Official NCERT Solutions for Class 9 Science: Chapter 04 अपने परिवेश में गति का वर्णन
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Chapter-wise Solutions for Science: Chapter 04 अपने परिवेश में गति का वर्णन
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Question 1: मेरे पिताजी एक सीधी सड़क पर चल कर एक दुकान पर गए जिसकी घर से दूरी \( 250\text{ m} \) है। वहाँ पहुँच कर उन्होंने पाया कि वह कपड़े का थैला लाना भूल गए हैं। वह घर वापस लौटे, थैला लेकर दुकान पर आए, सामान खरीदा और लौट कर घर आ गए। बताइए कि उन्होंने कुल कितनी दूरी तय की? उनके घर से विस्थापन का मान कितना हुआ?
Answer:
घर से दुकान की दूरी = \( 250\text{ मीटर} \)
यात्रा का क्रम इस प्रकार है:
घर से दुकान = \( 250\text{ मीटर} \)
दुकान से घर = \( 250\text{ मीटर} \)
घर से दुकान = \( 250\text{ मीटर} \)
दुकान से घर = \( 250\text{ मीटर} \)
कुल चलित दूरी = \( 250 + 250 + 250 + 250 \)
\( = 1000\text{ मीटर} \)
चूँकि अंत में वे पुनः अपने घर लौट आए, इसलिए उनकी प्रारंभिक तथा अंतिम स्थिति एक ही है।
अतः विस्थापन = \( 0\text{ मीटर} \)
मुख्य बिंदु:
• दूरी एक अदिश राशि है जो तय किए गए कुल मार्ग की लंबाई पर निर्भर करती है。
• विस्थापन एक सदिश राशि है जो प्रारंभिक और अंतिम स्थिति के बीच की न्यूनतम दूरी होती है。
• यदि कोई वस्तु अपनी यात्रा समाप्त करके प्रारंभिक बिंदु पर लौट आती है, तो कुल विस्थापन शून्य होता है।
आम गलतियाँ:
• विस्थापन को कुल दूरी के बराबर मान लेना।
• आने और जाने के चरणों को कुल दूरी में न जोड़ना।
• मात्रकों (मीटर) को भूल जाना।
Exam Tips:
a) दूरी और विस्थापन की परिभाषा स्पष्ट रूप से याद रखें।
b) न्यूमेरिकल हल करते समय प्रत्येक चरण को अलग-अलग लाइन में दिखाएं।
c) उत्तर के साथ सही मात्रक लिखना अनिवार्य है।
Question 2: कोई विद्यार्थी एक पुस्तक लेने के लिए विद्यालय भवन के भूतल से चतुर्थ तल तक दौड़ते हुए जाता है और फिर उतर कर द्वितीय तल स्थित अपने कक्षा-कक्ष में लौटता है। यदि प्रत्येक तल की ऊँचाई \( 3\text{ m} \) है तो ज्ञात कीजिए –
(i) उसके द्वारा चलित ऊर्ध्वाधर दूरी, तथा
(ii) आरंभिक बिंदु से उसके ऊर्ध्वाधर विस्थापन का परिमाण
Answer:
प्रत्येक तल की ऊँचाई = \( 3\text{ मीटर} \)
भूतल से चतुर्थ तल तक की ऊँचाई = \( 4 \times 3 \)
\( = 12\text{ मीटर} \)
चतुर्थ तल से द्वितीय तल तक नीचे उतरना = \( 2 \times 3 \)
\( = 6\text{ मीटर} \)
(i) कुल चलित ऊर्ध्वाधर दूरी = \( 12 + 6 \)
\( = 18\text{ मीटर} \)
(ii) अंतिम स्थिति द्वितीय तल पर है।
भूतल से द्वितीय तल की ऊँचाई = \( 2 \times 3 \)
\( = 6\text{ मीटर} \)
अतः ऊर्ध्वाधर विस्थापन का परिमाण = \( 6\text{ मीटर} \)
मुख्य बिंदु:
• कुल दूरी सभी तय किए गए भागों का योग होती है।
• विस्थापन केवल प्रारंभिक और अंतिम स्थितियों के बीच की लंबवत दूरी है।
• तलों की संख्या को एक तल की ऊँचाई से गुणा करके कुल ऊँचाई निकाली जाती है।
आम गलतियाँ:
• तलों की गिनती में गलती करना (जैसे भूतल से चतुर्थ तल 4 तल हैं, न कि 3)।
• विस्थापन निकालते समय कुल मार्ग को जोड़ देना।
Exam Tips:
a) उप-भाग (i) और (ii) के उत्तर अलग-अलग स्पष्ट रूप से लिखें।
b) तलों की गणना ध्यानपूर्वक करें।
c) गणना के चरणों को व्यवस्थित रखें।
Question 3: एक लड़की अपना स्कूटर चला रही है और पाती है कि इसके गतिमापी यंत्र का पाठ्यांक स्थिर है। क्या यह संभव है कि उसका स्कूटर त्वरणशील हो? और यदि ऐसा है तो कैसे?
Answer:
हाँ, यह संभव है।
गतिमापी यंत्र (स्पीडोमीटर) केवल चाल का परिमाण बताता है। यदि चाल स्थिर हो, परन्तु स्कूटर की गति की दिशा लगातार बदल रही हो (जैसे किसी वृत्ताकार मार्ग या मोड़ पर चल रहा हो), तब वेग में परिवर्तन होता है।
वेग में परिवर्तन होने के कारण त्वरण उत्पन्न होता है।
अतः चाल स्थिर होने पर भी यदि गति की दिशा बदल रही हो, तो स्कूटर त्वरणशील हो सकता है।
मुख्य बिंदु:
• स्पीडोमीटर केवल चाल बताता है, वेग नहीं।
• वेग एक सदिश राशि है जिसमें परिमाण और दिशा दोनों होते हैं।
• दिशा बदलने पर भी वेग बदलता है, जिससे त्वरण उत्पन्न होता है।
आम गलतियाँ:
• चाल और वेग को एक ही मान लेना।
• यह सोचना कि स्थिर चाल पर त्वरण हमेशा शून्य होता है।
Exam Tips:
a) वैचारिक प्रश्नों में कारण स्पष्ट रूप से दें।
b) चाल और वेग के अंतर को समझकर उत्तर लिखें।
c) वृत्ताकार गति का उदाहरण अवश्य दें।
Question 4: एक कार विरामावस्था से चलना आरंभ करती है और \( 6\text{ सेकंड} \) में इसका वेग \( 24\text{ मीटर प्रति सेकंड} \) हो जाता है। इन \( 6\text{ सेकंड} \) में इसका त्वरण और इसके द्वारा चलित दूरी ज्ञात कीजिए।
Answer:
प्रारंभिक वेग \( (u) = 0\text{ मीटर प्रति सेकंड} \)
अंतिम वेग \( (v) = 24\text{ मीटर प्रति सेकंड} \)
समय \( (t) = 6\text{ सेकंड} \)
त्वरण \( (a) = (\text{वेग में परिवर्तन}) \div \text{समय} \)
\( a = (24 - 0) \div 6 \)
\( a = 4\text{ मीटर प्रति सेकंड}^2 \)
अब, चलित दूरी \( (s) = \text{औसत वेग} \times \text{समय} \)
\( s = \frac{u + v}{2} \times t \)
\( s = \frac{0 + 24}{2} \times 6 \)
\( s = 12 \times 6 \)
\( s = 72\text{ मीटर} \)
अतः कार का त्वरण \( 4\text{ मीटर प्रति सेकंड}^2 \) तथा उसके द्वारा चलित दूरी \( 72\text{ मीटर} \) है।
मुख्य बिंदु:
• विरामावस्था में होने पर प्रारंभिक वेग शून्य होता है।
• त्वरण वेग परिवर्तन की दर है।
• औसत वेग और समय के गुणनफल से दूरी निकाली जा सकती है।
आम गलतियाँ:
• मात्रकों को सही रूप में न लिखना।
• औसत वेग के सूत्र में मान गलत रखना।
Exam Tips:
a) दिए गए मानों को सबसे पहले 'दिया है' रूप में लिखें।
b) प्रत्येक सूत्र को लिखकर ही मान रखें।
c) अंतिम उत्तर में सही इकाई लिखना न भूलें।
Question 5: आरंभिक वेग \( 28\text{ मीटर प्रति सेकंड} \) एवं नियत त्वरण से गतिमान कोई मोटर साइकिल \( 98\text{ मीटर} \) चलकर रुक जाती है। मोटर साइकिल का त्वरण तथा इसे विरामावस्था में आने में लगे समय का मान ज्ञात कीजिए।
Answer:
प्रारंभिक वेग \( (u) = 28\text{ मीटर प्रति सेकंड} \)
अंतिम वेग \( (v) = 0\text{ मीटर प्रति सेकंड} \)
चलित दूरी \( (s) = 98\text{ मीटर} \)
गति के तीसरे समीकरण के अनुसार:
\( v^2 = u^2 + 2as \)
\( 0^2 = 28^2 + 2 \times a \times 98 \)
\( 0 = 784 + 196a \)
\( 196a = -784 \)
\( a = -784 \div 196 \)
\( a = -4\text{ मीटर प्रति सेकंड}^2 \)
ऋण चिह्न बताता है कि त्वरण गति की दिशा के विपरीत (मंदन) है।
अब, गति के पहले समीकरण से समय ज्ञात करने पर:
\( v = u + at \)
\( 0 = 28 + (-4) \times t \)
\( 4t = 28 \)
\( t = 28 \div 4 \)
\( t = 7\text{ सेकंड} \)
अतः मोटर साइकिल का त्वरण \( -4\text{ मीटर प्रति सेकंड}^2 \) है तथा उसे रुकने में \( 7\text{ सेकंड} \) का समय लगता है।
मुख्य बिंदु:
• रुकने की स्थिति में अंतिम वेग शून्य होता है।
• ऋणात्मक त्वरण मंदन को दर्शाता है।
• गति के समीकरणों का सही चयन करना आवश्यक है।
आम गलतियाँ:
• त्वरण के ऋणात्मक चिह्न को छोड़ देना।
• गलत समीकरण का चयन करना।
Exam Tips:
a) गति के तीनों समीकरणों को अच्छी तरह याद रखें।
b) गणना करते समय संकेतों (+ और -) का विशेष ध्यान रखें।
c) चरणबद्ध तरीके से हल करें ताकि गलती की संभावना न रहे।
Question 6: चित्र 4.27 दो ऐसी वस्तुओं 'क' एवं 'ख' का स्थिति-समय आलेख दर्शाता है, जो समांतर सरल रेखीय पथों पर एक ही दिशा में गतिमान हैं। क्या वस्तुओं 'क' एवं 'ख' का वेग कभी बराबर होगा? अपने उत्तर के समर्थन में तर्क दीजिए।
Answer:
नहीं, वस्तुओं 'क' और 'ख' का वेग कभी बराबर नहीं होगा।
स्थिति-समय आलेख की ढाल वस्तु के वेग को दर्शाती है। चित्र में दोनों वस्तुओं की रेखाओं की ढाल अलग-अलग है।
वस्तु 'क' की रेखा की ढाल वस्तु 'ख' की रेखा की ढाल से अधिक है। इसलिए वस्तु 'क' का वेग वस्तु 'ख' के वेग से अधिक है।
दोनों रेखाएँ लगभग \( 5\text{ सेकंड} \) पर एक-दूसरे को काटती हैं, जिसका अर्थ केवल यह है कि उस क्षण दोनों वस्तुएँ एक ही स्थिति पर हैं, उनके वेग बराबर नहीं हैं।
मुख्य बिंदु:
• स्थिति-समय ग्राफ की ढाल (Slope) वेग को प्रदर्शित करती है।
• प्रतिच्छेदन बिंदु समान स्थिति को दर्शाता है, समान वेग को नहीं।
• समांतर रेखाएँ या भिन्न ढाल वाली रेखाओं का वेग अलग होता है।
आम गलतियाँ:
• ग्राफ के कटान बिंदु को समान वेग समझ लेना।
• स्थिति-समय ग्राफ की ढाल के महत्व को न समझना।
Exam Tips:
a) ग्राफ आधारित प्रश्नों में ढाल (Slope) के नियम का उल्लेख अवश्य करें।
b) प्रतिच्छेदन बिंदु और वेग के अंतर को स्पष्ट लिखें।
Question 7: चित्र 4.28 में दिया गया आलेख सरल रेखा में गतिमान दो वस्तुओं 'क' एवं 'ख' के लिए \( 0 \) से \( 10\text{ सेकंड} \) के बीच उनकी स्थितियों में समय के साथ होने वाले परिवर्तन को दर्शाता है। सही विकल्प का चयन कीजिए –
(i) \( 10\text{ सेकंड} \) के समय अंतराल में दोनों का माध्य वेग बराबर है क्योंकि उनकी आरंभिक और अंतिम स्थितियाँ समान हैं।
(ii) \( 10\text{ सेकंड} \) के समय अंतराल में दोनों की माध्य चाल बराबर है क्योंकि ये दोनों समान समय में समान दूरियाँ चलती हैं।
(iii) \( 10\text{ सेकंड} \) के समय अंतराल में 'क' की माध्य चाल 'ख' की माध्य चाल से कम है क्योंकि \( 10\text{ सेकंड} \) में इसके द्वारा चलित दूरी 'ख' द्वारा चलित दूरी से कम है।
(iv) \( 10\text{ सेकंड} \) के समय अंतराल में 'क' की माध्य चाल 'ख' की माध्य चाल से अधिक है क्योंकि कुछ समय-अंतरालों में 'ख' की चाल 'क' की चाल से कम है।
Answer:
सही विकल्प – (i) और (ii)
स्पष्टीकरण:
दोनों वस्तुओं की आरंभिक स्थिति समान है और \( 10\text{ सेकंड} \) बाद उनकी अंतिम स्थिति भी समान है। अतः दोनों का कुल विस्थापन तथा समय-अंतराल समान है।
माध्य वेग = \( \text{विस्थापन} \div \text{समय-अंतराल} \)
इसलिए दोनों का माध्य वेग बराबर है।
दोनों वस्तुएँ एक ही दिशा में चलती हैं और पीछे नहीं लौटतीं, इसलिए प्रत्येक वस्तु की चलित दूरी उसके विस्थापन के परिमाण के बराबर है। दोनों की चलित दूरी और समय-अंतराल समान होने के कारण उनकी माध्य चाल भी बराबर है।
मुख्य बिंदु:
• माध्य वेग कुल विस्थापन और कुल समय का अनुपात होता है।
• एक ही दिशा में बिना मुड़े गति करने पर दूरी और विस्थापन समान होते हैं।
• समान प्रारंभिक और अंतिम स्थितियों के लिए विस्थापन समान होता है।
आम गलतियाँ:
• सभी विकल्पों को बिना पढ़े गलत चुन लेना।
• चाल और वेग के अंतर को न समझना।
Exam Tips:
a) बहुविकल्पीय प्रश्नों में प्रत्येक कथन का विश्लेषण करें।
b) ग्राफ में दी गई प्रारंभिक और अंतिम स्थितियों को ध्यान से देखें।
Question 8: \( 54\text{ किलोमीटर प्रति घंटा} \) की चाल से ट्रक चलाता हुआ एक ट्रक चालक सड़क के किनारे लगा एक यातायात निर्देश-पट्ट देखता है, जिसमें ट्रकों के लिए गति-सीमा \( 40\text{ किलोमीटर प्रति घंटा} \) सूचित की गई है। वह \( 36\text{ सेकंड} \) में अपनी चाल घटाकर \( 36\text{ किलोमीटर प्रति घंटा} \) पर ले आता है। इस समयावधि में उसके द्वारा चलित दूरी कितनी थी? यह मान लीजिए कि चाल घटाने की अवधि में उसका त्वरण अचर था।
Answer:
प्रारंभिक चाल \( (u) = 54\text{ किलोमीटर प्रति घंटा} \)
अंतिम चाल \( (v) = 36\text{ किलोमीटर प्रति घंटा} \)
समय \( (t) = 36\text{ सेकंड} \)
प्रारंभिक चाल को मीटर प्रति सेकंड में बदलने पर:
\( u = 54 \times \frac{5}{18} \)
\( u = 15\text{ मीटर प्रति सेकंड} \)
अंतिम चाल को मीटर प्रति सेकंड में बदलने पर:
\( v = 36 \times \frac{5}{18} \)
\( v = 10\text{ मीटर प्रति सेकंड} \)
अचर त्वरण की स्थिति में माध्य चाल:
माध्य चाल = \( (u + v) \div 2 \)
\( = (15 + 10) \div 2 \)
\( = 12.5\text{ मीटर प्रति सेकंड} \)
चलित दूरी \( (s) = \text{माध्य चाल} \times \text{समय} \)
\( s = 12.5 \times 36 \)
\( s = 450\text{ मीटर} \)
अतः ट्रक द्वारा चलित दूरी \( 450\text{ मीटर} \) थी।
मुख्य बिंदु:
• किलोमीटर प्रति घंटा को मीटर प्रति सेकंड में बदलने के लिए \( \frac{5}{18} \) से गुणा करते हैं।
• अचर त्वरण की स्थिति में माध्य चाल प्रारंभिक और अंतिम चाल का औसत होती है।
• दूरी ज्ञात करने के लिए माध्य चाल को समय से गुणा किया जाता है।
आम गलतियाँ:
• इकाइयों का परिवर्तन (km/h से m/s) न करना।
• औसत निकालने में भूल करना।
Exam Tips:
a) मात्रक परिवर्तन के चरणों को हमेशा दर्शाइए।
b) गणना को सावधानीपूर्वक करें ताकि दशमलव की गलती न हो।
Question 9: एक कार विरामावस्था से गति आरंभ करती है और एकसमान त्वरण से \( 5\text{ सेकंड} \) में \( 20\text{ मीटर प्रति सेकंड} \) का वेग प्राप्त कर लेती है। इसके पश्चात \( 10\text{ सेकंड} \) तक यह \( 20\text{ मीटर प्रति सेकंड} \) के वेग से चलती है और अंततः ब्रेक लगाकर एकसमान त्वरण से \( 6\text{ सेकंड} \) में रुक जाती है। इसके द्वारा चलित कुल दूरी ज्ञात कीजिए।
Answer:
कार की गति को तीन भागों में बाँटा जा सकता है:
पहला भाग – विरामावस्था से \( 20\text{ मीटर प्रति सेकंड} \) तक:
प्रारंभिक वेग \( (u) = 0\text{ मीटर प्रति सेकंड} \), अंतिम वेग \( (v) = 20\text{ मीटर प्रति सेकंड} \), समय \( (t) = 5\text{ सेकंड} \)
चलित दूरी \( (s_1) = \frac{u + v}{2} \times t \)
\( s_1 = \frac{0 + 20}{2} \times 5 = 10 \times 5 = 50\text{ मीटर} \)
दूसरा भाग – नियत वेग से गति:
वेग \( (v) = 20\text{ मीटर प्रति सेकंड} \), समय \( (t) = 10\text{ सेकंड} \)
चलित दूरी \( (s_2) = \text{वेग} \times \text{समय} \)
\( s_2 = 20 \times 10 = 200\text{ मीटर} \)
तीसरा भाग – \( 20\text{ मीटर प्रति सेकंड} \) से विरामावस्था तक:
प्रारंभिक वेग \( (u) = 20\text{ मीटर प्रति सेकंड} \), अंतिम वेग \( (v) = 0\text{ मीटर प्रति सेकंड} \), समय \( (t) = 6\text{ सेकंड} \)
चलित दूरी \( (s_3) = \frac{u + v}{2} \times t \)
\( s_3 = \frac{20 + 0}{2} \times 6 = 10 \times 6 = 60\text{ मीटर} \)
कुल चलित दूरी \( (s) = s_1 + s_2 + s_3 \)
\( s = 50 + 200 + 60 = 310\text{ मीटर} \)
अतः कार द्वारा चलित कुल दूरी \( 310\text{ मीटर} \) है।
मुख्य बिंदु:
• जटिल गति के प्रश्नों को अलग-अलग भागों में विभाजित करके हल करना चाहिए।
• प्रत्येक भाग की दूरी निकालकर अंत में सभी दूरियों को जोड़ दिया जाता है।
• एकसमान वेग और त्वरित गति के अलग-अलग सूत्रों का उपयोग होता है।
आम गलतियाँ:
• पूरी यात्रा को एक ही बार में हल करने का प्रयास करना।
• किसी एक भाग की दूरी की गणना में मान गलत रखना।
Exam Tips:
a) यात्रा के प्रत्येक चरण को स्पष्ट रूप से (पहला भाग, दूसरा भाग आदि) लिखकर हल करें।
b) अंतिम चरण में सभी दूरियों का योग स्पष्ट रूप से दिखाएं।
Question 10: एक बस \( 36\text{ किलोमीटर प्रति घंटा} \) के वेग से गतिमान है, तभी चालक को \( 30\text{ मीटर} \) आगे एक अवरोध दिखाई पड़ता है। ब्रेक लगाने की प्रतिक्रिया में उसे \( 0.5\text{ सेकंड} \) का समय लगता है। ब्रेक लगाने के पश्चात बस का वेग \( 2.5\text{ मीटर प्रति सेकंड}^2 \) के नियत मंदन से कम होता है। क्या यह बस अवरोध तक पहुँचने से पहले रुकेगी?
Answer:
बस का प्रारंभिक वेग = \( 36\text{ किलोमीटर प्रति घंटा} = 36 \times \frac{5}{18} = 10\text{ मीटर प्रति सेकंड} \)
अवरोध की दूरी = \( 30\text{ मीटर} \)
प्रतिक्रिया का समय = \( 0.5\text{ सेकंड} \)
मंदन \( (a) = -2.5\text{ मीटर प्रति सेकंड}^2 \)
प्रतिक्रिया के समय में चली गई दूरी:
\( s_1 = \text{वेग} \times \text{समय} \)
\( s_1 = 10 \times 0.5 = 5\text{ मीटर} \)
ब्रेक लगाने के बाद रुकने में चली गई दूरी \( (s_2) \):
\( v^2 = u^2 + 2as \)
\( 0^2 = 10^2 + 2 \times (-2.5) \times s_2 \)
\( 0 = 100 - 5s_2 \)
\( 5s_2 = 100 \)
\( s_2 = 20\text{ मीटर} \)
कुल रुकने की दूरी = \( s_1 + s_2 = 5 + 20 = 25\text{ मीटर} \)
अवरोध से शेष दूरी = \( 30 - 25 = 5\text{ मीटर} \)
अतः बस अवरोध तक पहुँचने से पहले रुक जाएगी। वह अवरोध से \( 5\text{ मीटर} \) पहले रुक जाएगी।
मुख्य बिंदु:
•反应 समय (Reaction time) में बस बिना मंदन के नियत चाल से चलती है।
• कुल रोकने की दूरी = प्रतिक्रिया काल की दूरी + ब्रेक लगाने के बाद की दूरी।
• यदि कुल दूरी अवरोध की दूरी से कम है, तो बस सुरक्षित रुक जाएगी।
आम गलतियाँ:
• प्रतिक्रिया समय के दौरान तय की गई दूरी को छोड़ देना।
• मंदन को धनात्मक मान लेना।
Exam Tips:
a) इस प्रकार के व्यावहारिक प्रश्नों को भागों में विभाजित करके हल करें।
b) तुलनात्मक निष्कर्ष (रुक जाएगी या नहीं) स्पष्ट रूप से लिखें।
Question 11: किसी विद्यार्थी ने कहा, “पृथ्वी सूर्य के चारों ओर गति करती है।” इस संदर्भ में चर्चा कीजिए कि क्या पृथ्वी पर रखी किसी वस्तु को विरामावस्था में माना जा सकता है।
Answer:
गति और विराम दोनों ही संदर्भ बिंदु (Reference point) पर निर्भर करते हैं।
पृथ्वी पर रखी कोई वस्तु पृथ्वी के सापेक्ष विरामावस्था में मानी जा सकती है, क्योंकि पृथ्वी के किसी निश्चित बिंदु के सापेक्ष उसकी स्थिति समय के साथ नहीं बदलती है।
परंतु सूर्य के सापेक्ष वह वस्तु विरामावस्था में नहीं है, क्योंकि पृथ्वी सूर्य के चारों ओर परिक्रमा करती है और अपने अक्ष पर भी घूमती है।
अतः कोई वस्तु किसी एक संदर्भ बिंदु के सापेक्ष विरामावस्था में हो सकती है, लेकिन दूसरे संदर्भ बिंदु के सापेक्ष वह गतिशील होती है। गति और विराम निरपेक्ष न होकर सापेक्ष होते हैं।
मुख्य बिंदु:
• गति और विराम एक सापेक्ष अवधारणा है।
• संदर्भ बिंदु बदलने से वस्तु की स्थिति (गति या विराम) बदल जाती है।
• पृथ्वी स्वयं अपनी धुरी पर घूमने के साथ सूर्य की परिक्रमा करती है।
आम गलतियाँ:
• विराम को एक निरपेक्ष अवस्था मान लेना।
• संदर्भ बिंदु के महत्व को नजरअंदाज करना।
Exam Tips:
a) उत्तर में 'सापेक्ष' और 'संदर्भ बिंदु' शब्दों का प्रयोग अवश्य करें।
b) उदाहरण देकर अपने उत्तर को स्पष्ट करें।
Question 12: किसी साइकिल चालक के लिए \( 0\text{ सेकंड} \) से \( 120\text{ सेकंड} \) के बीच वेग-समय आलेख चित्र 4.30 में दर्शाया गया है। उन क्षेत्रफलों को छायांकित कीजिए जो इसका विस्थापन निरूपित करते हैं, जब –
(i) साइकिल चालक नियत वेग से चल रहा है।
(ii) साइकिल चालक का वेग कम हो रहा है।
\( 0 \) से \( 120\text{ सेकंड} \) के समय-अंतराल में विस्थापन एवं माध्य त्वरण का परिकलन भी कीजिए।
Answer:
आलेख के अनुसार साइकिल गति को तीन भागों में बाँटा गया है:
पहला भाग (\( 0 \) से \( 20\text{ सेकंड} \)): वेग \( 0 \) से बढ़कर \( 3\text{ मीटर प्रति सेकंड} \) होता है।
दूसरा भाग (\( 20 \) से \( 100\text{ सेकंड} \)): वेग \( 3\text{ मीटर प्रति सेकंड} \) नियत रहता है।
तीसरा भाग (\( 100 \) से \( 120\text{ सेकंड} \)): वेग \( 3 \) से घटकर \( 2\text{ मीटर प्रति सेकंड} \) होता है।
(i) नियत वेग से गति के समय विस्थापन (\( 20 \) से \( 100\text{ सेकंड} \)):
समय-अंतराल = \( 100 - 20 = 80\text{ सेकंड} \)
विस्थापन = \( \text{वेग} \times \text{समय-अंतराल} = 3 \times 80 = 240\text{ मीटर} \)
(ii) वेग कम होने के समय विस्थापन (\( 100 \) से \( 120\text{ सेकंड} \)):
विस्थापन = \( \text{औसत वेग} \times \text{समय-अंतराल} \)
\( = \frac{3 + 2}{2} \times 20 = 2.5 \times 20 = 50\text{ मीटर} \)
\( 0 \) से \( 20\text{ सेकंड} \) के बीच विस्थापन (त्रिभुज का क्षेत्रफल):
\( = \frac{1}{2} \times \text{आधार} \times \text{ऊँचाई} = \frac{1}{2} \times 20 \times 3 = 30\text{ मीटर} \)
\( 0 \) से \( 120\text{ सेकंड} \) के बीच कुल विस्थापन:
\( = 30 + 240 + 50 = 320\text{ मीटर} \)
माध्य त्वरण:
प्रारंभिक वेग \( = 0 \), अंतिम वेग \( = 2\text{ मीटर प्रति सेकंड} \), समय \( = 120\text{ सेकंड} \)
माध्य त्वरण = \( \frac{2 - 0}{120} = \frac{1}{60}\text{ मीटर प्रति सेकंड}^2 \approx 0.017\text{ मीटर प्रति सेकंड}^2 \)
मुख्य बिंदु:
• वेग-समय आलेख के नीचे का क्षेत्रफल विस्थापन को निरूपित करता है।
• आयत, त्रिभुज और समलंब के क्षेत्रफल के सूत्रों का उपयोग किया जाता है।
• माध्य त्वरण कुल वेग परिवर्तन और कुल समय का अनुपात होता है।
आम गलतियाँ:
• आलेख के अलग-अलग आकारों के क्षेत्रफल निकालने में गलती करना।
• समय-अंतराल की सही गणना न करना।
Exam Tips:
a) ग्राफ वाले प्रश्नों में आकृति (त्रिभुज, आयत आदि) को पहचान कर सही सूत्र लगाएँ।
b) सभी भागों के विस्थापन को जोड़कर कुल विस्थापन स्पष्ट दिखाएं।
Question 13: एक लड़की किसी सीधी सड़क पर दौड़ कर अपनी पहली मैराथन दौड़ प्रतियोगिता की तैयारी कर रही है। विभिन्न समयावधियों में अपनी धावन-चाल के परिकलन के लिए वह एक स्मार्टवॉच का उपयोग करती है। चित्र 4.31 में दर्शाया गया वेग–समय आलेख विभिन्न क्षणों पर उसके वेग के मान को चित्रित करता है। आलेख के आधार पर उसके द्वारा दौड़ी गई दूरी का आकलन कीजिए।
Answer:
वेग–समय आलेख के नीचे का कुल क्षेत्रफल धाविका द्वारा तय की गई दूरी को दर्शाता है।
आलेख को अलग-अलग आयतों और समलंबों में विभाजित करके उनके क्षेत्रफलों को जोड़ने पर:
पहले भाग की दूरी = \( 7 \times 0.5 = 3.5\text{ किलोमीटर} \)
दूसरे भाग की दूरी = \( \frac{7 + 7.5}{2} \times 1 = 7.25\text{ किलोमीटर} \)
तीसरे भाग की दूरी = \( 7.5 \times 1.5 = 11.25\text{ किलोमीटर} \)
चौथे भाग की दूरी = \( \frac{7.5 + 7}{2} \times 1.5 = 10.875\text{ किलोमीटर} \)
पाँचवें भाग की दूरी = \( \frac{7 + 6.5}{2} \times 1 = 6.75\text{ किलोमीटर} \)
छठे भाग की दूरी = \( 6.5 \times 1 = 6.5\text{ किलोमीटर} \)
कुल दूरी = \( 3.5 + 7.25 + 11.25 + 10.875 + 6.75 + 6.5 \)
\( = 46.125\text{ किलोमीटर} \)
अतः आलेख के आधार पर लड़की द्वारा दौड़ी गई दूरी लगभग \( 46\text{ किलोमीटर} \) है।
मुख्य बिंदु:
• वेग-समय ग्राफ से दूरी निकालने के लिए ग्राफ के अंतर्गत कुल क्षेत्रफल ज्ञात किया जाता है।
• वक्र क्षेत्र को छोटे-छोटे आयतों और समलंबों में विभाजित किया जाता है。
• सभी भागों के क्षेत्रफलों का योग कुल दूरी देता है।
आम गलतियाँ:
• दशमलव संख्याओं के जोड़ में गलती करना।
• समलंब के क्षेत्रफल के सूत्र में मान गलत रखना।
Exam Tips:
a) ऐसे प्रश्नों में गणना बहुत सावधानी से करें।
b) प्रत्येक भाग का क्षेत्रफल अलग-अलग निकालकर अंत में जोड़ें।
Question 14: किसी राज्य-राजमार्ग पर प्रवेश करने के पश्चात एक कार \( 2\text{ मिनट} \) तक \( 6\text{ मीटर प्रति सेकंड} \) के नियत वेग से चलती है और फिर \( 6\text{ सेकंड} \) तक \( 1\text{ मीटर प्रति सेकंड}^2 \) के नियत त्वरण से त्वरित होती है। इस कार की गति के लिए वेग–समय आलेख बनाकर \( 2\text{ मिनट } 6\text{ सेकंड} \) की अवधि में राज्य के राजमार्ग पर कार का विस्थापन ज्ञात कीजिए।
Answer:
कार की गति को दो भागों में विभाजित किया जा सकता है:
पहला भाग: नियत वेग से गति
वेग \( = 6\text{ मीटर प्रति सेकंड} \)
समय \( = 2\text{ मिनट} = 2 \times 60 = 120\text{ सेकंड} \)
विस्थापन \( (s_1) = \text{वेग} \times \text{समय} = 6 \times 120 = 720\text{ मीटर} \)
दूसरा भाग: नियत त्वरण से गति
प्रारंभिक वेग \( (u) = 6\text{ मीटर प्रति सेकंड} \)
त्वरण \( (a) = 1\text{ मीटर प्रति सेकंड}^2 \)
समय \( (t) = 6\text{ सेकंड} \)
इस अवधि में विस्थापन \( (s_2) = ut + \frac{1}{2}at^2 \)
\( s_2 = 6 \times 6 + \frac{1}{2} \times 1 \times 6^2 \)
\( s_2 = 36 + 18 = 54\text{ मीटर} \)
कुल विस्थापन = \( s_1 + s_2 = 720 + 54 = 774\text{ मीटर} \)
अतः \( 2\text{ मिनट } 6\text{ सेकंड} \) में कार का कुल विस्थापन \( 774\text{ मीटर} \) है।
मुख्य बिंदु:
• मिनट को सेकंड में बदलना आवश्यक है (\( 1\text{ मिनट} = 60\text{ सेकंड} \))।
• नियत वेग और त्वरित गति के लिए अलग-अलग सूत्रों का उपयोग होता है।
• कुल विस्थापन दोनों भागों के विस्थापनों का योग होता है।
आम गलतियाँ:
• समय को मिनट में ही रखकर गणना करना।
• गति के समीकरण में मान गलत प्रतिस्थापित करना।
Exam Tips:
a) इकाइयों को हमेशा एस.आई. (SI) पद्धति में बदलें।
b) प्रत्येक भाग का विस्थापन अलग-पक्ष में हल करें।
Question 15: दो कारें 'क' एवं 'ख' सरल रेखा में नियत त्वरण से विरामावस्था से गति आरंभ करती हैं। कार 'क' \( 5\text{ सेकंड} \) में \( 5\text{ मीटर प्रति सेकंड} \) वेग प्राप्त करती है, जबकि कार 'ख' \( 10\text{ सेकंड} \) में \( 3\text{ मीटर प्रति सेकंड} \) वेग प्राप्त करती है। एक ही आलेख-पत्र पर दोनों कारों के वेग–समय आलेख आलेखित कीजिए। इस आलेख का उपयोग करके दी गई दोनों समयावधियों में विस्थापन के मान परिकलित कीजिए।
Answer:
कार 'क' के लिए:
प्रारंभिक वेग \( (u) = 0 \), अंतिम वेग \( (v) = 5\text{ मीटर प्रति सेकंड} \), समय \( (t) = 5\text{ सेकंड} \)
त्वरण \( (a_1) = \frac{5 - 0}{5} = 1\text{ मीटर प्रति सेकंड}^2 \)
कार 'ख' के लिए:
प्रारंभिक वेग \( (u) = 0 \), अंतिम वेग \( (v) = 3\text{ मीटर प्रति सेकंड} \), समय \( (t) = 10\text{ सेकंड} \)
त्वरण \( (a_2) = \frac{3 - 0}{10} = 0.3\text{ मीटर प्रति सेकंड}^2 \)
कार 'क' का \( 5\text{ सेकंड} \) में विस्थापन (त्रिभुज का क्षेत्रफल):
\( s_1 = \frac{1}{2} \times \text{आधार} \times \text{ऊँचाई} = \frac{1}{2} \times 5 \times 5 = 12.5\text{ मीटर} \)
कार 'ख' का \( 10\text{ सेकंड} \) में विस्थापन (त्रिभुज का क्षेत्रफल):
\( s_2 = \frac{1}{2} \times \text{आधार} \times \text{ऊँचाई} = \frac{1}{2} \times 10 \times 3 = 15\text{ मीटर} \)
अतः कार 'क' का \( 5\text{ सेकंड} \) में विस्थापन \( 12.5\text{ मीटर} \) और कार 'ख' का \( 10\text{ सेकंड} \) में विस्थापन \( 15\text{ मीटर} \) है।
मुख्य बिंदु:
• विरामावस्था से चलने वाली वस्तु के लिए वेग-समय ग्राफ मूल बिंदु से शुरू होता है।
• ग्राफ की ढाल त्वरण को दर्शाती है।
• ग्राफ के नीचे का क्षेत्रफल विस्थापन देता है।
आम गलतियाँ:
• त्वरण और वेग में अंतर न समझना।
• त्रिभुज के क्षेत्रफल के सूत्र में मान गलत रखना।
Exam Tips:
a) दोनों कारों की गणनाओं को अलग-अलग शीर्षक देकर हल करें।
b) मात्रक लिखना न भूलें।
Question 16: रोहन घर पर शाम के \( 6\text{ बजे} \) से \( 7:30\text{ बजे} \) तक विज्ञान का अध्ययन करता है। उसकी दीवार घड़ी की मिनट की सुई की लंबाई \( 7\text{ सेंटीमीटर} \) है। परिकलन कीजिए, दी गई समयावधि में इस सुई के सिरे द्वारा –
(i) चलित दूरी
(ii) विस्थापन
(iii) चाल
(iv) वेग
Answer:
मिनट की सुई की लंबाई (त्रिज्या \( r \)) = \( 7\text{ सेंटीमीटर} \)
कुल समय = \( 1\text{ घंटा } 30\text{ मिनट} = 90\text{ मिनट} \)
मिनट की सुई \( 60\text{ मिनट} \) में एक पूरा चक्कर लगाती है।
\( 90\text{ मिनट} \) में लगाए गए चक्कर = \( 90 \div 60 = 1.5\text{ चक्कर} \)
(i) सुई के सिरे द्वारा चलित दूरी:
एक चक्कर में चली गई दूरी = वृत्त की परिधि = \( 2\pi r = 2 \times \frac{22}{7} \times 7 = 44\text{ सेंटीमीटर} \)
\( 1.5 \) चक्कर में कुल दूरी = \( 1.5 \times 44 = 66\text{ सेंटीमीटर} \)
(ii) सुई के सिरे का विस्थापन:
शाम \( 6\text{ बजे} \) मिनट की सुई \( 12 \) पर होती है और \( 7:30\text{ बजे} \) सुई \( 6 \) पर होगी। यह दोनों स्थितियाँ व्यास के विपरीत सिरों पर हैं।
विस्थापन का परिमाण = वृत्त का व्यास = \( 2 \times r = 2 \times 7 = 14\text{ सेंटीमीटर} \)
(iii) सुई के सिरे की माध्य चाल:
माध्य चाल = \( \text{कुल दूरी} \div \text{कुल समय} = 66 \div 90 = 0.73\text{ सेंटीमीटर प्रति मिनट} \)
(iv) सुई के सिरे का माध्य वेग:
माध्य वेग का परिमाण = \( \text{विस्थापन} \div \text{कुल समय} = 14 \div 90 = 0.156\text{ सेंटीमीटर प्रति मिनट} \)
मुख्य बिंदु:
• वृत्ताकार पथ पर एक चक्कर में चली गई दूरी परिधि के बराबर होती है।
• डेढ़ चक्कर के बाद प्रारंभिक और अंतिम बिंदु व्यास के सिरों पर होते हैं।
• चाल दूरी पर और वेग विस्थापन पर आधारित होता है।
आम गलतियाँ:
• \( 1.5 \) चक्कर के विस्थापन को शून्य मान लेना (यह पूरे चक्कर के लिए होता है)।
• परिधि के सूत्र में मान गलत रखना।
Exam Tips:
a) घड़ी की सुइयों वाले प्रश्नों में उनकी स्थितियों को चित्र या कल्पना द्वारा समझें।
b) चारों भागों (दूरी, विस्थापन, चाल, वेग) के उत्तर स्पष्ट रूप से अलग-अलग लिखें।
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