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Question 1: तरल-मोजेक मॉडल को संक्षेप में समझाइए।
Answer:
तरल-मोजेक मॉडल कोशिका झिल्ली की संरचना को सबसे अच्छे तरीके से समझाता है। इस मॉडल के अनुसार, कोशिका झिल्ली लिपिड की एक द्विपरत से बनी होती है जिसमें प्रोटीन अणु अंतःस्थापित (embedded) रहते हैं। लिपिड और प्रोटीन अणु झिल्ली के तल में गति कर सकते हैं, जिसे पार्श्विक गति कहा जाता है। अणुओं की इसी गतिशील प्रकृति के कारण इसे 'तरल' और प्रोटीन के मोजेक (पैटर्न) की तरह व्यवस्थित होने के कारण इसे 'मोजेक' मॉडल कहा जाता है।
मुख्य बिंदु:
• यह मॉडल कोशिका झिल्ली की बनावट को स्पष्ट करता है।
• इसमें लिपिड की द्विपरत होती है जिसमें प्रोटीन धंसे होते हैं।
• झिल्ली के अणु पार्श्विक गति करने में सक्षम होते हैं।
आम गलतियाँ:
• केवल प्रोटीन का उल्लेख करना और लिपिड की द्विपरत को भूल जाना।
• 'तरल' और 'मोजेक' शब्दों के वैज्ञानिक अर्थ को स्पष्ट न करना।
• झिल्ली की गतिशीलता को गलत तरीके से परिभाषित करना।
Exam Tips:
a) उत्तर में लिपिड द्विपरत और प्रोटीन का स्पष्ट जिक्र करें।
b) 'तरल' और 'मोजेक' शब्दों का कारण संक्षिप्त में अवश्य लिखें।
c) परिभाषा को सटीक और वैज्ञानिक शब्दावली में लिखें।
Question 2: समपरासारी, अल्पपरासारी और अतिपरासारी विलयन में अंतर स्पष्ट कीजिए।
Answer:
कोशिका के चारों ओर के बाह्य माध्यम की सांद्रता के आधार पर विलयन तीन प्रकार के होते हैं:
1. समपरासारी विलयन: जब बाह्य माध्यम की सांद्रता कोशिका के भीतर की सांद्रता के बिल्कुल बराबर होती है, जिससे कोशिका के आकार में कोई बदलाव नहीं आता।
2. अल्पपरासारी विलयन: जब बाह्य माध्यम की सांद्रता कोशिका के अंदर की सांद्रता से कम होती है, जिससे जल परासरण द्वारा कोशिका के अंदर प्रवेश करता है और कोशिका फूल जाती है।
3. अतिपरासारी विलयन: जब बाह्य माध्यम की सांद्रता कोशिका के अंदर की सांद्रता से अधिक होती है, जिससे जल कोशिका से बाहर निकल जाता है और कोशिका सिकुड़ जाती है।
मुख्य बिंदु:
• विलयन के प्रकार बाह्य माध्यम की सांद्रता पर निर्भर करते हैं।
• समपरासारी में आकार समान रहता है, अल्पपरासारी में कोशिका फूलती है।
• अतिपरासारी विलयन में कोशिका से जल बाहर आने के कारण वह सिकुड़ जाती है।
आम गलतियाँ:
• सांद्रता और परासरण की दिशा को आपस में मिला देना।
• तीनों प्रकार के विलयनों में कोशिका पर पड़ने वाले प्रभाव को गलत लिखना।
• अल्पपरासारी और अतिपरासारी की परिभाषा में भ्रमित होना।
Exam Tips:
a) तीनों विलयनों को अलग-अलग बिंदुओं या स्पष्ट अंतर तालिका में लिखें।
b) प्रत्येक विलयन का कोशिका के आकार पर पड़ने वाला प्रभाव अवश्य दर्शाएं।
c) परासरण की प्रक्रिया का सही संदर्भ दें।
Question 3: पूर्वकेंद्रकी और सुकेंद्रकी कोशिकाओं में कोई तीन अंतर लिखिए।
Answer:
पूर्वकेंद्रकी (Prokaryotic) और सुकेंद्रकी (Eukaryotic) कोशिकाओं में प्रमुख तीन अंतर निम्नलिखित हैं:
1. केंद्रक: पूर्वकेंद्रकी कोशिकाओं में स्पष्ट केंद्रक तथा केंद्रक झिल्ली का अभाव होता है, जबकि सुकेंद्रकी कोशिकाओं में पूर्ण विकसित और झिल्ली-युक्त स्पष्ट केंद्रक पाया जाता है।
2. कोशिकांग: पूर्वकेंद्रकी कोशिकाओं में झिल्ली-बद्ध कोशिकांग नहीं होते हैं, जबकि सुकेंद्रकी कोशिकाओं में माइटोकॉन्ड्रिया, गॉल्जीकाय आदि अनेक झिल्ली-युक्त कोशिकांग पाए जाते हैं।
3. आकार: पूर्वकेंद्रकी कोशिकाओं का आकार सामान्यतः छोटा (1-10 µm) होता है, जबकि सुकेंद्रकी कोशिकाओं का आकार बड़ा (10-100 µm) होता है।
मुख्य बिंदु:
• पूर्वकेंद्रकी में झिल्ली-युक्त केंद्रक व कोशिकांग नहीं होते।
• सुकेंद्रकी कोशिकाएं अधिक विकसित और जटिल होती हैं।
• दोनों के आकार में स्पष्ट अंतर होता है।
आम गलतियाँ:
• आकार के माप (µm) को गलत लिखना।
• केंद्रक और कोशिकांगों की उपस्थिति/अनुपस्थिति में भ्रमित होना।
• अंतर लिखते समय उचित वैज्ञानिक शब्दों का प्रयोग न करना।
Exam Tips:
a) अंतर हमेशा बिंदुओं या तालिका के रूप में प्रस्तुत करें।
b) केंद्रक झिल्ली और कोशिकांगों की उपस्थिति को मुख्य आधार बनाएं।
c) दोनों के अंग्रेजी नामों (Prokaryotic और Eukaryotic) का भी ध्यान रखें।
Question 4: रुक्ष अंतर्द्रव्यी जालिका (RER) और चिकनी अंतर्द्रव्यी जालिका (SER) में अंतर बताइए।
Answer:
रुक्ष अंतर्द्रव्यी जालिका (RER) और चिकनी अंतर्द्रव्यी जालिका (SER) के कार्य और संरचना में अंतर इस प्रकार है:
1. सतह की बनावट: RER की सतह पर राइबोसोम जुड़े होते हैं जिसके कारण यह सूक्ष्मदर्शी से देखने पर खुरदरी दिखाई देती है, जबकि SER की सतह पर राइबोसोम नहीं होते हैं जिससे यह चिकनी प्रतीत होती है।
2. मुख्य कार्य: RER मुख्य रूप से प्रोटीन संश्लेषण और उनके परिवहन में सहायता करती है, जबकि SER वसा (लिपिस), लिपिड अणुओं और हार्मोन्स के संश्लेषण तथा भंडारण का महत्वपूर्ण कार्य करती है।
मुख्य बिंदु:
• RER की खुरदरी सतह का कारण उसपर उपस्थित राइबोसोम हैं।
• SER की सतह चिकनी होती है क्योंकि उसपर राइबोसोम अनुपस्थित होते हैं।
• RER प्रोटीन संश्लेषण और SER वसा संश्लेषण से जुड़ी है।
आम गलतियाँ:
• RER और SER के कार्यों को आपस में बदल देना।
• राइबोसोम की उपस्थिति और अनुपस्थिति के संबंध को भूल जाना।
• दोनों के नाम के संक्षिप्त रूपों का पूरा अर्थ न समझना।
Exam Tips:
a) दोनों के बीच अंतर स्पष्ट करने के लिए संरचना और कार्य दोनों का उल्लेख करें।
b) राइबोसोम की उपस्थिति को मुख्य बिंदु बनाएं।
c) वसा और प्रोटीन संश्लेषण के अंतर को स्पष्ट रखें।
Question 5: लाइसोसोम को ‘निर्मलन प्रणाली’ क्यों कहा जाता है?
Answer:
लाइसोसोम झिल्ली-बद्ध थैली जैसी संरचनाएं होती हैं जिनमें शक्तिशाली पाचक एंजाइम भरे होते हैं। जब कोशिका क्षतिग्रस्त हो जाती है या उसमें कोई अवांछित पदार्थ (जैसे प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेट) तथा मृत कोशिकांग आते हैं, तो लाइसोसोम उन्हें विघटित कर देता है। इस प्रकार यह कोशिका को साफ-सुथरा और कचरा-मुक्त रखता है, इसलिए इसे कोशिका की 'निर्मलन प्रणाली' (Clean-up system) या आत्मघाती थैली भी कहा जाता है।
मुख्य बिंदु:
• लाइसोसोम में शक्तिशाली पाचक एंजाइम होते हैं।
• यह क्षतिग्रस्त कोशिकांगों और विदेशी पदार्थों का पाचन करता है।
• यह कोशिका को स्वच्छ रखने में मदद करता है।
आम गलतियाँ:
• केवल 'आत्मघाती थैली' लिखकर निर्मलन प्रणाली के कार्य को न समझाना।
• एंजाइमों की भूमिका का उल्लेख न करना।
• कोशिका की स्वच्छता में इसकी भूमिका को स्पष्ट न करना।
Exam Tips:
a) उत्तर में पाचक एंजाइमों और झिल्ली-बद्ध थैली का जिक्र अवश्य करें।
b) 'निर्मलन प्रणाली' नामकरण का कारण तार्किक रूप से समझाएं।
c) उत्तर को संक्षिप्त और सटीक रखें।
Question 6: रसधानी पादप कोशिका के लिए किस प्रकार महत्वपूर्ण है?
Answer:
पादप कोशिकाओं में बड़ी केंद्रीय रसधानी (Vacuole) पाई जाती है जो जल, खनिज, शर्करा और अपशिष्ट पदार्थों का संग्रहण करती है। यह रसधानी कोशिका के भीतर जल को संग्रहीत करके रखती है जिससे कोशिका पर अंदर से दबाव (स्फीति दाब) बना रहता है। इस दबाव के कारण पादप कोशिकाएं दृढ़, कठोर और सीधी बनी रहती हैं, जो पौधों को यांत्रिक सहारा प्रदान करती है।
मुख्य बिंदु:
• यह पादप कोशिका में जल और पोषक तत्वों का संग्रह करती है।
• यह कोशिका में स्फीति दाब (turgor pressure) उत्पन्न करती है।
• यह पौधों को दृढ़ता और निश्चित आकार प्रदान करती है।
आम गलतियाँ:
• केवल अपशिष्ट संग्रह तक ही रसधानी के कार्य को सीमित समझना।
• पादप कोशिका को मिलने वाली दृढ़ता और दबाव के संबंध को छोड़ देना।
• जंतु और पादप रसधानी के आकार के अंतर को भूल जाना।
Exam Tips:
a) पादप कोशिका में इसके आकार (बड़ी केंद्रीय रसधानी) का उल्लेख करें।
b) दृढ़ता और स्फीति दाब जैसे महत्वपूर्ण वैज्ञानिक शब्दों का प्रयोग करें।
c) संग्रहण कार्यों की सूची बनाएं।
Question 7: अर्धसूत्री विभाजन की मुख्य विशेषताएँ लिखिए।
Answer:
अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
1. इसमें जनक कोशिका दो लगातार विभाजनों के द्वारा कुल चार संतति कोशिकाओं (युग्मकों) का निर्माण करती है।
2. संतति कोशिकाओं में गुणसूत्रों की संख्या जनक कोशिका से आधी (अगुणित) हो जाती है।
3. यह विभाजन केवल जनन अंगों में होता है और लैंगिक जनन करने वाले जीवों में आनुवंशिक विविधता (Genetic variation) उत्पन्न करने के लिए उत्तरदायी है।
मुख्य बिंदु:
• एक जनक कोशिका से चार संतति कोशिकाओं का निर्माण होता है।
• गुणसूत्रों की संख्या आधी रह जाती है।
• यह आनुवंशिक विभिन्नता और लैंगिक जनन के लिए आवश्यक है।
आम गलतियाँ:
• समसूत्री और अर्धसूत्री विभाजन के परिणामों को मिला देना।
• गुणसूत्रों की आधी संख्या (अगुणित अवस्था) का उल्लेख न करना।
• विभाजन के स्थान (जनन अंग) को भूल जाना।
Exam Tips:
a) विशेषताओं को संख्यात्मक बिंदुओं में लिखें।
b) 'गुणसूत्रों की आधी संख्या' और 'चार संतति कोशिकाएं' मुख्य बिंदु के रूप में जरूर लिखें।
c) आनुवंशिक विविधता का महत्व दर्शाएं।
Question 8: कोशिका सिद्धांत के तीन मुख्य बिंदु लिखिए।
Answer:
कोशिका सिद्धांत (Cell Theory) के तीन मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
1. सभी सजीव जीव एक या एक से अधिक कोशिकाओं से बने होते हैं।
2. कोशिका सभी जीवों की संरचनात्मक और कार्यात्मक मूलभूत इकाई होती है।
3. सभी नई कोशिकाएँ पहले से मौजूद (पूर्वविद्यमान) कोशिकाओं के विभाजन से ही उत्पन्न होती हैं।
यह सिद्धांत श्लाइडेन, श्वान और रुडोल्फ विरचो के संयुक्त प्रयासों से प्रतिपादित हुआ था।
मुख्य बिंदु:
• सभी जीव कोशिकाओं से बने हैं।
• कोशिका जीवन की मूल इकाई है।
• नई कोशिकाएं पुरानी कोशिकाओं से बनती हैं।
आम गलतियाँ:
• विरचो द्वारा जोड़े गए तीसरे बिंदु को छोड़ देना।
• वैज्ञानिकों के नाम गलत लिखना।
• सिद्धांत की भाषा को अस्पष्ट लिखना।
Exam Tips:
a) तीनों बिंदुओं को क्रमानुसार लिखें।
b) 'संरचनात्मक और कार्यात्मक इकाई' शब्द का प्रयोग अवश्य करें।
c) वैज्ञानिकों के योगदान का संक्षिप्त उल्लेख करें।
Question 9: कैंसर कोशिकाएँ सामान्य कोशिकाओं से किस प्रकार भिन्न होती हैं?
Answer:
सामान्य कोशिकाएँ एक नियंत्रित विधि से वृद्धि करती हैं और 'संपर्क अवरोध' (contact inhibition) का पालन करती हैं, अर्थात अन्य कोशिकाओं के संपर्क में आने पर उनकी वृद्धि रुक जाती है। इसके विपरीत, कैंसर कोशिकाएँ यह नियंत्रण पूरी तरह खो देती हैं। वे अनियंत्रित रूप से लगातार विभाजित होती रहती हैं और ट्यूमर (अर्बुद) का निर्माण करती हैं, जो आसपास के स्वस्थ ऊतकों को भी नुकसान पहुँचा सकता है।
मुख्य बिंदु:
• सामान्य कोशिकाएं नियंत्रित रूप से बढ़ती हैं।
• कैंसर कोशिकाओं में वृद्धि का नियंत्रण समाप्त हो जाता है।
• यह अनियंत्रित विभाजन से ट्यूमर या अर्बुद बनाती हैं।
आम गलतियाँ:
• संपर्क अवरोध की अवधारणा को स्पष्ट न करना।
• अनियंत्रित विभाजन और ट्यूमर निर्माण के बीच के संबंध को न लिखना।
• सामान्य और कैंसर कोशिकाओं के अंतर को स्पष्ट रूप से न दर्शाना।
Exam Tips:
a) 'नियंत्रित वृद्धि' बनाम 'अनियंत्रित विभाजन' के अंतर को स्पष्ट करें।
b) ट्यूमर (अर्बुद) शब्द का प्रयोग उत्तर में अवश्य करें।
c) उत्तर को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से लिखें।
Question 10: क्रमादेशित कोशिका मृत्यु (PCD) क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
Answer:
क्रमादेशित कोशिका मृत्यु (Programmed Cell Death - PCD) कोशिका के वरणात्मक और सुनियोजित रूप से नष्ट होने की आनुवंशिक रूप से नियंत्रित प्रक्रिया है। इसे एपोप्टोसिस भी कहते हैं। यह जीवों के सामान्य विकास और शरीर की सफाई के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है; उदाहरण के लिए, भ्रूण विकास के दौरान उंगलियों के बीच की कोशिकाओं को लुप्त करके अलग-अलग उंगलियाँ बनाने में यह प्रक्रिया महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
मुख्य बिंदु:
• यह आनुवंशिक रूप से नियंत्रित कोशिका मृत्यु की प्रक्रिया है।
• यह शरीर के सामान्य विकास के लिए आवश्यक है।
• उदाहरणस्वरूप, भ्रूण विकास में अंगुलियों का निर्माण इसी से होता है।
आम गलतियाँ:
• PCD को दुर्घटना वश होने वाली कोशिका मृत्यु (नेक्रोसिस) समझ लेना।
• इसके महत्व और शारीरिक विकास में इसकी उपयोगिता को न समझाना।
• सही उदाहरण न देना।
Exam Tips:
a) 'आनुवंशिक रूप से नियंत्रित' शब्द का प्रयोग अवश्य करें।
b) भ्रूण विकास का उदाहरण देकर उत्तर को प्रभावी बनाएं।
c) परिभाषा को स्पष्ट और सरल हिंदी में लिखें।
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NCERT Solutions for Class 9 Science Chapter 02 कोशिका जीवन की निर्माण इकाई
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