NCERT Solutions Class 9 Science Chapter 02 Cell The Building Block of Life (कोशिका जीवन की निर्माण इकाई) Exercise Questions in Hindi

Official NCERT Solutions for Class 9 Science: Chapter 02 कोशिका जीवन की निर्माण इकाई

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Chapter-wise Solutions for Science: Chapter 02 कोशिका जीवन की निर्माण इकाई

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Question 1: कोष्ठक में दिए गए संकेतों के आधार पर निम्नलिखित युग्मों के बीच अंतर स्पष्ट कीजिए –
(i) कोशिका झिल्ली और कोशिका भित्ति (पारगम्यता)
(ii) रूक्ष अंतर्द्रव्यी जालिका और चिकनी अंतर्द्रव्यी जालिका (संरचना)
(iii) हरितलवक और वर्णीलवक (वर्णक)

Answer:

(i) कोशिका झिल्ली एक वरणात्मक पारगम्य झिल्ली होती है जो केवल कुछ चुनिंदा पदार्थों को ही अपने आर-पार जाने देती है, जबकि कोशिका भित्ति पूर्ण पारगम्य होती है और जल व विलेय पदार्थों सहित लगभग सभी अणुओं को स्वतंत्र रूप से जाने देती है।
(ii) रूक्ष अंतर्द्रव्यी जालिका (RER) की सतह पर राइबोसोम जुड़े होने के कारण यह खुरदरी दिखाई देती है और मुख्य रूप से चपटी सिस्टर्नी के रूप में होती है, जबकि चिकनी अंतर्द्रव्यी जालिका (SER) पर राइबोसोम नहीं होते और यह नलिकाकार जाल के रूप में होती है।
(iii) हरितलवक में हरा वर्णक क्लोरोफिल पाया जाता है जो प्रकाश-संश्लेषण में मदद करता है, जबकि वर्णीलवक में कैरोटिनॉइड जैसे अन्य वर्णक होते हैं जो फूलों और फलों को पीला, नारंगी या लाल रंग प्रदान करते हैं।

मुख्य बिंदु:

• कोशिका झिल्ली वरणात्मक पारगम्य होती है जबकि कोशिका भित्ति पूर्ण पारगम्य होती है।
• RER की सतह खुरदरी होती है क्योंकि उस पर राइबोसोम पाए जाते हैं।
• हरितलवक प्रकाश-संश्लेषण के लिए उत्तरदायी है जबकि वर्णीलवक रंग प्रदान करता है।

आम गलतियाँ:

• दोनों झिल्लियों की पारगम्यता की प्रकृति को मिला देना।
• RER और SER की संरचनात्मक भिन्नता को स्पष्ट न करना।
• वर्णकों के कार्यों और प्रकारों में भ्रमित होना।

Exam Tips:

a) अंतर स्पष्ट करते समय हमेशा बीच में रेखा खींचकर या बिंदुओं के रूप में तुलना करें।
b) कोष्ठक में दिए गए संकेतों (जैसे पारगम्यता, संरचना, वर्णक) को आधार बनाकर ही उत्तर लिखें।
c) मुख्य शब्दावली जैसे 'वरणात्मक पारगम्य' और 'सिस्टर्नी' का प्रयोग अवश्य करें।

 

Question 2: दो समान जंतु कोशिकाओं को दो अलग-अलग विलयनों में रखा जाता है –
कोशिका X को शुद्ध जल में रखा जाता है। कोशिका Y को नमक के सांद्र विलयन में रखा जाता है। कुछ समय पश्चात कोशिकाओं का अवलोकन किया जाता है। कोशिका X फूल जाती है और कोशिका Y संकुचित हो जाती है। निम्नलिखित में से कौन-सा कथन उपर्युक्त अवलोकनों का सही स्पष्टीकरण है?
(i) नमक के अणु कोशिका Y में प्रवेश कर गए जिस कारण वह संकुचित हो गई।
(ii) कोशिका X में जल प्रवेश कर गया और कोशिका Y से बाहर गए जल की मात्रा उसमें प्रवेश कर गए नमक के विलयन की मात्रा से अधिक थी।
(iii) कोशिका झिल्ली के माध्यम से जल कोशिका X में प्रवेश कर गया और कोशिका Y से बाहर चला गया।
(iv) विलेय के संचलन के कारण दोनों कोशिकाओं में परासरण हुआ।

Answer:

सही विकल्प: (iii) कोशिका झिल्ली के माध्यम से जल कोशिका X में प्रवेश कर गया और कोशिका Y से बाहर चला गया।
स्पष्टीकरण:
यह परिघटना परासरण पर आधारित है। शुद्ध जल एक अल्पपरासरणी विलयन है जिसमें सांद्रता कम होने के कारण जल कोशिका X के अंदर प्रवेश करता है जिससे वह फूल जाती है।
इसके विपरीत, सांद्र नमक विलयन एक अतिपरासरणी विलयन है जिसमें विलेय की सांद्रता अधिक होने के कारण कोशिका Y के अंदर से जल बाहर निकल जाता है और कोशिका संकुचित हो जाती है।

मुख्य बिंदु:

• परासरण में जल के अणु अर्ध-पारगम्य झिल्ली से गति करते हैं।
• अल्पपरासरणी विलयन में कोशिका फूल जाती है (अंतःपरासरण)।
• अतिपरासरणी विलयन में कोशिका सिकुड़ जाती है (बहिःपरासरण)।

आम गलतियाँ:

• यह सोचना कि नमक के अणु कोशिका के अंदर प्रवेश करते हैं।
• परासरण और विसरण की परिभाषा में अंतर न समझ पाना।
• विलयन की सांद्रता और कोशिका के अंदर की सांद्रता के संबंध को गलत समझना।

Exam Tips:

a) बहुविकल्पीय प्रश्नों में सही विकल्प के साथ उसका संक्षिप्त वैज्ञानिक कारण भी समझें।
b) अल्पपरासरणी और अतिपरासरणी शब्दों के अर्थ स्पष्ट होने चाहिए।
c) यह ध्यान रखें कि परासरण में केवल विलायक (जल) के अणुओं की गति होती है।

 

Question 3: चित्र 2.20 में एक कोशिका का चित्र देखिए। (क) से (छ) तक चिह्नित भागों की पहचान कीजिए और नीचे दिए गए कार्यों से उनका सही मिलान कीजिए –
(i) कोशिका की सभी गतिविधियों का नियंत्रण करना। (ii) कोशिकीय श्वसन का स्थल। (iii) भंडारण कोशिकांग जो कोशिका को दृढ़ता भी प्रदान करता है। (iv) कोशिका के अवयवों को परिवेश से अलग करता है। (v) कोशिका को संरचनात्मक दृढ़ता प्रदान करता है। (vi) अंतर्द्रव्यी जालिका से प्राप्त सामग्री को पैक और संग्रहीत करता है। (vii) भोजन निर्माण में सहायता करता है।

Answer:

मिलान सूची:
(i) कोशिका की सभी गतिविधियों का नियंत्रण करना — (ख) केंद्रक
(ii) कोशिकीय श्वसन का स्थल — (क) माइटोकॉन्ड्रिया
(iii) भंडारण कोशिकांग जो कोशिका को दृढ़ता भी प्रदान करता है — (छ) रसधानी
(iv) कोशिका के अवयवों को परिवेश से अलग करता है — (च) कोशिका झिल्ली
(v) कोशिका को संरचनात्मक दृढ़ता प्रदान करता है — (ङ) कोशिका भित्ति
(vi) अंतर्द्रव्यी जालिका से प्राप्त सामग्री को पैक और संग्रहीत करता है — (ग) गॉल्जी उपकरण
(vii) भोजन निर्माण में सहायता करता है — (घ) हरितलवक

मुख्य बिंदु:

• केंद्रक कोशिका का नियंत्रण कक्ष है।
• माइटोकॉन्ड्रिया को ऊर्जा का पावर हाउस कहा जाता है।
• पादप कोशिका में रसधानी भंडारण और दृढ़ता का कार्य करती है।

आम गलतियाँ:

• चित्र के चिह्नों को आपस में मिला देना।
• कोशिका भित्ति और कोशिका झिल्ली के कार्यों में भ्रमित होना।
• माइटोकॉन्ड्रिया और हरितलवक के कार्यों को उल्टा लिख देना।

Exam Tips:

a) मिलान वाले प्रश्नों को हल करते समय तीर के निशान या आमने-सामने सही जोड़ी लिखकर दिखाएं।
b) डायग्राम के सभी नामांकित भागों के नाम अच्छी तरह याद रखें।
c) प्रत्येक कोशिकांग का मुख्य कार्य एक पंक्ति में दिमाग में स्पष्ट होना चाहिए।

 

Question 4: निम्नलिखित में से कोशिकांगों के कौन-से युग्म दिए गए वर्गों से सही सुमेलित हैं?
विकल्प (i) पादप कोशिका में उपस्थित: अवर्णी लवक, जंतु कोशिका में अनुपस्थित: कोशिका भित्ति
विकल्प (ii) पादप कोशिका में उपस्थित: माइटोकॉन्ड्रिया, जंतु कोशिका में अनुपस्थित: राइबोसोम
विकल्प (iii) पादप कोशिका में उपस्थित: कोशिका भित्ति, जंतु कोशिका में अनुपस्थित: गॉल्जी उपकरण
विकल्प (iv) पादप कोशिका में उपस्थित: लाइसोसोम, जंतु कोशिका में अनुपस्थित: अंतर्द्रव्यी जालिका

Answer:

दिए गए युग्मों का विश्लेषण:
(i) अवर्णी लवक पादप कोशिका में उपस्थित होता है तथा कोशिका भित्ति जंतु कोशिका में अनुपस्थित होती है — यह युग्म सही है।
(ii) राइबोसोम जंतु कोशिका में भी उपस्थित होता है — यह गलत है।
(iii) गॉल्जी उपकरण जंतु कोशिका में भी उपस्थित होता है — यह गलत है।
(iv) अंतर्द्रव्यी जालिका जंतु कोशिका में भी उपस्थित होती है — यह गलत है।
अतः सही विकल्प (i) है।

मुख्य बिंदु:

• लवक और कोशिका भित्ति मुख्य रूप से पादप कोशिकाओं की विशेषताएँ हैं।
• राइबोसोम, गॉल्जी उपकरण और अंतर्द्रव्यी जालिका दोनों प्रकार की कोशिकाओं में पाए जाते हैं।
• प्रत्येक कोशिकांग की उपस्थिति और अनुपस्थिति का सही ज्ञान होना आवश्यक है।

आम गलतियाँ:

• यह मान लेना कि सामान्य कोशिकांग केवल पादपों में होते हैं जंतुओं में नहीं।
• विकल्पों को बिना पढ़े जल्दबाजी में उत्तर देना।

Exam Tips:

a) पादप और जंतु कोशिकाओं के अंतर की तालिका को अच्छी तरह याद कर लें।
b) प्रत्येक विकल्प के दोनों भागों की सत्यता की जाँच करें।
c) कारण सहित उत्तर लिखने का अभ्यास करें ताकि गलतफहमी न रहे।

 

Question 5: दो विद्यार्थी, रेणु और रोहित लवकों पर चर्चा कर रहे थे। रेणु ने इस बात पर बल दिया कि पौधों के सभी भागों में यहाँ तक कि जड़ों में भी लवक होते हैं। यद्यपि रोहित इस कथन से सहमत नहीं था और उसने बताया कि पादप की जड़ों में लवक अनुपस्थित होते हैं क्योंकि जड़ें भूमिगत होती हैं और उन्हें प्रकाश-संश्लेषण करने की आवश्यकता नहीं होती। कौन सही है? अपने उत्तर का औचित्य सिद्ध कीजिए।

Answer:

रेणु का कथन सही है।
औचित्य:
पौधों की जड़ों में भी लवक पाए जाते हैं, हालांकि उनमें हरितलवक नहीं होते क्योंकि वे प्रकाश के संपर्क में नहीं रहतीं। जड़ों में श्वेतलवक (ल्यूकोप्लास्ट) पाए जाते हैं जो भोजन (जैसे स्टार्च, तेल एवं प्रोटीन) का संचय करने का कार्य करते हैं। अतः पौधों के सभी भागों में लवक उपस्थित होते हैं, परंतु उनके प्रकार अलग-अलग होते हैं।

मुख्य बिंदु:

• सभी पादप कोशिकाओं में किसी न किसी प्रकार के लवक अवश्य होते हैं।
• जड़ें प्रकाश-संश्लेषण नहीं करतीं इसलिए उनमें हरितलवक के स्थान पर श्वेतलवक होते हैं।
• श्वेतलवक खाद्य पदार्थों का संचय करते हैं।

आम गलतियाँ:

• यह सोचना कि केवल हरे भागों में ही लवक होते हैं।
• जड़ों में लवकों की उपस्थिति को पूरी तरह नकार देना।

Exam Tips:

a) लवक के विभिन्न प्रकारों (हरितलवक, वर्णीलवक, श्वेतलवक) के कार्य याद रखें।
b) वैज्ञानिक तर्कों के साथ अपने उत्तर की पुष्टि करें।
c) जीव विज्ञान के ऐसे वैचारिक प्रश्नों में निष्कर्ष स्पष्ट रूप से लिखें।

 

Question 6: माइटोकॉन्ड्रिया और हरितलवक एक पादप कोशिका के दो महत्त्वपूर्ण कोशिकांग हैं। विवेचना कीजिए कि ये दोनों कोशिकांग संरचनात्मक और कार्यात्मक रूप से एक-दूसरे से किस प्रकार समान और भिन्न हैं?

Answer:

समानताएँ:
• दोनों द्वि-झिल्ली (डबल मेंब्रेन) से घिरे कोशिकांग हैं।
• दोनों में स्वयं का आनुवंशिक पदार्थ (DNA) तथा राइबोसोम उपस्थित होते हैं।
• दोनों स्वयं कुछ प्रोटीनों का निर्माण करने में सक्षम हैं।
• दोनों कोशिका की ऊर्जा संबंधी गतिविधियों में मुख्य भूमिका निभाते हैं।

भिन्नताएँ:
• माइटोकॉन्ड्रिया सभी सजीव कोशिकाओं में पाए जाते हैं, जबकि हरितलवक केवल हरे पादपों और कुछ शैवाल कोशिकाओं में होते हैं।
• माइटोकॉन्ड्रिया कोशिकीय श्वसन द्वारा ऊर्जा उत्पन्न करता है, जबकि हरितलवक प्रकाश-संश्लेषण द्वारा भोजन का निर्माण करता है।
• हरितलवक में हरित वर्णक (क्लोरोफिल) होता है, जबकि माइटोकॉन्ड्रिया में यह नहीं होता।
• माइटोकॉन्ड्रिया को ऊर्जा गृह तथा हरितलवक को रसोईघर कहा जाता है।

मुख्य बिंदु:

• दोनों को अर्ध-स्वायत्त (semi-autonomous) कोशिकांग कहा जाता है क्योंकि इनका अपना DNA होता है।
• एक का कार्य ऊर्जा बनाना है और दूसरे का कार्य ऊर्जा का संचयन (भोजन निर्माण) करना है।
• दोनों की संरचना दोहरी झिल्ली वाली होती है।

आम गलतियाँ:

• केवल भिन्नताएँ लिखकर समानताएँ छोड़ देना।
• दोनों के मुख्य कार्यों को आपस में मिला देना।

Exam Tips:

a) अंतर और समानता लिखते समय शीर्षक (समानताएँ और भिन्नताएँ) का उपयोग करें।
b) बिंदुओं के रूप में उत्तर लिखने से परीक्षक पर अच्छा प्रभाव पड़ता है।
c) अर्ध-स्वायत्त कोशिकांग की विशेषताओं को हमेशा ध्यान में रखें।

 

Question 7: निम्नलिखित में से कोशिकांगों के कौन-से जोड़े में डीएनए होता है?
(i) हरितलवक, राइबोसोम
(ii) माइटोकॉन्ड्रिया, केंद्रक
(iii) गॉल्जी उपकरण, राइबोसोम
(iv) केंद्रक, लाइसोसोम

Answer:

सही विकल्प: (ii) माइटोकॉन्ड्रिया, केंद्रक
कारण:
कोशिका के अधिकांश आनुवंशिक पदार्थ (DNA) केंद्रक में पाए जाते हैं। इसके अतिरिक्त, माइटोकॉन्ड्रिया और हरितलवक ऐसे दो कोशिकांग हैं जिनका अपना स्वयं का DNA होता है। दिए गए विकल्पों में से केवल विकल्प (ii) में माइटोकॉन्ड्रिया और केंद्रक का युग्म दिया गया है जिसमें DNA उपस्थित होता है।

मुख्य बिंदु:

• केंद्रक मुख्य आनुवंशिक केंद्र है।
• माइटोकॉन्ड्रिया और हरितलवक में स्वयं का DNA होता है।
• अन्य कोशिकांगों में DNA नहीं पाया जाता।

आम गलतियाँ:

• राइबोसोम या लाइसोसोम में DNA होने की भ्रामक धारणा रखना।
• केवल केंद्रक को ही DNA युक्त मानना और अन्य कोशिकांगों को भूल जाना।

Exam Tips:

a) याद रखें कि केंद्रक के अलावा माइटोकॉन्ड्रिया और हरितलवक में भी DNA होता है।
b) सही विकल्प चुनने के बाद उसका वैज्ञानिक कारण अवश्य लिखें।

 

Question 8: एक शोधकर्ता ने एक प्रयोग किया जिसमें उसने समान आकार की दो गाजरों का उपयोग किया। उसने एक गाजर को साधारण जल में और दूसरी को नमक के सांद्र विलयन में रखा। 24 घंटे के पश्चात उसने अपने अवलोकन अभिलेखित किए।
(i) वह इस प्रयोग के माध्यम से कौन-सी परिकल्पना का परीक्षण करना चाहती है?
(ii) इस प्रयोग में सुधार के लिए आप क्या सुझाव देंगे?
(iii) साधारण जल में रखी हुई गाजर अनम्य (कठोर) और कड़क (कुरकुरी) रहती है लेकिन नमक के सांद्र विलयन में रखी हुई गाजर रबर जैसी लचीली एवं नरम क्यों हो जाती है?

Answer:

(i) शोधकर्ता यह परीक्षण करना चाहती है कि विभिन्न सांद्रता वाले विलयनों में परासरण के कारण पादप कोशिकाओं पर क्या प्रभाव पड़ता है तथा कोशिकाओं में जल का आवागमन किस प्रकार होता है।
(ii) सुधार के सुझाव:
• दोनों गाजरों का प्रारंभिक भार और लंबाई मापकर अभिलेखित किया जाना चाहिए।
• दोनों पात्रों में समान मात्रा का विलयन लिया जाए।
• नमक के विलयन की सांद्रता निश्चित रखी जाए।
• दोनों गाजरों को समान तापमान तथा समान समय तक रखा जाए।
(iii) साधारण जल में परासरण द्वारा जल गाजर की कोशिकाओं के अंदर प्रवेश करता है जिससे कोशिकाएँ स्फीत (टर्जेट) हो जाती हैं और गाजर कठोर व कुरकुरी बनी रहती है। इसके विपरीत, नमक के सांद्र विलयन में परासरण द्वारा जल कोशिकाओं से बाहर निकल जाता है जिससे कोशिकाएँ शिथिल हो जाती हैं और गाजर नरम व लचीली हो जाती है।

मुख्य बिंदु:

• परासरण की प्रक्रिया सांद्रता प्रवणता पर निर्भर करती है।
• अंतःपरासरण से कोशिकाएं फूलती हैं और बहिःपरासरण से सिकुड़ती हैं।
• प्रयोग में नियंत्रण (control) और एक समय पर माप जरूरी है।

आम गलतियाँ:

• गाजर के नरम होने का कारण जल का प्रवेश मान लेना (जबकि यह जल का बाहर निकलना है)।
• प्रयोग में नियंत्रण चर (control variables) का ध्यान न रखना।

Exam Tips:

a) प्रायोगिक प्रश्नों के उत्तर देते समय वैज्ञानिक सिद्धांतों (जैसे परासरण, स्फीति दाब) का स्पष्ट उल्लेख करें।
b) उप-प्रश्नों (i, ii, iii) के उत्तर अलग-अलग बिंदुओं में स्पष्ट रूप से लिखें।

 

Question 9: जीवाणु और जंतु कोशिकाओं में निम्नलिखित संरचनाओं की उपस्थिति या अनुपस्थिति इंगित कीजिए –
गुणसूत्र, केंद्रक, माइटोकॉन्ड्रिया, गॉल्जी उपकरण, वर्णीलवक

Answer:

संरचनाओं की उपस्थिति और अनुपस्थिति:
• गुणसूत्र: जीवाणु कोशिका में — उपस्थित, जंतु कोशिका में — उपस्थित
• केंद्रक: जीवाणु कोशिका में — अनुपस्थित, जंतु कोशिका में — उपस्थित
• माइटोकॉन्ड्रिया: जीवाणु कोशिका में — अनुपस्थित, जंतु कोशिका में — उपस्थित
• गॉल्जी उपकरण: जीवाणु कोशिका में — अनुपस्थित, जंतु कोशिका में — उपस्थित
• वर्णीलवक: जीवाणु कोशिका में — अनुपस्थित, जंतु कोशिका में — अनुपस्थित

मुख्य बिंदु:

• जीवाणु कोशिकाएँ प्रोकैरियोटिक होती हैं जिनमें झिल्लीयुक्त कोशिकांग (केंद्रक, माइटोकॉन्ड्रिया, गॉल्जीकाय) नहीं होते।
• जंतु कोशिकाएँ यूकेरियोटिक होती हैं जिनमें सभी प्रमुख झिल्लीयुक्त कोशिकांग पाए जाते हैं।
• लवक (वर्णीलवक) केवल पादप कोशिकाओं में होते हैं, जंतुओं और जीवाणुओं में नहीं।

आम गलतियाँ:

• जीवाणु में केंद्रक या केंद्रкаभ को सुविकसित केंद्रक मान लेना।
• जंतु कोशिका में भी वर्णीलवक लिख देना।

Exam Tips:

a) प्रोकैरियोटिक और यूकेरियोटिक कोशिकाओं के अंतर को हमेशा तालिका बनाकर याद रखें।
b) झिल्लीबद्ध कोशिकांगों की उपस्थिति केवल यूकेरियोट्स में होती है, इस बात का विशेष ध्यान रखें।

 

Question 10: निम्नलिखित प्रयोग कीजिए –
छिले हुए आलू के चार आधे-आधे भाग लीजिए और प्रत्येक में आलू को खोखला करके कप का आकार बनाइए। इनमें से एक कप उबले हुए आलू से बना होना चाहिए। प्रत्येक आलू के कप को जल से भरकर बीकर में रखिए...
(i) कप ‘ख’ और कप ‘ग’ के खोखले भाग में जल क्यों जमा होता है?
(ii) इस प्रयोग के लिए कप ‘क’ क्यों आवश्यक है?
(iii) स्पष्ट कीजिए कि कप ‘क’ और ‘घ’ के खोखले भागों में पानी क्यों नहीं एकत्र होता है?

Answer:

(i) कप ‘ख’ और कप ‘ग’ के खोखले भाग में जल इसलिए एकत्र होता है क्योंकि कप के भीतर चीनी या नमक की अधिक सांद्रता होती है। आलू की जीवित कोशिकाओं की अर्धपारगम्य झिल्ली के कारण परासरण द्वारा बाहर का जल भीतर प्रवेश कर जाता है।
(ii) कप ‘क’ नियंत्रण (Control) के रूप में आवश्यक है। इससे यह स्पष्ट होता है कि यदि कप के भीतर कोई विलेय नहीं है, तो परासरण नहीं होगा और जल एकत्र नहीं होगा।
(iii) कप ‘क’ में जल इसलिए एकत्र नहीं होता क्योंकि उसके भीतर कोई विलेय नहीं होता, जिससे सांद्रता का अंतर नहीं बनता। कप ‘घ’ में जल इसलिए एकत्र नहीं होता क्योंकि यह उबले हुए आलू से बना है; उबालने से कोशिका झिल्ली नष्ट हो जाती है, जिससे उसकी अर्धपारगम्यता समाप्त हो जाती है और परासरण नहीं हो पाता।

मुख्य बिंदु:

• परासरण के लिए सांद्रता का अंतर और जीवित अर्धपारगम्य झिल्ली दोनों आवश्यक हैं।
• नियंत्रण प्रयोग (Control setup) परिणामों की तुलना के लिए जरूरी होता है।
• उबलने से कोशिकाएँ मृत हो जाती हैं और झिल्ली पारगम्य हो जाती है।

आम गलतियाँ:

• यह भूल जाना कि उबले हुए आलू की कोशिकाएँ मृत हो जाती हैं।
• नियंत्रण कप 'क' के महत्व को न समझ पाना।

Exam Tips:

a) प्रायोगिक प्रश्नों के उत्तर में नियंत्रण (Control) की भूमिका अवश्य समझाएं।
b) मृत और जीवित कोशिका झिल्ली के अंतर को ध्यान में रखें।

 

Question 11: उस युग्म की पहचान कीजिए जो कोशिकांग और उसके कार्य के साथ सुमेलित नहीं है।
(i) राइबोसोम – प्रोटीन संश्लेषण
(ii) चिकनी अंतर्द्रव्यी जालिका – लिपिड और सेल्युलोस का संश्लेषण
(iii) लाइसोसोम – बाह्य पदार्थों का पाचन

Answer:

सुमेलित न होने वाला युग्म: (ii) चिकनी अंतर्द्रव्यी जालिका – लिपिड और सेल्युलोस का संश्लेषण
कारण:
चिकनी अंतर्द्रव्यी जालिका (SER) केवल लिपिड (वसा) का संश्लेषण करती है, वह सेल्युलोस का संश्लेषण नहीं करती है। सेल्युलोस का निर्माण पादप कोशिका की भित्ति में होता है। अतः यह युग्म गलत सुमेलित है।

मुख्य बिंदु:

• राइबोसोम प्रोटीन निर्माण का मुख्य स्थल है।
• चिकनी अंतर्द्रव्यी जालिका लिपिड और स्टेरॉयड का संश्लेषण करती है।
• लाइसोसोम पाचक एंजाइमों द्वारा बाह्य पदार्थों व टूटे-फूटे अंगों का पाचन करता है।

आम गलतियाँ:

• चिकनी अंतर्द्रव्यी जालिका के कार्यों के साथ सेल्युलोस को जोड़ देना।
• विकल्पों को बिना गहराई से पढ़े उत्तर देना।

Exam Tips:

a) प्रत्येक कोशिकांग के विशिष्ट कार्यों की सूची बना कर याद करें।
b) गलत युग्म की पहचान करने के बाद उसका उचित कारण भी दें।

 

Question 12: यदि किसी सुकेंद्री कोशिका से सभी माइटोकॉन्ड्रिया निकाल दिए जाएँ तो आप किस परिणाम की आशा करते हैं?

Answer:

यदि किसी सुकेंद्री कोशिका से सभी माइटोकॉन्ड्रिया निकाल दिए जाएँ, तो कोशिका में कोशिकीय श्वसन द्वारा एटीपी (ATP) के रूप में ऊर्जा का निर्माण नहीं हो सकेगा। परिणामस्वरूप कोशिका की सभी ऊर्जा-आवश्यक जैविक क्रियाएँ रुक जाएंगी और अंततः कोशिका जीवित नहीं रह पाएगी (मृत हो जाएगी)।

मुख्य बिंदु:

• माइटोकॉन्ड्रिया को कोशिका का पावर हाउस कहा जाता है।
• यह कोशिकीय श्वसन का मुख्य केंद्र है।
• ऊर्जा के बिना जीवन असंभव है।

आम गलतियाँ:

• यह सोचना कि माइटोकॉन्ड्रिया के बिना भी कोशिका सामान्य रूप से जीवित रह सकती है।
• ऊर्जा उत्पादन और श्वसन के संबंध को स्पष्ट न करना।

Exam Tips:

a) माइटोकॉन्ड्रिया के कार्य से प्रश्न जुड़ा हो तो 'ऊर्जा गृह' या 'पावर हाउस' शब्द का प्रयोग अवश्य करें।
b) परिणाम को तार्किक रूप से क्रमानुसार लिखें।

 

Question 13: मानव शरीर में अर्बुद के निर्माण को कौन-सी परिघटना रोकती या संदमित करती है? क्या पौधों में भी अर्बुद का विकास हो सकता है? स्पष्ट कीजिए।

Answer:

मानव शरीर में अर्बुद (ट्यूमर या कैंसर) के निर्माण को कोशिका चक्र का नियंत्रण तंत्र तथा कोशिका विभाजन को नियंत्रित करने वाले जीन रोकते हैं। जब यह नियंत्रण तंत्र विफल हो जाता है, तब कोशिकाएँ अनियंत्रित रूप से विभाजित होकर अर्बुद बनाती हैं।
हाँ, पौधों में भी अर्बुद या गिल्टी जैसी संरचनाओं का विकास हो सकता है। पौधों में भी अनियंत्रित कोशिका विभाजन के कारण असामान्य वृद्धि या गाँठ जैसी संरचनाएँ बन सकती हैं (जैसे क्राउन गॉल रोग में होता है)।

मुख्य बिंदु:

• कोशिका चक्र का नियंत्रण तंत्र अनيंत्रित विभाजन को रोकता है।
• पौधों और जंतुओं दोनों में अनियंत्रित विभाजन से असामान्य वृद्धि हो सकती है।
• जीन का नियंत्रण जीव की सामान्य वृद्धि के लिए आवश्यक है.

आम गलतियाँ:

• यह मान लेना कि अर्बुद केवल जंतुओं में ही बन सकते हैं पौधों में नहीं।
• कोशिका विभाजन के नियंत्रण तंत्र की भूमिका को नजरअंदाज करना।

Exam Tips:

a) कोशिका चक्र और नियंत्रण तंत्र के महत्व को समझें।
b) पादप और जंतु दोनों में होने वाली समान असामान्यताओं का उल्लेख करें।

 

Question 14: कोशिका की कोशिका झिल्ली प्रोटीन और लिपिड से निर्मित होती है। बताइए कि कोशिका झिल्ली के संश्लेषण में कौन-से कोशिकांग सहायता करते हैं? इन यौगिकों के संश्लेषण के स्थान से कोशिका झिल्ली तक के पथ को लिखिए और इसे एक नामांकित चित्र के द्वारा दर्शाइए।

Answer:

कोशिका झिल्ली के निर्माण में सहायक कोशिकांग:
• राइबोसोम — प्रोटीन का संश्लेषण करते हैं।
• चिकनी अंतर्द्रव्यी जालिका (SER) — लिपिड का संश्लेषण करती है।
• गॉल्जी उपकरण — प्रोटीन और लिपिड का रूपांतरण, पैकेजिंग तथा परिवहन करता है।
संश्लेषण से कोशिका झिल्ली तक का पथ:
राइबोसोम → खुरदरी अंतर्द्रव्यी जालिका → गॉल्जी उपकरण → स्रावी पुटिका → कोशिका झिल्ली
चिकनी अंतर्द्रव्यी जालिका → गॉल्जी उपकरण → स्रावी पुटिका → कोशिका झिल्ली

मुख्य बिंदु:

• प्रोटीन और लिपिड का निर्माण क्रमशः RER और SER में होता है।
• गॉल्जीकाय इन पदार्थों की पैकेजिंग करके उन्हें सही स्थान पर पहुँचाता है।
• झिल्ली जैव-जनन (membrane biogenesis) में अंतर्द्रव्यी जालिका और गॉल्जीकाय मुख्य भूमिका निभाते हैं।

आम गलतियाँ:

• संश्लेषण और परिवहन के सही मार्ग को उलट-पुलट कर देना।
• गॉल्जी उपकरण की पैकेजिंग की भूमिका को छोड़ देना।

Exam Tips:

a) मार्ग (Path) को तीरों (→) के माध्यम से स्पष्ट रूप से दर्शाएं।
b) अंतर्द्रव्यी जालिका, गॉल्जीकाय और झिल्ली के आपसी संबंध को अच्छे से समझ लें।

 

Question 15: यदि युग्मक समसूत्री विभाजन द्वारा बनाए जाएँ तो क्या होगा?

Answer:

यदि युग्मक समसूत्री विभाजन द्वारा बनेंगे, तो उनमें गुणसूत्रों की संख्या आधी होने के स्थान पर मूल कोशिका के समान (द्विगुणित) ही बनी रहेगी। फलस्वरूप निषेचन के बाद बनने वाली संतति में गुणसूत्रों की संख्या प्रत्येक पीढ़ी में दोगुनी होती जाएगी। इससे सामान्य वृद्धि, विकास तथा प्रजनन की प्रक्रिया गंभीर रूप से प्रभावित होगी और प्रजाति में गुणसूत्रों की निश्चित संख्या बनी नहीं रह सकेगी।

मुख्य बिंदु:

• समसूत्री विभाजन में गुणसूत्रों की संख्या समान रहती है (बराबर)।
• अर्धसूत्री विभाजन में गुणसूत्रों की संख्या आधी हो जाती है जो युग्मकों के निर्माण के लिए आवश्यक है।
• गुणसूत्रों की निश्चित संख्या बनाए रखने के लिए अर्धसूत्री विभाजन जरूरी है।

आम गलतियाँ:

• समसूत्री और अर्धसूत्री विभाजन के परिणामों में अंतर न समझ पाना।
• पीढ़ी दर पीढ़ी गुणसूत्रों की संख्या पर पड़ने वाले प्रभाव की उपेक्षा करना।

Exam Tips:

a) हमेशा याद रखें कि युग्मक हमेशा अर्धसूत्री विभाजन द्वारा ही बनते हैं।
b) उत्तर में 'द्विगुणित' और 'अगुणित' शब्दों का सही प्रयोग करें।

 

Question 16: दीपा नामक एक कृषक अपने खेत में आँवले और नींबू की पैदावार से बहुत प्रसन्न थी... उपर्युक्त गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए –
(i) कृषक ने खेत उत्पाद के संरक्षण में कौन-सी वैज्ञानिक अवधारणा का उपयोग किया है?
(ii) नमक और चीनी के उच्च सांद्रता में मिलाने से किस प्रकार एक ऐसा पर्यावरण बनता है जो भोजन को दूषित करने वाले जीवाणुओं और कवकों की वृद्धि को रोकता है?
(iii) इस प्रकार के खाद्य परिरक्षण के लिए एक स्वास्थ्यवर्धक पाकविधि सुझाइए।
(iv) उपर्युक्त स्थिति में कौन-से वैज्ञानिक मूल्यों पर ध्यान दिया गया है?

Answer:

(i) कृषक ने खेत उत्पाद के संरक्षण के लिए परासरण की वैज्ञानिक अवधारणा का उपयोग किया। उसने फलों में उपयुक्त मात्रा में नमक, चीनी अथवा गुड़ मिलाकर सूक्ष्मजीवों की वृद्धि को रोका।
(ii) नमक और चीनी की उच्च सांद्रता से खाद्य पदार्थ के चारों ओर एक अतिपरासरणी पर्यावरण बन जाता है। इससे परासरण के कारण सूक्ष्मजीवों (जीवाणुओं और कवकों) की कोशिकाओं से जल बाहर निकल जाता है जिससे वे निर्जलित होकर मर जाते हैं या उनकी वृद्धि रुक जाती है।
(iii) कम चीनी या कम नमक वाले ताजे फलों के रस, बिना कृत्रिम परिरक्षकों के घर पर बने मुरब्बा, या किण्वन द्वारा तैयार स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद।
(iv) खाद्य सुरक्षा, कृषि-प्रसंस्करण, अपशिष्ट प्रबंधन, संधारणीय विकास और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना।

मुख्य बिंदु:

• परासरण उच्च सांद्रता वाले क्षेत्रों में जल की गति को नियंत्रित करता है।
• सूक्ष्मजीव उच्च परासरणी दबाव में जीवित नहीं रह पाते।
• खाद्य परिरक्षण से कृषि उत्पादों की बर्बादी रुकती है।

आम गलतियाँ:

• गद्यांश आधारित प्रश्नों में केवल कहानी लिखना और वैज्ञानिक अवधारणा (परासरण) का उल्लेख न करना।
• परिरक्षण के पीछे छिपे जीववैज्ञानिक कारण को स्पष्ट न करना।

Exam Tips:

a) गद्यांश को ध्यान से पढ़कर उसमें छिपे वैज्ञानिक सिद्धांतों को पहचानें।
b) सामाजिक और वैज्ञानिक मूल्यों दोनों को अपने उत्तर में शामिल करें।

 

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