Step-by-Step Textbook Solutions for Class 7 Hindi Malhar Chapter 06 गिरिधर कविराय की कुंडलियाँ (कविता)
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मेरी समझ से
(क) पाठ के आधार पर नीचे दिए गए प्रश्नों का सही उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा (★) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।
Question 1. “बिना बिचारे” काम करने के क्या परिणाम होते हैं?
(a) दूसरों से प्रशंसा मिलती है।
(b) मन में शान्ति बनी रहती है।
(c) अपना काम बिगड़ जाता है।
(d) खान-पान सम्मान मिलता है।
Answer: (c) अपना काम बिगड़ जाता है।
In simple words: बिना सोचे-समझे काम करने से हमारा काम खराब हो जाता है और हमें बाद में पछताना पड़ता है।
Exam Tip: इस तरह के बहुविकल्पीय प्रश्नों में कविता की मूल पंक्तियों को याद रखने से सही उत्तर चुनना बहुत आसान हो जाता है।
Question 2. “चित में चैन” न पा सकने का मुख्य कारण क्या है?
(a) प्रयास करने पर भी टाला न जा सकने वाला दुख
(b) बिना सोचे-समझे किए गए कार्य की असफलता
(c) खान-पान, सम्मान और राग-रंग का अभाव
(d) दुनिया द्वारा की जाने वाली निंदा और उपहास
Answer: (b) बिना सोचे-समझे किए गए कार्य की असफलता
In simple words: जब हम बिना सोचे काम करते हैं और वह बिगड़ जाता है, तो हमारा मन अशांत हो जाता है और हमें कहीं भी चैन नहीं मिलता।
Exam Tip: 'चित में चैन' का संबंध सीधे हमारे मन की शांति से है, जो काम बिगड़ने पर खो जाती है।
Question 3. “बीती ताहि बिसार दे आगे की सुध लेइ” पंक्ति द्वारा कौन-सी सलाह दी गई है?
(a) भविष्य की सफलता के लिए अतीत की गलतियों से सीखने की
(b) अतीत की असफलताओं को भूलकर भविष्य पर ध्यान देने की
(c) अतीत और भविष्य दोनों घटनाओं को समान रूप से याद रखने की
(d) अतीत और भविष्य दोनों को भूलकर केवल वर्तमान में जीने की
Answer: (b) अतीत की असफलताओं को भूलकर भविष्य पर ध्यान देने की
In simple words: हमें पुरानी बुरी बातों और गलतियों को भूलकर अपने आने वाले समय को बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए।
Exam Tip: 'बीती' का अर्थ बीता हुआ समय (अतीत) और 'सुध' का अर्थ ध्यान रखना है। शब्दों के सरल अर्थ समझने से उत्तर स्पष्ट हो जाता है।
Question 4. “जो बिन आवै सहज में ताही में चित देइ” पंक्ति का क्या अर्थ है?
(a) हमें कठिनाइयों और चुनौतियों से बचना चाहिए।
(b) हमें आराम की तलाश करने में मन लगाना चाहिए।
(c) हमें असंभव और कठिन कार्य पर ध्यान देना चाहिए।
(d) हमें सहज जीवन पर ध्यान देना चाहिए।
Answer: (d) हमें सहज जीवन पर ध्यान देना चाहिए।
In simple words: जो काम आसानी से और स्वाभाविक रूप से हो जाए, हमें उसी में अपना मन लगाना चाहिए और संतोष रखना चाहिए।
Exam Tip: 'सहज' शब्द का अर्थ आसानी से मिलने वाला या सरल होता है। परीक्षा में इस अर्थ को ध्यान में रखकर सही विकल्प चुनें।
Question 5. हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?
Answer: अपने सहपाठियों के साथ चर्चा करने के बाद, मैंने निम्नलिखित कारणों से इन उत्तरों का चयन किया:
1. “बिना बिचारे” काम करने के क्या परिणाम होते हैं?
इस उत्तर को चुनने की मुख्य वजह यह है कि कविता में साफ तौर पर बताया गया है कि बिना सोचे-समझे कदम उठाने से काम खराब हो जाता है और इंसान खुद का ही अहित कर बैठता है।
2. “चित में चैन” न पा सकने का कारण:
मैंने वे विकल्प चुने जो यह दिखाते हैं कि काम बिगड़ने पर हमारा मन दुखी रहता है, असफलता हाथ लगती है और संसार के लोग हमारा उपहास उड़ाते हैं। काव्य पंक्तियों के अनुसार, गलती हो जाने पर मन की शांति छिन जाती है।
3. “बीती ताहि बिसार दे आगे की सुध लेइ”:
इस विकल्प को चुनने का आधार कवि की वह सीख है जिसमें वे बीती बातों को भुलाकर आगे की सुध लेने की बात करते हैं, जिसका मतलब है कि पुरानी नाकामी को पीछे छोड़कर नए भविष्य का निर्माण करना चाहिए।
4. “जो बिन आवै सहज में ताही में चित देइ”:
मैंने इस उत्तर को प्राथमिकता दी क्योंकि इसका आशय है कि जो चीजें हमें सरलता और बिना किसी बनावट के प्राप्त होती हैं, हमें उनमें संतोष रखते हुए खुशी-खुशी जीवन बिताना चाहिए।
यदि किसी मित्र ने भिन्न उत्तर चुने हैं, तो हम उनके दृष्टिकोण को भी समझने का प्रयास करेंगे, परंतु हमारे चुने हुए उत्तर कविता के केंद्रीय भाव से पूरी तरह मेल खाते हैं।
In simple words: हमने ये उत्तर इसलिए चुने क्योंकि कविता में स्पष्ट रूप से बिना सोचे काम न करने, पुरानी बातें भूलकर आगे बढ़ने और सरल जीवन जीने की सीख दी गई है।
Exam Tip: चर्चा वाले प्रश्नों में अपने उत्तर के समर्थन में कविता की पंक्तियों का संदर्भ देना हमेशा प्रभावी होता है।
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पंक्तियों पर चर्चा
Question 6. पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? लिखिए।
(क) “बिना बिचारे जो करै सो पाछे पछिताय। काम बिगारे आपनो जग में होत हँसाय ॥”
(ख) “बीती ताहि बिसार दे आगे की सुध लेइ । जो बिन आवै सहज में ताही में चित देइ ॥”
Answer:
(क) जो मनुष्य किसी भी कार्य को करने से पूर्व अच्छी तरह विचार नहीं करता, उसे परिणाम बिगड़ने पर अत्यंत दुख और पछतावे का सामना करना पड़ता है। उसका खुद का काम तो नष्ट होता ही है, साथ ही समाज में लोग उस पर हँसते हैं और उसका मजाक उड़ाते हैं।
(ख) जो समय या घटना बीत चुकी है, उसे मन से पूरी तरह निकाल देना ही बुद्धिमानी है। हमें अपने भविष्य को सुधारने पर ध्यान देना चाहिए। इसके साथ ही, जो काम बिना किसी अनावश्यक परेशानी के आसानी से पूरा हो सके, उसी में अपनी ऊर्जा लगानी चाहिए।
In simple words: पहला अर्थ है - बिना सोचे काम करने से नुकसान होता है और लोग हँसते हैं। दूसरा अर्थ है - पुरानी बातें भूलकर आगे बढ़ो और सरल रास्ते पर चलो।
Exam Tip: काव्यांश का अर्थ लिखते समय सरल भाषा का प्रयोग करें और कवि के मुख्य संदेश को स्पष्ट रूप से रेखांकित करें।
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मिलकर करें मिलान
Question 7. नीचे स्तंभ 1 में कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं, उनसे संबंधित अर्थ वाली स्तंभ 2 की पंक्तियों से उनका सही मिलान कीजिए:
| कविता की पंक्तियाँ (स्तंभ 1) | सही अर्थ (स्तंभ 2) |
|---|---|
| 1. जग में होत हँसाय चित्त में चैन न पावै। खान पान सम्मान राग रंग मनहिं न भावै॥ | बिना सोचे किए गए कार्य से मन अशांत हो जाता है; ऐसे में उत्तम भोजन, आदर और भौतिक सुख-सुविधाएं भी कोई आनंद नहीं देतीं। |
| 2. कह गिरधर कविराय दुख कछु टरत न टारे। टकत है जिय माहिं कियो जो बिना बिचारे॥ | बिना विचार किए किया गया काम मन में लगातार चुभता रहता है और इस मानसिक कष्ट से मुक्ति पाना बहुत कठिन हो जाता है। |
| 3. ताही में चित देइ बात जोइ बिन आवै। दुर्जन हँसै न कोइ चित्त में खता न पावै॥ | केवल उन्हीं कार्यों में मन लगाना चाहिए जो सहजता से हों, ताकि दुष्ट लोगों को उपहास करने का अवसर न मिले और मन ग्लानि से मुक्त रहे। |
| 4. कह गिरधर कविराय यहै करु मन परतीती। आगे को सुख होइ समझी बीती सो बीती॥ | अपने हृदय को इस सत्य पर विश्वास दिलाना चाहिए कि पुरानी विफलताओं को भुलाकर सुखद भविष्य की ओर अग्रसर होना ही उचित है। |
Answer: उपर्युक्त तालिका में पंक्तियों का उनके सही अर्थ के साथ मिलान कर दिया गया है।
In simple words: इस मिलान में हमने कविता की पंक्तियों को उनके सही और सरल अर्थों के सामने रखा है।
Exam Tip: मिलान करते समय मुख्य शब्दों जैसे 'चैन', 'दुख', 'दुर्जन' और 'बीती सो बीती' पर ध्यान दें, इससे सही मिलान की पहचान आसान हो जाती है।
सोच-विचार के लिए
Question 8. “बिना बिचारे जो करै सो पाछे पछिताय।” कविता में बिना विचार किए कार्य करने के क्या नुकसान बताए गए हैं?
Answer: कविता के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति बिना सोचे-समझे कार्य करता है, तो उसे निम्नलिखित नुकसान उठाने पड़ते हैं:
1. मनुष्य को भविष्य में भारी ग्लानि और पश्चाताप का सामना करना पड़ता है।
2. जिस कार्य को पूरा करना हो, वह पूरी तरह से बिगड़ जाता है।
3. दुनिया के लोगों के सामने हंसी और उपहास का पात्र बनना पड़ता है।
4. हृदय की शांति और आंतरिक सुकून पूरी तरह खो जाता है।
5. आदर-सत्कार, स्वादिष्ट भोजन और आमोद-प्रमोद जैसी खुशियाँ भी अच्छी नहीं लगतीं।
6. की गई भूल मन में लगातार चुभती रहती है, जिससे मानसिक कष्ट समाप्त नहीं होता।
In simple words: बिना सोचे काम करने से काम बिगड़ जाता है, दुनिया हँसती है, मन की शांति चली जाती है और बाद में सिर्फ पछतावा हाथ लगता है।
Exam Tip: उत्तर में बिन्दुओं का प्रयोग करें। मुख्य बिन्दुओं जैसे पछतावा, कार्य बिगड़ना, हँसी का पात्र, और अशांत मन को अवश्य लिखें।
Question 9. “बिना बिचारे जो करै सो पाछे पछिताय।” कुंडलियों में जो बातें सैकड़ों साल पहले कही गई थीं, क्या वे आपके लिए भी उपयोगी हैं? कैसे? उदाहरण देकर समझाइए।
Answer: हाँ, सदियों पहले रची गई ये कुंडलियाँ आज के आधुनिक युग में भी हमारे लिए अत्यधिक उपयोगी और प्रासंगिक हैं। विवेकपूर्ण ढंग से कार्य करने की सीख सर्वकालिक है।
उदाहरण 1 (शिक्षा के क्षेत्र में): यदि कोई विद्यार्थी बिना सोचे-समझे और बिना समुचित तैयारी के परीक्षा देने जाता है, तो उसका परिणाम अत्यंत निराशाजनक हो सकता है, जिससे उसे बाद में केवल पछतावा ही होगा।
उदाहरण 2 (सामाजिक व्यवहार में): यदि कोई मनुष्य क्षणिक क्रोध या उत्तेजना में आकर किसी से वाद-विवाद या झगड़ा कर बैठता है, तो उसे आगे चलकर मानसिक अशांति और सामाजिक अपमान का सामना करना पड़ता है, जिससे समाज में उसकी साख भी खराब होती है।
In simple words: हाँ, ये बातें आज भी सच हैं। जैसे बिना पढ़े परीक्षा देने पर नंबर कम आते हैं और गुस्सा करने पर दोस्त दूर हो जाते हैं, वैसे ही हर काम सोचकर करना चाहिए।
Exam Tip: इस तरह के मूल्य-आधारित प्रश्नों में कम से कम दो व्यावहारिक उदाहरण (जैसे विद्यार्थी जीवन या आपसी संबंध) अवश्य जोड़ें।
Question 10. “खान पान सन्मान राग रंग मनिहं न भावै।।” इस पंक्ति में रेखांकित शब्दों (सन्मान, राग रंग, भावै) के अर्थ शब्दकोश से देखकर लिखिए। प्रत्येक के लिए एक-एक उदाहरण भी दीजिए।
Answer: रेखांकित शब्दों के अर्थ और उनके वाक्य प्रयोग इस प्रकार हैं:
1. सन्मान (सम्मान): इसका अर्थ है आदर, सत्कार अथवा समाज में मान-प्रतिष्ठा।
उदाहरण: हमें सदैव अपने शिक्षकों और बड़ों का आदर व सम्मान करना चाहिए।
2. राग-रंग: इसका अर्थ है आमोद-प्रमोद, उत्सव, संगीत, नृत्य अथवा सुख-सुविधा का वातावरण।
उदाहरण: विवाह उत्सव के दौरान पूरा परिवार राग-रंग के माहौल में डूबा रहता है।
3. भावै (भाना): इसका अर्थ है प्रिय लगना या मन को पसंद आना।
उदाहरण: वर्षा ऋतु में चारों ओर फैली हरियाली देखना सबके मन को बहुत भाता है।
In simple words: सन्मान का मतलब आदर है, राग-रंग का मतलब नाच-गाना और मौज-मस्ती है, और भावै का मतलब अच्छा लगना है।
Exam Tip: परीक्षा में शब्दों के अर्थ लिखने के बाद वाक्य प्रयोग करते समय ध्यान रखें कि वाक्य सरल, स्पष्ट और अर्थ को पूरी तरह प्रकट करने वाला हो।
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अनुमान और कल्पना से
Question 11. आपने पढ़ा है कि “बिना विचारे जो करै सो पाछे पछिताय…” कल्पना कीजिए कि आपके एक मित्र ने बिना सोचे-समझे एक बड़ा निर्णय लिया है। वह निर्णय क्या था और उसका क्या प्रभाव पड़ा? इसके बारे में एक रोचक कहानी अपने साथियों के साथ मिलकर बनाइए और कक्षा में प्रस्तुत कीजिए।
Answer: मेरे एक मित्र राकेश ने किसी अनुभवी व्यक्ति या परिवार से मशविरा किए बिना ही जोश में आकर अपनी जीवन भर की जमापूंजी से एक नया रेस्तरां खोलने का फैसला कर लिया। उसने बाजार की मांग, स्थानीय लोगों की पसंद और प्रतिस्पर्धा का कोई पूर्व आकलन नहीं किया था। शुरुआत में उसे लगा कि यह बहुत शानदार विचार है, लेकिन कुछ ही हफ़्तों में उसे पता चला कि उसके यहाँ परोसे जाने वाले व्यंजन काफी महंगे थे और उनकी गुणवत्ता भी सामान्य थी। ग्राहकों ने वहाँ आना बंद कर दिया और कुछ ही समय में उसे भारी घाटा हुआ, जिससे उसकी सारी जमापूंजी डूब गई। राकेश को अपनी इस जल्दबाजी पर बहुत अफसोस हुआ, परंतु इस कड़वे अनुभव ने उसे यह अमूल्य सीख दी कि जीवन में कोई भी बड़ा कदम उठाने से पहले विवेकपूर्ण विचार और ठोस योजना बनाना कितना आवश्यक है।
In simple words: मेरे दोस्त राकेश ने बिना सोचे-समझे अपनी पूरी बचत से एक दुकान खोल ली, लेकिन बाजार की समझ न होने के कारण उसकी दुकान बंद हो गई और सारे पैसे डूब गए। इससे उसने सीख ली कि सोच-समझकर ही बड़ा फैसला करना चाहिए।
Exam Tip: कहानी लिखते समय पात्र का नाम, उसका गलत निर्णय, उससे हुआ नुकसान और अंत में उसे मिली सीख को क्रमबद्ध तरीके से लिखें।
Question 12. कल्पना कीजिए कि “बीती ताहि बिसारि दे आगे की सुध लेइ…” कविता निम्नलिखित के लिए लिखी गई है - आप, आपका कोई सहपाठी, आपका कोई परिजन, आपके कोई शिक्षक, कोई पक्षी, कोई पशु। इनकी कौन-कौन सी समस्याएँ होंगी? यह कविता उन्हें कैसे प्रेरित करेगी?
Answer: यह कविता विभिन्न परिस्थितियों में रहने वाले मनुष्यों और जीवों को उनकी समस्याओं से उबरकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है:
• मैं (स्वयं): यदि मुझे पिछली परीक्षा में कम अंक प्राप्त हुए हैं, तो यह काव्य सीख मुझे पुरानी नाकामी पर रोने के बजाय अपनी कमजोरियों को सुधारने और नए सिरे से अधिक परिश्रम करने की प्रेरणा देगी।
• मेरा कोई सहपाठी: मेरा कोई मित्र यदि पुरानी भूल या खेल में मिली हार के कारण निराश बैठा है, तो यह कविता उसे निराशा त्यागकर नई ऊर्जा के साथ मैदान में उतरने के लिए उत्साहित करेगी।
• मेरा कोई परिजन: यदि परिवार के किसी सदस्य को व्यापार या अन्य किसी क्षेत्र में अतीत में कोई नुकसान या आघात लगा हो, तो यह सीख उन्हें बीती बातों की चिंता छोड़कर वर्तमान को सँवारने का साहस देगी।
• मेरा कोई शिक्षक: यदि हमारे किसी अध्यापक को किसी शैक्षणिक प्रयोग या नए शिक्षण कार्य में मनचाहा परिणाम न मिला हो, तो यह कविता उन्हें विचलित हुए बिना नए तरीके से प्रयास करने के लिए प्रेरित करेगी।
• कोई पक्षी: आंधी या तूफान में जब किसी नन्हे पक्षी का आशियाना बिखर जाता है या उसके अंडे नष्ट हो जाते हैं, तो वह रोता नहीं। यह कविता उसे सिखाती है कि पुराने घोंसले का शोक मनाने के बजाय उसे नए तिनके बटोरकर पुनः निर्माण कार्य में जुट जाना चाहिए।
• कोई पशु: यदि कोई पशु चारे-पानी की कमी या झुंड से बिछड़ने के कारण अकेला हो गया हो, तो उसे अतीत के भय में जीने के बजाय नए हरे-भरे मैदानों और सुरक्षित रास्तों की खोज में आगे बढ़ना चाहिए।
In simple words: यह कविता सबको यही सिखाती है कि पुरानी हार या दुखों को भूलकर नए जोश के साथ फिर से कोशिश करनी चाहिए, चाहे वह इंसान हो, चिड़िया हो या कोई जानवर।
Exam Tip: इस तरह के दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों में प्रत्येक बिंदु को स्पष्ट रूप से बुलेट पॉइंट में लिखें ताकि उत्तर साफ और प्रभावशाली दिखे।
Question 13. कल्पना कीजिए कि आप एक ऐसे व्यक्ति से मिले हैं, जो हमेशा बीती बातों में खोया रहता है। आप उसे समझाने के लिए क्या-क्या कहेंगे?
Answer: यदि मैं किसी ऐसे व्यक्ति से मिलूँ जो सदैव पुरानी यादों या नकारात्मक घटनाओं में खोया रहता है, तो मैं उसे निम्नलिखित बातें कहकर समझाऊँगा:
1. जो समय एक बार बीत चुका है, वह किसी भी स्थिति में वापस नहीं आ सकता। इसलिए व्यर्थ की चिंताओं में पड़कर अपने वर्तमान की शांति और ऊर्जा नष्ट करना ठीक नहीं है।
2. सच्ची बुद्धिमता इसी में है कि हम आने वाले समय को सुंदर बनाएँ। यदि हम वर्तमान पर ध्यान केंद्रित करेंगे, तभी हमारा कल सुखद बन सकेगा।
3. अपनी पुरानी भूलों से केवल सबक लें, उन्हें अपने ऊपर हावी न होने दें। गलतियों को दोहराने से बचना चाहिए, लेकिन उनके गम में लगातार डूबे रहना भी अनुचित है।
4. जीवन का प्रत्येक नया सवेरा अपने साथ प्रगति के नए अवसर लेकर आता है। बीते हुए कल के अंधकार को अपने आज की मुस्कान पर हावी न होने दें।
5. अंत में, मैं उसे कवि की यह प्रसिद्ध पंक्ति सुनाकर प्रेरित करूँगा - "बीती ताहि बिसारि दे, आगे की सुध लेइ", क्योंकि जीवन में सकारात्मक रूप से आगे बढ़ने ही एकमात्र विकल्प है।
In simple words: मैं उसे समझाऊँगा कि पुराना समय लौटकर नहीं आता, इसलिए बीती बातें भूलकर नए दिन की शुरुआत करनी चाहिए और खुश रहना चाहिए।
Exam Tip: उत्तर को व्यावहारिक संवाद के रूप में प्रस्तुत करने के लिए सकारात्मक विचारों और कविता की मूल सीख का समावेश करें।
शब्द से जुड़े शब्द
Question 14. नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में ‘चित्त’ या ‘मन’ से जुड़े शब्द कुंडलियों में से चुनकर लिखिए:
Answer: 'मन' या 'चित्त' से संबंधित तथा कुंडलियों के संदर्भ में आने वाले शब्द इस प्रकार हैं:
• अशांति
• चैन
• लगाव
• शांति
• अवस्था
• ध्यान
• गलत
In simple words: ये सभी शब्द हमारे मन की अलग-अलग स्थितियों, विचारों और व्यवहारों को दर्शाते हैं जो कविता में आए हैं।
Exam Tip: व्याकरण आधारित प्रश्नों में शब्दों का कविता के संदर्भ के अनुसार ही अर्थ समझना और लिखना चाहिए।
कविता की रचना
Question 15. पाठ में दी गई दोनों कुंडलियों को ध्यान से देखिए और अपने-अपने समूह में मिलकर इनकी विशेषताओं (जो विशेषताएँ दोनों कुंडलियों में हैं और जो विशेषताएँ किसी एक ही कुंडली में हैं) की सूची बनाइए:
| जो विशेषताएँ दोनों कुंडलियों में हैं | जो विशेषताएँ किसी एक कुंडली में हैं |
|---|---|
| 1. दोनों छंदों को गाते या पढ़ते समय एक समान लय और गति (लयबद्धता) का प्रवाह दिखाई देता है। 2. इनमें कुंडलिया विधा के नियम के अनुसार, जिस शब्द से शुरुआत होती है, लगभग उसी शब्द पर इसकी समाप्ति भी होती है। 3. ये दोनों रचनाएँ द्विपद शैली (दो-दो पंक्तियों के समूह) में गहरी बातें व्यक्त करती हैं। 4. इन्हें पढ़ते हुए ऐसा प्रतीत होता है मानो रचनाकार सीधे पाठक से बातचीत या आत्मीय संवाद स्थापित कर रहा हो। 5. काव्य के भीतर रचयिता 'गिरधर' के नाम की छाप देखने को मिलती है। | 1. प्रथम कुंडली (“बिना बिचारे...”): यह विशेष रूप से जल्दबाजी में बिना सोचे-समझे किए गए कार्यों के दुष्परिणाम, सामाजिक उपहास और अशांत मन की दशा का सजीव चित्रण करती है। 2. द्वितीय कुंडली (“बीती ताहि...”): यह मुख्य रूप से अतीत के कड़वे अनुभवों को भूलकर उज्ज्वल भविष्य के निर्माण और सरल जीवन जीने की सकारात्मक व व्यावहारिक सीख प्रदान करती है। |
Answer: उपर्युक्त तालिका में कुंडलियों की समान और विशिष्ट विशेषताओं की सूची प्रस्तुत कर दी गई है।
In simple words: दोनों कुंडलियों में लय है, संवाद जैसा रूप है और शुरुआत व अंत का शब्द एक जैसा है। पर पहली वाली काम बिगड़ने का डर दिखाती है, जबकि दूसरी वाली आगे बढ़ने का हौसला देती है।
Exam Tip: कुंडलिया छंद की सबसे बड़ी पहचान यह है कि यह जिस शब्द से आरंभ होता है, उसी शब्द पर समाप्त होता है। इसे उत्तर में लिखना न भूलें।
Question 16. नीचे एक स्तंभ में कविता की पंक्तियों की कुछ विशेषताएँ दी गई हैं और उनसे संबंधित पंक्तियाँ दूसरे स्तंभ में दी गई हैं। कविता की विशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान कीजिए:
| कविता की विशेषताएँ (स्तंभ 1) | सही मिलान वाली काव्य पंक्तियाँ (स्तंभ 2) |
|---|---|
| 1. पंक्ति के अंतिम शब्दों में तुकबंदी या समान ध्वनि का होना। | ताही में चित देइ बात जोइ बनि आवै। दुर्जन हँसै न कोइ चित्त में खता न पावै॥ (यहाँ 'आवै' और 'पावै' की ध्वनि मिलती है) |
| 2. काव्य पंक्ति के भीतर रचयिता के नाम का प्रयोग होना। | कह गिरधर कविराय यहै करु मन परतीती॥ (यहाँ स्पष्ट रूप से 'गिरधर कविराय' का नाम आया है) |
| 3. एक ही स्थान पर परस्पर विरोधी या विपरीत विचारों का आना। | बीती ताहि बिसारि दे आगे की सुध लेइ। (यहाँ बीता हुआ 'अतीत' और आने वाला 'भविष्य' परस्पर विपरीत विचार हैं) |
| 4. एक ही वर्ण से आरंभ होने वाले कई शब्दों का एक साथ आना (अनुप्रास)। | बिना विचारे जो करै सो पाछे पछिताय। (यहाँ 'बिना विचारे' में 'ब' और 'पाछे पछिताय' में 'प' वर्ण की सुंदर आवृत्ति हुई है) |
Answer: विशेषताओं का पंक्तियों के साथ मिलान उपर्युक्त सारणी के अनुसार सुव्यवस्थित किया गया है।
In simple words: इस तालिका में हमने कविता की अलंकारिक और कलात्मक विशेषताओं को उनकी सही पंक्तियों के साथ मिलाया है।
Exam Tip: अनुप्रास अलंकार (एक ही वर्ण की बार-बार आवृत्ति) और तुकबंदी (समान अंतिम ध्वनि) जैसी काव्य विधाओं को पहचानना सीखें, ये परीक्षा में अक्सर पूछे जाते हैं।
काल से जुड़े शब्द
Question 17. नीचे दिए गए समय-सूचक शब्दों (कल, परसों, पहले, पिछला, बीते हुए, आज, अभी-अभी, अब, हमेशा, आजकल, अगले दिन/साल/महीने, आगामी, जल्दी ही) का प्रयोग करते हुए भूतकाल, वर्तमान काल और भविष्य काल के वाक्य बनाइए और उन क्रिया शब्दों को रेखांकित कीजिए जिनसे काल की पहचान होती है:
| भूतकाल (बीता समय) | वर्तमान काल (चल रहा समय) | भविष्य काल (आने वाला समय) |
|---|---|---|
| 1. (कल) मैं कल शाम को अपने नानाजी के घर गया था। | 1. (आज) आज हमारे गाँव में बहुत भारी वर्षा हो रही है। | 1. (कल) मैं कल दोपहर में अपने गृहकार्य को पूरा करूँगा। |
| 2. (परसों) परसों हमारे विद्यालय में एक सुंदर नाटक का आयोजन हुआ था। | 2. (अभी-अभी) सोहन अभी-अभी बाजार से ताजे फल लेकर घर आया है। | 2. (परसों) परसों हमारे शहर में एक बड़ा मेला लगेगा। |
| 3. (पहले) पहले यहाँ पर चारों ओर बहुत सघन वन हुआ करता था। | 3. (अब) अब सभी छात्र अपनी-अपनी कक्षाओं में शांतिपूर्वक पढ़ रहे हैं। | 3. (अगले साल) अगले साल हम सब शिमला घूमने अवश्य जाएँगे। |
| 4. (पिछला) पिछला वर्ष हमारे परिवार के लिए अत्यंत सुखद रहा था। | 4. (हमेशा) सदा सत्य बोलना एक अच्छी आदत होती है। | 4. (आगामी) आगामी सप्ताह में परीक्षाओं की समय-सारणी घोषित हो जाएगी। |
| 5. (बीते हुए) बीते हुए दिनों में हम सब साथ मिलकर खूब खेलते थे। | 5. (आजकल) आजकल सभी लोग मोबाइल फोन का अत्यधिक प्रयोग कर रहे हैं। | 5. (जल्दी ही) जल्दी ही वर्षा ऋतु का आगमन होगा। |
Answer: दिए गए शब्दों का प्रयोग कर तीनों कालों के वाक्य और उनके काल-सूचक रेखांकित शब्द उपर्युक्त तालिका में दिए गए हैं।
In simple words: बीती बातें बताने के लिए 'था/थे/थी', आज की बात के लिए 'है/हूँ/हैं', और आने वाले समय के लिए 'गा/गे/गी' का प्रयोग किया जाता है।
Exam Tip: वाक्यों में काल की पहचान मुख्यतः क्रिया के अंत में आने वाले सहायक क्रिया शब्दों (जैसे- था, है, गा) से होती है। इन्हें हमेशा ध्यान से रेखांकित करें।
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आपकी बात
Question 18. “खटकत है जिय माँहि कियो जो बिना बिचारे।” का अर्थ है ‘बिना सोचे किए गए कार्य मन में चुभते रहते हैं।’ क्या आपने कभी ऐसा अनुभव किया है? उस घटना को साझा कीजिए।
Answer: हाँ, मेरे जीवन में भी एक बार ऐसी घटना घटी जब मैंने बिना सोचे-समझे कदम उठाया और बाद में काफी ग्लानि महसूस की। एक बार मेरे प्रिय मित्र का जन्मदिन आने वाला था और मैंने उत्साह में आकर उसे एक बहुत ही महंगा खिलौना उपहार में देने का वचन दे दिया। मैंने न तो अपनी गुल्लक के पैसों का हिसाब लगाया और न ही यह सोचा कि क्या उसे सचमुच उसकी आवश्यकता है। जब जन्मदिन का दिन निकट आया, तब मुझे ज्ञात हुआ कि मेरे पास उतने पैसे नहीं थे। विवश होकर मुझे उसे एक बहुत ही साधारण और कम उपयोगी वस्तु देनी पड़ी। उसे वह उपहार विशेष पसंद नहीं आया, जिससे मुझे गहरी आत्मग्लानि और संकोच का अनुभव हुआ। वह बात काफी समय तक मेरे मन को कचोटती रही कि काश मैंने सोच-विचार कर वादा किया होता।
In simple words: एक बार मैंने अपने दोस्त को महंगा गिफ्ट देने का वादा कर दिया, लेकिन पैसे कम होने पर साधारण गिफ्ट देना पड़ा। इससे मुझे बहुत शर्मिंदगी हुई और अपनी जल्दबाजी पर पछतावा हुआ।
Exam Tip: इस प्रकार के व्यक्तिगत अनुभवों वाले प्रश्नों में अपनी वास्तविक सीख और गलती को ईमानदारी से व्यक्त करना चाहिए।
Question 19. “बीती ताहि बिसारि दे आगे की सुध लेइ।” का अर्थ है ‘अतीत को भूलना और भविष्य पर ध्यान देना चाहिए।’ क्या आप इस बात से सहमत हैं? क्यों? उदाहरण देकर समझाइए।
Answer: मैं इस मूल्यवान कथन से पूरी तरह सहमत हूँ। बीती बातों को भुलाकर आगे की ओर अग्रसर होना मानव जीवन की उन्नति के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसके प्रमुख कारण इस प्रकार हैं:
1. नकारात्मकता से मुक्ति: यदि हम पुरानी असफलताओं या दुखों को लेकर बैठे रहेंगे, तो हमारा मन निराशा से घिर जाएगा और हम कभी खुश नहीं रह सकेंगे।
2. निरंतर प्रगति: अतीत में उलझने से जीवन का विकास रुक जाता है। नए अवसरों को अपनाने के लिए पुरानी कड़वाहट को पीछे छोड़ना ही पड़ता है।
3. मानसिक संतोष: मन की शांति के लिए यह जरूरी है कि हम उन पुरानी परिस्थितियों को स्वीकार करें जिन्हें अब बदला नहीं जा सकता।
उदाहरण: यदि कोई छात्र पिछली परीक्षा में अच्छे अंक नहीं ला पाया और वह उसी असफलता को सोच-सोचकर रोता रहे, तो वह आने वाली परीक्षा की तैयारी कभी मन लगाकर नहीं कर पाएगा। उसे चाहिए कि वह अपनी पिछली गलतियों से सीखे और भविष्य की पढ़ाई पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित करे।
In simple words: हाँ, पुरानी असफलताओं को भूलकर आगे बढ़ना चाहिए। अगर हम पिछली परीक्षा के कम नंबरों को लेकर रोते रहेंगे, तो अगली परीक्षा की तैयारी नहीं कर पाएँगे।
Exam Tip: उत्तर में तर्क के साथ-साथ एक सजीव उदाहरण देने से परीक्षक पर बहुत अच्छा प्रभाव पड़ता है।
Question 20. पाठ में दी गई दोनों कुंडलियों के आधार पर आप अपने जीवन में कौन-कौन से बदलाव लाना चाहेंगे?
Answer: इस पाठ में संकलित दोनों कुंडलियों का गहरा अध्ययन करने के बाद, मैं अपने जीवन में निम्नलिखित महत्वपूर्ण बदलाव लाना चाहूँगा:
1. सोच-समझकर निर्णय लेना: भविष्य में मैं कोई भी छोटा या बड़ा कदम उठाने से पहले उसके अच्छे और बुरे परिणामों पर अच्छी तरह विचार करूँगा, ताकि बाद में मुझे किसी भी प्रकार के पश्चाताप का सामना न करना पड़े।
2. अतीत को भुलाकर आगे बढ़ना: मैं अपनी पुरानी गलतियों या अप्रिय घटनाओं को मन में रखकर दुखी होने के स्थान पर, उनसे सकारात्मक सीख ग्रहण करूँगा और पूरे उत्साह के साथ भविष्य को बेहतर बनाने में जुट जाऊँगा।
3. सरल जीवनशैली अपनाना: मैं व्यर्थ की जटिलताओं और दिखावे में फँसने के बजाय उन कार्यों और परिस्थितियों पर अपना ध्यान केंद्रित करूँगा जो स्वाभाविक, सरल और मन को सुकून देने वाली हों।
In simple words: मैं हर काम सोच-समझकर करूँगा, पुरानी बुरी यादों को भूलकर आगे बढ़ूँगा और सादा व सरल जीवन जीने का प्रयास करूँगा।
Exam Tip: बदलावों को 'आत्म-सुधार' के दृष्टिकोण से लिखें, जिसमें व्यावहारिक आचरण में सुधार का संकल्प झलकता हो।
Question 21. “खान-पान सम्मान राग-रंग मनहि न भावै।” इस पंक्ति में खान-पान, सम्मान और राग-रंग अच्छा न लगने की बात की गई है। आप इनमें से किसे सबसे आवश्यक मानते हैं? अपने उत्तर के कारण भी बताइए।
Answer: पंक्ति में वर्णित तीनों तत्वों - खान-पान, सम्मान और राग-रंग में से मैं 'सम्मान' (आदर) को सबसे अधिक महत्वपूर्ण और आवश्यक मानता हूँ। इसके मुख्य कारण इस प्रकार हैं:
1. आत्म-गौरव और गरिमा: प्रत्येक मनुष्य के लिए उसका स्वाभिमान और मान-प्रतिष्ठा सबसे बड़ी थाती होती है। यदि समाज में किसी को आदर नहीं मिलता, तो स्वादिष्ट भोजन और मनोरंजन भी उसे खुशी नहीं दे सकते।
2. सामाजिक अस्तित्व: समाज में सम्मानपूर्वक जीना ही मनुष्य के अस्तित्व का आधार है। आदर के बिना व्यक्ति स्वयं को उपेक्षित और समाज से कटा हुआ अनुभव करने लगता है।
3. मानसिक प्रसन्नता: वास्तविक सुख भौतिक साधनों में नहीं बल्कि मन के संतोष में है। आदर-सत्कार मिलने से मन शांत और प्रसन्न रहता है, जबकि उपेक्षा मिलने पर जीवन व्यर्थ लगने लगता है।
In simple words: मैं 'सम्मान' को सबसे जरूरी मानता हूँ, क्योंकि बिना आदर-सत्कार के अच्छा खाना-पीना और घूमना-फिरना भी मन को खुशी नहीं दे पाता। स्वाभिमान सबसे बढ़कर है।
Exam Tip: इस तरह के दार्शनिक प्रश्नों के उत्तर में नैतिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता देकर अपना पक्ष रखें।
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हँसी
Question 22. “जग में होत हँसाय” कभी-कभी लोग दूसरों की गलतियों पर ही नहीं, बल्कि उनके किसी भी कार्य पर हँस देते हैं। ऐसी कुछ स्थितियों की सूची बनाइए, जब किसी को आप पर या आपको किसी पर हँसी आई हो:
Answer: जीवन में हँसी-मजाक के कई क्षण आते हैं, कुछ प्रमुख हास्यास्पद स्थितियाँ निम्नलिखित हैं:
• मैदान में खेलते समय जब कोई साथी अचानक फिसलकर गिर जाता है और फिर बड़ी फुर्ती से मुस्कुराते हुए खड़ा हो जाता है।
• कक्षा के दौरान जब अध्यापक कोई मजेदार चुटकुला या पहेली सुनाते हैं और सभी छात्र एक साथ खिलखिलाकर हँस पड़ते हैं।
• बातचीत के प्रवाह में जब कोई व्यक्ति किसी साधारण शब्द का बहुत ही अजीब या त्रुटिपूर्ण उच्चारण कर देता है।
• दोपहर की कक्षा में जब कोई सहपाठी गहरी झपकी लेते हुए अचानक नीचे गिरने से बाल-बाल बचता है और चौंक उठता है।
• जब मैं श्यामपट्ट (ब्लैकबोर्ड) पर कोई कठिन शब्द लिख रहा था और उसकी वर्तनी (स्पेलिंग) में कोई हास्यास्पद चूक हो गई।
In simple words: खेलते समय गिरकर फौरन उठ जाना, बोर्ड पर गलत स्पेलिंग लिख देना, या क्लास में नींद में चौंक जाना - ये कुछ ऐसे पल हैं जब सबको हँसी आ जाती है।
Exam Tip: सूची बनाते समय केवल सकारात्मक और स्वस्थ हँसी-मजाक के उदाहरणों को ही शामिल करें, किसी का उपहास उड़ाने वाले नहीं।
Question 23. ऐसी दोनों स्थितियों (जब लोग आप पर हँसें और जब आप दूसरों पर हँसें) में आपको कैसा लगता है और दूसरों को कैसा लगता होगा?
Answer: इन दोनों परिस्थितियों में हमारे मन के भाव इस प्रकार होते हैं:
1. जब लोग मुझ पर हँसते हैं: शुरुआत में मुझे थोड़ी झेंप, शर्म और संकोच का अनुभव होता है। परंतु यदि वह हँसी किसी द्वेष के बिना केवल हल्के-फुल्के माहौल में हो, तो मैं भी अपनी गलती को स्वीकार कर सबके साथ हँस पड़ता हूँ।
2. जब मैं दूसरों पर हँसता हूँ: उस क्षण मुझे बहुत आनंद और मजा आता है, लेकिन बाद में सोचने पर महसूस होता है कि कहीं मेरे इस आचरण से सामने वाले व्यक्ति को ठेस तो नहीं पहुँची। दूसरों की भावनाओं का आदर करना आवश्यक है।
In simple words: जब लोग मुझ पर हँसते हैं तो पहले थोड़ी शर्म आती है। जब मैं हँसता हूँ तो मजा आता है, पर बाद में लगता है कि कहीं सामने वाले को बुरा तो नहीं लगा।
Exam Tip: उत्तर में संवेदनशीलता और सहानुभूति (Empathy) को दर्शाना एक परिपक्व छात्र की पहचान है।
Question 24. सोच-समझकर सोचिए कि कोई व्यक्ति आपकी किसी भूल पर हँस रहा है। ऐसे में आप क्या कहेंगे या क्या करेंगे ताकि उसे एहसास हो जाए कि इस बात पर हँसना ठीक नहीं है?
Answer: यदि कोई व्यक्ति मेरी किसी भूल या त्रुटि पर मेरा उपहास उड़ाता है, तो मैं क्रोधित होने के बजाय पूर्णतः शांत रहकर उसे निम्नलिखित बातें बड़ी विनम्रता से कहूँगा:
• “भूल तो किसी भी इंसान से स्वाभाविक रूप से हो सकती है, जीवन में कभी आपसे भी ऐसी चूक होना संभव है।”
• “किसी की गलती पर हँसने के स्थान पर यदि हम उसे सुधारने में उसकी सहायता करें, तो वह अधिक श्रेयस्कर होगा।”
• “दूसरों की विवशता या भूल पर हँसना एक अशोभनीय आचरण है। इससे सामने वाले के मन को गहरी पीड़ा पहुँच सकती है।”
• मैं अपने शांत और गंभीर व्यवहार द्वारा उसे यह अनुभव कराने का प्रयास करूँगा कि उसका यह आचरण अनुचित था।
In simple words: मैं गुस्सा नहीं करूँगा, बल्कि शांति से कहूँगा कि गलतियाँ तो सब से होती हैं, हमें किसी का मजाक उड़ाने के बजाय उसकी मदद करनी चाहिए।
Exam Tip: क्रोध का उत्तर शांत रहकर और तार्किक तरीके से देना ही सर्वोत्तम नैतिक आचरण है, इसे अपने उत्तर में स्पष्ट करें।
सोच-समझकर
Question 25. “बिना विचारे जो करै सो पाछे पछिताय।” आज के समय में कुछ लोग जल्दी में कार्य कर देते हैं या जल्दी में निर्णय ले लेते हैं। कुछ ऐसी स्थितियाँ बताइए जहाँ जल्दबाजी में निर्णय लेना या कार्य करना हानिकारक हो सकता है:
Answer: दैनिक जीवन में निम्नलिखित परिस्थितियों में जल्दबाजी करना अत्यंत नुकसानदेह साबित हो सकता है:
• परीक्षा भवन में: प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़े बिना ही जल्दबाजी में उत्तर लिख देने से अक्सर गलतियाँ हो जाती हैं, जिससे अंक कट जाते हैं।
• यातायात के दौरान: सड़क पार करते समय बिना दाएँ-बाएँ देखे तेजी से भागने से गंभीर दुर्घटना होने का भय रहता है।
• सामान खरीदते समय: बिना जांच-परख के कोई भी वस्तु खरीदने पर घटिया या अत्यधिक महंगी सामग्री मिलने की आशंका रहती है।
• पारिवारिक वाद-विवाद में: आवेश में आकर बिना सोचे-समझे मुंह से निकले कड़वे शब्द हमेशा के लिए सुंदर रिश्तों को बिगाड़ सकते हैं।
• भविष्य के अहम निर्णय: उच्च शिक्षा, करियर अथवा धन के निवेश से जुड़े बड़े फैसले में जल्दबाजी करने से भारी आर्थिक और करियर की हानि उठानी पड़ती है।
In simple words: परीक्षा में, सड़क पार करते समय, खरीदारी करते समय और गुस्से में कोई भी फैसला जल्दबाजी में करने से बड़ा नुकसान हो सकता है।
Exam Tip: प्रत्येक स्थिति के साथ उसका संभावित दुष्परिणाम लिखना उत्तर को पूर्णता प्रदान करता है।
Question 26. मान लीजिए कि आपको या आपके किसी परिजन को नीचे दिए गए संदेश मिलते हैं। ऐसे में आप क्या करेंगे? सुरक्षात्मक कदमों की व्याख्या तालिका बनाकर कीजिए:
| क्र.सं. | प्राप्त संदिग्ध संदेश (एसएमएस / कॉल) | सुरक्षा के लिए की जाने वाली कार्रवाई (आप क्या करेंगे) |
|---|---|---|
| 1. | आपका बैंक खाता बंद होने वाला है। | किसी भी अनजान व्यक्ति को ओटीपी न दें। तत्काल फोन काटें और सीधे बैंक शाखा से संपर्क स्थापित करें। |
| 2. | बधाई हो! आपने 10 लाख रुपये की लॉटरी जीती है। सत्यापन के लिए ₹5000 इस नंबर पर अभी भेज दें। | किसी अज्ञात पोर्टल पर पैसे ट्रांसफर न करें। इस फ्रॉड की सूचना फौरन साइबर सुरक्षा विभाग को दें। |
| 3. | गलती से आपके नंबर पर ₹ 1000 का रिफंड भेजा है। कृपया रिफंड वापस भेज दें। | बिना जांचे किसी को पैसे न लौटाएं। सबसे पहले अपने बैंक एप्लीकेशन में जाकर वास्तविक लेनदेन का विवरण देखें। |
| 4. | बधाई हो! आपने 10 लाख रुपये की लॉटरी जीती है। सत्यापन के लिए ₹5000 इस नंबर पर अभी भेज दें। (अन्य माध्यम से कॉल) | ऐसी कॉल्स को फौरन डिस्कनेक्ट कर दें। फोन पर आधार, पैन या कोई भी निजी विवरण भूलकर भी साझा न करें। |
| 5. | आपका बैंक खाता बंद होने वाला है। (लिंक के साथ संदेश) | मुफ्त उपहार या बंपर छूट के लालच में न आएं। किसी भी अनजान लिंक को टच या ओपन न करें। |
| 6. | बधाई हो! आपने 10 लाख रुपये की लॉटरी जीती है। सत्यापन के लिए ₹5000 इस नंबर पर अभी भेज दें। (रिश्तेदार बनकर कॉल) | पैसे भेजने से पहले व्यक्ति की असल पहचान सुनिश्चित करें। जल्दबाजी न करके परिवार के वरिष्ठ सदस्यों से विमर्श करें। |
| 7. | इस ऐप को डाउनलोड करें और ₹1000 कैशबैक पाएँ। | प्ले स्टोर या अनधिकृत वेबसाइट से ऐप न लें। डाउनलोड करने से पहले उसकी रेटिंग जाँचें और संदिग्ध ऐप को फोन से हटा दें। |
| 8. | यहाँ मुफ्त गिफ्ट पाने का मौका है। इस लिंक पर क्लिक करें और जानकारी दर्ज करें। | अवांछित विज्ञापनों और लिंक्स पर क्लिक करने से बचें। अपने मोबाइल ब्राउज़र में पॉप-अप ब्लॉकर्स को हमेशा ऑन रखें। |
| 9. | यहाँ मुफ्त गिफ्ट पाने का मौका है। इस लिंक पर क्लिक करें और जानकारी दर्ज करें। (वित्तीय सहायता के नाम पर) | केवल प्रमाणित सरकारी बैंकों से ही लोन लें। किसी भी अग्रिम फीस के भुगतान से बचें और 1930 पर शिकायत करें। |
| 10. | आपको बिना गारंटी के तुरंत ₹50,000 का ऋण मिल सकता है। अभी प्रोसेसिंग फीस भरें। | बिना गारंटी लोन के झूठे विज्ञापनों पर विश्वास न करें। इसकी सूचना तुरंत पुलिस के साइबर सेल को दें। |
| 11. | आपके ए.टी.एम. कार्ड की वैधता समाप्त हो रही है। इसे तुरंत अपडेट करने के लिए पिन बताएँ। | अपना गुप्त एटीएम पिन या पासवर्ड किसी को न बताएं। बैंक के टोल-फ्री नंबर पर बात करें और अपना पिन तुरंत बदल लें। |
| 12. | आपका पेमेंट फँसा हुआ है। इसे रिफंड करने के लिए ये क्यू. आर. कोड स्कैन करें। | किसी अजनबी द्वारा भेजे गए क्यूआर कोड को कभी स्कैन न करें। ऐसी धोखेबाज़ी की शिकायत पुलिस व बैंक में दर्ज कराएं। |
Answer: संदिग्ध संदेशों पर की जाने वाली तत्काल सुरक्षात्मक कार्रवाई उपर्युक्त सारणी में दी गई है।
In simple words: किसी भी अनजान कॉल, एसएमएस या लिंक पर भरोसा न करें, अपनी गोपनीय जानकारी जैसे ओटीपी या बैंक पिन कभी किसी के साथ शेयर न करें।
Exam Tip: साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए मूल नियम याद रखें- 'सतर्कता ही सुरक्षा है'। कभी भी किसी अज्ञात लिंक को न खोलें और संदिग्ध लेनदेन की शिकायत तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर करें।
Question 27. साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आप कौन-से सुरक्षात्मक और निवारक कदम उठाएंगे? विस्तार से लिखिए।
Answer: यदि मुझे या मेरे परिवार के किसी सदस्य को इस प्रकार के संदिग्ध संदेश या कॉल प्राप्त होते हैं, तो मैं निम्नलिखित सुरक्षा उपाय अपनाऊँगा:
• गोपनीयता बनाए रखना: मैं किसी भी अपरिचित नंबर पर अपना ओटीपी (OTP), पासवर्ड, यूपीआई पिन अथवा बैंक से जुड़ी कोई भी संवेदनशील जानकारी कभी भी साझा नहीं करूँगा।
• संदिग्ध संपर्कों से बचाव: किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक नहीं करूँगा और न ही कोई असुरक्षित या अनाधिकृत मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड करूँगा।
• आधिकारिक सहायता: ऐसे संदिग्ध मैसेज मिलने पर तुरंत अपनी बैंक शाखा या उनके प्राधिकृत ग्राहक सेवा नंबर पर संपर्क स्थापित करूँगा।
• पारिवारिक जागरूकता: अपने घर के अन्य सदस्यों, विशेष रूप से बुजुर्गों को इस प्रकार के खतरों के प्रति सचेत और जागरूक करूँगा।
अतिरिक्त सुरक्षात्मक उपाय:
• मोबाइल पर आने वाले संदिग्ध और स्पैम नंबरों को तुरंत ब्लॉक करके डिलीट कर दूँगा।
• यदि असावधानीवश कोई महत्वपूर्ण जानकारी साझा हो जाती है, तो बिना समय गँवाए बैंक को सूचना देकर अपने खातों और कार्ड्स को ब्लॉक करवा दूँगा।
• साइबर ठगी की आशंका होने पर इसकी त्वरित शिकायत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर या नजदीकी पुलिस स्टेशन के साइबर सेल में दर्ज कराऊँगा।
In simple words: हमें किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक पासवर्ड या ओटीपी नहीं बताना चाहिए। संदिग्ध नंबरों को ब्लॉक कर देना चाहिए और कुछ गड़बड़ होने पर तुरंत बैंक से संपर्क करना चाहिए।
Exam Tip: साइबर सुरक्षा से संबंधित प्रश्नों में तकनीकी शब्दावली जैसे OTP, स्पैम, साइबर सेल, और राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर (1930) का उल्लेख अवश्य करें।
Question 28. निम्नलिखित स्थितियों में बिना सोचे-समझे कार्य करने या जल्दबाजी में निर्णय लेने के क्या गंभीर परिणाम हो सकते हैं?
(i) सोशल मीडिया पर झूठा संदेश या असत्य समाचार पर भरोसा करके उसे सबको भेज दिया।
(ii) जल्दबाजी में बिना हेलमेट के बाइक चलाने पर पुलिस ने चालान काट दिया।
(iii) बिना माता-पिता से पूछे ऑनलाइन गेम पर पैसे खर्च कर दिए।
Answer: इन लापरवाहियों के गंभीर परिणाम इस प्रकार हो सकते हैं:
(i) सोशल मीडिया पर भ्रामक समाचार साझा करना: बिना सोचे-समझे झूठी खबरों को आगे भेजने से समाज में अराजकता, अफवाहें और भय का माहौल पैदा हो जाता है। इससे लोगों में आपसी गलतफहमी बढ़ती है और कानूनन कार्रवाई होने पर व्यक्ति को भारी अपमान का सामना करना पड़ता है।
(ii) बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चलाना: इस लापरवाही के कारण न केवल आर्थिक रूप से चालान का भुगतान करना पड़ता है, बल्कि किसी भी अप्रिय सड़क हादसे में गंभीर रूप से चोट लगने या जान जाने का बहुत बड़ा खतरा रहता है। यह भूल जीवन भर का दुख बन सकती है।
(iii) अभिभावकों की अनुमति के बिना गेमिंग पर खर्च: ऐसा करने से जहाँ एक ओर मेहनत की कमाई का अपव्यय होता है, वहीं दूसरी ओर माता-पिता का विश्वास पूरी तरह टूट जाता है। इसके कारण पारिवारिक संबंध बिगड़ते हैं और बाद में केवल ग्लानि ही शेष बचती है।
In simple words: झूठी खबरें फैलाने से दंगे या डर का माहौल बनता है, बिना हेलमेट गाड़ी चलाने से एक्सीडेंट में जान जा सकती है, और बिना पूछे गेम में पैसे लगाने से माता-पिता का भरोसा टूट जाता है।
Exam Tip: उत्तर लिखते समय सामाजिक, शारीरिक और पारिवारिक पहलुओं पर होने वाले नुकसानों को स्पष्ट रूप से दर्शाएं।
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आज की पहेली
Question 29. “खान पान सम्मान” पंक्ति की तरह प्रत्येक मात्रा का बार-बार उपयोग करते हुए अलग-अलग मात्राओं के लिए अर्थपूर्ण वाक्य बनाइए:
| मात्रा | एक ही मात्रा का प्रयोग कर बना वाक्य |
|---|---|
| आ | राजा राम काज आराम पाया। |
| इ | नितिन ने किताब गिरी किनारे। |
| ई | नीलम की चींटी पीली शीशा ली। |
| उ | गुल पुतुल सुगंध लुभावनु। |
| ऊ | सूरज ऊषा पूरब धूप ऊँची। |
| ऋ | ऋषि ऋण मुक्त ऋतु गम्भीर। |
| ए | देवी ने खेले मेले में खेले। |
| ऐ | बैरन नैना बैताल पैगाम लै आए। |
| ओ | मोहन बोलो तोतो सोने लोको। |
| औ | औरतौ दौड़ौ चौकौ चौपालौ। |
Answer: मात्रा आधारित रचनात्मक वाक्यों का संकलन तालिका के अनुसार प्रस्तुत है।
In simple words: इस खेल में हमने हर मात्रा (आ, इ, ई आदि) के लिए ऐसे वाक्य बनाए हैं जिनमें मुख्य रूप से केवल उसी मात्रा के शब्दों का बार-बार उपयोग किया गया है।
Exam Tip: भाषा के इस प्रकार के रचनात्मक अभ्यासों से मात्राओं का ज्ञान और शब्दकोश का विकास होता है। वाक्यों का अर्थपूर्ण होना अनिवार्य है।
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खोजबीन के लिए
Question 30. इंटरनेट या अन्य स्रोतों की मदद से "बिना विचारे काम मत करो" विषय पर आधारित एक लघु नैतिक कहानी खोजकर उसका सारांश लिखिए तथा यह समझाइए कि यह कहानी कवि की किस भावना से मेल खाती है:
Answer: इस विषय पर आधारित प्रसिद्ध नैतिक कहानी 'नेवला और स्त्री' का सारांश तथा कविता से उसका संबंध इस प्रकार है:
कहानी का सारांश:
एक ग्रामीण महिला ने अपने घर में बड़े स्नेह से एक नेवला पाला हुआ था। एक दिन वह अपने नवजात शिशु को पालने में सोता हुआ छोड़कर पानी भरने कुएँ पर चली गई और घर की देखरेख का जिम्मा वफादार नेवले पर छोड़ दिया। जब वह लौटी, तो उसने देखा कि घर के द्वार पर बैठा नेवला खून से लथपथ था। बिना सोचे-समझे उसने यह मान लिया कि नेवले ने उसके बच्चे पर हमला किया है। अत्यंत क्रोध में आकर उसने पानी से भरा भारी घड़ा नेवले के ऊपर गिरा दिया, जिससे उस बेजुबान की तुरंत मृत्यु हो गई।
जब महिला भीतर गई, तो उसने देखा कि उसका बच्चा सुरक्षित खेल रहा था और पास ही एक मृत विषैला साँप पड़ा था, जिसे नेवले ने मार डाला था। नेवले ने अपनी जान पर खेलकर बच्चे की रक्षा की थी। महिला को अपनी जल्दबाजी और बिना सोचे-समझे किए गए कृत्य पर जीवन भर रोना पड़ा।
गिरधर कविराय की कुण्डली से जुड़ाव:
यह कहानी कवि गिरधर कविराय की प्रसिद्ध कुण्डली "बिना बिचारे जो करै सो पाछे पछिताय" के संदेश को साक्षात रूप में प्रकट करती है। यह हमें यह अमूल्य सीख देती है कि जब तक किसी बात या दृश्य की पूरी सच्चाई का पता न चल जाए, तक तक कोई भी बड़ा कदम या निर्णय नहीं उठाना चाहिए। बिना विचार किए गए कार्य केवल विनाश और जीवन भर का संताप ही देते हैं।
In simple words: एक महिला ने बिना सोचे-समझे गुस्सा होकर अपने वफादार नेवले को मार डाला, जिसने उसके बच्चे को साँप से बचाया था। यह कहानी सिखाती है कि बिना सोचे काम करने से भारी नुकसान होता है और बाद में सिर्फ पछतावा रहता है।
Exam Tip: कहानी का सारांश संक्षिप्त और रोचक रखें तथा मुख्य सीख को कविता की पंक्तियों के संदेश के साथ अवश्य जोड़ें।
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