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Detailed Malhar Chapter 02 तीन बुद्धिमान (लोककथा) NCERT Solutions for Class 7 Hindi
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Class 7 Hindi Malhar Chapter 02 तीन बुद्धिमान (लोककथा) NCERT Solutions PDF
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मेरी समझ से
(क) लोककथा के आधार पर नीचे दिए गए प्रश्नों का सटीक उत्तर कौन सा है? उसके सामने तारा (★) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।
Question 1. लोककथा में पिता ने अपने बेटों से ‘धन संचय करने’ को कहा। उनकी इस बात का क्या अर्थ हो सकता है?
(a) खेती-बारी करना और धन इकट्ठा करना
(b) पैनी दृष्टि और तीव्र बुद्धि का विकास करना
(c) ऊँट का व्यापार करना
(d) गाँव छोड़कर किसी नगर में जाकर बसना
Answer: (b) पैनी दृष्टि और तीव्र बुद्धि का विकास करना
In simple words: पिता का अर्थ यहाँ रुपये-पैसे जमा करने से नहीं था, बल्कि अपनी देखने की शक्ति और दिमागी समझ को बढ़ाना था।
Exam Tip: कहानी के संदर्भ में 'धन संचय' का प्रतीकात्मक अर्थ समझें, जहाँ बुद्धि को ही सबसे बड़ा खजाना माना गया है।
Question 2. तीनों भाइयों ने अपने ज्ञान और बुद्धि का उपयोग करके ऊँट के बारे में बहुत कुछ बता दिया। इससे क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है?
(a) बुद्धि का प्रयोग करके ऊँट के बारे में सब-कुछ बताया जा सकता है।
(b) समस्या को सुलझाने के लिए ध्यान से निरीक्षण करना महत्वपूर्ण है।
(c) किसी व्यक्ति का ज्ञान, बुद्धि और धन ही सबसे बड़ी ताकत है।
(d) ऊँट के बारे में जानने के लिए दूसरों पर भरोसा करना चाहिए।
Answer: (b) समस्या को सुलझाने के लिए ध्यान से निरीक्षण करना महत्वपूर्ण है। और (c) किसी व्यक्ति का ज्ञान, बुद्धि और धन ही सबसे बड़ी ताकत है।
In simple words: यदि हम बारीकी से चीजों को देखें और अपनी सूझबूझ का इस्तेमाल करें, तो हम किसी भी कठिन समस्या को आसानी से हल कर सकते हैं।
Exam Tip: बहुविकल्पीय प्रश्नों में यदि एक से अधिक विकल्प सही हों, तो दोनों विकल्पों को ध्यान से पढ़कर चिह्नित करें।
Question 3. राजा ने भाइयों की बुद्धिमत्ता पर विश्वास क्यों किया?
(a) भाइयों ने अपनी बात को तर्क के साथ समझाया।
(b) राजा को ऊँट के स्वामी की बातों पर संदेह था।
(c) राजा ने स्वयं ऊँट और पेटी की जाँच कर ली थी।
(d) भाइयों ने राजा को अपनी बात में उलझा लिया था।
Answer: (a) भाइयों ने अपनी बात को तर्क के साथ समझाया। और (c) राजा ने स्वयं ऊँट और पेटी की जाँच कर ली थी।
In simple words: राजा को तब यकीन हुआ जब भाइयों ने अपनी बात का ठोस सबूत दिया और राजा ने खुद भी उन चीजों की जाँच कर ली।
Exam Tip: राजा के विश्वास करने के दो मुख्य कारण थे - भाइयों के सटीक तर्क और राजा द्वारा खुद किया गया भौतिक सत्यापन।
Question 4. लोककथा के पात्रों और घटनाओं के आधार पर, राजा के निर्णय के पीछे कौन-सा मूल्य छिपा है?
(a) दोषी को कड़ा से कड़ा दंड देना हर समस्या का सबसे बड़ा समाधान है।
(b) अच्छी तरह जाँच किए बिना किसी को दोषी नहीं ठहराना चाहिए।
(c) राजा की प्रत्येक बात और निर्णय को सदा सही माना जाना चाहिए।
(d) ऊँट की चोरी के निर्णय के लिए सेवक की बुद्धि का उपयोग करना चाहिए।
Answer: (b) अच्छी तरह जाँच किए बिना किसी को दोषी नहीं ठहराना चाहिए।
In simple words: किसी पर भी आरोप लगाने से पहले सच की गहराई से जाँच करना न्याय का सबसे पहला नियम है।
Exam Tip: इस प्रश्न में राजा के न्यायप्रिय चरित्र और बिना प्रमाण किसी को सजा न देने के जीवन-मूल्य पर ध्यान केंद्रित करें।
Question 5. हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने भिन्न-भिन्न उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?
Answer: हमारे समूह में चर्चा के दौरान निम्नलिखित कारणों से इन उत्तरों का चयन किया गया:
1. पहले प्रश्न के उत्तर के लिए: मैंने "पैनी दृष्टि और तीव्र बुद्धि का विकास करना" विकल्प को चुना। इसका कारण यह है कि कहानी के पिता अपने पुत्रों को यह सीख देना चाहते थे कि वास्तविक पूंजी हमारी बौद्धिक क्षमता है, न कि कोई धातु या व्यापार।
2. दूसरे प्रश्न के उत्तर के लिए: मैंने "समस्या को सुलझाने के लिए ध्यान से निरीक्षण करना महत्वपूर्ण है" और "ज्ञान, बुद्धि और धन ही सबसे बड़ी ताकत है" को चुना। भाइयों ने बिना देखे केवल बारीकी से देखकर ही ऊँट की सटीक स्थिति का पता लगा लिया था, जो दिखाता है कि खुद की आँखों पर भरोसा करना दूसरों की बातों में आने से कहीं बेहतर है।
3. तीसरे प्रश्न के उत्तर के लिए: मैंने "भाइयों ने अपनी बात तर्क के साथ समझाई" और "राजा ने खुद ऊँट तथा पेटी का निरीक्षण किया था" को चुना। जब भाइयों ने वैज्ञानिक ढंग से विश्लेषण किया और राजा को पेटी में बंद अनार का साक्ष्य मिल गया, तभी राजा आश्वस्त हुआ।
4. चौथे प्रश्न के उत्तर के लिए: मैंने "गहन जाँच-पड़ताल किए बिना किसी को अपराधी घोषित नहीं करना चाहिए" चुना। राजा ने शुरुआत में संशय व्यक्त किया था, परंतु पूर्ण साक्ष्यों के आधार पर ही उसने अंत में न्याय किया।
In simple words: अपने उत्तरों के पीछे छिपे कारणों को तर्क के साथ बताना ही इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य है।
Exam Tip: इस तरह के चर्चा-आधारित प्रश्नों में अपने चुने गए विकल्पों के पक्ष में मजबूत और तार्किक बिंदु प्रस्तुत करें।
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पंक्तियों पर चर्चा
Question (क). “रुपये-पैसे के स्थान पर तुम्हारे पास पैनी दृष्टि होगी और सोने-चाँदी के स्थान पर तीव्र बुद्धि होगी। ऐसा धन संचित कर लेने पर तुम्हें कभी किसी प्रकार की कमी न रहेगी और तुम दूसरों की तुलना में उन्नीस नहीं रहोगे।” पंक्ति का क्या अर्थ है?
Answer: इस कथन का भाव यह है कि सांसारिक संपत्ति जैसे सोने-चाँदी या रुपयों से कहीं अधिक कीमती मनुष्य का ज्ञान, उसकी तीक्ष्ण बुद्धि और गंभीर सूझबूझ है। जिस मनुष्य के पास यह वैचारिक और बौद्धिक संपदा होती है, उसे जीवन पथ पर कभी अभाव नहीं सताता। वह सदैव समाज में सम्मान पाता है और दूसरों से श्रेष्ठ साबित होता है।
In simple words: ज्ञान और समझदारी दुनिया की सबसे बड़ी दौलत है, जो कभी खत्म नहीं होती और हमें हमेशा दूसरों से आगे रखती है।
Exam Tip: व्याख्या करते समय 'भौतिक धन' और 'बौद्धिक धन' के बीच के अंतर को स्पष्ट रूप से रेखांकित करें।
Question (ख). “हर वस्तु और स्थिति को पूर्णतः समझने और जानने का प्रयास करो। कुछ भी तुम्हारी दृष्टि से न बच पाए।” पंक्ति का क्या अर्थ है?
Answer: यह पंक्ति हमें सीख देती है कि हमें अपने परिवेश में घटित होने वाली हर घटना और प्रत्येक वस्तु का बहुत सूक्ष्मता से विश्लेषण करना चाहिए। अपनी देखने और परखने की क्षमता को इतना सुदृढ़ बनाना आवश्यक है कि छोटी से छोटी जानकारी भी हमारी आँखों से छिप न सके।
In simple words: हमें अपने आसपास की हर छोटी बात को बहुत ध्यान से देखना चाहिए ताकि हमसे कोई जरूरी चीज छूट न जाए।
Exam Tip: उत्तर में 'अवलोकन क्षमता' (Observation power) को बढ़ाने और सतर्क रहने की आवश्यकता पर बल दें।
Question (ग). “हमने अपने परिवेश को पैनी दृष्टि से देखने और बुद्धि से सोचने के प्रयास में बहुत समय लगाया है।” पंक्ति का क्या अर्थ है?
Answer: इस बात का तात्पर्य यह है कि तीनों भाइयों ने अपने चारों ओर के वातावरण को गहराई से समझने और उस पर दिमागी मंथन करने का एक लंबे समय तक निरंतर अभ्यास किया है। इसी सतत अभ्यास के परिणामस्वरूप उनकी निर्णय क्षमता इतनी अद्भुत और विलक्षण हो पाई है।
In simple words: भाइयों ने बहुत समय तक अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करके चीजों को गहराई से देखने की आदत डाली, जिससे वे इतने समझदार बने।
Exam Tip: इस उत्तर में स्पष्ट करें कि समझदारी रातों-रात नहीं आती, बल्कि इसके लिए लंबे समय के अभ्यास और अनुभव की जरूरत होती है।
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मिलकर करें मिलान
Question. इस लोककथा में से चुनकर कुछ वाक्य नीचे स्तंभ 1 में दिए गए हैं। उनके भाव या अर्थ से मिलते-जुलते वाक्य स्तंभ 2 में दिए गए हैं। स्तंभ 1 के वाक्यों को स्तंभ 2 के उपयुक्त वाक्यों से सुमेलित कीजिए।
Answer:
| स्तंभ 1 | स्तंभ 2 (सही मिलान) |
|---|---|
| 1. कुछ समय पश्चात् पिता चल बसे। | 2. थोड़े समय के बाद पिता का देहांत हो गया। |
| 2. हम कहीं भी क्यों न हों, भूखे नहीं मरेंगे। | 5. हम चाहे जहाँ भी हों, हमें खाने के लिए कुछ न कुछ मिल ही जाएगा। |
| 3. घुड़सवार ने तीनों भाइयों को शंका की दृष्टि से देखा। | 1. घोड़े पर सवार व्यक्ति ने तीनों भाइयों को अविश्वास से देखा। |
| 4. बचपन से ही हमें ऐसी आदत पड़ गई है कि हम कुछ भी अपनी दृष्टि से नहीं चूकने देते। | 4. बचपन से ही हमें आदत हो गई है कि हम हर छोटी-बड़ी वस्तु पर ध्यान अवश्य देते हैं। |
| 5. लोगों के आश्चर्य का कोई ठिकाना न था। | 3. लोग इतने अचंभित थे कि उनका आश्चर्य व्यक्त करना कठिन था। |
Exam Tip: मिलान करते समय वाक्यों के मुख्य शब्दों (जैसे - चल बसे/देहांत, शंका/अविश्वास) के अर्थ को पहचानकर सही जोड़ी बनाएं।
सोच-विचार के लिए
Question (क). तीनों भाइयों ने बिना ऊँट को देखे उसके विषय में कैसे बता दिया था?
Answer: तीनों भाइयों ने अपनी सूक्ष्म निरीक्षण शक्ति और दिमागी सूझबूझ की सहायता से ऊँट के बारे में निम्नलिखित जानकारियाँ जुटाईं:
1. बड़ा आकार: सबसे बड़े भाई ने जमीन की धूल पर बने ऊँट के विशाल पदचिह्नों का आकलन करके यह अंदाजा लगाया कि वह एक बड़ा ऊँट था।
2. एक आँख से दृष्टिहीन: मंझले भाई ने मार्ग का बारीकी से निरीक्षण किया और पाया कि केवल दाईं तरफ की घास ही खाई गई थी, जबकि बाईं ओर की घास वैसी ही बची थी।
3. स्त्री और बच्चे का सवार होना: सबसे छोटे भाई ने रेत पर ऊँट के बैठने वाले घुटनों के निशानों के पास एक स्त्री के जूतों और छोटे बालक के पैरों की छाप देखी थी।
In simple words: तीनों भाइयों ने जमीन पर बने निशानों और आसपास की चीजों को बहुत ध्यान से देखा और अपनी अकल से ऊँट की पूरी हालत बता दी।
Exam Tip: तीनों भाइयों के अलग-अलग तर्कों (बड़े भाई, मंझले भाई और छोटे भाई के निष्कर्ष) को स्पष्ट और बिंदुवार तरीके से लिखें ताकि परीक्षा में पूरे अंक मिलें।
Question (ख). आपके अनुसार इस लोककथा में सबसे अधिक महत्व किस बात को दिया गया है - तार्किक सोच, अवलोकन या सत्यवादिता? लोककथा के आधार पर समझाइए।
Answer: इस कहानी में सबसे ज्यादा बल सूक्ष्म अवलोकन और तर्कसंगत वैचारिक क्षमता पर दिया गया है। पिता ने अपने पुत्रों को जीवन में तीव्र दृष्टि और प्रखर बुद्धि अर्जित करने का संदेश दिया था। भाइयों ने मार्ग में खोए ऊँट की स्थिति और राजा की पेटी के भीतर बंद वस्तु का रहस्य अपनी पैनी नजरों से देखकर और फिर उपलब्ध तथ्यों पर विचार करके ही सुलझाया। यद्यपि सत्य का मार्ग अपनाना भी उनका एक गुण था, परंतु पूरी कथा मुख्य रूप से उनकी अनूठी विश्लेषण क्षमता और विवेक के आसपास ही घूमती है।
In simple words: इस कहानी में सबसे जरूरी बात यह सिखाई गई है कि हमें हर चीज को गहराई से देखना चाहिए और फिर दिमाग लगाकर उसके पीछे की सच्चाई का पता लगाना चाहिए।
Exam Tip: अवलोकन (Observation) और तार्किक सोच (Logical thinking) दोनों की भूमिका को उदाहरण सहित स्पष्ट करें।
Question (ग). लोककथा में राजा ने पहले भाइयों पर संदेह किया लेकिन बाद में उन्हें निर्दोष माना। राजा की सोच क्यों बदल गई?
Answer: प्रारंभ में राजा को उन पर शक था, परंतु भाइयों द्वारा अपनी असाधारण समझदारी का ठोस सबूत देने पर राजा का विचार पूरी तरह परिवर्तित हो गया। राजा ने जब संदूक में रखी गुप्त वस्तु के विषय में प्रश्न किया, तो भाइयों ने अपने विलक्षण ज्ञान का परिचय देते हुए सही अनुमान लगा लिया कि उसमें कच्चा अनार रखा है। उनके इस बुद्धिमत्तापूर्ण उत्तर और वैज्ञानिक विश्लेषण ने राजा को पूरी तरह आश्वस्त कर दिया कि वे चोर नहीं अपितु ज्ञानी पुरुष हैं।
In simple words: जब भाइयों ने राजा की पेटी में रखे कच्चे अनार का बिल्कुल सही पता लगा लिया, तो राजा को समझ आ गया कि ये लोग चोर नहीं बल्कि बहुत अक्लमंद हैं।
Exam Tip: उत्तर में भाइयों की परीक्षा और उसमें कच्चे अनार के सही अनुमान वाले प्रसंग का उल्लेख अवश्य करें।
Question (घ). ऊँट के स्वामी ने भाइयों पर तुरंत संदेह क्यों किया? आपके विचार से उसे क्या करना चाहिए था जिससे उसे अपना ऊँट मिल जाता?
Answer: ऊँट के मालिक ने भाइयों पर फौरन संशय इसलिए किया क्योंकि उन्होंने ऊँट के शारीरिक लक्षणों और सवारों की ऐसी गुप्त जानकारियाँ दे दी थीं, जो केवल मालिक को ज्ञात थीं। बिना कुछ बताए इतनी सटीक बातें सुनकर उसे लगा कि इन्होंने ही ऊँट चुराया है। वास्तव में, उसे उन पर आरोप लगाने के स्थान पर विनम्रतापूर्वक यह पूछना चाहिए था कि उन्होंने ये निशान कहाँ देखे, जिससे वह सही दिशा में जाकर अपने मवेशी को ढूंढ पाता।
In simple words: मालिक को लगा कि बिना बताए भाइयों को ऊँट की सारी बातें कैसे पता चलीं, इसलिए उसने शक किया। उसे शक करने की जगह भाइयों से मदद माँगकर ऊँट को खोजना चाहिए था।
Exam Tip: मालिक के तात्कालिक संदेह का कारण (बिना बताए ऊँट के लक्षणों की जानकारी होना) और उसके वैकल्पिक सही व्यवहार दोनों पहलुओं को साफ-साथ लिखें।
Question (ङ). पिता ने बेटों को “दूसरे प्रकार का धन” संचित करने की सलाह क्यों दी? इससे पिता के बारे में क्या-क्या पता चलता है?
Answer: पिता ने अपने बेटों को ज्ञान रूपी "दूसरे धन" को कमाने की सीख दी, क्योंकि उनके पास विरासत में देने के लिए पारंपरिक धन-संपत्ति नहीं थी। उनका दृढ़ विश्वास था कि विवेक और गहन अवलोकन ऐसी अमूल्य पूंजी है जो मनुष्य का साथ कभी नहीं छोड़ती। इससे यह स्पष्ट होता है कि पिता अत्यधिक ज्ञानी, दूरगामी सोच रखने वाले तथा भौतिक ऐश्वर्य की अपेक्षा मनुष्य के आंतरिक कौशल और विवेक को सर्वोच्च स्थान देने वाले व्यक्ति थे।
In simple words: पिता के पास कोई धन-दौलत नहीं थी, इसलिए उन्होंने बेटों को ज्ञान की दौलत दी जो हमेशा काम आती है। इससे पता चलता है कि पिता बहुत बुद्धिमान और समझदार थे।
Exam Tip: पिता के चरित्र की विशेषताओं जैसे दूरदर्शिता, ज्ञानप्रियता और भौतिक संपदा के प्रति उदासीनता को अपने शब्दों में रेखांकित करें।
Question (च). राजा ने भाइयों की परीक्षा लेने के लिए पेटी का उपयोग किया। इस परीक्षा से राजा के व्यक्तित्व और निर्णय शैली के बारे में क्या-क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है?
Answer: इस घटना से राजा की निर्णय क्षमता और उत्तम चरित्र के संबंध में निम्नलिखित बातें उजागर होती हैं:
1. राजा अत्यंत न्यायप्रिय और निष्पक्ष शासक था, जो किसी भी अभियुक्त को बिना पूरी पड़ताल के दंडित नहीं करना चाहता था।
2. वह केवल दूसरों की कही-सुनी बातों में आने के स्थान पर प्रत्यक्ष साक्ष्यों और प्रमाणों को प्राथमिकता देता था।
3. वह स्वयं कुशाग्र बुद्धि का था और न्याय के अंतिम निष्कर्ष तक पहुँचने के लिए स्वयं स्थितियों का परीक्षण करने में सक्षम था।
4. उसकी निर्णय प्रक्रिया पूरी तरह से वैज्ञानिक, तर्कसंगत और प्रमाणों पर आधारित थी।
In simple words: राजा बिना सबूत किसी को सजा नहीं देता था। वह खुद जांच करता था और हमेशा सच के साथ खड़ा रहता था।
Exam Tip: राजा के गुणों को बिंदुवार लिखें (जैसे - न्यायप्रियता, साक्ष्य-आधारित सोच) जिससे उत्तर अधिक प्रभावशाली लगे।
Question (छ). आप इस लोककथा के भाइयों की किस विशेषता को अपनाना चाहेंगे और क्यों?
Answer: मैं इन तीनों भाइयों के "सूक्ष्म अवलोकन करने और गहरी तार्किक सोच रखने" के अनूठे गुण को अपने जीवन में ढालना चाहूँगा। यह विशेषता हमें अपने परिवेश को गहराई से समझने, जीवन की विषम परिस्थितियों में सटीक निर्णय लेने और किसी भी उलझन का तार्किक हल ढूंढने में अत्यधिक सहायक सिद्ध होती है।
In simple words: मैं भाइयों की तरह चीजों को ध्यान से देखने और दिमाग से सोचने की आदत अपनाना चाहूँगा ताकि किसी भी समस्या का सही समाधान निकाल सकूँ।
Exam Tip: इस स्व-अभिव्यक्ति वाले प्रश्न में भाइयों के गुणों के व्यावहारिक उपयोग को समझाते हुए अपना मत रखें।
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अनुमान और कल्पना से
Question (क). यदि राजा ने बिना जाँच के भाइयों को दोषी ठहरा दिया होता तो इस लोककथा का क्या परिणाम होता?
Answer: यदि राजा ने बिना किसी गहन विवेचना के भाइयों को अपराधी मान लिया होता, तो उन तीनों निरपराध व्यक्तियों को घोर अन्याय का सामना करना पड़ता। राजा की छवि एक क्रूर और अदूरदर्शी शासक की बनती, और ऊँट का स्वामी भी अपने खोए हुए पशु को कभी वापस न पा पाता। अंततः, इस लोककथा का यह पावन संदेश कि बौद्धिक संपदा ही सर्वोपरि है, निरर्थक रह जाता।
In simple words: अगर राजा बिना सोचे-समझे सजा दे देता, तो बेकसूर भाइयों को जेल हो जाती और राजा को लोग बुरा शासक मानते।
Exam Tip: उत्तर में कहानी की मूल सीख (बुद्धि और अवलोकन का महत्व) पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव का जिक्र जरूर करें।
Question (ख). यदि भाइयों ने अनार के बारे में सही अनुमान न लगाया होता तो लोककथा का अंत किस प्रकार होता? अपने विचार व्यक्त करें।
Answer: यदि तीनों भाई पेटी में बंद कच्चे अनार का ठीक-ठीक पता नहीं लगा पाते, तो राजा उन्हें धूर्त और धोखेबाज समझकर बंदी बना लेता। उन्हें संभवतः ऊँट चुराने के दोष में कठोर यातनाएँ भुगतनी पड़तीं। परिणामतः, इस कहानी का समापन अत्यंत निराशाजनक होता और उनकी अद्भुत बौद्धिक क्षमता दुनिया के समक्ष कभी प्रकाश में नहीं आ पाती।
In simple words: अगर भाई सही जवाब नहीं दे पाते, तो राजा उन्हें चोर समझकर जेल में डाल देता और कहानी का अंत बहुत बुरा होता।
Exam Tip: काल्पनिक स्थितियों पर आधारित प्रश्नों में परिणाम के दोनों पक्षों (सजा मिलना और प्रतिभा का छिप जाना) को स्पष्ट करें।
Question (ग). लोककथा में यदि तीनों भाई ऊँट को खोजने जाते तो उन्हें कौन-कौन सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता था?
Answer: यदि वे भाई स्वयं उस खोए हुए ऊँट को ढूंढने निकल पड़ते, तो उन्हें भीषण संकटों से दो-चार होना पड़ता। वे पहले ही लंबी चालीस दिनों की यात्रा से अत्यंत क्लान्त थे और उनके पैरों में जख्म हो चुके थे। उन्हें निर्जन मरुस्थलों, बीहड़ पहाड़ियों और दुर्गम घाटियों से होकर गुजरना पड़ता जहाँ अन्न और जल के घोर संकट से भी उन्हें जूझना पड़ता।
In simple words: भाइयों के पैरों में छाले थे और वे थके हुए थे। अगर वे जंगल या पहाड़ों में ऊँट खोजने जाते तो उन्हें भूख, प्यास और थकान का सामना करना पड़ता।
Exam Tip: भाइयों की शारीरिक स्थिति (थकान, पैरों में छाले) और भौगोलिक कठिनाइयों (पहाड़, वीरान घाटियाँ, भोजन-पानी की कमी) दोनों को शामिल करें।
Question (घ). यदि राजा के स्थान पर आप होते तो भाइयों की परीक्षा लेने के लिए किस प्रकार के सवाल या गतिविधियाँ करते? अपनी कल्पना साझा करें।
Answer: यदि मुझे राजा का पद प्राप्त होता, तो मैं भाइयों के विवेक की परीक्षा लेने हेतु राजसभा में उपस्थित किसी अज्ञात दरबारी की शारीरिक हाव-भाव और वेशभूषा देखकर उसके गुप्त स्वभाव अथवा रुचि का अनुमान लगाने को कहता। इसके अतिरिक्त, मैं उनके सम्मुख दो बिल्कुल समान दिखने वाली कलाकृतियाँ रखकर उनमें छुपा हुआ सूक्ष्म अंतर पहचानने की कठिन चुनौती रखता।
In simple words: अगर मैं राजा होता, तो मैं किसी अजनबी को देखकर उसकी आदतों के बारे में बताने को कहता या दो एक जैसी चीजों में अंतर ढूंढने की परीक्षा लेता।
Exam Tip: अपनी कल्पनाशक्ति का उपयोग करते हुए ऐसे तार्किक कार्यों का सुझाव दें जो अवलोकन क्षमता (Observation skills) का परीक्षण कर सकें।
शब्द से जुड़े शब्द
Question. नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में ‘बुद्धि’ से जुड़े शब्द अपने समूह में चर्चा करके लिखिए।
Answer: "बुद्धि" शब्द के साथ मानसिक और तार्किक कौशल से जुड़े कई शब्द संबद्ध हैं, जैसे - समझ, तर्क, मस्तिष्क, ज्ञान, अवलोकन, सोच और विवेक।
In simple words: बुद्धि से हमारे सोचने, समझने, ज्ञान और दिमाग से जुड़े कई शब्द आपस में जुड़े हैं।
Exam Tip: इस तरह के शब्द-जाल (Word-web) में मुख्य शब्द से संबंधित सभी पर्यायवाची या भाववाचक संज्ञाओं को शामिल करें।
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लोककथा को सुनाना
Question. आप अपने समूह के साथ मिलकर इस लोककथा को रोचक ढंग से किस प्रकार सुनाएँगे? योजना बनाइए।
Answer: यदि हमें अपनी टीम के साथ इस "तीन बुद्धिमान" कहानी को मंच पर प्रस्तुत करना हो, तो हम इसे और अधिक सजीव और मनोरंजक बनाने के लिए निम्नलिखित योजनाएँ तैयार करेंगे:
1. स्वर का उतार-चढ़ाव: कथावाचन के दौरान रहस्य और रोमांच उत्पन्न करने के लिए हम अपनी आवाज की तीव्रता को कम या अधिक करेंगे ताकि श्रोता पूरी तरह एकाग्र रहें।
2. भूमिकाओं का बँटवारा: हम दल के सदस्यों में पात्रों का विभाजन करेंगे, जहाँ हर सदस्य बड़े, मंझले और छोटे भाई की अलग-अलग टोन और पिच में संवाद अदायगी करेगा। इससे दर्शकों को स्पष्ट रूप से समझ आएगा कि कौन सा पात्र बात कर रहा है।
3. शारीरिक हाव-भाव का प्रयोग: जब भाइयों पर चोरी का कलंक लगाया जाएगा, तो हमारे चेहरे पर व्याकुलता और भय के भाव दिखेंगे। जब वे शांति से उत्तर देंगे, तो चेहरे पर आत्मविश्वास की झलक दिखाई देगी।
4. दृश्य का सजीव चित्रण: मरुस्थल या राजदरबार के दृश्यों को हम अपनी वर्णनात्मक भाषा से श्रोताओं की आँखों के सामने साकार कर देंगे।
5. उत्सुकता और ठहराव: मुख्य घटना जैसे - पेटी खोलने के समय पर हम कुछ पल का मौन (सस्पेंस) रखेंगे और पूछेंगे - "क्या आप जानते हैं कि उस पेटी में क्या बंद था?" जिससे सुनने वालों की जिज्ञासा चरम पर पहुँच जाए।
In simple words: कहानी को मजेदार बनाने के लिए हम सब मिलकर नाटक की तरह अलग-अलग आवाजें निकालकर और चेहरे के हाव-भाव बदलकर इसे सुनाएँगे।
Exam Tip: प्रस्तुति की योजना लिखते समय आवाज के उतार-चढ़ाव, अभिनय, और श्रोताओं की उत्सुकता बनाए रखने जैसे व्यावहारिक बिंदुओं पर प्रकाश डालें।
कारक
Question. नीचे दिए गए वाक्यों में उपयुक्त कारक चिह्न (परसर्ग) लिखकर इन्हें पूरा कीजिए:
Answer:
1. "हमने तो तुम्हारे ऊँट को देखा तक नहीं", भाइयों ने परेशान होते हुए कहा।
2. "मैं अपने रेवड़ों को पहाड़ों पर लिये जा रहा था", उसने कहा, "और मेरी पत्नी मेरे छोटे-से बेटे के साथ एक बड़े-से ऊँट पर मेरे पीछे-पीछे आ रही थी।"
3. राजा ने उसी समय अपने मंत्री को बुलाया और उसके कान में कुछ फुसफुसाया।
4. यह सुनकर राजा ने पेटी को पास लाने का आदेश दिया। सेवकों ने तुरंत आदेश पूरा किया। राजा ने सेवकों से पेटी खोलने के लिए कहा।
In simple words: वाक्यों में शब्दों को आपस में जोड़ने के लिए 'ने', 'को', 'पर', 'में', 'से' जैसे कारक चिह्नों का प्रयोग किया जाता है।
Exam Tip: कारक चिह्नों का सही प्रयोग करने के लिए वाक्य के क्रिया-संबंध (जैसे - कर्ता ने, कर्म को, अधिकरण में/पर) को पहचानें।
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सूचनापत्र
Question. कल्पना कीजिए कि आप इस लोककथा के वह घुड़सवार हैं जिसका ऊँट खो गया है। आप अपने ऊँट को खोजने के लिए एक सूचना कागज़ पर लिखकर पूरे शहर में जगह-जगह चिपकाना चाहते हैं। अपनी कल्पना और लोककथा में दी गई जानकारी के आधार पर एक सूचना पत्र लिखिए।
Answer:
सूचनापत्र
!! आवश्यक सूचना - खोए हुए ऊँट की खोज !!
समस्त नगरवासियों को सूचित किया जाता है कि मेरा एक पालतू ऊँट कहीं गुम हो गया है। उस ऊँट की शारीरिक बनावट और पहचान के मुख्य लक्षण निम्नलिखित हैं:
- कद-काठी: अत्यंत विशाल और लंबी ऊँचाई वाला।
- विशेष शारीरिक लक्षण: वह एक आँख से देख पाने में असमर्थ (काना) है।
- सवारियों की जानकारी: गुमशुदगी के समय ऊँट पर एक महिला और एक छोटा बालक सवार थे। वे पहाड़ों की ओर जाने वाले मार्ग पर भटक गए हैं।
यदि किसी सज्जन को इस प्रकार का ऊँट अथवा उस पर सवार यात्री दिखाई दें, तो तुरंत नीचे लिखे पते पर जानकारी देने की कृपा करें अथवा सीधे राजदरबार में इसकी सूचना दें। जानकारी देने वाले व्यक्ति को उचित पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
निवेदक:
ऊँट का स्वामी
Exam Tip: सूचना पत्र लिखते समय शीर्षक, खोई वस्तु का विवरण, पहचान चिह्न, इनाम की घोषणा और संपर्क सूत्र का स्पष्ट उल्लेख अवश्य करें।
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आपकी बात
Question 1. लोककथा में तीन भाइयों की पैनी दृष्टि की बात कही गई है। क्या आपने कभी अपनी पैनी दृष्टि का प्रयोग किसी समस्या को हल करने के लिए किया है? उस समस्या और आपके द्वारा दिए गए हल के विषय में लिखिए।
Answer: जी हाँ, एक बार मेरी गृहकार्य करने की पेंसिल अचानक कहीं गुम हो गई थी। घर के सभी लोगों को लगा कि वह शायद कहीं बाहर गिर गई है। परंतु जब मैंने मेज के कोनों और बस्ते की चेन को बहुत गहराई से जाँचा, तो पाया कि वह मेरी एक पुरानी अभ्यास पुस्तिका के पन्नों के बीच अटकी हुई थी। इस प्रकार सजगता से देखने के कारण वह तुरंत मिल गई और बिना किसी नुकसान के समस्या का हल हो गया।
In simple words: एक बार मेरी पेंसिल नहीं मिल रही थी, लेकिन मैंने ध्यान से मेज पर रखी किताबों को देखा तो वह कॉपी के बीच दबी मिल गई।
Exam Tip: इस उत्तर में अपने निजी जीवन के किसी भी छोटे उदाहरण (जैसे - चाबी खोना, पेन मिलना) का उल्लेख करते हुए अपनी सतर्कता को दर्शाएं।
Question 2. लोककथा में बताया गया है कि भाइयों ने “बचपन से हर वस्तु पर ध्यान देने की आदत डाली।” यदि आपने ऐसा किया है तो आपको अपने जीवन में इसके क्या-क्या लाभ मिलते हैं?
Answer: मैं भी अपने दैनिक जीवन में आसपास की सभी वस्तुओं को बहुत गौर से देखने का प्रयास करता हूँ। इस आदत से मुझे मुख्य रूप से अपनी शिक्षा में बहुत सहायता मिलती है। जब शिक्षक कक्षा में कोई महत्वपूर्ण विषय पढ़ाते हैं, तो मैं उनके द्वारा बताए गए सूक्ष्म तथ्यों को झटपट ग्रहण कर लेता हूँ, जिससे परीक्षा के समय पाठों को याद करना बेहद सरल हो जाता है।
In simple words: बारीकी से ध्यान देने की आदत से हमारा दिमाग तेज होता है और क्लास में पढ़ाई गई चीजें जल्दी याद हो जाती हैं।
Exam Tip: ध्यान देने की आदत के व्यावहारिक लाभों (जैसे - स्मरण शक्ति बढ़ना, सतर्कता) को तार्किक रूप से लिखें।
Question 3. लोककथा में भाइयों को यात्रा करते समय अनेक कठिनाइयाँ आईं, जैसे - भूख, थकान और पैरों में छाले। आप अपने दैनिक जीवन में किन-किन कठिनाइयों का सामना करते हैं? लिखिए।
Answer: मेरे रोज़मर्रा के जीवन में भी कई सामान्य परेशानियाँ सामने आती हैं। उदाहरण के लिए, शीत ऋतु में प्रातः काल शीघ्र जागना एक कठिन कार्य लगता है। इसके अतिरिक्त, गृहकार्य का बोझ अधिक होने पर खेलकूद का समय नहीं मिल पाता। गर्मियों में विद्युत आपूर्ति ठप होने पर अध्ययन करने में काफी असुविधा होती है।
In simple words: हमें भी सुबह जल्दी उठने, स्कूल का ढेर सारा काम पूरा करने और गर्मी में बिजली चले जाने जैसी कई रोज की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
Exam Tip: कठिनाइयों की सूची बनाते समय केवल बड़ी समस्याओं की जगह सामान्य छात्र-जीवन की वास्तविक चुनौतियों का वर्णन करें।
Question 4. भाइयों ने बिना देखे ही ऊँट के बारे में सही-सही बातें बताईं। क्या आपको लगता है कि अनुभव और समझ से देखे बिना भी सही निर्णय लिया जा सकता है? क्या आपने भी कभी ऐसा किया है?
Answer: निश्चित रूप से, यदि हमारे पास पुराना अनुभव और गहरी सूझबूझ हो, तो बिना प्रत्यक्ष दर्शन के भी सही निष्कर्ष पर पहुँचा जा सकता है। एक बार विद्यालय में मैंने बिना समय देखे ही यह अंदाजा लगा लिया था कि अब अंतिम घंटी बजने वाली है, क्योंकि हमारे शिक्षक ने अपनी पुस्तकें समेटकर बस्ते में रखनी शुरू कर दी थीं। कुछ ही पलों में छुट्टी की घंटी बज गई और मेरा अनुमान सच निकला।
In simple words: हाँ, पुराने अनुभव और समझदारी से हम बिना देखे भी सही अंदाज़ा लगा सकते हैं, जैसे टीचर के किताबें समेटने से छुट्टी होने का पता चल जाना।
Exam Tip: उत्तर में अनुभव (Experience) और परिस्थिति के संकेतों को समझने की कला के महत्व को स्पष्ट करें।
Question 5. जब ऊँट के स्वामी ने भाइयों पर शंका की तो भाइयों ने बिना गुस्सा किए शांति से उत्तर दिया। क्या आपको लगता है कि कभी किसी को संदेह होने पर हमें भी शांत रहकर उत्तर देना चाहिए? क्या आपने कभी ऐसी स्थिति का सामना किया है? ऐसे में आपने क्या किया?
Answer: हाँ, जब कोई हम पर अकारण संशय करे, तो क्रोधित होने के बजाय अत्यंत संयम और धीरज के साथ अपनी बात रखनी चाहिए। एक बार मेरे सहपाठी को ऐसा भ्रम हो गया था कि मैंने उसका चित्रकारी वाला रबर चुरा लिया है। उस क्षण मैंने अपना आपा नहीं खोया, बल्कि शांत स्वर में उससे कहा कि वह अपनी किताबों को दोबारा जाँचे। कुछ समय बाद उसे अपनी ही अभ्यास पुस्तिका के नीचे वह रबर मिल गया और समस्या शांति से हल हो गई।
In simple words: जब कोई हम पर शक करे, तो गुस्सा होने की जगह प्यार से बात समझानी चाहिए। शांत रहने से सच अपने आप बाहर आ जाता है।
Exam Tip: शांत रहने के नैतिक लाभ और क्रोध न करने के व्यावहारिक परिणाम को उदाहरण द्वारा समझाएं।
Question 6. राजा ने भाइयों को बुद्धिमानी देखकर बहुत आश्चर्य व्यक्त किया। क्या आपको कभी किसी की सोच, समझ या किसी विशेष कौशल को देखकर आश्चर्य हुआ है? क्या आपने कभी किसी से कुछ ऐसा सीखा है जो आपके लिए बिल्कुल नया और चौंकाने वाला हो?
Answer: हाँ, मुझे अपने एक प्रिय मित्र की अद्भुत अंकगणितीय क्षमता को देखकर अत्यधिक विस्मय हुआ था। वह कठिन और लंबी संख्याओं का गुणनफल बिना किसी गणना यंत्र के क्षण भर में निकाल लेता था। मैंने उससे इस वैदिक गणित की युक्ति को सीखा, जिसने मेरी स्वयं की गणितीय गणना की गति को पहले से बहुत तीव्र बना दिया।
In simple words: मेरे दोस्त को गणित के कठिन गुणा बहुत जल्दी करने आते थे। मुझे उसकी यह अकल देखकर बहुत हैरानी हुई और फिर मैंने भी उससे यह तरीका सीख लिया।
Exam Tip: किसी के विशेष कौशल (जैसे - गणितीय गणना, चित्रकारी, वादन) और उससे सीखी गई सीख का संक्षेप में विवरण दें।
Question 7. लोककथा में पिता ने अपने बेटों को यह सलाह दी कि वे समझ और ज्ञान जमा करें। क्या आपको कभी किसी बड़े व्यक्ति से ऐसी कोई सलाह मिली है जो आपके जीवन में उपयोगी रही हो? क्या आप भी अपने अनुभव से किसी को ऐसी सलाह देंगे?
Answer: हाँ, मेरी पूजनीय दादी जी ने मुझे एक बार सीख दी थी कि विद्या अर्जन को कभी भी मानसिक तनाव या भार नहीं मानना चाहिए, क्योंकि यही हमारी वास्तविक संपत्ति है। उनकी यह मूल्यवान सीख मेरे जीवन में बहुत काम आई। भविष्य में, मैं भी अपने अनुज को यही परामर्श दूँगा कि लगन के साथ विद्या ग्रहण करो, क्योंकि यही तुम्हारी उन्नति का मार्ग प्रशस्त करेगी।
In simple words: मेरी दादी ने कहा था कि पढ़ाई कभी बोझ नहीं होती बल्कि सबसे बड़ी दौलत है। मैं भी दूसरों को यही सलाह दूँगा कि दिल लगाकर पढ़ें।
Exam Tip: बुजुर्गों से मिली सीख की सार्थकता और उसे भावी पीढ़ी को सौंपने की महत्ता पर ध्यान केंद्रित करें।
Question 8. भाइयों ने अपने ऊपर लगे आरोपों के होते हुए भी सदा सच्चाई का साथ दिया। क्या आपको लगता है कि सदा सच बोलना महत्वपूर्ण है, भले ही स्थिति कठिन क्यों न हो? क्या आपको किसी समय ऐसा लगा है कि सच्चाई ने आपको समस्याओं से बाहर निकाला हो?
Answer: बेशक, चाहे परिस्थितियाँ कितनी भी विकट क्यों न हों, सत्य का मार्ग कभी नहीं त्यागना चाहिए। एक बार खेल-खेल में मुझसे बैठक में रखा काँच का पात्र टूट गया था। यद्यपि मैं अत्यधिक भयभीत था, फिर भी मैंने माता जी के समक्ष अपनी भूल स्वीकार कर ली। उन्होंने मुझ पर क्रोध करने के बजाय प्यार से सचेत रहने की नसीहत दी। उस दिन मुझे ज्ञात हुआ कि ईमानदारी से हर मुश्किल आसान हो जाती है।
In simple words: मुश्किल समय में भी सच बोलना चाहिए। सच बोलने से हमारा डर खत्म हो जाता है और बड़े भी हमारा विश्वास करते हैं।
Exam Tip: इस उत्तर में सत्य के नैतिक बल (Moral strength of truth) और उससे मिलने वाले मानसिक संतोष का वर्णन करें।
ध्यान से देखना-सुनना-अनुभव करना
Question (क). ‘हाँ’ या ‘नहीं’ प्रश्न उत्तर खेल की चरणबद्ध प्रक्रिया लिखिए।
Answer: यह पूरी तरह से व्यावहारिक क्रियाकलाप है। खेल के चरण इस प्रकार हैं:
1. सर्वप्रथम, एक छात्र कक्षा से बाहर प्रस्थान करेगा और परिसर में स्थित किसी विशिष्ट वस्तु अथवा स्थान का चयन करेगा।
2. वह छात्र पुनः कक्षा में प्रवेश कर उस नाम को एक छोटे पत्रक पर अंकित करेगा और ध्यान रखेगा कि वह नाम अन्य किसी को न दिखे।
3. कक्षा के बाकी छात्र क्रमवार तरीके से उस रहस्यमयी वस्तु का अनुमान लगाने के लिए तरह-तरह के सवाल पूछना शुरू करेंगे।
4. पूछे गए प्रत्येक प्रश्न का प्रत्युत्तर केवल 'स्वीकृति' (हाँ) अथवा 'अस्वीकृति' (नहीं) में ही दिया जा सकता है, जैसे - "क्या यह वस्तु विद्यालय के उपयोग की है?" या "क्या इसका सेवन किया जा सकता है?"
5. विद्यार्थियों के समूह को उस वस्तु का भेद जानने के लिए कुल मिलाकर अधिकतम बीस प्रश्न पूछने की अनुमति होगी।
6. यदि इस सीमा के भीतर छात्र सही वस्तु का नाम बूझ लेते हैं, तो वे इस खेल में विजयी घोषित होंगे।
7. इसके पश्चात, किसी अन्य छात्र को बाहर भेजकर इस पूरी प्रक्रिया को पुनः दोहराया जा सकता है।
8. खेल के समापन पर सभी विद्यार्थी मिलकर इस बौद्धिक खेल से प्राप्त अपने अनुभवों और सीख पर विचार-विमर्श करेंगे।
In simple words: इस खेल में एक बच्चा मन में कोई नाम सोचता है और बाकी बच्चे केवल 'हाँ' या 'नहीं' वाले सवाल पूछकर 20 बार में उस नाम का अंदाज़ा लगाते हैं।
Exam Tip: इस गतिविधि का उद्देश्य छात्रों की तर्कशक्ति और सही प्रश्न पूछने के कौशल का विकास करना है।
Question (ख). ‘स्पर्श, गंध और स्वाद से पहचानना’ गतिविधि की विधि समझाइए।
Answer: यह क्रियाकलाप पर आधारित गतिविधि है, जिसकी चरणबद्ध विधि निम्नलिखित है:
1. एक साफ थैली अथवा बक्से के भीतर विभिन्न प्रकार की चीजें (जैसे - कोई फल, सुगंधित पुष्प, रसोई के मसाले, छोटे खिलौने, परिधान, पुस्तक या मीठा गुड़) संचित करें।
2. छात्रों के नेत्रों पर एक साफ कपड़ा (पट्टी) बाँध दिया जाएगा और उन्हें केवल अपनी त्वचा से छूकर, नाक से सूंघकर अथवा जीभ से चखकर उस वस्तु का ठीक नाम बताना होगा।
3. एक-एक करके प्रत्येक छात्र को आगे आमंत्रित करें और उनकी आँखों को पट्टी से ढकें।
4. संदूक में से एक वस्तु निकालकर छात्र के हाथों में दें। वह अपनी ज्ञानेन्द्रियों की सहायता से उसका पता लगाने की चेष्टा करेगा।
5. सफलतापूर्वक नाम बताने के उपरांत छात्र शेष कक्षा को समझाएगा कि उसने किस विशेष संवेदन (स्पर्श, गंध या स्वाद) से उस वस्तु को पहचाना।
6. बारी-बारी से कक्षा के समस्त शिक्षार्थियों को भिन्न-भिन्न चीजों को पहचानने का यह मनोरंजक अवसर प्रदान किया जाए।
7. अंततः, सभी छिपी हुई वस्तुओं को सबके सामने रखकर इस बात पर चर्चा करें कि किस वस्तु को जानने में अधिक कठिनाई हुई और किसे पहचानना सबसे सुगम था।
In simple words: इस खेल में आँखें बंद करके केवल छूकर, सूंघकर या चखकर अलग-अलग चीजों को पहचानना होता है।
Exam Tip: यह गतिविधि हमारे शरीर की पाँच ज्ञानेन्द्रियों (Sense organs) की संवेदनशीलता और उनके महत्व को प्रायोगिक रूप से समझाती है।
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आज की पहेली
Question 1. वह कौन-सा प्राणी है जिसके लक्षण निम्नलिखित हैं?
1. इसकी लंबी पूँछ होती है जो पेड़ों की शाखाओं के चारों ओर लिपटी रहती है।
2. इसका मुख्य आहार कीट और छोटे जीव होते हैं जिन्हें यह चुपके से पकड़ता है।
3. यह प्राणी अपने परिवेश में घुल-मिल जाता है और अपनी रंगत को बदल सकता है।
4. इसके पास तेज आँखें होती हैं जो चारों दिशाओं में देख सकती हैं।
Answer: गिरगिट
इस विशिष्ट लक्षणों वाले जीव का नाम गिरगिट (Chameleon) है जो अपने शत्रुओं से बचने के लिए रंग बदलने की कला में पारंगत होता है।
In simple words: यह जीव गिरगिट है, जो अपनी सुरक्षा के लिए आसपास के माहौल के हिसाब से अपना रंग बदल लेता है।
Exam Tip: पहेली में दिए गए सुरागों (जैसे - रंग बदलना, चारों दिशाओं में देखने वाली आँखें) को जोड़कर सही उत्तर तक पहुँचें।
Question 2. रंगीन डिब्बे: एक मेज पर चार रंगीन डिब्बे बराबर-बराबर रखे हैं - लाल, हरा, नीला और पीला। बताइए पीले डिब्बे के बराबर में कौन-सा डिब्बा है? यदि -
1. लाल डिब्बा नीले डिब्बे के पास है।
2. हरा डिब्बा पीले डिब्बे के पास नहीं है।
3. पीला डिब्बा लाल डिब्बे के पास नहीं है।
4. हरा डिब्बा लाल डिब्बे के पास है।
Answer: नीला डिब्बा
दिए गए संकेतों के आधार पर डिब्बों का सही क्रम 'पीला - नीला - लाल - हरा' या 'हरा - लाल - नीला - पीला' बनता है। दोनों ही परिस्थितियों में, पीले डिब्बे के ठीक बगल में केवल नीला डिब्बा ही आता है।
In simple words: यदि हम सभी संकेतों को ध्यान से देखें, तो लाल डिब्बा बीच में रहेगा और पीले डिब्बे के ठीक बगल में हमेशा नीला डिब्बा ही आएगा।
Exam Tip: तार्किक पहेलियों को हल करने के लिए सभी संकेतों की मदद से वस्तुओं को एक काल्पनिक रेखा में व्यवस्थित करके देखें।
NCERT Solutions Class 7 Hindi Malhar Chapter 02 तीन बुद्धिमान (लोककथा)
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