Official CBSE Practice Papers for Class 12 Hindi Elective
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खंड - क
(अपठित बोध)
1. निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर लिखिए- [10 Marks]
हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति में एक किसान ने पहली बार हींग की सफलतापूर्वक खेती की है। यह एक ऐसी उपलब्धि है जो इस घरेलू मसाले की खेती में 'क्रांति ला सकती है', जिसे कभी भारतीय धरती पर उगाना असंभव माना जाता था। लाहौल घाटी के सालगरा गाँव के किसान तोग चंद ने सीएसआईआर-हिमालय जैवसंपदा प्रौद्योगिकी संस्थान (आईएचबीटी), पालमपुर के वैज्ञानिकों द्वारा उपलब्ध कराए गए बीजों से चार साल की कड़ी मेहनत के बाद यह उपलब्धि हासिल की है।
आईएचबीटी के वैज्ञानिकों की एक टीम ने हाल ही में तोग चंद के खेत का दौरा किया, जहाँ वे किसान की इस अनोखी उपलब्धि से प्रभावित हुए। टीम ने देश के विभिन्न क्षेत्रों में हींग की खेती के परीक्षण किए थे, लेकिन उन्हें कहीं भी सफलता नहीं मिली। तोग चंद की यह सफलता हींग उगाने के सपने को साकार करने की दिशा में आशा की किरण है, जिसे अब तक अफगानिस्तान और ईरान से निर्यात किया जाता रहा है। तोग चंद, जिन्होंने एक बीघा ज़मीन पर हींग की सफलतापूर्वक खेती की है, को उम्मीद है कि लाहौल-स्पीति के अन्य किसान भी इस सफलता को दोहराकर भारत को हींग के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में योगदान देंगे।
चार साल पहले सीएसआईआर-आईएचबीटी, पालमपुर की टीम के दौरे के दौरान, हिमाचल प्रदेश की लाहौल घाटी की ठंडी और शुष्क जलवायु हींग की खेती के लिए उपयुक्त पाई गई थी। वैज्ञानिकों ने घाटी के कुछ किसानों को हींग के बीज दिए थे, ताकि वे इसे अपने खेतों में उगा सकें। हालाँकि घाटी के कई किसानों ने हींग उगाने की कोशिश की, लेकिन चंद ही भाग्यशाली रहे जिन्होंने इसे सफलतापूर्वक उगाया।
स्रोत- आविष्कार पत्रिका, नवंबर 2025 अंक से साभार
(I) तोग चंद की हींग की खेती की सफलता किसका परिणाम है ? [1 Mark]
(A) विदेशी निवेश का
(B) उत्कृष्ट जीवनशैली का
(C) वैज्ञानिक सहयोग का
(D) किसानों के परस्पर सहयोग का
Answer: (C) वैज्ञानिक सहयोग का
Teacher's Note:
a) गद्यांश के अनुसार तोग चंद ने आईएचबीटी, पालमपुर के वैज्ञानिकों द्वारा दिए गए बीजों से खेती की।
b) वैज्ञानिकों ने ही लाहौल घाटी की जलवायु को हींग के लिए उपयुक्त पाया था, इसलिए सफलता वैज्ञानिक सहयोग का परिणाम है।
(II) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:-
(i) लाहौल स्पीति की ज़मीन पर किसान बरसों से हींग की खेती कर रहे थे।
(ii) हींग के बीज हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति के कई किसानों को दिए गए थे।
(iii) आईएचबीटी की टीम ने देश के विभिन्न क्षेत्रों में हींग की खेती के परीक्षण किए थे।
गद्यांश के अनुसार कौन-सा/ से कथन सही हैं?
विकल्प [1 Mark]
(A) केवल कथन (i) सही है।
(B) केवल कथन (i) और (ii) सही हैं।
(C) केवल कथन (i) और (iii) सही हैं।
(D) केवल कथन (ii) और (iii) सही हैं।
Answer: (D) केवल कथन (ii) और (iii) सही हैं।
Teacher's Note:
a) कथन (i) गलत है, क्योंकि गद्यांश के अनुसार हींग की सफल खेती पहली बार हुई है।
b) बीज घाटी के कई किसानों को दिए गए थे और टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में परीक्षण किए थे - दोनों बातें गद्यांश में हैं।
(III) निम्नलिखित कथन-कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा उत्तर के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए।
कथन : हिमाचल प्रदेश की लाहौल घाटी हींग की खेती के लिए उपयुक्त पाई गई थी।
कारण : हिमाचल प्रदेश की लाहौल घाटी की ठंडी और शुष्क जलवायु हींग की खेती के लिए ठीक थी।
विकल्प : [1 Mark]
(A) कथन और कारण दोनों गलत हैं।
(B) कथन सही है, किंतु कारण गलत है।
(C) कथन सही है और कारण उसकी उचित व्याख्या करता है।
(D) कथन सही है, किंतु कारण उसकी उचित व्याख्या नहीं करता है।
Answer: (C) कथन सही है और कारण उसकी उचित व्याख्या करता है।
Teacher's Note:
a) घाटी के उपयुक्त पाए जाने का कारण उसकी ठंडी और शुष्क जलवायु ही है।
b) पहले कथन और कारण को अलग-अलग जाँचें, फिर देखें कि कारण कथन को स्पष्ट करता है या नहीं।
(IV) हींग की खेती क्रांति कैसे ला सकती है? [1 Mark]
Answer: हींग की खेती से भारत की आयात पर निर्भरता से मुक्ति मिलेगी तथा किसानों को रोज़गार मिलेगा और ग्रामीण विकास होगा।
Teacher's Note:
a) 'आयात पर निर्भरता से मुक्ति' और 'रोज़गार व ग्रामीण विकास' - ये दो बिंदु मुख्य हैं।
b) गद्यांश में बताया गया है कि हींग अब तक अफगानिस्तान और ईरान से आती रही है।
(V) तोग चंद की हींग खेती में सीएसआईआर-आईएचबीटी की भूमिका रही। सिद्ध कीजिए। [2 Marks]
Answer: सीएसआईआर-आईएचबीटी ने तोग चंद को हींग के बीज और तकनीकी व वैज्ञानिक सहयोग दिया। उसके वैज्ञानिकों ने लाहौल घाटी की जलवायु को हींग के लिए उपयुक्त पाया और पहाड़ी क्षेत्रों में इसकी व्यावसायिकता साबित की। इस प्रकार संस्थान ने हींग को किसानों के लिए एक नकदी फसल के रूप में स्थापित किया और भारत को आयात पर निर्भरता से मुक्त करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
Teacher's Note:
a) 'बीज उपलब्ध कराना' और 'वैज्ञानिक सहयोग' का उल्लेख अवश्य करें।
b) नकदी फसल और आयात पर निर्भरता से मुक्ति जैसे बिंदु उत्तर को पूर्ण बनाते हैं।
(VI) किसान और वैज्ञानिकों का संयुक्त प्रयास भारत को हींग के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में योगदान देगा। गद्यांश के आधार अपने विचार लिखिए। [2 Marks]
Answer: हींग की सफल खेती वैज्ञानिक अनुसंधान और ग्रामीण नवाचार की शक्ति को दर्शाती है। जिस हींग को भारतीय धरती पर उगाना असंभव माना जाता था, उसे वैज्ञानिकों की दूरदर्शिता और किसानों की मेहनत ने संभव बना दिया। यदि अन्य किसान भी इस सफलता को दोहराएँ, तो भारत हींग के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकता है।
Teacher's Note:
a) 'असंभव को संभव बनाना' - यह बिंदु अवश्य लिखें।
b) वैज्ञानिकों की दूरदर्शिता और किसानों की मेहनत - दोनों पक्षों का उल्लेख करें।
(VII) गद्यांश से प्राप्त संदेश अपने शब्दों में लिखिए। [2 Marks]
Answer: गद्यांश से संदेश मिलता है कि कठिन परिश्रम और दृढ़ निश्चय से असंभव भी संभव हो जाता है। तोग चंद की तरह सभी भारतीय अपने-अपने स्तर पर प्रयास करके भारत की प्रगति में योगदान दे सकते हैं।
Teacher's Note:
a) संदेश अपने शब्दों में लिखें, गद्यांश की पंक्तियाँ ज्यों-की-त्यों न उतारें।
b) 'परिश्रम और दृढ़ निश्चय' तथा 'देश की प्रगति में योगदान' - दोनों बिंदु आवश्यक हैं।
2. निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर लिखिए- [8 Marks]
रे प्रवासी, जाग, तेरे
देश का संवाद आया।
भेदमय संदेश सुन पुलकित
खगों ने चंचु खोली;
प्रेम से झुक-झुक प्रणति में
पादपों की पंक्ति डोली;
दूर प्राची की तटी से
विश्व के तृण-तृण जगाता;
फिर उदय की वायु का वन में
सुपरिचित नाद आया।
रे प्रवासी, जाग, तेरे
देश का संवाद आया।
व्योम-सर में हो उठा विकसित
अरुण आलोक-शतदल;
चिर-दुखी धरणी विभा में
हो रही आनंद-विह्वल ।
चूमकर प्रति रोम से सिर
पर चढ़ा वरदान प्रभु का,
रश्मि-अंजलि में पिता का
स्नेह-आशीर्वाद आया।
रे प्रवासी, जाग, तेरे
देश का संवाद आया।
सिंधु-तट का आर्य भावुक
आज जग मेरे हृदय में,
खोजता, उद्गम विभा का
दीप्त-मुख विस्मित उदय में;
उग रहा जिस क्षितिज-रेखा
से अरुण, उसके परे क्या?
एक भूला देश धूमिल-सा,
मुझे क्यों याद आया?
रे प्रवासी, जाग, तेरे
देश का संवाद आया।
स्रोत: पुस्तक :स्वतंत्रता पुकारती
कवि- 'रामधारी सिंह दिनकर'
(I) कविता का मुख्य संदेश क्या है? [1 Mark]
(A) प्रकृति का संरक्षण आवश्यक ।
(B) व्यक्तिगत सुख को साझा करना।
(C) वर्तमान स्थिति की चिंता व्यक्त करना।
(D) प्रवासी को देश की चेतना से जोड़ना।
Answer: (D) प्रवासी को देश की चेतना से जोड़ना।
Teacher's Note:
a) टेक की पंक्ति 'रे प्रवासी, जाग, तेरे देश का संवाद आया' बार-बार आकर यही संदेश देती है।
b) कवि प्रवासी को जगाकर उसे अपने देश की नई चेतना से जोड़ना चाहता है।
(II) कवि का अंतर्निहित प्रश्न "उग रहा जिस क्षितिज-रेखा से अरुण, उसके परे क्या?" किस भाव को उभारता है? [1 Mark]
(A) भौतिक वस्तुओं की खोज।
(B) जिज्ञासा और चेतना की खोज।
(C) नए सत्य और उजाले की खोज।
(D) मनुष्य की सीमा से आगे की खोज।
Answer: (B) जिज्ञासा और चेतना की खोज।
Teacher's Note:
a) 'उसके परे क्या?' - यह प्रश्न कवि के मन की जिज्ञासा को प्रकट करता है।
b) कवि का भावुक हृदय 'विभा का उद्गम' खोज रहा है, जो चेतना की खोज है।
(III) निम्नलिखित कथन-कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा उत्तर के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए।
कथन: कविता में उल्लिखित "अरुण आलोक-शतदल" एक नए प्रभात का प्रतीक है।
कारण: "अरुण आलोक-शतदल" सूर्योदय के प्रकाश से खिले फूल की तरह देश के नए उत्साह को दर्शाता है।
विकल्प : [1 Mark]
(A) कथन और कारण दोनों गलत हैं।
(B) कथन सही है, किंतु कारण गलत है।
(C) कथन सही है और कारण उसकी उचित व्याख्या करता है।
(D) कथन सही है, किंतु कारण उसकी उचित व्याख्या नहीं करता है।
Answer: (C) कथन सही है और कारण उसकी उचित व्याख्या करता है।
Teacher's Note:
a) 'व्योम-सर' में खिला 'अरुण आलोक-शतदल' उगता हुआ सूर्य है, जो नए प्रभात का प्रतीक है।
b) कारण बताता है कि यह प्रतीक देश के नए उत्साह को दर्शाता है, इसलिए यह कथन की सही व्याख्या है।
(IV) "चिर-दुखी धरणी विभा में हो रही आनंद-विह्वल" से क्या आशय है? [1 Mark]
Answer: इसका आशय है कि जो धरती सदियों से दुखी थी, वह अब समृद्धि, नवाचार और खुशी से भर उठी है। यह इस बात का प्रतीक है कि संघर्षों के बाद एक नई प्रगति की शुरुआत हो चुकी है।
Teacher's Note:
a) 'चिर-दुखी' का अर्थ 'सदियों से दुखी' और 'विभा' का अर्थ 'प्रकाश' स्पष्ट करें।
b) 'संघर्ष के बाद नई प्रगति की शुरुआत' - यह प्रतीकार्थ अवश्य लिखें।
(V) कविता में प्रकृति के किन दो तत्वों का वर्णन देश की नव-जागृति के प्रतीक के रूप में हुआ है? [2 Marks]
Answer:
1. प्रथम तत्व - आकाश में खिलता सूर्य का कमल (अरुण आलोक-शतदल)। यह नवचेतना, गौरव और प्रगति का प्रतीक है।
2. द्वितीय तत्व - खुशहाल हो रही धरती (चिर-दुखी धरणी विभा)। यह देश के आर्थिक और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है।
Teacher's Note:
a) दोनों तत्वों के नाम के साथ उनका प्रतीकार्थ भी लिखें, तभी पूरे अंक मिलेंगे।
b) कविता की पंक्तियों को कोष्ठक में उद्धृत करना उत्तर को प्रामाणिक बनाता है।
(VI) "एक भूला देश धूमिल, सा मुझे क्यों याद आया?" पंक्ति के माध्यम से कवि का मनोभाव स्पष्ट कीजिए। [2 Marks]
Answer: यह पंक्ति कवि के अपने देश के प्रति गहरे प्रेम और चिंता को दर्शाती है। कवि अपने देश को पुनः गौरवान्वित होते देखना चाहता है। यह प्रश्न कवि के मन की एक आत्मीय पुकार है, एक आंतरिक आवाज़ है, जो उसे अपने भूले हुए गौरवशाली देश की याद दिलाती है।
Teacher's Note:
a) 'देश-प्रेम और चिंता' तथा 'आत्मीय पुकार' - ये दो बिंदु मुख्य हैं।
b) 'धूमिल' शब्द से देश के भूले हुए गौरव का संकेत स्पष्ट करें।
खंड- ख
(अभिव्यक्ति और माध्यम पुस्तक के आधार पर )
3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए - [5 Marks]
(I) एंकर पैकेज से क्या तात्पर्य है?
(शब्द सीमा-लगभग 20 शब्द) [1 Mark]
Answer: एंकर पैकेज खबर को संपूर्णता के साथ प्रस्तुत करने का माध्यम है। इसमें घटना के दृश्य, उससे जुड़े लोगों की बाइट और ग्राफ़िक के माध्यम से ज़रूरी सूचनाएँ होती हैं।
Teacher's Note:
a) 'संपूर्णता के साथ प्रस्तुति' - यह मुख्य बिंदु है।
b) दृश्य, बाइट और ग्राफ़िक - तीनों घटकों का उल्लेख करें।
(II) पत्रकारिता की भाषा में मुखड़ा क्या है? इसका महत्व बताएँ।
(शब्द सीमा-लगभग 40 शब्द) [2 Marks]
Answer: पत्रकारिता में मुखड़ा (इंट्रो) समाचार का पहला पैराग्राफ़ होता है। यह दो-तीन पंक्तियों में आमतौर पर तीन या चार ककारों को आधार बनाकर लिखा जाता है। इसका महत्व यह है कि यह पाठक का ध्यान खींचता है और समाचार की गुणवत्ता तय करता है कि पाठक आगे पढ़े या नहीं।
Teacher's Note:
a) परिभाषा और महत्व - दोनों भाग लिखें, दोनों पर एक-एक अंक है।
b) 'पहला पैराग्राफ़' और 'तीन या चार ककार' शब्दों का प्रयोग अवश्य करें।
(III) सजीव और रोचक फीचर कैसे लिखा जा सकता है? किन्हीं दो बिंदुओं का उल्लेख कीजिए।
(शब्द सीमा-लगभग 40 शब्द) [2 Marks]
Answer:
1. फीचर का प्रारंभ, मध्य और अंत एक-दूसरे से जुड़े होने चाहिए तथा विषय और विचारों में तारतम्यता होनी चाहिए।
2. फीचर के अनुच्छेद छोटे हों और एक ही विषय पर फोकस हों। साथ ही विषयानुकूल चित्र, ग्राफ़िक्स या रेखांकन भी होने चाहिए।
Teacher's Note:
a) प्रश्न में दो बिंदु माँगे गए हैं, इसलिए दो स्पष्ट बिंदु ही लिखें।
b) 'ज्ञान और मनोरंजन के साथ सूचना प्रधान होना' भी एक स्वीकार्य बिंदु है।
4. निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए [2 × 3 = 6]
(I) रेडियो के लिए समाचार लिखते हुए किन अनिवार्य गुणों का पालन करना चाहिए? [3 Marks]
Answer:
1. समाचार की कॉपी साफ़-सुथरी और टंकित हो, उसमें कोई अधूरी पंक्ति न हो और भाषा बोलचाल की हो।
2. कठिन शब्दों से परहेज़ किया जाए, संक्षिप्ताक्षरों से बचा जाए तथा अक्षरों और अंकों को लिखने में सावधानी बरती जाए।
3. डेडलाइन को ध्यान में रखा जाए और समय बताने वाले शब्दों, जैसे आज सुबह, कल शाम, दोपहर आदि के प्रयोग में पूरी सावधानी बरती जाए।
Teacher's Note:
a) रेडियो श्रव्य माध्यम है, इसलिए भाषा सरल और बोलचाल की होनी चाहिए - यह बिंदु अवश्य लिखें।
b) तीन अंकों के लिए कम-से-कम तीन अलग-अलग गुण लिखें।
(II) 'समाचार-पत्र में अगर आर्थिक और खेल का पृष्ठ न हो तो वह संपूर्ण समाचार पत्र नहीं माना जाएगा।' कथन का औचित्य सिद्ध कीजिए। [3 Marks]
Answer:
1. धन हर व्यक्ति के जीवन का मूल आधार है, इसलिए हर पाठक आर्थिक समाचारों में रुचि रखता है।
2. जब आर्थिक फ़ायदे, नफ़ा-नुकसान आदि की बात होती है, तो इन सबका संबंध कारोबार और अर्थ जगत से जुड़ता है।
3. राजनीति और अर्थव्यवस्था के बीच भी गहरा संबंध है। इसलिए आर्थिक पृष्ठ के बिना समाचार-पत्र अधूरा है। इसी प्रकार खेल के पृष्ठ के बिना भी समाचार-पत्र संपूर्ण नहीं माना जाता।
Teacher's Note:
a) 'धन जीवन का मूल आधार' और 'राजनीति व अर्थव्यवस्था का संबंध' - ये मुख्य बिंदु हैं।
b) कथन का औचित्य सिद्ध करना है, इसलिए निष्कर्ष में कथन से सहमति स्पष्ट लिखें।
(III) खोजी रिपोर्ट और इन डेप्थ रिपोर्ट में अंतर स्पष्ट कीजिए। [3 Marks]
Answer:
1. खोजी रिपोर्ट का इस्तेमाल आमतौर पर भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और गड़बड़ियों को उजागर करने के लिए किया जाता है।
2. इन-डेप्थ रिपोर्ट में सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध तथ्यों, सूचनाओं और आँकड़ों की गहरी छानबीन की जाती है।
3. इस छानबीन के आधार पर इन-डेप्थ रिपोर्ट किसी घटना, समस्या या मुद्दे से जुड़े पहलुओं को सामने लाती है।
Teacher's Note:
a) अंतर पूछा गया है, इसलिए दोनों रिपोर्टों की विशेषता अलग-अलग लिखें।
b) खोजी रिपोर्ट के साथ 'उजागर करना' और इन-डेप्थ रिपोर्ट के साथ 'सार्वजनिक तथ्यों की गहरी छानबीन' शब्द अवश्य लिखें।
5. निम्नलिखित तीन विषयों में से किसी एक विषय पर लगभग 100 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए - [5 Marks]
(I) जब मैंने अनजाने लिंक पर क्लिक किया...
Answer:
जब मैंने अनजाने लिंक पर क्लिक किया...
पिछले महीने मेरे मोबाइल पर एक संदेश आया - 'बधाई हो! आपने नया स्मार्टफ़ोन जीता है, इनाम पाने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।' उत्सुकता में मैंने बिना सोचे लिंक पर क्लिक कर दिया। एक पन्ना खुला, जिसमें मेरा नाम, पता और बैंक खाते की जानकारी माँगी गई थी। मैं जानकारी भरने ही वाला था कि पिताजी ने स्क्रीन देख ली। उन्होंने तुरंत मोबाइल बंद करवाया और समझाया कि यह साइबर ठगी का जाल है। अगले दिन हमने फ़ोन की जाँच करवाई और पासवर्ड बदले। उस दिन मैंने सीखा कि इनाम का लालच देने वाले अनजाने लिंक खतरनाक होते हैं। अब मैं किसी भी संदेश पर विश्वास करने से पहले उसकी सच्चाई जाँचता हूँ।
Teacher's Note:
a) विषयवस्तु पर 3, भाषा पर 1 और प्रस्तुति पर 1 अंक है।
b) घटना, उसका परिणाम और उससे मिली सीख - तीनों को क्रम से लिखें।
c) शब्द-सीमा लगभग 100 शब्दों का ध्यान रखें।
(II) जब मैंने अभयारण्य में जीप की सवारी का आनंद लिया....
Answer:
जब मैंने अभयारण्य में जीप की सवारी का आनंद लिया....
गर्मी की छुट्टियों में मैं अपने परिवार के साथ एक वन्यजीव अभयारण्य घूमने गया। सुबह-सुबह हम खुली जीप में बैठकर जंगल की ओर निकले। चारों ओर घने पेड़, पक्षियों की चहचहाहट और ठंडी हवा मन को मोह रही थी। कुछ ही दूरी पर हिरणों का झुंड घास चरता दिखाई दिया। गाइड ने हमें शांत रहने का संकेत किया। तभी झाड़ियों के बीच से एक हाथी धीरे-धीरे सड़क पार करने लगा। हम साँस रोके उसे देखते रहे। रास्ते में मोर नाचते दिखे और पेड़ों पर बंदर उछल-कूद कर रहे थे। उस सवारी ने मुझे प्रकृति के निकट ला दिया और यह समझाया कि वन्यजीवों और उनके घर, यानी जंगलों की रक्षा करना हम सबका कर्तव्य है।
Teacher's Note:
a) अनुभव का सजीव वर्णन करें, जिसमें दृश्य, ध्वनि और भावनाएँ हों।
b) अंत में अनुभव से मिली सीख या संदेश अवश्य लिखें।
c) भाषा सरल और प्रवाहपूर्ण रखें, प्रस्तुति पर भी अंक मिलते हैं।
(III) जब मैंने रेलवे प्लेटफार्म पर एक बच्चे को रोते देखा.....
Answer:
जब मैंने रेलवे प्लेटफार्म पर एक बच्चे को रोते देखा.....
पिछली दीवाली पर मैं अपने चाचा जी के साथ गाँव जाने के लिए रेलवे स्टेशन पहुँचा। प्लेटफार्म पर भारी भीड़ थी। तभी मेरी नज़र एक कोने में खड़े लगभग पाँच साल के बच्चे पर पड़ी, जो ज़ोर-ज़ोर से रो रहा था। पूछने पर उसने सिसकते हुए बताया कि वह अपनी माँ से बिछड़ गया है। हमने उसे पानी पिलाया और चुप कराया। फिर चाचा जी उसे लेकर स्टेशन के पूछताछ कार्यालय गए, जहाँ से उद्घोषणा करवाई गई। कुछ ही मिनटों में उसकी घबराई हुई माँ दौड़ती हुई आई और बच्चे को गले से लगा लिया। उनकी आँखों में आभार के आँसू थे। उस दिन मैंने जाना कि थोड़ी-सी सहायता किसी के लिए कितनी बड़ी खुशी बन सकती है।
Teacher's Note:
a) घटना को आरंभ, मध्य और अंत के क्रम में लिखें।
b) संवेदना और सहायता का भाव लेख का केंद्र होना चाहिए।
c) लगभग 100 शब्दों की सीमा में ही लिखें।
6. निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए- [2 × 3 = 6]
(I) शब्दों से खेलने का प्रयास कविता है। सिद्ध कीजिए। [3 Marks]
Answer:
1. शब्द कविता लेखन का प्राथमिक उपकरण है और शब्दों से मेल-जोल कविता की पहली शर्त है।
2. शब्द ही भावों को आकार देने का माध्यम हैं। तुकबंदी के प्रयास से रचनात्मक विकास होता है।
3. शब्दों के साथ खेलने से उनके भीतर छिपे अर्थ के नए आयाम खुलते हैं। इस प्रकार शब्दों से खेलने का प्रयास ही कविता बन जाता है।
Teacher's Note:
a) 'शब्द कविता का प्राथमिक उपकरण' और 'अर्थ के नए आयाम' - ये मुख्य बिंदु हैं।
b) 'सिद्ध कीजिए' वाले प्रश्न में अंत में निष्कर्ष वाक्य अवश्य लिखें।
(II) नाटक के मंच-निर्देश हमेशा वर्तमान काल में ही लिखे जाने का कारण उदाहरण सहित लिखिए। [3 Marks]
Answer: नाटक के मंच-निर्देश हमेशा वर्तमान काल में ही लिखे जाते हैं, क्योंकि -
1. दर्शक वर्तमान काल में ही उपस्थित होते हैं।
2. दर्शक या प्रेक्षक को घटना से अवगत करवाना होता है।
3. भूतकाल और भविष्य काल की घटनाओं को भी नाटक में वर्तमान काल में ही मंच पर मंचित करना होता है। उदाहरण - मंच-निर्देश 'राजा सिंहासन पर बैठा है' लिखा जाता है, 'बैठा था' नहीं।
Teacher's Note:
a) 'दर्शक वर्तमान में उपस्थित होते हैं' - यह मुख्य कारण है।
b) प्रश्न में उदाहरण माँगा गया है, इसलिए एक छोटा उदाहरण अवश्य दें।
(III) कहानी को रोचक बनाने के लिए किन बातों का ध्यान रखना पड़ता है? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए। [3 Marks]
Answer:
1. कहानी की रोचकता कथानक और उसमें प्रयुक्त देशकाल, वातावरण, पात्र, संवाद, स्थान आदि से संभव होती है।
2. कथानक में द्वंद्व और क्लाइमैक्स का ध्यानपूर्वक चित्रण कहानी की रोचकता के लिए आवश्यक है।
3. उदाहरण - 'संवदिया' कहानी में बड़ी बहुरिया और संवदिया की बातचीत कहानी को रोचक बनाती है।
Teacher's Note:
a) 'द्वंद्व' और 'क्लाइमैक्स' - ये दो शब्द उत्तर में अवश्य आने चाहिए।
b) उदाहरण किसी पठित कहानी से ही दें।
खंड- ग
(पाठ्य पुस्तकों अंतरा, अंतराल के आधार पर)
7. निम्नलिखित पठित काव्यांश को पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्पों का चयन कीजिए- [5 × 1 = 5]
वह लता वहीं की, जहाँ कली
तू खिली, स्नेह से हिली, पली,
अंत भी उसी गोद में शरण
ली, मूँदे दृग वर महामरण!
मुझ भाग्यहीन की तू संबल
युग वर्ष बाद जब हुई विकल
दुख ही जीवन की कथा रही
क्या कहूँ आज, जो नहीं कही !
हो इसी कर्म पर वज्रपात
यदि धर्म, रहे नत सदा माथ
इस पथ पर, मेरे कार्य सकल
हो भ्रष्ट शीत के-से शतदल !
कन्ये, गत कर्मों का अर्पण
कर, करता मैं तेरा तर्पण !
(I) निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प कवि द्वारा स्वयं को 'भाग्यहीन' कहने का कारण नहीं हो सकता:
(i) एकमात्र पुत्री की युवावस्था में ही मृत्यु हो जाना
(ii) पुत्री को जन्म देते ही पत्नी का देहावसान हो जाना
(iii) कवि रूप में साहित्य जगत में पहचान न मिल पाना
विकल्प [1 Mark]
(A) केवल (i)
(B) केवल (iii)
(C) केवल (ii) और (iii)
(D) केवल (i) और (ii)
Answer: (B) केवल (iii)
Teacher's Note:
a) प्रश्न में 'नहीं' पर ध्यान दें - वह कारण चुनना है जो काव्यांश से मेल नहीं खाता।
b) पुत्री और पत्नी के निधन का दुख काव्यांश में है, पर साहित्यिक पहचान न मिलने की बात नहीं है।
(II) निम्नलिखित कथन-कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा उत्तर के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए।
कथन: 'वह लता वहीं की, जहाँ कली' पंक्ति में कवि अपनी पत्नी और पुत्री के विषय में बात कर रहे हैं।
कारण : कवि अपनी पत्नी और पुत्री के निधन से व्याकुल हैं , पुत्री सरोज का पालन-पोषण और मृत्यु उसके ननिहाल में हुई थी।
विकल्प : [1 Mark]
(A) कथन और कारण दोनों गलत हैं।
(B) कथन सही है, किंतु कारण गलत है।
(C) कथन सही है और कारण उसकी उचित व्याख्या करता है।
(D) कथन सही है, किंतु कारण उसकी उचित व्याख्या नहीं करता है।
Answer: (C) कथन सही है और कारण उसकी उचित व्याख्या करता है।
Teacher's Note:
a) कवि ने 'लता' का प्रयोग पत्नी के लिए और 'कली' का प्रयोग पुत्री के लिए किया है।
b) सरोज ननिहाल में पली और वहीं उसकी मृत्यु हुई, इसलिए कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
(III) प्रस्तुत पंक्तियों का मूल भाव है - [1 Mark]
(A) क्रोध
(B) घृणा
(C) शांत
(D) करुणा
Answer: (D) करुणा
Teacher's Note:
a) पुत्री की मृत्यु पर पिता का शोक और 'तर्पण' का भाव करुणा को प्रकट करता है।
b) 'दुख ही जीवन की कथा रही' जैसी पंक्तियाँ करुण भाव की पहचान हैं।
(IV) अपने सभी कार्यों के भ्रष्ट होने की तुलना कवि द्वारा की जा रही है- [1 Mark]
(A) अतिवृष्टि में नष्ट हो चुके कमलों से
(B) शीत के प्रकोप से नष्ट हो चुकी फ़सलों से
(C) सर्दी के प्रकोप से खराब हो चुके कमलों से
(D) वज्रपात होने के कारण खराब हो चुकी फ़सलों से
Answer: (C) सर्दी के प्रकोप से खराब हो चुके कमलों से
Teacher's Note:
a) पंक्ति 'हो भ्रष्ट शीत के-से शतदल' में 'शतदल' का अर्थ कमल और 'शीत' का अर्थ सर्दी है।
b) 'शतदल' को फ़सल समझने की भूल न करें।
(V) निम्नलिखित में से कौन-सा कथन काव्यांश के आधार पर सही है- [1 Mark]
(A) सरोज का पालन-पोषण ननिहाल में हुआ था।
(B) पुत्री सरोज की शिक्षा एवं आचरण शकुंतला से अलग था।
(C) दुख की घड़ी में कवि धर्म का अंतर भूल जाना चाहते थे।
(D) कवि अपने अच्छे कर्मों को पुत्री के लिए अर्पित करना चाहते थे।
Answer: (D) कवि अपने अच्छे कर्मों को पुत्री के लिए अर्पित करना चाहते थे।
Teacher's Note:
a) अंतिम पंक्तियाँ 'कन्ये, गत कर्मों का अर्पण कर, करता मैं तेरा तर्पण' इसी भाव को व्यक्त करती हैं।
b) प्रश्न 'काव्यांश के आधार पर' है, इसलिए वही विकल्प चुनें जो इन पंक्तियों में सीधे कहा गया हो।
8. काव्य खंड पर आधारित निम्नलिखित तीन प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए- [2 × 2 = 4]
(I) कवि द्वारा दीप को गर्व भरा और मदमाता कहने का औचित्य स्पष्ट कीजिए। [2 Marks]
Answer: कवि अज्ञेय ने दीप को गर्व भरा और मदमाता कहा है, क्योंकि उसमें तेल भरा होता है, उसकी लौ गर्व से तनी रहती है और वह प्रकाश देता है। वास्तव में यहाँ दीपक एक अकेले व्यक्ति का प्रतीक है। व्यक्ति में भी स्नेह, गर्व और अहंकार के भाव होते हैं। वह संपन्न होता है, पर इस दशा में वह अकेला होता है।
Teacher's Note:
a) 'दीपक व्यक्ति का प्रतीक है' - यह बिंदु अवश्य लिखें।
b) 'स्नेह' के दोनों अर्थ (तेल और प्रेम) समझकर उत्तर लिखें।
(II) तोड़ो' कविता के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए कि निर्माण से पूर्व तोड़ने की प्रक्रिया आवश्यक है। [2 Marks]
Answer: 'तोड़ो' कविता में कवि रघुवीर सहाय सृजन के आकांक्षी हैं और नवनिर्माण की प्रेरणा देते हैं। नए की शुरुआत के लिए पुराने को हटाना ज़रूरी है। समाज में व्याप्त कुरीतियों, रूढ़ियों और झूठे बंधनों को तोड़ना आवश्यक है। तोड़ने की प्रक्रिया नए सृजन, प्रगति और स्वतंत्रता का मार्ग प्रशस्त करती है। पुराने विचारों को तोड़कर ही नए और सक्रिय विचारों को स्थान मिलता है।
Teacher's Note:
a) 'पुराने को हटाना' और 'नए की शुरुआत' - ये दो मुख्य बिंदु हैं।
b) तोड़ना यहाँ विनाश नहीं, सकारात्मक परिवर्तन और सृजन की तैयारी है - यह स्पष्ट करें।
(III) घनानंद द्वारा सुजान को दिए जा रहे संदेश की मार्मिकता स्पष्ट कीजिए। [2 Marks]
Answer: कवि घनानंद मृत्यु की निकटता में भी अपनी प्रिया सुजान की राह देख रहे हैं। उनके मन में सुजान से मिलने की गहरी उत्कंठा है। वियोग में उनकी स्थिति मरने जैसी हो गई है, फिर भी वे प्रिया के दर्शन की आशा में प्राण रोके हुए हैं। यही बात उनके संदेश को मार्मिक बनाती है।
Teacher's Note:
a) 'मृत्यु की निकटता में भी प्रतीक्षा' और 'मिलने की उत्कंठा' - दोनों बिंदु लिखें।
b) वियोग की पीड़ा और प्रेम की एकनिष्ठता पर ध्यान दें।
9. निम्नलिखित काव्यांशों में से किसी एक की सप्रसंग व्याख्या 100 शब्दों में कीजिए। [6 Marks]
(I) भूपति मरन पेम पनु राखी। जननी कुमति जगतु सबु साखी ।।
देखि न जाहिं बिकल महतारीं। जरहिं दुसह जर पुर नर नारीं ।।
महीं सकल अनरथ कर मूला। सो सुनि समुझि सहिउँ सब सूला ।।
सुनि बन गवनु कीन्ह रघुनाथा। करि मुनि बेष लखन सिय साथा ।।
बिन पानहिन्ह पयादेहि पाएँ। संकरु साखि रहेउँ ऐहि घाएँ ।।
बहुरि निहारि निषाद सनेहू । कुलिस कठिन उर भयउ न बेहू ।।
अब सबु आँखिन्ह देखेउँ आई। जिअत जीव जड़ सबइ सहाई ।।
जिन्हहि निरखि मग साँपिनि बीछी। तजहिं बिषम बिषु तापस तीछी ।।
तेइ रघुनंदनु लखनु सिय अनहित लागे जाहि।
तासु तनय तजि दुसह दुख दैउ सहावइ काहि ।।
Answer:
संदर्भ - प्रस्तुत काव्यांश गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित 'रामचरितमानस' के अयोध्याकांड से लिया गया है, जो हमारी पाठ्यपुस्तक 'अंतरा' में 'भरत-राम का प्रेम' शीर्षक से संकलित है।
प्रसंग - चित्रकूट की सभा में भरत अपने मन की पीड़ा व्यक्त करते हुए स्वयं को सारे अनर्थों का कारण मानते हैं।
व्याख्या - भरत कहते हैं कि राजा दशरथ ने प्राण त्यागकर अपने प्रेम का प्रण निभाया और माता कैकेयी की कुबुद्धि का सारा संसार साक्षी है। व्याकुल माताएँ देखी नहीं जातीं और नगर के नर-नारी असहनीय ताप में जल रहे हैं। मैं ही इन सब अनर्थों की जड़ हूँ, यह सुन-समझकर मैंने सब कष्ट सहे। यह सुनकर भी कि श्रीराम मुनि-वेश में लक्ष्मण और सीता के साथ बिना जूतों के पैदल वन गए, शंकर साक्षी हैं कि मैं इस घाव के बाद भी जीवित रहा। निषाद का प्रेम देखकर भी मेरा वज्र-सा कठोर हृदय नहीं फटा। जिन्हें देखकर मार्ग की साँपिन और बिच्छू भी अपना विष और क्रोध त्याग देते हैं, वे राम, लक्ष्मण और सीता जिसे शत्रु लगे, उसके पुत्र को छोड़कर विधाता यह दुख और किसे सहाएगा?
विशेष - 1. अवधी भाषा तथा चौपाई और दोहा छंद का प्रयोग है। 2. करुण रस है; 'कुलिस कठिन उर' में उपमा तथा 'सुनि समुझि सहिउँ सब सूला' में अनुप्रास अलंकार है।
Teacher's Note:
a) संदर्भ (कवि और कविता का नाम) 1, प्रसंग 1, व्याख्या 3 और विशेष 1 अंक का है।
b) व्याख्या में भरत की आत्मग्लानि और राम के प्रति प्रेम - दोनों भाव स्पष्ट करें।
c) विशेष में भाषा, छंद, रस और अलंकार के बिंदु लिखें।
अथवा
(II) अरुण यह मधुमय देश हमारा।
जहाँ पहुँच अनजान क्षितिज को मिलता एक सहारा।।
सरल तामरस गर्भ विभा पर ,नाच रही तरुशिखा मनोहर।
छिटका जीवन हरियाली पर, मंगल कुंकुम सारा।।
लघु सुरधनु से पंख पसारे, शीतल मलय समीर सहारे।
उड़ते खग जिस ओर मुँह किए, समझ नीड़ निज प्यारा।।
बरसाती आँखों के बादल, बनते जहाँ भरे करुणा जल।
लहरें टकराती अनंत की, पाकर जहाँ किनारा।।
हेम कुंभ ले उषा सवेरे, भरती ढुलकाती सुख मेरे।
मदिर ऊँघते रहते जब, जगकर रजनी भर तारा।।
Answer:
संदर्भ - प्रस्तुत काव्यांश जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित 'कार्नेलिया का गीत' से लिया गया है, जो उनके नाटक 'चंद्रगुप्त' का अंश है और हमारी पाठ्यपुस्तक 'अंतरा' में संकलित है।
प्रसंग - यूनानी सेनापति सेल्यूकस की पुत्री कार्नेलिया भारत की प्राकृतिक सुंदरता और उदारता पर मुग्ध होकर यह गीत गाती है।
व्याख्या - कार्नेलिया कहती है कि यह प्रभात की लालिमा से भरा मधुर देश हमारा है, जहाँ अनजान को भी सहारा मिलता है। कमल की आभा पर वृक्षों की चोटियाँ मनोहर ढंग से नाचती हैं और हरियाली पर सूर्य की किरणें मंगल कुंकुम-सी बिखरी हैं। इंद्रधनुष जैसे छोटे पंख फैलाए पक्षी शीतल मलय पवन के सहारे इसे अपना प्यारा घोंसला समझकर इसी ओर उड़ते हैं। यहाँ लोगों की आँखें दूसरों के दुख में करुणा के जल से भर जाती हैं और अनंत सागर की लहरें भी यहाँ आकर किनारा पाती हैं। सवेरे उषा सोने का घड़ा लेकर सुख बरसाती है, जब रात भर जागे तारे मस्ती में ऊँघने लगते हैं।
विशेष - 1. तत्सम शब्दावली से युक्त खड़ी बोली और गेय शैली है। 2. 'हेम कुंभ ले उषा' में मानवीकरण और रूपक तथा 'लघु सुरधनु से पंख' में उपमा अलंकार है।
Teacher's Note:
a) संदर्भ में कवि, कविता और नाटक का नाम लिखना उपयोगी है।
b) व्याख्या में भारत की प्राकृतिक सुंदरता और करुणा व आश्रय देने वाले स्वभाव को स्पष्ट करें।
c) विशेष में भाषा-शैली और अलंकार के कम-से-कम दो बिंदु लिखें।
10. निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर दिए गए बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर के लिए उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए - [5 × 1 = 5]
शिवालिक की इस अनत्युच्च पर्वत श्रृंखला की भाँति रामगिरि पर भी उस समय और कोई फूल नहीं मिला होगा। कुटज ने उनके संतृप्त चित्त को सहारा दिया था-बड़भागी फूल है यह! धन्य हो कुटज, तुम 'गाढ़े के साथी' हो। उत्तर की ओर सिर उठाकर देखता हूँ, सुदूर तक ऊँची काली पर्वत श्रृंखला छाई हुई है और एकाध सफ़ेद बादल के बच्चे उससे लिपटे खेल रहे हैं। मैं भी इन पुष्पों का अर्घ्य उन्हें चढ़ा दूँ। पर काहे वास्ते? लेकिन बुरा भी क्या है? कुटज के ये सुंदर फूल बहुत बुरे तो नहीं हैं। जो कालिदास के काम आया हो उसे ज़्यादा इज्ज़त मिलनी चाहिए। मिली कम है। पर इज्ज़त तो नसीब की बात है। रहीम को मैं बड़े आदर के साथ स्मरण करता हूँ। दरियादिल आदमी थे, पाया सो लुटाया। लेकिन दुनिया है कि मतलब से मतलब है, रस चूस लेती है, छिलका और गुठली फेंक देती है। सुना है, रस चूस लेने के बाद रहीम को भी फेंक दिया गया था। एक बादशाह ने आदर के साथ बुलाया, दूसरे ने फेंक दिया! हुआ ही करता है। इससे रहीम का मोल घट नहीं जाता। उनकी फक्कड़ाना मस्ती कहीं गई नहीं। अच्छे-भले कद्रदान थे। लेकिन बड़े लोगों पर भी कभी-कभी ऐसी वितृष्णा सवार होती है कि गलती कर बैठते हैं। मन खराब रहा होगा, लोगों की बेरुखी और बेकद्रदानी से मुरझा गए होंगे-ऐसी ही मनःस्थिति में उन्होंने बिचारे कुटज को भी एक चपत लगा दी।
(I) अनत्युच्च पर्वत श्रृंखला का अर्थ है - [1 Mark]
(A) ऊँचा
(B) बहुत ऊँचा
(C) सबसे ऊँचा
(D) सामान्य ऊँचा
Answer: (D) सामान्य ऊँचा
Teacher's Note:
a) 'अनत्युच्च' में 'अन् + अति + उच्च' है, अर्थात जो बहुत ऊँचा न हो।
b) 'अति' देखकर 'बहुत ऊँचा' चुनने की भूल न करें, 'अन्' निषेध का बोध कराता है।
(II) कुटज "गाढ़े का साथी" से अभिप्राय है - [1 Mark]
(A) बंजर में उगने वाला
(B) गरीबी में साथ देने वाला
(C) प्रकृति का साथ निभाने वाला
(D) कठिन समय में साथ निभाने वाला
Answer: (D) कठिन समय में साथ निभाने वाला
Teacher's Note:
a) 'गाढ़ा समय' का अर्थ है संकट या कठिनाई का समय।
b) कुटज ने रामगिरि पर कालिदास के चित्त को सहारा दिया था, इसलिए वह गाढ़े का साथी है।
(III) "इज्ज़त तो नसीब की बात है" - इस पंक्ति के माध्यम से लेखक कहना चाहते हैं कि इज्ज़त ................से मिलती है। [1 Mark]
(A) धन
(B) प्रकृति
(C) भाग्य
(D) मेहनत
Answer: (C) भाग्य
Teacher's Note:
a) 'नसीब' शब्द का अर्थ ही 'भाग्य' है।
b) ऐसे प्रश्नों में मुख्य शब्द का पर्याय खोजें।
(IV) "दुनिया है कि मतलब से मतलब है, रस चूस लेती है, छिलका और गुठली फेंक देती है" कथन से लेखक का कहना है कि- [1 Mark]
(A) दुनिया लाभ देखती है।
(B) संसार फल की इच्छा रखता है।
(C) संसार में स्वार्थ की पराकाष्ठा है।
(D) लोग वस्तु का उपयोग कर उसे भूल जाते हैं।
Answer: (D) लोग वस्तु का उपयोग कर उसे भूल जाते हैं।
Teacher's Note:
a) 'रस चूसना' का अर्थ उपयोग करना और 'छिलका फेंकना' का अर्थ काम निकलने के बाद भुला देना है।
b) रहीम का उदाहरण भी यही बताता है कि काम निकलने के बाद उन्हें फेंक दिया गया।
(V) निम्नलिखित कथन-कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा उत्तर के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए।
कथन - कुटज की तुलना रहीम से करना उचित है।
कारण - दोनों ने अपनी स्वतंत्रता और उदारता को महत्वपूर्ण माना। [1 Mark]
(A) कथन गलत है, किंतु कारण सही है।
(B) कथन और कारण दोनों गलत हैं।
(C) कथन सही है किंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है।
(D) कथन और कारण दोनों सही हैं। कारण कथन की सही व्याख्या है।
Answer: (D) कथन और कारण दोनों सही हैं। कारण कथन की सही व्याख्या है।
Teacher's Note:
a) रहीम 'दरियादिल' थे और उनकी 'फक्कड़ाना मस्ती' कहीं नहीं गई - यही उदारता और स्वतंत्रता है।
b) इसी गुण के कारण कुटज और रहीम की तुलना उचित है, अतः कारण कथन की सही व्याख्या है।
11. गद्य खंड पर आधारित तीन में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए- [2 × 2 = 4]
(I) पाठशाला के वार्षिकोत्सव में बालक की भावनाओं के अतिरिक्त सब कुछ था। 'सुमिरिनी के मनके' पाठ के आधार पर कथन पर विचार लिखिए। [2 Marks]
Answer: पाठशाला के वार्षिकोत्सव में बालक से उसकी उम्र और योग्यता से बढ़-चढ़कर सवाल पूछे जा रहे थे। अध्यापक इसके द्वारा प्रधानाध्यापक को खुश करना, अपने अहं की संतुष्टि करना और अपने विद्यालय की शिक्षण प्रणाली को सर्वश्रेष्ठ सिद्ध करना चाहते थे। बालक की अपनी भावनाओं और रुचि की किसी को चिंता नहीं थी।
Teacher's Note:
a) 'उम्र और योग्यता से बढ़कर प्रश्न' - यह बिंदु अवश्य लिखें।
b) अध्यापकों के स्वार्थ (प्रधानाध्यापक को खुश करना, अहं की संतुष्टि) का उल्लेख करें।
(II) यास्सेर अराफ़ात के आतिथ्य के किन्हीं दो उदाहरणों का उल्लेख पाठ के आधार पर कीजिए? [2 Marks]
Answer:
1. यास्सेर अराफ़ात ने स्वयं अपने हाथों से फल छीलकर लेखक को खिलाए।
2. जब लेखक गुसलखाने गए, तो अराफ़ात स्वयं तौलिया लेकर गुसलखाने के बाहर खड़े रहे।
Teacher's Note:
a) प्रश्न में दो उदाहरण माँगे गए हैं, इसलिए दो ही स्पष्ट उदाहरण लिखें।
b) पाठ के अन्य सही उदाहरण भी स्वीकार्य हैं।
(III) संभव का युवती के प्रति आकर्षण युवा होते मन का आकर्षण है। कैसे ? [2 Marks]
Answer: संभव का युवती के प्रति आकर्षण युवा होते मन का आकर्षण है, क्योंकि वह आकर्षण उसकी अधूरी इच्छाओं, खोए हुए सपनों और छिपी भावनाओं को एक नई दिशा देता है। युवावस्था में मन सहज ही किसी के प्रति खिंच जाता है और संभव के साथ भी यही होता है।
Teacher's Note:
a) 'अधूरी इच्छाएँ, खोए सपने और छिपी भावनाएँ' - ये शब्द उत्तर में अवश्य आएँ।
b) उत्तर को 'युवा होते मन' की स्वाभाविकता से जोड़कर लिखें।
12. निम्नलिखित गद्यांशों में से किसी एक की सप्रसंग व्याख्या 100 शब्दों में लिखिए। [6 Marks]
(I) हरगोबिन को अचरज हुआ-तो आज भी किसी को संवदिया की ज़रूरत पड़ सकती है। इस ज़माने में जबकि गाँव-गाँव में डाकघर खुल गए हैं, संवदिया के मारफ़त संवाद क्यों भेजेगा कोई? आज तो आदमी घर बैठे ही लंका तक खबर भेज सकता है और वहाँ का कुशल संवाद मँगा सकता है। फिर उसकी बुलाहट क्यों हुई?
हरगोबिन बड़ी हवेली की टूटी ड्योढ़ी पारकर अंदर गया। सदा की भाँति उसने वातावरण को सूँघकर संवाद का अंदाज़ लगाया।... निश्चय ही कोई गुप्त समाचार ले जाना है। चाँद-सूरज को भी नहीं मालूम हो। परेवा -पंछी तक न जाने।
Answer:
संदर्भ - प्रस्तुत गद्यांश फणीश्वरनाथ रेणु द्वारा लिखित कहानी 'संवदिया' से लिया गया है, जो हमारी पाठ्यपुस्तक 'अंतरा' में संकलित है।
प्रसंग - बड़ी हवेली से बुलावा आने पर संवदिया हरगोबिन के मन में उठे प्रश्नों और उसके अनुमान का वर्णन है।
व्याख्या - बड़ी हवेली से बुलावा आने पर हरगोबिन को आश्चर्य हुआ। उसने सोचा कि अब तो गाँव-गाँव में डाकघर खुल गए हैं और आदमी घर बैठे ही दूर-दूर तक खबर भेज सकता है तथा वहाँ का हाल मँगा सकता है। ऐसे समय में संवदिया के द्वारा संदेश कौन भेजेगा? वह बड़ी हवेली की टूटी ड्योढ़ी पार करके अंदर गया। अपने अनुभव के आधार पर उसने हमेशा की तरह वातावरण को भाँपकर संदेश का अनुमान लगाया। वह समझ गया कि कोई ऐसा गुप्त समाचार ले जाना है, जिसे चाँद-सूरज और पक्षी तक न जान पाएँ।
विशेष - 1. आंचलिक शब्दों (संवदिया, ड्योढ़ी, मारफ़त, परेवा-पंछी) का सुंदर प्रयोग है। 2. 'टूटी ड्योढ़ी' हवेली की बदहाली का संकेत देती है तथा 'चाँद-सूरज को भी नहीं मालूम हो' से संदेश की गोपनीयता प्रकट होती है।
Teacher's Note:
a) संदर्भ (पाठ और लेखक का नाम) 1, प्रसंग 1, व्याख्या 3 और विशेष 1 अंक का है।
b) व्याख्या में हरगोबिन के आश्चर्य और उसकी अनुभवी समझ - दोनों को स्पष्ट करें।
c) गद्यांश की पंक्तियों को ज्यों-का-त्यों न उतारें, अपने शब्दों में लिखें।
अथवा
(II) ये लोग आधुनिक भारत के नए 'शरणार्थी' हैं, जिन्हें औद्योगीकरण के झंझावात ने घर-ज़मीन से उखाड़कर हमेशा के लिए निर्वासित कर दिया है। प्रकृति और इतिहास के बीच गहरा अंतर है। बाढ़ या भूकंप के कारण लोग अपना घरबार छोड़कर कुछ अरसे के लिए बाहर चले जाते हैं, किंतु आफत टलते ही वे दोबारा अपने जाने-पहचाने परिवेश में लौट भी आते हैं। किंतु विकास और प्रगति के नाम पर जब इतिहास लोगों को उन्मूलित करता है, तो वे फिर अपने घर वापस नहीं लौट सकते। आधुनिक औद्योगीकरण की आँधी में सिर्फ़ मनुष्य ही नहीं उखड़ता, बल्कि उसका परिवेश और आवास स्थल भी हमेशा के लिए नष्ट हो जाते हैं।
Answer:
संदर्भ - प्रस्तुत गद्यांश निर्मल वर्मा द्वारा लिखित पाठ 'जहाँ कोई वापसी नहीं' से लिया गया है, जो हमारी पाठ्यपुस्तक 'अंतरा' में संकलित है।
प्रसंग - लेखक औद्योगीकरण के कारण अपने घर और ज़मीन से उजड़ गए लोगों की पीड़ा का वर्णन कर रहे हैं।
व्याख्या - लेखक कहते हैं कि औद्योगीकरण की आँधी ने जिन लोगों को उनके घर-ज़मीन से उखाड़कर सदा के लिए बेघर कर दिया है, वे आधुनिक भारत के नए शरणार्थी हैं। प्राकृतिक आपदा और इतिहास द्वारा किए गए विस्थापन में बड़ा अंतर है। बाढ़ या भूकंप आने पर लोग कुछ समय के लिए घर छोड़ते हैं, पर संकट टलते ही अपने परिचित परिवेश में लौट आते हैं। किंतु जब विकास और प्रगति के नाम पर लोगों को जड़ से उखाड़ा जाता है, तो उनकी वापसी कभी संभव नहीं होती। इस आँधी में केवल मनुष्य ही नहीं उजड़ता, उसका परिवेश और आवास भी हमेशा के लिए नष्ट हो जाता है।
विशेष - 1. 'शरणार्थी' शब्द के प्रयोग में विकास की नीतियों पर गहरा व्यंग्य है। 2. 'औद्योगीकरण के झंझावात' और 'आँधी' जैसे प्रतीकात्मक प्रयोग हैं; भाषा तत्सम-प्रधान और शैली विचारात्मक है।
Teacher's Note:
a) व्याख्या में प्राकृतिक आपदा और विकासजन्य विस्थापन का अंतर स्पष्ट करना मुख्य है।
b) 'नए शरणार्थी' शब्द का आशय अवश्य समझाएँ।
c) विशेष में भाषा-शैली और व्यंग्य के बिंदु लिखें।
13. निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 100 शब्दों में लिखिए| [2 × 5 = 10]
(I) 'सूरदास की झोपड़ी' पाठ में सूरदास की लाचारी और संघर्ष के साथ उसकी जिजीविषा का चित्रण हुआ है। कथन के आलोक में अपने विचार लिखिए। [5 Marks]
Answer: 'सूरदास की झोपड़ी' पाठ में सूरदास की लाचारी, संघर्ष और जिजीविषा का गहरा चित्रण हुआ है।
1. लाचारी - सूरदास आर्थिक तंगी, समाज की उपेक्षा और शारीरिक असहायता से घिरा हुआ है। झोपड़ी जल जाने पर वह पूरी तरह बेसहारा हो जाता है।
2. संकल्प और संघर्ष - सूरदास जानता है कि उसकी झोपड़ी में आग भैरव ने लगाई है, लेकिन वह बदला लेने के बजाय अपने विश्वास और भक्ति पर कायम रहता है।
3. भक्ति और विश्वास - कठिन परिस्थिति में भी उसका विश्वास डगमगाता नहीं है।
4. सक्रियता और दृढ़ संकल्प - वह निराश होकर बैठता नहीं, बल्कि कर्मशील बना रहता है और दृढ़ संकल्प के साथ फिर से जीवन शुरू करने को तैयार होता है।
5. जिजीविषा - वह संघर्षों के बीच भी गीत गाता है और हर कठिनाई में जीवन का उत्सव खोजता है। यही उसकी जीने की अदम्य इच्छा है।
Teacher's Note:
a) लाचारी, संघर्ष और जिजीविषा - तीनों पक्षों को अलग-अलग स्पष्ट करें।
b) भैरव द्वारा आग लगाने और सूरदास के बदला न लेने का प्रसंग अवश्य लिखें।
c) लगभग 100 शब्दों की सीमा का ध्यान रखें।
(II) 'प्रकृति सजीव नारी बन गई'- इस कथन के संदर्भ में लेखक की प्रकृति, नारी और सौंदर्य संबंधी मान्यताएँ 'बिस्कोहर की माटी' पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए। [5 Marks]
Answer:
प्रकृति और नारी का एकीकरण -
1. लेखक प्रकृति को एक सजीव और संवेदनशील इकाई मानते हैं, जो नारी के रूप में प्रकट होती है। प्रकृति की सुंदरता, सजीवता और संवेदनशीलता नारी के रूप में दिखाई देती है।
2. जो औरत लेखक के मन पर गहरा प्रभाव डालती है, वह प्रकृति का एक प्रतीक बन जाती है।
3. वह औरत बिसनाथ को औरत के रूप में नहीं, बल्कि जूही की लता बन गई चाँदनी के रूप में लगी, जिसके फूलों की खुशबू आ रही थी।
सौंदर्य -
4. लेखक के लिए सौंदर्य प्रकृति की सुंदरता और नारी के आकर्षण का मिश्रण है। वे औरत की सुंदरता को प्रकृति की सुंदरता के रूप में देखते हैं, जो उनके मन को आकर्षित करती है।
5. सौंदर्य उनके लिए एक सजीव अनुभव है, जो प्रकृति और नारी के एकीकरण से उत्पन्न होता है।
Teacher's Note:
a) 'जूही की लता बन गई चाँदनी' वाला प्रसंग उत्तर का मुख्य उदाहरण है।
b) प्रकृति, नारी और सौंदर्य - तीनों के बारे में लेखक की मान्यता अलग-अलग स्पष्ट करें।
c) 'प्रकृति और नारी का एकीकरण' शब्द-युग्म का प्रयोग अवश्य करें।
(III) 'मालव धरती गहन गंभीर, डग-डग रोटी पग-पग नीर' कथन मालवा की विशेषता को दर्शाता है।सोदाहरण सिद्ध कीजिए। [5 Marks]
Answer:
1. लेखक प्रभाष जोशी ने मालवा प्रदेश की विशेषता को दर्शाने के लिए इस कथन का उपयोग किया है।
2. मालवा की धरती गहन और गंभीर है। यहाँ की उपजाऊ मिट्टी समृद्धि और संपन्नता की परिचायक है, इसलिए यहाँ 'डग-डग रोटी' है।
3. 'पग-पग नीर' की कहावत मालवा में पानी की प्रचुरता को दर्शाती है, जो यहाँ के जनजीवन और संस्कृति के लिए आवश्यक है।
4. मालवा में विक्रमादित्य, भोज और मुंज जैसे राजा हुए हैं, जो यूरोप के रिनेसां से बहुत पहले हो गए।
5. ये राजा पानी के रख-रखाव के प्रति सतर्क थे। उन्होंने तालाब और बावड़ियाँ बनवाकर बरसात के पानी को रोककर रखा। इसी कारण मालवा में पानी की कमी नहीं रही।
Teacher's Note:
a) 'डग-डग रोटी' (उपजाऊ धरती) और 'पग-पग नीर' (पानी की प्रचुरता) - दोनों का अर्थ स्पष्ट करें।
b) 'सोदाहरण' कहा गया है, इसलिए विक्रमादित्य, भोज, मुंज और तालाब-बावड़ियों का उदाहरण अवश्य दें।
c) लगभग 100 शब्दों की सीमा में उत्तर लिखें।
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