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Access comprehensive chapter-wise worksheets for All Chapters using the CBSE Class 9 Hindi Revision Worksheet Set 06. Designed to align with the 2026-27 academic syllabus for Class 9 Hindi, these printable practice sets help students reinforce key concepts and improve their overall exam readiness.
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Question 1. निम्नलिखित शब्दों के वर्ण-विच्छेद कीजिए :-
असंख्य, वैज्ञानिक, अनुसंधान, आरंभ, सिंधु, दरारे, दुरुपयोग, नास्तिक, मनुष्यत्व, शक्तिशाली, स्वतंत्रता, हत्याकांड, पुस्तक, व्याख्या, परंपरा ।
Answer:
(i) असंख्य = अ + स् + अ + ङ् + ख् + य् + अ
(ii) वैज्ञानिक = व् + ऐ + ज् + ञ् + आ + न् + इ + क् + अ
(iii) अनुसंधान = अ + न् + उ + स् + म् + ध् + आ + न् + अ
(iv) आरंभ = आ + र् + अ + म् + भ् + अ
(v) सिंधु = स् + इ + म् + ध् + उ
(vi) दरारे (दरारें) = द् + अ + र् + आ + र् + एँ
(vii) दुरुपयोग = द् + उ + र् + उ + प् + अ + य् + ओ + ग् + अ
(viii) नास्तिक = न् + आ + स् + त् + इ + क् + अ
(ix) मनुष्यत्व = म् + अ + न् + उ + ष् + य् + अ + त् + व् + अ
(x) शक्तिशाली = श् + अ + क् + त् + इ + श् + आ + ल् + ई
(xi) स्वतंत्रता = स् + व् + अ + त् + म् + त् + र् + अ + त् + आ
(xii) हत्याकांड = ह् + अ + त् + य् + आ + क् + आ + ण् + ड् + अ
(xiii) पुस्तक = प् + उ + स् + त् + अ + क् + अ
(xiv) व्याख्या = व् + य् + आ + ख् + य् + आ
(xv) परंपरा = प् + अ + र् + अ + म् + प् + अ + र् + आ
In simple words: किसी शब्द की सभी ध्वनियों (स्वर और व्यंजन) को अलग-अलग करके लिखना ही वर्ण-विच्छेद है।
Exam Tip: संयुक्त वर्णों (ज्ञ = ज् + ञ, त्र = त् + र) और अनुस्वार के पंचम वर्ण में परिवर्तन पर हलंत का सही प्रयोग करें।
Question 2. निम्नलिखित शब्दों के उपसर्ग और मूल शब्द अलग कीजिए :-
आगमन, संभावना, उपवास, सशक्त, परिवर्तन, परिणाम, प्रदर्शन, संस्थान, समतल, आचरण, संग्राम, सदाचार, अनागत, प्रातःकाल, उपकार ।
Answer:
(i) आगमन = आ (उपसर्ग) + गमन (मूल शब्द)
(ii) संभावना = सम् (उपसर्ग) + भावना (मूल शब्द)
(iii) उपवास = उप (उपसर्ग) + वास (मूल शब्द)
(iv) सशक्त = स (उपसर्ग) + शक्त (मूल शब्द)
(v) परिवर्तन = परि (उपसर्ग) + वर्तन (मूल शब्द)
(vi) परिणाम = परि (उपसर्ग) + नाम (मूल शब्द)
(vii) प्रदर्शन = प्र (उपसर्ग) + दर्शन (मूल शब्द)
(viii) संस्थान = सम् (उपसर्ग) + स्थान (मूल शब्द)
(ix) समतल = सम (उपसर्ग) + तल (मूल शब्द)
(x) आचरण = आ (उपसर्ग) + चरण (मूल शब्द)
(xi) संग्राम = सम् (उपसर्ग) + ग्राम (मूल शब्द)
(xii) सदाचार = सत् (उपसर्ग) + आचार (मूल शब्द)
(xiii) अनागत = अन् (उपसर्ग) + आगत (मूल शब्द)
(xiv) प्रातःकाल = प्रातः (उपसर्ग/अव्यय) + काल (मूल शब्द)
(xv) उपकार = उप (उपसर्ग) + कार (मूल शब्द)
In simple words: जो शब्दांश किसी मूल शब्द के पहले जुड़कर नया अर्थ देते हैं, उन्हें उपसर्ग कहते हैं।
Exam Tip: उपसर्ग पृथक करने के पश्चात बचा हुआ भाग एक सार्थक मूल शब्द होना चाहिए।
Question 3. निम्नलिखित शब्दों के प्रत्यय और मूल शब्द अलग कीजिए :-
नम्रता, आर्थिक, मार्मिक, शानदार, अकेलापन, पत्रिका, देवत्व, नौकरी, वाहक, शिक्षक, बचपन, आकर्षित, शाकाहारी, वर्णन, प्रसन्नता, बड़प्पन, स्वतंत्रता, राजनीतिक, प्रशासक, संपादक, लेखक ।
Answer:
(i) नम्रता = नम्र (मूल शब्द) + ता (प्रत्यय)
(ii) आर्थिक = अर्थ (मूल शब्द) + इक (प्रत्यय)
(iii) मार्मिक = मर्म (मूल शब्द) + इक (प्रत्यय)
(iv) शानदार = शान (मूल शब्द) + दार (प्रत्यय)
(v) अकेलापन = अकेला (मूल शब्द) + पन (प्रत्यय)
(vi) पत्रिका = पत्र (मूल शब्द) + इका (प्रत्यय)
(vii) देवत्व = देव (मूल शब्द) + त्व (प्रत्यय)
(viii) नौकरी = नौकर (मूल शब्द) + ई (प्रत्यय)
(ix) वाहक = वह (मूल शब्द) + अक (प्रत्यय)
(x) शिक्षक = शिक्षा (मूल शब्द) + अक (प्रत्यय)
(xi) बचपन = बच्चा (मूल शब्द) + पन (प्रत्यय)
(xii) आकर्षित = आकर्षण (मूल शब्द) + इत (प्रत्यय)
(xiii) शाकाहारी = शाकाहार (मूल शब्द) + ई (प्रत्यय)
(xiv) वर्णन = वर्ण (मूल शब्द) + अन (प्रत्यय)
(xv) प्रसन्नता = प्रसन्न (मूल शब्द) + ता (प्रत्यय)
(xvi) बड़प्पन = बड़ा (मूल शब्द) + प्पन (प्रत्यय)
(xvii) स्वतंत्रता = स्वतंत्र (मूल शब्द) + ता (प्रत्यय)
(xviii) राजनीतिक = राजनीति (मूल शब्द) + इक (प्रत्यय)
(xix) प्रशासक = प्रशासन (मूल शब्द) + अक (प्रत्यय)
(xx) संपादक = संपादन (मूल शब्द) + अक (प्रत्यय)
(xxi) लेखक = लेख (मूल शब्द) + अक (प्रत्यय)
In simple words: शब्द के अंत में लगकर उसके भाव में बदलाव लाने वाले अंश को प्रत्यय कहा जाता है।
Exam Tip: 'इक' प्रत्यय लगने पर प्रथम स्वर में होने वाले बदलाव (अर्थ से आर्थिक, मर्म से मार्मिक) का ध्यान रखें।
Question 4. निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची लिखिए :
अतिथि, कमल, पत्नी, राक्षस, पेड़, समुद्र, शिक्षक, वर्ष, जलाशय, पक्षी, युद्ध, गंगा, अन्न, धन, बुढ़ापा, ईश्वर ।
Answer:
(i) अतिथि - मेहमान, पाहुना
(ii) कमल - जलज, पंकज
(iii) पत्नी - भार्या, अर्धांगिनी
(iv) राक्षस - दैत्य, दानव
(v) पेड़ - वृक्ष, तरु
(vi) समुद्र - सागर, जलधि
(vii) शिक्षक - अध्यापक, गुरु
(viii) वर्ष - साल, वत्सर
(ix) जलाशय - सरोवर, तालाब
(x) पक्षी - खग, विहग
(xi) युद्ध - संग्राम, रण
(xii) गंगा - भागीरथी, सुरसरि
(xiii) अन्न - अनाज, धान्य
(xiv) धन - दौलत, संपत्ति
(xv) बुढ़ापा - वार्धक्य, वृद्धावस्था
(xvi) ईश्वर - परमात्मा, भगवान
In simple words: समान या मिलता-जुलता अर्थ रखने वाले शब्दों को पर्यायवाची शब्द कहते हैं।
Exam Tip: शुद्ध वर्तनी के साथ मानक पर्यायवाची शब्द लिखने पर ही पूरे अंक मिलते हैं।
Question 5. निम्नलिखित शब्दों के विलोम लिखिए :
आगमन, नम्रता, अंतरंग, सादर, सम्मान, मार्मिक, आग्रह, देवता, पुरस्कार, गुलाम, यथार्थ, तटस्थता, विख्यात, दोष, उत्साह, सदाचार, वक्ता, उदार, स्वतंत्रता, आकाश ।
Answer:
(i) आगमन - प्रस्थान
(ii) नम्रता - उद्दंडता
(iii) अंतरंग - बहिरंग
(iv) सादर - निरादर
(v) सम्मान - अपमान
(vi) मार्मिक - संवेदनहीन (अमार्मिक)
(vii) आग्रह - दुराग्रह
(viii) देवता - दानव (असुर)
(ix) पुरस्कार - दंड
(x) गुलाम - स्वतंत्र
(xi) यथार्थ - कल्पित
(xii) तटस्थता - पक्षपात
(xiii) विख्यात - कुख्यात
(xiv) दोष - गुण
(xv) उत्साह - निरुत्साह
(xvi) सदाचार - दुराचार
(xvii) वक्ता - श्रोता
(xviii) उदार - अनुदार (कृपण)
(xix) स्वतंत्रता - परतंत्रता
(xx) आकाश - पाताल
In simple words: विपरीत या उल्टा अर्थ बताने वाले शब्दों को विलोम शब्द कहा जाता है।
Exam Tip: तत्सम शब्द के समक्ष तत्सम विलोम ही लिखें, जैसे आकाश का पाताल और यथार्थ का कल्पित।
Question 6. निम्नलिखित के अनेकार्थी शब्द लिखिए :
स्नेह, मन, मगर, अंक, पद, वर, उत्तर, पृष्ठ, भाग, ओर, जान, पत्र, हर, आम, मिल ।
Answer:
(i) स्नेह - प्रेम, तेल (चिकनाई)
(ii) मन - हृदय, चालीस सेर का तौल
(iii) मगर - घड़ियाल, परंतु (किंतु)
(iv) अंक - संख्या, गोद, नाटक का भाग
(v) पद - पैर, ओहदा (स्थान), कविता का छंद
(vi) वर - दूल्हा, वरदान, श्रेष्ठ
(vii) उत्तर - जवाब, एक दिशा
(viii) पृष्ठ - पन्ना, पीठ
(ix) भाग - हिस्सा, भाग्य, दौड़ना
(x) ओर - दिशा, तरफ़
(xi) जान - प्राण, जानना (ज्ञान)
(xii) पत्र - पत्ता, चिट्ठी
(xiii) हर - प्रत्येक, शिव
(xiv) आम - एक फल, साधारण
(xv) मिल - भेंट होना, कारखाना
In simple words: एक ही शब्द जब अलग-अलग वाक्यों में कई भिन्न अर्थ देता है, तो उसे अनेकार्थी शब्द कहते हैं।
Exam Tip: प्रत्येक शब्द के दो सर्वथा भिन्न और स्पष्ट अर्थ ही उत्तर में लिखें।
Question 7. वाक्यांशों के लिए एक शब्द लिखिए :
निस्संकोच, मार्मिक, अदृश्य, विराट, भावुक, जिज्ञासा, राष्ट्रीय, अनुसंधान, कलाभिज्ञ, सनातन, सुगम, धार्मिक, तेजस्वी, संपादक, सत्याग्रह ।
Answer:
(i) निस्संकोच - जो संकोच न करता हो / बिना संकोच के
(ii) मार्मिक - मर्म या हृदय को छू लेने वाला
(iii) अदृश्य - जो आँखों के सामने दिखाई न दे
(iv) विराट - जिसका आकार बहुत ही विशाल हो
(v) भावुक - भावनाओं में बहने वाला अत्यधिक संवेदनशील व्यक्ति
(vi) जिज्ञासा - किसी विषय को जानने की गहरी इच्छा
(vii) राष्ट्रीय - पूरे राष्ट्र या देश से संबंध रखने वाला
(viii) अनुसंधान - तथ्यों की नई और गहन वैज्ञानिक खोज
(ix) कलाभिज्ञ - कला का मर्म जानने वाला पारखी
(x) सनातन - जो सदा से चला आ रहा हो
(xi) सुगम - जहाँ पहुँचना या जाना सरल हो
(xii) धार्मिक - धर्म का आचरण करने वाला व्यक्ति
(xiii) तेजस्वी - अत्यधिक कांति और तेज से संपन्न
(xiv) संपादक - पत्र-पत्रिका या पुस्तक का संपादन करने वाला
(xv) सत्याग्रह - सत्य और न्याय की रक्षा के लिए किया गया दृढ़ आग्रह
In simple words: एक लंबे वाक्यांश के पूरे अर्थ को समेटने वाले सटीक शब्द को अनेक शब्दों के लिए एक शब्द कहते हैं।
Exam Tip: दिए गए शब्दों के संगत वाक्यांश को सरल और मानक भाषा में लिखें।
Question 8. उद्देश्य छाँटकर लिखिए :
1. रवि पुस्तक पढ़ता है ।
2. कविता और सविता गीत गाती हैं ।
3. लड़के मैदान में खेलते हैं ।
4. चंदन गाँव जाकर बीमार पड़ गया ।
Answer:
1. रवि पुस्तक पढ़ता है ।
- उद्देश्य: रवि
2. कविता और सविता गीत गाती हैं ।
- उद्देश्य: कविता और सविता
3. लड़के मैदान में खेलते हैं ।
- उद्देश्य: लड़के
4. चंदन गाँव जाकर बीमार पड़ गया ।
- उद्देश्य: चंदन
In simple words: वाक्य में जिसके विषय में कोई बात कही जाती है, उसे उद्देश्य (कर्ता) कहते हैं।
Exam Tip: कर्ता और कर्ता के साथ जुड़े विस्तारक शब्दों को ही उद्देश्य के रूप में पहचानें।
Question 9. विधेय दर्शाकर लिखिए :
1. आज वह विद्यालय नहीं आया ।
2. माँ ने शीला को पाठ पढ़ाया ।
3. रात में कुत्ते भौंकते हैं ।
Answer:
1. आज वह विद्यालय नहीं आया ।
- विधेय: आज विद्यालय नहीं आया (यहाँ 'वह' उद्देश्य है)
2. माँ ने शीला को पाठ पढ़ाया ।
- विधेय: शीला को पाठ पढ़ाया (यहाँ 'माँ ने' उद्देश्य है)
3. रात में कुत्ते भौंकते हैं ।
- विधेय: रात में भौंकते हैं (यहाँ 'कुत्ते' उद्देश्य है)
In simple words: वाक्य में उद्देश्य (कर्ता) को छोड़कर उसके बारे में जो कुछ कहा जाता है, वह विधेय कहलाता है।
Exam Tip: वाक्य से पहले कर्ता पहचान लें, शेष बचा हुआ पूरा अंश (कर्म और क्रिया) विधेय होता है।
Question 10. सरल वाक्य, विराम-चिह्न, मुहावरे, पत्र लेखन, अनुच्छेद लेखन छात्र पाठों के आधार पर कर लें ।
Answer:
पाठ्यपुस्तकों पर आधारित मुख्य व्याकरण व रचना बिंदुओं का अभ्यास स्वरूप विवरण निम्न प्रकार है:
1. सरल वाक्य: जिस वाक्य में केवल एक मुख्य उद्देश्य और एक ही समापिका क्रिया (विधेय) हो, उसे सरल वाक्य कहते हैं; जैसे - 'परिश्रमी बालक सदैव सफल होते हैं।'
2. विराम-चिह्न: विचारों को स्पष्ट करने हेतु रुकने के संकेतों को विराम-चिह्न कहते हैं; जैसे - पूर्णविराम (।), अल्पविराम (,), प्रश्नवाचक चिह्न (?), और उद्धरण चिह्न (" ")।
3. प्रमुख मुहावरे:
- दाँतों तले उँगली दबाना (आश्चर्यचकित होना) - सर्कस के करतब देखकर दर्शकों ने दाँतों तले उँगली दबा ली।
- नौ दो ग्यारह होना (भाग जाना) - पुलिस की गाड़ी देखते ही चोर नौ दो ग्यारह हो गए।
4. पत्र लेखन (प्रारूप): औपचारिक पत्रों में सेवा में, पद, विषय, महोदय, मुख्य विषयवस्तु, धन्यवाद तथा भवदीय लिखा जाता है। अनौपचारिक पत्रों में प्रेषक का पता, दिनांक, संबोधन, अभिवादन और आत्मीय भाव लिखे जाते हैं।
5. अनुच्छेद लेखन: किसी भी निर्धारित विषय पर अनावश्यक विस्तार किए बिना विचारों को सीमित और प्रभावशाली ढंग से 80 से 100 शब्दों में प्रस्तुत किया जाता है।
In simple words: व्याकरण और रचनात्मक लेखन के इन सभी अंगों का नियमित अभ्यास परीक्षा में भाषा को त्रुटिहीन बनाता है।
Exam Tip: पत्र और अनुच्छेद में विषय के अनुकूल शब्द चयन तथा विराम-चिह्नों के सही उपयोग का ध्यान रखें।
11. प्रश्न निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
Question 1. लेखक अतिथि को कैसी विदाई देना चाहता है ?
Answer: लेखक अतिथि को एक अत्यंत गरिमामयी, भावुक और आदरपूर्ण विदाई देना चाहता है। उसकी हार्दिक इच्छा है कि अतिथि अपनी मर्यादा को समझते हुए स्वयं प्रस्थान का निर्णय ले। लेखक उसे भावभीने मन से रेलवे स्टेशन तक छोड़ने जाए और दोनों की आँखों में स्नेहिल विछोह के आँसू हों, ताकि उनके पारस्परिक संबंधों की मिठास और सम्मान सदा के लिए बना रहे।
In simple words: लेखक चाहता है कि मेहमान खुद खुशी-खुशी जाने की बात कहे और वह उसे स्टेशन पर आदर के साथ विदा करे।
Exam Tip: उत्तर में 'भावभीनी विदाई', 'स्टेशन तक छोड़ना' और 'संबंधों की मधुरता बचाए रखना' का उल्लेख करें।
Question 2. कौन-सा आघात अप्रत्याशित था और उसका लेखक पर क्या प्रभाव पड़ा ?
Answer: तीसरे दिन सवेरे अतिथि द्वारा अपने मैले कपड़े धोबी से धुलवाने की इच्छा प्रकट करना लेखक के लिए एकदम अप्रत्याशित आघात था। लेखक को आशा थी कि अतिथि अब जाने की तैयारी करेगा, किंतु कपड़े धोने देने से यह तय हो गया कि उसका प्रवास अभी लंबा चलेगा। इस बात से लेखक का मानसिक संतुलन हिल गया, उनका पारिवारिक बजट गड़बड़ा गया और उनका आतिथ्य सत्कार कटुता में बदलने लगा।
In simple words: अतिथि का अचानक कपड़े धुलवाने के लिए देना बहुत बड़ा झटका था, जिससे लेखक को लगा कि वह अभी नहीं जाएगा।
Exam Tip: 'धोबी को कपड़े देना' और 'अतिथि के लंबे समय तक रुकने का संकेत' मुख्य बिंदु हैं।
Question 3. रामन के प्रारंभिक शोधकार्य को आधुनिक हठयोग क्यों कहा गया है ?
Answer: सी. वी. रामन के आरंभिक शोधकार्यों को आधुनिक हठयोग इसलिए कहा गया है क्योंकि उस दौर में भारत में शोध के लिए न तो उन्नत प्रयोगशालाएँ थीं और न ही आधुनिक वैज्ञानिक उपकरण। इसके बावजूद, वे सरकारी सेवा में वित्त विभाग का भारी दायित्व संभालते हुए सुबह और शाम कलकत्ता की एक अत्यंत साधारण प्रयोगशाला में बिना किसी बाहरी सहायता के अपनी प्रबल इच्छाशक्ति और कठोर लगन के बल पर अनुसंधान करते रहे।
In simple words: साधनों और उपकरणों की भारी कमी के बावजूद रामन जी ने कठोर मेहनत से शोध किया, इसलिए इसे हठयोग कहा गया।
Exam Tip: 'साधनों की कमी', 'सरकारी नौकरी के साथ शोध' और 'अटूट संकल्प शक्ति' को उत्तर में रेखांकित करें।
Question 4. रामन की खोज 'रामन प्रभाव' क्या है ?
Answer: 'रामन प्रभाव' के अनुसार जब किसी एकवर्णीय प्रकाश की किरण को किसी पारदर्शक माध्यम (ठोस, द्रव या गैस) से गुजारा जाता है, तो माध्यम के अणुओं से टकराने के उपरांत उसके प्रकीर्णन के कारण प्रकाश की तरंगदैर्घ्य और ऊर्जा में परिवर्तन आ जाता है। आपतित प्रकाश की तुलना में प्रकीर्णित प्रकाश में कुछ नई रेखाएँ और रंग दिखाई देते हैं, जिससे अणुओं की आंतरिक संरचना की सटीक जानकारी प्राप्त होती है।
In simple words: पारदर्शी चीज से गुजरने पर जब प्रकाश की किरण के कण टकराते हैं, तो उनकी ऊर्जा और रंग बदल जाते हैं।
Exam Tip: परिभाषा में 'एकवर्णीय प्रकाश', 'पारदर्शक माध्यम', 'प्रकीर्णन' तथा 'तरंगदैर्घ्य में परिवर्तन' शब्दों का प्रयोग अवश्य करें।
Question 5. रामन को किन-किन पुरस्कारों से सम्मानित किया गया ?
Answer: चंद्रशेखर वेंकट रामन को सन् 1930 में भौतिकी का विश्वप्रसिद्ध नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त ब्रिटिश हुकूमत ने उन्हें 'सर' (नाइटहुड) की पदवी से नवाजा। स्वतंत्र भारत की सरकार ने उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से अलंकृत किया और सोवियत संघ द्वारा उन्हें अंतरराष्ट्रीय 'लेनिन शांति पुरस्कार' से भी सम्मानित किया गया।
In simple words: रामन जी को नोबेल पुरस्कार, भारत रत्न, नाइटहुड की उपाधि और लेनिन शांति पुरस्कार जैसे बड़े सम्मान मिले।
Exam Tip: 'नोबेल पुरस्कार (1930)', 'भारत रत्न' और 'लेनिन शांति पुरस्कार' के नाम स्पष्ट रूप से लिखें।
Question 6. 'पंक और पंकज' शब्द में क्या अंतर है ?
Answer: 'पंक' का शाब्दिक अर्थ कीचड़ होता है, जिसे लोग गंदा मानकर उससे घृणा करते हैं और अपने वस्त्रों व शरीर को उससे दूर रखते हैं। वहीं 'पंकज' का अर्थ कीचड़ में जन्म लेने वाला 'कमल' है, जिसकी सुंदरता, पवित्रता और सुगंध की सभी सराहना करते हैं। लेखक ने यह स्पष्ट किया है कि समाज कार्य (पंकज) का तो गुणगान करता है, किंतु उसके मूल कारण (पंक) का अनादर करता है।
In simple words: पंक का मतलब कीचड़ है जिससे लोग नफरत करते हैं, जबकि पंकज का मतलब कमल है जिसे सब प्यार करते हैं।
Exam Tip: कार्य (कमल) और कारण (कीचड़) के सामाजिक विरोधाभास को उत्तर का आधार बनाएँ।
Question 7. कीचड़ का रंग किन-किन लोगों को खुश करता है ?
Answer: कीचड़ का मटमैला और शांत रंग कलाप्रेमियों, चित्रकारों, मूर्तिकारों और फोटोग्राफरों को अत्यधिक आनंदित करता है। इसके साथ ही, मिट्टी के बर्तनों के शौकीनों, ऐतिहासिक पुस्तकों के पन्नों के प्रेमियों और कच्चे ऊनी वस्त्रों के स्वाभाविक रंगों को पसंद करने वाले व्यक्तियों को भी कीचड़ का रंग बहुत आकर्षित करता है।
In simple words: कला के जानकारों, चित्रकारों, मूर्तिकारों और फोटोग्राफरों को कीचड़ का रंग बेहद पसंद आता है।
Exam Tip: पाठ में उल्लिखित कला मर्मज्ञों और फोटोग्राफरों का संदर्भ सही रूप में लिखें।
Question 8. धर्म के स्पष्ट चिह्न क्या हैं ?
Answer: लेखक गणेश शंकर विद्यार्थी के अनुसार धर्म के स्पष्ट और वास्तविक चिह्न मंदिर-मस्जिद जाना, दो घंटे पूजा करना या नमाज अदा करना नहीं हैं। धर्म के सच्चे लक्षण मनुष्य का शुद्ध आचरण, उच्च नैतिक चरित्र, सदाचार तथा सभी प्राणियों के प्रति दया, प्रेम और सेवा की भावना हैं। जो व्यक्ति दूसरों के सुख-दुख में काम आता है, वही वास्तव में धार्मिक है।
In simple words: पूजा-पाठ का दिखावा करने के बजाय अच्छा आचरण, सच्चाई और दूसरों की मदद करना ही धर्म के असली चिह्न हैं।
Exam Tip: 'सदाचार', 'शुद्ध आचरण' और 'मानवता की सेवा' को धर्म के मुख्य लक्षणों के रूप में लिखें।
Question 9. कौन-से लोग धार्मिक लोगों से अधिक अच्छे हैं ?
Answer: लेखक के अनुसार वे नास्तिक और धर्मनिरपेक्ष लोग उन ढोंगी धार्मिक व्यक्तियों से कहीं अधिक श्रेष्ठ हैं, जो किसी मजहब को नहीं मानते किंतु जिनका जीवन सदाचारी, परोपकारी और मानवीय मूल्यों से युक्त है। ऐसे लोग धर्म के नाम पर स्वार्थ नहीं साधते और न ही समाज में दंगे या घृणा फैलाते हैं, बल्कि निष्काम भाव से जनकल्याण में जुटे रहते हैं।
In simple words: वे नास्तिक लोग ढोंगी धार्मिक लोगों से बेहतर हैं जो बिना किसी दिखावे के दूसरों की भलाई और नेक काम करते हैं।
Exam Tip: आचरण की पवित्रता बनाम पाखंडी धार्मिकता की तुलना करते हुए उत्तर प्रस्तुत करें।
Question 10. 'एक फूल की चाह' कविता का केंद्रीय भाव अपने शब्दों में लिखिए ?
Answer: 'एक फूल की चाह' कविता का मूल भाव समाज में व्याप्त छूआछूत, जातिगत भेदभाव और धर्मांधता की अमानवीयता पर तीखा प्रहार करना है। यह रचना प्रकट करती है कि कैसे एक अछूत पिता अपनी मरणासन्न बच्ची की अंतिम इच्छा (देवी माँ के प्रसाद का एक फूल) पूरी करने मंदिर जाता है, किंतु संकीर्ण सवर्ण समाज उसे पीटकर जेल भिजवा देता है। यह कविता मानवीय संवेदनाओं को झूठे धार्मिक आडंबरों से ऊपर स्थापित करने का संदेश देती है।
In simple words: यह कविता जात-पात और छूआछूत की बुराई को दिखाती है, जिसके कारण एक लाचार पिता अपनी बीमार बेटी की आखिरी इच्छा भी पूरी नहीं कर सका।
Exam Tip: 'जातिगत भेदभाव का विरोध', 'सामाजिक संकीर्णता' और 'लाचार पिता की वेदना' को केंद्रीय भाव में शामिल करें।
Question 11. प्रथम छंद में (गीत-अगीत) प्रकृति-चित्रण को लिखिए ।
Answer: 'गीत-अगीत' के प्रथम छंद में कवि ने पर्वतों के मध्य तीव्र गति से कलकल करती बहती नदी का अत्यंत सजीव चित्रण किया है। नदी पत्थरों से टकराती हुई बह रही है और ऐसा प्रतीत होता है मानो वह तटों से अपने सुख-दुख साझा करते हुए अपना मन हलका कर रही हो। नदी के किनारे पर खड़ा गुलाब का पौधा मौन रहकर यह सोचता है कि यदि विधाता ने उसे भी स्वर दिया होता, तो वह भी अपने पतझड़ और वसंत का सुंदर गीत संसार को सुनाता।
In simple words: पहले छंद में कलकल बहती नदी अपने दुख-सुख का गीत गाती दिखती है और किनारे खड़ा गुलाब चुपचाप उसे सुनकर गीत गाने की इच्छा करता है।
Exam Tip: बहती नदी के मुखर गीत और गुलाब के मौन भाव (अगीत) के सामंजस्य का वर्णन करें।
Question 12. कवि ने अग्निपथ किसके प्रतीक स्वरूप प्रयोग किया है ?
Answer: हरिवंश राय बच्चन जी ने 'अग्निपथ' का प्रयोग मनुष्य के जीवन में कदम-कदम पर मिलने वाली बाधाओं, दुखों, संकटों और अनवरत संघर्षों से भरे मार्ग के प्रतीक रूप में किया है। यह इस कटु सत्य की ओर संकेत करता है कि जीवन का पथ कोई सुखद फूलों की सेज नहीं, बल्कि आग की लपटों पर चलने के समान एक कठिन परीक्षा है, जहाँ व्यक्ति को बिना रुके निरंतर आगे बढ़ते रहना पड़ता है।
In simple words: 'अग्निपथ' जीवन की मुश्किलों, कष्टों और लगातार संघर्ष करने वाले कठिन रास्ते का प्रतीक है।
Exam Tip: 'जीवन का संघर्षमय मार्ग' और 'कठिनाइयों की अग्नि' जैसे प्रतीकात्मक शब्दों का प्रयोग करें।
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