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Detailed Malhar Chapter 04 पानी रे पानी (निबंध) NCERT Solutions for Class 7 Hindi
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Class 7 Hindi Malhar Chapter 04 पानी रे पानी (निबंध) NCERT Solutions PDF
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मेरी समझ से
Question 1. हमारा भूजल भंडार निम्नलिखित में से किससे समृद्ध होता है?
(a) नल सूख जाने से
(b) पानी बरसने से
(c) तालाब और झीलों से
(d) बाढ़ आने से
Answer: (b) पानी बरसने से और (c) तालाब और झीलों से
बारिश का पानी सीधे तालाबों और झीलों में इकट्ठा होता है। यह जल धीरे-धीरे भूमि के अंदर चला जाता है। इससे हमारे ज़मीन के नीचे के पानी का स्तर लगातार बढ़ता है।
In simple words: बारिश का पानी मिट्टी से नीचे जाकर जमा होता है। इससे धरती के नीचे पानी का भंडार बढ़ता है।
Exam Tip: बहुविकल्पीय प्रश्नों में एक से अधिक सही उत्तर हो सकते हैं, इसलिए सभी विकल्पों को ध्यान से पढ़ें और सटीक कारण स्पष्ट करें।
Question 2. निम्नलिखित में से कौन-सी बात जल-चक्र से संबंधित है?
(a) वर्षा जल का संग्रह करना
(b) समुद्र से उठी भाप का बादल बनकर बरसना
(c) नदियों का समुद्र में जाकर मिलना
(d) बरसात में चारों ओर पानी ही पानी दिखाई देना
Answer: (b) समुद्र से उठी भाप का बादल बनकर बरसना और (c) नदियों का समुद्र में जाकर मिलना
सूरज की गर्मी से समुद्र का पानी भाप बनकर आसमान में जाता है और बादल बनता है। फिर यही पानी बरसकर नदियों के रास्ते वापस समुद्र में मिल जाता है। इस पूरी प्रक्रिया को जल-चक्र कहते हैं।
In simple words: समुद्र का पानी भाप बनकर उड़ता है, बादल बनकर बरसता है और दोबारा समुद्र में चला जाता है।
Exam Tip: जल-चक्र की परिभाषा लिखते समय वाष्पीकरण और संघनन जैसी मुख्य क्रियाओं को सरल शब्दों में अवश्य शामिल करें।
Question 3. “इस बड़ी गलती की सजा अब हम सबको मिल रही है।” यहाँ किस गलती की ओर संकेत किया गया है?
(a) जल-चक्र की अवधारणा को न समझना
(b) आवश्यकता से अधिक पानी का उपयोग करना
(c) तालाबों को कचरे से पाटकर समाप्त करना
(d) भूजल भंडारण के विषय में विचार न करना
Answer: (c) तालाबों को कचरे से पाटकर समाप्त करना
यहाँ बड़ी भूल का मतलब तालाबों को मलबे और कूड़े से पाटकर उन पर इमारतें या बाज़ार बनाना है। इसके कारण बारिश का पानी ज़मीन में नहीं समा पाता, जिससे गर्मियों में सूखा और बरसात में बाढ़ आती है।
In simple words: तालाबों को सुखाकर उन पर घर या दुकानें बनाना ही सबसे बड़ी भूल है।
Exam Tip: परीक्षा में इस प्रकार के उद्धरण वाले प्रश्नों का उत्तर देते समय पाठ के संदर्भ और वर्तमान जल संकट की स्थिति को जोड़कर लिखें।
Question (ख). अब अपने मित्रों के साथ संवाद कीजिए और कारण बताइए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने।
Answer:
मित्रों के साथ बातचीत:
राहुल: दोस्त, पहले प्रश्न में तुमने 'पानी बरसने' और 'तालाब-झीलों' वाले विकल्प को ही क्यों चुना?
मैं: जब बारिश होती है, तो पानी रिसकर ज़मीन के नीचे चला जाता है। इसके अलावा, तालाब और झीलें धरती की प्राकृतिक गुल्लक की तरह हैं, जो पानी को सहेजकर भूजल बढ़ाती हैं।
वान्या: दूसरे प्रश्न में 'बादल बनकर बरसना' और 'नदियों का सागर में मिलना' को तुमने क्यों सही माना?
मैं: क्योंकि यही जल-चक्र की मुख्य कड़ियाँ हैं। धूप से सागर का पानी भाप बनता है, फिर बादल बरसते हैं और अंत में नदियाँ पानी वापस सागर में पहुँचाती हैं।
अजय: तीसरे प्रश्न में 'तालाबों को मलबे से पाट देना' ही क्यों चुना?
मैं: पाठ में बताया गया है कि तालाबों को ख़त्म करने से पानी ज़मीन के अंदर नहीं जा पाता। इसी वजह से गर्मियों में कुएँ सूखते हैं और बरसात में बस्तियाँ पानी में डूब जाती हैं।
In simple words: अपने साथियों के साथ बातचीत करके यह समझना आसान हो जाता है कि प्रत्येक उत्तर के पीछे क्या वैज्ञानिक कारण है।
Exam Tip: संवाद लेखन में पात्रों की बातचीत को सरल, स्वाभाविक और तार्किक रखना चाहिए।
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मिलकर करें मिलान
Question. पाठ में से कुछ शब्द समूह या संदर्भ चुनकर स्तंभ 1 में दिए गए हैं और उनके अर्थ 2 में दिए गए हैं। अपने समूह में इन पर चर्चा कीजिए और रेखा खींचकर सही मिलान कीजिए।
Answer:
| शब्द समूह (स्तंभ 1) | सही अर्थ (स्तंभ 2) |
|---|---|
| 1. वर्षा जल संग्रहण | वर्षा के जल को प्राकृतिक अथवा कृत्रिम रूप से (मानवीय प्रयासों से) धरती में संग्रह करना। |
| 2. जल संकट | जल की अत्यधिक कमी होना। |
| 3. जल-चक्र | समुद्र से उठी भाप का बादल बनकर पानी में बदलना और वर्षा के द्वारा पुनः समुद्र में मिल जाना। |
| 4. भूजल | ज़मीन के नीचे छिपा जल भंडार। |
Exam Tip: मिलान वाले प्रश्नों को उत्तर पुस्तिका में आमने-सामने सही उत्तर लिखकर प्रस्तुत करने से पूरे अंक मिलते हैं।
पंक्तियों पर चर्चा
Question. “पानी आता भी है तो बेवक्त।” इस पंक्ति का क्या आशय है?
Answer: इस पंक्ति का अर्थ है कि नलों में पानी आने का कोई तय समय नहीं होता। कभी पानी देर रात को आता है तो कभी सुबह बहुत जल्दी आ जाता है। इससे लोगों की नींद खराब होती है और पानी भरने के लिए परेशान होना पड़ता है।
In simple words: पानी आने का कोई निश्चित समय न होने से लोगों की दिनचर्या बिगड़ जाती है।
Exam Tip: पाठ की पंक्तियों की व्याख्या करते समय दैनिक जीवन में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों का उल्लेख करें।
Question. “देश के कई हिस्सों में तो अकाल जैसे हालात बन जाते हैं।” इस पंक्ति का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
Answer: यह पंक्ति गर्मियों के दिनों में पानी की भारी किल्लत को दर्शाती है। जब बहुत दिनों तक बारिश नहीं होती, तो मिट्टी बंजर हो जाती है और पीने का पानी भी नहीं मिलता। बड़े शहरों में भी लोग पानी के लिए तरसने लगते हैं।
In simple words: पानी की अत्यधिक कमी होने के कारण चारों तरफ सूखा पड़ जाता है।
Exam Tip: 'अकाल' शब्द का अर्थ बताते हुए जल संकट के प्रभाव को रेखांकित करें।
Question. “कुछ दिनों के लिए सब कुछ थम जाता है।” इस पंक्ति का क्या अर्थ है?
Answer: यह पंक्ति अत्यधिक वर्षा के कारण आने वाली बाढ़ की स्थिति को बताती है। जब बहुत तेज़ बारिश होती है, तो सड़कें, स्कूल और रेलवे ट्रैक पानी में डूब जाते हैं। लोगों का काम-धंधा रुक जाता है और सामान्य जीवन थम जाता है।
In simple words: भारी बारिश और बाढ़ के कारण लोग अपने घरों में कैद हो जाते हैं और काम बंद हो जाता है।
Exam Tip: बाढ़ आने पर यातायात और रोज़गार पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों का वर्णन करें।
Question. “अकाल और बाढ़ एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।” इस पंक्ति से लेखक का क्या अभिप्राय है?
Answer: सूखा और बाढ़ दोनों ही जल प्रबंधन न होने के कारण आते हैं। अगर हम अपने तालाबों को ख़त्म कर देंगे, तो पानी ज़मीन के अंदर नहीं जा पाएगा और सूखा पड़ेगा। वही पानी सड़कों पर बहकर बस्तियों में घुसेगा तो बाढ़ का कारण बन जाएगा।
In simple words: पानी सहेजने की जगह न होने से ही सूखा पड़ता है और उसी से बाढ़ भी आती है।
Exam Tip: 'एक ही सिक्के के दो पहलू' मुहावरे का संदर्भ लेते हुए जल संचयन के महत्व पर बल दें।
सोच-विचार के लिए
Question (क). पाठ में धरती को एक बहुत बड़ी गुल्लक क्यों कहा गया है?
Answer: जिस प्रकार हम अपनी गुल्लक में धीरे-धीरे पैसे बचाकर रखते हैं, उसी तरह हमारी धरती भी वर्षा के पानी को अपने अंदर सोखकर जमा कर लेती है। नदी, तालाब और झीलें इस गुल्लक को भरने का काम करते हैं। इस पानी का उपयोग हम साल भर कुएँ और नलों के ज़रिए करते हैं।
In simple words: धरती बारिश के पानी को अपने अंदर बचाकर रखती है, इसलिए इसे पानी की गुल्लक कहा गया है।
Exam Tip: उत्तर में 'गुल्लक' और 'भूजल' के आपसी संबंध को आसान उदाहरण से समझाएं।
Question (ख). जल-चक्र की प्रक्रिया कैसे पूरी होती है?
Answer: सूरज की तेज़ गर्मी से समुद्र का पानी भाप बनकर ऊपर आसमान में जाता है। ऊपर जाकर यह भाप ठंडी होती है और बादलों का रूप ले लेती है। भारी होने पर ये बादल बारिश बनकर धरती पर बरसते हैं। यह पानी फिर नदियों से होता हुआ समुद्र में पहुँच जाता है। इस प्रकार यह चक्र पूरा होता है।
In simple words: पानी का भाप बनना, बादल बनकर बरसना और नदियों से वापस सागर में मिलना ही जल-चक्र है।
Exam Tip: जल-चक्र के चरणों को क्रमबद्ध तरीके से (वाष्पीकरण, संघनन, वर्षण) लिखें।
Question (ग). यदि सारी नदियाँ, झीलें और तालाब सूख जाएँ तो क्या होगा?
Answer: यदि सभी जलस्रोत पूरी तरह सूख जाएँगे, तो धरती की गुल्लक खाली हो जाएगी। ज़मीन के नीचे का पानी समाप्त हो जाएगा। हमें खेती करने, पीने और रोज़मर्रा के कामों के लिए पानी नहीं मिलेगा, जिससे पेड़-पौधे और सभी जीव-जंतु नष्ट हो जाएँगे।
In simple words: पानी के सभी प्राकृतिक स्रोत सूखने से धरती पर जीवन का अंत हो जाएगा।
Exam Tip: जल संकट के सबसे बुरे प्रभाव - जैसे भुखमरी, बंजर भूमि और पेयजल संकट - को स्पष्ट करें।
Question (घ). पाठ में पानी को रुपयों से भी कई गुना मूल्यवान क्यों बताया गया है?
Answer: रुपयों के बिना मनुष्य कुछ समय तक जीवित रह सकता है, लेकिन पानी के बिना जीवन संभव ही नहीं है। पानी हमारे शरीर, पेड़-पौधों और पूरी प्रकृति की बुनियादी ज़रूरत है। पैसा जीवन नहीं दे सकता, लेकिन पानी हर प्राणी को जीवन देता है, इसलिए यह सबसे कीमती है।
In simple words: रुपयों के बिना तो हम जी सकते हैं, लेकिन पानी के बिना हमारा जीना नामुमकिन है।
Exam Tip: जल को 'जीवन का आधार' बताते हुए इसकी तुलना धन से करें।
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शीर्षक
Question (क). इस पाठ का शीर्षक ‘पानी रे पानी’ दिया गया है। पाठ का यह नाम क्यों दिया गया होगा? अपने सहपाठियों के साथ चर्चा करके लिखिए। अपने उत्तर का कारण भी लिखिए।
Answer: इस पाठ का शीर्षक 'पानी रे पानी' इसलिए रखा गया है क्योंकि यह नाम पानी की दोनों समस्याओं - पानी का न होना (सूखा) और पानी का बहुत अधिक होना (बाढ़) - को एक साथ दिखाता है। यह शीर्षक जल संरक्षण के लिए एक पुकार की तरह है, जो हमें पानी की महत्ता को समझने की प्रेरणा देता है।
In simple words: 'पानी रे पानी' नाम हमें पानी की कमी और उसकी बर्बादी रोकने की याद दिलाता है।
Exam Tip: शीर्षक की उपयोगिता बताने के लिए पाठ में वर्णित मुख्य विषयवस्तु (बाढ़ और सूखा) का संदर्भ अवश्य दें।
Question (ख). आप इस पाठ को क्या नाम देना चाहेंगे? इसका कारण लिखिए।
Answer: मैं इस पाठ को “धरती की गुल्लक” नाम देना चाहूँगा। इसका कारण यह है कि यह नाम हमें सीधे वर्षा के जल को ज़मीन के नीचे सुरक्षित रखने का सकारात्मक संदेश देता है। यह लोगों को पानी की बचत करने के लिए जागरूक और प्रेरित करेगा।
In simple words: "धरती की गुल्लक" नाम लोगों को पानी बचाने के लिए बहुत आसान तरीके से प्रेरित करता है।
Exam Tip: वैकल्पिक शीर्षक हमेशा आकर्षक, छोटा और पाठ की मूल सीख से जुड़ा होना चाहिए।
शब्दों की बात
Question (क). इन दोनों वाक्यों को ध्यान से पढ़िए। दूसरे वाक्य में कौन-सा शब्द हटा दिया गया है? उस शब्द को हटा देने से वाक्य के अर्थ में क्या अंतर आया है, पहचान कर लिखिए।
• “हमारी यह धरती भी इसी तरह की एक गुल्लक है।”
• “हमारी यह धरती इसी तरह की एक गुल्लक है।”
Answer: दूसरे वाक्य में से ‘भी’ शब्द को हटा दिया गया है। वाक्य में ‘भी’ शब्द किसी बात पर विशेष ज़ोर देने का काम करता है। 'भी' लगे होने से धरती की तुलना पैसों वाली गुल्लक से बहुत मज़बूती से होती है। इसे हटा देने से वाक्य केवल एक सामान्य कथन बन जाता है।
In simple words: 'भी' शब्द हटा देने से वाक्य का प्रभाव कम हो जाता है और वह साधारण बन जाता है।
Exam Tip: व्याकरण में बल देने वाले इन विशेष शब्दों को 'निपात' कहा जाता है, इनके प्रयोग से वाक्य का प्रभाव बदल जाता है।
Question (ख). पाठ में ऐसे ही कुछ और शब्द भी आए हैं जो अपनी उपस्थिति से वाक्य में विशेष प्रभाव उत्पन्न करते हैं। पाठ को फिर से पढ़िए और इस तरह के शब्दों वाले वाक्यों को चुनकर लिखिए।
Answer: पाठ में आए कुछ ऐसे प्रमुख प्रभावकारी वाक्य निम्नलिखित हैं:
1. सोचा तो नहीं होगा शायद, पर इस बारे में पढ़ा ज़रूर है। (यहाँ 'तो' और 'ज़रूर' ज़ोर देते हैं)
2. यह तो हुई जल-चक्र की किताबी बात। (यहाँ 'तो' और 'ही' प्रभाव बढ़ाते हैं)
3. पानी आता भी है तो बेवक्त। (यहाँ 'भी' और 'तो' वाक्य पर बल देते हैं)
4. यह तो अपने आस-पास का हक छीनने जैसा काम है। (यहाँ 'तो' शब्द का प्रयोग है)
5. देश के कई हिस्सों में तो अकाल जैसी हालत बन जाती है। (यहाँ 'तो' वाक्य को दमदार बनाता है)
In simple words: वाक्यों में 'तो', 'ही', 'भी' जैसे शब्द बात को और अधिक पक्का करने के लिए लगाए जाते हैं।
Exam Tip: ऐसे वाक्यों को चुनते समय उन खास शब्दों को रेखांकित करें जो पूरे वाक्य को अधिक प्रभावशाली बनाते हैं।
समानार्थी शब्द
Question. नीचे दिए गए वाक्यों में रेखांकित शब्दों के स्थान पर समान अर्थ देने वाले उपयुक्त शब्द लिखिए। इस कार्य के लिए आप बादल में से शब्द चुन सकते हैं।
(क) सूरज की किरणें पड़ते ही फूल खिल उठे।
(ख) समुद्र का पानी भाप बनकर ऊपर जाता है।
(ग) अचानक बादल गरजने लगे।
(घ) जल-चक्र में हवा की भी बहुत बड़ी भूमिका है।
Answer:
(क) सूर्य की किरणें पड़ते ही फूल खिल उठे।
(ख) समुद्र का पानी वाष्प बनकर ऊपर जाता है।
(ग) अचानक मेघ गरजने लगे।
(घ) जल-चक्र में पवन की भी बहुत बड़ी भूमिका है।
In simple words: रेखांकित शब्दों की जगह समान अर्थ वाले पर्यायवाची शब्दों को लिखकर वाक्य को पूरा करना है।
Exam Tip: पर्यायवाची शब्दों का चुनाव करते समय वाक्य के प्रवाह और उसकी सरलता का हमेशा ध्यान रखें।
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उपसर्ग की समझ
"अकाल" शब्द में 'अ' उपसर्ग 'काल' शब्द के शुरू में जुड़कर उसके अर्थ को पूरी तरह बदल देता है। 'काल' का सामान्य अर्थ समय या मृत्यु होता है, जबकि 'अकाल' का अर्थ सूखा या कुसमय होता है। ऐसे शब्दांश जो किसी मूल शब्द के आगे लगकर उसके अर्थ को नया रूप देते हैं, उन्हें व्याकरण में 'उपसर्ग' कहा जाता है।
Question. नीचे दिए गए उपसर्गों के आधार पर देश शब्द से नए शब्द बनाइए।
Answer:
In simple words: मूल शब्द के आगे उपसर्ग जोड़ने से नए अर्थ वाले सुंदर शब्द बन जाते हैं।
Exam Tip: परीक्षा में उपसर्ग को अलग करके मूल शब्द को पहचानना बहुत सरल होता है, बस मूल शब्द का कोई न कोई सार्थक अर्थ होना चाहिए।
Question. अब आप भी उपसर्ग के प्रयोग से नए शब्द बनाकर उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए-
Answer:
वाक्यों में प्रयोग:
• सुपात्र: हमें हमेशा सुपात्र व्यक्ति की ही मदद करनी चाहिए।
• अपात्र: किसी गैर-ज़िम्मेदार या अपात्र व्यक्ति को महत्वपूर्ण काम नहीं सौंपना चाहिए।
• अज्ञान: पढ़ाई के माध्यम से हम अपने अंदर के अज्ञान को दूर कर सकते हैं।
• विज्ञान: आज की नई तकनीकों ने विज्ञान को बहुत आगे बढ़ा दिया है।
In simple words: नए बने शब्दों का वाक्यों में प्रयोग करके उनके अर्थ को आसानी से समझा जा सकता है।
Exam Tip: वाक्य प्रयोग हमेशा छोटे और सरल बनाएँ जिससे व्याकरण की कोई ग़लती न हो।
आपकी बात
Question (क). धरती की गुल्लक में जलराशि की कमी न हो इसके लिए आप क्या-क्या प्रयास कर सकते हैं, अपने सहपाठियों के साथ चर्चा करके लिखिए।
Answer: धरती के अंदर पानी का स्तर बनाए रखने के लिए हम सब मिलकर निम्नलिखित प्रयास कर सकते हैं:
1. जलाशयों की सफ़ाई: हमें अपने आस-पास के तालाबों, कुओं और झीलों को साफ़ रखना चाहिए। उनमें कचरा फेंककर उन्हें बंद करने से बचाना चाहिए।
2. वर्षा जल संचयन: बारिश के पानी को छत से पाइप के ज़रिए ज़मीन के अंदर बने गड्ढे या टैंक में सहेजना चाहिए, जिससे भूजल बढ़ेगा।
3. वृक्षारोपण: अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए क्योंकि पेड़-पौधों की जड़ें पानी को ज़मीन के अंदर सोखने में बहुत मदद करती हैं।
4. पानी की बर्बादी रोकना: नहाने, ब्रश करने और घर की सफ़ाई में कम से कम पानी का उपयोग करना चाहिए और नल खुला नहीं छोड़ना चाहिए।
5. कच्ची ज़मीन बचाना: घरों के आँगन और रास्तों को पूरी तरह सीमेंट से पक्का करने से बचना चाहिए ताकि बारिश का पानी धरती में समा सके।
In simple words: पेड़ लगाकर, तालाब साफ़ रखकर और बारिश का पानी सहेजकर हम ज़मीन का पानी बचा सकते हैं।
Exam Tip: जल संरक्षण के उपायों को लिखते समय उन्हें बिंदुवार और स्पष्ट शीर्षकों के साथ प्रस्तुत करें।
Question (ख). इस पाठ में एक छोटे से खंड में जल-चक्र की प्रक्रिया को प्रस्तुत किया गया है। उस खंड की पहचान करें और जल चक्र को चित्र के माध्यम से प्रस्तुत करें।
Answer: पाठ का वह खंड जो जल-चक्र को दर्शाता है, वह पहले पृष्ठ पर “भूगोल की किताब पढ़ते समय...” से शुरू होकर “…जल-चक्र पूरा हो जाता है।” तक है। इस खंड में बताया गया है कि कैसे सूरज की धूप, बादल, समुद्र, नदियाँ और हवा मिलकर जल-चक्र की सतत यात्रा को पूरा करते हैं।
In simple words: जल-चक्र का यह चित्र दिखाता है कि कैसे पानी लगातार आसमान और धरती के बीच घूमता रहता है।
Exam Tip: विज्ञान या भूगोल की परीक्षा में जल-चक्र का चित्र साफ़-सुथरा और सभी मुख्य संकेतों के साथ बनाना चाहिए।
Question (ग). अपने द्वारा बनाए गए जल-चक्र के चित्र का विवरण प्रस्तुत कीजिए।
Answer: इस चित्र के माध्यम से जल-चक्र को आसानी से समझा जा सकता है:
1. वाष्पीकरण (Evaporation): सूरज की गर्मी से समुद्र का पानी भाप बनकर ऊपर आसमान में उड़ता है।
2. संघनन (Condensation): आसमान में जाकर भाप ठंडी होती है और बादलों का रूप ले लेती है।
3. वर्षण (Precipitation): बादलों में पानी अधिक होने पर वह बारिश के रूप में धरती पर बरसता है।
4. संग्रहण (Collection): बारिश का पानी बहकर नदियों और नालों में जमा होता है।
5. समुद्र में वापसी: नदियाँ अंत में इस पानी को वापस समुद्र में मिला देती हैं, जहाँ से यह चक्र फिर शुरू होता है।
In simple words: पानी का सागर से आसमान में जाना, फिर बरसना और दोबारा सागर में मिल जाना ही जल-चक्र है।
Exam Tip: विवरण को हमेशा क्रमवार लिखें ताकि जल-चक्र का सही अर्थ स्पष्ट हो सके।
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सृजन
Question (क). कल्पना कीजिए कि किसी दिन आपके घर में पानी नहीं आया। आपको विद्यालय जाना है। आपके घर के समीप ही एक सार्वजनिक नल है। आप बाल्टी आदि लेकर वहाँ पहुँचते हैं और ठीक उसी समय आपके पड़ोसी भी पानी लेने पहुँच जाते हैं। आप दोनों ही अपनी-अपनी बाल्टी पहले भरना चाहते हैं। ऐसी परिस्थिति में आपस में किसी प्रकार का विवाद (तू-तू मैं-मैं) न हो, यह ध्यान में रखते हुए पाँच संदेश वाक्य (स्लोगन) तैयार कीजिए।
Answer: नल पर झगड़े से बचने और शांति बनाए रखने के लिए पाँच संदेश वाक्य इस प्रकार हैं:
1. लड़ाई नहीं, सहयोग करें - प्यार से सबको पानी भरने दें।
2. पहले आप, फिर मैं - यही है सच्चे पड़ोसी का व्यवहार।
3. बूँद-बूँद से भरती है बाल्टी, मिलजुलकर पानी भरें सब साथी।
4. कतार में खड़े होकर बारी का इंतज़ार करें, शांति से काम लें।
5. पानी है सबका सांझा अधिकार, सहयोग से सुलझाएँ हर विचार।
In simple words: आपस में बहस करने के बजाय अपनी बारी का इंतज़ार करना ही सबसे अच्छा तरीका है।
Exam Tip: नारे (स्लोगन) हमेशा छोटे, तुकबंदी वाले और सकारात्मक संदेश देने वाले होने चाहिए।
Question (ख). “सूरज, समुद्र, बादल, हवा, धरती, फिर बरसात की बूंदें और फिर बहती हुई एक नदी और उसके किनारे बसा तुम्हारा, हमारा घर, गाँव या शहर।” इस वाक्य को पढ़कर आपके सामने कोई एक चित्र उभर आया होगा, उस चित्र को बनाकर उसमें रंग भरिए।
Answer: इस वाक्य को पढ़कर हमारे मन में एक सुंदर प्राकृतिक दृश्य उभरता है जिसमें चमकता हुआ सूरज, बादलों से गिरती बारिश, ऊँचे पहाड़, बहती हुई नदी और उसके किनारे बने छोटे-छोटे घर और हरे-भरे पेड़ दिखाई देते हैं।
In simple words: पहाड़ों के बीच बहती नदी और बारिश का यह दृश्य प्रकृति की सुंदरता को दिखाता है।
Exam Tip: चित्र बनाते समय सभी तत्वों (सूरज, नदी, पहाड़, घर) को संतुलित रूप में दर्शाएँ।
पेज 50 (गतिविधियों के चित्र)
Question. नीचे हम सबकी दिनचर्या से जुड़ी कुछ गतिविधियों के चित्र हैं। उन चित्रों पर बातचीत कीजिए जो धरती पर पानी के संकट को कम करने में सहायक हैं और उन चित्रों पर भी बात करें जो पानी की गुल्लक को जल्दी ही खाली कर रहे हैं।
Answer: चित्रों में दिखाई गई गतिविधियों का विवरण निम्नलिखित है:
पानी बचाने वाले चित्र (जो जल संकट कम करते हैं):
• पौधों को पानी देना: मग या वाटर कैन से पौधों में पानी डालने से पानी बेकार नहीं बहता।
• तालाब/गड्ढा खोदना: वर्षा का जल ज़मीन के अंदर समाने से भूजल बढ़ता है।
• पेड़ लगाना: पेड़ धरती की नमी बनाए रखते हैं और वर्षा में सहायक होते हैं।
• फ़िल्टर से साफ़ पानी लेना: ज़रूरत के अनुसार पानी निकालने से पीने के पानी की बचत होती है।
• टंकी में पानी जमा करना: बारिश के पानी को टंकी में सहेजकर रखना पानी का सही उपयोग है।
पानी बर्बाद करने वाले चित्र (जो पानी की गुल्लक खाली करते हैं):
• लगातार ऊपर से बाल्टी से पानी बहाना: नहाते समय नल खुला छोड़कर लगातार पानी गिराने से पानी बर्बाद होता है।
• ब्रश करते समय नल खुला छोड़ना: मंजन करते समय पानी बहने देने से साफ़ पानी नाली में चला जाता है।
• पाइप से गाड़ी धोना: इससे सैकड़ों लीटर साफ़ पानी एक बार में व्यर्थ हो जाता है।
• खाली क्लासरूम में लाइट-पंखे चलना: बिजली बनाने में भी पानी का उपयोग होता है, अतः बिजली की बर्बादी अप्रत्यक्ष रूप से पानी की बर्बादी है।
In simple words: अच्छी आदतों से हम पानी बचा सकते हैं, जबकि लापरवाही से पानी बहुत जल्दी ख़त्म हो जाता है।
Exam Tip: उत्तर में पानी बचाने और बर्बाद करने वाली गतिविधियों को अलग-अलग शीर्षकों में साफ़-साफ़ लिखें।
सबका पानी
Question. ‘सभी को अपनी आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त पानी मिले’ इस विषय पर एक परिचर्चा का आयोजन करें। परिचर्चा के मुख्य बिंदुओं को आधार बनाते हुए रिपोर्ट तैयार करें।
Answer: 'सभी को पर्याप्त पानी मिले' विषय पर स्कूल में आयोजित चर्चा की मुख्य रिपोर्ट इस प्रकार है:
• पानी की बर्बादी रोकना: चर्चा का सबसे पहला बिंदु पानी के फ़ालतू बहाव को बंद करना था, जैसे ब्रश करते समय नल बंद रखना।
• वर्षा जल संचयन: सभी घरों और स्कूलों में बारिश के पानी को सहेजने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने पर ज़ोर दिया गया।
• बचे पानी का दोबारा उपयोग: रसोई और सब्ज़ी धोने से बचे पानी को फेंकने के बजाय पौधों में डालना चाहिए।
• पेड़ लगाना: मिट्टी की नमी बनाए रखने और जल-चक्र को ठीक रखने के लिए पेड़ लगाना ज़रूरी है।
• सामुदायिक कार्य: मोहल्ले के तालाबों और कुओं को साफ़ रखना पूरे समाज की ज़िम्मेदारी है।
निष्कर्ष: पानी बचाना केवल सरकार का काम नहीं है, बल्कि यह हर एक व्यक्ति का कर्तव्य है।
In simple words: चर्चा में सबने मिलकर पानी की हर बूँद बचाने और पेड़ लगाने का संकल्प लिया।
Exam Tip: रिपोर्ट लिखते समय परिचर्चा के मुख्य विषयों को बुलेट पॉइंट्स (बिंदुओं) में प्रस्तुत करें और अंत में निष्कर्ष अवश्य लिखें।
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दैनिक कार्य में पानी
Question (क). क्या आपने कभी यह जानने का प्रयास किया है कि आपके घर में एक दिन में औसतन कितना पानी खर्च होता है? अपने घर में पानी के उपयोग से जुड़ी एक तालिका बनाइए। इस तालिका के आधार पर पता लगाइए —
• घर के कार्य में एक दिन में लगभग कितना पानी खर्च होता है? (बाल्टी, घड़े या किसी अन्य बर्तन को मापक बना सकते हैं)
• आपके माँ और पिता या घर के अन्य सदस्य पानी बचाने के लिए क्या-क्या उपाय करते हैं?
Answer: मेरे घर में दैनिक कार्यों में होने वाले पानी के खर्च की औसत तालिका निम्नलिखित है (मापक: बाल्टी):
| दैनिक कार्य | औसत पानी का खर्च (बाल्टी में) |
|---|---|
| नहाना | 3 बाल्टी |
| कपड़े धोना | 4 बाल्टी |
| बर्तन साफ़ करना | 2 बाल्टी |
| खाना पकाना और पीना | 2 बाल्टी |
| पौधों को पानी देना | 1 बाल्टी |
| फर्श की सफ़ाई | 2 बाल्टी |
| अन्य कार्य (हाथ-मुँह धोना आदि) | 1 बाल्टी |
| कुल दैनिक उपभोग | लगभग 15 बाल्टी |
1. हम स्नान के लिए शावर की जगह बाल्टी और मग का प्रयोग करते हैं।
2. कपड़े धोने का काम बार-बार न करके एक साथ अधिक कपड़े धोए जाते हैं।
3. बर्तन धोते समय सीधे चालू नल के बजाय टब में पानी भरकर साफ़ किया जाता है।
4. सब्ज़ी या फल धोने के बाद बचे पानी को फेंकने के बजाय पौधों में डाल दिया जाता है।
5. घर के किसी भी नल से पानी टपकने पर उसकी तुरंत मरम्मत कराई जाती है।
In simple words: मेरे घर में रोज़ाना लगभग 15 बाल्टी पानी इस्तेमाल होता है और हम सब मिलकर पानी की बचत के उपाय करते हैं।
Exam Tip: तालिका बनाते समय आंकड़ों को बिल्कुल सरल और वास्तविक रखें ताकि गणना करने में आसानी हो।
Question (ख). क्या आपको अपनी आवश्यकतानुसार पानी उपलब्ध हो जाता है? यदि हाँ, तो कैसे? यदि नहीं, तो क्यों?
Answer: हाँ, सामान्यतः हमारे क्षेत्र में दैनिक आवश्यकता के अनुसार पानी मिल जाता है, लेकिन यह पूरी तरह से मौसम और हमारी भौगोलिक स्थिति पर निर्भर करता है। शहरों में पानी की आपूर्ति नगर निगम के नलों द्वारा निश्चित समय पर की जाती है। कभी-कभी भीषण गर्मी के दिनों में जब भूमिगत जल स्तर नीचे चला जाता है, तो पानी कम दबाव से आता है। ऐसे में हमें अतिरिक्त पानी के लिए मोटर या टैंकर पर निर्भर रहना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग आज भी पानी के लिए कुओं, तालाबों और हैंडपंपों पर निर्भर हैं।
In simple words: हमें नलों के ज़रिए रोज़ पानी मिल जाता है, लेकिन गर्मियों में कभी-कभी पानी की किल्लत का सामना करना पड़ता है।
Exam Tip: भौगोलिक स्थिति (शहरी या ग्रामीण) के अनुसार पानी की उपलब्धता और उसके स्रोतों का स्पष्ट वर्णन करें।
Question (ग). आपके घर में दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पानी का संचयन कैसे और किन पात्रों में किया जाता है?
Answer: हमारे घर में दैनिक उपयोग के लिए जल संचयन बहुत व्यवस्थित ढंग से किया जाता है। मुख्य रूप से वर्षा और नल के पानी को संचित करने के लिए छत या आँगन में बड़ी प्लास्टिक की टंकियाँ लगाई गई हैं। पीने और भोजन बनाने के पानी को हमेशा साफ़, स्वच्छ और ढककर रखे जाने वाले मटकों, ताँबे या स्टील के बर्तनों और आधुनिक फ़िल्टर कंटेनरों में रखा जाता है। इसके अतिरिक्त, स्नान और शौचालय के लिए बाल्टी और ड्रमों का उपयोग किया जाता है। पानी को सुरक्षित रखते समय स्वच्छता और उसे ढकने पर विशेष ध्यान दिया जाता है ताकि बैक्टीरिया न पनपें।
In simple words: पानी को साफ़ रखने के लिए हम टंकियों, मटकों और बाल्टियों में ढककर इकट्ठा करते हैं।
Exam Tip: पानी संचयन के पात्रों का वर्णन करते समय उनकी साफ़-सफ़ाई और स्वच्छता के महत्व पर भी प्रकाश डालें।
जन-सुविधा के रूप में जल
Question. इन चित्रों के आधार पर जल आपूर्ति की स्थिति के बारे में अपने साथियों से चर्चा कीजिए और उसका विवरण लिखिए।
Answer: इन चित्रों से स्पष्ट होता है कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में पानी की स्थिति बहुत कठिन और असमान है:
• लाइन लगाकर पानी लेना: शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में पानी के लिए लोगों को अपने बर्तनों के साथ लंबी कतारों में घंटों इंतज़ार करना पड़ता है, जो नियमित जल आपूर्ति की कमी को दर्शाता है।
• पानी का टैंकर: जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन की सुविधा नहीं है या पानी की भारी किल्लत है, वहाँ सरकार द्वारा टैंकरों से पानी भेजा जाता है। लोगों को टैंकर से पानी लेने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ती है।
• तालाब या नदी से पानी भरना: ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएँ और बच्चे मीलों पैदल चलकर तालाब या नदी से पानी लाते हैं। यह पानी पूरी तरह साफ़ नहीं होता जिससे स्वास्थ्य संबंधी बीमारियाँ फैलने का खतरा रहता है।
• दूर से पानी ढोना: पेयजल के अन्य स्रोतों के अभाव में लोग सिर पर या काँधे पर मटके और बाल्टियाँ लादकर मीलों दूर से पानी लाने को मजबूर हैं।
• जल रेल (ट्रेन से पानी भेजना): मरुस्थलीय या गंभीर सूखाग्रस्त क्षेत्रों में रेलगाड़ियों के बड़े टैंकरों के माध्यम से पेयजल पहुँचाया जाता है, जो जल संकट की विभीषिका को दिखाता है।
In simple words: देश के कई हिस्सों में लोगों को पानी के लिए लंबी कतारों, टैंकरों और मीलों पैदल चलने की कठिन समस्याओं से गुज़रना पड़ता है।
Exam Tip: चित्रों की व्याख्या करते समय देश के विभिन्न हिस्सों में पानी की असमान पहुँच और कठिनाइयों को बिंदुवार लिखें।
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बिन पानी सब सून
Question (क). पाठ में भूजल स्तर के कम होने के कुछ कारण बताए गए हैं, जैसे— तालाबों में कचरा फेंककर भरना आदि। भूजल स्तर कम होने के और क्या-क्या कारण हो सकते हैं? पता लगाइए और कक्षा में प्रस्तुत कीजिए।
Answer: भूजल स्तर (धरती के नीचे का पानी) लगातार गिरने के निम्नलिखित मुख्य कारण हैं:
1. वर्षा जल का संचयन न होना: बारिश का अधिकांश पानी नालियों और नदियों के रास्ते व्यर्थ बह जाता है और ज़मीन में नहीं समा पाता।
2. अत्यधिक नलकूप और बोरवेल: कृषि, उद्योगों और घरों में पानी की बढ़ती ज़रूरतों को पूरा करने के लिए बेहिसाब बोरिंग करके ज़मीन से पानी निकाला जा रहा है।
3. कंक्रीट का बढ़ता जाल: शहरों के आधुनिकीकरण के कारण सड़कें, गलियाँ और आँगन पूरी तरह पक्के (कंक्रीट के) हो गए हैं, जिससे वर्षा जल धरती के भीतर नहीं रिस पाता।
4. जलाशयों का नष्ट होना: पारंपरिक कुएँ, बावड़ियाँ और तालाब या तो मलबे से पाट दिए गए हैं या उनमें कचरा भर गया है, जिससे उनका पुनर्भरण रुक गया है।
5. वनों की अंधाधुंध कटाई: पेड़ बादलों को आकर्षित करने और वर्षा के पानी को ज़मीन में सोखने का सबसे बड़ा ज़रिया हैं। वनों के कटने से जल-चक्र असंतुलित हो गया है।
In simple words: अंधाधुंध बोरिंग करने, कंक्रीट की सड़कें बनाने और पेड़ों को काटने से धरती के नीचे का पानी लगातार कम होता जा रहा है।
Exam Tip: भूजल स्तर गिरने के कारणों को स्पष्ट करने के लिए प्रकृति और मानव जनित दोनों कारणों को बिंदुओं में समझाएं।
Question (ख). भूजल स्तर की कमी से हमें आजकल किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है?
Answer: भूजल स्तर गिरने से हमारे दैनिक और आर्थिक जीवन पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है:
• पेयजल की गंभीर कमी: हैंडपंप और कुएँ पूरी तरह सूख रहे हैं, जिससे पीने के साफ़ पानी की भारी किल्लत हो गई है।
• खेती-बाड़ी प्रभावित होना: फसलों की सिंचाई के लिए पानी न मिलने से कृषि पैदावार घट रही है और खेत बंजर हो रहे हैं।
• आर्थिक और शारीरिक बोझ: लोगों को पानी के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में भटकना पड़ता है, जिससे उनका समय, शारीरिक श्रम और पैसा दोनों बर्बाद होते हैं।
• उद्योगों पर असर: पानी की कमी के कारण छोटे और बड़े उद्योगों में उत्पादन ठप हो जाता है।
In simple words: पानी की कमी से पीने का पानी नहीं मिलता, फसलें सूख जाती हैं और लोगों को पानी के लिए बहुत परेशान होना पड़ता है।
Exam Tip: कठिनाइयों का उल्लेख करते समय पेयजल संकट और कृषि संकट दोनों को प्रमुखता से दर्शाएं।
Question (ग). आपके विद्यालय, गाँव या शहर के स्थानीय प्रशासन द्वारा भूजल स्तर बढ़ाने के लिए क्या-क्या प्रयास किए जा रहे हैं, पता लगाकर लिखिए।
Answer: स्थानीय प्रशासन द्वारा भूजल स्तर को सुधारने के लिए निम्नलिखित प्रयास किए जा रहे हैं:
• रेन वाटर हार्वेस्टिंग की अनिवार्यता: सरकारी कार्यालयों, नए स्कूलों और बड़ी इमारतों में वर्षा जल संचयन प्रणाली लगाना आवश्यक कर दिया गया है।
• तालाबों का पुनरुद्धार: गाँव और शहरों के पुराने तालाबों और जलाशयों की गाद (मिट्टी) निकालकर उन्हें गहरा और साफ़ किया जा रहा है।
• चेक डैम और जोहड़ का निर्माण: पानी के प्राकृतिक बहाव को रोकने के लिए छोटे-छोटे बाँध और जोहड़ बनाए जा रहे हैं ताकि पानी रिसकर धरती में जा सके।
• सघन वृक्षारोपण: वन विभाग और नगर निकायों के सहयोग से सड़कों के किनारे और खाली पड़ी ज़मीनों पर भारी संख्या में पौधे लगाए जा रहे हैं।
• जागरूकता अभियान: नुक्कड़ नाटकों, विज्ञापनों और स्कूलों के ज़रिए लोगों को पानी बचाने और बोरवेल का सही इस्तेमाल करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
In simple words: सरकार द्वारा पानी सहेजने के लिए तालाबों को साफ़ किया जा रहा है, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाए जा रहे हैं और नए पेड़ लगाए जा रहे हैं।
Exam Tip: अपने आस-पास के व्यावहारिक उदाहरणों जैसे "कैच द रेन" अभियान या स्थानीय तालाब सफ़ाई का उल्लेख करें।
यह भी जानें (पत्र लेखन)
Question. वर्षा जल संग्रहण की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए किसी स्थानीय समाचार पत्र के संपादक को एक पत्र लिखिए।
Answer:
सेवा में,
संपादक महोदय,
त्रिलोक समाचार पत्र,
दिल्ली, राजधानी पार्क。
विषय: वर्षा जल संग्रहण की व्यवस्था हेतु निवेदन।
महोदय,
सविनय निवेदन यह है कि हमारे क्षेत्र में भूजल का स्तर अत्यंत चिंताजनक रूप से नीचे गिर गया है। इसके कारण साधारण हैंडपंपों और नलों से अब स्वच्छ पानी नहीं मिल पा रहा है। वर्षा ऋतु में भरपूर पानी बरसने के बावजूद वह सारा जल नालियों के रास्ते बेकार बह जाता है।
यदि हम सब मिलकर वर्षा के इस जल को घरों की छतों पर सहेजने की तकनीक अपनाएँ, तो पानी के संकट से बहुत हद तक बचा जा सकता है। इससे न केवल भूमिगत जल का स्तर बढ़ेगा, बल्कि हमारी रोज़मर्रा की आवश्यकताएँ भी आसानी से पूरी हो सकेंगी।
अतः आपके लोकप्रिय समाचार पत्र के माध्यम से मैं स्थानीय प्रशासन और नगर निकाय से अनुरोध करता हूँ कि वे सभी विद्यालयों, आवासीय सोसायटियों और सरकारी इमारतों में 'रेन वाटर हार्वेस्टिंग' को अनिवार्य करें।
आपका आज्ञाकारी,
अनंत तिवारी
कक्षा 7, तिवारी अकादमी माध्यमिक विद्यालय
तिथि: अक्टूबर 14, 2025
In simple words: अपने इलाके में पानी की कमी दूर करने के लिए संपादक को पत्र लिखकर वर्षा जल बचाने की माँग की गई है।
Exam Tip: औपचारिक पत्र लिखते समय सेवा में, संपादक का पता, विषय और अंत में छात्र का नाम व तिथि को स्पष्ट रूप से सही प्रारूप (फॉर्मेट) में लिखें।
오늘의 पहेली (आज की पहेली)
Question. जल के प्राकृतिक स्रोत हैं – वर्षा, नदी, झील और तालाब। दिए गए वर्ग में जल और इन प्राकृतिक स्रोतों के समानार्थी शब्द ढूँढ़िए और लिखिए।
Answer: दिए गए वर्ग पहेली में से जल और उसके प्राकृतिक स्रोतों के समानार्थी शब्द निम्नलिखित हैं:
1. मेह (बादल/वर्षा)
2. नदी (सरिता)
3. सर (तालाब)
4. ताल (तालाब)
5. जल (पानी)
6. वारि (पानी)
7. बरसात (वर्षा)
In simple words: वर्ग पहेली में से छिपे हुए पानी के पर्यायवाची शब्दों को ढूँढकर लिखना है।
Exam Tip: पहेली हल करते समय शब्दों के सही वर्तनी (स्पेलिंग) पर विशेष ध्यान दें।
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खोजबीन के लिए
Question. पानी से संबंधित गीत या कविताओं का संकलन कीजिए और इनमें से कुछ को अपनी कक्षा में प्रस्तुत कीजिए। इसके लिए आप अपने परिजनों एवं शिक्षक अथवा पुस्तकालय या इंटरनेट की सहायता भी ले सकते हैं।
Answer: पानी पर आधारित कुछ सुंदर कविताएँ इस प्रकार हैं:
• कविता 1: पानी है अनमोल
पानी-पानी हर जगह,
पानी जीवन दान।
बिन पानी सब सूना लगे,
बिन पानी सूना जहान।।
• कविता 2: बूँद-बूँद से सागर
बूँद-बूँद से सागर बनता,
पानी जीवन का धन।
आओ मिलकर इसे बचाएँ,
यही है सबका प्रण।।
• कविता 3: पानी का संदेश
नदियाँ, झीलें, ताल-तालाब,
सब देते हैं जीवन का जवाब।
पानी की हर बूँद को मानो,
धरती का अनमोल ख़ज़ाना जानो।।
• कविता 4: पानी बचाओ
पानी बचाओ, जीवन बचाओ,
धरती का सौंदर्य लौटाओ।
हर बूँद की कीमत पहचानो,
जीवन का आधार बचाओ।।
In simple words: पानी को बचाने और उसकी महत्ता पर कई सुंदर कविताएँ गाई जा सकती हैं।
Exam Tip: कविता वाचन करते समय अपनी आवाज़ में उचित हाव-भाव और लय का ध्यान रखें।
Question. तालाबों के बनने के इतिहास के विषय में अनुपम मिश्र के एक लेख ‘पाल के किनारे रखा इतिहास’ का अंश पढ़िए।
Answer: यह छात्रों के स्वयं पढ़ने के लिए एक अत्यंत रोचक ऐतिहासिक अंश है। छात्र इसे अपनी पाठ्यपुस्तक से स्वयं पढ़ें और भारत में तालाबों के निर्माण के समृद्ध इतिहास को समझें।
In simple words: तालाबों के निर्माण और हमारे पुराने इतिहास के बारे में जानने के लिए इस लेख को खुद पढ़ना है।
Exam Tip: ऐतिहासिक लेखों को पढ़ते समय मुख्य तिथियों और प्राचीन जल प्रबंधन पद्धतियों को रेखांकित करें।
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साझी समझ
Question. ‘पानी रे पानी’ और ‘पाल के किनारे रखा इतिहास’ में आपको कौन-कौन सी बातें समान लगीं? उनके विषय में अपने सहपाठियों के साथ चर्चा कीजिए।
Answer: दोनों ही पाठों को ध्यानपूर्वक पढ़ने के बाद निम्नलिखित बातें पूरी तरह समान और प्रेरणादायक लगती हैं:
• जल का सर्वोपरि महत्व: दोनों पाठ स्पष्ट करते हैं कि जल ही धरती पर जीवन और संस्कृति का मुख्य आधार है।
• पारंपरिक जल प्रणालियों का महत्व: ‘पानी रे पानी’ में जहाँ तालाबों को धरती की गुल्लक कहा गया है, वहीं ‘पाल के किनारे रखा इतिहास’ में तालाबों के निर्माण की प्राचीन और वैज्ञानिक तकनीक का वर्णन है।
• जल संरक्षण का संदेश: दोनों पाठ मिलकर हमें पानी की बर्बादी रोकने और वर्षा जल को संचित करने की प्रेरणा देते हैं।
• सामुदायिक दायित्व: पानी बचाना केवल किसी एक व्यक्ति या सरकार की ज़िम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे समाज को मिलकर आगे आना होगा।
• भविष्य की सुरक्षा: यदि हम आज पानी सहेजेंगे, तो ही हमारी आने वाली पीढ़ियों को पर्याप्त जल मिल सकेगा।
निष्कर्ष: हमारी पारंपरिक विरासत हमें सिखाती है कि प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर ही मानव जाति सुरक्षित रह सकती है।
In simple words: दोनों पाठों से हमें यह सीख मिलती है कि पानी को सहेजना और तालाबों की रक्षा करना बहुत ज़रूरी है।
Exam Tip: दो अलग-अलग पाठों की तुलना करते समय दोनों के मुख्य संदेशों को समानता के आधार पर बिंदुओं में विभाजित करके लिखें।
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