Step-by-Step Textbook Solutions for Class 9 Science Chapter 11 जनन जीवन की निरंतरता
Access comprehensive textbook solutions for Chapter 11 जनन जीवन की निरंतरता using the official curriculum guides for Class 9 Science. Designed to align with the 2026-27 NCERT standards, these detailed answers help students reinforce core academic concepts.
Download Chapter 11 जनन जीवन की निरंतरता Textbook Solutions PDF
View or download the dedicated Chapter 11 जनन जीवन की निरंतरता solution resource below. Engaging with these textbook answers under focused study conditions ensures continuous academic progress and mastery of the 2026-27 curriculum for Science.
Question 1: ब्रायोफिलम में कायिक प्रवर्धन किस प्रकार होता है?
Answer:
ब्रायोफिलम (पथरचट्टा) की पत्तियों के किनारों पर छोटे-छोटे पादपक (कलिकाएँ) निकलते हैं।
जब ये पादपक मुख्य पत्ती से अलग होकर मिट्टी पर गिरते हैं, तो अनुकूल परिस्थितियाँ मिलने पर स्वतंत्र रूप से नए पौधों में विकसित हो जाते हैं।
यह पौधों में होने वाले प्राकृतिक कायिक प्रवर्धन (अलैंगिक जनन) का एक प्रमुख उदाहरण है।
मुख्य बिंदु:
• पत्तियों के किनारों पर अपस्थानिक कलिकाएँ पाई जाती हैं।
• यह अलैंगिक जनन की एक प्राकृतिक विधि है।
• नए पौधे आनुवंशिक रूप से जनक पौधे के समान होते हैं।
आम गलतियाँ:
• इसे लैंगिक जनन समझ लेना।
• यह लिखना कि बीज से नए पौधे बनते हैं।
• पादपकों के स्थान पर केवल जड़ शब्द का प्रयोग करना।
Exam Tips:
a) उत्तर में 'पत्तियों के किनारे' और 'अपस्थानिक कलिकाएँ' जैसे मुख्य शब्दों का उल्लेख अवश्य करें।
b) चित्र बनाकर इस प्रक्रिया को स्पष्ट करना परीक्षा में अधिक अंक दिला सकता है।
c) कायिक प्रवर्धन की परिभाषा संक्षिप्त में दें।
Question 2: यीस्ट में मुकुलन की प्रक्रिया समझाइए।
Answer:
यीस्ट एक एककोशिकीय कवक है जिसमें अलैंगिक जनन मुकुलन (Budding) द्वारा होता है।
इस प्रक्रिया में जनक कोशिका की सतह पर एक छोटा गोलाकार उभार बनता है जिसे मुकुल (Bud) कहते हैं।
केंद्रक विभाजित होकर इस मुकुल में चला जाता है और धीरे-धीरे मुकुल बड़ा होने लगता है।
अंत में, यह मुकुल जनक कोशिका से अलग होकर एक स्वतंत्र यीस्ट कोशिका के रूप में जीवन व्यतीत करने लगता है।
मुख्य बिंदु:
• यीस्ट में मुकुलन एक प्रकार का अलैंगिक जनन है।
• मुकुल जनक कोशिका से पोषण प्राप्त करके बढ़ता है।
• कभी-कभी कई मुकुल एक साथ जुड़ी श्रृंखला बना लेते हैं (कॉलोनियल वृद्धि)।
आम गलतियाँ:
• मुकुलन को बहुकोशिकीय जीवों की प्रक्रिया बताना।
• केंद्रक के विभाजन का उल्लेख न करना।
• मुकुल और बीजाणु में अंतर स्पष्ट न करना।
Exam Tips:
a) 'मुकुल' (Bud) शब्द को रेखांकित करें।
b) प्रक्रिया को क्रमबद्ध चरणों में लिखें ताकि जाँचने वाले को आसानी हो।
c) यीस्ट के एककोशिकीय होने का उल्लेख जरूर करें।
Question 3: कवक (फफूँद) बीजाणुओं के माध्यम से जनन कैसे करते हैं?
Answer:
कवक अपने तंतुओं (hyphae) पर बीजाणु धानी जैसी विशेष संरचनाएँ या फूली हुई पुटिकाएँ बनाते हैं।
इन पुटिकाओं के अंदर असंख्य सूक्ष्म बीजाणु (spores) बनते हैं।
ये बीजाणु बहुत हल्के और एककोशिकीय होते हैं, जो वायु-धाराओं द्वारा आसानी से दूर-दूर तक फैल जाते हैं।
जब ये बीजाणु किसी अनुकूल स्थान पर नमी और पोषक तत्वों के संपर्क में आते हैं, तो शीघ्र ही अंकुरित होकर नए कवक का निर्माण करते हैं।
मुख्य बिंदु:
• बीजाणु धानी में बीजाणुओं का निर्माण होता है।
• वायु और जल इनके प्रकीर्णन के प्रमुख माध्यम हैं।
• प्रतिकूल परिस्थितियों में ये बीजाणु मोटी भित्ति द्वारा सुरक्षित रहते हैं।
आम गलतियाँ:
• बीजाणुओं को बीज समझ लेना।
• प्रकीर्णन के तरीकों को गलत लिखना।
• कवक तंतुओं की भूमिका स्पष्ट न करना।
Exam Tips:
a) 'बीजाणु धानी' और 'वायु-धारा' जैसे वैज्ञानिक शब्दों का प्रयोग करें।
b) अंकुरण के लिए आवश्यक परिस्थितियाँ (नमी और पोषण) बताना न भूलें।
c) उत्तर को बिंदुवार या छोटे अनुच्छेदों में लिखें।
Question 4: स्व-परागण और पर-परागण में अंतर स्पष्ट कीजिए।
Answer:
स्व-परागण में एक ही पुष्प के परागकण उसी पुष्प के वर्तिकाग्र पर अथवा उसी पौधे के अन्य पुष्प के वर्तिकाग्र पर स्थानांतरित होते हैं।
पर-परागण में एक पौधे के पुष्प के परागकण उसी प्रजाति के किसी दूसरे पौधे के पुष्प के वर्तिकाग्र पर स्थानांतरित होते हैं।
स्व-परागण के लिए बाहरी माध्यमों की अधिक आवश्यकता नहीं होती, जबकि पर-परागण के लिए वायु, जल या कीट जैसे माध्यमों की आवश्यकता होती है।
मुख्य बिंदु:
• स्व-परागण एक ही पौधे के भीतर होता है।
• पर-परागण के लिए दो अलग-अलग पौधों की आवश्यकता होती है।
• पर-परागण से उत्पन्न संतति अधिक स्वस्थ और विविधतापूर्ण होती है।
आम गलतियाँ:
• दोनों की परिभाषाओं को आपस में मिला देना।
• माध्यमों की भूमिका को नजरअंदाज करना।
• पौधे और पुष्प के अंतर को स्पष्ट न करना।
Exam Tips:
a) अंतर स्पष्ट करने के लिए हमेशा तालिका (Table) का प्रयोग करें।
b) दोनों के एक-एक मुख्य उदाहरण भी साथ में दें।
c) 'वर्तिकाग्र' और 'परागकोश' शब्दों की वर्तनी सही लिखें।
Question 5: निषेचन के पश्चात बीजांड और अंडाशय का क्या होता है?
Answer:
निषेचन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुष्प के विभिन्न भागों में महत्वपूर्ण परिवर्तन होते हैं।
अंडाशय आकार में वृद्धि करता है और पककर 'फल' में विकसित हो जाता है।
अंडाशय के भीतर मौजूद बीजांड विकसित होकर कठोर आवरणयुक्त 'बीज' बन जाते हैं।
पुष्प के अन्य भाग जैसे पंखुड़ियाँ, बाह्यदल और वर्तिका मुरझाकर गिर जाते हैं।
मुख्य बिंदु:
• अंडाशय रूपांतरित होकर फल बनाता है।
• बीजांड रूपांतरित होकर बीज बनाता है।
• यह पौधे में लैंगिक जनन का अंतिम चरण है।
आम गलतियाँ:
• बीजांड को फल और अंडाशय को बीज लिख देना (उल्टा करना)।
• निषेचन शब्द का अर्थ न समझना।
• फल भित्ति के निर्माण को छोड़ देना।
Exam Tips:
a) इस प्रश्न को अक्सर बहुविकल्पीय या अति लघु उत्तरीय में पूछा जाता है, अतः सीधे और स्पष्ट शब्द लिखें।
b) 'अंडाशय → फल' और 'बीजांड → बीज' को स्पष्ट रूप से दर्शाएँ।
c) मुख्य परिवर्तनों को बुलेट पॉइंट्स में लिखें।
Question 6: आंतरिक निषेचन बाह्य निषेचन से बेहतर क्यों माना जाता है?
Answer:
आंतरिक निषेचन मादा के शरीर के भीतर होता है, जिससे निषेचित अंडे या भ्रूण को बाहरी वातावरण के खतरों से सुरक्षा मिलती है।
इसके विपरीत, बाह्य निषेचन जल में होता है जहाँ अंडे जल-धाराओं द्वारा बह सकते हैं या अन्य जंतुओं द्वारा खाए जा सकते हैं।
आंतरिक निषेचन में संतति की उत्तरजीविता (Survival rate) बाह्य निषेचन की तुलना में बहुत अधिक होती है।
मुख्य बिंदु:
• आंतरिक निषेचन सरीसृप, पक्षी और स्तनधारियों में पाया जाता है।
• बाह्य निषेचन मुख्यतः जलीय जीवों (जैसे मछली, उभयचर) में होता है।
• भ्रूण की सुरक्षा आंतरिक निषेचन की सबसे बड़ी विशेषता है।
आम गलतियाँ:
• दोनों के सही उदाहरण न देना।
• सुरक्षा के पहलू को मुख्य कारण के रूप में न लिखना।
• परिभाषा में स्थान (शरीਰ के अंदर या बाहर) का स्पष्ट उल्लेख न करना।
Exam Tips:
a) उत्तर में सुरक्षा और उत्तरजीविता शब्दों का प्रयोग अवश्य करें।
b) जीवों के उदाहरण (जैसे स्तनधारी बनाम मछली) देकर अंतर समझाएँ।
c) तुलनात्मक भाषा का प्रयोग करें।
Question 7: नर और मादा युग्मकों (शुक्राणु और अंडाणु) में क्या अंतर है?
Answer:
शुक्राणु (नर युग्मक) आकार में अति सूक्ष्म, संख्या में लाखों और सक्रिय रूप से गतिशील होते हैं जिनमें संग्रहित पोषक तत्व नहीं होते हैं।
अंडाणु (मादा युग्मक) आकार में बड़ा, संख्या में बहुत कम (सामान्यतः एक समय में एक), अचल (अगतिशील) होता है और उसमें प्रचुर मात्रा में पोषक तत्व उपस्थित होते हैं।
यह संरचनात्मक असमानता अधिकांश जंतुओं में जनन प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए पाई जाती है।
मुख्य बिंदु:
• शुक्राणु गतिशील होते हैं जबकि अंडाणु स्थिर होते हैं।
• अंडाणु में पोषण होता है ताकि प्रारंभिक भ्रूण का विकास हो सके।
• दोनों के मिलने से युग्मनज (Zygote) बनता है।
आम गलतियाँ:
• आकार और गतिशीलता के तथ्यों को आपस में मिला देना।
• संख्या के अंतर को स्पष्ट न करना।
• युग्मक और युग्मनज को एक ही समझ लेना।
Exam Tips:
a) आकार, संख्या, गतिशीलता और पोषण के आधार पर अंतर स्पष्ट करें।
b) तालिका बनाकर उत्तर देने से शिक्षक पर अच्छा प्रभाव पड़ता है।
c) वर्तनी पर विशेष ध्यान दें (जैसे- शुक्राणु, अंडाणु)।
Question 8: मानव में गर्भावस्था के तीन त्रिमासों में क्या-क्या परिवर्तन होते हैं?
Answer:
पहले त्रिमास (प्रथम 3 महीने) में निषेचित अंडाणु भ्रूण में विकसित होता है और हृदय तथा अन्य प्रमुख अंगों का निर्माण आरंभ होता है।
दूसरे त्रिमास (अगले 3 महीने) में गर्भ का आकार काफी बड़ा और पुष्ट हो जाता है, तथा माँ शिशु के हिलने-डुलने का स्पष्ट अनुभव करती है।
तीसरे त्रिमास (अंतिम 3 महीने) में शिशु की वृद्धि अत्यंत तीव्र गति से होती है और वह गर्भाशय के बाहर बाह्य वातावरण में जीवित रहने के लिए पूरी तरह तैयार हो जाता है।
मुख्य बिंदु:
• गर्भावस्था कुल नौ महीने की होती है जिसे तीन-तीन महीनों के तीन त्रिमासों में बाँटा जाता है।
• पहले त्रिमास में मुख्य अंगों की रचना शुरू होती है।
• तीसरे त्रिमास में शिशु जन्म के लिए परिपक्व होता है।
आम गलतियाँ:
• त्रिमासों की समय-सीमा गलत लिखना।
• अंगों के निर्माण और शिशु की वृद्धि के क्रम को मिला देना।
• गर्भावस्था की कुल अवधि का उल्लेख न करना।
Exam Tips:
a) तीनों त्रिमासों की अलग-अलग हेडिंग बनाकर उत्तर लिखें।
b) 'भ्रूण' और 'गर्भ' शब्दों का सही संदर्भ में प्रयोग करें।
c) मुख्य जैविक परिवर्तनों को बिंदुवार दर्शाएँ।
Question 9: मासिक धर्म के समय अपनाई जाने वाली स्वच्छता प्रथाएँ बताइए।
Answer:
मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता बनाए रखना स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।
इस दौरान सैनिटरी पैड, टैम्पन या मेंस्ट्रुअल कप जैसे मासिक धर्म संबंधी उत्पादों का उपयोग करना चाहिए और उन्हें हर 4 से 6 घंटे में नियमित रूप से बदलना चाहिए।
शारीरिक स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए, समय पर साबुन और पानी से हाथ धोने चाहिए तथा प्रयुक्त उत्पादों का सुरक्षित एवं उचित निपटान (Disposal) करना चाहिए।
मुख्य बिंदु:
• उत्पादों को समय पर बदलना संक्रमण से बचाता है।
• स्वच्छता न रखने से गंभीर बीमारियाँ या संक्रमण हो सकते हैं।
• कचरे का उचित निपटान पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए जरूरी है।
आम गलतियाँ:
• उत्पादों को लंबे समय तक बिना बदले इस्तेमाल करना।
• हाथ धोने के चरण को छोड़ देना।
• उचित निपटान के तरीके न बताना।
Exam Tips:
a) स्वच्छता से जुड़े सभी मुख्य बिंदुओं को क्रमानुसार लिखें।
b) 'संक्रमण से बचाव' और 'नियमित बदलाव' जैसे शब्दों का प्रयोग अवश्य करें।
c) सामाजिक स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से उत्तर को संवेदनशील और स्पष्ट रखें।
Question 10: जनन कोशिकाएँ (युग्मक) किस प्रक्रिया द्वारा बनती हैं और इसमें गुणसूत्रों की संख्या क्यों घटती है?
Answer:
युग्मकों के निर्माण की इस प्रक्रिया को युग्मकजनन (Gametogenesis) कहते हैं, जो नर में वृषणों और मादा में अंडाशयों के भीतर अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) द्वारा होती है।
इस विभाजन के दौरान गुणसूत्रों की संख्या आधी (अगुणित या n) हो जाती है।
गुणसूत्रों की संख्या इसलिए घटती है ताकि निषेचन के समय नर युग्मक और मादा युग्मक के संलयन से बनने वाले युग्मनज (Zygote) में गुणसूत्रों की कुल संख्या जनकों के समान (मानव में 46) बनी रहे।
मुख्य बिंदु:
• अर्धसूत्री विभाजन द्वारा गुणसूत्र संख्या आधी हो जाती है।
• युग्मक अगुणित (n) होते हैं जबकि युग्मनज द्विगुणित (2n) होता है।
• यह प्रक्रिया प्रजाति में गुणसूत्रों की संख्या पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थिर रखती है।
आम गलतियाँ:
• समसूत्री और अर्धसूत्री विभाजन में भ्रमित होना।
• गुणसूत्र संख्या आधी होने का कारण स्पष्ट न करना।
• जनकों और संतति की गुणसूत्र संख्या का गलत उल्लेख करना।
Exam Tips:
a) 'अर्धसूत्री विभाजन' और 'युग्मनज' शब्दों को प्रमुखता से लिखें।
b) आनुवंशिक स्थिरता के महत्व को एक वाक्य में जरूर समझाएँ।
c) मानव का उदाहरण (46 गुणसूत्र) देकर उत्तर को स्पष्ट करें।
Free study material for Science
Science Class 9 Curriculum Solutions: Chapter 11 जनन जीवन की निरंतरता
Official NCERT Solutions for Chapter 11 जनन जीवन की निरंतरता
Access structured NCERT textbook solutions for Chapter 11 जनन जीवन की निरंतरता. Designed in alignment with the latest academic curriculum for Class 9 Science, these answers cover all end-of-chapter exercises to support daily learning and homework completion.
Step-by-Step Explanations for Chapter 11 जनन जीवन की निरंतरता
Clear, methodical explanations accompany every challenging problem within the Class 9 Science text. Engaging with these detailed answers lays a solid foundation for advanced learning and improves foundational clarity for upcoming assessments.
Next Steps in Your Science Revision
These resources act as an effective roadmap for daily homework tasks and independent study. Supplement your review of Chapter 11 जनन जीवन की निरंतरता with official sample papers and interactive practice tests available on our platform free of charge.
FAQs
The complete and updated NCERT Solutions Class 9 Science Chapter 11 Reproduction How Life Continues (जनन जीवन की निरंतरता) Short Answer Questions in Hindi is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 9 Science are as per latest NCERT curriculum.
Yes, our experts have revised the NCERT Solutions Class 9 Science Chapter 11 Reproduction How Life Continues (जनन जीवन की निरंतरता) Short Answer Questions in Hindi as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Science concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.
Toppers recommend using NCERT language because NCERT marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our NCERT Solutions Class 9 Science Chapter 11 Reproduction How Life Continues (जनन जीवन की निरंतरता) Short Answer Questions in Hindi will help students to get full marks in the theory paper.
Yes, we provide bilingual support for Class 9 Science. You can access NCERT Solutions Class 9 Science Chapter 11 Reproduction How Life Continues (जनन जीवन की निरंतरता) Short Answer Questions in Hindi in both English and Hindi medium.
Yes, you can download the entire NCERT Solutions Class 9 Science Chapter 11 Reproduction How Life Continues (जनन जीवन की निरंतरता) Short Answer Questions in Hindi in printable PDF format for offline study on any device.