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Question 1: दो घनों, जिनमें से प्रत्येक का आयतन \( 64\text{ cm}^3 \) है, के संलग्न फलकों को मिलाकर एक ठोस बनाया जाता है। इससे प्राप्त घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
Answer:
आकृति का विवरण: दो समान आकार के घनों को आपस में जोड़कर एक घनाभ बनाया गया है, जिसकी लंबाई दोनों घनों के जुड़ने से दोगुनी हो जाती है जबकि ऊँचाई और चौड़ाई वही रहती है।
दिया है,
घन का आयतन = \( 64\text{ cm}^3 \)
(भुजा)^3 = 64 cm^3
\(
\Rightarrow\) भुजा = \( 4\text{ cm} \)
यदि घनों के संलग्न फलकों को मिलाया जाता है तो प्राप्त घनाभ की भुजाएँ \( 4\text{ cm}, 4\text{ cm}, 8\text{ cm \) होंगी।
घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल
\( = 2(lb + bh + hl) \)
\(
\Rightarrow 2(4 \times 4 + 4 \times 8 + 4 \times 8) \)
\(
\Rightarrow 2(16 + 32 + 32) \)
\(
\Rightarrow 2(80) = 160\text{ cm}^2 \)
अतः, इससे प्राप्त घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल \( 160\text{ cm}^2 \) है।
Exam Tips:
a) दो घनों को मिलाने पर केवल लंबाई बदलती है, चौड़ाई और ऊँचाई अपरिवर्तित रहती है।
b) आयतन से भुजा ज्ञात करने के लिए घनमूल का सही उपयोग करें।
c) घनाभ के पृष्ठीय क्षेत्रफल के सूत्र में मान रखते समय इकाई (\( \text{cm}^2 \)) लिखना न भूलें।
Question 2: कोई बर्तन एक खोखले अर्द्धगोले के आकार का है जिसके ऊपर एक खोखला बेलन अध्यारोपित है। अर्द्धगोले का व्यास \( 14\text{ cm} \) है और इस बर्तन (पात्र) की कुल ऊँचाई \( 13\text{ cm} \) है। इस बर्तन का आंतरिक पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
Answer:
आकृति का विवरण: एक अर्धगोलाकार कटोरे के ऊपर एक बेलन रखा हुआ है, जिससे बर्तन की कुल ऊँचाई केंद्र से शीर्ष तक \( 13\text{ cm \) है।
बेलन की त्रिज्या = \( 7\text{ cm} \)
बेलन की ऊँचाई = \( 13 - 7 = 6\text{ cm} \)
अर्धगोले की त्रिज्या = \( 7\text{ cm} \)
बर्तन का आंतरिक पृष्ठीय क्षेत्रफल = बेलन का CSA + अर्द्धगोले का CSA
\( = 2\pi rh + 2\pi r^2 \)
\(
\Rightarrow 2 \times \frac{22}{7} \times 7 \times 6 + 2 \times \frac{22}{7} \times 7^2 \)
\(
\Rightarrow 44(6 + 7) \)
\(
\Rightarrow 44 \times 13 = 572\text{ cm}^2 \)
अतः, इस बर्तन का आंतरिक पृष्ठीय क्षेत्रफल \( 572\text{ cm}^2 \) है।
Exam Tips:
a) बेलन की ऊँचाई निकालते समय कुल ऊँचाई में से अर्धगोले की त्रिज्या को अवश्य घटाएँ।
b) \( \pi \) का मान सामान्यतः \( \frac{22}{7} \) प्रयोग करें जब तक अन्यथा न कहा जाए।
c) गणना को सरल बनाने के लिए उभयनिष्ठ (common) पदों को बाहर निकालकर हल करें।
Question 3: एक खिलौना त्रिज्या \( 3.5\text{ cm} \) वाले एक शंकु के आकार का है, जो उसी त्रिज्या वाले एक अर्द्धगोले पर अध्यारोपित है। इस खिलौने की संपूर्ण ऊँचाई \( 15.5\text{ cm} \) है। इस खिलौने का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
Answer:
आकृति का विवरण: नीचे एक अर्धगोला है और उसके ऊपर एक शंक्वाकार भाग बना हुआ है, जिससे मिलकर संपूर्ण खिलौना तैयार हुआ है।
शंकु की त्रिज्या = \( 3.5\text{ cm} \)
शंकु की ऊँचाई = \( 15.5 - 3.5 = 12\text{ cm} \)
अर्धगोले की त्रिज्या = \( 3.5\text{ cm} \)
शंकु की तिर्यक ऊँचाई (\( l \))
\( = \sqrt{r^2 + h^2} \)
\(
\Rightarrow \sqrt{(3.5)^2 + (12)^2} \)
\(
\Rightarrow \sqrt{12.25 + 144} \)
\(
\Rightarrow \sqrt{156.25} = 12.5\text{ cm} \)
खिलौने का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल = शंकु का CSA + अर्द्धगोले का CSA
\( = \pi rl + 2\pi r^2 \)
\(
\Rightarrow \frac{22}{7} \times 3.5 \times 12.5 + 2 \times \frac{22}{7} \times 3.5^2 \)
\(
\Rightarrow 137.5 + 77 \)
\(
\Rightarrow 214.5\text{ cm}^2 \)
अतः, इस खिलौने का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल \( 214.5\text{ cm}^2 \) है।
Exam Tips:
a) तिर्यक ऊँचाई (\( l \)) ज्ञात करने के लिए पाइथागोरस प्रमेय का सही उपयोग करें।
b) दशमलव संख्याओं के वर्ग निकालते समय सावधानी बरतें।
c) वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफलों के सूत्रों को जोड़ते समय अंतिम परिणाम की इकाई वर्ग सेमी में लिखें।
Question 4: भुजा \( 7\text{ cm} \) वाले एक घनाकार ब्लॉक के ऊपर एक अर्द्धगोला रखा हुआ है। अर्द्धगोले का अधिकतम व्यास क्या हो सकता है? इस प्रकार बने
ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
Answer:
आकृति का विवरण: एक घन के ऊपरी फलक पर पूरी तरह से फिट होने वाला अधिकतम व्यास का अर्धगोला रखा गया है।
अर्धगोले का अधिकतम व्यास = घनाकार ब्लॉक की भुजा (\( a \)) = \( 7\text{ cm} \)
अर्धगोले की त्रिज्या = \( a/2 = 3.5\text{ cm} \)
ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल
= घनाकार ब्लॉक का पृष्ठीय क्षेत्रफल + अर्द्धगोले का CSA - अर्द्धगोले का आधार का क्षेत्रफल
\( = 6a^2 + 2\pi r^2 - \pi r^2 \)
\(
\Rightarrow 6a^2 + \pi r^2 \)
\(
\Rightarrow 6 \times 7^2 + \frac{22}{7} \times 3.5^2 \)
\(
\Rightarrow 294 + 38.5 \)
\(
\Rightarrow 332.5\text{ cm}^2 \)
अतः, इस
ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल \( 332.5\text{ cm}^2 \) है।
Exam Tips:
a) याद रखें कि अर्धगोले का आधार घन के ऊपर ढका रहता है, इसलिए उसे कुल क्षेत्रफल में से घटाना पड़ता है।
b) घन का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल \( 6a^2 \) होता है।
c) गणना में पाई के मान का सही जगह पर उपयोग करके जोड़ें।
Question 5: एक घनाकार ब्लॉक के एक फलक को अंदर की ओर से काट कर एक अर्द्धगोलाकार गड्ढा इस प्रकार बनाया गया है कि अर्द्धगोले का व्यास घन के एक किनारे के बराबर है। शेष बचे
ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
Answer:
आकृति का विवरण: एक घन के ऊपर से अंदर की तरफ अर्धगोलाकार गड्ढा खोदा गया है, जिससे अंदर की ओर वक्र पृष्ठ बनता है।
अर्धगोले का अधिकतम व्यास = घनाकार ब्लॉक की भुजा = \( l \)
अर्धगोले की त्रिज्या (\( r \)) = \( l/2 \)
ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल
= घनाकार ब्लॉक का पृष्ठीय क्षेत्रफल + अर्द्धगोले का CSA - अर्द्धगोले का आधार का क्षेत्रफल
\( = 6l^2 + 2\pi r^2 - \pi r^2 \)
\(
\Rightarrow 6l^2 + \pi r^2 \)
\(
\Rightarrow 6l^2 + \pi \left(\frac{l}{2}\right)^2 \)
\(
\Rightarrow (6 + \pi/4) l^2 \)
अतः, इस
ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल \( (6 + \pi/4)l^2 \) है।
Exam Tips:
a) गड्ढा खोदने पर भी क्षेत्रफल बढ़ता है क्योंकि अंदर नया अर्धगोलाकार वक्र पृष्ठ बन जाता है।
b) बीजगणितीय व्यंजकों को सरल रूप में उत्तर के रूप में छोड़ें।
c) त्रिज्या को व्यास के पदों में \( r = l/2 \) के रूप में प्रतिस्थापित करें।
Question 6: दवा का एक कैप्सूल (capsule) एक बेलन के आकार का है जिसके दोनों सिरों पर एक-एक अर्द्धगोला लगा हुआ है। पूरे कैप्सूल की लंबाई \( 14\text{ mm} \) है और उसका व्यास \( 5\text{ mm} \) है। इसका पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
Answer:
आकृति का विवरण: मध्य में बेलनाकार भाग और दोनों सिरों पर एक-एक अर्धगोला जुड़ा हुआ एक कैप्सूल दर्शाया गया है।
बेलन की त्रिज्या = \( 5/2 = 2.5\text{ mm} \)
बेलनाकार भाग की लंबाई = \( 14 - (2.5 + 2.5) = 9\text{ mm} \)
अर्धगोले की त्रिज्या = \( 5/2 = 2.5\text{ mm} \)
कैप्सूल का पृष्ठीय क्षेत्रफल
= बेलनाकार भाग का CSA + 2 \times अर्द्धगोले का CSA
\( = 2\pi rh + 2(2\pi r^2) \)
\(
\Rightarrow 2\pi rh + 4\pi r^2 \)
\(
\Rightarrow 2\pi (2.5)(9) + 4\pi (2.5)^2 \)
\(
\Rightarrow 45\pi + 25\pi \)
\(
\Rightarrow 70\pi \)
\(
\Rightarrow 70 \times \frac{22}{7} \)
\(
\Rightarrow 220\text{ mm}^2 \)
अतः, इस कैप्सूल का पृष्ठीय क्षेत्रफल \( 220\text{ mm}^2 \) है।
Exam Tips:
a) बेलन की लंबाई निकालते समय दोनों सिरों से अर्धगोले की त्रिज्या घटाना न भूलें।
b) पाई को अंतिम चरण तक कॉमन रखकर गणना आसान बना सकते हैं।
c) क्षेत्रफल की इकाई वर्ग मिलीमीटर (\( \text{mm}^2 \)) लिखें।
Question 7: कोई तंबू एक बेलन के आकार का है जिस पर एक शंकु अध्यारोपित है। यदि बेलनाकार भाग की ऊँचाई और व्यास क्रमशः \( 2.1\text{ m} \) और \( 4\text{ m} \) है तथा शंकु की तिर्यक ऊँचाई \( 2.8\text{ m} \) है तो इस तंबू को बनाने में प्रयुक्त कैनवास का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। साथ ही, ₹ 500 प्रति \( \text{m}^2 \) की दर से इसमें प्रयुक्त कैनवास की लागत ज्ञात कीजिए। (ध्यान दीजिए कि तंबू के आधार को कैनवास से नहीं ढका जाता है।)
Answer:
आकृति का विवरण: नीचे बेलन और उसके ऊपर शंक्वाकार छत वाला एक तंबू दिखाया गया है।
दिया है: बेलनाकार भाग की ऊँचाई (\( h \)) = \( 2.1\text{ m} \)
बेलनाकार भाग का व्यास = \( 4\text{ m} \), इसलिए बेलनाकार भाग की त्रिज्या (\( r \)) = \( 2\text{ m} \)
शंक्वाकार भाग की तिर्यक ऊँचाई (\( l \)) = \( 2.8\text{ m} \)
कैनवास का क्षेत्रफल = शंक्वाकार भाग का पृष्ठीय क्षेत्रफल + बेलनाकार भाग का पृष्ठीय क्षेत्रफल
\( = \pi rl + 2\pi rh \)
\(
\Rightarrow \pi \times 2 \times 2.8 + 2\pi \times 2 \times 2.1 \)
\(
\Rightarrow 2\pi [2.8 + 2 \times 2.1] \)
\(
\Rightarrow 2\pi [2.8 + 4.2] \)
\(
\Rightarrow 2\pi \times 7 \)
\(
\Rightarrow 2 \times \frac{22}{7} \times 7 = 44\text{ m}^2 \)
\( 1\text{ m}^2 \) कैनवास की लागत = ₹ 500
इसलिए, \( 44\text{ m}^2 \) कैनवास की लागत = \( 44 \times 500 = \) ₹ 22000
Exam Tips:
a) तंबू के आधार पर कपड़ा नहीं लगता, इसलिए आधार का क्षेत्रफल नहीं जोड़ा जाएगा।
b) लागत निकालने के लिए कुल क्षेत्रफल को प्रति वर्ग मीटर दर से गुणा करें।
c) मुद्रा लिखते समय प्रतीक चिह्न (₹) का सही प्रयोग करें।
Question 8: ऊँचाई \( 2.4\text{ cm} \) और व्यास \( 1.4\text{ cm} \) वाले एक ठोस बेलन में से इसी ऊँचाई और इसी व्यास वाला एक शंक्वाकार खोल काट लिया जाता है। शेष बचे ठोस का निकटतम वर्ग सेंटीमीटर तक पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
Answer:
आकृति का विवरण: एक बेलन के अंदर से उसी माप का शंकु का आकार काटकर बाहर निकाला गया है।
दिया है: शंक्वाकार भाग की ऊँचाई = बेलनाकार भाग की ऊँचाई (\( h \)) = \( 2.4\text{ cm} \)
बेलनाकार भाग का व्यास = \( 1.4\text{ cm} \), इसलिए बेलनाकार भाग की त्रिज्या (\( r \)) = \( 0.7\text{ cm} \)
शंक्वाकार भाग की तिर्यक ऊँचाई (\( l \))
\( = \sqrt{r^2 + h^2} \)
\(
\Rightarrow \sqrt{(0.7)^2 + (2.4)^2} \)
\(
\Rightarrow \sqrt{0.49 + 5.76} \)
\(
\Rightarrow \sqrt{6.25} = 2.5\text{ cm} \)
शेष बचे
ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल
= बेलनाकार भाग का पृष्ठीय क्षेत्रफल + शंक्वाकार भाग का पृष्ठीय क्षेत्रफल + बेलनाकार भाग के आधार का क्षेत्रफल
\( = 2\pi rh + \pi rl + \pi r^2 \)
\(
\Rightarrow 2 \times \frac{22}{7} \times 0.7 \times 2.4 + \frac{22}{7} \times 0.7 \times 2.5 + \frac{22}{7} \times 0.7 \times 0.7 \)
\(
\Rightarrow 4.4 \times 2.4 + 2.2 \times 2.5 + 2.2 \times 0.7 \)
\(
\Rightarrow 10.56 + 5.50 + 1.54 = 17.60\text{ cm}^2 \)
Exam Tips:
a) काटने के बाद अंदर की तरफ एक नया शंक्वाकार वक्र पृष्ठ जुड़ जाता है।
b) नीचे का आधार बंद रहता है इसलिए उसका क्षेत्रफल जोड़ा जाता है।
c) गणना करते समय दशमलव स्थानों का विशेष ध्यान रखें।
Question 9: लकड़ी के एक ठोस बेलन के प्रत्येक सिरे पर एक अर्द्धगोला खोदकर निकालते हुए, एक वस्तु बनाई गई है, जैसाकि आकृति में दर्शाया गया है। यदि बेलन की ऊँचाई \( 10\text{ cm} \) है और आधार की त्रिज्या \( 3.5\text{ cm} \) है तो इस वस्तु का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
Answer:
आकृति का विवरण: एक बेलन के दोनों सिरों से अर्धगोलाकार भाग अंदर की ओर खोदकर निकाला गया है।
अर्धगोलाकार भाग की त्रिज्या = बेलनाकार भाग की त्रिज्या (\( r \)) = \( 3.5\text{ cm} \)
बेलनाकार भाग की तिर्यक ऊँचाई (\( h \)) = \( 10\text{ m} \) (यहाँ ऊँचाई \( 10\text{ cm} \) है)
वस्तु का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल
= बेलनाकार भाग का पृष्ठीय क्षेत्रफल + दोनों अर्धगोलाकार भाग का पृष्ठीय क्षेत्रफल
\( = 2\pi rh + 2 \times 2\pi r^2 \)
\(
\Rightarrow 2\pi rh + 4\pi r^2 \)
\(
\Rightarrow 2 \times \frac{22}{7} \times 3.5 \times 10 + 4 \times \frac{22}{7} \times 3.5 \times 3.5 \)
\(
\Rightarrow 70\pi + 49\pi = 119\pi \)
\(
\Rightarrow 119 \times \frac{22}{7} \)
\(
\Rightarrow 17 \times 22 = 374\text{ cm}^2 \)
अतः, इस वस्तु का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल \( 374\text{ cm}^2 \) है।
Exam Tips:
a) दोनों सिरों पर गड्ढे करने से क्षेत्रफल घटता नहीं बल्कि बढ़ता है क्योंकि अंदर वक्र पृष्ठ क्षेत्रफल जुड़ जाता है।
b) सामान्य पदों को जोड़कर समीकरण को संक्षिप्त करें।
c) अंत में सही इकाई के साथ उत्तर लिखें।
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