CBSE Class 12 History Medieval India Hindi Assignment Set 02

Official CBSE Assignments for Class 12 History

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Solved Practice Assignments for History

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पाठ - 5 यात्रियों के नजरिए

पाठ 5 महत्वपूर्ण बिन्दु - अतिलघु प्रश्न (02 अंक)

 

प्रश्न 1. कोई दो यात्रियों के नाम बताइए जिन्होंने मध्यकाल (11 से 17 वीं शताब्दी) में भारत की यात्रा की।
Answer: 1. अल - बिरूनी, ग्यारहवी शताब्दी में उज्बेकिस्तान से आया था।
2. इब्न बतूता चौदहवी शताब्दी में मोरक्को से आया था।
3. फ्रांसवा बर्नियर, सत्रहवीं शताब्दी में फ्रांस से आया था।
In simple words: मध्यकाल में भारत आने वाले दो प्रमुख यात्री अल-बिरूनी और इब्न बतूता थे।

Exam Tip: यात्रियों के नाम के साथ उनकी शताब्दी और देश का उल्लेख करने से पूरे अंक मिलते हैं।

 

प्रश्न 2. अल - बिरूनी के भारत आने का क्या उद्देश्य था।
Answer: 1. उन लोगों के लिए सहायक जो उनसे (हिन्दुओं) धार्मिक विषयों पर चर्चा करना चाहते थे।
2. ऐसे लोगों के लिए एक सूचना का संग्रह जो उनके साथ संबद्ध होना चाहते है।
In simple words: अल-बिरूनी का उद्देश्य भारत के धार्मिक और दार्शनिक विषयों का अध्ययन करना था।

Exam Tip: अल-बिरूनी के उद्देश्यों में ज्ञान की पिपासु प्रवृत्ति को मुख्य रूप से दर्शाएं।

 

प्रश्न 3. क्या आपको लगता है कि अल- बिरूनी भारतीय समाज के विषय में अपनी जानकारी और समझ के लिए केवल संस्कृत के ग्रंथों पर आश्रित रहा।
Answer: अल - बिरूनी लगभग पूरी तरह से ब्राह्मणों द्वारा रचित कृतियों पर आश्रित रहा उसने भारतीय समाज को समझने के लिए अक्सर वेदों, पुराणों भगवतगीता, पतंजलि की कृतियों तथा मनुस्मृति आदि से अंश उद्धृत किए।
In simple words: हाँ, अल-बिरूनी ने भारतीय समाज को जानने के लिए मुख्य रूप से संस्कृत ग्रंथों और ब्राह्मणवादी साहित्य की सहायता ली।

Exam Tip: अल-बिरूनी के स्रोतों में वेदों, पुराणों और मनुस्मृति का उल्लेख अवश्य करें।

 

प्रश्न 4. भारत में पाये जाने वाले उन वृक्षों का नाम बताइए जिन्हें देखकर इब्न बतूता को आश्चर्य हुआ।
Answer: 1. नारियल - नारियल के वृक्ष का फल मानव सिर से मेल खाता है।
2. पान - पान एक ऐसा वृक्ष हैं जिसे अंगूर - लता की तरह उगाया जाता है। पान का कोई फल नही होता और इसे केवल इसकी पत्तियों के लिए ही उगाया जाता है।
In simple words: इब्न बतूता नारियल और पान के अनोखे रूप को देखकर चकित रह गया था।

Exam Tip: नारियल की तुलना मानव सिर से और पान की खेती की बेल से करना महत्वपूर्ण बिंदु है।

 

प्रश्न 5. बर्नियर ने मुगल साम्राज्य में कौन सी अधिक जटिल सच्चाई की ओर इशारा किया ?
Answer: 1. वह कहता है कि शिल्पकारों के पास अपने उत्पादों को बेहतर बनाने का कोई प्रोत्साहन नही था क्योंकि मुनाफे का अधिग्रहण राज्य द्वारा कर लिया जाता था।
2. साथ ही वह यह भी मानता है कि पूरे विश्व से बड़ी मात्रा में बहुमूल्य धातुएँ भारत में आती थी। क्योंकि उत्पादों का सोने और चाँदी के बदले निर्यात होता था।
In simple words: बर्नियर ने राजकीय स्वामित्व के दुष्परिणामों और शिल्पकारों की दयनीय स्थिति को उजागर किया।

Exam Tip: राजकीय स्वामित्व और शिल्पकारों के शोषण के तर्कों को स्पष्ट रूप से लिखें।

 

प्रश्न 6. अल - बिरूनी ने किन अवरोधों की चर्चा की है जो उसके अनुसार समझ में बाधक थे।
Answer: अल - बिरूनी ने भारत को समझने में निम्नलिखित अवरोधों का सामना किया -
1. भाषा की समस्या - उसके अनुसार संस्कृत, अरबी और फारसी से इतनी भिन्न थी कि विचारों और सिद्धांतों को एक भाषा से दूसरी भाषा में अनुवादित करना आसान नही था।
2. धार्मिक अवस्था और प्रथा में भिन्नता - अल - बिरूनी मुसलमान था और उसके धार्मिक विश्वास और प्रथाए भारत से भिन्न थी।
3. स्थानीय लोगों की आत्मलीनता तथा पृथक्करण की नीति - अल - बिरूनी के अनुसार उसका तीसरा अवरोध भारतीयों की आत्मलीनता तथा पृथक्करण की नीति थी।
In simple words: अल-बिरूनी ने भाषा, धार्मिक भिन्नता और सामाजिक अलगाव को भारत को समझने में मुख्य बाधा माना।

Exam Tip: तीनों अवरोधों (भाषा, धर्म, पृथक्करण की नीति) के नाम और उनका संक्षिप्त विवरण दें।

 

प्रश्न 7. बर्नियर के अनुसार राजकीय भू - स्वामित्व के क्या बुरे प्रभाव पड़े ?
Answer: 1. भूधारक अपने बच्चों को भूमि नहीं दे सकते थे इसलिए वे उत्पादन के स्तर को बनाए रखने और उसमें बढ़ोतरी के लिए दूरगामी निवेश के प्रति उदासीन थे।
2. इस प्रकार इसने निजी भू-स्वामित्व के अभाव ने बेहतर भूधारक के वर्ग के उदय को रोका।
3. इसके कारण कृषि का विनाश हुआ।
4. इसके चलते किसानो का असीम उत्पीड़न हुआ।
5. समाज के सभी वर्गों के जीवन स्तर में अनवरत पतन की स्थिति उत्पन्न हुई।
In simple words: राजकीय भू-स्वामित्व के कारण कृषि का ह्रास हुआ, किसानों का शोषण बढ़ा और समाज का पतन हुआ।

Exam Tip: बर्नियर के अनुसार निजी भू-स्वामित्व का अभाव सभी आर्थिक बुराइयों की जड़ था।

 

प्रश्न 8. सती प्रथा के विषय में बर्नियर ने क्या लिखा है ?
Answer: 1. यह एक क्रूर प्रथा थी जिसमें विधवा को अग्नि की भेंट चढ़ा दिया जाता था।
2. विधवा को सती होने के लिए विवश किया जाता था।
3. बाल विधवाओं के प्रति भी लोगों के मन में सहानुभूति नहीं थी।
4. सती होने वाली स्त्री की चीखें भी किसी का दिल नहीं पिघला पाती थी।
5. इस प्रक्रिया में ब्राम्हण तथा घर की बड़ी महिलाएं हिस्सा लेती थी।
In simple words: बर्नियर ने सती प्रथा को समाज की एक अत्यंत क्रूर और अमानवीय परंपरा के रूप में चित्रित किया।

Exam Tip: सती प्रथा के वर्णन में महिलाओं की लाचारी और समाज की क्रूरता का जिक्र करें।

 

प्रश्न 9. किताब - उल - हिन्द किसने लिखी ? इसकी मुख्य विशेषताओं पर प्रकाश डालिए ?
Answer: किताब - उल - हिन्द की रचना अल - बिरूनी ने की। इसकी मुख्य विशेषताएँ इस प्रकार है -
1. यह अरबी भाषा में लिखी गई एक विस्तृत और स्पष्ट कृति है।
2. इसकी भाषा सरल और स्पष्ट है।
3. यह एक विस्तृत ग्रंथ है जो सामाजिक और धार्मिक जीवन, दर्शन खगोल विज्ञान कानून आदि विषयों पर लिखी गई है।
4. इसे विषयों के आधार पर अस्सी अध्यायों में विभाजित किया गया है।
5. प्रत्येक अध्याय का आरंभ एक प्रश्न से होता है और अंत में संस्कृतवादी परंपराओं के आधार पर उसका वर्णन किया गया है।
In simple words: 'किताब-उल-हिन्द' अल-बिरूनी द्वारा रचित एक महान ग्रंथ है जो भारतीय समाज, विज्ञान और संस्कृति का विस्तृत ज्ञान देता है।

Exam Tip: पुस्तक के लेखक, भाषा, अध्यायों की संख्या और विषय-वस्तु का उल्लेख अवश्य करें।

 

मध्यकाल के तीन यात्रियों का तुलनात्मक अध्ययन

यात्री का नामअल - बिरूनीइब्न - बतूताफ्रांसवा बर्नियर
यात्रा की तारीखग्यारहवी शताब्दीचौदहवी शताब्दीसत्रहवी शताब्दी
देश जिससे वह आएउज्बेकिस्तानमोरक्कोफ्रांस
किताब जिसकी रचना कीकिताब - उल - हिन्दरिहलाट्रैवल्स इन द मुगल एम्पायर
किताब की भाषाअरबीअरबीअंग्रेज़ी
शासक जिसके शासनकाल में यात्रा कीसुल्तान महमूद गज़नीसुल्तान मुहम्मद बिन तुगलकमुगल शासक शाहजहाँ और औरंगजेब
विषयवस्तु जिस पर उन्होंने लिखासामाजिक और धार्मिक जीवन, भारतीय दर्शन, खगोलशास्त्र, मापतंत्र विज्ञान, न्यायیک व्यवस्था ऐतिहासिक ज्ञान, जाति प्रथानारियल और पान, भारतीय शहरों, कृषि, व्यापार, तथा वाणिज्य, संचार तथा डाक प्रणाली, दास प्रथासती प्रथा, भूमि स्वामित्व, विभिन्न प्रकार के नगर, राजकीय कारखाने, मुगल शिल्पकार
कार्य की प्रमाणिकताप्रमाणिक मानते है।प्रमाणिक नही मानते हैंप्रमाणिक मानते है।

 

पाठ 6 भक्ति सूफी परंपराएँ

 

प्रश्न 1. भक्ति आंदोलन का क्या अर्थ है।
Answer: कई हिन्दू संतों और सुधारकों ने धार्मिक सुधार लाने के लिए आंदोलन चलाए जो भक्ति आंदोलन के नाम में प्रसिद्ध हुआ। अपनी भक्ति को दर्शाने के लिए मंदिरों में देवताओ के समक्ष उनकी स्तुति में गीतों के माध्यम से लीन हो जाते थे।
In simple words: ईश्वर के प्रति गहरी भक्ति और प्रेम के माध्यम से मोक्ष प्राप्ति का मार्ग दिखाना ही भक्ति आंदोलन है।

Exam Tip: भक्ति आंदोलन की परिभाषा में ईश्वर के प्रति व्यक्तिगत प्रेम और समर्पण को मुख्य बिंदु बनाएं।

 

प्रश्न 2. अलवार कौन थ ?
Answer: दक्षिण भारत के विष्णु की उपासना करने वालो को अलवार कहा जाता था।
In simple words: दक्षिण भारत के वे संत जो भगवान विष्णु के भक्त थे, उन्हें अलवार कहा गया।

Exam Tip: अलवार संतों का संबंध विष्णु भक्ति से और नयनार संतों का संबंध शिव भक्ति से है।

 

प्रश्न 3. भक्ति आंदोलन के चार प्रसिद्ध संतों के नाम लिखिए
Answer: रामानन्द स्वामी, कबीर, गुरुनानक देव, मीरा बाई
In simple words: रामानंद, कबीर, नानक और मीराबाई भक्ति काल के महान संत थे।

Exam Tip: निर्गुण और सगुण दोनों धाराओं के संतों के नाम याद रखें।

 

प्रश्न 4. सूफीवाद से आप क्या समझते है ?
Answer: सूफी मत के मूल सिद्धान्त कुरान और हजरत मुहम्मद की हदीस से मिलते है सूफी शब्द मुस्लिम संतो के लिए प्रयोग किया जाता है। सुफियों ने कुरान की व्याख्या अपने के आधार पर की। सूफी संतो के विचारो को सूफी वाद कहा जाता है।
In simple words: इस्लाम धर्म के भीतर रहस्यवादी और आध्यात्मिक विचारधारा को सूफीवाद कहते हैं।

Exam Tip: सूफीवाद का मुख्य उद्देश्य ईश्वर के साथ आत्मिक मिलन और मानवता की सेवा करना था।

 

प्रश्न 5. सूफी विचार धारा में मुर्शिद का क्या महत्व है ?
Answer: सूफी विचार धारा के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति का कोई धार्मिक गुरु ( मुर्शिद ) होना चाहिए जो कि उसका ईश्वर से संपर्क करवा सके। उनके अनुसार जिन व्यक्तियों का कोई गुरु अथवा मुर्शिद नही उनका कोई धर्म नही।
In simple words: सूफी परंपरा में गुरु या मुर्शिद को ईश्वर प्राप्ति का मार्गदर्शक माना गया है।

Exam Tip: मुर्शिद (गुरु) और मुरीद (शिष्य) के संबंध को स्पष्ट करें।

 

प्रश्न 6. भक्ति आंदोलन के उदय के कारणों का विवरण दीजिए।
Answer: 1- वैष्णव मत का प्रभाव
2- हिन्दू धर्म की त्रुटियों
3- इस्लाम के फैलने का भय
4- सूफी मत का प्रभाव
5- महान सुधारको का उदय
In simple words: सामाजिक कुरीतियों को दूर करने और धार्मिक समन्वय के लिए भक्ति आंदोलन का उदय हुआ।

Exam Tip: उदय के कारणों में हिन्दू धर्म की जटिलताओं और सूफी संतों के प्रभाव को प्रमुखता दें।

 

प्रश्न 7. भक्ति आंदोलन के मूल सिद्धान्त पर प्रकाश डालिए।
Answer: 1- एक ईश्वर में विश्वास
2- शुद्ध कार्य करना
3- विश्व भ्रातृत्व की भावना पर बल देना
4- प्रेम भाव से पूजा करना
5- मूर्ति पूजा का खण्डन करना
6- जात पात का खण्डन करना
7- गुरु भक्ति करना
In simple words: भक्ति आंदोलन का मूल मंत्र ईश्वर की एक्रूपता, मानवता और आपसी प्रेम था।

Exam Tip: निर्गुण और सगुण दोनों धाराओं के साझा सिद्धांतों का उल्लेख करें।

 

प्रश्न 8- भक्ति आंदोलन के प्रभाव और महत्व की चर्चा करें।
Answer: धार्मिक प्रभाव
1- हिन्दू धर्म की रक्षा
2- ब्राह्मणों के प्रभाव में कमी
3- इस्लाम के प्रसार में वाध
4- सिख मत का उदय
5- बौद्ध मत का पतन
सामाजिक तथा सांस्कृतिक प्रभाव -
1- हिन्दू मुसलमानो के सामाजिक सम्बन्धो में सुधार।
2- निम्न वर्ग में सुधार
3- समाज सेवा की भावना को प्रोत्साहन
4- लोगो में मिश्रण कला का विकास
5- साहित्यिक विकास
In simple words: भक्ति आंदोलन ने समाज से ऊंच-नीच की भावना को मिटाकर धार्मिक सौहार्द स्थापित किया।

Exam Tip: प्रभाव को धार्मिक और सामाजिक-सांस्कृतिक श्रेणियों में विभाजित करके लिखें।

 

प्रश्न 9- सूफी मत के मुख्य सिद्धान्त क्या थे ?
Answer: 1-अल्लाह से प्रेम
2- सांसारिक सुखों का त्याग
3- अहिंसा तथा शांतिवाद में विश्वास
4- मानवता से प्रेम
5- मुर्शिद की महत्ता
6- भौतिक सिद्धान्त
7- अल्लाह की भक्ति में संगीत तथा नृत्य का महत्व
In simple words: सूफी मत प्रेम, शांति, संगीत और गुरु के मार्गदर्शन पर आधारित था।

 

प्रश्न 10- अलवारो एवं नयनारो की जाति के प्रति क्या दृष्टि कोण था।
Answer: नयनारो तथा अलवारो ने जाति प्रथा की सर्वोच्चता के विरुद्ध सुधार के लिए प्रवल आंदोलन चलाया। भक्ति आंदोलन के सुधारक भिन्न भिन्न जातियों से सम्बन्ध रखते थे। कुछ लोग निचली जातियों जैसे किसानों मिस्त्रियों तथा अछूत जातियों से थे। कुछ ब्राह्मण जाति से थीं | उनका विश्वास था कि उनकी धार्मिक पुस्तक उतनी ही महान थी जितना कि वेद । अलवारो के तमिल भजन सच्चाई और पवित्रता के गहरे विचारों से भरे हुए हैं उनको वैष्णों वेद जाना जाता है नयनारो की आध्यात्मिकता से भरे हैं। उनके भजन दक्षिण भारत में शिव के सम्मान में गाये जाते है।
In simple words: अलवार और नयनार संतों ने जातिगत भेदभाव को नकारा और सभी जातियों के लिए भक्ति के द्वार खोले।

Exam Tip: इन संतों ने तमिल भाषा को वेदों के समान पवित्रता दी और भक्ति को सर्वसुलभ बनाया।

 

प्रश्न 11- कबीर की शिक्षाओ की व्याख्या कीजिये। उन्होने अपनी कविताओ के माध्यम से "परम सत्य" का वर्णन किस प्रकार किया है।
Answer: 1- कबीर ने आध्यात्मिकता पर बल दिया
2- उन्होने हिन्दू और मुसलमान दोनो की रूढियों की कटु आलोचना की।
3- कबीर ने ईश्वर की एकता पर बलदिया।
4- मूर्ति पूजा, तीर्थ यात्रा एवं अन्य आडंबरों की आलोचना की।
5- सती प्रथा और पर्दा प्रथा का विरोध किया।
6- अच्छे कर्मों का फल अवश्य मिलता है।
7- उन्होने परमात्मा को निराकार बताया है।
8- विभिन्न परिपाटियों का सहारा लेना
9- इस्लामी दर्शन से प्रभावित होकर सत्य को अल्लाह, खुदा, हजरत और पीर कहते हैं।
10- वेदांत दर्शन से प्रभावित होकर सत्य को अलख, निराकार, ब्रम्हन और आत्मन कहकर भी सम्बोधित करते हैं।
In simple words: कबीर दास ने निर्गुण ईश्वर की उपासना पर बल दिया और सामाजिक पाखंडों का कड़ा विरोध किया।

Exam Tip: कबीर की भाषा (सधुक्कड़ी) और उनकी साखियों व पदों की विशेषताओं का उल्लेख करें।

 

पाठ - 7 एक साम्राज्य की राजधानी : विजयनगर

 

प्रश्न 1. तुंगभद्रा नदी के किनारे ह्म्पी नगर बसा हुआ है।
Answer: तुंगभद्रा नदी के किनारे ह्म्पी नगर बसा हुआ है।
In simple words: विजयनगर साम्राज्य की राजधानी ह्म्पी तुंगभद्रा नदी के तट पर स्थित थी।

 

प्रश्न 2. पम्पा किस देवी का नाम है ?
Answer: देवी पम्पा पार्वती का नाम है ?
In simple words: स्थानीय देवी पम्पा देवी को माता पार्वती का रूप माना जाता था।

Exam Tip: ह्म्पी नाम की उत्पत्ति पम्पा देवी के नाम पर ही हुई है।

 

प्रश्न 3. कॉलिन मैकंज़ी कौन था ? उसका भारतीय इतिहास में योगदान बताओं ।
Answer: कॉलिन मैकंज़ी इस्ट इंडिया कंपनी में काम करते थे। 1754 मे कॉलिन मैकंज़ी का जन्म हुआ था । कॉलिन मैकंज़ी एक अभियंता, सर्वेक्षक तथा मानचित्रकार के रूप में प्रसिद्धि हासिल की । 1815 मे उन्हे भारत का पहला सर्वेयर जनरल बनाया गया और 1821 मे उनकी मृत्यु तक वे इस पद पर बने रहे । भारत के अतीत को बेहतर ढंग से समझने के लिए और उपनिवेश के प्रशासन को आसान बनाने के लिए उन्होंने इतिहास से संबंधित स्थानीय परंपराओं का संकलन तथा ऐतिहासिक स्थलों का सर्वेक्षण करना आरंभ किया।
In simple words: कॉलिन मैकंज़ी एक ब्रिटिश सर्वेक्षक थे जिन्होंने ह्म्पी के अवशेषों का सर्वेक्षण कर इतिहास को पुनर्जीवित किया।

 

प्रश्न 4 ह्म्पी के मंदिरों की विशेषताओं का वर्णन करें ।
Answer: ह्म्पी के मंदिर अत्यंत अलंकृत स्तंभयुक्त मंडप थे। विशिष्ट अभिलक्षणों में मंडप तथा लंबे स्तंभो वाले गलियारे को अक्सर मंदिर परिसर में स्थित देव स्थलों के चारो ओर बने, सम्मिलित है। विठ्ठल और हजारा राम मंदिर यहाँ प्रमुख है।
In simple words: ह्म्पी के मंदिरों में भव्य मंडप, अलंकृत स्तंभ और विशाल प्रांगण प्रमुख विशेषताएँ थीं।

 

प्रश्न 5 विजयनगर की जल आवश्यकताओं को किस प्रकार पूरा किया जाता था ?
Answer: तुंगभद्रा द्वारा निर्मित एक प्राकृतिक कुंड है। यह नदी उत्तर में उत्तर पूर्व दिशा में बहती है। आसपास की पहाड़ियों से कई जलधाराएँ आकर नदी में मिलती है । लगभग सभी धाराओं पर बाँध बनाकर अलग अलग भौज बनाए गए थे । शुष्क क्षेत्र होने के कारण पानी के संचय और इसे शहर तक ले जाने के लिए व्यापक प्रबंध करना आवश्यक है। सबसे महत्त्वूर्ण हौज का निर्माण प्रारंभिक शताब्दी के आरंभ वर्षों में हुआ, जिसे कमलपुरम जलाशय कहा जाता है।
In simple words: विजयनगर में वर्षा जल संचयन के लिए जलाशयों, नहरों और टैंकों का विशाल नेटवर्क बनाया गया था।

 

प्रश्न:- 6 शहर के किलेबंद क्षेत्र में कृषि क्षेत्र को रखने के आपके विचार में क्या फायदे और नुकसान थे ?
Answer: विजयनगर शहर के किलेबंद क्षेत्र में कृषि क्षेत्र को चारदीवारी के अंदर रखने से हमारे विचार से अनेक लाभ और हानियाँ थी। इसका विवरण इस प्रकार है-
फायदे:
- बागों और खेतों की रखवाली करना आसान था।
- युद्धकाल में शत्रु सेना द्वारा घेराबंदी किए जाने पर भोजन की आपूर्ति बनी रहती थी।
नुकसान:
- किसानों को शहर में प्रवेश के लिए द्वारपालों की अनुमति लेनी पड़ती थी।
- बाहर से खाद, बीज और उपकरण लाना कठिन होता था।
In simple words: किले के भीतर खेती करने से युद्ध के समय खाद्य सुरक्षा रहती थी, परंतु किसानों को कई प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।

 

प्रश्न- 7 आपके विचार में महानवमी डिब्बा से संबद्ध अनुष्ठानों का क्या महत्त्व था ?
Answer: हमारे विचार में महानवमी डिब्बा से संबद्ध अनुष्ठानों का व्यापक महत्त्व था। विजयनगर शहर के सबसे ऊंचे स्थानों पर महानवमी डिब्बा नामक विशाल मंच होता था इसकी संरचना से जुड़े अनुष्ठान संभवतः सितम्बर तथा अक्टूबर के शरद मास में मनाए जाने वाले दस दिन के हिन्दू त्यौहार, जिसे दशहरा (उत्तर भारत), दुर्गापूजा (पं. बंगाल) तथा नवरात्रि या महानवमी (प्रायद्वीपीय भारत में) नामों से जाना जाता है, के महानवमी के अवसर पर निष्पादित किए जाते थे। इस अवसर पर विजयनगर शासक अपने रूतबे, ताकत और अधिराज्य का प्रदर्शन करते थे।
In simple words: महानवमी डिब्बा वह मंच था जहाँ राजा अपनी राजकीय शक्ति, सैन्य ताकत और धार्मिक निष्ठा का प्रदर्शन करते थे।

 

प्रश्न 8 विजय नगर साम्राज्य के उत्थान में अमरनायक प्रणाली के महत्त्व का मूल्यांकन कीजिए।
Answer: इस सैनिक प्रणाली का विजयनगर साम्राज्य के उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान था जिसका मूल्यांकन निम्नलिखित बिंदुओं में दिखाया गया है -
1. अमर नायक प्रणाली विजयनगर साम्राज्य की एक प्रमुख राजनीतिक खोज थी। ऐसा प्रतीत होता है कि इस प्रणाली के कई तत्त्व दिल्ली सल्तनत की इक्ता प्रणाली से लिए गए थे।
2. अमर नायक सैनिक कमांडर थे जिन्हें राय द्वारा प्रशासन के लिए राज्य क्षेत्र दिये जाते थे।
3. वे किसानों, शिल्पकर्मियों तथा व्यापारियों से भू-राजस्व तथा अन्य कर वसूल करते थे।
4. राजस्व का कुछ भाग मंदिरों तथा सिंचाई के साधनों के रख रखरखाव के लिए भी खर्च किया जाता था।
5. अमर नायकों के दल आवश्यकता के समय विजयनगर के शासकों को भी एक प्रभावी सैन्य सहायता प्रदान करते थे।
6. अमर नायक राजस्व का कुछ भाग व्यक्तिगत उपयोग तथा घोड़ों और हाथियों के निर्धारित दल के रख-रखाव के लिए अपने पास रख लेते थे।
In simple words: अमरनायक प्रणाली विजयनगर की प्रशासनिक और सैन्य रीढ़ थी, जिससे राजा को सेना और राजस्व प्राप्त होता था।

 

प्रश्न 11 कॉलिन मैकेंजी
( क ) कॉलिन मैकेंजी कौन था ?
Answer: कॉलिन मैकेंजी इस्ट इंडिया कंपनी में काम करते थे। 1754 मे कॉलिन मैकेंजी का जन्म हुआ था। कॉलिन मैकेंजी एक अभियंता, सर्वेक्षक तथा मानचित्रकार के रूप में प्रसिद्धि हासिल की।
 

( ख )कॉलिन मैकेंजी ने किस प्राचीन शहर की खोज की ?
Answer: ह्म्पी
 

( ग ) उन्होने सर्वेक्षण क्यों प्रारंभ किया ?
Answer: भारत के अतीत को बेहतर ढंग से समझने के लिए और उपनिवेश के प्रशासन को आसान बनाने के लिए उन्होंने इतिहास से संबंधित स्थानीय परंपराओं का संकलन तथा ऐतिहासिक स्थलों का सर्वेक्षण करना आरंभ किया।
In simple words: कॉलिन मैकेंजी ने औपनिवेशिक प्रशासन की सुविधा और भारतीय इतिहास के अध्ययन के लिए ह्म्पी का सर्वेक्षण किया।

 

प्रश्न 1. 16 वी. सदी के राज्य अफसरों द्वारा किए जाने वाले विभिन्न कार्यो का वर्णन करें ?
Answer: भू राजस्व वसूल करना, भूमि की नाप करना, रिकॉर्ड रखना आदि ।
In simple words: 16वीं सदी के मुगल अधिकारियों का मुख्य कार्य कर संग्रह करना और भूमि का लेखा-जोखा रखना था।

 

प्रश्न 2. आइन ए - अकबरी के लेखक कौन थे ?
Answer: अबुल फजल, अकबर का दरबारी लेखक थे, नवरत्नों में से एक थे ।
In simple words: अकबरनामा के तृतीय भाग 'आइन-ए-अकबरी' के रचयिता अबुल फजल थे।

 

प्रश्न 3. रैयत कौन थे, ये कितने प्रकार के थे ?
Answer: वे किसान थे, दो प्रकार :- खुद काश्त और पाहि काश्त । खुद काश्त उन्हीं गाँव मे रहते थे जिनमें उनकी जमीन दी और पाहि काश्त वे खेतिहर थे जो दूसरे गाँवों से ठेके पर खेती करने आते थी ।
In simple words: रैयत मुगलकालीन किसान थे जो दो श्रेणियों (खुदकाश्त और पाहिकाश्त) में बंटे थे।

 

प्रश्न 4. आइन के मुताबिक कितने प्रकार की फसल ऋतुएँ थी ?
Answer: आइन - ए - अकबरी के अनुसार कृषि व्यवस्था में मुख्य रूप से दो कृषि ऋतुएं थी, खरीफ और रबी । खरीफ का उदाहरण चावल और ज्वार और रबी का उदाहरण गेहूँ और चना ।
In simple words: मुगल काल में मुख्य रूप से दो फसल चक्र (खरीफ और रबी) प्रचलित थे।

 

प्रश्न 5. जिन्स -ए- कामिल से क्या अभिप्राय है ?
Answer: सर्वोत्तम फसले जैसे - कपास और गन्ना ।
In simple words: जिन फसलों से राज्य को अधिक राजस्व मिलता था और जो सर्वोत्तम फसलें थीं, उन्हें जिंस-ए-कामिल (उत्कृष्ट फसलें) कहा जाता था।

 

प्रश्न 6. पंचायत के कार्यो का वर्णन कीजिए।
Answer: (1) सामुदायिक कार्य जैसे कि मिट्टी के छोटे-छोटे बाँध बनाना या नहर खोदना ।
(2) प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की व्यवस्था करना ।
(3) ग्रामीण समाज के लिए नियम बनाना ।
(4) जाति की अवहेलना रोकना ।
(5) सजा देना जैसे - जुर्माना लगाना और समुदाय से निष्कासित करना ।
In simple words: ग्रामीण पंचायतें गाँव के प्रशासनिक, न्यायिक और सामाजिक कार्यों का प्रबंधन करती थीं।

 

प्रश्न 7. आइन ए - अकबरी का वर्णन कीजिए ।
Answer: (1) अकबर के साम्राज्य की झलक दर्शाना
(2) सैनिक संगठन का वर्णन करना ।
(3) सरकार के विभागों और प्रांतों के बारे में विस्तार से जानकारी देना ।
(4) राजस्व के स्त्रोत तथा हिसाब रखना ।
(5) खेतिहर समाज का वर्णन करना ।
In simple words: 'आइन-ए-अकबरी' अकबर के प्रशासन, समाज, संस्कृति और राजस्व प्रणाली का विस्तृत दस्तावेज है।

 

प्रश्न 8. कृषि उत्पादन में महिलाओं की भूमिका का विवरण कीजिए ।
Answer: (1) महिलाएँ और मर्द कंधे से कंधा मिलाकर खेतो में काम करते थे ।
(2) बुआई, निराई और कटाई के साथ - साथ पकी हुई फसल का दाना निकालना ।
(3) सूत कातना, बरतन बनाने के लिए मिट्टी को साफ करना और गुँथना, कपड़ों पर कढ़ाई करना, जैसे دستکاری के काम करना ।
(4) बच्चा पैदा करना तथा उनका पालन पोषण करना ।
(5) प्रतिबंध, जैसें पश्चिमी भारत में महिलाओं को हल या कुम्हार का चाक छूने की इजाजत नही थी, बंगाल में पान के बागाने में प्रवेश नहीं कर सकती थीं ।
In simple words: महिलाएँ कृषि कार्यों और हस्तशिल्प में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करती थीं।

 

प्रश्न 9. जब्ती व्यवस्था की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए ?
Answer: (1) जमीन की नाप अनिवार्य ।
(2) भूमि का वर्गीकरण -पोलज, परौती, चचर, और बंजर ।
(3) औसत उपज का ज्ञान रखना ।
(4) राज्य का भाग निश्चित करना ।
(5) नकद मूल्य निश्चित करना ।
(6) भूमिकर एकत्रित करना ।
In simple words: ज़ब्ती प्रणाली के अंतर्गत भूमि की पैमाइश, वर्गीकरण और नकद लगान निर्धारण की व्यवस्था थी।

 

प्रश्न 11. जमींदार कौन थे ? उनके क्या कार्य थें ?
Answer: जमींदार ग्रामीण समाज के अभिन्न अंग थे जो अपनी जमीन के मालिक होते थे वे कृषि उत्पादन में प्रत्यक्ष भागीदारी नहीं करते थे ग्रामीण समाज में ऊँची हैसियत के कारण उन्हें कुछ विशेष सामाजिक और आर्थिक सुविधाएँ मिली हुई थी। समाज में उनकी उच्च स्थिति के दो कारण थे । पहला - जाति, दूसरा- उनके द्वारा राज्य को दी जाने वाली विशेष सेवायें ।
कार्य :-
(1) भूराजस्व वसूल करना ।
(2) राजा और किसान के बीच मध्यस्थता करना ।
(3) सैनिक टुकड़ियों की व्यवस्था करना ।
(4) कृषि भूमि का विकास करना ।
(5) किसानो को कृषि के लिए ऋण देना ।
(6) अपनी जमीनों की फसल को बेचना ।
(7) गाँव में बाजार (हाट) लगाने की व्यवस्था करना ।
(8) जमींदारी की खरीद बेच से गांव की आर्थिक स्थिति में सुधार लाना ।
In simple words: जमींदार ग्रामीण समाज के शक्तिशाली वर्ग थे जो राजस्व वसूलने और राज्य को सैन्य सहायता देने का कार्य करते थे।

 

प्र.1 कोर्निश शब्द के अर्थ को स्पष्ट कीजिए।
Answer: कोर्निश औपचारिक अभिवादन का एक ऐसा तरीका था जिसमें दरबारी दाएँ हाथ की तलहथी को ललाट पर रखकर आगे की ओर सिर झुकाते थे।
In simple words: कोर्निश मुगल दरबार में सम्मान प्रकट करने का एक अभिवादन तरीका था।

 

प्र.2 1526 से 1707 तक के बीच भारत में शासन करने वाले वंश का नाम बताइए और इस वंश के संस्थापक कौन थे ?
Answer: मुगल वंश और संस्थापक बाबर ।
In simple words: भारत में इस काल में मुगल साम्राज्य था जिसकी स्थापना बाबर ने की थी।

 

प्र.3 'किताबखाना' शब्द का अर्थ क्या है ?
Answer: 'किताबखाना' का शाब्दिक अनुवाद पुस्तकालय है । यह एक ऐसा लेखन गृह था, जहाँ शासकों द्वारा संकलित पांडुलिपियाँ रखी जाती तथा नई पांडुलिपियां तैयार की जाती थीं।
In simple words: किताबखाना वह शाही ग्रंथालय था जहाँ पांडुलिपियों का निर्माण और संरक्षण होता था।

 

प्र.4 पांडुलिपियों की संरचना में संलग्न कुछ लोगों के कार्यों को बताइए ?
Answer: पांडुलिपियों की रचना के विविध कार्यों में बहुत लोग शामिल होते थे, इनमें से कुछ लोगों के द्वारा कागज बनाना, सुलेखन, घिसाई, चित्रकारी और जिल्दसाजी की जाती थी।
In simple words: पांडulipiyan बनाने में कागज निर्माताओं से लेकर चित्रकारों और जिल्दसाजों तक कई कारीगर सहयोग करते थे।

 

प्र.5 बाबर की आत्मकथा कौन- सी भाषा में लिखी गई थी ?
Answer: बाबर की आत्मकथा 'तुजके बाबरी' मूल रूप से तुर्की भाषा में लिखी गई थी। बाद में इसे फारसी भाषा में बाबरनामा के नाम से अनुवाद किया गया।
In simple words: बाबर की आत्मकथा मूलतः तुर्की में थी जिसे बाद में फारसी में अनुवादित किया गया।

 

प्र.6 मुगल साम्राज्य में शाही परिवार की स्त्रियों द्वारा निभाई गई भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।
Answer: 1. मुगल परिवार में शाही परिवारों से आने वाली स्त्रियों, बेगमों, अगाहा में अंतर रखा जाता है।
2. पत्नियां और उनके अनेक महिलाएं साधारण से साधारण कार्य से लेकर बुद्धिमत्ता से अलग-अलग कार्यों कासंपादन करते थे।
3. नूरजहां के बाद मूल रानियों और राजकुमाारियों ने महत्त्वपूर्ण वित्तीय स्रोतों पर नियंत्रण रखना शुरू किया।
4.जहाँआरा, रोशनआरा को ऊँचे शाही मनसबदारों के समान वार्षिक आय होती थी।
5. जहाँआरा को सूरत के बंदरगाह से राजस्व प्राप्त होता था।
6. संसाधनों पर नियंत्रण ने मुगल परिवार की महत्वपूर्ण रियों को इमारतों या बाګों के निर्माण का अधिकार दिया था।
7. चाँदनी चौक की रूपरेखा जहाँआरा के द्वारा बनवाई गई ।
In simple words: मुगल महिलाओं (जैसे नूरजहां और जहांआरा) ने राजनीति, वास्तुकला और वित्तीय मामलों में सक्रिय भूमिका निभाई।

 

प्र.7 'बादशाहनामा' पर संक्षेप में टिप्पणी लिखिए।
Answer: अबुलफजल एक शिष्य अब्दुल हमीद लाहौरी बादशाह नामा के लेखक के रूप में जाना जाता है। इसकी योग्यताओं के बारे में सुनकर बादशाह शाहजहाँने उसे अकबर नामा के नमूने पर अपने शासन का इतिहास लिखने के लिए नियुक्त किया। बादशाह नामा भी सरकारी इतिहास है। इसकी तीन जिल्दें (दफ्तर) हैं और प्रत्येक जिल्द 10 चंद्र वर्षों का ब्योरा देती हैं। लाहौरी ने बादशाह के शासन (1627. 47) के पहले के दो दशकों पर पहला व दूसरा दफ्तर लिखा इन जिल्दों में बाद में शाहजहाँ के वजीर सादुल्ला खाँ ने सुधार किया।
In simple words: 'बादशाहनामा' शाहजहां के शासनकाल का आधिकारिक इतिहास है जिसे अब्दुल हमीद लाहौरी ने लिखा था।

 

प्र.8. मनसबदारी के प्रणाली के गुण और दोषों की विवेचना कीजिए।
Answer: मनसबदारी प्रणाली के गुण
1- सम्राट को सैन्य संगठन संबंधी परेशानियों से छुटकारा दिलाना ।
2- योग्यतानुसार पद प्रदान किया जाना
3- प्रशासनिक व्यय को सीमित करना ।
4- साम्राज्य का विस्तार एवं स्थायित्व प्रदान करना ।
5- मनसबदार कला और साहित्य के पोषक थे।
मनसबदारी प्रणाली के दोष
1- वैभवशाली जीवन से धन को दुरुपयोग होना ।
2- निर्धारित संख्या से कम सैनिक
3- सम्राट के प्रति स्वामी भक्ति का विकास नहीं होना ।
4- अमीरों तथा सरदारों में विद्रोह की भावना पनपना ।
5- मुगल सेना का राष्ट्रीय सेना न बन पाना ।
6- शासक और सैनिकों के मध्य सीधे सम्पर्क की कमी।
In simple words: मनसबदारी व्यवस्था मुगलों की सैन्य और प्रशासनिक रीढ़ थी, जिसमें कुछ खूबियां और कमियां दोनों थीं।

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