NCERT Solutions Class 9 Science Chapter 04 Describing Motion Around Us (अपने परिवेश में गति का वर्णन) Short Answer Questions in Hindi

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Question 1: चलित दूरी और विस्थापन में कोई तीन अंतर लिखिए।

Answer:

चलित दूरी और विस्थापन में निम्नलिखित तीन मुख्य अंतर हैं:
1. चलित दूरी एक अदिश राशि है, जबकि विस्थापन एक सदिश राशि है।
2. दूरी का मान सदैव धनात्मक होता है, जबकि विस्थापन का मान धनात्मक, ऋणात्मक या शून्य हो सकता है।
3. विस्थापन का परिमाण सदैव दूरी से कम या उसके बराबर होता है, यह कभी भी दूरी से अधिक नहीं हो सकता है।

मुख्य बिंदु:

• दूरी वस्तु द्वारा तय किए गए कुल मार्ग की लंबाई है।
• विस्थापन प्रारंभिक और अंतिम स्थिति के बीच की न्यूनतम दूरी है।
• अदिश राशि में केवल परिमाण होता है, जबकि सदिश में परिमाण और दिशा दोनों होते हैं।

आम गलतियाँ:

• छात्रों को लगता है कि विस्थापन हमेशा धनात्मक होता है।
• दूरी और विस्थापन के मात्रक में भ्रमित होना।
• सदिश और अदिश राशियों की परिभाषा में गलती करना।

Exam Tips:

a) अंतर हमेशा तालिका (table) के रूप में लिखें ताकि परीक्षा में अच्छे अंक मिल सकें।
b) प्रत्येक बिंदु में दोनों राशियों के गुण स्पष्ट रूप से तुलनात्मक रूप में बताएं।
c) SI मात्रक का उल्लेख करना न भूलें।

 

Question 2: एकसमान सरल रेखीय गति और असमान सरल रेखीय गति में अंतर स्पष्ट कीजिए।

Answer:

एकसमान सरल रेखीय गति और असमान सरल रेखीय गति में अंतर इस प्रकार है:
जब कोई वस्तु किसी सरल रेखा में गति करती है और समान समय अंतराल में समान दूरियाँ तय करती है, तो उसकी गति को एकसमान सरल रेखीय गति कहते हैं, जिसमें वस्तु अचर चाल से चलती है।
इसके विपरीत, यदि कोई वस्तु समान समय अंतराल में असमान दूरियाँ तय करती है, तो वह असमान सरल रेखीय गति कहलाती है, जिसमें वस्तु की चाल लगातार बढ़ती या घटती रहती है।

मुख्य बिंदु:

• एकसमान गति में त्वरण शून्य होता है।
• असमान गति में त्वरण शून्य नहीं होता है।
• समय अंतराल हमेशा निश्चित और समान होना चाहिए तुलना के लिए।

आम गलतियाँ:

• एकसमान गति को केवल 'स्थिर' समझ लेना।
• समय अंतराल को समान न मानना।
• त्वरण की उपस्थिति और अनुपस्थिति को स्पष्ट न करना।

Exam Tips:

• परिभाषा के साथ दैनिक जीवन का एक छोटा उदाहरण भी दें।
• 'अचर चाल' और 'परिवर्ती चाल' शब्दों का सही प्रयोग करें।
• उत्तर को पैराग्राफ या बिंदुओं में स्पष्ट रूप से विभाजित करें।

 

Question 3: वेग और चाल में मुख्य अंतर क्या है?

Answer:

चाल और वेग में मुख्य अंतर निम्नलिखित हैं:
चाल एक अदिश राशि है जो केवल यह बताती है कि वस्तु कितनी तेज गति से चल रही है, इसकी कोई निश्चित दिशा नहीं होती है।
दूसरी ओर, वेग एक सदिश राशि है जिसमें परिमाण के साथ-साथ एक निश्चित दिशा भी होती है।
दोनों का SI मात्रक \( \text{m s}^{-1} \) समान होता है।

मुख्य बिंदु:

• चाल = दूरी / समय
• वेग = विस्थापन / समय
• चाल कभी ऋणात्मक या शून्य नहीं हो सकती यदि वस्तु गतिमान है, जबकि वेग शून्य हो सकता है।

आम गलतियाँ:

• दोनों का SI मात्रक अलग लिखना।
• वेग में दिशा के महत्व को न समझाना।
• चाल को सदिश राशि मान लेना।

Exam Tips:

a) दोनों के सूत्र लिखकर अंतर समझाएं।
b) SI मात्रक को \( \text{m s}^{-1} \) या मीटर प्रति सेकंड के रूप में लिखें।
c) मुख्य अंतर 'दिशा' के आधार पर स्पष्ट करें।

 

Question 4: उदाहरण सहित समझाइए कि माध्य वेग शून्य होते हुए भी माध्य चाल शून्य नहीं हो सकती।

Answer:

जब कोई तैराक तरण-ताल (स्विंग पूल) के एक किनारे से दूसरे किनारे तक तैरकर वापस उसी मूल स्थान पर लौट आता है, तो उसका कुल विस्थापन शून्य हो जाता है, जिसके कारण उसका माध्य वेग भी शून्य हो जाता है।
परंतु तैराक द्वारा तय की गई कुल दूरी शून्य नहीं होती, उसने कुछ वास्तविक लंबाई तय की होती है, इसलिए उसकी माध्य चाल शून्य नहीं होती है।

मुख्य बिंदु:

• माध्य वेग विस्थापन पर निर्भर करता है।
• माध्य चाल कुल तय की गई दूरी पर निर्भर करती है।
• गोलाकार या चक्रीय पथ पर यह स्थिति अक्सर उत्पन्न होती है।

आम गलतियाँ:

• वेग और चाल दोनों को एक ही मान लेना।
• विस्थापन और दूरी को एक ही समझ लेना।
• उदाहरण में तैराक के स्थान पर गलत संदर्भ देना।

Exam Tips:

a) तैराक या वृत्ताकार पथ का उदाहरण अवश्य दें।
b) सूत्र लिखकर स्पष्ट करें कि विस्थापन शून्य होने से वेग शून्य क्यों होता है।
c) भाषा सरल और वैज्ञानिक रखें।

 

Question 5: सरल रेखीय स्थिति-समय ग्राफ और वक्ररेखीय स्थिति-समय ग्राफ में क्या अंतर है?

Answer:

सरल रेखीय स्थिति-समय ग्राफ और वक्ररेखीय स्थिति-समय ग्राफ में अंतर निम्नलिखित है:
कोई सरल रेखीय स्थिति-समय ग्राफ यह इंगित करता है कि वस्तु नियत वेग से गतिमान है, अर्थात इसका त्वरण शून्य है।
इसके विपरीत, वक्रित स्थिति-समय ग्राफ यह दर्शाता है कि वस्तु का वेग नियत नहीं है और वस्तु त्वरित गति कर रही है, अर्थात इस स्थिति में त्वरण उपस्थित होता है।

मुख्य बिंदु:

• सरल रेखा का ढाल (slope) नियत वेग को दर्शाता है।
• वक्र रेखा का ढाल लगातार बदलता रहता है।
• स्थिति-समय ग्राफ का ढाल हमेशा वेग प्रदान करता है।

आम गलतियाँ:

• ग्राफ के ढाल को समय मान लेना।
• त्वरण और वेग में भ्रमित होना।
• वक्र ग्राफ का अर्थ समान गति समझ लेना।

Exam Tips:

a) ग्राफ बनाकर स्पष्ट करने का प्रयास करें।
b) 'नियत वेग' और 'त्वरित गति' शब्दों का सही प्रयोग करें।
c) ढाल (Slope) की अवधारणा का उल्लेख जरूर करें।

 

Question 6: गुरुत्वीय त्वरण (g) के संबंध में क्रियाकलाप 4.2 के उदाहरण से क्या निष्कर्ष निकाला गया?

Answer:

क्रियाकलाप 4.2 के अनुसार, जब किसी वस्तु को ऊपर से गिराया जाता है, तो प्रत्येक क्रमागत 1 सेकंड के समय अंतराल में माध्य त्वरण का परिमाण \( 9.8\text{ m s}^{-2} \) नियत रहता है।
चूँकि वस्तु का वेग लगातार बढ़ रहा होता है, इसलिए त्वरण हमेशा गति की दिशा में कार्य करता है, जिसे गुरुत्वीय त्वरण 'g' कहा जाता है।

मुख्य बिंदु:

• गुरुत्वीय त्वरण का मान पृथ्वी की सतह पर लगभग स्थिर रहता है।
• यह मुक्त रूप से गिरने वाली वस्तु पर लागू होता है।
• इसका मात्रक \( \text{m s}^{-2} \) होता है।

आम गलतियाँ:

• g के मान को हर जगह अलग बताना।
• त्वरण और वेग को एक ही मान लेना।
• मात्रक गलत लिखना।

Exam Tips:

a) मान \( 9.8\text{ m s}^{-2} \) को स्पष्ट रूप से लिखें।
b) मुक्त पतन (Free fall) की अवधारणा को समझें।
c) दिशा हमेशा नीचे की ओर (पृथ्वी के केंद्र की तरफ) होती है।

 

Question 7: सुरक्षित दूरी बनाए रखना क्यों आवश्यक है, वाहन चालक के संदर्भ में समझाइए।

Answer:

जब किसी गतिमान वाहन में ब्रेक लगाए जाते हैं, तो वह तुरंत नहीं रुकता बल्कि विरामावस्था में आने से पूर्व कुछ दूरी तय करता है।
यह दूरी वाहन के वेग, सड़क की सतह, ब्रेक की क्षमता और चालक के प्रतिक्रिया काल पर निर्भर करती है।
इसलिए आगे वाले वाहन से सुरक्षित दूरी बनाए रखना आवश्यक है ताकि किसी भी आपात स्थिति में टक्कर से बचा जा सके।

मुख्य बिंदु:

• प्रतिक्रिया काल (Reaction time) वह समय है जो चालक को देखने और ब्रेक लगाने में लगता है।
• अधिक गति होने पर रुकने की दूरी (Stopping distance) बढ़ जाती है।
• सड़क सुरक्षा के नियमों का यह एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

आम गलतियाँ:

• ब्रेक लगाते ही वाहन के तुरंत रुकने का भ्रम पालना।
• प्रतिक्रिया काल को नजरअंदाज करना।
• गति और रुकने की दूरी के संबंध को न समझना।

Exam Tips:

a) दैनिक जीवन के अनुभव का हवाला देते हुए उत्तर लिखें।
b) प्रतिक्रिया काल और रुकने की दूरी जैसे वैज्ञानिक शब्दों का प्रयोग करें।
c) सुरक्षा के दृष्टिकोण से कारण स्पष्ट करें।

 

Question 8: एकसमान वृत्तीय गति में वस्तु त्वरित क्यों मानी जाती है, जबकि चाल स्थिर रहती है?

Answer:

एकसमान वृत्तीय गति में वस्तु की चाल तो अचर (स्थिर) रहती है, किंतु वेग की दिशा प्रत्येक क्षण परिवर्तित होती रहती है, क्योंकि वेग की दिशा सदैव वृत्त की स्पर्शरेखा (Tangent) के अनुदिश होती है।
चूँकि वेग के परिमाण के समान रहने पर भी उसकी दिशा में निरंतर परिवर्तन होता रहता है, इसलिए वेग में परिवर्तन के कारण इस गति में त्वरण उत्पन्न होता है और इसे त्वरित गति कहा जाता है।

मुख्य बिंदु:

• वेग एक सदिश राशि है, जो परिमाण और दिशा दोनों पर निर्भर करती है।
• दिशा बदलने से भी वेग बदल जाता है।
• केंद्र की ओर लगने वाला बल अभिकेंद्र बल कहलाता है।

आम गलतियाँ:

• चाल स्थिर होने पर त्वरण शून्य मान लेना।
• स्पर्शरेखा की दिशा को नजरअंदाज करना।
• वेग और चाल को एक ही मानना।

Exam Tips:

a) 'दिशा में परिवर्तन' मुख्य कारण है, इसे स्पष्ट रूप से रेखांकित करें।
b) स्पर्शरेखा (Tangent) शब्द का प्रयोग अनिवार्य रूप से करें।
c) समझाइए कि सदिश राशि होने के नाते दिशा बदलने से वेग बदल जाता है।

 

Question 9: किसी वृत्ताकार पथ पर एक परिक्रमा पूर्ण करने में चलित दूरी और विस्थापन कैसे ज्ञात किए जाते हैं?

Answer:

किसी वृत्ताकार पथ पर एक परिक्रमा पूर्ण करने में चलित दूरी उस वृत्त की परिधि के बराबर होती है, जिसका सूत्र \( 2\pi R \) होता है (जहाँ \( R \) वृत्त की त्रिज्या है)।
इसके विपरीत, एक परिक्रमा पूरी करने के बाद वस्तु अपनी प्रारंभिक स्थिति पर वापस लौट आती है, इसलिए इस स्थिति में कुल विस्थापन शून्य होता है।

मुख्य बिंदु:

• परिधि का सूत्र \( 2\pi R \) उपयोग किया जाता है।
• प्रारंभिक और अंतिम बिंदु एक ही होने पर विस्थापन शून्य होता है।
• यह वृत्तीय गति के मूलभूत नियमों पर आधारित है।

आम गलतियाँ:

• एक परिक्रमा के बाद विस्थापन को \( 2\pi R \) मान लेना।
• त्रिज्या और व्यास में भ्रमित होना।
• दूरी और विस्थापन के अंतर को स्पष्ट न करना।

Exam Tips:

a) गणितीय सूत्र \( 2\pi R \) को स्पष्ट रूप से लिखें।
b) विस्थापन शून्य होने का कारण (मूल स्थिति पर वापसी) अवश्य बताएं।
c) दोनों भागों (दूरी और विस्थापन) को अलग-अलग headings के तहत समझाएं।

 

Question 10: शुद्धगतिक समीकरण किन परिस्थितियों में ही वैध होते हैं?

Answer:

शुद्धगतिक समीकरण (Equations of motion) केवल उसी स्थिति में वैध होते हैं जब वस्तु का त्वरण नियत (Constant) रहता है।
एक ही दिशा में सरल रेखीय गति के लिए इनका उपयोग करते समय यह भी ध्यान रखना आवश्यक है कि इस विशेष स्थिति में चलित दूरी व विस्थापन तथा चाल व वेग के परिमाण आपस में बराबर होते हैं।

मुख्य बिंदु:

• समीकरण जैसे \( v = u + at \), \( s = ut + \frac{1}{2}at^2 \) केवल नियत त्वरण के लिए हैं।
• गति एक ही सरल रेखा में होनी चाहिए।
• परिवर्ती त्वरण के लिए ये समीकरण सीधे लागू नहीं होते।

आम गलतियाँ:

• किसी भी प्रकार की गति में इन्हें लगा देना।
• त्वरण के परिवर्ती होने पर भी इनका उपयोग करना।
• शर्तों को ध्यान में न रखना।

Exam Tips:

a) 'नियत त्वरण' शर्त का विशेष रूप से उल्लेख करें।
b) सरल रेखीय गति की शर्त को स्पष्ट करें।
c) परीक्षा में उत्तर लिखते समय मुख्य शर्तों को रेखांकित करें।

 

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