Official CBSE Assignments for Class 12 Political Science
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Solved Practice Assignments for Political Science
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अध्याय-6
लोकतांत्रिक व्यवस्था का संकट
एक अंकीय प्रश्न
Question 1. 1975 का राष्ट्रीय आपातकाल किस आधार पर लगाया गया था?
Answer: आन्तरिक अशान्ति के आधार पर।
In simple words: 1975 का आपातकाल देश में फैली आन्तरिक अशान्ति के आधार पर घोषित किया गया था।
Exam Tip: अनुच्छेद 352 के तहत आन्तरिक सुरक्षा को खतरा होने पर आपातकाल लगाया जाता है।
Question 2. केशवानंद भारती मुकदमा किस लिए प्रसिद्ध है?
Answer: संविधान की मूल संरचना (Basic Structure) के सिद्धान्त के लिए।
In simple words: यह मामला संविधान की मूल रूपरेखा को सुरक्षित रखने से संबंधित है जिसमें संसद द्वारा मूल ढांचे में बदलाव न किए जाने का निर्णय दिया गया।
Exam Tip: संविधान की मूल संरचना का सिद्धान्त भारतीय न्यायशास्त्र का अत्यंत महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
Question 3. 1980 के चुनावों में कांग्रेस को लोकसभा में कितनी सीटें प्राप्त हुईं?
Answer: 353 सीटें।
In simple words: 1980 के मध्यावधि चुनाव में इंदिरा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी को 353 सीटों पर भारी बहुमत मिला।
Exam Tip: जनता पार्टी सरकार के पतन के बाद हुए इन चुनावों में कांग्रेस की जोरदार वापसी हुई थी।
Question 4. 1975 के राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान कौन सा संविधान संशोधन किया गया था?
Answer: 42 वाँ संविधान संशोधन।
In simple words: आपातकाल के दौरान संविधान में व्यापक बदलाव करते हुए 42 वाँ संशोधन पारित किया गया।
Exam Tip: 42 वें संशोधन को 'लघु संविधान' (Mini Constitution) भी कहा जाता है।
Question 5. 25 जून 1975 को आपातकाल लागू करने की घोषणा के समय भारत के राष्ट्रपति कौन थे?
Answer: फ़खरुद्दीन अली अहमद।
In simple words: प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सलाह पर राष्ट्रपति फ़खरुद्दीन अली अहमद ने आपातकाल की घोषणा पर हस्ताक्षर किए थे।
Exam Tip: राष्ट्रपति का नाम और पद आपातकालीन राजनीतिक संदर्भ के प्रश्नों में अक्सर पूछा जाता है।
Question 6. आपातकाल के दौरान गरीबों के हित के लिए इंदिरा गांधी ने किस कार्यक्रम की घोषणा की?
Answer: बीस सूत्री कार्यक्रम (20 Point Programme)।
In simple words: गरीबों और पिछड़े वर्गों के कल्याण के लिए बीस सूत्री कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी।
Exam Tip: इस कार्यक्रम में भूमि सुधार, कृषि उत्पादन और न्यूनतम मजदूरी जैसे मुद्दे शामिल थे।
Question 7. मोरारजी देसाई की सरकार गिरने के पश्चात भारत का प्रधानमंत्री कौन बना?
Answer: चौधरी चरण सिंह।
In simple words: जनता पार्टी सरकार के विघटन के बाद चौधरी चरण सिंह देश के प्रधानमंत्री बने।
Exam Tip: यह सरकार लोकसभा में विश्वास मत हासिल किए बिना ही गिर गई थी।
Question 8. किन दो लेखकों ने लोकतंत्र के दमन होने पर अपनी पदवियाँ सरकार को लौटा दी?
Answer: पद्मभूषण से सम्मानित कन्नड़ लेखक शिवराम कारन्त और पद्मश्री से सम्मानित लेखक फणीश्वरनाथ रेणु।
In simple words: आपातकाल के विरोध में इन दोनों प्रसिद्ध साहित्यकारों ने अपने राजकीय सम्मान सरकार को वापस लौटा दिए।
Exam Tip: लेखकों और बुद्धिजीवियों द्वारा आपातकाल का विरोध करने का यह एक प्रमुख उदाहरण है।
Question 9. इंदिरा इज़ इंडिया, इंडिया इज़ इंदिरा - यह नारा किसने और कब दिया?
Answer: कांग्रेस अध्यक्ष डी. के. बरूआ ने 1974 में दिया।
In simple words: यह नारा कांग्रेस के उस समय के अध्यक्ष द्वारा इंदिरा गांधी के समर्थन में अति-उत्साह में दिया गया था।
Question 1. गुजरात में जनवरी 1974 के छात्र आंदोलन के कारण बताइए?
Answer: बढ़ती महंगाई, खाद्यन्न की कमी, बेरोजगारी और उच्च पदों पर जारी भ्रष्टाचार के खिलाफ यह आंदोलन शुरू हुआ था।
In simple words: आवश्यक वस्तुओं के बढ़ते दामों और भ्रष्टाचार से त्रस्त होकर गुजरात के छात्रों ने सड़कों पर आकर विरोध प्रदर्शन किया।
Exam Tip: गुजरात आंदोलन ने आगे चलकर राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी राजनीति को एक मंच प्रदान किया।
Question 2. जयप्रकाश नारायण ने बिहार के आंदोलनकारी छात्रों के निमंत्रण को किन शर्तों पर स्वीकार किया था?
Answer: जयप्रकाश नारायण ने यह शर्त रखी कि आंदोलन पूरी तरह अहिंसक रहेगा और अपने आपको सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं रखेगा बल्कि इसका दायरा संपूर्ण देश में होगा।
In simple words: जेपी ने शर्त रखी कि आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से पूरे देश में भ्रष्टाचार और कुशासन के खिलाफ लड़ा जाएगा।
Exam Tip: 'संपूर्ण क्रांति' का नारा इसी आंदोलन के दौरान दिया गया था।
Question 3. गुजरात और बिहार के छात्र आंदोलनों के प्रमुख नेताओं के नाम लिखिए?
Answer: गुजरात आंदोलन - मोरारजी देसाई तथा बिहार आंदोलन - जयप्रकाश नारायण।
In simple words: गुजरात के आंदोलन को मोरारजी देसाई का समर्थन प्राप्त था और बिहार का नेतृत्व जयप्रकाश नारायण ने किया।
Question 4. निवारक नजरबंदी का क्या अर्थ है?
Answer: निवारक नजरबंदी का अर्थ है कि किसी व्यक्ति को अपराध करने के बाद गिरफ्तार करने के बजाय केवल अपराध करने की आशंका या शक के आधार पर गिरफ्तार करना। आपातकाल के दौरान इसका व्यापक दुरुपयोग किया गया था।
In simple words: बिना अपराध किए सिर्फ शक के आधार पर किसी को जेल में बंद कर देना निवारक नजरबंदी कहलाता है।
Question 5. आपातकाल के दौरान संवैधानिक प्रावधानों किए गए किन्ही दो परिवर्तनों का उल्लेख कीजिए?
Answer: (1) प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पद के निर्वाचन को अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती।
(2) लोकसभा के कार्यकाल को 5 वर्ष से बढ़ाकर 6 वर्ष करना आदि।
In simple words: आपातकाल में संविधान में संशोधन करके कार्यपालिका की शक्तियों को बहुत अधिक बढ़ा दिया गया था।
Exam Tip: इन संशोधनों का मुख्य उद्देश्य इंदिरा गांधी के राजनीतिक पद को कानूनी सुरक्षा प्रदान करना था।
Question 6. प्रेस सेंसरशिप का विरोध करने वाले किन्हीं दो समाचार पत्रों के नाम लिखिए?
Answer: इंडियन एक्सप्रेस (Indian Express) और स्टेट्समैन (Statesman)।
In simple words: इन अखबारों ने सरकार द्वारा थोपी गई सेंसरशिप के खिलाफ कई बार खाली संपादकीय छापकर अपना विरोध दर्ज कराया।
Question 7. 1977 के लोकसभा चुनावों के किन्हीं दो परिणामों का उल्लेख कीजिए?
Answer: (1) कांग्रेस की ऐतिहासिक हार।
(2) केंद्र में पहली बार गैर-कांग्रेसी सरकार (जनता पार्टी) का गठन।
In simple words: 1977 के चुनाव में जनता ने आपातकाल के खिलाफ मतदान किया जिससे देश में पहली बार गैर-कांग्रेस सरकार बनी।
Exam Tip: मोरारजी देसाई इस चुनाव के बाद देश के पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री बने।
चार अंकीय प्रश्न
Question 1. 1970 के दशक में न्यायपालिका और सरकार के बीच संघर्ष के प्रमुख मुद्दे क्या थे?
Answer: (1) क्या संसद मौलिक अधिकारों में कटौती कर सकती है?
(2) क्या संसद संपत्ति के अधिकार में काट-छांट कर सकती है?
(3) क्या नीति निदेशक सिद्धांत मौलिक अधिकारों से ज्यादा महत्वपूर्ण हैं?
(4) सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बनाने में सरकार की मनमानी (वरिष्ठता की अनदेखी)।
In simple words: संसद अपनी सर्वोच्चता साबित करना चाहती थी जबकि न्यायपालिका संविधान के मूल ढांचे और मौलिक अधिकारों की रक्षा करना चाहती थी।
Exam Tip: केशवानंद भारती मामले के बाद कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच टकराव और बढ़ गया था।
Question 2. प्रेस सेंसरशिप पर टिप्पणी लिखिए?
Answer: प्रेस सेंसरशिप का अर्थ होता है-प्रेस की स्वतंत्रता पर रोक लगाना। आपातकाल के दौरान इसमें समाचार पत्रों को कुछ भी छापने से पहले सरकार से पूर्व अनुमति लेनी जरूरी होती थी। सरकार विरोधी खबरों या संपादकीय को छापने की सख्त मनाही थी।
In simple words: अखबारों और मीडिया की आजादी छीन ली गई ताकि सरकार की आलोचना जनता तक न पहुंच सके।
Question 3. 1977 के चुनावों में पहली बार गैर कांग्रेसी सरकार बनने के क्या कारण थे?
Answer: (1) आपातकाल का मुद्दा और उसके दौरान हुए दमन व ज्यादतियां।
(2) जयप्रकाश नारायण का सशक्त नेतृत्व।
(3) विपक्षी पार्टियों का एक जुट होकर 'जनता पार्टी' के रूप में चुनाव लड़ना।
(4) कांग्रेस पार्टी के अंदर ही बढ़ता असंतोष।
(5) प्रेस सेंसरशिप, जबरन नसबंदी और मौलिक अधिकारों का स्थगन।
In simple words: आपातकाल के जनता पर पड़े बुरे प्रभावों और विपक्षी दलों की एकजुटता के कारण 1977 में कांग्रेस की हार हुई।
Question 4. निम्नलिखित में मेल बिठाएं:
(क) संपूर्ण क्रांति - (2) जयप्रकाश नारायण
(ख) गरीबी हटाओ - (1) इंदिरा गांधी
(ग) छात्र आंदोलन - (3) बिहार आन्दोलन
(घ) रेल हड़ताल - (4) जॉर्ज फर्नांडीस
Answer: सही मिलान इस प्रकार है:
(क) संपूर्ण क्रांति → (2) जयप्रकाश नारायण
(ख) गरीबी हटाओ → (1) इंदिरा गांधी
(ग) छात्र आंदोलन → (3) बिहार आन्दोलन
(घ) रेल हड़ताल → (4) जॉर्ज फर्नांडीस
In simple words: सभी ऐतिहासिक नारों और आंदोलनों को उनके सही नेताओं से सुमेलित किया गया है।
Question 5. क्या आन्तरिक अशांति के नाम पर आपातकाल लगाना आवश्यक था? अपने उत्तर के पक्ष में तर्क दें।
Answer: अधिकांश इतिहासकारों और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आपातकाल लगाना आवश्यक नहीं था क्योंकि:
(1) देश में लोकतांत्रिक तरीकों से विरोध प्रदर्शन और आंदोलन हो रहे थे जो लोकतंत्र का हिस्सा हैं।
(2) सरकार अपनी राजनीतिक आलोचना और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले से घबरा गई थी।
(3) संविधान में 'आन्तरिक अशान्ति' शब्द बहुत अस्पष्ट था जिसका दुरुपयोग किया गया।
In simple words: आपातकाल देश की सुरक्षा के लिए नहीं बल्कि इंदिरा गांधी की कुर्सी बचाने के लिए लगाया गया था।
Question 6. बिहार के छात्र आंदोलन में जयप्रकाश नारायण की भूमिका का वर्णन कीजिए?
Answer: (1) जयप्रकाश नारायण ने छात्रों के आह्वान पर आंदोलन का नेतृत्व संभाला।
(2) उन्होंने आंदोलन को अहिंसक रखने और पूरे देश में फैलाने का आह्वान किया।
(3) उन्होंने सरकार की भ्रष्ट नीतियों और तानाशाही रवैये का खुलकर विरोध किया।
(4) उन्होंने अपने आपको इंदिरा गांधी के लोकतांत्रिक विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया।
(5) उन्होंने सेना, पुलिस और सरकारी कर्मचारियों से अपील की कि वे सरकार के अनैतिक आदेशों का पालन न करें।
In simple words: जेपी ने बिहार के छात्र आंदोलन को राष्ट्रीय जन-आंदोलन में बदलकर इंदिरा गांधी सरकार की चूलें हिला दी थीं।
Question 1. 1975 के आपातकाल के कारणों की विस्तार से चर्चा कीजिए?
Answer: 1975 के आपातकाल के पीछे निम्नलिखित मुख्य कारण थे:
(1) आर्थिक संकट: 1971 के बांग्लादेश संकट के बाद अर्थव्यवस्था चरमरा गई, महंगाई और बेरोजगारी अत्यधिक बढ़ गई।
(2) खाद्यान्न संकट और सूखा: 1972-73 में मानसून की असफलता से कृषि पैदावार कम हुई।
(3) गुजरात और बिहार के छात्र आंदोलन: महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़े पैमाने पर युवा सड़कों पर उतरे।
(4) रेलवे कर्मचारियों की हड़ताल: जॉर्ज फर्नांडीस के नेतृत्व में हुई राष्ट्रव्यापी रेल हड़ताल ने प्रशासनिक व्यवस्था को ठप कर दिया।
(5) न्यायपालिका और सरकार का संघर्ष: मौलिक अधिकारों और संविधान संशोधन को लेकर सुप्रीम कोर्ट और सरकार में ठन गई थी।
(6) इलाहाबाद उच्च न्यायालय का निर्णय: 12 जून 1975 को जस्टिस जगमोहन लाल सिन्हा ने इंदिरा गांधी के चुनाव को अवैध घोषित कर दिया जिससे उनका राजनीतिक वजूद खतरे में पड़ गया।
In simple words: आर्थिक बदहाली, छात्र आंदोलनों, बड़े पैमाने पर हुई हड़तालों और अदालत के फैसले से उपजे राजनीतिक संकट ने आपातकाल की पृष्ठभूमि तैयार की।
Question 2. भारत में 1975 के आपातकाल के दौरान सरकार ने रचनात्मक और दमनकारी दोनों तरह की नीतियों का सहारा लिया। अपने विचार व्यक्त कीजिए?
Answer: आपातकाल (25 जून 1975) के दौरान सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दोहरी नीति अपनाई:
(क) दमनकारी कार्य (Repressive Measures):
- विपक्षी दलों के सभी प्रमुख नेताओं (जयप्रकाश नारायण, मोरारजी देसाई आदि) को तुरंत गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया।
- प्रेस पर कड़ी सेंसरशिप लगाई गई ताकि सरकार के खिलाफ कोई खबर न छप सके।
- नागरिकों के मौलिक अधिकार स्थगित कर दिए गए।
- अनिवार्य नसबंदी कार्यक्रम लागू किया गया जिससे जनता में भारी रोष फैला।
(ख) रचनात्मक कार्य (Constructive Measures):
- गरीबों के कल्याण के लिए 'बीस सूत्री कार्यक्रम' लागू किया गया जिसमें भूमि सुधार और भू-पुनर्वितरण शामिल था।
- बंधुआ मजदूरी की समाप्ति और ग्रामीण गरीबों को कर्ज से मुक्ति दिलाने के प्रयास किए गए।
- सरकारी कर्मचारियों पर अनुशासन का कड़ाई से पालन कराया गया जिससे प्रशासनिक कार्यक्षमता में कुछ सुधार दिखा।
In simple words: सरकार ने एक तरफ तानाशाही और दमन के जरिए विरोध को कुचला तो दूसरी तरफ गरीबों के लिए कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार करके वैधता हासिल करनी चाही।
Question 3. आपातकाल के प्रमुख सबकों की चर्चा कीजिए?
Answer: 1975-77 के आपातकाल ने भारतीय लोकतंत्र को कई महत्वपूर्ण सबक दिए:
(1) लोकतंत्र के प्रति लोगों की अटूट आस्था: आपातकाल के बाद हुए चुनावों ने साबित कर दिया कि भारतीय जनता लोकतांत्रिक व्यवस्था से बेहद प्यार करती है और तानाशाही को अस्वीकार करती है।
(2) लोकतंत्र की जड़ें मजबूत हैं: भारत जैसे विशाल और विविध देश से लोकतंत्र की जड़ों को मिटाना बेहद कठिन है।
(3) संवैधानिक संशोधन: यह प्रावधान किया गया कि अब आपातकाल 'आन्तरिक अशान्ति' के स्थान पर केवल 'सशस्त्र विद्रोह' की स्थिति में ही और मंत्रिपरिषद की लिखित सलाह पर ही लगाया जा सकता है।
(4) नागरिकों में जागरूकता: आपातकाल के दौरान हुई ज्यादतियों ने नागरिकों और न्यायपालिका को मौलिक अधिकारों के प्रति अधिक सतर्क और जागरूक बना दिया।
In simple words: आपातकाल ने भारत को लोकतंत्र का मूल्य सिखाया और भविष्य में तानाशाही के रास्तों को रोकने के लिए संवैधानिक सुरक्षा कवच मजबूत किए।
CBSE Class 12 Political Science Assignments for Crisis Of The Constitutional Order Hindi
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