CBSE Class 9 Hindi Revision Worksheet Set 08

Official Class 9 Hindi Worksheets: All Chapters

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Solved Practice Worksheets for Hindi

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स्पर्श भाग - 1

 

Question 1. कौन सा आघात अप्रत्याशित था और उसका लेखक पर क्या प्रभाव पड़ा ?
Answer: तीसरे दिन सवेरे जब अतिथि ने अचानक अपने गंदे कपड़े धोबी को देने की इच्छा जताई, तो यह लेखक के लिए पूरी तरह अप्रत्याशित आघात था। लेखक मान रहे थे कि अतिथि अब प्रस्थान की तैयारी करेगा, किंतु कपड़े धुलवाने की बात से साफ हो गया कि वह अभी कई दिन और रुकने वाला है। इस घटना से लेखक का मन काँप उठा, उनका पारिवारिक बजट डगमगा गया और उनका आतिथ्य-भाव समाप्त होने लगा।
In simple words: मेहमान का अचानक कपड़े धोने के लिए देना लेखक के लिए बहुत बड़ा झटका था, क्योंकि इससे पता चला कि वह अभी जाने वाला नहीं है।

Exam Tip: उत्तर में 'धोबी को कपड़े देना' और 'अतिथि के और अधिक दिन ठहरने की आशंका' का स्पष्ट उल्लेख करें।

 

Question 2. जब अतिथि चार दिनों तक नहीं गया तो लेखक के व्यवहार में क्या-क्या परिवर्तन आए ?
Answer: चार दिन बीत जाने पर लेखक के व्यवहार की सहज आत्मीयता पूरी तरह खत्म हो गई। उनके चेहरे की कृत्रिम मुस्कान लुप्त हो गई और बातचीत के सभी विषय समाप्त हो जाने से दोनों के मध्य असहज मौन छा गया। दोपहर और रात के शानदार भोजन का स्थान सामान्य खिचड़ी ने ले लिया। लेखक का मन अब अतिथि के प्रति कटुता और आक्रोश से भर उठा था तथा वे मन ही मन उसके तुरंत चले जाने की प्रार्थना करने लगे।
In simple words: चार दिन बाद लेखक की मुस्कान गायब हो गई, बातचीत बंद हो गई और अच्छे भोजन की जगह सादी खिचड़ी बनने लगी।

Exam Tip: लेखक के बदले हुए व्यवहार (मुस्कान का गायब होना, बातचीत का बंद होना और खिचड़ी तक आना) को बिंदुवार प्रस्तुत करें।

 

Question 3. रामन के प्रारंभिक शोध कार्यों को आधुनिक हठयोग क्यों कहा गया है ?
Answer: सी. वी. रामन के आरंभिक अनुसंधानों को आधुनिक हठयोग इसलिए माना गया है क्योंकि उस समय उनके पास शोध कार्य के लिए आधुनिक उपकरण, उन्नत प्रयोगशाला और पर्याप्त वित्तीय साधन उपलब्ध नहीं थे। इसके उपरांत भी, वे सरकारी सेवा में वित्त विभाग का भारी उत्तरदायित्व संभालते हुए सुबह-शाम कलकत्ता की एक अत्यंत साधारण प्रयोगशाला में बिना किसी बाहरी सहायता के अपनी आंतरिक लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर शोध में जुटे रहे।
In simple words: रामन जी के पास पर्याप्त उपकरण और सुविधाएँ नहीं थीं, फिर भी उन्होंने अपनी लगन और कठोर मेहनत से विज्ञान के क्षेत्र में महान शोध किए।

Exam Tip: हठयोग का संबंध उनकी अटूट लगन, साधनों की कमी और विषम परिस्थितियों में निरंतर काम करने से जोड़कर दिखाएँ।

 

Question 4. रामन की खोज 'रामन प्रभाव' क्या है ? स्पष्ट कीजिए ।
Answer: 'रामन प्रभाव' के अनुसार, जब एकवर्णीय प्रकाश की किरण किसी पारदर्शक माध्यम (ठोस, द्रव या गैस) से होकर गुजरती है, तो माध्यम के अणुओं के साथ उसकी अंतःक्रिया के परिणामस्वरूप प्रकीर्णित प्रकाश की तरंगदैर्घ्य में परिवर्तन आ जाता है। आपतित प्रकाश की तुलना में इस प्रकीर्णित प्रकाश की ऊर्जा और रंग बदल जाते हैं। यह खोज विभिन्न पदार्थों की आणविक और परमाणविक संरचना का विश्लेषण करने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुई।
In simple words: जब किसी एक रंग का प्रकाश किसी पारदर्शी वस्तु से निकलता है, तो उसके कणों से टकराकर उस प्रकाश का रंग और ऊर्जा बदल जाती है।

Exam Tip: परिभाषा में 'एकवर्णीय प्रकाश', 'पारदर्शक माध्यम' और 'तरंगदैर्घ्य (वेवलेंथ) में बदलाव' शब्दों को अवश्य रेखांकित करें।

 

Question 5. कीचड़ का रंग किन-किन लोगों को खुश करता है ?
Answer: कीचड़ का मटमैला और शांत रंग कला के पारखियों, चित्रकारों, मूर्तिकारों तथा फोटोग्राफरों को अत्यधिक भाता है। इसके साथ ही, मिट्टी के सजीले बर्तनों, घरों की कच्ची दीवारों, ऐतिहासिक पुस्तकों के आवरणों और ऊनी वस्त्रों में इस रंग की छटा देखने वाले सभी लोगों को यह रंग विशेष रूप से आकर्षित और प्रसन्न करता है।
In simple words: कला के जानकारों, चित्रकारों, मूर्तिकारों और फोटोग्राफरों को कीचड़ का हल्का भूरा रंग बेहद पसंद आता है।

Exam Tip: पाठ के अनुसार कला मर्मज्ञों, फोटोग्राफरों और पुस्तक-प्रेमियों का उल्लेख सही वर्तनी के साथ करें।

 

Question 6. कवियों की धारणा को लेखक ने युक्ति शून्य क्यों कहा है ?
Answer: लेखक ने कवियों की सोच को युक्ति-शून्य (तर्कहीन) इसलिए कहा है क्योंकि वे कीचड़ में उत्पन्न होने वाले सुंदर कमल और पंकज की तो भरपूर स्तुति करते हैं, किंतु जिस कीचड़ से उसका जीवन और अस्तित्व संभव हुआ है, उसी से घृणा करते हैं। कारण को अस्वीकार करके केवल उसके परिणाम से प्रेम करना एक खोखली और विरोधाभासी प्रवृत्ति है।
In simple words: कवि कीचड़ में खिले फूल से तो प्यार करते हैं लेकिन कीचड़ को गंदा मानकर नकार देते हैं, इसलिए लेखक इसे तर्कहीन कहते हैं।

Exam Tip: कार्य (कमल) और कारण (कीचड़) के द्वंद्व को स्पष्ट करते हुए कवियों के पूर्वाग्रह को रेखांकित करें।

 

Question 7. लेखक की दृष्टि में धर्म की भावना कैसी होनी चाहिए ?
Answer: लेखक के अनुसार धर्म का वास्तविक स्वरूप किसी संप्रदाय के बाह्य कर्मकांड, पाखंड या पूजा-पाठ के ढकोसलों में नहीं, अपितु मनुष्य के शुद्ध आचरण, उच्च चरित्र और मानवीय संवेदनाओं में निहित होना चाहिए। धर्म व्यक्ति को आत्मिक स्वतंत्रता दे, ताकि वह अपने अंतःकरण से ईश्वर का अनुभव कर सके और दूसरों के कल्याण तथा समाज की भलाई के लिए निष्काम भाव से कार्य करे।
In simple words: सच्चा धर्म किसी दिखावे या पूजा-पाठ में नहीं, बल्कि अच्छे आचरण, ईमानदारी और दूसरों की भलाई करने में होना चाहिए।

Exam Tip: उत्तर में 'सदाचार', 'मानवता' और 'शुद्ध आचरण' को धर्म का मूल तत्व बताते हुए प्रस्तुत करें।

 

Question 8. 'बुद्धि की मार' के संबंध में लेखक के क्या विचार हैं ?
Answer: 'बुद्धि की मार' के विषय में लेखक का विचार है कि पाश्चात्य देशों में जहाँ धनी लोग निर्धनों को धन के बल पर अपना दास बनाते हैं, वहीं हमारे समाज में चालाक वर्ग धर्म और ईश्वर की आड़ लेकर जनसाधारण की बुद्धि को पंगु बना देता है। लोगों की सोचने-समझने की शक्ति पर अंधविश्वास का आवरण डालकर उनसे धर्म के नाम पर परस्पर दंगे और संघर्ष करवाए जाते हैं, जिससे स्वार्थी तत्व अपनी स्वार्थ सिद्धि कर सकें।
In simple words: जब चालाक लोग धर्म के नाम पर आम जनता को गुमराह करके आपस में लड़ाते हैं, उसे लेखक बुद्धि की मार कहते हैं।

Exam Tip: पाश्चात्य देशों की 'धन की मार' और भारत में 'बुद्धि पर पर्दा डालने' के अंतर को अवश्य स्पष्ट करें।

 

Question 9. गाँधी जी ने महादेव को अपना वारिस कब कहा ?
Answer: सन् 1917 में बिहार के चंपारण सत्याग्रह के दौरान जब महादेव भाई देसाई गांधी जी के संपर्क में आए, तब गांधी जी ने उनकी सूक्ष्म बुद्धि, अद्वितीय कार्यक्षमता और पूर्ण समर्पण भाव को गहराई से परखा। उनकी निष्ठा और कार्यशैली से अत्यंत प्रभावित होकर बापू ने उन्हें अपने पुत्र समान मानकर सार्वजनिक रूप से अपना सच्चा वारिस घोषित किया था।
In simple words: चंपारण आंदोलन के दौरान महादेव भाई की लगन और ईमानदारी को देखकर गांधी जी ने उन्हें अपना वारिस कहा था।

Exam Tip: उत्तर में 'सन् 1917' और 'चंपारण सत्याग्रह' का उल्लेख करना आवश्यक है।

 

Question 10. महादेव भाई की साहित्यिक देन क्या है ?
Answer: महादेव भाई देसाई ने गांधी जी की विश्वप्रसिद्ध आत्मकथा 'सत्य के प्रयोग' का गुजराती से अंग्रेजी में अत्यंत प्रामाणिक अनुवाद किया। उन्होंने शरतचंद्र की कृतियों का गुजराती में अनुवाद किया, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय समाचार पत्रों में उच्चस्तरीय राजनीतिक व सामाजिक टिप्पणियाँ लिखीं तथा बापू के दैनिक जीवन और विचारों को अपनी विस्तृत डायरियों में संजोया, जो स्वतंत्रता आंदोलन का अनमोल ऐतिहासिक दस्तावेज हैं।
In simple words: उन्होंने गांधी जी की आत्मकथा का अंग्रेजी में सुंदर अनुवाद किया और अपनी डायरियों व लेखों के जरिए साहित्य को समृद्ध किया।

Exam Tip: 'सत्य के प्रयोग' का अंग्रेजी अनुवाद और 'महादेव भाई की डायरी' को उनके प्रमुख साहित्यिक योगदान के रूप में लिखें।

 

पद भाग

 

Question 1. कविता 'एक फूल की चाह' का केन्द्रीय भाव स्पष्ट कीजिए ।
Answer: 'एक फूल की चाह' कविता का केंद्रीय भाव समाज में व्याप्त छूआछूत, ऊँच-नीच के जातिगत भेदभाव और धर्मांधता पर गहरा कुठाराघात करना है। यह कविता दर्शाती है कि कैसे तथाकथित सवर्ण वर्ग अपनी रूढ़िवादी मान्यताओं के चलते एक अछूत पिता को अपनी गंभीर रूप से बीमार बेटी की अंतिम मनोकामना (देवी का प्रसाद रूपी फूल) तक पूरी नहीं करने देता। यह रचना मानवीय करुणा को धार्मिक आडंबरों से कहीं श्रेष्ठ सिद्ध करती है।
In simple words: यह कविता जात-पात और छूआछूत की बुराई को दिखाती है, जिसके कारण एक पिता अपनी बीमार बच्ची की आखिरी इच्छा भी पूरी नहीं कर पाया।

Exam Tip: 'जातिगत भेदभाव का विरोध', 'मानवीय संवेदना' और 'धार्मिक पाखंड पर प्रहार' को प्रमुखता से लिखें।

 

Question 2. सुखिया के पिता को कौन सा आरोप लगा कर दंडित किया गया ?
Answer: सुखिया के पिता पर यह क्रूर और निराधार आरोप लगाया गया कि उसने निम्न जाति का होकर देवी के मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश किया और अपनी उपस्थिति से मंदिर की सदियों पुरानी शुचिता व पवित्रता को नष्ट कर दिया। इस कथित दोष के आधार पर मंदिर के भक्तों ने उसकी बेरहमी से पिटाई की और न्यायालय ने उसे सात दिनों के कारावास का दंड सुनाया।
In simple words: सुखिया के पिता पर अछूत होकर मंदिर को अपवित्र करने का झूठा आरोप लगाया गया और उसे सात दिन की जेल हुई।

Exam Tip: 'मंदिर को अपवित्र करने का आरोप' और 'सात दिन का कारावास' मुख्य तथ्य हैं, इन्हें रेखांकित करें।

 

Question 3. प्रकृति के साथ पशु-पक्षियों के संबंधों की व्याख्या कीजिए ।
Answer: 'गीत-अगीत' कविता में प्रकृति और जीव-जंतुओं के अंतर्संबंधों को अत्यंत सजीव व भावनात्मक रूप में चित्रित किया गया है। प्रभात की स्वर्णिम किरणें जब वृक्षों को छूती हैं, तो नर तोता (शुक) प्रफुल्लित होकर प्रकृति के सौंदर्य का गान करने लगता है। उधर घोंसले में अपने अंडों को सेती मादा तोती (शुकी) उस स्वर को सुनकर प्रेम के मौन उल्लास में डूब जाती है। इस प्रकार प्रकृति और पक्षियों का जीवन परस्पर एक-दूसरे की अनुभूतियों से जुड़ा हुआ है।
In simple words: प्रकृति की सुंदरता को देखकर तोता खुशी से गीत गाता है और मादा तोती उस खुशी को अपने दिल में महसूस करती है।

Exam Tip: शुक (तोता) के मुखर गान और शुकी के मौन अनुराग का उदाहरण देकर प्रकृति के साथ उनका सामंजस्य समझाएँ।

 

Question 4. 'सभी कुछ गीत है, अगीत कुछ नहीं होता। कुछ अगीत भी होता है क्या ? स्पष्ट कीजिए।'
Answer: कवि के अनुसार जो भावनाएँ शब्दों और सुरों के माध्यम से मुखर हो जाती हैं, वे 'गीत' कहलाती हैं, जबकि जो गहरी अनुभूतियाँ हृदय के भीतर बिना बोले मौन रूप में स्पंदित होती हैं, उन्हें 'अगीत' कहा जाता है। वास्तव में अगीत कुछ भी नहीं है, क्योंकि अनुभूति और संवेदनशीलता की दृष्टि से मौन भाव भी उतना ही सजीव और मधुर होता है जितना कि गाया हुआ गीत। भाव की गहराई दोनों में समान होती है।
In simple words: जो बोलकर गाया जाए वह गीत है और जो मन ही मन महसूस किया जाए वह अगीत है। दिल की खामोश भावनाएँ भी गीत जितनी ही सच्ची होती हैं।

Exam Tip: मुखर अभिव्यक्ति (गीत) और मौन आंतरिक अनुभूति (अगीत) की तुलना करते हुए दोनों को समान महत्व दें।

 

Question 5. कवि ने 'अग्नि पथ' किसके प्रतीक स्वरूप प्रयोग किया है ?
Answer: कवि ने 'अग्नि पथ' को मानव जीवन में पग-पग पर मिलने वाली बाधाओं, दुखों, कष्टों और निरंतर चलने वाले संघर्षों के प्रतीक रूप में प्रयुक्त किया है। यह प्रतीक यह व्यक्त करता है कि जीवन का पथ कोई फूलों की सेज नहीं, बल्कि अंगारों से भरा एक चुनौतीपूर्ण मार्ग है, जिस पर अडिग रहकर ही सफलता प्राप्त की जा सकती है।
In simple words: 'अग्नि पथ' जीवन की मुश्किलों, संकटों और लगातार मेहनत करने वाले कठिन रास्ते का प्रतीक है।

Exam Tip: उत्तर में 'जीवन का संघर्षमय मार्ग' और 'कठिनाइयों की अग्नि' जैसे प्रतीकात्मक भावों का उल्लेख करें।

 

Question 6. 'अग्नि-पथ' कविता का प्रतिपाद्य लिखिए ।
Answer: 'अग्नि-पथ' कविता का मूल प्रतिपाद्य मनुष्य को विपरीत परिस्थितियों में भी हार न मानने, कर्मपथ पर निरंतर आगे बढ़ने और बिना किसी सहारे की अपेक्षा किए स्वावलंबी बनने की प्रेरणा देना है। कवि का स्पष्ट संदेश है कि चाहे मार्ग में कितनी भी विपत्तियाँ आएँ, मनुष्य को न कभी थकना चाहिए, न रुकना चाहिए और न ही पीछे मुड़कर देखना चाहिए।
In simple words: इस कविता का संदेश है कि जीवन में चाहे कितनी भी मुश्किलें आएँ, हमें बिना रुके और बिना हिम्मत हारे लगातार आगे बढ़ना चाहिए।

Exam Tip: 'तू न थकेगा कभी, तू न रुकेगा कभी' के संकल्प और कर्मठता को उत्तर का मुख्य आधार बनाएँ।

 

Question 7. नए बसते इलाके में कवि रास्ता क्यों भूल जाता है ?
Answer: नए बसते इलाके में प्रतिदिन पुराने ढाँचे गिराए जा रहे हैं और उनके स्थान पर नई इमारतें, सड़कें और कॉलोनियाँ अत्यंत तीव्र गति से खड़ी हो रही हैं। इस अनवरत निर्माण के कारण कवि द्वारा राह याद रखने के लिए चुने गए पुराने पहचान-चिह्न (जैसे खाली भूखंड, पुराना पीपल का पेड़ या ढहा हुआ मकान) एकाएक मिट जाते हैं, जिससे कवि बार-बार भ्रमित होकर सही मार्ग भूल जाता है।
In simple words: नए इलाके में रोज नए मकान बन रहे हैं और पुराने निशान मिट जाते हैं, इसलिए कवि अपने घर का रास्ता भूल जाता है।

Exam Tip: 'अंधाधुंध निर्माण कार्य' और 'स्मृति-चिह्नों के मिटने' को मुख्य कारण के रूप में प्रस्तुत करें।

 

Question 8. कवि ने इस कविता में समय की कमी की ओर क्यों इशारा किया है ?
Answer: कवि ने समय के अभाव की ओर संकेत इसलिए किया है क्योंकि आधुनिक जीवन में परिवर्तन की रफ्तार इतनी तेज है कि पुरानी पहचान और संबंधों को सँभालने की मोहलत नहीं मिलती। क्षण भर की देरी से ही पूरा परिवेश बदल जाता है। अतः बदलते समय की गति के साथ तालमेल बिठाने और समय रहते अपने गंतव्य तक पहुँचने के लिए मनुष्य के पास समय बहुत सीमित है।
In simple words: दुनिया इतनी तेजी से बदल रही है कि पुरानी चीजें बहुत जल्दी गायब हो जाती हैं, इसलिए कवि ने कहा है कि हमारे पास समय कम है।

Exam Tip: आधुनिक जीवन की भागदौड़ और तेजी से बदलते परिवेश के संदर्भ को अपने उत्तर में स्पष्ट करें।

 

Question 9. जहाँ अगरबत्तियाँ बनती हैं वहाँ का माहौल कैसा होता है ?
Answer: जहाँ अगरबत्तियाँ तैयार की जाती हैं, वहाँ का परिवेश अत्यंत अस्वास्थ्यकर, घुटन भरा और नारकीय होता है। ये कारखाने तंग व अंधेरी गलियों में गंदे नालों और बदबूदार कूड़े के बड़े-बड़े ढेरों के बीच स्थित होते हैं। उस अत्यंत दुर्गंधयुक्त वातावरण में अगरबत्ती निर्माण में लगे गरीब मजदूर असहनीय परिस्थितियों में काम करने को विवश होते हैं।
In simple words: अगरबत्तियाँ बनाने वाली जगहें बहुत गंदी, बदबूदार और कूड़े-कचरे से भरी तंग गलियों में होती हैं।

Exam Tip: 'कूड़े के ढेर', 'गंदे नाले' और 'दुर्गंधयुक्त तंग गलियाँ' शब्दों का प्रयोग करके वास्तविक स्थिति का चित्रण करें।

 

Question 10. 'खुशबू रचते हैं हाथ' कविता को लिखने का मुख्य उद्देश्य क्या है ?
Answer: इस कविता का मुख्य ध्येय समाज की उस दर्दनाक विषमता और विडंबना को सामने लाना है, जिसमें संसार भर में सुगंध बाँटने वाले श्रमिक स्वयं अत्यंत मलिन, अभावग्रस्त और अमानवीय दशाओं में जीने को विवश हैं। कवि का उद्देश्य जनमानस और व्यवस्था का ध्यान इन उपेक्षित कामगारों के शोषण, गरीबी तथा उनके मूलभूत अधिकारों की रक्षा की ओर आकर्षित करना है।
In simple words: कवि यह बताना चाहते हैं कि दुनिया को महकाने वाले गरीब मजदूर खुद कितनी गंदगी और मजबूरी में जी रहे हैं, ताकि समाज उनकी मदद करे।

Exam Tip: 'सामाजिक विडंबना', 'श्रमिकों का शोषण' और 'खुशबू बनाम गंदगी का विरोधाभास' को उत्तर में प्रमुखता दें।

 

संचयन भाग - 1

 

Question 1. हार्ट अटैक के बाद अस्पताल से लौटने पर लेखक ने घर के किस हिस्से में लेटने की ज़िद की और क्यों ?
Answer: हृदयाघात के उपरांत अस्पताल से लौटने पर लेखक डॉ. धर्मवीर भारती ने अपने शयनकक्ष के बजाय अपने निजी पुस्तकालय (अध्ययन-कक्ष) में लेटने की दृढ़ जिद की। उनका मानना था कि जिन अनगिनत पुस्तकों ने जीवन भर उनके विचारों को गढ़ा और उन्हें आत्मिक संबल दिया, वे पुस्तकें केवल निर्जीव वस्तुएँ नहीं बल्कि उनके आत्मीय संगी-साथी हैं। उन प्रिय ग्रंथों के सान्निध्य में रहकर ही वे मानसिक शांति और नई जीवन-ऊर्जा प्राप्त कर सकते थे।
In simple words: लेखक ने अपने किताबों वाले कमरे में लेटने की जिद की, क्योंकि किताबों के बीच रहकर उन्हें सबसे ज्यादा शांति और जीने की ताकत मिलती थी।

Exam Tip: 'अध्ययन कक्ष (किताबों का कमरा)' और 'पुस्तकों से भावनात्मक व आत्मिक जुड़ाव' का उल्लेख अवश्य करें।

 

Question 2. स्वामी दयानंद की जीवनी लेखक को क्यों रोमांचित कर देती थी ?
Answer: स्वामी दयानंद सरस्वती की जीवनी लेखक को इसलिए रोमांचित करती थी क्योंकि उसमें समाज की कुरीतियों, अंधविश्वासों और धार्मिक पाखंडों के विरुद्ध एक संन्यासी के अद्वितीय साहस की कथा थी। शिवरात्रि के दिन चूहे को शिवलिंग पर प्रसाद खाते देखकर मूर्तिपूजा पर संदेह होना, सत्य की खोज में घर छोड़ देना और प्राणघातक हमलों के बावजूद अपने सिद्धांतों पर अडिग रहना लेखक के बालमन को अत्यधिक विस्मित और प्रेरित करता था।
In simple words: स्वामी दयानंद जी का अंधविश्वासों से लड़ना, घर छोड़ना और सच की राह पर अडिग रहना लेखक को बेहद रोमांचक और प्रेरणादायक लगता था।

Exam Tip: 'शिवरात्रि की घटना' और 'अंधविश्वासों के विरुद्ध संघर्ष' का संक्षेप में उल्लेख करें।

 

Question 3. लेखक ने हामिद खाँ को मालाबार की कौन-कौन सी खास बात बताई ?
Answer: लेखक ने हामिद खाँ को बताया कि उनके प्रदेश मालाबार में हिंदू और मुस्लिम समुदायों के मध्य परस्पर गहरा प्रेम, आदर और सद्भाव रहता है। वहाँ धर्म के नाम पर न कोई दंगे होते हैं और न ही कोई दुर्भावना पाई जाती है। हिंदू समाज के लोग भी बिना किसी झिझक के मुसलमानों के होटलों में भोजन और चाय ग्रहण करते हैं तथा भारत में पहली मस्जिद भी इसी क्षेत्र के कोडुंगल्लूर में स्थापित हुई थी।
In simple words: लेखक ने बताया कि मालाबार में हिंदू और मुसलमान बहुत प्रेम से साथ रहते हैं, वहाँ दंगे नहीं होते और सब मिल-जुलकर खाते-पीते हैं।

Exam Tip: 'सांप्रदायिक सौहार्द', 'दंगों का अभाव' और 'आपसी खान-पान का आदर' को उत्तर का मुख्य बिंदु बनाएँ।

 

Question 4. हामिद की दूकान तक पहुँचने में लेखक को किन-किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा ?
Answer: तक्षशिला के प्राचीन खंडहरों का भ्रमण करते समय लेखक को ज्येष्ठ मास की चिलचिलाती धूप और भीषण लू का सामना करना पड़ा। भूख और प्यास से उनका गला सूख रहा था। आस-पास कोई बाजार नहीं था, केवल वीरान सड़कें, धूल और खंडहर नजर आ रहे थे। काफी दूर तक भटकने और पूछताछ करने के बाद उन्हें एक साधारण ढाबे से उड़ता हुआ धुआँ और रोटियों की सोंधी सुगंध मिली, जिसके सहारे वे हामिद की दुकान तक पहुँचे।
In simple words: लेखक को तेज धूप, भूख-प्यास और सुनसान रास्तों पर भटकते हुए काफी मुश्किलों के बाद हामिद खाँ की दुकान मिली।

Exam Tip: 'कड़कड़ाती धूप', 'भूख-प्यास' और 'तक्षशिला के वीराने में भटकना' जैसे मुख्य बिंदुओं का समावेश करें।

 

Question 5. 'दिये जल उठे' पाठ के संदर्भ में बताइए कि स्वाधीनता संग्राम में दरबार लोगों का क्या योगदान रहा ?
Answer: 'दिये जल उठे' पाठ के अनुसार दरबार समुदाय के लोग रियासतदार और साधन-संपन्न वर्ग से संबंध रखते थे। स्वतंत्रता आंदोलन में महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरित होकर उन्होंने अपनी जमींदारी, विलासिता और ऐशो-आराम का स्वेच्छा से परित्याग कर दिया। वे स्वयं सत्याग्रह में कूदे और दांडी यात्रा के समय सत्याग्रहियों के आवास, भोजन तथा रात्रि में नदी पार कराने के लिए दीप प्रज्वलित करके अभूतपूर्व सहयोग दिया।
In simple words: दरबार लोगों ने देश की आजादी के लिए अपनी संपत्ति और सुख-सुविधाएँ त्याग दीं और गांधी जी की पदयात्रा में हर तरह से मदद की।

Exam Tip: 'विलासिता का त्याग' और 'सत्याग्रहियों के लिए प्रकाश व भोजन की व्यवस्था' का उल्लेख अवश्य करें।

 

Question 6. रास में गाँधी जी का भव्य स्वागत कैसे और क्यों हुआ ?
Answer: रास में सरदार वल्लभभाई पटेल की असमय गिरफ्तारी से जनमानस में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध तीव्र आक्रोश था और गांधी जी के प्रति अगाध श्रद्धा थी। जब गांधी जी रास पहुँचे, तो पूरे नगर की जनता ने सड़कों पर एकत्र होकर ढोल-नगाड़ों, पुष्पवर्षा और गगनभेदी जयकारों के साथ उनका भव्य स्वागत किया। यह स्वागत विदेशी हुकूमत को यह कड़ा संदेश देने के लिए था कि जनता दमनकारी नीतियों से डरने वाली नहीं है और आंदोलन के साथ पूरी शक्ति से खड़ी है।
In simple words: रास में सरदार पटेल की गिरफ्तारी से नाराज लोगों ने बापू के समर्थन में ढोल-नगाड़ों और फूलों से उनका जोरदार स्वागत किया।

Exam Tip: पटेल की गिरफ्तारी से उपजा जनाक्रोश और जनता की गांधी जी के प्रति निष्ठा दोनों पक्षों को स्पष्ट करें।

 

व्याकरण

 

Question 1. निम्नलिखित शब्दों का वर्ण-विच्छेद कीजिए -
अंग, चंचल, कृपा, और, रूप, शुद्ध, द्वारा, विद्यार्थी, हृदय, बाह्य, श्री, श्रृंगार, हँसना, त्रिफला, विवाह, मज़दूर

Answer:
(i) अंग = अ + ङ् + ग + अ
(ii) चंचल = च + अ + ञ् + च + अ + ल + अ
(iii) कृपा = क + ऋ + प + आ
(iv) और = औ + र + अ
(v) रूप = र + ऊ + प + अ
(vi) शुद्ध = श + उ + द् + ध + अ
(vii) द्वारा = द + व + आ + र + आ
(viii) विद्यार्थी = व + इ + द + य + आ + र + थ + ई
(ix) हृदय = ह + ऋ + द + अ + य + अ
(x) बाह्य = ब + आ + ह + य + अ
(xi) श्री = श + र + ई
(xii) श्रृंगार = श + ऋ + ङ् + ग + आ + र + अ
(xiii) हँसना = ह + अँ + स + अ + न + आ
(xiv) त्रिफला = त + र + इ + फ + अ + ल + आ
(xv) विवाह = व + इ + व + आ + ह + अ
(xvi) मज़दूर = म + अ + ज़ + द + ऊ + र + अ
In simple words: किसी शब्द के हर स्वर और व्यंजन को हलंत लगाकर अलग-अलग लिखना वर्ण-विच्छेद कहलाता है।

Exam Tip: ऋ की मात्रा (हृदय, कृपा), संयुक्ताक्षर (द्ध, द्य, त्र) तथा 'र' के विभिन्न रूपों पर हलंत का सही प्रयोग करें।

 

Question 2. निम्नलिखित शब्दों से उपसर्ग व मूलशब्द अलग कीजिए।
प्रोत्साहित, दुरूपयोग, निराशा, अधिकार, परीक्षा, सुगम, निर्वाह, अनिच्छा, गैरसरकारी, कमअक्ल, प्रसाधन, बदबू

Answer:
(i) प्रोत्साहित = प्र (उपसर्ग) + उत्साहित (मूल शब्द) [अथवा प्र + उत् + साहित]
(ii) दुरूपयोग = दुर् (उपसर्ग) + उपयोग (मूल शब्द)
(iii) निराशा = निर् (उपसर्ग) + आशा (मूल शब्द)
(iv) अधिकार = अधि (उपसर्ग) + कार (मूल शब्द)
(v) परीक्षा = परि (उपसर्ग) + ईक्षा (मूल शब्द)
(vi) सुगम = सु (उपसर्ग) + गम (मूल शब्द)
(vii) निर्वाह = निर् (उपसर्ग) + वाह (मूल शब्द)
(viii) अनिच्छा = अन् (उपसर्ग) + इच्छा (मूल शब्द)
(ix) गैरसरकारी = गैर (उपसर्ग) + सरकारी (मूल शब्द)
(x) कमअक्ल = कम (उपसर्ग) + अक्ल (मूल शब्द)
(xi) प्रसाधन = प्र (उपसर्ग) + साधन (मूल शब्द)
(xii) बदबू = बद (उपसर्ग) + बू (मूल शब्द)
In simple words: जो शब्दांश शब्द के शुरू में जुड़कर उसका अर्थ बदल दे, उसे उपसर्ग कहते हैं।

Exam Tip: दुर्, निर् और अन् उपसर्गों में हलंत का विशेष ध्यान रखें तथा संधि नियमों के अनुसार मूल शब्द शुद्ध लिखें।

 

Question 3. निम्नलिखित शब्दों से प्रत्यय व मूल शब्द अलग कीजिए।
दुर्घटना, मदहोश, चालाक, सहायक, डलिया, प्रेमी, नगरीय, कूदकर, अधिकार, डाकखाना, ज़ोरदार, कल्पना, रखवाली

Answer:
(i) दुर्घटना = दुर्घट (मूल शब्द) + ना (प्रत्यय) [नोट: इसमें 'दुर्' उपसर्ग और 'घटना' मूल शब्द भी माना जाता है]
(ii) मदहोश = मद (मूल शब्द) + होश (प्रत्यय रूप में प्रयुक्त)
(iii) चालाक = चाल (मूल शब्द) + आक (प्रत्यय)
(iv) सहायक = सहाय (मूल शब्द) + अक (प्रत्यय)
(v) डलिया = डाल / डाली (मूल शब्द) + इया (प्रत्यय)
(vi) प्रेमी = प्रेम (मूल शब्द) + ई (प्रत्यय)
(vii) नगरीय = नगर (मूल शब्द) + ईय (प्रत्यय)
(viii) कूदकर = कूद (मूल शब्द) + कर (प्रत्यय)
(ix) अधिकार = अधिक (मूल शब्द) + आर (प्रत्यय) [नोट: व्याकरण में 'अधि' उपसर्ग + 'कार' मूल शब्द अधिक प्रचलित है]
(x) डाकखाना = डाक (मूल शब्द) + खाना (प्रत्यय)
(xi) ज़ोरदार = ज़ोर (मूल शब्द) + दार (प्रत्यय)
(xii) कल्पना = कल्प (मूल शब्द) + ना (प्रत्यय)
(xiii) रखवाली = रखवाल (मूल शब्द) + ई (प्रत्यय)
In simple words: जो शब्दांश किसी शब्द के अंत में जुड़कर नया शब्द बनाता है, उसे प्रत्यय कहते हैं।

Exam Tip: प्रत्यय अलग करते समय ध्यान दें कि शेष बचा मूल शब्द एक सार्थक शब्द होना चाहिए।

 

Question 4. निम्न शब्दों के दो-दो पर्यायवाची शब्द लिखिए।
घर, घोड़ा, चाँदनी, अमृत, नारी, असुर, तारा, तालाब, धन

Answer:
(i) घर = गृह, आलय
(ii) घोड़ा = अश्व, तुरंग
(iii) चाँदनी = कौमुदी, ज्योत्स्ना
(iv) अमृत = पीयूष, सुधा
(v) नारी = स्त्री, महिला
(vi) असुर = दानव, राक्षस
(vii) तारा = नक्षत्र, सितारा
(viii) तालाब = सरोवर, जलाशय
(ix) धन = दौलत, संपत्ति
In simple words: एक ही अर्थ प्रकट करने वाले अलग-अलग शब्दों को पर्यायवाची शब्द कहते हैं।

Exam Tip: वर्तनी की शुद्धता (जैसे ज्योत्स्ना, पीयूष) पर विशेष ध्यान दें ताकि पूरे अंक मिल सकें।

 

Question 5. विलोम शब्द लिखिए।
एक, आलसी, उदय, देना, शकुन, निद्रा, महँगा, विष, शांत

Answer:
(i) एक = अनेक
(ii) आलसी = परिश्रमी (कर्मठ)
(iii) उदय = अस्त
(iv) देना = लेना
(v) शकुन = अपशकुन
(vi) निद्रा = जागरण
(vii) महँगा = सस्ता
(viii) विष = अमृत
(ix) शांत = अशांत (उग्र)
In simple words: किसी शब्द का ठीक उल्टा अर्थ बताने वाले शब्द को विलोम शब्द कहते हैं।

Exam Tip: तत्सम शब्द का विलोम तत्सम (जैसे निद्रा का जागरण) और तद्भव का विलोम तद्भव ही लिखना चाहिए।

 

Question 6. अनेकार्थी शब्द लिखिए।
अंक, अमर, अलि, पत्र, शान, रस, हार, हाल, भाग, गुरु

Answer:
(i) अंक = संख्या, गोद, नाटक का अध्याय
(ii) अमर = देवता, जो कभी न मरे, शाश्वत
(iii) अलि = भौंरा, सखी, बिच्छू
(iv) पत्र = पत्ता, चिट्ठी (पत्र), पंख
(v) शान = चमक-दमक, मर्यादा, धार तेज करने का पत्थर
(vi) रस = आनंद, फलों का अर्क (जूस), प्रेम
(vii) हार = पराजय, फूलों की माला
(viii) हाल = वर्तमान स्थिति, बड़ा कमरा (दालान)
(ix) भाग = हिस्सा, भाग्य, दौड़ना
(x) गुरु = शिक्षक, भारी, बड़ा/श्रेष्ठ
In simple words: एक ही शब्द जब अलग-अलग प्रसंगों में कई अर्थ देता है, तो उसे अनेकार्थी शब्द कहते हैं।

Exam Tip: प्रत्येक शब्द के कम से कम दो भिन्न और स्पष्ट अर्थ अवश्य लिखें।

 

Question 7. वाक्यांशों के लिए एक शब्द लिखिए।
(1) जो सबसे आगे हो।
(2) खोज करने वाला,
(3) जिसका हृदय विशाल हो
(4) एक व्यक्ति का राज
(5) अतिथि का सत्कार
(6) जिसका कोई पार न हो।

Answer:
(1) जो सबसे आगे हो = अग्रणी
(2) खोज करने वाला = अन्वेषक (खोजकर्ता)
(3) जिसका हृदय विशाल हो = उदार (विशालहृदय)
(4) एक व्यक्ति का राज = अधिनायकतंत्र (तानाशाही / एकतंत्र)
(5) अतिथि का सत्कार = आतिथ्य (अतिथि-सत्कार)
(6) जिसका कोई पार न हो = अपार
In simple words: कई शब्दों की जगह प्रयोग होने वाला एक सटीक शब्द 'वाक्यांश के लिए एक शब्द' कहलाता है।

Exam Tip: 'अग्रणी', 'अन्वेषक' और 'आतिथ्य' जैसे मानक शब्दों की वर्तनी शुद्ध लिखें।

 

Question 8. निम्न वाक्यों में विधेय व उद्देश्य छाँटिए -
1. सलीम ने दुकानदार की बात सुनी।
2. सूरज पश्चिम दिशा में छिपता है।
3. हममें से कोई एक जाएगा।
4. छात्रों ने परिश्रम किया।
5. शाहरुख खाँ ने डान्स किया।

Answer:
1. सलीम ने दुकानदार की बात सुनी।
- उद्देश्य: सलीम ने
- विधेय: दुकानदार की बात सुनी।

2. सूरज पश्चिम दिशा में छिपता है।
- उद्देश्य: सूरज
- विधेय: पश्चिम दिशा में छिपता है।

3. हममें से कोई एक जाएगा।
- उद्देश्य: हममें से कोई एक
- विधेय: जाएगा।

4. छात्रों ने परिश्रम किया।
- उद्देश्य: छात्रों ने
- विधेय: परिश्रम किया।

5. शाहरुख खाँ ने डान्स किया।
- उद्देश्य: शाहरुख खाँ ने
- विधेय: डान्स किया।
In simple words: वाक्य में जिसके बारे में बात की जाए वह 'उद्देश्य' है और जो बात कही जाए वह 'विधेय' है।

Exam Tip: कर्ता और कर्ता के विस्तार को उद्देश्य में रखें तथा क्रिया व कर्म को विधेय के अंतर्गत लिखें।

 

Question 9. विराम चिन्हों के नाम बताइए।
। ? ! : - :- ( ) , ; " " ...

Answer:
(i) । = पूर्णविराम
(ii) ? = प्रश्नवाचक चिह्न
(iii) ! = विस्मयादिबोधक चिह्न
(iv) : = उपविराम (अपूर्ण विराम)
(v) - = योजक चिह्न
(vi) :- = विवरण चिह्न
(vii) ( ) = कोष्ठक चिह्न
(viii) , = अल्पविराम
(ix) ; = अर्धविराम
(x) " " = उद्धरण चिह्न (दोहरा उद्धरण चिह्न)
(xi) ... = लोप चिह्न (रिक्तिसूचक चिह्न)
In simple words: लिखते समय रुकने या भाव स्पष्ट करने के लिए उपयोग किए जाने वाले संकेतों को विराम चिह्न कहते हैं।

Exam Tip: अल्पविराम (,), अर्धविराम (;) और उपविराम (:) के सूक्ष्म अंतर और उनके नामों को अच्छी तरह याद रखें।

 

Question 10. अनुच्छेद
परोपकार, भ्रष्टाचार, सच्ची मित्रता, खेलों का महत्त्व, स्वास्थ्य धन, भारतीय किसान, मेरा प्रिय शिक्षक, आज की फिल्में

Answer:
(i) परोपकार: निस्वार्थ भाव से दूसरों की भलाई करना ही परोपकार कहलाता है। प्रकृति का हर अंग हमें परोपकार की सीख देता है - वृक्ष अपने फल स्वयं नहीं खाते और नदियाँ अपना जल खुद नहीं पीतीं। परोपकार से समाज में प्रेम और सद्भाव की वृद्धि होती है।

(ii) भ्रष्टाचार: समाज में अपने निजी स्वार्थ की पूर्ति के लिए नियमों का उल्लंघन करना भ्रष्टाचार है। रिश्वतखोरी, मिलावट और पक्षपात इसके मुख्य रूप हैं। यह देश के विकास की गति को धीमा करता है। इसे रोकने के लिए कड़े कानूनों और नैतिक शिक्षा की आवश्यकता है।

(iii) सच्ची मित्रता: सच्चा मित्र जीवन का सबसे अनमोल उपहार होता है। वह सुख में तो साथ रहता ही है, विपत्ति के समय ढाल बनकर सबसे आगे खड़ा होता है। सच्ची मित्रता स्वार्थ से परे विश्वास और त्याग की नींव पर टिकी होती है।

(iv) खेलों का महत्त्व: खेल हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए अनिवार्य हैं। इनसे शरीर पुष्ट बनता है, तनाव दूर होता है तथा अनुशासन, सहयोग और नेतृत्व की भावना विकसित होती है। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है।

(v) स्वास्थ्य धन: अच्छा स्वास्थ्य संसार के सभी भौतिक सुखों से बढ़कर है। अस्वस्थ व्यक्ति धन-संपत्ति होते हुए भी जीवन का आनंद नहीं ले सकता। नियमित दिनचर्या, संतुलित आहार और व्यायाम ही निरोगी जीवन की वास्तविक कुंजी हैं।

(vi) भारतीय किसान: भारतीय किसान देश की रीढ़ हैं। वे धूप, वर्षा और ठंड की परवाह किए बिना खेतों में पसीना बहाकर पूरे राष्ट्र का पेट भरते हैं। उनकी सादगी, परिश्रम और त्याग वंदनीय है। किसानों की आर्थिक उन्नति से ही देश समृद्ध हो सकता है।

(vii) मेरा प्रिय शिक्षक: शिक्षक समाज के शिल्पकार होते हैं जो छात्रों को ज्ञान का प्रकाश देकर उनके भविष्य को सँवारते हैं। मेरे प्रिय शिक्षक अपने विषय को अत्यंत रोचक ढंग से पढ़ाते हैं और जीवन मूल्यों की शिक्षा देकर हमें एक अच्छा नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं।

(viii) आज की फिल्में: सिनेमा समाज का दर्पण है। आधुनिक फिल्मों में उन्नत तकनीक और विविधता दिखाई देती है, किंतु व्यावसायिकता के कारण कभी-कभी अवांछित हिंसा और फुहड़ता भी बढ़ रही है। फिल्मों को सामाजिक चेतना और सकारात्मक संदेश देने का सशक्त माध्यम बनना चाहिए।
In simple words: किसी विषय पर अपने विचारों को सीमित, क्रमबद्ध और प्रभावशाली वाक्यों में लिखना अनुच्छेद लेखन कहलाता है।

Exam Tip: अनुच्छेद लिखते समय विषय से भटके बिना मुख्य बिंदुओं को 80 से 100 शब्दों में सटीक भाषा में प्रस्तुत करें।

 

Question 11. मुहावरे
आकाश पाताल एक करना, आँखों में धूल, इशारे पर नाचना, आस्तीन का साँप, कान काटना, उल्लू बनाना, कुत्ते की दुम

Answer:
(i) आकाश पाताल एक करना (कठिन परिश्रम करना) - परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त करने के लिए सोहन ने आकाश-पाताल एक कर दिया।

(ii) आँखों में धूल झोंकना (धोखा देना) - शातिर चोर पुलिस की आँखों में धूल झोंककर रफूचक्कर हो गया।

(iii) इशारे पर नाचना (वश में होना / हुक्म मानना) - वह अपने मित्र के इशारे पर नाचता है, अपनी बुद्धि बिल्कुल नहीं लगाता।

(iv) आस्तीन का साँप (कपटपूर्ण मित्र / धोखेबाज) - मैंने जिसे अपना सच्चा साथी समझा, वह तो आस्तीन का साँप निकला।

(v) कान काटना (अधिक चतुर होना) - छोटा बालक बातों ही बातों में बड़ों-बड़ों के कान काटता है।

(vi) उल्लू बनाना (मूर्ख बनाना) - चालाक दुकानदार ने घटिया सामान देकर ग्राहक को उल्लू बना दिया।

(vii) कुत्ते की दुम (कभी न सुधरने वाला स्वभाव) - दुष्ट व्यक्ति को कितना भी समझाओ, वह कुत्ते की दुम की तरह कभी सीधा नहीं होता।
In simple words: मुहावरे सामान्य अर्थ छोड़कर एक विशेष अर्थ प्रकट करते हैं और भाषा को प्रभावशाली बनाते हैं।

Exam Tip: मुहावरे का सही अर्थ लिखते हुए वाक्य ऐसा बनाएँ जिससे उसका अर्थ अपने आप स्पष्ट हो जाए।

 

Question 12. पत्र
1. बहन के विवाह पर आमंत्रित करते हुए सखी को पत्र -
2. व्यायाम के महत्त्व को बताते हुए छोटे भाई को पत्र -
3. माता की अस्वस्थता पर चिंता व्यक्त करते हुए माता को पत्र -
4. चाचा की दुकान में आग लगने पर उन्हें सांत्वना देते हुए चाचा को पत्र

Answer:
1. बहन के विवाह पर आमंत्रित करते हुए सखी को पत्र:
परीक्षा भवन, नई दिल्ली
दिनांक: 15 मार्च 2024
प्रिय सखी रिया,
सप्रेम नमस्ते।
तुम्हें यह जानकर अत्यधिक प्रसन्नता होगी कि मेरी बड़ी बहन का शुभ विवाह आगामी 25 अप्रैल को संपन्न होना तय हुआ है। इस मांगलिक अवसर पर तुम्हारी उपस्थिति मेरे लिए अत्यंत आवश्यक है। विवाह से दो दिन पूर्व ही तुम्हें हमारे घर आना है ताकि हम मिलकर सभी उत्सवों का आनंद ले सकें। मैं तुम्हारी प्रतीक्षा करूँगी। चाचा जी व चाची जी को मेरा प्रणाम कहना।
तुम्हारी अभिन्न सखी,
अनुराधा

2. व्यायाम के महत्त्व को बताते हुए छोटे भाई को पत्र:
छात्रावास, देहरादून
दिनांक: 15 मार्च 2024
प्रिय अनुज राहुल,
सस्नेह शुभाशीष।
मुझे पिताजी के पत्र से ज्ञात हुआ कि तुम पढ़ाई के फेर में अपने स्वास्थ्य की उपेक्षा कर रहे हो। स्मरण रखो कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है। प्रतिदिन सुबह आधा घंटा दौड़ना या योगाभ्यास करना तुम्हें तरोताजा रखेगा। नियमित व्यायाम से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और आलस्य दूर होता है। आशा है कि तुम कल से ही नियमित व्यायाम आरंभ करोगे।
तुम्हारा अग्रज,
अमित

3. माता की अस्वस्थता पर चिंता व्यक्त करते हुए माता को पत्र:
परीक्षा भवन, जयपुर
दिनांक: 15 मार्च 2024
पूज्य माता जी,
सादर चरण स्पर्श।
कल पिताजी से दूरभाष पर ज्ञात हुआ कि पिछले कुछ दिनों से आपका स्वास्थ्य ठीक नहीं चल रहा है और आपको तेज ज्वर है। यह सुनकर मेरा मन अत्यंत चिंतित हो उठा है। मेरी वार्षिक परीक्षाएँ अगले सप्ताह समाप्त हो रही हैं, जिसके तुरंत बाद मैं घर आ रहा हूँ। आपसे विनम्र निवेदन है कि समय पर दवाइयाँ लें और पूर्ण विश्राम करें। ईश्वर से आपके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूँ।
आपका आज्ञाकारी पुत्र,
रोहित

4. चाचा की दुकान में आग लगने पर उन्हें सांत्वना देते हुए चाचा को पत्र:
परीक्षा भवन, लखनऊ
दिनांक: 15 मार्च 2024
आदरणीय चाचा जी,
सादर प्रणाम।
कल समाचार मिला कि शॉर्ट सर्किट की वजह से आपकी दुकान में भीषण आग लग गई और भारी आर्थिक क्षति हुई। इस अप्रत्याशित दुर्घटना का समाचार सुनकर हम सभी स्तब्ध और दुखी हैं। विपत्ति की इस घड़ी में हम सब आपके साथ हैं। यद्यपि यह बहुत बड़ा आघात है, किंतु संतोष का विषय है कि जनहानि टल गई। आपके अदम्य परिश्रम और अनुभव के बल पर यह नुकसान शीघ्र दूर हो जाएगा। धैर्य बनाए रखें।
आपका प्रिय भतीजा,
विकास
In simple words: अनौपचारिक पत्रों में भेजने वाले का पता, दिनांक, संबोधन, अभिवादन और विषय-वस्तु को सहज व आत्मीय भाषा में लिखा जाता है।

Exam Tip: अनौपचारिक पत्र के प्रारूप (प्रारंभिक पता, दिनांक, उचित संबोधन/अभिवादन तथा अंत में संबंध) का विशेष ध्यान रखें।

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