NCERT Solutions Class 7 Hindi Malhar Chapter 03 फूल और काँटा (कविता)

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Detailed Malhar Chapter 03 फूल और काँटा (कविता) NCERT Solutions for Class 7 Hindi

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Class 7 Hindi Malhar Chapter 03 फूल और काँटा (कविता) NCERT Solutions PDF

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मेरी समझ से

 

Question (क) (1). कविता में काँटे के बारे में कौन-सा वाक्य सत्य है?
(a) काँटा अपने आस-पास की सुगंध को नष्ट करता है।
(b) काँटा तितलियों और भौंरों को आकर्षित करता है।
(c) काँटा उँगलियों को छेदता है और वस्त्र फाड़ देता है।
(d) काँटा पौधे को हानि पहुँचाता है
Answer: (c) काँटा उँगलियों को छेदता है और वस्त्र फाड़ देता है।
In simple words: काँटा हमेशा दूसरों को केवल नुकसान और पीड़ा ही पहुँचाता है, जैसे कपड़े फाड़ना और उँगलियाँ चुभाना।

Exam Tip: काँटे के स्वभाव को दर्शाने वाली मुख्य पंक्तियों 'छेदकर काँटा...' को ध्यान में रखें।

 

Question (क) (2). कविता में फूल और काँटे में समानताओं और विभिन्नताओं का उल्लेख किया गया है। निम्नलिखित में से कौन-सा वाक्य इन्हें सही रूप में व्यक्त करता है?
(a) फूल सुंदरता का प्रतीक है और काँटा कठोरता का।
(b) फूल और काँटे के बारे में लोगों के विचार समान होते हैं।
(c) फूल और काँटे एक ही पौधे पर उगते हैं, लेकिन उनके स्वभाव भिन्न होते हैं।
(d) फूल और काँटे को समान देखभाल मिलती है फिर भी उनके रंग-ढंग अलग होते हैं।
Answer: (c) फूल और काँटे एक ही पौधे पर उगते हैं, लेकिन उनके स्वभाव भिन्न होते हैं तथा (d) फूल और काँटे को समान देखभाल मिलती है फिर भी उनके रंग-ढंग अलग होते हैं।
In simple words: फूल और काँटा दोनों एक ही जगह जन्म लेते हैं और उन्हें समान हवा-पानी मिलता है, पर दोनों का बर्ताव एकदम अलग होता है।

Exam Tip: कुछ प्रश्नों के एक से अधिक सही उत्तर हो सकते हैं, इसलिए सभी विकल्पों को ध्यान से पढ़ना आवश्यक है।

 

Question (क) (3). कविता के आधार पर कौन-सा निष्कर्ष उपयुक्त है?
(a) व्यक्ति का कुल ही उसके सम्मान का आधार होता है।
(b) व्यक्ति के कार्यों के कारण ही लोग उसका सम्मान करते हैं।
(c) कुल की प्रतिष्ठा हमेशा व्यक्ति के गुणों से बड़ी होती है।
(d) यदि व्यक्ति अच्छे कार्य करता है तो उसके कुल को प्रसिद्धि मिलती है।
Answer: (b) व्यक्ति के कार्यों के कारण ही लोग उसका सम्मान करते हैं तथा (d) यदि व्यक्ति अच्छे कार्य करता है तो उसके कुल को प्रसिद्धि मिलती है।
In simple words: समाज में सम्मान हमेशा अच्छे व्यवहार और अच्छे कामों से मिलता है, न कि केवल ऊँचे खानदान में जन्म लेने से।

Exam Tip: बड़प्पन और सम्मान की कसौटी हमेशा व्यक्ति के कर्म होते हैं, इस केंद्रीय भाव को याद रखें।

 

Question (क) (4). कविता के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-सा कथन ‘बड़प्पन’ के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है?
(a) धन-दौलत और ताकत से व्यक्ति के बड़प्पन का पता चलता है।
(b) कुल के बड़प्पन की प्रशंसा व्यक्ति की कमियों को ढक देती है।
(c) बड़प्पन व्यक्ति के गुणों, स्वभाव और कर्मों से पहचाना जाता है।
(d) कुल का नाम व्यक्ति में बड़प्पन की पहचान का मुख्य आधार है।
Answer: (c) बड़प्पन व्यक्ति के गुणों, स्वभाव और कर्मों से पहचाना जाता है।
In simple words: व्यक्ति का असली बड़प्पन उसके अच्छे चाल-चलन, प्यारे स्वभाव और अच्छे कामों से ही दिखता है।

Exam Tip: परीक्षा में 'बड़प्पन' की परिभाषा लिखते समय गुण, स्वभाव और कर्म - इन तीन मुख्य शब्दों का उल्लेख अवश्य करें।

 

Question (ख). हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग या एक से अधिक उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए आपने ये उत्तर ही क्यों चुनें?
Answer: हमने इन उत्तरों का चयन इसलिए किया क्योंकि ये कविता के मूल संदेश को दर्शाते हैं। कविता फूल और काँटे के स्वभाव में साफ़ अंतर प्रकट करती है।
- प्रथम प्रश्न के संदर्भ में: काँटा हमेशा दूसरों को पीड़ा देता है और वस्त्रों को नुकसान पहुँचाता है, जो कि काँटे की वास्तविक प्रवृत्ति है।
- द्वितीय प्रश्न के संदर्भ में: फूल और काँटा यद्यपि एक ही पौधे पर पलते हैं, फिर भी उनकी आदतें और व्यवहार बिल्कुल भिन्न होते हैं। जहाँ फूल सुगंध बिखेरता है, वहीं काँटा चुभन देता है।
- तृतीय प्रश्न के संदर्भ में: कविता स्पष्ट रूप से बताती है कि यदि व्यक्ति में स्वयं बड़प्पन नहीं है, तो ऊँचे कुल में जन्म लेने से भी कोई लाभ नहीं होता। असली प्रतिष्ठा अच्छे कामों से ही मिलती है।
- चतुर्थ प्रश्न के संदर्भ में: सच्चा बड़प्पन किसी भी मनुष्य की धन-दौलत या कुल से नहीं, अपितु उसके श्रेष्ठ आचरण, गुणों और सद्कर्मों से आँका जाता है।
In simple words: कविता के अनुसार, अच्छे कर्म और स्वभाव ही सबसे बड़े होते हैं। फूल खुशियाँ देता है और काँटा दुःख, इसलिए बड़प्पन खानदान से नहीं बल्कि काम से मिलता है।

Exam Tip: अपने तर्कों के पक्ष में कविता की मुख्य पंक्तियों का संदर्भ (जैसे 'वर बसन' या 'कुल की बड़ाई') देने से उत्तर अधिक प्रभावशाली बनता है।

 

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पंक्तियों पर चर्चा

 

Question (क). “मेह उन पर है बरसता एक सा, एक सी उन पर हवायें हैं बही। पर सदा ही यह दिखाता है हमें, ढंग उनके एक से होते नहीं।” इन पंक्तियों का क्या अर्थ है? अपने विचार साझा कीजिए और लिखिए।
Answer: इन काव्य पंक्तियों के माध्यम से कवि यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि प्रकृति फूल और काँटे दोनों के साथ समान व्यवहार करती है। बादलों की वर्षा और बहने वाली हवाएँ दोनों को बराबर मिलती हैं। इसके उपरांत भी दोनों के चरित्र और स्वभाव में भारी अंतर होता है। एक कोमल और सुखद बनता है, जबकि दूसरा कठोर और दुःखदायी होता है।
In simple words: प्रकृति बारिश और हवा जैसी चीजें दोनों को बराबर देती है, फिर भी फूल और काँटे का स्वभाव एकदम अलग होता है।

Exam Tip: अर्थ लिखते समय इस बात पर बल दें कि परिस्थितियाँ समान होने पर भी व्यक्ति का आचरण उसके अपने स्वभाव पर निर्भर करता है।

 

Question (ख). “किस तरह कुल की बड़ाई काम दे, जो किसी में हो बड़प्पन की कसर।” इन पंक्तियों का क्या अर्थ है?
Answer: प्रस्तुत पंक्तियों का तात्पर्य यह है कि किसी बड़े या प्रसिद्ध परिवार में जन्म लेने मात्र से कोई व्यक्ति आदरणीय नहीं बन जाता, यदि उसके कार्यों में शालीनता और बड़प्पन न हो। मनुष्य की वास्तविक पहचान उसके खानदान से नहीं, बल्कि उसके अच्छे गुणों, उत्तम व्यवहार और परोपकारी कार्यों से तय होती है।
In simple words: यदि हमारे काम अच्छे नहीं हैं, तो ऊँचे खानदान में जन्म लेने का कोई फायदा नहीं है। बड़प्पन अच्छे काम से आता है।

Exam Tip: इस पंक्ति का अर्थ समझाते समय 'कर्म बनाम जन्म' (कर्मों की श्रेष्ठता) के बिंदु को मुख्य रूप से रेखांकित करें।

 

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मिलकर करें मिलान

 

Question. इस कविता में ‘फूल’ और ‘काँटा’ के उदाहरण द्वारा लोगों के स्वभावों के अंतर और समानताओं की ओर संकेत किया गया है। दूसरे शब्दों में, ‘फूल’ और ‘काँटा’ प्रतीक के रूप में प्रयोग किए गए हैं। अपने साथियों के साथ मिलकर चर्चा कीजिए कि फूल और काँटा किस-किस के प्रतीक हो सकते हैं। इन्हें उपयुक्त प्रतीकों से जोड़िए।
Answer: कविता में फूल और काँटा मानव स्वभाव के भिन्न रूपों को दर्शाते हैं। इनके प्रतीकात्मक अर्थ निम्नलिखित तालिका में दिए गए हैं:

फूल (प्रतीक)काँटा (प्रतीक)
दया, सुख, कोमलता, परोपकार, प्रसन्नता, अच्छाई, सुंदरता, आनंद, प्रेमस्वार्थ, दुख, कठोरता, बुराई, पीड़ा

In simple words: फूल अच्छी बातों जैसे प्यार, सुख, और दया का प्रतीक है; जबकि काँटा बुरी बातों जैसे स्वार्थ, दुःख, और कठोरता का प्रतीक है।

Exam Tip: प्रतीकों को याद रखने के लिए फूल को 'सकारात्मक गुणों' से और काँटे को 'नकारात्मक गुणों' से जोड़कर समझें।

 

सोच-विचार के लिए

 

Question (क). कविता में ऐसी कौन-कौन सी समानताओं का उल्लेख किया गया है जो सभी पौधों पर समान रूप से लागू होती हैं?
Answer: कविता के अनुसार, प्रकृति फूल और काँटे दोनों के साथ समान व्यवहार करती है, जिसकी प्रमुख समानताएँ इस प्रकार हैं:
1. वे दोनों एक ही स्थान पर जन्म लेते हैं।
2. दोनों का पोषण और विकास एक समान तरीके से होता है।
3. रात्रि के समय चंद्रमा दोनों पर अपनी शीतल चाँदनी समान रूप से बिखेरता है।
4. वर्षा की बूँदें दोनों पर एक जैसी ही गिरती हैं।
5. पवनदेव भी दोनों पर एक समान रूप से बहते हैं।
In simple words: फूल और काँटा दोनों को एक ही जगह जन्म, एक जैसा पालन-पोषण, एक जैसी हवा, धूप और बारिश मिलती है।

Exam Tip: इन पाँचों बिंदुओं (जन्म, पालन, चाँदनी, बारिश, हवा) को बिंदुवार लिखने से पूरे अंक प्राप्त होते हैं।

 

Question (ख). आपको फूल और काँटे के स्वभाव में मुख्य रूप से कौन-सा अंतर दिखाई दिया?
Answer: दोनों के स्वभाव में गहरा अंतर है। फूल जहाँ सभी को प्रसन्नता और सुख प्रदान करता है, वहीं काँटा केवल पीड़ा पहुँचाता है। फूल तितलियों को आश्रय देता है और भँवरों को पराग-रस पिलाता है। इसके विपरीत, काँटा लोगों के कपड़े फाड़ देता है, उँगलियाँ लहूलुहान करता है और तितलियों व भँवरों को चोटिल कर देता है।
In simple words: फूल सबको प्यार और खुशबू देता है, जबकि काँटा दूसरों को चुभकर और कपड़े फाड़कर दुःख देता है।

Exam Tip: अंतर स्पष्ट करते समय दोनों के स्वभाव (एक का कोमल व परोपकारी, दूसरे का कठोर व हानिकारक) की तुलनात्मक व्याख्या करें।

 

Question (ग). कविता में मुख्य रूप से कौन-सी बात कही गई है? उसे पहचानिए, समझिए और अपने शब्दों में लिखिए।
Answer: इस कविता का मुख्य संदेश यह है कि किसी भी इंसान की पहचान उसके कुल या वंश से नहीं, बल्कि उसके कर्मों और आचरण से होती है। जिस प्रकार एक ही डाल पर उगने के बाद भी फूल अपनी कोमलता और सुगंध से सबका चहेता बनता है और काँटा अपने तीखेपन से सबकी आँखों में चुभता है, उसी प्रकार मनुष्य भी अपने अच्छे आचरण और परोपकार से समाज में प्रतिष्ठा अर्जित करता है।
In simple words: यह कविता हमें सिखाती है कि अच्छे कामों से ही इंसान बड़ा बनता है, खानदान से नहीं।

Exam Tip: उत्तर लिखते समय 'कर्मों की श्रेष्ठता' और 'व्यवहार का महत्त्व' जैसे मुख्य विचारों को अवश्य उजागर करें।

 

Question (घ). “किस तरह कुल की बड़ाई काम दे, जो किसी में हो बड़प्पन की कसर।” उदाहरण देकर समझाइए।
Answer: इस पंक्ति का भाव है कि उत्तम गुणों के बिना उच्च कुल निरर्थक है। इसे हम एक उदाहरण से समझ सकते हैं - मान लीजिए कोई राजकुमार है, पर वह चोरी, बेईमानी और बुरा आचरण करता है, तो प्रजा उसका आदर कभी नहीं करेगी। इसके उलट, एक निर्धन परिवार का बालक यदि अत्यंत दयालु, परोपकारी और विनीत है, तो समाज के सभी लोग उसे अत्यंत स्नेह और आदर देंगे।
In simple words: जैसे राजा का बेटा यदि चोर बन जाए तो उसे कोई सम्मान नहीं देगा, पर एक गरीब का नेक बेटा सबका प्रिय होता है।

Exam Tip: उदाहरण देते समय दो विपरीत पात्रों (जैसे राजा का दुष्ट पुत्र और साधारण परिवार का गुणी व्यक्ति) की तुलना करके अपनी बात सिद्ध करें।

 

Question (ङ). “है खटकता एक सब की आँख में, दूसरा है सोहता सुर शीश पर।” लोग कैसे स्वभाव के व्यक्तियों की प्रशंसा करते हैं और कैसे स्वभाव वाले व्यक्तियों से दूर रहना पसंद करते हैं?
Answer: प्रस्तुत पंक्ति दर्शाती है कि दुष्ट प्रकृति के लोग सभी को खटकते हैं, जबकि सज्जन व्यक्तियों का देवताओं की भाँति आदर होता है। लोग हमेशा उन व्यक्तियों की सराहना करते हैं जो अत्यंत सौम्य, सेवाभावी, मृदुभाषी और मददगार होते हैं। वहीं दूसरी तरफ, स्वार्थी, घमंडी, क्रूर और दूसरों को पीड़ा पहुँचाने वाले लोगों से हर कोई दूरी बनाकर रखना चाहता है।
In simple words: लोग अच्छे और मदद करने वाले लोगों को पसंद करते हैं, जबकि स्वार्थी और बुरा व्यवहार करने वालों से दूर रहते हैं।

Exam Tip: 'सुर शीश पर सोहना' (देवताओं के सिर पर सुशोभित होना) मुहावरे का अर्थ सम्मान पाने से जोड़कर लिखें।

 

अनुमान और कल्पना से

 

Question (क). अपने समूह में मिलकर चर्चा कीजिए - कल्पना कीजिए कि चाँदनी, हवा और मेघ केवल एक पौधे पर बरसते हैं। बाकी पौधे इन सबके बिना कैसे दिखेंगे और उनके जीवन पर इसका क्या प्रभाव होगा?
Answer: यदि प्रकृति के ये उपहार (हवा, वर्षा और चाँदनी) केवल एक ही पौधे को मिलते, तो वह पौधा अत्यंत विकसित, सघन और कांतिमय हो जाता। परंतु, शेष अन्य पौधे हवा की कमी और पानी के अभाव में धीरे-धीरे झुलस जाते, सूख जाते और अंततः नष्ट हो जाते। वायु और जल के बिना पौधों का जीवन असंभव है।
In simple words: बिना हवा और पानी के बाकी सारे पेड़-पौधे सूखकर मर जाते और केवल वही एक पौधा जीवित रहता जिसे सब कुछ मिल रहा था।

Exam Tip: वैज्ञानिक दृष्टिकोण को ध्यान में रखकर उत्तर लिखें कि हवा और पानी सभी सजीवों के जीवित रहने के लिए अनिवार्य हैं।

 

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Question (ख). यदि सभी पौधे एक जैसे होते तो दुनिया कैसी लगती?
Answer: यदि सृष्टि के समस्त पौधे एक समान होते, तो धरती की सुंदरता अत्यंत फीकी और उबाऊ प्रतीत होती। हमें भांति-भांति के स्वादिष्ट फल, रंग-बिरंगे पुष्प और पौष्टिक सब्जियाँ प्राप्त नहीं हो पातीं। प्रकृति का सारा सौंदर्य उसकी विविधता और अलग-अलग प्रकार की वनस्पतियों में ही निहित है।
In simple words: अगर सारे पेड़-पौधों का आकार और रंग एक जैसा होता, तो दुनिया बोरिंग लगती और हमें तरह-तरह के फल-फूल भी न मिलते।

Exam Tip: प्रकृति की 'विविधता' (Diversity) को मुख्य बिंदु बनाकर उत्तर का विस्तार करें।

 

Question (ग). यदि काँटे न होते और हर पौधा केवल फूलों से भरा होता तो क्या होता?
Answer: यदि काँटों का अस्तित्व न होता और सर्वत्र केवल पुष्प ही खिले होते, तो चहुंओर मनमोहक खुशबू और अद्भुत छटा बिखरी होती। किसी को भी चोट लगने या चुभन का भय नहीं सताता। हालांकि, काँटों का मुख्य कार्य पौधों का बचाव करना भी है, अतः उनके न होने से कोमल पौधों को शाकाहारी जानवर आसानी से नष्ट कर देते।
In simple words: काँटे न होने से दुनिया बहुत सुंदर तो होती, लेकिन काँटों के बिना जानवर पौधों को खा जाते, क्योंकि काँटे पौधों की रक्षा करते हैं।

Exam Tip: काँटों के रक्षात्मक कार्य (सुरक्षा कवच) के पहलू को उत्तर में अवश्य शामिल करें।

 

Question (घ). कल्पना कीजिए कि एक तितली काँटे से मित्रता करना चाहती है, उनके बीच कैसा संवाद होगा?
Answer: तितली और काँटे के मध्य कुछ इस प्रकार की बातचीत हो सकती है:
- **तितली**: प्यारे काँटे भाई, तुम सदा इतने रूखे और क्रोधित क्यों दिखाई देते हो?
- **काँटा**: प्यारी तितली, मैं क्रोधित नहीं हूँ। वास्तव में, मैं इस सुंदर पौधे का रक्षक हूँ और इसकी सुरक्षा करता हूँ।
- **तितली**: किंतु तुम्हारी इस कठोरता से सभी भयभीत रहते हैं। तुम फूल के समान सुकोमल क्यों नहीं हो जाते?
- **काँटा**: यदि मैं भी कोमल हो गया, तो कोई भी जीव इस पौधे को हानि पहुँचा देगा। मेरा सख्त होना पौधे के हित में है। क्या हम आपस में मित्रता कर सकते हैं?
- **तितली**: अवश्य! आज से हम पक्के मित्र हैं।
In simple words: तितली काँटे से कहती है कि तुम इतने कठोर क्यों हो, और काँटा समझाता है कि पौधे की रक्षा के लिए उसका सख्त होना ज़रूरी है, जिसके बाद दोनों दोस्त बन जाते हैं।

Exam Tip: संवाद लेखन (Dialogue writing) में पात्रों के स्वभाव के अनुकूल ही सरल और प्रभावपूर्ण भाषा का प्रयोग करें।

 

Question (ङ). कल्पना कीजिए कि आपको किसी काँटे, फूल या दोनों के गुणों के साथ जीवन जीने का अवसर मिलता है। आप किसके गुणों को अपनाना चाहेंगे? कारण सहित बताइए।
Answer: यदि मुझे ऐसा सुअवसर प्राप्त हो, तो मैं फूल और काँटे दोनों के उत्कृष्ट गुणों का समावेश अपने जीवन में करना पसंद करूँगा:
- **फूल के सदगुण**: मैं फूल के समान कोमलता, मधुर वचन और सेवाभाव अपनाना चाहूँगा, ताकि अपनी अच्छाई से दूसरों के जीवन में खुशियाँ भर सकूँ। दीन-दुखियों की सहायता करना और समाज में प्रेम बाँटना मेरा ध्येय होगा।
- **काँटे के गुण**: इसके साथ ही, मैं काँटे के समान निडर, दृढ़ और शक्तिशाली भी बनना चाहूँगा। विषम परिस्थितियों में और अन्याय के खिलाफ अपनी तथा दूसरों की रक्षा करने के लिए काँटे जैसी दृढ़ता का होना भी अत्यंत अनिवार्य है।
In simple words: मैं दूसरों की मदद के लिए फूल जैसा दयालु और खुद की रक्षा तथा अन्याय से लड़ने के लिए काँटे जैसा मजबूत बनना चाहूँगा।

Exam Tip: दोनों पक्षों (फूल की परोपकारिता और काँटे की दृढ़ता) को संतुलित रूप में प्रस्तुत करें।

 

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शब्द से जुड़े शब्द

 

Question. नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में ‘बड़प्पन’ से जुड़े शब्द अपने समूह में चर्चा करके लिखिए।
Answer: 'बड़प्पन' शब्द का अर्थ श्रेष्ठता या गरिमा से है। इससे संबंधित कुछ महत्वपूर्ण मानवीय गुण निम्नलिखित हैं:
1. उदारता
2. संतोष
3. विनम्रता
4. त्याग
5. सहनशीलता
6. परोपकार
7. सम्मान
In simple words: बड़प्पन का मतलब है अच्छे गुण होना, जैसे उदार दिल, सब्र रखना, दूसरों की भलाई करना और सबका सम्मान करना।

Exam Tip: इन सभी सद्गुणों को याद रखें क्योंकि ये सीधे तौर पर चरित्र निर्माण से जुड़े हुए हैं।

 

Question. नीचे कुछ शब्द दिए गए हैं जो किसी भाव को व्यक्त करते हैं। इनमें से जो शब्द ‘बड़प्पन’ के भाव व्यक्त करते हैं, उन पर एक गोला बनाइए, जो बड़प्पन का भाव व्यक्त नहीं करते हैं, उनके नीचे रेखा खींचिए।
Answer: बड़प्पन के भाव को दर्शाने वाले सकारात्मक गुण और उसे न दर्शाने वाले नकारात्मक प्रवृत्तियों का वर्गीकरण इस प्रकार है:

‘बड़प्पन’ का भाव व्यक्त करने वाले शब्द (गोले वाले)‘बड़प्पन’ का भाव व्यक्त न करने वाले शब्द (रेखांकित)
  • सहनशीलता
  • दया
  • विश्वास
  • उदारता
  • विनम्रता
  • त्याग
  • संतोष
  • समर्पण
  • आदर
  • सम्मान
  • निष्ठा
  • परोपकार
  • सद्भावना
  • अहंकार
  • घमंड
  • ईर्ष्या
  • द्वेष
  • प्रतिशोध
  • क्रूरता
  • स्वार्थ
  • अपमान
  • अविश्वास
  • झूठ
  • अधीरता
  • लालच
  • झगड़ालूपन

In simple words: अच्छी आदतें जैसे दया, प्यार और त्याग बड़प्पन को दिखाती हैं; जबकि बुरी आदतें जैसे घमंड, गुस्सा और लालच बड़प्पन को खत्म कर देती हैं।

Exam Tip: शब्दों को अर्थ के आधार पर वर्गीकृत करते समय सकारात्मक और नकारात्मक भावों को पहचानना अत्यंत सरल तरीका है।

 

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कविता की रचना और सौंदर्य पर प्रश्न

 

Question (क). “फूल लेकर तितलियों को गोद में, भौंर को अपना अनूठा रस पिला। निज सुगंधों औ निराले रंग से, है सदा देता कली का जी खिला।” इस पंक्ति में रेखांकित शब्द 'औ' पर ध्यान दीजिए। क्या आपने इस शब्द को पहले कहीं पढ़ा है? कविता की लय को बनाए रखने के लिए कवि ने और भी अनेक विशेषताओं का प्रयोग किया है। अपने समूह के साथ मिलकर इन विशेषताओं की सूची बनाइए।
Answer: कविता को सुंदर, लयबद्ध और प्रभावशाली बनाने के लिए कवि ने कई काव्य शैलियों का प्रयोग किया है, जिनका विवरण इस प्रकार है:
1. **अंतिम ध्वनि को छोड़ना (लोप)**: छंद और लय को बनाए रखने के लिए 'और' शब्द के स्थान पर केवल 'औ' लिखा गया है, जिससे कविता का संगीत बना रहता है।
2. **शब्दों का संक्षिप्तीकरण**: बड़े वाक्यांशों को छोटा करके लिखा गया है, जैसे 'प्यार में डूबी तितलियाँ' को 'प्यार-डूबी तितलियाँ' कहा गया है। इससे पंक्तियों का प्रवाह सुगम हो जाता है।
3. **समान ध्वनि वाले शब्द (तुकांत)**: पंक्तियों के अंत में एक जैसे तुक वाले शब्दों का सुंदर तालमेल है, जैसे: 'पालता - डालता', 'बही - नहीं', 'बसन - तन', 'पिला - खिला'।
4. **विरोधाभास का चित्रण**: एक ही पौधे पर पलने वाले फूल और काँटे के बिल्कुल उलट स्वभाव का चित्रण करके कविता में गहरा आकर्षण पैदा किया गया है।
5. **सजीव चित्रण (मानवीकरण)**: प्रकृति की निर्जीव या मूक चीजों को इंसानों की तरह व्यवहार करते दिखाया गया है, जैसे- काँटे का कपड़े फाड़ना और फूल का तितलियों को दुलारना।
6. **प्रेरणादायक संदेश**: कविता के अंत में यह बहुत ही सुंदर नैतिक सीख दी गई है कि इंसान अपने अच्छे कर्मों से ही श्रेष्ठ बनता है, ऊंचे कुल से नहीं।
In simple words: कवि ने कविता को सुंदर बनाने के लिए एक जैसे तुक वाले शब्दों, मानवीकरण (पेड़-पौधों को इंसानों जैसा दिखाना) और छोटे-छोटे शब्दों का बहुत बढ़िया उपयोग किया है।

Exam Tip: व्याकरणिक और काव्य सौंदर्य से संबंधित प्रश्नों में 'मानवीकरण', 'विरोधाभास' और 'तुकांत' जैसे प्रामाणिक शब्दों का प्रयोग उत्तर को उत्कृष्ट बनाता है।

 

Question (ख). नीचे इस कविता की कुछ विशेषताएँ और पंक्तियाँ दी गई हैं जिनमें ये विशेषताएँ झलकती हैं। विशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान कीजिए।
Answer: विशेषताओं और उनके सटीक उदाहरणों का सही मिलान तालिका के माध्यम से नीचे दिया गया है:

कविता की विशेषताएँकविता की पंक्तियाँ
1. एक ही वर्ण से शुरू होने वाले दो शब्द एक ही पंक्ति में साथ-साथ आए हैं।• भौंर को अपना अनूठा रस पिला ('अपना अनूठा' में 'अ' वर्ण)
• फाड़ देता है किसी का वर बसन ('वर बसन' में वर्ण साम्य)
2. मुहावरे का प्रयोग किया गया है।है सदा देता कली का जी खिला ('जी खिलाना' मुहावरा)
3. प्रश्न पूछा गया है।किस तरह कुल की बड़ाई काम दे
4. प्राकृतिक वस्तुओं में मानवीय कार्यों और भावनाओं का वर्णन किया गया है।फूल लेकर तितलियों को गोद में
5. एक-दूसरे के विपरीत अर्थ वाले शब्दों का प्रयोग किया गया है।है खटकता एक सब की आँख में, दूसरा है सोहता सुर शीश पर

In simple words: यहाँ कविता की खूबियों को उनके सही उदाहरणों के साथ जोड़ा गया है, जैसे मुहावरे और प्रकृति को इंसानों की तरह दिखाने वाली पंक्तियाँ।

Exam Tip: काव्यात्मक विशेषताओं को उनके उदाहरणों से मिलाते समय मुख्य शब्दों (जैसे 'जी खिलाना' मुहावरा) पर ध्यान केंद्रित करें।

 

कविता का सौंदर्य

 

Question (क). आगे कविता की कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं। इनमें कुछ शब्द हटा दिए गए हैं और साथ में मिलते-जुलते अर्थ वाले शब्द भी दिए गए हैं। इनमें से प्रत्येक शब्द से वह पंक्ति पूरी करके देखिए जो शब्द उस पंक्ति में जँच रहे हैं, उन पर घेरा बनाइए।
1. हैं जनम लेते जगह में एक ही, एक ही पौधा उन्हें है पालता। ____ में उन पर चमकता ____ भी, (रात, रात्रि, रजनी, निशा) (शशी, चंद्रमा, चाँद, राकेश, इंदु) एक ही सी चाँदनी है डालता।
2. ____ उन पर है बरसता एक सा, (मेह, बादल, मेघ, जलद) एक सी उन पर ____ हैं बही। (वायु, पवन, समीर, मारुत, बयारें, हवायें) पर सदा ही यह दिखाता है हमें, ढंग उनके एक से होते नहीं।
Answer: रिक्त स्थानों में जँचने वाले शब्दों का चयन कर पंक्तियों को इस प्रकार पूरा किया गया है:
1. हैं जनम लेते जगह में एक ही, एक ही पौधा उन्हें है पालता।
**रात** में उन पर चमकता **चाँद** भी,
एक ही सी चाँदनी है डालता।
*(यहाँ 'रात' और 'चाँद' विकल्प सबसे उपयुक्त हैं)*

2. **मेह** उन पर है बरसता एक सा,
एक सी उन पर **हवायें** हैं बही।
पर सदा ही यह दिखाता है हमें,
ढंग उनके एक से होते नहीं।
*(यहाँ 'मेह' और 'हवायें' विकल्प मूल कविता के अनुसार उपयुक्त हैं)*
In simple words: कविता की लय और धुन को सही रखने के लिए पहले भाग में 'रात' और 'चाँद' तथा दूसरे भाग में 'मेह' और 'हवायें' शब्दों का प्रयोग किया गया है।

Exam Tip: कविता की पंक्तियों को पूरा करते समय हमेशा मूल कविता के मूल शब्दों को ही प्राथमिकता दें।

 

Question (ख). अपने समूह में चर्चा करके पता लगाइए कि कौन-सा शब्द रिक्त स्थानों में सबसे अधिक साथियों को जँच रहा है और क्यों?
Answer: हमारे समूह की चर्चा का निष्कर्ष निम्नलिखित है:
- **प्रथम पंक्ति हेतु**: अधिकांश सहयोगियों ने 'रात' और 'चाँद' शब्दों को प्राथमिकता दी। इसका मुख्य कारण यह है कि ये शब्द हमारी दैनिक बोलचाल में अत्यधिक उपयोग होते हैं। 'रात्रि' या 'निशा' जैसे शब्द सुनने में थोड़े कठिन प्रतीत होते हैं और कविता के सहज प्रवाह को बाधित कर सकते हैं।
- **द्वितीय पंक्ति हेतु**: सभी ने 'मेह' और 'हवायें' शब्दों का चयन किया। 'मेह' शब्द कविता की लय और मधुरता को बनाए रखता है। 'हवायें' शब्द गाने और गुनगुनाने में बहुत ही सरल और सहज अनुभव कराता है, जबकि 'मारुत' या 'समीर' जैसे शब्द थोड़े गूढ़ हैं।
- **निष्कर्ष**: कवि ने जान-बूझकर ऐसे सुगम और सरस शब्दों का उपयोग किया है जिससे कविता को सुगमता से कंठस्थ किया जा सके और उसका अर्थ तुरंत समझ में आ जाए।
In simple words: 'रात', 'चाँद', 'मेह' और 'हवायें' जैसे शब्द बहुत आसान और रोज बोले जाने वाले हैं। इन्हें गाने में आसानी होती है, इसलिए सबने इन्हीं को चुना।

Exam Tip: उत्तर लिखते समय भाषा की 'सरलता', 'सहजता' और 'लयबद्धता' (Rhythm) जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं को उजागर करना चाहिए।

 

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विशेषण

 

Question (क). “भौंर का है बेध देता श्याम तन।” ‘श्याम तन’ का अर्थ है - काला शरीर। यहाँ ‘श्याम’ शब्द भँवरे के ‘शरीर’ की विशेषता बता रहा है, अर्थात् ‘श्याम’ ‘विशेषण’ है। ‘तन’ एक संज्ञा शब्द है जिसकी विशेषता बताई जा रही है अर्थात् ‘तन’ ‘विशेष्य’ शब्द है। नीचे दी गई पंक्तियों में विशेषण और विशेष्य शब्दों की पहचान करके लिखिए।
Answer: दी गई काव्य पंक्तियों से विशेषण (विशेषता बताने वाले शब्द) और विशेष्य (जिसकी विशेषता बताई जाए) की सूची इस प्रकार है:

पंक्तिविशेषणविशेष्य
1. भौंर का है बेध देता श्याम तनश्यामतन
2. फाड़ देता है किसी वर बसनवरबसन
3. भौंर को अपना अनूठा रस पिलाअनूठारस
4. निज सुगंधों औ निराले ढंग सेनिरालेढंग

In simple words: विशेषता बताने वाले शब्दों को 'विशेषण' कहते हैं और जिस चीज़ की विशेषता बताई जाती है, उसे 'विशेष्य' कहते हैं।

Exam Tip: विशेषण और विशेष्य पहचानते समय स्वयं से पूछें कि 'कैसा' (जैसे- कैसा तन? श्याम तन, कैसा बसन? वर बसन) - इससे उत्तर तुरंत मिल जाता है।

 

Question (ख). नीचे दिए गए विशेष्यों के लिए अपने मन से विशेषण सोचकर लिखिए - 1. फूल, 2. काँटा, 3. मेह, 4. चाँद, 5. रात
Answer: दिए गए संज्ञा (विशेष्य) शब्दों के लिए उपयुक्त विशेषण इस प्रकार हैं:
1. **फूल**: कोमल, सुवासित (सुगंधित)
2. **काँटा**: तीखा, पैना (नुकीला)
3. **मेह**: मूसलाधार, बरसता
4. **चाँद**: शीतल, उज्ज्वल
5. **रात**: अंधियारी, शांत
In simple words: यहाँ हमने अपनी तरफ से शब्दों की विशेषता बताने वाले नए शब्द जोड़े हैं, जैसे 'कोमल फूल' या 'अंधियारी रात'।

Exam Tip: अपनी कल्पनाशीलता का उपयोग करते हुए ऐसे विशेषणों का चयन करें जो उस वस्तु के स्वभाव को पूरी तरह स्पष्ट करते हों।

 

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आपकी बात

 

Question (क). यदि आपको फूल और काँटे में से किसी एक को चुनना हो तो आप किसे चुनेंगे और क्यों?
Answer: यदि मुझे दोनों में से किसी एक का वरण करना हो, तो मैं निश्चित ही फूल को चुनूँगा। इसका कारण यह है कि फूल सदैव वातावरण को सुगंधित करता है और अपनी सुंदरता से सभी को आनंदित करता है। मेरा भी यही ध्येय है कि अपने मधुर व्यवहार और परोपकार से लोगों के चेहरों पर सदा मुस्कान ला सकूँ।
In simple words: मैं फूल बनना चुनूँगा ताकि खुशबू और कोमलता की तरह दूसरों की जिंदगी में भी खुशियाँ और प्यार बाँट सकूँ।

Exam Tip: उत्तर में चयन का कारण बहुत स्पष्ट और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ लिखना चाहिए।

 

Question (ख). कविता में बताया गया है कि फूल अपनी सुगंध और व्यवहार से चारों ओर प्रसन्नता और आनंद फैला देता है। आप अपने मित्रों या परिवार के जीवन में प्रसन्नता और आनंद लाने के लिए क्या-क्या करते हैं और क्या-क्या कर सकते हैं?
Answer: अपने सगे-संबंधियों और मित्रों के जीवन को सुखमय बनाने के लिए मैं सदैव निम्नलिखित प्रयास करता हूँ और कर सकता हूँ:
- मैं सदैव उनकी सहायता के लिए तत्पर रहता हूँ और सबसे आदरपूर्वक व प्यार से बातचीत करता हूँ।
- यदि कोई मित्र या परिजन उदास हो, तो मैं उनके साथ हँसकर उनकी चिंता दूर करने का प्रयत्न करता हूँ।
- भविष्य में, मैं उनके साथ अधिक समय व्यतीत करूँगा, उनके विचारों का आदर करूँगा और उनकी आवश्यकताओं को समझने का पूरा प्रयास करूँगा।
In simple words: मैं अपने घर वालों और दोस्तों से प्यार से बात करता हूँ, उदास होने पर उन्हें हँसाता हूँ और हमेशा उनकी मदद करने को तैयार रहता हूँ।

Exam Tip: इस प्रकार के व्यक्तिगत प्रश्नों में अपने व्यावहारिक जीवन के वास्तविक अनुभवों को बिंदुओं में साझा करें।

 

Question (ग). ‘फूल’ और ‘काँटे’ एक-दूसरे से बिल्कुल भिन्न हैं फिर भी साथ-साथ पाए जाते हैं। अपने आस-पास से ऐसे अन्य उदाहरण दीजिए।
Answer: हमारे परिवेश में कई ऐसी विपरीत वस्तुएँ और स्थितियाँ विद्यमान हैं, जो परस्पर भिन्न होते हुए भी सह-अस्तित्व में रहती हैं:
1. **दिन और रात्रि**: जहाँ दिन प्रकाश लेकर आता है, वहीं रात गहन अंधकार लाती है। इन दोनों के मिलने से ही एक संपूर्ण दिवस पूर्ण होता है।
2. **हर्ष और शोक (सुख-दुःख)**: ये मानवीय जीवन के दो विपरीत भाव हैं, परंतु दोनों ही एक के बाद एक जीवन का हिस्सा बनते हैं।
3. **अग्नि और जल**: दोनों के मूल गुण एक-दूसरे के सर्वथा विरोधी हैं, फिर भी पृथ्वी पर जीवन की निरंतरता के लिए ये दोनों समान रूप से आवश्यक हैं।
4. **सदाचार और दुराचार (अच्छा-बुरा)**: समाज में भले और बुरे दोनों तरह के मनुष्य साथ-साथ वास करते हैं, यहाँ तक कि एक ही व्यक्ति में दोनों प्रवृत्तियाँ हो सकती हैं।
In simple words: जैसे दिन-रात, सुख-दुःख और आग-पानी एक-दूसरे के उल्टे हैं, फिर भी ये हमारे जीवन में हमेशा साथ-साथ रहते हैं।

Exam Tip: विपरीत तत्वों के सह-अस्तित्व को स्पष्ट करने के लिए प्रकृति के सरल उदाहरणों (जैसे दिन-रात) का प्रयोग सबसे उत्तम होता है।

 

Question (घ). “छेद कर काँटा किसी की उँगलियाँ, फाड़ देता है किसी का वर बसन।” आप अपने आस-पास की किसी समस्या का वर्णन कीजिए जिसे आप ‘काँटे’ के समान महसूस करते हैं। उस समस्या का समाधान भी सुझाइए।
Answer: हमारे समाज में कई ऐसी समस्याएँ हैं जो काँटे की तरह चुभती हैं। ऐसी ही एक मुख्य समस्या और उसके निवारण के उपाय नीचे दिए गए हैं:

**समस्या (गंदगी और कूड़ा-कचरा)**:
हमारे परिवेश में फैला हुआ कूड़ा-करकट और अनुपयोगी कचरा बिल्कुल एक 'काँटे' के समान कष्टप्रद है। यह गंदगी न केवल दृश्य सौंदर्य को बिगाड़ती है, बल्कि हानिकारक रोगाणु फैलाकर जनमानस के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डालती है।

**समाधान (निवारण के उपाय)**:
1. **स्वयं का संकल्प (व्यक्तिगत स्तर)**: हमें यह दृढ़ संकल्प लेना होगा कि कूड़े को हमेशा निर्धारित कूड़ेदान में ही डालेंगे, सार्वजनिक स्थानों पर कभी नहीं फेंकेंगे।
2. **जनचेतना (जागरूकता)**: चित्रों और पोस्टरों के माध्यम से अपने मित्रों तथा पड़ोसियों को स्वच्छता के महत्व के बारे में शिक्षित करेंगे।
3. **एकजुट होकर कार्य करना (सामूहिक प्रयास)**: अपने आवासीय क्षेत्र में सप्ताह में एक बार स्वच्छता अभियान का आयोजन कर परस्पर सहयोग से सफाई करेंगे।
4. **स्थानीय प्रशासन की सहायता**: नगर पालिका या स्थानीय निकाय से नियमित सफाई और अतिरिक्त कचरा पात्र रखवाने के लिए संपर्क करेंगे।
In simple words: हमारे आस-पास की गंदगी एक काँटे की तरह है जो बीमारियाँ फैलाती है। इसे दूर करने के लिए हमें कूड़ेदान का उपयोग करना चाहिए और सबको जागरूक करना चाहिए।

Exam Tip: समस्या और समाधान दोनों को स्पष्ट शीर्षकों (Headings) के अंतर्गत व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करें ताकि उत्तर सुपाठ्य लगे।

 

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सृजन

 

Question (क). इस कविता के बारे में एक चित्र बनाइए। आप चित्र में जहाँ चाहें, अपने मनोनीत रंग भर सकते हैं। आप बिना रंगों या केवल उपलब्ध रंगों की सहायता से भी चित्र बना सकते हैं। चित्र बिल्कुल मौलिक लगे इसकी चिंता करने की भी आवश्यकता नहीं है। आप अपनी कल्पना को जैसे मन करे, वैसे साकार कर सकते हैं।
Answer: अपनी कल्पना के अनुसार एक चित्र का निर्माण नीचे दर्शाया गया है जिसमें एक डाल पर सुंदर फूल खिला है और दूसरी डाल पर तीखे काँटे हैं, साथ ही एक तितली उड़ रही है: फूल (कोमलता का प्रतीक) काँटा (कठोरता का प्रतीक)
In simple words: इस सुंदर चित्र में फूल और काँटे को एक साथ प्रकृति के बीच दिखाया गया है।

Exam Tip: चित्र बनाते समय दोनों के स्वभाव के अंतर को स्पष्ट दिखाने के लिए फूल को सुंदर रंगों से और काँटे को तीखा व गहरे रंग से बनाएँ।

 

Question (ख). मान लीजिए कि फूल और काँटे के बीच बातचीत हो रही है। उनकी बातचीत या संवाद अपनी कल्पना से लिखिए।
Answer: **फूल और काँटे का काल्पनिक वार्तालाप:**
- **फूल**: राम-राम काँटे भैया! मैं तो सदैव संसार में मधुर सुगंध और प्रसन्नता बिखेरता हूँ। मेरी एक झलक से ही लोगों के हृदय हर्षित हो उठते हैं।
- **काँटा**: सत्य वचन फूल भाई! परंतु मेरी भूमिका भी कम महत्वपूर्ण नहीं है। मैं इस पूरे पौधे का रक्षक हूँ। यदि मैं तैनात न रहूँ, तो कोई भी जीव इस पूरे पौधे को नष्ट कर देगा।
- **फूल**: यह बात तो बिल्कुल सच है। मैं रंग-बिरंगी तितलियों और गुंजन करते भँवरों को निमंत्रित करता हूँ जिससे परागण की क्रिया हो सके और पौधे का वंश बढ़े।
- **काँटा**: और मैं उन निर्दयी हाथों को सबक सिखाता हूँ जो तुम्हें जबरन तोड़ने आते हैं। मैं संसार को संदेश देता हूँ कि जीवन में सजगता और आत्मरक्षा भी परम आवश्यक है।
- **फूल**: इसका अर्थ यह हुआ कि हम दोनों ही इस पौधे के लिए अनिवार्य हैं। मैं कोमलता से प्यार बाँटता हूँ और तुम दृढ़ता से सुरक्षा प्रदान करते हो।
- **काँटा**: हाँ मित्र! आनंद और संघर्ष दोनों के संतुलन से ही यह सृष्टि इतनी सुंदर और जीवंत बनी हुई है।
In simple words: फूल कहता है कि वह सबको खुशबू देता है, और काँटा समझाता है कि वह पौधे की रक्षा करता है। दोनों मिलकर मानते हैं कि जीवन में प्यार और सुरक्षा दोनों जरूरी हैं।

Exam Tip: संवाद लिखते समय दोनों पात्रों की उपयोगिता को बराबर महत्व दें जिससे बातचीत का अंत एक सकारात्मक संदेश के साथ हो।

 

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वाद-विवाद

 

Question. विभिन्न समूह बनाकर कक्षा में एक वाद-विवाद गतिविधि का आयोजन कीजिए। इसके लिए विषय है - ‘जीवन में फूल और काँटे, दोनों की आवश्यकता होती है’। इस वाद-विवाद गतिविधि की रूपरेखा लिखिए।
Answer: वाद-विवाद प्रतियोगिता ('जीवन में फूल और काँटे दोनों का महत्व') के सफल संचालन हेतु चरणबद्ध रूपरेखा इस प्रकार है:

**1. दल गठन (समूह विभाजन)**:
- कक्षा को कुल 6 से 8 दलों में विभाजित किया जाएगा।
- आधे दल 'फूल' (सकारात्मक आचरण/कोमलता) के पक्ष में तथा शेष आधे दल 'काँटे' (सुरक्षा/दृढ़ता/संघर्ष) के पक्ष में विचार प्रस्तुत करेंगे।
- एक निष्पक्ष दल 'निर्णायक मंडल' के रूप में अंक प्रदान करेगा।

**2. पूर्व-तैयारी का समय**:
- सभी प्रतिभागियों को अपने-अपने तर्कों को संकलित करने और लिखने के लिए 15 मिनट की अवधि दी जाएगी।

**3. प्रस्तुतीकरण का क्रम**:
- क्रमवार तरीके से पहले पक्ष (फूल) और फिर विपक्ष (काँटा) के वक्ता मंच पर आकर अपनी बात रखेंगे।

**4. निर्धारित समय-सीमा**:
- प्रत्येक वक्ता को अपनी बात रखने के लिए 3 मिनट का समय दिया जाएगा।
- प्रति-प्रश्न (जवाब-सवाल) के लिए 1 मिनट का अतिरिक्त समय विपक्ष को मिलेगा।

**5. निर्णायक मंडल के मूल्यांकन बिंदु**:
- भाषा शैली, तर्कों की प्रासंगिकता और प्रस्तुतीकरण के आधार पर वक्ताओं को 10 अंकों में से मूल्यांकित किया जाएगा।

**6. मुख्य तर्कों के उदाहरण**:
- **फूल के समर्थक**: फूल स्नेह, त्याग, सुंदरता और मानसिक शांति के द्योतक हैं। ये समाज को निस्वार्थ भाव से प्रसन्नता बाँटना सिखाते हैं।
- **काँटे के समर्थक**: काँटे हमें सतर्कता, आत्मरक्षा और विपरीत परिस्थितियों में अडिग रहना सिखाते हैं। संघर्ष के बिना व्यक्तित्व का विकास असंभव है।
In simple words: वाद-विवाद के लिए कक्षा को दो हिस्सों में बाँटा जाएगा - एक तरफ फूल (प्यार और शांति) के फायदे बताने वाले और दूसरी तरफ काँटे (सुरक्षा और हिम्मत) के फायदे बताने वाले।

Exam Tip: वाद-विवाद की रूपरेखा लिखते समय समय-सीमा, निर्णायक मंडल के नियम और दोनों पक्षों के मजबूत उदाहरणों को अवश्य स्पष्ट करें।

 

Question (ख). वाद-विवाद गतिविधि के बाद अपने अनुभवों पर एक संक्षिप्त अनुच्छेद लिखिए।
Answer: हमारी कक्षा में आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता का अनुभव अत्यंत रोमांचक और ज्ञानवर्धक रहा। इस चर्चा के दौरान सहपाठियों ने बहुत ही प्रभावशाली ढंग से दोनों पक्षों के महत्व को सामने रखा। जहाँ 'फूल' के समर्थकों ने बताया कि बिना प्रेम, सहानुभूति और दया के जीवन नीरस हो जाएगा, वहीं 'काँटे' के समर्थकों ने यह सिद्ध किया कि बिना संघर्ष, अनुशासन और आत्मरक्षा के हम इस संसार में जीवित नहीं रह सकते। इस गतिविधि से मुझे यह गहरा बोध हुआ कि जीवन की पूर्णता सुख और दुःख दोनों के संतुलित सामंजस्य में ही है।
In simple words: इस गतिविधि से मैंने सीखा कि खुशियों के साथ-साथ कठिनाइयाँ भी हमें मजबूत बनाने के लिए जरूरी हैं और दोनों मिलकर ही जीवन को पूरा बनाते हैं।

Exam Tip: अनुभव अनुच्छेद लिखते समय अपने व्यक्तिगत दृष्टिकोण में आए बदलाव और प्रतियोगिता से मिली व्यावहारिक सीख को मुख्य रूप से व्यक्त करें।

 

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आज की पहेली

 

Question. नीचे कुछ ऐसे पेड़-पौधों के चित्र और विवरण दिए गए हैं जिनमें फूल और काँटे साथ-साथ पाए जाते हैं। चित्रों को सही नामों के साथ रेखा खींचकर जोड़िए और उनके लक्षणों को पहचानिए।
Answer: काँटे और फूल दोनों की उपस्थिति वाले प्रमुख पौधों के विवरण और उनकी सही चित्र पहचान निम्नलिखित तालिका में दी गई है:

पौधे का नामफूल के लक्षणकाँटे के लक्षणमुख्य विशेषताएँचित्र पहचान
1. बबूलपीले या सफेद और गुच्छेदारलंबे और नुकीलेइसका उपयोग ईंधन, चारा और औषधियों में किया जाता है।पीले गोल गुच्छेदार फूलों वाला चित्र (चित्र 3)
2. गुलाबविभिन्न रंगों में (लाल, सफेद और गुलाबी)तने पर छोटे और तीखेसजावटी पौधा और इत्र बनाने के लिए प्रसिद्ध।लाल गुलाब के सुंदर फूल वाला चित्र (चित्र 4)
3. नागफनीरंग-बिरंगे, पीले, नारंगी या गुलाबीपूरी सतह पर छोटे या लंबेसूखे क्षेत्रों में पाया जाने वाला सजावटी पौधा।हरे कांटेदार चपटे पत्तों वाला कैक्टस (चित्र 1)
4. बेरछोटे और हल्के पीलेशाखाओं पर छोटे-छोटेइसके फल स्वादिष्ट और औषधीय होते हैं।छोटे पत्तों और गोल हरे फलों वाली टहनी (चित्र 2)
5. करौंदाछोटे, सफेद और सुगंधितशाखाओं पर छोटे-छोटे और तीखेफल से अचार, जैम और जेली बनती है। पहाड़ी क्षेत्रों में उगता है।लाल-हरे गोल फलों वाली कांटेदार टहनी (चित्र 6)
6. नींबूछोटे, सफेद, सुगंधित और गुच्छेदारशाखाओं पर छोटे और तीखेफल खट्टे और विटामिन सी से भरपूर। पेय, अचार और औषधि में उपयोगी।पीले नींबू और सफेद फूलों वाला चित्र (चित्र 5)

In simple words: यहाँ बबूल, गुलाब, नागफनी, बेर, करौंदा और नींबू जैसे पौधों के बारे में बताया गया है जिनमें फूल और काँटे दोनों पाए जाते हैं।

Exam Tip: इन सभी पौधों की पहचान उनके पत्तों, काँटों की बनावट और फूलों के रंग के आधार पर की जाती है, इन्हें ध्यान से समझें।

 

Question. ‘फूल और काँटा’ कविता का सरल भावार्थ अपने शब्दों में लिखिए।
Answer: प्रस्तुत कविता में कवि अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध' ने फूल और काँटे के परस्पर विरोधी स्वभावों का अत्यंत सुंदर वर्णन किया है। वे स्पष्ट करते हैं कि दोनों एक ही पौधे की शाखा पर जन्म लेते हैं और दोनों को प्रकृति द्वारा चाँदनी, वर्षा व वायु जैसी अनुकूल परिस्थितियाँ समान रूप से प्राप्त होती हैं।

इसके उपरांत भी, दोनों के व्यवहार में जमीन-आसमान का अंतर है:
- **काँटा**: यह अपनी कठोरता के कारण राहगीरों की उँगलियों में चुभता है, उनके कीमती कपड़े फाड़ देता है और सुंदर तितलियों व भँवरों को घायल कर देता है। इसलिए इसे कोई पसंद नहीं करता।
- **फूल**: यह अपनी कोमलता और उदारता से तितलियों को अपनी गोद में बिठाता है, भँवरों को पराग का मधुर रस पिलाता है और अपनी मनमोहक महक व अद्भुत रंग से सबके मन को खुशियों से भर देता है। इसी कारण इसे देवताओं के मस्तक पर चढ़ाया जाता है।

**मुख्य सीख**: इस तुलना के माध्यम से कवि हमें यह शिक्षा देते हैं कि समाज में सम्मान केवल ऊँचे कुल या प्रतिष्ठित परिवार में जन्म लेने से नहीं मिलता। मनुष्य की सच्ची पहचान और प्रतिष्ठा उसके शिष्ट व्यवहार, परोपकारी स्वभाव और उत्तम कर्मों से ही निर्धारित होती है।
In simple words: एक ही पौधे पर उगने के बाद भी फूल अपनी खुशबू से सबका प्यारा बनता है और काँटा सबको चुभता है। ठीक वैसे ही इंसान भी अपने अच्छे कामों से बड़ा बनता है, खानदान से नहीं।

Exam Tip: भावार्थ लिखते समय कवि का नाम 'हरिऔध' और कविता के केंद्रीय संदेश 'जन्म नहीं, कर्म महान हैं' को मुख्य रूप से रेखांकित करें।

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