नहीं लेता, केवल आश्रय लेता है)।
• (+, 0) चिह्नों का गलत अर्थ निकालना।
Exam Tips:
a) सहभोजिता की परिभाषा के साथ इस उदाहरण को समझाएं।
b) स्पष्ट करें कि ऑर्किड केवल आश्रय के लिए निर्भर है, पोषण के लिए नहीं।
c) (+, 0) संकेतन का प्रयोग करें।
Question 5: कीट कीटों (पेस्ट/इंसेक्ट) के प्रबंध के जैव-नियंत्रण विधि के पीछे क्या पारिस्थितिक सिद्धांत है?
Answer:
कृषि पीड़नाशकों के नियंत्रण में अपनाई गई जैव नियंत्रण विधियाँ प्रकृति के प्राकृतिक नियमन की क्षमता पर आधारित होती हैं।
इस सिद्धांत के अनुसार, परभक्षी, स्पर्धा और शिकार जातियों की बीच स्पर्धा की तीव्रता कम करके किसी समुदाय में जातियों की विविधता बनाए रखने में भी सहायता करता है।
परभक्षी पीड़कों का शिकार करके उनकी संख्या को उनके वास स्थान में नियंत्रित रखते हैं। उदाहरण के लिए, गैम्बुसिया मछली मच्छरों के लार्वा को खाती है और इस प्रकार कीटों की संख्या को नियंत्रित रखती है।
मुख्य बिंदु:
• जैव-नियंत्रण प्रकृति में मौजूद परभक्षण और स्पर्धा पर आधारित है।
• यह हानिकारक रासायनिक कीटनाशकों का पर्यावरण-अनुकूल विकल्प है.
• यह समष्टि में जैव विविधता बनाए रखने में मदद करता है।
आम गलतियाँ:
• जैव नियंत्रण को रासायनिक नियंत्रण मान लेना।
• परभक्षी और शिकार के संबंध को गलत तरीके से समझाना।
• उपयुक्त उदाहरण न देना।
Exam Tips:
a) प्राकृतिक नियमन के सिद्धांत को स्पष्ट करें।
b) गैम्बुसिया मछली और मच्छरों का उदाहरण अवश्य दें।
c) रासायनिक कीटनाशकों की तुलना में इसके लाभ संक्षेप में बताएं।
Question 6: समष्टि (पॉपुलेशन) और समुदाय (कम्युनिटी) की परिभाषा दीजिए।
Answer:
1. समष्टि (Population): किसी निश्चित समय और क्षेत्र में एक ही प्रकार की स्पीशीज के व्यष्टियों या जीवों की कुल संख्या को समष्टि कहते हैं।
2. समुदाय (Community): किसी विशिष्ट आवास-स्थान के जीव-समष्टियों का स्थानीय संघ समुदाय कहलाता है, जिसमें एक ही समय में एक क्षेत्र में रहने वाली विभिन्न जातियों की समष्टियाँ शामिल होती हैं।
मुख्य बिंदु:
• समष्टि एक ही स्पीशीज के जीवों का समूह है।
• समुदाय विभिन्न स्पीशीज की समष्टियों का समूह है।
• दोनों के लिए एक निश्चित समय और निश्चित क्षेत्र आवश्यक है।
आम गलतियाँ:
• समष्टि और समुदाय की परिभाषाओं को आपस में मिला देना।
• 'एक ही स्पीशीज' और 'विभिन्न स्पीशीज' के अंतर को स्पष्ट न करना।
• समय और क्षेत्र का उल्लेख छोड़ देना।
Exam Tips:
a) दोनों की परिभाषाओं को स्पष्ट और अलग-अलग बिंदुओं में लिखें।
b) उदाहरण के साथ समझाएं (जैसे तालाब में मछलियों की एक प्रजाति समष्टि है, और सभी जीव मिलकर समुदाय बनाते हैं)।
c) शब्दावली सटीक NCERT के अनुसार रखें।
Question 7: निम्नलिखित की परिभाषा दीजिए और प्रत्येक का एक-एक उदाहरण भी दीजिए:
(क) सहभोजिता (कमेंसलिजम)
(ख) परजीविता (पैरासिटिजम)
(ग) छद्मावरण (कैमुफ्लॉज)
(घ) सहोपकारिता (म्यूचुअलिजम)
(ङ) अंतरजातीय स्पर्धा (इंटरस्पेसिफिक कंपटीशन)
Answer:
(क) सहभोजिता (कमेंसलिजम): यह ऐसी पारस्परिक क्रिया है जिसमें एक जाति को लाभ होता है और दूसरी जाति को न तो लाभ और न ही हानि होती है। उदाहरण: आम की शाखा पर उगने वाला ऑर्किड।
(ख) परजीविता (पैरासिटिजम): दो जातियों के बीच पारस्परिक संबंध जिसमें एक जाति को लाभ होता है जबकि दूसरी जाति को हानि होती है। उदाहरण: मानव यकृत पर्णभृमि (लिवर फ्लुक)।
(ग) छद्मावरण (कैमुफ्लॉज): जीवों के द्वारा अपने आपको परभक्षी द्वारा आसानी से पहचान लिए जाने से बचने के लिए गुप्त रूप से रंगा होना। उदाहरण: कीट एवं मेंढक की कुछ जातियाँ।
(घ) सहोपकारिता (म्यूचुअलिजम): दो जातियों के बीच पारस्परिक संबंध जिसमें दोनों जातियों को लाभ होता है। उदाहरण: शैवाल और कवक से मिलकर बना हुआ लाइकेन।
(ङ) अंतरजातीय स्पर्धा (इंटरस्पेसिफिक कंपटीशन): जब निकट रूप से संबंधित जातियाँ उपलब्ध संसाधनों (भोजन, आवास) के लिए स्पर्धा करती हैं, तो अंतरजातीय स्पर्धा कहलाती है। उदाहरण: गैलापेगोस द्वीप में बकरियों के आगमन से एब्रिडन का विलुप्त होना।
मुख्य बिंदु:
• सहभोजिता (+, 0) संबंध है।
• परजीविता (+, -) संबंध है।
• सहोपकारिता (+, +) संबंध है।
आम गलतियाँ:
• पारस्परिक क्रियाओं के चिन्हों (+, -, 0) में भ्रमित होना।
• गलत उदाहरण देना।
• परिभाषाओं में मुख्य शब्दों को छोड़ देना।
Exam Tips:
a) सभी पाँचों अंतःक्रियाओं की हेडिंग अलग से बनाएं।
b) प्रत्येक के साथ उचित और सटीक उदाहरण लिखें।
c) लाभ (+), हानि (-) और उदासीन (0) संकेतों का प्रयोग करें।
Question 8: उपयुक्त आरेख (डायग्राम) की सहायता से लॉजिस्टिक (संभार तंत्र) समष्टि (पॉपुलेशन) वृद्धि का वर्णन कीजिए।
Answer:
प्रकृति में किसी भी समष्टि के पास इतने असीम साधन नहीं होते कि चरघातांकी वृद्धि होती रहे। इसी कारण सीमित संसाधनों के लिए व्यष्टियों में प्रतिस्पर्धा होती है।
समष्टि वृद्धि समीकरण:
\( \frac{dN}{dt} = rN \left(\frac{K - N}{K}\right) \)
जहाँ \( N \) = समष्टि घनत्व, \( r \) = प्राकृतिक वृद्धि की ईट्रिनिजक दर, और \( K \) = पोषण क्षमता (Carrying capacity)।
किसी आवास में सीमित संसाधनों के साथ वृद्धि कर रही समष्टि आरंभ में लेग प्रावस्था दर्शाती है, उसके बाद त्वरण और मंजन और अंततः अनंतस्पर्शी प्रावस्थाएँ आती हैं।
जब समष्टि घनत्व पोषण क्षमता पर पहुँच जाता है, तब वक्र सिग्मॉइड या लॉजिस्टिक वृद्धि कहलाता है।
मुख्य बिंदु:
• लॉजिस्टिक वृद्धि वक्र सिग्मॉइड (S-आकार) होता है।
• यह संसाधन की सीमितता (पोषण क्षमता K) को दर्शाता है।
• समीकरण में \( \left(\frac{K-N}{K}\right) \) प्रतिरोध कारक है।
आम गलतियाँ:
• चरघातांकी और लॉजिस्टिक वक्र के समीकरणों को आपस में मिला देना।
• 'K' (पोषण क्षमता) को सही से परिभाषित न करना।
• आरेख में लेग और लॉग प्रावस्थाओं को गलत दर्शाना।
Exam Tips:
a) सिग्मॉइड वक्र का स्पष्ट आरेख बनाएँ।
b) समीकरण के प्रत्येक प्रतीक (\( N, r, K, t \)) को विस्तार से समझाएँ।
c) प्राकृतिक संदर्भ में इसके महत्व को लिखें।
Question 9: निम्नलिखित कथनों में परजीविता (पैरासिटिजम) को कौन सा सबसे अच्छी तरह स्पष्ट करता है -
(क) एक जीव को लाभ होता है।
(ख) दोनों जीवों को लाभ होता है।
(ग) एक जीव को लाभ होता है दूसरा प्रभावित नहीं होता है।
(घ) एक जीव को लाभ होता है दूसरा प्रभावित होता है।
Answer:
(घ) एक जीव को लाभ होता है दूसरा प्रभावित होता है।
स्पष्टीकरण: परजीविता वह अंतःक्रिया है जिसमें एक जीव (परजीवी) को लाभ होता है क्योंकि वह पोषण और आश्रय प्राप्त करता है, जबकि दूसरा जीव (पोषी) प्रभावित (हानि उठाता है) होता है। अतः सही विकल्प (घ) है।
मुख्य बिंदु:
• परजीविता में (+, -) संबंध होता है।
• पोषी जीव को शारीरिक और आर्थिक रूप से हानि होती है।
• परजीवी पूरी तरह या आंशिक रूप से पोषी पर निर्भर होता है।
आम गलतियाँ:
• केवल एक जीव को लाभ होने वाले विकल्प को चुनना और हानि को नजरअंदाज करना।
• सहभोजिता और परजीविता में अंतर न समझ पाना।
Exam Tips:
a) सही विकल्प को स्पष्ट रूप से लिखें।
b) कारण सहित उत्तर दें कि विकल्प (घ) क्यों सही है।
c) (+, -) का संकेत याद रखें।
Question 10: समष्टि (पॉपुलेशन) की कोई तीन महत्वपूर्ण विशेषताएँ बताइए और व्याख्या कीजिए।
Answer:
समष्टि (पॉपुलेशन) की तीन महत्वपूर्ण विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
1. समष्टि आकार और समष्टि घनत्व: किसी जाति के लिए समष्टि का आकार स्थैतिक प्रायः नहीं है। यह समय-समय पर बदलता रहता है जो विभिन्न कारकों जैसे आहार उपलब्धता, परभक्षण दाब और मौसमी परिस्थितियों पर निर्भर करता है।
2. जन्मदर: यह साधारणतः प्रतिवर्ष प्रति समष्टि के 1000 व्यक्ति प्रति जन्म की संख्या द्वारा व्यक्त की जाती है। जन्मदर समष्टि आकार तथा समष्टि घनत्व को बढ़ाती है।
3. मृत्युदर: यह जन्मदर के विपरीत है। यह साधारणतः प्रतिवर्ष प्रति समष्टि के 1000 व्यक्ति प्रति मृत्यु की संख्या द्वारा व्यक्त की जाती है जो समष्टि घनत्व को घटाती है।
मुख्य बिंदु:
• समष्टि घनत्व पर्यावरण के अनुसार बदलता रहता है।
• जन्मदर और मृत्युदर समष्टि को गतिशीलता प्रदान करते हैं।
• समष्टि घनत्व को प्रभावित करने वाले चार मुख्य प्रक्रम जन्म, मृत्यु, आप्रवासन और उत्प्रवास हैं।
आम गलतियाँ:
• केवल दो विशेषताओं का वर्णन करना।
• जन्मदर और मृत्युदर की गणना के तरीके को स्पष्ट न करना।
• 'समष्टि आकार' और 'समष्टि घनत्व' को अलग-अलग न समझना।
Exam Tips:
a) तीनों विशेषताओं को अलग-अलग उप-शीर्षकों के साथ लिखें।
b) जन्मदर और मृत्युदर के मापन के सूत्रों का उल्लेख करें।
c) उत्तर को संक्षिप्त और सटीक रखें।
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