CBSE Class 9 Hindi Revision Worksheet Set 07

Chapter-wise Worksheets for Class 9 Hindi: All Chapters

Review targeted academic worksheets with the CBSE Class 9 Hindi Revision Worksheet Set 07. Built according to official educational standards for the 2026-27 term, these downloadable Class 9 Hindi resources support effective daily practice and detailed self-evaluation for All Chapters.

Practice Class 9 Hindi Worksheets: All Chapters

View or download the dedicated CBSE Class 9 Hindi Revision Worksheet Set 07 resource below. Engaging with these practice papers under focused study conditions ensures continuous academic progress and mastery of the 2026-27 curriculum for All Chapters.

 

CBSE Class 9 Hindi Revision Worksheet Set 7_1
CBSE Class 9 Hindi Revision Worksheet Set 7_2

Please click the below link to access CBSE Class 9 Hindi Worksheet - (4)

Question 1. वर्ण-विच्छेद कीजिए :
1. विज्ञापित
2. नक्षत्र
3. श्रेणियों
4. स्त्री
5. रस्सियाँ
6. देवत्व
7. संस्कृति
8. दृश्य
9. आविष्कार
10. संदिग्ध
Answer:
1. विज्ञापित = व् + इ + ज् + ञ् + आ + प् + इ + त् + अ
2. नक्षत्र = न् + अ + क् + ष् + अ + त् + र् + अ
3. श्रेणियों = श् + र् + ए + ण् + इ + य् + ओ + ँ
4. स्त्री = स् + त् + र् + ई
5. रस्सियाँ = र् + अ + स् + स् + इ + य् + आँ
6. देवत्व = द् + ए + व् + अ + त् + व् + अ
7. संस्कृति = स् + म् + स् + क् + ऋ + त् + इ
8. दृश्य = द् + ऋ + श् + य् + अ
9. आविष्कार = आ + व् + इ + ष् + क् + आ + र् + अ
10. संदिग्ध = स् + म् + द् + इ + ग् + ध् + अ
In simple words: किसी भी शब्द के सभी स्वरों और व्यंजनों को अलग-अलग करके लिखना वर्ण-विच्छेद कहलाता है।

Exam Tip: संयुक्त व्यंजनों (ज्ञ = ज् + ञ, क्ष = क् + ष, त्र = त् + र) तथा ऋ की मात्रा पर हलंत का विशेष ध्यान रखें।

 

Question 2. वर्तनी शुद्ध कीजिए :
1. स्वग
2. कंकश
3. निमाण
4. भष्टाचार
5. पकर
6. राष्ट
7. संबध
8. चाद
9. कुआ
10. मगल
11. सफाई
12. बेरौजगारी
Answer:
1. स्वग - स्वर्ग
2. कंकश - कर्कश
3. निमाण - निर्माण
4. भष्टाचार - भ्रष्टाचार
5. पकर - पकड़ (प्रकार)
6. राष्ट - राष्ट्र
7. संबध - संबंध
8. चाद - चाँद
9. कुआ - कुआँ
10. मगल - मंगल
11. सफाई - सफ़ाई
12. बेरौजगारी - बेरोज़गारी
In simple words: शब्दों को व्याकरण के नियमों के अनुसार सही मात्रा और वर्णों के साथ लिखना ही शुद्ध वर्तनी है।

Exam Tip: अनुस्वार (ं), अनुनासिक (ँ) तथा र के विभिन्न रूपों (रेफ और पदेन) के सही प्रयोग पर ध्यान दें।

 

Question 3. निम्न शब्दों में उपसर्ग, प्रत्यय और मूलशब्द अलग कीजिए :
1. दुर्लभ
2. विभिन्न
3. संपूर्ण
4. परलोक
5. अस्थायी
6. कीमती
7. सभ्यता
8. द्रवित
9. नगरीय
10. शारीरिक
Answer:
1. दुर्लभ = दुर् (उपसर्ग) + लभ (मूल शब्द)
2. विभिन्न = वि (उपसर्ग) + भिन्न (मूल शब्द)
3. संपूर्ण = सम् (उपसर्ग) + पूर्ण (मूल शब्द)
4. परलोक = पर (उपसर्ग) + लोक (मूल शब्द)
5. अस्थायी = अ (उपसर्ग) + स्थायी (मूल शब्द)
6. कीमती = कीमत (मूल शब्द) + ई (प्रत्यय)
7. सभ्यता = सभ्य (मूल शब्द) + ता (प्रत्यय)
8. द्रवित = द्रव (मूल शब्द) + इत (प्रत्यय)
9. नगरीय = नगर (मूल शब्द) + ईय (प्रत्यय)
10. शारीरिक = शरीर (मूल शब्द) + इक (प्रत्यय)
In simple words: शब्द के आगे जुड़ने वाला शब्दांश उपसर्ग और पीछे जुड़ने वाला शब्दांश प्रत्यय कहलाता है।

Exam Tip: उपसर्ग या प्रत्यय अलग करने के बाद बचा हुआ शब्द एक सार्थक मूल शब्द होना चाहिए।

 

Question 4. विलोम शब्द :
1. आवश्यक
2. दुर्भाग्य
3. विष
4. मृत्यु
5. शोक
6. दुर्गम
7. कृतज्ञ
8. आदर
9. श्वेत
10. मूर्छा
11. विशाल
12. घृणा
Answer:
1. आवश्यक - अनावश्यक
2. दुर्भाग्य - सौभाग्य
3. विष - अमृत
4. मृत्यु - जन्म (जीवन)
5. शोक - हर्ष
6. दुर्गम - सुगम
7. कृतज्ञ - कृतघ्न
8. आदर - अनादर (निरादर)
9. श्वेत - श्याम
10. मूर्छा - चेतना
11. विशाल - लघु (क्षुद्र)
12. घृणा - प्रेम
In simple words: जो शब्द एक-दूसरे का ठीक उलटा अर्थ बताते हैं, उन्हें विलोम शब्द कहते हैं।

Exam Tip: तत्सम शब्द का विलोम सदैव तत्सम शब्द ही लिखें, जैसे 'श्वेत' का विलोम 'श्याम' ही मान्य होता है।

 

Question 5. निम्न शब्दों के दो-दो पर्यायवाची शब्द लिखिए :
1. आसमान
2. धूल
3. बादल
4. औरत
5. पुत्र
6. ध्वज
7. पर्वत
8. नदी
9. रास्ता
10. मृत्यु
Answer:
1. आसमान - आकाश, गगन
2. धूल - रज, माटी
3. बादल - मेघ, जलद
4. औरत - स्त्री, महिला
5. पुत्र - बेटा, सुत
6. ध्वज - झंडा, पताका
7. पर्वत - पहाड़, गिरि
8. नदी - सरिता, तटिनी
9. रास्ता - मार्ग, पथ
10. मृत्यु - निधन, देहांत
In simple words: समान अर्थ प्रकट करने वाले अलग-अलग शब्दों को पर्यायवाची शब्द कहा जाता है।

Exam Tip: उत्तर लिखते समय शब्दों की वर्तनी शुद्ध रखें ताकि पूरे अंक प्राप्त हो सकें।

 

Question 6. निम्न शब्दों के दो-दो अनेकार्थी शब्द लिखिए :
1. अंतर
2. रस
3. पतंग
4. दल
5. लाल
6. अर्थ
7. पत्र
8. पूर्व
9. रंग
10. तारा
Answer:
1. अंतर - भेद, दूरी (हृदय)
2. रस - आनंद, फलों का अर्क (स्वाद)
3. पतंग - सूर्य, उड़ने वाली पतंग (कीट)
4. दल - समूह, पत्ता (पंखुड़ी)
5. लाल - एक रंग, बेटा (एक रत्न)
6. अर्थ - मतलब, धन (प्रयोजन)
7. पत्र - पत्ता, चिट्ठी
8. पूर्व - एक दिशा, पहले का समय
9. रंग - वर्ण, नाटक का मंच (उमंग)
10. तारा - नक्षत्र, आँख की पुतली
In simple words: जो शब्द प्रसंग के अनुसार एक से अधिक अर्थ देते हैं, वे अनेकार्थी शब्द कहलाते हैं।

Exam Tip: प्रत्येक शब्द के कम से कम दो भिन्न और स्पष्ट अर्थ अवश्य लिखें।

 

Question 7. निम्न वाक्यांशों के लिए एक शब्द लिखिए :
1. विश्व को जीतने वाला
2. ढलती उम्र का
3. सबसे अधिक
4. जो कठिनाई से प्राप्त हो
5. परदेश में वास
6. ऊपर की ओर चढ़ना
Answer:
1. विश्व को जीतने वाला - विश्वविजेता
2. ढलती उम्र का - अधेड़
3. सबसे अधिक - अधिकतम
4. जो कठिनाई से प्राप्त हो - दुर्लभ
5. परदेश में वास - प्रवास
6. ऊपर की ओर चढ़ना - आरोहण
In simple words: पूरे वाक्यांश के भाव को एक संक्षिप्त शब्द में व्यक्त करना ही अनेक शब्दों के लिए एक शब्द है।

Exam Tip: 'आरोहण', 'दुर्लभ' और 'अधेड़' जैसे मानक शब्दों की वर्तनी का विशेष अभ्यास करें।

 

Question 8. निम्न मुहावरों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए :
1. धूल चाटना
2. कलम तोड़ना
3. धूल माथे पर लगाना
4. ठोकरें खाना
5. तहस-नहस करना
6. हक्का-बक्का रह जाना
Answer:
1. धूल चाटना (पराजित होना) - भारतीय सेना के पराक्रम के आगे शत्रु सेना को धूल चाटनी पड़ी।
2. कलम तोड़ना (अत्यंत प्रभावशाली लिखना) - लेखक ने इस उपन्यास में नारी-वेदना का वर्णन करते हुए कलम तोड़ दी।
3. धूल माथे पर लगाना (मातृभूमि का आदर करना) - विदेशी धरती से लौटते ही सैनिक ने अपनी मातृभूमि की धूल माथे पर लगाई।
4. ठोकरें खाना (कष्ट सहना) - अनाथ बालक ने जीवन भर दर-दर की ठोकरें खाईं।
5. तहस-नहस करना (नष्ट-भ्रष्ट करना) - भीषण भूकंप ने पल भर में पूरे शहर को तहस-नहस कर दिया।
6. हक्का-बक्का रह जाना (हैरान रह जाना) - अचानक शेर को सामने देखकर शिकारी हक्का-बक्का रह गया।
In simple words: मुहावरे अपने सामान्य अर्थ को छोड़कर विशेष अर्थ प्रकट करते हैं और भाषा को सुंदर बनाते हैं।

Exam Tip: वाक्य प्रयोग इस प्रकार करें कि मुहावरे का अर्थ बिना अलग से लिखे भी स्पष्ट हो जाए।

 

Question 9. अनुच्छेद :
1. मधुर वाणी
2. आदर्श विद्यार्थी
3. परोपकार
4. सच्चा मित्र
5. श्रम का महत्त्व
6. समाचार-पत्र
7. अनुशासन
8. दहेज-प्रथा
Answer:
1. मधुर वाणी: मीठी वाणी एक ऐसा अचूक वशीकरण मंत्र है जो कटुता को भी आत्मीयता में बदल देता है। कबीर दास जी ने कहा है कि ऐसी वाणी बोलनी चाहिए जिससे मन का अहंकार समाप्त हो जाए और दूसरों को सुख मिले। मधुर भाषी व्यक्ति समाज में हर जगह सम्मान पाता है, जबकि कड़वे बोल अपनों को भी पराया कर देते हैं।

2. आदर्श विद्यार्थी: एक आदर्श विद्यार्थी वह है जो ज्ञानार्जन के प्रति पूर्णतः समर्पित, आज्ञाकारी और विनम्र हो। उसमें समय की पाबंदी, अनुशासन और परिश्रम की भावना कूट-कूट कर भरी होती है। वह केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रहकर नैतिक मूल्यों को अपने आचरण में ढालता है और समाज तथा देश का नाम रोशन करता है।

3. परोपकार: बिना किसी स्वार्थ के दूसरों के दुख दूर करना और उनकी सहायता करना ही परोपकार है। प्रकृति का प्रत्येक अंग - जैसे फल देते वृक्ष और जल देती नदियाँ - हमें परोपकार का संदेश देता है। परोपकारी व्यक्ति अपने सुख-दुख से ऊपर उठकर मानवता की सेवा करता है, जिससे आत्मिक शांति प्राप्त होती है।

4. सच्चा मित्र: सच्चा मित्र जीवन की सबसे बड़ी पूँजी होता है। वह सुख में तो सहभागी बनता ही है, विपत्ति के समय ढाल बनकर सबसे आगे खड़ा रहता है। सच्चा मित्र गलत रास्ते पर जाने से रोकता है और सही दिशा दिखाता है। सच्ची मित्रता स्वार्थ और दिखावे से कोसों दूर विश्वास पर टिकी होती है।

5. श्रम का महत्त्व: परिश्रम ही सफलता की एकमात्र कुंजी है। जो मनुष्य कठिन श्रम से जी चुराता है, वह जीवन में कभी आगे नहीं बढ़ सकता। संसार के सभी वैज्ञानिक आविष्कार, सुंदर इमारतें और मानव सभ्यता की प्रगति मजदूरों और कर्मठ लोगों के पसीने का ही परिणाम है। श्रम मनुष्य को स्वाभिमानी बनाता है।

6. समाचार-पत्र: आधुनिक युग में समाचार-पत्र सूचना, ज्ञान और मनोरंजन का सशक्त माध्यम हैं। यह देश-विदेश की राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और खेल संबंधी गतिविधियों से हमें परिचित कराते हैं। समाचार-पत्र जनमत तैयार करने और सरकार को सजग रखने में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की भूमिका निभाते हैं।

7. अनुशासन: नियमों का पालन करते हुए व्यवस्थित जीवन जीना अनुशासन कहलाता है। अनुशासन के बिना किसी भी परिवार, विद्यालय या राष्ट्र की प्रगति असंभव है। यह मनुष्य को कर्तव्यनिष्ठ और संयमी बनाता है। प्रकृति का चक्र भी अनुशासन में बंधा है, सूर्य और चंद्रमा का समय पर उदित होना इसका प्रमाण है।

8. दहेज-प्रथा: दहेज-प्रथा भारतीय समाज पर एक घिनौना कलंक है। यह कुप्रथा कन्या पक्ष के लिए भारी मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न का कारण बनती है। इसके चलते कई निर्दोष बेटियाँ प्रताड़ित होती हैं। इस सामाजिक अभिशाप को समाप्त करने के लिए युवाओं को आगे आकर बिना दहेज के विवाह करने का दृढ़ संकल्प लेना होगा।
In simple words: किसी विषय पर अपने विचारों को सीमित, प्रभावशाली और क्रमबद्ध रूप में लिखना ही अनुच्छेद लेखन है।

Exam Tip: अनुच्छेद लिखते समय बिना भूमिका बाँधे सीधे विषय पर आएँ और 80 से 100 शब्दों में अपनी बात पूरी करें।

 

Question 10. पत्र-लेखन :
1. जन्मदिन पर अपने मित्र को निमंत्रित करते हुए पत्र लिखिए ।
2. छात्रावास में रहने वाली अपनी बहन को समय का सदुपयोग करने की सलाह देते हुए पत्र लिखिए ।
3. पिताजी को पत्र लिखकर मनाली घूमने के लिए अनुमति माँगिए ।
4. मित्र के अनुत्तीर्ण हो जाने पर उसे सांत्वना-पत्र लिखिए ।
Answer:
1. जन्मदिन पर निमंत्रण-पत्र:
परीक्षा भवन, दिल्ली
दिनांक: 15 सितंबर 2024
प्रिय मित्र राहुल,
सप्रेम नमस्ते।
तुम्हें यह जानकर खुशी होगी कि आगामी 25 सितंबर को मेरा पंद्रहवाँ जन्मदिन है। इस उपलक्ष्य में हमारे घर पर शाम को एक छोटा सा उत्सव और प्रीतिभोज आयोजित किया गया है। तुम्हारी उपस्थिति मेरे लिए अत्यंत आवश्यक है। तुम शाम 5 बजे तक जरूर आ जाना ताकि हम सब मिलकर आनंद उठा सकें। चाचा जी और चाची जी को मेरा प्रणाम कहना।
तुम्हारा अभिन्न मित्र,
अमित

2. बहन को समय के सदुपयोग की सलाह:
छात्रावास, देहरादून
दिनांक: 15 सितंबर 2024
प्रिय अनुजा स्नेहा,
सस्नेह शुभाशीष।
आशा है तुम छात्रावास में कुशलपूर्वक होगी। पिताजी के पत्र से ज्ञात हुआ कि तुम्हारी परीक्षाएँ समीप हैं। स्मरण रखो कि गया हुआ समय कभी वापस नहीं आता। छात्रावास के स्वतंत्र परिवेश में अपनी पढ़ाई का एक निश्चित समय-सारणी बनाओ और व्यर्थ की गपशप में समय नष्ट मत करो। नियमित अध्ययन से ही उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त होगा। अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना।
तुम्हारा अग्रज,
रोहित

3. मनाली भ्रमण हेतु अनुमति माँगते हुए पिताजी को पत्र:
छात्रावास, जयपुर
दिनांक: 15 सितंबर 2024
पूज्य पिताजी,
सादर चरण स्पर्श।
हमारी अर्द्धवार्षिक परीक्षाएँ समाप्त हो चुकी हैं और विद्यालय द्वारा आगामी दशहरे की छुट्टियों में विद्यार्थियों के लिए मनाली का चार दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया जा रहा है। हमारे कक्षा-अध्यापक भी दल के साथ जा रहे हैं। मनाली के ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों को देखने के लिए मेरा भी जाने का बहुत मन है। इसके लिए दो हजार रुपये शुल्क जमा करना है। कृपया मुझे इस यात्रा पर जाने की अनुमति और शुल्क भेजने की कृपा करें। माता जी को चरण स्पर्श।
आपका आज्ञाकारी पुत्र,
विकास

4. मित्र के अनुत्तीर्ण होने पर सांत्वना-पत्र:
परीक्षा भवन, लखनऊ
दिनांक: 15 सितंबर 2024
प्रिय मित्र सोहन,
सप्रेम नमस्कार।
कल वार्षिक परीक्षा का परिणाम देखकर मुझे अत्यंत दुख हुआ कि तुम इस बार सफल नहीं हो सके। प्रिय मित्र, परीक्षा में असफलता जीवन का अंत नहीं होती, बल्कि यह हमें अपनी कमियों को पहचानकर दुगुने उत्साह से मेहनत करने की प्रेरणा देती है। तुम अत्यंत मेधावी हो, अतः निराश होने के बजाय नए सिरे से तैयारी में जुट जाओ। मुझे पूरा विश्वास है कि अगली बार तुम शीर्ष स्थान प्राप्त करोगे। धैर्य रखो।
तुम्हारा सच्चा मित्र,
राकेश
In simple words: अनौपचारिक पत्रों में भेजने वाले का पता, दिनांक, उचित संबोधन और आत्मीय भाषा का प्रयोग किया जाता है।

Exam Tip: पत्र के प्रारूप (प्रेषक का पता, दिनांक, संबोधन, अभिवादन और समाप्ति) के सही अंक निर्धारित होते हैं, इन्हें न भूलें।

 

11. निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

 

Question 1. लेखक ने धूल और मिट्टी में क्या अंतर बताया है ?
Answer: लेखक के अनुसार धूल और मिट्टी में वही गहरा संबंध और अंतर है जो देह और प्राण में, शब्द और रस में, अथवा चाँद और चाँदनी में पाया जाता है। मिट्टी एक भौतिक, ठोस और स्थूल आधार है, जबकि धूल उसकी सूक्ष्म, सजीव और अलौकिक अभिव्यक्ति है। मिट्टी जब अपनी काया बदलकर आकाश में उड़ती है और अपनी चमक बिखेरती है, तब वह धूल का रूप धारण कर लेती है। मिट्टी वास्तविकता है और धूल उसका सौंदर्यबोध है।
In simple words: मिट्टी शरीर की तरह है और धूल उसकी चमक या जान की तरह है; दोनों अलग होकर भी एक-दूसरे से जुड़े हैं।

Exam Tip: उत्तर में 'देह और प्राण', 'शब्द और रस' तथा 'चाँद और चाँदनी' के उदाहरणों का प्रयोग अनिवार्य रूप से करें।

 

Question 2. 'धूल' पाठ का मूल भाव स्पष्ट कीजिए ।
Answer: 'धूल' पाठ का मूल भाव भारत के ग्रामीण समाज, किसानी संस्कृति और माटी से जुड़े श्रमशील जीवन का गौरव गान करना है। लेखक ने आधुनिक शहरी और अभिजात्य वर्ग की उस खोखली मानसिकता की तीखी आलोचना की है जो धूल को मैला समझकर उससे परहेज करती है। यह पाठ हमें अपनी जन्मभूमि, मिट्टी और पसीना बहाने वाले मेहनतकश लोगों के प्रति अगाध आदर व अपनत्व रखने की प्रेरणा देता है।
In simple words: यह पाठ हमें अपनी मातृभूमि और गाँव की मिट्टी से जुड़ने तथा किसानों और मजदूरों का सम्मान करने की सीख देता है।

Exam Tip: 'मातृभूमि के प्रति निष्ठा', 'शहरी संकीर्णता पर प्रहार' और 'श्रम की गरिमा' को केंद्रीय भाव के रूप में लिखें।

 

Question 3. धूल के बिना किसी शिशु की कल्पना क्यों नहीं की जा सकती ?
Answer: धूल के बिना बालक का स्वाभाविक और बाल-सुलभ सौंदर्य अधूरा प्रतीत होता है। जिस प्रकार खिले हुए फूल पर पड़ी धूल की हल्की परत उसकी प्राकृतिक सुंदरता को और अधिक निखार देती है, उसी प्रकार धूल में लथपथ शिशु का भोलापन और उसकी चंचल क्रीड़ाएँ उसके आकर्षण को कई गुना बढ़ा देती हैं। धूल में खेलता हुआ बालक ही प्रकृति के सबसे निकट और वास्तविक रूप में दिखाई देता है।
In simple words: धूल में खेलता हुआ बच्चा ही सबसे प्यारा और प्राकृतिक लगता है, धूल के बिना बच्चे का बचपन अधूरा सा रहता है।

Exam Tip: 'फूल की पंखुड़ी पर पड़ी धूल' के दृष्टांत से शिशु के सौंदर्य को स्पष्ट करें।

 

Question 4. मनुष्य के जीवन में पोशाक का क्या महत्त्व है ?
Answer: पोशाक समाज में मनुष्य की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का निर्धारण करती है। अच्छे और सभ्य वस्त्र व्यक्ति के लिए समाज में आदर और कई बंद दरवाजों को खोलने की चाबी बन जाते हैं। इसके साथ ही, कभी-कभी यही पोशाक मनुष्य के लिए एक मर्यादा या बंधन बन जाती है, जिसके कारण वह समाज के निचले पायदान पर खड़े दीन-दुखियों के पास झुककर उनके दुख में खुलकर शामिल नहीं हो पाता।
In simple words: पोशाक समाज में इंसान की हैसियत दिखाती है, लेकिन कई बार यही पोशाक हमें गरीबों का दर्द बांटने से रोक देती है।

Exam Tip: पोशाक के दोनों पहलुओं - समाज में सम्मान दिलाना और सहानुभूति प्रकट करने में रुकावट बनना - को दर्शाएँ।

 

Question 5. लड़के को बचाने के लिए बुढ़िया माँ ने क्या-क्या उपाय किए ?
Answer: जब बुढ़िया के जवान बेटे भगवाना को साँप ने डस लिया, तो उसने उसे जीवित रखने के लिए अपनी ओर से हर संभव पारंपरिक व धार्मिक उपाय किया। वह झाड़-फूँक करने वाले ओझा को बुला लाई, नाग देवता की पूजा करवाई और दान-दक्षिणा दी। बेटे की जान बचाने के फेर में घर में रखा थोड़ा-बहुत अनाज और आटा भी पूजा में भेंट चढ़ गया, किंतु तमाम कोशिशों के बाद भी उसका बेटा नहीं बच सका।
In simple words: बुढ़िया ने बेटे को बचाने के लिए ओझा को बुलाया, पूजा करवाई और घर का सारा आटा-अनाज दान में दे दिया।

Exam Tip: 'ओझा को बुलाना', 'नाग देवता की पूजा' और 'घर का अन्न-आटा दान में देना' जैसे बिंदुओं को शामिल करें।

 

Question 6. पास-पड़ोस की दुकानों से पूछने पर लेखक को क्या पता चला ?
Answer: आस-पास के दुकानदारों से पूछताछ करने पर लेखक को पता चला कि खरबूजे बेचने आई बुढ़िया का तेईस वर्ष का जवान बेटा भगवाना पिछले दिन ही सर्पदंश के कारण चल बसा था। उसके घर में छोटे-छोटे बच्चे और बीमार बहू भूख से तड़प रहे थे। बेटे के कफन और अंतिम संस्कार में घर की सारी जमा-पूँजी समाप्त हो चुकी थी, इसलिए मजबूरी में रोते हुए उसे अगले ही दिन खरबूजे बेचने बाजार बैठना पड़ा।
In simple words: लेखक को पता चला कि बुढ़िया का जवान बेटा कल ही साँप के काटने से मर गया था और घर के भूखे बच्चों के लिए वह खरबूजे बेचने आई थी।

Exam Tip: बेटे की उम्र (23 वर्ष), सर्पदंश की घटना और परिवार की भुखमरी का यथार्थवादी उल्लेख करें।

 

Question 7. उपनेता प्रेमचंद ने किन स्थितियों से अवगत कराया ?
Answer: अभियान दल के उपनेता प्रेमचंद ने सदस्यों को खुंभु हिमपात की अत्यंत खतरनाक और अस्थिर परिस्थितियों से परिचित कराया। उन्होंने बताया कि विशालकाय हिमखंड लगातार खिसक रहे हैं और बर्फ की विशाल दीवारें अचानक ढह जाती हैं। यद्यपि कैंप-एक तक का रास्ता साफ कर दिया गया है और रस्सियाँ बाँध दी गई हैं, किंतु हिमपात के कारण यह मार्ग किसी भी क्षण पुनः अवरुद्ध हो सकता है।
In simple words: प्रेमचंद ने बताया कि ग्लेशियर पर बर्फ की चट्टानें गिर रही हैं, रास्ते में दरारें हैं और रास्ता कभी भी बंद हो सकता है।

Exam Tip: 'खुंभु हिमपात की अनिश्चितता', 'क्रेवास (हिम-दरारें)' और 'कैंप-एक के रास्ते की स्थिति' का उल्लेख करें।

 

Question 8. लोपसांग ने तंबू का रास्ता कैसे साफ किया ?
Answer: कैंप-तीन में रात के समय जब विशाल हिमखंड टूटकर गिरने से बछेंद्री पाल का तंबू बर्फ की भारी चट्टान के नीचे पूरी तरह दब गया था, तब लोपसांग ने अदम्य साहस का परिचय दिया। उन्होंने अपनी तीखी स्विस छुरी की सहायता से जमी हुई सख्त बर्फ को काटा और लेखिका के चारों ओर से बर्फ हटाकर उन्हें मृत्यु के मुँह से खींचकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
In simple words: लोपसांग ने अपनी स्विस छुरी से बर्फ की कड़ी परत को तेजी से काटकर लेखिका को तंबू से सकुशल निकाला।

Exam Tip: 'स्विस छुरी का उपयोग' और 'तत्परता से बर्फ काटकर बचाना' मुख्य कीवर्ड हैं।

 

Question 9. चढ़ाई के समय एवरेस्ट की चोटी की स्थिति कैसी थी ?
Answer: एवरेस्ट के सर्वोच्च शिखर पर पहुँचने पर वहाँ अत्यंत तेज बर्फीली हवा चल रही थी, जिससे बर्फ के बारीक कण चारों ओर उड़ रहे थे और दृश्यता बहुत कम थी। चोटी एक तीखे शंकु के समान थी, जहाँ दो व्यक्तियों के एक साथ सीधे खड़े होने का कोई स्थान नहीं था। चारों ओर हजारों मीटर गहरी सीधी फिसलन भरी ढलानें थीं, जहाँ जरा सा संतुलन बिगड़ने पर जीवन समाप्त हो सकता था।
In simple words: चोटी पर तेज बर्फीली हवा चल रही थी और जगह इतनी कम थी कि दो लोग भी एक साथ सीधे खड़े नहीं हो सकते थे।

Exam Tip: 'शंकु जैसी चोटी', 'दो लोगों के खड़े होने की जगह न होना' और 'गहरी ढलान' शब्दों का प्रयोग करें।

 

Question 10. रैदास ने अपने स्वामी को किन-किन नामों से पुकारा है ?
Answer: संत रैदास ने अपने पदों में आराध्य प्रभु को अत्यंत आत्मीय, भक्तिपूर्ण और विनीत नामों से संबोधित किया है। उन्होंने ईश्वर को 'राम', 'गुसईया' (गोसाईं), 'हरि', 'गोबिंद', 'लाल' (लाला या स्वामी) तथा गरीबों पर कृपा बरसाने वाला 'गरीब निवाजु' कहकर पुकारा है।
In simple words: रैदास जी ने ईश्वर को राम, गोसाईं, हरि, गोविंद, लाल और गरीब निवाज कहकर याद किया है।

Exam Tip: पद में प्रयुक्त मूल शब्दों - 'गरीब निवाजु', 'गुसईया' और 'लाल' - को उत्तर में अवश्य उद्धृत करें।

 

Question 11. रहीम ने सागर की अपेक्षा पंक जल को धन्य क्यों कहा है ?
Answer: रहीम के अनुसार समुद्र का जल अथाह और असीम होने के बाद भी खारा होने के कारण किसी की प्यास नहीं बुझा पाता और बड़े-बड़े जीव भी उसके तट से प्यासे लौट आते हैं। इसके विपरीत, कीचड़ का थोड़ा सा जल (पंक जल) धन्य है क्योंकि वह अनेक छोटे-छोटे कीट-पतंगों और जीवों की प्यास शांत करके उन्हें जीवन दान देता है। बड़प्पन आकार में नहीं, परोपकार में होता है।
In simple words: समुद्र का पानी खारा होने की वजह से किसी की प्यास नहीं बुझाता, जबकि कीचड़ का पानी छोटे जीवों की जान बचाता है।

Exam Tip: 'सागर का खारापन और अनुपयोगिता' तथा 'पंक जल की उपयोगिता और परोपकार' की तुलना करें।

 

Question 12. 'मोती, मानुष, चून' के संदर्भ में पानी के महत्त्व को स्पष्ट कीजिए ।
Answer: रहीम दास जी ने 'पानी' शब्द का तीन अलग-अलग अर्थों में सुंदर प्रयोग किया है:
1. मोती के संदर्भ में: पानी का अर्थ 'चमक या आभा' है; चमक के बिना मोती का कोई मूल्य नहीं रहता।
2. मानुष (मनुष्य) के संदर्भ में: पानी का अर्थ 'आत्मसम्मान और मर्यादा' है; मान-मर्यादा खो देने पर मनुष्य का जीवन व्यर्थ हो जाता है।
3. चून (आटा) के संदर्भ में: पानी का अर्थ 'साधारण जल' है; जल के बिना आटे को गूँथकर रोटी नहीं बनाई जा सकती।
In simple words: मोती के लिए पानी उसकी चमक है, इंसान के लिए उसकी इज्जत है, और आटे के लिए असली पानी है।

Exam Tip: यहाँ श्लेष अलंकार का उल्लेख करते हुए तीनों अर्थों (चमक, प्रतिष्ठा, जल) को स्पष्ट करें।

 

Question 13. आदमी की प्रवृत्तियों का उल्लेख कीजिए ।
Answer: 'आदमीनामा' कविता में नज़ीर अकबराबादी ने मानव स्वभाव की परस्पर विरोधी प्रवृत्तियों को उजागर किया है। एक तरफ मनुष्य दयालु, उदार, फकीर, न्यायप्रिय और दूसरों पर अपनी जान तक न्योछावर करने वाला मसीहा होता है; वहीं दूसरी तरफ वह क्रूर, लालची, चोर, दूसरों का अपमान करने वाला और दूसरों की जान लेने वाला हत्यारा भी होता है। भलाई और बुराई दोनों ही आदमी की प्रवृत्तियों के हिस्से हैं।
In simple words: इंसान में अच्छाई और बुराई दोनों रूप होते हैं; कोई मदद करने वाला बनता है तो कोई दूसरों को सताने वाला।

Exam Tip: मनुष्य के सकारात्मक रूप (बादशाह, साधु, मददगार) और नकारात्मक रूप (चोर, जालिम) दोनों का उल्लेख करें।

 

Question 14. 'आदमीनामा' कविता का कौन-सा भाग आपको सबसे अच्छा लगा और क्यों ?
Answer: हमें कविता का वह भाग सबसे अच्छा लगा जहाँ कवि कहते हैं - 'अशराफ़ और कमीने से ले शाह ता वज़ीर, ये आदमी ही करते हैं सब कारे-दिलपज़ीर।' यह अंश इसलिए सबसे प्रभावशाली है क्योंकि यह जीवन की इस गहरी सच्चाई को उजागर करता है कि समाज में चाहे कोई राजा हो या दरिद्र, भले और बुरे दोनों प्रकार के कर्म करने वाला केवल मनुष्य ही है। यह हमें दुर्गुणों को त्यागकर सच्चा इंसान बनने की प्रेरणा देता है।
In simple words: हमें वह भाग पसंद आया जो बताता है कि दुनिया में अच्छे और बुरे दोनों काम इंसान ही करता है, इसलिए हमें अच्छा इंसान बनना चाहिए।

Exam Tip: अपनी पसंदीदा पंक्ति का उल्लेख करें और उसके पीछे का नैतिक व मानवीय कारण स्पष्ट लिखें।

 

Question 15. गिलहरी के घायल बच्चे का उपचार किस प्रकार किया गया ?
Answer: कौवों के प्रहार से लहूलुहान गिलहरी के बच्चे को लेखिका महादेवी वर्मा ने कोमलता से उठाकर अपने कमरे में रखा। उन्होंने सबसे पहले रुई के फाहे से उसके घावों से बहता खून पोंछा और उन पर पेनिसिलिन की दवा लगाई। इसके उपरांत, रुई की पतली बत्ती बनाकर दूध में भिगोकर उसके नन्हे मुँह में लगाने का अथक प्रयास किया। कई घंटों की सेवा के बाद उसने पानी की बूँदें पी और धीरे-धीरे स्वस्थ हो गया।
In simple words: लेखिका ने बच्चे के घाव साफ करके पेनिसिलिन लगाई और रुई की बत्ती से दूध और पानी पिलाकर उसकी जान बचाई।

Exam Tip: 'खून पोंछना', 'पेनिसिलिन मरहम लगाना' और 'रुई की बत्ती से दूध पिलाना' मुख्य बिंदु हैं।

 

Question 16. लेखिका का ध्यान आकर्षित करने के लिए गिल्लू क्या करता था ?
Answer: जब लेखिका लिखने बैठती थीं, तो गिल्लू उनका ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए उनके पैरों के पास आकर सर्र से परदे पर ऊपर चढ़ जाता था और फिर उसी तेजी से नीचे उतरता था। वह यह दौड़ तब तक लगातार जारी रखता था जब तक लेखिका स्वयं उठकर उसे पकड़ न लें। इसके अलावा, वह कभी-कभी लेखिका के मेज पर रखे फूलदान या कागजों के बीच छिपकर बैठ जाता था।
In simple words: गिल्लू लेखिका का ध्यान खींचने के लिए परदे पर तेजी से चढ़ता-उतरता था और मेज की चीजों में छिप जाता था।

Exam Tip: 'परदे पर तेजी से चढ़ना-उतरना' और 'कागजों व फूलदान में छिपना' जैसी हरकतों का वर्णन करें।

 

Question 17. साँप का ध्यान बँटाने के लिए लेखक ने क्या-क्या युक्तियाँ अपनाईं ?
Answer: कुएँ में गिरी चिट्ठियों को वापस पाने के लिए लेखक ने अत्यंत सूझबूझ से काम लिया। उन्होंने अपनी लाठी से कुएँ की कच्ची दीवार से कुछ सूखी मिट्टी और ढेले खुरचकर साँप के दूसरी तरफ गिराए ताकि उसकी दृष्टि उस दिशा में मुड़ जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अपनी धोती के पल्लू और लाठी की नोक को साँप के सामने सावधानीपूर्वक लहराया जिससे उसका फन बँट जाए और वे चिट्ठियाँ उठा सकें।
In simple words: लेखक ने लाठी से मिट्टी के ढेले गिराए और धोती व लाठी हिलाकर साँप का ध्यान भटकाने की कोशिश की।

Exam Tip: 'दीवार से मिट्टी खुरचना' और 'लाठी व धोती से ध्यान भटकाना' मुख्य रणनीतियाँ थीं।

 

Question 18. 'मनुष्य का अनुमान और भावी योजनाएँ कभी-कभी कितनी मिथ्या और उलटी निकलती हैं' - का आशय स्पष्ट कीजिए ।
Answer: इस कथन का आशय यह है कि मनुष्य अपने मन में जो पूर्व-योजनाएँ बनाता है, वास्तविक परिस्थितियाँ अक्सर उनके बिल्कुल विपरीत सिद्ध होती हैं। लेखक ने कुएँ में उतरने से पहले यह योजना बनाई थी कि वे डंडे से मारकर साँप का काम तमाम कर देंगे और चिट्ठियाँ ले आएँगे। किंतु कुएँ के तंग तल पर पहुँचते ही उन्हें ज्ञात हुआ कि वहाँ डंडा घुमाने तक की जगह नहीं थी और फन ताने बैठे विषधर के सामने उनकी सारी कल्पनाएँ व्यर्थ सिद्ध हुईं।
In simple words: लेखक ने सोचा था कि वे लाठी से साँप को मार देंगे, लेकिन कुएँ में जगह ही नहीं थी; इसलिए उनकी पूरी योजना गलत साबित हो गई।

Exam Tip: लेखक की पूर्व-कल्पना और कुएँ की वास्तविक तंग परिस्थिति के अंतर को रेखांकित करें।

 

Question 19. कल्लू कुम्हार का नाम उनाकोटी से किस तरह जुड़ गया ?
Answer: लोककथा के अनुसार कल्लू कुम्हार भगवान शिव और माता पार्वती का परम आराधक था और उनके साथ कैलाश पर्वत जाना चाहता था। शिव जी ने उसके समक्ष यह शर्त रखी कि यदि वह एक ही रात में उनकी एक करोड़ मूर्तियाँ गढ़ देगा, तो वे उसे साथ ले जाएँगे। कल्लू ने रात भर अथक श्रम से मूर्तियाँ बनाईं, किंतु भोर होने पर जब गिनती हुई तो एक मूर्ति कम निकली। शर्त अधूरी रहने के कारण शिव जी उसे वहीं छोड़कर चले गए और उसका नाम इस स्थान से सदा के लिए जुड़ गया।
In simple words: कल्लू कुम्हार ने कैलाश जाने के लिए एक रात में मूर्तियाँ बनाई थीं, जो एक करोड़ से एक कम रह गईं; इसी वजह से उसका नाम उनाकोटी से जुड़ गया।

Exam Tip: 'शिव जी की शर्त' और 'एक करोड़ में एक कम मूर्तियाँ बनने' की पौराणिक कथा का उल्लेख करें।

 

Question 20. 'उनाकोटी' का अर्थ स्पष्ट करते हुए बतलाइए कि यह स्थान इस नाम से क्यों प्रसिद्ध है ?
Answer: 'उनाकोटी' का शाब्दिक अर्थ है - 'एक करोड़ से एक कम' (अर्थात निन्यानवे लाख निन्यानवे हजार नौ सौ निन्यानवे)। त्रिपुरा की पहाड़ियों में स्थित यह स्थल घने वनों के बीच विशाल चट्टानों और पत्थरों पर उकेरी गई भगवान शिव, गंगा और अन्य देवी-देवताओं की भव्य मूर्तियों व शैल-चित्रों के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। मान्यता है कि यहाँ चट्टानों पर कुल उनाकोटी मूर्तियाँ तराशी गई हैं।
In simple words: उनाकोटी का मतलब एक करोड़ से एक कम होता है। यह जगह पत्थरों पर तराशी गई अनगिनत रहस्यमयी और सुंदर मूर्तियों के लिए प्रसिद्ध है।

Exam Tip: उनाकोटी का अर्थ (एक करोड़ से एक कम) और त्रिपुरा के शैल-चित्रों व पाषाण मूर्तियों की विशेषता अवश्य लिखें।

All Chapters Printable Worksheets and Exercises for Class 9 Hindi

Mastering All Chapters with Printable Worksheets

Access structured practice worksheets for All Chapters aligned with the 2026 CBSE curriculum. These downloadable exercises for Class 9 Hindi help students build accuracy and reinforce core concepts for upcoming school tests.

Verified Solutions and NCERT Alignment

Each worksheet draws directly from authorized standard textbooks to maintain academic accuracy. Evaluating your finished exercises against expert-verified solutions helps master the formal presentation standards expected in school evaluations.

Additional Study Resources for Class 9 Hindi

Consistent engagement with these exercises builds familiarity with recurring exam themes. If specific areas within All Chapters cause trouble, utilize our dedicated NCERT solutions for Class 9 Hindi to clear up doubts immediately.

FAQs

Where can I download the 2026-27 CBSE printable worksheets for Class 9 Hindi All Chapters?

You can download the latest chapter-wise printable worksheets for Class 9 Hindi All Chapters for free from StudiesToday.com. These have been made as per the latest CBSE curriculum for this academic year.

Are these All Chapters Hindi worksheets based on the new competency-based education (CBE) model?

Yes, Class 9 Hindi worksheets for All Chapters focus on activity-based learning and also competency-style questions. This helps students to apply theoretical knowledge to practical scenarios.

Do the Class 9 Hindi All Chapters worksheets have answers?

Yes, we have provided solved worksheets for Class 9 Hindi All Chapters to help students verify their answers instantly.

Can I print these All Chapters Hindi test sheets?

Yes, our Class 9 Hindi test sheets are mobile-friendly PDFs and can be printed by teachers for classroom.

What is the benefit of solving chapter-wise worksheets for Hindi Class 9 All Chapters?

For All Chapters, regular practice with our worksheets will improve question-handling speed and help students understand all technical terms and diagrams.