NCERT Solutions Class 9 Science Chapter 02 Cell The Building Block of Life (कोशिका जीवन की निर्माण इकाई) Very Short Answer Questions in Hindi

Step-by-Step Textbook Solutions for Class 9 Science Chapter 02 कोशिका जीवन की निर्माण इकाई

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Question 1: मानव नेत्र की विभेदन सीमा कितनी होती है?

Answer:

मानव नेत्र की विभेदन सीमा लगभग \( 0.1 \text{ mm} \) होती है। इसका अर्थ है कि इस सीमा से कम दूरी पर स्थित दो अलग-अलग वस्तुएँ नग्न आँखों से पृथक् दिखाई नहीं देतीं।
अत्यंत सूक्ष्म वस्तुओं को देखने के लिए सूक्ष्मदर्शी (Microscope) का उपयोग किया जाता है।

मुख्य बिंदु:

• मानव आँख की न्यूनतम स्पष्ट दूरी या विभेदन क्षमता लगभग \( 0.1 \text{ mm} \) होती है。
• इस सीमा से छोटी संरचनाएँ अलग-अलग नहीं पहचानी जा सकतीं。
• सूक्ष्म जीवों और कोशिकाओं को देखने के लिए हमें आवर्धक यंत्रों की आवश्यकता होती है।

आम गलतियाँ:

• विद्यार्थी \( 0.1 \text{ mm} \) के स्थान पर \( 1 \text{ mm} \) लिख देते हैं।
• मात्रक (\( \text{mm} \) या \( \text{cm} \)) लिखना भूल जाते हैं।
• विभेदन सीमा और निकट बिंदु को आपस में मिला देना।

Exam Tips:

a) मान और मात्रक को हमेशा सही रूप में याद रखें。
b) उत्तर लिखते समय वैज्ञानिक शब्दों का स्पष्ट प्रयोग करें。
c) अति लघु उत्तरीय प्रश्नों में उत्तर संक्षिप्त और सटीक होना चाहिए।

 

Question 2: कोशिका शब्द सबसे पहले किसने दिया?

Answer:

‘कोशिका’ (Cell) शब्द सबसे पहले वैज्ञानिक रॉबर्ट हुक (Robert Hooke) ने वर्ष 1665 में दिया था। उन्होंने अपने द्वारा बनाए गए साधारण सूक्ष्मदर्शी से पेड़ की छाल (कर्क) की पतली काट का निरीक्षण किया था और उसमें मधुमक्खी के छत्ते जैसी कोष्ठनुमा संरचनाएँ देखी थीं, जिन्हें उन्होंने 'सेल' (Cell) नाम दिया।

मुख्य बिंदु:

• रॉबर्ट हुक ने 1665 में कॉर्क की कोशिकाओं की खोज की थी。
• लैटिन भाषा में 'सेल' का अर्थ एक छोटा कमरा होता है。
• उन्होंने वास्तव में मृत कोशिकाओं (कॉर्क ऊतक) को देखा था।

आम गलतियाँ:

• रॉबर्ट हुक की जगह लीववेनहॉक (जीवित कोशिका की खोज) का नाम लिख देना।
• वर्ष 1665 के स्थान पर अन्य वर्ष लिखना।
• 'सेल' शब्द के अर्थ को स्पष्ट न करना।

Exam Tips:

a) वैज्ञानिक का नाम और खोज का वर्ष ठीक से याद रखें।
b) मृत कोशिका और जीवित कोशिका की खोज करने वाले वैज्ञानिकों में अंतर स्पष्ट रखें।
c) मुख्य बिंदुओं को रेखांकित करें ताकि परीक्षक का ध्यान आकर्षित हो।

 

Question 3: प्लाज्मा झिल्ली किसे कहते हैं?

Answer:

कोशिका के सबसे बाहरी आवरण को कोशिका झिल्ली या प्लाज्मा झिल्ली (Plasma Membrane) कहते हैं। यह कोशिका के आंतरिक घटकों को बाहरी पर्यावरण से अलग रखती है और यह एक वर्णात्मक पारगम्य झिल्ली होती है जो कुछ चुनिंदा पदार्थों को ही अंदर या बाहर जाने देती है।

मुख्य बिंदु:

• यह जीवित, बहुत पतली और लचीली झिल्ली होती है।
• यह मुख्य रूप से लिपिड और प्रोटीन से बनी होती है。
• यह कोशिका के अंदर के पदार्थों को बाहरी वातावरण से बचाती है।

आम गलतियाँ:

• इसे केवल पादप कोशिका की विशेषता बता देना (जबकि यह जंतु और पादप दोनों में होती है)।
• कोशिका भित्ति और प्लाज्मा झिल्ली को एक ही मान लेना।
• इसकी वर्णात्मक पारगम्यता का उल्लेख न करना।

Exam Tips:

a) परिभाषा में 'वर्णात्मक पारगम्य' शब्द का प्रयोग अवश्य करें।
b) यह स्पष्ट करें कि यह किस पदार्थ की बनी होती है।
c) चित्र के माध्यम से इसकी स्थिति स्पष्ट करने का अभ्यास करें।

 

Question 4: परासरण क्या है?

Answer:

वर्णात्मक पारगम्य झिल्ली के माध्यम से जल के अणुओं की उच्च जल सांद्रता से निम्न जल सांद्रता की ओर गति को परासरण (Osmosis) कहते हैं। यह विसरण का ही एक विशेष रूप है जो केवल विलायक (जल) के अणुओं पर लागू होता है।

मुख्य बिंदु:

• इसमें वर्णात्मक पारगम्य झिल्ली का होना आवश्यक है。
• गति हमेशा अधिक सांद्रता से कम सांद्रता की ओर होती है。
• यह जीव कोशिकाओं में जल संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।

आम गलतियाँ:

• परासरण और विसरण की परिभाषा में भ्रमित होना।
• झिल्ली (Membrane) की अनिवार्यता का उल्लेख न करना।
• केवल ठोस पदार्थों की गति मान लेना।

Exam Tips:

a) परिभाषा में 'वर्णात्मक पारगम्य झिल्ली' शब्द लिखना न भूलें।
b) उदाहरण के साथ इसे समझें ताकि दीर्घ उत्तरीय प्रश्न में भी मदद मिले。
c) विसरण और परासरण के बीच का मुख्य अंतर याद रखें।

 

Question 5: विसरण क्या है?

Answer:

पदार्थों (गैस, द्रव या ठोस) के कणों का अपनी उच्च सांद्रता के क्षेत्र से निम्न सांद्रता के क्षेत्र की ओर स्वतः गति करके फैलने की प्रक्रिया को विसरण (Diffusion) कहते हैं। इसमें किसी झिल्ली की आवश्यकता नहीं होती है।

मुख्य बिंदु:

• यह गैसों, द्रवों और ठोसों तीनों में हो सकता है (गैसों में सबसे तेज)।
• इसमें किसी भी प्रकार की अर्धपारगम्य झिल्ली की आवश्यकता नहीं होती है。
• यह तब तक जारी रहता है जब तक सांद्रता दोनों तरफ समान न हो जाए।

आम गलतियाँ:

• विसरण में भी झिल्ली का होना आवश्यक मान लेना।
• केवल गैसों तक विसरण को सीमित समझ लेना।
• सांद्रता प्रवणता (Concentration gradient) की दिशा गलत लिखना।

Exam Tips:

a) परासरण और विसरण की तुलना करते हुए उत्तर तैयार करें।
b) दैनिक जीवन का उदाहरण (जैसे इत्र की खुशबू फैलना) याद रखें।
c) मुख्य बिंदुओं को बुलेट पॉइंट्स में लिखें।

 

Question 6: कोशिका भित्ति किन कोशिकाओं में पाई जाती है?

Answer:

कोशिका भित्ति मुख्य रूप से पादप (Plant), कवक (Fungi) और जीवाणुओं (Bacteria) की कोशिकाओं में पाई जाती है। यह जंतु कोशिकाओं में अनुपस्थित होती है।

मुख्य बिंदु:

• पादप कोशिकाओं में यह सेल्युलोस की बनी होती है。
• यह प्लाज्मा झिल्ली के बाहर का अतिरिक्त कठोर आवरण है。
• यह कोशिकाओं को यांत्रिक सहारा और सुरक्षा प्रदान करती है।

आम गलतियाँ:

• जंतु कोशिकाओं में भी कोशिका भित्ति होना मान लेना।
• केवल पादपों का नाम लिखकर कवक और जीवाणुओं को छोड़ देना।
• इसकी स्थिति गलत बताना।

Exam Tips:

a) तीनों समूहों (पादप, कवक, जीवाणु) का नाम स्पष्ट रूप से लिखें।
b) पादप और जंतु कोशिका में यह मुख्य अंतर है, इसे विशेष रूप से याद रखें。
c) उत्तर को बिंदुवार लिखकर स्पष्टता बढ़ाएँ।

 

Question 7: पादप कोशिका भित्ति मुख्यतः किससे बनी होती है?

Answer:

पादप कोशिका भित्ति प्राथमिक रूप से सेल्युलोस (Cellulose) नामक जटिल कार्बोहाइड्रेट से बनी होती है। सेल्युलोस पौधों को संरचनात्मक दृढ़ता प्रदान करता है।

मुख्य बिंदु:

• सेल्युलोस एक जटिल पॉलीसैकेराइड कार्बोहाइड्रेट है।
• यह पादप कोशिका को अत्यधिक यांत्रिक सामर्थ्य और दृढ़ता देती है。
• यह पादपों को बिना फटे अत्यधिक आर्ता या दबाव सहन करने में सहायता करती है।

आम गलतियाँ:

• सेल्युलोस की जगह प्रोटीन या वसा लिख देना।
• स्पेलिंग की अशुद्धि करना (सेल्युलोस के बजाय कुछ और लिखना)।
• इसे प्लाज्मा झिल्ली का घटक मान लेना।

Exam Tips:

a) रासायनिक यौगिक का नाम (सेल्युलोस) सही वर्तनी के साथ लिखें।
b) यह किस प्रकार का पदार्थ है (कार्बोहाइड्रेट), इसका उल्लेख अवश्य करें।
c) एक-दो वाक्यों में सटीक उत्तर दें।

 

Question 8: प्रोकैरियोटिक कोशिका किसे कहते हैं?

Answer:

ऐसी कोशिकाएँ जिनमें स्पष्ट केंद्रक और झिल्ली-आबद्ध कोशिकांग (যেমন- माइटोकॉन्ड्रिया, गॉल्जी उपकरण आदि) नहीं होते हैं, उन्हें प्रोकैरियोटिक कोशिका (Prokaryotic Cell) कहते हैं। इनमें आनुवंशिक पदार्थ केंद्रक झिल्ली से घिरा नहीं होता है।

मुख्य बिंदु:

• इनका आकार सामान्यतः बहुत छोटा होता है (\( 1-10 \mu m \))।
• इनमें केंद्रक क्षेत्र को 'केंद्रकाभ' कहते हैं।
• उदाहरण के लिए, नीले-हरे शैवाल और जीवाणु (Bacteria)।

आम गलतियाँ:

• प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक की परिभाषा में अंतर न कर पाना।
• झिल्ली-आबद्ध अंगों की अनुपस्थिति को भूल जाना।
• सही उदाहरण न दे पाना।

Exam Tips:

a) परिभाषा में 'स्पष्ट केंद्रक' और 'झिल्ली-आबद्ध कोशिकांग' शब्दों का प्रयोग जरूर करें।

b) प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक का अंतर तालिका बनाकर याद रखें।
c) उदाहरण सहित उत्तर लिखने से पूरे अंक मिलते हैं।

 

Question 9: केंद्रकाभ क्या है?

Answer:

प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में आनुवंशिक पदार्थ (DNA) के चारों ओर कोई केंद्रक झिल्ली नहीं पाई जाती है। बिना झिल्ली वाले इस आनुवंशिक पदार्थयुक्त क्षेत्र को ही केंद्रकाभ (Nucleoid) कहते हैं।

मुख्य बिंदु:

• यह प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं की प्रमुख विशेषता है।
• इसमें केवल न्यूक्लिक अम्ल (DNA) होता है जो किसी आवरण से ढका नहीं होता।
• यह सुविकसित केंद्रक का प्रारंभिक रूप माना जाता है।

आम गलतियाँ:

• इसे सुविकसित केंद्रक मान लेना।
• केंद्रक और केंद्रकाभ को एक ही समझ लेना।
• झिल्ली की अनुपस्थिति का उल्लेख न करना।

Exam Tips:

a) शब्दावली पर विशेष ध्यान दें (केंद्रकाभ यानी Nucleoid)।
b) यह स्पष्ट करें कि यह केवल प्रोकैरियोटिक जीवों में पाया जाता है।
c) उत्तर को सरल और स्पष्ट भाषा में लिखें।

 

Question 10: राइबोसोम का मुख्य कार्य क्या है?

Answer:

राइबोसोम का मुख्य कार्य प्रोटीन का संश्लेषण (Protein Synthesis) करना है। इसीलिए राइबोसोम को कोशिका की 'प्रोटीन की फैक्टरी' (Protein Factory) भी कहा जाता है।

मुख्य बिंदु:

• यह सभी कोशिकाओं (प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक दोनों) में पाया जाता है।
• यह झिल्ली-रहित कोशिकांग है।
• यह अंतःद्रव्यी जालिका (ER) की सतह पर या कोशिकाद्रव्य में स्वतंत्र रूप से मिलता है।

आम गलतियाँ:

• राइबोसोम को ऊर्जा उत्पादन से जोड़ देना।
• इसे झिल्ली-युक्त कोशिकांग लिख देना।
• 'प्रोटीन की फैक्टरी' उपनाम का उल्लेख न करना।

Exam Tips:

a) मुख्य कार्य 'प्रोटीन संश्लेषण' को मुख्य रूप से दर्शाएँ।
b) इसके उपनाम 'प्रोटीन की फैक्टरी' का उल्लेख करने से उत्तर प्रभावशाली बनता है।
c) यह याद रखें कि यह झिल्ली-रहित होता है।

 

Question 11: माइटोकॉन्ड्रिया को 'ऊर्जा केंद्र' क्यों कहते हैं?

Answer:

माइटोकॉन्ड्रिया को कोशिका का 'ऊर्जा केंद्र' (Powerhouse of the cell) इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह कोशिकीय श्वसन की क्रिया द्वारा ऊर्जा को एटीपी (ATP - Adenosine Triphosphate) के रूप में उत्पन्न करता है, जिसका उपयोग कोशिका विभिन्न कार्यों के लिए करती है।

मुख्य बिंदु:

• एटीपी (ATP) को कोशिका की 'ऊर्जा मुद्रा' (Energy currency) कहते हैं。
• यह रासायनिक ऊर्जा को शरीर की अन्य गतिविधियों के लिए उपलब्ध कराता है。
• इसकी अपनी डीएनए और राइबोसोम होते हैं।

आम गलतियाँ:

• ATP का पूरा नाम या इसका अर्थ न बताना।
• ऊर्जा उत्पादन की प्रक्रिया (कोशिकीय श्वसन) का उल्लेख न करना।
• केवल उपनाम लिखकर कारण न बताना।

Exam Tips:

a) कारण स्पष्ट करते समय 'ATP' शब्द का प्रयोग अवश्य करें।
b) माइटोकॉन्ड्रिया को 'पावरहाउस' क्यों कहते हैं, यह परीक्षा में बार-बार पूछा जाता है।
c) उत्तर में वैज्ञानिक शब्दावली का सटीक प्रयोग करें।

 

Question 12: गॉल्जी उपकरण की खोज किसने की?

Answer:

गॉल्जी उपकरण (Golgi Apparatus) की खोज इतालवी वैज्ञानिक कैमिलो गॉल्जी (Camillo Golgi) ने वर्ष 1898 में की थी। उन्हीं के नाम पर इस कोशिकांग का नाम गॉल्जीकाय या गॉल्जी उपकरण रखा गया।

मुख्य बिंदु:

• इसकी खोज सबसे पहले उल्लू की तंत्रिका कोशिकाओं में की गई थी।
• यह झिल्ली-युक्त पुटिकाओं का एक तंत्र है जो एक-दूसरे के ऊपर समानांतर रूप से व्यवस्थित रहती हैं。
• इसका मुख्य कार्य पदार्थों का संचयन, रूपांतरण और पैकेजिंग करना है।

आम गलतियाँ:

• वैज्ञानिक के नाम की वर्तनी गलत लिखना।
• खोज का वर्ष गलत लिख देना।
• अन्य कोशिकांगों के खोजकर्ताओं से मिला देना।

Exam Tips:

a) वैज्ञानिक का नाम और वर्ष दोनों याद रखना अनिवार्य है।
b) अति लघु उत्तरीय प्रश्नों में सीधा और तथ्यात्मक उत्तर दें।
c) वर्तनी (Spelling) की अशुद्धियों से बचें।

 

Question 13: हरितलवक में कौन-सा वर्णक पाया जाता है?

Answer:

हरितलवक (Chloroplast) में पर्णहरित (क्लोरोफिल - Chlorophyll) नामक हरा वर्णक पाया जाता है। यह वर्णक सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा को अवशोषित करने के लिए मुख्य रूप से उत्तरदायी होता है जो प्रकाश संश्लेषण में मदद करता है।

मुख्य बिंदु:

• क्लोरोफिल के कारण ही पौधों की पत्तियों का रंग हरा होता है।
• यह प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया में सौर ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में बदलता है।
• यह केवल पादप कोशिकाओं और कुछ शैवालों में पाया जाता है।

आम गलतियाँ:

• क्लोरोफिल के स्थान पर अन्य वर्णक का नाम लिख देना।
• हरितलवक और क्रोमोप्लास्ट में अंतर न समझना।
• इसके मुख्य कार्य (प्रकाश का अवशोषण) को छोड़ देना।

Exam Tips:

a) वर्णक का हिंदी नाम (पर्णहरित) और अंग्रेजी नाम (क्लोरोफिल) दोनों याद रखें।
b) प्रकाश संश्लेषण से इसका संबंध स्पष्ट करें।
c) उत्तर सटीक और बिंदुवार दें।

 

Question 14: अवर्णी लवक क्या भंडारण करते हैं?

Answer:

अवर्णी लवक (Leucoplasts) मुख्य रूप से स्टार्च (मंड), तेल और प्रोटीन जैसी खाद्य सामग्रियों का भंडारण (Storage) करते हैं। ये रंगहीन लवक होते हैं जो पौधों के ऐसे भागों में पाए जाते हैं जहाँ सूर्य का प्रकाश नहीं पहुँचता (जैसे जड़ें)।

मुख्य बिंदु:

• ये मुख्य रूप से रंगहीन (प्राथमिक रूप से सफेद) प्लास्टिड होते हैं।
• इनका मुख्य कार्य खाद्य पदार्थों का संचय करना है।
• ये पौधों के भूमिगत भागों (जैसे आलू, मूली आदि) में प्रचुरता से मिलते हैं।

आम गलतियाँ:

• अवर्णी लवक को रंगीन मान लेना (जबकि ये रंगहीन होते हैं)।
• भंडारण किए जाने वाले पदार्थों (स्टार्च, तेल, प्रोटीन) के नाम न लिखना।
• क्लोरोप्लास्ट और लेुकोप्लास्ट को एक समझ लेना।

Exam Tips:

a) अवर्णी लवक (Leucoplast) के कार्य और रंग दोनों स्पष्ट करें।
b) भंडारण सामग्री के तीनों नाम (स्टार्च, तेल, प्रोटीन) उल्लेखित करें।
c) छोटे प्रश्नों के लिए यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है।

 

Question 15: समसूत्री विभाजन से कितनी संतति कोशिकाएँ बनती हैं?

Answer:

समसूत्री विभाजन (Mitosis) से एक जनक कोशिका (Parent cell) से आनुवंशिक रूप से समान दो संतति कोशिकाएँ (Daughter cells) बनती हैं। इन संतति कोशिकाओं में गुणसूत्रों की संख्या जनक कोशिका के समान ही रहती है।

मुख्य बिंदु:

• इसमें एक कोशिका विभाजित होकर दो नई कोशिकाएँ बनाती है।
• नई कोशिकाएँ आनुवंशिक दृष्टि से बिल्कुल समान (समरूप) होती हैं।
• यह शरीर की वृद्धि और ऊतकों की मरम्मत के लिए आवश्यक है।

आम गलतियाँ:

• दो की जगह चार कोशिकाएँ लिख देना (जो अर्धसूत्री विभाजन में बनती हैं)।

• समसूत्री और अर्धसूत्री विभाजन में भ्रमित होना।
• आनुवंशिक समानता का उल्लेख न करना।

Exam Tips:

a) संख्या स्पष्ट रूप से लिखें (दो संतति कोशिकाएँ)।
b) यह याद रखें कि समसूत्री विभाजन शरीर की सामान्य वृद्धि के लिए होता है।
c) अर्धसूत्री (Meiosis) और समसूत्री (Mitosis) के अंतर को हमेशा ध्यान में रखें।

 

Science Class 9 Curriculum Solutions: Chapter 02 कोशिका जीवन की निर्माण इकाई

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