Step-by-Step Textbook Solutions for Class 11 Mathematics Chapter 08 अनुक्रम तथा श्रेणी
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Question 1: सभी \( x, y \in \mathbb{N} \) के लिए \( f(x + y) = f(x)f(y) \) को संतुष्ट करता हुआ \( f \) एक ऐसा फलन है कि \( f(1) = 3 \) एवं \( \sum_{x=1}^{n} f(x) = 120 \) तो \( n \) का मान ज्ञात कीजिए।
Answer:
दिया गया फलन है:
\( f(x + y) = f(x)f(y) \quad \text{जहाँ } x, y \in \mathbb{N} \) ... (1)
दिया है कि \( f(1) = 3 \)
समीकरण (1) में \( x = y = 1 \) रखने पर:
\( f(1 + 1) = f(2) = f(1)f(1) = 3 \times 3 = 9 = 3^2 \)
इसी प्रकार,
\( f(3) = f(1 + 2) = f(1)f(2) = 3 \times 9 = 27 = 3^3 \)
\( f(4) = f(1 + 3) = f(1)f(3) = 3 \times 27 = 81 = 3^4 \)
अतः \( f(1), f(2), f(3), \dots \) अर्थात् \( 3, 9, 27, \dots \) एक गुणोत्तर श्रेणी बनाते हैं जिसका प्रथम पद \( 3 \) और सार्व अनुपात \( 3 \) है।
अब, \( \sum_{x=1}^{n} f(x) = 120 \)
\( \Rightarrow f(1) + f(2) + f(3) + \dots + f(n) = 120 \)
\( \Rightarrow 3 + 3^2 + 3^3 + \dots + 3^n = 120 \)
\( \Rightarrow \frac{3(3^n - 1)}{3 - 1} = 120 \)
\( \Rightarrow \frac{3(3^n - 1)}{2} = 120 \)
\( \Rightarrow 3(3^n - 1) = 240 \)
\( \Rightarrow 3^n - 1 = 80 \)
\( \Rightarrow 3^n = 81 \)
\( \Rightarrow 3^n = 3^4 \)
\( \Rightarrow n = 4 \)
अतः \( n \) का मान \( 4 \) है।
मुख्य बिंदु:
• फलन के गुणों का उपयोग करके गुणोत्तर श्रेणी (G.P.) की पहचान करना।
• गुणोत्तर श्रेणी के प्रथम \( n \) पदों के योग के सूत्र का प्रयोग करना।
• घातांक के नियमों का उपयोग करके अज्ञात \( n \) का मान निकालना।
आम गलतियाँ:
• फलन के मानों को श्रेणी में बदलते समय गुणा की जगह योग कर देना।
• G.P. के योग के सूत्र में मान रखते समय गलती करना।
• आधार समान होने पर घातों की तुलना न कर पाना।
Exam Tips:
a) फलन वाले प्रश्नों में पहले कुछ मान (जैसे \( f(1), f(2) \) आदि) ज्ञात करके श्रेणी का स्वरूप स्पष्ट लिखें।
b) योग का सूत्र लिखते समय स्पष्ट रूप से दिखाएँ कि सार्व अनुपात \( r \) एक से बड़ा है या छोटा।
c) अंत में उत्तर को स्पष्ट रूप से हाइलाइट करें।
Question 2: गुणोत्तर श्रेणी के कुछ पदों का योग \( 315 \) है, उसका प्रथम पद तथा सार्व अनुपात क्रमशः \( 5 \) तथा \( 2 \) हैं। अंतिम पद तथा पदों की संख्या ज्ञात कीजिए।
Answer:
दिया गया है कि प्रथम पद \( a = 5 \) और सार्व अनुपात \( r = 2 \) ।
माना गुणोत्तर श्रेणी के \( n \) पदों का योग \( 315 \) है।
\( \because S_n = \frac{a(r^n - 1)}{r - 1} \)
\( \Rightarrow \frac{5(2^n - 1)}{2 - 1} = 315 \)
\( \Rightarrow 5(2^n - 1) = 315 \)
\( \Rightarrow 2^n - 1 = 63 \)
\( \Rightarrow 2^n = 64 \)
\( \Rightarrow 2^n = 2^6 \)
\( \Rightarrow n = 6 \)
चूँकि पदों की संख्या \( n = 6 \) है, अतः G.P. का अंतिम पद \( a_n = ar^{n-1} \) होगा:
\( a_6 = (5)(2)^{6-1} = (5)(2)^5 = (5)(32) = 160 \)
अतः गुणोत्तर श्रेणी का अंतिम पद \( 160 \) है।
मुख्य बिंदु:
• गुणोत्तर श्रेणी के योग के सूत्र का उपयोग करके पदों की संख्या \( n \) ज्ञात करना।
• \( n \) वाँ पद निकालने के लिए मानक सूत्र \( a_n = ar^{n-1} \) का प्रयोग करना।
• आधार को समान बनाकर घातों की तुलना करना।
आम गलतियाँ:
• \( 2^n - 1 = 63 \) से \( 2^n = 64 \) प्राप्त करने में पक्षांतर की गलती करना।
• \( 2^5 \) या \( 2^6 \) का मान निकालते समय गणना की त्रुटि करना।
Exam Tips:
a) सभी दिए गए मानों (जैसे \( a, r, S_n \)) को हल की शुरुआत में स्पष्ट रूप से लिखें।
b) घातीय समीकरणों को हल करते समय दोनों पक्षों के आधार को समान बनाने का प्रयास करें।
c) अंतिम पद और पदों की संख्या दोनों को अलग-अलग स्पष्ट रूप से दर्शाएँ।
Question 3: किसी गुणोत्तर श्रेणी का प्रथम पद \( 1 \) है। तीसरे एवं पाँचवें पदों का योग \( 90 \) हो तो गुणोत्तर श्रेणी का सार्व अनुपात ज्ञात कीजिए।
Answer:
माना \( a \) और \( r \) दिए गए गुणोत्तर श्रेणी के क्रमशः प्रथम पद और सार्व अनुपात हैं।
\( \therefore a = 1 \)
श्रेणी का तीसरा पद \( a_3 = ar^2 = r^2 \) (चूँकि \( a = 1 \))
श्रेणी का पाँचवां पद \( a_5 = ar^4 = r^4 \)
प्रश्नानुसार, तीसरे एवं पाँचवें पदों का योग \( 90 \) है:
\( \Rightarrow r^2 + r^4 = 90 \)
\( \Rightarrow r^4 + r^2 - 90 = 0 \)
यह \( r^2 \) में एक द्विघात समीकरण है। मान लीजिए \( r^2 = x \), तब:
\( x^2 + x - 90 = 0 \)
\( \Rightarrow (x + 10)(x - 9) = 0 \)
\( \Rightarrow x = -10 \) या \( x = 9 \)
चूँकि \( r^2 = x \), इसलिए:
\( r^2 = -10 \) (जो कि संभव नहीं है क्योंकि वास्तविक संख्या का वर्ग ऋणात्मक नहीं हो सकता)
अतः \( r^2 = 9 \)
\( \Rightarrow r = \pm 3 \)
अतः गुणोत्तर श्रेणी का सार्व अनुपात \( \pm 3 \) है।
मुख्य बिंदु:
• \( n \) वें पद के सूत्र का उपयोग करके \( a_3 \) और \( a_5 \) ज्ञात करना।
• द्विघात समीकरण में बदलकर समीकरण को सरल करना।
• अवास्तविक (ऋणात्मक वर्ग) मान को छोड़कर केवल वास्तविक मान लेना।
आम गलतियाँ:
• \( r^2 = -10 \) को भी वास्तविक मान मानकर आगे हल कर देना।
• सार्व अनुपात में धनात्मक और ऋणात्मक दोनों चिह्न \( \pm \) लगाना भूल जाना।
Exam Tips:
a) जब समीकरण की घात अधिक हो, तो प्रतिस्थापन विधि (जैसे \( r^2 = x \)) का उपयोग करें।
b) अयोग्य मानों को हटाने के लिए उचित कारण (जैसे वास्तविक मान) अवश्य लिखें।
c) सार्व अनुपात में \( \pm \) दोनों चिह्नों को ध्यान में रखें।
Question 4: किसी गुणोत्तर श्रेणी के तीन पदों का योग \( 56 \) है। यदि हम क्रम से इन संख्याओं में से \( 1, 7, 21 \) घटाएँ तो हमें एक समांतर श्रेणी प्राप्त होती है। संख्याएँ ज्ञात कीजिए।
Answer:
माना गुणोत्तर श्रेणी के तीन पद क्रमशः \( \frac{a}{r}, a, ar \) हैं।
प्रश्नानुसार, इन पदों का योग \( 56 \) है:
\( \Rightarrow \frac{a}{r} + a + ar = 56 \)
\( \Rightarrow a\left(\frac{1}{r} + 1 + r\right) = 56 \) ... (1)
प्रश्नानुसार, यदि इन संख्याओं में से क्रमशः \( 1, 7, 21 \) घटाया जाए, तो संख्याएँ \( \frac{a}{r} - 1, a - 7, ar - 21 \) बनती हैं, जो कि समांतर श्रेणी (A.P.) में हैं।
अतः समांतर श्रेणी के प्रतिबंध से (मध्य पद का दोगुना = बाएँ और दाएँ पद का योग):
\( 2(a - 7) = \left(\frac{a}{r} - 1\right) + (ar - 21) \)
\( \Rightarrow 2a - 14 = \frac{a}{r} + ar - 22 \)
\( \Rightarrow \frac{a}{r} + ar - 2a = -14 + 22 \)
\( \Rightarrow \frac{a}{r} + ar - 2a = 8 \)
\( \Rightarrow a\left(\frac{1}{r} + r\right) - 2a = 8 \) ... (2)
समीकरण (1) को समीकरण (2) से भाग देने पर:
\( \frac{a(1 + r + r^2)/r}{a(1 + r^2 - 2r)/r} = \frac{56}{8} \)
\( \Rightarrow \frac{1 + r + r^2}{1 + r^2 - 2r} = 7 \)
\( \Rightarrow 1 + r + r^2 = 7(1 + r^2 - 2r) \)
\( \Rightarrow 1 + r + r^2 = 7 + 7r^2 - 14r \)
\( \Rightarrow 6r^2 - 15r + 6 = 0 \)
\( \Rightarrow 2r^2 - 5r + 2 = 0 \)
\( \Rightarrow 2r^2 - 4r - r + 2 = 0 \)
\( \Rightarrow 2r(r - 2) - 1(r - 2) = 0 \)
\( \Rightarrow (2r - 1)(r - 2) = 0 \)
\( \Rightarrow r = 2 \) या \( r = \frac{1}{2} \)
स्थिति 1: यदि \( r = 2 \), समीकरण (1) से \( a = 16 \), इसलिए संख्याएँ \( 8, 16, 32 \) हैं।
स्थिति 2: यदि \( r = \frac{1}{2} \), समीकरण (1) से \( a = 16 \), इसलिए संख्याएँ \( 32, 16, 8 \) हैं।
अतः दोनों स्थितियों में तीनों संख्याएँ \( 8, 16 \) और \( 32 \) हैं।
मुख्य बिंदु:
• G.P. के तीन पदों को \( \frac{a}{r}, a, ar \) मानना जिससे गणना आसान हो जाती है।
• A.P. की शर्त का उपयोग करके समीकरण बनाना।
• समीकरणों को भाग देकर \( r \) का द्विघात समीकरण प्राप्त करना।
आम गलतियाँ:
• A.P. के प्रतिबंध में पदों को जोड़ते समय चिह्न की गलती करना।
• समीकरणों को भाग देते समय \( a \) या अन्य पदों को सही से न काटना।
• दोनों संभव मानों (\( 2 \) और \( \frac{1}{2} \)) के लिए उत्तर न लिखना।
Exam Tips:
a) जब तीन पद G.P. में मानने हों, तो हमेशा \( \frac{a}{r}, a, ar \) का ही चयन करें।
b) समीकरणों को हल करने के लिए अनुपात (भाग) विधि सबसे प्रभावी होती है।
c) दोनों मानों के लिए संख्याएँ लिखकर दिखाएँ।
Question 5: किसी गुणोत्तर श्रेणी के पदों की संख्या सम है। यदि उसके सभी पदों का योगफल, विषम स्थान पर रखे पदों के योगफल का \( 5 \) गुना है, तो सार्व अनुपात ज्ञात कीजिए।
Answer:
माना गुणोत्तर श्रेणी के पदों की संख्या \( 2n \) है और श्रेणी \( T_1, T_2, T_3, T_4, \dots, T_{2n} \) है, जिसके पद \( a, ar, ar^2, ar^3, \dots \) हैं।
प्रश्नानुसार, सभी पदों का योग = \( 5 \times \) (विषम स्थानों पर रखे पदों का योग)
\( \Rightarrow (T_1 + T_2 + T_3 + \dots + T_{2n}) = 5(T_1 + T_3 + \dots + T_{2n-1}) \)
\( \Rightarrow \frac{a(r^{2n} - 1)}{r - 1} = 5 \left[ \frac{a((r^2)^n - 1)}{r^2 - 1} \right] \)
\( \Rightarrow \frac{a(r^{2n} - 1)}{r - 1} = 5 \cdot \frac{a(r^{2n} - 1)}{(r - 1)(r + 1)} \)
दोनों पक्षों से \( \frac{a(r^{2n} - 1)}{r - 1} \) को हटाने पर:
\( 1 = \frac{5}{r + 1} \)
\( \Rightarrow r + 1 = 5 \)
\( \Rightarrow r = 4 \)
अतः गुणोत्तर श्रेणी का सार्व अनुपात \( 4 \) है।
मुख्य बिंदु:
• सम पदों वाली G.P. के कुल पदों और विषम स्थान वाले पदों की अलग से पहचान करना।
• विषम स्थानों वाले पदों की श्रेणी का प्रथम पद \( a \) और सार्व अनुपात \( r^2 \) होना।
• समीकरण को सरल करके सार्व अनुपात \( r \) का मान निकालना।
आम गलतियाँ:
• विषम स्थान वाले पदों की श्रेणी का सार्व अनुपात \( r \) ही मान लेना (जबकि वह \( r^2 \) होता है)।
• पदों की कुल संख्या \( 2n \) के स्थान पर केवल \( n \) मान लेना।
Exam Tips:
a) विषम स्थानों के पदों की नई श्रेणी का प्रथम पद और सार्व अनुपात स्पष्ट रूप से परिभाषित करें।
b) समीकरण के दोनों पक्षों से समान पदों को काटते समय गणितीय नियमों का ध्यान रखें।
c) अंतिम उत्तर के साथ इकाई या निष्कर्ष स्पष्ट लिखें।
Question 6: यदि \( \frac{a + bx}{a - bx} = \frac{b + cx}{b - cx} = \frac{c + dx}{c - dx} \) (\( x \neq 0 \)), तो दोड़ाइये कि \( a, b, c \) तथा \( d \) गुणोत्तर श्रेणी में हैं।
Answer:
दिया है:
\( \frac{a + bx}{a - bx} = \frac{b + cx}{b - cx} = \frac{c + dx}{c - dx} \)
पहले दो अनुपातों को लेने पर:
\( \frac{a + bx}{a - bx} = \frac{b + cx}{b - cx} \)
वज्र गुणन करने पर:
\( (a + bx)(b - cx) = (a - bx)(b + cx) \)
\( \Rightarrow ab - acx + b^2x - bcx^2 = ab + acx - b^2x - bcx^2 \)
समान पदों को काटने पर:
\( -acx + b^2x = acx - b^2x \)
\( \Rightarrow 2b^2x = 2acx \)
चूँकि \( x \neq 0 \), दोनों तरफ \( 2x \) से भाग देने पर:
\( b^2 = ac \)
\( \Rightarrow \frac{b}{a} = \frac{c}{b} \) ... (1)
अब, दूसरे और तीसरे अनुपात को लेने पर:
\( \frac{b + cx}{b - cx} = \frac{c + dx}{c - dx} \)
वज्र गुणन करने पर:
\( (b + cx)(c - dx) = (b - cx)(c + dx) \)
\( \Rightarrow bc - bdx + c^2x - cdx^2 = bc + bdx - c^2x - cdx^2 \)
समान पदों को काटने पर:
\( -bdx + c^2x = bdx - c^2x \)
\( \Rightarrow 2c^2x = 2bdx \)
चूँकि \( x \neq 0 \), दोनों तरफ \( 2x \) से भाग देने पर:
\( c^2 = bd \)
\( \Rightarrow \frac{c}{b} = \frac{d}{c} \) ... (2)
समीकरण (1) और (2) से:
\( \frac{b}{a} = \frac{c}{b} = \frac{d}{c} \)
अतः \( a, b, c, d \) गुणोत्तर श्रेणी में हैं।
मुख्य बिंदु:
• अनुपातों के युग्मों को अलग करके वज्र गुणन विधि का उपयोग करना।
• \( b^2 = ac \) और \( c^2 = bd \) की स्थिति प्राप्त करना।
• गुणोत्तर श्रेणी की परिभाषा (सार्व अनुपात समान होना) का सत्यापन करना।
आम गलतियाँ:
• वज्र गुणन करते समय संकेतों (चिह्नों) की गलती करना।
• \( x \neq 0 \) का उपयोग किए बिना सीधे \( x \) को काटना।
Exam Tips:
a) प्रश्न को हल करने के लिए अनुपातों को दो भागों में विभाजित करें।
b) प्रत्येक चरण में बीजगणितीय विस्तार को सावधानीपूर्वक हल करें।
c) अंत में निष्कर्ष लिखें कि \( b^2 = ac \) और \( c^2 = bd \) यह सिद्ध करते हैं कि पद G.P. में हैं।
Question 7: किसी गुणोत्तर श्रेणी में \( S, n \) पदों का योग, \( P \) उनका गुणनफल तथा \( R \) उनके व्युत्क्रमों का योग हो तो सिद्ध कीजिए कि \( P^2R^n = S^n \).
Answer:
माना गुणोत्तर श्रेणी का प्रथम पद \( a \) और सार्व अनुपात \( r \) है।
प्रश्नानुसार, पदों का योग \( S \):
\( S = \frac{a(r^n - 1)}{r - 1} \)
गुणनफल \( P \):
\( P = a \cdot (ar) \cdot (ar^2) \dots (ar^{n-1}) = a^n \cdot r^{1 + 2 + 3 + \dots + (n-1)} = a^n r^{\frac{n(n-1)}{2}} \)
व्युत्क्रमों का योग \( R \):
\( R = \frac{1}{a} + \frac{1}{ar} + \frac{1}{ar^2} + \dots + \frac{1}{ar^{n-1}} = \frac{1}{a} \left[ \frac{\left(\frac{1}{r}\right)^n - 1}{\frac{1}{r} - 1} \right] = \frac{r^n - 1}{ar^n(r - 1)} \)
अब, बायाँ पक्ष (LHS) = \( P^2 R^n \):
\( = \left( a^n r^{\frac{n(n-1)}{2}} \right)^2 \left( \frac{r^n - 1}{ar^n(r - 1)} \right)^n \)
\( = a^{2n} r^{n(n-1)} \cdot \frac{(r^n - 1)^n}{a^n r^{n^2} (r - 1)^n} \)
\( = a^n \cdot r^{n^2 - n} \cdot r^{-n^2} \cdot \frac{(r^n - 1)^n}{(r - 1)^n} \)
\( = a^n \cdot r^{-n} \cdot \frac{(r^n - 1)^n}{(r - 1)^n} \)
\( = \left( \frac{a(r^n - 1)}{r - 1} \right)^n = S^n = \text{RHS} \)
अतः \( P^2R^n = S^n \) सिद्ध हुआ।
मुख्य बिंदु:
• योग (\( S \)), गुणनफल (\( P \)) और व्युत्क्रमों के योग (\( R \)) के मानक सूत्रों का प्रयोग करना।
• घातांक के नियमों (जैसे \( (a^m)^n = a^{mn} \)) का सटीक उपयोग करना।
• LHS को हल करके RHS के बराबर साबित करना।
आम गलतियाँ:
• गुणनफल निकालते समय घातों के योग \( 1 + 2 + \dots + (n-1) \) में भूल करना।
• व्युत्क्रम श्रेणी का योग निकालते समय गलत G.P. सूत्र का प्रयोग करना।
Exam Tips:
a) इस प्रकार के लंबे प्रश्नों में \( S, P, R \) के मान अलग-अलग साफ-साफ निकालें।
b) घातांकों को सरल करते समय आधार (बेस) को ध्यान से देखें।
c) अंत में 'LHS = RHS' लिखकर अपने उत्तर की पुष्टि करें।
Question 8: यदि \( a, b, c, d \) गुणोत्तर श्रेणी में हैं, तो सिद्ध कीजिए कि \( (a^n + b^n), (b^n + c^n), (c^n + d^n) \) गुणोत्तर श्रेणी में हैं।
Answer:
माना गुणोत्तर श्रेणी का सार्व अनुपात \( r \) है।
चूँकि \( a, b, c, d \) गुणोत्तर श्रेणी में हैं, इसलिए:
\( b = ar, c = ar^2, d = ar^3 \)
हमें सिद्ध करना है कि \( (a^n + b^n), (b^n + c^n), (c^n + d^n) \) गुणोत्तर श्रेणी में हैं, जिसके लिए यह आवश्यक है कि:
\( (b^n + c^n)^2 = (a^n + b^n)(c^n + d^n) \)
LHS = \( (b^n + c^n)^2 = (ar^n + ar^{2n})^2 = [a^n r^n (1 + r^n)]^2 = a^{2n} r^{2n} (1 + r^n)^2 \)
RHS = \( (a^n + b^n)(c^n + d^n) = (a^n + ar^n)^n \text{ (मान रखने पर)} \dots \) बेहतर है मान सीधे रखें:
\( = (a^n + a^n r^n)(a^n r^{2n} + a^n r^{3n}) \)
\( = a^n (1 + r^n) \cdot a^n r^{2n} (1 + r^n) \)
\( = a^{2n} r^{2n} (1 + r^n)^2 \)
चूँकि LHS = RHS, अतः \( (a^n + b^n), (b^n + c^n), (c^n + d^n) \) गुणोत्तर श्रेणी में हैं।
मुख्य बिंदु:
• पदों को \( a, ar, ar^2, ar^3 \) के रूप में व्यक्त करना।
• G.P. की शर्त \( b^2 = ac \) या मध्य पद का वर्ग = बाएँ और दाएँ पद का गुणनफल उपयोग करना।
• उभयनिष्ठ (Common factor) लेकर दोनों पक्षों को समान साबित करना।
आम गलतियाँ:
• मान रखते समय घातों का सही विस्तार न करना।
• सीधे श्रेणी मान लेने के बजाय बिना शर्त के हल करने का प्रयास करना।
Exam Tips:
a) G.P. साबित करने के लिए हमेशा \( y^2 = xz \) (यानी \( (b^n+c^n)^2 = (a^n+b^n)(c^n+d^n) \)) का प्रयोग करें।
b) बीजगणितीय गुणनखंडन को सावधानी से हल करें।
c) अंत में स्पष्ट रूप से लिखें कि LHS = RHS।
Question 9: यदि \( x^2 - 3x + p = 0 \) के मूल \( a \) तथा \( b \) हैं तथा \( x^2 - 12x + q = 0 \) के मूल \( c \) तथा \( d \) हैं, जहाँ \( a, b, c, d \) गुणोत्तर श्रेणी में हैं। सिद्ध कीजिए कि \( (q + p) : (q - p) = 17 : 15 \).
Answer:
दिया है कि \( a, b, c, d \) गुणोत्तर श्रेणी में हैं। माना सार्व अनुपात \( r \) है। इसलिए \( b = ar, c = ar^2, d = ar^3 \)
यहाँ, \( a \) और \( b \) समीकरण \( x^2 - 3x + p = 0 \) के मूल हैं:
\( \Rightarrow \) मूलों का योग: \( a + b = 3 \implies a + ar = 3 \implies a(1 + r) = 3 \) ... (1)
\( \Rightarrow \) मूलों का गुणनफल: \( ab = p \implies a \cdot ar = p \implies a^2r = p \) ... (2)
इसी प्रकार, \( c \) और \( d \) समीकरण \( x^2 - 12x + q = 0 \) के मूल हैं:
\( \Rightarrow \) मूलों का योग: \( c + d = 12 \implies ar^2 + ar^3 = 12 \implies ar^2(1 + r) = 12 \) ... (3)
\( \Rightarrow \) मूलों का गुणनफल: \( cd = q \implies ar^2 \cdot ar^3 = q \implies a^2r^5 = q \) ... (4)
समीकरण (3) को समीकरण (1) से भाग देने पर:
\( \frac{ar^2(1 + r)}{a(1 + r)} = \frac{12}{3} \)
\( \Rightarrow r^2 = 4 \implies r = \pm 2 \)
स्थिति 1: यदि \( r = 2 \), समीकरण (1) से \( a(1 + 2) = 3 \implies a = 1 \)
समीकरण (2) से, \( p = (1)^2(2) = 2 \)
समीकरण (4) से, \( q = (1)^2(2)^5 = 32 \)
अतः \( \frac{q + p}{q - p} = \frac{32 + 2}{32 - 2} = \frac{34}{30} = \frac{17}{15} \)
\( \Rightarrow (q + p) : (q - p) = 17 : 15 \)
मुख्य बिंदु:
• द्विघात समीकरण के मूलों के योग और गुणनफल के सूत्रों का उपयोग करना।
• G.P. के पदों को \( a, ar, ar^2, ar^3 \) के रूप में व्यक्त करना।
• समीकरणों को आपस में भाग देकर सार्व अनुपात \( r \) ज्ञात करना।
आम गलतियाँ:
• मूलों के योग और गुणनफल के सूत्रों में \( -b/a \) और \( c/a \) के प्रयोग में चिह्न की गलती करना।
• \( r = -2 \) की स्थिति की भी जाँच करना चाहिए, यद्यपि \( r = 2 \) से ही अनुपात सिद्ध हो जाता है।
Exam Tips:
a) समीकरण के मूलों और गुणांकों के संबंध को स्पष्ट रूप से लिखें।
b) मान निकालते समय समीकरण (1) से (4) तक के क्रम को व्यवस्थित रखें।
c) अंत में अनुपात को भिन्न रूप से निकालकर अनुपात चिह्न में दर्शाएँ।
Question 10: दो धनात्मक संख्याओं \( a \) तथा \( b \) बीच समांतर माध्य तथा गुणोत्तर माध्य का अनुपात \( m : n \) है। दर्शाइए कि \( a : b = (m + \sqrt{m^2 - n^2}) : (m - \sqrt{m^2 - n^2}) \).
Answer:
माना \( a \) और \( b \) दो धनात्मक संख्याएँ हैं।
समांतर माध्य (AM) = \( \frac{a + b}{2} \)
गुणोत्तर माध्य (GM) = \( \sqrt{ab} \)
प्रश्नानुसार, \( \frac{\text{AM}}{\text{GM}} = \frac{m}{n} \)
\( \Rightarrow \frac{a + b}{2\sqrt{ab}} = \frac{m}{n} \)
योगांतर-अनुपाता (Componendo and Dividendo) नियम से:
\( \frac{a + b + 2\sqrt{ab}}{a + b - 2\sqrt{ab}} = \frac{m + n}{m - n} \)
\( \Rightarrow \frac{(\sqrt{a} + \sqrt{b})^2}{(\sqrt{a} - \sqrt{b})^2} = \frac{m + n}{m - n} \)
वर्गमूल लेने पर:
\( \frac{\sqrt{a} + \sqrt{b}}{\sqrt{a} - \sqrt{b}} = \frac{\sqrt{m + n}}{\sqrt{m - n}} \)
पुनः योगांतर-अनुपाता नियम से:
\( \frac{2\sqrt{a}}{2\sqrt{b}} = \frac{\sqrt{m + n} + \sqrt{m - n}}{\sqrt{m + n} - \sqrt{m - n}} \)
\( \Rightarrow \frac{\sqrt{a}}{\sqrt{b}} = \frac{\sqrt{m + n} + \sqrt{m - n}}{\sqrt{m + n} - \sqrt{m - n}} \)
दोनों पक्षों का वर्ग करने पर:
\( \frac{a}{b} = \frac{(m + n) + (m - n) + 2\sqrt{m^2 - n^2}}{(m + n) + (m - n) - 2\sqrt{m^2 - n^2}} \)
\( \Rightarrow \frac{a}{b} = \frac{2m + 2\sqrt{m^2 - n^2}}{2m - 2\sqrt{m^2 - n^2}} = \frac{m + \sqrt{m^2 - n^2}}{m - \sqrt{m^2 - n^2}} \)
अतः \( a : b = (m + \sqrt{m^2 - n^2}) : (m - \sqrt{m^2 - n^2}) \)
मुख्य बिंदु:
• समांतर माध्य और गुणोत्तर माध्य के सूत्रों का उपयोग करना।
• योगांतर-अनुपाता (Componendo and Dividendo) नियम का सही चरणबद्ध प्रयोग करना।
• वर्ग और वर्गमूल की संक्रियाओं को ध्यान से हल करना।
आम गलतियाँ:
• योगांतर-अनुपाता नियम लगाते समय अंश और हर में गलती करना।
• वर्ग करते समय पूर्ण वर्ग के विस्तार में त्रुटि करना।
Exam Tips:
a) इस प्रकार के अनुपातिक सिद्ध करने वाले प्रश्नों में Componendo and Dividendo नियम सबसे उपयुक्त होता है।
b) चरणों को स्पष्ट रूप से लिखें ताकि जाँच करने में आसानी हो।
c) अंतिम परिणाम को प्रश्न के अनुसार व्यवस्थित रूप में प्रस्तुत करें।
Question 11: निम्नलिखित श्रेणियों के \( n \) पदों का योग ज्ञात कीजिए:
(i) \( 5 + 55 + 555 + \dots \)
(ii) \( .6 + .66 + .666 + \dots \)
Answer:
(i) \( 5 + 55 + 555 + \dots \) के \( n \) पदों का योग:
\( S_n = 5 + 55 + 555 + \dots n \) पदों तक
\( = 5(1 + 11 + 111 + \dots n \) पदों तक\)
\( = \frac{5}{9}(9 + 99 + 999 + \dots n \) पदों तक\)
\( = \frac{5}{9}[(10 - 1) + (100 - 1) + (1000 - 1) + \dots n \) पदों तक\)
\( = \frac{5}{9}[(10 + 10^2 + 10^3 + \dots n \) पदों तक \() - (1 + 1 + 1 + \dots n \) बार\)]
\( = \frac{5}{9} \left[ \frac{10(10^n - 1)}{10 - 1} - n \right] \)
\( = \frac{5}{9} \left[ \frac{10(10^n - 1)}{9} - n \right] \)
\( = \frac{50}{81}(10^n - 1) - \frac{5n}{9} \)
(ii) \( 0.6 + 0.66 + 0.666 + \dots \) के \( n \) पदों का योग:
\( S_n = 6(0.1 + 0.11 + 0.111 + \dots n \) पदों तक\)
\( = \frac{6}{9}(0.9 + 0.99 + 0.999 + \dots n \) पदों तक\)
\( = \frac{2}{3} [(1 - 0.1) + (1 - 0.01) + (1 - 0.001) + \dots n \) पदों तक\)
\( = \frac{2}{3} [(1 + 1 + 1 + \dots n \) बार \() - (0.1 + 0.01 + 0.001 + \dots n \) पदों तक\)]
\( = \frac{2}{3} \left[ n - \frac{0.1(1 - (0.1)^n)}{1 - 0.1} \right] \)
\( = \frac{2}{3} \left[ n - \frac{1}{9}(1 - (0.1)^n) \right] \)
\( = \frac{2n}{3} - \frac{2}{27}(1 - (0.1)^n) \)
मुख्य बिंदु:
• इस विशेष प्रकार की श्रेणी में \( 5 \) या \( 0.6 \) को कॉमन लेकर \( 9, 99, 999 \) या \( 0.9, 0.99 \) बनाना।
• पदों को \( (10 - 1), (100 - 1) \) या \( (1 - 0.1), (1 - 0.01) \) के रूप में तोड़ना।
• G.P. के योग के सूत्र का उपयोग करना।
आम गलतियाँ:
• \( 9 \) से गुणा और भाग करना भूल जाना।
• दशमलव वाले प्रश्न में \( 1 - 0.1 \) के स्थान पर गलत पद लिख देना।
Exam Tips:
a) ऐसे प्रश्नों के मानक चरण को अच्छी तरह याद रखें (कॉमन लेना, \( 9 \) से गुणा-भाग, \( 10^k - 1 \) में तोड़ना)।
b) कोष्ठक खोलते समय गणना की सावधानी रखें।
c) दशमलव श्रेणी के लिए गुणोत्तर श्रेणी का सार्व अनुपात \( 0.1 \) उपयोग करें।
Question 12: श्रेणी का 20वाँ पद ज्ञात कीजिए: \( 2 \times 4 + 4 \times 6 + 6 \times 8 + \dots + n \) पदों तक।
Answer:
दी गई श्रेणी है: \( 2 \times 4 + 4 \times 6 + 6 \times 8 + \dots + n \) पदों तक।
श्रेणी के प्रत्येक पद का \( n \) वाँ पद (\( a_n \)) दो गुणनखंडों का गुणनफल है:
प्रथम गुणनखंड श्रेणी: \( 2, 4, 6, \dots \) (A.P. में है जिसका \( n \) वाँ पद \( = 2n \) है)
द्वितीय गुणनखंड श्रेणी: \( 4, 6, 8, \dots \) (A.P. में है जिसका \( n \) वाँ पद \( = 2n + 2 \) है)
अतः \( n \) वाँ पद \( a_n = (2n)(2n + 2) = 4n^2 + 4n \)
हमें 20वाँ पद (\( a_{20} \)) ज्ञात करना है:
\( a_{20} = 4(20)^2 + 4(20) \)
\( = 4(400) + 80 \)
\( = 1600 + 80 = 1680 \)
अतः श्रेणी का 20वाँ पद \( 1680 \) है।
मुख्य बिंदु:
• मिश्रित श्रेणी के प्रत्येक पद के \( n \) वें पद को अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित करना।
• समांतर श्रेणी के \( n \) वें पद के सूत्र \( a_n = a + (n-1)d \) का उपयोग करना।
• \( n = 20 \) रखकर अभीष्ट पद ज्ञात करना।
आम गलतियाँ:
• दोनों गुणनखंडों का गुणा करते समय बीजगणितीय त्रुटि करना।
• \( a_{20} \) निकालते समय सीधे \( n \) का मान गलत रखना।
Exam Tips:
a) जब पद दो संख्याओं का गुणनफल हों, तो दोनों श्रेणियों का \( n \) वाँ पद अलग से निकालें।
b) गुणा करके द्विघात व्यंजक बनाएँ और फिर मान रखें।
c) गणना की शुद्धता की जाँच अवश्य करें।
Question 13: एक किसान एक पुराने ट्रैक्टर को \( ₹ 12000 \) में खरीदता है। वह \( ₹ 6000 \) नकद भुगतान करता है और शेष राशि को \( ₹ 500 \) की वार्षिक किस्त के अतिरिक्त उस धन पर जिसका भुगतान न किया गया हो \( 12\% \) वार्षिक ब्याज भी देता है। किसान को ट्रैक्टर की कुल कितनी कीमत देनी पड़ेगी?
Answer:
नकद भुगतान = \( ₹ 6000 \)
शेष राशि = \( ₹ 12000 - ₹ 6000 = ₹ 6000 \)
प्रश्नानुसार, वार्षिक किस्त \( ₹ 500 \) है, इसलिए कुल \( 12 \) किस्तें होंगी (\( \frac{6000}{500} = 12 \))।
ब्याज की गणना प्रत्येक वर्ष शेष मूलधन पर की जाती है:
पहला वर्ष शेष मूलधन = \( ₹ 6000 \)
दूसरा वर्ष शेष मूलधन = \( ₹ 6000 - ₹ 500 = ₹ 5500 \)
तीसरा वर्ष शेष मूलधन = \( ₹ 5500 - ₹ 500 = ₹ 5000 \)
इसी प्रकार अंतिम वर्ष शेष मूलधन = \( ₹ 500 \)
अतः कुल ब्याज = \( 6000 \) का \( 12\% + 5500 \) का \( 12\% + 5000 \) का \( 12\% + \dots + 500 \) का \( 12\% \)
\( = (6000 + 5500 + 5000 + \dots + 500) \) का \( 12\% \)
कोष्टक के अंदर की श्रेणी एक समांतर श्रेणी है जिसमें प्रथम पद \( 6000 \), अंतिम पद \( 500 \) और पदों की संख्या \( 12 \) है।
समांतर श्रेणी का योग = \( \frac{n}{2}(a + l) = \frac{12}{2}(6000 + 500) = 6(6500) = 39000 \)
अतः कुल ब्याज = \( 39000 \) का \( 12\% = 39000 \times \frac{12}{100} = ₹ 4680 \)
अतः ट्रैक्टर की कुल कीमत = \( \text{नकद भुगतान} + \text{शेष मूलधन} + \text{कुल ब्याज} \)
\( = ₹ 12000 + ₹ 4680 = ₹ 16680 \)
मुख्य बिंदु:
• प्रत्येक वर्ष के शेष मूलधन की गणना करके समांतर श्रेणी बनाना।
• समांतर श्रेणी के योग के सूत्र से कुल मूलधन जिस पर ब्याज लगना है, ज्ञात करना।
• कुल ब्याज और ट्रैक्टर की कुल लागत की गणना करना।
आम गलतियाँ:
• किस्तों की संख्या निकालने में गलती करना।
• ब्याज की गणना करते समय प्रत्येक वर्ष के शेष मूलधन को सही से न जोड़ना।
Exam Tips:
a) ऐसे व्यावहारिक प्रश्नों में हर वर्ष के शेष मूलधन को लिखकर श्रेणी बनाएँ।
b) A.P. के योग के सूत्र का प्रयोग करके कुल राशि निकालें।
c) अंतिम उत्तर में नकद मूल्य और ब्याज को जोड़कर कुल मूल्य स्पष्ट करें।
Question 14: शमशाद अली \( 22000 \) रुपये में एक स्कूटर खरीदता है। वह \( 4000 \) रुपये नकद देता है तथा शेष राशि को \( 1000 \) रुपये वार्षिक किस्त के अतिरिक्त उस धन पर जिसका भुगतान न किया गया हो \( 10\% \) वार्षिक ब्याज भी देता है। उसे स्कूटर के लिए कुल कितनी राशि चुकानी पड़ेगी?
Answer:
स्कूटर का कुल मूल्य = \( ₹ 22000 \)
नकद भुगतान = \( ₹ 4000 \)
शेष देय राशि = \( ₹ 22000 - ₹ 4000 = ₹ 18000 \)
चूँकि वार्षिक किस्त \( ₹ 1000 \) है, इसलिए किस्तों की संख्या \( n = \frac{18000}{1000} = 18 \)
प्रत्येक वर्ष के अंत में शेष मूलधन पर \( 10\% \) ब्याज देय है:
पहले वर्ष शेष मूलधन = \( ₹ 18000 \)
दूसरे वर्ष शेष मूलधन = \( ₹ 17000 \)
तीसरे वर्ष शेष मूलधन = \( ₹ 16000 \)
... और अंतिम वर्ष शेष मूलधन = \( ₹ 1000 \)
अतः कुल ब्याज = \((18000 + 17000 + 16000 + \dots + 1000)\) का \( 10\% \)
कोष्टक की श्रेणी एक समांतर श्रेणी है जिसका प्रथम पद \( 18000 \), अंतिम पद \( 1000 \) और पदों की संख्या \( 18 \) है।
इस A.P. का योग = \( \frac{18}{2}(18000 + 1000) = 9(19000) = 171000 \)
अतः कुल ब्याज = \( 171000 \) का \( 10\% = 171000 \times \frac{10}{100} = ₹ 17100 \)
अतः स्कूटर के लिए कुल चुकाई गई राशि = \( \text{शेष देय राशि} + \text{कुल ब्याज} + \text{नकद भुगतान} \)
\( = ₹ 18000 + ₹ 17100 + ₹ 4000 = ₹ 39100 \) (या नकद सहित कुल मूलधन + ब्याज = \( 22000 + 17100 = 39100 \))
मुख्य बिंदु:
• शेष मूलधन की गणना करके A.P. तैयार करना।
• A.P. के योग के सूत्र से कुल ब्याज योग्य राशि निकालना।
• ब्याज और मूलधन को जोड़कर कुल भुगतान ज्ञात करना।
आम गलतियाँ:
• किस्तों की संख्या \( n \) गलत निकालना।
• प्रतिशत निकालते समय गणना में त्रुटि करना।
Exam Tips:
a) पिछले प्रश्न की तरह ही इस प्रश्न में भी शेष राशि और प्रत्येक वर्ष के मूलधन की सूची बनाएँ।
b) समांतर श्रेणी के योग का सही सूत्र \( S_n = \frac{n}{2}(a + l) \) प्रयोग करें।
c) अंत में कुल चुकाई गई राशि में नकद भुगतान को जोड़ना न भूलें।
Question 15: एक व्यक्ति अपने चार मित्रों को पत्र लिखता है। वह प्रत्येक को उसकी नकल करके चार दूसरे व्यक्तियों को भेजने का निर्देश देता है, तथा उनसे यह भी करने को कहता है कि प्रत्येक पत्र प्राप्त करने वाला व्यक्ति इस श्रृंखला को जारी रखे। यह कल्पना करके कि श्रृंखला न टूटे तो \( 8 \) वें पत्रों के समूह भेजे जाने तक कितना डाक खर्च होगा जबकि एक पत्र का डाक खर्च \( 50 \) पैसे है।
Answer:
भेजे गए पत्रों की संख्या एक गुणोत्तर श्रेणी बनाती है:
पहला पद \( a = 4 \), सार्व अनुपात \( r = 4 \) और पदों की संख्या \( n = 8 \)
\( 8 \) वें पत्रों के समूह तक कुल भेजे गए पत्रों की संख्या गुणोत्तर श्रेणी के योग के सूत्र से:
\( S_n = \frac{a(r^n - 1)}{r - 1} \)
\( S_8 = \frac{4(4^8 - 1)}{4 - 1} = \frac{4(65536 - 1)}{3} = \frac{4(65535)}{3} = 4(21845) = 87380 \)
दिया है कि एक पत्र का डाक खर्च \( 50 \) पैसे अर्थात् \( ₹ 0.50 \) है।
अतः \( 87380 \) पत्रों को भेजने के लिए कुल खर्च = \( 87380 \times 0.50 = ₹ 43690.00 \)
अतः \( 8 \) वें पत्रों के समूह भेजे जाने तक \( ₹ 43690 \) खर्च होगा।
मुख्य बिंदु:
• पत्र भेजने की श्रृंखला को गुणोत्तर श्रेणी (G.P.) के रूप में पहचानना।
• G.P. के योग के सूत्र का उपयोग करके कुल पत्रों की संख्या निकालना।
• कुल पत्रों की संख्या को प्रति पत्र डाक खर्च से गुणा करना।
आम गलतियाँ:
• \( 4^8 \) का मान निकालते समय गणना की गलती करना।
• \( 50 \) पैसे को रुपये में बदलते समय दशमलव में भूल करना।
Exam Tips:
a) भाषा वाले प्रश्नों में पहले दी गई स्थिति से G.P. के पद \( a, r \) और \( n \) स्पष्ट रूप से लिखें।
b) योग निकालते समय गणना सावधानीपूर्वक करें।
c) पैसे को रुपये में बदलकर ही अंतिम खर्च की गणना करें।
Question 16: एक आदमी ने एक बैंक में \( 10000 \) रुपये \( 5\% \) वार्षिक साधारण ब्याज पर जमा किया। जब से रकम बैंक में जमा की गई तब से, \( 15 \) वें वर्ष में उसके खाते में कितनी रकम हो गई, तथा \( 20 \) वर्ष बाद कुल कितनी रकम हो गई, ज्ञात कीजिए।
Answer:
दिया है: मूलधन \( P = ₹ 10000 \), ब्याज की दर \( R = 5\% \) वार्षिक साधारण ब्याज।
पहले वर्ष का ब्याज = \( \frac{10000 \times 5 \times 1}{100} = ₹ 500 \)
चूँकि साधारण ब्याज प्रत्येक वर्ष समान रहता है, अतः प्रत्येक वर्ष का ब्याज \( ₹ 500 \) होगा।
(i) \( 15 \) वें वर्ष के अंत में कुल राशि:
\( 15 \) वें वर्ष में राशि = मूलधन + 15 वर्षों का कुल ब्याज
\( = 10000 + 15 \times 500 = 10000 + 7500 = ₹ 17500 \)
(ii) \( 20 \) वर्ष बाद कुल रकम:
\( 20 \) वर्ष बाद कुल राशि = मूलधन + 20 वर्षों का कुल ब्याज
\( = 10000 + 20 \times 500 = 10000 + 10000 = ₹ 20000 \)
मुख्य बिंदु:
• साधारण ब्याज के मूल सूत्र \( \frac{P \times R \times T}{100} \) का उपयोग करना।
• साधारण ब्याज प्रतिवर्ष स्थिर रहता है, यह समझना।
• कुल राशि ज्ञात करने के लिए मूलधन में कुल ब्याज जोड़ना।
आम गलतियाँ:
• साधारण ब्याज को चक्रवृधि ब्याज समझकर गलत सूत्र लगा देना।
• \( 15 \) वें वर्ष की कुल राशि निकालते समय वर्षों की संख्या में भ्रमित होना।
Exam Tips:
a) साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज के अंतर को प्रश्न पढ़ते ही समझें।
b) एक वर्ष का ब्याज निकालकर उसे वर्षों की संख्या से गुणा करना आसान रहता है।
c) दोनों भागों (15वें वर्ष और 20 वर्ष बाद) के उत्तर अलग-अलग स्पष्ट लिखें।
Question 17: एक निर्माता घोषित करता है कि उसकी मशीन जिसकी कीमत \( 15625 \) रुपये है, हर वर्ष \( 20\% \) की दर से उसका अवमूल्यन होता है। \( 5 \) वर्ष बाद मशीन का अनुमानित मूल्य ज्ञात कीजिए।
Answer:
मशीन का प्रारंभिक मूल्य = \( ₹ 15625 \)
मशीन का अवमूल्यन = \( 20\% \) प्रतिवर्ष
इसका अर्थ है कि प्रत्येक वर्ष के बाद इसका मूल्य इसके पिछले मूल्य का \( (100 - 20)\% = 80\% \) अर्थात् \( \frac{4}{5} \) भाग ही रह जाएगा।
\( \therefore \) मशीन का \( 5 \) वर्ष बाद अनुमानित मूल्य = \( 15625 \times \frac{4}{5} \times \frac{4}{5} \times \frac{4}{5} \times \frac{4}{5} \times \frac{4}{5} \)
\( = 15625 \times \left(\frac{4}{5}\right)^5 \)
\( = 15625 \times \frac{1024}{3125} \)
\( = 5 \times 1024 = ₹ 5120 \)
अतः \( 5 \) वर्ष बाद मशीन का अनुमानित मूल्य \( ₹ 5120 \) होगा।
मुख्य बिंदु:
• अवमूल्यन (Depreciation) के कारण मूल्य में प्रतिवर्ष कमी को समझना।
• \( n \) वर्ष पश्चात् मूल्य का सूत्र \( A = P\left(1 - \frac{R}{100}\right)^n \) का प्रयोग करना।
• भिन्नों को सरल करके अंतिम मूल्य निकालना।
आम गलतियाँ:
• अवमूल्यन को वृद्धि (Compound Interest) मानकर जोड़ देना।
• घातों को हल करते समय गुणा या भाग में गलती करना।
Exam Tips:
a) अवमूल्यन के प्रश्नों में दर को मूलधन से घटाकर प्रतिशत या भिन्न रूप में लिखें।
b) यदि वर्ष अधिक हों, तो गुणोत्तर श्रेणी या चक्रवृद्धि ह्रास के सूत्र का प्रयोग करें।
c) अंत में इकाई (रुपये) लिखना न भूलें।
Question 18: किसी कार्य को कुछ दिनों में पूरा करने के लिए \( 150 \) कर्मचारी लगाए गए। दूसरे दिन \( 4 \) कर्मचारियों ने काम छोड़ दिया, तीसरे दिन \( 4 \) और कर्मचारियों ने काम छोड़ दिया तथा इस प्रकार अन्य। अब कार्य को पूर्ण करने में \( 8 \) दिन अधिक लगते हैं, तो दिनों की संख्या ज्ञात कीजिए, जिनमें कार्य पूर्ण किया गया।
Answer:
माना \( x \) दिनों में \( 150 \) कर्मचारी कार्य को पूर्ण कर सकते हैं।
प्रश्नानुसार कुल कार्य = \( 150 \times x \)
यदि कर्मचारी प्रतिदिन कम होते हैं, तो कार्य दिनों की संख्या \( x + 8 \) हो जाती है:
श्रेणी के रूप में कुल कार्य = \( 150 + 146 + 142 + \dots + (x + 8) \) पदों तक
यह एक समांतर श्रेणी (A.P.) है जिसका प्रथम पद \( a = 150 \), सार्व अंतर \( d = -4 \) और पदों की संख्या \( (x + 8) \) है।
कुल कार्य = \( \frac{x + 8}{2} [2(150) + (x + 8 - 1)(-4)] \)
\( \Rightarrow 150x = \frac{x + 8}{2} [300 + (x + 7)(-4)] \)
\( \Rightarrow 300x = (x + 8)[300 - 4x - 28] \)
\( \Rightarrow 300x = (x + 8)(272 - 4x) \)
\( \Rightarrow 300x = 272x - 4x^2 + 2176 - 32x \)
\( \Rightarrow 4x^2 + 60x - 2176 = 0 \)
\( \Rightarrow x^2 + 15x - 544 = 0 \)
\( \Rightarrow x^2 + 32x - 17x - 544 = 0 \)
\( \Rightarrow x(x + 32) - 17(x + 32) = 0 \)
\( \Rightarrow (x + 32)(x - 17) = 0 \)
\( \Rightarrow x = 17 \) या \( x = -32 \) (चूँकि दिनों की संख्या ऋणात्मक नहीं हो सकती, अतः \( x = 17 \))
अतः मूल रूप से कार्य को पूरा करने के लिए निश्चित किए गए दिनों की संख्या \( 17 \) थी।
कार्य को पूरा करने में लगे अभीष्ट दिन = \( 17 + 8 = 25 \) दिन।
मुख्य बिंदु:
• कुल कार्य को नियत मानकर A.P. के योग के सूत्र से समीकरण बनाना।
• द्विघात समीकरण को हल करके \( x \) का मान ज्ञात करना।
• ऋणात्मक मान को अयोग्य मानकर धनात्मक मान चुनना।
आम गलतियाँ:
• A.P. के योग के सूत्र में \( d = -4 \) का चिह्नों सहित सही उपयोग न करना।
• द्विघात समीकरण बनाते समय गुणा करने में भूल करना।
Exam Tips:
a) कुल कार्य (कर्मचारियों की संख्या \(\times\) दिन) को स्थिर रखकर समीकरण बनाएँ।
b) द्विघात समीकरण को गुणनखंड विधि या द्विघात सूत्र से हल करें।
c) अंत में मूल दिनों और बढ़े हुए दिनों दोनों को स्पष्ट रूप से दर्शाएँ।
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