NCERT Solutions Class 10 Science Chapter 01 Chemical Reactions and Equations (रासायनिक अभिक्रियाएं एवं समीकरण) in Hindi

NCERT Solutions for Class 10 Science: Chapter 01 रासायनिक अभिक्रियाएं एवं समीकरण

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Practice Class 10 Science Solutions: Chapter 01 रासायनिक अभिक्रियाएं एवं समीकरण

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Question 1: नीचे दी गई अभिक्रिया के संबंध में कौन सा कथन असत्य है?
2PbO(s) + C(s) → 2Pb(s) + CO₂(g)
(a) सीसा अपचयित हो रहा है।
(b) कार्बन डाइऑक्साइड उपचयित हो रहा है।
(c) कार्बन उपचयित हो रहा है।
(d) लेड ऑक्साइड अपचयित हो रहा है
(i) (a) एवं (b)
(ii) (a) एवं (c)
(iii) (a), (b) एवं (c)
(iv) सभी

Answer:

इस प्रश्न का सही उत्तर विकल्प (i) (a) एवं (b) है। दी गई रासायनिक अभिक्रिया में लेड ऑक्साइड (PbO) लेड (Pb) में अपचयित हो रहा है क्योंकि इससे ऑक्सीजन का ह्रास होता है, अतः कथन (d) सत्य है। कार्बन (C) ऑक्सीजन को प्राप्त करके कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) के रूप में उपचयित हो रहा है, अतः कथन (c) सत्य है। इसके विपरीत, कथन (a) कि 'सीसा अपचयित हो रहा है' और कथन (b) कि 'कार्बन डाइऑक्साइड उपचयित हो रहा है' दोनों असत्य हैं क्योंकि अपचयित लेड ऑक्साइड होता है न कि सीसा, और उपचयित कार्बन होता है न कि कार्बन डाइऑक्साइड। इसलिए असत्य कथन (a) और (b) हैं।

मुख्य बिंदु:

• लेड ऑक्साइड (PbO) से ऑक्सीजन का ह्रास होने के कारण यह अपचयित होता है।
• कार्बन (C) ऑक्सीजन को जोड़कर कार्बन डाइऑक्साइड में उपचयित होता है।
• सीसा (Pb) उत्पाद के रूप में बनता है, वह स्वयं अपचयित नहीं होता।

आम गलतियाँ:

• अभिकारकों और उत्पादों की पहचान में भ्रमित होना।
• उपचयन और अपचयन की परिभाषा को उल्टा समझ लेना।
• सही विकल्पों के संयोजन को ठीक से न चुनना।

Exam Tips:

a) बहुविकल्पीय प्रश्नों में प्रत्येक कथन की सत्यता की जाँच समीकरण देखकर करें।
b) ऑक्सीजन की वृद्धि (उपचयन) और ऑक्सीजन का ह्रास (अपचयन) नियम याद रखें।
c) उत्तर लिखते समय सही विकल्प संख्या और उसका विवरण स्पष्ट रूप से दर्शाएँ।

 

Question 2: Fe₂O₃ + 2Al → Al₂O₃ + 2Fe
ऊपर दी गई अभिक्रिया किस प्रकार की है?
(a) संयोजन अभिक्रिया
(b) द्विविस्थापन अभिक्रिया
(c) वियोजन अभिक्रिया
(d) विस्थापन अभिक्रिया

Answer:

इस प्रश्न का सही उत्तर विकल्प (d) विस्थापन अभिक्रिया है। इस रासायनिक समीकरण में एल्युमिनियम (Al) फेरिक ऑक्साइड (Fe₂O₃) के साथ अभिक्रिया करके आयरन (लोहे) को विस्थापित कर देता है और एल्युमिनियम ऑक्साइड (Al₂O₃) तथा आयरन (Fe) बनाता है। चूंकि अधिक अभिक्रियाशील तत्व एल्युमिनियम ने कम अभिक्रियाशील तत्व आयरन को उसके यौगिक से हटा दिया है, इसलिए यह एक विस्थापन अभिक्रिया (Displacement Reaction) का सटीक उदाहरण है।

मुख्य बिंदु:

• एल्युमिनियम (Al) आयरन (Fe) की तुलना में अधिक अभिक्रियाशील धातु है।
• अधिक सक्रिय धातु कम सक्रिय धातु को उसके लवण विलयन या ऑक्साइड से विस्थापित करती है।
• यह अभिक्रिया एकल विस्थापन का एक प्रमुख उदाहरण है।

आम गलतियाँ:

• इसे द्विविस्थापन अभिक्रिया समझ लेना क्योंकि इसमें कई तत्व दिखाई देते हैं।
• अभिकारकों की सक्रियता श्रेणी को ध्यान में न रखना।
• उत्पादों के नाम गलत लिखना।

Exam Tips:

a) सक्रियता श्रेणी को अच्छी तरह याद रखें ताकि विस्थापन को पहचान सकें।
b) एकल विस्थापन और द्विविस्थापन का अंतर स्पष्ट रूप से समझें।
c) बहुविकल्पीय प्रश्न में सही विकल्प के साथ उसका कारण भी मन में स्पष्ट रखें।

 

Question 3: लोह-चूर्ण पर तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल डालने से क्या होता है? सही उत्तर पर निशान लगाइए।
(a) हाइड्रोजन गैस एवं आयरन क्लोराइड बनता है।
(b) क्लोरीन गैस एवं आयरन हाइड्रोजनक्साइड बनता है।
(c) कोई अभिक्रिया नहीं होती है।
(d) आयरन लवण एवं जल बनता है।

Answer:

इस प्रश्न का सही उत्तर विकल्प (a) हाइड्रोजन गैस एवं आयरन क्लोराइड बनता है। जब लोह-चूर्ण (आयरन, Fe) पर तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) डाला जाता है, तो आयरन हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से हाइड्रोजन को विस्थापित कर देता है, जिसके परिणामस्वरूप फेरस क्लोराइड (आ आयरन क्लोराइड) का निर्माण होता है और हाइड्रोजन गैस (H₂) मुक्त होती है। रासायनिक समीकरण इस प्रकार है: Fe + 2HCl → FeCl₂ + H₂।

मुख्य बिंदु:

• आयरन तनु अम्ल के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस मुक्त करता है।
• इस अभिक्रिया में आयरन क्लोराइड (फेरस क्लोराइड) लवण बनता है।
• यह धातु और अम्ल की सामान्य अभिक्रिया का उदाहरण है।

आम गलतियाँ:

• यह सोचना कि धातु और अम्ल की अभिक्रिया से जल बनता है।
• क्लोरीन गैस के मुक्त होने का भ्रम पालना।
• रासायनिक समीकरण संतुलित न करना।

Exam Tips:

a) धातु और तनु अम्ल की सामान्य प्रतिक्रिया याद रखें: धातु + अम्ल → लवण + हाइड्रोजन गैस।
b) विकल्पों को ध्यान से पढ़कर ही सही निशान लगाएँ।
c) यदि संभव हो, तो समीकरण लिखकर अपने उत्तर की पुष्टि करें।

 

Question 4: संतुलित रासायनिक समीकरण क्या है? रासायनिक समीकरण को संतुलित करना क्यों आवश्यक है?

Answer:

वह रासायनिक समीकरण जिसमें अभिकारक के कुल परमाणुओं की संख्या उत्पाद के कुल परमाणुओं की संख्या के बराबर होती है, संतुलित रासायनिक समीकरण कहलाता है। रासायनिक समीकरण को संतुलित करना इसलिए आवश्यक है क्योंकि यह द्रव्यमान संरक्षण के नियम (Law of Conservation of Mass) का पालन करता है, जिसके अनुसार किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान का न तो सृजन किया जा सकता है और न ही विनाश। इसलिए, अभिक्रिया में भाग लेने वाले प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की कुल संख्या अभिकारकों और उत्पादों दोनों तरफ समान होनी चाहिए।

मुख्य बिंदु:

• संतुलित समीकरण में दोनों पक्षों के परमाणु समान होते हैं।
• यह द्रव्यमान संरक्षण के नियम पर आधारित है।
• रासायनिक गणनाओं को सही करने के लिए संतुलन जरूरी है।

आम गलतियाँ:

• सूत्रों के अंदर subscripts (पादांक) बदलकर समीकरण संतुलित करना, जो गलत है।
• द्रव्यमान संरक्षण के नियम का उल्लेख न करना।
• दोनों पक्षों के परमाणुओं की संख्या की ठीक से गणना न करना।

Exam Tips:

a) समीकरण संतुलित करते समय हमेशा गुणांक (coefficients) बदलें, रासायनिक सूत्र नहीं।
b) परिभाषा के साथ द्रव्यमान संरक्षण का नियम अवश्य लिखें।
c) परीक्षा में समीकरण के दोनों ओर के तत्वों की सारणी बनाकर दिखा सकते हैं।

 

Question 5: निम्न कथनों को रासायनिक समीकरण के रूप में परिवर्तित कर उन्हें संतुलित कीजिए:
(a) नाइट्रोजन हाइड्रोजन गैस से संयोग करके अमोनिया बनाता है।
(b) हाइड्रोजन सल्फाइड गैस का वायु में दहन होने पर जल एवं सल्फर डाइऑक्साइड बनता है।
(c) एल्युमिनियम सल्फेट के साथ अभिक्रिया कर बेरियम क्लोराइड, एल्युमिनियम क्लोराइड एवं बेरियम सल्फेट का अवक्षेप देता है।
(d) पोटैशियम धातु जल के साथ अभिक्रिया करके पोटैशियम हाइड्रोक्साइड एवं हाइड्रोजन गैस देती है।

Answer:

दिए गए कथनों के संतुलित रासायनिक समीकरण निम्नलिखित हैं:
(a) N₂(g) + 3H₂(g) → 2NH₃(g)
(b) 2H₂S(g) + 3O₂(g) → 2SO₂️(g) + 2H₂O(l)
(c) 3BaCl₂(aq) + Al₂(SO₄)₃(aq) → 2AlCl₃(aq) + 3BaSO₄(s)
(d) 2K(s) + 2H₂O(l) → 2KOH(aq) + H₂(g)

मुख्य बिंदु:

• शब्दों से रासायनिक सूत्र बनाना आना चाहिए।
• समीकरण को संतुलित करने के लिए दोनों पक्षों के परमाणु बराबर करने होते हैं।
• भौतिक अवस्थाओं (g, l, s, aq) कोष्ठक में लिखना अच्छा अभ्यास है।

आम गलतियाँ:

• यौगिकों के रासायनिक सूत्र गलत लिखना (जैसे Al₂(SO₄)₃ की जगह कुछ और लिखना)।
• समीकरण को बिना संतुलित किए छोड़ देना।
• गैसों (जैसे N₂, H₂) को परमाणوي रूप में लिखना बजाय द्विपरमाणुक रूप के।

Exam Tips:

a) पहले सभी तत्वों और यौगिकों के सही सूत्र लिखकर ढांचा समीकरण (skeletal equation) बनाएँ।
b) सबसे पहले उस तत्व को संतुलित करें जिसके परमाणुओं की संख्या सबसे अधिक हो।
c) अंत में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन को संतुलित करना आसान होता है।

 

Question 6: निम्न रासायनिक समीकरणों को संतुलित कीजिए:
(a) HNO₃ + Ca(OH)₂ → Ca(NO₃)₂ + H₂O
(b) NaOH + H₂SO₄ → Na₂SO₄ + H₂O
(c) NaCl + AgNO₃ → AgCl + NaNO₃
(d) BaCl₂ + H₂SO₄ → BaSO₄ + HCl

Answer:

दिए गए रासायनिक समीकरणों के संतुलित रूप निम्नलिखित हैं:
(a) 2HNO₃ + Ca(OH)₂ → Ca(NO₃)₂ + 2H₂O
(b) 2NaOH + H₂SO₄ → Na₂SO₄ + 2H₂O
(c) NaCl + AgNO₃ → AgCl + NaNO₃ (यह समीकरण पहले से ही संतुलित है)
(d) BaCl₂ + H₂SO₄ → BaSO₄ + 2HCl

मुख्य बिंदु:

• समीकरण (c) पहले से संतुलित है, उसमें कोई गुणांक बदलने की आवश्यकता नहीं है।
• अम्ल और क्षार की उदासीनीकरण अभिक्रियाओं में जल का अणु बनता है।
• बहुपरमाणुक आयनों (जैसे NO₃, SO₄) को एक इकाई मानकर संतुलित करना आसान होता है।

आम गलतियाँ:

• समीकरण (d) में HCl के आगे 2 लगाना भूल जाना।
• समीकरण (b) में NaOH या H₂O के गुणांक गलत लिखना।
• पहले से संतुलित समीकरण को भी जबरदस्ती बदलने की कोशिश करना।

Exam Tips:

a) समीकरण लिखने के बाद जाँच अवश्य करें कि दोनों तरफ परमाणु बराबर हैं या नहीं।
b) समीकरण (c) की तरह कई समीकरण पहले से संतुलित हो सकते हैं, उन्हें ध्यान से देखें।
c) गुणांक हमेशा सूत्र के आगे लिखे जाते हैं, नीचे नहीं।

 

Question 7: निम्न अभिक्रियाओं के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए:
(a) कैल्शिय‍म हाइड्रॉक्साइड + कार्बन डाइऑक्साइड → कैल्शिय‍म कार्बोनेट + जल
(b) जिंक + सिल्वर नाइट्रेट → जिंक नाइट्रेट + सिल्वर
(c) एल्युमिनियम + कॉपर क्लोराइड → एल्युमिनियम क्लोराइड + कॉपर
(d) बेरियम क्लोराइड + पोटैशियम सल्फेट → बेरियम सल्फेट + पोटैशियम क्लोराइड

Answer:

इन शब्दों में दी गई अभिक्रियाओं के संतुलित रासायनिक समीकरण इस प्रकार हैं:
(a) Ca(OH)₂(aq) + CO₂(g) → CaCO₃(s) + H₂O(l)
(b) Zn(s) + 2AgNO₃(aq) → Zn(NO₃)₂(aq) + 2Ag(s)
(c) 2Al(s) + 3CuCl₂(aq) → 2AlCl₃(aq) + 3Cu(s)
(d) BaCl₂(aq) + K₂SO₄(aq) → BaSO₄(s) + 2KCl(aq)

मुख्य बिंदु:

• समीकरण (a) चूने के पानी में कार्बन डाइऑक्साइड प्रवाहित करने की अभिक्रिया है।
• समीकरण (b) और (c) विस्थापन अभिक्रियाओं के उदाहरण हैं।
• समीकरण (d) अवक्षेपण (द्विविस्थापन) अभिक्रिया का उदाहरण है जिसमें बेरियम सल्फेट का सफेद अवक्षेप बनता है।

आम गलतियाँ:

• रासायनिक सूत्रों की संयोजकता गलत लिखना (जैसे AlCl₃ या Zn(NO₃)₂ में)।
• समीकरणों को संतुलित करना भूल जाना।
• भौतिक अवस्थाओं के संकेत न लिखना।

Exam Tips:

a) रासायनिक सूत्र बनाने के लिए आयनों की संयोजकता का नियम याद रखें।
b) विस्थापन अभिक्रियाओं में सक्रियता श्रेणी का ध्यान रखें।
c) समीकरण को हमेशा संतुलित रूप में ही अंतिम उत्तर के रूप में प्रस्तुत करें।

 

Question 8: निम्न अभिक्रियाओं के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए एवं प्रत्येक अभिक्रिया का प्रकार बताइए:
(a) पोटैशियम ब्रोमाइड(aq) + बेरियम आयोडाइड(aq) → पोटैशियम आयोडाइड(aq) + बेरियम ब्रोमाइड(s)
(b) जिंक कार्बोनेट(s) → जिंक ऑक्साइड(s) + कार्बन डाइऑक्साइड(g)
(c) हाइड्रोजन(g) + क्लोरीन(g) → हाइड्रोजन क्लोराइड(g)
(d) मैग्नीशियम(s) + हाइड्रोक्लोरिक अम्ल(aq) → मैग्नीशियम क्लोराइड(aq) + हाइड्रोजन(g)

Answer:

दिए गए कथनों के संतुलित समीकरण और उनके प्रकार निम्नलिखित हैं:
(a) 2KBr(aq) + BaI₂(aq) → 2KI(aq) + BaBr₂(s)
प्रकार: यह एक द्विविस्थापन अभिक्रिया (Double Displacement Reaction) एवं अवक्षेपण अभिक्रिया है क्योंकि इसमें आयनों का आदान-प्रदान होता है।
(b) ZnCO₃(s) → ZnO(s) + CO₂(g)
प्रकार: यह एक वियोजन अभिक्रिया (Decomposition Reaction) है क्योंकि इसमें एकल अभिकारक टूटकर दो उत्पाद बनाता है।
(c) H₂(g) + Cl₂(g) → 2HCl(g)
प्रकार: यह एक संयोजन अभिक्रिया (Combination Reaction) है क्योंकि इसमें दो अभिकारक मिलकर एक उत्पाद बनाते हैं।
(d) Mg(s) + 2HCl(aq) → MgCl₂(aq) + H₂(g)
प्रकार: यह एक विस्थापन अभिक्रिया (Displacement Reaction) है क्योंकि मैग्नीशियम हाइड्रोजन को विस्थापित करता है।

मुख्य बिंदु:

• आयनों के आदान-प्रदान से द्विविस्थापन अभिक्रिया होती है।
• ऊष्मा देकर किसी यौगिक को तोड़ना वियोजन कहलाता है।
• दो या दो से अधिक पदार्थों का जुड़ना संयोजन अभिक्रिया है।

आम गलतियाँ:

• अभिक्रिया का प्रकार पहचानने में गलती करना।
• समीकरण को संतुलित किए बिना छोड़ देना।
• भौतिक अवस्था के प्रतीकों को छोड़ देना।

Exam Tips:

a) प्रश्न में समीकरण के साथ उसका प्रकार भी अनिवार्य रूप से पूछा गया है, दोनों लिखें।
b) अभिकारकों की संख्या और उत्पादों की संख्या देखकर अभिक्रिया का प्रकार तुरंत पहचानें।
c) संतुलित समीकरण लिखते समय गुणांकों की सही जाँच करें।

 

Question 9: ऊष्माक्षेपी एवं ऊष्माशोषी अभिक्रिया का क्या अर्थ है? उदाहरण दीजिए।

Answer:

वे रासायनिक अभिक्रियाएँ जिनमें उत्पाद के निर्माण के साथ-साथ ऊष्मा (ऊर्जा) का भी उत्सर्जन होता है, ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया (Exothermic Reaction) कहलाती हैं; जैसे प्राकृतिक गैस का दहन: CH₄(g) + 2O₂(g) → CO₂(g) + 2H₂O(g) + ऊष्मा। इसके विपरीत, वे रासायनिक अभिक्रियाएँ जिनमें अभिकारकों को तोड़ने के लिए ऊष्मा, प्रकाश या विद्युत ऊर्जा की आवश्यकता होती है, ऊष्माशोषी अभिक्रिया (Endothermic Reaction) कहलाती हैं; जैसे सिल्वर क्लोराइड का सूर्य के प्रकाश में विघटन: 2AgCl(s) --(सूर्य का प्रकाश)→ 2Ag(s) + Cl₂(g)।

मुख्य बिंदु:

• ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाओं में ऊर्जा बाहर निकलती है।
• ऊष्माशोषी अभिक्रियाओं में ऊर्जा या ऊष्मा का अवशोषण होता है।
• श्वसन एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया का उत्तम उदाहरण है।

आम गलतियाँ:

• ऊष्माक्षेपी और ऊष्माशोषी शब्दों के अर्थ को आपस में मिला देना।
• उपयुक्त उदाहरण न देना या समीकरण अधूरा लिखना।
• ऊर्जा को समीकरण में सही पक्ष (उत्पाद या अभिकारक की तरफ) न दर्शाना।

Exam Tips:

a) परिभाषा के साथ एक संतुलित रासायनिक समीकरण अवश्य दें।
b) 'क्षेपी' का अर्थ बाहर निकलना और 'शोषी' का अर्थ अवशोषित करना याद रखें।
c) दैनिक जीवन के उदाहरण (जैसे श्वसन या प्रकाश संश्लेषण) भी याद रखें।

 

Question 10: श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया क्यों कहते हैं? वर्णन कीजिए।

Answer:

श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया इसलिए कहा जाता है क्योंकि जीवित शरीर की कोशिकाओं में ग्लूकोज ऑक्सीजन के साथ मिलकर ऊर्जा प्रदान करता है। हम जो भोजन करते हैं वह पचने के बाद ग्लूकोज में बदल जाता है। यह ग्लूकोज हमारे शरीर की कोशिकाओं में मौजूद ऑक्सीजन के साथ मिलकर कार्बन डाइऑक्साइड और जल बनाता है तथा इस प्रक्रिया में बड़ी मात्रा में ऊर्जा निकलती है, जो हमारे शरीर को कार्य करने की शक्ति देती है। समीकरण इस प्रकार है: C₆H₁₂O₆(aq) + 6O₂(g) → 6CO₂(g) + 6H₂O(l) + ऊर्जा।

मुख्य बिंदु:

• भोजन के पाचन के बाद ग्लूकोज बनता है जो रक्त द्वारा कोशिकाओं तक पहुँचता है।
• कोशिकाओं में ग्लूकोज के ऑक्सीकरण से ऊर्जा मुक्त होती है।
• ऊर्जा का निकलना ही इस प्रक्रिया को ऊष्माक्षेपी बनाता है।

आम गलतियाँ:

• श्वसन को केवल साँस लेना समझना और ऊर्जा उत्पादन भूल जाना।
• समीकरण में ऊर्जा को उत्पाद की तरफ न लिखना।
• गलत रासायनिक सूत्र लिखना।

Exam Tips:

a) इस प्रश्न का उत्तर देते समय ग्लूकोज और ऑक्सीजन की अभिक्रिया का समीकरण अवश्य लिखें।
b) स्पष्ट करें कि ऊर्जा निकलने के कारण ही इसे ऊष्माक्षेपी कहा जाता है।
c) यह बहुत महत्वपूर्ण प्रश्न है, इसे अच्छी तरह तैयार करें।

 

Question 11: वियोजन अभिक्रिया को संयोजन अभिक्रिया के विपरीत क्यों कहा जाता है? इन अभिक्रियाओं के लिए समीकरण लिखिए।

Answer:

वियोजन अभिक्रिया को संयोजन अभिक्रिया के विपरीत इसलिए कहा जाता है क्योंकि संयोजन अभिक्रिया में दो या दो से अधिक अभिकारक मिलकर एक एकल उत्पाद बनाते हैं, जबकि वियोजन अभिक्रिया में एक एकल अभिकारक टूटकर दो या दो से अधिक उत्पाद प्रदान करता है। संयोजन अभिक्रिया में ऊर्जा निकलती है (या दी जाती है), जबकि वियोजन अभिक्रिया में पदार्थों को तोड़ने के लिए ऊर्जा (ऊष्मा, प्रकाश या विद्युत) की आवश्यकता होती है।
संयोजन अभिक्रिया का समीकरण: A + B → AB (जैसे C(s) + O₂(g) → CO₂(g) + ऊर्जा)
वियोजन अभिक्रिया का समीकरण: AB → A + B (जैसे CaCO₃(s) --(ऊष्मा)→ CaO(s) + CO₂(g))

मुख्य बिंदु:

• संयोजन में जुड़ना होता है, वियोजन में टूटना होता है।
• दोनों अभिक्रियाएँ एक-Cदूसरे के बिल्कुल उल्टी प्रक्रियाएँ हैं।
• दोनों के लिए अलग-अलग प्रकार की ऊर्जा की स्थिति होती है।

आम गलतियाँ:

• समीकरणों को उल्टा लिख देना।
• विपरीत होने का मुख्य कारण (जुड़ना बनाम टूटना) स्पष्ट न करना।
• ऊर्जा की भूमिका को नजर انداز करना।

Exam Tips:

a) दोनों की परिभाषा तुलनात्मक रूप से लिखें।
b) दोनों के एक-एक स्पष्ट रासायनिक समीकरण जरूर दें।
c) अंतर स्पष्ट करते हुए मुख्य बिंदुओं को रेखांकित करें।

 

Question 12: उन वियोजन अभिक्रियाओं के एक-एक समीकरण लिखिए जिनमें ऊष्मा, प्रकाश एवं विद्युत के रूप में ऊर्जा प्रदान की जाती है।

Answer:

ऊर्जा के विभिन्न रूपों द्वारा होने वाली वियोजन अभिक्रियाओं के समीकरण निम्नलिखित हैं:
(i) ऊष्मा द्वारा वियोजन (थर्मल डीकंपोजिशन):
CaCO₃(s) --(ऊष्मा)→ CaO(s) + CO₂(g)
(ii) प्रकाश द्वारा वियोजन (फोटोडिकंपोजिशन):
2AgCl(s) --(सूर्य का प्रकाश)→ 2Ag(s) + Cl₂(g)
(iii) विद्युत द्वारा वियोजन (विद्युत अपघटन):
2H₂O(l) --(विद्युत धारा)→ 2H₂(g) + O₂(g)

मुख्य बिंदु:

• वियोजन अभिक्रियाओं में ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
• ऊर्जा के तीन मुख्य स्रोत ऊष्मा, प्रकाश और विद्युत हैं।
• प्रत्येक प्रकार का एक विशिष्ट रासायनिक समीकरण होता है।

आम गलतियाँ:

• तीनों प्रकार के लिए एक ही जैसा समीकरण लिख देना।
• तीर के ऊपर ऊष्मा, सूर्य का प्रकाश या विद्युत लिखना भूल जाना।
• समीकरण को संतुलित न करना।

Exam Tips:

a) तीनों श्रेणियों (ऊष्मा, प्रकाश, विद्युत) की हेडिंग डालकर स्पष्ट समीकरण लिखें।
b) एयरो (→) के ऊपर ऊर्जा का माध्यम अवश्य दर्शाएँ।
c) यह प्रश्न अक्सर परीक्षा में पूछा जाता है, इसके समीकरण याद रखें।

 

Question 13: विस्थापन एवं द्विविस्थापन अभिक्रियाओं में क्या अंतर है? इन अभिक्रियाओं के समीकरण लिखिए।

Answer:

विस्थापन अभिक्रिया वह होती है जिसमें अधिक अभिक्रियाशील तत्व किसी कम अभिक्रियाशील तत्व को उसके यौगिक से विस्थापित कर देता है, जबकि द्विविस्थापन अभिक्रिया वह होती है जिसमें दो यौगिकों के बीच आयनों का आदान-प्रदान (exchange of ions) होता है और दो नए यौगिक बनते हैं।
विस्थापन अभिक्रिया का समीकरण:
Zn(s) + CuSO₄(aq) → ZnSO₄(aq) + Cu(s)
द्विविस्थापन अभिक्रिया का समीकरण:
Na₂SO₄(aq) + BaCl₂(aq) → BaSO₄(s) + 2NaCl(aq)

मुख्य बिंदु:

• विस्थापन में परमाणु/तत्व का आदान-प्रदान होता है, द्विविस्थापन में आयनों का।
• विस्थापन एकल तत्व और यौगिक के बीच होती है, द्विविस्थापन दो यौगिकों के बीच होती है।
• द्विविस्थापन अभिक्रिया में अक्सर अवक्षेप बनता है।

आम गलतियाँ:

• दोनों परिभाषाओं को मिला देना या भ्रमित होना।
• समीकरण गलत या असंतुलित लिखना।
• अंतर को बिंदुओं में स्पष्ट न करना।

Exam Tips:

a) अंतर स्पष्ट करने के लिए परिभाषा और समीकरण दोनों का प्रयोग करें।
b) सक्रियता श्रेणी का संबंध विस्थापन अभिक्रिया से है, यह याद रखें।
c) अवक्षेपण अभिक्रिया को द्विविस्थापन का ही एक रूप समझें।

 

Question 14: सिल्वर के शोधन में, सिल्वर नाइट्रेट के विलयन से सिल्वर प्राप्त करने के लिए कॉपर धातु द्वारा विस्थापन किया जाता है। इस प्रक्रिया के लिए अभिक्रिया लिखिए।

Answer:

सिल्వర్ नाइट्रेट के विलयन से कॉपर द्वारा सिल्वर के विस्थापन की रासायनिक अभिक्रिया निम्नलिखित है:
Cu(s) + 2AgNO₃(aq) → Cu(NO₃)₂(aq) + 2Ag(s)
इस अभिक्रिया में, कॉपर (Cu) सिल्वर (Ag) की तुलना में अधिक अभिक्रियाशील धातु है। इसलिए कॉपर, सिल्वर नाइट्रेट विलयन से सिल्वर को विस्थापित कर देता है और कॉपर नाइट्रेट बनाता है, जिससे बर्तन की तली या पात्र में शुद्ध सिल्वर धातु प्राप्त हो जाती है।

मुख्य बिंदु:

• कॉपर सिल्वर से अधिक सक्रिय धातु है।
• यह विस्थापन अभिक्रिया का एक व्यावहारिक अनुप्रयोग है।
• अभिक्रिया के बाद विलयन का रंग नीला हो जाता है (कॉपर नाइट्रेट के कारण)।

आम गलतियाँ:

• कॉपर और सिल्वर के रासायनिक प्रतीकों में गलती करना।
• समीकरण को संतुलित न करना।
• कॉपर नाइट्रेट का सही सूत्र (Cu(NO₃)₂) न लिख पाना।

Exam Tips:

a) प्रायोगिक अनुप्रयोग पर आधारित समीकरणों का अभ्यास करें।
b) सक्रियता श्रेणी के आधार पर विस्थापन की पुष्टि करना सीखें।
c) समीकरण लिखते समय भौतिक अवस्थाओं (s, aq) का उल्लेख जरूर करें।

 

Question 15: अवक्षेपण अभिक्रिया से आप क्या समझते हैं? उदाहरण देकर समझाइए।

Answer:

वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमें दो विलयनों के मिलने पर एक अघुलनशील ठोस पदार्थ का निर्माण होता है, जो विलयन से नीचे बैठ जाता है, अवक्षेपण अभिक्रिया (Precipitation Reaction) कहलाती है। इस अघुलनशील ठोस को अवक्षेप (Precipitate) कहते हैं। उदाहरण के लिए, जब बेरियम क्लोराइड और सोडियम सल्फेट के विलयनों को मिलाया जाता है, तो बेरियम सल्फेट (BaSO₄) का एक सफेद अवक्षेप बनता है:
BaCl₂(aq) + Na₂SO₄(aq) → BaSO₄(s) + 2NaCl(aq)

मुख्य बिंदु:

• अवक्षेप एक अघुलनशील ठोस पदार्थ होता है।
• यह द्विविस्थापन अभिक्रिया का एक प्रमुख प्रकार है।
• समीकरण में अवक्षेप को (s) या नीचे की ओर तीर (↓) से दर्शाया जा सकता है।

आम गलतियाँ:

• अवक्षेपण और उदासीनीकरण को एक ही समझ लेना।
• समीकरण में सफेद अवक्षेप के निर्माण को स्पष्ट न करना।
• संतुलित समीकरण न लिखना।

Exam Tips:

a) परिभाषा के साथ एक स्पष्ट उदाहरण और समीकरण अवश्य दें।
b) 'अवक्षेप' शब्द का अर्थ (अघुलनशील ठोस) दिमाग में रखें।
c) यह प्रश्न अक्सर दो अंकों में पूछा जाता है, संक्षिप्त और सटीक उत्तर लिखें।

 

Question 16: ऑक्सीजन के योग या ह्रास के आधार पर निम्न पदों की व्याख्या कीजिए। प्रत्येक के लिए दो उदाहरण दीजिए:
(a) उपचयन
(b) अपचयन

Answer:

(a) उपचयन (Oxidation): किसी पदार्थ में ऑक्सीजन की वृद्धि या योग होना उपचयन कहलाता है।
उदाहरण 1: C + O₂ → CO₂ (यहाँ कार्बन में ऑक्सीजन जुड़कर कार्बन डाइऑक्साइड बनाता है)
उदाहरण 2: 2Cu + O₂ --(ऊष्मा)→ 2CuO (यहाँ कॉपर में ऑक्सीजन जुड़कर कॉपर ऑक्साइड बनाता है)
(b) अपचयन (Reduction): किसी पदार्थ में ऑक्सीजन का ह्रास या कमी होना अपचयन कहलाता है।
उदाहरण 1: CuO + H₂ --(ऊष्मा)→ Cu + H₂O (यहाँ कॉपर ऑक्साइड से ऑक्सीजन हटकर कॉपर बनता है)
उदाहरण 2: ZnO + C → Zn + CO (यहाँ जिंक ऑक्साइड से ऑक्सीजन का ह्रास होता है)

मुख्य बिंदु:

• उपचयन में ऑक्सीजन जुड़ती है (या हाइड्रोजन का ह्रास होता है)।
• अपचयन में ऑक्सीजन हटती है (या हाइड्रोजन जुड़ती है)।
• दोनों प्रक्रियाएँ अक्सर एक साथ (रेडॉक्स अभिक्रिया में) होती हैं।

आम गलतियाँ:

• उपचयन और अपचयन की परिभाषाओं को आपस में उलटा लिख देना।
• उदाहरण देते समय यह स्पष्ट न करना कि किसमें ऑक्सीजन जुड़ी है और किससे हटी है।
• समीकरणों को संतुलित न करना।

Exam Tips:

a) परिभाषा लिखते समय 'ऑक्सीजन का योग' और 'ऑक्सीजन का ह्रास' शब्दों का स्पष्ट प्रयोग करें।
b) प्रत्येक के लिए कम से कम दो सरल समीकरण याद रखें।
c) रेडॉक्स अभिक्रियाओं में दोनों की पहचान करने का अभ्यास करें।

 

Question 17: एक भूरे रंग का चमकदार तत्व 'x' को वायु की उपस्थिति में गर्म करने पर वह काले रंग का हो जाता है। इस तत्व 'x' एवं उस काले रंग के यौगिक का नाम बताइए।

Answer:

वह भूरे रंग का चमकदार तत्व 'x' कॉपर (तांबा, Cu) है। जब कॉपर को वायु में गर्म किया जाता है, तो यह वायु की ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके काले रंग के कॉपर ऑक्साइड (CuO) का निर्माण करता है। इसलिए, तत्व 'x' कॉपर है और काले रंग का यौगिक कॉपर ऑक्साइड है।
अभिक्रिया समीकरण:
2Cu(s) + O₂(g) --(ऊष्मा)→ 2CuO(s) (काले रंग का यौगिक)

मुख्य बिंदु:

• भूरे रंग की चमकदार धातु कॉपर होती है।
• कॉपर के दहन से काले रंग का कॉपर ऑक्साइड बनता है।
• यह उपचयन अभिक्रिया का एक अच्छा उदाहरण है।

आम गलतियाँ:

• तत्व का नाम कॉपर के बजाय आयरन या एल्युमिनियम लिख देना।
• काले रंग के यौगिक का नाम कॉपर ऑक्साइड न बताकर कुछ और लिखना।
• समीकरण न लिखना।

Exam Tips:

a) रंग परिवर्तन (भूरा से काला) और पदार्थों के नाम अच्छी तरह याद रखें।
b) प्रश्न में पूछे गए दोनों भागों (तत्व 'x' और यौगिक) के नाम स्पष्ट रूप से अलग से लिखें।
c) समर्थन में रासायनिक समीकरण अवश्य दें।

 

Question 18: लोहे की वस्तुओं को हम पेंट क्यों करते हैं?

Answer:

लोहे की वस्तुओं को पेंट इसलिए किया जाता है ताकि उन्हें जंग लगने (संक्षारण) से बचाया जा सके। जब लोहे की वस्तुएं खुली वायु में छोड़ दी जाती हैं, तो वे हवा में मौजूद ऑक्सीजन और नमी (जलवाष्प) के साथ अभिक्रिया करके भूरे रंग की परत बना लेती हैं जिसे जंग कहते हैं। लोहे पर पेंट करने से लोहे की सतह का संपर्क वायु और नमी से टूट जाता है, जिससे रासायनिक अभिक्रिया नहीं हो पाती और लोहे की वस्तुएं लंबे समय तक सुरक्षित और जंगमुक्त रहती हैं।

मुख्य बिंदु:

• पेंट लोहे और वायु/नमी के बीच अवरोधक का काम करता है।
• यह लोहे के संक्षारण (जंग लगने) को रोकता है।
• इससे लोहे की वस्तुओं का जीवनकाल बढ़ जाता है।

आम गलतियाँ:

• केवल चमक बढ़ाने के लिए पेंट करना लिखना।
• संक्षारण के मुख्य कारकों (ऑक्सीजन और नमी) का उल्लेख न करना।
• उत्तर को बहुत अधिक अप्रासंगिक रूप से लंबा खींचना।

Exam Tips:

a) संक्षारण और नमी से बचाव के मुख्य कारण को स्पष्ट रूप से लिखें।
b) दैनिक जीवन के उदाहरणों से उत्तर को प्रभावी बनाएँ।
c) यह एक सामान्य और बार-बार पूछा जाने वाला प्रश्न है, इसे अच्छे से तैयार करें।

 

Question 19: तेल एवं वसायुक्त खाद्य पदार्थों को नाइट्रोजन से प्रभावित क्यों किया जाता है?

Answer:

तेल एवं वसायुक्त खाद्य पदार्थों को नाइट्रोजन जैसी कम सक्रिय गैस से इसलिए प्रभावित (युक्त) किया जाता है ताकि उनका उपचयन (oxidation) न हो सके। जब वसा और तेलयुक्त खाद्य पदार्थ वायु के संपर्क में आते हैं, तो उनका उपचयन हो जाता है जिससे वे विकृतगंधि (rancidity) हो जाते हैं और उनका स्वाद व गंध खराब हो जाती है। चिप्स जैसी थैली में ऑक्सीजन हटाकर नाइट्रोजन गैस भरने से खाद्य पदार्थों की ताजगी बनी रहती है और वे खराब नहीं होते।

मुख्य बिंदु:

• नाइट्रोजन एक कम सक्रिय (अक्रिय) गैस है जो उपचयन को रोकती है।
• यह खाद्य पदार्थों को विकृतगंधिता (Rancidity) से बचाती है।
• चिप्स के पैकेट में नाइट्रोजन गैस का उपयोग इसी उद्देश्य से किया जाता है।

आम गलतियाँ:

• नाइट्रोजन को सक्रिय गैस समझ लेना।
• विकृतगंधिता शब्द का प्रयोग न करना।
• केवल चिप्स फुलाने के लिए नाइट्रोजन भरना लिखना।

Exam Tips:

a) विकृतगंधिता (Rancidity) और उपचयन रोकने की प्रक्रिया को मुख्य रूप से दर्शाएँ।
b) चिप्स की थैली का व्यावहारिक उदाहरण जरूर दें।
c) वैज्ञानिक शब्दावली जैसे 'कम सक्रिय गैस' और 'उपचयन' का प्रयोग करें।

 

Question 20: निम्न पदों का वर्णन कीजिए तथा प्रत्येक का एक-एक उदाहरण दीजिए:
(a) संक्षारण
(b) विकृतगंधिता

Answer:

(a) संक्षारण (Corrosion): जब कोई धातु ऑक्सीजन, आर्द्रता (नमी), अम्ल आदि के संपर्क में आती है, जिससे उसकी ऊपरी परत कमजोर या क्षरित हो जाती है, तो इस प्रक्रिया को संक्षारण कहते हैं। उदाहरण के लिए, लोहे के ऊपर भूरे रंग की जंग लगना, चाँदी के ऊपर काली परत आना, या तांबे के ऊपर हरी परत चढ़ना संक्षारण के उदाहरण हैं।
(b) विकृतगंधिता (Rancidity): जब तेल तथा वसायुक्त खाद्य पदार्थ वायु में उपस्थित ऑक्सीजन से उपचयित होकर विकृतगंधी (खराब गंध और स्वाद वाले) हो जाते हैं, तो इस प्रक्रिया को विकृतगंधिता कहते हैं। उदाहरण के लिए, खुले में रखे मक्खन या तली हुई चीजों का कुछ समय बाद बदबूदार या खट्टा हो जाना विकृतगंधिता का उदाहरण है।

मुख्य बिंदु:

• संक्षारण धातुओं की ऊपरी सतह का क्षय होना है।
• विकृतगंधिता खाद्य पदार्थों में उपचयन के कारण गंध और स्वाद का बदलना है।
• दोनों ही दैनिक जीवन में होने वाली रासायनिक उपचयन की प्रक्रियाएँ हैं।

आम गलतियाँ:

• संक्षारण केवल लोहे पर जंग लगने तक सीमित मानना (चाँदी और तांबे का उदाहरण भूल जाना)।
• विकृतगंधिता को केवल बैक्टीरिया द्वारा सड़ना लिखना, जबकि यह मुख्य रूप से उपचयन है।
• उदाहरण स्पष्ट न देना।

Exam Tips:

a) दोनों की परिभाषा और एक-एक स्पष्ट उदाहरण अलग-अलग लिखें।
b) संक्षारण के बचाव और विकृतगंधिता रोकने के उपाय भी मन में रखें।
c) बोर्ड परीक्षा की दृष्टि से यह बहुत महत्वपूर्ण दीर्घ उत्तरीय/लघु उत्तरीय प्रश्न है।

 

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