NCERT Solutions for Class 9 Science: Chapter 07 कार्य ऊर्जा एवं सरल मशीनें
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Practice Class 9 Science Solutions: Chapter 07 कार्य ऊर्जा एवं सरल मशीनें
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Question 1: बताइए कि निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य –
(i) कार्य तब होता है जब कोई बल लगाया जाता है भले ही वस्तु गति न करे।
(ii) बाल्टी को ऊर्ध्वाधरतः ऊपर उठाने से बाल्टी पर धनात्मक कार्य होता है।
(iii) कार्य और ऊर्जा दोनों का SI मात्रक जूल (J) है।
(iv) एक स्थिर तनी हुई रबड़ की पट्टी में गतिज ऊर्जा होती है।
(v) ऊर्जा एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित हो सकती है।
Answer:
(i) असत्य — कार्य तब होता है जब बल के कारण वस्तु में विस्थापन हो; बिना विस्थापन के कार्य शून्य होता है।
(ii) सत्य — बाल्टी पर लगाया गया बल और विस्थापन दोनों ऊपर की दिशा में होते हैं, अतः कार्य धनात्मक है।
(iii) सत्य — कार्य और ऊर्जा दोनों का मात्रक जूल होता है।
(iv) असत्य — स्थिर तनी हुई पट्टी में गतिज ऊर्जा नहीं, बल्कि स्थितिज (प्रत्यास्थ) ऊर्जा होती है, क्योंकि वह गतिमान नहीं है।
(v) सत्य — ऊर्जा का संरक्षण नियम यही कहता है कि ऊर्जा एक रूप से दूसरे रूप में बदल सकती है।
मुख्य बिंदु:
• कार्य होने के लिए बल और विस्थापन दोनों का होना आवश्यक है।
• बल और विस्थापन की दिशा एक होने पर कार्य धनात्मक होता है।
• स्थिति और अवस्था के कारण वस्तु में स्थितिज ऊर्जा होती है।
आम गलतियाँ:
• बल लगाने मात्र को ही कार्य मान लेना।
• स्थितिज ऊर्जा को गतिज ऊर्जा समझ लेना।
• मात्रकों को गलत लिखना।
Exam Tips:
a) सत्य/असत्य प्रश्नों में कारण सहित उत्तर याद रखें।
b) भौतिक राशियों के SI मात्रक स्पष्ट लिखें।
c) गतिज और स्थितिज ऊर्जा का अंतर समझकर उत्तर दें।
Question 2: रिक्त स्थान भरिए –
(i) किया गया कार्य = …………… × …………… (बल की दिशा में)
(ii) किसी वस्तु पर …………… न्यूटन बल लगाने से वस्तु 1 m विस्थापित होती है तो 1 जूल कार्य संपन्न होता है।
(iii) \( m \) द्रव्यमान और \( v \) वेग वाले पिंड की गतिज ऊर्जा का व्यंजक …………… होगा।
(iv) पृथ्वी की सतह से \( h \) ऊँचाई पर स्थित \( m \) द्रव्यमान की वस्तु की स्थितिज ऊर्जा …………… होती है।
(v) कार्य करने की …………… को शक्ति कहते हैं।
Answer:
(i) किया गया कार्य = बल \( \times \) विस्थापन (बल की दिशा में)
(ii) किसी वस्तु पर \( 1 \) न्यूटन बल लगाने से वस्तु \( 1 \text{ m} \) विस्थापित होती है तो \( 1 \text{ J} \) कार्य संपन्न होता है।
(iii) \( m \) द्रव्यमान और \( v \) वेग वाले पिंड की गतिज ऊर्जा का व्यंजक \( \frac{1}{2}mv^2 \) होगा।
(iv) पृथ्वी की सतह से \( h \) ऊँचाई पर स्थित \( m \) द्रव्यमान की वस्तु की स्थितिज ऊर्जा \( mgh \) होती है।
(v) कार्य करने की दर को शक्ति कहते हैं।
मुख्य बिंदु:
• कार्य का सूत्र \( W = F \times s \) है।
• गतिज ऊर्जा का सूत्र \( E_k = \frac{1}{2}mv^2 \) है।
• गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा \( E_p = mgh \) होती है।
आम गलतियाँ:
• सूत्र में पदों को भूल जाना या गलत लिखना।
• मात्रक के स्थान पर संख्या लिखना।
• शक्ति की परिभाषा में 'दर' शब्द छोड़ देना।
Exam Tips:
a) सभी महत्वपूर्ण सूत्र अच्छी तरह याद रखें।
b) रिक्त स्थान भरते समय वर्तनी का ध्यान रखें।
c) सूत्रों के प्रतीकों का अर्थ स्पष्ट होना चाहिए।
Question 3: जब ऊपर की ओर फेंकी गई गेंद अपने उच्चतम बिंदु पर पहुँचती है तो निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(i) गेंद पर लगने वाला बल शून्य है।
(ii) गेंद का त्वरण शून्य है।
(iii) इसकी गतिज ऊर्जा शून्य है।
(iv) इसकी स्थितिज ऊर्जा अधिकतम है।
Answer:
सही कथन: (iii) इसकी गतिज ऊर्जा शून्य है और (iv) इसकी स्थितिज ऊर्जा अधिकतम है।
स्पष्टीकरण:
जब गेंद उच्चतम बिंदु पर पहुँचती है तो उसका वेग शून्य हो जाता है, जिससे गतिज ऊर्जा शून्य हो जाती है।
ऊँचाई अधिकतम होने के कारण स्थितिज ऊर्जा अधिकतम होती है।
गुरुत्वाकर्षण बल और त्वरण (\( g \)) शून्य नहीं होते, वे हमेशा कार्य करते रहते हैं।
मुख्य बिंदु:
• उच्चतम बिंदु पर वेग शून्य होता है।
• गुरुत्वीय त्वरण हमेशा नीचे की ओर कार्य करता है।
• ऊर्जा संरक्षण के अनुसार गतिज ऊर्जा स्थितिज ऊर्जा में बदल जाती है।
आम गलतियाँ:
• यह सोचना कि उच्चतम बिंदु पर त्वरण शून्य हो जाता है।
• गुरुत्वाकर्षण बल को अनुपस्थित मान लेना।
• गलत विकल्पों का चयन करना।
Exam Tips:
a) बहुविकल्पीय प्रश्नों में सभी विकल्पों का विश्लेषण करें।
b) गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव को हमेशा ध्यान में रखें।
c) वेग और त्वरण के अंतर को समझें।
Question 4: निम्नलिखित में से प्रत्येक स्थिति में होने वाले ऊर्जा रूपांतरण की पहचान कीजिए –
(i) एक ट्रक का पहाड़ी पर ऊपर की ओर चढ़ना
(ii) घड़ी की स्प्रिंग का खुलना
(iii) हरे पत्तों द्वारा प्रकाश संश्लेषण
(iv) बाँध से बहता हुआ जल
(v) माचिस की तीली का जलना
(vi) एक पटाखे में विस्फोट होना
(vii) माइक्रोफोन में बोलना
(viii) एक दीप्त विद्युत बल्ब
(ix) सौर-पैनल
Answer:
(i) गतिज ऊर्जा \( \rightarrow \) स्थितिज ऊर्जा (ट्रक की ईंधन/रासायनिक ऊर्जा से यांत्रिक ऊर्जा में भी रूपांतरण होता है)
(ii) स्थितिज (प्रत्यास्थ) ऊर्जा \( \rightarrow \) गतिज ऊर्जा
(iii) प्रकाश ऊर्जा \( \rightarrow \) रासायनिक ऊर्जा
(iv) स्थितिज ऊर्जा \( \rightarrow \) गतिज ऊर्जा
(v) रासायनिक ऊर्जा \( \rightarrow \) ऊष्मीय व प्रकाश ऊर्जा
(vi) रासायनिक ऊर्जा \( \rightarrow \) ऊष्मीय, प्रकाश व ध्वनि ऊर्जा
(vii) ध्वनि ऊर्जा \( \rightarrow \) विद्युत ऊर्जा
(viii) विद्युत ऊर्जा \( \rightarrow \) प्रकाश व ऊष्मीय ऊर्जा
(ix) सौर (प्रकाश) ऊर्जा \( \rightarrow \) विद्युत ऊर्जा
मुख्य बिंदु:
• ऊर्जा को न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है।
• ऊर्जा एक रूप से दूसरे रूप में रूपांतरित होती है।
• विभिन्न उपकरणों में ऊर्जा रूपांतरण के अलग-अलग रूप होते हैं।
आम गलतियाँ:
• ऊर्जा रूपांतरण की दिशा उल्टी लिख देना।
• सभी प्रकार की ऊर्जाओं (जैसे ऊष्मा और ध्वनि) को छोड़ देना।
• रासायनिक ऊर्जा को गलत पहचानना।
Exam Tips:
a) दैनिक जीवन के उदाहरणों को ऊर्जा रूपांतरण से जोड़कर समझें।
b) तीर के निशान (\( \rightarrow \)) का सही दिशा में प्रयोग करें।
c) सभी संभावित ऊर्जा रूपों को उत्तर में लिखें।
Question 5: एक विद्यार्थी को एक लिफ्ट द्वारा धीरे-धीरे भूतल से भवन के सबसे ऊपरी तल तक ले जाया जाता है, तत्पश्चात वही विद्यार्थी सीढ़ियों से चढ़कर सबसे ऊपरी तल तक पहुँचता है। यदि भवन की ऊँचाई \( h = 72.5 \text{ m} \), गुरुत्वीय त्वरण \( g = 10 \text{ m s}^{-2} \) और विद्यार्थी का द्रव्यमान \( m = 50 \text{ kg} \) है तो –
(i) यदि विद्यार्थी को लिफ्ट द्वारा सीधे सबसे ऊपरी तल तक ले जाया जाता है तो उसकी स्थितिज ऊर्जा में हुई वृद्धि ज्ञात कीजिए।
(ii) जब विद्यार्थी सीढ़ियों से चढ़कर सबसे ऊपरी तल पर पहुँचता है तो उसकी स्थितिज ऊर्जा में वृद्धि ज्ञात कीजिए।
(iii) आप तय किए रास्ते पर स्थितिज ऊर्जा की निर्भरता के संबंध में क्या निष्कर्ष निकालेंगे?
Answer:
(i) स्थितिज ऊर्जा में वृद्धि:
\( \Delta E_p = mgh \)
\( = 50 \times 10 \times 72.5 \)
\( = 36250 \text{ J} \)
(ii) सीढ़ियों से चढ़ने पर भी स्थितिज ऊर्जा में वृद्धि समान होगी क्योंकि ऊँचाई समान है:
\( = 36250 \text{ J} \)
(iii) निष्कर्ष: स्थितिज ऊर्जा केवल आरंभिक और अंतिम ऊँचाई पर निर्भर करती है, तय किए गए रास्ते पर निर्भर नहीं करती।
मुख्य बिंदु:
• स्थितिज ऊर्जा एक संरक्षी बल क्षेत्र पर निर्भर करती है।
• पथ की लंबाई बदलने से स्थितिज ऊर्जा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
• कुल वृद्धि केवल \( mgh \) से तय होती है।
आम गलतियाँ:
• सीढ़ियों से जाने पर अधिक ऊर्जा खर्च होना मान लेना।
• गणना में मात्रक छोड़ देना।
• सूत्र में मान गलत रखना।
Exam Tips:
a) संख्यात्मक प्रश्नों में दिए गए मान पहले लिखें।
b) अंत में उपयुक्त मात्रक (Joule) अवश्य लिखें।
c) वैचारिक प्रश्नों (निष्कर्ष) को स्पष्ट शब्दों में लिखें।
Question 6: एक क्रेन \( m \) द्रव्यमान को एक निश्चित समय में किसी भवन के 10वें तल तक उठाती है। इसके पश्चात् यह उसी द्रव्यमान को उसी भवन के 20वें तल तक दोगुने समय में उठाती है। इसके लिए उसे कितनी और अधिक ऊर्जा एवं शक्ति चाहिए? यह मान लीजिए कि सभी तलों की ऊँचाई समान है।
Answer:
चूँकि सभी तलों की ऊँचाई समान है, 20वें तल तक द्रव्यमान \( m \) को उठाने में ऊँचाई दोगुनी हो जाएगी, अतः आवश्यक ऊर्जा 10वें तल की तुलना में दोगुनी होगी — अर्थात एक गुना अधिक ऊर्जा चाहिए।
परंतु समय भी दोगुना लगता है (\( P = \frac{W}{t} \)), इसलिए आवश्यक शक्ति में कोई वृद्धि नहीं होगी — शक्ति समान ही रहेगी क्योंकि कार्य और समय दोनों दोगुने हो जाते हैं।
मुख्य बिंदु:
• ऊर्जा केवल ऊँचाई (\( h \)) पर निर्भर करती है (\( E = mgh \))।
• शक्ति कार्य करने की दर है (\( P = \frac{W}{t} \))।
• अनुपात और समानुपात के नियमों का प्रयोग करें।
आम गलतियाँ:
• समय बढ़ने पर शक्ति को भी बढ़ा हुआ मान लेना।
• ऊँचाई के दोगुने होने पर ऊर्जा को समान मान लेना।
• सूत्र का गलत अनुप्रयोग करना।
Exam Tips:
a) ऊर्जा और शक्ति के अंतर को समझकर उत्तर दें।
b) तर्कपूर्ण उत्तरों में चरणों को स्पष्ट करें।
c) आनुपातिक संबंधों का ध्यान रखें।
Question 7: घिरनी की सहायता से किसी झंडे को भूमि से एक ऊँचे ध्वजदंड के शीर्ष तक उठाने के लिए आवश्यक ऊर्जा किन कारकों पर निर्भर करती है? क्या झंडे को धीरे-धीरे या शीघ्रता से ऊपर उठाने पर किए गए कार्य के परिमाण में अंतर होगा? यदि झंडे को उठाने की गति दोगुनी कर दी जाए तो शक्ति की आवश्यकता किस प्रकार परिवर्तित होगी? अपने उत्तरों की व्याख्या कीजिए।
Answer:
आवश्यक ऊर्जा केवल झंडे के भार (\( mg \)) और उसे उठाई गई ऊँचाई (\( h \)) पर निर्भर करती है (\( \text{ऊर्जा} = mgh \)); यह गति की दर पर निर्भर नहीं करती।
अतः धीरे-धीरे या शीघ्रता से उठाने पर किए गए कार्य के परिमाण में कोई अंतर नहीं होगा।
परंतु गति दोगुनी करने पर समय आधा हो जाएगा, इसलिए आवश्यक शक्ति (\( P = \frac{W}{t} \)) दोगुनी हो जाएगी।
मुख्य बिंदु:
• कार्य समय पर निर्भर नहीं करता, यह केवल बल और विस्थापन पर निर्भर करता है।
• शक्ति समय के व्युत्क्रमानुपाती होती है।
• झंडे को उठाने में स्थितिज ऊर्जा में वृद्धि होती है।
आम गलतियाँ:
• तेजी से कार्य करने पर कुल कार्य अधिक मान लेना।
• शक्ति और ऊर्जा को एक ही समझ लेना।
• समय के प्रभाव की उपेक्षा करना।
Exam Tips:
a) प्रत्येक भाग का उत्तर अलग-अलग बिंदुवार दें।
b) भौतिकीय सूत्रों का संदर्भ दें।
c) कारण स्पष्ट रूप से लिखें।
Question 8: \( 60 \text{ kg} \) द्रव्यमान का कोई व्यक्ति \( 100 \text{ kg} \) के स्कूटर पर सवारी करता है, वह स्कूटर को \( v \) वेग तक त्वरित करता है। दूसरे दिन उसका \( 40 \text{ kg} \) द्रव्यमान का पुत्र उसके साथ यात्री के रूप में बैठता है, यदि उक्त दोनों दिनों में स्कूटर समान समय में समान चाल प्राप्त करता है। तो बताइए दोनों दिनों में उपयोग किए गए ईंधन का अनुपात कितना होगा? यह मान लीजिए कि स्कूटर में ऊर्जा का स्थानांतरण पूर्णतया ईंधन के कारण होता है और वायु प्रतिरोध या घर्षण के कारण कोई अन्य हानि नहीं होती है।
Answer:
पहले दिन: कुल द्रव्यमान \( = 60 + 100 = 160 \text{ kg} \)
दूसरे दिन: कुल द्रव्यमान \( = 60 + 100 + 40 = 200 \text{ kg} \)
समान समय में समान वेग \( v \) प्राप्त करने के लिए आवश्यक ऊर्जा गतिज ऊर्जा के बराबर होगी:
\( E = \frac{1}{2}mv^2 \)
चूँकि \( v \) और \( \frac{1}{2} \) दोनों स्थितियों में समान हैं, ऊर्जा का अनुपात द्रव्यमान के अनुपात के बराबर होगा:
अनुपात \( = \frac{160}{200} = \frac{4}{5} = 4 : 5 \)
मुख्य बिंदु:
• कुल द्रव्यमान में व्यक्ति, वाहन और यात्री तीनों का द्रव्यमान जुड़ता है।
• गतिज ऊर्जा द्रव्यमान के सीधे समानुपाती होती है जब वेग समान हो।
• ईंधन की खपत आवश्यक ऊर्जा पर निर्भर करती है।
आम गलतियाँ:
• केवल व्यक्ति का द्रव्यमान जोड़ना, स्कूटर का छोड़ देना।
• अनुपात निकालते समय मान उल्टा लिख देना।
• वेग के प्रभाव को गलत समझना।
Exam Tips:
a) कुल द्रव्यमान की सही गणना करें।
b) सूत्र लिखकर स्पष्ट करें कि कौन सी राशि नियत है।
c) अनुपात को सरलतम रूप में व्यक्त करें।
Question 9: सरकने वाली कुर्सियों वाले सी-सॉ प्रकार के एक झूले पर एक तरफ एक बच्चा बैठा है और दूसरी ओर एक वयस्क। वयस्क का भार बच्चे के भार से दोगुना है। इसके पश्चात भी सी-सॉ संतुलित है। ऐसी स्थिति को दर्शाता हुआ एक चित्र बनाइए जिसमें आलंब से बच्चे और वयस्क की दूरी दर्शाई गई हों।
Answer:
चूँकि वयस्क का भार बच्चे के भार से दोगुना है (मान लीजिए बच्चे का भार \( = W \), वयस्क का भार \( = 2W \)), संतुलन के लिए आघूर्ण (भार \( \times \) भुजा) समान होना चाहिए:
\( W \times L_1 = 2W \times L_2 \)
\( \Rightarrow L_1 = 2L_2 \)
अर्थात बच्चे की आलंब से दूरी, वयस्क की आलंब से दूरी की दोगुनी होनी चाहिए।
*(नोट: यहाँ पाठ्यपुस्तक के अनुसार आघूर्ण के सिद्धांत का उपयोग किया गया है।)*
मुख्य बिंदु:
• संतुलन की स्थिति में वामावर्त आघूर्ण दक्षिणावर्त आघूर्ण के बराबर होता है।
• भारी वस्तु की आलंब से दूरी कम होती है।
• हल्की वस्तु की आलंब से दूरी अधिक होती है।
आम गलतियाँ:
• दूरियों का अनुपात गलत मान लेना।
• भार और दूरी के संबंध को उल्टा समझ लेना।
• संतुलन की शर्त न समझना।
Exam Tips:
a) संतुलन के नियमों को लिखकर स्पष्ट करें।
b) आरेख बनाते समय दूरियों को अनुपात के अनुसार दिखाएं।
c) प्रतीकों का सही उपयोग करें।
Question 10: एक गेंद को \( 20 \text{ m s}^{-1} \) की गति से ऊपर की ओर फेंका जाता है।
(i) गेंद की ऊपर की ओर गति और नीचे की ओर गति के समय इस पर गुरुत्व के अधीन किए गए कार्य के चिह्न की पहचान कीजिए।
(ii) यदि गेंद \( 19.4 \text{ m} \) की ऊँचाई तक पहुँचती है तो वायु प्रतिरोध द्वारा कितना कार्य किया जाता है? (मान लीजिए \( g = 10 \text{ m s}^{-2} \))
Answer:
(i) ऊपर जाते समय — गुरुत्व बल विस्थापन की विपरीत दिशा में कार्य करता है \( \rightarrow \) कार्य ऋणात्मक होता है।
नीचे आते समय — गुरुत्व बल विस्थापन की दिशा में कार्य करता है \( \rightarrow \) कार्य धनात्मक होता है।
(ii) प्रारंभिक गतिज ऊर्जा \( = \frac{1}{2}mv^2 \) (प्रति kg गणना करने पर):
प्रारंभिक वेग \( v = 20 \text{ m/s} \), \( v^2 = 400 \text{ m}^2/\text{s}^2 \)
यदि केवल गुरुत्व कार्य करे तो अधिकतम ऊँचाई:
\( h = \frac{v^2}{2g} \)
\( = \frac{400}{2 \times 10} = 20 \text{ m} \)
परंतु वास्तविक ऊँचाई \( = 19.4 \text{ m} \)
ऊर्जा हानि (प्रति kg):
\( = g(h_{\text{अधिकतम}} - h_{\text{वास्तविक}}) \)
\( = 10 \times (20 - 19.4) = 6 \text{ J/kg} \)
अतः वायु प्रतिरोध द्वारा किया गया कार्य \( = -6m \text{ J} \) (जहाँ \( m \) द्रव्यमान है; प्रति किलोग्राम \( -6 \text{ J} \))
मुख्य बिंदु:
• बल और विस्थापन की दिशा कार्य का चिह्न तय करती है।
• ऊर्जा हानि वायु प्रतिरोध जैसे अन्य बलों के कारण होती है।
• प्रति इकाई द्रव्यमान मान निकालकर भी हल किया जा सकता है।
आम गलतियाँ:
• गुरुत्व बल द्वारा किए गए कार्य का चिह्न गलत बताना।
• वायु प्रतिरोध के कार्य को धनात्मक मान लेना।
• ऊँचाई की गणना में मान गलत रखना।
Exam Tips:
a) प्रत्येक उप-प्रश्न को चरणबद्ध तरीके से हल करें।
b) ऊर्जा संरक्षण और कार्य-ऊर्जा प्रमेय का प्रयोग करें।
c) ऋणात्मक चिह्न ऊर्जा हानि को दर्शाता है, इसे न भूलें।
Question 11: एक \( 10.0 \text{ kg} \) का गुटका नगण्य घर्षण वाले क्षैतिज फर्श पर गतिमान है। चित्र में दर्शाए अनुसार गुटके पर उसकी गति की दिशा में \( 0 \text{ m} \) से \( 4 \text{ m} \) तक के विस्थापन के समय अंतराल में एक परिवर्ती बल (variable force) लगाया जाता है। यदि गुटके की \( 0 \text{ m} \) की स्थिति पर गतिज ऊर्जा \( 180 \text{ J} \) थी तो गुटके की चाल ज्ञात कीजिए। (i) \( 0 \text{ m} \) पर और (ii) \( 4 \text{ m} \) पर क्या गुटके की गति के किसी भाग में गुटके का त्वरण ऋणात्मक है?
Answer:
प्रारंभिक गतिज ऊर्जा (\( 0 \text{ m} \) पर) \( = 180 \text{ J} \)
(i) \( 0 \text{ m} \) पर चाल:
\( \frac{1}{2}mv^2 = 180 \)
\( \frac{1}{2} \times 10 \times v^2 = 180 \)
\( v^2 = \frac{360}{10} = 36 \)
\( v = 6 \text{ m/s} \)
ग्राफ से कार्य (बल-विस्थापन ग्राफ का क्षेत्रफल):
\( = (\frac{1}{2} \times 1 \times 50) + (2 \times 50) + (\frac{1}{2} \times 1 \times 50) \)
\( = 25 + 100 + 25 = 150 \text{ J} \)
(ii) \( 4 \text{ m} \) पर गतिज ऊर्जा:
\( = 180 + 150 = 330 \text{ J} \)
\( \frac{1}{2} \times 10 \times v^2 = 330 \)
\( v^2 = 66 \)
\( v \approx 8.12 \text{ m/s} \)
चूँकि बल सदैव धनात्मक दिशा में कार्य करता है, अतः वेग निरंतर बढ़ता है और गति के किसी भी भाग में त्वरण ऋणात्मक नहीं होता।
मुख्य बिंदु:
• बल-विस्थापन ग्राफ के अंतर्गत क्षेत्रफल किया गया कार्य देता है।
• किया गया कार्य गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर होता है।
• बल की दिशा ही त्वरण की दिशा तय करती है।
आम गलतियाँ:
• ग्राफ का क्षेत्रफल निकालते समय ज्यामितीय आकृतियों को गलत जोड़ना।
• द्रव्यमान का मान समीकरण में रखना भूल जाना।
• वर्गमूल सही न निकालना।
Exam Tips:
a) ग्राफ आधारित प्रश्नों में क्षेत्रफल निकालने के लिए त्रिभुज और आयत के सूत्रों का प्रयोग करें।
b) गणना के हर चरण को साफ-साफ लिखें।
c) मात्रक लिखना न भूलें।
Question 12: चंद्रमा की सतह (चंद्रतल) पर गुरुत्वाकर्षण पृथ्वी की सतह के गुरुत्वाकर्षण का लगभग \( \frac{1}{6} \) भाग है। एक अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी की सतह से किसी गेंद को \( 8 \text{ m} \) की ऊँचाई तक फेंक सकता है। यदि उसी गेंद को उतने ही ऊर्ध्व वेग से चंद्रमा की सतह से ऊपर की ओर फेंका जाए तो गेंद चंद्रमा की सतह पर कितनी ऊँचाई तक जाएगी?
Answer:
पृथ्वी पर अधिकतम ऊँचाई:
\( h_{\text{पृथ्वी}} = \frac{u^2}{2g} = 8 \text{ m} \)
चंद्रमा पर गुरुत्वाकर्षण \( = \frac{g}{6} \)
समान वेग \( u \) के लिए, ऊँचाई गुरुत्वाकर्षण के व्युत्क्रमानुपाती होती है:
\( h_{\text{चंद्रमा}} = \frac{u^2}{2 \times (g/6)} \)
\( h_{\text{चंद्रमा}} = 6 \times h_{\text{पृथ्वी}} \)
\( = 6 \times 8 = 48 \text{ m} \)
मुख्य बिंदु:
• गुरुत्वाकर्षण कम होने पर वस्तु अधिक ऊँचाई तक जाती है।
• ऊँचाई गुरुत्वीय त्वरण के व्युत्क्रमानुपाती होती है।
• प्रारंभिक वेग समान रहने पर यह संबंध लागू होता है।
आम गलतियाँ:
• \( 6 \) से गुणा करने के बजाय भाग दे देना।
• व्युत्क्रमानुपाती संबंध को न समझना।
• सूत्र का गलत प्रतिस्थापन करना।
Exam Tips:
a) आनुपातिक संबंधों वाले प्रश्नों में सीधे सूत्रों की तुलना करें।
b) इकाई और मान स्पष्ट रखें।
c) उत्तर के साथ उचित मात्रक (\( \text{m} \)) लिखें।
Question 13: एक \( 1000 \text{ kg} \) द्रव्यमान की एक कार सड़क पर नियत चाल से गतिमान है। अचानक चालक को आगे कोई बाधा दिखाई देती है। वह कार को पूरी तरह रोकने के लिए ब्रेक लगाता है। चालक द्वारा आगे बाधा को देखने के क्षण से कार की गति का आलेखी निरूपण चित्र में दर्शाया गया है।
(i) बताइए कि स्थिति A और B के बीच कार की गति किस प्रकार की है?
(ii) स्थिति A पर कार की गतिज ऊर्जा का परिकलन कीजिए।
(iii) बताइए कि B और C के बीच कार को रोकने के लिए ब्रेक द्वारा कितना कार्य करना होगा?
(iv) कार की गतिज ऊर्जा किस ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है?
Answer:
(i) A और B के बीच कार नियत चाल (एकसमान वेग) से गतिमान है (चालक की प्रतिक्रिया समय के दौरान, ब्रेक अभी नहीं लगा है)।
(ii) स्थिति A पर चाल \( = 35 \text{ m/s} \) (ग्राफ से):
गतिज ऊर्जा \( = \frac{1}{2}mv^2 \)
\( = \frac{1}{2} \times 1000 \times (35)^2 \)
\( = \frac{1}{2} \times 1000 \times 1225 = 612500 \text{ J} \)
(iii) B और C के बीच कार रुक जाती है (चाल \( 0 \) हो जाती है), अतः ब्रेक द्वारा किया गया कार्य = अंतिम गतिज ऊर्जा \( - \) प्रारंभिक (B पर) गतिज ऊर्जा:
\( = 0 - 612500 = -612500 \text{ J} \) (ऋणात्मक कार्य, परिमाण \( 612500 \text{ J} \))
(iv) कार की गतिज ऊर्जा ऊष्मीय ऊर्जा (एवं ध्वनि ऊर्जा) में परिवर्तित हो जाती है (ब्रेक और सड़क के घर्षण के कारण)।
मुख्य बिंदु:
• ग्राफ में सीधी रेखा नियत चाल को दर्शाती है।
• किया गया कार्य गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर होता है।
• घर्षण ऊर्जा को ऊष्मा में बदल देता है।
आम गलतियाँ:
• गतिज ऊर्जा के सूत्र में वर्ग करना भूल जाना।
• कार्य का चिह्न ऋणात्मक न लिखना।
• ऊर्जा रूपांतरण में ऊष्मा को छोड़ देना।
Exam Tips:
a) ग्राफ को ध्यान से पढ़कर मान प्राप्त करें।
b) कार्य-ऊर्जा प्रमेय का सही कथन उपयोग करें।
c) उत्तर में ऊर्जा के सही रूपों का उल्लेख करें।
Question 14: एक घर्षण रहित (frictionless) पथ पर गतिमान \( 0.5 \text{ kg} \) गेंद का स्थितिज ऊर्जा-विस्थापन ग्राफ दर्शाया गया है। बिंदु O पर गेंद का वेग \( 0 \text{ m s}^{-1} \) और स्थितिज ऊर्जा \( 30 \text{ J} \) है। P, Q और R पर वेग की गणना कीजिए।
Answer:
बिंदु O पर वेग \( = 0 \), स्थितिज ऊर्जा \( = 30 \text{ J} \)
चूँकि पथ घर्षण रहित है, कुल यांत्रिक ऊर्जा नियत रहेगी \( = 30 + 0 = 30 \text{ J} \) (सभी बिंदुओं पर)
ग्राफ से:
P पर स्थितिज ऊर्जा \( \approx 20 \text{ J} \)
\( \Rightarrow \) गतिज ऊर्जा \( = 30 - 20 = 10 \text{ J} \)
\( \frac{1}{2}mv^2 = 10 \)
\( \frac{1}{2} \times 0.5 \times v^2 = 10 \)
\( v^2 = 40 \)
\( v \approx 6.32 \text{ m/s} \)
Q पर स्थितिज ऊर्जा \( \approx 30 \text{ J} \)
\( \Rightarrow \) गतिज ऊर्जा \( = 30 - 30 = 0 \text{ J} \)
\( \Rightarrow v = 0 \text{ m/s} \)
R पर स्थितिज ऊर्जा \( \approx 40 \text{ J} \) — यह कुल यांत्रिक ऊर्जा (\( 30 \text{ J} \)) से अधिक है, अतः गेंद वहाँ तक नहीं पहुँच सकती (गतिज ऊर्जा ऋणात्मक नहीं हो सकती); गेंद R तक नहीं पहुँचती, अतः वहाँ वेग परिभाषित नहीं है।
मुख्य बिंदु:
• कुल यांत्रिक ऊर्जा (गतिज ऊर्जा + स्थितिज ऊर्जा) हमेशा संरक्षित रहती है।
• किसी भी बिंदु पर स्थितिज ऊर्जा कुल ऊर्जा से अधिक नहीं हो सकती।
• वेग की गणना गतिज ऊर्जा के सूत्र से की जाती है।
आम गलतियाँ:
• कुल ऊर्जा को नियत न मानना।
• बिंदु R पर असंभव मान से वेग निकालने का प्रयास करना।
• गणना में दशमलव की गलती करना।
Exam Tips:
a) ऊर्जा संरक्षण के नियम को स्पष्ट रूप से समझें।
b) ग्राफ से सही मान पढ़ना सीखें।
c) भौतिक रूप से असंभव स्थितियों को पहचानें।
Question 15: \( 1.5 \text{ kg} \) द्रव्यमान का एक नारियल, \( 10 \text{ m} \) ऊँचाई वाले एक नारियल के वृक्ष के शिखर से समुद्र तट की गीली रेत पर गिरता है। तट से टकराने पर नारियल रेत में एक गड्ढा बनाकर स्थिर हो जाता है।
(i) रेत से टकराने से ठीक पहले नारियल के वेग की गणना कीजिए।
(ii) मान लीजिए कि रेत का औसत प्रतिरोधी बल \( 3000 \text{ N} \) है और नारियल की संपूर्ण ऊर्जा का उपयोग रेत में गड्ढा बनाने में किया गया है। नारियल द्वारा रेत में बनाए गए गड्ढे की गहराई का परिकलन कीजिए (\( g = 10 \text{ m s}^{-2} \) लीजिए)।
Answer:
(i) रेत से टकराने से पहले वेग:
\( v^2 = u^2 + 2gh \)
\( = 0 + 2 \times 10 \times 10 = 200 \)
\( v = \sqrt{200} \approx 14.14 \text{ m/s} \)
(ii) नारियल की कुल गतिज ऊर्जा टकराने के समय:
\( E = \frac{1}{2}mv^2 = \frac{1}{2} \times 1.5 \times 200 = 150 \text{ J} \)
रेत का प्रतिरोधी बल कार्य करता है: कार्य \( = \text{बल} \times \text{गहराई } (d) \)
घर्षण द्वारा किया गया कार्य = नारियल की गतिज ऊर्जा (कार्य-ऊर्जा प्रमेय से):
\( 3000 \times d = 150 \)
\( d = \frac{150}{3000} = 0.05 \text{ m} = 5 \text{ cm} \)
मुख्य बिंदु:
• गति के समीकरणों से वेग ज्ञात किया जा सकता है।
• कार्य-ऊर्जा प्रमेय के अनुसार किया गया कार्य ऊर्जा परिवर्तन के बराबर होता है।
• मीटर को सेंटीमीटर में बदलना न भूलें।
आम गलतियाँ:
• बल और दूरी के गुणन, और ऊर्जा को बराबर न रखना।
• मात्रकों (मीटर और सेंटीमीटर) में भ्रमित होना।
• वर्गमूल सही न निकालना।
Exam Tips:
a) गति के समीकरणों और ऊर्जा के सूत्रों का संयोजन करना सीखें।
b) अंतिम उत्तर में उचित मात्रक अवश्य लिखें।
c) गणना को संक्षिप्त और स्पष्ट रखें।
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