CBSE Class 9 Hindi Revision Worksheet Set 05

Class 9 Hindi Practice Sheet: CBSE Class 9 Hindi Revision Worksheet Set 05

Access comprehensive chapter-wise worksheets for All Chapters using the CBSE Class 9 Hindi Revision Worksheet Set 05. Designed to align with the 2026-27 academic syllabus for Class 9 Hindi, these printable practice sets help students reinforce key concepts and improve their overall exam readiness.

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CBSE Class 9 Hindi Revision Worksheet Set 5_1
CBSE Class 9 Hindi Revision Worksheet Set 5_2

 

प्र01. निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्पों का चयन कीजिए-

सन् 1857 ई. के विद्रोही नेता धुँधूपंत नाना साहब कानपुर में असफल होने पर भागने लगे, तो वे जल्दी में अपनी पुत्री मैना को साथ न ले जा सके। देवी मैना बिठूर में पिता के महल में रहती थी पर विद्रोह दमन करने के बाद अंग्रेजों ने बड़ी ही क्रूरता से उस निरीह और निरपराध देवी को अग्नि में भस्म कर दिया। उसका रोमांचकारी वर्णन पाषाण हृदय को भी एक बार द्रवीभूत कर देता है।

 

Question 1. नाना साहब ने किसके विरूद्ध विद्रोह किया था? 1
(a) बहादुरशाह जफर के विरूद्ध
(b) लक्ष्मीबाई के विरूद्ध ।
(c) अंग्रेजों के विरूद्ध
(d) गाँधी जी के विरूद्ध ।
Answer: (c) अंग्रेजों के विरूद्ध
In simple words: नाना साहब ने सन् 1857 के संग्राम में ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ क्रांति की थी।

Exam Tip: गद्यांश की पहली पंक्ति से स्पष्ट है कि विद्रोह अंग्रेजी शासन के दमन के विरोध में हुआ था।

 

Question 2. नाना साहब अपनी बेटी को महल में क्यों छोड़ गए थे? 1
(a) जल्दी में उसे वे ले नहीं जा सके।
(b) महल की देखभाल के लिए।
(c) क्रांतिकारियों को सूचना देने के लिए।
(d) वे उसे प्यार नहीं करते थे।
Answer: (a) जल्दी में उसे वे ले नहीं जा सके।
In simple words: कानपुर में पराजित होकर अचानक पलायन करते समय हड़बड़ाहट के कारण वे मैना को साथ नहीं ले जा पाए।

Exam Tip: गद्यांश में दिए गए शब्द 'जल्दी में अपनी पुत्री मैना को साथ न ले जा सके' से सही विकल्प चुनना सरल हो जाता है।

 

Question 3. नाना साहब का आवास कहाँ था? 1
(a) दिल्ली में ।
(b) मद्रास में।
(c) बिठूर में ।
(d) कानपुर में।
Answer: (c) बिठूर में ।
In simple words: नाना साहब का पारिवारिक राजमहल बिठूर में स्थित था।

Exam Tip: गद्यांश में स्पष्ट उल्लेख है कि देवी मैना बिठूर में स्थित पिता के महल में निवास करती थी।

 

Question 4. अंग्रेजों ने मैना को किस प्रकार मार डाला? 1
(a) तोप से।
(b) जलाकर।
(c) तलवार से
(d) बंदूक से।
Answer: (b) जलाकर।
In simple words: अंग्रेज अधिकारियों ने निर्दयतापूर्वक उस बालिका को आग की लपटों में झोंक दिया था।

Exam Tip: पाठ में प्रयुक्त वाक्यांश 'अग्नि में भस्म कर दिया' से सही विकल्प 'जलाकर' की पुष्टि होती है।

 

Question 5. 'पाषाण - हृदय' का क्या अर्थ है? 1
(a) मजबूत दिल।
(b) संवेदनाशन्य।
(c) कठोर - हृदय।
(d) संवेदनशील।
Answer: (c) कठोर - हृदय।
In simple words: 'पाषाण-हृदय' का भावार्थ पत्थर की तरह अत्यंत दयाहीन और कड़ा दिल होना है।

Exam Tip: 'पाषाण' शब्द पत्थर का पर्याय है, अतः लाक्षणिक अर्थ में यह 'कठोर-हृदय' को दर्शाता है।

 

प्र02. निम्नलिखित प्रश्नों के संक्षेप में उत्तर दीजिए।

 

Question (क). सालिम अली हर समय क्या लिए रहते थे और क्यों?
Answer: प्रसिद्ध पक्षी-विज्ञानी सालिम अली सदैव अपने गले में दूरबीन लटकाए रखते थे। वे आजीवन परिंदों के संसार की खोज, उनके व्यवहार के सूक्ष्म अवलोकन और उनके प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा में समर्पित रहे। सुदूर वनों, दलदलों और पर्वतीय क्षेत्रों में विचरण करते हुए दूर बैठे विरले पक्षियों की गतिविधियों का अध्ययन करने के लिए दूरबीन ही उनका सबसे प्रमुख और विश्वसनीय उपकरण थी।
In simple words: सालिम अली हमेशा दूरबीन रखते थे ताकि दूर बैठे पंछियों को साफ देखकर उनकी आदतों और जीवन को समझ सकें।

Exam Tip: उत्तर में 'दूरबीन' के साथ-साथ 'पक्षियों की खोजबीन और सुरक्षा का संकल्प' अवश्य जोड़ें।

 

Question (ख). मैना की अंतिम इच्छा क्या थी? क्या उसकी इच्छा पूरी हो सकी?
Answer: नन्ही मैना की आखिरी अभिलाषा यह थी कि उसे अपने पिता के तोप के गोलों से ध्वस्त हुए राजमहल के मलबे पर बैठकर कुछ देर जी भरकर रो लेने दिया जाए। किंतु पाषाण-हृदय अंग्रेज सेनापति जनरल आउटरम ने हुकूमत के कड़े नियमों और बदले की अंधी भावना के चलते उसकी यह करुण याचना अस्वीकार कर दी। परिणामस्वरूप उसकी अंतिम इच्छा अधूरी ही रह गई और उसे क्रूरतापूर्वक जीवित भस्म कर दिया गया।
In simple words: मैना अपने टूटे हुए घर के मलबे पर बैठकर थोड़ा रोना चाहती थी, पर जालिम अंग्रेज अफसर ने उसकी यह आखिरी बात भी नहीं मानी।

Exam Tip: दोनों भागों का स्पष्ट उत्तर दें - (1) मलबे पर बैठकर रोने की अभिलाषा, (2) जनरल द्वारा अनुमति न दिए जाने से इच्छा का अधूरा रहना।

 

Question (ग). 'तुम परदे का महत्व ही नहीं जानते, हम परदे पर कुर्बान हो रहे हैं।' इस कथन का आशय 'प्रेमचंद के फटे जूते' पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
Answer: इस मार्मिक व्यंग्य के जरिए हरिशंकर परसाई ने समाज की पाखंडी और दिखावटी मनोवृत्ति पर गहरा आघात किया है। 'परदा' मान-मर्यादा, प्रतिष्ठा और भीतर की कमियों को समाज से छिपाने का प्रतीक है। मुंशी प्रेमचंद जैसे महान साहित्यकार किसी भी प्रकार के आडंबर से कोसों दूर थे; उनका आंतरिक और बाह्य जीवन एक समान निष्कपट था और वे अपनी दरिद्रता को ढँकने का तनिक भी प्रयास नहीं करते थे। इसके विपरीत, आम लोग अपनी कमजोरियों को दुनिया की नजरों से ओझल रखने के लिए अपना सर्वस्व स्वाहा कर देते हैं।
In simple words: प्रेमचंद जी दिखावे से दूर रहकर सादगी से जीते थे, जबकि दुनिया अपनी गरीबी और कमियों को छिपाने के लिए दिखावे पर मरती है।

Exam Tip: 'दिखावे की प्रवृत्ति' और 'प्रेमचंद की स्वाभाविक सादगी' के द्वंद्व को अपने शब्दों में स्पष्ट करें।

 

Question (घ). गुरुदेव ने शांति निकेतन को छोड़ कहीं और रहने का मन क्यों बनाया?
Answer: गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर का स्वास्थ्य उस समय निरंतर गिर रहा था और वे अत्यधिक दुर्बल हो चुके थे। उन्हें पूर्ण शारीरिक और मानसिक शांति की दरकार थी। शांतिनिकेतन में निरंतर आने वाले देशी-विदेशी आगंतुकों, साहित्य-प्रेमियों और प्रशंसकों के ताँते के कारण वे एकांत प्राप्त नहीं कर पा रहे थे। इसी निरंतर भागदौड़ से दूर रहकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने और सृजन हेतु शांत वातावरण पाने के लिए उन्होंने निकट ही स्थित श्रीनिकेतन के शांत तिमंजिले भवन में रहने का विचार बनाया।
In simple words: कमजोर स्वास्थ्य और मिलने-जुलने वालों की भीड़ से बचकर शांति से विश्राम करने के लिए गुरुदेव दूसरी जगह चले गए थे।

Exam Tip: उत्तर में 'शारीरिक अस्वस्थता' तथा 'प्रशंसकों की भीड़ से दूर एकांत की आवश्यकता' दोनों पक्षों को शामिल करें।

 

Question (ङ). सुभद्रा कुमारी चौहान ने महादेवी वर्मा की काव्य प्रतिभा को निखारने में किस प्रकार योगदान दिया?
Answer: प्रयाग के क्रास्थवेट गर्ल्स कॉलेज के छात्रावास में सुभद्रा कुमारी चौहान महादेवी जी की वरिष्ठ सहपाठी थीं और तब तक एक प्रतिष्ठित कवयित्री के रूप में अपनी पहचान बना चुकी थीं। जब उन्हें महादेवी जी की तुकबंदी करने की गुप्त रुचि का पता चला, तो उन्होंने उनका संकोच और झिझक मिटाकर पूरे छात्रावास में उनकी काव्य-प्रतिभा को उद्घाटित किया। वे दोनों मिलकर छंद रचतीं, पत्रिकाओं में रचनाएँ भेजतीं और कवि सम्मेलनों में साथ भाग लेती थीं। सुभद्रा जी के इसी आत्मीय प्रोत्साहन ने महादेवी वर्मा के कवित्व को पुष्पित और पल्लवित किया।
In simple words: सुभद्रा जी ने महादेवी जी का संकोच खत्म कराया, उन्हें कविताएँ रचने की प्रेरणा दी और मंच पर साथ ले जाकर उनकी प्रतिभा को उभारा।

Exam Tip: छात्रावास में संकोच दूर करने, निरंतर प्रेरणा देने और कवि-सम्मेलनों में साथ जाने का उल्लेख अनिवार्य रूप से करें।

 

प्र03. निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर उसके प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में लिखिए।

हंसमुख हरियाली हिम- आतप
सुख से अलसाए-से सोए,
भीगी अंधियाली में निशि की
तारक स्वप्नों में-से खोए
मरकत डिब्बे सा खुला ग्राम
जिस पर नीलम नभ आच्छादन
निरुपम हिमांत में स्निग्ध शांत
निज शोभा से हरता जन मन।

 

Question 1. कवि ने हरियाली को हंसमुख क्यों कहा है?
Answer: शीत ऋतु की मंद-मंद सुनहरी धूप जब खेतों में फैली हरी-भरी फसलों पर पड़ती है, तो ओस की बूँदों और पत्तियों के मिलन से एक दिव्य आभा फूट पड़ती है। यह मनोरम दृश्य ऐसा जान पड़ता है मानो समस्त प्रकृति हर्षित होकर मुस्कान बिखेर रही हो। इसी उल्लासपूर्ण और चमकीले सौंदर्य के कारण कवि ने हरियाली को 'हंसमुख' की संज्ञा दी है।
In simple words: सर्दियों की गुनगुनी धूप में चमकती हरी फसलें मुस्कुराती हुई प्रतीत होती हैं, इसलिए कवि ने उन्हें हंसमुख कहा है।

Exam Tip: 'गुनगुनी धूप का फसलों पर बिखरना' और 'प्रकृति का प्रफुल्लित रूप' शब्दों का प्रयोग करें।

 

Question 2. अंधेरी रात में तारे कैसे नजर आते हैं?
Answer: ओस की बूँदों से तरबतर शांत रात्रि के अंधकार में आकाश में टिमटिमाते हुए नक्षत्र ऐसे प्रतीत होते हैं मानो वे किसी अलौकिक स्वप्नलोक की गहराई में खोए हुए हों। उनकी शांत चमक वातावरण में एक रहस्यमयी और स्वप्निल सौंदर्य की सृष्टि करती है।
In simple words: रात की ओस भरी ठंडक में तारे ऐसे दिखते हैं जैसे वे मीठे सपनों में डूबे हुए हों।

Exam Tip: 'तारक स्वप्नों में-से खोए' पंक्ति के लाक्षणिक अर्थ को संक्षेप में स्पष्ट करें।

 

Question 3. लोगों के मन को कौन हर रहा है?
Answer: शिशिर ऋतु के समापन पर गाँव का अत्यंत स्निग्ध, नीरव और अनुपम प्राकृतिक परिवेश अपनी असीम आभा और सौम्यता से प्रत्येक दर्शक के चित्त को मुग्ध और आकर्षित कर रहा है।
In simple words: गाँव की चारों ओर फैली हरियाली और शांत प्राकृतिक सुंदरता सभी लोगों का दिल जीत रही है।

Exam Tip: काव्यांश की अंतिम पंक्ति 'निज शोभा से हरता जन मन' के आधार पर गाँव के प्राकृतिक वैभव का उल्लेख करें।

 

Question 4. कवि ने मरकत के डिब्बे से गाँव की तुलना क्यों की है?
Answer: 'मरकत' (पन्ना) एक अत्यंत मूल्यवान हरा रत्न होता है। गाँव के खेतों में फैली लहलहाती हरी फसलें और वनस्पति पन्ने के समान गहरे हरे रंग में चमक रही हैं, जिस पर ऊपर से फैला नीला आसमान किसी आच्छादित ढक्कन जैसा प्रतीत होता है। इस अनुपम हरियाली और खुलेपन के कारण ही कवि ने पूरे गाँव की तुलना पन्नों से भरे खुले रत्न-पात्र से की है।
In simple words: गाँव की हरी-भरी फसलें पन्ने के हरे रत्न जैसी चमकती हैं और नीला आकाश उसके ढक्कन जैसा लगता है, इसलिए यह तुलना की गई है।

Exam Tip: 'मरकत' का शाब्दिक अर्थ (पन्ना/हरा रत्न) बताते हुए हरियाली और नीले आकाश के सामंजस्य को रेखांकित करें।

 

Question 5. 'हिमांत' शब्द किस मौसम की ओर संकेत कर रहा है?
Answer: 'हिमांत' शब्द हिम अर्थात शीतकाल की समाप्ति और बसंत ऋतु के आगमन के संधिकाल की ओर संकेत करता है, जब हाड़ कँपाने वाली ठंड विदा ले रही होती है और मौसम में एक मनभावन गर्माहट घुलने लगती है।
In simple words: 'हिमांत' का आशय जाड़े के मौसम का खत्म होना और बसंत की सुहावनी शुरुआत होना है।

Exam Tip: संधि-विच्छेद 'हिम + अंत' के आधार पर जाड़े की विदाई का काल स्पष्ट करें।

 

प्र04. निम्नलिखित प्रश्नों के संक्षेप में उत्तर दीजिए।

 

Question 1. 'यमराज की दिशा' कविता के आधार पर लिखिए कि आज हर दिशा दक्षिण दिशा क्यों हो गई है?
Answer: पारंपरिक लोक-विश्वास के अनुसार केवल दक्षिण दिशा को ही मृत्यु के देवता यमराज का वास माना जाता था। किंतु वर्तमान पूँजीवादी और उपभोक्तावादी दौर में शोषण, क्रूरता, हथियारों की होड़ और अमानवीय हिंसा का साम्राज्य किसी एक भौगोलिक दिशा तक सीमित नहीं रहा। आज हर ओर आम जनता के जीवन और श्रम को चूसने वाली संहारक शक्तियाँ पैर पसार चुकी हैं। जिधर भी मनुष्य देखता है, वहीं विनाश की विभीषिका मुँह बाए खड़ी है, इसलिए कवि ने आज प्रत्येक दिशा को दक्षिण दिशा निरूपित किया है।
In simple words: आज दुनिया में हर तरफ हिंसा, भ्रष्टाचार और शोषण का खतरा फैल चुका है, जिससे हर दिशा मौत और विनाश की दिशा बन गई है।

Exam Tip: 'पूँजीवादी शोषण', 'हिंसा का सार्वभौमिक प्रसार' और 'असुरक्षा की भावना' को उत्तर का मूल आधार बनाएँ।

 

Question 2. मेघ रूपी मेहमान के आने से वातावरण में क्या परिवर्तन हुए?
Answer: मेघ रूपी सजे-धजे दामाद के आगमन पर संपूर्ण ग्रामीण प्रकृति में उल्लास और स्फूर्ति की लहर दौड़ गई। शीतल और तीव्र बयार नाचते-गाते बहने लगी जिससे घरों के कपाट व खिड़कियाँ खुलने लगे। धूल अपनी घाघरा समेटे भागी और आँगन के बूढ़े पीपल ने झुककर पाहुन को जोहार किया। नदी ठिठककर घूँघट की ओट से देखने लगी, लताएँ किवाड़ के पीछे लजाकर छिप गईं और अंततः क्षितिज पर बिजली चमकने के साथ ही मूसलाधार अमृत वर्षा से धरती तृप्त हो गई।
In simple words: बादलों के आते ही ठंडी हवाएँ चलने लगीं, पेड़ झुककर स्वागत करने लगे और तेज बारिश से सारा वातावरण खिल उठा।

Exam Tip: प्रकृति के मानवीकरण (हवा का नाचना, पीपल का झुकना, नदी का ठिठकना) के प्रमुख प्रतीकों का उल्लेख करें।

 

Question 3. बच्चों का काम पर जाना धरती के एक बड़े हादसे के समान क्यों है ?
Answer: शैशवावस्था और किशोरावस्था खेलकूद, ज्ञानार्जन, कल्पनाशीलता और स्वाभाविक मानसिक विकास का स्वर्णिम समय होता है। जब सामाजिक और आर्थिक विषमता के कारण मासूम बच्चों से उनकी गेंदें, रंगीन पुस्तकें और पाठशालाएँ छीनकर उन्हें रोजी-रोटी कमाने के लिए मजदूरी के भयंकर चक्रव्यूह में धकेल दिया जाता है, तो यह केवल उन बच्चों का नहीं बल्कि समूची मानवता के भविष्य का विनाश है। यह समाज की संवेदनहीनता और नैतिक पराजय को दर्शाता है, इसलिए कवि ने इसे धरती का सबसे बड़ा हादसा निरूपित किया है।
In simple words: खेलने-पढ़ने की उम्र में बच्चों का मजदूरी करना पूरी मानव जाति और आने वाले कल के लिए एक बहुत बड़ी त्रासदी है।

Exam Tip: 'बचपन के मौलिक अधिकारों का हनन' और 'समाज के भविष्य का अंधकारमय होना' जैसे सशक्त तर्कों को प्रस्तुत करें।

 

Question 5. 'रीढ़ की हड्डी' एकांकी के शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए।
अथवा
'गरीब आदमी का श्मशान नहीं उजड़ना चाहिए।' 'माटी वाली' कहानी के आधार पर इस कथन का आशय स्पष्ट कीजिए।

Answer: 'रीढ़ की हड्डी' एकांकी के शीर्षक की सार्थकता:
जगदीशचंद्र माथुर द्वारा रचित इस एकांकी का शीर्षक अत्यंत सटीक, प्रतीकात्मक और सोद्देश्य है। जिस प्रकार शारीरिक दृष्टि से रीढ़ की हड्डी मनुष्य को सीधा, संतुलित और समर्थ खड़ा रखती है, उसी प्रकार सामाजिक जीवन में यह स्वाभिमान, स्वतंत्र चिंतन और नैतिक चरित्र का प्रतीक है। एकांकी में यह व्यंग्य दोहरा प्रभाव छोड़ता है। एक ओर जहाँ विवाह का आकांक्षी युवक शंकर शारीरिक रूप से झुककर चलने वाला और दुर्बल रीढ़ वाला है, वहीं दूसरी ओर उसका नैतिक व चारित्रिक स्तर भी रीढ़विहीन है; उसका अपना कोई स्वतंत्र व्यक्तित्व नहीं है और वह अपने पिता की दकियानूसी सोच का पिछलग्गू मात्र है। इसके विपरीत उमा अपने स्वाभिमान, शिक्षा और नैतिक दृढ़ता से उस खोखले पुरुषवादी अहंकार को परास्त करती है। अतः समाज को नैतिक दृढ़ता का संदेश देने वाला यह शीर्षक सर्वथा सार्थक है।

अथवा

'गरीब आदमी का श्मशान नहीं उजड़ना चाहिए' का आशय:
यह मर्मभेदी कथन विद्यासागर नौटियाल की कहानी 'माटी वाली' से संबंधित है, जो विस्थापन की क्रूर त्रासदी को उद्घाटित करता है। टिहरी बाँध के निर्माण के कारण जब पुराने टिहरी नगर और परिधि के गाँवों को जलमग्न किया जा रहा था, तब विस्थापन का सबसे घातक प्रहार माटी वाली जैसी साधनहीन, भूमिहीन वृद्धा पर पड़ा। उसके पास न कोई अपनी भूमि थी और न ही पुनर्वास का कोई कानूनी प्रमाण। जिस दिन बाँध का गंदा पानी नगर में भरता है, उसी दिन उसके वृद्ध पति का देहावसान हो जाता है। जब नगर के दोनों श्मशान घाट भी जलमग्न हो जाते हैं, तब वृद्धा की यह वेदना फूट पड़ती है। इसका सीधा आशय यह है कि जीवित रहते तो अभावग्रस्त गरीब को कभी छत, भोजन और गरिमापूर्ण जीवन नहीं मिलता, किंतु कम से कम मरणोपरांत उसके दाह-संस्कार के लिए श्मशान की दो गज भूमि तो नहीं छीनी जानी चाहिए। यह कथन विकास की उस अंधी नीति पर कड़ा प्रहार है जो निर्धनों से अंतिम संस्कार तक का अधिकार छीन लेती है।
In simple words: 'रीढ़ की हड्डी' जहाँ स्वाभिमान और चरित्र की मजबूती का प्रतीक है, वहीं 'माटी वाली' का कथन बाँध बनने से गरीबों के श्मशान तक डूब जाने का अमानवीय दर्द दिखाता है।

Exam Tip: दोनों में से किसी एक विकल्प का चुनाव कर उसके मूल कथ्य और सामाजिक संदेश को विस्तार से लिखें।

 

Question 6. प्रातः कालीन भ्रमण के लाभ बताते हुए अपनी छोटी बहन को पत्र लिखिए।
अथवा
आपके क्षेत्र में सफाई कर्मचारी ठीक तरह से काम नहीं कर रहे हैं। अपने क्षेत्र में गंदगी एवं बीमारी फैलाने की सूचना देते हुए नगर–निगम के स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र लिखिए।

Answer: विकल्प 1: छोटी बहन को अनौपचारिक पत्र
परीक्षा भवन,
बोकारो इस्पात नगर, झारखंड
दिनांक: 15 अक्टूबर 2024

प्रिय अनुजा साक्षी,
सस्नेह शुभाशीष।

हम सभी यहाँ कुशलपूर्वक हैं और आशा करते हैं कि तुम भी सानंद होगी। मुझे माता जी के पत्र से ज्ञात हुआ कि तुम देर तक सोती रहती हो और प्रातः काल सैर पर नहीं जाती, जिसके कारण तुम अक्सर सुस्त और थकी हुई महसूस करती हो।

प्रिय बहन, प्रातः कालीन भ्रमण स्वास्थ्य की सर्वोत्तम औषधि है। सुबह की ताजी और शुद्ध वायु शरीर में नई ऊर्जा और स्फूर्ति का संचार करती है। हरियाली के बीच टहलने से आँखों की ज्योति बढ़ती है, फेफड़े स्वस्थ रहते हैं और दिन भर मन में एकाग्रता बनी रहती है। 'स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है।'

मुझे पूर्ण विश्वास है कि तुम कल से ही प्रातः जल्दी उठकर कम से कम आधा घंटा सैर करने का नियम बनाओगी। अपने अध्ययन और खान-पान का भी ध्यान रखना।

तुम्हारा अग्रज,
अमित

अथवा

विकल्प 2: स्वास्थ्य अधिकारी को शिकायती औपचारिक पत्र
सेवा में,
स्वास्थ्य अधिकारी,
नगर निगम, बोकारो इस्पात नगर,
झारखंड।

दिनांक: 15 अक्टूबर 2024

विषय: क्षेत्र में नियमित सफाई न होने तथा गंदगी व बीमारी फैलने की आशंका के संबंध में।

महोदय,

मैं आपका ध्यान सेक्टर-4, बोकारो के आवासीय क्षेत्र में व्याप्त भयंकर गंदगी और अव्यवस्था की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ। हमारे क्षेत्र में पिछले तीन सप्ताह से सफाई कर्मचारी नियमित रूप से नहीं आ रहे हैं।

सड़कों के किनारों और नालियों के मुहाने पर कूड़े-करकट के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं। नालियाँ जाम होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे उठने वाली सड़ांध और दुर्गंध ने निवासियों का जीना दूभर कर दिया है। इस सड़े हुए पानी और गंदगी पर बड़ी संख्या में मच्छर और मक्खियाँ पनप रही हैं, जिससे क्षेत्र में डेंगू, मलेरिया और हैजा जैसी घातक बीमारियाँ फैलने की प्रबल आशंका उत्पन्न हो गई है। कई बच्चे पहले ही मौसमी बुखार की चपेट में आ चुके हैं।

अतः आपसे करबद्ध प्रार्थना है कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हमारे क्षेत्र में तत्काल अतिरिक्त सफाईकर्मियों को भेजकर कूड़ा उठवाने तथा कीटनाशक दवाओं और फॉगिंग का छिड़काव कराने की कृपा करें।

सधन्यवाद।

भवदीय,
राहुल शर्मा
(तथा समस्त क्षेत्रवासी, सेक्टर-4)
In simple words: पत्र के प्रारूप में प्रेषक का पता, दिनांक, विषय, संबोधन और मुख्य समस्या का क्रमबद्ध विवरण अनिवार्य है।

Exam Tip: औपचारिक पत्र में विषय संक्षिप्त व स्पष्ट रखें तथा अनौपचारिक पत्र में आत्मीय भाषा का प्रयोग करें।

 

Question 7. नीचे दिए गए संकेतों–बिन्दुओं के आधार पर निबंध लिखिए।
'इंटरनेट –सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में प्रगति'
संकेत
प्रस्तावना, इंटरनेट का आरंभ, इंटरनेट के मुख्य भाग, उपयोग, हानियाँ, निष्कर्ष।
अथवा
'नैतिक मूल्यों के उत्थान में शिक्षक की भूमिका'
प्रस्तावना, नैतिक मूल्यों में गिरावट, शिक्षा का उद्देश्य, शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका, निष्कर्ष।

Answer: निबंध 1: इंटरनेट - सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में प्रगति

1. प्रस्तावना: इक्कीसवीं सदी सूचना प्रौद्योगिकी और ज्ञान-क्रांति का युग है। इस अद्भुत क्रांति की धुरी 'इंटरनेट' है, जिसने पूरी दुनिया को एक सूत्र में पिरोकर एक 'वैश्विक ग्राम' में बदल दिया है। आज जीवन का कोई भी कोना इंटरनेट के प्रभाव से अछूता नहीं है।

2. इंटरनेट का आरंभ: इंटरनेट की शुरुआत शीतयुद्ध के दौरान सन् 1969 में अमेरिकी रक्षा विभाग द्वारा 'अरपानेट' (ARPANET) के रूप में हुई थी, जिसका उद्देश्य विषम परिस्थितियों में गुप्त सैन्य सूचनाओं का आदान-प्रदान करना था। बाद में 1990 के दशक में 'वर्ल्ड वाइड वेब' (WWW) के विकास ने इसे सार्वजनिक बना दिया। भारत में इसका विधिवत सार्वजनिक शुभारंभ 15 अगस्त 1995 को विदेश संचार निगम लिमिटेड द्वारा किया गया।

3. इंटरनेट के मुख्य भाग: इंटरनेट सूचना का एक विशाल जाल है, जिसके प्रमुख घटकों में वर्ल्ड वाइड वेब, सर्च इंजन, ई-मेल, क्लाउड सर्वर, ब्राउज़र और तीव्र गति के ऑप्टिकल फाइबर केबल्स शामिल हैं, जो डेटा को पलक झपकते ही एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाते हैं।

4. उपयोग: आधुनिक युग में शिक्षा, व्यापार, चिकित्सा और मनोरंजन के क्षेत्र में इंटरनेट रीढ़ बन चुका है। ऑनलाइन कक्षाओं और ई-पुस्तकालयों से ज्ञान घर-घर पहुँच गया है। ई-कॉमर्स और नेट बैंकिंग ने बाजार को मोबाइल की स्क्रीन पर समेट दिया है। प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता लाने में भी इंटरनेट की भूमिका अतुलनीय है।

5. हानियाँ: अत्यधिक निर्भरता के कारण साइबर अपराध, व्यक्तिगत जानकारियों की चोरी, ऑनलाइन धोखाधड़ी और अश्लीलता का खतरा बढ़ा है। युवाओं में सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग की लत उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को क्षीण कर रही है।

6. निष्कर्ष: इंटरनेट आधुनिक विज्ञान का अप्रतिम वरदान है। यह एक ऐसा सशक्त उपकरण है जिसका विवेकपूर्ण और संयमित उपयोग मानव सभ्यता को प्रगति के शिखर पर ले जा सकता है, जबकि इसका दुरुपयोग विनाश का कारण बन सकता है।

अथवा

निबंध 2: नैतिक मूल्यों के उत्थान में शिक्षक की भूमिका

1. प्रस्तावना: भारतीय सनातन संस्कृति में शिक्षक को 'गुरु' मानकर ईश्वर से भी उच्च दर्जा दिया गया है। शिक्षक वह कुंभकार है जो अबोध बालकों के कच्चे व्यक्तित्व को तराशकर एक सुसंस्कृत नागरिक में रूपांतरित करता है।

2. नैतिक मूल्यों में गिरावट: आज का समाज भौतिकता की अंधी दौड़ में फँसकर मानवीय संवेदनाओं, ईमानदारी, बड़ों के आदर, परोपकार और सत्यनिष्ठा जैसे शाश्वत मूल्यों को भूलता जा रहा है। स्वार्थपरता, भ्रष्टाचार और असहिष्णुता का बढ़ता प्रसार सामाजिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न कर रहा है।

3. शिक्षा का उद्देश्य: शिक्षा का वास्तविक लक्ष्य केवल अक्षरों का ज्ञान देना या आजीविका कमाने का साधन जुटाना नहीं है। शिक्षा का सच्चा ध्येय मनुष्य का सर्वांगीण विकास और चरित्र-निर्माण करना है, जिससे वह समाज के कल्याण में सहभागी बन सके।

4. शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका: शिक्षक केवल पाठ्यक्रम का ज्ञाता नहीं होता, बल्कि वह अपने आचरण से विद्यार्थियों को प्रेरित करता है। कक्षा में समानता का व्यवहार करके वह बंधुत्व का पाठ पढ़ाता है। इतिहास और साहित्य के मानवीय प्रसंगों के माध्यम से वह बालकों के कोमल मन में दया, करुणा, सत्य और राष्ट्रप्रेम का बीजारोपण करता है। जब भी विद्यार्थी दिग्भ्रमित होते हैं, शिक्षक एक कुशल मार्गदर्शक बनकर उन्हें सन्मार्ग दिखाता है।

5. निष्कर्ष: किसी भी राष्ट्र का वास्तविक भाग्य उसकी कक्षाओं में गढ़ा जाता है और उस भाग्य का विधाता शिक्षक ही होता है। यदि शिक्षक निष्ठापूर्वक अपने कर्तव्य का निर्वहन करे, तो समाज में नैतिक मूल्यों का पुनरुत्थान अवश्यंभावी है।
In simple words: दिए गए संकेत-बिंदुओं के आधार पर क्रमबद्ध और शुद्ध भाषा में विचार व्यक्त करना ही सफल निबंध लेखन की पहचान है।

Exam Tip: निबंध में सभी संकेत-बिंदुओं को हेडिंग बनाकर प्रत्येक के अंतर्गत 4-5 सुगठित वाक्य लिखें।

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