Download NCERT Solutions for Class 9 Science Chapter 12 जीवजगत का स्वरूप विविधता एवं वर्गीकरण
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Question 1: जैव विविधता किसे कहते हैं?
Answer:
जीव जगत की असीम विविधता जो जीवन के असंख्य रूपों व पर्यावासों में पाई जाती है, जैव विविधता कहलाती है।
मुख्य बिंदु:
• यह जीवों की विशाल विविधता को दर्शाती है。
• यह विभिन्न पर्यावासों में पाई जाती है。
• इसमें असंख्य जीवन रूप शामिल हैं।
आम गलतियाँ:
• केवल पौधों या केवल जंतुओं को जैव विविधता समझ लेना。
• पर्यावास शब्द की उपेक्षा करना。
• परिभाषा को अधूरा लिखना।
Exam Tips:
a) परिभाषा में 'असीम विविधता' और 'पर्यावास' जैसे महत्वपूर्ण शब्दों का प्रयोग अवश्य करें।
b) उत्तर को संक्षिप्त और स्पष्ट रखें।
c) मुख्य शब्दों को रेखांकित करने से प्रभाव बढ़ता है।
Question 2: स्थानिक जातियाँ किसे कहते हैं?
Answer:
वे जातियाँ जो विश्व के किसी विशेष क्षेत्र में ही पाई जाती हैं और अन्यत्र नहीं पाई जातीं, स्थानिक जातियाँ कहलाती हैं।
मुख्य बिंदु:
• ये किसी विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र तक सीमित होती हैं。
• ये विश्व में अन्य कहीं नहीं पाई जातीं。
• इनके संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
आम गलतियाँ:
• सामान्य जातियों को स्थानिक जातियाँ मान लेना。
• 'विशेष क्षेत्र' का उल्लेख न करना。
• परिभाषा को स्पष्ट रूप से परिभाषित न करना।
Exam Tips:
a) 'विशेष क्षेत्र' और 'अन्यत्र नहीं' शब्दों पर विशेष बल दें।
b) उदाहरण के साथ उत्तर को और अधिक स्पष्ट किया जा सकता है।
c) सटीक शब्दावली का प्रयोग करें।
Question 3: जैव विविधता हॉटस्पॉट किसे कहते हैं?
Answer:
वे क्षेत्र जो बड़ी संख्या में स्थानिक जातियों को आश्रय देते हैं और जहाँ पर्यावास की अत्यधिक क्षति हुई है, जैव विविधता हॉटस्पॉट कहलाते हैं।
मुख्य बिंदु:
• ये क्षेत्र स्थानिक जातियों से समृद्ध होते हैं。
• इन क्षेत्रों में पर्यावास की भारी क्षति हुई होती है。
• संरक्षण की दृष्टि से ये अति संवेदनशील क्षेत्र हैं।
आम गलतियाँ:
• केवल अधिक जातियों होना हॉटस्पॉट मानना और पर्यावास क्षति को भूल जाना。
• अपूर्ण परिभाषा लिखना。
• स्थानिक जातियों के बजाय सामान्य जातियों का उल्लेख करना।
Exam Tips:
a) दोनों शर्तों (स्थानिक जातियाँ और पर्यावास क्षति) का उल्लेख करना अनिवार्य है।
b) मुख्य बिंदुओं को बुलेट पॉइंट्स में लिखें।
c) परिभाषा को मानक रूप में याद रखें।
Question 4: जैविक वर्गीकरण किसे कहते हैं?
Answer:
सजीवों के समूहन की वैज्ञानिक पद्धति जिससे जीवों को उनकी समानताओं के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है, जैविक वर्गीकरण कहलाती है।
मुख्य बिंदु:
• यह सजीवों के समूहन की एक वैज्ञानिक पद्धति है。
• इसमें जीवों को उनकी समानताओं के आधार पर बाँटा जाता है。
• यह अध्ययन को सरल बनाती है।
आम गलतियाँ:
• वैज्ञानिक पद्धति शब्द का प्रयोग न करना。
• केवल वर्गीकरण लिखकर छोड़ देना。
• समानताओं के आधार को भूल जाना।
Exam Tips:
a) 'वैज्ञानिक पद्धति' और 'समानताओं के आधार' का उल्लेख अवश्य करें।
b) उत्तर को सटीक और बिंदुवार लिखें।
c) जीव विज्ञान की मूल शब्दावली का प्रयोग करें।
Question 5: द्विजगत प्रणाली किसने और कब प्रस्तुत की?
Answer:
द्विजगत प्रणाली वैज्ञानिकों ने 18वीं शताब्दी में प्रस्तुत की, जिसमें सजीवों को प्लांटी और एनिमेलिया में बाँटा गया।
मुख्य बिंदु:
• इसे 18वीं शताब्दी में प्रस्तुत किया गया था。
• इसके अंतर्गत सजीवों को दो जगतों में विभाजित किया गया。
• ये दो जगत प्लांटी और एनिमेलिया थे।
आम गलतियाँ:
• वैज्ञानिक का नाम कैरोलस लिनियस न लिखकर केवल वैज्ञानिकों लिखना (यदि विशिष्ट पूछा जाए)।
• जगतों के नाम गलत लिखना。
• शताब्दी का सही उल्लेख न करना।
Exam Tips:
a) 18वीं शताब्दी और दोनों जगतों (प्लांटी, एनिमेलिया) के नाम स्पष्ट लिखें।
b) प्रश्न के दोनों भागों (किसने और कब) का उत्तर दें।
c) वर्तनी का विशेष ध्यान रखें।
Question 6: पाँच जगत वर्गीकरण प्रणाली किसने प्रस्तावित की?
Answer:
पाँच जगत वर्गीकरण प्रणाली रॉबर्ट एच. व्हिटेकर ने वर्ष 1969 में प्रस्तावित की।
मुख्य बिंदु:
• इसे रॉबर्ट एच. व्हिटेकर द्वारा दिया गया था。
• यह वर्ष 1969 में प्रस्तावित की गई थी。
• इसमें जीवों को पाँच प्रमुख जगतों में विभाजित किया गया है।
आम गलतियाँ:
• वैज्ञानिक का नाम गलत वर्तनी में लिखना।
• वर्ष 1969 के स्थान पर अन्य वर्ष लिखना।
• प्रणाली का नाम अधूरा लिखना।
Exam Tips:
a) वैज्ञानिक का पूरा नाम (रॉबर्ट एच. व्हिटेकर) और वर्ष (1969) सही-सही लिखें।
b) यह परीक्षा की दृष्टि से एक अति महत्वपूर्ण प्रश्न है।
c) उत्तर को एक वाक्य में स्पष्ट रूप से दें।
Question 7: मोनेरा जगत के जीव किस प्रकार के होते हैं?
Answer:
मोनेरा जगत में एककोशिकीय पूर्वकेंद्रकी जीव आते हैं, जैसे जीवाणु और नील-हरित शैवाल।
मुख्य बिंदु:
• इस जगत के जीव एककोशिकीय होते हैं。
• ये पूर्वकेंद्रकी (Prokaryotic) होते हैं。
• उदाहरण के लिए जीवाणु और नील-हरित शैवाल।
आम गलतियाँ:
• पूर्वकेंद्रकी के स्थान पर सुकेंद्रकी लिख देना。
• बहुकोशिकीय लिख देना。
• उदाहरण न देना।
Exam Tips:
a) 'एककोशिकीय' और 'पूर्वकेंद्रकी' दोनों शब्दों का प्रयोग आवश्यक है।
b) उदाहरण लिखने से उत्तर पूर्ण बनता है।
c) शब्दावली एनसीईआरटी के अनुसार ही रखें।
Question 8: कवक की कोशिका भित्ति किससे बनी होती है?
Answer:
कवक की कोशिका भित्ति काइटिन नामक पदार्थ से बनी होती है।
मुख्य बिंदु:
• कवक जीवों में कोशिका भित्ति पाई जाती है。
• यह भित्ति काइटिन की बनी होती है。
• काइटिन एक जटिल शर्करा (कार्बोहाइड्रेट) है।
आम गलतियाँ:
• काइटिन के स्थान पर सेलूलोज़ लिख देना (जो पादपों में होता है)।
• वर्तनी की अशुद्धि करना।
• अधूरा उत्तर लिखना।
Exam Tips:
a) 'काइटिन' शब्द को स्पष्ट रूप से लिखें।
b) पादप कोशिका भित्ति (सेलूलोज़) और कवक कोशिका भित्ति (काइटिन) का अंतर याद रखें।
c) एक शब्द के उत्तर वाले प्रश्नों में मुख्य पद को रेखांकित करें।
Question 9: थैलोफाइटा को आद्य पौधे क्यों कहा जाता है?
Answer:
थैलोफाइटा सबसे सरल पादप हैं जिनका शरीर थैलस (सरल संरचना) होता है, इसलिए इन्हें आद्य पौधे कहते हैं।
मुख्य बिंदु:
• ये पादप जगत के सबसे सरल जीव हैं。
• इनका शरीर विभेदित नहीं होता बल्कि थैलस रूप में होता है。
• शारीरिक संरचना की इस सरलता के कारण इन्हें आद्य (आदिम) पौधे कहा जाता है।
आम गलतियाँ:
• थैलस संरचना का उल्लेख न करना。
• जटिल पादप मान लेना。
• कारण को स्पष्ट न करना।
Exam Tips:
a) 'थैलस संरचना' और 'सबसे सरल पादप' शब्दों का प्रयोग जरूर करें।
b) कारण स्पष्ट करने वाले प्रश्नों में 'क्योंकि' या 'इसलिए' का सही उपयोग करें।
c) उत्तर को बिंदुवार या स्पष्ट वाक्य में लिखें।
Question 10: ब्रायोफाइटा को पादप जगत का उभयचर क्यों कहा जाता है?
Answer:
ब्रायोफाइट को जनन के लिए जल की आवश्यकता होती है, इसलिए इन्हें पादप जगत का उभयचर कहा जाता है।
मुख्य बिंदु:
• ये थल पर रहते हैं परंतु जनन हेतु जल पर निर्भर होते हैं。
• उभयचरों की तरह इनका जीवन जल और थल दोनों से जुड़ा है。
• यह पादप जगत के पहले ऐसे पौधे हैं जो भूमि पर उगते हैं।
आम गलतियाँ:
• जल की आवश्यकता का कारण न लिखना।
• उभयचर शब्द का गलत अर्थ निकालना।
• केवल थलीय पौधा बता देना।
Exam Tips:
a) जनन के लिए जल की अनिवार्यता का उल्लेख मुख्य रूप से करें।
b) उभयचर (Amphibian) की तुलना पादपों से स्पष्ट करें।
c) उत्तर संक्षिप्त और तथ्यात्मक हो।
Question 11: पृष्ठरज्जु किसे कहते हैं?
Answer:
पृष्ठरज्जु एक लचीली छड़ाकार संरचना है जो जंतु वर्गीकरण का मुख्य आधार है।
मुख्य बिंदु:
• यह एक लचीली और छड़ाकार संरचना होती है。
• यह जंतुओं के शरीर में पृष्ठ भाग पर पाई जाती है。
• यह जंतु वर्गीकरण का एक मुख्य आधार है।
आम गलतियाँ:
• इसे कठोर संरचना लिख देना।
• वर्गीकरण से इसका संबंध न बताना।
• अपूर्ण परिभाषा लिखना।
Exam Tips:
a) 'लचीली छड़ाकार संरचना' शब्दों को प्रमुखता दें।
b) वर्गीकरण में इसकी महत्ता को समझें।
c) उत्तर को सटीक और वैज्ञानिक भाषा में लिखें।
Question 12: द्विनाम पद्धति किसने प्रस्तुत की?
Answer:
द्विनाम पद्धति कैरोलस लिनियस ने 18वीं शताब्दी में प्रस्तुत की।
मुख्य बिंदु:
• इसके प्रस्तोता कैरोलस लिनियस हैं。
• यह जीवों के वैज्ञानिक नामकरण की पद्धति है。
• इसमें वंश और जाति का नाम शामिल होता है।
आम गलतियाँ:
• वैज्ञानिक का नाम गलत लिखना।
• शताब्दी का उल्लेख न करना。
• द्विनाम पद्धति के नियमों को इसमें मिला देना।
Exam Tips:
a) कैरोलस लिनियस का नाम सही वर्तनी में लिखें।
b) उत्तर को स्पष्ट और सीधा रखें।
c) परीक्षा में अक्सर पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्नों में से एक है।
Question 13: बाघ का वैज्ञानिक नाम क्या है?
Answer:
बाघ का वैज्ञानिक नाम पेंथेरा टाइग्रिस है।
मुख्य बिंदु:
• वैज्ञानिक नाम द्विनाम पद्धति पर आधारित होता है。
• पहला पद वंश (पेंथेरा) और दूसरा पद जाति (टाइग्रिस) है。
• वैज्ञानिक नामों को तिरछे अक्षरों में या रेखांकित किया जाता है।
आम गलतियाँ:
• वर्तनी की अशुद्धि करना (जैसे 'पेंथेरा' या 'टाइग्रिस' में गलती)।
• केवल एक ही नाम लिखना。
• अंग्रेजी के नियमों का हिंदी में गलत प्रयोग करना।
Exam Tips:
a) वैज्ञानिक नाम लिखते समय वर्तनी का विशेष ध्यान रखें।
b) यदि संभव हो तो नाम के नीचे रेखा खींचें (अंडरलाइन करें)।
c) यह एक अंक के लिए सबसे आम प्रश्नों में से है।
Question 14: जीवाश्म किसे कहते हैं?
Answer:
पादपों और जंतुओं के परिरक्षित अवशेष जो चट्टानों, रेत और मिट्टी की परतों में पाए जाते हैं, जीवाश्म कहलाते हैं।
मुख्य बिंदु:
• ये प्राचीन जीवों (पादप व जंतु) के अवशेष होते हैं。
• ये चट्टानों, रेत या मिट्टी की परतों में संरक्षित रहते हैं。
• ये विकास के अध्ययन में महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रदान करते हैं।
आम गलतियाँ:
• केवल जंतुओं के अवशेष लिख देना (पादपों को छोड़ना)।
• परिरक्षित शब्द का प्रयोग न करना।
• चट्टानों व परतों का उल्लेख न करना।
Exam Tips:
a) परिभाषा में 'परिरक्षित अवशेष' और 'चट्टानों, रेत व मिट्टी की परतें' जैसे शब्द अवश्य शामिल करें।
b) उत्तर को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से लिखें।
c) मुख्य बिंदुओं को रेखांकित करें।
Question 15: कार्ल वूस ने कौन-सी नई पद्धति प्रस्तावित की?
Answer:
कार्ल वूस ने 1977 में तीन डोमेन पद्धति (बैक्टीरिया, आर्किया, यूकैरिया) प्रस्तावित की।
मुख्य बिंदु:
• इसे कार्ल वूस ने वर्ष 1977 में दिया था。
• इस पद्धति को तीन डोमेन पद्धति कहा जाता है。
• इसके तीन डोमेन बैक्टीरिया, आर्किया और यूकैरिया हैं।
आम गलतियाँ:
• डोमेन के नाम गलत या अधूरे लिखना।
• वर्ष 1977 का उल्लेख न करना।
• वैज्ञानिक का नाम अशुद्ध लिखना।
Exam Tips:
a) तीनों डोमेन के नाम (बैक्टीरिया, आर्किया, यूकैरिया) स्पष्ट रूप से लिखें।
b) वर्ष और वैज्ञानिक का नाम सही याद रखें।
c) उत्तर को बिंदुवार या स्पष्ट वाक्य में प्रस्तुत करें।
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