NCERT Solutions Class 7 Hindi Malhar Chapter 01 माँ, कह एक कहानी (कविता)

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मेरी समझ से

Question (क)(1). माँ अपने बेटे को करुणा और न्याय की कहानी क्यों सुनाती है?
(a) राजाओं की कहानियों से उसका मनोरंजन करने के लिए।
(b) उसमें सही और गलत की समझ विकसित करने के लिए।
(c) उसे परिवार की विरासत और पूर्वजों के बारे में बताने के लिए।
(d) उसे प्रकृति और जानवरों के बारे में जानकारी देने के लिए।
Answer: (b) उसमें सही और गलत की समझ विकसित करने के लिए और (d) उसे प्रकृति और जानवरों के बारे में जानकारी देने के लिए।
In simple words: माँ अपने बेटे को यह कहानी इसलिए सुनाती है ताकि वह अच्छे और बुरे में अंतर करना सीख सके और जीव-जंतुओं के प्रति दया भाव रख सके।

Exam Tip: कविता के नैतिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए बहुविकल्पीय प्रश्नों में एक से अधिक सही विकल्पों को ध्यानपूर्वक पहचानें।

 

Question (क)(2). कविता में घायल पक्षी की कहानी का उपयोग किस लिए किया गया है?
(a) निर्दोष पक्षी के प्रति आखेटक की क्रूरता दिखाने के लिए।
(b) पिता की वीरता और साहस पर ध्यान दिलाने के लिए।
(c) करुणा और हिंसा के बीच के संघर्ष को दिखाने के लिए।
(d) मित्रता और निष्ठा के महत्व को उजागर करने के लिए।
Answer: (a) निर्दोष पक्षी के प्रति आखेटक की क्रूरता दिखाने के लिए और (c) करुणा और हिंसा के बीच के संघर्ष को दिखाने के लिए।
In simple words: घायल हंस की कहानी से हमें यह पता चलता है कि बिना बात किसी निर्दोष को सताना कितनी बुरी बात है और दया हमेशा क्रूरता से बड़ी होती है।

Exam Tip: काव्यात्मक संदेश को समझने के लिए मुख्य द्वंद्व (दया बनाम क्रूरता) पर विशेष ध्यान दें।

 

Question (क)(3). कविता के अंत तक पहुँचते-पहुँचते बच्चे को क्या समझ में आने लगता है?
(a) न्याय सदैव करुणा के साथ होना चाहिए।
(b) निर्णय लेते समय सदैव निडर रहना चाहिए।
(c) आखेटकों का सदैव विरोध करना चाहिए।
(d) जानवरों की हर स्थिति में रक्षा करनी चाहिए।
Answer: (a) न्याय सदैव करुणा के साथ होना चाहिए और (b) निर्णय लेते समय सदैव निडर रहना चाहिए।
In simple words: अंत में बालक यह सीख जाता है कि कोई भी फैसला लेते समय निडर होना चाहिए और हमेशा दयालुता का साथ देना चाहिए।

Exam Tip: बालक राहुल के चरित्र में आए बदलाव और उसकी अंतिम सीख को उत्तर का मुख्य आधार बनाएं।

 

Question (ख). हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुनें?
Answer: हमारे समूह में अलग-अलग राय हो सकती है, परंतु इन विकल्पों को चुनने के पीछे मुख्य तार्किक आधार कविता का केंद्रीय संदेश है:
- प्रथम प्रश्न के लिए 'उचित और अनुचित की सीख' तथा 'जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता' को चुना गया, क्योंकि माता अपने बालक को केवल बहलाने के लिए नहीं, बल्कि जीवन की अमूल्य सीख देने के लिए कथा कह रही थी।
- द्वितीय प्रश्न में 'बेकसूर पक्षी पर शिकारी के निर्दयी व्यवहार' तथा 'दया व क्रूरता के मध्य टकराव' को चुना गया, क्योंकि पूरी कविता इसी विरोधाभास के इर्द-गिर्द घूमती है कि मारने वाले से बचाने वाला बड़ा होता है।
- तीसरे सवाल में मैंने 'न्याय का पक्ष सदा दया के साथ होने' और 'फैसला करते समय भयमुक्त रहने' को चुना, क्योंकि अंत में बालक राहुल सत्य और दयालुता के मार्ग पर चलते हुए निडरता से अपना मत प्रकट करता है।
In simple words: यह कविता हमें केवल मनोरंजन नहीं देती बल्कि जीवों पर दया करना, सही का साथ देना और निडर होकर न्याय करना सिखाती है।

Exam Tip: चर्चा वाले प्रश्नों में अपने उत्तर की पुष्टि के लिए कविता की पंक्तियों का संदर्भ अवश्य दें।

 

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मिलकर करें मिलान

Question. इस कविता में माँ अपने पुत्र को उसके पिता की एक कहानी सुना रही हैं। क्या आप जानते हैं कि ये माँ, पुत्र और पिता कौन हैं? अपने समूह में इन पर चर्चा कीजिए और उन्हें पहचानकर सुमेलित कीजिए।
Answer:

पात्रये शब्द किनके लिए आए हैं
1. बेटासिद्धार्थ और यशोधरा के पुत्र राहुल
2. माँयशोधरा, एक राजकुमारी, सिद्धार्थ की पत्नी
3. तात (पिता)सिद्धार्थ, एक राजकुमार जो बाद में गौतम बुद्ध के नाम से प्रसिद्ध हुए
In simple words: कहानी सुनाने वाली माँ यशोधरा हैं, सुनने वाला बेटा राहुल है और जिनके बारे में कहानी है, वे पिता महात्मा बुद्ध (सिद्धार्थ) हैं।

Exam Tip: ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से जुड़े इन पात्रों के नामों को सही ढंग से याद रखना परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

 

पंक्तियों पर चर्चा

Question (क). "कोई निरपराध को मारे, तो क्यों अन्य उसे न उबारे? रक्षक पर भक्षक को वारे, न्याय दया का दानी!" इन पंक्तियों का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
Answer: इन पंक्तियों का भाव यह है कि यदि कोई व्यक्ति किसी बेकसूर और निर्दोष जीव पर प्रहार करता है, तो दूसरे संवेदनशील व्यक्ति का यह परम कर्तव्य बन जाता है कि वह आगे बढ़कर उस पीड़ित की रक्षा करे। न्याय सदा जीवन बचाने वाले (रक्षक) का पक्ष लेता है, न कि जीवन लेने वाले (भक्षक) का, क्योंकि वास्तविक न्याय सदा करुणा और दया की भावना पर टिका होता है।
In simple words: यदि कोई किसी बेकसूर को मारता है, तो हमें उसे बचाना चाहिए। बचाने वाले का स्थान मारने वाले से बहुत बड़ा होता है और न्याय भी दया का ही साथ देता है।

Exam Tip: 'रक्षक' और 'भक्षक' शब्दों के बीच के नैतिक अंतर को स्पष्ट करते हुए व्याख्या लिखें।

 

Question (ख). "हुआ विवाद सदय-निर्दय में, उभय आग्रही थे स्वविषय में, गई बात तब न्यायालय में" इन पंक्तियों का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
Answer: इस अंश का अर्थ है कि दयालु सिद्धार्थ और निर्दयी शिकारी के बीच घायल हंस के मालिकाना हक को लेकर तीखी बहस छिड़ गई। दोनों ही अपनी-अपनी बात पर पूरी तरह अडिग थे - शिकारी अपने शिकार पर अधिकार जता रहा था और सिद्धार्थ अपने द्वारा बचाए गए जीवन पर। जब आपस में कोई समाधान नहीं निकला, तो यह मामला निर्णय के लिए राजा के दरबार (अदालत) में पहुँचा।
In simple words: दयालु बचाने वाले और निर्दयी शिकारी के बीच झगड़ा इतना बढ़ गया कि दोनों पीछे हटने को तैयार नहीं थे, इसलिए वे न्याय के लिए राजा के पास गए।

Exam Tip: 'सदय' और 'निर्दय' के वैचारिक मतभेद को रेखांकित करना व्याख्या में पूरे अंक दिलाता है।

 

सोच-विचार के लिए

Question (क). आपके विचार से इस कविता में कौन-सी पंक्ति सबसे महत्वपूर्ण है? आप उसे ही सबसे महत्वपूर्ण क्यों मानते हैं?
Answer: मेरे दृष्टिकोण से इस काव्य की सबसे महत्वपूर्ण पंक्ति "न्याय दया का दानी" है। मैं इसे सर्वश्रेष्ठ इसलिए मानता हूँ क्योंकि यह संपूर्ण कविता के मूल दर्शन और संदेश को प्रकट करती है। यह पंक्ति हमें सिखाती है कि सच्चा न्याय केवल शुष्क और कठोर नियमों पर नहीं चलता, बल्कि उसमें मानवीय संवेदनशीलता, करुणा और सहानुभूति का समावेश होना अनिवार्य है।
In simple words: सबसे जरूरी पंक्ति "न्याय दया का दानी" है, क्योंकि यह सिखाती है कि सच्चा फैसला वही है जिसमें दया और भलाई की भावना शामिल हो।

Exam Tip: अपने उत्तर को प्रभावशाली बनाने के लिए पंक्ति के दार्शनिक महत्व को संक्षेप में स्पष्ट करें।

 

Question (ख). आखेटक और बच्चे के पिता के बीच तर्क-वितर्क क्यों हुआ था?
Answer: शिकारी और बालक के पिता के बीच विवाद का कारण एक घायल हंस था। शिकारी का तर्क था कि उसने बाण चलाकर पक्षी को गिराया है, इसलिए शिकार के नियम के अनुसार वह उसका है। इसके विपरीत, बालक के पिता का तर्क था कि उन्होंने तड़पते हुए हंस की जान बचाई है और उसकी सेवा की है, इसलिए रक्षक होने के नाते हंस पर उनका पहला अधिकार है।
In simple words: शिकारी का कहना था कि हंस उसका है क्योंकि उसने उसे मारा था, जबकि पिता कह रहे थे कि हंस उनका है क्योंकि उन्होंने उसकी जान बचाई थी।

Exam Tip: उत्तर में रक्षक (सिद्धार्थ) और भक्षक (आखेटक) दोनों के पक्षों को संतुलित रूप से प्रस्तुत करें।

 

Question (ग). माँ ने पुत्र से "राहुल, तू निर्णय कर इसका" क्यों कहा?
Answer: माता यशोधरा ने राहुल से यह बात इसलिए कही ताकि वह केवल कहानी का आनंद न ले, बल्कि उसमें छिपे नैतिक मूल्यों और धर्मसंकट पर स्वयं विचार करे। वे चाहती थीं कि राहुल अपने विवेक और बुद्धि का उपयोग कर यह समझे कि न्याय का वास्तविक स्वरूप क्या होना चाहिए, जिससे उसके भीतर सही और गलत की स्वतंत्र समझ विकसित हो सके।
In simple words: माँ चाहती थीं कि राहुल खुद सोचे और समझे कि इस मामले में किसका पक्ष सही है, जिससे उसकी बुद्धि और सोचने की शक्ति का विकास हो।

Exam Tip: उत्तर में 'नैतिक विवेक का विकास' और 'स्वतंत्र निर्णय क्षमता' जैसे बिंदुओं पर बल दें।

 

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Question (घ). यदि कहानी में आप उपवन में होते तो घायल हंस की सहायता के लिए क्या करते? आपके अनुसार न्याय कैसे किया जा सकता था?
Answer: यदि मैं उस बगीचे में उपस्थित होता, तो मैं भी राहुल के पिता की तरह ही उस तड़पते हुए हंस को तुरंत उठाकर प्यार से सहलाता, उसके शरीर से तीर निकालता और उसके घावों पर मरहम लगाता। मेरे अनुसार न्याय का एकमात्र सही तरीका यही होता कि हंस को जीवन दान देने वाले रक्षक को सौंप दिया जाता, क्योंकि किसी जीव को जीवन देने का स्थान उसकी जान लेने की कोशिश करने वाले से हमेशा श्रेष्ठ होता है।
In simple words: मैं भी उस घायल हंस का इलाज करता और उसे पानी पिलाता। सही न्याय यही होता कि पक्षी उसे मिले जिसने उसकी जान बचाई है।

Exam Tip: इस प्रकार के कल्पना-आधारित प्रश्नों में संवेदनशीलता और सहानुभूति प्रदर्शित करने वाले शब्दों का प्रयोग करें।

 

Question (ङ). कविता में माँ और बेटे के बीच बातचीत से उनके बारे में क्या-क्या पता चलता है?
Answer: माँ और बेटे के संवाद से उनके चरित्र की निम्नलिखित बातें स्पष्ट होती हैं:
- बालक राहुल: वह अत्यंत जिज्ञासु, नया जानने की प्रबल इच्छा रखने वाला और थोड़ा हठी स्वभाव का है, जो अपनी माता से बेहद स्नेह करता है।
- माता यशोधरा: वे अत्यंत धैर्यवान, बुद्धिमान और स्नेही माँ हैं। वे अपने पुत्र को केवल काल्पनिक कहानियों से बहलाती नहीं हैं, बल्कि उसे जीवन के गहरे नैतिक पाठ और न्यायप्रियता की शिक्षा देती हैं।
In simple words: राहुल एक जिद्दी और नया सीखने की चाह रखने वाला बच्चा है, जबकि उसकी माँ बहुत समझदार हैं जो कहानी के जरिए उसे अच्छी बातें सिखाती हैं।

Exam Tip: दोनों पात्रों की विशेषताओं को अलग-अलग शीर्षकों के अंतर्गत बिंदुवार स्पष्ट करें।

 

अनुमान और कल्पना से

Question (क). माँ ने अपने बेटे को कहानी सुनाते समय अंत में कहानी को स्वयं पूरा नहीं किया, बल्कि उसी से निर्णय करने के लिए कहा। यदि आप किसी को यह कहानी सुना रहे होते तो कहानी को आगे कैसे बढ़ाते?
Answer: यदि मैं यह कहानी किसी को सुना रहा होता, तो राहुल द्वारा न्याय का पक्ष लेने के बाद इसे इस प्रकार आगे बढ़ाता:
जब बालक राहुल ने निडर होकर कहा कि बचाने वाले का हक बड़ा होता है, तो माँ ने मुस्कुराते हुए उसे गले से लगा लिया। राजा के दरबार में भी यही हुआ। जब शिकारी ने अपने बाण का दावा पेश किया और सिद्धार्थ ने प्राण बचाने का तर्क दिया, तो राजा ने सभासदों से विचार-विमर्श किया। सभी ने एक स्वर में माना कि जीवित रहने का अधिकार सर्वोपरि है और दया ही न्याय का मूल है। अतः राजा ने घायल हंस सिद्धार्थ को सौंपने का आदेश दिया और शिकारी को भविष्य में जीवों पर दया करने की चेतावनी दी। इस तरह सत्य और करुणा की जीत हुई।
In simple words: राजा के दरबार में भी यही फैसला हुआ कि हंस बचाने वाले को ही मिलेगा। शिकारी को अपनी गलती का अहसास कराया गया और हंस को सिद्धार्थ के पास छोड़ दिया गया।

Exam Tip: कहानी का काल्पनिक विस्तार करते समय मूल कथानक के संदेश (करुणा की विजय) को बनाए रखें।

 

Question (ख). मान लीजिए कि कहानी में हंस और तीर चलाने वाले के बीच बातचीत हो रही है। कल्पना से बताइए कि जब उसने हंस को तीर से घायल किया तो उसमें और हंस में क्या-क्या बातचीत हुई होगी? उन्होंने एक-दूसरे को क्या-क्या तर्क दिए होंगे?
Answer: घायल हंस और शिकारी के बीच की काल्पनिक बातचीत कुछ इस प्रकार हो सकती है:
- हंस (दर्द से कराहते हुए): हे मानव! तुमने मुझ निष्पाप पक्षी पर यह प्राणघातक बाण क्यों चलाया? मैंने तो तुम्हारा कोई अहित नहीं किया था, मैं तो बस मुक्त आकाश में आनंद से उड़ रहा था।
- शिकारी (गर्व से): चुप रहो पक्षी! तुम मेरा शिकार हो। मेरा निशाना अचूक है और अब तुम्हारी देह पर मेरा पूरा अधिकार है।
- हंस: किसी बेजुबान का जीवन छीनना कैसा अधिकार है? तुम्हें अपने कौशल पर घमंड है, पर तुम्हारी यह कला विनाश लाती है। प्रकृति में जीने का अधिकार सभी को समान रूप से मिला है।
- शिकारी: प्रकृति का यही चक्र है। मैं शिकारी हूँ और तुम मेरा लक्ष्य। मैं अपनी आजीविका और कौशल प्रदर्शन के लिए शिकार करता हूँ।
- हंस: किसी मासूम की हत्या से मिला यश वास्तव में पाप है। भूख मिटाने के और भी कई तरीके हैं, परंतु तुमने एक जीवन को नष्ट करना चुना। दूसरों को पीड़ा देकर कभी सच्ची शांति नहीं मिलती।
In simple words: हंस शिकारी से पूछता है कि उसने उसे बिना वजह क्यों चोट पहुँचाई, जबकि शिकारी शिकार को अपना अधिकार बताता है। हंस उसे समझाता है कि बेकसूरों को तड़पाने से कभी खुशी नहीं मिलती।

Exam Tip: संवादों को लिखते समय दोनों पक्षों के दृष्टिकोण को तार्किक और संवेदनशील रूप से प्रस्तुत करें।

 

Question (ग). मान लीजिए कि माँ ने जो कहानी सुनाई है, आप भी उसके एक पात्र हैं। आप कौन-सा पात्र बनना चाहेंगे? और क्यों?
Answer: मैं इस कहानी में 'घायल पक्षी के रक्षक' (सिद्धार्थ) का पात्र बनना पसंद करूँगा। इसका मुख्य कारण यह है कि संसार में किसी असहाय, घायल और पीड़ित जीव की रक्षा करना और उसे नया जीवन देना सबसे बड़ा धर्म है। शिकारी का व्यवहार क्रूरता का प्रतीक है, जबकि रक्षक का आचरण प्रेम और करुणा का मार्ग दिखाता है। इस पात्र के रूप में मुझे एक बेजुबान की जान बचाने और न्याय के सिद्धांतों को समाज में स्थापित करने का सुखद अनुभव प्राप्त होता, जो मन को सच्ची संतुष्टि देता है।
In simple words: मैं रक्षक (बचाने वाला) बनना चाहूँगा क्योंकि किसी असहाय जीव की जान बचाना और उसकी सेवा करना सबसे पुण्य का काम है।

Exam Tip: पात्र के चयन के पीछे अपने व्यक्तिगत नैतिक मूल्यों और दृष्टिकोण को स्पष्टता के साथ प्रस्तुत करें।

 

संवाद

Question. इस कविता में एक माँ और उसके पुत्र का संवाद दिया गया है। कविता में दिए गए संवादों को पहचानिए कि कौन-सा कथन किसने कहा है और उसे दी गई तालिका में लिखिए।
Answer:

पुत्र द्वारा कहे गए कथनमाँ द्वारा कहे गए कथन
1. “माँ, कह एक कहानी।”1. “बेटा, समझ लिया क्या तूने मुझको अपनी नानी?”
2. “कहती है मुझसे यह चेटी, तू मेरी नानी की बेटी! कह माँ, कह, लेटी ही लेटी, राजा था या रानी? माँ, कह एक कहानी।”2. “तू है हठी मानधन मेरे, सुन, उपवन में बड़े सवेरे, तात भ्रमण करते थे तेरे, जहाँ, सुरभि मनमानी।”
3. “जहाँ सुरभि मनमानी? हाँ, माँ, यही कहानी।”3. “वर्ण वर्ण के फूल खिले थे, झलमल कर हिम-बिंदु झिले थे, हलके झोंके हिले-मिले थे, लहराता था पानी।”
4. “लहराता था पानी? हाँ, हाँ, यही कहानी।”4. “गाते थे खग कल कल स्वर से, सहसा एक हंस ऊपर से, गिरा, बिद्ध होकर खर-शर से, हुई पक्ष की हानि!”
5. “हुई पक्ष की हानि? करुणा-भरी कहानी!”5. “चौंक उन्होंने उसे उठाया, नया जन्म-सा उसने पाया। इतने में आखेटक आया, लक्ष्य-सिद्धि का मानी।”
6. “लक्ष्य-सिद्धि का मानी? कोमल-कठिन कहानी।”6. “माँगा उसने आहत पक्षी, तेरे तात किंतु थे रक्षी। तब उसने, जो था खगभक्षी - हठ करने की ठानी।”
7. “हठ करने की ठानी? अब बढ़ चली कहानी!”7. “हुआ विवाद सदय-निर्दय में, उभय आग्रही थे स्वविषय में, गई बात तब न्यायालय में, सुनी सभी ने जानी।”
8. “सुनी सभी ने जानी? व्यापक हुई कहानी।”8. “राहुल, तू निर्णय कर इसका - न्याय पक्ष लेता है किसका? कह दे निर्भय, जय हो जिसका। सुन लूँ तेरी बानी।”
In simple words: कविता में बेटा लगातार उत्सुकता से सवाल पूछता है और माँ एक-एक करके काव्यमयी भाषा में उसके सवालों का जवाब देती जाती हैं।

Exam Tip: संवादों को याद रखने के लिए कविता की लय और कड़ियों को आपस में जोड़कर पढ़ने का अभ्यास करें।

 

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शब्द से जुड़े शब्द

Question. नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में प्रकृति से जुड़े शब्द कविता में से चुनकर लिखिए -
Answer: कविता में प्रकृति के सौंदर्य का वर्णन करने के लिए कई सुंदर शब्दों का प्रयोग किया गया है, जिन्हें नीचे दिए गए रेखाचित्र में दर्शाया गया है:

प्रकृति फूल उपवन हिम-बिंदु पानी खग (पक्षी) हंस सुरभि (सुगंध)
In simple words: कविता में पेड़-पौधों और पर्यावरण से जुड़े जो शब्द आए हैं, वे हैं - फूल, उपवन, पानी, खग, हंस, सुरभि और हिम-बिंदु।

Exam Tip: रेखाचित्र वाले प्रश्नों में शब्दों को साफ-साफ और आकर्षक ढंग से प्रस्तुत करने पर अच्छे अंक मिलते हैं।

 

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पंक्ति से पंक्ति

Question. नीचे स्तंभ 1 और स्तंभ 2 में कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं। मिलती-जुलती पंक्तियों को सुमेलित कीजिए -
Answer: स्तंभ 1 की काव्य पंक्तियों का स्तंभ 2 के सरल अर्थों से सही मिलान इस प्रकार है:

स्तंभ 1 (काव्य पंक्ति)स्तंभ 2 (सरल अर्थ)
1. कहती है मुझसे यह चेटीयह सेविका मुझसे यह कहती है।
2. तू है हठी मानधन मेरेहे मेरे पुत्र, तू बहुत हठ करता है।
3. झलमल कर हिम-बिंदु झीले थेहिम-कण/ओस की बूंदें झिलमिला रही थीं।
4. गिरा, बिद्ध होकर खर-शर सेतेज धार वाले तीर से घायल होकर गिर गया।
5. हुआ विवाद सदय-निर्दय मेंदयालु और निर्दयी व्यक्ति में झगड़ा हुआ।
6. कह दे निर्भय, जय हो जिसका।तू बिना डरे कह दे कि जीत किसकी होनी चाहिए।
7. तूने गुनी कहानी।तूने कहानी को समझ लिया है।
8. उभय आग्रही थे स्वविषय मेंदोनों ही अपनी-अपनी बात पर अड़े हुए थे।
9. तब उसने, जो था खगभक्षी हठ करने की ठानी।तब उस तीर चलाने वाले ने हठ करने का निश्चय कर लिया।
10. रक्षक पर भक्षक को वारे न्याय दया का दानी!न्याय में दया सम्मिलित होती है, न्याय मारने वाले के स्थान पर बचाने वाले का पक्ष लेता है।
In simple words: कविता की कठिन भाषा को सरल वाक्यों से मिलाया गया है, ताकि हर पंक्ति का अर्थ आसानी से समझा जा सके।

Exam Tip: मिलान करते समय मुख्य शब्दों जैसे 'चेटी' (सेविका) और 'खर-शर' (तेज तीर) के अर्थ पर विशेष ध्यान दें।

 

कविता की रचना

Question (क). इस कविता को एक बार पुनः पढ़िए और अपने समूह में मिलकर इस कविता की विशेषताओं की सूची बनाइए।
Answer: इस कविता की प्रमुख कलात्मक और विषयगत विशेषताएं इस प्रकार हैं:
1. संवादात्मक शैली: संपूर्ण कविता माँ और पुत्र के बीच अत्यंत रोचक संवाद के रूप में आगे बढ़ती है।
2. वर्णनात्मक शैली: कविता में प्रात:काल के उपवन, ओस की बूंदों और पक्षियों का सजीव व चित्रमयी वर्णन किया गया है।
3. पुनरावृत्ति का सौंदर्य: "हाँ, हाँ, यही कहानी" और "माँ, कह एक कहानी" जैसी पंक्तियों की आवृत्ति कविता के भाव को गहरा करती है।
4. लय और तुकबंदी: कविता के चरणों के अंत में सुंदर तुकांत शब्द (जैसे नानी-कहानी, पानी-मानी) इसके गायन को सुगम बनाते हैं।
5. विलोम शब्दों का प्रयोग: 'सदय-निर्दय' और 'कोमल-कठिन' जैसे परस्पर विपरीत शब्दों का प्रयोग करके भावों को अधिक प्रभावी बनाया गया है।
6. नैतिक मूल्य: यह कविता केवल मनोरंजन नहीं करती, बल्कि बच्चों के मन में दया, अहिंसा और न्याय के गहरे बीज बोती है।
In simple words: इस कविता की खूबियां यह हैं कि यह गीत की तरह गाई जा सकती है, इसमें माँ-बेटे की प्यारी बातचीत है और यह हमें जीवों पर दया करना सिखाती है।

Exam Tip: कविता की विशेषताओं को लिखते समय भाषा शैली, काव्य सौंदर्य और उसके नैतिक संदेश दोनों पहलुओं को शामिल करें।

 

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Question (ख). नीचे इस कविता की कुछ विशेषताएँ और वे पंक्तियाँ दी गई हैं जिनमें ये विशेषताएँ दिखाई देती हैं। विशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान कीजिए।
Answer: कविता की विशेषताओं का उनसे संबंधित सही पंक्तियों के साथ मिलान निम्नलिखित तालिका में प्रस्तुत है:

कविता की विशेषताएँकविता की पंक्तियाँ
1. संवाद दिए गए हैं।“बेटा, समझ लिया क्या तूने मुझको अपनी नानी? कहती है मुझसे यह चेटी, तू मेरी नानी की बेटी!”
2. पंक्ति के अंतिम शब्द की ध्वनि आपस में मिलती-जुलती है (तुकांत शब्द)।“हुई पक्ष की हानि।” (इसका तुक 'कहानी' और 'बानी' से मिलता है)
3. कुछ शब्द दो बार और साथ-साथ आए हैं।“वर्ण-वर्ण के फूल खिले थे, हलके झोंके हिले-मिले थे” (यहाँ 'वर्ण-वर्ण' और 'हिले-मिले' शब्द आए हैं)
4. कुछ विपरीतार्थक शब्द साथ-साथ आए हैं।“हुआ विवाद सदय-निर्दय में” तथा “कोमल-कठिन कहानी।”
5. प्रकृति का वर्णन किया गया है।“वर्ण वर्ण के फूल खिले थे, झलमल कर हिम-बिंदु झिले थे, हलके झोंके हिले-मिले थे, लहराता था पानी।”
6. एक ही वर्ण से शुरू होने वाले एक से अधिक शब्द एक ही पंक्ति में आए हैं (अनुप्रास अलंकार)।“वर्ण वर्ण के फूल खिले थे” (यहाँ 'व' वर्ण की आवृत्ति हुई है)
7. प्रश्न-उत्तर दिए गए हैं।“बेटा, समझ लिया क्या तूने मुझको अपनी नानी?”
In simple words: कविता में तुकबंदी, एक जैसे शब्दों की आवृत्ति और संवाद जैसी खूबियों का बहुत सुंदर प्रयोग करके इसे सजाया गया है।

Exam Tip: अलंकारों और तुकांत शब्दों के उदाहरणों को कविता से चुनते समय मात्राओं की शुद्धता का विशेष ध्यान रखें।

 

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रूप बदलकर

Question. "वर्ण वर्ण के फूल खिले थे, झलमल कर हिम-बिंदु झिले थे, हलके झोंके हिले-मिले थे, लहराता था पानी।" कविता के इस पद को एक सुंदर अनुच्छेद (गद्य) के रूप में बदलिए।
Answer: इस काव्यांश का गद्य रूप इस प्रकार है:
सुंदर बगीचे में चारों तरफ रंग-बिरंगे और अलग-अलग जातियों के पुष्प खिले हुए थे। उन फूलों के ऊपर ओस की नन्हीं बूंदें इस प्रकार चमक रही थीं मानो अनगिनत मोती झिलमिला रहे हों। सुबह की मंद और शीतल हवा के हल्के झोंके बह रहे थे, जिससे वे फूल आपस में झूमते हुए खेल रहे थे। वहीं पास के सरोवर में पानी की लहरें उठ रही थीं जो पूरे दृश्य को जीवंत बना रही थीं। इस मनोहारी वातावरण को देखकर मन आनंद से भर जाता था।
In simple words: उपवन में रंग-बिरंगे फूल खिले थे जिन पर ओस की बूंदें मोतियों जैसी चमक रही थीं। ठंडी हवा चल रही थी और पास में पानी लहरा रहा था।

Exam Tip: कविता को गद्य (अनुच्छेद) में बदलते समय उसके कठिन शब्दों को हटाकर उनके सरल और प्रवाहमयी अर्थों का प्रयोग करना चाहिए।

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Is it possible to download the Hindi NCERT solutions for Class 7 as a PDF?

Yes, you can download the entire NCERT Solutions Class 7 Hindi Malhar Chapter 01 माँ, कह एक कहानी (कविता) in printable PDF format for offline study on any device.